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दिल्ली के CM केजरीवाल तक पहुँची शराब घोटाले की जाँच, CBI ने 16 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया: सिसोदिया पहले से ही जेल में हैं बंद

दिल्ली के शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं। खबर आ रही है कि मनीष सिसोदिया के बाद अब CBI दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पूछताछ करना चाहती है। इसके लिए सीबीआई ने केजरीवाल को समन भेजा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार आरोपित दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत अन्य लोगों से पूछताछ के बाद अब CBI ने केजरीवाल को समन जारी किया है। इस समन में, सीबीआई ने केजरीवाल को रविवार (16 अप्रैल 2023) को पूछताछ के लिए बुलाया है।

बता दें कि इसी घोटाले में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी 26 फरवरी 2023 को हुई थी। उसके बाद से उन्हें जमानत नहीं मिल पाई है। राउज एवेन्यू कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर अब 18 अप्रैल को सुनवाई होनी है। पिछली सुनवाई में ईडी ने सिसोदिया को इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया था। साथ ही कहा था कि आबकारी नीति पर जनता की सहमति दिखाने के लिए उन्होंने फर्जी ईमेल कराए थे।

15 प्वाइंट्स में समझें दिल्ली का शराब घोटाला

1.) नवंबर 2021 में लागू की गई दिल्ली सरकार की नई शराब नीति के तहत राज्य में कुल 849 दुकानें खोली गईं। इस शराब नीति से पहले 60 प्रतिशत दुकानें सरकारी और 40% प्राइवेट होती थीं। वहीं, घोटाले के लिए तैयार की गई शराब नीति में सभी दुकानें प्राइवेट कर दी गईं। इससे सरकार को सीधी तरह नुकसान हुआ।

2.) दिल्ली सरकार ने शराब बेचने के लिए मिलने वाले लाइसेंस की फीस कई गुना बढ़ा दी। L-1 लाइसेंस पहले ठेकेदारों को 25 लाख रुपए में मिल जाता था। हालाँकि नई शराब नीति लागू होने के बाद इसके लिए ठेकेदारों को 5 करोड़ रुपए देने पड़े। इसी तरह अन्य लाइसेंस के लिए भी फीस कई गुना तक बढ़ा दी गई। इससे छोटे ठेकेदार लाइसेंस नहीं ले सके। इसका सीधा फायदा बड़े व्यपारियों को मिला।

3.) उप मुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया के कहने पर आबकारी विभाग द्वारा L-1 बिडर को 30 करोड़ रुपए वापस कर दिए। दिल्ली एक्साइज पॉलिसी में किसी भी बिडर का पैसा करने का नियम नहीं है। लेकिन सिसोदिया के कहने पर भी यह भी हुआ।

4.) कोरोना काल में शराब कंपनियों को हुए नुकसान की भरपाई करने के नाम पर केजरीवाल सरकार ने लाइसेंस फीस में बड़ी छूट दी। वास्तव में सरकार ने कंपनियों की 144.36 करोड़ रुपए की लाइसेंस फीस माफ कर दी थी।

5.) विदेशी शराब और बियर के पर मनमाने ढंग से 50 रुपए प्रति केस की छूट दी गई। यह छूट कंपनियों को फायदा देने के लिए दी गई थी।

6.) दिल्ली सरकार ने नई शराब नीति के तहत राज्य को 32 जोन में बाँटा था। इसमें से 2 जोन के ठेके एक ऐसी कंपनी को दिए गए जो ब्लैक लिस्टेड थी।

7.) शराब बेचने वाली कंपनियों के बीच कार्टेल पर प्रतिबंध होने के बाद भी केजरीवाल सरकार ने शराब विक्रेता कंपनियों के कार्टेल को लाइसेंस दिए थे। इसके तहत शराब कंपनियों को शराब पर डिस्काउंट देने और एमआरपी पर बेचने के बजाय खुद कीमत तय करने की छूट मिल गई। इसका फायदा भी शराब बेचने वालों को हुआ।

8.) नई शराब नीति को लेकर कैबिनेट की बैठकों में मनमाने ढंग से फैसले लिए गए। यही नहीं, नियमों को ताक पर रखते हुए कैबिनेट नोट सर्कुलेशन के बिना ही प्रस्ताव पास करा दिए गए।

9.) शराब विक्रेताओं को फायदा पहुँचाने के उद्देश्य से ड्राई डे की संख्या घटा दी गई। यह संख्या पहले 21 थी, वहीं नई शराब नीति के तहत दिल्ली में ड्राई डे महज 3 दिन ही था।

