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सुरक्षा घेरा तोड़कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नजदीक पहुँचे 2 चेन स्नैचर्स, CM बचने के लिए दौड़कर फुटपाथ पर चढ़े

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा में 15 जून को चूक का मामला सामने आया। जानकारी के मुताबिक सीएम सुबह वॉक पर निकले थे लेकिन तभी चेन स्नैचर्स ने लहरिया कट मारकर सुरक्षा घेरा तोड़ा और उनके बगल तक आ गए। बाइक की रफ्तार देख सीएम भी घबराए मगर उन्होंने फुटपाथ पर चढ़कर खुद को बचा लिया। इससे पहले सुरक्षाकर्मी कुछ समझ पाते दोनों बाइक स्नैचर्स आगे जाकर गिर पड़े और वहीं उन्हें पकड़ लिया गया।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने स्नैचर्स को गिरफ्तार करके थाने भेज दिया गया है, वहीं उनकी बाइक पल्सर 220 बाइक को भी जब्त कर लिया गया है। पूछताछ में सामने आया है कि दोनों युवक चेन स्नैचिंग की घटना को अंजाम देकर भाग रहे थे। तभी रास्ते में उन्होंने मुख्यमंत्री का सुरक्षा घेरा तोड़ा और सीएम के नजदीक पहुँच गए।

एसएसपी ने बताया कि इन चेन स्नैचर्स ने बोरिंग कैनाल रोड की रहने वाली शशि सिन्हा की चेन पर झपट्टा मारा था। इसी के बाद ये लोग एएन कॉलेज के आगे कूड़ा डंपिंग यार्ड के रास्ते अटल पथ की ओर भागे। यहाँ से ये लोग बेली रोड पहुँचे और दूसरी चेन छीनने की फिराग में अणे मार्ग में घुस गए। जब पुलिस ने इन्हें रोका तो इन्होंने अपनी बाइक तेज कर दी। पुलिस ने ज्यादा खदेड़ा तो दोनों सर्कुलर रोड में घुस गए और भागते-भागते सीएम के नजदीक चले गए।

दोनों की तेज रफ्तार देख जहाँ सीएम नीतीश घबराए। वहीं सुरक्षा घेरा टूटने से सुरक्षाकर्मियों में हड़कंप मच गया। थोड़ी आगे जाकर जब दोनों को सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ा तब जाकर हकीकत का पता चला। इनमें से एक चेन स्नैचर का नाम हिमांशु है और दूसरे का सूरज। पुलिस ने दोनों के घरों पर भी छापेमारी की है।

‘रामचरितमानस को मस्जिद में लिखा गया था’: RJD विधायक रीतलाल यादव का विवादित बयान, BJP बोली- लालू के चरवाहे स्कूल में पढ़े थे

लालू यादव (Lalu Yadav) की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायकों का दिमागी संतुलन हिला हुआ है। एक बार फिर एक राजद विधायक ने रामचरितमानस को लेकर विवादित बयान दिया है। माफिया से नेता बने दानापुर से राजद विधायक रीतलाल यादव ने कहा कि रामचरितमानस मस्जिद में लिखी गई थी।

रीतलाल यादव के बयान से बिहार में राजद की सहयोगी सत्ताधारी पार्टी जदयू (JDU) ने खुद को अलग कर लिया है। वहीं, भाजपा (BJP) ने यादव के बयान को लेकर उन पर हमला बोला और कहा कि वे लालू यादव के चरवाहा स्कूल के प्रोडक्ट हैं।

यादव के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वे हिंदुत्व और हिंदू राष्ट्र को लेकर भाजपा और राष्ट्रीय (RSS) पर निशाना साध रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने यह बयान दिया। इसको लेकर सोशल मीडिया पर उनकी कड़ी आलोचना हो रही है।

रीतलाल यादव कहते हैं, “हिंदुत्व राज…. एक-दूसरे को लड़ाने के फेर में आप पड़े हुए हैं। एक समय आया था…. राम मंदिर, राम मंदिर की लोग चर्चा करता है। रामचरितमानस जब लिखा गया था तो एक मस्जिद में लिखा गया था। इतिहास उठाके देखिएगा। उस वक्त हमारा हिंदुत्व खतरे में नहीं था? मुगलकाल में हिंदू खतरे में नहीं था?”

