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घर के सामने की झोपड़पट्टी में मस्जिद-मजारों पर 19 माइक, तेज आवाज से जीना मुहाल: हाई कोर्ट पहुँचे पूर्व नौसैनिक, 500 कंप्लेन पर भी पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

मस्जिदों की लाउडस्पीकर से होने वाली शोर का मुद्दा फिर से चर्चा में है। मुंबई में एक पूर्व नौसैनिक ने इसके खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनका कहना है कि पुलिस में करीब 500 बार कंप्लेन करने के बावजूद इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही कारण है कि अब उन्हें अदालत जाना पड़ा है।

75 साल के पूर्व नौसैनिक महेंद्र सप्रे ने बताया है कि उनके घर के सामने बसी झोपड़पट्टी की मस्जिद और मजारों पर लगे लाउडस्पीकरों से आने वाली तेज आवाज से उनकी तबीयत बिगड़ चुकी है। उन्हें दवाइयाँ लेनी पड़ती है। कोर्ट में उनकी याचिका पर 12 जून 2023 को सुनवाई होनी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला मुंबई के वडाला क्षेत्र का है। यहाँ की फैकल्टी बिल्डिंग में नौसेना से रिटायर होने के बाद 75 वर्षीय महेंद्र सप्रे अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। उनकी पत्नी भी इंडियन केमिकल्स टेक्नोलॉजी (ICT) में प्रोफेसर हैं। उनकी बिल्डिंग के सामने बंगालीपुरा स्लम एरिया है। पूर्व नौसैनिक का कहना है कि इस स्लम की मस्जिद-मजारों पर 19 से अधिक लाऊडस्पीकर अवैध तरीके से लगाए गए हैं। इन सभी से निकलने वाले शोर से वे बेहद परेशान हैं।

महेंद्र सप्रे के मुताबिक उनके हृदय का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने उनको अधिक आराम और ज्यादा से ज्यादा नींद लेने की सलाह दी है। लेकिन मस्जिदों की माइक से आने वाली तेज आवाज उन्हें सोने नहीं देती। सप्रे ने इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस से कई बार की। लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला। आखिरकार उन्हें बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करनी पड़ी। सप्रे के वकील प्रेरक चौधरी ने बताया है कि ध्वनि प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उनके क्लाइंट के क्षेत्र में उल्लंघन हो रहा है।

पूर्व नौसैनिक के वकील के मुताबिक उनके क्लाइंट की याचिका किसी मजहब के खिलाफ नहीं है। उन्होंने इस समस्या को इलाके में सभी लोगों की दिक्कत करार दिया है। इस याचिका पर 12 अप्रैल 2023 को हाई कोर्ट ने सुनवाई की थी। अगली सुनवाई के लिए 12 जून की तारीख दी गई है। सप्रे साल 2017 में नौसेना से रिटायर हुए थे। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी शिकायत को पीएमओ से ले कर गृहमंत्रालय तक भी ट्विटर पर टैग किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

गौरतलब है कि 2020 में एक फैसले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने माना था कि लाउडस्पीकर से अजान पर प्रतिबंध वैध है, क्योंकि यह इस्लाम का हिस्सा नहीं है। हाई कोर्ट ने कहा था कि अजान इस्लाम का हिस्सा है, लेकिन लाउडस्पीकर से अजान देना इस्लाम का हिस्सा नहीं हो सकता। इसके लिए कोर्ट ने तर्क दिया था कि लाउडस्पीकर के आने से पहले मस्जिदों से मानव आवाज में अजान दी जाती थी। मानव आवाज में मस्जिदों से अजान दी जा सकती है।

कार्ति चिदंबरम की ₹11 करोड़ की 4 संपत्तियाँ जब्त, INX घोटाला मामले में ED की कार्रवाई: मनी लॉन्ड्रिंग में जा चुके हैं जेल भी

पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सांसद कार्ति चिदंबरम और अन्य से जुड़ी 11.04 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर दी है। यह कार्रवाई INX मीडिया प्राइवेट लिमिटेड मामले में की गई है।

दी गई जानकारी के मुताबिक ईडी ने कर्नाटक के कूर्ग जिले में 11.04 करोड़ रुपए की 4 संपत्तियाँ (तीन चल व एक अचल) कुर्क की हैं। ईडी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री के बेटे के खिलाफ ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (PMLA 2002)’ के तहत प्रोविजनल ऑर्डर जारी किया गया है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्ति को CBI और ED दोनों ने गिरफ्तार किया था।

