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सभी FIR एक साथ कर दें, NSA हटा दें: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी मनीष कश्यप की माँग, विरोधी वकीलों ने ‘आदतन अपराधी’ से लेकर ‘राजनेता’ तक बता डाला

सुप्रीम कोर्ट ने आज (8 मई 2023) यूट्यूबर मनीष कश्यप की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। यूट्यूबर ने अपने ऊपर दर्ज NSA के मामले को हटाने और सारी एफआईआर एक साथ करने को लेकर न्यायालय में गुहार लगाई थी। कोर्ट ने उन्हें कहा कि वो अपनी याचिका हाईकोर्ट में लेकर जाएँ। इस दौरान बिहार सरकार ने मनीष कश्यप को आदतन अपराधी बताया। वहीं तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश वकील ने उनको ‘राजनेता’ कहा।

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी परदीवाला की पीठ ने मनीष कश्यप की याचिका पर सुनवाई से मना किया। इस दौरान उनके (यूट्यूबर) वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि जो वीडियो मनीष कश्यप ने अपने यूट्यूब चैनल पर दिखाई वो मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित थी। अगर उसकी एनएसए के तहत गिरफ्तारी बनती है तो इस धारा के तहत अन्य पत्रकारों को भी पकड़ा जाना चाहिए।

सिंह ने कहा, “अगर ये पत्रकार जेल में है तो हर पत्रकार जेल में होना चाहिए।” सिंह ने कोर्ट से अपील की कि मनीष के खिलाफ हुई सारी एफआईआर तमिलनाडु में एक साथ क्लब की जाए और उसके बाद उसे बिहार ट्रांसफर किया जाए। उन्होंने मनीपुर पत्रकार की हिरासत का भी हवाला दिया। लेकिन सीजेआई ने उनकी दलीलों पर ये जवाब दिया कि कश्यप ने फेक वीडियोज के जरिए एक स्थिर राज्य में हलचल पैदा की।

वहीं बिहार सरकार ने कोर्ट से कहा कि मनीष पर दर्ज एफआईआर अलग अलग मामलों में हैं।सुनवाई के दौरान बिहार सरकार के वकील ने कहा कि पहली एफआईआर फेक वीडियो को लेकर है, दूसरी घटना पटना एयरपोर्ट पर दिए गए बयान को लेकर हैं, तीसरी एफआईआर हथकड़ी वाले फोटो को लेकर है। वकील ने बताया कि कश्यप एक आदतम अपराधी है जिस पर उगाही और हत्या के प्रयास तक के केस दर्ज हैं।

तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल ने इस दौरान सारी एफआईआर को उस जगह क्लब करने को कहा जहाँ पहली एफआईआर हुई थी। सिब्बल ने कहा कि कश्यप कोई पत्रकार नहीं है वो एक राजनेता हैं जिन्होंने बिहार में चुनाव भी लड़ा हुआ है।

बता दें कि इससे पहले यूट्यूबर मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लगाने पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टालिन सरकार से सवाल किया। तमिलनाडु की स्टालिन सरकार ने प्रदेश में आप्रवासी बिहारी मजदूरों के खिलाफ हिंसा की खबरों को फर्जी बताते हुए कश्यप पर कई केस दर्ज किए थे।

इस मामले में तमिलनाडु सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पेश हुए थे। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने उनसे सवाल पूछा था, “मिस्टर सिब्बल, इसके लिए NSA क्यों? इस आदमी से इतना प्रतिशोध क्यों?”

इस पर सिब्बल ने कहा था कि वह फर्जी वीडियो बनाकर तमिलनाडु में बिहारियों पर हमले का झूठ फैला रहा था। सिब्बल ने कहा कि सोशल मीडिया पर उसके 60 लाख फॉलोअर्स हैं। वह एक राजनेता है और चुनाव लड़ चुका है। मनीष कश्यप पत्रकार नहीं है।

राजस्थान में घर पर गिरा मिग-21, 3 महिलाओं की मौत: 60 साल में 400 बार क्रैश हो चुका है फाइटर जेट, 200 पायलटों की जा चुकी है जान

मिग 21 (MiG-21) फिर से दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। एयरफोर्स का यह फाइटर जेट राजस्थान के हनुमानगढ़ में सोमवार (8 मई 2023) को क्रैश हो गया। विमान बहलोल नगर इलाके में एक घर पर गिरा। इससे 3 महिलाओं की मौत हो गई। पायलट पैराशूट से कूद कर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा।

इस हादसे को लेकर स्थानीय सदर थाना प्रभारी में कहा है कि एयरफोर्स का विमान मिग-21 जिस घर पर गिरा वहाँ 3 महिलाएँ और एक पुरुष मौजूद थे। 2 महिलाओं की मौके पर मौत हो गई। एक महिला की हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, एयरफोर्स ने एक बयान में कहा है कि MiG-21 ने नियमित प्रशिक्षण के दौरान उड़ान भरी थी। इसी दौरान सूरतगढ़ के पास हादसा हो गया। पायलट खुद को बचाने में सफल रहा। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जाँच टीम गठित की गई है।

हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुँच गए। वे प्रशासन ने मुआवजे की माँग कर रहे हैं। इसके लिए लिखित आश्वासन चाहते हैं। परिजनों का कहना है कि जब तक उन्हें लिखित में आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे शव नहीं उठाने देंगे।

गौरतलब है कि मिग-21 विमान के क्रैश होने की यह कोई पहली घटना नहीं है। 60 के दशक में यह विमान वायुसेना में शामिल हुआ था। 1971 में पाकिस्तान के विरुद्ध युद्ध में इस जेट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लेकिन सेना के बेड़े में शामिल होने के बाद से यह विमान 400 से अधिक बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है। इन हादसों में 200 से ज्यादा पायलट और करीब 60 नागरिकों की मौत हो चुकी है। 2019 में तत्कालीन एयरचीफ मार्शल बी एस धनोआ ने भारतीय वायु सेना के पुराने पड़ चुके फाइटर जेट्स और हथियारों पर बात करते हुए कहा था कि वायुसेना 40 साल से भी ज्‍यादा पुराने फाइटर जेट्स उड़ा रही है। इतनी पुरानी तो कोई कार भी नहीं चलाता है।

भगोड़ी शाइस्ता परवीन अब ‘माफिया घोषित’: जब दफन हुआ अतीक अहमद तब प्रयागराज में ही थी, जानिए कैसे फेल हो गया कब्रिस्तान पहुँचने का प्लान

उमेश पाल हत्याकांड में फरार चल रही शाइस्ता परवीन को अब यूपी पुलिस ने ‘माफिया’ घोषित कर दिया है। यह जानकारी भी सामने आई है कि जिस दिन उसके शौहर अतीक अहमद और देवर अशरफ को दफनाया गया, वह प्रयागराज में ही थी। जनाजे में शामिल होने के लिए उसने हुलिया बदला था। शूटर साबिर को साथ रखा था। लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण कब्रिस्तान पहुँचने का उसका प्लान फेल हो गया।

उसे शरण देने के आरोप में मोहम्मद आतिन को गिरफ्तार किया गया है। इस संबंध में प्रयागराज के धूमनगंज थाने में FIR दर्ज की गई है। इसमें शाइस्ता को ‘माफिया अपराधी’ बताया गया है। 2 मई 2023 को यह एफआईआर SHO धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य ने दर्ज करवाई थी।

एफआईआर में एसएचओ ने बताया है कि दो मई को वह अपनी टीम के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई पर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान एक मुखबिर से प्रयागराज के ही खुल्दाबाद के रहने वाले मोहम्मद आतिन जफर द्वारा शाइस्ता परवीन को शरण दिए जाने की जानकारी मिली। आतिन का अब्बा जफ़र उल्ला इस समय अतीक के बेटे उमर अहमद के साथ लखनऊ जेल में बंद है। वह अतीक अहमद का पुराना सहयोगी रहा है।

FIR कॉपी का अंश

FIR में बताया गया है कि 15 अप्रैल 2023 को अतीक अहमद की हत्या होने के अगले दिन शाइस्ता और उसका शूटर साबिर वेश बदल कर प्रयागराज आए थे। उनके रुकने का इंतज़ाम आतिन जफ़र ने ही अपने घर पर करवाया था। शाइस्ता अपने शौहर अतीक के जनाजे में शामिल होना चाहती थी, लेकिन पुलिस की सरगर्मी देख उसने प्लान बदल लिया। 17 अप्रैल को शाइस्ता और साबिर आतिन के घर से कहीं और चले गए।

FIR में इस बात का भी जिक्र है कि 2 मई को शाइस्ता द्वारा शूटर साबिर को फिर से मोहम्मद आतिन के घर भेजने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने दबिश दी, लेकिन साबिर भाग निकला। मोहम्मद आतिन को पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने आतिन का मोबाइल जब्त कर लिया है। आतिन पर अपराधी को शरण देने की धारा IPC 216 के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास FIR की कॉपी मौजूद है।

गौरतलब है कि 24 फरवरी 2023 को उमेश पाल की हत्या उनके घर के पास कर दी गई थी। शाइस्ता और शाबिर दोनों उमेशपाल की हत्या में वांछित हैं। दोनों पर पुलिस ने 5-5 लाख का इनाम घोषित कर रखा है। अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल 2023 को 3 शूटरों ने पुलिस कस्टडी में हत्या कर दी थी।

पेशावर में फहराया केसरी झंडा, अफगानिस्तान भाग गया दुर्रानी: वो युद्ध जिसके बाद अटक से कटक तक फैला मराठा साम्राज्य

