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‘जातिसूचक टिप्पणी करते हुए बिहार पुलिस ने दलित बस्ती पर बरसाए डंडे, महिलाओं से भी मारपीट: मीडिया रिपोर्ट्स, गुस्साए ग्रामीणों ने थाने को घेरा

बिहार में शराबबंदी कानून लागू है। लेकिन इसके बाद भी सूबे में शराब बिक्री पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पाई है। ऐसे में पुलिस जगह-जगह छापेमार कार्रवाई करती है। इस बीच दलित बस्ती में कार्रवाई करने गई पटना की उत्पाद पुलिस पर ग्रामीणों ने पुरुषों और महिलाओं के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। यही नहीं, पीड़ितों ने पुलिस पर नकदी छीनने का भी आरोप लगाया।

‘हिंदुस्तान’ की रिपोर्ट के अनुसार, मामला पटना जिले के धनरूआ अंतर्गत मझनपुरा गाँव का है। यहाँ शनिवार (29 अप्रैल, 2023) रात को दलित बस्ती के लोग अपने घरों से बाहर निकल सड़क किनारे बैठकर बातें कर रहे थे। इसी दौरान उत्पाद पुलिस वहाँ पहुँची। आरोप है कि इसके बाद करीब एक दर्जन पुलिसकर्मियों ने लोगों पर जातिसूचक टिप्पणी करते हुए डंडे बरसाने शुरू कर दिए। पुलिस की इस कार्रवाई का ग्रामीणों ने विरोध किया तो पुलिसकर्मी लोगों के घर में घुस गए। इसके बाद महिलाओं के साथ भी मारपीट की।

उत्पाद पुलिस की कार्रवाई से दलित बस्ती के दर्जन भर लोग घायल हो गए। घायलों में पुरुष और महिलाएँ दोनों शामिल हैं। इनमें से एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। फर्स्ट बिहार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी कारण के उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने धनरुआ थाने पहुँचकर हँगामा किया। साथ ही आरोपित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की माँग की।

पीड़ित महिलाओं काजल देवी और किरण देवी ने आरोप लगाया है कि उत्पाद पुलिस ने उनके घर में घुसकर पेटी में रखे 30-30 हजार रुपए निकाल लिए। वहीं, पीड़ित नीतीश पासवान, राजमणि व अन्य का कहना है कि पुलिस ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की है। वहीं, इस मामले में उत्पाद पुलिस ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। धनरुआ के थाना प्रभारी सतेंद्र कुमार ने कहा है कि शीर्ष अधिकारियों को मामले की जानकारी भेज गई है, निर्देश मिलने पर आवश्यक कार्रवाई होगी।

किंग चार्ल्स III के राज्याभिषेक में बाइबिल का अंश पढ़ेंगे PM ऋषि सुनक, राजा को देना होगा God की सेवा का वचन: पादरियों की देखरेख में होगा कार्यक्रम

UK के नए राजा किंग चार्ल्स III के राज्याभिषेक का कार्यक्रम तय हो गया है। कार्यक्रम में वहाँ के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक बाइबिल संबंधी पुस्तक का एक अंश पढ़ते नज़र आएँगे। इस पुस्तक का नाम ‘The Epistle to the Colossians’ है। वो परंपरा के तहत इस जिम्मेदारी को निभाएँगे। पूरा कार्यक्रम ईसाई मजहब के रीति-रिवाजों के हिसाब से चलेगा, जिसकी जिम्मेदारी कैंटबरी के आर्कबिशप ने उठाया है। कार्यक्रम वेस्टमिनिस्टर ऐबी में होना है।

ये कार्यक्रम शनिवार (6 मई, 2023) को आयोजित किया जाएगा। ऋषि सुनक भारतीय मूल के पहले ऐसे व्यक्ति हैं, जो ब्रिटेन के पीएम की कुर्सी पर बैठे हैं। वो हिन्दू धर्म के अनुयायी हैं। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम का थीम, कई समुदायों को एक साथ बाँधने का होगा, ऐसे में उन्हें बाइबिल संबंधित पुस्तक का अंश पढ़ना होगा। कई ईसाई पादरी इस कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम में जीसस क्राइस्ट द्वारा बताए गए नियमों को भी पढ़ा जाएगा।