कार्ति चिदंबरम तमिलनाडु की शिवगंगा से सांसद हैं। उनपर आईएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मिले अवैध रुपयों को प्राप्त करने का आरोप है। इस लेन-देन को यूपीए की तत्कालीन सरकार में केंद्रीय वित्त मंत्री के रूप में कार्ति के पिता पी चिदंबरम के कार्यकाल (2010-2014) के दौरान विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी मिली थी।

इसके अलावा एयरसेल मैक्सिस डील मामले में भी पी चिदंबरम पर घूस लेकर विदेशी निवेश की मंजूरी देने का आरोप लगा था। साल 2019 में इन्हीं आरोपों के चलते पूर्व वित्त मंत्री 21 अगस्त, 2019 को अरेस्ट भी किया गया था, जिसके बाद उन्हें 106 दिन जेल में गुजारने पड़े थे और 4 दिसंबर को जाकर उन्हें जमानत मिली। इस बीच उनके दिन तिहाड़ में बीते थे।

इसके अलावा कार्ति चिदंबरम पर 50 लाख रुपए घूस लेकर 250 चीनी नागिरकों को भारत का वीजा दिलाने में मदद का भी आरोप है। सारे चीनी पंजाब में चल रहे एक प्रोजेक्ट के लिए भारत आए थे। मामले में सीबीआई ने कार्ति चिदंबरम और चेन्नई स्थित सहयोगी एस. भास्कररमन समेत 5 के खिलाफ मामला दर्ज किया हुआ है।

‘मैं हूँ सुप्रीम कोर्ट का इंचार्ज, मैं करूँगा फैसला’: समलैंगिक शादी वाली याचिका पर उठे सवाल तो बोले CJI चंद्रचूड़, कहा – प्रक्रिया क्या होगी ये बताने की अनुमति किसी को नहीं दूँगा

सुप्रीम कर्ट में समलैंगिग विवाह (Same Sex Marriage) को मान्यता देने के याचिकाओं पर सुनवाई शुरू हो गई है। केंद्र सरकार ने याचिकाओं की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के राजी होने पर सवाल उठाया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि शादी विवाह को लेकर सुप्रीम कोर्ट नई संस्था नहीं बना सकता। कोर्ट रूम में उपस्थित वकील और जज देश का प्रतिनिधित्व नहीं करते। इसलिए इन मसलों पर विचार के लिए संसद सही जगह है।

हालाँकि, चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने सरकार की आपत्ति को खारिज कर दिया और सुनवाई जारी रखने का फैसला किया। याचिकाकर्ता का पक्ष वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने अदालत के सामने रखा।

सेम सेक्स मैरेज को मान्यता देने के लिए दी गई अर्जियों पर सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की बेंच ने सुनवाई शुरू की। इनमें चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल, एस रविंद्र भट, पी एस नरसिम्हा और हिमा कोहली शामिल हैं। सुनवाई के दौरान एसजी तुषार मेहता ने कहा कि केस पर सरकार अपनी आरंभिक आपत्तियाँ बताना चाहती है। जिसे सुना जाना चाहिए। इस पर सीजेआई ने कहा कि पहले याचिकाकर्ता को सुन लेते हैं।

इसपर एसजी ने कहा कि पहले याचिकाकर्ता को सरकार की आपत्तियों पर जवाब देना चाहिए। इसके बाद CJI चंद्रचूड़ ने कहा, “मैं कोर्ट का इंचार्ज हूँ। यह फैसला मैं करूँगा। पहले याचिकाकर्ता को सुना जाएगा। इस अदालत में सुनवाई की प्रक्रिया क्या होगी यह बताने की अनुमति मैं किसी को नहीं दूँगा।”

सीजेआई के जवाब के बाद सॉलिसिटर जनरल मेहता ने कहा कि फिर सरकार भी मामले की सुनवाई में शामिल होने पर विचार करेगी। इस पर बेंच में शामिल जस्टिस संजय कौल ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और सरकार का यह कहना कि ‘सुनवाई में शामिल होने पर विचार करेगी’ ठीक नहीं है। इसके बाद बहस शुरू हो सकी। याचिकाकर्ताओं की तरफ से अदालत में पेश वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि समलैंगिक भी दूसरे नागरिकों की तरह अधिकार रखते हैं।

उन्होंने कहा कि एक समय में कानून की धारा 377 के तहत उनके बीच संबंध अपराध की श्रेणी में आते थे पर आज ऐसा नहीं है। यदि समलैंगिक लोग साथ रह सकते हैं तो उनकी शादी को भी मान्यता मिलनी चाहिए।