10.) शराब ठेकेदारों को पहले 2.5 प्रतिशत कमीशन मिलता था। वहीं नई शराब नीति के तहत इसे बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया। इससे शराब ठेकेदारों को फायदा हुआ। वहीं सरकारी खजाने को नुकसान झेलना पड़ा।

11.) केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के 2 जोन में शराब निर्माता कंपनी को रिटेल में शराब बेचने की अनुमति दी। वहीं, नियम यह है कि शराब निर्माता और रिटेल विक्रेता अलग-अलग होगा।

12.) उपराज्यपाल से अनुमति लिए बिना ही दो बार आबकारी नीति को आगे बढ़ाया गया। साथ ही मनमाने ढंग से छूट दी गई। इसका शराब कंपनियों ने फायदा उठाया। कैबिनेट की बैठक बुलाकर ही सारे फैसले ले लिए गए।

13.) दिल्ली सरकार ने बिना किसी ठोस आधार के टेंडर में नई शर्त जोड़ते हुए कहा था कि हर वार्ड में कम से कम दो दुकानें खोलनी पड़ेंगीं। इसके लिए दिल्ली के आबकारी विभाग ने भी केंद्र सरकार से अनुमति लिए बिना ही अतिरिक्त दुकानें खोलने की अनुमति दे दी। इसका शराब निर्माता कंपनियों ने फायदा उठाया।

14.) सोशल मीडिया, बैनर्स और होर्डिंग्स के जरिए शराब को बढ़ावा देने वालों पर दिल्ली सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। यह दिल्ली एक्साइज नियम 2010 के 26 और 27 नियम का उल्लंघन है।

15.) नई आबकारी नीति लागू करने के लिए केजरीवाल सरकार ने जीएनसीटी एक्ट-1991, ट्रांजैक्शन ऑफ बिजनेस रूल्स 1993, दिल्ली एक्साइज एक्ट 2009 और दिल्ली एक्साइज रूल्स 2010 का सीधे तौर पर उल्लंघन किया।

फंड देने के बहाने की छेड़छाड़…विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी: एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा ने लगाया फाइनेंसर पर आरोप, केस दर्ज

बॉलीवुड प्रोड्यूसर-डायरेक्टर साजिद खान (Sajid Khan) और राज कुन्द्रा (Raj Kundra) पर यौन शोषण का आरोप चुकी एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा एक बार फिर चर्चा में हैं। शर्लिन ने शुक्रवार (14 अप्रैल 2023) को मुंबई के जुहू थाने में एक फाइनेंसर के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया। आरोपित का नाम सुनील लोढ़ा है।

अभिनेत्री ने अपनी शिकायत में कहा कि आरोपित ने वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए पैसे देने के बहाने उसके साथ छेड़छाड़ की, जब उन्होंने उसका विरोध किया, तो उसने उनके साथ गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। मुंबई पुलिस के अनुसार, आरोपित के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 506, 509 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की जाँच जारी है।

मूवी टॉकीज की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में शर्लिन चोपड़ा (Sherlyn Chopra) ने अपने अगले म्यूजिक वीडियो की फंडिंग के लिए बिजनेसमैन सुनील लोढ़ा से मुलाकात की थी। शर्लिन ने दावा किया कि सुनील लोढ़ा ने एक्ट्रेस को म्यूजिक वीडियो के लिए फंड करने का वादा करके उनके साथ छेड़छाड़ की। वह इस मामले में चुप नहीं रहेंगी और आज फाइनेंसर का पर्दाफाश करेंगी। एक्ट्रेस प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घटना के बारे में खुलकर बताएँगी।

बता दें कि शर्लिन चोपड़ा ने इससे पहले साजिद खान और शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उन्होंने ‘बॉस 16’ में साजिद खान को रखने पर सलमान खान पर भी निशाना साधा था। शर्लिन ने 10 अक्टूबर 2022 को ट्विटर पर एक आर्टिकल शेयर करते हुए कहा था, “अब समय आ गया है कि सलमान खान स्टैंड लें। साजिद खान ने मुझे अपना प्राइवेट पार्ट दिखाकर 0-10 के स्केल पर रेटिंग करने को कहा था। मैं ‘बिग बॉस 16’ के घर में जाकर साजिद खान को रेटिंग देना चाहती हूँ। मैं चाहती हूँ कि पूरी दुनिया इसकी गवाह बने। सलमान खान जी प्लीज स्टैंड लीजिए।” उन्होंने यह भी कहा था, “अगर साजिद ने सलमान खान के करीबी या किसी जानने वाली लड़की के साथ छेड़छाड़ की होती, तो क्या वह साजिद को ‘बिग बॉस’ के घर में एंट्री करने देते?

