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’19 साल का लड़का देश के लिए खतरा कैसे?’: अतीक अहमद के बेटे के एनकाउंटर पर भड़के कपिल सिब्बल तो लोगों ने याद दिलाई कसाब की उम्र

पूर्व कॉन्ग्रेस नेता और वकील कपिल सिब्बल ने अतीक अहमद के बेटे असद के एनकाउंटर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिब्बल ने कहा है कि 19 साल का लड़का देश की सुरक्षा में खतरा कैसे हो सकता है? यही नहीं, कपिल सिब्बल ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप करने की भी अपील की। उनके इस बयान के बाद नेटिजेन्स उन्हें लताड़ लगाते दिखाई दे रहे हैं।

असद अहमद के एनकाउंटर को लेकर कपिल सिब्बल ने कहा है कि आखिर 19 साल का लड़का देश के लिए खतरा कैसे बन सकता है? सिब्बल ने आगे कहा कि अगर वो सच में खतरा था तो उसके पैर में गोली मारकर उसे पकड़ा जा सकता था और आगे की कार्रवाई की जा सकती थी। लेकिन उसे मारने की क्या जरूरत थी।

उन्होंने आगे कहा है एनकाउंटर दिखाता है कि पूरे कानूनी ढांचे में ही दिक्कत आ गई है। केवल एनकाउंटर ही नहीं, पूरी प्रक्रिया को फिर से देखने की जरूरत है। सुप्रीम को इस मामले में स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो यह सब ऐसे ही चलता रहेगा। सिब्बल ने आगे है कि उन्हें उम्मीद है सुप्रीम कोर्ट इन एनकाउंटर को देखते हुए कोई बड़ा संदेश देगा। देश में किसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उसे कितने समय तक जेल में रहना चाहिए। इसको लेकर कानून की पूरी प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सख्ती से तय किया जाना चाहिए।

कपिल सिब्बल के इस बयान के बाद से सोशल मीडिया पर लोग उन्हें फटकार लगाते हुए नजर आ रहे हैं। विक्रम गौड़ नामक यूजर ने कहा है, “कपिल सिब्बल जी, 2008 में अजमल कसाब 20-21 साल का था। आपके हिसाब से वह एक खतरा नहीं था?”

शिवम त्यागी नामक यूजर ने लिखा है, “कपिल सिब्बल साब पूछ रहे हैं कि क्या 19 साल का लड़का, असद अहमद, देश की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है? लगता है कपिल सिब्बल पिछले 55 दिन से सो रहे थे इसलिए उन्हें पता नहीं चला कि इसी 19 साल के लड़के ने दिन-दिहाड़े ताबड़तोड़ गोलियाँ मार कर एक गवाह और दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। पता नहीं यह वकालत क्या और कैसे करते होंगे?”

चौधरी साब नामक ट्विटर यूजर ने ट्वीट कर कहा, “इन्हीं कपिल सिब्बल ने आतंकी याकूब मेमन की फाँसी रुकवाने के लिए आधी रात को सुप्रीम कोर्ट खुलवा दिया था, इनसे देशभक्ति की आशा करना, अंधों के शहर में चश्मे बेचने की तरह है।”

एक अन्य यूजर ने ट्वीट करते हुए यह बताने की कोशिश की कि एनकाउंटर से कपिल सिब्बल का नुकसान हो गया है। इसलिए वह इस तरह की भाषा बोल रहे हैं। उसने लिखा, “अगर केस सुप्रीम कोर्ट में आता तो वकालत करने तो मिलती यही ना। यही दर्द हो रहा है कपिल सिब्बल जी को। कपिल सिब्बल जी का काफी नुकसान हो गया।”

काशी के पंडित नामक यूजर ने लिखा, “कपिल सिब्बल को लगता है केवल 52 साल का लड़का ही देश के लिए खतरा है।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “कपिल सिब्बल का बेटा थोड़ी मरा था वैसे भी कपिल सिब्बल तो कसाब को भी बचाना चाहता था।”

एक यूजर ने ट्वीट कर लिखा, “कपिल सिब्बल का कहना है कि 19 साल का असद देश और समाज के लिए खतरा कैसे हो सकता है? इसका जबाव ये है कि खतरा तो देश के लिए कपिल सिब्बल और कपिल सिब्बल जैसे लोग भी हैं।”

