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मरे बेटे का मुँह तक नहीं देख पाई… शौहर अतीक अहमद के जनाजे में होगी शामिल: क्या करेगी फरार शाइस्ता परवीन?

अतीक और अशरफ की प्रयागराज में हुई हत्या के बाद अब शाइस्ता परवीन की गिरफ्तारी या सरेंडर पर सस्पेंस गहरा गया है। माना जा रहा है कि शाइस्ता जल्द ही किसी जिले की कचेहरी में सरेंडर कर सकती हैं। इस खबर के बाद पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है।

अपने अब्बू और चाचू की मौत की खबर सुन कर जेल में बंद अतीक अहमद के बेटे के बेहोश होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस ने एहतियातन पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू करते हुए संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है।

शाइस्ता परवीन उमेश पाल हत्याकांड में मुख्य आरोपित के तौर पर नामजद हैं। बताया जा रहा है कि अतीक और अशरफ के जेल में रहने के दौरान शाइस्ता ने ही पूरी गैंग की कमान संभाली थी। फिलहाल पुलिस उनकी तलाश कर रही है। शाइस्ता के सरेंडर करने की खबरों के बीच पुलिस ने अदालतों के आस-पास चौकसी बढ़ा दी है।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक अपने अब्बा और चचाजान की मौत के बाद लखनऊ जेल में बंद अतीक का बेटा उमर अहमद बेहोश हो गया। एक दिन पहले ही उसने अपने भाई के एनकाउंटर की खबर सुनी थी। उमर पर एक प्रॉपर्टी डीलर का अपहरण और उसके साथ मारपीट का केस दर्ज है। पुलिस ने उस पर 2 लाख रुपए का इनाम भी रखा था लेकिन बाद में उसने सीबीआई कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।

अतीक अहमद के कुल 5 बेटे थे, जिसमें से 4 पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। असद के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद बचे 4 बेटों में उमर लखनऊ जेल में बंद है। अतीक का एक अन्य बेटा मोहम्मद अली भी जेल में बंद है। इन सभी के अलावा 2 अन्य बेटे मोहम्मद आबान और मोहम्मद अहजम हैं, ये दोनों नाबालिग हैं और इन्हें बाल संरक्षण गृह में रखा गया है।

अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लगा दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास की सुरक्षा में भी इजाफा किया गया है। देर रात चली उच्चस्तरीय मीटिंग में योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को कड़ी चौकसी और कानून-व्यवस्था सामान्य रखने के निर्देश दिए हैं।

अतीक अहमद… मायावती के CM बनने से ठीक एक दिन पहले उनको मार देता: गेस्ट हाउस कांड की कहानी

उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन अतीक अहमद की कहानी कल (15 अप्रैल 2023) सरेआम खत्म हो गई। दशकों तक लोगों के जहन में डर पैदा करने वाले अतीक को हमलावरों ने पुलिस और मीडिया दोनों के सामने मौत के घाट उतारा। उसके सीधे भेजे में गोली दागी गई जिसके बाद अतीक फौरन जमीन पर ढेर हो गया।

अतीक ने 44 साल तक अपना आतंक फैलाया था। 17 साल की उम्र में तो उसके ऊपर हत्या का आरोप लग चुका था। इसके अलावा रंगदारी वसूली उसके लिए सामान्य चीजें थी। उसकी खतरनाक हिस्ट्रीशीट होने के बावजूद पिछली सरकारों में उसे राजनैतिक संरक्षण मिला।

गेस्ट हाउस हत्याकांड

इसी संरक्षण का नतीजा था कि वह 1995 के गेस्ट हाउस कांड में मायावती पर हमला करने से भी नहीं चूँका। इस संबंध में तो मायावती ने माफिया अतीक का नाम कई बार मंचों से भी लिया। उन्होंने बताया कि अतीक ने ही उन्हें मारने की साजिश रची थी। कहा जाता है कि अगर मायावती के साथ उस दिन दो कनिष्ठ पुलिस अधिकारी नहीं होते तो गेस्ट हाउस में घुसी भीड़ कुछ भी कर सकती थी। घटना के अगले दिन मायावती ने प्रदेश की सीएम के तौर पर शपथ ली थी।

