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ED ने छत्तीसगढ़ में 2000 करोड़ रुपए के शराब घोटाले का किया पर्दाफाश: कॉन्ग्रेस नेता एजाज ढेबर का भाई अनवर गिरफ्तार, कई और रडार पर

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में लगभग 2000 करोड़ रुपए का शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सामने आया है। इस मामले में रायपुर के मेयर एजाज ढेबर के बड़े भाई अनवर ढेबर का नाम सामने आया है। यह सिंडिकेट शराब की हर बोतल पर अवैध रूप से पैसा लेता था।

इस मामले में ED ने शुक्रवार (5 मई 2023) की रात होटल कारोबारी अनवर ढेबर को गिरफ्तार किया था। अनवर को अगले दिन कोर्ट में पेश किया, जहाँ कोर्ट ने उसे चार दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया। अनवर से पूछताछ के बाद सामने आया कि यह पूरा एक सिंडिकेट काम कर रहा था।

इस मामले में ED ने कहा, “छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने कल अनवर ढेबर को PMLA 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया। इससे पहले मार्च में ईडी ने कई स्थानों पर तलाशी ली थी और इस प्रक्रिया में शामिल विभिन्न व्यक्तियों के बयान दर्ज किए थे। साल 2019-2022 के बीच 2,000 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले थे।”

केंद्रीय जाँच एजेंसी ने कहा कि अनवर ढेबर को सात बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह जाँच में शामिल नहीं हुआ। ED का यह भी आरोप है कि वह लगातार बेनामी सिम कार्ड और इंटरनेट डोंगल का उपयोग करते हुए स्थान बदल रहा था। जब उसे रायपुर के होटल में रोका गया तो वह समन लेने के बजाय पिछले दरवाजे से भागने की कोशिश की।

एजाज ढेबर को छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ कॉन्ग्रेस के एक प्रभावशाली नेता के रूप में जाना जाता है। एजाज का बड़ा भाई अनवर नेताओँ और वरिष्ठ नौकरशाहों के लिए काम कर रहा था। ईडी ने आरोप लगाया, “उसने एक विस्तृत साजिश रची और घोटाले को अंजाम देने के लिए एक व्यापक नेटवर्क तैयार किया, ताकि छत्तीसगढ़ में बेची जाने वाली शराब की प्रत्येक बोतल से अवैध रूप से पैसा इकट्ठा किया जा सके।”

ईडी का कहना है कि अनवर ढेबर ने अन्य लोगों के साथ मिलकर बेहिसाब देसी शराब बनवाना शुरू कर दिया और सरकारी दुकानों के माध्यम से इसे बेचना शुरू कर दिया। इस तरह वह सरकारी खजाने में एक रुपए भी जमा किए बिना बिक्री की सारी आय खुद रख लेता था। 2019 से 2022 के बीच यह अवैध बिक्री राज्य की कुल शराब बिक्री का लगभग 30-40 प्रतिशत थी।

इस घोटाले को तीन तरीके से अंजाम दिया गया। पहला सरकारी शराब की बोतलों पर 70-150 पैसे अनवर दुकानदारों से कमीशन लेता था। दूसरे पैटर्न में वह नकली शराब बनाकर सरकारी दुकानों के माध्यम से बिक्री करवाता था और उसका पैसा खुद रखता था। तीसरा पैटर्न था कि लाइसेंस में कमीशन को लेकर था। यह एक वार्षिक कमीशन था, जिसका भुगतान मुख्य डिस्टिलर्स द्वारा डिस्टिलरी लाइसेंस प्राप्त करने और सीएसएमसीएल की बाजार खरीद में निश्चित हिस्सेदारी प्राप्त करने के लिए किया जाता था।

ED का कहना है कि IAS अधिकारी अनिल टुटेजा अनवर के साथ शराब कारोबार का सरगना है। एजेंसी ने दावा किया कि इस अवैध कमाई का इस्तेमाल चुनावों में किया गया। एजेंसी की यह भी कहना है कि इस मामले में राज्य के कई नौकरशाह और राजनेता उसकी रडार पर हैं।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में शराब की बिक्री 800 सरकारी दुकानों के जरिए की जाती है। निजी दुकानों को शराब बेचने का अधिकार नहीं है। दुकान चलाने वाले लोगों के मैन पावर से लेकर कैश कलेक्शन तक का काम राज्य की सरकारी कंपनी छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (CSMCL) देखती है।