मराठाओं के अदम्य साहस का परिचय इतिहास के पन्नों में स्वर्ण स्याही से दर्ज है। उनके शूरता का ही परिणाम था कि अफगानिस्तान की सीमा तक भगवा पताका लहरा सका और दुर्रानी साम्राज्य का दम निकल गया। मराठाओं ने यह युद्ध पेशावर की धरती पर 8 मई 1758 को नानासाहेब पेशवा के छोटे भाई रघुनाथराव और मल्हारराव होल्कर के नेतृत्व में लड़ा था और ऐतिहासिक जीत हासिल की थी।

पेशावर के युद्ध से इससे पहले अधिकांश मध्य और पूर्वी भारत भी उनके ही नियंत्रण में था। लेकिन इस विजय के बाद उनका साम्राज्य ‘अटक से कटक’ तक फैल गया था।

पुणे की सीमा से लगभग 2000 किलोमीटर दूर हासिल पेशावर के इस युद्ध में हासिल विजय ने मराठाओं के कीर्ति को दूर तक पहुँचाने में बहुत बड़ा योगदान दिया था। इस बड़ी जीत को अपने नाम करने से मात्र दस दिन पहले (28 अप्रैल 1758) मराठाओं ने अटक का युद्ध जीतकर वहाँ भी केसरी झंडा फहरा दिया था।

अटोक पर जीत मराठाओं के साम्राज्य विस्तार के लिए महत्तवपूर्ण पल था। मगर, बावजूद इसके अफगानिस्तान की सीमा पर बजे विजयनाद ने मराठाओं के यश को कोने-कोने तक फैला दिया।

यूँ तो इस युद्ध में लड़ने वाले हर मराठा योद्धा ने अपने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया था। लेकिन उनका नेतृत्व करने वाले नानासाहेब पेशवा के छोटे भाई रघुनाथराव और मल्हारराव होल्कर का नाम इस जीत के साथ ही इतिहास के पन्नो में अमर हो गया। इस दौरान इरान के शाह ने भी दुर्रानी साम्राज्य को कुचलने के लिए रघुनाथराव का समर्थन किया था।

बात शुरू होती है 1707 से, 1707 में औरंगजेब के मरने के बाद देश में मराठाओं का विस्तार हो रहा था। इनमें मराठाओं के पाँच बड़े राजवंश थे। पुणे के पेशवा, नागपुर के भोसले, बड़ौदा के गायकवाड़, इंदौर के होल्कर और उज्जैन के सिंधिया।

1526 में बाबर के हमले के भारत में करीब 200 साल बाहर से हमला नहीं हुआ। लेकिन 1738-1739 में नादिर शाह के बाद ये सिलसिला दोबारा शुरू हुआ। लेकिन, 1747 में नादिर शाह की मृत्यु के बाद उसका एक सेनापति अहमद शाह अब्दाली सामने आया। जिसने नादिर की मौत होते ही अपना दुर्रानी नाम से अलग साम्राज्य बना लिया। और यही से अस्तित्व में आया अफगानिस्तान। 

साम्राज्य बनाने के अब्दाली की नीति भारत के लिए बिलकुल वैसी ही थी, जैसे महमूद गजनी की थी। यानी लूटकर अपने देश का खजाना भरना और दूसरे इलाकों पर कब्जा करना।

अब्दाली ने दिल्ली पर सबसे पहला हमला 1748 में किया था। लेकिन दिल्ली पहुँच नहीं पाया और बीच में ही हार का मुँह देखकर वापस लौट गया। पर यहाँ उसके इरादे पस्त नहीं हुए। वे हमले करता रहा, 1749 में उसने दूसरा आक्रमण किया, 1751 में तीसरा, 1752 में चौथा।

इस बीच में पाकिस्तान में वह मुल्तान और लाहौर को मुगलों से छीन चुका था। जिसके कारण मुगल घबरा गए और उन्होंने 1752 में मराठाओं से अहमदिया संधि की। जिसके बाद सतलज के दक्षिण में मराठाओं का दबदबा बढ़ गया और उनपर वहाँ कोई बड़ी चुनौती शेष नहीं थी। पर मराठाओं की नजर पंजाब पर थी और अफगान के निशाने पर भी वही था। ऐसे में दोनों के बीच में देर-सवेर पंजाब को लेकर झगड़े शुरु हो गए और आगे जाकर इन्हीं झगड़ों ने बड़ा रूप लिया।

जब 1758 में पेशावर का युद्ध हुआ। उस समय पेशावर के किला में तैमूर शाह दुर्रानी और जहान खान रहते थे। मगर मराठाओं की सेना से हारने के बाद वे वहाँ से भाग खड़े हुए और अफगानिस्तान चले गए। परिणामस्वरूप पंजाब, उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत और कश्मीर में, मराठा यहाँ प्रमुख खिलाड़ी बने।

इसके बाद मराठा सेना के मुख्य सेनापति मल्हार राव होल्कर पेशावर में 3 महीने तक रहे जिसके बाद उन्होंने तुकोजी राव होल्कर को 10 हजार मराठा सैनिकों के साथ अफगान से पेशावर के किले की रक्षा करने का जिम्मा सौंप दिया। मगर, शायद पेशावर के संरक्षण में इतनी सेना काफी नहीं थी क्योंकि दुर्रानी की सेना ने 1759 में दोबारा इसपर कब्जा कर लिया।

