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‘पुलवामा में शहीदों को मरवा कर PM मोदी ने माँगे वोट’: कॉन्ग्रेस नेता उदित राज की आपत्तिजनक टिप्पणी, पटना हाईकोर्ट के जज को भी बताया ‘जातिवादी’

कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने प्रधानमंत्री के साथ-साथ न्यायपालिका पर भी विवादित बयान दिया है। उन्होंने शुक्रवार (5 मई, 2023) को की गई एक ट्वीट में लिखा, “पुलवामा में शहीदों को मरवाकर मोदी जी ने उन्हीं के नाम पर वोट माँगा था। कर्नाटक में बजरंग बली के नाम पर मोदी जी ने वोट माँगा है। सत्ता के लिए कुछ भी! भगवान को तो बख्श दो!” बता दें कि पुलवामा में आतंकी हमले में 40 भारतीय जवान बलिदान हुए थे।”

इसके अलावा उदित राज ने शुक्रवार को ही न्यायपालिका पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने लिखा, “पटना हाईकोर्ट के जज जातिवादी हैं। ये कैसे जाति जनगणना पर रोक लगा सकते हैं। क्या चुनी हुई सरकार की भूमिका यही निभाएँगे?” बता दें कि बिहार सरकार 500 रुपए खर्च कर के जाति जनगणना करा रही है, जिसके खिलाफ पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर कर के इसे लोगों की जनता का उल्लंघन और करदाताओं के पैसे की बर्बादी बताया गया था।”

पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए इस पर त्वरित रूप से रोक लगा दी। अब इसके बाद न्यायपालिका पर टिप्पणी करते हुए ‘Unorganized Workers & Employees Congress (KKC)’ के अध्यक्ष उदित राज ने जजों को ही जातिवादी करार दिया है। वहीं पुलवामा पर उन्होंने पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा फैलाए गए प्रोपेगंडा को आगे बढ़ाते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की है। भागलपुर के कॉन्ग्रेस विधायक अजित शर्मा ने भी ऐसा ही बयान दिया था।

प्रधानमंत्री और न्यायपालिका पर कॉन्ग्रेस नेता उदित राज की आपत्तिजनक टिप्पणी

हाल ही में ये पहला मौका नहीं है, जब उदित राज ने इस तरह के बयान दिए हों। मनरेगा के नाम पर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के आयोजन के बाद उन्होंने अपनी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था,  “जो भी मोदी भक्त होगा, मारा जाएगा।” 2014 में भाजपा के ही टिकट पर नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली से सांसद चुने गए उदित राज का 2019 में टिकट कट गया था, जिसके बाद उन्होंने कॉन्ग्रेस का दामन थाम लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उलूल-जलूल बकने लगे। 

‘पाकिस्तान आतंकी इंडस्ट्री का प्रवक्ता, पीड़ित और शोषक साथ नहीं बैठ सकते’: बिलावल भुट्टो के सामने ही S जयशंकर ने Pak को लताड़ा, चीन को भी चेताया

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में बैठक के दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की पाकिस्तान के साथ कोई वार्ता नहीं हुई। जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान को आतंकी इंडस्ट्री का प्रवक्ता बताया और कहा कि पीड़ित और साजिशकर्ता साथ नहीं बैठ सकते। बता दें कि सीमा पार आतंकवाद से भारत दशकों से पीड़ित है।

बैठक की औपचारिक शुरुआत से पहले जयशंकर ने सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों का नमस्ते की मुद्रा में गर्मजोशी से स्वागत किया। हालाँकि, बिलावल भुट्टो को भी उन्होंने हाथ जोड़कर स्वागत किया, लेकिन उसमें गर्मजोशी नहीं दिखी। उन्होंने उनसे हाथ भी नहीं मिलाया। इसके जवाब में बिलावल ने भी जयशंकर को नमस्ते किया।

इसको लेकर पाकिस्तान में बिलावल की खूब आलोचना हो रही है। विपक्षी पार्टियाँ उन पर हमलावर हैं। हालाँकि, बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा, “आयोजन में जैसा व्यवहार दूसरे विदेश मंत्रियों के साथ रहा, वैसा ही हमारे साथ भी हुआ। सिंध में हम एक-दूसरे का स्वागत ऐसे ही करते हैं। इसे ‘सभ्य’ कहते हैं।”

प्रेस वार्ता के दौरान बिलावल ने एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा। उन्होंने कहा, “कश्मीर में जी-20 का आयोजन करना भारत के घमंड को बताता है। यह दिखाता है कि किस तरह अंतरराष्ट्रीय नियमों और सुरक्षा परिषद प्रस्तावों को दरकिनार करके वह आगे बढ़ रहा है।” 