गौरतलब है कि 11 अक्टूबर 2022 को राज्य में कोयला कारोबार से जुड़े कारोबारियों और रायपुर में सस्पेंड आईएएस समीर विश्नोई के यहाँ भी रेड की गई थी। इसके बाद ED ने विश्नोई और 3 कारोबारियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद दिसंबर 2022 में मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात अधिकारी सौम्या चौरसिया को भी ED ने गिरफ्तार कर लिया था।

‘जनता के आशीर्वाद को ब्याज समेत लौटाऊँगा’ : शिवमोगा में PM मोदी ने किया वादा, बोले- कर्नाटक को कॉन्ग्रेस से सतर्क रहने की जरूरत

कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार अब आखिरी दौर में चल रहा है। सभी पार्टियाँ पूरी ताकत के साथ प्रचार में जुटी हुई हैं। पीएम मोदी ने बीजेपी के प्रचार का जिम्मा सँभाल रखा है। इस बीच प्रधानमंत्री ने शिवमोगा ग्रामीण में जनसभा को संबोधित किया। इसमें उन्होंने कहा है कि कर्नाटक की जनता ने उन्हें आशीर्वाद दिया है। वह राज्य का विकास करके इसे ब्याज समेत लौटाएँगे।

इस जनसभा से पहले पीएम ने बेंगलुरु में 10 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। बेंगलुरु में यह उनका लगातार दूसरा रोड शो था। इससे पहले उन्होंने शनिवार (6 मई 2023) को 26 किलोमीटर लंबा रोड शो किया था। पीएम ने शिवमोगा ग्रामीण में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा है कि यहाँ की जनता ने बीजेपी को बार-बार बहुत प्रेम, स्नेह और आशीर्वाद दिया है। यहाँ बैठी जनता के उत्साह ने उनका यह विश्वास पक्का कर दिया है कि कर्नाटक में बीजेपी सरकार की वापसी होने जा रही है।

पीएम ने आगे कहा है, “आज पूरा कर्नाटक कह रहा है कि ‘ई बारिया निर्धारा, बहुमाताड़ा बीजेपी सरकारा’। मेरे रोड शो के दौरान, बेंगलुरु ने अपार प्यार और विश्वास दिखाया है, और इसने मेरे दिल को छू लिया है। मैं हमेशा कर्नाटक का ऋणी रहूँगा। शिवमोगा की इस धरती से मैं पूरे कर्नाटक को विश्वास दिलाना चाहता हूँ, असली गारंटी देना चाहता हूँ कि आपने मुझे जो प्यार दिया है, आपने मुझे जो आशीर्वाद दिया है। मैं कर्नाटक का विकास करके आपको ब्याज समेत लौटाऊँगा।”

उन्होंने आगे कहा है, “यहाँ के किसान सुपारी के किसान विदेश से आने वाली सुपारी से चिंतित थे। यहाँ के किसानों के साथ अन्याय और षड्यंत्र हो रहा था। विदेशों से कम कीमत वाली सुपारी का आयात हो रहा था। इससे किसानों की कमाई होती जा रही थी। लेकिन कॉन्ग्रेस ने इस पर ध्यान नहीं दिया। साल 2014 से पहले सुपारी पर न्यूनतम आयात मूल्य ₹100/ किलोग्राम के आसपास था। हमने सोचा यह तो हमारे कर्नाटक के किसानों को मार देगा। इसके बाद हमने सुपारी पर न्यूनतम आयात मूल्य ₹350 प्रति किलोग्राम कर दिया।”

पीएम ने कॉन्ग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र की पोल खोलते हुए कहा है, “कॉन्ग्रेस ने कर्नाटक में वादा किया है कि वह अगले 5 सालों में 10 लाख लोगों को नौकरी देंगे। इसका मतलब यह है कि हर साल 2 लाख लोगों नौकरी मिलेगी। कॉन्ग्रेस के इस झूठ को समझिए। कर्नाटक में बीजेपी की सरकार पिछले साढ़े तीन सालों से है। इस दौरान पूरी दुनिया विभिन्न संकटों से जूझ रही थी। इसके बाद भी कर्नाटक में हर साल 13 लाख से ज्यादा नौकरियाँ बनाईं हैं। इसलिए मैं कहता हूँ कर्नाटक के लोगों को कॉन्ग्रेस से बहुत सावधान रहने की जरूरत है।”

बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार सोमवार (8 मई 2023) को थम जाएगा। राज्य की सभी 224 सीटों पर 10 मई को मतदान होना है। चुनाव परिणाम 13 मई को सामने आएँगे। अब तक सामने आए अधिकांश एक्जिट पोल में बीजेपी कॉन्ग्रेस से कहीं अधिक आगे दिखाई दे रही है।

यूपी के 30 जिलों में ATS ने मारी ताबड़तोड़ रेड, PFI से जुड़े 55 संदिग्धों को दबोचा: SP नेता अब्दुल खालिक भी हिरासत में

प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर शिकंजा कसता जा रहा है। उत्तर प्रदेश की आतंकवाद रोधी शाखा (UP ATS) ने राज्य के 30 जिलों में छापेमारी कर 55 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। ये सभी पीएफआई और उसके सहयोगी संगठनों से जुड़े बताए जा रहे हैं। छापेमारी की यह कार्रवाई शनिवार (6 मई 2023) को शुरू हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, PFI से जुड़े लोगों पर कार्रवाई करने के लिए यूपी एटीएस ने लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, वाराणसी, आजमगढ़, सहारनपुर, गाजियाबाद समेत कई शहरों में छापेमारी की। शनिवार (6 मई 2023) रात एटीएस ने गाजियाबाद जिले के मोदीनगर क्षेत्र के कई गाँवों में छापेमारी की। घण्टों तक कार्रवाई के बाद एटीएस ने कलछीना और नेकपुर गाँव से 6 लोगों को हिरासत में ले लिया।

इसके अलावा, एटीएस ने मेरठ के लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र से अब्दुल खालिक अंसारी और अताउर रहमान नामक व्यक्तियों को हिरासत में लिया। अब्दुल खालिक समाजवादी पार्टी का नेता है। वह बुलंदशहर से महानगर अध्यक्ष भी है। वहीं, मवाना थाना क्षेत्र से मोहम्मद मूसा नामक व्यक्ति को हिरासत में लेने की बात सामने आई है।

यही नहीं, लखनऊ के विकास नगर में भी एटीएस ने छापा मारते हुए एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। विकास नगर में हुई इस कार्रवाई का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। साथ ही बीकेटी के अचरामऊ गाँव से भी 2 व्यक्तियों को एटीएस अपने साथ ले गई। इनकी पहचान मोहम्मद फरहान और जफर के रूप में हुई। इसके अलावा, रिहाई मंच के अध्यक्ष कथित एक्टिविस्ट मोहम्मद शोएब और एएमयू से पढ़ाई कर रहे नज्म कमर जमां की गिरफ्तारी की बात सोशल मीडिया पर कही जा रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले, राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने गत 24 अप्रैल को देशभर के 4 राज्यों में छापेमारी कर PFI से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब और गोवा में हुई। सबसे ज्यादा 12 जगहों पर बिहार में कार्रवाई हुई। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में दो और पंजाब तथा गोवा में एक-एक जगहों पर एजेंसी ने दबिश दी थी।

बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अब तक एनआईए कई बार छापेमार कार्रवाई कर चुकी है। इस छापेमारी में PFI के कई बड़े नेता और कैडर जाँच एजेंसी के हत्थे चढ़ चुके हैं। अब इन्हीं नेताओं और कैडरों की निशानदेही व इंटेलिजेंस एजेंसी के इनपुट पर एनआईए लगातार इस तरह की कार्रवाई कर रही है। माना जा रहा है कि पीएफआई के बड़े नेताओं की गिरफ्तारी के बाद निचले स्तर के लोग एक बार फिर संगठन को खड़ा करने में जुटे हुए हैं। ज्ञात हो कि देश विरोधी और आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के चलते केंद्रीय गृह मंत्रालय ने PFI पर प्रतिबंध लगाया था।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी इशहाक वानी गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किया 5-6 किलो IED: दो दिन पहले ग्रेनेड धमाके में 5 जवान हुए थे बलिदान

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जम्मू कश्मीर पुलिस ने पुलवामा में 5-6 किलोग्राम IED बरामद किया है। इसके साथ एक आतंकी को भी गिरफ्तार किया गया है। इसकी पहचान पुलवामा के अरिगम निवासी इशफाक अहमद वानी के रूप में हुई है।

