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वेश्याओं के साथ सेक्स करते हैं मोहम्मद शमी: सुप्रीम कोर्ट को बीवी हसीन जहाँ ने बताया, कहा- विरोध करने पर मेरी पिटाई करते थे

भारतीय गेंदबाज मोहम्मद शमी वेश्याओं के साथ संबंध बनाते हैं। विदेशी दौरों पर होटल रूम में वेश्याओं को लेकर आते हैं। यह बात उनकी बीवी हसीन जहाँ ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कही है। उन्होंने शमी की गिरफ्तारी के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

याचिका में कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें शमी के खिलाफ वारंट पर रोक के सत्र न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा गया था। कोलकाता हाईकोर्ट ने इस संबंध में 28 मार्च 2023 को हसीन जहाँ की याचिका खारिज कर दी थी। उन्होंने पश्चिम बंगाल की एक स्थानीय अदालत द्वारा शमी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाने की चुनौती दी थी।

क्रिकेटर की बीवी ने अपने वकील दीपक प्रकाश, नचिकेता वाजपेयी और दिव्यांगना मलिक वाजपेयी के जरिए मंगलवार (2 मई 2023) सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें उन्होंने (हसीन जहाँ) शमी पर दहेज की माँग करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि शमी बीसीसीआई से जुड़े विदेशी दौरों पर बोर्ड की तरफ से मुहैया कराए गए होटल के कमरों में वेश्याओं को लाते थे। विरोध करने पर हसीन जहाँ की पिटाई करते थे। उन्हें टॉर्चर करते थे।

हसीन जहाँ के अनुसार, शमी ने वेश्याओं के संपर्क में रहने और उनसे अवैध संबंध बनाने के लिए अपने दूसरे मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया। उस फोन को कोलकाता की लाल बाजार पुलिस ने जब्त कर लिया है। याचिका में यह भी कहा गया है, “शमी अभी भी वेश्याओं के साथ यौन गतिविधियों में शामिल हैं। पिछले 4 साल से इस मामले में सुनवाई आगे नहीं बढ़ी है। शमी निचली अदालत में पेश नहीं हुए और जमानत के लिए आवेदन भी नहीं किया।”

बता दें कि 29 अगस्त 2019 को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अलीपुर द्वारा शमी के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया था। क्रिकेटर ने उस आदेश को सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसके बाद 9 सिंतबर 2019 को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और आपराधिक मुकदमे की पूरी कार्रवाई पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद शमी की बीवी ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था, जहाँ उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी।

साल 2018 में मोहम्मद शमी के खिलाफ उनकी बीवी हसीन जहाँ खुलकर मीडिया के सामने आई थीं। तब उन्होंने शमी पर न सिर्फ अपनी प्रताड़ना, बल्कि मैच फिक्सिंग का भी आरोप लगाया था। उस समय शमी ने कहा था कि उन्हें नहीं पता कि उनकी बीवी को कौन भड़का रहा है। मैच फिक्सिंग के आरोपों पर शमी ने कहा था कि वे देश से गद्दारी के बजाए मरना पसंद करेंगे। बाद में शमी और हसीन जहाँ अलग-अलग हो गए थे। कोलकाता की अलीपुर जिला अदालत ने 23 जनवरी 2023 को अपने निर्णय में मोहम्मद शमी को आदेश दिया था कि वो हर महीने हसीन जहाँ को 50 हजार रुपए गुजारा भत्ता के तौर पर दें।

कर्नाटक में पेड़ की टहनियों से झड़े करारे-करारे नोट, कॉन्ग्रेस प्रत्याशी के भाई के घर पर IT विभाग ने मारी थी रेड: देखिए Video

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान आयकर विभाग (Income Tax Department) को बड़ी सफलता मिली है। IT विभाग ने एक आम के पेड़ पर बजे में छिपा कर रखे गए 1 करोड़ रुपए जब्त किए हैं। मैसूर में IT अधिकारियों ने सुब्रमण्य राय के घर छापेमारी की, जहाँ ये रुपए बरामद हुए। बता दें कि सुब्रमण्य राय पुत्तूर विधानसभा क्षेत्र से कॉन्ग्रेस के प्रत्याशी अशोक राय के भाई हैं। इस कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है।

IT के अधिकारियों को इस वीडियो में आम की टहनी पर रखे एक बक्से के बारे में पूछताछ करते हुए देखा जा सकता है। जब इस बक्से को खोला गया तो उसमें से करारे-करारे नोट निकले, जो 1 करोड़ रुपए के थे। जिस पेड़ से ये रुपए बरामद हुए हैं, वो काफी घना पेड़ है। IT विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि परिसर में कई बक्सों में रुपए छिपा कर रखे गए हैं। जिस पुत्तूर से उनके भाई चुनाव लड़ रहे हैं, वो दक्षिण कन्नड़ जिले में पड़ता है।