याचिका पर जमियत उलेमा हिंद ने भी आपत्ति जताई है। जमीयत की तरफ से वरिष्ठ वकील और कॉन्ग्रेस नेता कपिल सिब्बल सेम सेक्स मैरेज का विरोध करने के लिए अदालत में पहुँचे। उन्होंने कहा कि समलैंगिक यदि किसी बच्चे को गोद लेते हैं तो किसे माँ और किसे बाप माना जाएगा? उन्होंने पूछा कि गुजारा भत्ता की जिम्मेदारी किसकी होगी? कपिल सिब्बल ने कहा कि शादी विवाह से जुड़े मामले संविधान की समवर्ती सूची (Concurrent List of the Constitution) में आते हैं। इसलिए इस विषय पर राज्य सरकारों की भी राय ली जानी चाहिए।

समलैंगिक विवाह के पक्ष में याचिका दाखिल करने वाले लोगों की तरफ से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी, अभिषेक मनु सिंघवी, मेनका गुरुस्वामी और के वी विश्वनाथन ने भी अपनी शुरुआती दलीलें दीं। मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि समलैंगिक विवाह को मान्यता न मिल पाने की वजह से समलैंगिक जोड़े कई कानूनी अधिकार हासिल नहीं कर पा रहे हैं। मुकुल रोहतगी ने कहा कि कानून की हल्की व्याख्या से समलैंगिक जोड़ों को राहत मिल जाएगी।

उन्होंने कहा कि 31 देशों ने समलैंगिग विवाह को मान्यता दी हुई है, इसलिए भारत में भी प्रगतिशील नजरिए को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। मामले की सुनवाई बुधवार (18 अप्रैल) को भी जारी रहेगी।

‘पुरुष कमाने वाले रहे, इसीलिए उन्होंने ज़्यादा आज़ादी का आनंद लिया’: बोलीं प्रियंका चोपड़ा – महिलाओं का सफल होना कई पुरुषों को लगता है ‘वर्चस्व को चुनौती’

बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने समाज में स्त्री और पुरुष को लेकर टिप्पणी की है। कई अंग्रेजी फिल्मों और टीवी सीरीज में काम कर चुकीं अभिनेत्री ने कहा कि पुरुषों को लंबे समय तक आज़ादी और गौरव का आनंद लेने का मौका मिला, क्योंकि वो परिवार में कमाने वाले और परिवार का पालन-पोषण करने वाले हैं, वो परिवार के मुखिया रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई महिला ऐसा करने लगती है तो ये पुरुषों के वर्चस्व के लिए चुनौतीपूर्ण बन जाता है।

उन्होंने कहा कि ऐसा तब भी होता है जब महिला, पुरुष से ज़्यादा सफल हो जाए और पुरुष घर पर रहे, महिला काम के लिए बाहर जाने लगे। उन्होंने कहा कि हमें अपने बेटों को सिखाना चाहिए कि रोने में कोई शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए, अपनी पत्नी/गर्लफ्रेंड, माँ या बहन के साथ चीजें साझा करने और उन्हें ध्यान का केंद्र बनाने में भी कोई शर्म नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने भी उनकी माँ के साथ ऐसा ही किया था। उन्होंने पुरुषों को सन्देश दिया, “सबको सक्सेसफुल होने दो।”

बकौल प्रियंका चोपड़ा, अब जब वो अपने पति निक जोनास के साथ रेड कार्पेट पर वॉक करती हैं और वो अलग हट कर उन्हें आकर्षण का केंद्र बनने देते हैं, उन्हें इस बात पर काफी फ़ख्र होता है कि उन्होंने खुद को ऐसे लोगों के घेरे में रखा है जो इन चीजों को लेकर असुरक्षित (Insecure) नहीं हैं। प्रियंका चोपड़ा फ़िलहाल रूसो ब्रदर्स की वेब सीरीज ‘Citadel’ को लेकर सुर्ख़ियों में हैं, जिसके बारे में उनका कहना है कि 22 साल के करियर में उन्हें पहली बार पुरुषों के समान पैसे मिले हैं।

