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39 देश के 772 वेबकैम किए हैक, घर में बैठ महिलाओं को सेक्स करते और कपड़ा उतारते देखता था: जमा कर रखे थे 80 हजार फोटो-वीडियो

ब्रिटेन का 60 वर्षीय क्रिस्टोफर टेलर तीन बच्चों का बाप है। लेकिन वह चर्चा में है अपने घर से मिले करीब 80 हजार वीडियो और फोटो को लेकर। इनमें दुनिया भर की महिलाओं के प्राइवेट मोमेंट कैद थे। 2010 से 2016 ​के बीच उसने इन्हें इकट्ठा किया था। उसने 39 देशों के 772 वेबकैम हैक कर रखे थे। इसकी मदद से वह अपने घर में बैठकर महिलाओं को कपड़े बदलते और सेक्स करते देखता था। उसे 14 महीने जेल की सजा सुनाई गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला 2016 का है। क्रिस्टोफर टेलर एक हैकर है। उसने मालवेयर (एक प्रकार का सॉफ्टवेयर प्रोग्राम, जिसकी मदद से हैकर्स पर्सनल डाटा चोरी करते हैं) की मदद से दुनियाभर के सैकड़ों वेबकैम हैक कर लिए थे। ये वो कैमरे थे, जो लोगों के लैपटॉप या फिर कमरों में लगे होते हैं। इसके जरिए क्रिस्टोफर अपने घर में बैठकर लोगों को पढ़ाई करते, योगा करते और महिलाओं को यौन संबंध बनाते हुए देखा करता था। उसके पास से महिलाओं के कई ऐसे वीडियोज और फोटोज मिले थे, जिसमें वे कपड़े बदलते और सेक्स करते हुए दिखाई दे रही थीं।

अमेरिका में जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के आईटी कर्मचारियों ने एफबीआई को इसके बारे में सूचना दी थी कि एक ब्रिटिश शख्स इंग्लैंड में अपने घर पर बैठकर इस अपराध को अंजाम दे रहा है। इसके बाद 2016 में उसके घर पर छापेमारी कर उसे पकड़ा गया था। दरअसल, एयरोस्पेस प्रयोगशाला में एक छात्र के लैपटॉप में मैलवेयर पाया गया था। इसके बाद इस मामले का खुलासा हुआ था। बोल्टन क्राउन कोर्ट ने उस वक्त उसे 14 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। अभियोजन पक्ष के नील फ्रायमैन ने सुनवाई के दौरान बताया था, “इनमें से कई तस्वीरों और वीडियो में लोगों को खाते हुए, काम करते हुए, बिस्तर पर लेटते और योग करते हुए कैप्चर किया गया है।”

पुलिस के अनुसार, इंग्लैंड के ग्रेटर मैनचेस्टर के विगन में टेलर का घर है, जहाँ से उसने सीक्रेट तरीके से 47 महिलाओं के प्राइवेट मोमेंट को देखा था। जाँच में पाया गया कि टेलर ने अपनी गिरफ्तारी से पहले हजारों फाइलों को डिलीट कर दिया था। 2010 से 2016 के बीच टेलर ने महिलाओं के प्राइवेट मोमेंट की 80,000 तस्वीरें और वीडियो इकट्ठा की थी। वो इनके वीडियो घर बैठे अपने कंप्यूटर से देखा करता था।

बुरहान और हरदान की लड़ाई में 270 की मौत: सूडान से भारतीयों को निकालने में मदद करेगा UAE-सऊदी, S जयशंकर ने कॉन्ग्रेस को लताड़ा – ऐसे मामलों पर न करें राजनीति

अफ्रीकी देश सूडान में सेना और पैरामिलिट्री फोर्सेस (RSF) के बीच संघर्ष अब भी जारी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सूडान के मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर के हवाले से जानकारी दी है कि लड़ाई में अब तक 270 लोगों की मौत हो गई है। साथ ही 2600 से ज्यादा लोगों के जख्मी होने की खबर है। मरने वालों में एक भारतीय अल्बर्ट ऑगस्टाइन भी शामिल है।

सूडान में सत्ता के लिए 2 जनरलों के बीच छिड़े युद्ध की वजह से लोग घरों में दुबके हुए हैं। नागरिक लूटपाट और बिजली कटौती का दावा कर रहे हैं। भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब और यूएई से संपर्क साधा है। चारों देश सूडान में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साऊदी अरब और यूएई के अपने समकक्षों से बात की है। दोनों देशों ने भारत को जमीनी सतह पर अपना समर्थन देने की बात कही है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, नई दिल्ली में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके जरिए अधिकारी खार्तूम स्थित दूतावास से लगातार संपर्क में हैं। खार्तूम और देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे भारतीयों की स्थिति की जानकारी ली जा रही है। सुरक्षा कारणों से भारतीयों का लोकेशन शेयर नहीं किया जा रहा है। सूडान में भारतीय दूतावास ने सोमवार (18 अप्रैल) को एक नई एडवाइजरी जारी की। एडवाइजरी में भारतीयों से अपने घरों में रहने और बाहर न निकलने की अपील की गई है। कहा गया है कि भारतीय आवश्यकता पड़ने पर अपने पड़ोसियों से मदद लें लेकिन सड़कों पर न निकलें।