राजपरिवार के ऐसे मौकों पर सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रधानमंत्री को मौजूद रहना होता है। कैंटबरी के आर्कबिशप ही राज्याभिषेक के लिए नियमों का निर्धारण करते आ रहे हैं। राजा को 3 शपथ लेने होते हैं और 1 वादा करना होता है, जिसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। ईसाई मजहब के एक ब्रांच ‘Protestant Reformed Religion’ की रक्षा का वचन भी राजा को देना होता है। उन्हें ब्रिटेन की जनता के अलावा God की सेवा की भी शपथ लेनी होती है।

इसीलिए, इस कार्यक्रम का थीम ‘Called To Serve’ रखा गया है। इस मौके पर मुख्य पादरी ने कहा कि देश की परंपराओं और इससे पहले सत्ता में रहे नेताओं को याद करते हुए कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उनका कहना है कि ये चीजें देश की विविधता को दिखाएगी। इस दौरान हिन्दू, सिख और इस्लाम और यहूदी धर्मों के भी कुछ चीजों को दिखाया जाएगा, ताकि विविधता दर्शाई जा सके। लॉर्ड नरेंद्र बाबूभाई पटेल हिन्दुओं का प्रतिनिधित्व करेंगे।

‘दुबई पूरी तरह सुरक्षित, भारत में समस्या है’: हत्या की धमकियों के बाद बोले सलमान खान – अब मेरे पास बहुत सारे ‘शेरा’, उनकी बंदूकों से डरते हैं लोग

बीते दिनों सलमान खान को गैंगस्टर लॉरेन्स विश्नोई ने जान से मारने की धमकी दी थी। इसके अलावा, ईमेल और फोन पर भी उन्हें धमकियाँ मिलती रही हैं। इन धमकियों को लेकर सलमान खान ने कहा है कि दुबई सुरक्षित है। भारत में वह असुरक्षित महसूस करते हैं।

दरअसल, सलमान खान ने इंडिया टीवी पर एक इंटरव्यू दिया है। दुबई में हुए इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा है, “सुरक्षा असुरक्षा से बेहतर है। अब सड़क पर साइकिल चलाना और अकेले कहीं भी जाना संभव नहीं है। इससे भी बड़ी बात यह है कि अब मुझे यह समस्या है कि जब मैं ट्रैफिक में होता हूँ तब बहुत अधिक सुरक्षा होती है। ऐसी स्थिति में अन्य लोगों को समस्याएँ होती हैं। वे भी मुझे देखते हैं। बेचारे मेरे प्रशंसक। खतरा है, इसलिए सुरक्षा है। मैं जो कुछ भी कर पा रहा हूँ वह कर रहा हूँ। ‘किसी का भाई किसी की जान’ फिल्म का एक डायलॉग है ‘उन्हें एक बार लकी होना है, मुझे 100 बार।’ मैं बहुत सावधानी बरतता हूँ।”

उन्होंने आगे कहा है कि अब जैसे वह दुबई में हैं तो उन्हें किसी चीज की जरूरत नहीं है। वह दुबई में पूरी तरह सुरक्षित हैं। वह जहाँ चाहे वहाँ जा पा रहे हैं। भारत में थोड़ा सी समस्या है। उन्होंने आगे कहा है कि उन्हें यह पता है कि जो होना है वह होकर रहेगा, चाहे जो हो जाए। सलमान ने कहा है कि वह ऊपर वाले भरोसा करते हैं। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि वह खुला घूमना शुरू कर दें। यही नहीं, उन्होंने अपने सिक्योरिटी गार्ड्स की तारीफ करते हुए कहा है कि अब उनके आसपास बहुत सारे शेरा (उनके मुख्य बॉडीगार्ड का नाम) हैं। उनके पास बहुत सारी बंदूकें हैं इससे लोग डरते भी हैं।

बता दें कि सलमान खान ने लगातार मिल रही धमकियों के बीच नई बुलेट प्रूफ कार भी खरीदी है। यह निसान एसयूवी है, जिसे उन्होंने विदेश से इंपोर्ट कराया है। अभी तक यह गाड़ी मार्केट में लॉन्च नहीं हुई है।