पुलिस का कहना है कि आरोपित इशफाक ने अपने पास लगभग 5-6 किलोग्राम छिपा रखा था। आशंका है कि यह विस्फोटक किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए जुटाया गया था। पुलिस ने FIR दर्ज करके मामले की जाँच में जुट गई है। वहीं, आरोपित से पूछताछ हो रही है।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में सेना आतंकियों के खिलाफ सघन अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत 5 मई 2023 को सुरक्षाबलों का राजौरी में आतंकियों से मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में सेना के पाँच जवान बलिदान हो गए थे। इसके पहले धूरियन के तोता गली इलाके में आतंकियों ने 21 अप्रैल 2023 को आतंकियों ने सेना के जवानों पर घात लगाकर हमला कर दिया था। इस हमले में 5 जवान बलिदान हो गए थे।

वहीं, जम्मू-कश्मीर के बारामूला के वनिगम पयीन क्रिरी इलाके में मुठभेड़ के दौरान सेना ने गुरुवार (4 मई 2023) को 2 आतंकियों को मार गिराया था। दोनों स्थानीय आतंकी थे और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए थे। इनकी पहचान शोपियां जिले के शाकिर माजिद नजर और हनान अहमद सेह के रूप में हुई है। दोनों मार्च 2023 में आतंकी बने थे।

गुरुवार को ही अनंतनाग जिले के बिजबेहरा इलाके में आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग की, जिसमें एक सुरक्षाकर्मी को हल्की चोट आई थी। उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इस हमले की जिम्मेदारी कश्मीर टाइगर्स ने ली है। आतंकी संगठन ने कहा कि कश्मीर टाइगर्स ऐसे ही और हमलों की प्लानिंग कर रहा है।

इससे पहले केद्रशासित प्रदेश के माछील सेक्टर में जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना ने एक संयुक्त कार्रवाई में बुधवार (3 मई 2023) को भी दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया था। ये दोनों आतंकी भारत में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे।

बेंगलुरु में 10km तक गूँजे ‘मोदी-मोदी’ के नारे, ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत: कर्नाटक में PM का लगातार दूसरे दिन रोड शो, 28 सीटों पर पड़ेगा असर

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक रखी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरे दिन बेंगलुरु में रोड शो किया। 10 किलोमीटर लंबे रोड शो के दौरान पीएम मोदी का स्वागत मोदी-मोदी के नारे और फूलों की बारिश के साथ हुआ। इससे पहले शनिवार (6 मई 2023) को भी PM ने बेंगलुरु में करीब 26 किलोमीटर लंबा रोड शो किया था।

दरअसल, कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार अब अंतिम दौर में है। ऐसे में पार्टियाँ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच बनाने की कोशिश कर रहीं हैं। इसी सिलसिले में बीजेपी ने ‘नम्मा बेंगलुरु, नम्मा हेम’ (हमारा बेंगलुरु, हमारा गौरव) के नाम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोड शो आयोजित किया। यह रोड शो केम्पेगौड़ा स्टैच्यू से शुरू होकर ट्रनिटी सर्कल तक चला। इस रोड शो का असर आसपास की 28 विधानसभा सीटों में पड़ने की संभावनाएँ जताई जा रहीं हैं।

पीएम मोदी के इस रोड शो में सड़क के दोनों ओर भारी भीड़ देखी गई। इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में प्रधानमंत्री के लिए जनता का उत्साह देखा जा सकता है। लोगों ने ढोल नगाड़ों, फूलों की बारिश और मोदी-मोदी के नारों के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया। यही नहीं, PM के इस रोड शो के लिए लोक कलाकारों ने कई तरह के कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। वहीं, कुछ लोग भाजपा का झंडा हाथों में लेकर नाचते हुए भी नजर आए।

रोड शो के बाद जनसभा को संबोधित

इस मेगा रोड शो के बाद PM मोदी शिवमोगा ग्रामीण और बेंगलुरु सेंट्रल में जनसभा को संबोधित किया। इसके बाद शाम करीब 7 बजे वह नंजनगुड़ के श्री श्रीकंटेश्वर स्वामी मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लेने पहुँचेगें।