सूडान में कर्नाटक के 31 लोग अल-फशेर नाम के स्थान पर फँसे हुए हैं। हक्की पिक्की जनजाति से ताल्लुक रखने वाले ये लोग काफी गरीब हैं। फँसे लोगों में से एक प्रभु एस ने इंडियन एक्सप्रेस से फोन पर बात करते हुए कहा कि उनपर लाखों का कर्ज है, जिससे छुटकारा पाने के लिए अपनी पत्नी को लेकर सूडान पहुँचे थे। 10 महीने पहले ही वे लोग सूडान पहुँचे थे। टिकट का बंदोबस्त भी कर्ज लेकर किया था। अल-फशेर में फँसे अनिल कुमार ने कहा कि हम अच्छी जिंदगी की तलाश में सूडान पहुँचे थे।

बता दें कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस नेता सिद्धारमैया ने सूडान में फँसे भारतीयों को लेकर ट्वीट किया था। इस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फटकार लगाई थी और इस मामले को लेकर राजनीति न करने की सलाह दी थी।

रिपोर्टों के अनुसार सूडान में लगभग 4 हजार भारतीय रहते हैं। इनमें सबसे अधिक गुजरात के लोग हैं जिनकी संख्या 1200 के करीब है। वे लगभग 150 साल पहले सूडान में जाकर बस गए थे। इन लोगों का संबंध सौराष्ट्र और आस पास के जिलों से है। ‘आज तक’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूडान जाने वाले पहले भारतीय लवचंद अमरचंद शाह हैं जो 1860 में ही सूडान पहुँचे थे। भारतीय समुदाय के लोग सूडान के ओमजुरमैन, कसाला, गेडारेफ, और वाडमदनी जैसे स्थानों पर बसे हुए हैं।

बता दें कि खार्तूम समेत अन्य शहरों में पिछले चार दिनों से जारी संघर्ष 24 घंटों के लिए रोका गया है। यूएन और दूसरे अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के हस्तक्षेप के बाद संघर्ष विराम को लेकर सेना और अर्धसैनिक बलों में सहमति बनी है।

चिल्लाती रही, लोगों से माँगती रही मदद… राजस्थान में कोरिया की महिला ब्लॉगर का यौन उत्पीड़न: खदेड़ कर दिखाने लगा प्राइवेट पार्ट, किए अश्लील इशारे

राजस्थान के जोधपुर से एक शर्मनाक घटना सामने आई है। यहाँ कोरिया की एक महिला ब्लॉगर को परेशान करने के आरोप में पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है। कोरियाई महिला का आरोप है कि जब वह सोमवार (17 अप्रैल, 2023) शाम को जोधपुर में एक वीडियो शूट कर रही थी, उस बीच नीली टी-शर्ट और काले रंग की शॉर्ट्स पहने एक आदमी उसका पीछा करने लगा। वह काफी दूर तक उसके पीछे आया और फिर उसे अपना प्राइवेट पार्ट दिखाने लगा।

सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें महिला को चिल्लाते हुए और लोगों से मदद माँगते हुए देखा जा सकता है। वह उस शख्स से दूर भाग रही है, लेकिन वह महिला को चिल्लाता देख उस पर हँसता है और उसे अपना प्राइवेट पार्ट दिखाकर अश्लील इशारे करने लगता है। वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने इस मामले पर संज्ञान लिया और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

जोधपुर ईस्ट डीसीपी डॉ अमृता दूहन ने मंगलवार (18 अप्रैल, 2023) को इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने समाचार एजेंसी ANI को बताया, “एक विदेशी पर्यटक ब्लॉगर ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाला था कि जोधपुर में एक व्यक्ति ने उसका यौन शोषण किया। इस सूचना के आधार पर हमने संज्ञान लेते हुए उस व्यक्ति की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया। उस पर कार्रवाई की जा रही है।”

इस घटना की सोशल मीडिया पर भी काफी आलोचना की जा रही है। आरोपित की पहचान जोधपुर निवासी दीपक जलानी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह मानसिक रूप से बीमार है। पुलिस उसकी मेडिकल जाँच करवाएगी, ताकि सच का पता चल सके। यदि वह मानसिक रूप से बीमार है, तो उसका इलाज करवाया जाएगा।

बता दें की पिछले साल दिसंबर में मुंबई के खार से भी इस तरह का मामला सामने आया था। लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान दक्षिण कोरियाई ब्लॉगर और यूट्यूबर को मोबीन चाँद मोहम्मद शेख और मोहम्मद नकीब सदरियालम अंसारी ने जबरन चूमने की कोशिश की थी। पीड़ित महिला नाम म्योची (Mhyochi) था। इस दौरान उसके साथ 1000 से ज्यादा लोग लाइव जुड़े हुए थे।

आज बेचैन है मुख्तार अंसारी, कभी जेल में भी साथ आकर रहती थी बीवी: पंजाब के मंत्री ने किया था कॉन्ग्रेस राज में माफिया को ‘VIP ट्रीटमेंट’ का खुलासा

