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क्या बागेश्वर सरकार को घेरेंगे लालू यादव के बेटे, लाठी और हरे झंडे वाली DSS को दे रहे ट्रेनिंग: बिहार में कथा से पहले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर केस भी

बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बिहार आने वाले हैं। पटना के नौबतपुर में 13 से 17 मई तक वे हनुमत कथा सुनाएँगे। एक तरफ इस कथा के आयोजन को लेकर तैयारियाँ चल रही हैं, दूसरी ओर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बेटे और नीतीश सरकार में मंत्री तेज प्रताप यादव उनके विरोध की तैयारियों में जुटे हैं।

तेज प्रताप यादव ने पिछले दिनों एयरपोर्ट पर ही धीरेंद्र शास्त्री का घेराव करने की धमकी दी थी। अब उन्होंने धर्मनिरपेक्ष सेवक संघ (DSS) के सदस्यों की लाठी और हर झंडे के साथ ट्रेनिंग की कुछ तस्वीर भी सोशल मीडिया में शेयर की है। इसको बागेश्वर सरकार के विरोध की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। इतना ही नहीं धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर में मुकदमा भी दर्ज हुआ है।

तेज प्रताप यादव ने रविवार (30 अप्रैल 2023) को सोशल मीडिया पर कुछ फोटो शेयर की हैं। इन फोटो के साथ उन्होंने लिखा है, “धर्म को टुकड़ों में बाँटने वालों को करारा जवाब मिलेगा, तैयारी पूरी है। हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आपस में हैं भाई-भाई।” फोटो में वे DSS सदस्यों को ट्रेनिंग देते नजर आ रहे हैं। कुछ फोटो में डीएसएस के सदस्य लाठी और हरे झंडे के साथ दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि तेज प्रताप यादव अपने सरकारी आवास में ही इन लड़कों को ट्रेनिंग दे रहे हैं।

इससे पहले तेज प्रताप यादव ने कहा था, “अगर बागेश्वर बाबा हिंदू-मुसलमान को लड़वाने के लिए आ रहे हैं तो मैं उनका विरोध करूँगा। मैं उनका हवाई अड्डे पर घेराव करूँगा। अगर वह भाईचारे का संदेश देंगे कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई हम सब हैं भाई-भाई तो उनकी बिहार में एंट्री हो सकती है।” मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बागेश्वर धाम सरकार के नाम से मशहूर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 12 मई को बिहार पहुँचेंगे।

बागेश्वर सरकार पर मुजफ्फरपुर में मुकदमा

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर के ECJM कोर्ट में मुकदमा दर्ज हुआ है। यह मुकदमा सूरज कुमार नामक व्यक्ति ने कराया है। सूरज कुमार पेशे से वकील है। सूरज कुमार का आरोप है कि 24 अप्रैल 2023 को राजस्थान में आयोजित एक कथा में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने खुद को हनुमान जी का अवतार बताते हुए अपनी तुलना भगवान से की थी। उसने धीरेंद्र शास्त्री पर हिंदुओं को धोखा देने, गुमराह करने और ठगने का आरोप लगाया है। सूरज कुमार की शिकायत पर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ धारा 295 क, 505 और 298 के तहत मामला दर्ज हुआ है। मामले की सुनवाई 10 मई 2023 को होगी।

‘भाजपा MP ने किया कन्नड़ गौरव का अपमान’: लखनऊ के अटल बिहारी ग्राउंड में भिड़े कोहली-गंभीर, कर्नाटक की पिच पर कॉन्ग्रेसी गैंग लगा भुनाने

लखनऊ इकाना स्टेडियम में सोमवार (1 मई, 2023) को विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच लड़ाई हो गई। उससे पहले विराट कोहली और नवीन-उल-हक़ आपस में भिड़ते हुए दिखे। इस मैच को RCB (रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर) ने जीता, जबकि बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए मैच में LSG (लखनऊ सुपरजायंट्स) ने जीता था। अब कॉन्ग्रेस से जुड़े कुछ लोग इस घटना को कर्नाटक विधानसभा चुनाव से जबरन जोड़ रहे हैं।

