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पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का प्रवचन सुन रुखसाना बनी रुक्मिणी, बोले बागेश्वर सरकार- हम पाकिस्तान को भी हिंदू राष्ट्र बनवाएँगे

बागेश्वर सरकार (Shri Bageshwar Dham Sarkar) पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अब पाकिस्तान को भी हिंदू राष्ट्र बनवाने की बात कही है। गुजरात में कथा के दौरान उन्होंने यह बात कही। वहीं जिस बिहार से वह हाल ही में हनुमंत कथा करके लौटे हैं, वहाँ की एक मुस्लिम लड़की ने हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया है। रुखसान से रुक्मिणी बनी इस युवती का कहना है कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Pandit Dhirendra Krishna Shastri) के प्रवचन से उसे हिंदू धर्म स्वीकार करने की प्रेरणा मिली है।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) सरकार धीरेंद्र शास्त्री का एक वीडियो शेयर किया है। इसमें वे कह रहे हैं, “गुजरात के पागलो, एक बात तुम अपनी जिंदगी में याद रखना। हम ना तो तुम्हारे पास धन लेने आए हैं, ना हम तुम्हारे पास सम्मान लेने आए हैं। हम तो तुम्हें अपनी जेब से हनुमान देने आए हैं। मेरे सुखधाम के पागलो एक बात तुम अपनी जिंदगी में याद रखना, जिस दिन गुजरात के लोग इसी तरह संगठित हो जाएँगे, भारत क्या हम तो पाकिस्तान भी हिंदू राष्ट्र बनवाएँगे।”

बागेश्वर बाबा (Bageshwar Baba) का यह वीडियो उनके यूट्यूब चैनल से लिया गया है। इस समय वे गुजरात के दौरे पर हैं। यह वीडियो उनके सूरत के दरबार का बताया जा रहा है। यह पहला मौका है जब पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पाकिस्तान (Dhirendra Shastri on Pakistan) को हिंदू राष्ट्र बनाने को लेकर टिप्पणी की है। अपने मंचों से वे भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की प्रतिबद्धता कई बार दोहरा चुके हैं।

इससे पहले बिहार की कथा से उन्होंने हिंदू राष्ट्र का रोडमैप बताया था। उन्होंने कहा था, “बिहार की आबादी 13 करोड़ है। यदि सिर्फ 5 करोड़ लोग ही अपने मस्तक पर तिलक लगाकर निकले और अपने घरों पर धर्म ध्वज लगा लें तो भारत हिंदू राष्ट्र बनने की तरफ अग्रसर हो जाएगा।”

इस बीच पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से प्रभावित होकर बिहार के मुजफ्फरपुर की 22 वर्षीय रुखसाना ने हिंदू धर्म स्वीकार किया है। उसका नया नाम रुक्मिणी है। उसने हाजीपुर में वैशाली के रहने वाले अपने प्रेमी रोशन कुंवर के साथ गंडक नदी में डुबकी लगाई। फिर मंदिर में हिंदू रीति रिवाजों से दोनों ने शादी की। पढ़ाई के दौरान दोनों में प्रेम हुआ था। युवती ने दैनिक भास्कर को बताया, “मुझे बाबा बागेश्वर से इस धर्म को स्वीकार करने की प्रेरणा मिली है। उनका कार्यक्रम सुनकर प्रेरणा मिली है।”

मुस्लिम नहीं बनी दलित युवती तो जहर देकर मारा: हिंदू बन नावेद ने फँसाया, प्रेग्नेंट कर धर्मांतरण का डाल रहा था दबाव; UP पुलिस ने 2 को पकड़ा

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में लव जिहाद, धर्मांतरण और हत्या का मामला सामने आया। आरोप है कि नावेद ने अपनी पहचान छिपाते हुए दलित लड़की को प्यार के जाल में फँसाया। इसके बाद जब वह गर्भवती हो गई तो उस पर धर्मांतरण का दबाव बनाने लगा। इस्लाम न कबूलने पर जहर देकर उसकी हत्या कर दी। घटना शनिवार (27 मई 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतक लड़की की पहचान सीमा गौतम के रूप में हुई। वह मूल रूप से लखीमपुर के पलियाकलाँ की रहने वाली है। पीड़िता शाहजहाँपुर में डॉ. श्रॉफ आई चैरिटेबल हॉस्पिटल में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करती थी। उसकी पहचान नावेद नामक व्यक्ति से हुई। आरोप है कि नावेद ने खुद को हिंदू बताते हुए सीमा गौतम से दोस्ती की थी। दोनों बीते डेढ़ साल से शाहजहाँपुर में एक किराए के मकान में लिव-इन पर रह रहे थे।