उत्तर प्रदेश की राजनीति का कभी केंद्र रहे गैंगस्टर्स अब बेचैन हैं। अतीक अहमद के बेटे का एनकाउंटर और उसके बाद उसकी भाई समेत हत्या के बाद प्रदेश के माफियाओं में बेचैनी है। बेचैनी का एक कारण शासन की मोस्ट वॉन्टेड की लिस्ट में मुख्तार अंसारी का नाम शामिल होना भी है।

उत्तर प्रदेश के मऊ का रहने वाला मुख्तार अंसारी अभी बांदा जेल में बंद है। अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद उसकी नींद हराम हो गई है। कहा जा रहा है कि वह ठीक से खाना भी नहीं खा पा रहा है। मुख्तार को डर है कि पेशी के दौरान कहीं उसके साथ भी अतीक जैसी अनहोनी ना हो जाए।

दरअसल, 29 अप्रैल 2023 को गाजीपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले में फैसला आना है। इस दौरान मुख्तार को कोर्ट में पेश होना होगा। हालाँकि, अतीक और अशरफ की घटना को देखते हुए बांदा जेल में उसकी सुरक्षा व्यवस्था को कड़ी कर दी गई है।

बांदा जेल में मुख्तार के बैरक के आसपास कोई नहीं जा सकता है। उसे सिंगल बैरक में रखा गया है, जिसमें बाथरूम के साथ सोने की भी व्यवस्था है। मुख्तार अपनी बैरक से नहीं निकलता है। अगर कोई जरूरत पड़ती है तो वहाँ मौजूद बॉडी वॉर्न कैमरों से लैस सुरक्षाकर्मियों से कहता है।

इतना ही नहीं, उसके गृह जिले मऊ में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। इसके साथ ही शहर में जाँच अभियान चलाया। गाजीपुर के एसपी ओमवीर सिंह ने कहा कि 29 अप्रैल को होने वाली सुनवाई के लिए अगर मुख्तार को बांदा जेल से लाया जाएगा तो उसके सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम रहेंगे। पीएसी के साथ-साथ 5 थानों की पुलिस फोर्स तैनात रहेगी।

सुरक्षा की लगा चुका है गुहार

वहीं, मुख्तार अंसारी के भाई और गाजीपुर से बसप सांसद अफजाल अंसारी ने आरोप लगाया है कि अब उन दोनों को मारने की तैयारी की जा रही है। हालाँकि ये पहली बार नहीं है कि मुख्तार ने अपनी जान की खतरा बताया है।

मुख्तार अंसारी जब पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था, तब मार्च 2021 में उसकी पत्नी आफशां अंसारी ने तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा था। उसने अपने पत्र में कहा था कि उसके शौहर मुख्तार अंसारी को पंजाब से उत्तर प्रदेश लाने के दौरान उनकी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएँ।

मुख्तार अंसारी ने 23 सितंबर 2021 को अपनी हत्या की आशंका जताई थी। उसने एमपी-एमएलए कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के दौरान कहा था कि उसे डर है कि कहीं राज्य सरकार खाने में जहर ना मिलाकर परोस दे। उसने कहा था कि अगर जेल में उसे उच्च श्रेणी की सुविधाएँ मिल जाती हैं तो उसका यह डर खत्म हो जाएगा।

पंजाब के जेल में कर रहा था मौज

पंजाब जेल में मुख्तार मौज उड़ा रहा था। यह बात AAP विधायक और पंजाब के तत्कालीन जेल मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा था कि फर्जी FIR दर्ज करके मुख्तार को 2 साल 3 महीने पंजाब की जेल में रखा गया। इस दौरान उसका चालान तक पेश नहीं किया गया। उन्होंने तत्कालीन कॉन्ग्रेस सरकार पर उसे संरक्षण देने का आरोप लगाया था।

उन्होंने यहाँ तक आरोप लगाया था कि मुख्तार जेल में अपनी बीवी आफशां अंसारी के रहता है और उसे जेल में VIP ट्रीटमेंट दिया गया। उसने जानबूझकर इन मामलों में जमानत नहीं ली। यहाँ तक कि UP सरकार ने 26 बार प्रोडक्शन वारंट निकाले, लेकिन उसे पंजाब से उत्तर प्रदेश नहीं भेजा गया।

इस मामले में हरजोत सिंह बैंस के निर्देश के बाद FIR दर्ज की गई थी। इसकी जाँच रिपोर्ट में कहा गया था कि मुख्तार जेल की बैरक से ज्यादा रोपड़ जेल में बने ऑफिसर क्वार्टर में रहता था। वहाँ उसकी बीवी आती थी। इस मामले में कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ FIR की सिफारिश की गई है। कहा गया है कि ये अधिकारी मुख्तार से रिश्वत लेते थे।

दरअसल, मुख्तार अंसारी पर पंजाब के मोहाली स्थित एक बिल्डर से 10 करोड़ रुपए की रंगदारी माँगने का आरोप लगा था। इसके बाद पंजाब पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर उसे मोहाली लेकर आई थी। 24 जनवरी 2019 को कोर्ट में पेश कर उसे रोपड़ जेल में भेज दिया गया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अप्रैल 2021 में उसे पंजाब से उत्तर प्रदेश पुलिस ले गई थी।