रामचरितमानस पर रीतलाल यादव की टिप्पणी पर जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि लोग कुछ भी अनर्गल बयान दे देते हैं। ऐसे बयानों से बचना चाहिए। इससे जनता में गलत संदेश जाता है। जदयू प्रवक्ता ने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म में आस्था रख सकता है। यह लोगों का निजी मामला होता है, लेकिन धर्म के नाम पर तनाव पैदा करने वाला इस तरह का एजेंडा भाजपा का रहता है।

उधर, भाजपा प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने यादव के इस बयान पर पलटवार किया है। पटेल ने कहा कि दुनिया का सबसे पुराना धर्म सनातन धर्म है। इसकी संस्कृति को पूरी दुनिया के लोगों ने अपनाया है। उस धर्म के खिलाफ बोलना अज्ञानता का परिचायक है। जो लोग रामचरितमानस पर बयानबाजी कर रहे हैं, उनको ज्ञान की आवश्यकता है।

भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता अरविंद सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने जब से लालू यादव की पाठशाला में ऐडमिशन लिया है, तब से नेता इस तरह के बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सबको पता है कि रामचरितमानस और रामायण कहाँ लिखा गया। जो लोग इस तरह बोल रहे हैं, वे लालू यादव के चरवाहा विद्यालय से पढ़े हैं और उनके हेड मास्टर तेजस्वी यादव रहे होंगे।

बता दें कि राजद नेताओं पर रामचरितमानस पर इस तरह टिप्पणी पहली टिप्पणी नहीं है। इसके पहले बिहार के शिक्षामंत्री और राजद नेता चंद्रशेखर यादव ने रामचरितमानस को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था। जनवरी 2023 को नालंदा में बोलते हुए चंद्रशेखऱ ने इसे नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताया था।

उनके इस बयान के बाद में जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने इस बात को दोहराया। चंद्रशेखर ने कहा था कि किसी जमाने में मनुस्मृति ने समाज में नफरत का बीज बोया था, उसके बाद रामचरितमानस ने समाज में नफरत पैदा की। बाद में उन्होंने फिर कहा था कि रामचरितमानस में कूड़ा-कचरा भरा हुआ है।

चंद्रशेखर के बयान के बाद उत्तर प्रदेश में भी राजनीति के तहत रामचरितमानस को लेकर भड़काऊ बयान दिए जाने लगे। समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने हिन्दुओं के इस ग्रंथ को बकवास किताब बताते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने की माँग कर डाली। उन्होंने कहा था कि रामचरितमानस के हिसाब से ब्राह्मण कितना गलत करे वो सही और शूद्र कितना भी सही करे वो गलत होता है। अगर यही धर्म है तो इसका सत्यानाश हो।

इसके बाद यूपी के सिराथू सीट से सपा विधायक पल्लवी पटेल ने कहा कि रामचरितमानस कोई ग्रंथ नहीं है और ना ही तुलसीदास कोई संत नहीं है। इसके बाद सपा के ही विधायक लालजी पटेल ने तो रामचरितमानस को जलाने तक का आह्वान कर दिया।

लालजी पटेल ने कहा था, “रामचरितमानस कोई धार्मिक ग्रंथ नहीं है। यह एक ऐसी किताब है, जिससे समाज में भेदभाव को बढ़ावा मिलता है। यह पिछड़ी जाति और दलितों का अपमान करती है। इसे जलाया जाना चाहिए।” इसके कुछ ही समय के बाद सपा से जुड़े कुछ लोगों ने रामचरितमानस को फाड़कर जला दिया था।

माँ थी अस्पताल में भर्ती, ‘भाइयों’ ने 11 साल की बच्ची का किया गैंगरेप: खून से लथपथ देख बड़ी बहन ने शिकायत दर्ज करवाई, ऑपरेशन से बची जान