तुम्हारा आनंद नामक यूजर ने ट्वीट कर लिखा, “कपिल सिब्बल के लिए तो श्रीराम भी काल्पनिक थे और इस्लाम को मानने वाले शान्तिदूत दूध के धुले हैं। अतीक अहमद ने खुद अपने बयान में पाकिस्तान के साथ साठ गाँठ होने की बात स्वीकार की थी कपिल सिब्बल जी। हमें योगी आदित्यनाथ जी पर पूरा भरोसा है।”

एक यूजर ने फटकार लगाते हुए लिखा, “जब कोई अपना मरेगा तो पता चलेगा कपिल सिब्बल को। ये बात उमेश की विधवा पत्नी और बूढ़ी माँ से पूछो कि उसने उनके घर के सामने उनके बेटे को गोलियों से छलनी कर दिया।”

AMU के पार्क में मॉर्निंग वॉक कर रहा था सफ़दर अली, कुत्तों ने मार डाला: हाथ-पैर-पेट सब जगह नोचा, 10-12 की संख्या में थे

देश भर में कुत्तों के हमले की घटनाएँ बढ़ती जा रहीं हैं। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से सामने आया है। जहाँ पार्क में घूम रहे एक व्यक्ति को कुत्तों ने नोंच-नोंचकर मार डाला। मृतक की पहचान सफदर अली के रूप में हुई। घटना रविवार (16 अप्रैल, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सफदर अली नामक व्यक्ति सुबह करीब 6:30 बजे यूनिवर्सिटी के पार्क में मॉर्निंग वॉक करने आया था। जहाँ कुत्तों के एक झुंड ने उस पर हमला कर दिया। हमले के बाद वह गिर गया। इसके बाद कुत्तों ने उसके हाथ, पैर और पेट व अन्य अंगों को नोंचकर घायल कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में सफदर अली सफेद कपड़े में टहलते हुए दिखाई दे रहा है। कुत्ते चारों ओर से उसे घेर कर नोच रहे हैं। वहीं, सफदर अली खुद को बचाने के लिए हाथ पैर हिलाता दिखाई दे रहा है।

बताया जा रहा है कि सफदर अली स्थानीय सिविल लाइन थाना क्षेत्र का निवासी है। वह रोज की तरह पार्क में घूमने आया था। इसी दौरान कुत्तों के हमले से यह घटना हो गई। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के गार्ड ने उसके शव को देखकर पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जाँच शुरू की। जाँच के दौरान आसपास के CCTV खँगालने के बाद मामले की सच्चाई सामने आई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

इस घटना पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर मोहम्मद वसीम अली का कहना है कैंपस में एक शव पड़ा दिखाई दिया था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। यूनिवर्सिटी में लगे सीसीटीवी के फुटेज पुलिस को सौंपे गए हैं। वहीं, सिटी एसपी कुलदीप गुनावत का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के अनुसार कुत्ते के हमले से मौत हुई है। 10-12 कुत्तों ने हमला किया है। हालाँकि इसके बाद भी मौत के कारण जानने के लिए शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। शेष आवश्यक कार्रवाई भी की जा रही है।

‘मेन बात है कि गुड्डू मुस्लिम…’ – मरने से पहले अतीक के भाई अशरफ की अधूरी लाइन को पूरी कर रही जनता… ‘हम भी पेले गए थे तुम भी पेले जाओगे’

उमेश पाल हत्याकांड के बाद से फरार गुड्डू मुस्लिम लगातार मीडिया चर्चा में है। कल जब अतीक और अशरफ पर हमलावरों ने प्रयागराज में गोली चलाई उस समय अशरफ अपने गुर्गे गुड्डू मुस्लिम की ही बात कर रहा था।

वीडियो यदि देखें तो उसमें अशरफ आखिरी वाक्य कहता है, “मेन बात है कि गुड्डू मुस्लिम…” इसके बाद गोली चल जाती है। अब यही वीडियो शेयर करके लोग सोशल मीडिया पर पूछ रहे हैं कि आखिर अशरफ कहना क्या चाहता था। वहीं कुछ इसका अंदाजा लगा रहे कि कहना क्या होगा।

