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जमीर की बेटी को व्हाइट हाउस में PM मोदी ने पढ़ाया लोकतंत्र का पाठ, पत्रकार के चोले में आगे बढ़ा रही थी ‘भारत में मुस्लिमों के साथ भेदभाव’ वाला प्रोपेगेंडा

व्हाइट हाउस में भारतीय समयानुसार गुरुवार (22 जून 2023) की रात एक प्रेस काॅन्फ्रेंस हुआ। इसे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन ने संबोधित किया। इसी दौरान एक पत्रकार ने भारत में मुस्लिमों के साथ कथित भेदभाव और अल्पसंख्यकों के मानवाधिकार को लेकर सवाल पूछा। जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें लोकतंत्र का पाठ पढ़ाते हुए बताया कि भारत किसी के धर्म, जाति, रंग, लिंग को देखकर भेदभाव नहीं करता।

यह सवाल पूछने वाली पत्रकार थी सबरीना सिद्दीकी। वे वॉल स्ट्रीट जर्नल की व्हाइट हाउस रिपोर्टर हैं। अमेरिकी पत्रकारिता में यह सबसे महत्वपूर्ण बीट माना जाता है। सिद्दीकी भारतीय-पाकिस्तानी मूल की अमेरिकी हैं। उनके अब्बा जमीर की पैदाइश भारत में और परवरिश पाकिस्तान में हुई थी। उनकी अम्मी निशात पाकिस्तानी मूल की शेफ हैं। 24 की उम्र में पत्रकारिता शुरू करने वाली सबरीना के शौहर अली जाफरी हैं।

सबरीना के सवाल का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मुझे आश्चर्य हो रहा है कि आपने कहा है कि लोग कहते हैं। लोग कहते नहीं हैंए बल्कि भारत एक लोकतंत्र है और जैसा कि राष्ट्रपति बायडेन ने कहा है भारत और अमेरिका दोनों के डीएनए में लोकतंत्र है। लोकतंत्र हमारी आत्मा है। लोकतंत्र हमारे रगों में है। लोकतंत्र को हम जीते हैं और हमारे पूर्वजों ने उसे संविधान के रूप में शब्दों में ढाला है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा है, “हमारी सरकार लोकतंत्र के मूलभूत मूल्यों को आधार लेकर बने हुए संविधान के आधार पर चलती है। हमारा संविधान और हमारी सरकार ने सिद्ध किया है कि ‘डेमोक्रेसी कैन डिलीवर’। जब मैं डिलीवर कहता हूँ तब जाति, पंथ, धर्म, लिंग किसी भी भेदभाव को वहाँ जगह नहीं है। अगर मानवता नहीं है, ह्यूमन राइट्स नहीं है फिर तो लोकतंत्र है ही नहीं। जब लोकतंत्र को स्वीकार करते हैं और लोकतंत्र को जीते हैं तब भेदभाव का कोई सवाल ही नहीं उठता है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास को लेकर चलता है। भारत में सरकार के फायदे प्रत्येक हकदार को मिलते हैं। इसलिए भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों में कोई भी भेदभाव नहीं है। ना धर्म के आधार पर। न जाति के आधार पर। न उम्र और न ही भूभाग के आधार पर।”

प्रेस काॅन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन से भी भारत में मानवाधिकार की स्थिति और अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर सवाल किया गया था। इसके जवाब में उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी और मैंने लोकतांत्रिक मूल्यों के बारे में अच्छी चर्चा की है। यह हमारे रिश्ते का सबसे अच्छा हिस्सा है। हम एक दूसरे के साथ बहुत सहज हैं और एक.दूसरे का सम्मान करते हैं।”

बायडेन ने कहा, “मेरा मानना है कि अमेरिका और चीन के संबंध अमेरिका और भारत के संबंधों की तरह नहीं हैं। इसका एक बुनियादी कारण यह है कि दोनों देश ही लोकतांत्रिक हैं। इसलिए हमारे बीच एक-दूसरे के लिए बहुत अधिक सम्मान है। दोनों देशों का एक समान लोकतांत्रिक चरित्र है। साथ ही दोनों जगह हमारे लोग, हमारी विविधता, हमारी खुली संस्कृति, सहिष्णुता भी समान है।”

गौरतलब है कि पीएम मोदी के राजकीय दौरे के दौरान भारत में मुस्लिमों के साथ कथित भेदभाव वाले प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाने वाली सबरीना इकलौती नहीं हैं। उनसे पहले अमेरिकी सांसद इल्हान उमर और रशीदा तलीब ने भी इस प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाया था। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में यही राग अलापा था।

मोदीमय अमेरिकी संसद: 79 बार ताली, 15 बार खड़े होकर अभिनंदन, सेल्फी-ऑटोग्राफ के लिए लाइन; लगे भारत माता के जयकारे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समयानुसार गुरुवार (22 जून 2023) की रात अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। वे एकमात्र भारतीय नेता हैं जिसने दो बार अमेरिकी संसद को संबोधित किया है। गुरुवार की रात उनका संबोधन वैश्विक मंचों पर भारत के बढ़ते कद और पीएम मोदी की लोकप्रियता का प्रतीक बन गया। अमेरिकी संसद में ‘भारत माता की जय’ के जयकारे लगे। ‘वंदे मातरम’ और ‘मोदी-मोदी’ की गूँज सुनाई पड़ी।

