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‘मैंने झूठ बोला था’: अमित शाह पर दिए गए बयान से पलटे पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक, अब बोले – मैं अपनी बात वापस लेता हूँ

जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक प्रधानमंत्री मोदी को लेकर दिए अपने बयान से पलट गए हैं। मलिक ने कहा है कि उन्होंने झूठ बोला था। सत्यपाल मलिक ने यह बात वामपंथी प्रोपेगैंडा पोर्टल द वायर के साथ हुए एक इंटरव्यू में कही। इंटरव्यू शुक्रवार (14 फरवरी 2023) का सामने आया।

दरअसल, सत्यपाल मलिक ने जनवरी 2022 में कहा था कि अमित शाह ने उन्हें बताया है कि पीएम मोदी ने ‘अपना दिमाग खो दिया है’। द वायर के लिए इंटरव्यू कर रहे करण थापर ने सत्यपाल मलिक से प्रधानमंत्री को लेकर विवादास्पद बयान को लेकर बात की। इस बयान में सत्यपाल मलिक ने पीएम मोदी से मुलाकात को लेकर कहा था, “मैंने उनसे कहा कि आपके लिए तो मरे थे। आप राजा बने हुए हो उनकी वजह से। खैर, झगड़ा हो गया मेरा। उन्होंने कहा कि अमित शाह से मिलो। मैं अमित शाह से मिला, उसने कहा “सत्यपाल, इसकी अकल मार रखी है लोगों ने। तुम बेफिकर रहो, मिलते रहो ये किसी न किसी दिन समझ में आ जाए।”

इस पर सत्यपाल मलिक ने न केवल यह स्वीकार किया कि उन्होंने यह बयान दिया था बल्कि अपने ही बयान से पलट गए। उन्होंने कहा, “मैंने अमित शाह से संबंधित बयान के बारे में पूरी तरह झूठ बोला था। उन्होंने मुझसे कभी कुछ नहीं कहा। मैं इस बयान को वापस लेता हूँ। उन्होंने कभी कुछ नहीं कहा।” इसी मुद्दे को लेकर जब करण थापर ने सत्यपाल मलिक से दोबारा सवाल किया तो उन्होंने स्वीकार किया कि वह गलत थे।

गौरतलब है कि सत्यपाल मलिक ने जनवरी 2022 में हरियाणा के दादरी में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने दावा किया था कि प्रधानमंत्री के साथ बैठक के दौरान उन्होंने किसानों की मौत का मुद्दा उठाया था। लेकिन प्रधानमंत्री ने अहंकारपूर्ण तरीके से जवाब दिया। मलिक ने दावा किया था कि पीएम मोदी के साथ उनकी बातचीत 5 मिनट में ही बहस में बदल गई। मलिक का दावा था कि जब उन्होंने पीएम मोदी से कहा कि किसान आंदोलन में 500 से अधिक किसान मारे गए हैं। इस पर पीएम नाराज हो गए और पूछा “क्या वे मेरी वजह से मर गए?”

सत्यपाल मलिक के इस बयान के बाद विपक्ष पीएम पर हमलावर हो गया था। लेकिन अब सत्यपाल मलिक के हालिया बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि उनके किसी भी बयान पर विश्वास नहीं किया जा सकता।

इस इंटरव्यू के दौरान सत्यपाल मलिक ने पुलवामा हमले के लिए आत्मघाती आतंकी आदिल अहमद डार को जिम्मेदार ठहराने की बजाए केंद्र सरकार की ओर से ‘लापरवाही’ को दोषी ठहराया। बता दें कि पुलवामा हमले में देश के 40 जवान बलिदान हो गए थे।

इंटरव्यू के दौरान द वायर के करण थापर और सत्यपाल मलिक दोनों ने ही कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व सांसद राहुल गाँधी की तारीफ करते हुए कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के बाद से राहुल की लोकप्रियता आसमान छू रही है। इस इंटरव्यू के अंत में सत्यपाल मलिक ने राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू के बारे में भी निराधार दावे किए। मलिक ने दावा किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपनी मर्जी से लोगों से मिल नहीं सकतीं। इसके लिए उन्हें एक सूची प्रधानमंत्री कार्यालय भेजनी पड़ती है। जहाँ से मंजूरी मिलने के बाद ही राष्ट्रपति लोगों से मिल पाती हैं।