अशरफ की वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कई नेटिजन्स मजे भी ले रहे हैं। कोई कह रहा है अशरफ कहना चाहता था, ” (गुड्डू मुस्लिम) हम भी पेले गए थे तुम भी पेले जाओगे।”

वेलकम फिल्म का क्लिप शेयर करके कहा जा रहा है, “ये राज भी उसी (अशरफ) के साथ चला गया।”

एक मनमोहन भारती कहते हैं, “आखिर कहना क्या चाहते थे अतीक जी। कम से कम बात तो पूरी होने देते। निबटाने की ऐसी भी क्या जल्दी थी भाई।”

एक यूजर आगे लिखती है कि शायद अशरफ कह रहा था… ‘उसी (गुड्डू मुस्लिम) ने सब किया था, हम तो विधायक थे, मासूम हैं हम।’

गौरतलब है कि 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज मेडिकल कॉलेज में मेडिकल के लिए गए अतीक और उसके भाई अशरफ की तीन लोगों ने गोलियाँ मारकर हत्या कर दी। इन तीनों पर पहले से कई केसों में FIR दर्ज है। पुलिस इनसे आगे पूछताछ कर रही है। इनकी पहचान लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण के तौर पर हुई है। लवलेश के पिता ने उसे नशेड़ी कहा है। सनी सिंह के परिजनों ने कहा है कि उनका सनी से कोई मतलब नहीं है। वहीं अरुण के घर वालों ने भी कहा है कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है

अतीक अहमद के तीनों हत्यारों पर पहले से कई केस: किसी पर कॉन्स्टेबल की हत्या का आरोप तो किसी पर 17 FIR: परिजनों ने कहा – हमारा इनसे कोई रिश्ता नहीं

प्रयागराज में हुई अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद तीनों शूटरों के परिवार वालों के बयान सामने आ गए हैं। बांदा के रहने वाले लवलेश तिवारी के घर वालों ने काफी पहले से ही उनसे नाता तोड़ लेने की बात कही है। उन्होंने लवलेश को नशेड़ी बताया है। दूसरे शूटर हमीरपुर के सनी सिंह के परिजनों ने भी उनसे कोई रिश्ता न होने की जानकारी दी है। तीसरे शूटर अरुण के घर वालों ने भी मामले में किसी जानकारी होने से इनकार किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांदा जिले के लवलेश तिवारी के पिता ने अपने बेटे को नशे का आदी बताया है। उन्होंने कहा कि एक लम्बे समय से उनका अपने बेटे से कोई वास्ता नहीं है। लवलेश पर एक लड़की को थप्पड़ मारने का भी केस चल रहा है। लवलेश के पिता यज्ञ तिवारी ने पुलिस की जाँच में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिया है। लवलेश की माँ ने अपने बेटे को बजरंग बली का भक्त और दूसरों का मददगार बताया है। भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने भी मीडिया से लवलेश के पिता को बेवजह तंग न करने की अपील की है।

दूसरा शूटर अरुण मौर्य मूल रूप से कासगंज के बघेला पुख्ता का का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि पूर्व में उस पर एक GRP कॉन्स्टेबल की हत्या का आरोप है। अरुण के घर में एक बूढ़ी माँ है जिसे घटना के बारे में कुछ भी नहीं पता। घर के रूप में महज एक झोपडी है जिस पर छत भी नहीं है। फ़िलहाल पुलिस अरुण से पूछताछ कर रही है।

अतीक अहमद और अशरफ की हत्या केस में तीसरे शूटर का नाम सनी सिंह है। सनी सिंह हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है, जिस पर पहले से ही 17 केस दर्ज हैं। वह हमीरपुर जिले के कुरारा का रहने वाला है। सनी का नोएडा क्षेत्र के बड़े माफिया सुंदर भाटी से भी पुराना रिश्ता बताया जा रहा है। सनी के भाई और पिता की मौत हो चुकी है और माँ मायके में रहती है। सनी अपराध की दुनिया में 10 साल से एक्टिव बताया जा रहा है। फ़िलहाल पुलिस उसके बाकी नेटवर्क को खंगाल रही है।

