Home Blog Page 1881

सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ एक और चार्जशीट, करोड़ों की ठगी का है मामला: ED ने बताया – जाँच को भटका रहा है महाठग, अधिकारियों को कर रहा गुमराह

महाठग सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार (15 अप्रैल, 2023) को मनी लॉन्ड्रिंग के एक अन्य मामले में चार्जशीट दाखिल की। यह मामला मलविंदर सिंह की पत्नी जपना सिंह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। जापना सिंह ने सुकेश पर धोखे से 3.5 करोड़ रुपए ठगने का आरोप लगाया है।

ईडी द्वारा चार्जशीट पटियाला हाउस कोर्ट में जज देवेंद्र सिंह जांगला के समक्ष दायर की गई है। मामला सुनवाई के लिए 18 अप्रैल, 2023 को सूचीबद्ध किया गया है। शिकायतकर्ता जापना सिंह के अनुसार सुकेश चंद्रशेखर ने खुद को एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने उनके पति मलविंदर सिंह को जेल से छुड़ाने के बदले पैसे वसूले थे।

ईडी ने चार्जशीट में सुकेश की रिमांड माँगी है। चार्जशीट में कहा गया है कि उनके पास सुकेश के खिलाफ भौतिक सबूत (Material Evidence) और दूसरे कारण हैं जिससे यह साबित हो सकता है कि आरोपित मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध का दोषी है। सुकेश पर काली कमाई को सफेद करने के आरोप हैं।

ईडी की तरफ से कहा गया है कि पूछताछ में सुकेश की तरफ से सबूतों के बारे में जानकारी नहीं दी जा रही है। सुकेश जाँच को भटका रहा है और ऑफिसर्स को गुमराह भी कर रहा है। ईडी का कहना है कि सुकेश से सच उगलवाने के लिए हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी है।

जपना सिंह के पति मलविंदर सिंह दरअसल कारोबारी शिविंदर सिंह के भाई हैं। सुकेश जपना सिंह के साथ-साथ रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के मालिक शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह को भी ठग चुका है। अदिति सिंह से उसने 200 करोड़ रुपए की ठगी की है। शिविंदर और मलविंदर दोनों भाई जेल में बंद हैं। इसी बात का फायदा सुकेश ने उठाया और दोनों की पत्नियों से करोड़ों की ठगी की। इस मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने एफआईआर दर्ज की हुई थी।

‘फिर सिसोदिया और सत्येंद्र जैन क्या हैं?’: राघव चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल को बताया आधुनिक महात्मा गाँधी तो लोगों ने लिए मजे, देखें मीम्स

दिल्ली के शराब घोटाला मामले में सीबीआई ने समन जारी कर अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के लिए बुलाया है। इसे लेकर ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ केजरीवाल का बचाव करने में जुटी हुई है। इस बीच पार्टी नेता राघव चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल को आधुनिक दौर का महात्मा गाँधी बताया है। इसको लेकर नेटिजेन्स अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

दरअसल, शराब घोटाला मामले की जाँच अब दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल तक पहुँच गई है। समन के बाद उन्हें रविवार (16 अप्रैल, 2023) को सीबीआई के सामने पेश होना होगा। ऐसे में केजरीवाल का बचाव करते हुए राघव चड्ढा ने कहा है, “AAP नेता भारत को दुनिया का नंबर-1 देश बनाने में जुटे हुए हैं। मुझे इस बात को कहते हुए कोई संकोच नहीं है कि अरविंद केजरीवाल आधुनिक युग के महात्मा गाँधी हैं। उनकी छवि पूरी तरह से बेदाग है।”

राघव चड्ढा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर सक्रिय नेटिजेन्स ने कई तरह के कंटेंट शेयर कर प्रतिक्रिया दी है:

नरोत्तम सिंह तोमर नामक यूजर ने ट्वीट करते हुए लिखा, “ससुरा इतिहास ही बदल डाला। सत्येंद्र जैन-भगत सिंह, सिसोदिया-बच्चों के चाचा (नेहरू) और अब केजरीवाल- महात्मा गाँधी। गजब का स्वतंत्रता का आंदोलन है ‘शराब माफियाओं’ का।”

‘व्हाट नेक्स्ट’ नामक यूजर ने ट्वीट कर कहा, “हम कैसे मान लें कि केजरिवाल जी महात्मा गाँधी हैं। जब एक गाल पर झापड़ पड़ा था तो उन्होंने दूसरा गाल आगे नहीं किया था।”

एक यूजर ने लिखा, “बात तो सच बोल रहा है केजरीवाल मॉडर्न डे गाँधी है क्योंकि उसने आज के सेल्फ क्लेम्ड भगत सिंह (सिसोदिया) और राजगुरु (सतेंद्र जैन) को तिहाड़ में सड़ने के लिए छोड़ दिया।”

लव चौहान नामक यूजर ने ट्वीट करते हुए कहा, “शर्म कर लो राघव जी कुछ भी बोलने से पहले। वो महात्मा गाँधी थे उन्होंने आंदोलन खुद के और जनता के भरोसे लड़े थे और ये केजरीवाल जी तो अन्ना जी के आंदोलन को ही खा गए। बल्कि चट कर गए। हम राजनीति में नही आयेंगे। हम बंगला-गाड़ी नही लेंगे। हम सिक्योरिटी नही लेंगे। हम लोकपाल बिल लाएँगे। कहाँ है?”