प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान करीब 79 मौके ऐसे आए जब तालियाँ बजी। इस दौरान 15 बार अमेरिकी सांसदों ने खड़े होकर उनका अभिनंदन किया। अमेरिकी सांसदों में पीएम मोदी से मिलने, उनके साथ सेल्फी लेने और उनका ऑटोग्राफ लेने की होड़ देखी गई। पीएम मोदी ने भी उन्हें निराश नहीं किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की राजकीय यात्रा पर हैं। इस यात्रा को लेकर प्रवासी भारतीयों समेत अमेरिकी नागरिकों में भी काफी उत्साह है। जब वे अमेरिकी संसद पहुँचे तो सांसदों ने ‘मोदी-मोदी’ के नारों के साथ उनका स्वागत किया। PM मोदी के संबोधन के पहले अमेरिकी संसद करीब डेढ़ मिनट तक ‘मोदी-मोदी’ के नारों और तालियों से गूँजती रही।

प्रधानमंत्री ने करीब करीब एक घंटे तक संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। कहा कि अमेरिका का लोकतंत्र सबसे पुराना है और भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र है। लिहाजा दोनों देशों की साझेदारी लोकतंत्र के भविष्य के लिए अच्छी है। बेहतर दुनिया और उसके बेहतर भविष्य के लिए यह अच्छी है। इस दौरान पीएम ने AI की नई परिभाषा भी गढ़ी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में काफी उन्नति हुई। साथ ही साथ एक अन्य AI (भारत+अमेरिका) के रिश्तों में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

प्रधानमंत्री के पूरे संबोधन के दौरान तालियों की गड़गड़ाहट आती रही। भारत माता के जयकारे सुनाई पड़ते रहे। अभिनंदन में अमेरिकी सांसदों के 15 बार खड़े होने या 79 बार तालियाँ बजाना भले कोई रिकाॅर्ड न हो लेकिन यह दिखाता है कि पीएम मोदी पूरी दुनिया में लोकप्रिय हैं। लोग उन्हें सुनना चाहते हैं। उनसे मिलना चाहते हैं। यही कारण है कि सेल्फी और ऑटोग्राफ लेने के लिए भी अमेरिकी सांसदों में होड़ दिखी।

गौरतलब है कि मई 2023 में जापान में आयोजित क्वाड देशों की बैठक के दौरान भी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा था कि वह अमेरिका में भी काफी लोकप्रिय हैं। साथ ही बायडेन ने PM मोदी से ऑटोग्राफ की भी माँग की थी।

‘अल्लाह आपको इस्लाम कबूलने की हिदायत दे’ : Pak यूट्यूबर नादिर अली ने कैमरे पर ईसाई एक्ट्रेस को किया परेशान, वीडियो वायरल

पाकिस्तानी यूट्यूबर नादिर अली ने हाल में एक ईसाई एक्ट्रेस का इंटरव्यू लिया था। इस इंटरव्यू में वो एक्ट्रेस के सामने इस्लाम की पैरवी करते और धर्मांतरण के लिए उन्हें उकसाते नजर आया था। अब सोशल मीडिया पर यह वीडियो क्लिप वायरल है।

अपने इंटरव्यू में नादिर अली ईसाई मानने वाली पाकिस्तानी अभिनेत्री सुनीता मार्शल को धर्म परिवर्तन के सवालों से परेशान करता दिख रहा है। एक जगह तो नादिर ने अल्लाह से सुनीता को इस्लाम कबूलने की हिदायत देने देने की दुआ भी की है।

सुनीता मार्शल का मुस्लिम शौहर हसन अहमद पाकिस्तान का मॉडल है। इंटरव्यू के पहले सवाल ने नादिर अली ने सुनीता से उनके बच्चों के धर्म के बारे में पूछा। सुनीता ने बताया कि उनके बच्चे इस्लाम को मानते हैं।

इस जवाब पर नादिर ने तपाक से कहा, “तो भविष्य में आपका क्या प्लान है?” हालाँकि थोड़ा असहज हो कर सुनीता ने इसका जवाब ‘न’ में देते हुए अपनी ऐसी कोई योजना न होना बताया।

सुनीता के मुताबिक उन पर उनके शौहर की तरफ से धर्म को ले कर कोई दबाव नहीं है। पाकिस्तानी अभिनेत्री ने यह भी बताया कि उनसे ऐसे सवाल इंस्टाग्रम पर भी पूछे जाते हैं लेकिन उस से कोई फर्क नहीं पड़ता।

हालाँकि सुनीता द्वारा पहले ही जवाब में सब साफ कर देने के बावजूद नादिर अली ने अपनी हरकतों को जारी रखा। अली ने आगे सुनीता से पूछा कि क्या उनकी ससुराल वाले उन्हें धर्मपरिवर्तन के लिए नहीं कहते?