बिलावल की मौजूदगी में ही विदेश मंत्री जयशंकर ने पाकिस्तान को खूब खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न था, है और रहेगा। पाकिस्तान की विश्वसनीयता लगातार घट रही है। वह आतंक की इंडस्ट्री का प्रवक्ता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के पीड़ित और पोषण करने वाले एक साथ नहीं बैठ सकते। 

विदेश मंत्री ने कहा कि देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की तरह ही जम्मू-कश्मीर भी है, जहाँ जी-20 की बैठकें हो रही हैं। इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ जी-20 और श्रीनगर मुद्दा है ही नहीं। पाकिस्तान के साथ सिर्फ और सिर्फ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) ही मुद्दा है।

इस दौरान चीन को भी संदेश देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “चीन और पाकिस्तान के साथ हमारे रिश्ते सामान्य नहीं हैं। सीमा पर हालात सुधरने तक ये रिश्ते सामान्य हो भी नहीं सकते।” SCO की बैठक में पाकिस्तान-चीन के बीच तथाकथित कॉरिडोर को लेकर जयशंकर ने दो बार बोला। उन्होंने कहा कि विकास के लिए कनेक्टिविटी किसी की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन नहीं कर सकती। 

‘आप सब की भावनाओं का अपमान नहीं कर सकता’: NCP अध्यक्ष बने रहेंगे शरद पवार, वापस लिया अपना इस्तीफा, प्रेस कॉन्फ्रेंस से नदारद रहे भतीजे अजित पवार

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार ने NCP (राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी) के अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। भारत सरकार में कृषि और रक्षा मंत्री रह चुके शरद पवार ने कहा कि वो कार्यकर्ताओं की भावनाओं का अपमान नहीं कर सकते। हालाँकि, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके भतीजे अजित पवार नहीं दिखे। इस पर NCP नेता जयंत पाटिल ने कहा कि शरद पवार को इस्तीफा वापसी के लिए मनाने वाले नेताओं में अजित पवार भी शामिल थे।

उन्होंने कहा कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में ज़्यादा लोगों को नहीं पता था और उन्हें भी इसके बारे में देर से जानकारी मिली। शरद पवार ने नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए एक कमिटी बनाई थी, लेकिन उनका कहना है कि इस कमिटी ने उन्हें पद पर बने रहने के लिए कहा है और इसीलिए वो अपना फैसला वापस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श के बाद उन्होंने ये निर्णय लिया। उन्होंने अजित पवार की अनुपस्थिति पर कहा कि कुछ लोग यहाँ हैं और कुछ नहीं हैं।

82 वर्षीय नेता ने कहा कि कौन उपस्थित है और कौन नहीं, ये सवाल ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं की भावनाओं और प्यार के कारण उन्होंने अपना फैसला बदला है। NCP के दफ्तर के बाहर ‘एकच साहेब’ का नारा लगाते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमा होकर पटाखे भी फोड़े। उधर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे और बेटे तेजस ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की, जिसके बाद राज्य का राजनीतिक माहौल गर्म है।

शरद पवार ने कहा कि देश भर में उन्हें चाहने वालों ने उन्हें अपना इस्तीफा वापस लेने को मजबूर किया है। याद दिलाते चलें कि भतीजे अजित पवार के बगावती तेवर के चर्चों के बीच शरद राव ने इस्तीफे का ऐलान किया था। 1999 में कॉन्ग्रेस से टूट कर बनी NCP में पिछले 3 दिनों से शरद पवार के इस्तीफे वाला ड्रामा चल रहा था। शरद पवार ने अब ऐलान किया है कि आने वाले दिनों में वो पार्टी में कुछ बदलाव करेंगे, जिससे अगली पीढ़ी को उत्तराधिकार के लिए मौका मिल सके।

‘मुझे बोला पोटैशियम ऑक्साइड… रमजान में घर पर पोर्क भेजा’ : AltNews वाले मोहम्मद जुबैर ने 16 ट्विटर यूजर्स पर कराई FIR, शिकायत में अजीत भारती का भी नाम

ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने बेंगलुरु में 16 ट्विटर अकॉउंट्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। जुबैर का कहना है कि इन ट्विटर अकॉउंट्स के कारण उसे हत्या की धमकियाँ आ रही हैं। इन 16 यूजर्स में से एक अजीत भारती का अकॉउंट भी है।

जुबैर की शिकायत है कि अजीत भारती ने उसे पोटैशियम ऑक्साइड कहा जिसका फॉर्मूला (K2O) होता है। जुबैर के अनुसार ऐसा कहकर उसे मजहब के आधार पर गाली दी गई है। इसका संबंध खतने होता है।