राजू पाल हत्याकांड के बाद बढ़ी मुश्किलें

अतीक के राजनैतिक करियर की बात करें तो उसकी शुरुआत 1989 से हुई थी। वो कभी निर्दलीय, कभी सपा और कभी अपना दल से चुनावी मैदान में उतरा और इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा से 5 बार विधायक व 2004 में फूलपुर से सांसद बना

जब उसके सांसद बनने पर इलाहाबाद वाली विधायक की सीट खाली हुई तो उसने अपनी ताकत का इस्तेमाल करके अपने भाई अशरफ को विधायकी लड़वाई। हालाँकि, राजू पाल से मुँह की खाने के बाद दोनों भाई बिदक गए और कुछ ही दिन में एमएलए राजू की हत्या करवा दी गई। उमेश पाल जिन्हें अतीक के गुर्गों ने फरवरी 2023 में मौत के घाट उतारा, वो इसी केस के गवाह थे। उन्हीं की गवाही पर अतीक अहमद समेत सभी आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई थी।

बसपा ने खुंदस में कसी अतीक पर नकेल, योगी सरकार ने डर निकाला

2005 में हुई एमएलए राजू की हत्या से पहले अतीक का नाम लखनऊ के चर्चित गेस्ट हाउस कांड में आया था। अतीक इस कांड का मुख्य आरोपित था। उस पर गेस्ट हाउस कांड की साजिश रचने का आरोप था। सीएम बनने के बाद मायावती ने उसे लंबे समय तक माफ नहीं किया था। जब-जब मायावती की सरकार आई उन्होंने अतीक पर एक्शन लिया। माफिया के खिलाफ शिकंजा कसना, उसकी संपत्तियों पर कार्रवाई होना बसपा काल में शुरू हो गया था।

हालाँकि अतीक का जो डर गायब करने का काम था वो 2017 के बाद हुआ, जब योगी सरकार आई और माफियाओं के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर प्रतिबद्ध दिखी। अतीक 2019 के बाद से लगातार सलाखों के पीछे रहा। वहीं 2005 के राजू पाल हत्याकांड में 2022 में जाकर आरोप तय हुए।

बसपा में शामिल अतीक का परिवार

इस दौरान अतीक के साथ मायावती की नाराजगी भी हल्की होती दिखी। खुद बसपा प्रमुख ने आगे आकर उसके परिवार को संरक्षण दे दिया। 6 जनवरी 2023 को अतीक का परिवार बसपा में शामिल हुआ। बताया जाता है कि मायावती के निर्देश पर अतीक का परिवार बसपा के साथ जुड़ा था। जिसके कुछ समय बाद बसपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य घनश्याम चंद्र खरवार ने शाइस्ता परवीन को प्रयागराज से मेयर का अपना प्रत्याशी भी बना दिया

मिट्टी में मिला अहमद खानदान

इससे पहले बसपा के साथ अतीक के परिवार का करियर फिर फलता-फूलता उन्होंने उमेश पाल हत्याकांड अंजाम दे दिया और फिर योगी सरकार ने विधानसभा में माफियाओं को मिट्टी में मिलाने का अभियान शुरू किया। हत्याकांड के कुछ दिन बाद ही अतीक के गुर्गे मारे जा चुके थे। अतीक की भी हालत पस्त थी। उसने पुलिस के सामने अपने आतंकी कनेक्शन खोलने शुरू कर दिए थे। पुलिस को बताने लगा था कि कैसे वो डी कंपनी से हथियार मंगाता था, लश्कर से उसके संबंध थे… मगर तभी असद का एनकाउंटर हो गया और खबर सुनते ही अतीक टूट गया।

इसके बाद अतीक ने फिर हेकड़ी दिखाई और यूपी एसटीएफ के अधिकारियों को धमकी दी कि वो जेल से निकलने के बाद बताएगा। हालाँकि इस धमकी के एक दिन बाद ही उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसके साथ उसके 44 साल पुराने आतंक का भी अंत हो गया जो उसने 1979 में अमीर बनने की लालच में शुरू किया था।

