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गर्भवती हैं इलियाना डिक्रूज, ट्रोल्स पूछ रहे- पिता का नाम: प्रशंसक बोले- करण जौहर से किसी ने पूछा था उनके बच्चों की माँ का नाम

बॉलीवुड अभिनेत्री इलियाना डिक्रूज (Ileana D’Cruz) जल्द ही माँ बनने वाली हैं। उन्होंने मंगलवार (18 अप्रैल 2023) को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम और ट्विटर हैंडल पर प्रेग्नेंसी की गुड न्यूज शेयर की। एक्ट्रेस ने एक बेबी ड्रेस भी शेयर की है। इस पर लिखा है, “एंड सो द एडवेंचर बिगिन्स।” इसके साथ ‘ममा’ पेंडेंट की तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा, “कमिंग सून। मेरी नन्ही जान तुमसे मिलने का इंतजार नहीं कर सकती।” हालाँकि, अपनी पोस्ट में उन्होंने अपने होने वाले बच्चे के पिता का नाम नहीं बताया है।

इलियाना के प्रेग्नेंसी अनाउंसमेंट के बाद जहाँ उनके फैंस उन्हें जमकर बधाई दे रहे है, वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोग उनके बच्चे के पिता का नाम पूछ रहे हैं।

एक यूजर ने इलियाना डिक्रूज की प्रेग्नेंसी पर सवाल उठाते हुए लिखा कि किसका है ये पाप। कृपया इस तरह की पश्चिमी संस्कृति से युवाओं को विचलित न करें।

इस तरह देखते ही देखते सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस द्वारा होने वाले बच्चे के पिता का नाम न बताने पर घमासान मच गया। वहीं, अब इलियाना डिक्रूज के फैंस और कुछ लोग उनके सपोर्ट में उतर आए हैं। इलियाना डिक्रूज से शुरू हुई इस बहसबाजी में धीरे-धीरे बॉलीवुड के कई और सेलेब्स का नाम घसीट लिया गया।

शाकीब अहमदी इलियाना डिक्रूज की इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखता है, “लोग पिता का नाम क्यों पूछ रहे हैं, किसी ने नहीं पूछा कि माँ कौन थी, जब करण जौहर और तुषार कपूर के बच्चे हुए थे, तो दोस्तों आराम करो।”

इलियाना डिक्रूज की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

पत्रकार मुग्धा कपूर ने लिखा, “लानत है आप ट्रोल्स पूछ रहे हैं कि पिता कौन है।”

शर्मिला ने लिखा कि मानसिक रूप से बीमार समाज.. यह उसकी पसंद और उसकी जिंदगी है। हम कैसे किसी को जज कर सकते हैं।

इलियाना डिक्रूज की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

साक्षी माहेश्वरी ने लिखा, “कृपया उन्हें अपने जीवन के इस खूबसूरत पल का आनंद लेने दें और उनके छोटे बच्चे को आशीर्वाद दें। बच्चे के पिता के बारे में पूछना बंद करो। वह किसी के बेवकूफी भरे सवालों का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं हैं।” इसी तरह एक अन्य इंस्टाग्राम यूजर ने भी कहा कि बच्चे के पिता और एक्ट्रेस के वैवाहिक जीवन पर सवाल उठाने के बजाए उनकी खुशी व अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें।

इलियाना डिक्रूज की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

बता दें कि इलियाना डिक्रूज पहली सेलिब्रिटी नहीं हैं, जिन पर प्रेग्नेंसी अनाउंसमेंट के दौरान पिता का नाम नहीं बताने के लिए हमला किया गया। इससे पहले सोशल मीडिया पर अभिनेत्री व टीएमसी सांसद नुसरत जहाँ पर भी निशाना साधा गया था।

‘₹1.22 करोड़ का हिसाब दो’: ओरछा के राजा राम मंदिर को IT अधिकारी मोहम्मद इरफ़ान का नोटिस, क्या भगवान से भी वसूला जा सकता है टैक्स? – समझें क्या कहता है कानून

मध्य प्रदेश के ओरछा में श्रीराम राजा मंदिर को आयकर विभाग ने नोटिस जारी किया है। आयकर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान 1,22,55,572 रुपए की नकद जमा राशि का स्पष्टीकरण माँगा है। नोटिस में कहा गया है कि वित्तीय लेन-देन करने के बावजूद मंदिर ने निर्धारण वर्ष 2016-17 के लिए आईटी रिटर्न दाखिल नहीं किया था। ‘सुदर्शन न्यूज’ ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर 18 अप्रैल, 2023 को यह नोटिस साझा किया।

इसके साथ लिखा, “श्रीरामराजा मंदिर को मोहम्मद इरफान ने नोटिस भेजा है। इसमें कहा गया है कि 1 करोड़ 22 लाख का हिसाब दो। ओरछा का श्रीराम राजा मंदिर शासकीय है और आयकर से मुक्त है, लेकिन आयकर विभाग का अधिकारी मोहम्मद इरफान ये मानने को तैयार नहीं है।”