हाथ जोड़ती हिजाब वाली लड़की, ‘हिंदू दोस्त’ का नंबर माँगती भीड़… सोशल मीडिया में 2 Video वायरल, जयपुर की बताई जा रही घटना

सोशल मीडिया में दो वीडियो वायरल हैं। दोनों राजस्थान की राजधानी जयपुर के बताए जा रहे। एक वीडियो में हिजाब वाली लड़की को कुछ लोग घेरे दिख रहे हैं। वह हाथ जोड़ रही है पर भीड़ उसके ‘हिंदू दोस्त’ का नंबर माँग रही है। दूसरे वीडियो में एक बुर्के वाली लड़की एक सड़क से गुजरती दिख रही है। कुछ लोगों का समूह लगातार उसका पीछा कर रहा है। इसमें कई नाबालिग भी दिख रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि ‘हिंदू दोस्त’ से बात करने पर उसके साथ यह सलूक किया गया।

ऑपइंडिया इन वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता। लेकिन इनमें से एक वीडियो पर संज्ञान लेने की बात जयपुर पुलिस ने रविवार (7 मई 2023) को ट्वीट कर कही है। 30 सेकेंड का यह वीडियो जयपुर के घाटगेट का बताया जा रहा है। 6 मई को इसे ट्विटर यूजर @warriorbeast73 ने जयपुर पुलिस और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को टैग करते हुए शेयर किया है। यूजर ने हैश टैग #bhagwalovetrap के साथ इसे शेयर किया है। लिखा है कि हिंदू दोस्त के साथ होने पर महिला की मुस्लिमों ने परेशान किया। वीडियो बनाया, जबकि वह ऐसा नहीं करने की गुजारिश कर रही थी।

वीडियो में आप देख सकते हैं कि बुर्के वाली लड़की को कुछ लोग घेरकर खड़े हैं। भीड़ में शामिल कुछ लोग इस्लामी टोपी में भी दिख रहे हैं। लड़की से साथ दिखे लड़के का नंबर माँगा जा रहा है। लड़की हाथ जोड़कर वीडियो न बनाने की गुजारिश करती है। इसके जवाब में भीड़ में से एक व्यक्ति कहता है, “वीडियो तो बनेगी, नंबर दे दो या तो।” इस मामले में जयपुर पुलिस ने मामले को संबंधित अधिकारियों को भेजने की बात कही है। हालाँकि यह वीडियो कब का और कहाँ का है, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दूसरा वायरल वीडियो भी जयपुर का ही होने का दावा किया जा रहा है। कुछ नेटीजेंस ने इसे रंगगंज मीना बाजार का तो कुछ इसे मुस्लिम बाहुल्य रामगंज का बता रहे हैं। इस वीडियो में सड़क से गुजर रही बुर्के वाली महिला को घेर कर भीड़ साथ चल रही है। इस भीड़ में कई नाबालिग भी हैं जो महिला पर फब्तियाँ कस रहे हैं। सड़क से गुजर रहे आसपास के अन्य लोग तमाशबीन बने हुए हैं। इस वीडियो के लिए भी दावा किया जा रहा है कि हिंदू दोस्त से बातचीत करने पर मुस्लिम भीड़ महिला को परेशान कर रही है। वैसे इस वीडियो को लेकर भी किए जा रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

हालाँकि इस वीडियो के भी स्थान और समय की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।

गौरतलब है किहाल में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जब मुस्लिम महिला को इस्लामी भीड़ ने हिंदुओं के साथ दिखे जाने पर प्रताड़ित किया है। अप्रैल 2023 में अहमदाबाद के जुहापुरा इलाके से भी इसी तरह का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक लड़के के साथ खड़ी मुस्लिम लड़की को कुछ कट्टरपंथी डांट रहे थे। एक अन्य वीडियो UP के मेरठ से वायरल हुआ था, जहाँ एक पार्क में एक लड़के के साथ खड़ी हिजाब पहने एक लड़की को कुछ युवक वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहे थे। इसी माह महाराष्ट्र के संभाजी नगर में एक लड़के के साथ घूम रही एक मुस्लिम लड़की को कट्टरपंथियों द्वारा प्रताड़ित करने का वीडियो वायरल हुआ था। लड़की का हिजाब खींचने की कोशिश भी की गई थी।

वसुंधरा राजे ने अशोक गहलोत को बताया झूठा, कहा- सबसे ज्यादा मुझे ही अपमानित किया: राजस्थान के CM ने काॅन्ग्रेसी सरकार बचाने में मदद का किया था दावा