उसके अब्बा टांगा चालक थे लेकिन उसमें अमीर होने का ऐसा भूत था कि वो उसने न कभी वसूली करने से पहले कुछ सोचा और न हत्याएँ करवाते टाइम। रिपोर्ट्स की मानें तो अतीक पर 101 से ज्यादा मामले दर्ज थे। इनमें राजूपाल हत्याकांड और गेस्ट हाउस हत्याकांड सबसे चर्चित थे। राजूपाल को मारकर अतीक-अशरफ फूले नहीं थे लेकिन आज यही केस है जिनके कारण अतीक, उसका भाई, बेटा, गुर्गे मिट्टी में मिले। वहीं माफिया की हत्या के पीछे का कारण क्या है ये जाँचने में पुलिस अब भी जुटी है।

अतीक अहमद की मौत के बाद अब उसके समर्थकों का आतंक: घरों की छतों से पुलिस पर पत्थरबाजी, तोड़ डाले SBI और HDFC के ATM

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में पुलिस पर पत्थरबाजी की खबर है। बताया जा रहा है कि रविवार (16 अप्रैल 2023) को यह पथराव चकिया इलाके में हुआ है, जहाँ अतीक अहमद का घर है। पत्थरबाजी की वजह एक दिन पहले हुई माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या को बताया जा रहा। पुलिस ने हालत पर काबू करने के लिए आवश्यक बल प्रयोग किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मौके पर अतिरिक्त पुलिस फ़ोर्स को भेजा गया है। इलाके में इंटरनेट सेवाएँ बाधित हैं और धारा 144 लागू है। इसी क्षेत्र से अशरफ भी विधायक रह चुका है। अतीक अहमद के नाम के साथ भी चकिया जोड़ा जाता था और स्थानीय लोग उसे अतीक चकिया कहा करते थे। हमलावरों को अतीक और अशरफ का समर्थक माना जा रहा है। यह पत्थरबाजी चकिया इलाके में बने घरों की छतों से हो रही है।

बताया यह भी जा रहा है कि प्रयागराज के पश्चिमी क्षेत्र में स्टेट बैंक और HDFC के एक ATM मशीन में भी उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की है। इन सभी के अलावा राजरूपपुर इलाके में जिस बाल संरक्षण गृह में अतीक का बेटा बंद है, वहाँ भी भारी भीड़ जमा होकर नारेबाजी कर रही है। कुछ स्थानों पर आगजनी की भी खबर है। हालात को काबू करने के लिए भारी पुलिस बल रवाना कर दिया गया है।

गौरतलब है कि कुछ देर बाद अतीक और उसके भाई अशरफ को चकिया इलाके के कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा।

अतीक अहमद की हत्या में अब्दुल के बाइक का कनेक्शन: जमीन हड़पने और मर्डर से नाराज थे शूटर – मीडिया रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में 15 अप्रैल 2023 (शनिवार) को माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मार कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में लवलेश तिवारी, अरुण मौर्य और सनी नाम के शूटरों को गिरफ्तार किया है। लवलेश मूलतः बाँदा जिले, अरुण मौर्य हमीरपुर और सनी कासगंज का रहने वाला है। अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में आरोपितों द्वारा अतीक व अशरफ को मारने की वजह को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं।

लोगों को परेशान करते थे दोनों भाई इसलिए मारा

दैनिक जागरण में प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शुरुआती पूछताछ में तीनों आरोपितों ने अतीक और अशरफ की हत्या की वजह उनके द्वारा बनाया गया आतंक का माहौल बताया है। बताया जा रहा है कि पहले तो तीनों ने पुलिस को अलग-अलग बयान दिए। हालाँकि बाद में सबने एक साथ अतीक और अशरफ द्वारा लोगों की हत्याएँ करवाना, जमीनें क़ब्ज़ाना और गवाहों को मार डालने जैसी हरकतों से खुद को गुस्से में बताया। शरुआती जानकारी में यह भी सामने आया है कि तीनों आरोपितों पहले भी अलग-अलग मामलों में जेल जा चुके हैं।