मुख्तार का आपराधिक इतिहास

मुख्तार अंसारी सिर्फ यूपी का ही नहीं, बल्कि देश के सबसे बड़े गैंगस्टर्स में से एक है। उसका आपराधिक नेटवर्क यूपी, बिहार, पंजाब के अलावा गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और मध्य प्रदेश तक फैला है। उसके खिलाफ देश भर में 61 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 24 मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।

मुख्तार अंसारी के खिलाफ सन 1988 में गाजीपुर कोतवाली में हत्या का पहला मामला दर्ज हुआ था। मंडी परिषद की ठेकेदारी को लेकर लोकल ठेकेदार सच्चिदानंद राय की हत्या के मामले में मुख्‍तार का नाम सामने आया था। उस पर भाजपा विधायक कृष्णानंद राय सहित 7 लोगों की भी हत्या का आरोप था, लेकिन सीबीआई जाँच के बावजूद मुख्तार बरी हो गया।

कुख्यात मुख्तार अंसारी के खिलाफ हत्या के 18 मामले दर्ज हैं, जबकि हत्या के प्रयास के 10 मुकदमे दर्ज हैं। मुख्तार पर आतंकियों पर लगने वाले टाडा (TADA) और मकोका (MCOCA) से लेकर गैंगस्टर ऐक्ट, एनएसए और आर्म्स ऐक्ट के तहत भी मामले दर्ज हैं।

राजनीति और यूपी सरकार की कार्रवाई

इस बीच वह पाँच बार विधायक भी रहा। वह CPI और बसपा में रहा। अंतिम तीन चुनाव उसने जेल में रहते हुए जीता। इसके बाद उसने अपनी राजनीतिक विरासत अपने बेटे अब्बास को सौंप दिया है। मुख्तार का भाई अफजाल अंसारी गाजीपुर से बसपा का सांसद है। वहीं, अब्बास सुभासपा पार्टी से मऊ का विधायक है।

इस बीच यूपी सरकार मुख्तार, उसकी बीवी और बेटे सहित अन्य करीबियों की लगभग 448 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर चुकी है। इसके अलावा, 127 करोड़ रुपए की बेनामियों संपत्तियों का पता लगाया गया है, जिसे जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मुख्तार के 83 लाइसेंस को भी सरकार ने रद्द किया है।

इस्लामी धर्मांतरण का दबाव, शरीर पर फेंक दिया जाता है बीफ, देवी-देवताओं का अपमान: ब्रिटेन के स्कूलों में हिन्दू बच्चों की दयनीय स्थिति, थिंक टैंक के अध्ययन में खुलासा

ब्रिटेन के स्कूलों में हिन्दू छात्रों की स्थिति दयनीय होती जा रही है, जिससे अभिभावक भी परेशान हो गए हैं। इन छात्रों को कहा जाता है कि अगर उन्हें प्रताड़ना से बचना है तो वो इस्लाम मजहब अपना लें। एक ‘थिंक टैंक’ ने अपनी जाँच में पाया है कि क्लासरूम में हिन्दू छात्रों का मजाक बनाया जाता है। मुस्लिम छात्र उन्हें कहते हैं कि अगर उन्हें आसान ज़िन्दगी चाहिए तो वो इस्लाम में धर्मांतरण कर लें। ‘हेनरी जैक्सन सोसाइटी’ ने ये अध्ययन किया है।

हाल ही में ब्रिटेन के लेस्टर और बर्मिंघम में हिन्दुओं को जम कर निशाना बनाया गया था। एक तो मुस्लिम भीड़ ने उनके खिलाफ जम कर हिंसा की, ऊपर से वहाँ के बीबीसी जैसे मीडिया संस्थानों ने पीड़ित हिन्दुओं को ही गुंडा बता कर बदनाम किया। कुछ इसी तरह का भेदभाव हिन्दू छात्रों के प्रति ब्रिटेन के स्कूलों में भी पनप रहा है। सर्वे में 50 प्रतिशत हिन्दू अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चों को स्कूलों में घृणा का सामना करना पड़ा।

एक हिन्दू छात्रा पर तो उसके क्लासमेट्स ने बीफ फेंक दिया। ये स्थिति तब है, जब ब्रिटेन में हिन्दू तीसरी सबसे बड़ी जनसंख्या वाला समाज है। ब्रिटेन में 10 लाख से भी अधिक हिन्दू रहते हैं। अब शेर्लोट लिटिलवुड द्वारा लिखित नया डॉक्यूमेंट जो सामने आया है, वो चौंकाने वाला है। वो कट्टरवाद के विरोध में सक्रिय रहे हैं और और रिसर्च फेलो हैं। उन्होंने 988 हिन्दू अभिभावकों से बातचीत की और देश भर में लगभग 1000 स्कूलों का सर्वे किया।

सितंबर 2022 में हुए हिन्दू विरोधी दंगों के बाद लेस्टर की पुलिस ने 55 लोगों को गिरफ्तार किया था। इन पर संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने, मारपीट करने, चाकू घोंपने और मंदिरों पर हमले के आरोप हैं। थिंक टैंक ने पाया है कि ये हिंसा हिन्दू और मुस्लिम युवाओं के बीच झगड़े से शुरू हुई। इसका कारण था – लेस्टर में हिन्दू कट्टरपंथियों के होने की झूठी अफवाह का फैलना। जो स्कूली बच्चों के साथ हो रहा है, बाहर हिन्दुओं के साथ भी उसी तरह की घटनाएँ हो रही हैं।