कॉन्ग्रेस पर बोला था हमला

शनिवार (6 मई 2023) को 26 किलोमीटर रोड शो करने के बाद पीएम मोदी ने बादामी में जनसभा को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि ये चुनाव न वो लड़ रहे हैं, न उम्मीदवार…इसे कर्नाटक की जनता लड़ रही है। पीएम ने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था, “कॉन्ग्रेस ने तय किया है कि वो अपनी पुरानी आदतें नहीं छोड़ेगी। वो तुष्टिकरण, तालाबंदी और गाली को ही चुनावी मुद्दा बनाएगी। तुष्टिकरण वोटबैंक का, तालाबंदी बीजेपी की गरीब कल्याण नीतियों पर, गाली OBC और लिंगायत समाज को… कॉन्ग्रेस की इस कूटनीति से पूरा कर्नाटक नाराज है।”

हाई कोर्ट ने रोक लगाने से किया था इनकार

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी के रोड शो पर रोक लगाने के लिए एक याचिका दायर की गई थी। शुक्रवार (5 मई 2023) को हाई कोर्ट ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि भारत में चुनाव त्योहार की तरह होते हैं। साथ ही कोर्ट ने मौखिक रूप से स्पष्ट किया कि कोई अप्रिय घटना होने पर आयोजक जिम्मेदार होंगे। हालाँकि, यह टिप्पणी आदेश का हिस्सा नहीं थी। ज्ञात हो कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए सभी 224 सीटों पर 10 मई को मतदान होना है। चुनाव परिणाम 13 मई को सामने आएँगे।

तमिलनाडु के सिनेमाघरों में नहीं दिखाई जाएगी ‘द केरल स्टोरी’: MLA जवाहिरुल्लाह ने CM स्टालिन से की थी बैन की माँग, मध्य प्रदेश में टैक्स-फ्री

एमके स्टालिन (MK Stalin) के नेतृत्व वाली तमिलनाडु की सरकार में लव जिहाद (Love Jihad) पर बनी फिल्म केरला स्टोरी (The Kerala Story) को दिखाने से रोक दिया गया है। इसके लिए राज्य में कानून-व्यवस्था का हवाला दिया। अब यह फिल्म राज्य के सिनेमाघरों में नहीं दिखाई जाएगी।

तमिलनाडु मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ने अनाउंस किया है कि वे रविवार (7 मई 2023) से पूरे राज्य में ‘द केरल स्टोरी’ की स्क्रीनिंग रोक दी गई। एसोसिएशन के कहा है कि यह फिल्म ‘लॉ एंड ऑर्डर के लिए खतरा हो सकती है। हालाँकि, यह भी कहा जा रहा है कि राज्य में फिल्म को ठंडा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसलिए एसोसिएशन ने यह फैसला लिया।

तमिलनाडु में नाम तमिलर काची (NTK) ने शनिवार (6 मई 2023) को चेन्नई में ‘द केरल स्टोरी’ की रिलीज के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। फिल्म के प्रोड्यूसर, एक्टर और डायरेक्टर के खिलाफ तमिलर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने स्काईवॉक मॉल के पास विरोध प्रदर्शन किया।

इसके अलावा, मनिथनेय मक्कल काची (MMK) के अध्यक्ष और विधायक एमएच जवाहिरुल्लाह ने गुरुवार (4 मई 2023) को तमिलनाडु की स्टालिन सरकार से इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया था। उन्होंने इसे दशहत फैलाने के उद्देश्य से बनाई गई फिल्म बताया था।

जवाहिरुल्लाह ने कहा था कि फिल्म निराधार दावे करती है और इसे एक विशेष धर्म और एक राजनीतिक विचारधारा का अपमान करने के मकसद से बनाया गया है। उन्होंने माँग की थी कि राज्य सरकार को फिल्म और अन्य ऐसी फिल्मों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए, जो दहशत पैदा करने के मकसद से बनाई गई हैं।

बता दें कि ‘द केरल स्टोरी’ का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की माँग की जा रही थी। कुछ लोगों ने इसके लिए केरल हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया।हालांकि, केरल हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

जस्टिस एन नागरेश और जस्टिस सोफी थॉमस की पीठ ने 5 मई 2023 को सुनवाई के दौरान कहा कि फिल्म में इस्लाम या मुस्लिमों के खिलाफ कुछ भी नहीं है। यह फिल्म आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के बारे में है। पीठ ने कहा, “इस्लाम के खिलाफ क्या है? धर्म के खिलाफ कोई आरोप नहीं है। आरोप आईएसआईएस के खिलाफ है।”