6 साल में 183 ढेर, 10933 एनकाउंटर: योगी राज में UP पुलिस ने मिट्टी में मिलाए कई माफिया, मेरठ जोन में मारे गए सबसे ज्यादा क्रिमिनल

जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे असद और उसके शूटर गुलाम को यूपी एसटीएफ ने 13 अप्रैल को 2023 को एक एनकाउंटर में मार गिराया। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से अब तक 183 अपराधी मुठभेड़ में मारे गए हैं। इस सरकार के 6 साल में 10 हजार से ज्यादा एनकाउंटर हुए हैं। असद-गुलाम एनकाउंटर के बाद मीडिया से बात करते यूपी के स्पेशल एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार और स्पेशल टास्क फोर्स के एडीजी अमिताभ यश ने यह जानकारी दी।

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार साल 2017 में बनी थी। मुख्यमंत्री बनते ही योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम शुरू किया गया। इसके तहत अलग-अलग तरीकों से अपराधियों पर शिकंजा कसा गया। मार्च 2017 से लेकर 14 अप्रैल 2023 तक प्रदेश में कुल 10,933 मुठभेड़ हो चुके हैं। इन मुठभेड़ों में 183 अपराधी मार गिराए गए हैं। मुठभेड़ के दौरान जख्मी होने के बाद 5046 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। मुठभेड़ के बाद कुल मिलाकर 23, 348 अपराधी पकड़े गए हैं।

मीडिया रिपोर्टों की मानें तो प्रदेश में सबसे ज्यादा मुठभेड़ मेरठ जोन में हुआ है। पिछले 6 सालों में यहाँ 3205 मुठभेड़ हुए हैं। इनमें 64 अपराधियों को मार गिराया गया है। वहीं 1708 अपराधी घायल हुए हैं। मेरठ जोन में 6 सालों में 1 पुलिसकर्मी बलिदान भी हुआ है, जबकि 401 घायल हुए हैं। पुलिस ने जोन से 5967 अपराधियों को पकड़ा है। मेरठ के बाद आगरा में 1844 एनकाउंटर हुए हैं, जिसमें 14 अपराधी मारे गए हैं। इस दौरान 4654 अपराधी गिरफ्तार किए गए। आगरा के बाद बरेली में 1497 मुठभेड़ की घटनाएँ हुई हैं। इनमें 7 अपराधी मारे गए हैं और 3410 को गिरफ्तार किया गया है। इस जोन में भी एक पुलिसकर्मी बलिदान हुए हैं।

आँकड़ों के मुताबिक पिछले 6 वर्षों में अपराधियों के खिलाफ इस तरह के अभियानों में कुल 13 पुलिसकर्मी बलिदान हुए हैं। 1443 पुलिस के जवान घायल हुए हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सीएम योगी के पहले कार्यकाल के दूसरे वर्ष यानी 2018 में सबसे ज्यादा एनकाउंटर हुए। वहीं सबसे कम एनकाउंटर 2022 में हुए। उल्लेखनीय है कि 2022 के विधानसभा चुनावों में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी सत्ता में वापसी करने में सफल रही थी। इसकी सबसे बड़ी वजह कानून-व्यवस्था में सुधार और अपराधियों के खिलाफ की गई सख्ती ही थी।

नॉर्थ-ईस्ट को PM मोदी ने दिया पहला AIIMS, ₹14300 करोड़ के प्रोजेक्ट्स भी: कहा- पहले वाले क्रेडिट के भूखे थे इसलिए, पूर्वोत्तर उनके लिए बहुत दूर था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम दौरे पर हैं। यहाँ उन्होंने असम को AIIMS गुवाहाटी समेत 14300 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की सौगात दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दशकों तक देश में राज करने वाले लोग कहते हैं कि उन्हें क्रेडिट नहीं मिलता।

