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जापान के प्रधानमंत्री पर बम से हमला, भाषण के दौरान हुआ तेज विस्फोट: हमलावर गिरफ्तार, भगदड़ की Video वायरल

जापान के प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा पर जानलेवा हमला होने की खबर है। यह हमला वहाँ के शहर वाकायामा में तब हुआ है जब वो लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। इस दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति ने उन पर पाइप बम फेंका। हालाँकि जापानी प्रधानमंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल कर किसी बड़ी अनहोनी को टाल दिया। हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना शनिवार (15 अप्रैल 2023) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तय समय के मुताबिक पीएम किशिदा जापान के वाकायामा शहर में लोगों को सम्बोधित करने आए थे। इस दौरान आम लोगों की भीड़ उन्हें सुनने आई थी। भीड़ के बीच से ही एक व्यक्ति ने पाइप बम निकाल कर उनकी तरफ फेंका। इससे पहले वह बम फट पाता, जापानी सुरक्षा बालों ने प्रधानमंत्री किशिदा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनके निकलने के कुछ देर बाद धमाका हुआ। आस-पास मौजूद लोगों के मुताबिक यह धमाका काफी तेज आवाज में हुआ।

इस घटना के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच अफरातफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे जिन्हे सुरक्षाकर्मियों ने संभालने की कोशिश की। इस बीच घटना के कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। एक वायरल वीडियो में पुलिस वालों को एक हमलावर को काबू करते देखा जा सकता है। घटना में किसी के मारे जाने की कोई सूचना नहीं है। गिरफ्तार हुए व्यक्ति से पुलिस पूछताछ कर रही है। अभी तक हमले की वजह या हमलावर की मंशा का पता नहीं चल पाया है।

हमले के दौरान जमा भीड़ सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थकों की थी। प्रधानमंत्री के साथ मौके पर एक उम्मीदवार भी मौजूद था। कुछ मीडियाकर्मी भी वहाँ पर खड़े थे। घटना के बाद प्रधानमंत्री किशिदा के तमाम कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि लगभग 9 माह पहले 8 जुलाई 2022 में जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे की जापान में ही एक व्यक्ति ने हत्या कर दी थी। हत्या के लिए बंदूक का प्रयोग किया गया था जो हमलावर ने अपने घर में बनाई थी।

सूरत में 6 और पार्षदों ने छोड़ी AAP, जुड़े BJP के साथ: गुजरात में आम आदमी पार्टी को झटका, अब तक 10 पार्षद भाजपा में शामिल

गुजरात में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार (14 अप्रैल 2023) को सूरत में AAP के 6 पार्षद भाजपा में शामिल हो गए। गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने सभी पार्षदों का पार्टी में स्वागत किया। सूरत म्युनिसिपल कारपोरेशन (SMC) चुनाव में आम आदमी पार्टी के 27 पार्षद जीत कर आए थे जिनमें से 10 पार्षद भाजपा में शामिल हो चुके हैं।

सूरत भाजपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान निराली पटेल, धर्मेंद्र वावलिया, अशोक धामी, किरण खोखानी, घनश्याम मकवाना औऱ स्वाति क्याड ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इसके पहले आम आदमी पार्टी के 4 पार्षद रीता खैनी, ज्योति लाठिया, भावना सोलंकी और विपुल मोवालिया ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था।

साल 2021 में हुए SMC चुनावों में आम आदमी पार्टी ने 120 में से 27 सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा ने 93 सीटें जीत का परचम लहराया था। इन चुनाव में कॉन्ग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। अब आम आदमी पार्टी के 10 पार्षदों के भाजपा में शामिल हो जाने के बाद एसएमसी में भाजपा पार्षदों की संख्या 103 हो गई है।

बता दें कि दक्षिण गुजरात खासकर सूरत भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है। विधानसभा चुनाव 2022 में भी सूरत जिले की सभी 16 सीटें भाजपा ने जीत ली थीं। सूरत शहर की बात करें तो पिछले 15 वर्षों से भाजपा शहर की एक भी सीट नहीं हारी है। हालाँकि 2021 में 27 पार्षद जिताने के बाद आम आदमी पार्टी को सूरत से काफी उम्मीदें थी लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में आप का एक भी उम्मीदवार कामयाब नहीं हो सका। यहाँ तक कि आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया को भी कटारगाम विधानसभा सीट पर हार का सामना करना पड़ा था।