इस सवाल पर भी सुनीता ने ‘न’ में जवाब दिया। हालाँकि इस जवाब के बाद भी नादिर ने सुनीता के लिए फिर से कहा, “अल्लाह उसे इस्लाम कबूलने की राह दिखाए।” नादिर अली द्वारा बार-बार पूछे जाने पर आखिरकार सुनीता ने कहा कि अगर कोई दिल से इस्लाम कबूल करना चाहे तभी उसे करना चाहिए वरना हरगिज नहीं। इस पूरे इंटरव्यू में सुनीता मार्शल नादिर के इस्लाम और धर्मान्तरण जैसे सवालों पर काफी असहज दिखीं।

सोशल मीडिया पर नादिर अली के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया

नादिर अली की के इंटरव्यू को धर्मान्तरण वाली सोच बता कर सोशल मीडिया पर तमाम लोगों ने उस पर निशाना साधा है। एक दर्शक ने लिखा, “आस्था एक व्यक्तिगत विषय है। आप किसी को किसी का धर्म स्वीकार करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। एक मुस्लिम होने के नाते मैं सुनीता को अपने धर्म की रक्षा करते हुए और अपने शौहर व ससुराल वालों के धर्म का सम्मान करते हुए देखकर बहुत खुश हूँ।” इस इंटरव्यू पर ट्विटर पर भी लोगों में नाराजगी दिख रही है।

बताते चलें कि इसी साल मार्च के महीने में नादिर अली ने एक और विवादित वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में उन्होंने पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न की बातों को गलत बताया था।

इसी वीडियो में नादिर ने आगे कहा था कि पाकिस्तान में हिंदू आबादी घटने की वजह यह है कि “अल्लाह उन्हें इस्लाम की राह दिखा रहा है।”

गौरतलब है कि पाकिस्तान में हिंदू, सिख और ईसाई लड़कियों के अपहरण, बलात्कार, धर्मांतरण और जबरन निकाह के मामले आए दिन सामने आते हैं। इसमें से कई लड़कियों की उम्र तो महज 9 साल ही थी। पाकिस्तानी कानून भी ऐसी घटनाओं के आरोपितों के लिए लचीला होता है और वो अक्सर आराम से रिहा हो जाते हैं।

गर्म बर्तनों से दागा, पिता का पेशाब पिलायाः अपनी ही माँ को टाॅर्चर करता था ‘द वायर’ का स्तंभकार रहा इनायत परदेशी गिरफ्तार, मौत के बाद गिरफ्तार

मार्क्सवादी नेता रंजीत परदेशी की मार्क्सवादी पत्नी सरोज कांबले का 5 जून 2023 को महाराष्ट्र के धुले में उनके आवास पर निधन हो गया था। इस बीच 22 जून 2023 को यह पता चला कि उनके बेटे इनायत रंजीत परदेशी ने कथित तौर पर उन्हें पीट-पीटकर मार डाला था।

इनायत रंजीत परदेशी एक कम्युनिस्ट लेखक हैं, जो ‘द इंडी जर्नल’ और अब बंद हो चुके ‘द वायर मराठी’ सहित विभिन्न वामपंथी प्रचार पोर्टलों के लिए लिखते हैं। इनायत परदेशी द्वारा लिखे गए कुछ लेखों के वेब संग्रह लिंक आप यहाँ देख सकते हैं।

वायर मराठी में इनायत परदेशी के लेख, अर्काइव वर्जन

धुले में रहने वाली सरोज कांबले का 5 जून 2023 को उनके आवास पर निधन हो गया था। वह धुले में 80 फुट रोड के पास काजी प्लॉट इलाके में अपने पति रंजीत परदेशी और अपने बेटे इनायत के साथ रहती थीं। सरोज कांबले पंजाब नेशनल बैंक में कार्यरत थीं।

अगर उनके पति रंजीत प्रदेश की बात करें तो वह एक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थे। पति-पत्नी दोनों, पाँच साल पहले ही सेवानिवृत्त हुए थे। दुर्भाग्य से रंजीत परदेशी विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के कारण बिस्तर पर हैं।

इसी दौरान मार्क्सवादी दंपत्ति के बेटे इनायत को पता चला कि उनकी माँ दोबारा शादी करने की योजना बना रही हैं। इनायत परदेशी को अपनी माँ के चरित्र पर संदेह होने लगा। इनायत परदेशी ने यह सोचकर अपनी माँ को परेशान करना शुरू कर दिया कि अगर वह दोबारा शादी करेगी तो शायद उसे पूरी संपत्ति विरासत में नहीं मिलेगी। 5 जून 2023 को इनायत ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया।

इनायत परदेशी ने कश्मीर फाइल्स फिल्म पर वायर मराठी में लेख लिखा था और इसे फेसबुक पर शेयर किया था (उसका स्क्रीनशॉट)