रिश्तेदार की हत्या का लिया बदला

टाइम्स नाउ नवभारत की एक रिपोर्ट के मुताबिक अतीक ने कुछ समय पहले अपनी हत्या में शामिल रहे एक शूटर के रिश्तेदार की हत्या करवाई थी। अतीक व उसके भाई की शूटर द्वारा साथियों सहित हत्या इसी कत्ल का इंतकाम बताया जा रहा है। हालाँकि तीनों शूटरों में किस शूटर के रिश्तेदार को अतीक ने मरवाया था, इसकी जानकारी अभी तक सार्वजानिक नहीं की गई है।

इस मामले में पुलिस की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि आज दोपहर बाद पूरे घटनाक्रम पर पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती है। इन तमाम दावों की सच्चाई से पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेस के बाद पर्दा उठ सकता है।

अब्दुल के नाम से थी बाइक

हमलावरों के 3 दिनों से लगातार अस्पताल की रेकी किए जाने की बात सामने आ रही है। शूटरों के पास से कुल 5 पिस्टल और एक बाइक बरामद की गई है। इस बाइक का नंबर UP 70 M 7337 है। पुलिस को शक है कि इस बाइक में फर्जी नंबर प्लेट का प्रयोग किया गया है।

बाइक के असली मालिकों तक पुलिस पहुँचने का प्रयास कर रही है। ये नंबर किसी अब्दुल मन्नान का है, लेकिन इस नंबर की असल बाइक पल्सर के बजाय बजाज CT 100 दर्ज है। वहीं तीनों शूटरों के घर वालों से भी पुलिस पूछताछ की तैयारी में जुटी है।

‘सड़क किनारे पड़ा मिलब…एनकाउंटर होगा या कोई मार देगा’ : अतीक अहमद जानता था अपना हश्र, 19 साल पहले ही बता दिया था कैसे होगा अंत

प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद माफिया डॉन का एक पुराना बयान मीडिया में सामने आया है। इस बयान में उसने बताया हुआ है कि वो सामान्य मौत नहीं मरने वाला या तो पुलिस उसका एनकाउंटर करेगी या फिर उसे कोई मार देगा।

अतीक ने खुद को लेकर भविष्यवाणी 2004 में अपने संसदीय क्षेत्र फूलपुर में कैंपेनिंग के दौरान की थी। आज ये भविष्यवाणी सच हो गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अतीक ने तब कहा था, “या तो मेरा एनकाउंटर होगा, या पुलिस मारेगी या फिर कोई अपनी ही बिरादरी का सिरफिरा मारेगा। हम सड़क किनारे पड़े मिलब।”

इसी तरह रिपोर्ट् में एक और बैठक का जिक्र है जब अतीक से उसके अंत के बारे में पूछा गया था। उस समय भी अतीक ने मान ही लिया था कि वो अपराधी है और उसका अंत सामान्य नहीं होगा। उसने कहा था, “सबको पता होता है कि अंजाम क्या होना है। कब तक टाला जा सकता है ये इसकी जद्दोजहद है।”

बता दें कि अतीक अहमद ने फूलपुर संसदीय क्षेत्र से लड़ने पर भी एक दफा बयान दिया था। ये वही क्षेत्र है जिसका प्रतिनिधि कभी भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने किया था। ऐसे में अतीक ने कहा था, “पंडित जी की तरह हम नैनी जेल में भी रहे हैं। वो किताब लिखे थे वहाँ और हमें अपनी हिस्ट्रीशीट की वजह से जाना पड़ा था।”

उल्लेखनीय है कि 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी गई। दोनों को प्रयागराज मेडिकल कॉलेज के पास गोली मारी गई। घटना के बाद दोनों भाइयों का शव एक किनारे खून से लथपथ पड़े दिखाई दिए।