ये भी मालूम हो कि गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इस बार बड़ा रिकॉर्ड बनाया था। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी विजयी रहे। आज तक गुजरात के इतिहास में इतनी बड़ी जीत किसी भी पार्टी को नहीं मिली थी।

‘अल्लाह की चीज थी, अल्लाह ने वापस ले ली’: असद के एनकाउंटर पर बोला ‘चाचा’ अशरफ, नाना ने मजबूरी में किया कफन का इंतजाम

अतीक अहमद के बेटे असद के एनकाउंटर के बाद उमेश पाल हत्याकांड में नामजद अशरफ का बयान सामने आया है। उसने असद को अल्लाह की चीज बताया है। साथ ही आगे कहा कि अल्लाह ने अपनी चीज वापस ले ली है। वहीँ असद की लाश लेने उनके नाना झाँसी पहुँचे हैं। अतीक अहमद के घर और आस-पास की सुरक्षा को भी कड़ा कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक असद के बारे में अशरफ का यह यह बयान 14 अप्रैल 2023 (शुक्रवार) का है। तब प्रयागराज में उत्तर प्रदेश पुलिस अतीक और उसके भाई अशरफ को पूछताछ के लिए ले जा रही थी तब एक पत्रकार ने असद के बारे में सवाल किया। इस दौरान अतीक अहमद खामोश रहा और चुपचाप पुलिस वालों के साथ चलता रहा। हालाँकि अशरफ ने इसका जवाब दिया और कहा, “अल्लाह की चीज थी। अल्लाह ने ले ली।” इस जवाब का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वहीं असद के अंतिम संस्कार के लिए शव लेने उनके नाना हामिद अली झाँसी पहुँच गए हैं। हामिद के साथ उनके वकील भी हैं। हामिद का कहना है कि उन्होंने असद को नहलाने और कफ़न आदि का इंतजाम कर रखा है। खुद के द्वारा किए जा रहे अंतिम संस्कार को हामिद ने असद की माँ की गैर मौजूदगी में मजबूरी बताया है।

इस बीच असद की लाश प्रयागराज लाने से पहले उनके घर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अतीक के घर के आगे भारी फ़ोर्स तैनात कर दिया गया है। जिस रास्ते से शव आना है उन सड़कों पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

गौरतलब है कि उमेश पाल हत्याकांड में सीधे तौर पर शामिल बताए जा रहे असद अहमद को लम्बी फरारी के बाद UP पुलिस की STF विंग ने 13 अप्रैल (गुरुवार) को ढेर कर दिया था। असद के साथ गुलाम भी मारा गया था जिसके घर वालों ने उसका शव लेने से मना कर दिया है। गुलाम भी उमेश पाल और 2 पुलिसकर्मियों की हत्या के CCTV फुटेज में गोलियाँ बरसाता दिखाई दिया था।

ऑफिस में घुस बदमाशों ने BJP नेता पर बरसाई ताबड़तोड़ गोलियाँ, अस्पताल में मौत: दिल्ली पुलिस जाँच में जुटी, इलाके में दहशत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बीजेपी नेता सुरेंद्र मटियाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह 60 वर्ष के थे। घटना के समय वह अपने ऑफिस में मौजूद थे। तभी हमलावरों ने ऑफिस में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियाँ बरसा दीं। आनन-फानन में उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहाँ उनकी मौत हो गई। घटना शुक्रवार (14 अप्रैल 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा नेता सुरेंद्र मटियाला दिल्ली के द्वारका इलाके के बिंदापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित अपने ऑफिस में बैठे हुए थे। तभी शाम करीब 7:30 बजे बाइक सवार हमलावरों ने ऑफिस में घुसकर उन्हें गोली मार दी। इलाज के लिए उन्हें नजदीकी हॉस्पिटल ले जाया गया था। लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। हमलावरों ने सुरेंद्र मटियाला को 6 गोलियाँ मारी थीं। मटियाला दिल्ली नगर निगम में पार्षद व काउंसलर रह चुके हैं। फिलहाल वह नजफगढ़ जिले के बीजेपी किसान मोर्चा के अध्यक्ष थे।