राजस्थान के उदयपुर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई। यहाँ 11 साल की लड़की के साथ बुआ के दो बेटों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता की हालत बिगड़ने के बाद उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इसके बाद उसकू जान बच पाई। घटना मंगलवार (13 जून 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला उदयपुर के अंबामाता थाना क्षेत्र का है। पीड़ित लड़की की माँ का ऑपरेशन होना था। इसलिए माँ उसे बुआ के घर छोड़ कर हॉस्पिटल गई थी। पीड़ित लड़की की बड़ी बहन भी हॉस्पिटल में ही थी। वहीं, पीड़िता बुआ के घर में टीवी देख रही थी। इस दौरान बुआ के दो नाबालिग बेटों (13 और 15 साल) ने मिलकर उसके साथ इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। सामूहिक दुष्कर्म के बाद आरोपितों ने पीड़िता को इस घटना के बारे में किसी को भी न बताने की धमकी दी थी। इसलिए वह चुप रही।

इस बीच जब पीड़ित लड़की की बड़ी बहन हॉस्पिटल से घर आई, तब उसने उसे खून से लथपथ पाया। आनन-फानन में पीड़िता को इलाज के लिए एमबी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। पीड़ित लड़की हालत बिगड़ता देख डॉक्टरों ने उसे जनाना हॉस्पिटल रेफर कर दिया। जहाँ ऑपरेशन कर उसे बचाया जा सका। 

इस दौरान जब डॉक्टर्स ने पीड़ित लड़की से बात करते हुए उसकी इस हालत के बारे में पूछा तो उसने आपबीती सुना दी। ऑपरेशन के बाद डॉक्टर्स ने पीड़िता की बड़ी बहन को इस बारे में बताया। इसके बाद बड़ी बहन ने अंबामाता थाने में आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कराई। पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। गैंगरेप के इस मामले की जाँच कर रहीं डीएसपी चेतना भाटी का कहना है कि पीड़ित लड़की का ऑपरेशन हुआ है। इसलिए फिलहाल वह हॉस्पिटल में भर्ती है। ठीक होने के बाद उसे कोर्ट में पेश कर बयान दर्ज कराए जाएँगे। 

‘माता सीताको जय होस’: धमकी के बाद आदिपुरुष से हटा ‘जानकी भारत की बेटी है’ वाला डायलॉग, अब नेपाल में रिलीज होगी फिल्म

प्रभास और कृति सेनन स्टारर फिल्म ‘आदिपुरुष’ 16 जून 2023 को रिलीज (Adipurush Release) हो गई। फिल्म को शानदार ओपनिंग मिली है। टीजर सामने आने के बाद से ही विवादों में रही इस फिल्म के नेपाल में भी रिलीज होने का रास्ता साफ हो गया है। फिल्म मेकर्स ने ‘जानकी भारत की बेटी है’ वाला डायलॉग हटा दिया है। इस डायलॉग को लेकर नेपाल में आपत्ति जताई जा रही थी।

नेपाल की राजधानी काठमांडू के महापौर बालेन शाह ने ट्वीट कर इस डायलॉग का विरोध किया था। साथ ही कहा था कि इस डायलॉग के हटने तक किसी भी भारतीय फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया जाएगा। बालेन शाह ने लिखा था, “साउथ इंडियन फिल्म ‘आदिपुरुष’ के डायलॉग ‘जानकी भारत की बेटी है’ केवल नेपाल ही नहीं, बल्कि भारत में भी सच नहीं है। इसलिए जब तक यह डायलॉग हटाया नहीं जाता तब तक कोई भी हिंदी फिल्म काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी में चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इसे ठीक करने के लिए 3 दिन का समय दिया गया है। माता सीता की जय।”

यही नहीं इस डायलॉग को नेपाल के सेंसर बोर्ड ने भी पास नहीं किया था। ऐसे में फिल्म मेकर्स ने इस डायलॉग को फिल्म से हटा दिया है। इसके बाद नेपाली सेंसर बोर्ड ने फिल्म को रिलीज के लिए पास कर दिया है। यह डायलॉग न केवल नेपाल, बल्कि भारत में रिलीज हो रही फिल्म में भी सुनाई नहीं देगा। 

बता दें कि आदिपुरुष के ट्रेलर में माता सीता को भारत की बेटी बताया गया है। उल्लेखनीय है कि माता सीता का जन्मस्थान आज के बिहार के सीतामढ़ी जिले में है। उनके पिता की राजधानी जनकपुर थी जो आज के नेपाल में है। आदिपुरुष में प्रभास भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, कृति सेनन माँ जानकी, सनी सिंह लक्ष्मण और सैफ अली खान रावण के रूप में नजर आएँगे। फिल्म को हिंदी, तमिल, तेलगु, मलयालम और कन्नड़ भाषा में एक साथ रिलीज की गई है।