इस लड़ाई के बाद BCCI ने इन खिलाड़ियों पर जुर्माना भी लगाया है। जहाँ विराट कोहली पर मैच फी का 100% जुर्माना लगाया गया, जो 1.07 करोड़ रुपए बैठता है। वहीं गौतम गंभीर पर 25 लाख रुपए और नवीन-उल-हक़ पर 1.79 लाख रुपए का जुर्माना लगा। कॉन्ग्रेस समर्थक अब इस लड़ाई को लेकर कर्नाटक विधानसभा चुनाव में फायदा उठाना चाहते हैं। गौतम गंभीर पूर्वी दिल्ली से भाजपा के सांसद भी हैं, ऐसे में उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

कॉन्ग्रेस छोड़ चुके संजय झा, जो अभी भी पार्टी की तरफदारी करते हैं, उन्होंने लिखा, “गौतम गंभीर भारत के लिए खेला करते थे। लेकिन, भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने अपने स्तर को गिरा कर खुद को एक धौंस जमाने वाला राजनीतिक व्यक्ति बना लिया है। IPL मैच के दौरान जो भी हुआ, वो निंदनीय है। क्या विधानसभा चुनाव में दिख रही हार के कारण भाजपा नेता इतने गुस्से में हैं?” संजय झा ने कहीं के मामले को कहीं जोड़ दिया।

इसी तरह, अर्चना पवार नाम की यूजर लिखा, “भाजपा सांसद गौतम गंभीर घमंड को देखिए। वो कन्नड़ लोगों के गौरव, कप्तान विराट कोहली को धमकी दे रहे हैं। क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें ऐसा करने का अधिकारी दिया है? ऐसे खिलाड़ियों को किसी भी टीम के लिए नहीं चुना जाना चाहिए। 13 मई को कर्नाटक ज़रूर इन लोगों को सबक दिखाएगा।” IPL की लड़ाई में बिना मतलब का पीएम मोदी को भी घसीट लिया गया।

इसी तरह, APJ नाम के यूजर ने लिखा, “भाजपा नेता गौतम गंभीर ने 7 करोड़ कन्नड़ जनता का अपमान किया है। जिस कप्तान विराट कोहली से हम इतना प्यार करते हैं, उनका उन्होंने अपमान किया है। आशा है कि चुनाव के दिन कर्नाटक सटीक जवाब देगा।” इसी तरह, निम्मो यादव नामक हैंडल ने LSG के कोच गौतम गंभीर को मानसिक इलाज की ज़रूरत तक बता दिया। शांतनु नाम के यूजर ने भी लिखा कि कन्नड़ जनता भाजपा को सबक सिखाएगी।

बता दें कि कोहली-गंभीर के बीच का झगड़ा एक दशक पुराना है। 2013 में जब गौतम गंभीर KKR (कोलकाता नाइट राइडर्स) के कप्तान थे और विराट कोहली RCB के, तब एक मैच में कोहली के आउट होने के बाद गंभीर ने कुछ कह दिया था, जिस पर तनातनी हुई थी। तब रजत भाटिया ने उन्हें अलग किया था। याद हो कि जब विराट कोहली ने अपना पहला शतक जड़ा था, तब गौतम गंभीर ने अपना ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अवॉर्ड उन्हें दे दिया था। ये स्नेह बाद में झगड़े में बदल गया।

दिल्ली के शराब घोटाले में राघव चड्ढा का भी आया नाम, ED की चार्जशीट में सिसोदिया के घर हुए बैठक का जिक्र: AAP सांसद ने बताया प्रोपेगेंडा

दिल्ली के शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी (AAP) की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं। मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल के बाद अब AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम भी इसमें सामने आया है। ईडी की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में चड्ढा का जिक्र है। हालाँकि आप सांसद ने इसका खंडन करते हुए इसे प्रोपेगेंडा बताया है।

चड्ढा का कहना है कि ईडी की किसी भी शिकायत में उन्हें आरोपित या संदिग्ध नहीं बताया गया है। उन पर कोई आरोप नहीं है। उनके नाम का जिक्र किसी बैठक में शामिल होने को लेकर है, लेकिन इसका आधार स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा है कि इस संबंध में आ रहे समाचार तथ्यात्मक तौर पर गलत और उनके खिलाफ दुर्भावनापूर्ण प्रचार का हिस्सा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट में दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट में बताया है कि मनीष सिसोदिया के पीए सी अरविंद ने राघव चड्ढा का नाम लिया था। अपने बयान में सी अरविंद ने दावा किया है कि मनीष सिसोदिया के घर एक बैठक हुई थी। इस बैठक में राघव चड्ढा, पंजाब सरकार के एसीएस वित्त, आबकारी आयुक्त वरुण रूजम, एफसीटी और पंजाब आबकारी के अफसर भी मौजूद थे।