अजीत भारती के अलावा उसने @Cyber_Huntss नाम के ट्विटर यूजर के विरुद्ध शिकायत दी। जुबैर ने कहा कि @Cyber_Huntss ने उसे पेट फूड वेबसाइट (Pet Food Website) के जरिए रमजान के वक्त पोर्क भेजा और उसकी लोकेशन डिस्कलोज की।

दरअसल, 9 अप्रैल को @Cyber_Huntss ने एक ट्वीट किया था जिसमें बताया गया था कि जुबैर के घर पोर्क जाने के लिए डिस्पैच हो गया है। इस ट्वीट से कथिततौर पर जुबैर का अड्रेस रिवील हो रहा था। इसीलिए उस ट्वीट को प्लेटफॉर्ट से बाद में हटा दिया गया। अब जुबैर ट्विटर यूजर पर कार्रवाई चाहता है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जुबैर ने शिकायत कहा, “पोर्क भेजने की हरकत से मेरी पहचान को निशाना बनाना साफ है, ये मुसलमानों के लिए स्वीकार्य नहीं है। विशेष रूप से रमजान के दौरान प्रतिबंधित मीट भेजना मेरी मजहबी पहचान पर हमला और मेरी गरिमा का अपमान है।”

उसने शिकायत में कहा है कि सोशल मीडिया पर उसके बारे में झूठ और फर्जी बातें फैलाकर, उसकी मुस्लिम पहचान पर हमला करके, लोकेशन की जानकारी देकर… केवल भीड़ को उसके खिलाफ उकसाया गया है। उसकी एफआईआर में अजीत भारती समेत कई लोगों के नाम है।

जुबैर ने कहा है कि इन ट्विटर यूजर्स की हरकतें सिर्फ उसका नुकसान नहीं कराएँगी बल्कि दो समुदायों में नफरत भी बढ़ाएँगी। इस केस को डीजे हल्ली पुलिस थाने में 17 अप्रैल को दर्ज कराया गया था। हालाँकि ये मामला प्रकाश में 4 मई को आया है। केस को आईपीसी की धारा 505, 153ए, 506, 504 के तहत दर्ज किया गया है।

जुबैर ने शिकायत में अजीत भारती के 6 मार्च 2023 के एक पोस्ट का उल्लेख किया है। उसने कहा है कि इसमें उसकी मजहबी पहचान को निशाना बनाकर, ‘जिसका कटा हुआ है’ कहा गया। जुबैर के अनुसार वो एक मुस्लिम है और ऐसा कहने से उसकी मजहबी पहचान को ठेस पहुँची है। इतना ही नहीं, उसने यह भी कहा कि उसे जो पोटैशियम ऑक्साइड कहा गया वो भी उसके लिए अपमानजनक है क्योंकि इसका फॉर्मूला K2O होता है जिसका प्रयोग मुस्लिम पुरुषों को गाली देने के लिए प्रयोग किया जाता है।

बता दें कि 16 ट्विटर यूजर्स के विरुद्ध शिकायत देने वाला मोहम्मद जुबैर अकसर अपने अकॉउंट पर झूठ बताते और नफरत फैलाते पकड़ा जा चुका है। उसी ने नुपूर शर्मा केस में एक टीवी डिबेट से एक छोटी क्लिप लेकर अपने ट्विटर पर शेयर किया था और उसके बाद देश में कितना बवाल हुआ ये किसी से छिपा नहीं है। कन्हैयालाल से लेकर उमेश कोल्हे को शर्मा का समर्थन करने पर मारा गया। जुबैर एक लोनी के एक मामले पर ट्विटर पर झूठ फैला चुका है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर यूक्रेन के सांसद ने रूस के अधिकारी को पीटा, झंडा नोचने पर हुआ आग-बबूला और जड़ दिए कई थप्पड़: तुर्की में मारपीट का वीडियो

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का असर एक अंतरराष्ट्रीय बैठक में देखने को मिला। तुर्की में आयोजित काला सागर आर्थिक सहयोग संसदीय बैठक (PABSEC) के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधि सबके सामने बच्चों की तरह लड़ पड़े। इस दौरान यूक्रेन के प्रतिनिधि ने रूस के प्रतिनिधि को पीट भी दिया।