पंचायत चुनावों से पहले हिंसा पर बंगाल के गवर्नर सख्त, कहा- बातें नहीं, एक्शन दिखेगा: हाई कोर्ट ने केंद्रीय बलों की तैनाती का दिया है आदेश

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए नामांकन के दौरान हिंसा पर गवर्नर सीवी आनंद बोस ने चिंता जताई है। राज्य के सभी जिलों में केंद्रीय बलों की तैनाती के कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने कहा है कि अब बातें नहीं होंगी। केवल ठोस एक्शन दिखेगा। इससे पहले राजभवन ने एक बयान जारी कर कहा था कि जिस तरह से नामांकन केंद्रों पर हिंसा हो रही है, मीडिया को निशाना बनाया जा रहा है, वह लोकतंत्र पर हमला है। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

पश्चिम बंगाल में 8 जुलाई को पंचायत चुनाव होने हैं। उससे पहले कई हिंसक घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। इसको लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में गवर्नर ने कहा है कि अब ऐसी घटनाओं पर कोई बयान नहीं दिया जाएगा। प्रशासन केवल एक्शन लेगा। ठोस और प्रभावी कार्रवाई देखने को मिलेगा।

इससे पहले राजभवन ने एक बयान जारी कर कहा था कि चुनावों का फैसला वोटों की गिनती से होनी चाहिए न कि लाशों की गिनती से। बयान में कहा गया है, “बंगाल में चुनाव से पहले मृतकों की बढ़ती संख्या हैरान करने वाली है। विडंबना यह है कि मीडिया भी गुंडों के निशाने पर है। चुनाव में जीत वोटों की गिनती पर निर्भर होनी चाहिए, न कि लाशों की गिनती पर। गुंडों, मवालियों, बाहुबलियों तथा अहंकार, लालच और घृणा के राक्षसों को मनमानी की अनुमति नहीं दी जा सकती है।”

राजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मीडिया पर हमले का मतलब है कि संविधान, लोकतंत्र, आम आदमी व नई पीढ़ी पर हमला हो रहा है। लोकतंत्र में जनता ही मालिक है। बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग करना उनका अधिकार है। लोकतांत्रिक चुनावों में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। हर हाल में इस हिंसा को खत्म कर पंचायत चुनाव कराया जाएगा।

राजभवन की ओर से यह बयान कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद आया था। बयान में इसे अक्षरशः लागू करने की बात कही गई है। गुरुवार (15 अक्टूबर 2023) को कलकत्ता हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव के दौरान राज्य के सभी जिलों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को तैनात करने का आदेश दिया था। मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा था कि राज्य चुनाव आयोग 48 घंटे के भीतर केंद्रीय बलों के लिए केंद्र से अनुरोध करे। कोर्ट ने कहा था कि ऐसे क्षेत्रों में जहाँ केंद्रीय बलों को तैनात नहीं किया जाता है, वहाँ शांति और सुरक्षा राज्य पुलिस की जिम्मेदारी होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) को मतदान एजेंटों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। SEC को संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की माँग पर विचार करना चाहिए।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में 75000 पंचायत सीटों पर होने वाले त्रिस्तरीय चुनाव में 8 जुलाई 2023 को मतदान होने हैं। चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने वाले उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 20 जून है। वहीं, वोटों की गिनती 11 जुलाई 2011 को होगी।

इन सबके बीच नामांकन दाखिल करने के दौरान 15 जून 2023 को राज्य में कई जगहों पर हिंसा देखने को मिली। उत्तरी दिनाजपुर जिले में चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने जा रहे तीन लोगों को गोली मार दी गई। इनमें से एक की मौत हो गई है। वहीं, दो घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पहले नामांकन के पहले दिन 9 जून, 2023 को मुर्शिदाबाद जिले में स्थानीय कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई थी। कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया था कि हत्या तृणमूल कॉन्ग्रेस ने हत्या करवाई है। इसके बाद 10 जून को टीएमसी, सीपीएम और कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई। इस हिंसा के बीच पुलिस ने TMC नेता बशीर मुल्ला को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था।

कहीं गिरे खंभे, कहीं मकानों की छतें उड़ीं…: गुजरात में दिखा चक्रवात बिपरजॉय का असर, कई इलाकों में तेज हवाएँ और भारी बारिश