ईडी ने चार्जशीट में कहा है कि दिल्ली की नई आबकारी नीति सीएम अरविंद केजरीवाल का प्लान के तहत बनाई गई थी। पूरी आबकारी नीति को विजय नायर मैनेज कर रहा था। तेलंगाना के मुख्यमंत्री चन्द्रशेखर राव की बेटी के कविता ने आबकारी नीति बनने और उसके लागू होने के बाद विजय नायर के साथ कई बार मीटिंग की थी। केजरीवाल और सिसोदिया ने विजय नायर को आबकारी नीति बनाने और उसको लागू करने के लिए पूरी तरह छूट दे रखी थी।

इस मामले में दिनेश अरोड़ा ने ईडी को बताया है कि उसने AAP नेता संजय सिंह के कहने पर दिल्ली के कई रेस्टोरेंट मालिकों से 82 लाख रुपए जुटाकर मनीष सिसोदिया को पार्टी फंड के नाम पर दिया था। इस फंड का इस्तेमाल दिल्ली के चुनावों में किया गया था। दिनेश अरोड़ा ने यह भी कहा है कि उसने दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से 5-6 बार बात की थी। यही नहीं, उसने संजय सिंह के आवास पर अरविंद केजरीवाल से हुई मुलाकात का जिक्र भी किया है।

केजरीवाल से भी हुई थी पूछताछ

बता दें कि शराब घोटाला मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जेल में बंद हैं। ईडी और सीबीआई दोनों ही जाँच एजेसियों ने उन पर शिकंजा कस रखा है। वहीं, दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल से भी सीबीआई ने 16 अप्रैल को पूछताछ की थी। करीब 9 घंटे की पूछताछ के दौरान सीबीआई ने केजरीवाल से 56 सवाल पूछे थे। इसके अलावा ईडी की चार्जशीट में भी अरविंद केजरीवाल का नाम है।

‘पहले प्रभु श्रीराम को ताले में बंद किया, अब बजरंग बली से दिक्कत’: कर्नाटक में कॉन्ग्रेस पर बरसे PM मोदी, अमित शाह ने कहा – सत्ता में आकर PFI से बैन हटा लेगी कॉन्ग्रेस

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कॉन्ग्रेस पार्टी को घेरा है। बता दें कि कॉन्ग्रेस ने अपने घोषणापत्र में हिन्दू संगठन ‘बजरंग दल’ को प्रतिबंधित करने की घोषणा की है। होसपेट पहुँचे पीएम मोदी ने कहा कि ये हनुमान जी की पवित्र भूमि है और उनके लिए इस धरती को नमन करना बहुत बड़ा सौभाग्य है, लेकिन दुर्भाग्य देखिए कि कॉन्ग्रेस ने अपने मैनिफेस्टो में बजरंग बली को ताले में बंद करें का निर्णय किया है।

पीएम मोदी ने कहा कि पहले इन्होंने भगवान श्रीराम को ताले में बंद किया, अब कॉन्ग्रेस ने ‘जय बजरंग बली’ बोलने वालों को ताले में बंद करने का संकल्प लिया है। पीएम मोदी ने कहा कि ये देश का दुर्भाग्य है कि कॉन्ग्रेस पार्टी को प्रभु श्रीराम से भी तकलीफ होती थी, वहीं अब ‘जय बजरंग बली’ बोलने वालों से भी तकलीफ हो रही है। पीएम मोदी ने इस दौरान ये भी कहा कि कॉन्ग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड गारंटी पूरी करने का नहीं बल्कि गरीबों को लूटने का है।

उन्होंने कहा, “कर्जमाफी से लेकर हर घर बिजली पहुँचाने की गारंटी तक, कॉन्ग्रेस ने झूठ ही झूठ बोला है। कॉन्ग्रेस गारंटी की बात करती है, लेकिन उसका मकसद कुछ और होता है। कॉन्ग्रेस की नजर योजनाओं के 85% पैसे पर होती है। हमें कर्नाटक को कॉन्ग्रेस की 85% कमीशन वाली आदत से बचाना है। कॉन्ग्रेस एक ऐसी पार्टी है जिसे इस देश के हर क्षेत्र ने नकार दिया है। एक समय था जब कॉन्ग्रेस इस घमंड में रहती थी कि पूरे भारत में पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक उसका ही शासन है, लेकिन आज भारत की जनता ने पार्टी को गिने-चुने राज्यों में समेट दिया है।”