दरअसल, बैठक के दौरान रूस के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य वालेरी स्टावित्स्की ने यूक्रेनी सांसद ऑलेक्जेंडर मारिकोव्स्की के हाथ से झंडा खींचकर फेंक दिया और आगे बढ़ गए। इसके बाद यूक्रेनी सांसद ने स्टावित्स्की को धक्का देतेे हुए उन्हें कई मुक्के जड़ दिए। इस दौरान युवा यूक्रेनी सांसद ने उम्रदराज रूसी सदस्य के चेहरे पर भी मुक्का मारा।

वहाँ मौजूद लोगों ने दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का बीच-बचाव किया। कुछ देर तक दोनों के बीच कहासुनी भी होती रही। यूक्रेनी सांसद मारिकोव्स्की ने इस घटना का वीडियो पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा ‘रूसी प्रतिनिधि ये पंच डिजर्व करते थे’। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

इस वीडियो को देखकर लगता है कि रूसी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य ने यूक्रेनी झंडे का अपमान किया, जिसके कारण यह झड़प हुई। हालाँकि, इसके पीछे की कहानी कुछ अलग है। दरअसल, यूक्रेन ने उकसावे की कार्रवाई की थी। रूस के प्रतिनिधिमंडल की सदस्य ओल्गा टिमोफीवा एक चैनल को इंटरव्यू दे रही थीं। इस दौरान यूक्रेन के सांसद मारिकोवस्की उनके पीछे आकर खड़े हो गए और यूक्रेनी झंडा लहराने लगे थे।

घटना गुरुवार (4 मई 2023) को तुर्की की राजधानी अंकारा के संसद भवन के एक हॉलवे में हुई। इस झगड़े की तस्वीरें तुर्की की संसद ने अपनी वेबसाइट पर पोस्ट की हैं और संसद के प्रमुख मुस्तफा सेंटोप ने इसके लिए दोनों को कड़ी फटकार लगाई है। मुस्तफा ने कहा, “मैं इस व्यवहार की निंदा करता हूँ, जो शांतिपूर्ण माहौल को बाधित करता है जिसे तुर्की स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।”

इधर, PABSEC की बैठक में 13 देशों के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। इस बीच रूसी ड्रोन यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमला करते रहे। इसके पहले रूस ने कहा था कि यूक्रेन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन की हत्या करने के किए मास्को में स्थित क्रेमलिन पर हमले के लिए मानवरहित कई ड्रेन भेजे थे, जिसे रूस ने मार गिराया था। इसके बाद रूस ने यूक्रेन पर अपने हमले को और तेज कर दिया है।

‘राम जी सोच रहे थे कि एक ही टाइमपास थी, कोई लुगाई उठा कर ले गया’: राजस्थान के अंग्रेजी शिक्षक का वीडियो, सफाई में कहा – 2 साल डिप्रेशन में था

राजस्थान के शिक्षक अमन वशिष्ठ का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वो रामायण का अपमान करते हुए दिख रहे हैं। इसके बाद शिक्षक ने बयान जारी कर इसे 5 वर्ष पुराना बताते हुए माफ़ी माँगी है। अमन वशिष्ठ ने इस वीडियो में दावा किया था कि उन्होंने रामायण पढ़ी और सीरियल भी देख ली, लेकिन एक व्यक्ति भी इसमें खुश नहीं नज़र आया। वो छात्रों से पूछते हैं कि रामायण में कोई खुश है तो बता दो, इसके बाद शुरू से रामायण को याद करने की बात कहते हैं।

अमन वशिष्ठ आगे इस वीडियो में उदाहरण देते हुए कहते हैं कि शुरुआत दशरथ जी से होती है, जो एक बड़े राजा हैं लेकिन पेंशन हैं क्योंकि उन्हें बच्चे नहीं हो रहे। शिक्षक ने दावा किया कि इसके बाद ऋषि वशिष्ठ ने आकर हवन किया और रानियों को खाने के लिए खीर दी। छात्र हँसते हैं, इसके बाद मजाक वाले अंदाज़ में वो कहते हैं कि खीर से बच्चे हो गए, वो सही बोल रहे क्योंकि यही तो लिखा हुआ है। फिर उन्होंने मजाक बनाते हुए कहा कि बच्चों की शक्लें दशरथ जी से नहीं मिल रही थीं।

अमन वशिष्ठ को आगे कहते हुए सुना जा सकता है कि ऋषियों ने पहले ही बता दिया था कि हवन के बाद ये हो सकता है। छात्र और शिक्षक इसके बाद फिर ठहाके लगाते हैं। फिर शिक्षक कहते हैं कि ‘हिन्दू वाहिनी सेना’ वाले आकर उनका क़त्ल न कर दें। आगे ‘रामायण’ को अपमानजनक तरीके से रामायण बताते हुए वो कहते हैं कि बच्चे बड़े हो गए तो कैकेयी ने कहा कि उनके बच्चों को शासन नहीं मिला, कौशल्या दुखी हो गईं कि उनके बेटे को वनवास भेज दिया गया।