हालाँकि, ये छापेमारी अभी जारी ही है और इस संबंध में पूरी जानकारी अभी आनी बाक़ी है। अभी ये भी नहीं पता चल पाया है कि ये पैसे आए कहाँ से थे और इनका इस्तेमाल किस काम में किया जाना था। कर्नाटक में बुधवार (10 मई, 2023) को ही विधानसभा चुनाव होने हैं, वैसे में अवैध धन की आवाजाही पर ख़ुफ़िया विभाग नजर रखे हुए हैं। मुख्य लड़ाई सत्ताधारी भाजपा, विपक्षी कॉन्ग्रेस और स्थानीय पार्टी जदस के बीच है।

पिछले महीने भी इस तरह का मामला सामने आया था, जब एक ऑटो से 1 करोड़ रुपए मिले थे। बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार भी किया था। दोनों ने इसे एक कंपनी का कैश बताया था, लेकिन वो कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाए। 1 दिन पहले ही केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली PSU कंपनी WAPCOS (वॉटर एंड पॉवर कंसल्टेंसी) लिमिटेड के पूर्व CMD (चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर) राजेंद्र कुमार गुप्ता के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान केंद्रीय जाँच एजेंसी को 20 करोड़ रुपए से भी अधिक नकद बरामद करने में सफलता मिली थी।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें! तीन दिन का ही नहीं है संकट, डूबने को है Go First: संकट में स्पाइसजेट को दिखी कमाई की उड़ान

हवाई यात्री परेशान हैं। एयरपोर्ट पर गो फर्स्ट (Go First) के काउंटर पर सन्नाटा है। वजह वाडिया ग्रुप की इस एयरलाइन कंपनी ने अगले कुछ दिनों के लिए अपना परिचालन बंद करने की घोषणा की है। लेकिन इस कंपनी के जो हालात हैं उसे देखकर नहीं लगता कि यह केवल कुछ दिनों का संकट है। असल में गो फर्स्ट दिवालिया होने के कगार पर है। उसने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में वॉलंटरी इनसॉल्वेंसी प्रॉसीडिंग के लिए एप्लिकेशन दी है।

एयरलाइन कंपनी के पास न तो ईंधन है और न पैसा। इस देखते हुए गो फर्स्ट ने 3 , 4 और 5 मई के लिए अपनी सभी उड़ानों को रद्द करने का फैसला लिया है। कंपनी ने मंगलवार (2 मई 2023) को ट्वीट कर कहा, “परिचालन संबंधी कारणों से 3, 4 और 5 मई 2023 के लिए Go First की सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हम इसके लिए अपने ग्राहकों से माफी माँगते हैं। अधिक जानकारी के लिए कृप्या https://bit.ly/42ab9la पर जाएँ। हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि जल्द ही अधिक जानकारी के साथ वापस आएँगे।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्तीय संकट से जूझ रही गो फर्स्ट एयरलाइन (Go First Airlines) दिवालिया होने की कगार पर पहुँच गई है। एयरलाइन का कैश फ्लो गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। उनके पास ना तो तेल है और ना ही तेल कंपनियों के बकाया चुकाने का पैसा। कंपनी का कहना है कि उसके पास इंजन की कमी हो गई है, जिसकी वजह से वो कम उड़ानें भर पाएगी। इंजन बनाने वाली अमेरिकी कंपनी प्रैट एंड व्हिटनी ने उसकी सप्लाई बंद कर दी है।

गो फर्स्ट एयरलाइन ने कहा कि अमेरिका की पीएंडडब्ल्यू इंटरनेशनल एयरो इंजन (Pratt & Whitney’s International Aero Engines) की आपूर्तियों में लगातार दिक्कतें आती रही। पीएंडडब्ल्यू को 27 अप्रैल, 2023 तक कम से कम 10 स्पेयर लीज इंजन और 10 अतिरिक्त इंजन देने को कहा गया था। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, जिसका इसका असर कमाई पर पड़ा है। विफल इंजनों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण उन्हें उड़ानें बंद करनी पड़ी है।