उधर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मैसूर में भाजपा के लिए चुनाव प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर कर्नाटक में कॉन्ग्रेस पार्टी सरकार बनाने में सफल हो जाती है और सिद्धारमैया जीत जाते हैं, तो ये लोग PFI पर से बैन हटा देंगे। बता दें कि कट्टर इस्लामी संगठन PFI भारत को 2047 तक ‘इस्लामी राज्य’ बनाने के मिशन पर लगा था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने इसे प्रतिबंधित किया। अमित शाह ने कहा कि सिद्धारमैया ने अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के अलावा कुछ भी नहीं किया।

अमित शाह ने कहा, “कॉन्ग्रेस पार्टी ने कर्नाटक को केंद्र का ATM बनाया। सिद्धारमैया के राज में कर्नाटक में सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ। सिद्धारमैया के समय में इतना भ्रष्टाचार हुआ कि पूरे भारत में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार करने वाली सरकार सिद्धारमैया की सरकार थी। ‘लिंगायतों ने यहां भ्रष्टाचार किया है’ – यह कहकर सिद्धारमैया ने लिंगायत समुदाय का अपमान किया है। निजलिंगप्पा और वीरेंद्र पाटिल को हटाकर पहले भी कॉन्ग्रेस पार्टी लिंगायत समुदाय का अपमान कर चुकी है।”

जो जस करहि सो तस फल चाखा… अतीक की हत्या के बाद प्रयागराज पहुँचे CM योगी ने याद की रामचरितमानस की पंक्तियाँ, कहा – प्रकृति नहीं बर्दाश्त करती अत्याचार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार (2 मई, 2023) को संगम की भूमि प्रयागराज पहुँचे। यहाँ उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। बता दें कि प्रयागराज में 45 वर्षों तक आतंक का पर्याय रहे अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद से ही मॉडल गर्माया हुआ है। ऐसे में सीएम योगी के यहाँ पहुँचने और उनके भाषण पर सभी की नजर थी। अतीक अहमद का बेटा असद भी पुलिस एनकाउंटर में मारा जा चुका है।

इस दौरान सीएम योगी ने रामचरितमानस में संत तुलसीदास की एक चौपाई का जिक्र किया – “कर्म प्रधान विश्व रचि राखा। जो जस करहि सो तस फल चाखा।।” उन्होंने कहा कि ये पंक्तियाँ आज भी उसी प्रकार से प्रासंगिक है, जैसी मध्यकाल में थी। उन्होंने कहा कि ये पंक्तियाँ हमारे कर्म प्रधान विवशता का मार्गदर्शन करती दिखती हैं। उन्होंने ये भी कहा कि जिस प्रयागराज में दुनिया अपनी आध्यात्मिक पिपासा के लिए आती है और जिसने हजारों वर्ष से मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया हो, वहाँ करोड़ों लोग संगम में डुबकी लगा कर जीवन को धन्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रयागराज में अन्याय और अत्याचार से पीड़ित मानव न्यायालय की शरण में न्याय प्राप्त करने की अभिलाषा लेकर आता है, उस धरती को कुछ लोगों ने न्याय और अत्याचार का शिकार बना दिया था, पापाचार का शिकार बना दिया था, लेकिन ये प्रकृति न किसी पर अत्याचार करती है और न किसी के अत्याचार को स्वीकार ही करती है। सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज की धरती कभी सात्विक प्रकृति को निराश नहीं करती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहाँ महापौर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार के लिए आए थे। पार्टी ने यहाँ गणेश केशरवानी को उम्मीदवार बनाया है। सीएम योगी ने पार्टी में नए कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की बात भी कही और भारत देश को लोकतंत्र की जननी बताते हुए भाजपा के लोकतंत्र की भी बात की। उन्होंने 2017 के पहले के उत्तर प्रदेश को याद करते हुए कहा कि तब भय के साये में व्यक्ति पर्व-त्योहारों के दौरान हिंसा की आशंका से काँपता था, लेकिन अब कफ्यू-दंगा नहीं बल्कि सब चंगा है।