सलमान खान को मिलती रहीं हैं जान से मारने की धमकी

गौरतलब है कि सलमान खान को इसी साल 10 अप्रैल को जान से मारने की धमकी मिली थी। पुलिस ने कहा था कि कंट्रोल रूम में एक शख्स ने धमकी वाला कॉल किया था। वह खुद को राजस्थान के जोधपुर का रहने वाला बता रहा था। आरोपित ने अपना नाम रॉकी भाई बताया है। कॉल करने वाले ने दावा किया है कि वह 30 अप्रैल 2023 को सलमान खान को मार देगा।

इससे पहले मार्च 2023 में भी सलमान को एक धमकी भरा ईमेल मिला था, जिसके बाद पुलिस ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी थी। साथ ही गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और रोहित बराड़ के विरुद्ध नई FIR भी दर्ज की गई थी। बांद्रा पुलिस थाने में इन तीनों के खिलाफ IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा 506 (2) (आपराधिक धमकी), 120 (B) (आपराधिक षड्यंत्र) और 34 (समान इरादे से संयुक्त अपराध) के तहत मामला दर्ज किया था।

धमकी भरा ईमेल ‘मोहित गर्ग’ के नाम से भेजा गया था। इसमें लिखा था, “गोल्डी भाई को बात करनी है तेरे बॉस सलमान खान से।” इसके बाद मुंबई पुलिस ने राजस्थान पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाते हुए जोधपुर जिले के लूणी गाँव से राम विश्नोई (21 वर्ष) को गिरफ्तार किया था।

यही नहीं, गैंगस्टर लॉरेन्स विश्नोई ने सलमान खान को जान से मारने की धमकी दी थी। यह धमकी एक TV चैनल से प्रसारित हुए इंटरव्यू के दौरान दी थी। धमकी में लॉरेंस ने सलमान खान को मारना अपने जीवन का लक्ष्य बताया था।

‘मेरा कभी नहीं हुआ उत्पीड़न, खेल जगत में ऐसे मामलों की मुझे जानकारी नहीं’: विनेश फोगाट का पुराना वीडियो, कहा था – रेसलिंग में नहीं होने चाहिए ‘Me Too’ के केस

कई पहलवान दिल्ली के जंतर-अंतर पर ये आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन करने बैठे हुए हैं कि WFI (भारतीय कुश्ती संघ) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने महिला पहलवानों का यौन शोषण किया है। हालाँकि, अब पहलवान विनेश फोगाट का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो साढ़े 4 साल पुराना है। नवंबर 2018 के इस वीडियो में वो ये कहती हुई दिख रही हैं कि वो ‘Me Too’ का शिकार नहीं बनी हैं और उनके साथ ऐसा कुछ गलत नहीं हुआ है।

ये नवंबर 2018 का समय था, जब दुनिया भर में और भारत में भी कई महिलाओं ने अपने साथ हुई यौन शोषण की घटनाओं का खुलासा करते हुए आरोप लगाए थे। इसी दौरान एक कार्यक्रम में पहुँचीं विनेश फोगाट से इसे लेकर सवाल पूछा गया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि खेल जगत में भी ऐसे मामले हो सकते हैं, लेकिन उन्हें इनकी कोई जानकारी नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा था कि उनके पूरे करियर में उन्होंने उत्पीड़न का सामना नहीं किया है।

महिला पहलवान विनेश फोगाट ने ‘Me Too’ अभियान का समर्थन करते हुए ‘Ekamra स्पोर्ट्स लिटरेरी फेस्टिवल’ में ये बातें कही थीं। एक और बड़ी बात उन्होंने ये कही थी कि जिस पहलवानी के खेल से वो जुड़ी हुई हैं, उसमें इस तरह के मामले नहीं होने चाहिए। विनेश फोगाट इससे पहले एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीत चुकी थीं। उन्होंने कहा था कि यौन शोषण के अनुभवों को साझा कर रही महिलाएँ साहसी हैं और कई बार प्रतिष्ठा खोने के डर से परिवार ही ऐसे मामलों को उठाने से रोकती है।