हालाँकि, उन्होंने कहा कि उनके जीवन में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो उनकी सफलता को लेकर काफी इनसेक्योर महसूस करते हैं। प्रियंका चोपड़ा ने बताया कि उनके पिता जब सेना में थे, तभी उनकी माँ ने प्राइवेट नौकरी शुरू कर दी थी। उन्होंने कहा कि इन दोनों के बीच कोई ईगो नहीं था क्योंकि उनकी माँ ने भले चीजों का ज्यादा ध्यान रखना शुरू कर दिया था लेकिन वो साथ में एक यूनिट की तरह थे, सोचते थे आखिर पैसा घर में ही तो आ रहा है।

अफ्रीका के तीसरे सबसे बड़े देश में सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच सत्ता-युद्ध: 185 की मौत, समझें कैसे 2 जनरलों के संघर्ष में पिस रहा सूडान

अफ्रीकी देश सूडान (Sudan) में सत्ता के लिए सेना (Military) और अर्धसैनिक बल (Paramilitary force) के बीच लड़ाई जारी है। रिपोर्टों के मुताबिक शनिवार (15 अप्रैल, 2023) से शुरू हुई लड़ाई में अब तक 185 से अधिक लोगों की मौत हो गई है जबकि 1800 से ज्यादा घायल बताए जा रहे हैं। बताया यह भी जा रहा है कि राजधानी खार्तूम समेत कई शहरों में लड़ाई की वजह से अस्पतालों को भी नुकसान पहुँचा है जिससे घायलों और बीमारों का इलाज करने में परेशानी हो रही है।

सूडान में खार्तूम,ओम्दुर्मान, बहरी और कई शहर जंग के मैदान में बदल चुके हैं। CNN के रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को संघर्ष शुरू होने के बाद से सोमवार (17 अप्रैल) का दिन सबसे ज्यादा विध्वंसक रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार छोटे से युद्ध विराम के बाद राजधानी खार्तूम में आर्मी कमांड बिल्डिंग और प्रेसिडेंशियल पैलेस जैसे स्थानों पर कब्जे के लिए लड़ाई शुरू हो गई। इतना ही नहीं खार्तूम और आसपास के इलाकों में मंडरा रहे लड़ाकू वीमानों को ग्राउंड एंटी-एयरक्राफ्ट डिफेंस के जरिए निशाना बनाया गया। बहरी में भी भारी बमबारी हुई। ज्यादातर लोग अपने घरों में ही दुबके रहे।

लड़ाई की वजह से खाने-पीने के चीजों की कमी होने लगी है। कई इलाकों में बिजली गुल है। डॉक्टर जख्मी मरीजों तक नहीं पहुँच पा रहे हैं और परिजन मरे हुए लोगों का अंतिम संस्कार नहीं कर पा रहे हैं। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि शनिवार से ही अस्पतालों पर मिसाइलों से हमला किया जा रहा है।

दो जनरलों के बीच सत्ता का संघर्ष

यह गृह युद्ध सूडान की आर्मी के जनरल अब्देल फतेह अल बुरहान (Abdel Fattah al-Burhan) और सूडानी अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (Rapid Support Forces) के प्रमुख जनरल मोहम्मद हमदान दागलो (Mohamed Hamdan Daglo) बीच चल रहा है। दोनों सूडान पर नियंत्रण पाने के लिए लड़ रहे हैं। सीएनएन के साथ बातचीत में सूडानी सेना के चीफ और RSF के जनरल ने एक दूसरे पर लड़ाई छेड़ने और आम लोगों पर हमले का आरोप लगाया है।

फोटो साभार: CNN

क्या है विवाद की जड़?

सूडान में जारी मौजूदा संघर्ष की जड़ें 2019 के विद्रोह से जुड़ी हुई हैं। दरअसल सूडान के तात्कालिक राष्ट्रपति उमर अल बशीर के खिलाफ जनता ने विद्रोह कर दिया था। जिसके बाद सेना और अर्धसैनिक बल ने मिलकर तख्ता पलट कर दिया और अल बशीर को सत्ता से बेदखल कर दिया। सेना ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को आश्वासन दिया कि 2023 के आखिर तक हालात सुधरने के बाद चुनाव कराए जाएँगे। एक सोवरेनिटी काउंसिल बनाई गई और तब तक के लिए अबदल्ला हमडोक को प्रधानमंत्री बना दिया गया।

इसके बावजूद देश में संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रही थी। सूडानी आर्मी के जनरल बुरहान और आरएसएफ के जनरल डगालो ने मिलकर अक्टूबर 2021 में फिर से तख्तापलट कर दिया। इस बार बुरहान सोवरेनिटी काउंसिल के अध्यक्ष बन गए और जनरल डगालो को उपाध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद तय हुआ कि आरएसएफ का आर्मी में विलय कर दिया जाएगा। फिर सवाल उठा कि पैरामिलिट्री के आर्मी में मिला देने के बाद नई फोर्स का प्रमुख कौन होगा? इस बात को लेकर दोनों जनरलों के बीच विवाद शुरू हो गया।

