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‘हिन्दू भारत छोड़ो, हिन्दू मकान खाली करो’: बांदा में घर की दीवारों पर लिखे मिले आपत्तिजनक नारे, पुलिस ने अज्ञात लोगों पर की FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में कुछ जगहों पर आपत्तिजनक शब्दों से साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया है। दीवालों पर कालिख से ‘हिन्दू को भारत’ छोड़ने की धमकी जैसे शब्द लिखे गए हैं। मामला संज्ञान में आते ही शनिवार (6 मई 2023) को पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। आरोपितों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिस मोहल्ले में ये हरकत की गई है वो मुस्लिम बाहुल्य है और वहाँ हिन्दुओं की आबादी काफी कम है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला बांदा जिले के कोतवाली नगर इलाके का है। यहाँ मर्दाननाका क्षेत्र मुस्लिम बाहुल्य माना जाता है। इसी मोहल्ले में रामलाल प्रजापति अपने परिवार के साथ रहते हैं। आरोप है कि शनिवार को उसके घर की दीवाल और पास बने शौचालय पर कुछ लिखा दिखा। पढ़ने पर उसमें लिखा था- ‘हिन्दू भारत छोड़ो’ और ‘हिन्दू घर खाली करो’। कुछ ही देर में मोहल्ले वाले वहाँ जुटने लगे। मामले की सूचना पुलिस को मिली तो वो भी तुरंत मौके पर पहुँची।

पुलिस ने दीवाल को साफ़ करवाया और लिखे गए शब्द मिटाए गए। जब इस हरकत की जानकारी हिन्दू संगठनों को मिली तो वो भी मौके पर जमा होने लगे। हिन्दू संगठनों के तमाम कार्यकर्ताओं ने पुलिस ने केस दर्ज कर के कड़ी कार्रवाई की माँग की। उन्होंने प्रशासन से मर्दाननाका इलाके में रहने वाले हिन्दुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने को कहा। वहीं बांदा पुलिस ने खुद वादी बनते हुए मामले में अज्ञात लोगों FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

बांदा पुलिस के एडिशनल एस पी के मुताबिक मौके पर सभी अधिकारी पहुँचे हैं और केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। उन्होंने आगे बताया कि आरोपित की पहचान कर के कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

टेक्सास के मॉल में घुसा बंदूकधारी, बच्चों से लेकर बुजुर्गों पर ताबड़तोड़ गोलियाँ चलाई: 9 की मौत, 7 घायल… पुलिस कार्रवाई में हुआ ढेर

अमेरिका के टेक्सास में एक बार फिर गोलीबारी की घटना हुई है। इस घटना में 9 लोगों की मौत हो गई जबकि 7 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान एक हमलावर भी मारा गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना एलन प्रीमियम आउटलेट्स मॉल की है। यहाँ दोपहर साढ़े 3 बजे के आसपास अंजान शख्स ने अचानक आकर गोली चलानी शुरू कर दी। हमले में गोली का शिकार बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हुए। पुलिस ने हमले में शामिल एक हमलावर को मार गिराया है और दूसरे संदिग्ध की तलाश जारी है।

कुछ वीडियोज हैं जिनमें हमलावर को गाड़ी से उतर मॉल में घुसते और लोगों पर गोलीबारी करते देखा जा सकता है। कथिततौर पर वह मॉल में 3 दर्जन से ज्यादा बार फायरिंग करता है कि तभी मॉल के पास वाले एक इलाके में पुलिस अधिकारी को गोलीबारी सुनाई पड़ती है। वह फौरन अन्य पुलिसकर्मियों को सूचित करता है और मौके पर पहुँचकर अधिकारी हमलावर को मार गिराते हैं।

हमलावर को मारे जाने तक वह 9 लोगों को मौत के घाट उतार चुका था। वीडियोज में लोगों को मॉल से भागते हुए देखा जा सकता है। वहीं एक दर्दनाक वीडियो सामने आई है जिसमें हमलावर द्वारा मारे गए लोगों की बॉडी एक किनारे पड़े नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि हमलावर ने हमला करने के दौरान ये कहा कि हर गोरा आदमी मरना चाहिए।