इस्कॉन (Iscon) के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने भी आज अपने ट्विटर हैंडल पर इस नोटिस को शेयर किया। उन्होंने लिखा, “आयकर विभाग के अधिकारी मोहम्मद इरफान ने ओरछा के श्रीराम मंदिर को मिले 1 करोड़ 22 लाख रुपए के दान को आय बताकर उस पर टैक्स देने के लिए नोटिस भेजा है। हालाँकि, यह मंदिर सरकारी है और इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आता, लेकिन वह अपने पद का दुरुपयोग कर रहा है।”

इस बात पर चर्चा हो रही है कि क्या मंदिर को टैक्स चुकाने के लिए कहा जाना चाहिए या नहीं, इस मामले में कानून स्पष्ट है। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि कानून में देवी और देवताओं का प्रतिनिधित्व कैसे किया जाता है। कानून के अनुसार, देवी-देवता एक सामान्य व्यक्ति की तरह ही वादी हैं। उन्हें न्यायिक संस्थाएँ कहा जाता है। कानून दो प्रकार के व्यक्तियों को पहचानता है, एक मनुष्य और दूसरा कृत्रिम रूप से बनाए गए व्यक्ति (न्यायिक व्यक्ति), जिन्हें कानूनी व्यक्ति भी कहा जाता है।

कृत्रिम रूप से बनाए गए व्यक्ति के मामले में पहचान का उपयोग कंपनियों, ट्रस्टों, समाज, निजी व्यवसायों और कंपनियों के लिए किया जाता है। उल्लेखनीय है कि अदालतों ने पूरे पशु साम्राज्य को ‘लीगल इंटिटी’ के रूप में घोषित किया है। यदि हम उत्तराखंड उच्च न्यायालय के जुलाई 2018 के फैसले को देखें, तो उसने पूरे पशु साम्राज्य को इस तथ्य के आधार पर एक लीगल इंटिटी के रूप में घोषित किया है कि उन सभी के पास एक जीवित व्यक्ति के समान अधिकारों और कर्तव्यों के साथ एक अलग व्यक्तित्व है।

विशेष रूप से जब हिंदू देवी-देवताओं की बात आती है, तो एक व्यक्ति के रूप में उन्हें मान्यता अंग्रेजों के समय से चली आ रही है। 1887 में देवी-देवताओं को एक मित्र, शेबैत और प्रबंधक के माध्यम से व्यक्तियों के रूप में मान्यता दी गई थी और यह उल्लेख किया गया था कि उनके पास भी अधिकार हैं। उस समय की प्रिवी काउंसिल ने डाकोर मंदिर (Dakor Temple) मामले में फैसला सुनाया था, “हिंदू देवी-देवताओं की मूर्ति एक न्यायिक विषय है और जिस पवित्र विचार को वह मूर्त रूप देती है उसे एक कानूनी व्यक्ति का दर्जा दिया जाता है।”

देवताओं को ही नहीं, बल्कि नदियों को भी अधिकार मिलने वाले व्यक्ति के रूप में माना गया है। सुप्रीम कोर्ट में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाम सोमनाथ दास और अन्य के 2000 के मामले में कहा गया था, “न्यायिक व्यक्ति शब्द ही एक व्यक्ति के कानून में होने की मान्यता को दर्शाता है जो अन्यथा नहीं है। दूसरे शब्दों में, यह एक व्यक्तिगत प्राकृतिक व्यक्ति नहीं है, बल्कि एक कृत्रिम रूप से बनाया गया व्यक्ति है, जिसे कानून के रूप में मान्यता दी जानी है। देवताओं, कॉर्पोरेशन, नदियों और जानवरों सभी को अदालतों द्वारा न्यायिक व्यक्तियों (Juristic Persons) के रूप में माना गया है।

भगवान कृष्ण, भगवान अयप्पा और राम लला से संबंधित मामलों में हिंदू देवताओं को अदालत में एक प्रबंधक/शबैत/अभिभावक द्वारा प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति के रूप में मान्यता दी गई है। हालाँकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी मूर्तियों को एक व्यक्ति के रूप में माना जा सकता है। केवल वे मूर्तियाँ जिन्हें सार्वजनिक रूप से स्थापित किया गया है, या प्राण प्रतिष्ठा की गई है वे एक न्यायिक इकाई के रूप में अधिकार प्राप्त करती हैं। गैर-इकाई और इकाई के बीच के अंतर का उल्लेख सर्वोच्च न्यायालय ने अपने 1969 के फैसले में किया था। अदालत ने कहा था, “सभी मूर्तियाँ ‘न्यायिक व्यक्ति’ होने के योग्य नहीं होंगी, यह केवल तभी होगा, जब इसे जनता के लिए सार्वजनिक स्थान पर स्थापित किया जाता है।”