कंपनी ने आगे कहा पीएंडडब्लू विमान इंजनों की मरम्मत और पार्ट्स मुहैया कराने में नाकाम रहा, जिसकी वजह ने उनके 50 फीसदी विमान खड़े हो गए हैं। प्रैट एंड व्हिटनी के दोषपूर्ण इंजनों के कारण ग्राउंडेड विमानों का प्रतिशत दिसंबर 2019 में 7 प्रतिशत, दिसंबर 2020 में 31 प्रतिशत और दिसंबर 2022 में बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है। गो फर्स्ट ने कहा कि उसने सरकार को अपनी स्थिति के बारे में बता दिया है और नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को एक रिपोर्ट भेजेगा। अभी एयरलाइन के बेड़े में 59 विमान हैं, जिनमें से 54 A320neo और पाँच A320ceo हैं।

वहीं नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि वह इस एयरलाइन को बचाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि गो फर्स्ट इंजन आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रही है। इस मामले में सरकार हरसंभव तरीके से एयरलाइन की मदद करती रही है। गो फर्स्ट के अनुसार, अगर पीएंडडब्ल्यू इंजन सप्लाई को पूरा करती है, तो एयरलाइन एक बार फिर से अगस्त-सितंबर 2023 को अपने पूरे परिचालन से साथ लौट जाएगी।

इस संकट के बीच एक अन्य एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट (SpiceJet) ने बड़ा फैसला लिया है। वह अपने 25 ग्राउंडेड विमानों को फिर से शुरू करने जा रही है। विमानों के इस निष्क्रिय बेड़े को फिर से शुरू करने के लिए कंपनी ने करीब 400 करोड़ रुपए सिक्योर कर रखे हैं। रिवाइवल के लिए सरकार के आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना से लाभ लेने की भी योजना है। स्पाइसजेट को इससे अपना राजस्व बढ़ने की उम्मीद है।

‘तूने मेरी फैमिली को गाली दी…’: गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच तकरार की वजह चश्मदीद ने बताई, अब आप खुद करें फैसला कौन सही-कौन गलत

विराट कोहली (Virat Kohli) और गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के बीच इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में हुई तकरार को काॅन्ग्रेसी समर्थक खींचकर कर्नाटक चुनाव तक ले गए हैं। लेकिन लोगों को यह समझ नहीं आ रहा था कि अफगानी क्रिकेटर नवीन उल हक के साथ शुरू हुआ तकरार आखिर गंभीर और कोहली के विवाद में कैसे तब्दील हो गया। अब न्यूज एजेंसी पीटीआई ने एक चश्मदीद के हवाले से बताया है कि क्यों गंभीर और कोहली के बीच विवाद हुआ था।

लखनऊ के इकाना स्टेडियम में मैच के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स के मेंटर गौतम गंभीर और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बल्लेबाज विराट कोहली में विवाद हुआ था। पीटीआई को इस घटना के दौरान डगआउट में मौजूद चश्मदीद ने बताया, “आपने टीवी पर देखा कि मैच के बाद मैदान पर ही मेयर्स और कोहली चलते हुए कुछ बातें कर रहे थे। मेयर्स ने कोहली से पूछा कि वो उन्हें लगातार गाली क्यों दे रहे थे। इस पर कोहली ने उनसे पूछा कि वो उन्हें घूर क्यों रहे थे? इससे पहले अमित मिश्रा ने भी अंपायर से शिकायत की थी कि कोहली लगातार नवीन को गाली दे रहा है, जो नंबर-10 पर बैटिंग करने आया था।”

चश्मदीद ने आगे बताया, “जब कोहली ने कमेंट किया, तो गंभीर बीच-बचाव करने के लिए आगे आए और मामला बढ़ने से पहले ही मेयर्स को खींचकर साइड में ले जाने लगे और उन्हें बात करने से मना कर दिया। इसके बाद गंभीर ने कोहली से पूछा- क्या बोल रहा है बोल?इस पर कोहली ने कहा- मैंने आपको कुछ बोला ही नहीं है, आप क्यों घुस रहे हो। फिर गंभीर ने जवाब दिया- तूने मेरे प्लेयर को बोला है, मतलब तूने मेरी फैमिली को गाली दी है। इस पर कोहली ने कहा- तो आप अपनी फैमिली को सँभाल के रखिए। फिर आखिर में गंभीर ने कहा- तो अब तू मुझे सिखाएगा।”

लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में सोमवार (1 मई 2023) को खेले गए मैच में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 18 रनों से मात दी थी। इसके बाद से मैदान पर गंभीर और कोहली के बीच हुए झगड़े का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। दोनों पर आईपीएल आचार संहिता उल्लंघन के कारण मैच फीस का 100 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया था। वहीं, लखनऊ के तेज गेंदबाज नवीन-उल-हक पर भी मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना लगाया था।