शनिवार (28 मई 2023) की रात नावेद अपने दो साथियों मुस्तकीम और फरहाद के साथ बेहोशी की हालत में सीमा को लेकर हॉस्पिटल पहुँचा था। हॉस्पिटल में नावेद ने खुद को शोएब सिद्दीकी और सीमा को अपनी पत्नी और उसका जोया सिद्दीकी बताया था। जाँच के दौरान डॉक्टर्स ने सीमा मृत घोषित कर दिया। इसके बाद नावेद अपने साथियों के साथ वहाँ से भागने की कोशिश करने लगा। हालाँकि हॉस्पिटल के कर्मचारियों और वहाँ मौजूद लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे पकड़ लिया।

मामले की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने शुरुआती पूछताछ के बाद मुख्य आरोपित नावेद की सच्चाई सामने आ गई। इसके बाद पुलिस ने नावेद और उसके साथी फरहाद को हिरासत में ले लिया। वहीं, सीमा की मौत के बाद इसकी जानकारी उसके परिजनों को दी गई। सीमा गौतम के भाई ने नावेद और उसके साथियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। 

सीमा के भाई का आरोप है कि नावेद ने नाम बदलकर उसकी बहन को जाल में फँसाया। इसके बाद उसने सीमा के साथ अवैध संबंध बनाए। नावेद और उसके साथियों ने सीमा के अश्लील वीडियो बनाकर उसपर धर्मांतरण का दबाव बना रहे थे। अपने साथ हुई इस घटना की जानकारी सीमा ने जब अपने परिजनों को दी तो नावेद और उसके साथियों ने जहर देकर उसकी हत्या कर दी।

हाई कोर्ट ने ‘महिला शिक्षक’ को सर्विस रिकॉर्ड में ‘पुरुष’ बनने की दी इजाजत, कहा- इंसान खुद चुन सकता है अपना ‘लिंग’, ये उसका अधिकार

राजस्थान में एक फिजिकल ट्रेनिंग टीचर पिछले कुछ समय से परेशान थे क्योंकि अपना सेक्स बदलवाने के बाद उन्हें अपने सर्विस रिकॉर्ड में नाम और लिंग बदलवाने में दिक्कत आ रही थी। बहुत कोशिशों के बाद जब सर्विस रिकॉर्ड में नाम नहीं बदला गया तो उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट का रुख किया।

यहाँ कोर्ट ने मामले पर सुनवाई कर फैसला देते हुए कहा किसी भी इंसान के पास अपने सेक्स और लिंग की पहचान चुनने का अधिकार, उसके व्यक्तित्व का अभिन्न अंग होता है। कोर्ट ने टीचर की स्थिति पर गौर करते हुए डीएम को उन्हें 2 माह के भीतर सर्टिफिकेट जारी करने को कहा और संबंधित अधिकारियों को सर्विस रिकॉर्ड में उनका नाम और जेंडर बदलने के निर्देश दिए।

जस्टिस अनूप कुमार धांद ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि लैंगिक पहचान के आधार पर भेदभाव के बिना, हर कोई सभी मानवाधिकारों का आनंद लेने का हकदार है। कोर्ट ने कहा कि इस ग्रह पर हर किसी को सम्मान और गरिमा के साथ व्यवहार करने का अधिकार है, चाहे वह पुरुष हो या महिला या कोई अन्य लिंग। अदालत ने कहा कि पहले केवल पुरुष और महिलाओं को ही दो बायोलॉजिकल सेक्स माना जाता थ लेकिन विज्ञान ने यह बात साबित की है इन दो जेंडरों के अलावा भी जेंडर है।

बता दें कि इस मामले के याचिकाकर्ता का जन्म महिला के तौर पर हुआ था, जो फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर के तौर पर जनरल फीमेल कैटेगरी में नौकरी कर रही थीं। हालाँकि 32 साल की उम्र में उन्हें जेंडर आइडेंटिटी डिसॉर्डर हो गया। उन्होंने साइकेट्रिस्ट से संपर्क किया तो उन्हें लगा कि उन्हें अपना सेक्स बदलवाने की जरूरत है।