धर्म के साथ बदलती है परिभाषा

हिंदू देवताओं को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में मान्यता दी गई है, जिसके पास संपत्ति हो सकती है, अधिकार और दायित्व हो सकते हैं। लेकिन यह कानून अन्य धर्मों के लिए समान नहीं है। सिख धर्म में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को एक जीवित गुरु माना जाता है और इस प्रकार कानून ग्रंथ साहिब को एक न्यायिक इकाई के रूप में देखता है। हालाँकि, प्रत्येक ग्रंथ साहिब एक न्यायिक व्यक्ति नहीं हो सकता, जब तक कि वह एक गुरुद्वारे में अपनी स्थापना के माध्यम से एक न्यायिक भूमिका नहीं लेता है। सर्वोच्च न्यायालय के 2000 के फैसले में देखा गया, “ईसाई और इस्लाम मजहब के मामले में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। इस प्रकार, इन दोनों धर्मों का कोई न्यायिक अस्तित्व नहीं है। इस्लाम के मामले में, केयरटेकर नमाज करने वाली जगह का संचालन करते हैं और चर्चों के मामले में वे संगठन, जो ट्रस्ट या समाज के रूप में पंजीकृत हैं, बिल्डिंग्स की देखभाल करते हैं।”

ध्यान दें कि भारत में अधिकांश मंदिर वार्षिक इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं। आवश्यक हो तो टैक्स का भुगतान भी करते हैं। कैश डिपॉजिट के बारे में स्पष्टीकरण माँगने के लिए आईटी विभाग द्वारा जारी किया गया नोटिस एक नियमित नोटिस हो सकता है, जिसे विभाग समय-समय पर व्यक्तियों को भेजता है। नोटिस में इस बात का जिक्र नहीं था कि विभाग ने बताई गई राशि पर टैक्स माँगा है। जैसा कि मंदिर प्रशासन ने कथित तौर पर आईटी रिटर्न में लेनदेन को शामिल नहीं किया था। नोटिस में केवल स्पष्टीकरण माँगा गया है कि इसे आय के रूप में क्यों माना जाना चाहिए।

गुजरात के मंदिर में एक भजन ऐसा भी… मंच पर पशु-पक्षियों के भोजन के लिए भक्तों ने लगा दिया रोटियों का ढेर: देखिए Video

आपने ऐसे कई वीडियो देखे होंगे जिसमें भजन गायक के चारों तरफ पैसों का अंबार लगा हो। पर शायद ही ऐसा वीडियो देखा हो जिसमें भजन गायक के चारों तरफ रोटियों का ढेर लगा हो। ऐसा ही एक वीडियो गुजरात से आया है। पाटन के रोटलिया हनुमान मंदिर में प्रसिद्ध लोकगायक कीर्तिदान गढ़वी का भजन कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम में प्रवेश के लिए रोटी ही टिकट थी। भक्त इच्छानुसार एक से 10 रोटियाँ लेकर कार्यक्रम में प्रवेश कर रहे थे। सोशल मीडिया पर वायरल इस भजन कार्यक्रम के वीडियो में पर रोटियों का अंबार लगा हुआ दिख रहा है।

बताया जा रहा है कि रोटलिया हनुमान मंदिर की स्थापना के एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर लोक दायरो (भजन और कथा) का आयोजन किया गया था। 16 अप्रैल 2023 को आयोजित इस कार्यक्रम से पहले गायक कीर्तिदान गढ़वी ने लोगों से रोटी लाने की अपील की थी। उनकी अपील पर लोग रोटियाँ लेकर पहुँचे। कार्यक्रम शुरू होने के बाद मंच पर रोटियों का ढेर लग गया। इन रोटियों से गाय, कुत्तों समेत अन्य पशुओं और पक्षियों के लिए भोजन उपलब्ध कराया गया।

कार्यक्रम का एक वीडियो कीर्तिदान गढ़वी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से भी शेयर किया है। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान 50 हजार से ज्यादा रोटियाँ जमा की गईं। बता दें कि रोटलिया हनुमान मंदिर दुनिया का पहला ऐसा मंदिर है, जहाँ प्रसाद के रूप में सिर्फ रोटला (रोटियों से मोटी और बड़ी) और रोटी ही चढ़ाई जाती हैं। मंदिर में विराजमान बजरंग बली को सिर्फ रोटला या रोटी का भोग लगाया जाता है।

भक्तों द्वारा लाई गई रोटी का भोग लगने के बाद इन्हें एक बड़े बर्तन में जमा किया जाता है। इसके बाद प्रसाद सभी जीव-जन्तुओं को बाँटा जाता है। इसमें गाय, कुत्ते समेत अन्य पशु और पक्षियाँ भी शामिल हैं। मंदिर में मनोकामना पूरी होने के बाद भी भक्त स्वेच्छा से 5 से लेकर 101 रोटियाँ चढ़ाते हैं। यहाँ अन्य किसी तरह का प्रसाद स्वीकार नहीं किया जाता।