वायरल वीडियों में देखा गया था कि विराट कोहली और नवीन-उल-हक के बीच मैच के दौरान यह विवाद शुरू हुआ था। विराट कोहली गुस्से में वार्निंग देते हुए नजर आए थे। हालाँकि, उस वक्‍त मामला शांत हो गया, लेकिन मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच फिर विवाद हो गया। मैच के बाद काइल मेयर्स को विराट के साथ बात करते देखा गया। इसी बीच गौतम गंभीर वहाँ आए और मेयर्स को हाथ पकड़कर ले गए। बाद में विराट और गंभीर के बीच कहासुनी हो गई थी।

अपनी ही अम्मी से गुलफाम का अवैध संबंध, शक में अब्बा शाहिद ने चाकू घोंप मार डाला: बताया- मेरे बदले बच्चों के साथ रहना पसंद करती थी बीवी

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। पुलिस ने यहाँ शाहिद नाम के शख्स को बेटे गुलफाम की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही कत्ल में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया है। यह मामला तब सामने आया जब शाहिद के खिलाफ उसकी बीवी ने ही अपने बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने 45 वर्षीय शाहिद को 29 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किया। उसने अपना जुर्म कूबल कर लिया है। आरोपित ने पुलिस को बताया कि उसे अपनी बीवी और बेटे गुलफाम के बीच अवैध संबंधों का शक था। उसने उन्हें कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन ये लोग उसके साथ झगड़ा करते थे। उसे मारते-पीटते थे। शाहिद बीवी को अपने साथ रहने के लिए कहता था, लेकिन वह उसकी बजाए अपने बच्चों के साथ रहना पसंद करती थी। इस बात से वह काफी गुस्से में रहता था।

आरोपित ने बताया कि 5 मार्च 2023 को उसने अपने बेटे गुलफाम को गाँव हाजीपुर में बुलाया और उसे फिर से समझाने का प्रयास किया तो वह उससे नाराज होकर बहस करने लगा। इससे आहत आरोपित ने गुलफाम पर छूरे से वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद शाहिद ने छूरे को आम के बाग में झााड़ियों में छुपाकर रख दिया था।

पुलिस के अनुसार, मृतक की अम्मी ने आरोप लगाया है कि उसके शौहर का बेटे गुलफाम से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। आरोपित ने गुस्से में आकर उसे चाकू से गोदकर घायल कर दिया। इसके बाद गुलफाम की मृत्यु हो गई। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए शाहिद के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 4/25अवैध शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

गौरतलब है कि इस घटना से दो दिन पहले 3 मार्च 2023 को बिजनौर के किरतपुर थाना इलाके में 5 साल की मासूम की हत्या की गुत्थी सुलझाई गई थी। पुलिस के मुताबिक, रेप में नाकाम रहने पर पास के ही अमान खान (19) नाम के शख्स ने बच्ची की गला रेत कर हत्या कर दी थी। बच्ची की लाश बरामद होने के बाद पुलिस ने 24 घंटे में आरोपित को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया था।

‘हिन्दू राष्ट्र बने भारत’: मथुरा पहुँचे नेपाल के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने की माँग, बोले – इससे पूरी दुनिया पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव, शंकराचार्य का लिया आशीर्वाद

नेपाल के पूर्व मुख्य न्यायाधीश गोपाल परांजलि ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की वकालत की है। परांजलि ने कहा है कि भारत के हिंदू राष्ट्र बनने से पूरी दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह बात सोमवार (1 मई, 2023) को मथुरा में कही।

दरअसल, नेपाल के पूर्व मुख्य न्यायाधीश गोपाल परांजलि प्रतिनिधि मंडल के साथ मथुरा के गोवर्धन में स्थित मंदिरों के दर्शन करने पहुँचे थे। प्रतिनिधि मंडल में उनके साथ पशुपतिनाथ विकास कोष काठमांडू के प्रमुख सदस्य एवं संहिता शास्त्री अर्जुन प्रसाद वास्तोला एवं 10 अन्य लोग उनके साथ थे।

मंदिरों के दर्शन के बाद उन्होंने श्रीआद्य शंकराचार्य आश्रम जाकर गोवर्धनपुरी के पीठाधीश्वर स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ से आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने भारत-नेपाल संबंधों पर चर्चा करते हुए कहा है कि नेपाल सैद्धांतिक रूप से पहले से ही हिंदू राष्ट्र है। ऐसे में यदि भारत को भी हिंदू राष्ट्र घोषित कर दिया जाएगा तो इससे पूरी दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। परांजलि ने आगे कहा है कि भारत के हिंदू राष्ट्र बन जाने के बाद दुनिया भर में रह रहे 178 करोड़ से अधिक हिंदुओं को भी गौरव की अनुभूति होगी और उनका आत्मबल भी बढ़ेगा।