मनीष शर्मा नामक यूजर ने लिखा, “अगर केजरीवाल भ्रष्ट है तो दुनिया में कोई ईमानदार नहीं, से लेकर केजरीवाल आज के महात्मा गाँधी है। हे भगवान। ये सब क्या क्या सुनने को मिल रहा है? राघव चढ्ढा जी दिल्ली की जनता आपके चुटकुले नहीं सुनना चाहती है, शराब घोटाले पर जवाब चाहती है।”

आजाद परिंदे नामक यूजर ने लिखा, “केजरीवाल महात्मा गाँधी है, सिसोदिया भगत सिंह है, आतिशी झाँसी की रानी है, दंगाई ताहिर हुसैन चंद्रशेखर आज़ाद है, चड्ढा राजगुरु है, तुम सुखदेव हो और कोई बचा है क्या?”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “आप नेताओं का अगला बयान – अरविंद केजरीवाल ने ही महात्मा गाँधी को स्वतंत्रता आंदोलन के लिए प्रेरित किया था।”

आइए देखते हैं इसको लेकर शेयर किए गए कुछ मीम्स:

दाऊद इब्राहिम की D-कंपनी से आते थे अतीक के हथियार, असद-गुलाम को छिपाने में अंडरवर्ल्ड डॉन का हाथ: मुख्तार अंसारी के जरिए जुड़ा कनेक्शन

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पुलिस रिमांड पर चल रहे माफिया अतीक अहमद से पूछताछ में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब दावा किया जा रहा है कि अतीक अहमद का संबंध अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के डी-गैंग के साथ भी है। रिपोर्टों के अनुसार खुफिया एजेंसियों को अतीक के अंडरवर्ल्ड कनेक्शन की जानकारी मिली है। डी कंपनी के जरिए ही अतीक तक हथियार पहुँचाए जाते थे। पता चला है कि असद अहमद के छुपने में डी कंपनी के सदस्य अबू सलेम के करीबियों ने मदद की थी।

उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक अहमद का बेटा असद प्रयागराज से कानपूर, कानपुर से नोएडा और वहाँ से दिल्ली पहुँचा था। दिल्ली में उसे एक नेता से मदद मिली लेकिन यहाँ से वह अजमेर चला गया। जब असद अजमेर में था तब बरेली जेल में बंद उसके चाचा अशरफ अहमद ने उससे संपर्क किया और उसे पुणे और नासिक निकल जाने को कहा। दोनों फेसटाइम ऐप के जरिए संपर्क में थे। हालाँकि एसटीएफ ने गुरुवार (13 अप्रैल) को झाँसी में उनका एनकाउंटर कर दिया।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अतीक ने पूछताछ में जानकारी दी है कि डी गैंग से संपर्क करने में उसकी मदद माफिया मुख्तार अंसारी ने की थी। डी गैंग के लिए काम करने वाले डॉन अबू सलेम के रिश्ते अतीक और उसके भाई से अशरफ से अच्छे हो गए थे। उमेश पाल हत्याकांड के बाद इस शहर से उस शहर छुपते फिर रहे असद को अबू सलेम के लोगों ने ही पुणे और पुणे से नासिक आने को कहा था। दावा है कि पुणे में असद और शूटर गुलाम को छिपाने में अबू सलेम के अलावा एक पूर्व सांसद ने भी मदद की थी।

अबू सलेम मुंबई बम धमाके मामले में जेल में बंद है। सलेम के जिन लोगों ने असद और गुलाम को पुणे में छिपाया था उनकी तलाश की जा रही है। टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क का इस्तेमाल अतीक अहमद के लिए हथियारों की सप्लाई के लिए भी किया जाता था। दाऊद इब्राहिम का दाहिना हाथ माना जाने वाला छोटा शकील का गुर्गा आईएसआई और अतीक के गिरोह के बीच पुल का काम कर रहा था। डी-कंपनी आईएसआई के इशारे पर अतीक अहमद को हथियार मुहैया कराती थी। जाँच एजेंसियाँ भगोड़े दाऊद के साथ अतीक के कथित संबंधों की विस्तार से जाँच कर रही हैं।

इसके पहले उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दायर की गई चार्जशीट में अतीक के बयान के हवाले से कहा गया है कि उसके पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों से संपर्क थे। अतीक ने जानकारी दी थी कि उसके पास हथियारों की कमी नहीं है। उसका सीधा संबंध पाकिस्तान की आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से है। अतीक ने कहा था, “पाकिस्तान से हमें पंजाब बॉर्डर पर ड्रोन के जरिए हथियार पहुँचा दिया जाता है जहाँ लोकल कनेक्शन उन्हें उठा लेता है। उसके बाद हथियार हमतक पहुँचा दिए जाते हैं। जम्मू-कश्मीर के आतंकी भी ऐसे ही हथियारों का जखीरा हासिल करते हैं।

श्रद्धा मर्डर केस: आफताब पूनावाला के खिलाफ कोर्ट में पूरी हुई बहस, 29 अप्रैल को तय होंगे आरोप