गौरतलब है कि टेक्सास में गोलीबारी की यह पहली घटना नहीं है। साल 2019 में टेक्सास के एक शॉपिंग मॉल में भारी गोलीबारी की घटना में 20 लोगों के मारे जाने की खबर आई थी। साथ ही 26 लोग घायल हुए थे। गोलीबारी की यह घटना अल पासो इलाके के सीएलो विस्ता मॉल में हुई थी। रिपोर्ट्स में बताया गया कि मॉल में कई हमलावर थे। इसके अलावा साल 2022 में भी टेक्सास में 18 साल एक युवक ने AK-47 से अपनी दादी को गोली मारी थी। फिर स्कूल पहुँचकर अंधाधुंध फायरिंग की थी। 

‘साले…सिपाही हो न…गाली देने का मन करता है तुम लोगों को’ : मैनपुरी की जेल अधीक्षिका का वीडियो वायरल, DG ने दिए जाँच के आदेश

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की जेल सुपरिटेंडेंट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जेल सुपरिटेंडेंट का नाम कोमल मंगलानी है। वायरल वीडियो में कोमल अपने अधीनस्थ स्टाफ को गंदी-गंदी गालियाँ देती सुनाई दे रहीं है। DG जेल ने शनिवार (6 मई 2023) को वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले में जाँच के आदेश दिए हैं। वहीं अपनी सफाई के रूप में कोमल मंगलानी ने खुद को निर्दोष बताते हुए वीडियो को काट-छाँट कर वायरल करने का आरोप लगाया है।

यह वीडियो आंबेडकर जयंती के दिन हुए कार्यक्रम का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में जेल अधीक्षिका कोमल मंगलानी हाथ में माइक ले कर एक मंच पर खड़ी दिखाई दे रहीं हैं। उनके पीछे एक पोस्टर लगा हुआ है। पोस्टर में जिला कारगर मैनपुरी परिसर लिखा हुआ है। इसके नीचे बड़े-बड़े शब्दों में ‘संविधान शिल्पी व महान समाज सुधारक भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर’ लिखा दिखाई दे रहा है। इसी पोस्टर में डॉ अम्बेडकर का बड़ा सा फोटो लगा हुआ है। मंच पर भगवान बुद्ध और डॉ अम्बेडकर के चित्र भी रखे हुए हैं जिस पर माल्यार्पण किया गया है।

वीडियो में सामने मौजूद लोगों को सम्बोधित करते हुए अचानक ही कोमल मंगलानी गालियाँ देने लगीं। उन्होंने कहा, “बहन… कौन है ये। कौन बात कर रहा है वहाँ पे? साले तेरे को समझ में नहीं आ रहा है ? बुला इसको।” इस दौरान जेल सुपरिंटेंडेंट ने किसी यादव का नाम लिया। कोमल यहीं नहीं रुकी। उन्होंने आगे कहा, “गाली देने का मन करता है तुम लोगों को। इतनी वाहियात किस्म की श्रेणी है ये। मुफ्त का खाना खाने आए हैं। मुफ्त का खाना खा कर चले जाएँगे। इतनी सोच है हमारी। सिपाही हैं न, इतना ही सोच सकते हैं।”

DG ने दिए जाँच के आदेश

वायरल वीडियो का उत्तर प्रदेश के DG जेल ने संज्ञान लिया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कोमल मंगलानी पर जाँच बिठाए जाने की जानकारी दी है। जेल अधीक्षिका सहारनपुर अमिता दुबे को जाँच कर के रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कार्यक्रम में जेल अधीक्षिका चंदा न मिलने से नाराज थीं। बताया जा रहा है कि सामने मौजूद स्टाफ से जेल अधीक्षक ने यह भी कहा कि 50, 100 रुपए तो आप बंदी को थप्पड़ मार कर ले लेते हैं पर बड़े शर्म की बात है कि जिन्होंने हमारे संविधान के लिए इतना कुछ किया उनके लिए आपके पास पैसे नहीं है।

बढ़ा विवाद तो दी सफाई

हालाँकि वायरल हो रहे वीडियो पर जेल अधीक्षिका कोमल मांगलानी का कहना है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। कोमल ने वीडियो को एडिटेड बताया है।

वर्दी में बनाई हैं रील्स

जेल अधीक्षिका कोमल मंगलानी सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर अपनी कुछ वीडियो भी साझा की हैं जिसमें एक रील वर्दी पहनते हुए म्यूजिक मिक्सिंग के साथ है। कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश में वर्दी वालों द्वारा रील्स बनाए जाने पर काफी विवाद खड़ा हुआ था।