सरोज कांबले और रंजीत परदेशी के सेवानिवृत्त होने के बाद इनायत परदेशी ने उनकी देखभाल की जिम्मेदारी ली, क्योंकि घर का खर्च मार्क्सवादी दंपति को मिलने वाली पेंशन से चलता था। हालाँकि, इनायत परदेशी तब व्यथित हो गए जब उन्हें एहसास हुआ कि उनके माता-पिता की संपत्ति उन्हें नहीं दी जाएगी। संपत्ति के स्वामित्व की माँग करते हुए उन्होंने अपनी माँ से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने इनायत की माँगों को मानने से इनकार कर दिया।

माँ द्वारा इनकार करने के बाद इनायत परदेशी ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। यह उत्पीड़न तीन महीने तक जारी रहा, जब तक कि सरोज कांबले इससे तंग नहीं आ गईं। अप्रैल में सरोज ने कल्याण में रहने वाली अपनी बहन सुधा काटकर के घर में शरण ली। पीड़ा से बचने के लिए सरोज ने पूरा महीना वहीं बिताया।

इधर, इनायत परदेशी की क्रूरता की कोई सीमा नहीं थी। वह कल्याण गया और अपनी माँ को परेशान करना जारी रखा। परिणामस्वरूप, सरोज कांबले धुले में अपने घर लौट आईं। धुले में भी इनायत अपनी माँ पर अमानवीय अत्याचार करता रहा। वह अक्सर उस पर शारीरिक हमला करता था। उन्हें थप्पड़ मारता था और भयानक चोटें पहुँचाता था।

इनायत परदेशी की माँ की चोट वाली फोटो (साभार: newstown.in)

यह पाया गया कि सरोज कांबले की मृत्यु स्वाभाविक नहीं थी और उनके बेटे इनायत रंजीत परदेशी ने उन्हें प्रताड़ित किया था। 17 जून 2023 को धुले शहर की आज़ाद नगर पुलिस ने 12 दिनों के बाद इनायत परदेशी के खिलाफ IPC की धारा 304 के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया। यह शिकायत सरोज कांबले की बहन सुधा काटकर ने दर्ज कराई थी।

आजाद नगर पुलिस स्टेशन में दी गई अपनी शिकायत में सुधा ने कहा कि इनायत जानता था कि सरोज कांबले एक बुजुर्ग महिला हैं और अगर उसे पीटा गया तो उसकी मृत्यु हो सकती है। इसके बावजूद इनायत ने अपनी माँ को बार-बार लात और घूंसों से पीटा। उन्होंने कहा कि सरोज कांबले की मौत के लिए इनायत परदेशी जिम्मेदार है।

सरोज कांबले की पीठ पर चोट के निशान

इनायत परदेशी ने यह दिखाने की कोशिश की थी कि उसकी माँ की मौत स्वाभाविक है। उसे अपनी माँ के शव का अंतिम संस्कार ख़त्म करने की भी जल्दी थी। हालाँकि, वहाँ मौजूद कुछ कार्यकर्ताओं ने सरोज कांबले की मौत पर संदेह जताया और इसे अप्राकृतिक मौत बताया। इसके बाद इन लोगों ने पुलिस को सूचित किया।

इसके बाद पुलिस सरोज कांबले का शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी। हालाँकि, इनायत परदेशी अपनी माँ के शव के पोस्टमार्टम का विरोध कर रहे थे। ऐसे में पुलिस ने सरोज कांबले के शव को शवगृह से जबरन नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनायत परदेशी ने रसोई घर में बर्तन को गर्म करता था और उससे अपनी माँ की त्वचा को जला देता था। वह अपने अपाहिज पिता रंजीत परदेशी का मूत्र पीने के लिए भी मजबूर करता था। जब सरोज कांबले की रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई तो धुले के नटराज टॉकीज के सामने काजी प्लॉट स्थित अपने घर में अपने पिता के साथ मौजूद था।

इनायत ने कथित तौर पर सरोज कांबले की मौत से पहले और बाद में अपने मोबाइल फोन पर कई लोगों से संपर्क किया था। इसलिए, इनायत परदेशी का मोबाइल सीडीआर इस समग्र मामले में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है। इस बीच गंभीर बीमारी से ग्रस्त रंजीत परदेशी को 22 जून 2023 को इलाज के लिए नासिक में भर्ती कराया गया है।

इनायत परदेशी ने 14 जून 2023 को अपने पिता रंजीत परदेशी के साथ धुले छोड़ दिया था। उसे आशंका हो गई थी कि उसके खिलाफ किसी भी समय मामला दर्ज किया जा सकता है और उसे गिरफ्तार किया जा सकता है। उसने बिना किसी को बताए मालेगाँव चला गया। बाद में पता चला कि इनायत परदेशी अपने मामा के पास गया था।

मामला दर्ज होने के बाद धुले पुलिस ने इनायत का पता लगाने के लिए दो टीमें बनाईं। इन टीमों को नासिक और मालेगाँव भेजा गया। हालाँकि, इनायत पुलिस की पकड़ से बचने में कामयाब रहा। बुधवार दोपहर (21 जून 2023) को इनायत परदेशी ने धुले के आज़ाद नगर पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण कर दिया।