आगे अमन वशिष्ठ कहते हैं कि अब तक रामजी ‘Chilled’ थे और उन्हें कोई दुःख नहीं था, फिर वो वनवास गए। शिक्षक कहते हैं कि भगवान राम सोचते हैं कि 14 वर्षों का टाइमपास होगा और एक ही टाइमपास का साधन था, लेकिन लुगाई उठा कर ले गया। शिक्षक कहते हैं कि उनके पास ऐसी पूरी की पूरी कहानी है। वो रामराज्य का भी मजाक बनाते हैं और कहते हैं कि पूरी की पूरी रामायण के अंदर एक व्यक्ति भी खुश नहीं है।

अमन वशिष्ठ अंग्रेजी पढ़ाते हैं और YouTube पर भी उनके लाखो सब्सक्राइबर्स हैं। अब इस वीडियो के वायरल होने के बाद उन्होंने कहा है कि 5 साल पहले इसकी वजह से उन पर कार्रवाई भी हो चुकी है, जिसके कारण उन्हें जयपुर छोड़ना पड़ा था और 2 साल डिप्रेशन की गोलियाँ खानी पड़ी थी। अमन वशिष्ठ ने कहा है कि वो कोई सफाई नहीं देना चाहते, लेकिन माफ़ी माँग रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये शब्द उनके मुँह से नहीं निकलने चाहिए थे।

‘अल्लाह-हू-अकबर, नारा-ए-तकबीर’ बोल फाड़े ‘The Kerala Story’ के पोस्टर: वीडियो देख नेटीजन्स बोले- ISIS पर बनी फिल्म से ये क्यों हुए आहत

बॉलीवुड फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ (The Kerala Story) बड़े पर्दे पर रिलीज हो चुकी है। फिल्म में इस्लामिक कट्टरपंथियों की सच्चाई उजागर करते हुए हिंदू लड़कियों को फँसाने से लेकर उनके धर्मांतरण और सेक्स स्लेव बनाने तक के बारे में बताया गया है। इसलिए कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन फिल्म का विरोध कर रहे हैं। इस बीच ‘द केरल स्टोरी’ का पोस्टर फाड़ने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो चेन्नई का बताया जा रहा है और किसी सिनेमाघर के बाहर का लग रहा है। वीडियो में कुछ लोग फिल्म का पोस्टर फाड़ते हुए देखे जा सकते हैं। वहीं, वीडियो आगे बढ़ने पर कुछ लोगों को इस्लामिक नारा ‘नारा ए तकबीर- अल्लाह हू अकबर’ चिल्लाते हुए सुना जा सकता है। यही नहीं, वीडियो के अंत में कुछ लोगों के हाथों में इस्लामिक संगठन तमिलनाडु मुस्लिम मुनेत्र कझगम (TMMK) का झंडा देखा जा सकता है। हालाँकि यह वीडियो चेन्नई के किस इलाके और किस सिनेमाघर का है इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है।

यूजर्स ऐसी वीडियो देख पूछ रहे हैं कि ये फिल्म को ISIS पर बनी है। जब इस्लाम और ISIS के बीच संबंध ही कोई नहीं है तो फिर ये लोग आहत क्यों हो रहे हैं।

वहीं, इसी तरह एक का अन्य वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में भी कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन तमिलनाडु मुस्लिम मुनेत्र कझगम (TMMK) के लोग ‘द केरल स्टोरी’ के पोस्टर हाथों में लेकर फाड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो तमिलनाडु के कोयंबटूर का बताया जा रहा है।

बता दें कि कट्टरपंथी इस्लामिक संगठनों से लेकर वामपंथी तक ‘The Kerala Story’ का विरोध कर रहे हैं। इनकी माँग है कि फिल्म पर बैन लगाया जाए। अपनी इसी माँग के चलते हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक याचिकाएँ दायर कर चुके हैं। हालाँकि दोनों ही अदालतों ने फ़िल्म पर बैन लगाने से इनकार कर दिया।

सेंसर बोर्ड ने दिया ‘A’ सार्टिफिकेट…

गौरतलब है कि सेंसर बोर्ड ने कुछ बदलावों के साथ The Kerala Story को रिलीज के लिए तैयार किया है। एक दृश्य में हिन्दू देवी-देवताओं को लेकर टिप्पणी (मुस्लिम किरदार द्वारा) थी, जिसे हटाया गया है। भारतीय कम्युनिस्टों को दोहरे रवैये वाला बताने वाली एक टिप्पणी में से ‘भारतीय’ शब्द हटाया गया है। केरल के एक पूर्व मुख्यमंत्री अच्युतानंदम ने राज्य के इस्लामी स्टेट बनने की भविष्यवाणी की थी, उस टीवी इंटरव्यू को हटाया गया है। सेंसर बोर्ड ने 10 दृश्य हटा कर इसे रिलीज के लिए आगे बढ़ाया है। साथ ही फिल्म को A सार्टिफिकेट जारी किया है।