सनी सिंह की क्राइम हिस्ट्री:

मरने से पहले अतीक अहमद के भाई ने लिया जिसका नाम, गिरफ्तार हो गया वो गुड्डू मुस्लिम? महाराष्ट्र पुलिस ने बताई पूरी बात

यूपी पुलिस की STF ने बमबाज गुड्डू मुस्लिम को गिरफ्तार कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट में ऐसी खबरें आई थीं। शुरू में हमने भी उसी आधार पर खबर बनाई। महाराष्ट्र की पुलिस ने इस मामले को लेकर जो कंफ्यूजन था, उसे दूर कर दिया है। गुड्डू मुस्लिम को महाराष्ट्र के नासिक से गिरफ्तार नहीं किया गया है, यह खबर स्थानीय पुलिस ने दी है।

मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा था कि गुड्डू मुस्लिम की तलाश में उत्तर प्रदेश की एसटीएफ महाराष्ट्र के नासिक गई है। रिपोर्ट के अनुसार यूपी पुलिस को गुड्डू मुस्लिम के नासिक में छिपे होने की जानकारी मिली थी। वहाँ पहुँच कर यूपी एसटीएफ ने गुड्डू मुस्लिम को गिरफ्तार भी कर लिया, मीडिया ने यह चला भी दिया था।

अब महाराष्ट्र की पुलिस ने इस मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। स्थानीय पुलिस के अनुसार जिस शख्स को लेकर मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा था, वो एक होटल में वेटर है गुड्डू मुस्लिम नहीं। होटल में किससे पूछताछ किया गया, इस सवाल पर नासिक पुलिस ने बताया कि वह गुड्डू मुस्लिम नहीं है, होटल में सिर्फ एक वेटर है।

बता दें कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद सामने आए सीसीटीवी वीडियो में बमबाज गुड्डू मुस्लिम का चेहरा भी दिखा था। ये भी जानने वाली बात है कि जब अतीक अहमद और उसके भाई की हत्या हुई, उससे ठीक पहले उसका भाई अशरफ गुड्डू मुस्लिम का ही नाम ले रहा था। बात पूरी करने से पहले ही दोनों भाइयों की हत्या कर दी गई।

गुड्डू मुस्लिम पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित है। वो इस पूरे मामले को सुलझाने में पुलिस के सामने एक अहम कड़ी शामिल हो सकता है। उधर अब सामने आया है कि शौहर और देवर के जनाजे और उन्हें दफ़न किए जाने के बाद बीवी शाइस्ता परवीन भी पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करेगी। इस मामले में वो भी आरोपित है। फॉरेंसिक टीम ने सैम्पल ले लिए हैं और अतीक-अशरफ के लिए कब्र भी खोद दी गई है। सीएम योगी ने अधिकारियों को हर दो घंटे में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रकरण के अलावा अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। गुड्डू मुस्लिम के बारे में बता दें कि वो पुराना हिस्ट्रीशीटर है। वो गोली नहीं, बल्कि बम मार कर हत्या करता था। लखनऊ के नाका इलाके में भी उसने बम मार कर एक हत्याकांड को अंजाम दिया था, जिसके बाद वो जेल भी गया था। लखनऊ के पीटर गोम्स हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था। उत्तर प्रदेश के कई माफियाओं के साथ उसके संबंध रहे हैं।

गुड्डू मुस्लिम की तलाश के लिए यूपी STF की 10 टीमें लगी हुई थीं। बता दें कि लाइव कैमरे के सामने जैसे ही अशरफ ने कहा था, ‘मेन बात ये है कि गुड्डू मुस्लिम…’ तभी उसके बगल में खड़े अतीक अहमद को हमलावरों ने सिर से सटाकर गोली मार दी। फिर अशरफ की भी हत्या हो गई। इलाहाबाद का गुड्डू मुस्लिम लखनऊ में बाहुबलियों अभय सिंह और धनंजय सिंह के संपर्क में आकर बड़ा अपराधी बना था। हालाँकि, इससे पहले से वो अपराध करता रहा था। वो श्रीप्रकाश शुक्ल और ISI के भी संपर्क में रहा है।

मरे बेटे का मुँह तक नहीं देख पाई… शौहर अतीक अहमद के जनाजे में होगी शामिल: क्या करेगी फरार शाइस्ता परवीन?