चक्रवात बिपरजॉय ने गुजरात में दस्तक दे दी है। इसका असर भी देखने को मिल रहा है। राज्य के कई इलाकों में तेज हवाएँ चल रही हैं और बारिश हो रही हैं। कई जगह हवा के रफ्तार के कारण पेड़, खंभे और होर्डिंग्स गिर गए हैं और कई घरों के शेड उड़ गए हैं। कच्छ और सौराष्ट्र ज्यादा प्रभावित नजर आ रहा है।

IMD के निदेशक मनोरमा मोहंती का कहना है कि चक्रवात जखाऊ पोर्ट से 40 किलोमीटर दूर है। बिपरजॉय का लैंडफॉल शुरू हो चुका है और यह पूरा लैंडफॉल प्रोसेस आधी रात तक होगा। एनडीआरएफ के आईजी नरेंद्र सिंह बुंदेला ने कहा कि चक्रवात बिपरजॉय का मुख्य प्रभाव गुजरात के कच्छ क्षेत्र और राजस्थान के दक्षिण क्षेत्र में होगा।

वडोदरा में भी बिपरजॉय का प्रभाव देखने को मिल रहा है। शहर में तेज बारिश हो रही है। द्वारका जिले में पेड़ गिरने की घटनाओं में कम से कम तीन लोग घायल हो गए. जखाऊ और मांडवी कस्बों के पास कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं।

एहतियात के तौर पर तटीय इलाकों के लगभग एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया गया है। वहीं, 76 से ज्यादा ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इसके साथ ही लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।

हालात को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कई टीमों को तैनात किया गया है। राज्य और केंद्र सरकार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। बिपरजॉय की वजह से द्वारकाधीश मंदिर को शुक्रवार (16 जून 2023) श्रद्धालुओं के लिए बंद किया गया है।

मुस्लिम लड़की से प्रेम करने पर मनोहर के किए गए 8 टुकड़े… गुस्साई भीड़ ने आरोपित शब्बीर का मकान जलाया: Video आई, इलाके में धारा 144 लागू

हिमाचल प्रदेश के चंबा में एक मुस्लिम लड़की रुखसाना से प्यार करने के कारण 21 साल के हिंदू युवक मनोहर की हत्या के कारण लोगों के आक्रोश फैल गया है। इलाके के लोग सड़कों पर आ गए हैं और आरोपित शब्बीर के घर को आग के हवाले कर दिया है।

हालात को बिगड़ता देखकर जिला प्रशासन ने इलाके में अगले 60 दिनों तक के लिए धारा 144 लागू कर दी है। डलहौजी विधानसभा के अंतर्गत पड़ने वाली भांदल पंचायत में किसी तरह की अप्रिय घटना ना घटे, इसको देखते हुए ज़िला दंडाधिकारी अपूर्व देवगन ने ये आदेश जारी किया है।

इसके अलावा, इस इलाके को जोड़ने वाली सभी सड़कों पर भी पुलिस ने नाकेबंदी कर दी है। वहीं, मनोहर की हत्या से गुस्साए लोगों ने शुक्रवार (16 जून 2023) को चंबा मुख्यालय पर एक आक्रोश रैली का आयोजन किया है।

बता दें कि रुखसाना से प्रेम संबंध होने के कारण उसके परिजन मनोहर से नाराज थे। एक दिन रुखसाना के भाई शब्बीर ने मनोहर की हत्या कर दी और उसके शव को आठ टुकड़ों में काटकर फेंक दिया। कुछ दिन बाद मनोहर के शव को नाले से बरामद किया गया था।

बता दें कि मनोहर 6 जून 2023 से लापता था। उसका शव पुलिस ने 9 जून 2023 को बरामद किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला चम्बा जिले के सलूनी इलाके में बांदल गाँव का है। यहाँ के रहने वाले मनोहर का रुखसाना नाम की लड़की से प्रेम संबंध था। बताया जा रहा है कि लड़की के घर वालों को ये रिश्ता पसंद नहीं था।