पीएम मोदी शुक्रवार (14 अप्रैल 2023) को असम के गुवाहाटी में पूर्वोत्तर भारत को पहले एम्स की सौगात दी। प्रधानमंत्री ने AIIMS गुवाहाटी के अलावा नलबाड़ी, नागाँव और कोकराझार के 3 मेडिकल कॉलेजों का भी वर्चुअली उद्घाटन किया। इसके अलावा उन्होंने ‘असम एडवांस्ड हेल्थ केयर इनोवेशन इंस्टीट्यूट’ तथा पलाशबाड़ी और सुआलकुची को जोड़ने वाले ब्रह्मपुत्र नदी पर पुल और शिवसागर के ‘रंग घर’ के सौंदर्यीकरण की आधारशिला रखी। कुल मिलाकर इस दौरे पर प्रधानमंत्री ने 14300 करोड़ रुपए की विकासकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा है, “आजकल एक नई बीमारी देखने को मिल रही है। मैं देश में कहीं भी जाता हूँ और पिछले 9 वर्षों में हुए विकास की चर्चा करता हूँ तो कुछ लोगों को बहुत परेशानी हो जाती है। ये नई बीमारी है। वो शिकायत करते हैं कि दशकों तक उन्होंने भी देश पर राज किया है। लेकिन उन्हें क्रेडिट क्यों नहीं मिलता। क्रेडिट के भूखे लोगों और जनता पर राज करने की भावना ने देश का बहुत नुकसान किया है।”

पीएम ने आगे कहा, “जनता तो जनार्दन का रूप होती है। ईश्वर का रूप होती है। पहले वाले क्रेडिट के भूखे थे। इसलिए, पूर्वोत्तर उनके लिए बहुत दूर था। पराए पन का भाव उन्होंने पैदा कर दिया था। हम तो सेवा भाव से आपके सेवक होने की भावना से समर्पण भाव से आपकी सेवा करते हैं। आज नॉर्थ-ईस्ट में लोगों ने विकास की बागडोर आगे बढ़कर खुद संभाल ली है। भारत के विकास के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा है कि केंद्र सरकार ने बीते वर्षों में 15 नए AIIMS पर काम शुरू किया। इनमें से अधिकतर में इलाज और पढ़ाई दोनों सुविधा शुरू हो चुकी है। AIIMS गुवाहाटी भी इसका परिणाम है कि सरकार जो संकल्प लेती है उसे सिद्ध करके दिखाती है। यह असम की जनता का प्यार है जो उन्हें खींचकर ले आता है। बीजेपी की सरकारों में नीति, नीयत और निष्ठा किसी स्वार्थ से नहीं बल्कि ‘राष्ट्र प्रथम, देशवासी प्रथम’ इसी भावना से नीतियाँ तय होती हैं।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा है, “बीजेपी वोटबैंक की बजाए देश की मुश्किलों को कम करने पर ध्यान दे रही है। सरकार ने लक्ष्य बनाया है ताकि हमारी बहनों को इलाज के लिए दूर ना जाना पड़े। यह भी तय किया कि किसी गरीब को पैसे के अभाव में अपना इलाज न टालना पड़े। सरकार का प्रयास है कि देश के गरीब परिवारों को भी घर के पास ही बेहतर इलाज मिले।”

बनेगा विश्व रिकॉर्ड…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम दौरे पर यहाँ के प्रसिद्ध बिहू महोत्सव में भी भाग लेंगे। इस महोत्सव में 11000 से अधिक कलाकार पीएम के सामने रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे। साथ ही एक ही स्थान पर दुनिया के सबसे बड़े बिहू नृत्य का प्रदर्शन करते हुए अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल कराने का प्रयास करेंगे। इस नृत्य कार्यक्रम में राज्य के 31 जिलों के कलाकार हिस्सा लेंगे।

‘जब तक बाबा CM हैं अपराधी छोड़ दें UP’: असद-गुलाम एनकाउंटर पर हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास, यूपी STF को देंगे इनाम

अतीक अहमद के बेटे असद अहमद और शूटर मोहम्मद गुलाम का एनकाउंटर करने वाली यूपी एसटीएफ की टीम को अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास 51 हजार रुपए का पुरस्कार देंगे। उन्होंने वीडियो जारी कर इसकी घोषणा की है। अपराधियों के एनकाउंटर के लिए उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को बधाई भी दी है।

महंत राजू दास ने अपने यूट्यूब चैनल पर जारी वीडियो में माफियाओं से प्रदेश छोड़कर चले जाने की बात कही। उन्होंने कहा, “जिस तरह उत्तर प्रदेश में माफियाओं की कमर तोड़ी जा रही है, मैं उत्तर प्रदेश के माफियाओं से अपील करना चाहता हूँ कि जब तक बीजेपी की सरकार है और बाबा (योगी आदित्यनाथ) मुख्यमंत्री हैं तब तक या तो प्रदेश छोड़कर चले जाएँ या शांत हो जाएँ।”