इस घटना पर द्वारका जिले के डीसीपी एम हर्षवर्षधन का कहना है कि शुरुआती जाँच में सामने आया है कि सुरेंद्र मटियाला को कई गोलियाँ मारी गईं। मामले की जाँच की जा रही है। किसी भी प्रकार की जानकारी सामने आने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। मामले में पुलिस की कई टीमें काम कर रहीं हैं। क्राइम ब्रांच को जाँच के लिए बुलाया गया है। सुरेंद्र मटियाला की हत्या क्यों की गई, इस मामले में जाँच चल रही है। पुलिस सभी एंगल से जाँच कर रही है। फिलहाल शव पुलिस के कब्जे में है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।

वहीं इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। सुरेंद्र मटियाला के ऑफिस के आसपास भीड़ जमा हो गई है। पुलिस ने घटना स्थल को सील कर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ व आसपास के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस जाँच को आगे बढ़ा रही है।

‘बिरयानी में नहीं मिला लेग पीस तो पुलिस वालों ने दुकानदार को पीटा’: जानें वायरल दावे का सच

बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि मामला बाराबंकी का है और बिरयानी में लेग पीस न मिलने पर पुलिस ने दुकानदार के साथ मारपीट की है। ऑपइंडिया ने वायरल दावे का फैक्ट चेक किया है।

सोशल मीडिया पर वीडियो को बाराबंकी के पटेल तिराहे का बताते हुए शेयर किया जा रहा है। इसके साथ ही कहा जा रहा था कि पुलिस ने दुकानदार को पीटा है। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा था कि पुलिसकर्मी दुकान में बिरयानी खाकर पैसे नहीं देते। इसलिए दुकानदार और पुलिसकर्मियों के बीच मारपीट हुई है।

इसको लेकर मोहम्मद इमरान नामक यूजर ने दावा किया था, “बाराबंकी में बिरयानी में लेग पीस नहीं मिली तो पुलिस वालों ने जमकर काटा बवाल, दुकानदार को पीटा। नगर कोतवाली क्षेत्र में पटेल तिराहे पर मौजूद बिरयानी की दुकान का मामला।”

झूठ फैलाने के लिए कुख्यात मोहम्मद खबीर ने ट्वीट करते हुए दावा किया था, “उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में बिरयानी में लेग पीस ना मिलने पर यूपी पुलिस के जवानों ने जमकर बवाल काटा। पटेल तिराहे पर स्थित बिरयानी दुकानदार के साथ मारपीट भी की गई है।”

मीडिया संस्थान टाइम्स नाउ ने ट्वीट कर लिखा, “बाराबंकी में बिरयानी को लेकर मचा बवाल। पुलिस वालों को बिरयानी में लेगपीस नहीं मिलने पर हुई दुकानदार से मारपीट।”

यूपी तक ने भी इसी तरह का दावा करते हुए ट्वीट किया, “बाराबंकी में बिरयानी के लेग पीस के लिए हुई जमकर मारपीट। दरअसल जिले के कोतवाली क्षेत्र का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें पुलिसवालों और बिरयानी वाले के बीच मारपीट हो रही है। आसपास के लोगों का आरोप है पुलिसवाले बिना पैसे के रोज बिरयानी खाते हैं।”

क्या है वायरल दावे का सच…

वायरल दावे की पड़ताल करते हुए ऑपइंडिया को बाराबंकी पुलिस के बयान की एक प्रति प्राप्त हुई। इस बयान के अनुसार, घटना बाराबंकी के पटेल तिराहे की है। यहाँ यातायात व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। चूँकि दुकानों के सामने वाहन खड़े होने से आने-जाने वालों को समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पुलिसकर्मी लोगों को रास्ते में वाहन खड़ा करने से रोकते हैं। बिरयानी दुकान के मालिक व उसके साथी इसको लेकर पहले भी आपत्ति जता चुके हैं।