इस दौरान वास्तोला पशुपतिनाथ विकास कोष काठमांडू के प्रमुख सदस्य एवं संहिता शास्त्री अर्जुन प्रसाद वास्तोला ने कहा है कि आज से 2530 साल पहले आद्य शंकराचार्य ने विधर्मियों द्वारा छिन्न-भिन्न की जा चुकी वैदिक सनातन संस्कृति की फिर से स्थपना की थी। अब एक बार फिर शंकराचार्य के विचारों से ही सबका कल्याण होगा।

वास्तोला ने यह भी कहा है कि दुनिया में ईसाई, मुस्लिमों और बौद्धों के भी देश हैं। यहाँ तक कि यहूदियों का भी एक देश है। ऐसे में दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित किया चाहिए। भारत एक दिव्य देश है। यहाँ हमेशा ही ज्ञान की धारा बहती रही है। इसके हिन्दू राष्ट्र घोषित हो जाने से दुनिया के करोड़ों सनातनियों का आत्मबल मजबूत होगा। साथ ही दुनिया का कल्याण होगा।

‘आडवाणी भी जेल गए थे, और लोग भी जाएँगे’: रामचरितमानस को कूड़ा-कचरा बताने वाले बिहार के शिक्षा मंत्री ने अब बागेश्वर धाम वाले बाबा को धमकाया

संत तुलसीदास कृत पवित्र हिन्दू धर्म ग्रन्थ रामचरितमानस को कूड़ा-कचरा बताने वाले बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव ने अब बागेश्वर धाम के पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा, “बाबा बागेश्वर अगर गंदे काम करने आएँगे तो बिहार इजाजत नहीं देगा, अगर नफरत फैलाने आए हो तो आडवाणी भी जेल गए थे, और लोग भी जाएँगे। बागेश्वर बाबा हो या कोई बाबा हों, उनके पास कोई तिलस्म या चमत्कार नहीं है।”

साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री और उनके जैसे अन्य लोग धर्म के नाम पर व्यापार करते हैं। बता दें कि मध्य प्रदेश के छतरपुर में स्थित बागेश्वर बालाजी धाम लाखों अनुयायी पहुँचते हैं। वहाँ भगवान हनुमान का मंदिर है, जिसके महंत पंडित शास्त्री हैं। उधर राजद नेता व मंत्री तेज प्रताप यादव पूरी की पूरी सेना तैयार कर के बैठे हैं। वहीं पूर्व उप-मुख्यमंत्री व भाजपा नेता सुशिल कुमार मोदी ने राजद नेताओं को चुनौती दी है कि वो इस्लाम और ईसाई प्रचारकों पर ऐसी टिप्पणी कर के दिखाएँ।

सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि राजद को जगदानंद और चंद्रशेखर के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। जगदानंद ने राम मंदिर को ‘नफरत की जमीन पर बनने वाला धर्मस्थल’ कहा था। मोदी ने पूछा कि लालू यादव ने इस बयान पर मौन साधा, किसका वोट पाने के लिए? उन्होंने याद किया कि जैसे राजद नेता गुलाम रसूल बलियावी ने पूरे बिहार को कर्बला की भूमि बना देने की धमकी दी थी। सुशील मोदी ने कहा कि विपक्ष में रहने पर राजद को मंदिर और हवन-पूजन याद आता है, जबकि सत्ता में आते ये लोग अहंकारी हो जाते हैं।

बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने कहा, “बाबा के चमत्कार की हवा तो मशहूर माइंड रीडर सुहानी शाह निकाल चुकी हैं। उनका सारा तिलस्म झूठ का कबाड़ है।” बता दें कि शनिवार (13 मई, 2023) को पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री बिहार पहुँच रहे हैं। पटना के नौबतपुर में उनका कार्यक्रम होना है। बिहार-झारखंड से लाखों श्रद्धालु आने वाले हैं। आयोजकों का कहना है कि इसके सामने गाँधी मैदान भी छोटा पड़ गया है।

JNU में हुई ‘The Kerala Story’ की स्क्रीनिंग: वामपंथी SFI ने रोया ‘सेक्युलरिज्म’ का रोना, कहा – ये RSS का प्रोपेगंडा, हम निंदा करते हैं