इसी बीच 6 जून को मनोहर अचानक लापता हो गया। घर वाले उसकी तलाश कर रहे थे। तीन दिन बाद सलूनी इलाके में ही एक नाले के पास से गुजर रहे कुछ लोगों को बदबू आई। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद नाले से एक बोरा निकाला गया। बोरे को खोला गया तो उसमें एक युवक की लाश थी। शव 7-8 टुकड़ों में कटा हुआ था। शव की पहचान मनोहर के रूप में हुई।

मामले की जानकारी मिलते ही हिन्दू संगठन आक्रोशित हो गए। धारा 302 के तहत केस दर्ज कर पुलिस जाँच कर रही है। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। जाँच के दौरान शबीर का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने शबीर को गिरफ्तार कर कोर्ट से 5 दिनों की रिमांड ली है। शबीर को रुखसाना का भाई बताया जा रहा है।

इस मामले को लेकर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह दुखद हत्याकांड है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पुलिस को इस मामले में उचित कदम उठाने के निर्देश दिए जाने की बात कही।

सेंट लॉरेंस स्कूल में ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने पर 6 छात्र सस्पेंड, प्रिंसिपल ने आरोपों को नकारा

महाराष्ट्र के वाशी में स्थित सेंट लॉरेंस स्कूल में ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने पर कक्षा 10 के 6 छात्रों को सस्पेंड करने की खबर आई थी। इसी घटना के विरोध में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं ने बुधवा को प्रदर्शन किया और साथ ही प्रिंसिपल सायरा केनेडी से 14 जून को मुलाकात भी की। कार्यकर्ताओं ने प्रिंसिपल से उन छात्रों को जल्द से जल्द स्कूल में वापस बुलाने की और लिखित माफी माँगने की माँग की।

रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना सोमवार (जून 12, 2023) की है। इसी दिन कक्षा 10 के 10-12 छात्रों ने वॉशरूम के पास खड़े होकर ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाया जिसे एक टीचर ने सुना और इसकी जानकारी प्रिंसिपल को दे दी गई। प्रिंसिपल ने गुस्से में आकर 6 बच्चों को स्कूल से सस्पेंड कर दिया।

एमएनएस नेता संदेश डोंगरे ने घटना की निंदा करते हुए कहा, “प्रिंसिपल ने हमें माफी पत्र देते हुए छात्रों को वापस स्कूल में लेने की बात मान ली है।” वहीं प्रिंसिपल केनेडी ने बताया कि लंच के टाइम में कुछ छात्र कॉरिडोर में चिल्लाते हुए भागे। प्रिंसिपल के अनुसार उन्होंने बच्चों को शोर मचाकर भागते सुना था कोई नारा देते नहीं। उन्होंने ये भी कहा कि बच्चे सस्पेंड नहीं किए गए।

प्रिंसिपल ने कहा, “मैंने जब शोर सुना तो मैं चेक करने गई। छात्र बड़े अजीब ढंग से चिल्ला रहे थे। ये सामान्य नहीं था। ये अनुशासनहीनता का मामला था। हमने जरूरी एक्शन लिया और 6 छात्रों को तीन दिन के भीतर माता-पिता को लेकर आने को कहा। इनमें से चार के अभिभावक आए। हम उनसे मिले और कहा कि इस तरह का बर्ताव किसी हाल में स्वीकार्य नहीं है।”

बच्चों को रेस्टिकेट करने के मामले में उन्होंने सीधे पल्ला झाड़ा और कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। उनका मकसद था कि किसी छात्र के लिए कोई परेशानी उत्पन्न न हो। वो सेंट लॉरेंस के बच्चे हैं। हमें उन्हें निकालने का अधिकार नहीं। छात्र क्लास अटेंड कर रहे हैं और वही सबसे ज्यादा जरूरी है।

बंगाल के पंचायत चुनाव में नामांकन करने गए 3 लोगों को मारी गई गोली, 1 की मौत: कोलकाता HC ने कहा- सभी जिलों में तैनात हों केंद्रीय बल

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) की नेतृत्व वाली तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) शासित पश्चिम बंगाल (West Bengal) में जब भी कोई चुनाव होता है, उसके पहले या बाद में हिंसा भड़क उठती है। इसी तरह पंचायत चुनाव से पहले एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है।

राज्य में हिंसा को देखते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव के दौरान राज्य के सभी जिलों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (Central Paramilitary Forces) को तैनात करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने कहा कि राज्य चुनाव आयोग 48 घंटे के भीतर केंद्र से केंद्रीय बलों के लिए अनुरोध करे।