अमेरिका में गुरुद्वारों के पास गोलीबारी निकली गैंगवॉर, 17 गिरफ्तार अपराधियों में अधिकतर सिख: AK 47-मशीनगन जैसे हथियार बरामद, कई भारत में भी वॉन्टेड

अमेरिकी पुलिस ने साल 2022 से 2023 के बीच कैलिफोर्निया के कई गुरुद्वारों और उसके आस-पास हुई गोलीबारी की घटनाओं के मामले में 17 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इन सभी आरोपितों को 20 से अधिक स्थानों पर की गई छापेमारी के बाद पकड़ा गया है। पुलिस ने इस छापेमारी के दौरान पिस्टल, AK 47 और मशीनगन जैसी घातक हथियार भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपितों में अधिकतर सिख समुदाय के लोग बताए जा रहे हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई सोमवार (17 अप्रैल, 2023) को की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गिरफ्तार लोगों में कम से कम 4 भारतीय बताए जा रहे हैं जिनके पास भारतीय पासपोर्ट बरामद हुआ है। इसमें से 2 लोग माफिया गैंग से जुड़े हैं जो भारत के कई केसों में वॉन्टेड हैं। बाकी आरोपित जन्म से ही अमेरिका के सिख समुदाय के लोग है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार लोग दूसरी गैंग से अदावत में गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम दिया करते थे। गोलीबारी की ये घटनाएँ अमेरिका के सट्टर, सैक्रामेंटो, साइन जोकिन, सोलानो, योलो और मर्सेड काउंटी में हुई थीं। पुलिस ने इन घटनाओं में हत्या के प्रयास की धाराओं में केस दर्ज किया था।

पुलिस ने कुछ गिरफ्तार आरोपितों के नाम भी प्रकाशित किए हैं। इसमें से अमरदीप सिंह, गुरविंदर सिंह, नितीश कौशल, हरमनदीप सिंह, गुरमिंदर सिंह, देवेंदर सिंह, गुरशरण सिंह और गुरचरण सिंह प्रमुख हैं। इसके अलावा एक अन्य स्थान वुडलैंड पर हुई गोलीबारी के मामले में 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इनके नाम पवित्तर सिंह, हुसनदीप सिंह, हरकीरत सिंह, सहजप्रीत सिंह और तीरथ राम हैं। इसमें से पवित्तर सिंह और हुसनदीप सिंह पर भारत भारत में केस दर्ज हैं और दोनों वहाँ से भगोड़े घोषित हैं। इन सभी के अलावा पुलिस ने 2 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है जिन पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है।

गिरफ्तार आरोपितों द्वारा की गई 2 प्रमुख घटनाओं में पहली घटना 27 अगस्त, 2022 की है। तब स्टॉकटन के एक गुरुद्वारा में गोलीबारी हुई थी। इसके अलावा मार्च 2023 को सैक्रामेंटो के एक अन्य गुरूद्वारे में भी गोलीबारी हुई थी। जाँच के दौरान पुलिस ने बताया कि अमेरिका के कैलिफोर्निया में हुई तमाम गोलीबारी के पीछे 2 गैंग की आपसी टशन थी। इन समूहों के नाम AK 47 और मिंटा हैं इन आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका के अधिकारियों ने कैलिफोर्निया को सुरक्षित बताया है।

‘NCP के साथ हूँ और रहूँगा’: अजित पवार ने BJP में जाने के अटकलों पर लगाया विराम, बोले- किसी भी विधायक का हस्ताक्षर नहीं लिया है

NCP नेता और पार्टी के मुखिया शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के साथ जाने की अटकलों को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि उनके बारे में जो भी प्रचारित किया जा रहा है, उसमें कोई सच्चाई नहीं है। अजित पवार फ़िलहाल महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। उन्होंने कहा कि वो NCP के साथ हैं और आगे भी रहेंगे। पूर्व उप-मुख्यमंत्री ने ये भी बताया कि उन्होंने किसी भी विधायक के हस्ताक्षर नहीं लिए हैं।

साथ ही अजित पवार ने कहा कि अब सभी अफवाहों को रुक जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके और उनके साथियों के खिलाफ झूठे रिपोर्ट्स शेयर किए जा रहे हैं। उनके चाचा शरद पवार ने भी इन अटकलों को विराम लगाते हुए कहा कि किसी ने भी विधायकों की बैठक नहीं बुलाई है और अजित पवार पार्टी की गतिविधियों में व्यस्त थे। उधर अजित पवार ने ये भी कहा कि वो वही करेंगे, जो उनकी पार्टी कहेगी। चर्चा है कि शरद पवार द्वारा दी जाने वाली इफ्तार पार्टी में भी वो शामिल हो सकते हैं।