बता दें कि आरएसएफ का गठन उमर अल बशीर ने साल 2013 में किया था। इसके बाद से इसका इस्तेमाल सरकार के खिलाफ होने वाले विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए किया जाता था। देखते-देखते जनरल डगालो ने इसे एक शक्तिशाली संगठन बना दिया।

सूडान का इतिहास

सूडान 1956 में आजाद हुआ। आजादी के बाद से ही सूडान में सेना वर्चस्व रहा है। सूडान ने अब तक कई गृह युद्धझेले हैं। यहाँ सेना बार-बार तख्तापलट करती रही है। अस्थिरता की वजह से देश में कई विद्रोही गुट बनते रहे और देश में स्थिरता नहीं आ सकी। दशकों के गृहयुद्ध के बाद 2011 में दक्षिण सूडान (South Sudan) सूडान से अलग हो गया। एक जनमत संग्रह के बाद यह अलग देश बना था।

यूरोप और अमेरिका ने की सीज़फायर की अपील

इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सूडानी सशस्त्र बलों और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के जनरलों से लड़ाई खत्म करने की अपील की है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने दोनों कमांडर जनरल से अलग-अलग बात की और संघर्ष खत्म करने के लिए बातचीत को आगे आने के लिए कहा। उन्होंने देश में मानवीय सहायता पहुँचाने की भी इजाजत माँगी। यूरोप के देशों ने भी बातचीत के जरिए मसले का हल निकालने की अपील की है।

‘शाकाहारी हूँ, धर्म भ्रष्ट किया’: न्यूज एंकर ने मँगाया पनीर तो ‘नजीर फूड्स’ ने भेजा चिकन, पुलिस शिकायत Zomato पर भी एक्शन की माँग

उत्तर प्रदेश के नोएडा में सुदर्शन न्यूज़ चैनल की एक एंकर ने जोमैटो और ‘नजीर फूड्स’ के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। अपनी शिकायत में कनिका अरोड़ा नाम की एंकर ने इन दोनों पर को धोखे से खुद को मांसाहार खिलाने आरोप लगाया है। खुद को शाकाहारी बताते हुए पीड़िता का आरोप है कि उन्हें पनीर रोल के ऑर्डर के बाद भी चिकन रोल भेज दिया गया। एंकर ने इन दोनों कंपनियों को अपना धर्म भृष्ट होने का जिम्मेदार बताया है। घटना सोमवार (17 अप्रैल, 2023) की है।

मामला नोएडा के थाना क्षेत्र सेक्टर 49 का है। ‘सुदर्शन न्यूज़’ के सेक्टर 57 स्थित मुख्यालय में कनिका बतौर न्यूज़ एंकर काम करती हैं। पुलिस में मंगलवार (18 अप्रैल, 2023) को दी गई शिकायत में उन्होंने बताया है कि सोमवार की रात लगभग 10:40 पर उन्होंने Zomato के माध्यम से ‘नजीर फूड्स’ को पनीर रोल का ऑर्डर दिया था। नजीर फूड्स द्वारा कनिका को पनीर रोल के बदले चिकन रोल भेज दिया। कनिका ने खुद को शुद्ध शाकाहारी बताते हुए ‘नजीर फूड्स’ और जोमैटो पर अपने धर्म को भ्रष्ट करने का आरोप लगाया है।

शिकायत में यह भी बताया गया है कि पीड़िता द्वारा सवाल जवाब करने पर नजीर फूड्स ने उन्हें अपना किचन दिखाने से भी मना कर दिया। शिकायत के अंत में पीड़िता ने ‘नजीर फूड्स’ और जोमैटो पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। सुदर्शन न्यूज़ ने अपने एक शो में नजीर फूड्स और जोमैटो पर पहले भी अन्य ग्राहकों के साथ ऐसी हरकतें करने का आरोप लगाया है। सुदर्शन न्यूज़ द्वारा ‘नजीर फूड्स’ का लाईसेंस रद्द करने की भी माँग की जा रही है।