दिल्ली के श्रद्धा वाकर मर्डर केस में 29 अप्रैल 2023 को अदालत आरोपित आफताब पूनावाला के खिलाफ आरोप तय करेगी। आज शनिवार को आफताब पूनावाला के खिलाफ आरोपों पर बहस पूरी हो गई।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, साकेत कोर्ट में शनिवार को आफताब पूनावाला पर लगे आरोपों के खिलाफ बहस पूरी हुई। इसी दौरान श्रद्धा वाकर के पिता ने अंतिम संस्कार करने के लिए उसके अवशेष जारी करने के लिए कोर्ट में अर्जी दी। अब अदालत ने दिल्ली पुलिस से इस संबंध में 29 अप्रैल तक जवाब देने को कहा है।

गौरतलब है कि दिल्ली के श्रद्धा मर्डर केस में इससे पहले दिल्ली की साकेत अदालत ने सभी मीडिया घरानों को केस के डिजिटल साक्ष्य सहित चार्जशीट की सामग्री प्रकाशित करने और प्रसारित करने से रोक दिया था।

वहीं पहले की सुनवाई में आफताब के वकील ने आईपीसी की धारा 302 और 201 हटाने की पैरवी की थी। सुनवाई के दौरान आफताब के वकील ने बताया था कि कैसे आफताब के साथ जेल में दूसरे कैदियों ने मारपीट हुई।

इससे पहले श्रद्धा की हत्या कर शव के 35 टुकड़े करने वाले आफताब के खिलाफ 6,629 पन्नों का चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। चार्जशीट के अनुसार श्रद्धा ने 18 मई 2022 को श्रद्धा की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव के 35 टुकड़े कर कई दिनों तक महरौली व आस-पास के इलाकों में ठिकाना लगाता रहा। शव के टुकड़े छिपाने के लिए उसने बड़ा सा फ्रिज खरीदा था।

कठुआ में अनाथ हिंदू बच्ची का अपहरण के बाद गैंगरेप, आरोपित के अब्बा चुप रहने को दे रहे गहने-रुपयों का लालच: J&K में सड़क पर हिन्दू संगठन

जम्मू के कठुआ जिले से एक नाबालिग हिन्दू लड़की के गैंगरेप की खबर आ रही है। आरोप कुछ मुस्लिम युवकों पर है जिनके खिलाफ पुलिस में तहरीर दी गई है। पीड़िता अनाथ बताई जा रही है जिसके मुताबिक सामूहिक दुष्कर्म से पहले उसका अपहरण किया गया था। इस मामले में हिन्दू संगठनों ने पुलिस से कार्रवाई की माँग की है। पीड़िता की उम्र 14 साल है। घटना शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला कठुआ जिले के बिलावर क्षेत्र का है। यहाँ हिन्दू समाज की एक नाबालिग किशोरी ने पुलिस में अपने साथ हुए गैंगरेप की शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि 7 अप्रैल को वह पैदल अपनी मौसी के घर जा रही थी। तभी रास्ते में एक कार सवार कुछ युवकों ने उसे रोका अपने वाहन में खींच लिया। कार में नाबालिग को कुछ नशीला पदार्थ जबरन खिलाया गया जिससे वो बेसुध हो गई। इसके बाद आरोपित पीड़िता को अपने साथ कहीं ले गए।

किसी अज्ञात स्थान पर ले जा कर पीड़िता के साथ सामूहिक गैंगरेप किया गया। नाबालिग ने आरोपितों में से एक को पहचानने का दावा भी किया है। आरोप यह भी है कि उसे मामले को रफा-दफा करने के साथ कहीं मुँह न खोलने की एवज में एक आरोपित के अब्बा द्वारा गहने, जमीन और रुपयों का लालच दिया जा रहा है। लालच देने वाला वन विभाग का रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी है। हालाँकि पुलिस का कहना है कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। पीड़िता का दावा है कि आरोपित पिछले कुछ समय से उसका पीछा कर रहे थे लेकिन उसने इग्नोर किया। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

वहीं इस मामले की जानकारी होते ही आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग के साथ विश्व हिन्दू परिषद ने बिलावर डिग्री कॉलेज के पास प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सभी आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की गई। ऑपइंडिया से बात करते हुए विश्व हिन्दू परिषद् जिला अध्यक्ष कैप्टन पवन शर्मा ने बताया कि FIR दर्ज कर के कार्रवाई शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि लड़की के 164 के बयान भी आज हो सकते हैं और आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग जारी रहेगी।

‘धर्मांतरण करने वालों को न मिले आरक्षण’: छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज ने बुलाई महारैली, कहा – अपनी संस्कृति छोड़ने वालों को बाहर किया जाए

छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का शिकार हो रहे जनजातीय समाज के लोगों को बचाने के लिए ‘जनजाति सुरक्षा मंच’ रविवार (16 अप्रैल, 2023) को रायपुर में बड़ा आंदोलन करने जा रहा है। इस आंदोलन के तहत ‘जनजाति सुरक्षा मंच’ धर्मांतरण करने वाले जनजातियों को आरक्षण न देने की माँग करेगा।