अब जब विनेश फोगाट सहित कई पहलवानों ने ये आरोप लगाया है कि 6 बार के सांसद बृजभूषण शरण सिंह पिछले कई वर्षो से महिला पहलवानों का यौन शोषण करते रहे हैं, लोग उनका ये वीडियो शेयर कर के पूछ रहे हैं कि उस दौरान उन्होंने इसकी कोई चर्चा क्यों नहीं की थी? आरोप लगाने वाले पहलवानों ने अपने पारिवारिक कार्यक्रमों में भी उन्हें बुलाया था। जंतर-मंतर पर बैठे पहलवानों के समर्थन में पप्पू यादव, सत्यपाल मलिक, प्रियंका गाँधी और अरविंद केजरीवाल जैसे नेता भी पहुँच चुके हैं।

सुरक्षा बढ़वाने और एनकाउंटर से बचने के लिए अतीक अहमद ने रची थी खुद पर हमले की साजिश, गुड्डू मुस्लिम को सौंपी थी जिम्मेदारी

माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की हत्या की कई एंगल से जाँच की जा रही है। इस मामले में, पुलिस का दावा है कि अतीक ने ही खुद पर हमले की साजिश रची थी। इसके लिए उसने गुड्डू मुस्लिम को जिम्मेदारी थी। इस खुलासे के साथ पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि अतीक पर हमला करने आए लोगों को किसी व्यक्ति ने हत्या की सुपारी तो नहीं दे दी थी।

अतीक और अशरफ की हत्या की जाँच कर रही पुलिस ने खुलासा करते हुए कहा है कि पुलिस हिरासत में रहने के दौरान अतीक अहमद ने खुद पर हमले की साजिश रची थी। हमले की जिम्मेदारी गुड्डू मुस्लिम को सौंपी गई थी। अतीक का प्लान था कि यदि उस पर हमला हुआ तो उसकी सुरक्षा बढ़ जाएगी। इसके बाद एनकाउंटर या हत्या नहीं हो सकेगी। इस साजिश के तहत साबरमती जेल से प्रयागराज के बीच अतीक पर हमला होना था। हमले में अतीक पर पास से फायरिंग या उसके पास बम से हमला करना था।

पुलिस की जाँच में यह भी सामने आया है कि अतीक और अशरफ पर हमले की योजना को अंजाम देने के लिए कुछ हमलावर पूर्वांचल से प्रयागराज आए थे। ऐसे में यह जानने की भी कोशिश की जा रही है कि अतीक और अशरफ की हत्या के आरोपित अरुण, सनी और लवलेश को गुड्डू मुस्लिम ने ही भेजा था या किसी और ने उन्हें बुलाया था। साथ ही यह भी जाँच का विषय है कि यदि अतीक अहमद के गुर्गों ने ही इन तीनों आरोपितों को हमले का नाटक करने के लिए बुलाया था तो कहीं ऐसा तो नहीं कि किसी अन्य ने इन्हें अतीक की हत्या की सुपारी दे दी हो।

सीधे शब्दों में कहें तो पुलिस को संदेह है कि किसी ने अतीक अहमद को डबल क्रॉस किया है। यह संदेह इसलिए भी गहरा है क्योंकि हमले के बाद तीनों आरोपितों ने भागने की कोशिश नहीं की। यही नहीं, साल 2022 में भी अतीक ने खुद पर हमला करवाया था। इसके अलावा, अतीक का एक वीडियो भी सामने आया था। वीडियो में हमले से ठीक पहले अतीक किसी को इशारा करते हुए दिखाई दे रहा था। हालाँकि इससे पहले खबर आई थी कि तीनों आरोपितों ने कहा है कि अतीक की हत्या के लिए उन्हें किसी ने नहीं भेजा, वह खुद ही हत्या करने के लिए आए थे।

मीडियाकर्मी बनकर आए थे हमलावर

बता दें कि 15 अप्रैल 2023 को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में काल्विन हॉस्पिटल के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के लिए 3 हमलावर अरुण, सनी और लवलेश मीडियाकर्मी बनकर आए थे। मीडिया से बात करते समय हमलावरों ने दोनों को गोलियों से भून दिया था। फिलहाल तीनों हमलावर न्यायिक हिरासत में हैं।

‘संघ परिवार की झूठ फैक्ट्री का एक और उत्पाद’: ‘The Kerala Story’ से खुली इस्लामी एजेंडे की पोल तो भड़के CM पिनाराई विजयन, कहा – ये सेक्युलरिज्म की धरती