इसी को लेकर बुधवार (12 अप्रैल 2023) को बिरयानी की दुकान के मालिक व उसके अन्य साथियों ने पुलिसकर्मी पर मुफ्त में बिरयानी खाने का झूठा आरोप लगाते हुए मारपीट की थी। इसके बाद, पुलिसकर्मी ने आरोपितों के खिलाफ कोतवाली नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित पुलिसकर्मी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जाँच शुरू की। जाँच में सामने आया कि पीड़ित पुलिसकर्मी शाकाहारी है। इसके बाद पुलिस ने आरोपितों को चिन्हित करते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान, दिलशाद, सहजाद, मुर्तजा और बिलाल के रूप में हुई। इस प्रकार ऑपइंडिया के फैक्ट-चेक में वायरल दावा पूरी तरह से झूठा पाया गया।

‘सुरक्षा भूल जाओ… मौत आनी है तो आनी है’: टीम इंडिया के पाकिस्तान दौरे में ‘अल्लाह’ तक को खींच लाए जावेद मियांदाद, पहले भी कहा था- जहन्नुम में जाए भारत

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर व दाऊद इब्राहिम के समधी जावेद मियांदाद विवादस्पद बयान देने के लिए जाने जाते हैं। हालाँकि इस बार उन्होंने भारत से गुहार लगाई है कि वो भारतीय टीम पाकिस्तान खेलने आए। उन्होंने नादिर अली के शो में बात करते हुए कहा कि भारत को पाकिस्तान आने से मना नहीं करना चाहिए। मौत आनी है तो आ ही जाएगी।

जावेद मियांदाद ने यह बात भारत द्वारा पाकिस्तान में मैच खेलने से मना करने की बात कही। नादिर अली ने उन्हें बताया भारत ने ऐसा निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया है उन्हें यहाँ डर लग रहा है। इस पर मियाँदाद ने कहा सुरक्षा भूल जाओ। हम मानते हैं कि मौत आनी है तो आनी है। जिंदगी और मौत तो अल्लाह के हाथ में है। अगर वे आज हमें बुलाएँगे तो हम जाएँगे। लेकिन उन्हें भी यहां आना चाहिए। पिछली बार हम उनके यहाँ गए थे इस बार उनको आना चाहिए।”

पूर्व क्रिकेटर ने कहा, “अगर बीसीसीआई हमें बुलाता है तो हम जरुर जाएँगे। लेकिन उन्हें भी पाकिस्तान का दौरा करना होगा। पिछली बार हम उनके यहाँ गए थे। इस बार उन्हें पाकिस्तान आना चाहिए। जब दोनों देश एक दुसरे के यहां आएंगे जाएंगे तो रिश्ते भी बहाल होंगे। हम जब भारतीय क्रिकेट प्रेमियों से मिलते हैं तो हमें कोई रंजिश नजर नहीं आती है।”

उल्लेखनीय है कि भारत के बारे में बात करते हुए जावेद मियांदाद के सुर इस बार बदले जरूर दिखे लेकिन उनके ये कहने पर कि मौत तो आनी ही है…पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इससे पहले वो भारत के लिए काफी अनाप-शनाप बोल चुके हैं। जब बीसीसीआई ने भारत के पाकिस्तान जाने पर इनकार किया था उस समय भी जावेद ने कहा था “अगर भारत क्रिकेट खेलने के लिए पाकिस्तान नहीं आना चाहता है तो वह जहन्नुम में जाए।”

उन्होंने आगे कहा था, ”मैंने हमेशा पाकिस्तान का समर्थन किया है। आप जानते हैं कि जब भी कोई समस्या आती है तो मैं भारत को नहीं बख्शता हूँ। लेकिन, बात यह है कि हमें अपने हिस्से को देखने की जरूरत है। हमें इसके लिए लड़ना चाहिए। हमें किसी बात की परवाह नहीं है क्योंकि हमें मेजबानी करनी है। यह आईसीसी का काम है। यदि ICC इसे नियंत्रित नहीं कर सकता है तो उसके गवर्निंग बॉडी होने का कोई मतलब नहीं है। उन्हें हर टीम के लिए समान नियम लागू करने की जरूरत है। अगर इस तरह की टीमें नहीं आती हैं तो उन्हें प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए। इंडिया होगा, अपने लिए होगा। हमारे लिए नहीं है।”