आत्मसमर्पण के बाद आजाद नगर थाने की पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शाम तक उसकी मेडिकल जाँच कराई और अन्य कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी कीं। उसके बाद गुरुवार (22 जून 2023) को उसे धुले की एक अदालत में पेश किया गया।

अपनी माँ के साथ इनायत ने फोटो शेयर की थी

इनायत परदेशी एक कम्युनिस्ट लेखिक है। उसने वामपंथी प्रोपेगेंडा पोर्टलों के लिए लिखा है। जब ‘द वायर मराठी’ काम कर रहा था, तब वह इसके लिए लिखता था। द वायर मराठी अक्टूबर 2022 में बंद हो गया। इनायत परदेशी मराठी वामपंथी प्रोपेगेंडा पोर्टल द इंडी जर्नल के लिए भी लिखता है।

इनायत तथाकथित ब्राह्मणवादी पितृसत्ता के ख़िलाफ़ अपने विचारों के लिए जाना जाता था। उसने अपने फेसबुक अकाउंट पर कई ऐसी तस्वीरें भी पोस्ट की थीं, जिनमें वह अपनी माँ के साथ नजर आ रहा है। उसने एक फोटो के कैप्शन में लिखा- ‘माँ मेरी जन्नत है’।

US में भारतीयों ने बढ़ाई भारत की शान: व्हाइट हाउस में भव्य स्वागत देख बोले PM मोदी, कहा- ये 140 करोड़ इंडियंस का सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (22 जून) को अमेरिका में अपनी राजकीय यात्रा के दौरान व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति जो बाइडन से मुलाकात की। इस दौरान उनका वहाँ जोरदार स्वागत किया गया। साथ ही मंच से पीएम मोदी ने अपने मन की बात भी कही। इस दौरान लॉन में मौजूद भारतीय लोग मोदी-मोदी नारे लगाते थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति बाइडेन द्वारा दिखाए गए स्नेह के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। साथ ही ये भी कहा, “आज व्हाइट हाउस में यह भव्य स्वागत समारोह 140 करोड़ भारतीयों के लिए सम्मान है।” पीएम मोदी ने कहा, “मैं तीन दशक पहले यूएस आया था और व्हाइट हाउस को बाहर से देखा था। मैं कई बार अमेरिका आया लेकिन पहली बार इतने भारतीयों के लिए व्याइट हाउस के दरवाजे खोले गए।”

आगे प्रधानमंत्री ने कहा हम दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं। अपनी विविधता पर गर्व करते हैं। हम दोनों ही सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय के मूल सिद्धांत में विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा, “हम दो गौरवान्वित राष्ट्र तीन शब्दों से बँधे हैं- “We The People” उन्होंने भारतीय समुदाय के लोगों को दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों की वजह बताया। पीएम ने कहा कि भारतीय समुदाय के लोग अपने टैलेंग, कर्मठता और निष्ठा से अमेरिका में भारत का शान बढ़ा रहे हैं। आप हमारे रिश्ते की असली ताकत हैं।”

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले व्हाइट हाउस में जो बाइडेन ने भी बात रखी और कहा कि इस राजकीय यात्रा से वो सम्मानित महसूस कर रहे हैं। बाइडेन बोले, “जब मैं उपराष्ट्रपति था जब मैं पीएम मोदी के साथ समय बिताया था। राष्ट्रपति बनने के बाद मैंने इसे कायम रखा।”

बाइडेन ने कहा कि भारत और अमेरिका हर विषय पर मिल कर काम कर रहे हैं। ये सब भारत, अमेरिका और विश्व के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जो भी हम आज निर्णय लेंगे ये आने वाले पीढ़ियों को प्रभावित करेंगे।

जिस पति के साथ बिताए 50 साल, उसी ने ड्रग्स दे देकर 83 लोगों से रेप करवाया: फ्रांस की घटना, 51 गिरफ्तार

फ्रांस के मजान से हैवानियत का एक नया मामला सामने आया है। वहाँ एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ा गया है जो पिछले दस साल से अपनी पत्नी को ड्रग्स के नशे में बेहोश रख रहा था और फिर बाद में दूसरे आदमियों को बुलाकर उसका रेप करवा रहा था।

मीडिया में आई जानकारी के अनुसार, इस शख्स ने अपनी पत्नी का 83 लोगों से 92 बार रेप कराया था। इनमें से 51 को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये लोग 26 से 73 साल तक की उम्र के हैं। इनमें कोई ड्राइवर है तो कोई वर्क और कोई फायरमैन या जर्नलिस्ट है। पुलिस को अन्य दोषियों की भी तलाश है।

पति की पहचान डोमिनिक के तौर पर हुई है। वह हर रोज महिला रात के खाने में ड्रग्स मिलाकर देता था। इसके बाद वो गेस्ट बुलाता था और उनसे कहता था कि वो उसकी पत्नी का रेप करें। इस दौरान ये शख्स उनकी वीडियो भी रिकॉर्ड करता था। अजीबोगरीब बात यह है कि इन वीडियोज को सेव भी Abuses फाइल बनाकर सेव करता था।