‘भूखे रहोगे तो ईसा मसीह से मिलवाऊँगा’ : केन्या में पादरी के खिलवाड़ ने ली 4 जान, 11 लोग घर में तड़पते मिले, जंगल में मिली सामूहिक कब्रें

अफ्रीकी महाद्वीप के देश केन्या में एक चर्च के पादरी द्वारा फैलाए गए अंधविश्वास के चलते 4 लोगों की भूख से मौत हो गई है। मरने वालों में 3 पुरुष और एक महिला शामिल हैं। पादरी ने कुल 15 लोगों को लम्बे समय तक भूखे रहने पर ईसा मसीह से मिलाने का वादा किया था। पुलिस ने इसी मामले में 11 अन्य लोगों को छापेमारी के बाद एक घर से बरामद किया। भूख से उन सबकी हालत भी बेहद खराब थी। स्थिति देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मामले का खुलासा गुरुवार (13 अप्रैल 2023) को हुआ।

रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला केन्या के किलिफी काउंटी क्षेत्र का है। यहाँ के गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च में आस-पास के तमाम लोग जुड़ गए हैं। इस चर्च का संचालन पास्टर माकेन्ज़ी नथेन्गे द्वारा किया जाता है। कुछ समय पहले यहाँ प्रार्थना के नाम पर कई लोगों को जमा किया गया था। बताया जा रहा है कि उन सभी को पास्टर ने यीशु से मिलाने का दावा किया। पादरी की बातों में आ कर 15 लोग कुछ भी करने के लिए तैयार हो गए। इस पर माकेन्ज़ी नथेन्गे द्वारा उन्हें भूखा रहने के लिए कहा गया।

पादरी की बातों पर विश्वास कर के 15 लोगों ने खाना छोड़ दिया। वो सभी एक घर में एक साथ रहना शुरू कर दिए थे। इसमें पुरुष और महिलाएँ दोनों शामिल हैं। धीरे-धीरे भूख से उनकी तबीयत खराब होने लगी। इस बात की जानकारी जब पुलिस को हुई तो उसने घर पर दबिश दी। यहाँ पुलिस को सभी 15 लोग बेहद बुरी हालत में मिले। पुलिस ने उन सभी को अस्पताल में भर्ती करवाया जहाँ 4 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। इसमें 3 पुरुष और 1 महिला शामिल है।

मृतकों के पास पहचान पत्र और मोबाइल फोन न होने के चलते पुलिस को उनकी तस्दीक करने में दिक्कत पेश आ रही है। हालाँकि अस्पताल में भर्ती अन्य जीवित लोगों में से कुछ की पहचान पुलिस ने उजागर की है। इसमें एलन ओबिएरो, विक्लिफ वेमोई, मर्सी आओको, पॉल करिसा, जेन न्यांबुरा, जेन न्यांबुरा, फेलिक्स वांडेरा, डेविड अबुहाया, कोलिन्स कबाये, मोनिका मासिका और एक अन्य महिला शामिल है। एलन ओबिएरो की उम्र महज 17 साल बताई जा रही है।

पुलिस को तलाशी के दौरान आस-पास के जंगलों में सामूहिक कब्रें मिली हैं। इन कब्रों को पास्टर माकेन्ज़ी नथेन्गे के अनुयायियों की माना जा रहा है। पिछले ही माह आरोपित पादरी को 2 बच्चों की मौत के मामले में गिरफ्तार किया गया था। हालाँकि बाद में उसे जमानत मिल गई थी। इस मामले में अभी तक आरोपित पादरी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अपनी सफाई में पादरी माकेन्ज़ी नथेन्गे ने बताया कि उसने घटनास्थल वाले चर्च को हमेशा के लिए बंद कर दिया है और पिछले काफी समय से उसका वहाँ से कोई वास्ता नहीं है। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

पड़ोस के घर में घुस मौलवी ने नाबालिग बच्ची को दबोचा, हल्ला मचने पर फरार: शिकायत के बाद देवरिया पुलिस ने गुलाम वारिस को पकड़ा