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने ‘The Kerala Story’ फिल्म को भला-बुरा कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फिल्म को जानबूझ कर बनाया गया है, ताकि सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की जा सके। उन्होंने कहा कि केरल राज्य के खिलाफ घृणा भरे प्रोपेगंडा फैलाने के लिए ये सब किया गया है। उन्होंने दावा किया कि ये संघ परिवार की झूठ की फैक्ट्री का एक उत्पाद है। CPM नेता ने कहा कि ट्रेलर ने ही साफ़ है कि ये संघ परिवार का प्रोपेगंडा है।

बता दें कि केरल में वामपंथी गठबंधन की सरकार है। वामपंथी दल पहले से ही ‘The Kerala Story’ की रिलीज रोकने में लगे हुए थे। अब वहाँ के सीएम ने केरल को सेक्युलरिज़्म की धरती बताते हुए कहा संघ परिवार ने खुद को धार्मिक कट्टरता के केंद्र में स्थापित कर लिया है। सीएम विजयन ने कहा कि फेक कहानियों और फिल्मों के जरिए विभाजन की राजनीति हो रही है। साथ ही आरोप लगाया कि बिना किसी सबूत और तथ्य के काल्पनिक कहानियाँ फैलाई जा रही हैं।

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा, “फिल्म के ट्रेलर में दिखाया गया है कि 32,000 महिलाओं को इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया गया, इसके बाद इन्हें आतंकी संगठन ISIS में शामिल होने के लिए भेज दिया गया। केरल में राजनीतिक फायदे के लिए संघ परिवार मुस्लिमों को अलग-थलग दिखा रही है। जाँच एजेंसियाँ ‘लव जिहाद’ वाले आरोप पहले ही नकार चुकी है। अदालत ने भी इसे नकार दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से भी संसद में इसे नकारा गया है।”

सीएम पिनाराई विजयन का कहना है कि एक सोचे-समझे तरीके से ‘लव जिहाद’ वाले आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने दुनिया के सामने केरल का अपमान किए जाने का भी आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता का ज़हर फैला कर केरल के धार्मिक सौहार्द के वातावरण को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्रिएटिव फ्रीडम के नाम पर विभाजन और झूठ फैलाने की अनुमति नहीं है। बकौल केरल सीएम, समाज में सांप्रदायिक घृणा फैलाने का लाइसेंस क्रिएटिव फ्रीडम से नहीं मिल जाता।

शादीशुदा जमाल खान ने सोनू बनकर महिला को फँसाया, जबरन इस्लामी धर्मांतरण के बाद किया निकाह: बेटी पैदा होने के बाद ‘तीन तलाक’ देकर घर से निकाला

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में लव जिहाद (Love Jihad) के मामले अक्सर आते रहते हैं। हालिया घटना में जमाल खान नाम के एक मुस्लिम शख्स ने अपनी पहचान छिपाकर हिंदू युवती को प्रेमजाल में फँसाया और फिर धर्म परिवर्तन के बाद मुस्लिम बनाकर निकाह कर लिया। कुछ दिन जमाल ने बाद गैर-कानूनी तीन तलाक देकर उस महिला को घर से निकाल दिया।

महिला के अनुसार, जमाल खान ने सोनू बनकर युवती से जान-पहचान बढ़ाई थी। निकाह के बाद जब उसे पता चला कि वह पहले से ही शादीशुदा है तो उसके साथ जमाल मारपीट करने लगा। महिला की शिकायत पर मझोला पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

महिला मझोला के खुशहालपुर की रहने वाली है। महिला ने बताया कि चार पहले जमाल खान ने खुद को हिंदू बताकर उससे दोस्ती की थी। इसके बाद वह कॉल करके बात करने लगा और प्यार का नाटक करके अपने जाल में फँसा लिया। एक दिन जमाल ने महिला को शादी का प्रस्ताव दिया तो वह तैयार हो गई।

महिला का आरोप है कि ऐन वक्त पर जमाल ने अपनी हकीकत बताई और धर्मांतरण का दबाव बनाने लगा। महिला का कहना है कि वह उसकी बातों में आकर हिंदू से मुस्लिम बन गई और जमाल से निकाह कर लिया। निकाह के बाद उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा।