फ़िलहाल सोशल मीडिया पर कोमल मंगलानी का वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। कई नेटीजेंस जेल अधीक्षिका के शब्दों को आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

सपा सांसद हाथ जोड़ घिघिया रहे थे… मुख्तार अंसारी पत्रकार को मार रहा था: ओसामा बिन लादेन मानते थे उसके गुर्गे, था वो गोतस्कर

कभी उत्तर प्रदेश के अपराध जगत का सबसे बड़ा नाम लेकिन सफेदपोश माफिया मुख़्तार अंसारी फिलहाल जेल की सजा काट रहा है। उसे सजा हुई है भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड केस में। 44 सालों का आपराधिक इतिहास और उम्र के लगभग बराबर केसों में नामजद इस माफिया की तमाम सुनी-अनसुनी बातों की पड़ताल करने हम अप्रैल के अंतिम व मई के पहले सप्ताह में गाजीपुर, मऊ, चंदौली और वाराणसी जिलों में रहे।

इस दौरान मऊ के स्थानीय निवासी और भाजपा नेता गणेश सिंह ने हमें मुख़्तार अंसारी का एक ऐसा वाकया सुनाया, जिसमें उसके द्वारा पत्रकारों पर जुल्म किया गया था। गणेश सिंह ने इसी बातचीत में मुख़्तार अंसारी के दयावान, धर्मनिरपेक्ष और गरीबों का मसीहा आदि होने की वामपंथी मीडिया के दावों की पोल भी खोली।

मुख्तार ही मऊ दंगों का गुनहगार

2005 दंगों में मुख़्तार की भूमिका पर किए गए सवाल के जवाब में गणेश सिंह ने मुख़्तार अंसारी को ही दंगों का मुख्य गुनहगार बताया। गणेश सिंह ने कहा, “पहले भी मऊ में दंगे हुए थे लेकिन 2005 का दंगा उसी (मुख़्तार अंसारी) की ही वजह से हुआ था। तब मऊ के मुसलमानों को लगा था कि ये एक बड़ा मसीहा है। ये उत्तर प्रदेश और मऊ के लिए ओसामा बिन लादेन बन कर आया है।”

मऊ दंगों के दौरान मुख़्तार अंसारी के जिप्सी पर बैठ कर गोली चलाने के वीडियो को गणेश सिंह ने तत्कालीन प्रशासन के लिए खुली चुनौती बताया।

गो तस्करी करवाता था मुख़्तार

मुख़्तार अंसारी को धर्मनिरपेक्ष छवि का आदमी बताने वाली कुछ मीडिया रिपोर्ट्स को गणेश सिंह ने हास्यास्पद बताया। उनके अनुसार मुख़्तार अंसारी गोतस्करी का संरक्षक था। उन्होंने बताया कि मांस की बिक्री मऊ और मुख़्तार अंसारी के गृह क्षेत्र गाजीपुर के मोहम्मदाबाद से हुआ करती थी।

पत्रकारों को भी पीटा था बेरहमी से

एक अन्य वाकये का जिक्र करते हुए गणेश सिंह ने बताया कि मुख़्तार अंसारी के कहर के शिकार पत्रकार भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि PWD ऑफिस में उसके द्वारा हुई ठेकेदारों की पिटाई का वीडियो बना रहे पत्रकारों को राइफल की बट से पीटा गया था। उदहारण के लिए गणेश सिंह ने पत्रकार द्वारका गुप्ता का नाम लिया। बकौल गणेश सिंह पत्रकार द्वारका गुप्ता अब इस दुनिया में नहीं हैं।

उन्होंने बताया, “पत्रकार द्वारका ने हिम्मत करके उसका (मुख़्तार) का हाथ पकड़ लिया था। इसके बाद मुख़्तार ने 24 घंटे तक द्वारका गुप्ता को बंधक बनाए रखा। इस दौरान तत्कालीन समाजवादी पार्टी सांसद चंद्रदेव राजभर और सपा के ही जिला पंचायत अध्यक्ष रामभवन होटल माधव में 24 घंटे तक हाथ जोड़ कर घिघियाये कि पत्रकार को छोड़ दो पर मुख़्तार नहीं माना। वहीं बगल में SP ऑफिस और कोतवाली थी। जब मुख़्तार द्वारका को पीट कर अघा गया, तब उन्हें छोड़ा।”