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक मस्जिद के मौलवी द्वारा के नाबालिग लड़की से छेड़खानी का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम गुलाम वारिस है जो एक मस्जिद में काम करता है। गुलाम वारिस पीड़िता को अकेला देख कर उसके घर में घुस गया था। पीड़िता ने शोर मचाया तो मौलवी फरार हो गया था जिसे बाद पुलिस ने उसे गुरुवार (13 अप्रैल 2023) को गिरफ्तार कर लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला देवरिया के थानाक्षेत्र महुआडीह का है। यहाँ के एक गाँव पलिया कलां में एक मस्जिद में गुलाम वारिस नाम का मौलवी रहा करता था। वह इसी मस्जिद में काम किया करता था। मूल रूप से गुलाम वारिस भुलवारिया गाँव का रहने वाला है। मस्जिद के बगल में ही 13 साल की एक नाबालिग लड़की अपने परिवार के साथ रहती है। घटना के दिन पीड़िता के परिवार वाले खेतों में काम करने गए थे। तब लड़की घर में अकेली थी जिसकी भनक मौलवी को लग गई।

शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि घर में घुसे मौलवी ने उसे बदनीयती से दबोच लिया। इसके बाद मौलवी ने लड़की के साथ छेड़खानी शुरू कर दी। गुलाम वारिस की नीयत भाँप कर लड़की जोर-जोर से चिल्लाने लगी। आस-पास के लोग लोग जमा होने लगे तो मौलवी भाग निकला। लड़की के घर वालों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई तो पुलिस ने केस दर्ज कर के आरोपित की तलाश शुरू कर दी। आखिरकार गुरुवार को पुलिस ने गुलाम वारिस को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित को जेल भेज दिया गया है।

दोस्ती की ‘सौरभ’ से, निकला शाहरुख़… अब फंदे से लटकी मिली रेनू कश्यप की लाश: कहता था – मुस्लिम बनो वरना बदनाम कर दूँगा

उत्तर प्रदेश के कानपुर में पिछले 10 दिनों में छेड़खानी, ब्लैकमेलिंग और धमकी से परेशान होकर 4 लड़कियों ने आत्महत्या कर ली। इनमें से एक मामला ‘लव जिहाद’ से भी जुड़ा हुआ है। बुधवार (12 अप्रैल, 2023) को हरिबंश मोहाल शनिदेव मंदिर के पास रहने वाली रेनू कश्यप ने फाँसी लगाकर जान दे दी। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपित शाहरुख को गिरफ्तार कर लिया है।

रेनू के परिजनों की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, बीए की परीक्षा पास करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही रेनू की दोस्ती ‘सौरभ’ नाम के लड़के से हो गई। कुछ ही दिनों बाद रेनू को पता चल गया कि उसने जिससे दोस्ती की है वह सौरभ नहीं शाहरुख है। जिसके बाद रेनू ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। इससे नाराज शाहरुख ने रेनू को धमकी दी। उसने रेनू पर धर्मपरिवर्तन कर निकाह करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।

परिजनों की शिकायत के अनुसार शाहरुख ने धमकी दी कि यदि रेनू ने उसके साथ निकाह नहीं किया तो वह उसे मोहल्ले से लेकर सोशल मीडिया तक पर बदनाम कर देगा। इतना ही नहीं पिता और भाई को सारी बात बता देगा। धमकियों से परेशान रेनू ने शाहरुख का फोन उठाना बंद कर दिया। 12 अप्रैल 2023 को शाहरुख रेनू के घर के पास आ धमका। इससे रेनू बुरी तरह डर गई और घर में फाँसी लगाकर जान दे दी।

रेनू के फोन न उठाने पर शाहरुख ने उसकी बहन को फोन किया। तब तक उसके आत्महत्या की जानकारी पुलिस को दे दी गई थी। रेनू की छोटी बहन ने पुलिस के कहने पर उसे नजदीक के पार्क में मिलने के लिए बुलाया। वहाँ पहले से मौजूद पुलिस वालों ने शाहरुख को गिरफ्तार कर लिया। हरबंश मोहाल थाना प्रभारी विनीत चौधरी ने मीडिया को जानकारी दी है कि फिलहाल आरोपित शाहरुख के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में FIR दर्ज की गई है। जाँच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इसी तरह कानपुर के सचेंडी थाना इलाके में शमशाद नाम का शख्स 20 साल की एक लड़की को परेशान करता था। परिजनों ने लड़की की शादी कहीं और तय कर दी। 31 मार्च 2023 के दिन युवती की सगाई हो गई जिससे शमशाद बौखला गया। रिपोर्टों के मुताबिक 4 अप्रैल की दोपहर को शमशाद अपने दोस्तों के साथ लड़की के घर में दाखिल हो गया और हत्या की धमकी दी। उसने कहा कि यदि यह शादी हुई तो पूरे परिवार यहाँ तक की लड़का पक्ष को भी नहीं छोड़ेंगे। धमकी से सहमी लड़की ने उसी दिन फाँसी लगा कर खुदकुशी कर ली।