कश्मीर के राजौरी में मुठभेड़ के वक्त बम धमाका, 5 जवान बलिदान: सेना की कार्रवाई जारी, आतंकियों को ढूँढने में हेलीकॉप्टर लगे

गोवा में जारी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के बीच पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की। दोनों तरफ से जारी गोली बारी में खबर लिखे जाने तक 5 जवान बलिदान हो गए हैं। वहीं जवानों ने कुछ आतंकियों को मार गिराया है। इसके बारे में अभी पुख्ता जानकारी नहीं आई है। मुठभेड़ अभी जारी है। सेना और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर हैं।

जम्मू क्षेत्र राजौरी इलाके के कांडी क्षेत्र में सेना ऑपरेशन त्रिनेत्र को अंजाम दे रही है। कहा जा रहा है कि मुठभेड़ के दौरान धमाके की वजह से जवानों की जान गई। माना जा रहा है कि आतंकियों ने ग्रेनेड से हमला किया। दरअसल, धूरियन के तोता गली इलाके में आतंकियों ने 21 अप्रैल 2023 को आतंकियों ने सेना के जवानों पर घात लगाकर हमला कर दिया था। इस हमले में 5 जवान बलिदान हो गए थे।

इस आतंकी हमले के बाद से सेना और स्थानीय पुलिस ऑपरेशन त्रिनेत्र चलाकर आतंकियों का सफाया करने के काम में जुटी थी। इसी बीच सेना और इलाके में छुपे हुए आतंकियों के साथ मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में पहले दो जवानों की मौत हो गई। जबकि चार घायल जवानों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू करके अस्पताल में पहुँचाया गया।

अस्पताल में 3 और जवानों की मौत हो गई। वहीं, एक जवान का इलाज चल रहा है। घटनास्थल पर जम्मू-कश्मीर के DGP दिलबाग सिंह और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर मुकेश सिंह भी पहुँचे हुए हैं। सेना की और टुकड़ियों को भी बुलाया गया है। आतंकियों को खोजने के लिए हेलीकॉप्टर भी लगाया गया है। इसके साथ ही इलाके में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि सेना ने 2-3 आतंकवादियों को इस इलाके में घेर रखा है। ये वही आतंकी हैं, जो पुंछ में सेना के ट्रक पर आतंकी हमले में शामिल थे। सुबह 7:30 बजे से दोनों ओर से फायरिंग हो रही है। आतंकवादी एक गुफा के भीतर छिपे हुए थे। जिस इलाके में आतंकवादी छिपे हैं, वहाँ काफी पेड़-पौधे और पहाड़ियाँ हैं। 

वहीं, जम्मू-कश्मीर के बारामूला के वनिगम पयीन क्रिरी इलाके में मुठभेड़ के दौरान सेना ने गुरुवार (4 मई 2023) को 2 आतंकियों को मार गिराया। दोनों स्थानीय आतंकी थे और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए थे। इनकी पहचान शोपियां जिले के शाकिर माजिद नजर और हनान अहमद सेह के रूप में हुई है। दोनों मार्च 2023 में आतंकी बने थे।

गुरुवार को ही अनंतनाग जिले के बिजबेहरा इलाके में आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग की, जिसमें एक सुरक्षाकर्मी को हल्की चोट आई थी। उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इस हमले की जिम्मेदारी कश्मीर टाइगर्स ने ली है। आतंकी संगठन ने कहा कि कश्मीर टाइगर्स ऐसे ही और हमलों की प्लानिंग कर रहा है।

इससे पहले केद्रशासित प्रदेश के माछील सेक्टर में जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना ने एक संयुक्त कार्रवाई में बुधवार (3 मई 2023) को भी दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया था। ये दोनों आतंकी भारत में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे।

स्कूली छात्रा के साथ छेड़खानी करते पकड़ा गया जो शहादत अली, उसे बचाने के लिए अली शोहराब ने फैलाया झूठ: कमलेश तिवारी की हत्या का मना चुका है जश्न