हनुमानगढ़ी के पुजारी ने एनकाउंटर करने वाली एसटीएफ की टीम के लिए 51000 रुपए के इनाम की घोषणा की। महंत राजू दास ने सरकार से बचे हुए आरोपितों के भी एनकाउंटर की माँग की। उन्होंने कहा, “जहाँ संविधान का राज हो वहाँ अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ गया कि बमों से हमले किए गए। इन हमलों में पुलिस वाले और आम लोग मारे गए।”

बता दें कि 24 फरवरी 2023 को दिन दहाड़े उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी। इस दौरान उमेश पाल के साथ उनके दो सुरक्षाकर्मी भी मारे गए थे। पेशे से वकील रहे उमेश पाल बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह थे। राजूपाल की हत्या 2005 में कर दी गई थी। राजूपाल की हत्या का आरोप अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद पर है।

उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस ने अतीक अहमद समेत 18 लोगों पर एफआईआर दर्ज किया है। इनमें ज्यादातर लोग अतीक के परिवार वाले हैं। उमेश पाल की हत्या में शामिल 4 आरोपितों को अबत क एनकाउंटर में मार गिराया गया है। इनमें अतीक का तीसरा बेटा असद, शूटर उस्मान, अरबाज और मोहम्मद गुलाम शामिल हैं।

नीतीश कुमार देख रहे दिल्ली का ख्वाब, आंबेडकर जयंती पर ‘खंडित भारत’ दिखा रही जदयू: बोली BJP- PFI और टुकड़े-टुकड़े गैंग का असर

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी है, जनता दल यूनाइटेड (JDU)। डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की जयंती पर शुक्रवार (14 अप्रैल 2023) को जदयू ने एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में भारत का अधूरा मैप दिखाया गया था। विरोध होने के बाद पार्टी ने यह ट्वीट डिलीट कर दिया है। बीजेपी का आरोप है कि ऐसा प्रतिबंधित इस्लामी संगठन पीएफआई के आकाओं को खुश करने के लिए किया गया था।

जदयू ने ‘खंडित भारत’ वाला ट्वीट ऐसे समय में किया है, जब नीतीश कुमार का ‘दिल्ली ख्वाब’ फिर से हिलोरे मारने लगा है। बिहार में रामनवमी शोभा यात्राओं पर हुए हमले के बीच वे एक ऐसी इफ्तार पार्टी में शामिल हुए थे, जिसके पीछे लालकिला दिखाया गया था। इसके जरिए राजनीतिक संदेश देने के बाद उन्होंने दिल्ली आकर काॅन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गाँधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। इन मुलाकातों के बाद उन्होंने 2024 के आम चुनावों से पहले बीजेपी के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की बात कही। हालाँकि भविष्य में आकार लेने वाले ऐसे किसी गठबंधन का चेहरा कौन होगा, इस पर उन्होंने चुप्पी साध रखी है। लेकिन जानकार बताते हैं कि प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी की आकांक्षा में ही नीतीश कुमार ने पिछले साल बिहार में बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़ा था।

अब आंबेडकर जयंती पर किए गए ट्वीट में भारत का गलत नक्शा दिखाकर पार्टी विवादों में है। यह ट्वीट जनता दल यूनाइटेड के आधिकारिक अकाउंट से किया गया था। ट्वीट में कहा गया था, “समाज के हर पीड़ित और वंचित वर्ग के लिए न्याय और समानता की लंबी लड़ाई लड़ने वाले भारत रत्न बाबा साहेब डाॅक्टर भीमराव आंबेडकर की जयंती पर उन्हें कोटि कोटि नमन।” इसके साथ एक पोस्टर भी शेयर किया गया था। इस पोस्टर में भारत का नक्शा, संसद, आंबेडकर और नीतीश कुमार की तस्वीर दिखाई गई थी। लेकिन भारत का नक्शा अधूरा लगाया गया था। जम्मू-कश्मीर के आधे हिस्से को गायब कर दिया गया था।

इस ट्वीट को लेकर बीजेपी ने बिहार की सत्ताधारी पार्टी जदयू को घेरा है। बिहार बीजेपी ने ट्वीट कर कहा है, “बाबा साहेब की जयंती पर ही जनता दल यूनाइटेड के जमूरों ने खंडित भारत दिखाकर संविधान को तार-तार किया है। अपने पीएफआई के आकाओं और नए-नवेले दोस्तों को खुश करने के लिए आखिरकार इतना तो इन्हें करना ही पड़ेगा। लेकिन कान खोलकर सुन लो, जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा।”