पुलिस को इस मामले का पता चलने के बाद वो यूएसबी ड्राइव बरामद कर ली गई है। छानबीन में सामने आया है कि डोमिनिक 2011-20 तक यगही काम कर रहा था। उसकी शादी को 50 साल से ज्यादा हो चुके हैं। दोनों के तीन बच्चे भी है।

पुलिस ने बताया कि उन्हें इस शख्स की करतूत का तब पता चला था जब उसने 3 साल पहले चेंजिंग रूम में एक महिला को रिकॉर्ड करने का प्रयास किया। पकड़े जाने के बाद इसके कम्प्युटर की चेकिंग हुई तो वहाँ तमाम फाइलें मिलीं। जाँचकर्ताओं ने पाया है कि महिला के साथ 92 बार यौन शोषण हुआ और 83 लोगों ने इसे आकर किया। गिरफ्तार हुए लोगों के अलावा बाकियों की पहचान होना अभी बाकी है।

पुलिस ने बताया कि ये शख्स जब अपनी पत्नी के पास लोगों को भेजता था तो उन्हें तंबाकू खाने से या पर्फ्यूम लगाने से मना करता था क्योंकि इससे उसकी बीवी उठ सकती थी। इसके अलावा वो उन लोगों के हाथ गर्म पानी से धुलवाता था ताकि एकदम तापमान बदलने से बीवी की आँख न खुले और उनसे कपड़े उतारने को भी किचन में कहता था कि ताकि बेडरूम में कोई कपड़ा न छूट जाए।

पकड़े जाने के बाद कुछ आरोपितों ने कहा है कि उन्हें नहीं पता था कि उस शख्स की पत्नी की बगैर मर्जी के ये सब हो रहा है। एक ने तो ये भी कहा है कि वो रेप नहीं था उसकी पत्नी को पता था कि उसके साथ क्या हो रहा है। वहीं बीवी के बारे में बता दें कि साल 2020 में जब उससे पूछताछ हुई थी तो उसने अपने पति को महान व्यक्ति बताया था और कहा था कि उसे नहीं पसंद अगर उसके मन में किसी के लिए फीलिंग न हो और कोई उसे छुए। हालाँकि जब पुलिस ने उसे रेपों के बारे में बताया तो उसने जानकारी दी कि शायद उसका पति उसे ड्रग्स देता था जिसकी वजह से वो अचेत हो जाती थी। महिला के मेडिकल परीक्षण में सामने कि सेक्सुअली ट्रांसमिटिड डिसीज से पीड़ित है।

जिस लड़ाकू जेट इंजन का अमेरिका 30 सालों से कर रहा इस्तेमाल, वो अब भारत में बनेगा: GE एयरोस्पेस और HAL के बीच ऐतिहासिक समझौता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अमेरिका यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग में महत्वपूर्ण करार हुए हैं। अमेरिका की GE एयरोस्पेस ने गुरुवार (22 जून 2023) को भारतीय वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू जेट का इंजन बनाने के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ एक समझौता किया है।

GE ने बताया कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक यात्रा के बीच यह समझौता मील का एक बड़ा पत्थर है। इस समझौते को GE ने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने वाला एक प्रमुख कारक बताया।

बताते चलें कि प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली राजकीय यात्रा है और दुनिया भर में चर्चा का बना हुआ है। इससे पहले प्रधानमंत्री के रूप में मनमोहन  सिंह और राष्ट्रपति के रूप में सर्वपल्ली राधाकृष्णन अमेरिकी के राजकीय दौरे पर जा चुके हैं। यहाँ पीएम मोदी अमेरिकी कॉन्ग्रेस के संयुक्त सत्र को दूसरी बार संबोधित करेंगे। ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय पीएम होंगे।

GE एयरोस्पेस ने इस समझौते को लेकर कहा कि समझौते में F414 इंजन शामिल हैं और यह भारतीय वायुसेना के हल्के लड़ाकू विमान MK2 का हिस्सा है। GE के अध्यक्ष और सीइओ एच. लॉरेंस कल्प जूनियर ने कहा कि F414 इंजन बेजोड़ हैं। इससे दोनों देशों की आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी। उन्होंने कहा, “दोनों देशों के बीच निकट सहयोग के राष्ट्रपति बाइडेन और प्रधानमंत्री मोदी के सपने में अपनी भूमिका निभाते हुए हमें गर्व है।” 

कंपनी ने कहा है कि वह भारत में इंजन बनाने के लिए अमेरकी सरकार से रक्षा निर्यात संबंधी आवश्क लाइसेंस प्राप्त करने में लगी है। GE एयरस्पेस की भारत के साथ साझेदारी एविएशन, नर्सिंग सहित अन्य क्षेत्रों में भी हुई है। यह कंपनी भारत में पिछले चालीस सालों से इंजीनियरिंग, विमानन, सेवा और विनिर्माण में काम कर रही है।

F414 इंजन मिलिट्री एयरक्राफ्ट इंजन है। अमेरिका में इसका 30 सालों से इस्तेमाल हो रहा है। कंपनी अब तक 1600 से अधिक इंजन को डिलीवर कर चुकी है। F414 इंजन में फुल अथाॉरिटी डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल FADEC सिस्टम लगा हुआ है।