अदालत ने आगे कहा था, “किसी भी याचिकाकर्ता ने फिल्म नहीं देखी है। फिल्म के ट्रेलर को देखकर लगता है कि इसमें किसी समुदाय विशेष के लिए कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है।” पीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि ऐसी कई फिल्में हैं, जिनमें हिंदू संन्यासियों को तस्कर या बलात्कारी के रूप में दिखाया गया है। हिंदी में भी हैं और मलयालम में भी। कोई विरोध नहीं करता।

इस पर अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने कहा कि अगर एक गलत की अनुमति दी गई, इसका मतलब ये नहीं कि दूसरे को भी दी जानी चाहिए। इस पर कोर्ट ने कहा, “आप अंतिम समय पर आए हैं।” बता दें कि केरला स्टोरी 5 मई 2023 को देश भर के सिनेमा घरों में रिलीज हुई है।

फिल्म के रिलीज होने के साथ विरोध को देखते हुए केरल के कई जिलों में इसके शो को कैंसिल कर दिया गया। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार (6 मई 2023) को राज्य में इस फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा की है।

बता दें कि इस फिल्म को देश भर में पसंद किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी कर्नाटक की एक रैली में इस फिल्म का जिक्र किया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जोरदार बिजनेस कर रही है। दो दिन में फिल्म ने देश भर 20 करोड़ रुपए से अधिक का कलेक्शन किया है।

इमरान खान की तुलना कर दी पैगम्बर से…भीड़ ने मंच से खींचकर मौलाना को बेरहमी से मारा: कत्ल के बाद लगाए नारा-ए-तकबीर के नारे, वीडियो वायरल

पाकिस्तान के खैबर प्रान्त में एक राजनैतिक रैली के दौरान एक व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई है। 40 वर्षीय मृतक मौलाना बताया जा नाम निगार आलम है। निगार पर आरोप है कि उसने इमरान खान की तुलना पैगम्बर से की थी। इस मॉब लिंचिंग के दौरान मौके पर पुलिस मौजूद थी लेकिन वो भीड़ से मौलाना को बचाने में नाकामयाब रही। क़त्ल के बाद मौलाना की लाश पर नारा-ए-तकबीर और अल्लाह-हू-अकबर के नारे भी लगे। घटना शनिवार (6 मई 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के समय रात में पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी की एक रैली हो रही थी। इस रैली में PTI कार्यकर्ता अपने मुखिया इमरान खान का समर्थन कर रहे थे। इसी दौरान मौलाना निगार आलम ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री की शान में कसीदे गढ़ने शुरू कर दिए। निगार से कहा कि वो इमरान खान की ईमानदारी के इतने कायल हैं कि उनका सम्मान एक पैगम्बर की तरह करते हैं। अपने बयान के बाद निगार सभा में आए अन्य लोगों से बात करने में व्यस्त हो गए।

मर्दन इलाके में हो रही इस बीच उसी रैली में शामिल कुछ लोग मौलाना निगार की बयानबाजी से भड़क गए। उन्होंने अपने साथ कई अन्य लोगों को भी भड़का दिया। इसी के बाद एक भीड़ निगार खान को पीटने के लिए आगे बढ़ी। मौके पर मौजूद पुलिस वालों ने जब हमलावरों को रोकना चाहा तो भीड़ और ज्यादा भड़क गई। अल्लाहु अकबर और नार-ए-तकबीर का नारा लगाते हमलावरों ने मौलाना निगार को बेरहमी से पीटा। मौत के बाद भी उनकी अर्धनग्न लाश पर लोग लाठियाँ बरसाते रहे। मौलाना की लाश को भी घसीटा गया। इस हिंसा का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक मृतक पर हमले के लिए देवबंदी विचारधारा के मौलवियों ने लोगों को उकसाया। शुरुआत में उन्होंने मौलाना पर ईशनिंदा के तहत FIR दर्ज करने की माँग की थी। बताया यह भी जा रहा है कि मृतक ने उसी दिन PTI ज्वाइन की थी और पहले ही दिन उसकी हत्या कर दी गई।

‘राहुल गाँधी कर्नाटक को दे रहे गारंटी…उनकी गारंटी कौन लेगा?’: असम के CM सरमा ने कसा तंज, बोले- सोनिया गाँधी 20 सालों से उनके लिए अकेले लड़ रहीं

कर्नाटक विधानसभा चुनाव (Karnataka Assembly Election 2023) के लिए प्रचार करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Assam CM Himanta Biswa Sarma) ने कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी (Congress Leader Rahul Gandhi) पर निशाना साधा है।