उधर ये भी सामने आया है कि महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष अपना जापान दौरा बीच में ही छोड़ कर मुंबई लौट रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि स्पीकर राहुल नार्वेकर जापान से लौट आएँगे। NCP नेता अनिल पटल ने भी अजित पवार के साथ मुलाकात के बाद कहा है कि ‘दादा’ पार्टी के साथ हैं और किसी के साथ उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है। उधर महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंता ने कहा कि उनकी पार्टी अजित पवार का स्वागत करने को तैयार है, अगर वो एनसीपी छोड़ते हैं तो।

उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना के नेता संजय राउत ने भी अजित पवार के भाजपा के साथ जाने की अटकलों को नकारा है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि अगर कुछ विधायक भाजपा से हाथ मिलाते भी हैं तो MVA की तीनों पार्टियाँ साथ रहेंगी। हालाँकि, मीडिया में NCP के नेताओं के हवाले से चलाया जा रहा था कि कुछ भी हो सकता है, क्योंकि राजनीति में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता। कुछ विधायकों का कहना है कि शरद पवार ही अंतिम निर्णय लेंगे।

बंगाल में माफिया अतीक अहमद के लिए ‘कैंडल मार्च’, लिखा-उनका हिसाब होगा: बरेली में मौलाना तौकीर रजा भी देगा धरना

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के एक दिन बाद कैंडल मार्च निकाला गया। रविवार (16 अप्रैल 2023) की शाम इस्लामपुर के रामगंज बाजार में मजहबी संगठन ‘रज़ा इस्लामिक मिशन’ की तरफ से यह मार्च निकाला गया। इस्लामी संगठन की तरफ से सोशल मीडिया पर एक पोस्टर भी जारी किया गया था। पोस्टर में कहा गया था कि यह मार्च यूपी पुलिस और गुंडाराज के खिलाफ है।

इस्लामी संगठन की तरफ से अतीक और अशरफ के समर्थन में निकाले गए कैंडल मार्च की जानकारी सोमवार (17 अप्रैल) को एक फेसबुक पोस्ट के जरिए दी गई। रज़ा इस्लामिक मिशन रामगंज (Raza Islamic Mission Ramganj) के फेसबुक अकाउंट पर कैंडल मार्च की तस्वीरें पोस्ट की गई हैं। इस्लामिक मिशन की तरफ से लिखा गया, “किताब सादा रहेगी कब तक, कभी तो आगाज़-ए-बाब होगा। जिन्होंने बस्ती उजाड़ डाली, कभी तो उनका हिसाब होगा।”

पोस्ट में आगे लिखा गया कि इस्लामिक मिशन के सदस्यों ने चेहरे पर काली पट्टी बाँधकर ‘बजरंग दल, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के आतंकियों द्वारा पूर्व सांसद अतीक अहमद की पुलिस कस्टडी में हुई हत्या के खिलाफ कैंडल मार्च निकाला। इस मौके पर इस्लामिक मिशन के अध्यक्ष असजद रज़ा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने सिर्फ 2 लोगों की हत्या नहीं की, बल्कि जम्हूरियत (लोकतंत्र) की भी हत्या की है।

उधर उत्तर प्रदेश के बरेली में मौलाना तौकीर रजा ने अतीक और अशरफ की हत्या को लेकर यूपी पुलिस पर बड़ा आरोप लगाया है। तौकीर रजा ने कहा कि यूपी में जंगलराज कायम हो गया है, इसलिए सीएम योगी आदित्यनाथ को इस्तीफा दे देना चाहिए। उसने आरोप लगाया कि अतीक की हत्या पुलिस और सरकार ने मिलकर करवाई है। तौकीर ने कहा कि अतीक और अशरफ को पुलिस खुद मारना चाहती थी, इसलिए पुलिस ने गुंडे हायर किए, गुंडों को बताया गया कि भाजपा की सरकार तुम्हे हीरो बना देगी। बाद में तुम एमएलए बना दिए जाओगे।

तौकीर रजा ने कहा कि यूपी में हो रहे एनकांउटर भी फेक हैं। इन सबके लिए सिर्फ एक आदमी दोषी है जो कहता है मिट्टी में मिला देंगे। इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष तौकीर रजा ने गुरुवार (20 अप्रैल) को इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान पर धरना-प्रदर्शन के भी ऐलान किया।

बता दें कि शनिवार (15 अप्रैल 2023) को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज के काल्विन हॉस्पिटल के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावर मीडियाकर्मी बनकर आए थे। मीडिया से बात करते समय हमलावरों ने दोनों को गोलियों से भून दिया था। फिलहाल तीनों हमलावर जेल में हैं।

