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‘नेकलाइन न दिखे’ : सलमान खान ने KKBKKJ के सेट पर लड़कियों के लिए तय कर रखा था ड्रेस कोड, श्वेता तिवारी की हिरोइन बेटी पलक ने किया खुलासा

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान (Salman Khan) की फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ 21 अप्रैल 2023 को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। फिल्म में सलमान के साथ पूजा हेगड़े, शहनाज गिल, जस्सी गिल और टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी की बेटी पलक तिवारी (Palak Tiwari) भी नजर आएँगी।

पलक फरहाद सामजी के डायरेक्टशन में बनने वाली इस फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रही हैं। इसी बीच पलक ने अभिनेता के साथ काम करने के बारे में दिलचस्प खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी फिल्मों में काम करने वाली सभी एक्ट्रेस पर एक नियम लागू होता है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पलक तिवारी ने सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत में बताया कि सलमान खान ने ‘किसी का भाई किसी की जान’ के सेट पर लड़कियों से पूरे कपड़े पहनकर आने के लिए कहा था। पलक ने खुलासा किया, “वह ‘अंतिम: द फाइनल ट्रुथ’ के सेट पर एक सहायक निर्देशक के रूप में काम कर रही थीं, तो सलमान सर का एक नियम था, “मेरे सेट पर किसी भी लड़की की नेकलाइन नजर नहीं आनी चाहिए। सभी लड़कियाँ पूरी तरह से ढकी हुई होनी चाहिए, पूरे कपड़े पहनकर आए, अच्छी लड़कियों की तरह।”

पलक ने आगे कहा कि उनकी माँ श्वेता तिवारी ने जब उन्हें शर्ट और जॉगर्स में सेट पर जाते हुए देखा तो पूछा, “तुम कहाँ जा रही हो? तुमने इतने अच्छे कपड़े कैसे पहने हैं? इस पर मैंने कहा कि मैं सलमान सर के सेट पर जा रही हूँ। फिर उन्होंने मुझसे कहा कि वाह, बहुत अच्छा।”

पलक के अनुसार, “सलमान सर बहुत ट्रेडिशनल हैं। वह कहते हैं कि जो पहनना है पहनो। लेकिन वह यह भी पसंद करते हैं कि लड़कियाँ हमेशा सुरक्षित रहें। अगर सेट पर ऐसे आदमी हैं, जिन्हें वह व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते हैं, तो वहाँ वह हर किसी पर भरोसा नहीं करते थे। उनके मुताबिक लड़कियाँ हमेशा सुरक्षित होनी चाहिए।”

बता दें कि ‘किसी का भाई किसी की जान’ फिल्म के अलावा पलक तिवारी ‘द वर्जिन ट्री’ फिल्म में संजय दत्त के साथ नजर आएँगी। वहीं, सलमान ‘टाइगर 3’ में भी दिखाई देंगे। अप्रैल 2024 से शाहरुख के साथ वह ‘टाइगर वर्सेज पठान’ की भी शूटिंग शुरू करने वाले हैं।

असद-गुलाम के बाद बमबाज गुड्डू मुस्लिम के एनकाउंटर के चर्चे, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा- UP एसटीएफ ने घेरा: उमेश पाल की हत्या में था शामिल

अतीक अहमद के बेटे असद और उसके गुर्गे गुलाम को ढेर किए जाने के बाद बमबाज गुड्डू मुस्लिम के एनकाउंटर के भी चर्चे हैं। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि यूपी एसटीएफ ने उसे भी घेर लिया है। असद और गुलाम को भी झाँसी में 13 अप्रैल 2023 को एसटीएफ ने ही ढेर किया है।

उमेश पाल की हत्या के बाद से ही गुड्‌डू मुस्लिम की तलाश हो रही है। बताया जा रहा है कि उसे जालौन में घेरा गया है। एसटीएफ की टीम गुड्डू मुस्लिम को जिंदा पकड़ने की कोशिश कर रही है। उस पर 5 लाख रुपए का इनाम भी है। मीडिया में चल रही खबरों की माने तो किसी भी वक्त गुड्डू मुस्लिम को लेकर बड़ी जानकारी सामने आ सकती है।

यूपी एसटीएफ ने उमेश पाल मर्डर केस में आरोपित असद अहमद और शूटर मोहम्मद गुलाम पर भी 5-5 लाख रुपए का इनाम था। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार दोनों का एनकाउंटर करने वाली टीम को डीएसपी नवेंदु और विमल लीड कर रहे थे। दोनों के पास से विदेशी हथियार भी बरामद हुए हैं।