स्कूलों में हिन्दू छात्र-छात्राओं के साथ भेदभाव की घटनाओं और लेस्टर में हिन्दुओं के विरुद्ध हुई हिंसा में भी समानता है। जैसे, हिन्दुओं को बीफ को लेकर नीचा दिखाना और उनके शाकाहारी होने का मजाक उड़ाना। साथ ही उनके देवी-देवताओं को भी अपमानित किया जाता है। लेस्टर हिंसा में ये सब सामान्य हो चला था। भारत में मुस्लिमों के साथ भेदभाव का आरोप लगा कर यहाँ हो रही घटनाओं के लिए भी ब्रिटेन के हिन्दू छात्र-छात्राओं को घृणा का पात्र बनाया जाता है।

इतना ही नहीं, ब्रिटेन के स्कूलों में हिन्दू छात्र-छात्राओं को ‘काफिर’ कह कर भी अपमानित किया जाता है। उनसे कहा जाता है कि वो मुस्लिम बन जाएँ, वरना उनका जीवन नरक कर दिया जाएगा। एक बच्चे को कहा गया कि अगर जन्नत जाना चाहते हो तो इस्लाम में आ जाओ, वरना नहीं बचोगे। एक को कहा गया कि फ़ूड-चेन में हिन्दू सबसे नीचे हैं, उन्हें खा कर खत्म कर दिया जाएगा। एक को तो इस्लामी मुबल्लिग के वीडियो दिखा कर धर्मांतरित होने को कहा गया।

भारत में जाति व्यवस्था और देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के पूजन को लेकर कई भ्रांतियाँ फैला कर इसी आधार पर हिन्दू छात्र-छात्राओं को अपमानित किया जाता है। दीवाली पर उन्हें छुट्टी भी नहं दी जाती है। केवल 1% स्कूल ही ऐसे हैं, जिन्होंने हिन्दू बच्चों के खिलाफ हुई घटनाओं का संज्ञान लिया। सांसद बेन एवेरिट ने कहा कि अध्ययन के निष्कर्ष भयावह हैं और धार्मिक शिक्षा में उन्होंने सुधर और बदलाव की वकालत की।

उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म को लेकर घृणा का भाव रख कर उलटी-सीधी चीजें पढ़ाई जा रही हैं, जिसके कारण ये सब हो रहा है। उन्होंने ऐसे मामलों से कड़ाई से निपटने की सलाह स्कूलों को दी। उन्होंने कहा कि विविधता वाले देश यूके में अगर सामाजिक रूप से एक विकसित भविष्य चाहिए तो स्कूली स्तर पर भेदभाव रोकना पड़ेगा। ब्रिटेन के स्कूलों में हिन्दू घृणा पर ये पहला अध्ययन है। इस अध्ययन को करने में संस्कृत के शिक्षक डॉ ऋषि हांडा और कारोबारी बैरोनेस वर्मा ने भी बड़ी भूमिका निभाई है।

4 दिन की पुलिस रिमांड में अतीक-अशरफ को गोली मारने वाले शूटर, SIT की रिपोर्ट पर 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड

प्रयागराज में अतीक और अशरफ की हत्या करने वाले तीनों शूटरों को बुधवार (19 अप्रैल 2023) को कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पुलिस ने कोर्ट से तीनों की 14 दिनों की कस्टडी माँगी थी। लेकिन अदालत ने 4 दिनों का रिमांड पुलिस को दिया। अतीक और अशरफ हत्याकांड की जाँच के लिए शासन ने SIT का गठन किया है। इसकी प्रारम्भिक जाँच के आधार पर पाँच पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अतीक और अशरफ की हत्या के आरोपित शूटर लवलेश तिवारी, अरुण मौर्य और सनी सिंह को कोर्ट ले जाने के लिए पुलिस के कई वाहनों का काफिला सुबह नैनी जेल पहुँचा। यहाँ से उन्हें रास्ते में कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में लाया गया। अदालत में भी जिस रास्ते से तीनों को ले जाया गया, उसमें बैरिकेडिंग की गई थी। इसके भीतर वकीलों और मीडियाकर्मियों को भी घुसने की इजाजत नहीं थी। तीनों शूटरों को देखने के लिए अदालत में भीड़ जमा थी। कोर्ट में बहस के बाद लवलेश, अरुण और सनी को चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) ने 4 दिनों की पुलिस रिमांड में भेज दिया है।

गौरतलब है कि 15 अप्रैल 2023 को लवलेश तिवारी, अरुण मौर्य और सनी सिंह ने अतीक और अशरफ की उस समय गोली मार कर हत्या कर दी थी, जब उन्हें मेडिकल के लिए लाया गया था। हत्या के दौरान दोनों पुलिस कस्टडी में थे। मामले में SIT द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट के बाद प्रयागराज पुलिस के 5 स्टाफ सस्पेंड कर दिए गए हैं। इन सभी पर अतीक व अशरफ की सुरक्षा में ढील बरतने का आरोप है। सस्पेंड होने वाले पुलिसकर्मियों में थाना प्रभारी शाहगंज अश्वनी सिंह, सब इंस्पेक्टर प्रीत पांडेय, सब इंस्पेक्टर शिव प्रसाद मौर्या, कॉन्स्टेबल जयमेश और कॉन्स्टेबल संजय प्रजापति शामिल हैं।