इसके अलावा, इसमें लेटेस्ट एयरक्राफ्ट इग्नीशन सिस्टम भी लगा है। यह इंजन को काफी पावरफुल बनाता है। इस इंजन की खास बात यह है कि यह एक बार में 98 किलोन्यूटन की ताकत पैदा करता है। दूसरे इंजन के मुकाबले अधिक चलता है। 

लालू के चरणों में ममता, पर AAP ने बैठक से पहले विपक्षी दलों को रगड़ा: कहा- समर्थन दे काॅन्ग्रेस, तभी पटना जाएँगे केजरीवाल

बिहार के पटना में 23 जून 2023 को होने वाली विपक्षी पार्टियों की बैठक से पहले विपक्षी नेताओं की राजनीति शुरू हो गई है। एक ओर जहाँ टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ पटना पहुँच लालू प्रसाद यादव के पाँव छुए। वहीं आम आदमी पार्टी ने कॉन्ग्रेस को अल्टीमेटम दिया है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सूत्रों से आई खबर में कहा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी ने कहा है कि अगर दिल्ली अध्यादेश पर कॉन्ग्रेस समर्थन नहीं देती है तो उनकी पार्टी विपक्षी बैठक का बॉयकॉट करेगी।

इस पर कॉन्ग्रेस के संदीप दीक्षित ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अगर वह बैठक में शामिल नहीं होते हैं तो कोई भी उन्हें (अरविंद केजरीवाल) याद नहीं करेगा। हम हमेशा से जानते थे कि वह इस बैठक में न जाने के बहाने खोज रहे थे।”

दरअसल बता दें कि केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच काफी समय से दिल्ली में अधिकारों को लेकर जंग चल रही थी। सु्प्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार केजरीवाल सरकार को दिया। लेकिन फिर केंद्र सरकार ‘राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण’ बनाने का अध्यादेश लाई। अब इसी मामले में आम आदमी पार्टी के प्रमुख केजरीवाल देश भर में विपक्षी नेताओं से समर्थन माँग रहे हैं ताकि यह अध्यादेश न पास हो सके।

इससे पहले वो विपक्षी दलों को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर चर्चा करने की माँग भी उठा चुके हैं जबकि बिहार कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने उन्हें कहा था कि केजरीवाल का ऑर्डिनेंस का मुद्दा अहम नहीं है। असली मुद्दा है कि भाजपा को कैसे हराया जाए। वहीं जब केजरीवाल ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष खड़गे से इस संबंध में समर्थन माँगने के लिए टाइम माँगा तो उन्हें वो टाइम भी नहीं मिला।

विपक्षी दलों का जुटान

बता दें कि पटनामें होने वाली विपक्षी दलों की इस बैठक में जदयू, आरजेडी, कॉन्ग्रेस, टीएमसी, आम आदमी पार्टी, एनसीपी, शिवसेना-यूबीटी, झामुमो, पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, सीपीआई, सीपीएम, डीएमके, सपा के नेता शामिल होंगे। इसमें बसपा को शामिल नहीं किया है। ऐसे में मायावती की ओर से इस विपक्षी एकता पर तंज भी कसा गया है कि दिल मिले न मिले, हाथ मिलाते चलिए।

बैठक में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी और केसी वेणुगोपाल शामिल होंगे। वहीं, AAP के अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान, संजय सिंह और राघव चड्ढा, TMC से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी, NCP से शरद पवार, शिवसेना (UBT) से उद्धव ठाकरे शिवसेना, जदयू से नीतीश कुमार और ललन सिंह, राजद से तेजस्वी यादव और लालू यादव, झामुमो से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, PDP से महबूबा मुफ्ती, NC से उमर अबदुल्ला, सपा के अखिलेश यादव, डीएमके से एमके स्टालिन, भाकपा महासचिव डी.राजा, भाकपा माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य नेता भी शामिल होने वाले हैं।

लड़की से लड़का बनेगी बंगाल के आखिरी वामपंथी CM की बेटी, कहा- पुरुषों जैसा फील करती हूँ, सेक्स चेंज सर्जरी के बाद नाम होगा सुचेतन

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और माकपा के कद्दावर नेता रहे बुद्धदेव भट्टाचार्य की बेटी सुचेतना भट्टाचार्य अपना लिंग परिवर्तन कराएँगी। जेंडर चेंज कराने के बाद वह ‘सुचेतन’ के नाम से जानी जाएँगी। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित वह कानूनी सलाह और मनोचिकित्सकों से संपर्क कर रही हैं, ताकि वह मानसिक रूप से मजबूत हो सकें।

सुचेतना का कहना है कि वह अब 41 साल की हैं। जिंदगी के शुरुआती दिनों से ही उन्होंने खुद को एक पुरुष के रूप में पहचाना है। सुचेतना ने यहाँ तक कहा कि वह राजनीतिक परिवार से आती हैं। उन्होंने विनती करते हुए कहा कि इस खबर में उनके माँ-बाप के नाम को ना घसीटा जाए, क्योंकि यह उनका निजी फैसला है।