कौन है गुड्डू मुस्लिम

उमेश पल हत्याकांड में गुड्डू मुस्लिम मुख्य आरोपित है। सीसीटीवी में वह बम फेंकता नजर आया था। इससे पहले भी कई हत्याओं में उसका नाम आ चुका है। वह राजू पाल की हत्या में भी शामिल रहा था। गुड्डू मुस्लिम अतीक अहमद का काफी पुराना गुर्गा है। गुड्डू बम बनाने का एक्सपर्ट बताया जाता है। अतीक और उसका याराना लगभग 2 दशक पुराना है। गुड्डू के बारे में यहाँ तक कहा जाता है कि वह बाइक पर चलते हुए भी बम बाँध कर उसे टारगेट पर फेंक सकता है।

भागकर गुड्डू मुस्लिम अतीक की बहन के यहाँ गया था

अतीक की बहन आयशा नूरी और उसके शौहर डॉक्टर अखलाक अहमद ने 5 मार्च 2023 को गुड्डू मुस्लिम से मेरठ स्थित अपने घर पर मुलाकात की थी। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। अखलाक ने गले लगाकर उसका स्वागत किया था। पुलिस ने इसके बाद अखलाक को गिरफ्तार कर लिया था।

‘ये मेरे बेटे को श्रद्धांजलि’: असद-गुलाम के एनकाउंटर पर बोलीं उमेश पाल की माँ, डिप्टी सीएम ने ‘UP एसटीएफ’ को दी बधाई; सोशल मीडिया में छाया ‘मिट्टी में मिला देंगे’

उत्तर प्रदेश के माफिया अतीक अहमद के बेटे असद अहमद का झांसी में एनकाउंटर होने के बाद उमेश पाल के घरवालों ने प्रदेश मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया है।

मृतक उमेश की माँ ने एनकाउंटर की खबर सुनने के बाद कहा, “न्याय देने के लिए मैं सीएम योगी का आभार प्रकट करती हूँ और अपील करती हूँ कि ऐसे ही आगे भी हमें न्याय दिलाया जाए।” उन्होंने इस पुलिस कार्रवाई पर कहा- “ये मेरे बेटे को श्रद्धांजलि है।”

वहीं प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने इस एनकाउंटर के बाद यूपी के एसटीएफ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उमेश पाल के एडवोकेट और पुलिस के जवानों के हत्यारों का यही हश्र होना था।

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं यूपी की एसटीएफ को इस कार्रवाई के लिए बधाई देता हूँ। पुलिस ने गोली जवाबी कार्रवाई में चलाई। ये नए भारत में अपराधियों के लिए संदेश है। यूपी में योगी सरकार है न कि समाजवादी पार्टी जो अपराधियों को संरक्षण देगी।”

इस एनकाउंटर के बाद सोशल मीडिया पर सीएम योगी की सराहना की जा रही है। सीएम योगी की वो वीडियो क्लिप शेयर की जा रही है जिसमें उन्होंने कहा था- मिट्टी में मिला देंगे। इस वीडियो को शेयर करके यूजर्स बोल रहे हैं- “मैं जो कहता हूँ, वो करता हूँ। मिट्टी में मिला दिया।” अमन सिंह ने लिखा- “बाबा जो कहते हैं- वहीं करते हैं। मिट्टी में मिला दिया।”

हनुमान जयंती रैली पर मस्जिद के पास पथराव, कई दुकानों एवं गाड़ियों में लगाई आग: ओडिशा में हिंसा के बाद धारा 144 लागू, इंटरनेट बंद

ओडिशा के संबलपुर में हनुमान जन्मोत्सव पर बुधवार (12 अप्रैल 2023) को निकाली गई मोटरसाइकिल रैली को कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ ने निशाना बनाया। मस्जिद के पास पहुँचते ही भीड़ ने रैली में शामिल लोगों पर हमला कर दिया। पथराव की इस घटना में 10 पुलिस वाले घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद संबलपुर में धारा 144 लागू कर दी गई है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ओडिशा में विशुवा संक्रांति या पाना संक्रांति का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। इसी अवसर पर हनुमान जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। इस साल यह उत्सव 14 अप्रैल को मनाया जाएगा। इसके पहले 12 अप्रैल को हनुमान जयंती समन्वय समिति व बजरंग दल की तरफ से बाइक रैली का आयोजन किया गया। रैली जब धानुपाली इलाके के एक मस्जिद के पास पहुँची तो अचानक रैली में शामिल लोगों पर पथराव शुरू हो गया।