अतीक और अशरफ की प्रयागराज में हुई हत्या के बाद अब शाइस्ता परवीन की गिरफ्तारी या सरेंडर पर सस्पेंस गहरा गया है। माना जा रहा है कि शाइस्ता जल्द ही किसी जिले की कचेहरी में सरेंडर कर सकती हैं। इस खबर के बाद पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है।

अपने अब्बू और चाचू की मौत की खबर सुन कर जेल में बंद अतीक अहमद के बेटे के बेहोश होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस ने एहतियातन पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू करते हुए संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है।

शाइस्ता परवीन उमेश पाल हत्याकांड में मुख्य आरोपित के तौर पर नामजद हैं। बताया जा रहा है कि अतीक और अशरफ के जेल में रहने के दौरान शाइस्ता ने ही पूरी गैंग की कमान संभाली थी। फिलहाल पुलिस उनकी तलाश कर रही है। शाइस्ता के सरेंडर करने की खबरों के बीच पुलिस ने अदालतों के आस-पास चौकसी बढ़ा दी है।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक अपने अब्बा और चचाजान की मौत के बाद लखनऊ जेल में बंद अतीक का बेटा उमर अहमद बेहोश हो गया। एक दिन पहले ही उसने अपने भाई के एनकाउंटर की खबर सुनी थी। उमर पर एक प्रॉपर्टी डीलर का अपहरण और उसके साथ मारपीट का केस दर्ज है। पुलिस ने उस पर 2 लाख रुपए का इनाम भी रखा था लेकिन बाद में उसने सीबीआई कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।

अतीक अहमद के कुल 5 बेटे थे, जिसमें से 4 पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। असद के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद बचे 4 बेटों में उमर लखनऊ जेल में बंद है। अतीक का एक अन्य बेटा मोहम्मद अली भी जेल में बंद है। इन सभी के अलावा 2 अन्य बेटे मोहम्मद आबान और मोहम्मद अहजम हैं, ये दोनों नाबालिग हैं और इन्हें बाल संरक्षण गृह में रखा गया है।

अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लगा दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास की सुरक्षा में भी इजाफा किया गया है। देर रात चली उच्चस्तरीय मीटिंग में योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को कड़ी चौकसी और कानून-व्यवस्था सामान्य रखने के निर्देश दिए हैं।

अतीक अहमद… मायावती के CM बनने से ठीक एक दिन पहले उनको मार देता: गेस्ट हाउस कांड की कहानी

उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन अतीक अहमद की कहानी कल (15 अप्रैल 2023) सरेआम खत्म हो गई। दशकों तक लोगों के जहन में डर पैदा करने वाले अतीक को हमलावरों ने पुलिस और मीडिया दोनों के सामने मौत के घाट उतारा। उसके सीधे भेजे में गोली दागी गई जिसके बाद अतीक फौरन जमीन पर ढेर हो गया।

अतीक ने 44 साल तक अपना आतंक फैलाया था। 17 साल की उम्र में तो उसके ऊपर हत्या का आरोप लग चुका था। इसके अलावा रंगदारी वसूली उसके लिए सामान्य चीजें थी। उसकी खतरनाक हिस्ट्रीशीट होने के बावजूद पिछली सरकारों में उसे राजनैतिक संरक्षण मिला।

गेस्ट हाउस हत्याकांड

इसी संरक्षण का नतीजा था कि वह 1995 के गेस्ट हाउस कांड में मायावती पर हमला करने से भी नहीं चूँका। इस संबंध में तो मायावती ने माफिया अतीक का नाम कई बार मंचों से भी लिया। उन्होंने बताया कि अतीक ने ही उन्हें मारने की साजिश रची थी। कहा जाता है कि अगर मायावती के साथ उस दिन दो कनिष्ठ पुलिस अधिकारी नहीं होते तो गेस्ट हाउस में घुसी भीड़ कुछ भी कर सकती थी। घटना के अगले दिन मायावती ने प्रदेश की सीएम के तौर पर शपथ ली थी।