इसके बाद उन्होंने ट्रीटमेंट लिया और अपने आप को पुरुष बताना शुरू कर दिया। यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर ने उन्हें इस संबंध में सर्टिफिकेट भी दिया। इसके बाद उन्होंने अपने आधार पर भी अपना नाम बदलवाया। लेकिन जब वो अपने प्रोफेशनल जीवन में इस बदलाव को कराने गए तो कई एप्लीकेशन डालने के बाद भी उनका नाम सर्विस रिकॉर्ड में नहीं बदला गया। तंग आकर उन्होंने कोर्ट में याचिका दी।

अदालत ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के मद्देनजर, एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति को न केवल ट्रांसजेंडर के रूप में मान्यता प्राप्त करने का अधिकार है, बल्कि स्व-कथित लिंग पहचान का अधिकार भी है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता जो सेक्स रीअसाइनमेंट सर्जरी करवाकर पुरुष बना। उसे पुरुष के तौर पर पहचाने जाने का और अपना नाम, लिंग बदलने का पूरा अधिकार है।

बता दें कि याचिकाकर्ता की सर्जरी के बाद शादी हुई थी और उनके दो लड़के भी हैं। ऐसे में कोर्ट ने माना कि अगर उनका सर्विस में जेंडर और नाम नहीं बदला जाता है तो उनकी पत्नी और बच्चों को सेवाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा है कि वो डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के समक्ष एप्लीकेशन दें और डीएम उनके जेंडर बदलने वाले तथ्यों को जाँचकर उन्हें सर्टिफिकेट जारी करें। कोर्ट ने आदेश दिया है कि ये प्रक्रिया 60 दिन में पूरी होनी चाहिए। इसके बाद याचिकाकर्ता अपना नाम और लिंग बदलवाने के लिए संबंधित अधिकारियों पर जा सकता है। जिन्हें जल्द से जल्द याचिकाकर्ता का नाम और लिंग बदलने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सर्टिफिकेट आने के बाद ये सब एक माह के भीतर हो जाना चाहिए।

प्लेट में खाना, मुँह पर हिजाब… बोली जायरा वसीम- यह मेरी च्वाइस, निकाह में सभी मुझे घूर रहे थे पर मैंने नहीं हटाया नकाब

‘दंगल’ फेम जायरा वसीम (Zaira Wasim) ने 2019 में इस्लाम के लिए बॉलीवुड से किनारा कर लिया था। उसके बाद से वे सोशल मीडिया में अपने कट्टरपंथी परिधानों और विचारों को लेकर चर्चा में रहती हैं। अब उन्होंने खाना खाने के दौरान नकाब पहनने को अपनी च्वाइस बताया है।

जायरा ने ट्विटर पर बताया है कि एक निकाह के दौरान लोग उन्हें घूर रहे थे कि वे कब अपना नकाब उतारेंगी। लेकिन उन्होंने बिना नकाब हटाए ही खाना खाया। यह प्रतिक्रिया उन्होंने ट्विटर यूजर (@AzzatAlsaalem) के एक पोस्ट पर दी। इस पोस्ट में लगी तस्वीर में एक मुस्लिम लड़की के सामने प्लेट में खाना पड़ा है। वह खाने के दौरान भी अपना नकाब नहीं हटाती है। इस तस्वीर को शेयर करते हुए सवाल किया गया कि क्या यह एक इंसान की पसंद है?

इस पोस्ट को रिट्वीट करते हुए जायरा वसीम ने लिखा, “मैं हाल में एक निकाह में शामिल हुई थी। मैंने भी इसी तरीके से खाना खाया था। यह मेरी च्वाइस थी। मेरे चारों ओर मौजूद लोग मुझे घूर रहे थे कि मैं अपना नकाब हटाऊँगी। मैंने ऐसा नहीं किया। ये हम आपके लिए नहीं करते, इससे डील करना सीखिए।”

इस पोस्ट पर कई लोगों ने जायरा का समर्थन किया है। कुछ ने कहा है कि आप बिल्कुल सही हो। कुछ ने कहा है कि अल्लाह दूसरी औरतों को भी इसी तरह की हिदायत दें। वहीं कुछ लोगों ने जायरा की सोच पर सवाल उठाए हैं। कहा है कि औरत का औरत से पर्दा नहीं है।