सीएम सरमा ने मंगलुरु की एक रैली में रविवार (7 मई 2023) को बोलते हुए कहा कि राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए उनकी माँ सोनिया गाँधी (Sonia Gandhi) पिछले 20 वर्षों से संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी कर्नाटक के लोगों को गारंटी दे रहे हैं। उनकी गारंटी कौन देगा।

असम के मुख्यमंत्री ने कहा, “राहुल गाँधी कर्नाटक की जनता को गारंटी दे रहे हैं, लेकिन राहुल गाँधी की गारंटी कौन लेगा… राहुल गाँधी को खड़ा करने के लिए सोनिया गाँधी पिछले 20 साल से अकेले लड़ रही हैं। अब यह शख्स (राहुल गांधी) कर्नाटक आकर लोगों को गारंटी दे रहा है?”

सरमा ने कहा की अमेठी के लोग अभी भी सोच रहे हैं कि कैसे उन्होंने हर बार एक परिवार को चुना और एक बार हारने के बाद वे वहाँ से निकल गए। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी पिछले पाँच साल से अमेठी नहीं गए हैं। उन्होंने रैली में आई जनता से पूछा, “क्या आप उस व्यक्ति की गारंटी ले सकते हैं, जो अपनी गारंटी नहीं ले सकता है।”

उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एक जगह कुछ और बोलते हैं और दूसरी जगह जाकर कुछ और बोलते हैं। सीएम सरमा ने कहा कि उनकी माँ सोनिया गाँधी भी राहुल गाँधी को लेकर अब चिंतित रहती हैं। बता दें कि कर्नाटक में 10 मई को विधानसभा चुनाव होने वाला है और 13 मई को परिणाम जारी किया जाएगा। 

असम के सीएम सरमा ने आगे कहा कि जब PFI पर प्रतिबंध लगाया गया था तो कई दलों ने इसकी निंदा की थी। कॉन्ग्रेस अपनी ‘धर्मनिरपेक्षता’ के चलते निंदा नहीं कर पाई तो उसने इसकी तुलना बजरंग दल से कर दी। कॉन्ग्रेस नेता सिद्धारमैया पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कर्नाटक में जब सिद्धारमैया की सरकार थी, तब उन्होंने PFI के खिलाफ मामले वापस लिए और उन्हें जेल से रिहा किया था।

पोर्न साइट पर अपनी अश्लील वीडियो देख 72 साल के बुजुर्ग ने की आत्महत्या: ‘बड़े पापा’ कहने वाली लड़की गिरफ्तार, पुलिस को मोबाइल से मिले कई ‘सेक्स’ वीडियो

असम जोरहाट जिले में पोर्न साइट पर अपनी वीडियो देख कर 72 साल के एक बुजुर्ग ने आत्महत्या कर ली है। वीडियो में बुजुर्ग कॉलेज में पढ़ने वाली एक लड़की के साथ सेक्स करता दिखाई दे रहा था। मृतक अविवाहित था। आरोप है कि उसे हनी ट्रैप में फँसाया गया था। इस आत्महत्या के बाद गाँव की महिलाओं ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जाँच की जा रही है।

मामला जोरहाट जिले के गाँव ढेकेलिया का है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपिता का नाम दर्शना भराली है। अरोपिता बुर्जुग को बड़े पापा कह कर बुलाती थी। आरोप है कि उसने 72 वर्षीय बुजुर्ग को अपने घर तब बुलाया था जब वो अकेली थी। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वभाव से सीधा-साधा बुजुर्ग लड़की की बातों में आकर उसके घर चला गया। इसके बाद लड़की ने बुजुर्ग को अपनी बातों में सेक्स के लिए फँसाया। लड़की ने इस घटना का चुपके से वीडियो भी बना डाला था।

ग्रामीणों का आरोप है कि दर्शना ने बुजुर्ग को सिर में दर्द की दवा के बहाने नशे की गोलियाँ दे दी थीं जिस से मृतक को अपने साथ हो रही घटना का एहसास भी नहीं हुआ। दावा इस बात का भी किया जा रहा है कि आत्महत्या से पहले मृतक ने ग्रामीणों को अपनी परेशानी बताई थी। तब उन्होंने काह था कि दर्शना उन्हें ब्लैकमेल कर रही है। आखिरकार बुजुर्ग का वीडियो पोर्न साइट पर अपलोड कर दिया गया। इस बात से आहत हो कर बुजुर्ग ने अपनी जान दे दी। मौत के बाद पुलिस को मृतक के मोबाइल से उसका अश्लील वीडियो मिला है।