दरअसल, धर्मांतरण के लिए जनजातीय वर्ग ईसाई मिशनरियों और इस्लामिक मौलवियों के निशाने पर रहा है। खासतौर से छत्तीसगढ़ के कई जनजातीय बाहुल्य इलाके अब धर्मांतरण का शिकार हो चुके हैं। लेकिन धर्मांतरण इस्लाम या ईसाइयत अपनाने के बाद भी लोग खुद को जनजातीय बताते हुए आरक्षण समेत अन्य लाभ प्राप्त करते रहे हैं। इसको लेकर ही अब जनजातीय सुरक्षा मंच आंदोलन कर रहा है।

‘जनजातीय सुरक्षा मंच’ का दावा है कि रविवार (16 अप्रैल, 2023) को राजधानी रायपुर में होने वाली इस महारैली में हजारों जनजातीय शामिल होंगे। इस महारैली के माध्यम से जनजातीय वर्ग धर्मांतरित हो चुके जनजातियों को डी-लिस्ट करने की माँग करेगा। इसका अर्थ यह है कि जिन लोगों ने अपने धर्म और संस्कृति को छोड़कर दूसरे धर्म को अपना लिया है, उन्हें जनजातीय श्रेणी से बाहर किया जाए। यही नहीं, जनजातीय सुरक्षा मंच इसके लिए संविधान संशोधन की भी माँग कर रहा है।

इस आंदोलन को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा मंच से जुड़े गणेश राम भगत का कहना है कि छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में धर्मांतरण हुआ है। धर्मांतरण करने के बाद भी लोग अवैध रूप से जनजातियों के हिस्से की सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। इसमें आरक्षण जैसी सुविधा भी शामिल है। जनजातीय वर्ग चाहता है कि छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के करोड़ों जनजातियों के साथ हो रहे इस अन्याय को रोका जाए और धर्मांतरण करने वालों को डी-लिस्ट किया जाए।

जनजाति सुरक्षा मंच का तर्क है कि जनजातियों को आरक्षण उनके सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए दिया गया था लेकिन जब कोई धर्मांतरण कर लेता है तो वह जनजातियों की संस्कृति को छोड़ देता है और जनजातीय नहीं रह जाता। ऐसे में धर्मांतरित लोगों को आरक्षण देने का कोई मतलब नहीं है।

छत्तीसगढ़ की सत्ता बदल सकता है धर्मांतरण का मुद्दा

साल के अंत में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले धर्मांतरण को लेकर भाजपा भूपेश बघेल सरकार को घेरने में जुटी हुई है। बीजेपी के प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि वह डी-लिस्टिंग के पक्ष में हैं। वहीं, भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष विकास मकराम ने आरोप लगाया कि धर्मांतरण रोकने के लिए राज्य सरकार नियमों का कड़ाई से पालन नहीं कर रही है

‘आप मस्जिद के 100 मीटर के दायरे में खड़े नहीं हो सकते’: मुस्लिम बहुल इलाके में पत्रकार और कैमरामैन से धक्कामुक्की, अतीक अहमद के बेटे के एनकाउंटर से भड़के

भारत का दुर्भाग्य ये है कि यहाँ कई ‘मुस्लिम एरिया’ बन गए हैं। यहाँ तक कि एक बड़े राज्य की मुख्यमंत्री तक हिन्दुओं को सलाह देती हैं कि वो ‘मुस्लिमों के इलाके’ में अपने पर्व-त्योहार न मनाएँ। परिणाम ये होता है कि रामनवमी पर जगह-जगह श्रद्धालुओं पर हमले किए जाते हैं। अब तो आलम ये है कि ‘मुस्लिम एरिया’ में पत्रकारों को कुछ कवर करने या लोगों की राय तक लेने के लिए पहले अनुमति लेनी होगी। एक ताज़ा वायरल वीडियो तो कुछ इसी ओर इशारा कर रही है।

“आप अपने घर ले जाओ इस कैमरे को” से लेकर ‘तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई बोलने की’ तक, एक पत्रकार को मुस्लिमों की भीड़ में कुछ इस तरह के सवालों का सामना करना पड़ा। उसका गुनाह ये था कि वो मुस्लिमों का पक्ष लेने गया था एक घटना को लेकर। एक पूछता है, “आज ही का दिन मिला था तुझे, ये बता?”। यानी, शुक्रवार (उनके लिए जुमा) के दिन उनसे कोई सवाल नहीं किया जा सकता। एक ने धमकाया, “आप मेरे घर के सामने खड़े हैं, आप यहाँ से जाइए।”

आइए, अब इस पूरे प्रकरण को शुरू से समझते हैं। 24 फरवरी, 2023 को गुंडों ने उमेश पाल के घर में घुस कर उनकी हत्या कर दी। सीसीटीवी में शूटरों के चेहरे सामने आ गए। हत्या न सिर्फ उमेश पाल, बल्कि यूपी पुलिस द्वारा उन्हें दिए गए दो अंगरक्षकों की भी कर दी गई। उमेश पाल, 2005 में हुई विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह थे। दोनों ही घटनाओं से जिसका नाम जुड़ा, वो था प्रयागराज में कभी खौफ का दूसरा नाम रहा माफिया अतीक अहमद।