बहुचर्चित फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ की रिलीज से पहले ही जमकर चर्चा हो रही है। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में फिल्म की स्क्रीनिंग हुई। यह स्क्रीनिंग ABVP ने आयोजित की थी। वहीं, वामपंथियों ने स्क्रीनिंग का विरोध किया। फिल्म 5 मई 2023 को रिलीज होगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने जेएनयू परिसर में मंगलवार (2 मई, 2023) शाम 4 बजे स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया था। फिल्म की स्क्रीनिंग का वामपंथी छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने विरोध किया। एसएफआई ने एक बयान जारी कहा, “एसएफआई-जेएनयू इकाई इस प्रचार फिल्म की स्क्रीनिंग की निंदा और कड़ा विरोध करती है। यह फिल्म धर्मनिरपेक्षता के ताने-बाने को कलंकित कर देगी।” यही नहीं, एसएफआई ने यह फिल्म को आरएसएस का प्रोपेगेंडा भी बताया।

दरअसल, ‘The Kerala Story’ फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे केरल में कट्टरपंथी मुस्लिम युवकों को हिन्दू लड़कियों को फँसाने का प्रशिक्षण देते हैं, जिसके बाद लड़की का इस्लामी धर्मांतरण करा के उसे आतंकी संगठन ISIS का सेक्स स्लेव बनने के लिए भेज दिया जाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने रिलीज पर रोक लगाने से किया इनकार

बता दें कि इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की माँग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। लेकिन कोर्ट ने मंगलवार (2 मई, 2023) को इस पर सुनवाई करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। जस्टिस केएम जोसफ और जस्टिस BV नागरत्न की पीठ के समक्ष इसका जिक्र किया गया था। हेट स्पीच संबंधी अपराधों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक पेंडिंग रिट पेटिशन दाखिल की गई है, उसी के तहत इस IA को डाला गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसके जरिए किसी फिल्म की रिलीज को चुनौती देना ठीक तरीका नहीं है।

वकील निजाम पाशा ने इस पर तुरंत सुनवाई की माँग की थी। उन्होंने इसे ‘हेट स्पीच की सबसे बुरी घटना’ बता कर पेश किया था। उन्होंने इसे ‘ऑडियो-विजुअल हेट प्रोपेगंडा’ भी करार दिया था। इस पर जजों ने कहा कि इसे हाईकोर्ट क्यों नहीं ले जाया जा सकता और हर प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट से ही क्यों शुरू हो।

सेंसर बोर्ड ने दिया ‘A’ सार्टिफिकेट

गौरतलब है कि सेंसर बोर्ड ने कुछ बदलावों के साथ इसे रिलीज के लिए तैयार किया है। एक दृश्य में हिन्दू देवी-देवताओं को लेकर टिप्पणी (मुस्लिम किरदार द्वारा) थी, जिसे हटाया गया है। भारतीय कम्युनिस्टों को दोहरे रवैये वाला बताने वाली एक टिप्पणी में से ‘भारतीय’ शब्द हटाया गया है। केरल के एक पूर्व मुख्यमंत्री अच्युतानंदम ने राज्य के इस्लामी स्टेट बनने की भविष्यवाणी की थी, उस टीवी इंटरव्यू को हटाया गया है। सेंसर बोर्ड ने 10 दृश्य हटा कर इसे रिलीज के लिए आगे बढ़ाया है। साथ ही फिल्म को A सार्टिफिकेट जारी किया है।

सरकारी कंपनी के पूर्व CMD के ठिकाने से मिला ₹20 करोड़ कैश: CBI की 19 ठिकानों पर छापेमारी, संदिग्ध संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद

CBI ने भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली PSU कंपनी WAPCOS (वॉटर एंड पॉवर कंसल्टेंसी) लिमिटेड के पूर्व CMD (चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर) राजेंद्र कुमार गुप्ता के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान केंद्रीय जाँच एजेंसी को 20 करोड़ रुपए से भी अधिक नकद बरामद करने में सफलता मिली है। मंगलवार (2 मई, 2023) को ये कार्रवाई हुई। राजेंद्र गुप्ता पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था।

CBI ने इस मामले में राजेंद्र गुप्ता के अलावा उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी FIR दर्ज की थी। कई अन्य संपत्तियों के दस्तावेज भी एजेंसी के हाथ लगे हैं, जिनका कोई हिसाब-किताब नहीं है। WAPCOS को ‘Water and Power Consultancy Services (India) Limited’ के नाम से जाना जाता है। ये एक पब्लिक सेक्टर कंपनी है, जो पूरी तरह केंद्र सरकार के मालिकाना हक़ में आती है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय इसके संचालन का काम देखता है।