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दिए हालिया बयान पर बवाल है। उन्होंने कहा कि 2020 में जब सचिन पायलट सहित कुछ विधायक विद्रोह पर आ गए थे तब उन्हें भाजपा नेता वसुंधरा राजे का साथ मिला था। अब इसी बयान को लेकर राजे ने दावा किया है कि सीएम गहलोत झूठ बोल रहे हैं और ये उनका कोई षड्यंत्र है। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह पर लगाए गए आरोपों के कारण भी गहलोत पर निशाना साधा।

राजे ने कहा, “अशोक गहलोत ने जितना अपमान मेरा किया है उतना किसी का नहीं किया तो फिर मैं गहलोत की मदद कैसे कर सकती हूँ।” राजे ने कहा कि गहलोत ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वह 2023 में मिलने वाली हार से भयभीत हो गए हैं

बता दें कि अशोक गहलोत ने धौलपुर के कार्यक्रम में राजे को लेकर अपना बयान दिया था। इस दौरान गहलोत ने कहा था, “जब वे कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष थे तो उन्होंने राज्य में भैरोंसिंह शेखावत के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को गिराने से मना कर दिया था। इसी तरह 2020 की बगावत के वक्त वसुंधरा राजे और मेघवाल ने कहा था कि राजस्थान में धन-बल के बूते चुनी हुई सरकारें गिराने की कोई परंपरा नहीं है।”

अशोक गहलोत ने यह भी कहा था, “मैं चाहता तो भैरों सिंह की सरकार गिरा सकता था। मैंने यह गलत काम नहीं किया। जो आदमी बीमार है, वह अमेरिका में इलाज करवा रहा है, उसकी हालत बहुत गंभीर थी और उनकी पार्टी के नेता उनके पीछे ही उनकी सरकार गिराने की साजिश कर रहे थे।”

इस दौरान उन्होंने अमित शाह पर निशाना साधते हुए पैसों की लेन-देन के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि अमित शाह, गजेंद्र सिंह शेखावत और धर्मेंद्र प्रधान ने मिलकर उनकी सरकार गिराने की साजिश रची थी। उन्होंने राजस्थान में पैसा बाँटा था और अब वह उसे वापस नहीं ले रहे। गहलोत ने कहा था, “भाजपा के लोग तीन राज्यों में सरकार गिरा चुके हैं। ऐसे में मैंने अपने विधायकों को कहा था कि जिन लोगों ने शाह से 15 करोड़ रुपए लिए हैं वो लौटा दें। अगर 2 करोड़ खर्च भी हो गया है तो वो उसे AICC से दिलवा देंगे।”

गृहमंत्री अमित शाह पर लगाए सारे आरोपों पर वसुंधरा राजे ने कहा, “उन्होंने उस गृहमंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया है, जिनकी ईमानदारी और सत्य निष्ठा सर्व विदित है।” राजे ने कहा कि रिश्वत लेना और देना दोनों अपराध हैं, यदि उनके विधायकों ने पैसा लिया है तो एफआईआर दर्ज करवाएँ। सच तो यह है कि अपनी ही पार्टी में हो रही बग़ावत और रसातल में जाते जनाधार के कारण बौखलाहट में उन्होंने ऐसे झूठे आरोप लगाए हैं।

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकों की ख़रीद फ़रोख़्त में तो अशोक गहलोत स्वयं महारथी हैं। उन्होंने 2008 और 2018 में अल्पमत में होने के बाद यही काम किया था। उस वक्त न भाजपा को बहुमत मिला था और न ही कॉन्ग्रेस को। उस समय चाहते तो हम भी सरकार बना सकते थे, पर यह भाजपा के सिद्धांतों के खिलाफ था। मगर तब गहलोत ने अपने लेन देन के माध्यम से विधायकों की व्यवस्था कर दोनों समय सरकार बनाई थी। वे 2023 के चुनाव में होने वाली ऐतिहासिक हार से बचने के लिए ऐसी मनगढ़ंत कहानियाँ गढ़ रहें है,जो दुर्भाग्य पूर्ण है पर उनकी ये चाल कामयाब होने वाली नहीं है।

50+ लड़कियों को फँसाने वाला सैयद शाह खावर अली गिरफ्तार, मैट्रिमोनियल साइट से चुनता था शिकार: यौन शोषण-लूटकर हो जाता था फरार

राजस्थान की सांगानेर पुलिस ने 27 साल के सैयद शाह खावर अली को गिरफ्तार किया है। वह मैट्रिमोनियल साइट के जरिए लड़कियों को फँसाता था। उनका यौन शोषण करता। फिर उन्हें लूटकर फरार हो जाता। अलग-अलग राज्यों की 50 से अधिक लड़कियाँ उसकी शिकार बताई जा रही है। लड़कियों से वह कभी सुप्रीम कोर्ट का वकील तो कभी सिंगापुर का बिजनेसमैन बनकर संपर्क करता। मूल रूप से वह हरियाणा के अंबाला का रहने वाला है।