हिंदू छोड़कर मुस्लिम बनी महिला ने आरोप लगाया कि इस दौरान उसे एक बेटी पैदा हुई। इसके बाद उसका शौहर उससे पाँच लाख रुपए और कार की माँग करने लगा। इसी बीच उसे पता चला कि जमाल खान पहले से ही शादीशुदा है। उसकी शादी 18 साल पहले ही हो चुकी है और उसके दो बच्चे भी हैं।

महिला का कहना है कि जब उसने इसका विरोध किया तो जमाल उसके साथ मारपीट करने लगा। 24 अप्रैल 2023 को जमाल नशे की हालत में उसके साथ मारपीट करने लगा और फिर तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। इसके बाद महिला ने मझोला थाने में शिकायत दर्ज कराई।

मझोला थाना के प्रभारी का कहना है कि महिला की शिकायत के बाद आरोपित जमाल खान के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, दुष्कर्म, मारपीट और तीन तलाक के साथ धर्म निषेध कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

‘शीला दीक्षित के बंगले में 10 AC, कलेजा काँप जाता है’: घर चमकाने पर ₹45 करोड़ खर्च करने वाले CM केजरीवाल का पुराना ट्वीट, लोग बोले – ये सबसे बड़ा फ्रॉड

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने सरकारी आवास सीएम आवास को चमकाने में 45 करोड़ रुपए खर्च कर दिए है। उन्होंने किचन से लेकर बाथरूम और आवास के पर्दों पर तक करोड़ों रुपए खर्च किए। एक समय ऐसा भी था, जब सीएम केजरीवाल कॉन्ग्रेस की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के घर में लगे एयर कंडीशन पर सवाल उठाते थे।

अरविंद केजरीवाल पर अक्सर सवाल उठाने वाले उनके पूर्व के साथी कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल का एक पुराना ट्वीट शेयर कर लिखा है, “इससे बड़ा फ्रॉड देश की राजनीति में नहीं है”। इस ट्वीट में अरविंद केजरीवाल ने शीला दीक्षित पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि उन्होंने अपने बाथरूम में भी एसी लगा रखा है।

अरविंद केजरीवाल ने 27 अक्टूबर 2013 को किए अपने ट्वीट में लिखा है, “दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित जी के घर में 10 एसी लगे हुए हैं। मैंने तो सुना है कि उनके बाथरूम में भी एसी लगा हुआ है। कौन भरता है उनके एसी का बिला? मैं और आप भरते हैं! मेरा तो कलेजा काँप उठता है, यह सोचकर कि जब दिल्ली की 40% जनता झुग्गियों में रहती है, तब कोई मुख्यमंत्री कैसे एक आलीशान घर में रह सकता है!”

टाइम्स नाउ नवभारत’ ने ‘शीश महल’ नाम के अपने ऑपरेशन में जानकारी दी थी कि CM आवास में 8-8 लाख रुपए के पर्दे लगाए गए। केवल पर्दों पर ही 1 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए। कुल 23 पर्दों का ऑर्डर दिया गया था, जिनमें से कुछ अभी लगने बाकी हैं और कुछ लगाए दिए गए हैं। शुरुआत में 8 पर्दे लगाए गए, जिनकी कीमत 45 लाख रुपए थी। दूसरे चरण में 15 पर्दों का ऑर्डर दिया गया, जो 51 लाख रुपए के थे।

इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री आवास में लगाने के लिए वियतनाम से मार्बल मँगाया गया। इसे ‘डियोर पर्ल मार्बल’ बोला जाता है, जो सुपीरियर क्वालिटी का होता है। इसकी कीमत 15 लाख रुपए होती है। इसे लगाने के लिए भी अलग तरीके से फिटिंग की जाती है। AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने इस पर सफाई देते हुए कहा था कि वो बँगला 1942 का बना है, वहाँ छत से पानी टपकती थी और बुजुर्गों को परेशानी होती थी।

चैनल के ऑपरेशन में यह बात भी सामने आई कि सीएम केजरीवाल के मुख्यमंत्री आवास में एक-दो नहीं, बल्कि 15 बाथरूम हैं और हर बाथरूम को सजाने-सँवारने में एक-एक लाख रुपए खर्च किए गए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास में 10 लाख से अधिक रकम सिर्फ सैनिट्री फिटिंग पर खर्च की गई।