राजू पाल हत्याकांड के बाद बढ़ी मुश्किलें

अतीक के राजनैतिक करियर की बात करें तो उसकी शुरुआत 1989 से हुई थी। वो कभी निर्दलीय, कभी सपा और कभी अपना दल से चुनावी मैदान में उतरा और इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा से 5 बार विधायक व 2004 में फूलपुर से सांसद बना।

जब उसके सांसद बनने पर इलाहाबाद वाली विधायक की सीट खाली हुई तो उसने अपनी ताकत का इस्तेमाल करके अपने भाई अशरफ को विधायकी लड़वाई। हालाँकि, राजू पाल से मुँह की खाने के बाद दोनों भाई बिदक गए और कुछ ही दिन में एमएलए राजू की हत्या करवा दी गई। उमेश पाल जिन्हें अतीक के गुर्गों ने फरवरी 2023 में मौत के घाट उतारा, वो इसी केस के गवाह थे। उन्हीं की गवाही पर अतीक अहमद समेत सभी आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई थी।

बसपा ने खुंदस में कसी अतीक पर नकेल, योगी सरकार ने डर निकाला

2005 में हुई एमएलए राजू की हत्या से पहले अतीक का नाम लखनऊ के चर्चित गेस्ट हाउस कांड में आया था। अतीक इस कांड का मुख्य आरोपित था। उस पर गेस्ट हाउस कांड की साजिश रचने का आरोप था। सीएम बनने के बाद मायावती ने उसे लंबे समय तक माफ नहीं किया था। जब-जब मायावती की सरकार आई उन्होंने अतीक पर एक्शन लिया। माफिया के खिलाफ शिकंजा कसना, उसकी संपत्तियों पर कार्रवाई होना बसपा काल में शुरू हो गया था।

हालाँकि अतीक का जो डर गायब करने का काम था वो 2017 के बाद हुआ, जब योगी सरकार आई और माफियाओं के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर प्रतिबद्ध दिखी। अतीक 2019 के बाद से लगातार सलाखों के पीछे रहा। वहीं 2005 के राजू पाल हत्याकांड में 2022 में जाकर आरोप तय हुए।

बसपा में शामिल अतीक का परिवार

इस दौरान अतीक के साथ मायावती की नाराजगी भी हल्की होती दिखी। खुद बसपा प्रमुख ने आगे आकर उसके परिवार को संरक्षण दे दिया। 6 जनवरी 2023 को अतीक का परिवार बसपा में शामिल हुआ। बताया जाता है कि मायावती के निर्देश पर अतीक का परिवार बसपा के साथ जुड़ा था। जिसके कुछ समय बाद बसपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य घनश्याम चंद्र खरवार ने शाइस्ता परवीन को प्रयागराज से मेयर का अपना प्रत्याशी भी बना दिया।

मिट्टी में मिला अहमद खानदान

इससे पहले बसपा के साथ अतीक के परिवार का करियर फिर फलता-फूलता उन्होंने उमेश पाल हत्याकांड अंजाम दे दिया और फिर योगी सरकार ने विधानसभा में माफियाओं को मिट्टी में मिलाने का अभियान शुरू किया। हत्याकांड के कुछ दिन बाद ही अतीक के गुर्गे मारे जा चुके थे। अतीक की भी हालत पस्त थी। उसने पुलिस के सामने अपने आतंकी कनेक्शन खोलने शुरू कर दिए थे। पुलिस को बताने लगा था कि कैसे वो डी कंपनी से हथियार मंगाता था, लश्कर से उसके संबंध थे… मगर तभी असद का एनकाउंटर हो गया और खबर सुनते ही अतीक टूट गया।

इसके बाद अतीक ने फिर हेकड़ी दिखाई और यूपी एसटीएफ के अधिकारियों को धमकी दी कि वो जेल से निकलने के बाद बताएगा। हालाँकि इस धमकी के एक दिन बाद ही उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसके साथ उसके 44 साल पुराने आतंक का भी अंत हो गया जो उसने 1979 में अमीर बनने की लालच में शुरू किया था।