घटना मीडिया के सामने घटी इसलिए विजुअल्स आने भी समय नहीं लगा। मीडिया अशरफ से बात कर ही रहा था कि तभी पहले अतीक के भेजे में गोली दागी गई और उसके बाद अशरफ को मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस ने तीन आरोपितों को इस संबंध में मौके से गिरफ्तार किया। जबकि पुलिस की लापरवाही के कारण घटी इस घटना पर प्रशासन ने कई पुलिसकर्मी सस्सपेंड किए। कहा जा रहा है कि जिन लोगों ने अतीक को मारा उनमें से एक के रिश्तेदार को अतीक ने कभी मरवाया था।

कैमरे के सामने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या, तीनों हमलावर पकड़े गए

प्रयागराज में कभी खौफ का दूसरा नाम रहे अतीक अहमद की हत्या कर दी गई है। साथ ही उसके भाई अशरफ को भी अज्ञातों ने मार गिराया। अतीक अहमद लगातार 5 बार इलाहाबाद पश्चिम से विधायक और साथ ही फूलपुर से सांसद भी रहा था। अतीक अहमद का बेटा असद पहले ही झाँसी में एक पुलिस एनकाउंटर में मारा जा चुका है। अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या तब हुई, जब यूपी पुलिस उसे मेडिकल के लिए ले गई।

बताया जा रहा है कि हमलावरों की संख्या 2-3 में थी, जिन्होंने इस हत्याकांड को अंजाम दिया। अतीक अहमद और अशरफ उस समय गाड़ी से बाहर थे और उन्हें कॉल्विन अस्पताल में ले जाया जा रहा था। इससे पहले ED (प्रवर्तन निदेशालय) के अधिकारियों ने अतीक अहमद से उसकी बेनामी संपत्तियों को लेकर पूछताछ की थी। अतीक अहमद के बेटे को शनिवार (15 अप्रैल, 2023) की सुबह ही दफनाया गया था।

ताज़ा खबर ये भी बताई जा रही है कि अतीक और अशरफ पर गोलियाँ चलाने वाले तीनों बदमाशों को यूपी पुलिस ने पकड़ लिया है। ये भी जानने वाले बात है कि अतीक अहमद को पाकिस्तान से हथियारों की सप्लाई होने और दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी से उसके संबंधों को लेकर खुलासे हुए थे। ये भी सामने आया है कि हत्यारे मीडियाकर्मी बन कर आए थे। मीडिया कैमरों के सामने दोनों भाई बोल रहे थे, तभी हत्या हो गई।

अस्पताल वाले पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया है और वहाँ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हालाँकि, अभी यूपी पुलिस के अधिकारी बहुत कुछ कहने से बच रहे हैं। पुलिस ने सिर्फ जानकारी दी है कि तीन हमलावर आए और अतीक अहमद व उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी। अतीक अहमद ने 2 दिन पहले ही बयान दिया था कि मीडिया की वजह से ही वो ज़िंदा है, मीडिया का धन्यवाद। अब पत्रकारों के वेश में हत्यारे आए और उसे मार डाला। उनके पास कैमरा और प्रेस आईडी भी थी।

‘दोषी पाया जाए तो मिलनी चाहिए सज़ा’: अरविंद केजरीवाल को अब ‘गुरु’ अन्ना हजारे ने भी दिया झटका, बोले – शराब से नहीं हुआ किसी का भला, पैसे के लिए ये सब करना ठीक नहीं

दिल्ली के शराब घोटाला मामले में सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल को समन भेजा है। उनसे रविवार (16 अप्रैल, 2023) को पूछताछ होनी है। CBI द्वारा भेजे गए समन को लेकर अन्ना हजारे की प्रतिक्रिया सामने आई। अन्ना ने कहा है कि यदि केजरीवाल ने गलती की है तो सजा होनी चाहिए।

दरअसल, शराब घोटाला मामले में मनीष सिसोदिया के बाद जाँच अब दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल तक पहुँच गई है। सीबीआई के समन के बाद से आम आदमी पार्टी लगातार केजरीवाल का बचाव करती नजर आ रही है। वहीं, अन्ना हजारे ने आज तक से बात करते हुए कहा है कि उन्होंने तो पहले ही केजरीवाल को एक लेटर लिखा था। इस लेटर में उन्होंने कहा था कि केजरीवाल शराब के बारे में क्यों सोचते हैं। उन्हें अच्छी बातें सोचनी चाहिए।