गौरतलब है कि जायरा वसीम कर्नाटक के शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब की माँग करने वाली लड़कियों का भी समर्थन कर चुकी हैं। उनका कहना था कि इस्लाम में हिजाब कोई पसंद-नापसंद की बात नहीं है, बल्कि ये अनिवार्य है और मुस्लिम लड़कियों पर इसे पहनने की जिम्मेदारी है। अपने पोस्ट में उन्होंने कहा था, “मैं भी हिजाब पहनती हूँ। मैं उस सिस्टम का विरोध करती हूँ, जहाँ महिलाओं को ऐसा करने से रोका जा रहा है। उन्हें परेशान किया जा रहा है।” इसके अलावा साल 2020 में एक पोस्ट सामने आई थी जिसमें जायरा ने कुरान की आयतें लिखी थीं और टिड्डियों के खतरे को इस्लाम से जोड़ा था।

बजरंग, साक्षी, विनेश सहित कई पर FIR: बोले जंतर-मंतर वाले पहलवान- हम पर केस में 7 घंटे भी नहीं, बृज भूषण पर लगे 7 दिन

दिल्ली पुलिस ने रविवार (28 मई 2023) को जंतर-मंतर पर हुई घटना के सिलसिले में एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर प्रदर्शन के आयोजकों के खिलाफ दर्ज किया गया है। इसमें पहलवान बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक, विनेश फोगाट के भी नाम हैं। पहलवानों ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि हम पर एफआईआर दर्ज करने में पुलिस ने 7 घंटे भी नहीं लगाए, जबकि बृज भूषण शरण सिंह पर उसे एफआईआर दर्ज करने में 7 दिन लगे थे।

दिल्ली पुलिस ने कहा है, “पहलवान बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक, विनेश फोगट और प्रदर्शन के आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कुछ पहलवान विरोध करने के लिए रात में जंतर-मंतर आए थे। उन्हें अनुमति नहीं दी गई और वापस भेज दिया गया।” इस मामले में दिल्ली पुलिस ने पहलवानों, प्रदर्शन के आयोजकों व अन्य लोगों के खिलाफ IPC की धारा धारा 147 (दंगा करना), धारा 149 (गैरकानूनी जमावड़ा), 186 (सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालना), 188 (सरकारी कर्मचारी के विधिवत आदेश की अवहेलना), 332 (सरकारी कर्मचारी के साथ हिंसा करना) और 353 (सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने के लिए आपराधिक बल) तथा सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत FIR दर्ज की है।

जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने पहलवानों समेत कुल 109 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। दर्ज FIR में कुछ धाराएँ जमानती और कुछ गैर-जमानती हैं। इसमें 7 साल से कम की सजा का प्रावधान है, इसलिए पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया है। 

क्या बोले पहलवान

FIR दर्ज होने के बाद पहलवान बजरंग पूनिया ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यौन उत्पीड़न के आरोपित व्यक्ति का संसद भवन के उद्घाटन में शामिल होना दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में दिल्ली पुलिस को कुछ ही घंटे लगे। लेकिन बृजभूषण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने में उन्हें 7 दिन लग गए थे।”

वहीं, महिला पहलवान विनेश फोगाट ने ट्वीट कर कहा, “दिल्ली पुलिस को यौन शोषण करने वाले बृजभूषण के खिलाफ FIR दर्ज करने में 7 दिन लगते हैं और शांतिपूर्ण आंदोलन करने पर हमारे खिलाफ FIR दर्ज करने में 7 घंटे भी नहीं लगाए। क्या इस देश में तानाशाही शुरू हो गई है? सारी दुनिया देख रही है कि सरकार अपने खिलाड़ियों के साथ कैसा बर्ताव कर रही है। एक नया इतिहास लिखा जा रहा है।”

क्या है मामला

दरअसल, पहलवान कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। इसी सिलसिले में ये बीते 36 दिनों से जंतर-मंतर पर धरने में बैठे हुए थे। पहलवानों ने रविवार (28 मई 2023) को नए संसद भवन के उद्घाटन के दौरान उसके पास महिला महापंचायत करने का ऐलान किया था। सुरक्षा कारणों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। अनुमति न मिलने के बाद भी धरने में बैठे पहलवान, धरने के आयोजक व अन्य लोगों ने संसद भवन की ओर कूच कर दिया।

ऐसे में पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान पहलवानों, उनके समर्थकों व पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने पहलवानों व उनके समर्थकों समेत कई लोगों को हिरासत में लिया था। रविवार देर शाम पुलिस ने इन लोगों को रिहा कर दिया था।

एक सुतली बम जला रहा था, सारे उड़ गए… अयोध्या में ब्लास्ट का कारण दीवाली के पटाखे, मकान के निर्माण कार्य के दौरान हुई घटना