4 अप्रैल को ही कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र के कुम्हडीया बेहटा गाँव की रहने वाली बीएससी की एक छात्रा ने भी फाँसी लगा ली। उसे पास के ही गाँव का रहने वाला राहुल तंग किया करता था। राहुल ने फेसबुक से लड़की की तस्वीरें डाउनलोड की। उन्हें एडिट कर लड़की को परेशान करने लगा। घर से निकलने पर उसका पीछा किया करता था। अश्लील व भद्दे कमेंट किया करता था। आरोप है कि इससे परेशान लड़की ने अपनी जान दे दी।

‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के मुताबिक 4 अप्रैल को ही कविता नाम की लड़की ने लड़के के छेड़खानी से तंग आकर फाँसी लगा ली। परिजनों के अनुसार, राज नाम का लड़का उसका पीछा किया करता था। वह कविता पर वीडियो कॉल का दबाव बना रहा था। कविता की सहेली के अनुसार राज ने उसे फोन कर बताया कि कविता की मदद करे वह आत्म हत्या करने जा रही है। जब तक सहेली कविता के घर पहुँचती वह फाँसी लगा चुकी थी।

कर्नाटक में आएगी भाजपा सरकार? : विधानसभा चुनाव से पहले ‘जन की बात’ ने जारी किया ओपिनियन पोल, जानें कॉन्ग्रेस के क्या होंगे हाल

कर्नाटक में 10 मई 2023 को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होगी जबकि 13 मई को वोटों की गिनती होगी। इसके पहले एशियानेट-जन की बात ने अपना ओपिनियन पोल जारी किया है। इस ओपिनियन पोल में किसी भी पार्टी को बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा है। हालाँकि भारतीय जनता पार्टी 98-109 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है। 225 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 113 सीटों की आवश्यकता है।

एशियानेट-जन की बात ओपिनियन पोल के अनुसार कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा और कॉन्ग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। पोल के अनुसार जहाँ बीजेपी के खाते में 98-109 सीटें जाती दिख रही हैं वहीं कॉन्ग्रेस को 89-97 सीटों पर कामयाब रहने का अनुमान लगाया गया है। ओपिनियन पोल के अनुसार 25-29 सीटें जीतकर जनता दल सेक्युलर (JDS) तीसरे नंबर पर रह सकती है।

ओपिनियन पोल के अनुसार ओल्ड मैसूर क्षेत्र की 57 सीटों में से भाजपा को सिर्फ 12 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। वहीं कॉन्ग्रेस को 23 और जेडीएस के खाते में 22 सीटें जा सकती हैं। कोस्टल कर्नाटका की 19 सीटों में से 16 भारतीय जनता पार्टी को मिल सकती हैं जबकि सिर्फ 3 सीटें कॉन्ग्रेस को मिलती नजर आ रही हैं। यहाँ जेडीएस और अन्य का खाता खुलना भी मुश्लिक है।

उसी तरह बेंगलुरु क्षेत्र की 32 सीटों में से 15 भाजपा को तो 14 कॉन्ग्रेस को मिलने का अनुमान है। यहाँ जेडीएस को 3 सीटें मिल सकती हैं। कर्नाटक के हैदराबाद क्षेत्र जिसे अब कल्याण कर्नाटक के नाम से जाना जाता है में कॉन्ग्रेस को 23 सीटें मिलने का अनुमान है। जबकि भाजपा को यहाँ 16 सीटें मिल सकती हैं। जेडीएस को सिर्फ 1 सीट पर संतोष करना पड़ सकता है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018 में भी किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत प्राप्त नहीं हो सका था। बीजेपी ने 2018 में 104 सीटें हासिल की थीं। कॉन्ग्रेस को 78 और जेडीएस को 37 सीटें प्राप्त हुई थीं। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद कॉन्ग्रेस और जेडीएस ने मिलकर सरकार बना ली थी। 2019 में विधायकों के पार्टी बदलने की वजह से सरकार गिर गई थी और बीजेपी ने सत्ता में वापसी की थी।

जापान के प्रधानमंत्री पर बम से हमला, भाषण के दौरान हुआ तेज विस्फोट: हमलावर गिरफ्तार, भगदड़ की Video वायरल