गुरुवार (13 अप्रैल, 2023) को यूपी पुलिस से एनकाउंटर में अतीक अहमद का बेटा असद और उसका साथी गुलाम ढेर हो गया। दोनों के मारे जाने के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने इसकी निंदा की और कहा कि एनकाउंटर की घटनाओं से लोगों का देश के संविधान में भरोसा कम होता है। ‘खबर इंडिया’ में कार्यरत पत्रकार केशव मालान भी असदुद्दीन ओवैसी के इसी बयान पर मुस्लिमों की प्रतिक्रिया लेने के लिए गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी पहुँचे थे।

वीडियो में देखा जा सकता है कि यहाँ पर कुछ मुस्लिम इकट्ठे होकर उन्हें जाने को कहने लगे, उन पर चिल्लाने लगे। नूरानी मस्जिद के पास स्थित गली में लोगों ने असद अंसारी के एनकाउंटर का विरोध किया और ओवैसी के बयान का समर्थन किया। मुस्लिम युवकों ने कहा कि कानून उन्हें सज़ा देगा, न कि पुलिस। उमेश पाल की हत्या के लिए एक ने तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को दोषी ठहरा दिया। अधिकतर मुस्लिम युवक इसे एकतरफा कार्रवाई बताते हुए ये पूछते नजर आए कि फिर कोर्ट-जज किसलिए हैं?

एक ने तो ‘हिन्दू राष्ट्र’ की बात करते हुए ये कह डाला कि यहाँ गुनहगार छोड़ दिए जाएँगे और निर्दोषों का एनकाउंटर होगा। एक ने तो गोरक्षक मोनू मानेसर को गिरफ्तार किए जाने की माँग कर डाली और दूसरी घटनाओं का जिक्र करने लगे। इसी बीच एक टोपी वाला मुस्लिम युवक भड़क गया और कहने लगा हमलोगों को असद से या किसी से कोई मतलब नहीं है। इसके बाद उनका हाथ पकड़ कर और उन्हें धक्का दिया जाने लगा।

एक बच्चे ने भी केशव मालान को ‘चुपचाप चला जा’ कह दिया, जो वीडियो में देखा जा सकता है। कुछ मुस्लिम माइक झटकते हुए नजर आए। एक ने कह डाला, “सबसे बड़ा माफिया योगी है, उस पर 150 केस दर्ज हैं।” अधिकतर मुस्लिम इस पर ये कह कर कुछ बोलने से बचते हुए नजर आए कि नमाज का वक्त हो गया है। “आप मस्जिद के 100 मीटर के दायरे में खड़े नहीं हो सकते’ – वीडियो में एक कट्टर मुस्लिम युवक का ये बयान सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रहा है।

हमने इस पूरे मामले के सामने आने के बाद ‘खबर इंडिया’ के पत्रकार केशव मालान से बातचीत की। उन्होंने बताया कि उस इलाके में मात्र 300 मीटर के क्षेत्र में उन्हें 3 बड़ी मस्जिदें दिख गईं। उन्होंने बताया कि ओवैसी ने असद अहमद के एनकाउंटर पर कहा कि मजहब देख कर ऐसा किया जा रहा है, तो उन्हें लगा कि इस पर मुस्लिमों की प्रतिक्रिया लेनी ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों का पब्लिक ओपिनियन आना ज़रूरी है, क्योंकि ओवैसी जैसे नेता बरगला रहे हों – ये भी हो सकता है।

इसी सोच के साथ वो मस्जिद के पास पहुँचे थे। उन्होंने बताया कि वहाँ पहुँचते ही माहौल ही अलग लगा, गरम था, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने अपने और कैमरामैन मोहित सिंह के साथ धक्कामुक्की की भी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि कैमरे की वजह से कम बदतमीजी की है, वरना हमारे साथ कुछ भी हो सकता था। केशव मालान ने बताया कि कवरेज के बाद लौटने पर उनके चैनल वालों ने भी कहा कि संभल कर रहिए, इतना रिस्क लेने की ज़रूरत ही नहीं है।

हालाँकि, केशव का मानना है कि इसमें रिस्क जैसी कोई बात ही नहीं है क्योंकि दिल्ली में भी कई बार रिपोर्टिंग करते समय डर लगता है और राजस्थान में भी इस तरह का डर लगा। हालाँकि, उत्तर प्रदेश के संबंध में उनका मानना है कि यहाँ मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में रिपोर्टिंग के लिए जाते हुए उन्हें डर नहीं लगता। इसका श्रेय वो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को देते हैं। केशव मालान कहते हैं कि उनके अंतर्गत कानून का राज है और कुछ हुआ भी तो न्याय मिलेगा, इसका भरोसा रहता है।

उन्होंने बताया कि यूपी में मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी वो बेख़ौफ़ होकर आसानी से रिपोर्टिंग करते हैं। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी में उनसे जो बातें कही गईं, वो एक तरह से उन्हें धमकी ही थी। केशव ने बताया कि उन्होंने उस मोहल्ले में जिन भी मुस्लिमों से बातचीत की, उनमें से अधिकतर यही कह रहे थे कि असद अहमद को सताया गया है। उमेश पाल की हत्या की सीसीटीवी फुटेज में असद दिखा था, इस तथ्य को भी वो नकार रहे थे।