कोर्ट ने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में जहाँ केंद्रीय बलों को तैनात नहीं किया जाता है, वहाँ शांति और सुरक्षा राज्य पुलिस की जिम्मेदारी होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) को मतदान एजेंटों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। SEC को संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की माँग पर विचार करना चाहिए।

वहीं, हाईकोर्ट ने नामांकन पत्र दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने के अनुरोध पर विचार करने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि समय बढ़ाने का फैसला राज्य निर्वाचन आयोग को करना चाहिए और वह निर्णय लेने में सक्षम है। इससे पहले SEC ने कोर्ट को बताया था कि वह नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि एक दिन बढ़ाकर 16 जून कर सकता है। 

बता दें कि पश्चिम बंगाल में 75000 पंचायत सीटों पर होने वाले त्रिस्तरीय चुनाव में 8 जुलाई 2023 को मतदान होने हैं। चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने वाले उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 20 जून है। वहीं, वोटों की गिनती 11 जुलाई 2011 को होगी।

इन सबके बीच नामांकन दाखिल करने के दौरान गुुुरुवार (15 जून 2023) को राज्य में कई जगहों पर हिंसा देखने को मिली। उत्तरी दिनाजपुर जिले में चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने जा रहे तीन लोगों को गोली मार दी गई। इनमें से एक की मौत हो गई है। वहीं, दो घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सीपीआई (एम) ने दावा किया कि तीनों व्यक्ति वाम मोर्चा और कॉन्ग्रेस समर्थक थे। वहीं, बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने कहा कि राज्य में भयंकर स्थिति है। इस स्थिति में चुनाव होना नामुमकिन है। सेंट्रल फोर्स की जरूरत है।

इससे पहले नामांकन के पहले दिन यानी शुक्रवार (9 जून, 2023) को मुर्शिदाबाद जिले में स्थानीय कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई थी। कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया था कि हत्या तृणमूल कॉन्ग्रेस ने हत्या करवाई है। इसके बाद 10 जून को टीएमसी, सीपीएम और कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई। इस हिंसा के बीच पुलिस ने TMC नेता बशीर मुल्ला को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था।

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस सरकार रद्द करेगी धर्मांतरण विरोधी कानून: कैबिनट बैठक में हुआ फैसला, किताबों से हेडगेवार-सावरकर के चैप्टर भी हटाए जाएँगे

कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार ने धर्मांतरण विरोधी कानून को रद्द करने का फैसला किया है। ये कानून राज्य में साल 2022 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के समय लागू हुआ था। अब आगामी विधानसभा सत्र में कॉन्ग्रेस सरकार इस कानून को रद्द करने के लिए प्रस्ताव लेकर आएगी।

कानून एवं संसदीय मामलों के मंत्री एचके पाटिल ने कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि कैबिनेट में धर्मांतरण विरोधी कानून पर चर्चा हुई। हमने 2022 में बीजेपी सरकार द्वारा लाए गए बिल को रद्द करने का फैसला लिया है।

इसके अलावा बताया जा रहा है कि कर्नाटक कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय भी लिया गया है कि कक्षा छह से 10 तक की कक्षाओं में कन्नड़ और सामाजिक विज्ञान की किताबों में संशोधन होगा। शैक्षिक सत्र से आरएसएस संस्थापक हेडगेवार और हिंदूवादी नेता सावरकर के चैप्टर रिमूव किए जाएँगे। इनकी जगह सावित्रीबाई फुले, इंदिरा गाँधी, नेहरू के पत्रों और बीआर अंबेडकर पर लिखी कविताओं से जुड़े अध्यायों को पाठ्यक्रम में डाला जाएगा।

गौरतलब है कि साल 2021 में भाजपा सरकार द्वारा लाया गया धर्मांतरण विरोधी विधेयक में धर्मांतरण कराने पर दोषी व्यक्ति को 3 साल से लेकर 10 साल तक की सजा और 50 हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान रखा गया था।

इस बिल में था कि यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन करना चाहता है तो उसे 60 दिन पहले जानकारी देनी होगी। इसके अलावा अगर किसी को लगता है कि उसका जबरन धर्मांतरण हुआ या दबाव बना तो वो इस संबंध में शिकायत भी दे सकता है