सीएम योगी ने कहा, “अपराध के प्रति सरकार की कार्रवाई जीरो टॉलेरेंस की है। जो पहले आतंक के बल पर निर्दोषों की संपत्ति कब्जाते थे, वो गले में तख्ती लगा कर आत्म-समर्पण करते हैं। अब व्यापारी को रंगदारी नहीं देना पड़ता, उन्हें 10 लाख रुपए की बीमा सुरक्षा योजना का लाभ मिलता है। 2017 से पहले व्यापारियों से रंगदारी वसूली होती थी, आज पीएम योजना से स्वनिधि का लाभ मिलता है। हम गरीबों को संरक्षण देने, व्यापारियों को सुरक्षा देंगे। माफियाओं की संपत्ति जब्त कर गरीबों के लिए आवास बनेगा।”

तिहाड़ में सुआ घोंप-घोंप कर गैंगस्टर को मार डाला, ग्रिल काटकर किए 40 वार: उसी गैंग ने किया हमला, जिससे अतीक-अशरफ के शूटर को मिली थी पिस्टल

दिल्ली के तिहाड़ जेल में गैंगवार में एक और अपराधी मारा गया है। मारे गए गैंगस्टर की पहचान टिल्लू ताजपुरिया (Tillu Tajpuria Murder) के तौर पर हुई है। उस की हत्या करने वाले गोगी गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं। गोगी गैंग का नाम प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद भी आया था। कहा जा रहा है कि माफिया ब्रदर्स को ढेर करने वाले शूटरों को जिगाना पिस्टल गोगी गैंग से ही मिली थी।

मंगलवार (2 मई 2023) की सुबह करीब 6 बजे ताजपुरिया पर हमला हुआ। उस पर गोगी गैंग के 4 अपराधियों ने लोहे की रॉड और सुआ से करीब 40 वार किए। ताजपुरिया पर गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की हत्या का आरोप था। ऐसे में इसे जितेंद्र गोगी की हत्या का बदला कहा जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टिल्लू ताजपुरिया तिहाड़ के हाई सिक्योरिटी जेल के ग्राउंड फ्लोर में स्थित जेल नंबर 8 में बंद था। उसकी हत्या यहीं की गई। हत्या पूरी प्लानिंग के तहत की गई। गोगी गैंग के चार अपराधी योगेश टुंडा, दीपक तीतर, राजेश और रियाज फर्स्ट फ्लोर के जेल नंबर 9 में बंद थे। हत्या करने के लिए उन्होंने पहले लोहे की ग्रिल को काटा। इसके बाद चादर की सहायता से ग्राउंड फ्लोर पर कूद गए। इसके बाद लोहे की रॉड और सुआ से वार कर ताजपुरिया की हत्या कर दी।

हमले में घायल होने के बाद ताजपुरिया को दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। लेकिन उसकी मौत हो गई। इस हमले में ताजपुरिया को बचाने में रामनिवास नामक एक अन्य कैदी भी घायल हुआ है। फिलहाल वह खतरे से बाहर है। बताया जा रहा है कि गोगी गैंग के कई गुर्गे तिहाड़ जेल में बंद हैं। इस हत्या में रोहित मोई का नाम भी सामने आ रहा है। रोहित को जितेंद्र गोगी का राइट हैंड माना जाता है। जितेंद्र गोगी और रोहित मोई को पुलिस ने एक साथ ही गिरफ्तार किया था। ज्ञात हो कि गोगी गैंग के लॉरेंस विश्नोई गैंग से भी संबंध रहे हैं। दोनों गैंग साथ मिलकर काम करने के लिए जाने जाते थे।

गौरतलब है कि टिल्लू ताजपुरिया और जितेंद्र गोगी एक समय दोस्त हुआ करते थे। लेकिन साल 2010 में दिल्ली के एक कॉलेज में हुए छात्र संघ चुनाव के दौरान दोनों में किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद दोनों की राहें अलग हो गई थी। यही नहीं, दोनों के बीच आपसी गैंगवार भी देखने को मिल रहा था। इसी गैंगवार के चलते बीते 6 सालों में 12 लोगों की हत्या को चुकी है।

अतीक की हत्या में आया था गोगी गैंग का नाम

बता दें कि माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या में भी गोगी गैंग का नाम सामने आया था। अतीक और अशरफ को तुर्की की जिगाना पिस्टल से मारा गया था। यह पिस्टल शूटर सनी को गोगी गैंग से ही मिली थी। पहले इस पिस्टल से टिल्लू की हत्या होनी थी। लेकिन उससे पहले ही सनी ने दो अन्य शूटरों के साथ मिलकर अतीक और अशरफ की हत्या कर दी।