इंशाअल्लाह, सबका हिसाब शुरू कर दूँगा… जेल से ही रंगदारी का रैकेट चलाता था अतीक अहमद, एक चैट पर पहुँच जाते थे करोड़ों: कारोबारियों को लेनी होती थी पर्ची

प्रयागराज का सबसे बड़ा माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या हो गई। कई महीनों से वो गुजरात के साबरमती जेल में बंद था। वहीं से उसने उमेश पाल की हत्या की साजिश रची और इसे अंजाम दिया। अब ये खुलासा हुआ है कि वो वहाँ से ही वसूली का रैकेट भी चला रहा था। चैट से खुलासा हुआ है कि बेटों के जरिए उसने गुंडागर्दी जारी रखी थी। एक बिल्डर से उसने 5 करोड़ रुपए की रंगदारी माँगी थी और इसमें से 80 लाख रुपए उसे मिल भी गए थे।

बड़ी बात ये है कि इसी रकम का इस्तेमाल उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देने के लिए किया गया। यानी, जेल से ही रंगदारी का रैकेट चल रहा था। चैट में ही उसने कहा था कि उसकी गुंडागर्दी वाली विरासत को उसके बेटे आगे बढ़ाएँगे। उसे लिखा था, “मेरे बेटे न डॉक्टर बनेंगे न इंजीनियर। इंशाअल्लाह, जल्द हिसाब शुरू कर दूँगा।” बिल्डर को उसने धमकाया, “ईडी-ईडी करते हो। ED ने आपके पैसे जब्त नहीं किए हैं। अच्छा है पैसे दे दो।”

उसने आगे लिखा था, “कम लफ्जों को ज़्यादा समझो। मैं मरने वाला नहीं हूँ। इंशाल्लाह एक्सरसाइज करता हूँ। दौड़ता हूँ। बेहतर है कि मुझसे आकर मिल लो – साबरमती जेल, गुजरात।” 6 साल से जेल में बंद होने का बवजूद उसने अपना अपराध का साम्राज्य बनाए रखा था। एक फोन या चैट से डर के मारे लोग उसे रंगदारी देने को राजी हो जाते थे। अब इस बात की जाँच होगी कि आखिर जेल में उसे फोन मुहैया कराई किन-किन लोगों ने, कौन-कौन उसके मददगार थे।

अतीक अहमद को उसके एनकाउंटर का डर था, लेकिन मारा गया उसके बेटा असद। एक चैट में उसने लिखा था कि सबका हिसाब होना है। अतीक अहमद हमेशा से चुनाव लड़ने के लिए बिल्डरों और कारोबारियों से रंगदारी लेता रहा है। ‘गुंडा टैक्स वसूली’ की पर्ची भी उसके द्वारा जारी की जाती थी। एक गुलाबी पर्ची होती थी जिसका रेट 3 से 5 लाख रुपए तक था, एक सफ़ेद पर्ची होती थी इससे ज्यादा रकम की। एक बिल्डर अतीक अहमद के डर से 2007 में प्रयागराज छोड़ लखनऊ चला गया था।

हाथ में राइफल लिए अतीक अहमद की तस्वीर भी सामने आई है, जिसका इस्तेमाल शूटर साबिर ने उमेश पाल हत्याकांड में किया था। इस तस्वीर में वो बेटे उमर के साथ खड़ा दिख रहा है। इधर SIT ने अतीक अहमद-अशरफ हत्याकांड की जाँच शुरू कर दी है। चैट में अतीक अहमद ने ये भी लिखा था, “मुस्लिम साहब, पूरे इलाहबाद में बहुतों ने हमसे फायदा उठाया है लेकिन सबसे ज्यादा तुम्हारे घर ने उठाया है। आज हमारे खिलाफ FIR लिखा रहे हैं और पुलिस के साये में काम कर रहे हैं।” उसने लिखा था, “आपको आखिरी बार समझा रहे हैं। बहुत जल्दी हालात बदल रहे हैं। मैंने सब्र कर लिया है।”

सेक्स रैकेट चला रही थी फिल्म इंडस्ट्री की कास्टिंग डायरेक्टर-हिरोइन, मुंबई पुलिस ने किया भंडाफोड़: माॅडलों को छुड़ाया

मुंबई पुलिस ने एक ऐसे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसे कास्टिंग डायरेक्टर और हिरोइन आरती मित्तल चला रही थी। पुलिस ने आरती मित्तल (Aarti Mittal) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की सोशल सर्विस ब्रांच ने सोमवार (17 अप्रैल 2023) को इस मामले का भंडाफोड़ किया।