वहीं, बिहार भाजपा के सोशल मीडिया प्रभारी मनन कृष्ण ने सिलसिलेवार ट्वीट कर सीएम नीतीश कुमार व जदयू अध्यक्ष ललन सिंह को घेरा है। एक ट्वीट में उन्होंने कहा है, “भारत के खंडित नक्शे का प्रयोग दिखलाता है कि पीएफआई और टुकड़े-टुकड़े गैंग के समर्थक इस पार्टी पर किस कदर हावी हो चुके हैं। बाबा साहब की जयंती के दिन किया गया यह अभद्र आचरण न केवल उनके समर्थकों बल्कि देश के हर एक नागरिक का अपमान है। देखना है कि बिहार पुलिस इस पर क्या कारवाई करती है।”

18000 गायों की झुलसकर मौत, ₹3 अरब का नुकसान: अमेरिका के सबसे बड़े डेयरी फार्म में भीषण हादसा, जिंदा बचीं सिर्फ 10% गायें

अमेरिका के टेक्सास में एक डेयरी फार्म में हुए विस्फोट में 18000 से अधिक गायों की मौत हो गई। विस्फोट के बाद आसपास के इलाकों में आग फैल गई। आग लगने का कारण अब तक पता नहीं चल सका है। घटना सोमवार (10 अप्रैल 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विस्फोट अमेरिका के टेक्सास प्रांत के डिमिट में साउथ फोर्क डेयरी फार्म में हुआ। विस्फोट और उससे लगी आग इतनी भयानक थी कि घटना स्थल पर घण्टों तक धुँए का गुबार दिखता रहा। घटना के समय गायों को दूध निकालने के लिए बाड़े पर खड़ा किया गया था। इसी दौरान यह हादसा हो गया। फायरब्रिगेड ने मौके पर पहुँचकर आग बुझाने की कोशिश की।

हालाँकि आग बुझाने में कई घण्टों का वक्त लग गया। आग बुझने पर पता चला कि डेयरी फार्म की 18000 से अधिक गायों की मौत हो गई। अब डेयरी फार्म में महज 10 प्रतिशत गायें ही बची हैं। यह डेयरी फार्म टेक्सास के सबसे बड़े दुग्ध उत्पादक फार्म में से एक था। आग लगने के बाद पूरा डेयरी फार्म जलकर तबाह हो चुका है। डेयरी फार्म की गाय की कीमत औसतन 2000 डॉलर यानी करीब 163000 रुपए थी। इस हादसे में फार्म के मालिक को करीब 3 अरब रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

डेयरी फार्म में आग लगने से एक व्यक्ति भी बुरी तरह झुलस गया। समय रहते फायर ब्रिगेड की टीम ने उसे बाहर निकाल लिया। अन्यथा उसकी भी मौत हो सकती थी। घायल व्यक्ति को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर है। इस घटना की फोटो, वीडियो भी सामने आई है।

घटना पर, अमेरिका के सबसे पुराने पशु संरक्षण संगठनों में से एक एनिमल वेलफेयर इंस्टीट्यूट (AWI) ने चिंता जताई है। AWI ने कहा है कि अमेरिका के खलिहानों में आग लगने से हर साल सैकड़ों-हजारों पशु मारे जाते हैं। इसके बाद भी अमेरिका के कुछ राज्यों में ही पशुओं के लिए ऐसी इमारतें बनाई गईं हैं जो आग लगने से तबाह न हों। AWI ने यह भी कहा है कि जानवरों को आग से बचाने के लिए कुछ राज्‍यों में किसी प्रकार का कोई कानून नहीं है। इसके लिए कानून बनाया जाना चाहिए। कहा जा रहा है कि अमेरिका में बीते एक दशक में आग लगने से 65 लाख से अधिक पशु-पक्षियों की मौत हुई है।

‘हम 90 साल बाद मिलेंगे, प्लीज दोबारा जन्म मत लीजिएगा…’: पढ़िए सतीश कौशिक की बेटी वंशिका का वह लेटर जिसे सुन सबकी आँखों में आए आँसू

बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर (Anupam Kher) ने गुरुवार (13 अप्रैल 2023) को अपने सबसे खास दोस्त दिवंगत सतीश कौशिक का 67वाँ जन्मदिन (Satish Kaushik Birthday) मनाया। डायरेक्टर-प्रोड्यूसर सतीश कौशिक के जन्मदिन की शाम ऑडिटोरियम में उनके दोस्त, उनके चाहने वाले और उनके साथ काम करने वाले लोग पहुँचे। इसमें अनिल कपूर, रानी मुखर्जी, सोनाली बेंद्रे, नीना गुप्ता, जॉनी लीवर, उदित नारायण, सुभाष घई जैसे कई बड़े नाम थे, जो चार घंटे चले इस इवेंट के आखिरी पल तक वहाँ मौजूद रहे।