कॉन्ग्रेस ने बजरंग दल पर बैन का किया वादा: BJP ने बताया- कट्टरपंथी मुस्लिमों का घोषणा पत्र, VHP ने कहा- कर्नाटक से जनाजा निकलना तय

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए कॉन्ग्रेस ने मंगलवार (2 मई 2023) को अपना घोषणा-पत्र जारी किया। इसमें कॉन्ग्रेस ने सत्ता में आने पर बजरंग दल और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) जैसे संगठनों पर बैन का वादा किया है। दिलचस्प यह है कि कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पीएफआई पर केंद्र की मोदी सरकार पहले ही प्रतिबंध लगा चुकी है। ऐसे में बजरंग दल पर प्रतिबंध का वादा कॉन्ग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत कभी ‘भगवा आतंकवाद’ गढ़ा गया था।

घोषणा-पत्र जारी किए जाने के मौके पर कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार जैसे पार्टी नेता मौजूद थे। घोषणा-पत्र में पाँच प्रमुख गारंटी का जिक्र करते हुए बजरंग दल, पीएफआई और ऐसे अन्य संगठनों पर प्रतिबंध की बात कही गई है। इसमें कहा गया है कि ये कानून और संविधान का उल्लंघन करते हैं और समुदायों के बीच दुश्मनी और नफरत को बढ़ावा देते हैं। कॉन्ग्रेस जाति और धर्म के आधार पर समुदायों के खिलाफ नफरत फैलाने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ कड़ी और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कॉन्ग्रेस ने घोषणा पत्र में कहा है, “हम मानते हैं कि कानून और संविधान पवित्र हैं। बजरंग दल, पीएफआई जैसे व्यक्तियों के जरिए बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक समुदायों के बीच शत्रुता या घृणा को बढ़ावा देने वाले अन्य लोगों की तरफ से इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता है।” बीजेपी ने कॉन्ग्रेस के घोषणा-पत्र को कट्टरपंथी मुसलमानों का मैनिफेस्टो करार दिया है। कहा है कि कॉन्ग्रेस जिन्ना से भी नीचे गिर चुकी है।

कॉन्ग्रेस के घोषणा पत्र का वह हिस्सा जिसमें बजरंग दल पर बैन की बात की गई है

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “गृह मंत्री (अमित शाह) ने PFI को बैन किया तो कॉन्ग्रेस बोल रही है कि वे बजरंग दल को बैन करेंगे, मुस्लिम आरक्षण को फिर से शुरू करेंगे। कॉन्ग्रेस ने जो घोषणा-पत्र जारी किया है, वह पूरा मुस्लिम फंडामेंटलिस्ट का घोषणा-पत्र है।”

कॉन्ग्रेस का जनाजा निकलना तय: VHP

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा है कि हिंदू समाज, हिंदू जनमानस, हिंदू आस्था के केंद्रों, मंदिरों और संतों पर हमला कॉन्ग्रेस के लिए कोई नई बात नहीं है। इनका काम जिहादियों को खुश करना और देशद्रोहियों को पनाह देना है। इसी मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति के तहत इन्होंने अपने घोषणा-पत्र में पीएफआई के साथ बजरंग दल का नाम लिया है। उन्होंने कहा, “ये कॉन्ग्रेस के ताबूत की अंतिम कील साबित होगी। अब कर्नाटक से इसका जनाजा निकलना तय है।”

Vinod Bansal, VHP national spokesperson, talks about Congress' promise to ban Bajrang Dal from OpIndia Videos on Vimeo.

वहीं विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा है, “कॉन्ग्रेस ने कर्नाटक चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र जारी करते हुए प्रखर राष्ट्र भक्त संगठन बजरंग दल की तुलना कुख्यात, देशद्रोही और प्रतिबंधित आतंकी संगठन पीएफआई से की है, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बजरंग दल का एक-एक कार्यकर्ता देश के लिए, समाज के लिए समर्पित है और पीएफआई की गतिविधियों से पूरी दुनिया परिचित है। इसे देश की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी।”

224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा के लिए 10 मई को वोट पड़ेंगे। नतीजे 13 कई को घोषित होंगे।