उसके अब्बा टांगा चालक थे लेकिन उसमें अमीर होने का ऐसा भूत था कि वो उसने न कभी वसूली करने से पहले कुछ सोचा और न हत्याएँ करवाते टाइम। रिपोर्ट्स की मानें तो अतीक पर 101 से ज्यादा मामले दर्ज थे। इनमें राजूपाल हत्याकांड और गेस्ट हाउस हत्याकांड सबसे चर्चित थे। राजूपाल को मारकर अतीक-अशरफ फूले नहीं थे लेकिन आज यही केस है जिनके कारण अतीक, उसका भाई, बेटा, गुर्गे मिट्टी में मिले। वहीं माफिया की हत्या के पीछे का कारण क्या है ये जाँचने में पुलिस अब भी जुटी है।

अतीक अहमद की मौत के बाद अब उसके समर्थकों का आतंक: घरों की छतों से पुलिस पर पत्थरबाजी, तोड़ डाले SBI और HDFC के ATM

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में पुलिस पर पत्थरबाजी की खबर है। बताया जा रहा है कि रविवार (16 अप्रैल 2023) को यह पथराव चकिया इलाके में हुआ है, जहाँ अतीक अहमद का घर है। पत्थरबाजी की वजह एक दिन पहले हुई माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या को बताया जा रहा। पुलिस ने हालत पर काबू करने के लिए आवश्यक बल प्रयोग किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मौके पर अतिरिक्त पुलिस फ़ोर्स को भेजा गया है। इलाके में इंटरनेट सेवाएँ बाधित हैं और धारा 144 लागू है। इसी क्षेत्र से अशरफ भी विधायक रह चुका है। अतीक अहमद के नाम के साथ भी चकिया जोड़ा जाता था और स्थानीय लोग उसे अतीक चकिया कहा करते थे। हमलावरों को अतीक और अशरफ का समर्थक माना जा रहा है। यह पत्थरबाजी चकिया इलाके में बने घरों की छतों से हो रही है।

बताया यह भी जा रहा है कि प्रयागराज के पश्चिमी क्षेत्र में स्टेट बैंक और HDFC के एक ATM मशीन में भी उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की है। इन सभी के अलावा राजरूपपुर इलाके में जिस बाल संरक्षण गृह में अतीक का बेटा बंद है, वहाँ भी भारी भीड़ जमा होकर नारेबाजी कर रही है। कुछ स्थानों पर आगजनी की भी खबर है। हालात को काबू करने के लिए भारी पुलिस बल रवाना कर दिया गया है।

गौरतलब है कि कुछ देर बाद अतीक और उसके भाई अशरफ को चकिया इलाके के कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा।

अतीक अहमद की हत्या में अब्दुल के बाइक का कनेक्शन: जमीन हड़पने और मर्डर से नाराज थे शूटर – मीडिया रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में 15 अप्रैल 2023 (शनिवार) को माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मार कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में लवलेश तिवारी, अरुण मौर्य और सनी नाम के शूटरों को गिरफ्तार किया है। लवलेश मूलतः बाँदा जिले, अरुण मौर्य हमीरपुर और सनी कासगंज का रहने वाला है। अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में आरोपितों द्वारा अतीक व अशरफ को मारने की वजह को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं।

लोगों को परेशान करते थे दोनों भाई इसलिए मारा

दैनिक जागरण में प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शुरुआती पूछताछ में तीनों आरोपितों ने अतीक और अशरफ की हत्या की वजह उनके द्वारा बनाया गया आतंक का माहौल बताया है। बताया जा रहा है कि पहले तो तीनों ने पुलिस को अलग-अलग बयान दिए। हालाँकि बाद में सबने एक साथ अतीक और अशरफ द्वारा लोगों की हत्याएँ करवाना, जमीनें क़ब्ज़ाना और गवाहों को मार डालने जैसी हरकतों से खुद को गुस्से में बताया। शरुआती जानकारी में यह भी सामने आया है कि तीनों आरोपितों पहले भी अलग-अलग मामलों में जेल जा चुके हैं।