‘मुझे छूटने दो फिर बताता हूँ’: बेटे के एनकाउंटर के बाद भी हेकड़ी दिखा रहा अतीक अहमद; रिपोर्ट में दावा अधिकारियों को धमकाया, कहा- बताऊँगा गद्दी क्या चीज है

माफिया अतीक अहमद (Atiq Ahmed) का बेटा असद अहमद यूपी एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया था। पुलिस एनकाउंटर में बेटे के मारे जाने के बाद से अतीक अहमद बौखलाया हुआ है। बताया जा रहा है कि उसने असद अहमद का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों को धमकी दी है।

टाइम्स नाउ ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि अतीक अहमद ने असद अहमद के एनकाउंटर में शामिल उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) को खुली धमकी दी है। अतीक ने कहा है, “जिस पुलिस अफसर ने मारा है। बस मुझे छूटने दो। फिर बताऊँगा गद्दी क्या चीज है।”

बता दें कि इससे पहले सोशल मीडिया में इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि असद अहमद के एनकाउंटर की सूचना मिलने के बाद अतीक अहमद खुद को संभाल नहीं पा रहा था। जिस वक्त एनकाउंटर हुआ अतीक प्रयागराज कोर्ट में था। इसी दौरान वह फूट-फूटकर रोने लगा और चक्कर खाकर गिर गया।

गौरतलब है कि UP ATS ने गुरुवार (13 अप्रैल 2023) को अतीक अहमद के बेटे असद अमहद के साथ ही गुलाम को भी एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। ये दोनों उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य आरोपित थे। हत्या के बाद ही दोनों फरार हो गए थे। यूपी पुलिस लगातार दोनों की तलाश में जुटी हुई थी। लेकिन ये दोनों छिपते हुए भाग रहे थे। यही नहीं दोनों पुलिस काफिले पर हमला कर अतीक को छुड़ाने का प्लान बना रहे थे।

पुलिस को असद और गुलाम के इस नापाक मंसूबे की भनक लग गई। इसके बाद पुलिस ने जाँच करते हुए झाँसी में दो लोगों को रोका जिन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस की मुठभेड़ में दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने असद और गुलाम के पास से विदेशी हथियार भी बरामद किए थे।

उमेश पाल हत्याकांड

24 फरवरी 2023 को दिनदहाड़े गोलियों और बमों से हमला कर उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उमेश पाल के सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को भी गोलियों से भून दिया था। पेशे से वकील रहे उमेश पाल बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह थे। राजूपाल की हत्या 2005 में कर दी गई थी। राजूपाल की हत्या का आरोप अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद पर है। राजू पाल हत्या मामले के गवाह उमेश पाल को अतीक अहमद ने अगवा भी करवाया था। इस मामले में कोर्ट ने पिछले दिनों उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

उमेश पाल हत्याकांड के आरोपित

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस ने अतीक अहमद समेत 18 लोगों पर एफआईआर दर्ज किया है। इनमें ज्यादातर लोग अतीक के परिवार वाले हैं। आरोपितों में अतीक के अलावा उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन, भाई अशरफ अहमद, असद के अलावा अन्य चार बेटे, बहन आयशा, बहनोई डॉ. अखलाक, गुड्डू मुस्लिम, शदाकत, अरमान, विजय चौधरी उर्फ उस्मान, मोहम्मद गुलाम, अरबाज, साबिर, कैस अहमद, राकेश, अरशद कटरा, नियाज, इकबाल अहमद, शाहरुख समेत कुछ अज्ञात लोग शामिल हैं।

उमेश पाल की हत्या में शामिल 4 आरोपितों को अबत क एनकाउंटर में मार गिराया गया है। इनमें अतीक का तीसरा बेटा असद, शूटर उस्मान, अरबाज और मोहम्मद गुलाम शामिल हैं। इसके अलावा अतीक के परिवार की मदद करने वाले 3 आरोपितों और करीबियों के घर पर बुलडोजर भी चल चुका है। बुल्डोजर की कार्रवाई एनकाउंटर में ढेर हुए मोहम्मद गुलाम के घर पर भी हुई थी।