अयोध्या राम जन्मभूमि के श्रृंगार हाट में रविवार (28 मई, 2023) को ब्लास्ट की खबर सामने आई। एक निर्माणाधीन दुकान में हुए इस ब्लास्ट में अनिल नाम के मजदूर का हाथ उड़ गया। उसके पेट में भी छर्रे लगे हैं, जिसके बाद उसे श्रीराम अस्पताल से ट्रामा सेंटर दर्शननगर रेफर कर दिया गया। इलाके में इसके बाद अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर जाकर स्थिति को संभाला और साथ ही इस घटना की जाँच की।

यूपी पुलिस ने बताया है कि ये घटना दोपहर के 2 बजे सुनील कुमार मोदनवाल नामक व्यक्ति के निर्माणाधीन मकान में हुई। वहीं पर रिपेयरिंग के दौरान ये घटना हुई। पुलिस ने बताया कि वहाँ दीवाली के दौरान जलाए जाने वाले पटाखे रखे हुए मिले। पुलिस ने बताया कि वहाँ काम कर रहे मिस्त्री अनिल ने एक पटाखा जलाने की कोशिश की, लेकिन अचानक से सारे पटाखे जल गए। इसे वो घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि मौके पर स्थिति सामान्य है।

अयोध्या के क्षेत्राधिकारी ने जानकारी दी कि बम निरोधक स्क्वाड द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण करा दिया गया है, जिसके बाद पता चला कि दीवाली के पटाखों के कारण ही ये घटना हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उक्त दुकानदार चोरी-छिपे पटाखे भी बेचा करता था। सड़क चौड़ीकरण में अतिक्रमण निकलने के कारण इसके दुकान का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इसीलिए, निर्माण कार्य चालू था। ये घटना बम ब्लास्ट की नहीं है।

बता दें कि सोशल मीडिया में कई लोगों ने अयोध्या में बम ब्लास्ट की भी आशंका जाहिर की, लेकिन ऐसा कुछ नहीं निकला है। पटाखे के थैले में रखे एक सुतली बम के जलाए जाने के बाद सारे सुतली बम उड़ गए। ये कोई आतंकी घटना नहीं है। राम मंदिर के निर्माण का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। हाल ही में संतों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के नए कार्यालय भवन का शुभारंभ भी हुआ है।

कॉलेज में मुस्लिम दोस्तों के कारण अपना लिया इस्लाम, आतंकी से निकाह: हुदा की कहानी ‘The Kerala Story’ जैसी, अब कहती है – विज्ञान से ऊपर कुरान

मध्य प्रदेश की ATS ने हाल ही में राज्य में चल रहे एक बड़े आतंकी गिरोह का पर्दाफाश किया और कई गिरफ्तारियाँ भी की। गिरफ्तार आतंकियों में एक का नाम यासिर भी है। ये सब संगठन हिज्ब-उत-तहरीर का हिस्सा थे। यासिर के बारे में बता दें कि उसने हिन्दू लड़की से शादी कर के भूमिका को हुदा बना दिया था। भूमिका ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित मार्केटिंग-बिजनेस में MBA किया है। वो मूल रूप से महाराष्ट्र की हैं।

2018 में भूमिका ने इस्लाम अपना लिया। इसके 2 साल बाद उसने यासिर से निकाह कर लिया। हुदा का कहना है कि 2015 में कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही उनका इस्लाम के प्रति रुझान बढ़ रहा था और मुस्लिम सहेलियों की बातों से प्रभावित होकर उन्होंने मुस्लिम बनने का निर्णय लिया। हालाँकि, इसके बाद घर वालों ने कह दिया कि आज से हमारे लिए तुम मर गई हो। उनके पिता केंद्र सरकार की नौकरी करते थे। 2 साल तक दोस्तों के साथ रहने के बाद हुदा ने यासिर से निकाह कर लिया।

यासिर और हुदा की जान-पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से ही हुई थी और दोनों दोस्त बन गए थे। यासिर की गिरफ़्तारी के बाद अब हुदा का कहना है कि अल्लाह इस मुसीबत से बाहर निकालेगा। ‘दैनिक भास्कर’ ने हुदा से बातचीत की है। इस दौरान हिन्दू से मुस्लिम बनी महिला ने कहा कि यासिर के परिवार वालों ने मीडिया से बातचीत की इजाजत नहीं दी थी, लेकिन अब बुर्का में बातचीत करने की इजाजत दे दी है। ‘दैनिक भास्कर’ ने हुदा की शर्त मानते हुए कॉपी उसे दिखा कर और उसके मनचाहे संशोधन के साथ प्रकाशित की।