पथराव के बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया। पथराव की घटना में संबलपुर के ASP सहित 10 पुलिस वालों को भी चोटें आई हैं। पुलिस वालों के अतिरिक्त और कितने लोग जख्मी हुए हैं, इस बारे में अभी जानकारी नहीं दी गई है। रैली पर पथराव के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मस्जिद के पास मुस्लिम भीड़ इकट्ठी होकर पत्थरबाजी कर रही है। कट्टरपंथी मुस्लिमों द्वारा की गई हिंसा एवं उपद्रव के बाद रैली में शामिल 2 पहिया गाड़ियाँ सड़कों पर बिखरी पड़ी हैं। एक महिला पुलिस अधिकारी को गंभीर चोट लगी है।

पथराव के बाद फैली हिंसा में कई स्थानीय दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया। कई मोटरसाइकिल और कारों को क्षति पहुँचाई गई। बढ़ती हिंसा को देखते हुए प्रशासन ने फौरी तौर पर इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया। जिले के सभी 6 पुलिस स्टेशनों में धारा 144 लगा दी गई है।

संबलपुर के एसपी बी गंगाधर की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, मामले की जाँच की जा रही है। अब तक 40 लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस बल सभी संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च कर रहे हैं। शहर के संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बलों की तैनाती की गई है।

इससे एक दिन पहले जयब्रत डे नाम के एक स्थानीय नेता के फोन में कुछ वीडियो मिला था, जिसमें ‘हिंसा भड़काने’ की बात थी। इसके बाद जयब्रत को गिरफ्तार कर लिया गया। जयब्रत भाजयुमो (BJYM) के पूर्व नेता थे, जो बाद में बीजद में शामिल हो गए थे। बाद में उन्हें ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के लिए बीजद से भी निष्कासित कर दिया गया था।

रिपोर्टों में कहा गया है कि डे के फोन में आम जनता को लाठी और पत्थरों के साथ तैयार होकर आने के मैसेज भरे हुए मिले। उन्हें दहनुपाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था जहां वह पहले भी हिंसा से जुड़ी घटनाओं में गिरफ्तार हो चुका है।

चीन में उइगर मुस्लिमों के रोजा रखने पर पूरी तरह प्रतिबंध, नजर रखने लिए जासूस तैनात: जातीय सफाया के लिए अल्पसंख्यकों की नसबंदी से लेकर अंगों की तस्करी

उइगर मुस्लिमों पर चीन का कहर जारी है। रजमान के महीने में रोजा रखने की भी उन्हें इजाजत नहीं है। कोई मुस्लिम रोजा ना रख सके, इसके लिए चीन जासूसों की मदद ले रहा है। चीन ने जासूस के रूप में आम लोगों को ही रखा है। चीनी अधिकारी इन्हें ‘Ears’ कहते हैं। बता दें कि साल 2017 से ही चीन ने मुस्लिमों को रोजा रखने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

इसके बाद साल 2021 और 2022 में प्रतिबंध में आंशिक रूप से ढील दी गई थी। इसके बाद 65 से अधिक मुस्लिमों को रोजा रखने की अनुमति मिली थी। इस दौरान पुलिस ने घरों की तलाशी और सड़क पर गश्ती जैसी गतिविधियों को कम कर दिया था।

हालाँकि, इस साल चीन सरकार ने रोजा पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने उम्र, लिंग या पेशे की परवाह किए बिना सभी को रोजा रखने से रोक दिया। बता दें कि इस साल 22 मार्च से 20 अप्रैल तक रमजान का महीना है। इस दौरान मुस्लिम रोजा रखते हैं। रोजा इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक है।

शिनजियांग प्रांत के तुरपुन सिटी पुलिस स्टेशन के अधिकारी के अनुसार, इस बार पूर्ण प्रतिबंध के बाद चीन के अधिकारियों ने रमजान के पहले सप्ताह में 56 उइगर निवासियों और पूर्व बंदियों को उनकी गतिविधियों के बारे में पूछताछ करने के लिए बुलाया। इस दौरान पाया कि उनमें से 54 ने रोजा रखकर कानून का उल्लंघन किया।

कानून का उल्लंघन करने वाले मुस्लिमों को क्या सजा दी गई या उनका क्या हुआ, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। इतना ही नहीं, पुलिस अधिकारियों ने भी इस संबंध में जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार, हर गाँव तीन जासूसों को रखा गया है, जो रोजा रखने वालों या हाल ही में जेल से निकलकर आए लोगों पर नजर रखते हैं। ये जासूस आम नागरिक, पुलिसकर्मी और ग्राम समिति के सदस्य होते हैं।

दरअसल, चीनियों के उइगर भाषा भी एक बड़ा बाधक है। इसलिए वे उइगर समुदाय के लोगों एवं वहाँ के स्थानीय लोगों को ही जासूस के रूप में नियुक्त कर किए हैं। पुलिस थाने में 70-80 उइगर पुलिसकर्मी हैं, जो इसमें मदद करते हैं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शासन में उइगर मुस्लिमों के खिलाफ अत्याचार और बढ़ गए हैं।