मिड-डे के अनुसार, मुंबई पुलिस की सोशल सर्विस ब्रांच ने दो मॉडलों को भी इस रैकेट से बचाया है। उन्हें रिहैब सेंटर भेजा गया है। मॉडल्स ने पुलिस को बताया कि आरती ने उन्हें 15-15 हजार रुपए देने का वादा किया था। पुलिस ने बताया है कि 27 साल की आरोपित आरती मित्तल ओशिवारा के आराधना अपार्टमेंट में रहती हैं। वह अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के लिए मॉडल्स से मिलती थी और उन्हें प्रॉस्टिट्यूशन में जाने के लिए मोटी रकम देने का ऑफर दिया करती थी।

पुलिस इंस्पेक्टर मनोज सुतार को इस रैकेट के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। इसके आधार पर उन्होंने कार्रवाई कर रैकेट का खुलासा किया। सुतार ने खुद ग्राहक बनकर आरती से दो लड़कियों के लिए बात की। आरती ने इसके लिए 60,000 रुपए माँगे और सुतार के फोन पर दोनों लड़कियों की तस्वीरें भेजी। पुलिस इंस्पेक्टर से कहा कि दोनों लड़कियाँ या तो जुहू या गोरेगाँव स्थित होटलों में आएँगी। इसके बाद सुतार ने गोरेगाँव के एक होटल में दो कमरे बुक कराए और दो पुलिस वालों को नकली ग्राहक बनाकर होटल में भेजा। मित्तल जैसे ही अपने साथ दो मॉडल्स के साथ होटल पहुँची, उसने उन्हें कंडोम थमा दिया। आरती की सारी हरकतें कैमरे में रिकॉर्ड हो रही थी।

इसके बाद होटल में छापा मारा गया और आरती को रंगे हाथ पकड़ा लिया गया। दिंडोशी पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी के मुताबिक, मित्तल के खिलाफ आईपीसी की धारा 370 और मॉडल सप्लाई करने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आगे की जाँच के लिए मामले को यूनिट 11 क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है।

बता दें कि कास्टिंग डायरेक्टर होने के साथ-साथ आरती एक एक्सट्रेस भी हैं। उन्होंने टेलीविजन शो ‘अपनापन’ में राजश्री ठाकुर के साथ काम किया है। हाल ही में उन्होंने खुलासा किया था कि वह आर माधवन के साथ एक फिल्म की शूटिंग कर रही हैं।

‘शिवसेना पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के इंतजार में अजित पवार, 40 विधायकों के साथ जाएँगे BJP के साथ’: चर्चाओं का बाजार गर्म, सुप्रिया सुले बोलीं – होंगे 2 राजनीतिक विस्फोट

महाराष्ट्र की सत्ता में कई बार कायम रही पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार की NCP की टूट के चर्चे एक बार फिर से चल पड़े हैं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना और कॉन्ग्रेस के साथ उसका गठबंधन है, जिसे ‘महा विकास अघाड़ी (MVA)’ नाम दिया गया था। उद्धव ठाकरे की पार्टी के दो फाड़ हो गए और सत्ता ही चली गई। अब शरद पवार के भतीजे अजित पवार के बगावती तेवर के चर्चे हैं। 8 अप्रैल को वो अचानक से कुछ विधायकों के साथ गायब हो गए थे, फिर अगले दिन ही नजर आए थे।

इसी दौरान महाराष्ट्र के कई बड़े भाजपा नेता भी दिल्ली पहुँचे थे, जिसके बाद कई चर्चाओं को बल मिला। महाराष्ट्र में चुनाव के बाद जब शिवसेना ने भाजपा को धोखा देकर गठबंधन तोड़ लिया था, तब कुछ दिनों के लिए अजित पवार ने भाजपा के साथ गठबंधन किया था और देवेंद्र फड़नवीस फिर मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन, शरद पवार अपने कुनबे को एक करने में सफल रहे और भाजपा की सरकार गिर गई। मात्र 80 घंटे ही ये सरकार चल पाई थी।

महाराष्ट्र के स्टेट कोऑपरेटिव अंक (MSC) घोटाले के मामले में हुए केस में अजित पवार का नाम नहीं आया है। खुद अजित पवार का कहना है कि इसका अर्थ ये नहीं है कि उन्हें क्लीन चिट मिल गई है। उनके अचानक से बार-बार गायब होने के पीछे क्या राज़ है, ये खुलना अभी बाकी है। पुणे के ग्रामीण क्षेत्र बारामती में अजित पवार खासे लोकप्रिय हैं और उन्हें सख्त प्रशासक के रूप में जाना जाता रहा है। कई बार वो पार्टी से अलग रुख अख्तियार करते रहे हैं।