‘ऐ लड़की, वोडका पीती हो…’: असम की महिला नेता ने बताया कितना बदजुबान है युवा कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष और प्रभारी, NCW ने लिया संज्ञान

असम में यूथ कॉन्ग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष डॉ अंगकिता दत्ता ने यूथ कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास BV पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। अब राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इसका संज्ञान लिया है। डॉ अंगकिता दत्ता ने आरोप लगाया है कि पिछले 6 महीने से लगातार श्रीनिवास BV और यूथ कॉन्ग्रेस के सेक्रेटरी इंचार्ज वर्धन यादव लगातार उनका उत्पीड़न कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पार्टी आलाकमान को सूचित किए जाने के बावजूद उन दोनों के विरुद्ध कोई इन्क्वायरी कमिटी गठित नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि वर्धन यादव को महिलाओं का सम्मान करना नहीं आता है। उन्होंने बताया कि वर्धन यादव उन्हें हमेशा ‘ऐ लड़की’ कह कर संबोधित करता है, उनके पद या नाम से नहीं। दत्ता ने कहा कि जब वो रायपुर प्लैनेरी सेशन में गई थीं, तब श्रीनिवास BV ने उन्हें कहा, “तुम क्या पीकर मैसेज करती हो? क्या पीती हो तुम? वोडका पीती हो क्या?” डॉ अंगकिता दत्ता ने कहा कि वो काफी हैरान थीं कि IYC का अध्यक्ष एक प्रदेश अध्यक्ष के साथ कैसे इस तरह से बात कर सकता है।

ANI से बातचीत करते हुए अंगकिता ने आगे बताया कि उन्हें उस समय काफी हैरानी हुई थी और इस संबंध में AICC के जनरल सेक्रेटरी को भी सूचित किया। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट्स शेयर कर के आरोप लगाया कि वर्धन यादव उनके खिलाफ पोस्टर्स बना कर ये दुष्प्रचारित कर रहे हैं कि वो मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को खुश करना चाहती हैं।

साथ ही उनके भाजपा में जाने की झूठी खबरें भी व्हाट्सएप्प ग्रुप्स में फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जब एक महिला आत्मसम्मान और प्रतिष्ठा की बात कर रही है, प्रताड़ना और उत्पीड़न झेलने के बाद इसकी बात कर रही है, ऐसे में इस प्रतिक्रिया का क्या औचित्य है? उन्होंने बताया कि उनके पिता अंजन दत्ता बीमार थे और बिस्तर पर थे, तब भी उन्होंने असम में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था। उनके दादा भी कॉन्ग्रेस में थे।

डॉक्टर अंगकिता दत्ता ने कहा, “वो हमें बाहर निकाल कर फेंकना चाहते हैं। हमलोग पार्टी से प्यार करते हैं, लेकिन श्रीनिवास BV और वर्धन यादव जैसे लोगों ने पार्टी को बर्बाद करने का काम किया है। उन्होंने राज्य की राजनीति को बर्बाद किया है। जब मैं कॉन्फ्रेंस रूम में बैठी थी, मैंने उन्हें स्पष्ट रूप से सब कहा। मैंने वर्धन यादव को बाहर भेजने को कहा, फिर राहुल गाँधी को इस बारे में बताया। मैंने उन्हें बताया कि वर्धन यादव मेरे बारे में ‘ये लड़की बदनाम हो चुकी है’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करता है।”

उन्होंने कहा कि आज वो लोग CBI-ED की बातें कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ये सब अगस्त 2022 में ही शुरू हो गया था और तब से वो अकेले इन सबका सामना कर रही हैं। बकौल दत्ता, अगर उन्हें भाजपा का ही हिस्सा बनना होता तो वो अगस्त में ही चली जातीं। उन्होंने कहा कि उनके न पिता हैं न पति, उनकी माँ और 3 बहनें र में हैं। डॉ अंगकिता दत्ता ने बताया कि कॉन्ग्रेस संगठन में उन्हें बार-बार अपमानित किया गया, नीचा दिखाया गया।

मध्य प्रदेश के मैहर माता मंदिर से हटाए जाएँगे मुस्लिम कर्मचारी: धर्मस्व विभाग का आदेश, मांस और शराब की बिक्री पर भी लगेगी रोक

मध्य प्रदेश के सतना जिले (Satna, Madhya Pradesh) में स्थित मैहर माता मंदिर (Maihar Mata Mandir) से मुस्लिम कर्मचारियों को हटाए जाने का आदेश धर्मस्व विभाग ने दिया गया है। विभाग द्वारा जारी पत्र में मैहर शहर में मांस और शराब की बिक्री पर भी रोक लगाने के लिए कहा गया है। यह चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