उसके खिलाफ शनिवार (6 मई 2023) को जयपुर के सांगानेर थाना क्षेत्र के शांति विहार की एक युवती ने शिकायत दी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शिकायत में पीड़िता ने बताया कि उसने शादी के लिए मैट्रिमोनियल साइट पर अपना डाटा डाला था। इसी साइट के जरिए सैयद शाह अली उसके संपर्क में आया। उसने खुद को सिंगापुर का बिजनेसमैन बताया। यह भी कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट में वकालत भी करता है। कुछ दिनों की बातचीत के बाद वह 27 अप्रैल 2023 को पीड़िता से मिलने जयपुर आया।

बताया जा रहा है कि 6 मई तक सैयद अली बहाने बनाकर जयपुर में ही रुका रहा। शनिवार को वह लड़की से मिलने उसके फ़्लैट पर गया। उसने सोने का कड़ा बनवाने का झाँसा दे गहने रखने की उसकी जगह देखी। फिर उसी दिन लड़की को बहाने से फ़्लैट से बाहर भेजकर उसके गहनों पर हाथ साफ कर दिया। गहनों के अलावा उसने लड़की की आलमारी से कुछ कैश और महँगी घड़ी भी चुरा ली। इसके बाद अर्जेन्ट काम बताकर वहाँ से रफूचक्कर हो गया।

ठगी की आशंका पर लड़की ने पहले सैयद अली को फोन किया। उसने पहले चोरी से मना किया फिर कुछ देर बाद अपना फोन बंद कर लिया। इसके बाद लड़की ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर सैयद शाह अली को गिरफ्तार कर लिया। पलिस पूछताछ में उसने 50 से ज्यादा लड़कियों को अपना शिकार बनाने की बात कबूली है। वह लड़कियों को मीठी-मीठी बातों से अपने झाँसे में लेता था और बाद में उनका यौन शोषण करता था। लड़की का भरोसा हासिल करने के बाद उनके कीमती सामान चुरा कर फरार हो जाता था।

पुलिस जाँच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि सैयद अली का एक पुराना घर दिल्ली के लाजपत नगर में भी है। वह इसी पते से सिम जारी करवाता है। उसके द्वारा यौन शोषण और ठगी की शिकार लड़कियाँ दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, केरल और उत्तराखंड से हैं। वह इसी तरफ के एक मामले में पहले भी दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अन्य राज्यों से भी उसके खिलाफ सबूत जुटा रही है।

‘संघी, कु%^#… साँप’ : बजरंग पूनिया की इंस्टा स्टोरी में ‘बजरंग बली’ को देख भड़के वामपंथी-इस्लामी कट्टरपंथी, पहलवान ने डिलीट किया पोस्ट

जंतर-मंतर पर बैठकर WFI चीफ बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की माँग करने वाले पहलवान बजरंग पूनिया से रविवार (7 मई 2023) को वामपंथी-कट्टरपंथी नाराज हो गए। दरअसल, 7 मई 2023 को पूनिया ने इंस्टा स्टोरी पर बजरंग दल के समर्थन में ‘हनुममान जी’ की फोटो लगाई थी। इस फोटो के नीचे लिखा था- “मैं बजरंगी हूँ। बजरंग दल का समर्थन करता हूँ। जय श्रीराम।”

यही फोटो देखने के बाद वामपंथी-कट्टरपंथी गिरोह के कई लोग उनपर भड़क गए। उन्हें ‘धर्मांध’ कहा जाने लगा। उनकी स्टोरी के स्क्रीनशॉट शेयर कर करके लिखा जाने लगा कि वह लोग जिसे सपोर्ट कर रहे हैं, वह बजरंग दल का समर्थक है। बजरंग पूनिया को एक पोस्ट के चलते इतना ट्रोल किया गया कि बाद में उन्होंने अपनी स्टोरी डिलीट कर दी।

बता दें कि बजरंग पूनिया जंतर-मंतर पर बैठे उन नामी पहलवानों में से एक हैं जो इस समसय बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। उनके प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी से लेकर कॉन्ग्रेसियों का समर्थन मिला हुआ है। इस बीच पूनिया का एक पोस्ट देखते ही सब बिदक गए। बड़े-बड़े ट्विटर अकॉउंट ने उन्हें इस स्टोरी लगाने पर पाठ पढ़ाया।

रेडियो मिर्ची आरजे सायमा ने कहा, “सच में! तुमको सच में निर्णय लेना होगा बजरंग पूनिया कि तुम ऐसा मारकाट वाला समाज चाहते हो या फिर शांति वाला।”

शिरीन खान ने तो बजरंग पूनिया के लिए लिखा- ऐसे सांपों को समर्थन देने वालों को भी शर्म आनी चाहिए।

डॉ निमो यादव ने लिखा कि भले ही बजरंग पूनिया ने अपने इंस्टा से इस स्टोरी को हटा दिया है लेकिन उन्हें सामने आकर माफी माँगनी चाहिए। निमो यादव ने लोगों से अपील की कि जब बजरंग पूनिया के हैशटैग में बिलकुल भी उसका साथ न दें।