‘जय श्रीराम’ के नारों के बीच अमित शाह ने थामा त्रिशूल, बंगाल से 2024 में 35 सीटें माँगी: कहा- BJP सरकार ही रोक सकती है घुसपैठ-गो तस्करी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार (14 अप्रैल 2023) को दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुँचे। दौरे के पहले दिन अमित शाह ने बीरभूम में जनसंपर्क समावेश रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सीएम ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला। अमित शाह ने बंगाल की जनता से 2024 के आम चुनावों में 35 से ज्यादा सीटें देने की अपील की। रामनवमी की शोभा यात्रा पर हुए पथराव और उसके बाद हुई हिंसा पर भी अमित शाह ने ममता बनर्जी को घेरा। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें त्रिशूल भेंट किया।

रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी का एक ही लक्ष्य है और वह है अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को बंगाल का मुख्यमंत्री बनाना। गृहमंत्री ने कहा, “यह संभव नहीं होगा। बंगाल का अगला मुख्यमंत्री भाजपा का होगा।” उन्होंने कहा कि आपने विधानसभा चुनावों में 77 सीटों के साथ हमें 38 फीसदी वोट दिया। 2024 के चुनाव में बाकी की कसर पूरी कर दीजिए। और बंगाल में 35 से ज्यादा सीटें देकर मोदी जी को फिर से प्रधानमंत्री बनाइए।

अमित शाह ने कहा, “दीदी और भतीजे के जुर्म से निजात का एक मात्र रास्ता भारतीय जनता पार्टी है। बंगाल में घुसपैठ और गौ तस्करी रोकने का रास्ता भाजपा सरकार है।” उन्होंने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद असम में घुसपैठ और गौ-तस्करी पर लगाम लग चुका है। गृह मंत्री ने कहा कि 2024 के चुनावों में 35 सीटें मिलते ही 2025 में ममता बनर्जी सरकार चली जाएगी।

अमित शाह ने अपने भाषण के दौरान रामनवमी के दौरान हुई हिंसा का भी जिक्र किया। शाह ने कहा कि लोकसभा चुनाव में 35 सीटें दें और बंगाल में बीजेपी की सरकार बनाएँ उसके बाद रामनवमी के जुलूस पर हमला करने की किसी की हिम्मत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि बंगाल बम धमाको का सेंटर बन चुका है।

कार्यक्रम के दौरान भाजपा के 8-10 कार्यकर्ताओं ने अमित शाह को त्रिशूल भेंट किया। इस दौरान मंच से जय श्री राम, भारत माता की जय, अमित शाह जिंदाबाद और नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगाए जा रहे थे। त्रिशूल ग्रहण करने के बाद अमित शाह ने हाथ जोड़कर कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया। बता दें अमित शाह शुक्रवार शाम को प्रदेश के भाजपा नेताओं के साथ बैठक करेंगे और राज्य की स्थिति का जायजा लेंगे। शनिवार (15 अप्रैल) को वे दक्षिणेश्वर मंदिर जाएँगे और पूजा अर्चना करेंगे।

जमीन छीना, पति गायब, बेटे पर फायरिंग, घर में घुसकर कई बार पीटा… अतीक अहमद से 33 साल से लड़ रहीं जयश्री को जानते हैं आप

उनका नाम सूरजकली कुशवाहा उर्फ जयश्री है। उनकी उम्र 60 साल है। उनके पति सालों से गायब हैं। बेटे पर फायरिंग हो चुकी। खुद उन पर कई बार हमला हो चुका है। फिर भी वे 33 साल से उस माफिया अतीक अहमद से लड़ रहीं हैं जो कभी उत्तर प्रदेश में खौफ का पर्याय था।