यह पत्र मध्य प्रदेश के धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग की उप-सचिव पुष्पा कुलेश ने जिलाधिकारी को लिखी है। इसमें मंत्री उषा ठाकुर के निर्देश का हवाला दिया गया है। पत्र में कार्रवाई के बाद जिलाधिकारी से तीन दिन में रिपोर्ट भेजने के लिए भी कहा गया है।

5 अप्रैल 2023 को जारी इस पत्र में शहर से मांस और शराब की दुकान हटाने के साथ-साथ प्रबंध समिति से मुस्लिम कर्मचारियों को हटाने के लिए आदेश देने के लिए कहा गया है। जिलाधिकारी ने पत्र मिलने की पुष्टि की है और कहा है कि जाँच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शासन द्वारा जारी पत्र (साभार: भास्कर)

मंदिर प्रबंधन समिति में 3 मुस्लिम कर्मचारी हैं। ये कर्मचारी नियमित हैं और साल 1988 से कार्यरत हैं। एक कर्मचारी का नाम आबिद हुसैन है और वह विधिक सलाहकार की भूमिका में हैं। वहीं, दूसरे कर्मचारी अयूब खान हैं, जिन्हें जल व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, तीसरे कर्मचारी का नाम यूसूफ खान है।

यहाँ तक कहा जा रहा है कि कोर्ट मैटर और वाहनों की व्यवस्था देखने वाले आबिद हुसैन का मंदिर के प्रति निष्ठा नहीं है। लोगों का कहना है कि आज तक किसी भी अदालती मामले में मंदिर प्रबंध समिति को जीत हासिल नहीं हो पाई है। आबिद के कामकाज और समिति के प्रति निष्ठा पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

मैहर के एसडीएम एवं मां शारदा प्रबंध समित के प्रशासक धर्मेंद्र मिश्रा ने बताया कि सरकार का पत्र मिला है। इस संबंध में अब मंदिर प्रबंधन समिति की बैठक बुलाकर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके बाद दोनों मुस्लिम कर्मचारियों को हटाया जा सकता है।

बता दें कि 17 जनवरी 2023 को सतना जिले के हिंदू संगठन की ओर से मंत्री उषा ठाकुर को एक ज्ञापन सौंपा गया था। इसमें माँ शारदा प्रबंध समिति से मुस्लिम कर्मचारियों को बाहर करने के साथ-साथ शहर से मांस और शराब की दुकानों को बंद कराने की माँग की गई थी। मंत्री ऊषा ठाकुर ने इसको लेकर विभागीय अधिकारियों से जवाब माँगा था।

इस आदेश को लेकर हिंदू संगठन अपनी जीत बता रहे हैं। वहीं, इसको लेकर अब विवाद खड़ा हो रहा है, क्योंकि मांँ शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति के नियमों में कर्मचारियों की नियुक्ति में धर्म को आधार बनाए जाने का प्रावधान नहीं है।

डेमोग्राफी बदलने के प्लान पर काम कर रहा था अतीक अहमद, शाइस्ता के अंडरवर्ल्ड कनेक्शन से लेकर आत्महत्या करने तक के चर्चे

प्रयागराज में 15 अप्रैल 2023 को मारे गए माफिया अतीक अहमद को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। वह प्रयागराज के एक खास इलाके की डेमोग्राफी बदलने के प्लान पर काम कर रहा था। इसके लिए वह कमजोर लोगों की जमीन पर कब्जा कर मुस्लिम बस्तियाँ बसाने की तैयारी में लगा था। वहीं उसकी भगोड़ी बीवी शाइस्ता परवीन को लेकर भी मीडिया में कई तरह के चर्चे चल रहे हैं। ये चर्चे अंडरवर्ल्ड कनेक्शन की मदद से फरार होने से लेकर आत्महत्या करने तक जुड़े हुए हैं।

बताया जा रहा है कि प्रयागराज के करेली में अतीक अहमद मुस्लिम बस्तियाँ बसाने की तैयारी में था। माना जा रहा है कि ऐसा विधानसभा चुनावों में समर्थक वोटों की तादाद बढ़ाने और अपना दबदबा बढ़ाने के इरादे से वह कर रहा था। बस्तियाँ बसाने के लिए कई कमजोर लोगों की जमीन हड़पी गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फाॅर्स (STF) के ADG आईपीएस अमिताभ यश ने अतीक अहमद की इस साजिश का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि अतीक अहमद की साजिश माइनॉरिटी कॉलोनी बसाने की थी जो कोई और आपराधिक गैंग सोच भी नहीं सकता। यह कॉलोनी बसाने के लिए प्रयागराज शहर में करेली इलाके के पास एक गाँव को चुना गया था। बकौल अमिताभ यश माइनॉरिटी टाउनशिप के नाम पर कई गरीब और कमजोर लोगों की जमीनों पर बलपूर्वक कब्ज़ा किया गया था।

बताया जा रहा है कि मुस्लिम कॉलोनी बसाने की साजिश के पीछे अतीक द्वारा अपनी सुरक्षा घेरे को मजबूत करने की भी सोच थी। अतीक की गैंग से जुड़े लोग और उसके शूटर भी इसी माइनॉरिटी टाउनशिप में बसने वाले थे। अमिताभ यश ने बताया कि अतीक गैंग द्वारा मुस्लिम कॉलोनी के नाम पर रची गई राजनैतिक घुसपैठ की साजिश को STF ने नाकाम कर दिया है। गुड्डू मुस्लिम को उन्होंने अब स्पेशल टास्क फ़ोर्स का प्राइम टारगेट बताया। उन्होंने आगे कहा कि गुड्डू मुस्लिम जैसे लोग सभ्य समाज के लिए खतरा हैं।