मुख़्तार अंसारी समाजसेवक नहीं, लूटेरा था

कुछ वामपंथी मीडिया संस्थानों द्वारा मुख़्तार अंसारी को लेकर छापी और दिखाई जाने वाली गरीबों की मदद जैसी खबरों को स्थानीय निवासी गणेश सिंह ने निराधार बताया।

गणेश सिंह ने बताया कि मुख़्तार ने सिर्फ अपने अपराध में शामिल साथियों की मदद की है, जिसे कुछ मीडिया वालों ने समाज की मदद के तौर पर दिखाने का प्रयास किया है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। बकौल गणेश सिंह मुख़्तार अंसारी का काम केवल गरीबों की जमीनों को लूटना और टेंडर आदि क़ब्ज़ाना था।

अब्बास की गिरफ्तारी पर बँटी थीं मिठाईयाँ

गणेश सिंह ने मुख़्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को भी अपने अब्बा के नक्शे कदम पर चलने वाला बताया। उन्होंने दावा किया कि चित्रकूट जेल में अब्बास और उसकी बीवी की गिरफ्तारी के बाद मऊ जिले में कई लोगों ने मिठाइयाँ बाँट कर ख़ुशियाँ मनाई थीं।

6 महीने में अधिकारियों का हिसाब-किताब वाली बात को गणेश सिंह ने समाजवादी पार्टी पार्टी के सत्ता में आने की संभावना के चलते बोला जाना बताया। गणेश सिंह ने यह भी बताया कि सपा सरकार में मुख़्तार अंसारी जेल से ही अपना साम्राज्य चलाया करता था और वहीं से सारे अवैध काम करता था।

गौरतलब है कि मुख्तार अंसारी के कुकर्मों का चिट्ठा खोलने ऑपइंडिया के पत्रकार राहुल पांडेय कई दिनों ग्राउंड पर थे। वहाँ उन्होंने मुख्तार के खौफ की कई कहानियाँ दंगों के चश्मदीदों से जानीं। इस दौरान यह भी पता चला कि कैसे मुख्तार के डर से पुलिस सूअर पकड़ने पानी में घुस जाती थी मगर अपराधी पकड़ने नहीं जाती थी। इसी के साथ उसके अपराध करने के बाद थाने से फाइलों को भी गायब कराने के भी खुलासे हुए हैं। आप लिंक पर क्लिक करके उनकी रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।

टाइम्स नाऊ की महिला पत्रकार को अंतरिम जमानत: जाति वाले एंगल पर पंजाब पुलिस ने घेरा, जाति वाले एंगल पर ही हाईकोर्ट ने पुलिस को दिया झटका

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्टर भावना किशोर को अंतरिम जमानत दे दी है। भावना किशोर मामले की सुनवाई करते हुए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने जाति वाले एंगल पर टिप्पणी की। कोर्ट ने सवालिया लहजे में कहा कि जो पत्रकार बाहर से रिपोर्टिंग करने आई, उसको किसी स्थानीय आदमी की जाति के बारे में कैसे पता चल जाएगा?

टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्टर भावना किशोर के वकील चेतन मित्तल ने कोर्ट में तर्क दिया कि भावना की गिरफ्तारी गैरकानूनी है। पूरे मामले को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत का आदेश दिया। इस मामले में हालाँकि सोमवार (8 मई, 2023) को रेग्युलर बेल पर सुनवाई होगी।

इससे पहले निचली अदालत ने रिपोर्टर भावना किशोर को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। भावना को 19 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश निचली अदालत ने दिया था।

टाइम्स नाऊ नवभारत की पत्रकार भावना किशोर और पंजाब पुलिस

पंजाब पुलिस ने टाइम्स नाऊ नवभारत की पत्रकार भावना किशोर को हिरासत में लिया था। वजह बताई गई – पत्रकार को एक एक्सीडेंट केस में पुलिस ने पकड़ा। भावना किशोर ने किसी शख्स पर जातिगत टिप्पणी भी की, इसलिए SC-ST एक्ट भी लगाया गया।

भावना की गिरफ्तारी के बाद हालाँकि सोशल मीडिया पर लगातार उनकी रिहाई की माँग उठी। राजनीतिक पार्टियों ने भी पंजाब पुलिस के इस एक्शन को लेकर सवाल उठाए।