यूपी के प्रयागराज में धूमनगंज इलाके के झलवा की रहने वाली जयश्री के पति बृजमोहन कुशवाहा के पास 12 बीघा से अधिक जमीन थी। इस पर बढ़िया खेती होती थी। परिवार का पालन-पोषण हो रहा था। लेकिन एक दिन अचानक सब कुछ बदल गया। जयश्री के पति गायब हो गए। जमीन पर अतीक का कब्जा हो गया। जयश्री कहती हैं कि अतीक के अब्बू फिरोज के पास लाल रंग का एक ट्रैक्टर था। इस ट्रैक्टर से किसानों के खेतों की जुताई-बुवाई होती थी। यही ट्रैक्टर उनके खेत में भी चलता था। लेकिन उनकी जमीन देखकर अतीक के मन में लालच जाग गया। अतीक का करीबी लेखपाल मानिकचंद श्रीवास्तव एक दिन जयश्री के पास आया और कहा कि उनकी जमीन शिवकोटी सहकारी आवास समिति के नाम पर दर्ज हो गई है।

दरअसल, अतीक ने शिवकोटी सहकारी समिति बनाकर जयश्री की पूरी जमीन अपने नाम करवा ली थी। यही नहीं अतीक ने इसमें दो लोगों को सचिव बनाया और इस जमीन को बेचना शुरू कर दिया। जयश्री के अनुसार 1989 में एक दिन उनके पति अचानक से गायब हो गए। वह कहाँ गए किसी को पता नहीं। इसके कुछ दिनों बाद उन्हें पता चला कि जमीन अब उनकी नहीं रही। जमीन जयश्री और उनके परिवार के जीवनयापन का सबसे बड़ा सहारा था। इसलिए उन्होंने गाँव वालों से सहायता माँगी और अपनी जमीन वापस पाने के लिए कोर्ट में आपत्ति दाखिल कर दी। इस बीच उन्हें यह पता चल गया था कि जमीन हड़पने का पूरा खेल अतीक अहमद का था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

उन्होंने बताया कि जब उनकी जमीन हड़पी गई, तब अतीक अहमद विधायक था। उसने उन्हें कई बार अपने कार्यालय में बुलाया। अतीक के बुलावे पर जब वह पहली बार गईं तो उसने कहा कि तुम्हारा पति मेरा बहुत खास था। अब नहीं रहा। इसलिए अब तुम्हारे परिवार जिम्मेदारी मेरी है। अपनी जमीन दे दो और घर में रहो। जयश्री ने इनकार किया तो अतीक भड़क गया। कहा कि जिस तरह तुम्हारे पति को गायब करवाया है, उसी तरह तुमको भी गायब करवा दूँगा।

जयश्री के अनुसार इसके बाद अतीक के गुर्गों ने कई बार घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की। उसके गुर्गे उन्हें लगातार धमकी देते रहे। लेकिन उन्होंने हमेशा ही अतीक का डटकर मुकाबला किया। वे अपने भाई प्रह्लाद कुशवाहा की करेंट लगने से हुई मौत के लिए भी अतीक अहमद को जिम्मेदार ठहराती हैं। उनका कहना है कि बीते 30 सालों में उनपर 7 बार हमला हुआ। अतीक के गुर्गों ने सैंकड़ों बार उन्हें धमकियाँ दीं। साल 2016 में उनके घर के सामने बेटे और परिवार पर हमला हुआ। इसमें उनके बेटे को गोली लगी थी। लेकिन बेटे की जान बच गई।

जयश्री के अनुसार वह कई सालों तक कोर्ट और थाने के चक्कर काटती रहीं। लेकिन अतीक के खिलाफ कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही थी। साल 1991 में उन्हें अतीक के खिलाफ पहली FIR करवाने में कामयाबी हासिल हुई। लेकिन साल 2001 में आरोपों को निराधार बताकर केस बंद कर दिया गया। 2005 में जयश्री को बड़ी सफलता मिली। सीलिंग एक्ट से अनुमति नहीं मिलने के कारण शिवकोटी सहकारी आवास समिति का नामांतरण रद्द हो गया। इसके बाद जमीन उनके नाम पर दर्ज कर दी गई। साल 2007 में सूबे के सियासत में परिवर्तन हुआ। इसके बाद अतीक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई और कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ।

जयश्री के वकील केके मिश्रा का कहना है कि इस मामले में कुल 4 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। लेकिन सभी मामलों में अब तक पुलिस विवेचना भी पूरी नहीं हो पाई है। पुलिस ने अतीक और अशरफ के अलावा किसी अन्य आरोपित के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल नहीं की है। जयश्री और उनके परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखकर प्रशासन ने दो जवान तैनात किए हैं। हालाँकि जयश्री के बेटों ने लाइसेंसी हथियार के साल 2020 में आवेदन दिया था, जो अब तक नहीं मिला है।