वहीं हमने इस पूरे प्रकरण के दौरान कैमरामैन रहे मोहित सिंह से भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि उन्हें लगातार कैमरा ऑफ करने को कहा जा रहा था, ऐसे में उन्होंने कैमरे को फ्लिप कर दिया लेकिन ऑफ नहीं किया। उन्होंने जानकारी दी कि उन्हें भी हाथ मारा जा रहा था। जैसे ही अतीक अहमद का नाम लिया गया, लोग भड़क जा रहे थे। बकौल मोहित, अंदर से ये डर था कि आखिर यहाँ से निकलेंगे कैसे। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के पास वहाँ अच्छा-खासा संख्याबल था।

इस प्रकरण से स्पष्ट है कि पत्रकारों को सीधा सन्देश दिया जा रहा है कि ये जो तथाकथित ‘मुस्लिम इलाके’ हैं, वहाँ ये रिपोर्टिंग न करें। मस्जिद के आसपास के इलाके में ‘शरीयत’ के हिसाब से कानून चलेगा? हमने तो सुना था कि सड़क या अन्य सार्वजनिक संपत्तियाँ सरकार की होती हैं, कोई इन पर दावेदारी नहीं कर सकता। क्या देश में कई छोटे-छोटे पाकिस्तान बन गए हैं? अगर ऐसा है तो ये निश्चित ही खतरे की घंटी है। अगर हिन्दू इसी तरह ‘हिन्दू इलाके’ की बात करने लगे तो क्या होगा?

‘मैंने PM मोदी को दिए ₹1000 करोड़’: समन से भड़के केजरीवाल ने कहा – ED-CBI पर केस कर दूँगा, मुझे पता चल गया था मेरा नंबर आ चुका है

दिल्ली शराब घोटाला मामले में सीबीआई के समन के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। शनिवार (15 अप्रैल 2023) को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम केजरीवाल ने कहा कि कोई शराब घोटाला नहीं हुआ है। सीबीआई और ईडी को कुछ भी नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यदि केजरीवाल भ्रष्टाचारी हैं तो इस दुनिया में अब कोई भी ईमानदार नहीं बचा। उन्होंने धमकाया कि वो ED और CBI पर केस कर देंगे।

दिल्ली के सीएम ने कहा, “मुझे सीबीआई ने बुलाया है, मैं जरूर जाऊँगा। अगर भाजपा वालों ने CBI को मुझे गिरफ्तार करने का आदेश दिया है तो फिर वो मुझे जरूर गिरफ्तार करेंगे।” अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ईडी और सीबीआई ने कोर्ट में झूठे बयान दिए हैं। शराब घोटाला केस कुछ नहीं है। झूठ की बुनियाद पर केस बनाए गए हैं। एजेंसियों के पास एक रुपए के घोटाले का भी सबूत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसियों ने मारपीट कर के और गवाहों को डरा-धमका कर केजरीवाल और सिसोदिया का नाम कबूल कराया है।

सीबीआई का समन मिलने से बौखलाए अरविंद केजरीवाल ने एजेंसियों पर तंज करते हुए कहा, “मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलता हूँ कि मैंने 17 सितंबर की शाम 7 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 1 हजार करोड़ रुपए दिए थे। अगर सिर्फ आरोप लगाने मात्र से कार्रवाई हो सकती है तो कर लो गिरफ्तार नरेंद्र मोदी को। कार्रवाई के लिए सबूत तो चाहिए ना। या ऐसे ही कार्रवाई हो जाएगी?”

आप संयोजक केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा लाई जा रही नई शराब नीति एक अच्छी नीति थी जिससे शराब के कारोबार से सारा भष्टाचार खत्म हो जाता। केजरीवाल ने कहा कि ईडी और सीबीआई का कहना है कि 100 करोड़ की रिश्वत ली गई लेकिन 400 बार रेड के बावजूद एजेंसियों को पैसे नहीं मिले। उन्होंने कहा कि जिस दिन मैंने दिल्ली विधानसभा में भष्टाचार पर बात की थी मुझे पता चल गया था कि अब मेरा नंबर आ चुका है।

जिस बिहार में दारू बैन, वहाँ ज़हरीली शराब से 16 की मौत: 4 दर्जन लोग बीमार, प्रशासन बोला – ये सब डायरिया से मर रहे

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में 24 घण्टों के भीतर 16 लोगों की मौत हो गई। वहीं 4 दर्जन से अधिक लोग अब भी बीमार बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि जहरीली शराब ही इन मौतों का कारण है। लेकिन प्रशासन मौत का कारण डायरिया बता रहा है। वहीं इस दुर्घटना को लेकर बीजेपी सीएम नीतीश कुमार पर हमलावर है।

मीडिया रिेपोर्ट्स के अनुसार, मोतिहारी के आसपास के कई गाँवों में संदिग्ध परिस्थितियों में लोगों की मौत हुई है। पहली मौत लक्ष्मीपुर के रामेश्वर राम उर्फ जटा राम की हुई। बीमार होने के बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहीं उसकी मौत हो गई। इसके बाद, इसी गाँव के ध्रुव पासवान, अशोक पासवान और छोटू पासवान की मौत हो गई। इन सभी इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।