आए थे आत्मकथा विमोचन को, NCP अध्यक्ष पद से इस्तीफे का ऐलान कर गए शरद पवार: बोले – अब नई पीढ़ी पार्टी को आगे ले जाएगी

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार ने अपनी पार्टी NCP के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने एक कार्यक्रम में खुद इसका ऐलान किया। शरद वपार भारत के रक्षा मंत्री और कृषि मंत्री भी रहे हैं। उन्होंने जून 1999 में कॉन्ग्रेस तोड़ कर NCP की स्थापना की थी। अब लगभग 24 वर्षों बाद उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही अब MVA (महा विकास अघाड़ी) गठबंधन पर भी सवाल खड़े हो गए हैं, जिसमें NCP के साथ कॉन्ग्रेस और शिवसेना (उद्धव ठाकरे) भी हैं।

शरद पवार 4 अब्र महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे हैं। जब नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री थे, तब उन्हें रक्षा मंत्री बनाया गया था। वहीं मनमोहन सिंह के कार्यकाल में उन्होंने बतौर कृषि मंत्री कार्य किया। शरद पवार अपने उत्तराधिकारी को लेकर कहा कि कमिटी NCP के नए अध्यक्ष को लेकर निर्णय करेगी। उन्होंने मंगलवार (2 मई, 2023) को अपने आत्मकथा विमोचन कार्यक्रम के दौरान कहा कि अब समय आ गया है कि नई पीढ़ी पार्टी को उस दिशा में मार्गदर्शित करे, जहाँ वो इसे ले जाना चाहते हैं।

शरद पवार ने इशारा किया है कि NCP में पहले एक कमिटी गठित की जाएगी, जो नए अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगाएगी। महाराष्ट्र के पूर्व उप-मुख्यमंत्री अजित पवार उनके बाद पार्टी में सबसे ताकतवर नेता हैं, जिन्हें कार्यकर्ता ‘दादा’ भी कहते हैं। वहीं शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले भी सांसद हैं। हालाँकि, शरद पवार ने साफ़ कर दिया है कि वो राजनीतिक, समाजिक और सांस्कृतिक जीवन में सक्रिय रहेंगे और काम करते रहेंगे।

शरद पवार इस समय देश के सबसे बुजुर्ग नेताओं में से एक हैं। कुछ ही दिनों पहले वो पंजाब पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने वहाँ के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बदल के निधन के बाद उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। हाल ही में जिस तरह से उनके भतीजे अजित पवार द्वारा बागी तेवर दिखाने और विधायकों के साथ गायब होने की खबरें आई हैं, उसके बाद से ही पार्टी में राजनीतिक संकट है। अजित पवार भाजपा के साथ जाने की अटकलों से इनकार करते रहे हैं, लेकिन वो नवंबर 2019 में 3 दिन की सरकार भाजपा के साथ मिल कर चला चुके हैं।

‘The Kerala Story’ पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, ‘हेट स्पीच’ बता बैन माँग रहे थे निजाम पाशा-कपिल सिब्बल: सेंसर बोर्ड ने 10 सीन डिलीट कर दिया ‘A’

सुप्रीम कोर्ट ने ‘The Kerala Story’ की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, वहीं सेंसर बोर्ड ने भी फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट के साथ पास कर दिया है। ‘The Kerala Story’ केरल की उन लड़कियों की वास्तविक कहानी पर आधारित है, जिन्हें झूठे प्यार और इस्लामी धर्मांतरण के जाल में फँसा कर ISIS आतंकियों का सेक्स स्लेव बना दिया गया। सुप्रीम कोर्ट में फिल्म के खिलफ एक इंटरलॉक्यूटरी एप्लिकेशन (IA) दाखिल किया गया था।

हालाँकि, सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार (2 मई, 2023) को इस पर सुनवाई करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। जस्टिस केएम जोसफ और जस्टिस BV नागरत्न की पीठ के समक्ष इसका जिक्र किया गया था। हेट स्पीच संबंधी अपराधों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक पेंडिंग रिट पेटिशन दाखिल की गई है, उसी के तहत इस IA को डाला गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसके जरिए किसी फिल्म की रिलीज को चुनौती देना ठीक तरीका नहीं है।