‘सुदर्शन न्यूज़’ ने अपने एक शो में कनिका द्वारा ऑर्डर की गई रसीद और भेजे गए खाने को भी दिखाया है। इस मामले में ऑपइंडिया ने जब ‘नजीर फूड्स’ का पक्ष जानने के लिए उनके नंबर पर सम्पर्क किया तो किसी ने कॉल नहीं उठाई। ऑपइंडिया से बात करते हुए थाना सेक्टर 49 के प्रभारी संदीप चौधरी ने बताया कि फ़िलहाल अभी तक उनके पास कोई भी पक्ष नहीं आया है। उन्होंने कहा कि वो बाद में इस मामले पर कुछ बता पाएँगे।

PM मोदी की नकल के चक्कर में कॉमेडियन श्याम रंगीला ने किया कानून का उल्लंघन, भरना पड़ा ₹11000 का जुर्माना: जयपुर में बनाया ‘जंगल सफारी’ का वीडियो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री कर मशहूर हुए श्याम रंगीला (कॉमेडियन) पर वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट का उल्लंघन करने पर 11 हजार रुपए का जुर्माना लगा है। दरअसल, रंगीला ने जयपुर के झालाना जंगल लेपर्ड सफारी में पीएम मोदी की जंगल सफारी की नकल उतारते हुए वैसा ही वीडियो बनाया था। इस दौरान वह नीलगाय को हाथ से खाना खिलाते हुए नजर आए। यह वन अधिनियम 1953 और ‘वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972’ के प्रावधानों का उल्लंघन था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्याम रंगीला को वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट का उल्लंघन करने के कारण नोटिस जारी किया गया था। सोमवार (17 अप्रैल, 2023) को वह जयपुर क्षेत्रीय वन अधिकारी के सामने पेश हुए और 11,000 रुपए का जुर्माना भरा। अगर तय समय पर श्याम रंगीला पेश नहीं हुए होते तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती थी। ऐसे मामलों 3 से लेकर 7 साल तक की जेल हो सकती है।

श्याम रंगीला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांदीपुर जंगल सफारी की नकल करते हुए जयपुर के झालाना जंगल में 12 अप्रैल, 2023 को एक वीडियो शूट किया था। इस वीडियो में उन्होंने पीएम मोदी की तरह कपड़े, टोपी और चश्मा पहना हुआ था। इसे रंगीला ने अपने ट्विटर अकाउंट और यूट्यूब चैनल पर भी शेयर किया था। वीडियो में वह जंगल में गाड़ी से नीचे उतरकर अपने हाथ से नीलगाय को कुछ खिलाते हुए नजर आया था। वन्य जीवों को खाद्य पदार्थ खिलाने से कई गंभीर रोग और इन्फेक्शन हो सकता है, जिससे उनकी जान को खतरा होता है। वन्य जीवों को खाद्य पदार्थ नहीं खिलाने को लेकर झालाना जंगल में चेतावनी सूचना बोर्ड भी लगाए हुए हैं। इसके बावजूद श्याम रंगीला ने नीलगाय को खाद्य पदार्थ खिलाया।

जयपुर क्षेत्रीय वन अधिकारी जनेश्वर चौधरी ने बताया, “वे हमारे सामने पेश हुए और उन्होंने मानवीय भूल मानते हुए अपने कृत्य के लिए माफी माँगी, जिसके बाद उन्हें 11 हजार रुपए के जुर्माने के साथ छोड़ दिया गया। इसके साथ ही उन्हें भविष्य में कभी वन्य जीवों को खाद्य पदार्थ नहीं खिलाने की चेतावनी भी दी गई।”

बता दें कि इससे पहले श्याम रंगीला ने 2019 में अक्षय कुमार द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए गए साक्षात्कार की नकल की थी। रंगीला ने YouTube पर यह वीडियो अपलोड किया था। इसमें उन्होंने पीएम मोदी की भूमिका निभाई थी और उसका एक अन्य साथी साक्षात्कर्ता की भूमिका में अक्षय कुमार बना हुआ था। दोनों ने पीएम मोदी और अक्षय कुमार के इंटरव्यू का अपने मसखरे अंदाज़ में स्पूफ बनाया था।

बरेली की सबीना बनी सोनम, सोमपाल से अगस्त्य मुनि आश्रम में की शादी: पुलिस से लगाई सुरक्षा की गुहार

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सबीना नाम की एक मुस्लिम लड़की ने हिन्दू धर्म स्वीकार किया है। उसने सोमपाल से शादी की है। सबीना अब सोनम के नाम से जानी जाएगी। दोनों का विवाह सोमवार (17 अप्रैल 2023) को बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम सम्पन्न हुआ। विवाह करवाने वाले पंडित केके शंखधर ने ऑपइंडिया को बताया कि दोनों काफी समय से एक दूसरे से परिचित थे।