इतना ही नहीं निमो यादव के ट्वीट में कहा गया, “बजरंग पूनिया अपने आकाओं को खुश करने के लिए 2020 से पहले सांप्रदायिक पोस्ट करता था। 2 दिन पहले आकर रोने लगा कि भाजपा सांसद ने यौन उत्पीड़न किया। आज वो फिर बजरंग दल की फोटो लगा रहा है और भाजपा समर्थित पोस्ट शेयर कर रहा है। मैंने पहले ही कहा था एक धर्मांध, हमेशा धर्मांध रहता है।”

मोहम्मद आसिफ ने बजरंग पूनिया का पुराने ट्वीट दिखाया जो साल 2020 में किया गया था। इसमें लिखा है- “एक कुत्ता भी एक दिन रोटी खाकर आपका वफादारा बन जाता है लेकिन कुछ इंसान देश का अनाज जन्म से खा सके हैं फिर भी वफादार नहीं हो पाए।”

मोहम्मद आसिफ ने पुराने ट्वीट दिखाते हुए कहा, “ये सारे ट्वीट उनके लिए हैं जो जंतर-मंतर पर बैठे संघी पहलवानों को समर्थन कर रहे हैं।”

उल्लेखनीय है कि बजरंग पूनिया का यह पोस्ट कर्नाटक में कॉन्ग्रेस के घोषणा पत्र जारी होने के बाद ‘बजरंग दल’ के समर्थन में आया था। लेकिन जैसे ही वामपंथी-कट्टरपंथी इसका विरोध करने लगे तो इसे हटा लिया गया। अब ये लोग कह रहे हैं कि बजरंग पूनिया के पोस्ट डिलीट करने से काम नहीं चलेगा उन्हें इस पर माफी भी माँगनी चाहिए।

‘झाँसा देकर पहले करवाया धर्मांतरण, फिर किया निकाह… बच्चा होने पर छोड़कर भागा’: लव जिहाद पीड़िता ने सुनाई ‘बचपन के दोस्त’ की करतूत

लड़कियों को फँसाकर उनका धर्मांतरण कराना और फिर उन्हें आतंकी संगठनों की ‘सेक्स स्लेव’ बनाना इस्लामी कट्टरपंथियों की साजिश का हिस्सा है। इस मुद्दे पर बनी फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ (The Kerala Story) की हर तरफ चर्चा है। इस बीच लव जिहाद की शिकार हुई एक लड़की ने कट्टरपंथियों की साजिश का चिट्ठा खोला है।

इस्लामवादियों के लव जिहाद और धर्मांतरण षड्यंत्र का शिकार हुई पीड़िता का नाम बेल्ला है। वह केरल के कोझीकोड जिले के कन्नौद की रहने वाली हैं। बेल्ला ईसाई धर्म को मानती हैं। एबीपी न्यूज से हुई बातचीत में उन्होंने आपबीती सुनाई है। उन्होंने जिस लड़के ने उन्हें अपना शिकार बनाया, वह उनका बचपन का दोस्त था। दोनों स्कूल में साथ पढ़ते थे।

बेल्ला ने कहा है कि उसके दोस्त ने उसका ब्रेनवॉश किया और धर्मांतरण के लिए तैयार कर लिया। धर्मांतरण के बाद वह शाहीना बना दी गई थीं। इन सबके पीछे उनका बचपन का दोस्त शाहजहाँ था, जो बाद में उनका शौहर भी बना। बेल्ला कहती हैं कि शाहजहाँ ऐसे बात करता था कि कोई भी लड़की उसके झाँसे में आ जाती।

बेल्ला कहा है कि शाहजहाँ के साथ रिलेशनशिप में आने के बाद वह उसके झाँसे में आ गईं। शाहजहाँ ने उन्हें इस्लामी रहन-सहन और महजब मे शिक्षा दिलाने के लिए साल 2015 में तर्बियतउल इस्लाम सभा (इस्लामी सेंटर) में ले गया। उस दौरान शाहजहाँ ने बेल्ला से कहा कि अगर तर्बियत में कोई पूछे तो कहना कि वह अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल करना चाहती है।

बेल्ला ने आगे कहा है कि यदि वह यह कह देतीं कि इस्लाम अपनाना उनकी मर्जी नहीं तो उन्हें तर्बियत में रहने नहीं दिया जाता। इसलिए उन्होंने वही किया, जो उन्हें शाहजहाँ ने कहा था। तर्बियत में उन्हें इस्लाम अपनाने को लेकर शिक्षा दी गई और फिर शहादत का कलमा पढ़वाया गया। इसके बाद सभी लोगों को सिर से लेकर पाँव तक नहलाया गया। इसके बाद उन्हें कहा गया कि वह मुस्लिम बन गई हैं।