इसी तरह पहाड़पुर थाना क्षेत्र के मुशहर टोली में गुटन मांझी और टुनटुन सिंह नामक व्यक्ति की मौत हुई है। सुगौली थाना क्षेत्र अंतर्गत इन्द्राशन महतो, सुदीश राम, चुलाही पासवान, गोविंद ठाकुर और गणेश राम की मौत हुई है। हरसिद्धि थाना क्षेत्र में मुशहर टोली में भी तीन अन्य लोगों की मौत की खबर सामने आई है। वहीं मठ लोहियार में 4 घण्टे के भीतर ही पिता-पुत्र की मौत हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले नवल दास की मौत हुई फिर उसके बेटे परमेंद्र दास भी काल के गाल में समा गया। अब नवल की बहू की स्थिति भी नाजुक बनी हुई है, उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इलाज कर रहे डॉक्टर का कहना है कि उसे डायरिया हुआ है।

वहीं, मठ लोहियारग गाँव के दिलीप का कहना है कि नवल दास शराब की तस्करी करता था। 15 दिन पहले ही वह जेल से छूटा था। इसलिए लोगों शक है कि इन लोगों ने शराब पी होगी। यही शराब मौत का कारण बनी। शराब पीने वाले लोगों में से विनोद पासवान का कहना है, “जाटा राम ने सभी लोगों को गेहूँ कटाई के लिए बुलाया था। कटाई के बाद सब ने एक साथ शराब पी। फिर वहाँ से घर आ गए। रात में सभी लोगों की तबियत बिगड़ने लगी। कई लोगों की मौत भी हुई है।

जहरीली शराब से मौत की आशंका जता रही पुलिस…

मोतिहारी में एक के बाद हुई 16 लोगों की मौत के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। घटना को लेकर डीएम सौरभ जोरवाल और एसपी कांतेश मिश्रा का कहना है कि जाँच में सामने आया है कि मौत डायरिया और फूड पॉइजनिंग की वजह से हुई है। वहीं, पुलिस मुख्यालय का कहना है संदेहास्पद स्थिति में कुछ लोगों की मौत हुई है। इसकी जाँच के लिए पटना से मद्य निषेद्य इकाई की टीम भेजी गई है। इस टीम के साथ ही सबूत जुटाने के लिए फोरेंसिक लैब की टीम को भी साथ में भेजा गया है। फिलहाल पुलिस मुख्यालय इन मौतों का जहरीली शराब को मानकर चल रहा है। हालाँकि अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इन मौतों को लेकर भाजपा नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा है कि सरकार के पाप का कारनामा एक बार फिर उजागर हुआ। छपरा में जहरीली शराब से सैकड़ों लोगों की मौत के बाद अब मोतिहारी में भी कई लोगों की मौत हुई है। जहरीली शराब से हुई मौत को दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। पहले जो सोशल मीडिया के लोग जानकारी सामने लाते थे। वह अब डर के कारण सामने नहीं ला रहे हैं। प्रशासन जहरीली शराब से कुछ कमाई कर लेता है। लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं होती।

उन्होंने आगे कहा है कि नितीश कुमार ने सदन में जहरीली शराब से मारे गए व्यक्ति की विधवा और अनाथ बच्चे को मुआवजा न देने का ऐलान किया था। लेकिन अब उन्हें जहरीली शराब जिले में कैसे पहुँची और इनसे हुई मौतों को लेकर जवाब देना होगा। इन सबके लिए जो जिम्मेदार हैं उन पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती? उनकी संपत्ति जब्त क्यों नहीं की जा रही? बिहार की सत्ता में बैठे हुए लोगों के परिवार वाले अवैध शराब के धंधे में लगे हुए हैं। इसकी जाँच होनी चाहिए।

बदजुबानी का रहा है इतिहास… ‘देश के विनाश’ से लेकर इंदिरा गाँधी के हत्यारों के गुणगान तक, वो मौके जब सत्यपाल मलिक ने दिए भड़काऊ बयान

अपने बयानों की वजह से सुर्ख़ियों में रहने वाले मेघालय के पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक ने विवादास्पद बयान दिया है। प्रेपगेंडा पोर्टल द वायर के लिए करण थापर को दिए इंटरव्यू में सत्यपाल मलिक ने कहा कि फरवरी 2019 में पुलवमा में हुआ आतंकी हमला गृहमंत्रालय की लापरवाही का नतीजा था। मलिक ने दावा किया कि सीआरपीएफ ने अपने जवानों के लिए एयरक्राफ्ट की माँग की थी। गृहमंत्रालय ने इसकी मंजूरी नहीं दी। साथ ही जिस रास्ते से होकर जवानों का काफिला गुजरने वाला था वहाँ अच्छे से जाँच नहीं की गई। गृह मंत्रालय पहले ही इन आरोपों से इनकार कर चुकी है।

अपने इंटरव्यू में सत्यपाल मलिक ने यह भी दावा किया कि पीएम मोदी को जम्मू-कश्मीर के बारे में जानकारी नहीं है। पीएम को भ्रष्टाचार से भी बहुत नफरत नहीं है। इसी इंटरव्यू के दौरान सत्यपाल मलिक अपने एक विवादास्पद बयान से पलट भी गए। पिछले साल हरियाणा की एक सभा में मलिक ने दावा किया था कि पीएम से मुलाकात के दौरान उन्होंने किसानों की मौत का मुद्दा उठाया था और पीएम से उनका झगड़ा हो गया था। इसके बाद उन्होंने मुझे अमित शाह से मिलने के लिए कहा था।