इस दौरान सतीश कौशिक की बेटी वंशिका ने स्टेज से अपने पापा को लिखा एक इमोशनल लेटर सबके सामने पढ़ा, जिसे सुनने के बाद कोई भी अपने आँसू नहीं रोक पाया। वंशिका के साथ स्टेज पर अनुपम खेर भी मौजूद थे। अभिनेता ने अपने इंस्टाग्राम और ट्विटर अकाउंट पर वंशिका का लेटर पढ़ते हुए वीडियो भी शेयर किया है।

नीचे आप वंशिका का यह लेटर हूबहू उनके शब्दों में पढ़ सकते हैं;

हैलो पापा, मुझे पता है कि आप नहीं हैं लेकिन मैं आपको यह बताना चाहती हूँ कि मैं आपके लिए हमेशा रहूँगी। आपके सारे दोस्तों ने मुझे स्ट्रॉन्ग रहना सिखाया है। लेकिन मैं आपके बिना नहीं रह सकती। आपकी बहुत याद आती है। अगर मुझे पता होता कि ये होने वाला है, तो मैं आपके साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताने के लिए स्कूल नहीं जाती। काश मैं आपको एक बार गले लगा पाती, लेकिन अब आप कहीं चले गए हैं। आप हमेशा दिल में रहेंगे। काश जैसे फिल्मों में दिखाते हैं, वैसा कोई जादू हो जाता और आप जिंदा हो जाते। मुझे नहीं पता कि अब जब माँ मुझे होमवर्क नहीं करने पर डाँटेंगी, तो मैं क्या करूँगी। अब स्कूल जाने का भी मन नहीं करता है कि जो दोस्त मेरा मजाक उड़ाते हैं, उन्हें कैसे जवाब दूँगी। हर वक्त आपकी याद आती है। मैंने आपके लिए पूजा भी की है, क्योंकि मैं चाहती हूँ कि आप स्वर्ग में जाएँ और खुश रहें। वहाँ बड़े से बंगले में रहें और फरारी, बड़ी गाड़ियाँ चलाएँ। टेस्टी खाना खाएँ। कोई नहीं, हम 90 साल बाद मिलेंगे। प्लीज दोबारा जन्म मत लीजिएगा, हम वहीं मिलेंगे। प्लीज मुझे याद रखिएगा। मैं आपको हमेशा याद रखूँगी पापा। जब भी आँखें बंद करती हूँ और अपने दिल को छूती हूँ, तो आप नजर आते हैं। मुझे सही दिशा दें, ताकि मैं आगे बढ़ सकूँ। आप मेरी जिंदगी में हमेशा रहेंगे। आई लव यू… मुझे दुनिया के सबसे बेस्ट पापा मिले थे।

सोशल मीडिया पर भी वंशिका के इस लेटर ने सबको इमोशनल कर दिया है। आरती नागपाल ने लिखा, “कल आपने (अनुपम खेर) वंशिका के दिल के साथ न जाने कितने दिल जीते हैं। प्रभु आपको हिम्मत दें, लंबी उम्र दें और अच्छी सेहत दें, ताकि आप दुनिया को स्वयं के उदाहरण से निःस्वार्थ प्रेम करना सिखा सकें।”

बता दें कि बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और डायरेक्टर सतीश कौशिक का दिल का दौरा पड़ने से 8 मार्च 2023 की देर रात 66 वर्ष में निधन हो गया। मौत से पहले उन्होंने बेचैनी की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें गुरुग्राम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बचाया नहीं जा सका।

‘कुत्ते ने फाड़ दिया CM का पोस्टर, तुरंत कार्रवाई हो’ : आंध्र प्रदेश में TDP नेता की अजीबोगरीब शिकायत, कहा- कुत्ते की वजह से 6 करोड़ लोगों की भावना आहत हुई

आंध्र प्रदेश से एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है। यहाँ मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी (Jagan Mohan Reddy) का पोस्टर फाड़ने के आरोप में एक कुत्ते के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। यह मामला विजयवाड़ा पुलिस स्टेशन का है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुत्ता एक घर के बाहर दीवार पर चिपकाए गए रेड्डी के पोस्टर को हटाते हुए दिखाई दे रहा है।