गुरु ग्रंथ साहिब की घर में बेअदबी, ‘अंगों’ को टेप से चिपकाया: अमृतसर में सत्कार कमेटी के ‘छापे’ के बाद केस दर्ज, पवित्र ग्रंथ को गुरुद्वारे पहुँचाया गया

पंजाब के अमृतसर की ग्रामीण पुलिस ने धार्मिक भावना आहत करने के मामले में बाज सिंह नामक एक शख्स पर केस दर्ज किया है। आरोप है कि सत्कार कमेटी की छापेमारी में उसके घर में गुरु ग्रंथ साहिब सरूप के कुछ पृष्ठ फटे मिले।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुच्छल गाँव निवासी व सत्कार कमेटी का नेतृत्व करने वाले बलबीर सिंह ने जब आरोपित बाज सिंह के घर में जाकर देखा तो वहाँ गुरु ग्रंथ साहिब के अंग (पन्ने) फाड़कर रखे हुए थे जिसे बाद में टेप से चिपकाया गया था।

वहीं गुटका (सिखों के भजन की कॉपी) को किसी तरल पदार्थ में भिगो के रखा हुआ था। जब छापे में ये चीजें कमेटी ने देखी तो सिखों के पवित्र ग्रंथ को वहाँ से हटाकर छाबा के बाबा नौध सिंह समध गुरुद्वारे में रखवाया गया।

आरोपित की पहचान बाज सिंह के तौर पर हुई है। उसके विरुद्ध आईपीसी की धारा 295 के तहत केस दर्ज हैं। वह गुरुवाली गाँव का रहने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार, चाटीविंड पुलिस थाने के स्टेशन हाउस अधिकारी अजय पाल सिंह ने इस मामले में बताया कि उन्होंने केस दर्ज करके मामले की जाँच को शुरू कर दिया है। आगे जरूरी कार्रवाई की जाएगी

बोध गाँव के बलबीर सिंह और जसपाल सिंह ने कमेटी के साथ शिकायत दी है कि 8 साल पहले गुरुवाली गाँव में बाज सिंह को घर दिया गया था। लेकिन जब जसपाल सिंह ने उसे वो घर खाली करने को कहा तो उसने ऐसा करने से मना कर दिया। ढाई साल पहले बाज सिंह गुरु ग्रंथ साहिब सरूप घर ले आया ताकि कोई उसे वहाँ से न निकाल सके।

बलबीर सिंह कहते हैं कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने उसे पहले ही निर्देश दिए थे कि वो सरूप का ढंग से प्रयोग करेगा और मान-सम्मान रखेगा। हालाँकि जब उसके घर गए तो देखा गया कि उसने सिख रेहत मर्यादा को पार किया हुआ था। अब इस मामले को लेकर चाटीविंड के पुलिस थाने में शिकायत दे दी गई है।

रात में छिछोरों ने किया पीछा, कार को कई बार टक्कर मारी: KKR के कप्तान नीतीश राणा की पत्नी के साथ दिल्ली में बदसलूकी, 2 गिरफ्तार

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में हिस्सा ले रही कोलकाता नाईट राइडर्स (KKR) टीम के कप्तान नीतीश राणा की पत्नी साची मारवाह से दिल्ली में बदसलूकी का मामला सामने आया है। आरोप है कि बाइक सवार 2 युवकों ने साची पर गंदे कमेंट किए। इस दौरान आरोपितों ने साची की कार को टक्कर भी मारी। साची ने इस घटना की जानकारी अपने इंस्टाग्रम प्रोफ़ाइल से शेयर की है। दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना गुरुवार (4 मई 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरुवार की रात साची मारवाह रात के समय ऑफिस से घर जा रहीं थीं। इस दौरान स्कूटी सवार 2 युवक उनकी कार के पीछे लग गए। दोनों युवकों ने साची की कार में कई बार टक्कर मारी। साची का आरोप है कि इस दौरान उन्होंने दिल्ली पुलिस को कॉल भी किया जिस पर जवाब आया, “आप घर सुरक्षित पहुँच गई हो तो जाने दो। अगली बार नंबर नोट कर लेना।” साची ने दिल्ली पुलिस के इस जवाब पर तंज भी कसते हुए लिखा- “अगली बार मैं उनका फोन नंबर भी ले लूँगी।”