जापान के प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा पर जानलेवा हमला होने की खबर है। यह हमला वहाँ के शहर वाकायामा में तब हुआ है जब वो लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। इस दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति ने उन पर पाइप बम फेंका। हालाँकि जापानी प्रधानमंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल कर किसी बड़ी अनहोनी को टाल दिया। हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना शनिवार (15 अप्रैल 2023) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तय समय के मुताबिक पीएम किशिदा जापान के वाकायामा शहर में लोगों को सम्बोधित करने आए थे। इस दौरान आम लोगों की भीड़ उन्हें सुनने आई थी। भीड़ के बीच से ही एक व्यक्ति ने पाइप बम निकाल कर उनकी तरफ फेंका। इससे पहले वह बम फट पाता, जापानी सुरक्षा बालों ने प्रधानमंत्री किशिदा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनके निकलने के कुछ देर बाद धमाका हुआ। आस-पास मौजूद लोगों के मुताबिक यह धमाका काफी तेज आवाज में हुआ।

इस घटना के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच अफरातफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे जिन्हे सुरक्षाकर्मियों ने संभालने की कोशिश की। इस बीच घटना के कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। एक वायरल वीडियो में पुलिस वालों को एक हमलावर को काबू करते देखा जा सकता है। घटना में किसी के मारे जाने की कोई सूचना नहीं है। गिरफ्तार हुए व्यक्ति से पुलिस पूछताछ कर रही है। अभी तक हमले की वजह या हमलावर की मंशा का पता नहीं चल पाया है।

हमले के दौरान जमा भीड़ सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थकों की थी। प्रधानमंत्री के साथ मौके पर एक उम्मीदवार भी मौजूद था। कुछ मीडियाकर्मी भी वहाँ पर खड़े थे। घटना के बाद प्रधानमंत्री किशिदा के तमाम कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि लगभग 9 माह पहले 8 जुलाई 2022 में जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे की जापान में ही एक व्यक्ति ने हत्या कर दी थी। हत्या के लिए बंदूक का प्रयोग किया गया था जो हमलावर ने अपने घर में बनाई थी।

सूरत में 6 और पार्षदों ने छोड़ी AAP, जुड़े BJP के साथ: गुजरात में आम आदमी पार्टी को झटका, अब तक 10 पार्षद भाजपा में शामिल

गुजरात में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार (14 अप्रैल 2023) को सूरत में AAP के 6 पार्षद भाजपा में शामिल हो गए। गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने सभी पार्षदों का पार्टी में स्वागत किया। सूरत म्युनिसिपल कारपोरेशन (SMC) चुनाव में आम आदमी पार्टी के 27 पार्षद जीत कर आए थे जिनमें से 10 पार्षद भाजपा में शामिल हो चुके हैं।

सूरत भाजपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान निराली पटेल, धर्मेंद्र वावलिया, अशोक धामी, किरण खोखानी, घनश्याम मकवाना औऱ स्वाति क्याड ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इसके पहले आम आदमी पार्टी के 4 पार्षद रीता खैनी, ज्योति लाठिया, भावना सोलंकी और विपुल मोवालिया ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था।

साल 2021 में हुए SMC चुनावों में आम आदमी पार्टी ने 120 में से 27 सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा ने 93 सीटें जीत का परचम लहराया था। इन चुनाव में कॉन्ग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। अब आम आदमी पार्टी के 10 पार्षदों के भाजपा में शामिल हो जाने के बाद एसएमसी में भाजपा पार्षदों की संख्या 103 हो गई है।

बता दें कि दक्षिण गुजरात खासकर सूरत भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है। विधानसभा चुनाव 2022 में भी सूरत जिले की सभी 16 सीटें भाजपा ने जीत ली थीं। सूरत शहर की बात करें तो पिछले 15 वर्षों से भाजपा शहर की एक भी सीट नहीं हारी है। हालाँकि 2021 में 27 पार्षद जिताने के बाद आम आदमी पार्टी को सूरत से काफी उम्मीदें थी लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में आप का एक भी उम्मीदवार कामयाब नहीं हो सका। यहाँ तक कि आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया को भी कटारगाम विधानसभा सीट पर हार का सामना करना पड़ा था।