बेल्ला बताती हैं कि तर्बियत में आए सभी लोगों को 2 महीनों तक वहाँ रहना पड़ता। इस दौरान उन्हें इस्लाम का पूरा इतिहास पढ़ाया जाता। नमाज से लेकर निस्कारा तक के बारे में उन्हें हर चीज सिखाई गई। बेल्ला ने बताया कि वह तर्बियत में 2 महीने नहीं रहीं, बल्कि 1 ही सप्ताह में वापस आ गईं। इसमें उन्हें फातिहा, निस्कारा के साथ 5 तरह की नमाज पढ़ने के बारे में सिखाया गया।

बेल्ला ने कहा है कि सुहबी (फजर)… जोहर, असर, मगरिब, इशा की नजाम पढ़नी होती थी। सुहबी दो बार पढ़नी होती थी। जोहर चार बार, असर चार बार, मगरिब तीन बार और इशा चार बार पढ़नी होती थी। इसी तरह निस्कारा करना होता था। बेल्ला ने कहा है कि जब वह तर्बियत में थीं, तब शाहजहाँ उनके साथ नहीं था।

बेल्ला ने खुलासा करते हुए कहा है कि जब वह तर्बियत गई थीं तो वहाँ पहले से ही 20 लड़कियाँ मौजूद थीं। सभी को उनकी ही तरह शिकार बनाकर यहाँ लाया गया था। तर्बियत से वापस आने के बाद उन्होंने शाहजहाँ से निकाह कर लिया, लेकिन उनके पास इसका न तो कोई सबूत है और न ही कोई कागजात।

इसके कुछ दिन बाद जब उनकी डिलीवरी हुई तो उन्हें पता चला कि वह शाहजहाँ की पहली नहीं, बल्कि 4 बीवी थीं। हालाँकि इसके बाद साल 2022 में शाहजहाँ उन्हें छोड़कर चला गया। यह सब तब हुआ, जब उनकी शादी के 7 साल पूरे हो चुके थे। बेल्ला ने बताया कि वह अपने बच्चे और अपनी माँ के साथ रह रही हैं।

‘इस्लाम को बदनाम कर रहा है’: ‘The Kerala Story’ का स्टेटस लगाने पर बजरंग दल कार्यकर्ता को सिर कलम करने की धमकी, अली-अमन-पिंटू ने की मारपीट

राजस्थान के जोधपुर (Jodhpur, Rajasthan) में फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ (The Kerala Story) का स्टेटस लगाने पर अभिषेक सरगरा नामक व्यक्ति के साथ कथित रूप से मारपीट की गई है। उसे सिर कलम करने की भी धमकी दी गई। अभिषेक बजरंग दल का कार्यकर्ता है। पीड़ित ने आरोपित अली, अमन और पिंटू के खिलाफ नामजद एफआईआर कराई है।

मामला जोधपुर के उदयपुर थाना क्षेत्र का है। भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित अभिषेक सरगरा का कहना है कि वह शुक्रवार (5 मई 2023) को ‘द केरला स्टोरी’ देखने के लिए थिएटर गया था। फिल्म देखने के बाद उसने फिल्म का पोस्टर अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाया था। फिल्म की सराहना करते हुए उसने लिखा कि यह बहुत अच्छी फिल्म है और (इस्लामिक) धर्मांतरण से सुरक्षित रहने के लिए दुनिया की हर लड़की को इसे देखना चाहिए।

शनिवार (6 मई 2023) की रात वह अपने घर जा रहा था। इसी दौरान काली टंकी, मेड़ती गेट के पास अली, अमन और पिंटू ने उसका रास्ता रोक लिया। उन लोगों ने अभिषेक से कहा, “तुमने स्टेटस क्यों लगाया? तुम हमारे महजब को बदनाम कर रहे हो?” इस पर अभिषेक ने कहा कि उसने जो स्टेटस लगाया है, उस पर गलत क्या है? पीड़ित अभिषेक ने आगे कहा है कि उन लोगों ने फोन दिखाने के लिए कहा। उस समय उसका फोन घर पर चार्ज हो रहा था। इसलिए वह अपना स्टेटस दिखाने के लिए उन लोगों को घर ले आया।

इसके बाद जब उसने अपना स्टेस्ट आरोपितों को दिखाया तो उन लोगों ने अभिषेक के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। यही नहीं अली, अमन और पिंटू ने उसे सिर कलम करने की भी धमकी दी। पीड़ित का कहना है कि उसके स्टेटस में कुछ भी गलत नहीं था। किसी की मजहबी भावनाओं को ठेस पहुँचाने का भी उसका इरादा नहीं था। स्टेस्ट में सभी को ‘The Kerala Story’ देखने के लिए कहा गया था।

विहिप, बजरंग दल ने थाने पहुँच की कार्रवाई की माँग…

इस घटना के बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उदय मंदिर थाने पहुँचकर आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई की माँग की। विहिप नेता जितेंद्र शर्मा ने कहा है कि वह आरोपितों को उन्हीं की भाषा में जवाब देंगे। वहीं, पुलिस मामले की जाँच कर कार्रवाई करने की की बात कर रही है। अब तक तीनों ही आरोपित पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।