बताया जा रहा है कि साची मारवाह ने इसके बाद दिल्ली पुलिस को अपनी शिकायत ई-मेल की। मेल के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज खँगाले और थाना कीर्ति नगर पुलिस द्वारा दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों पर IPC की धारा 354, 354 D, 427 और 506 के तहत केस दर्ज किया है। हालाँकि कार्रवाई के बाद साची ने दिल्ली पुलिस को धन्यवाद भी दिया है।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान चैतन्य शिवम और विवेक के रूप में हुई है। दोनों ही दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों के रहने वाले बताए जा रहे हैं। चैतन्य और शिवम की उम्र 18 साल बताई जा रही है। दोनों पर एक रेड लाइट पर साची की कार को रोक लेने और उस पर हाथ मारने का भी आरोप है। गौरतलब है कि साची और नितीश राणा की शादी साल 2019 में हुई थी। पेशे से साची इंटीरियर डिजायनर हैं।

‘मैंने खरीदा था केजरीवाल के घर का सामान… फर्नीचर इटली-फ्रांस से मँगाए थे’ : महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने लिखा LG को पत्र, बताया- आवास तक चाँदी की क्रॉकरी पहुँचाई थी

मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में तिहाड़ जेल में बंद 200 करोड़ रुपए के ठगी के आरोपित सुकेश चंद्रशेखर ने एक बार फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया है। सुकेश ने दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर कहा है कि सीएम केजरीवाल के बंगले में हो रहे पुनर्निर्माण से लेकर फर्नीचर और क्रॉकरी तक के पैसे उसने दिए हैं।

सुकेश ने अपने पत्र में दावा किया है कि अरविंद केजरीवाल के बंगले में जो फर्नीचर लगे हैं, उसे AAP नेता सत्येंद्र जैन और अरविंद केजरीवाल ने खुद चुने थे। उसने कहा कि फर्नीचर और क्रॉकरी की तस्वीरें उसने खुद व्हाट्सएप और फेस टाइम के जरिए भेजा था। 

सुकेश ने खत में यह भी दावा किया है कि केजरीवाल के बंगले में जो फर्नीचर लगे हैं वह सत्येंद्र जैन और केजरीवाल के खुद चुने थे। उनके फोटो मैंने उन्हें व्हाट्सएप और फेस टाइम चैट के जरिए सीएम और जैन के मोबाइल पर भेजा था। सुकेश ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के लिए उसने 45 लाख रुपए का ऑलिव ग्रीन रंग का 12 सीटर डाइनिंग टेबल मँगवाया था।

सुकेश ने कहा कि सीएम केजरीवाल के लिए जिन सामानों को खरीदा, उनमें बेडरूम के लिए 34 लाख रुपए का ड्रेसिंग टेबल, 18 लाख रुपए के 7 आइने, 28 लाख के 30 पीस तकिया-गलीचे और 45 लाख की पामराई की 3 दीवार घड़ियाँ शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ मूर्तियाँ भी खरीदी गईं।

सुकेश ने यह भी दावा किया है कि एक एक साउथ इंडियन ज्वेलर से अरविंद केजरीवाल ने 90 लाख रुपए की चाँदी की क्रॉकरी मँगाई थी। इनमें चाँदी के 15 प्लेट और 20 गिलास, कुछ कटोरे और चम्मच शामिल हैं। इसके बदले उसे करोल बाग प्रोजेक्ट में अलॉटमेंट दी थी।

सुकेश ने LG को लिखे पत्र में कहा कि उसने सारे फर्नीचर सीधे अरविंद केजरीवाल के दफ्तर भेजे थे। वहाँ से उसके स्टाफ रिषभ शेट्टी ने उनके आवास में लगाया था। उसने कहा कि ये सारे फर्नीचर इटली और फ्रांस से मँगाए गए थे। सुकेश का कहना है कि इसका सबूत वह जाँच एजेंसी को उपलब्ध करा सकता है।

बता दें कि हाल में यह खुलासा हुआ था कि जब दिल्ली के लोग कोरोना से संक्रमित होकर लाचार महसूस कर रहे थे, तब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 45 करोड़ रुपए खर्च करके अपने आधिकारिक बँगले को भव्य बना रहे थे। उसमें टॉयलेट से लेकर पर्दे पर लाखों रुपए खर्च किए गए।