जब वे अमित शाह से मिले तो शाह ने उनसे कहा, “सत्यपाल, उन्हें कुछ लोगों ने गुमराह कर दिया है। आप इसकी चिंता न करें। आप मिलते रहें। एक दिन उन्हें समझ आ जाएगा।” सत्यपाल मलिक ने इंटरव्यू के दौरान स्वीकार किया कि ऐसा कुछ वास्तव में नहीं हुआ था बल्कि सब उनके दिमाग की उपज थी। उस दौरान मलिक के इस बयान को लेकर विपक्ष ने पीएम को घेरने की खूब कोशिश की थी।

सितंबर 2022 में बोले किसानों और सरकार के बीच लड़ाई होगी

जम्मू-कश्मीर से ट्रांसफर किए जाने के बाद से ही सत्यपाल मलिक भाजपा के खिलाफ बयान दे रहे हैं। सितंबर 2022 में सत्यपाल मलिक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए किसानों को भड़काने का काम किया था। उन्होंने कहा था कि यदि सरकार किसानों की एमएसपी की बात नहीं मानती है तो किसान और सरकार के बीच बड़ी लड़ाई होगी। मैं उस लड़ाई में राज्यपाल के पद से इस्तीफा देकर कूद पड़ूँगा। उन्होंने कहा था कि इस बार जबरदस्त लड़ाई होगी। देश के किसान को आप पराजित नहीं कर सकते। किसानों को डरा नहीं सकते।

जून 2022 में किसानों को अंबानी-अडानी के खिलाफ भड़काया

12 जून, 2022 को जयपुर में राष्ट्रीय जाट संसद को संबोधित करते हुए सत्यपाल मलिक ने किसानों को भड़काते हुए कहा था कि अडानी ने किसानों की फसल सस्ते दाम पर खरीदने और महँगे दामों पर बेचने के लिए पानीपत में बड़ा गोदाम बनाया है। अडानी का ऐसा गोदाम उखाड़ फेंको। डरने की जरूरत नहीं है, मैं आपके साथ जेल चलूँगा। अडानी और अंबानी मालदार कैसे हो गए हैं, जब तक इन लोगों पर हमला नहीं होगा, तब तक ये लोग रुकेंगे नहीं।”

मई 2022 में बोले देश विनाश की ओर जा रहा

8 मई 2022 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फर नगर में सत्यपाल मलिक ने किसानों को दोबारा आंदोलन के लिए भड़काने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन खत्म कराने को लेकर जो वादे किए गए हैं सरकार उन्हें पूरा नहीं कर रही है। मलिका ने कहा था, “अगर किसानों की बात नहीं सुनी गई तो मुझे डर है कि इन्हें कहीं दोबारा मैदान में न उतरना पड़े। जिन सवालों का कोई मतलब नहीं है केवल उन पर बहस हो रही है। देश विनाश की ओर जा रहा है। आज सवाल महँगाई और बेरोजगारी पर होने चाहिए, लेकिन लोगों को यह ध्यान ही नहीं रहा। पेट्रोल और डीजल का हाल कोई नहीं पूछ रहा। टैक्स के बारे में कोई बात नहीं कर रहा।”

मार्च 2022 में किसानों को हिंसा के लिए उकसाया

सत्यपाल मलिक ने 12 मार्च 2022 को एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान किसानों को हिंसा के लिए भड़काया था। उन्होंने कहा था कि अगर किसानों की माँगें नहीं मानी गईं तो वो उन्हें मनवाने के लिए हिंसा का रास्ता अपना सकते हैं। दिल्ली को मेरी सलाह है कि उनके साथ न भिड़े, वे खतरनाक लोग हैं। किसान जो चाहते हैं, उसे हासिल कर के रहेंगे।

मार्च 2022 में पीएम मोदी पर साधा निशाना

8 मार्च 2022 को जाट विकास संस्थान की ओर से राजस्थान के चूरू मलिक ने कहा था कि किसान आंदोलन में 700 किसान मर गए। कोई कुतिया भी मर जाती है, तो दिल्ली से प्रधानमंत्री की चिट्‌ठी जाती है। लेकिन 700 किसानों के लिए कोई शोक संदेश नहीं गया। मैं गवर्नरशिप का पीरियड खत्म होने के बाद पूरे देश में घूमूँगा। किसानों को एकत्रित करूँगा। ताकि आगे हम माँगने वाले नहीं, देने वाले बनें।

इंदिरा गाँधी और जनरल वैद्य के हत्यारों का गुणगान

नवंबर 2021 में सत्यपाल मलिका का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियों में वे कह रहे थे कि यदि कृषि कानून वापस नहीं लिए गए होते तो उनका हाल इंदिरा गाँधी जैसा होता। इतना ही नहीं वीडियो में मलिक का बयान सुनकर ऐसा लग रहा था कि वे इंदिरा गाँधी और जनरल वैद्य की हत्या करने वालों का गुणगान कर रहे हैं। उन्होंने धमकी देते हुए कहा था किअगर आपको लगता है कि किसान प्रदर्शनकारी अपने आप वापस चले जाएँगे तो ये आपकी गलतफहमी है।