ये भी मालूम हो कि गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इस बार बड़ा रिकॉर्ड बनाया था। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी विजयी रहे। आज तक गुजरात के इतिहास में इतनी बड़ी जीत किसी भी पार्टी को नहीं मिली थी।

‘अल्लाह की चीज थी, अल्लाह ने वापस ले ली’: असद के एनकाउंटर पर बोला ‘चाचा’ अशरफ, नाना ने मजबूरी में किया कफन का इंतजाम

अतीक अहमद के बेटे असद के एनकाउंटर के बाद उमेश पाल हत्याकांड में नामजद अशरफ का बयान सामने आया है। उसने असद को अल्लाह की चीज बताया है। साथ ही आगे कहा कि अल्लाह ने अपनी चीज वापस ले ली है। वहीँ असद की लाश लेने उनके नाना झाँसी पहुँचे हैं। अतीक अहमद के घर और आस-पास की सुरक्षा को भी कड़ा कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक असद के बारे में अशरफ का यह यह बयान 14 अप्रैल 2023 (शुक्रवार) का है। तब प्रयागराज में उत्तर प्रदेश पुलिस अतीक और उसके भाई अशरफ को पूछताछ के लिए ले जा रही थी तब एक पत्रकार ने असद के बारे में सवाल किया। इस दौरान अतीक अहमद खामोश रहा और चुपचाप पुलिस वालों के साथ चलता रहा। हालाँकि अशरफ ने इसका जवाब दिया और कहा, “अल्लाह की चीज थी। अल्लाह ने ले ली।” इस जवाब का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वहीं असद के अंतिम संस्कार के लिए शव लेने उनके नाना हामिद अली झाँसी पहुँच गए हैं। हामिद के साथ उनके वकील भी हैं। हामिद का कहना है कि उन्होंने असद को नहलाने और कफ़न आदि का इंतजाम कर रखा है। खुद के द्वारा किए जा रहे अंतिम संस्कार को हामिद ने असद की माँ की गैर मौजूदगी में मजबूरी बताया है।

इस बीच असद की लाश प्रयागराज लाने से पहले उनके घर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अतीक के घर के आगे भारी फ़ोर्स तैनात कर दिया गया है। जिस रास्ते से शव आना है उन सड़कों पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

गौरतलब है कि उमेश पाल हत्याकांड में सीधे तौर पर शामिल बताए जा रहे असद अहमद को लम्बी फरारी के बाद UP पुलिस की STF विंग ने 13 अप्रैल (गुरुवार) को ढेर कर दिया था। असद के साथ गुलाम भी मारा गया था जिसके घर वालों ने उसका शव लेने से मना कर दिया है। गुलाम भी उमेश पाल और 2 पुलिसकर्मियों की हत्या के CCTV फुटेज में गोलियाँ बरसाता दिखाई दिया था।

ऑफिस में घुस बदमाशों ने BJP नेता पर बरसाई ताबड़तोड़ गोलियाँ, अस्पताल में मौत: दिल्ली पुलिस जाँच में जुटी, इलाके में दहशत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बीजेपी नेता सुरेंद्र मटियाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह 60 वर्ष के थे। घटना के समय वह अपने ऑफिस में मौजूद थे। तभी हमलावरों ने ऑफिस में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियाँ बरसा दीं। आनन-फानन में उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहाँ उनकी मौत हो गई। घटना शुक्रवार (14 अप्रैल 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा नेता सुरेंद्र मटियाला दिल्ली के द्वारका इलाके के बिंदापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित अपने ऑफिस में बैठे हुए थे। तभी शाम करीब 7:30 बजे बाइक सवार हमलावरों ने ऑफिस में घुसकर उन्हें गोली मार दी। इलाज के लिए उन्हें नजदीकी हॉस्पिटल ले जाया गया था। लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। हमलावरों ने सुरेंद्र मटियाला को 6 गोलियाँ मारी थीं। मटियाला दिल्ली नगर निगम में पार्षद व काउंसलर रह चुके हैं। फिलहाल वह नजफगढ़ जिले के बीजेपी किसान मोर्चा के अध्यक्ष थे।