CBI ने दिल्ली, चंडीगढ़, गुरुग्राम, सोनीपत और गाजियाबाद में 19 ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें आरोपितों से जुड़े आवासीय और कमर्शियल परिसर शामिल थे। कुछ डिजिटल उपकरणों को भी CBI ने अपने कब्जे में ले लिया है। WAPCOS की साइट पर जानकारी दी गई है कि ये कंपनी भारत और विदेशों दोनों में, व्यवसाय और समुदाय से संबंधित पानी, बिजली और इंफ़्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में इंजीनियरिंग कंसल्टेशन सर्विसेज और निर्माण-कार्य का जिम्मा सँभालती है। 

4 अक्टूबर, 2021 से रजनीकांत अग्रवाल कंपनी ने CMD हैं। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि राजेंद्र कुमार गुप्ता के ठिकानों से जो कैश बरामद हुए हैं, उन्हें सूटकेस और बिस्तर में रखा गया था। ये कैश इतना ज्यादा है कि पूरे बेड पर इसे फैलाना पड़ा। ऐसी कंपनियों को टेंडर सौंप कर इंफ्रास्ट्रक्चर व अन्य कार्यों को पूरा करने का जिम्मा दिया जाता है। राजेंद्र गुप्ता की पत्नी रीमा सिंगल को भी इस मामले में आरोपित बनाया गया है।

‘The Kerala Story देखने जाने वालों के लिए मुफ्त ऑटो सर्विस’: महाराष्ट्र के ड्राइवर का ऐलान, कहा – ‘लव जिहाद’ के षड्यंत्र को समझें हिन्दू महिलाएँ

फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ (The Kerala Story) 5 मई, 2023 को रिलीज होगी। लेकिन, इससे पहले ही इस फिल्म को लेकर चर्चा जोरों पर है। इस्लामी कट्टरपंथियों की सच्चाई को उजागर करती इस फिल्म को लेकर लोग चाहते हैं कि हिंदू महिलाएँ अपने खिलाफ हो रहे षड्यंत्र को समझें। महाराष्ट्र के ऑटोरिक्शा चालक साधु मगर एक ऐसे ही हिंदू कार्यकर्ता हैं जो चाहते हैं कि अधिक से अधिक हिंदू महिलाएँ इस फिल्म को देखें और इस्लामी षड्यंत्रो को लेकर जागरूक और सतर्क रहें।

साधु मगर की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस तस्वीर में वह अपने ऑटोरिक्शा के पास खड़े दिखाई दे रहे हैं। अपने ऑटोरिक्शा में उन्होंने एक बैनर लगाया है। इस बैनर में लिखा है कि फिल्म ‘द केरला स्टोरी‘ देखने जाने वाले लोगों के लिए उनका ऑटो बिल्कुल फ्री है। साथ ही उन्होंने इस बैनर में यह भी लिखा है कि उनके ऑटो से फिल्म देखने जाने वाली पहली दस महिलाओं के वह टिकट भी खरीदकर देंगे।

साधु मगर की फोटो वायरल होने के बाद ऑपइंडिया ने उनसे बात की। इस बातचीत में ‘द केरला स्टोरी’ मुफ्त में दिखाने को लेकर उन्हें प्रेरणा कैसे मिली इस बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते थे। लेकिन उन्होंने बातचीत की शुरुआत ‘जय श्री राम’ और ‘जय हिंदू राष्ट्र’ के संबोधन के साथ ‘गर्व से कहो, हम हिंदू हैं’ कहते हुए की।

साधु मगर महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के अक्कलकोट शहर के रहने वाले हैं। पहले वह पुणे की एक कंपनी में काम करते थे। लेकिन तीन साल पहले उन्होंने एक ऑटोरिक्शा खरीदा और अपना व्यवसाय शुरू किया। भले ही उनका व्यवसाय बहुत बड़ा नहीं है। लेकिन वह वह हमेशा से ही एक मालिक बनना चाहते थे। वह पुणे के आलंदी और मार्कल इलाके में ऑटोरिक्शा चलाते हैं।

गौरतलब है कि अक्कलकोट श्री स्वामी समर्थ के मंदिर के लिए मशहूर है। श्री स्वामी समर्थ को भगवान दत्तात्रेय के अवतार के रूप में पूजा जाता है। साथ ही संत ज्ञानेश्वर की समाधि भी आलंदी में ही है। इसको लेकर साधु मगर ने कहा, जहाँ वह रहते हैं और जहाँ वह काम करते हैं दोनों ही स्थानों ने धर्म के प्रति समर्पण की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