घटना की जानकारी होने पर ग्रामीण नाराज हो गए और उन्होंने दर्शना पर कार्रवाई की माँग को ले कर प्रदर्शन किया। पुलिस ने आरोपिता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जाँच में लड़की के कुछ अन्य लोगों के साथ भी सेक्स के वीडियो बरामद हुए हैं। लड़की जिस कॉलेज की छात्रा है वहाँ पढ़ने वाले एक छात्र के साथ भी उसकी अश्लील वीडियो मिली थी। तब लड़की ने छात्र पर ही अपने वीडियो को लीक करने का आरोप लगा दिया था। हालाँकि छात्र ने अपनी सफाई में खुद को दर्शना द्वारा फँसाए जाने की बात कही थी। कुछ ग्रामीणों का ये भी मानना है कि लड़की पढ़ने में काफी तेज है। उन्होंने आशंका जताई कि कोई दर्शना को मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहा है।

पहलवानों के समर्थन में जुटे खाप और किसान नेता: पीएम मोदी और सांसद बृजभूषण का पुतला फुँकने का किया ऐलान, जंतर-मंतर से बॉर्डर तक सुरक्षा कड़ी

भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ धरने पर बैठे पहलवानों के समर्थन में रविवार (7 मई 2023) को जाट समुदाय की खाप पंचायतें दिल्ली के जंतर मंतर पर पहुँची। इसके अलावा, राकेश टिकैत भी समर्थन में आए हैं। हालात को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा को कड़ा कर दिया है।

टिकैत की नेतृत्व वाली संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने भी घोषणा की है कि पहलवानों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए हजारों किसान जंतर मंतर जाएँगे। टिकैत के साथ दर्शन पाल और हनन मुल्ला जैसे SKM के नेता भी मौजूद हैं। इसके अलावा, भारतीय किसान मोर्चा उगराहां के नेता भी पहलवानों के समर्थन में जंतर-मंतर पहुँचे हैं।

इसको देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी क्षेत्र की सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। दिल्ली पुलिस ने विरोध स्थल और उसके आसपास के क्षेत्रों में रेत से भरे डंपिंग ट्रकों के साथ सड़कों पर बैरिकेडिंग कर दी है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा जाँच और गश्त बढ़ाने के साथ-साथ दंगा नियंत्रण दल को भी तैनात किया है।

इस दौरान किसान नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार और सांसद बृजभूषण शरण सिंह के पुतले जलाने की भी घोषणा की है। बीकेयू उगराहां के किसान नेता जोगिंदर उगराहां ऐलान किया है कि उनका संगठन 11 मई से 18 मई के बीच देश भर में मोदी सरकार और बृजभूषण की अर्थी जलाएगा। उधर, DU जाट एसोसिएशन ने ट्वीट किया, “बहन-बेटियों के सम्मान में खाप पंचायत मैदान में।”

पालम खाप के अध्यक्ष चौधरी सुरेंद्र सोलंकी ने जंतर-मंतर पर कहा, “जब तक इन बच्चों (प्रदर्शनकारी पहलवानों) को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा। इस विरोध को हम कैसे आगे बढ़ाएँगे, यह आज हम सभी मिलकर तय करेंगे।” किसान नेता अपने साथ महिलाओं का भी जत्था लेकर जंतर मंतर पहुँचे हैं।

उधर, कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अगर उनके खिलाफ यौन शोषण का एक मामला भी साबित हो जाएगा तो वे फाँसी पर लटक जाएँगे। उन्होंने कहा, अगर किसी अन्य महिला या पुरुष पहलवानों से पूछो कि क्या ये बृजभूषण वास्तव में रावण है, क्या ये दुराचारी है।” भाजपा सांसद ने कहा कि मामला दिल्ली पुलिस के विचाराधीन है। इसलिए वे सारी बातों पर वे खुलकर नहीं बोल सकते।

विरोध करने वाले पहलवानों में से एक बजरंग पुनिया ने देश के लोगों से आज शाम 7:00 बजे कैंडल मार्च निकालने की अपील की। ट्वीट कर पुनिया ने कहा, ”…पूरे देशवासियों से अपील है कि भारत की हमारी बेटियों के न्याय की इस लड़ाई में वे पूरे देश में कैंडल मार्च निकालेंगे।”