‘टाइम्स नाउ नवभारत’ ने जानकारी दी थी कि CM आवास में 8-8 लाख रुपए के पर्दे लगाए गए हैं। केवल पर्दों पर ही 1 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए। कुल 23 पर्दों का ऑर्डर दिया गया था, जिनमें से कुछ अभी लगने बाकी हैं और कुछ लगाए दिए गए हैं। शुरुआत में 8 पर्दे लगाए गए, जिनकी कीमत 45 लाख रुपए थी। दूसरे चरण में 15 पर्दों का ऑर्डर दिया गया, जो 51 लाख रुपए के थे।

उनके बँगले की तस्वीरें भी सामने आई हैं। अपने आवास की साज-सज्जा पर 45 करोड़ रुपए खर्चने के बाद अब उसका विस्तार करने जा रहे हैं। सिविल लाइंस के फ्लैगस्टॉफ में स्थित उनका बंगला फिलहाल 4.7 एकड़ में है, जिसे बढ़ाकर अब 7.3 एकड़ में करने का निर्णय लिया गया है। हालाँकि, मामला सामने आने के बाद LG ने जाँच के आदेश दिए हैं।

‘तुष्टिकरण, तालाबंदी और गाली …कॉन्ग्रेस के चुनावी मुद्दे’ : कर्नाटक में गरजे PM मोदी, बोले- इनके कुकर्मों के कारण देश दशकों तक रहा पीछे

कर्नाटक में अपना मेगा रोड शो करने के बाद बादामी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित किया। इस सभा में उन्होंने पहले कर्नाटक के लोगों को धन्यवाद दिया और फिर कहा कि इस जोश को देखकर ये तय हो गया है कि राज्य में डबल इंजन सरकार आएगी।

उन्होंने कहा कि ये चुनाव न वो लड़ रहे हैं, न उम्मीदवार…इसे कर्नाटक की जनता लड़ रही है। पीएम ने एक बार फिर कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “कॉन्ग्रेस ने तय किया है कि वो अपनी पुरानी आदतें नहीं छोड़ेगी। वो तुष्टिकरण, तालाबंदी और गाली को ही चुनावी मुद्दा बनाएगी। तुष्टिकरण वोटबैंक का, तालाबंदी बीजेपी की गरीब कल्याण नीतियों पर, गाली OBC और लिंगायत समाज को… कॉन्ग्रेस की इस कूटनीति से पूरा कर्नाटक नाराज है।”

पीएम ने कहा, “सिद्धारमैया समझ चुके हैं कि आपके क्षेत्र में कोशिश करना उनके लिए व्यर्थ है। लेकिन कभी आप उनसे मिलें तो पूछिए कि यहाँ के लोग पहले बुनियादी सुविधाओं से क्यों वंचित थे? उनके जीवन में कोई विकास और परिवर्तन क्यों नहीं हुआ था? भाजपा ने जनता के लिए जो किया है उसकी कॉन्ग्रेस ने कल्पना भी नहीं की होगी।”

प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि डबल इंजन की सरकार में 3 लाख परिवार पहली बार पानी की सुविधा पहली बार मिली। इतना ही नहीं कनेक्टिवटी और इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में भी डबल इंजन सरकार ने काम किया। जो इंटरनेट डाटा कभी 300 रुपए प्रति जीबी हुआ करता था वो आज के समय में 10 रुपए प्रति जीबी हो गया है।

उन्होंने कॉन्ग्रेस में हुए भ्रष्टाचार को लेकर पूछा, कॉन्ग्रेस का ये कौन सा पंजा है जो 1 रुपए में से 85 पैसे खा जाता है? कॉन्ग्रेस के इन्हीं कुकर्मों के कारण हमारा देश इतने दशकों तक पिछड़ा बना रहा। जिन बीमारियों को कॉन्ग्रेस ने अपने बरसों के शासन में मजबूत किया अब बीजेपी उन्हीं बीमारियों का परमानेंट इलाज कर रही है।

उन्होंने कर्नाटक की जनता से कहा कि अगर राज्य में भाजपा आती है तो राज्य नंबर 1 बनेगा। इसके साथ उन्होंने कहा कॉन्ग्रेस के लोग आज भी देश-दुनिया में भारत को Mother of Democracy कहने की हिम्मत नहीं करते, ये सिर्फ भारत के लोकतंत्र पर हमला करते हैं। यही गुलामी की मानसिकता है जिससे आज भारत बाहर आ रहा है। बीजेपी सरकार अपनी संस्कृति और अपनी विरासत के लिए समर्पित है।