हिन्दुओं के प्रति घृणित रुख रखने वाले और कमलेश तिवारी की हत्या के बाद जश्न मनाने वाला कथित पत्रकार अली सोहराब (Ali Sohrab) को एक बार फिर सोशल मीडिया पर झूठ फैलाते हुए पकड़ा गया है। शहादत अली नाम के जिस पुलिसकर्मी को उत्तर प्रदेश की लखनऊ पुलिस ने एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में निलंबित कर दिया है, उसने (अली सोहराब) सोशल मीडिया पर उसके पक्ष में माहौल में बनाने का प्रयास किया।

अली सोहराब ने गुरुवार (4 मई 2023) को अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सिपाही शहादत अली स्कूटी सवार छात्रा (अपनी बेटी की फ्रेंड) को कुछ समझा रहा था, तभी एक महिला ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद शहादत अली के खिलाफ केस दर्ज कर उसे फौरन अरेस्ट कर लिया गया। अब उसे सस्पेंड किए जाने की तैयारी है।”

वहीं, इससे पहले थाना कैंट प्रकरण के संबंध में ईस्ट लखनऊ के डीसीपी ने बुधवार (3 मई 2023) को आरोपित पुलिसकर्मी शहादत को निलंबित करने की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था, “आज एक बाइक सवार व्यक्ति द्वारा स्कूली छात्रा का पीछे करने और उससे बात करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। घटना के संबंध में थाना कैंट में शिकायत मिली है। शिकायत के आधार पर सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपित की पहचान शहादत अली के रूप में हुई है। उसको पुलिस हिरासत में ले लिया गया है। इस मामले में आगे की जाँच जारी है। आरोपित पुलिसकर्मी शहादत को निलंबित किया जा चुका है।”

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि छात्रा साइकिल से जा रही होती है और शहादत अली अपनी स्कूटी लेकर उसके बगल में जा रहा होता है। तभी स्कूटी से आ रही महिला की पीछे वाली सीट पर बैठे एक व्यक्ति ने उसका वीडियो बना लिया। ये लोग पीड़ित छात्र और उस पुलिसकर्मी के पीछे से गुजर रहे थे। वीडियो में उस व्यक्ति को ये कहते हुए सुना जा सकता है कि गाड़ी में कोई नंबर प्लेट भी नहीं है। वीडियो में महिला पुलिसकर्मी से पूछती है, “आप कौन भाई साहब? जानते हैं आप उनको (छात्रा को)?” इस पर वो पुलिसकर्मी हक्का-बक्का होकर कर जवाब देता है कि छात्रा उसके बच्चे के साथ पढ़ती है।

इसके बाद वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए लखनऊ पुलिस ने ट्वीट किया कि इस प्रकरण में उक्त पुलिसकर्मी के विरुद्ध थाना कैंट में मामला दर्ज कर उचित कार्रवाई की जा रही है।

बता दें कि 2020 में अली सोहराब ने माता वैष्णो देवी मंदिर में 400 लोगों के फँसे होने की झूठी ख़बर पोस्ट की थी। इसके बाद उसने फेसबुक पर ही अगली पोस्ट में यह भी दावा किया था कि उनमें से 145 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। अली सोहराब ने लिखा था कि बाकियों का टेस्ट जारी है और नए मामले भी सामने आ सकते हैं।

यही नहीं, अली सोहराब ने कमलेश तिवारी की हत्या के बाद जश्न भी मनाया था। उसने उनकी हत्या के बाद ट्विटर पर दीवाली की बधाई दी थी। अपने इस कृत्य से उसने हिन्दुओं को चिढ़ाने का प्रयास किया था। वह रोहित सरदाना की नाबालिग बेटी को भी भला-बुरा बोल चुका है। अली सोहराब के ख़िलाफ़ यूपी पुलिस ने अक्टूबर 2019 में मामला दर्ज किया था।

1978 से 2022 तक… 44 सालों में मुख्तार अंसारी ने बरकरार रखा क्राइम का फंडा: मरवा दो या गायब करवा दो

भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या मामले में जेल में बंद चल रहे माफिया मुख्तार अंसारी के दिन ढल गए हैं। एक समय था जब उसके खौफ से न केवल पुलिस अधिकारी बल्कि जिलाधिकारी और नेता भी काँपते थे। वो खुली जीप में हथियार लहराता घूमता था और कोई उसका कुछ नहीं कर पाता था। आज वही माफिया मुख्तार अंसारी जेल में बंद है और डर-डरकर जिंदगी काट रहा है। कोर्ट ने उसे भले ही एक हत्या मामले में 10 साल की सजा सुनाई है लेकिन उसके खिलाफ अभी ऐसे कई मामले हैं जिनपर फैसला आना शेष है।