सुचेतना ने कहा कि उनके इस फैसले में माँ-बाप भी उनका साथ देंगे। वह चाहती हैं कि लोग उन्हें सुचेतन नाम से जाने। सुचेतना LGBTQIA+ की समस्याओं और अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही हैं। वह राजनीति में ज्यादा सक्रिय नहीं है। उनकी पहचान पर्यावरण एवं सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में है।

दरअसल, सुचेतना मंगलवार (20 जून 2023) को पीपुल्स रिलिफ कमेटी द्वारा LGBTQIA+ लोगों के स्वास्थ्य पर आयोजित एक कार्यशाला में गई थीं। यहाँ उनकी मुलाकात सुप्रभा रॉय से हुई। सुप्रभा एक वामपंथी कार्यकर्ता हैं। सुचेतना ने सुप्रभा को बताया कि वह सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी (SRS) कराएँगी।

सुप्रभा ने इसको लेकर फेसबुक पर एक लंबा पोस्ट लिखा और बताया कि सुचेतना जेंडर चेंज करवाने जा रही हैं। सुप्रभा ने अपने पोस्ट में लिखा, “बातचीत के दौरान सुचेतना ने मुझे अपना जेंडर चेंज कराने की जानकारी दी। सुचेतना ने कहा कि वह लंबे समय से मानसिक रूप से ट्रांसमैन हैं। इस बार अंतर सिर्फ यह होगा कि वह शारीरिक रूप से भी पुरुष हो जाएँगी।”

सुचेतना के इस फैसले का कई लोग समर्थन कर रहे हैं। एक्ट्रेस और एक्टिविस्ट उषाशी चक्रवर्ती ने कहा कि सुचेतना भट्टाचार्य जैसी किसी इंसान के लिए, जिनके पिता किसी राज्य के पूर्व सीएम रहे हों, इतनी बहादुरी के साथ सामने आना और इस प्रकार के फैसले का ऐलान करना आसान नहीं है।

बरेली की शहनाज बनी आरोही, पवन संग फेरे ले की घर वापसी: भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने पर शौहर ने दे दिया था तीन तलाक

उत्तर प्रदेश के बरेली की तीन तलाक पीड़िता शहनाज ने घर वापसी की है। बचपन के दोस्त पवन के साथ शादी कर वह आरोही बन गई है। बचपन से ही वह भगवान श्रीकृष्ण की भक्त रही है। भगवान की पूजा करने पर ही शौहर ने तीन तलाक देकर उसे घर से निकाल दिया था। पवन के साथ उसने 19 जून 2023 को अगस्तय मुनि आश्रम में फेरे लिए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शहनाज मूल रूप से बरेली जिले के फरीदपुर थाना क्षेत्र में आने वाले गाँव ढहरी की रहने वाली हैं। उसके गाँव में मिश्रित आबादी है। हिन्दुओं की आबादी भी अच्छी-खासी है। बचपन से ही शहनाज हिन्दुओं के धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हुआ करती थी। इसके चलते धीरे-धीरे उसकी हिन्दू धर्म में आस्था बढ़ती चली गई। वह भगवान कृष्ण की भक्त बन गई। साल 2018 में शहनाज का निकाह हो गया और वो ससुराल चली गई।

बताया जा रहा है कि ससुराल जाने के बाद भी शहनाज ने भगवान कृष्ण की भक्ति जारी रखी। वो अक्सर पूजा किया करतीं थीं जिससे उसके ससुराल वाले नाराज रहते थे। शहनाज के शौहर ने भी उसे कई बार टोका। निकाह के 2 माह बाद शौहर ने शहनाज को पूजा करते फिर देखा तो तीन तलाक दे दिया। तलाक के बाद शहनाज को ससुराल वालों ने घर से बेदखल कर दिया। इसके बाद वह मायके में आकर रहने लगी। बताया जा रहा है कि मायके वाले भी शहनाज की कृष्ण भक्ति से नाराज रहते थे और अक्सर ताना दिया करते थे।

इन बातों से शहनाज काफी परेशान रहा करती थी। इस बीच मायके में ही शहनाज को उसका बचपन का दोस्त और उसी गाँव का पवन मिला। पवन ने शहनाज का काफी विषम हालातों में साथ दिया। थोड़े दिनों की बातचीत के बाद पवन और शहनाज की दोस्ती प्यार में बदल गई। जब इसकी जानकरी दोनों के परिजनों को हुई तो उन्होंने विरोध किया। बावजूद दोनों ने 19 जून को बरेली के अगत्स्य मुनि आश्रम में शादी कर ली।

हिन्दू विधि-विधान और वैदिक मंत्रों के बीच यह शादी अगत्स्य मुनि आश्रम के पंडित के के शंखधर ने करवाई। शहनाज अपने नए नाम आरोही और पति के तौर पर पवन को पाकर काफी खुश थी। शहनाज और पवन ने बरेली पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है।