पाकिस्तान में आतंकी संगठन ‘खालिस्तान कमांडो फोर्स’ के चीफ परमजीत सिंह पंजवार की गोली मारकर हत्या: बाइकसवार 2 हमलावरों ने घटना को दिया अंजाम

आतंकी संगठन खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) के चीफ परमजीत सिंह पंजवार की शनिवार (6 मई 2023) को पाकिस्तान के लाहौर में हत्या कर दी गई। अज्ञात हमलावरों ने जौहर कस्बे की सनफ्लावर सोसाइटी में घुसकर उसे गोली मार दी। भारत में प्रतिबंध के बाद वह मलिक सरदार सिंह के नाम से 1990 से ही पाकिस्तान में रह रहा था।

जानकारी के अनुसार, शनिवार की सुबह 6 बजे बाइक पर आए दाे लोगों ने यह हमला किया और फरार हो गए। इस हमले में पंजवार के दो सुरक्षाकर्मियों के भी मारे जाने की खबर है। परमजीत पाकिस्तान से ही खालिस्तानी गतिविधियों को हवा देने के साथ-साथ ड्रग्स और हथियारों की तस्करी करता था।

परमजीत सिंह पंजवार भारत विरोधी गतिविधियों में 90 के दशक से पहले से ही सक्रिय था। बताया जाता है कि वह 1986 में अपने चचेरे भाई लाभ सिंह के साथ KCF में शामिल हुआ था। इसके पहले वह सोहल में एक केंद्रीय सहकारी बैंक में काम करता था।

भारतीय सुरक्षा बलों ने लाभ सिंह को मार गिराया। उसके बाद 1990 के दशक में खालिस्तान कमांडो फोर्स की कमान परमजीत सिंह के हाथों में आ गई। सरकार की नजर उस पर पड़ी तो वह पाकिस्तान भाग गया और वहीं रहने लगा। हालाँकि, पाकिस्तान इससे इंतजार करता रहा है। परमजीत की पत्नी और बच्चे जर्मनी में रहते हैं।

परमजीत पंजाब के तरनतारन जिले के झब्बाल थाने में आने वाले पंजवार गाँव का रहने वाला था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2020 में 9 आतंकियों की लिस्ट जारी की थी, जिसमें उसका नाम 8वें पर था। इस लिस्ट में बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के चीफ वाधवा सिंह बब्बर का नाम भी है, जो तरनतारन में ही दासूवाल गाँव का रहने वाला है।

परमजीत ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान से पंजाब में ड्रग और हथियारों की तस्करी करता था। इन पैसों का इस्तेमाल वह खालिस्तान कमांडो फोर्स के संचालन में करता था। परमजीत पाकिस्तान में ही रह रहे BKI के चीफ वाधवा सिंह और इंडियन सिख यूथ फेडरेशन (ISYF) के प्रमुख लखबीर सिंह रोडे के साथ मिलकर पंजाब में खालिस्तान मूवमेंट को हवा दे रहा था।

लगभग 33 सालों से पाकिस्तान में बैठे परमजीत की ताजा फोटो पुलिस के पास नहीं है। पुलिस के पास उसकी 35 साल पुरानी तस्वीरें ही है, जो उसके घर से बरामद हुई थी। पंजाब के ही डरोली कलां का रहने वाला करणवीर सिंह और नामी गैंगस्टर लक्की पटियाला भी BKI से जुड़े हुए हैं। इनमें करणवीर सिंह वाधवा सिंह के साथ पाकिस्तान में मौजूद है, जबकि लक्की पटियाला आर्मेनिया पहुँच गया है।

अक्टूबर 2020 में पंजाब के तरनतारन में शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह संधू की हत्या के पीछे परमजीत का ही हाथ था। बलविंदर सिंह संधू ने पंजाब में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। इसके लिए उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। 30 जून 1999 में चंडीगढ़ में पासपोर्ट कार्यालय के पास हुए बम विस्फोट में भी परमजीत का हाथ था। इस ब्लास्ट में 4 लोग घायल हो गए थे।