इस घटना पर द्वारका जिले के डीसीपी एम हर्षवर्षधन का कहना है कि शुरुआती जाँच में सामने आया है कि सुरेंद्र मटियाला को कई गोलियाँ मारी गईं। मामले की जाँच की जा रही है। किसी भी प्रकार की जानकारी सामने आने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। मामले में पुलिस की कई टीमें काम कर रहीं हैं। क्राइम ब्रांच को जाँच के लिए बुलाया गया है। सुरेंद्र मटियाला की हत्या क्यों की गई, इस मामले में जाँच चल रही है। पुलिस सभी एंगल से जाँच कर रही है। फिलहाल शव पुलिस के कब्जे में है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।

वहीं इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। सुरेंद्र मटियाला के ऑफिस के आसपास भीड़ जमा हो गई है। पुलिस ने घटना स्थल को सील कर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ व आसपास के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस जाँच को आगे बढ़ा रही है।

‘बिरयानी में नहीं मिला लेग पीस तो पुलिस वालों ने दुकानदार को पीटा’: जानें वायरल दावे का सच

बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि मामला बाराबंकी का है और बिरयानी में लेग पीस न मिलने पर पुलिस ने दुकानदार के साथ मारपीट की है। ऑपइंडिया ने वायरल दावे का फैक्ट चेक किया है।

सोशल मीडिया पर वीडियो को बाराबंकी के पटेल तिराहे का बताते हुए शेयर किया जा रहा है। इसके साथ ही कहा जा रहा था कि पुलिस ने दुकानदार को पीटा है। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा था कि पुलिसकर्मी दुकान में बिरयानी खाकर पैसे नहीं देते। इसलिए दुकानदार और पुलिसकर्मियों के बीच मारपीट हुई है।

इसको लेकर मोहम्मद इमरान नामक यूजर ने दावा किया था, “बाराबंकी में बिरयानी में लेग पीस नहीं मिली तो पुलिस वालों ने जमकर काटा बवाल, दुकानदार को पीटा। नगर कोतवाली क्षेत्र में पटेल तिराहे पर मौजूद बिरयानी की दुकान का मामला।”

झूठ फैलाने के लिए कुख्यात मोहम्मद खबीर ने ट्वीट करते हुए दावा किया था, “उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में बिरयानी में लेग पीस ना मिलने पर यूपी पुलिस के जवानों ने जमकर बवाल काटा। पटेल तिराहे पर स्थित बिरयानी दुकानदार के साथ मारपीट भी की गई है।”

मीडिया संस्थान टाइम्स नाउ ने ट्वीट कर लिखा, “बाराबंकी में बिरयानी को लेकर मचा बवाल। पुलिस वालों को बिरयानी में लेगपीस नहीं मिलने पर हुई दुकानदार से मारपीट।”

यूपी तक ने भी इसी तरह का दावा करते हुए ट्वीट किया, “बाराबंकी में बिरयानी के लेग पीस के लिए हुई जमकर मारपीट। दरअसल जिले के कोतवाली क्षेत्र का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें पुलिसवालों और बिरयानी वाले के बीच मारपीट हो रही है। आसपास के लोगों का आरोप है पुलिसवाले बिना पैसे के रोज बिरयानी खाते हैं।”

क्या है वायरल दावे का सच…

वायरल दावे की पड़ताल करते हुए ऑपइंडिया को बाराबंकी पुलिस के बयान की एक प्रति प्राप्त हुई। इस बयान के अनुसार, घटना बाराबंकी के पटेल तिराहे की है। यहाँ यातायात व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। चूँकि दुकानों के सामने वाहन खड़े होने से आने-जाने वालों को समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पुलिसकर्मी लोगों को रास्ते में वाहन खड़ा करने से रोकते हैं। बिरयानी दुकान के मालिक व उसके साथी इसको लेकर पहले भी आपत्ति जता चुके हैं।

इसी को लेकर बुधवार (12 अप्रैल 2023) को बिरयानी की दुकान के मालिक व उसके अन्य साथियों ने पुलिसकर्मी पर मुफ्त में बिरयानी खाने का झूठा आरोप लगाते हुए मारपीट की थी। इसके बाद, पुलिसकर्मी ने आरोपितों के खिलाफ कोतवाली नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित पुलिसकर्मी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जाँच शुरू की। जाँच में सामने आया कि पीड़ित पुलिसकर्मी शाकाहारी है। इसके बाद पुलिस ने आरोपितों को चिन्हित करते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान, दिलशाद, सहजाद, मुर्तजा और बिलाल के रूप में हुई। इस प्रकार ऑपइंडिया के फैक्ट-चेक में वायरल दावा पूरी तरह से झूठा पाया गया।