बताया जाता है कि सबीना और सोमपाल के घर वाले इस रिश्ते के खिलाफ हैं। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सबीना मूल रूप से बरेली के बिशारतगंज की रहने वाली हैं। उनका पति सोमपाल कुंडरिया खुर्द का रहने वाला है। दोनों काफी समय से प्यार में थे। जब सबीना ने अपने घर में इस रिश्ते के बारे में बताया तो काफी विरोध हुआ। इस बीच सोमपाल के परिजनों को भ्ज्ञी रिश्ते की भनक लग चुकी थी। उन्होंने भी इस पर एतराज किया। परिजनों के तैयार नहीं होने पर दोनों ने मंदिर में शादी का फैसला किया।

इसके बाद सबीना और सोमपाल ने बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम के पंडित केके शंखधर से सम्पर्क किया। पंडित शंखधर जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं के बाद दोनों की शादी करवाने के लिए तैयार हो गए। उन्होने सबीना और सोमपाल से बालिग होने के प्रमाण-पत्र लिए। आखिरकार सोमवार को सबीना और सोमपाल शादी के बंधन में बँध गए। बताया जा रहा है कि सबीना ने अपने पति के लिए ‘ये दोस्ती तेरे नाम से शुरू तेरे नाम पर खत्म’ गाना भी गाया। फ़िलहाल सबीना और सोमपाल को अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है। दोनों ने ही बरेली पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है।

पंडित शंखधर ने ऑपइंडिया के साथ इस विवाह के फोटो और वीडियो भी शेयर किए हैं। उन्होंने बताया कि लड़की के घर के बगल लड़के की रिश्तेदारी है, जहाँ वो अक्सर आया-जाया करता था। इसी दौरान दोनों में प्यार हुआ और उन्होंने शादी कर ली है। बकौल पंडित शंखधर घर वालों ने थाना बिशारतगंज में लड़के के खिलाफ FIR दर्ज करवा रखी है, जिस बावत लड़की कोर्ट में अपने 164 के बयान के लिए गई है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी अगस्त्य मुनि आश्रम में अमरीना ने राधिका बन कर पप्पू से, नाजिश ने निहारिका बन कर नीलेश से और शहनाज ने सुमन बन कर अजय से शादी की थी। कुछ समय पहले ऑपइंडिया से बात करते हुए पंडित के के शंखधर ने अपनी जान का भी खतरा बताया था। उन्होंने बताया था कि आश्रम में 64 से अधिक मुस्लिम लड़कियों ने हिंदू लड़कों से शादी की है, जिसके चलते वे कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं।

यूथ काॅन्ग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवास ने मुझे प्रताड़ित किया, लिंग के आधार पर किया भेदभावः असम की महिला नेता का दावा, कहा- राहुल गाँधी को बताया, फिर भी कुछ नहीं हुआ

असम यूथ कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष डॉ अंगकिता दत्ता ने यूथ कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास BV पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उन्होंने मंगलवार (18 अप्रैल, 2023) को दोपहर 3:55 में की गई ट्वीट में लिखा, “मेरा परिवार 4 पीढ़ियों से कॉन्ग्रेस पार्टी में है। मैंने 2 बार पार्टी के आंतरिक चुनावों में हिस्सा लिया है, बूथ कमिटी बनाई है और पुलिस से पिटाई भी खाई है। मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक किया, फिर LLB किया।”

उन्होंने आगे अपनी बात को जारी रखते हुए लिखा है, “मैंने गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से PhD की डिग्री प्राप्त की। हम पार्टी के हित को ध्यान में रखते हुए चुप्पी साधे रहते हैं। लेकिन, श्रीनिवास द्वारा प्रताड़ना कम नहीं होती।” उन्होंने बताया है कि श्रीनिवास BV ने उन्हें कई बार प्रताड़ित किया है। डॉ अंगकिता दत्ता ने जानकारी दी है कि इस संबंध में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान उन्होंने राहुल गाँधी को भी बताया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि श्रीनिवास BV ने उन्हें लगातार प्रताड़ित किया है और उनके स्त्री होने के कारण उनसे भेदभाव किया है। उन्होंने कहा कि उनके सिद्धांत और उनकी सहीक्षिक पृष्ठभूमि उन्हें अब और चुप रहने की अनुमति नहीं देती। उनकी मानें तो पार्टी आलाकामन के सामने ही कई बार ऐसा हुआ, फिर भी उन्होंने कुछ एक्शन नहीं लिया। उन्होंने कहा कि श्रीनिवास BV खुद को इतना शक्तिशाली समझते हैं कि उन्हें लगता है कि बड़े नेताओं के आशीर्वाद से वो संगठन में एक महिला को प्रताड़ित कर सकते हैं, नीचा दिखा सकते हैं।