अन्ना हजारे ने यह भी कहा है कि पैसे के लिए कुछ भी करना ठीक नहीं है। शराब से कभी किसी का भला नहीं हुआ। सीबीआई इसकी जाँच कर रही है। जाँच एजेंसी ने जो देखा होगा उसके हिसाब से उसे जाँच करनी चाहिए। अगर जाँच में दोषी नजर आता है तो उसे सजा होनी चाहिए।

अन्ना से जब यह पूछा गया कि भ्रष्टाचार के विरोध में शुरू किए आंदोलन से निकली हुई पार्टी आज भ्रष्टाचार के चंगुल में फँस गई है, इस पर उनका क्या कहना है? इस सवाल के जवाब में अन्ना ने कहा कि आजाद मैदान और रामलीला मैदान में हमारे आंदोलन से जन्म हुआ लेकिन इनको उस रास्ते में नहीं जाना है। अन्ना ने आगे कहा कि आंदोलन के समय उन्होंने हर दिन कहा है कि अपने आचार और विचार शुद्ध रखो। जीवन को निष्कलंक रखो। जीवन में बुराई का दाग नहीं होना चाहिए। मुझे बड़ा दुख होता है कि सिसोदिया जैसा व्यक्ति जेल में है। जेल में जाओ लेकिन समाज और देश की भलाई के लिए। खुद की भलाई के लिए नहीं।

बता दें कि शराब घोटाले में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी 26 फरवरी 2023 को हुई थी। उसके बाद से उन्हें जमानत नहीं मिल पाई है। राउज एवेन्यू कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर अब 18 अप्रैल को सुनवाई होनी है। पिछली सुनवाई में ईडी ने सिसोदिया को इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया था। साथ ही कहा था कि आबकारी नीति पर जनता की सहमति दिखाने के लिए उन्होंने फर्जी ईमेल कराए थे।

जिसने यूपी में अमृतपाल सिंह को दी पनाह, वो चढ़ा पुलिस के हत्थे: पीलीभीत में डेरा का प्रभारी था खालिस्तानी जोगा

खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के केस में पंजाब पुलिस को एक और कामयाबी मिली है। पुलिस ने अमृतपाल के सहयोगी जोगा सिंह को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी शनिवार (15 अप्रैल, 2023) को सरहिंद इलाके से हुई। इससे पहले भी पुलिस अमृतपाल के कई सहयोगियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

फरार आरोपित अमृतपाल सिंह के सहयोगी जोगा सिंह की गिरफ्तारी को लेकर अमृतसर में बॉर्डर रेंज के डीआईजी नरिंदर भार्गव ने कहा है कि अमृतसर ग्रामीण और होशियारपुर पुलिस अमृतपाल सिंह के सहयोगियों को गिरफ्तार करने के लिए जॉइंट ऑपरेशन चला रही थी। इस ऑपरेशन के दौरान उसका एक सहयोगी को सरहिंद से गिरफ्तार किया गया है। आरोपित की पहचान जोगा सिंह के रूप में हुई।

उन्होंने यह भी कहा है जोगा सिंह ने ही अमृतपाल को फरारी के बाद उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में पनाह दी और उसका साथ देता रहा। वह अमृतपाल सिंह के फरार होने के बाद से यानी 18 मार्च से 28 मार्च तक उसके साथ था। जोगा लुधियाना का रहने वाला है। वह उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक डेरा का प्रभारी था। अमृतपाल के पंजाब लौटने की भी जोगा ने व्यवस्था की थी।

बता दें कि इससे पहले पंजाब पुलिस ने शुक्रवार (14 अप्रैल, 2023) को भी अमृतपाल सिंह को शरण देने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपित राजदीप सिंह और सरबजीत सिंह के रूप में हुई थी। राजदीप सिंह होशियारपुर और सरबजीत सिंह जालंधर का रहने वाला है। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया था। जहाँ से कोर्ट ने उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा था।