हुदा की 2 साल की बेटी भी है। उसने ‘लव जिहाद’ को बनावटी बातें बताते हुए कहा कि ये सब संविधान या कुरान में नहीं है। उसने दावा किया कि हिन्दुओं में लड़की के जन्म के बाद परिवार को टेंशन हो जाती है कि इसका पालन-पोषण कैसे करेंगे और परिवार कर्ज में डूब जाता है। उसके अनुसार, इस्लाम में बेटी को जन्नत की चाबी कहा गया है। साथ ही इस्लाम में सादगी से और कम खर्च में निकाह होने का भी दावा किया। साथ ही उसने हिन्दुओं में अलग-अलग देवी-देवता होने पर भी निशाना साधा।

बकौल हुदा, इस्लाम में सिर्फ एक अल्लाह की इबादत होती है जबकि हिन्दुओं में हर दिन अलग-अलग भगवान। उसने विज्ञान को भी नकार दिया और कहा कि कुरान कहता है कि अल्लाह इस दुनिया को चलाता है। उसने दावा किया कि पर्दा करने वाली उसकी सहेलियों को देख कर उसके मन में ख्याल आया कि उनसे कोई छेड़खानी नहीं करता। फिर उसने इस्लामी मुबल्लिगों को सुनना शुरू किया। हुदा ने कहा कि उसे परिवार की याद नहीं आती। उसने भारत में मुस्लिमों को निशाना बनाए जाने का भी आरोप मढ़ा।

ऊपर हुदा के बयानों को आप पढ़ेंगे और अगर आपने ‘The Kerala Story’ देख रखी होगी तो आपको फिल्म के किरदार ‘आसिफा’ की याद आ जाएगी। हुदा भी मुस्लिम दोस्तों के प्रभाव में आकर मुस्लिम बनी। वो भी हिन्दू देवी-देवताओं के बारे में वही अनर्गल बातें करती है, जो बेतुकी हैं। हुदा विज्ञान से ऊपर कुरान को रखती है। अब आप सोचिए, धर्मांतरण के बाद किस कदर कट्टर इन महिलाओं को बना दिया जाता है।

बारिश ने किरकिरा कर दिया मजा, अब क्या होगा IPL फाइनल का? यहाँ जान लीजिए सारे नियम-कानून, गुजरात की हो सकती है बल्ले-बल्ले

गुजरात के अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में CSK (चेन्नई सुपर किंग्स) और GT (गुजरात टाइटंस) के बीच फाइनल का मुकाबला होना था, लेकिन भारी बारिश के कारण मैच में देरी हो रही है। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि अगर आज बारिश नहीं रूकती है तो फिर क्या होगा? दरअसल, अगर बारिश के कारण आज खेल संभव नहीं हो पाता है तो IPL फाइनल के लिए एक रिजर्व डे भी रखा गया है, यानी मैच एक दिन बाद होगा।

रविवार (28 अप्रैल, 2023) को शाम के 7 बजे टॉस होना था, लेकिन बारिश के कारण ये नहीं हो पाया। अगर मैच 9:35 बजे तक शुरू हो जाता है, फिर भी पूरे 20 ओवर का खेल होगा और वर्ष में कोई कमी नहीं की जाएगी। अगर बारिश तब भी नहीं रुकती है, तो भी और विकल्प हैं। अगर रात के 12:06 से भी मैच शुरू हो जाता है तो 5-5 ओवर का खेल होगा। अगर ये भी संभव नहीं हो पाता है तो फिर IPL का फाइनल कल खेला जाएगा।

आगे बढ़ने से पहले ये भी जान लीजिए कि अगर टॉस हो जाता है और आज एक गेंद भी फेंक दिया जाता है तो कल मैच फिर वहीं से शुरू होगा जहाँ आज खत्म हुआ था। ये व्यवस्था इसीलिए की गई है, ताकि मैच के बीच में बारिश शुरू हो जाए और आगे का मैच न हो सके तो फाइनल पूरा कराया जा सके। अगर टॉस हो जाता है और एक गेंद भी नहीं फेंका जाता, फिर कल दोबारा टॉस होगा। अंत में सुपर ओवर की भी व्यवस्था है।