1991 में उन्होंने बारामती से उपचुनाव जीत कर चुनावी राजनीति में कदम रखा था। तब से वो लगातार 7 बार इस सीट पर जीत दर्ज कर चुके हैं। अजित पवार ने भाजपा के साथ जाने की चर्चाओं को नकार दिया था। उन्होंने बताया था कि वो उस दिन नवीं मुंबई के खारगर स्थित MGM अस्पताल में थे, ‘महाराष्ट्र भूषण’ सम्मान के दौरान रैली में गर्मी से हुई मौतों के बाद मृतकों के परिजनों के साथ। पिछले सप्ताह कुछ बैठकों को रद्द करने और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की भाजपा गठबंधन वाली सरकार पर नरम होने के बाद चर्चाएँ शुरू हुई थीं।

सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने एक ट्वीट में कहा है कि जब वो एक काम से मंत्रालय गई थीं, तब उन्हें पता चला कि अजित पवार 15 विधायकों को साथ लेकर भाजपा के साथ जाने वाले हैं। हाल ही में अजित पवार ने EVM को लेकर भी विपक्ष को झटका दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा चुका है कि वो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे। अजित पवार एक मराठा चेहरा हैं, जिनकी आबादी राज्य में 40% के आसपास है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो एनसीपी के 53 में से 40 विधायक अजित पवार के साथ हैं।

NCP के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने भी इन अटकलों को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि शिंदे-फड़नवीस सरकार के पास पहले से ही बहुमत है, उन्हें और विधायकों की ज़रूरत नहीं है। NCP के मुखिया शरद पवार ने भी हाल ही में गौतम अडानी का समर्थन किया था और पीएम मोदी के डिग्री पर उठे विवाद को गैर-ज़रूरी बताया था। अजित पवार का कहना है कि वो विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में ही मौजूद रहेंगे।

ये भी बताया जा रहा है कि शिवसेना के दो फाड़ होने पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का ही अब इंतजार है, जिसके बाद अजित पवार कोई फैसला ले लेंगे। उन्होंने अपने समर्थन में विधायकों को ध्रुवीकृत करना भी शुरू कर दिया है। उधर शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले का बड़ा बयान आया है कि अगले 2 दिनों में दिल्ली और महाराष्ट्र में 2 बड़े राजनीतिक विस्फोट होंगे। अजित पवार के भाजपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि गॉसिप के लिए उनके पास समय नहीं है, ये अजित दादा से ही पूछा जाना चाहिए। उन्होंने अजित पवार को मेहनती बताते हुए कहा कि हर कोई ऐसा नेता चाहता है।

अब बिहार में काॅलगर्ल के लिए संपर्क का चला विज्ञापन, डिस्प्ले होते ही लगी भीड़: पटना रेलवे स्टेशन पर चलने लगा था पॉर्न वीडियो

कुछ दिनों पहले पटना रेलवे स्टेशन पर ब्लू फिल्म चलने के बाद बिहार को वैश्विक सुर्खियाँ मिली थी। अब प्रदेश बीच चैराहे काॅलगर्ल से संपर्क का विज्ञापन चलाने को लेकर चर्चा में है। यह घटना भागलपुर की है। रिपोर्टों के मुताबिक भागलपुर रेलवे स्टेशन के बाहर आंबेडकर की प्रतिमा लगी हुई है। इस जगह को आंबेडकर चौक भी कहते हैं। यही लगे डिस्प्ले बोर्ड पर यह विज्ञापन कई मिनटों तक चलता रहा।

घटना सोमवार (17 अप्रैल 2023) की है। कुछ लोगों ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया है। पुलिस ने मामले की जाँच कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भागलपुर जंक्शन के बाहर आंबेडकर चौक पर एक LED डिस्प्ले लगा हुआ है। इस पर विज्ञापन चलते रहते हैं। सोमवार को इसी LED पर वेश्यावृत्ति का एक विज्ञापन प्रसारित होने लगा। स्क्रॉल हो रहे इस प्रचार में लिखा था, “र$डी का लिए यहाँ सम्पर्क करा।”

बताया जा रहा है कि इस बोर्ड को चलाने का जिम्मा जीवन जागृति सोसायटी नामक संस्था के पास था। यह मैसेज डिस्प्ले पर लगभग 10 मिनट तक चला। इस दौरान यहाँ लोगों को भीड़ लगा गई थी। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। बोर्ड को उतरवा दिया गया है। डिप्टी SP अजय चौधरी के मुताबिक इस घटना के पीछे तकनीकी कारण हैं। मामले की जाँच में पुलिस टेक्नीशियन की भी मदद ले रही है।

पटना जंक्शन पर चली थी अश्लील वीडियो

गौरतलब है कि इसी साल मार्च में पटना रेलवे स्टेशन पर लगे डिस्प्ले में अश्लील वीडियो चलने लगी थी। 3 मिनट चलने के बाद रेलवे प्रशासन ने इसे बंद करवाया था। मामले में FIR दर्ज की गई थी और इसके लिए जिम्मेदार एजेंसी दत्ता कम्युनिकेशन को ब्लैक लिस्टेड करते हुए उस पर जुर्माना भी ठोंका गया था।