गिरफ्तार हो चुका है अमृतपाल का मेंटर

गौरतलब है कि पंजाब पुलिस और काउंटर इंटेलीजेंस यूनिट ने इससे पहले 10 अप्रैल को अमृतपाल के सहयोगी और मेंटर पपलप्रीत सिंह को होशियारपुर से गिरफ्तार किया था। अमृतपाल सिंह के फरार होने के बाद से पपलप्रीत कई बार उसके साथ सीसीटीवी फुटेज में देखा गया था। पपलप्रीत ही अमृतपाल के लिए मीडिया मैनेजमेंट से लेकर सारी व्यवस्थाएँ करता था। पपलप्रीत के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से भी संबंध हैं। आईएसआई से संबंध रखने के आरोप में वह जेल भी जा चुका है।

28 दिनों से फरार है अमृतपाल

बता दें कि अमृतपाल सिंह ड्रग रिहैब सेंटर की आड़ में गुरुद्वारों में हथियार जमाकर अपनी सेना खड़ी करने की कोशिश में लगा हुआ था। वह माइंडवाश कर युवाओं को मानव बम बनाने के लिए भी प्रयास कर रहा था। पुलिस को जब उसकी तमाम गैरकानूनी गतिविधियों के बारे में पता चला तो 18 मार्च को उसके खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान वह पुलिस की पकड़ से बच निकलने में कामयाब हो गया। बीते दिनों खबर आई थी कि अमृतपाल सरेंडर करने वाला है। हालाँकि यह खबर झूठी निकली। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई है।

तुम्हारे शब्द तुम्हारे ही चेहरे पर पोत दूँगी… करण जौहर पर कंगना का प्रहार, निर्देशक ने कहा था – उसके साथ काम करने में कोई रुचि नहीं

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत अपने बेबाक अंदाज के चलते लगातार सुर्खियों में बनी रहती हैं। अब उन्होंने करण जौहर का एक पुराना वीडियो शेयर कर उन पर हमला बोला है। दरअसल, करण जौहर ने कहा था कि उन्हें कंगना के साथ काम करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। इसको लेकर कंगना ने कहा है कि जब वह अपना नाम बना लेंगी तब करण के इन्हीं शब्दों को उनके मुँह पर पोत देंगी।

कंगना रनौत द्वारा शेयर किए वीडियो में करण जौहर कहते हैं, “जब कंगना ‘मूवी माफिया’ कहती हैं तो उनका क्या मतलब होता है? वह क्या सोचती हैं कि हम क्या कर रहे हैं, बैठे हैं और उन्हें काम नहीं दे रहे हैं? क्या यही हमें माफिया बनाता है? नहीं, हम अपना काम अपनी मर्जी से करते हैं। मैं ऐसा इसलिए करता हूँ क्योंकि शायद मुझे उनके साथ काम करने में कोई दिलचस्पी नहीं है।”

वहीं, करण जौहर के इस बयान के बाद कंगना रनौत कहती हैं, “करण ने आईफा के मंच पर मेरा मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा था कि मैं बेरोजगार हूँ और काम की तलाश में हूँ और मैं उनके पास काम माँगने गई थी। क्या वह वाकई में ऐसा सोचते हैं? मेरा मतलब है कि क्या उन्हें ऐसा लगता है कि मैं उनकी फिल्मों में काम करना पसंद करूँगी? मेरा टैलेंट देखिए और अपनी फिल्में देखिए।”

कंगना रनौत ने जो वीडियो शेयर किया है वह एक एडिट किया हुआ वीडियो है। यह वीडियो दो अलग-अलग कार्यक्रमों का है। इस वीडियो को कंगना रनौत के फैंन अकाउंट द्वारा शेयर किया जा रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद कंगना ने इस वीडियो को अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर करते हुए लिखा है, “चाचा चौधरी, आपके इन घटिया शब्दों के लिए धन्यवाद। जब मैं एक फिल्ममेकर और प्रोड्यूसर की तरह खुद का नाम बना लूँगी, तब इन्हीं शब्दों को आपके मुँह पर पोतूँगी।”