वकील निजाम पाशा ने इस पर तुरंत सुनवाई की माँग की थी। उन्होंने इसे ‘हेट स्पीच की सबसे बुरी घटना’ बता कर पेश किया था। उन्होंने इसे ‘ऑडियो-विजुअल हेट प्रोपेगंडा’ भी करार दिया था। इस पर जजों ने कहा कि इसे हाईकोर्ट क्यों नहीं ले जाया जा सकता और हर प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट से ही क्यों शुरू हो। कपिल सिब्बल ने भी इसके ट्रेलर के ट्रांसक्रिप्ट पढ़ने की माँग की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब इस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने सर्टिफाई कर दिया है, इस पर एक याचिका दायर कर के ही सुनवाई की माँग की जा सकती है।

हालाँकि, कपिल सिब्बल ये दलील देते रहे कि फिल्म की रिलीज को अब कम समय ही बचा है। उन्होंने कहा कि वो मुख्य न्यायाधीश (CJI) के समक्ष याचिका दायर कर त्वरित सुनवाई की माँग करेंगे। जस्टिस जोसेफ ने कहा, “मुझे इस फिल्म के बारे में पता है। मैंने एक टीवी डिबेट में देखा। हम भी टीवी देखते हैं।” उक्त फिल्म शुक्रवार (5 मई, 2023) को रिलीज हो रही है। सुदीप्तो सेन ने इसका निर्देशन किया है जबकि विपुल अमृतलाल शाह इसके निर्माता हैं।

सेंसर बोर्ड ने कुछ बदलावों के साथ इसे रिलीज के लिए तैयार किया है। एक दृश्य में हिन्दू देवी-देवताओं को लेकर टिप्पणी (मुस्लिम किरदार द्वारा) थी, जिसे हटाया गया है। भारतीय कम्युनिस्टों को दोहरे रवैये वाला बताने वाली एक टिप्पणी में से ‘भारतीय’ शब्द हटाया गया है। केरल के एक पूर्व मुख्यमंत्री अच्युतानंदम ने राज्य के इस्लामी स्टेट बनने की भविष्यवाणी की थी, उस टीवी इंटरव्यू को हटाया गया है। सेंसर बोर्ड ने 10 दृश्य हटा कर इसे रिलीज के लिए आगे बढ़ाया है।

मंदिर का झंडा नीचे फेंका, इस्लामी झंडा लहराया… फेसबुक पर Video डाला, बरेली में ग्राम प्रधान मोहम्मद आरिफ गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भोजीपुरा थाने की पुलिस ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर कर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में मोहम्मद आरिफ उर्फ गुड्डू को गिरफ्तार किया है। आरोपित के कब्जे से एक मोबाइल भी बरामद किया गया है। 32 वर्षीय मोहम्मद आरिफ भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गाँव भीकमपुर का प्रधान है।

पुलिस के अनुसार, आरिफ उर्फ गुड्डू को बैकुंठापुर फाटक के पास से सोमवार (1 मई 2023) दोपहर करीब 12:20 पर गिरफ्तार किया गया। उसने अपने फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया था। इसमें एक मंदिर पर लगे झंडे को नीचे फेंक उस जगह इस्लामी झंडा लहराते दिखाया गया था।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राज कुमार अग्रवाल ने बताया कि बरेली पुलिस के सोशल मीडिया सेल से भोजीपुरा पुलिस को एक वीडियो भेजी गई थी। भोजीपुरा थाने के सब इंस्पेक्टर मोदी सिंह को जाँच में पता चला कि गुड्डू के मोबाइल से आपत्तिजनक पोस्ट शेयर कर माहौल खराब करने की कोशिश की गई है। मोदी सिंह की शिकायत के आधार पर गुड्डू के खिलाफ आईपीसी की धारा 295 (A) (धार्मिक भावना आहत करना) 153 (दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना) और 67 आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

आरोपित खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, प्रधान आरिफ के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं। 2021 में उस पर सरकारी काम में बाधा डालने, बलवा समेत कई अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

बता दें कि बरेली में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें सोशल मीडिया का उपयोग आपत्तिजनक टिप्पणी करने, धमकी देने, माहौल खराब करने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए किया गया। पिछले साल जुलाई में बरेली पुलिस ने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की गर्दन काटने की धमकी देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद फरीदपुर के कसावन मोहल्ला निवासी नासिर को गिरफ्तार किया था। नासिर के खिलाफ आईपीसी की धारा 153A, 504, 506 और आईटी एक्ट 67 के तहत मामला दर्ज हुआ था।