उन्होंने राहुल गाँधी को टैग करते हुए अपने पोस्ट में लिखा, “मुझे राहुल गाँधी पर काफी विश्वास था और ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान श्रीनिवास BV की हरकतों के बारे में बताने के लिए मैं जम्मू गई थी। मैंने उन्हें बताया कि श्रीनिवास ने मेरे लिए कैसी भाषा का इस्तेमाल किया। अप्रैल आ गया है और अब तक इस मामले में कोई जाँच नहीं हुई है।” बता दें कि जनवरी के अंतिम हफ्ते में यात्रा जम्मू में थी। उन्होंने बताया कि वो इसीलिए चुप रहीं क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी एक्शन लेगी, लेकिन कोई इन्क्वारी कमिटी नहीं बनी।

असम यूथ कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष डॉ अंगकिता दत्ता ने यूथ कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास BV पर लगाए प्रताड़ना के आरोप

डॉ अंगकिता दत्ता ने राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी को टैग करते हुए लिखा, “पूरे देश में मैं अकेली महिला हूँ, जो यूथ कॉन्ग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष है। फिर भी मुझे इस तरह प्रताड़ित किया गया। अगर मेरे साथ ऐसा हो सकता है, फिर मैं किस मुँह से दूसरे महिलाओं को पार्टी में शामिल होने के लिए कहूँगी?” उन्होंने कहा कि श्रीनिवास BV जैसे नेताओं के कारण कॉन्ग्रेस अब सुरक्षित जगह नहीं रही। इस प्रकरण पर कॉन्ग्रेस आलाकमान का कोई बयान सामने नहीं आया है।

दंगा मुक्त हुआ UP, अब कोई माफिया किसी को धमकी नहीं दे सकता: CM योगी, अतीक-अशरफ की हत्या के बाद पहला सार्वजनिक संबोधन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में अब कोई माफिया किसी को धमका नहीं सकता है। जो कभी उत्तर प्रदेश की पहचान के लिए संकट थे, अब उनके लिए संकट पैदा होता जा रहा है। वे लखनऊ के लोकभवन में मंगलवार (18 अप्रैल 2023) को आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रयागराज में 15 अप्रैल को माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के मारे जाने के बाद सीएम का यह पहला सार्वजनिक संबोधन था। उससे पहले अतीक के बेटे असद और उसके गुर्गे गुलाम को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वालों को साल 2017 से पहले की स्थिति याद दिलाई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2012 से 2017 के बीच में 700 से अधिक दंगे हुए थे। वर्ष 2007 से 2012 के बीच 364 से ज्यादा दंगे हुए थे। लेकिन वर्ष 2017 से 2023 के बीच एक भी दंगा उत्तर प्रदेश में नहीं हुआ। इस बीच एक भी दिन कर्फ्यू लगाने की नौबत नहीं आई।

सीएम योगी ने कहा कि पहले कुछ जनपदों (जिलों) के नाम से लोग डरते थे। आज लोगों को उन जनपदों के नाम से डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि आज का उत्तर प्रदेश निवेशकों की पूँजी को सुरक्षित रखने में सक्षम है। यूपी के गाँवों तक स्ट्रीट लाइटें जगमगा रही हैं। पहले इसी यूपी के लिए कहा जाता था कि जहाँ से अँधेरा शुरू हो जाए समझ लो यूपी आ गया। पहले सड़कों पर पड़े गड्ढे प्रदेश की पहचान हुआ करती थी। लेकिन आज राज्य भर में बेहतरीन रोड कनेक्टिविटी है। इसके कारण निवेशक रुचि दिखा रहे हैं।

बता दें कि प्रधानमंत्री मेगा एकीकृत वस्त्र एवं परिधान (पीएम मित्र) योजना के अंतर्गत लखनऊ और हरदोई के बीच एक हजार एकड़ में टेक्सटाइल पार्क बनाया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार और यूपी सरकार के बीच एमओयू साइन किया गया है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी की जोड़ी ने उत्तर प्रदेश के लिए कल्पना से बढ़कर काम किया है। आज यूपी का चित्र और चरित्र दोनों बदल गया है।