रिश्तेदार की हत्या का लिया बदला

टाइम्स नाउ नवभारत की एक रिपोर्ट के मुताबिक अतीक ने कुछ समय पहले अपनी हत्या में शामिल रहे एक शूटर के रिश्तेदार की हत्या करवाई थी। अतीक व उसके भाई की शूटर द्वारा साथियों सहित हत्या इसी कत्ल का इंतकाम बताया जा रहा है। हालाँकि तीनों शूटरों में किस शूटर के रिश्तेदार को अतीक ने मरवाया था, इसकी जानकारी अभी तक सार्वजानिक नहीं की गई है।

इस मामले में पुलिस की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि आज दोपहर बाद पूरे घटनाक्रम पर पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती है। इन तमाम दावों की सच्चाई से पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेस के बाद पर्दा उठ सकता है।

अब्दुल के नाम से थी बाइक

हमलावरों के 3 दिनों से लगातार अस्पताल की रेकी किए जाने की बात सामने आ रही है। शूटरों के पास से कुल 5 पिस्टल और एक बाइक बरामद की गई है। इस बाइक का नंबर UP 70 M 7337 है। पुलिस को शक है कि इस बाइक में फर्जी नंबर प्लेट का प्रयोग किया गया है।

बाइक के असली मालिकों तक पुलिस पहुँचने का प्रयास कर रही है। ये नंबर किसी अब्दुल मन्नान का है, लेकिन इस नंबर की असल बाइक पल्सर के बजाय बजाज CT 100 दर्ज है। वहीं तीनों शूटरों के घर वालों से भी पुलिस पूछताछ की तैयारी में जुटी है।

‘सड़क किनारे पड़ा मिलब…एनकाउंटर होगा या कोई मार देगा’ : अतीक अहमद जानता था अपना हश्र, 19 साल पहले ही बता दिया था कैसे होगा अंत

प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद माफिया डॉन का एक पुराना बयान मीडिया में सामने आया है। इस बयान में उसने बताया हुआ है कि वो सामान्य मौत नहीं मरने वाला या तो पुलिस उसका एनकाउंटर करेगी या फिर उसे कोई मार देगा।

अतीक ने खुद को लेकर भविष्यवाणी 2004 में अपने संसदीय क्षेत्र फूलपुर में कैंपेनिंग के दौरान की थी। आज ये भविष्यवाणी सच हो गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अतीक ने तब कहा था, “या तो मेरा एनकाउंटर होगा, या पुलिस मारेगी या फिर कोई अपनी ही बिरादरी का सिरफिरा मारेगा। हम सड़क किनारे पड़े मिलब।”

इसी तरह रिपोर्ट् में एक और बैठक का जिक्र है जब अतीक से उसके अंत के बारे में पूछा गया था। उस समय भी अतीक ने मान ही लिया था कि वो अपराधी है और उसका अंत सामान्य नहीं होगा। उसने कहा था, “सबको पता होता है कि अंजाम क्या होना है। कब तक टाला जा सकता है ये इसकी जद्दोजहद है।”

बता दें कि अतीक अहमद ने फूलपुर संसदीय क्षेत्र से लड़ने पर भी एक दफा बयान दिया था। ये वही क्षेत्र है जिसका प्रतिनिधि कभी भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने किया था। ऐसे में अतीक ने कहा था, “पंडित जी की तरह हम नैनी जेल में भी रहे हैं। वो किताब लिखे थे वहाँ और हमें अपनी हिस्ट्रीशीट की वजह से जाना पड़ा था।”

उल्लेखनीय है कि 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी गई। दोनों को प्रयागराज मेडिकल कॉलेज के पास गोली मारी गई। घटना के बाद दोनों भाइयों का शव एक किनारे खून से लथपथ पड़े दिखाई दिए।

घटना मीडिया के सामने घटी इसलिए विजुअल्स आने भी समय नहीं लगा। मीडिया अशरफ से बात कर ही रहा था कि तभी पहले अतीक के भेजे में गोली दागी गई और उसके बाद अशरफ को मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस ने तीन आरोपितों को इस संबंध में मौके से गिरफ्तार किया। जबकि पुलिस की लापरवाही के कारण घटी इस घटना पर प्रशासन ने कई पुलिसकर्मी सस्सपेंड किए। कहा जा रहा है कि जिन लोगों ने अतीक को मारा उनमें से एक के रिश्तेदार को अतीक ने कभी मरवाया था।