क्या दिल्ली में अब नहीं मिलेगी फ्री बिजली? AAP सरकार ने उपराज्यपाल पर ठीकरा फोड़ झाड़ा पल्ला, LG ऑफिस ने कहा- प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नौटंकी न करें

क्या दिल्ली में अब फ्री बिजली की सुविधा बंद हो जाएगी? यह सवाल आप (AAP) सरकार की मंत्री आतिशी मार्लेना के एक प्रेस काॅन्फ्रेंस के बाद खड़ी हो गई है। उन्होंने उपराज्यपाल पर ठीकरा फोड़ते हुए बिजली उपभोक्ताओं को मिल रही सब्सिडी खत्म होने की बात कही। वहीं, उपराज्यपाल के कार्यालय ने इस प्रेस काॅन्फ्रेस को नौटंकी और आरोपों को निराधार बताया है। वैसे कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि आतिशी की प्रेस काॅन्फ्रेंस के कुछ घंटों बाद एलजी ने बिजली सब्सिडी वाली फाइल को मंजूरी दे दी है। यदि ऐसा होता है तो उपभोक्ताओं को बिजली बिल पर पहले की तरह ही छूट मिलती रहेगी।

अरविंद केजरीवाल सरकार की ऊर्जा मंत्री आतिशी ने शुक्रवार (14 अप्रैल 2023) को कहा कि दिल्ली के लोगों को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी पर रोक लग गई है। आज से दिल्ली वालों को फ्री बिजली नहीं मिल पाएगी। उन्होंने कहा, “अरविंद केजरीवाल की सरकार बिजली की सब्सिडी देती है। इसके तहत 200 यूनिट तक बिजली फ्री होती है। 200 से 400 यूनिट तक 50 फीसदी बिजली का बिल माफ होता है, जिसके तहत वकीलों को, किसानों को, 1984 के दंगों के पीड़ितों को बिजली की सब्सिडी दी जाती है। आज से दिल्ली के लोगों को दी जाने वाली सब्सिडी वाली बिजली बंद कर दी जाएगी। यानी कल से जो बिजली के बिल दिल्ली के उपभोगताओं को मिलेंगे, उसमें उन्हें सब्सिडी नहीं मिलेगी। अब तक जिनको ज़ीरो बिल आता था, कल (15 अप्रैल 2023) से उन्हें बढ़े हुए बिल मिलना शुरू हो जाएँगे। जिनको 50 प्रतिशत छूट मिलती थी, उन्हें भी बढ़े हुए बिल मिलना शुरू हो जाएँगे।”

सब्सिडी खत्म होने का कारण बताते हुए आतिशी ने कहा, “दिल्ली सरकार ने बिजली सब्सिडी जारी रखने का फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया था। लेकिन उस सब्सिडी की फाइल दिल्ली के एलजी अपने पास रखकर बैठ गए हैं। वो फाइल LG को भेजने के बाद उनके ऑफिस ने रोक कर रख ली है। जब तक फाइल एलजी के ऑफिस से वापस नहीं आती है, तब तक AAP सरकार सब्सिडी का पैसा रिलीज नहीं कर सकती है।”

‘आप’ सरकार के दावों पर दिल्ली एलजी ऑफिस (LG Office) की ओर से भी जवाब आया है। LG हाउस के अधिकारी ने कहा कि ऊर्जा मंत्री को सलाह दी जाती है कि एलजी के खिलाफ अनावश्यक राजनीति और निराधार झूठे आरोपों से बचें। उन्हें झूठे बयानों से लोगों को गुमराह करना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा है, “दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और ऊर्जा मंत्री को दिल्ली की जनता को जवाब देना चाहिए कि इस संबंध में फैसला 4 अप्रैल तक लंबित क्यों रखा गया, जबकि समय सीमा 15 अप्रैल थी? एलजी को 11 अप्रैल को ही क्यों फाइल भेजी गई? 13 अप्रैल को चिट्ठी लिखकर और आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नौटंकी करने की क्या जरूरत है?”