अगर रिजर्व डे के दिन भी नियम के तहत 5 ओवर का भी मैच संभव नहीं हो पाता है तो फिर एक-एक ओवर का मैच कराया जाएगा, जिसे सुपर ओवर भी कहते हैं। लेकिन, अगर सोमवार को सुपर ओवर भी संभव नहीं हो पाएगा तो गुजरात टाइटंस के सिर जीत का सेहरा बँध जाएगा क्योंकि ग्रुप स्टेज की रैंकिंग टेबल में टीम नंबर वन पर थी और चेन्नई दूसरे स्थान पर। यानी, रिजर्व डे के दिन सुपर ओवर भी नहीं हो पाया तो ग्रुप स्टेज में जिस टीम की रैंकिंग ऊपर होगी वो ट्रॉफी ले जाएगी।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में लड़की गई थी PhD करने… प्रोफेसर अफीफुल्लाह खान करते थे छूने की कोशिश, लिपस्टिक-कपड़ों-शरीर पर कॉमेंट

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) की एक शोध छात्रा ने अपने प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। आरोपित प्रोफेसर का नाम अफीफुल्लाह खान है। अफीफुल्लाह पर आरोप है कि उसने छात्रा जरीना खातून (बदला हुआ नाम) की थीसिस जमा करवाने के बदले अश्लील माँग की। माँग पूरी नहीं होने पर पीड़िता की थीसिस जमा नहीं की गई। अलीगढ़ पुलिस ने मामले में FIR दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है। पीड़िता ने अफीफुल्लाह द्वारा अपने उत्पीड़न की शिकायत 2 मई 2023 को ई-मेल भेज कर की थी, जिस पर शनिवार (27 मई 2023) को FIR दर्ज हुई है।

मामले की FIR अलीगढ़ के महिला थाने में दर्ज हुई है। पीड़िता की शिकायत के मुताबिक वह वाइल्ड लाइफ विज्ञान विभाग में पीएचडी प्रोग्राम के लिए साल 2017 में चयनित हुई थी। यहाँ उसे पौधों पर ईएमएफ विकिरण के प्रभाव पर प्रोफेसर अफीफुल्ला खान की देखरेख में रिपोर्ट तैयार करनी थी। लगभग 5 साल तक पीड़िता ने मेहनत करके कई जरूरी आँकड़े जुटाए और एक थीसिस तैयार की। इन 5 वर्षों में छात्रा के पर्यवेक्षक अफीफुल्लाह ने तमाम रिपोर्ट्स को लगातार संतोषजनक बताया था।

छात्रा का कहना है कि जिन प्रोफेसर अफीफुल्लाह ने उनकी मेहनत को 6 माह पहले तक सही बताया था, वही अचानक ही बदल गए। पीड़िता द्वारा अंतिम रिपोर्ट बनाने के बाद उन्होंने इसे अप्रूव नहीं किया और खुद को कैम्पस में काफी ताकतवर बताते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की भी धमकी दी। इस दौरान अफीफुल्लाह ने छात्रा को चुनौती भी दी कि वो देखेंगे कि कैसे उसकी थीसिस जमा होती है। शिकायत में बताया गया है कि इस दौरान छात्रा ने प्रोफेसर से तमाम मिन्नतें की लेकिन वो किसी काम नहीं आईं।

छात्रा जरीना खातून का आरोप है कि बीते 5 वर्षों में आरोपित प्रोफेसर ने कई गंदे ऑफर दिए। शुरू में तो छात्रा ने इन हरकतों को अनदेखा किया और बाद में खुल कर प्रोफेसर की ऊल-जुलूल माँगों को अस्वीकार करना शुरू कर दिया। पीड़िता के मुताबिक अफीफुल्लाह लगातार पीड़िता को गंदी नीयत से छूने की कोशिश करता था। इस दौरान वह काम देखने के बहाने पीड़िता के पास आकर बैठ जाता था। प्रोफेसर अफीफुल्लाह खान छात्रा के लिपस्टिक, कपड़ों और शरीर पर कमेंट किया करता था।

अफीफुल्लाह पर यह भी आरोप है कि उसने छात्रा को हमेशा गलत समय पर अपने डिपार्टमेंट में बुलाने की कोशिश की। इस दौरान जब लड़की ने उसकी गंदी बातों का विरोध किया तो वो नाराज हो गया। छात्रा का कहना है कि वो लगातार इस कोशिश में जुटी रही कि कैसे भी वह अपनी रिसर्च जल्दी से पूरी करके प्रोफेसर अफीफुल्लाह के विभाग से निकल जाए। हालाँकि इस दौरान पीड़िता को यह जानकारी हो चुकी थी कि प्रोफेसर अपनी माँगों के न मानने पर उसके करियर के साथ खिलवाड़ कर सकता है।