दरअसल, विपक्षी पार्टी तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) की एक महिला नेता दसारी उदयश्री ने कुत्ते के खिलाफ यह शिकायत कटाक्ष के तौर पर कराई। उदयश्री ने कुत्ते की गिरफ्तारी की माँग करते हुए कहा कि पोस्टर फाड़ना CM का अपमान है। वह वीडियो से बेहद दुखी हैं। पुलिस को कुत्ते के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। इसके अलावा जिन लोगों ने कुत्ते को उकसाया और वीडियो वायरल किया उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

उदयश्री ने स्थानीय मीडिया को बताया, “इस कुत्ते ने रेड्डी का पोस्टर फाड़कर आंध्र प्रदेश के 6 करोड़ लोगों की भावनाओं को आहत किया है। हम 151 विधानसभा सीटें जीतने वाले अपने मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी का बहुत सम्मान करते हैं। हमने पुलिस से कुत्ते और उसे पोस्टर फाड़ने के लिए उकसाने वाले लोगों को गिरफ्तार करने का अनुरोध किया है। इन्होंने हमारे मुख्यमंत्री का अपमान किया है।”

वायरल पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स जमकर मजे ले रहे हैं। एक यूजर ने मजे लेते हुए कहा, “हाँ, हमेशा की तरह हमारे नेता वास्तव में महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”

वहीं पटेल नाम के एक अन्य यूजर ने तंज कसते हुए कहा, “अच्छा काम। इस मामले की उच्च स्तरीय जाँच की जरूरत है। जाँच की जाए कि क्या कुत्ते ने सिर्फ पोस्टर ही फाड़ा या फिर उस पर पेशाब भी कर दिया। क्या कुत्ते का टीडीपी या अन्य विपक्षी दलों से कोई संबंध है? उसने ऐसा पहली बार किया है या पेशेवर अपराधी है। मुझे यकीन है कि आंध्र प्रदेश पुलिस सभी सवालों के जवाब ढूँढ लेगी।”

बता दें कि कुत्ते ने जगन मोहन रेड्डी की फोटो वाले जिस पोस्टर को फाड़ा है, उसे सत्तारूढ़ वाईएसआर काॅन्ग्रेस पार्टी (YSRCP) द्वारा आयोजित राज्यव्यापी सर्वेक्षण ‘जगन्नाथ माँ भविष्यथु’ (जगन अन्ना हमारा भविष्य) के दौरान एक घर की दीवार पर चिपकाया गया था। कई टीडीपी समर्थकों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से यह वीडियो शेयर किया है।

‘UP एसटीएफ ने गलत नहीं किया, हम नहीं लेंगे लाश’: असद के साथ ढेर हुए गुलाम की अम्मी का Video, कहा- मुँह भी नहीं देखना चाहती

उत्तर प्रदेश के झाँसी में गुरुवार (13 अप्रैल 2023) को माफिया अतीक अहमद के बेटे असद अहमद और शूटर गुलाम का एनकाउंटर हुआ था। तीन डॉक्टरों के पैनल ने दोनों की शव का पोस्टमॉर्टम किया है। गुलाम की अम्मी खुशनुदा और उसके भाई राहिल ने बॉडी लेने से मना कर दिया है।

प्रयागराज में न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए शूटर गुलाम की अम्मी खुशनुदा ने कहा कि यूपी एसटीएफ ने गलत नहीं किया। उन्होंने कहा कि गलत काम का नतीजा गलत ही होता है। उसने जो किया उसका नतीजा पूरा परिवार भुगत रहा है। खुशनुदा ने कहा, “मैं उसकी लाश नहीं लूँगी। उसकी पत्नी चाहे तो लाश ले सकती है। उसका हक है, मैं उसको मना नहीं कर सकती। मैं अपनी जिम्मेदारी लेती हूँ कि हम लाश नहीं लेंगे।” गुलाम की माँ ने कहा कि वह उसका मुँह तक नहीं देखना चाहती हैं।

गुलाम के भाई राहिल ने भी एनकाउंटर को जायज ठहराया है। राहिल ने कहा कि गुलाम ने बहुत जघन्य कार्य किया था। इसका हम समर्थन नहीं करते। गुलाम के बड़े भाई ने कहा कि मेरी माँ और हमारे परिवार ने फैसला किया है कि हम गुलाम के जनाजे में भी शिरकत नहीं करेंगे।

बता दें इसके पहले गुलाम के मकान और दुकान पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने बुलडोजर कार्रवाई की थी। उस दौरान भी गुलाम के भाई ने मीडिया से कहा था कि उसने बहुत गलत किया है। यूपी पुलिस यदि उसका एनकाउंटर करती है तो हम न तो उसका चेहरा देखेंगे न ही उसकी लाश लेंगे।