आज हम आपको उसी माफिया मुख्तार के पूरे क्राइम रिकॉर्ड का चिट्ठा देने जा रहे हैं…

जिला मऊ के डिस्ट्रिक्ट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (DCRB) के पास मौजूद जानकारी के अनुसार, माफिया मुख्तार अंसारी के ऊपर साल 1978 में सबसे पहले आईपीसी की धारा 506 के तहत आपराधिक धमकी देने का मामला दर्ज हुआ था। उसके बाद उसके अपराधों की रफ्तार ऐसी तेजी से बढ़ी कि वह धमकी से वह लूटपाट और हत्या करके अपना आतंक फैलाने लगा। ऑपइंडिया के पास मौजूद DCRB के रिकॉर्ड की कॉपी से पता चलता कि मुख्तार पर दर्ज कई मामलों में धारा 302 जुड़ी हुई है।

इन आँकड़ों से पता चलता है कि माफिया पर 44 सालों में 59 केस दर्ज हुए हैं। आखिरी केस 2022 में दायर हुआ था जिसकी जाँच अभी बाकी है। इसमें आरोप लगाया गया था कि मुख्तार ने साल 1991 के एक मामले की सुनवाई में देरी कराने के लिए अपने लोगों के साथ मिलकर केस डायरी गायब करवाई।

मुख्तार के मामले में उस पर डायरी गायब कराने का संदेह इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि ये कोई एक केस नहीं है जो उसके विरुद्ध दर्ज हुआ और पूरी डायरी थाने से गायब हो गई हो या फिर पुलिस को उसका कोई रिकॉर्ड न मिल रहा हो… मुख्तार के खिसाफ ऐसे 3 और मामले हैं जिनके बारे में डीसीआरबी रिकॉर्ड से सूचना गायब है।

डीसीआरबी की पहले ही पृष्ठ के पहले ही केस की सूचना रिकॉर्ड से गायब है। इसमें सिर्फ लिखा है कि मामला गाजीपुर के सैदपुर में 1978 को दर्ज हुआ था। इसके अलावा इसमें कोई और अन्य जानकारी नहीं है। अन्य जानकारियों के स्थान पर वहाँ लिखा है- “वर्ष 1978 एनसीआर जिल्द थाने में न मिल पाने के कारण इसका विवरण उपलब्ध नहीं है।” 

इसी तरह 1988 के एक केस की जानकारी भी रिकॉर्ड से गायब है। ये मामला गाजीपुर के मुहम्मदाबाद में आईपीसी की धारा 504,506 के तहत दर्ज हुआ था। यहाँ भी देखें तो लिखा है- “वर्ष 1988 एनसीआर जिल्द थाने में न मिल पाने के कारण इसका विवरण उपलब्ध नहीं है।”

इसके बाद एक केस की जानकारी गायब होने का अगला मामला नई दिल्ली का भी है। यहाँ मुख्तार के खिलाफ सन् 1993 में टाडा की धारा 5 में केस दर्ज हुआ था। लेकिन रिकॉर्ड कहता है कि न तो इसका विवरण केजी मार्ग थाने पर मौजूद है और न ही इसके पास वाले थाने पर।

उत्तर प्रदेश और दिल्ली में मुख्तार के खिलाफ दर्ज इन 3 केसों की गायब जानकारी से समझ सकते हैं कि एक समय में मुख्तार अंसारी का कितना बोलबाला था। उसके 44 साल के क्राइम रिकॉर्ड में वो 18 केसों में अब तक बरी हो गया है। 1 केस उसके खिलाफ एनएसए एक्ट में था उसमें उसे डीएम ने बरी कर दिया, फिर 8 केसों में पुलिस स्तर पर बरी हुआ। 4 केसों के रिकॉर्ड ही थाने से गायब हैं। 2 केसों में उसकी नामजदगी गलत है। 3 केस ऐसे हैं जो सरकार या वादी द्वारा वापस ले लिए गए। 2 केसों में कोर्ट ने चार्जशीट तक नहीं दाखिल की और 21 केस अब भी कोर्ट में पेंडिंग हैं।

गौरतलब है मुख्तार अंसारी के कुकर्मों का चिट्ठा खोलने ऑपइंडिया पत्रकार राहुल पांडेय कई दिनों ग्राउंड पर थे। वहाँ उन्होंने मुख्तार के खौफ की कई कहानियाँ दंगों के चश्मदीदों से जानीं। इस दौरान यह भी पता चला कि कैसे मुख्तार के डर से पुलिस सूअर पकड़ने पानी में घुस जाती थी मगर अपराधी पकड़ने नहीं जाती थी। आप लिंक पर क्लिक करके उनकी रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।