CM आवास में 8-8 लाख रुपए के पर्दे लगाए गए। केवल पर्दों पर ही 1 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए। कुल 23 पर्दों का ऑर्डर दिया गया था, जिनमें से कुछ अभी लगने बाकी हैं और कुछ लगाए दिए गए हैं। शुरुआत में 8 पर्दे लगाए गए, जिनकी कीमत 45 लाख रुपए थी। दूसरे चरण में 15 पर्दों का ऑर्डर दिया गया, जो 51 लाख रुपए के थे।

चैनल के मुताबिक, सीएम केजरीवाल के आवास में बिजली के विभिन्न सामान पर 2.58 करोड़ रुपए, किचन एवं अप्लायंस पर 1.10 करोड़ रुपए, इंटीरियर डेकोरेशन (वुडेन फ्लोर, वुडन डोर और यूपीवीसी डोर पर) पर 11.30 करोड़ रुपए, हॉट वॉटर जनरेटर पर 25 लाख रुपए और सुपीरियर कंसल्टेंसी (सिर्फ बताने के लिए) के लिए एक करोड़ रुपए खर्च किए गए।

इतना ही नहीं, अरविंद केजरीवाल ने सिविल लाइंस के फ्लैगस्टॉफ में स्थित 4.7 एकड़ में फैले सीएम आवास को विस्तार देकर 7.3 एकड़ में करने का निर्णय लिया है। इसके लिए IAS और जज जैसे कुछ सरकारी अधिकारियों को घर खाली करने का नोटिस दिया गया था। ये घर 2.6 एकड़ जमीन पर बने हैं।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने यह फैसला 28 जुलाई 2021 को लिया गया था। इसके फौरन बाद अगस्त 2021 में 2 बंगलों और 8 फ्लैट्स को नोटिस भेज इसे खाली करा दिया। ये दोनों बंगले फ्लैगस्टॉफ रोड पर ही हैं, जबकि फ्लैट राजपुर रोड पर आते हैं।

‘विपक्ष की साजिश से हो रहा पहलवानों का धरना’: बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन में उतरे अयोध्या के साधु-संत, बोले- जरूरत पड़ी तो करेंगे दिल्ली कूच

‘भारतीय कुश्ती संघ (WFI)’ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। साथ ही उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर धरना दे रहे हैं। इन सबके बीच अयोध्या के संत बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन में आ गए हैं। संतों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर वह दिल्ली कूच करेंगे और धरना प्रदर्शन करेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अयोध्या से बड़ी संख्या में साधु-संत गोंडा पहुँचे। यहाँ उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन का ऐलान किया। संतों ने कहा है कि विपक्ष की साजिश के तहत पहलवान धरना दे रहे हैं। यदि उनका धरना इसी तरह चलता रहा तो संत मजबूरन दिल्ली के लिए कूच करेंगे। यही नहीं, संतों ने कहा है कि वह दिल्ली जाकर वहाँ जंतर-मंतर में बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन में धरना प्रदर्शन भी करेंगे।

इस दौरान अयोध्या की हनुमान गढ़ी के महंत बलराम दास ने कहा है कि बृजभूषण शरण सिंह पर सोची समझी साजिश के तहत आरोप लगाया गया है। उन पर लगे आरोप झूठे हैं। आरोप लगाने वालों ने भगवान श्रीराम और माता सीता को भी नहीं छोड़ा था। किसी भी मामले में धरना देने से समस्या हल नहीं होती जाँच से ही सच्चाई सामने आएगी। धरने में राजनीतिक दल के लोगों को बुलाया जा रहा है। इससे यह साबित होता है कि आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।

क्या है मामला

दरअसल, पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण और मानसिक प्रताड़ना समेत कई तरह आरोप लगाए हैं। इन आरोपों को लेकर पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर मैदान पर धरना दे रहे हैं। पहलवानों के आरोपों के आधार पर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 2 FIR भी दर्ज की गईं हैं। इन एफआईआर में से एक में POSCO एक्ट की धाराएँ भी लगाई गई हैं। हालाँकि, एफआईआर के बाद भी पहलवान धरना खत्म करने को तैयार नहीं है। वह बृजभूषण की गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं।