कंगना पहले भी लगा चुकी हैं करण जौहर की क्लास

बता दें कि इससे पहले कंगना रनौत ने करण जौहर पर प्रियंका चोपड़ा का करियर बर्बाद करने का आरोप लगाया था। इसके बाद करण जौहर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा था।इस पोस्ट में उन्होंने कहा था, “लगा लो इल्जाम, हम झुकने वालों में से नहीं हैं… झूठ के गुलाम बन जाओ, हम बोलने वालों में से नहीं… जितना नीचा दिखाओगे, जितने आरोप लगाओगे हम गिरने वालों में से नहीं… हमारा करम हमारी विजय है… आप उठा लो तलवार… हम मरने वालों में से नहीं हैं।”

कंगना ने इस पोस्ट को देखने के बाद लिखा था, “एक वक्त था जब चाचा चौधरी इलाइट नेपो माफिया वालों के साथ नेशनल टेलीविजन पर मुझे शर्मिंदा करता था क्योंकि मुझे इंग्लिश नहीं आती थी। आज इनकी हिंदी देखकर ख्याल आया, अभी तो तुम्हारी हिंदी सुधरी है। आगे-आगे देखो होता क्या है।”

‘जामा मस्जिद की सीढ़ियाँ खोद कर निकाली जाए प्रतिमाएँ’: देवकी नंदन ठाकुर ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए बड़े आंदोलन का किया ऐलान, बागेश्वर धाम का मिलेगा साथ

कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने कहा है कि बहुत ही जल्द मथुरा कृष्ण जन्मभूमि के लिए बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी रूप रेखा तैयार कर ली गई है। शुक्रवार (14 अप्रैल, 2023) को आगरा पहुँचे देवकी नंदन ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आगरा की जामा मस्जिद के नीचे भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा है। मस्जिद की सीढ़ियों को खोदकर वहाँ से मूर्तियाँ निकालनी चाहिए।

आगरा के कुबेरपुर के ग्राम बिहारीपुर स्थित गर्ग वेयर हाउस में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन देवकी नंदन ठाकुर ने जानकारी दी कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने के लिए बहुत जल्द बागेश्वर धाम सरकार के साथ मिलकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा। इस आंदोलन में युवाओं की भूमिका अहम होगी। आंदोलन ब्रज भूमि से शुरू होकर आगरा, कानपुर, प्रयागराज होते हुए पूरे देश में पहुँचेगा। इसकी रूप रेखा तैयार कर ली गई है।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए देवकी नंदन ठाकुर ने कहा कि हमारे श्रीकृष्ण का मंदिर तोड़कर उनकी मूर्तियाँ आगरा की शाही जामा मस्जिद लाई गई थीं। इसके बाद प्रतिमाएँ मस्जिद की सीढ़ियों में चुनवा दीं गई थीं। यह जानते हुए भी हम मौन हैं। हम कोर्ट व नेताओं से अपील करेंगे कि उन सीढ़ियों को खुदवाकर मूर्तियाँ निकलवा ली जाएँ। उन्होंने कहा कि इस कार्य में मस्जिद को कोई नुकसान नहीं होगा।

देवकी नंदन ठाकुर ने ओटीटी फ्लेटफॉर्म पर वेबसीरीज में दिखाई जा रही अश्लीलता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि फिल्मों में रिश्तों की मर्यादा तार-तार हो रही हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए ओटीटी फ्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए जा रहे आपत्तिजनक कंटेट पर रोक लगाया जाना चाहिए।

श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में भक्त कथा स्थल पर पहुँचे थे। इस दौरान देवकी नंदन ठाकुर ने भागवत कथा सुनने से मिलने वाले पुण्य और इसकी महिमा का बखान किया। कथा शुरू होने से पहले कलश यात्रा भी निकाली गई जिसमें बड़ी तादाद में महिलाओं ने हिस्सा लिया।