पुलिस वाले की बेटी है फरार शाइस्ता

एक रिपोर्ट के मुताबिक अतीक अहमद की 51 वर्षीय बीवी 50 हजार की इनामी शाइस्ता परवीन के अब्बा मोहम्मद हारून UP पुलिस में कॉन्स्टेबल थे। शाइस्ता 12वीं तक पढ़ी है। निकाह से पहले वह अपने परिवार के साथ पुलिस क्वार्टर में ही रहा करती थी। फ़िलहाल शाइस्ता पर 4 केस दर्ज हैं। इनमें 1 हत्या व 3 धोखाधड़ी से संबंधित हैं। शाइस्ता के नाम पर अतीक ने कई कम्पनियाँ खोल पैसे लगा रखे हैं। इसमें से एक का नाम मेसर्स जाफरी स्टेट बताया गया है। शाइस्ता के साथ उसके भाइयों के नाम से भी गुरुग्राम में कम्पनियाँ खोले जाने की जानकारी सामने आई है। प्रयागराज में भी शाइस्ता के नाम अतीक ने जमीन का कारोबार खोल रखा था। फ़िलहाल पुलिस अतीक, शाइस्ता और उनके तमाम रिश्तेदारों से जुड़ी कंपनियों की तलाश कर उन्हें सील करने की तैयारी में है।

बताया जाता है कि यूपी एसटीएफ से बचने के लिए शाइस्ता अतीक के स्थानीय संपर्कों की जगह अंडरवर्ल्ड कनेक्शन का इस्तेमाल कर रही है। उल्लेखनीय है कि बेटे असद के एनकाउंटर में ढेर होने के बाद से शाइस्ता के सरेंडर करने को लेकर कई बार मीडिया में अटकलें लग चुकी हैं। अब अटकलों का दौर उसकी आत्महत्या से लेकर गुड्डू मुस्लिम के साथ उसकी करीबियों तक पहुँच चुका है। लेकिन अब तक उसको लेकर कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। अतीक की हत्या के बाद से शाइस्ता के मायके वाले भी गायब बताए जा रहे हैं।

पुणे के एक स्कूल में चलती थी PFI की पाठशाला, मुस्लिम युवकों को दी जाती थी हिंदू नेताओं को मारने की ट्रेनिंग: NIA ने बिल्डिंग का दो फ्लोर किया सील

महाराष्ट्र के पुणे के एक स्कूल में प्रतिबंधित इस्लामी कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का ट्रेनिंग सेंटर चलता था। इसमें मुस्लिम युवकों को हिंदू नेताओं को मारने की ट्रेनिंग दी जाती थी। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने इस बहुमंजिला स्कूल के उन दो फ्लोर को सील कर दिया है, जिनका इस्तेमाल पीएफआई करता था।

सील करने की कार्रवाई 16 अप्रैल 2023 को की गई। एनआईए ने 17 अप्रैल को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। एजेंसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पुणे के ‘ब्लू बेल स्कूल’ की चौथी और 5वीं मंजिल का इस्तेमाल पीएफआई करता था। इसका इस्तेमाल मुस्लिम युवकों को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें एक समुदाय के नेताओं और संगठनों को टारगेट कर हमले को अंजाम देने की ट्रेनिंग देने के लिए किया जाता था।

बयान के अनुसार पीएफआई मुस्लिम युवकों को संगठन में ‘भर्ती’ कर उन्हें ‘मिशन 2047’ का विरोध करने वालों पर हमला करने और उन्हें खत्म करने का प्रशिक्षण देता था। धारदार हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी यहीं दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि पीएफआई ने 2047 तक भारत को इस्लामी मुल्क बनाने का लक्ष्य रखा था। इसके लिए वह सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। इसके बाद सितंबर 2022 में मोदी सरकार ने पीएफआई पर प्रतिबंध लगाते हुए इस ‘गैर कानूनी संगठन’ घोषित कर दिया था।

NIA की ओर से जारी बयान से पता चलता है कि पुणे के ब्लू बेल स्कूल परिसर के दो मंजिल की तलाशी सितंबर 2022 में ली गई थी। इस दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए थे। इनसे पता चला था कि इन फ्लोर का इस्तेमाल पीएफआई से जुड़े लोग अपने कैडर को हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने के लिए करते थे। मुस्लिम युवाओं को सरकार और एक समुदाय के खिलाफ भड़काया जाता था। जाँच से यह बात सामने आई है कि प्रमुख हिंदू नेताओं पर हमले और उनकी हत्या करने के लिए चाकू, दरांती जैसे खतरनाक हथियारों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया था।

एनआईए ने ताजा कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत की है। यह कार्रवाई पिछले साल अप्रैल में पीएफआई के खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी से संबंधित है। इस साल मार्च में एनआईए ने दिल्ली की एक अदालत में आरोप पत्र दायर करते हुए 20 को नामजद किया था।