साधु मगर ने कहा, “मुझे शुरू से ही धार्मिक कार्य पसंद थे। लेकिन ऐसा करने के लिए मेरे पास उपयुक्त साधन नहीं था। जबसे मैंने अपना ऑटोरिक्शा खरीदा है मैं धार्मिक कार्यों में लगा रहता हूँ।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने ‘द केरल स्टोरी’ का ट्रेलर देखा। मुझे यह बहुत अच्छा लगा। ठीक वैसे ही जैसे मुझे ‘द कश्मीर फाइल्स’ पसंद आई थी। ट्रेलर देखने के बाद मैंने फिल्म देखने जाने वालों को मुफ्त ले जाने का फैसला किया। मैं जानता हूँ कि हजारों हिंदू महिलाएँ ‘लव जिहाद’ का शिकार हुई हैं। इसलिए मैं चाहता हूँ कि हिंदू महिलाएँ इस षड्यंत्र के बारे में समझें और सतर्क रहें। मैं उन्हें इन सब चीजों के बारे में जागरूक करना चाहता था। इसके लिए फिल्म से बेहतर कोई अन्य माध्यम ठीक नहीं लगा। इसलिए मैंने यह फैसला किया।”

साधु मगर ने आगे कहा, “मैं अक्सर फिल्में नहीं देखता। लेकिन, अगर कोई ऐसी फिल्म है जो किसी अच्छे उद्देश्य को लेकर होती है उसे मैं जरूर देखता हूँ। मैं चाहता हूँ कि अन्य लोग भी ऐसी फिल्में देखें। इसके लिए मैं जो कुछ भी कर सकता हूँ हर हाल में करने की कोशिश करता हूँ। पिछले साल ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म रिलीज हुई थी। मैंने फिल्म देखी। मुझे यह बहुत पसंद आई। इसमें कश्मीर में हिंदुओं पर हुए अत्याचारों को साफ तौर पर दिखाया गया था। यह सब किसी अन्य फिल्म में नहीं दिखाया गया। इसलिए, जो लोग भी वह फिल्म देखना चाहते थे मैं उन्हें अपने ऑटोरिक्शा में मुफ्त में जाता था।”

उन्होंने यह भी कहा है, “5 मई को मैं सबसे पहले इस फिल्म को देखूँगा। अगर यह फिल्म लव जिहाद की समस्या को सही तरीके से दर्शाती है तो मैं लोगों को फिल्म देखने के लिए मुफ्त में ले जाऊँगा। लेकिन अगर फिल्म में किसी भी तरीके से हिंदू विरोधी बातों का थोड़ा सा भी जिक्र किया गया है या फिर लव जिहाद के मुद्दे को सही तरीके से दिखाने में किसी भी तरह का समझौता किया गया है तो मैं फेसबुक पर एक पोस्ट लिखूँगा। इस पोस्ट के माध्यम से लोगों को बताऊँगा कि यह फिल्म सच्चाई नहीं दिखा रही है, इसलिए इस फिल्म को न देखें।”

साधु ने आगे कहा, “लेकिन अगर यह ‘लव जिहाद’ और केरल में जो कुछ हुआ है उसे ठीक से दिखाती है तो मैं लोगों को यह फिल्म दिखाने के लिए ले जाऊँगा और कोई पैसा नहीं लूँगा। मेरे लिए जरूरी है कि मैं पहले इसे देखूँ और सच्चाई जान सकूँ। पूरी फिल्म देखने से पहले हम कुछ नहीं कह सकते। अभी फिल्म के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही प्रोपेगैंडा किया जा रहा है।”

इन सबके बीच एक और बात ऑपइंडिया के सामने आई, वह यह कि साधु मगर पुणे शहर में कहीं भी भारतीय सैनिकों और अधिकारियों को मुफ्त में सेवाएँ देते हैं। वह विद्यार्थियों को मुफ्त में स्कूल भी ले जाते हैं। जब भी वह गरीब लोगों को देखते हैं जिनके पास कोई पैसा नहीं है, तो वह उनसे भी पैसे नहीं लेते।

साधु मगर ने यह भी कहा कि वह खुद से धार्मिक कार्य करते हैं और किसी संगठन से नहीं जुड़े हैं। अपने हाथ में गर्व से कलावा रखने वाले और माथे पर तिलक लगाने वाले मगर इस तरह एक आम हिंदू नागरिक का प्रतीक बन गए हैं। वो कहते हैं कि वो सच बोलने की इच्छा रखते हैं, भले ही यह कितना भी असहज या राजनीतिक रूप से गलत क्यों न हो।