पीड़िता जरीना खातून (बदला हुआ नाम) का आरोप है कि सोमवार (1 मई 2023) को वह प्रोफेसर अफीफुल्लाह के विभाग में थीसिस जमा करने गई। इस दौरान आरोपित प्रोफेसर ने बदतमीजी दिखाते हुए पीड़िता को अपनी शक्ल लेकर दफा हो जाने के लिए कहा। पीड़िता का दावा है कि इस घटना के अगले दिन मंगलवार (2 मई 2023) को उसने एक ई-मेल के जरिए रजिस्ट्रार को अपने साथ 5 साल तक हुए यौन शोषण की शिकायत भेजी थी। हालाँकि उस शिकायत पर तुरंत कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बुधवार (24 मई 2023) की घटना का जिक्र करते हुए पीड़िता ने बताया कि वह एक और कोशिश के तहत अपनी थीसिस जमा करने प्रोफेसर अफीफुल्लाह के ऑफिस गई। इस दौरान एक बार फिर आरोपित प्रोफेसर ने चिल्ला कर साफ कह दिया कि वह थीसिस नहीं जमा करने वाला। साथ ही प्रोफेसर ने ललकारते हुए पीड़िता से अपनी शिकायत कुलपति और भारत के राष्ट्रपति से करने का चैलेन्ज दिया। आखिरकार रजिस्ट्रार द्वारा 2 मई की शिकायत पर कोई ध्यान नहीं देने के चलते अंतिम विकल्प के तौर पर छात्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज की।

अलीगढ़ पुलिस ने AMU वन्यजीव विज्ञान विभाग के प्रोफेसर अफीफुल्लाह पर IPC की धारा 354 के तहत FIR दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जाँच करवाई जा रही है।

मणिपुर में 33 आतंकियों का सफाया, माहौल संभालने के लिए खुद ग्राउंड पर उतरे सेना प्रमुख: अब उत्तर-पूर्वी राज्य में अमित शाह का दौरा

मणिपुर में चल रहे दंगों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आने लगी है। ताज़ा खबर ये है कि मणिपुर में दंगा कर रहे 33 आतंकियों को सुरक्षा एजेंसियों ने मार गिराया है। राज्य में हिंसा का माहौल शांत करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। भारतीय सेना के प्रमुख जनरल मनोज पांडे के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री N बीरेन सिंह ने राजधानी इम्फाल में मीडिया को संबोधित करते हुए इसकी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि जिन आतंकियों को मार गिराया गया है, वो प्रतिबंधित संगठनों (Suspension Of Operations) से ताल्लुक रखते थे। साथ ही उन्होंने ये जानकारी भी दी कि आम नागरिकों पर हमला करने वालों की धर-पकड़ के लिए राज्य भर में बृहद तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर भी गोलीबारी की है, जिसका जवाब दिया गया। मणिपुर के सीएम ने कहा, “राज्य की जनता से मेरी जनता से विनम्र अपील है कि वो माहौल सामान्य करें के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों में भरोसा रखे।”

उन्होंने आश्वासन दिया कि मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा हर हाल में की जाएगी। बता दें कि कांग्चुक, मोतबुंग, सैकुल, पुखाओ और सगोलमंग इलाकों में ‘असम राइफल्स’ और भारतीय सेना के जवानों द्वारा तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। शनिवार (27 मई, 2023) को तड़के सुबह हिंसा में लिप्त आतंकियों की तलाश में अभियान चलाया गया। पहाड़ी और जंगली इलाकों में छानबीन के लिए भारतीय सेना तकनीक का भी इस्तेमाल कर रही है।

इसी क्रम में रविवार को लगभग एक घंटे तक N बीरेन सिंह और जनरल मनोज पांडे के बीच बैठक हुई। इससे एक दिन पहले जनरल पांडे ने भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता के साथ राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी दी थी। सेना प्रमुख खुद ग्राउंड पर उतर कर निगरानी कर रहे हैं। 29 मई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर पहुँचने वाले हैं। उन्होंने हिंसासे पीड़ित लोगों को न्याय का भरोसा दिलाते हुए कहा है कि एक भी दंगाई को नहीं बख्शा जाएगा।