अपराधी नहीं हूँ इसलिए इस्तीफा नहीं दूँगा: बृजभूषण

WFI के अध्यक्ष और गोंडा से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने महिला पहलवानों के आरोपों को लेकर शनिवार (29 अप्रैल 2023) को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा है, “पहले पहलवानों की माँग थी कि FIR की जाए। FIR हो गई। अब ये कहते हैं कि जेल के अंदर होना चाहिए। सारे पदों से इस्तीफा देना चाहिए। मुझे जो लोकसभा का पद मुझे मिला है, वो विनेश फोगाट ने नहीं जनता ने दिया है। एक बार नहीं, बल्कि 6-6 बार दिया है। मुझे ही नहीं, मेरी पत्नी को भी दिया है। कुश्ती संघ का अध्यक्ष पद भी उन्होंने नहीं दिया है, चुनाव लड़कर जीता हूँ।”

भाजपा सांसद ने कहा कि इन आरोपों के पीछे देश के कुछ उद्योगपति और कॉन्ग्रेस का हाथ है। उन्होंने आगे कहा, “मैं पूछता हूँ कि आरोपों के पीछे एक ही परिवार और एक ही अखाड़ा क्यों है? हरियाणा के अन्य खिलाड़ी क्यों नहीं हैं। हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक आदि के खिलाड़ी क्यों नहीं हैं?”

सांसद ने आगे कहा, “12 साल से इनका यौन शोषण हो रहा है और वो यौन शोषण देश के अन्य खिलाड़ियों के साथ क्यों नहीं होता है? हरियाणा के बाकी 90 प्रतिशत खिलाड़ी मेरे साथ हैं, क्योंकि मैंने काम किया है। इस्तीफा देना कोई बड़ी बात नहीं है। मैं अपराधी नहीं हूँ। इसलिए अगर मैं इस्तीफा देता हूँ तो इसका मतलब होगा कि मैंने आरोपों को स्वीकार कर लिया।

‘महान नेताओं की यही पहचान’: PM मोदी के कायल हुए शाहिद कपूर, रोहित शेट्टी बोले – ‘मन की बात’ से स्टार्टअप्स और समाजिक कार्यकर्ताओं को फायदा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (30 अप्रैल, 2022) को 100वीं बार देश के साथ ‘मन की बात’ की। इस दौरान देश-दुनिया में इस कार्यक्रम की धूम रही। अब फिल्म अभिनेता शाहिद कपूर ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कार्यक्रम ‘मन की बात’ की जम कर तारीफ़ की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों के साथ कनेक्टेड रहते हैं, जो कि एक महान नेता की निशानी है। शाहिद कपूर हाल ही में ‘फर्जी’ वेब सीरीज में दिखे थे।

शाहिद कपूर ने कहा कि इतिहास में जो भी सबसे लोकप्रिय और महान नेता रहे हैं, चाहे वो राजा हों या फिर प्रधानमंत्री, उनका हमेशा लोगों से जुड़ाव बना रहा है। शाहिद कपूर ने कहा कि ‘मन की बात’ का कनेक्शन काफी गहरा है। उन्होंने कहा कि अपने मन की बात कहना, लोगों की बात सुनना और अपनी बातें उन तक पहुँचा पाना – इससे अच्छी बात कुछ नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम एक उत्कृष्ट फॉर्मेट है।

बता दें कि शाहिद कपूर मुंबई में महाराष्ट्र राजभवन में आयोजित ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 100वें एपिसोड की स्पेशल स्क्रीनिंग में पहुँचे थे। उनके अलावा अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। कई अन्य गणमान्य लोगों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। शाहिद कपूर ने कहा कि वो खुद को काफी सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें इस कार्यक्रम में बुलाया गया। उन्होंने याद किया कि इस कार्यक्रम के साढ़े 9 साल हो गए हैं।

वहीं फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी ने कहा कि उन्हें प्रेरणा मिली कि एक नेता जब राह दिखाए तो क्या कुछ नहीं हो सकता है। उन्होंने स्टार्टअप्स और समाजिक कार्यकर्ताओं को भी इससे फायदा होने की बात बताई। उन्होंने कहा कि हम इतने खुशनसीब हैं कि हमारे पास ऐसे नेता हैं जिनकी लोग बात सुनते हैं, जिनसे प्रेरणा लेते हैं। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ से कई लोगों की मदद हुई। हिमालय को ग्रीन करने वाले उदाहरण की बात करते हुए उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में भी ये कार्यक्रम टेलीकास्ट हुआ है।