दरअसल, मुस्लिम बहुल शिनजियांग प्रांत में उइगर विद्रोहियों को लगभग खात्मा कर चुका चीन इस्लामी कट्टरपंथ पर नकेल कसने के लिए मजहब को पूरी तरह नियंत्रित कर रहा है। इस्लाम को दबाने का काम साल 2018 के बाद से शुरू हुआ, जब चीनी कैबिनेट ने एक गुप्त निर्देश पास किया कि मस्जिदों और मदरसों में अरब के बढ़ते प्रभाव को रोका जाए।

इसके बाद उनकी धार्मिक पहचान मिटाने के लिए वेश-भूषा, खानपान, भाषा से लेकर संस्कृति और इतिहास तक मिटाया जा रहा है। मस्जिदों को ढहा दिया गया, अरबी पढ़ने पर रोक लगा दी, बुर्का और नमाजी टोपी पहनने पर रोक लगा दी गई।

चीन में उइगर मुस्लिमों की आबादी घटना के लिए चीन योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा है। चीन सिर्फ एक निकाह करने की इजाजत दे रहा है। इसके साथ ही मुस्लिम पुरुषों की जबरदस्ती नसबंदी की जा रही है। यहाँ तक उइगर महिलाओं को नियमित रूप से प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया जाता है और उनका जबरन गर्भपात करा दिया जाता है। उनके गर्भाशय में यंत्र फिट कर गर्भधारण की जानकारी जुटाई जाती है।

ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में स्थित अख़बार ‘द हेराल्ड सन’ ने साल 2021 में खुलासा किया था कि चीन उइगर मुस्लिम के अंगों की तस्करी भी कर रहा है और उससे धन कमा रहा है। उइगर मुस्लिमों के स्वस्थ लिवर को चीन 1,60,000 डॉलर्स (1.20 करोड़ रुपए) में बेचा जा रहा है।

अख़बार ने दावा किया था कि इस तरह के धंधों से चीन को 1 बिलियन डॉलर (7492 करोड़ रुपयों) की कमाई हो रही है। इसका अर्थ है कि चीन के जिन प्रताड़ना कैंपों (Detention Centres) में इन उइगर मुस्लिमों को रखा जा रहा है, वहाँ जबरदस्ती उनके अंग निकाल लिए जाते हैं।

रमजान में रोजे के दौरान शौच के बाद कैसे धोएँ… ताकि गुदाद्वार से पेट में न चला जाए पानी: मुफ्ती का वीडियो वायरल – Fact Check

इस्लाम को मानने वालों के लिए रमजान का महीना चल रहा है। सोशल मीडिया पर रमजान से ही संबंधित एक वीडियो वायरल हो रही है। रोजा रखते हुए इस्तिन्जा (Ramzan me istinja) कैसे करें, इसके बारे में एक मुफ्ती वीडियो में बता रहे हैं। इस्तिन्जा का हिंदी में मतलब समझिए – शौच (पखाना) के बाद पिछवाड़ा धोने की प्रक्रिया।

रमजान में चूँकि मुस्लिम लोग दिन भर कुछ खाते भी नहीं हैं, पानी भी नहीं पीते हैं, इसलिए वायरल वीडियो में मुफ्ती बता रहे हैं कि रोजे के दौरान शौच (पखाना) के बाद पिछवाड़ा कैसे धोया जाए ताकि पानी गुदाद्वार से अंदर पेट में न चला जाए। मुफ्ती मामुर बदर कासमी का वीडियो देखिए, जो वायरल हो रहा है। बहुत मजा है इस वीडियो में।

मुफ्ती बता रहे हैं कि इस्तिन्जा करते समय साँस रोक लें। इसके बाद वो हाथ हिला कर (पिछवाड़ा धोने की प्रक्रिया) बता रहे हैं कि पानी का इस्तेमाल करें। साँस रोकने को लेकर मुफ्ती तर्क देते हैं कि इससे पखाने का सुराख (गुदाद्वार) खुलेगा नहीं, टाइट रहेगा। इस कारण से इस्तिन्जा के वक्त पानी गुदाद्वार से होते हुए पेट के अंदर नहीं जाएगा।

रोजे के टूटने की बात कहते हुए मुफ्ती बताते हैं कि कोई चीज अगर मुँह के रास्ते से या पखाने के रास्ते से पेट में चली जाए तो उस कारण से रोजा का टूटना माना जाएगा। अपनी बात में वजन लाने के लिए इस्लामी मजहबी किताबों के कुछ उदाहरण भी देते हैं मुफ्ती।

रोजे में पखाने के बाद पिछवाड़ा कैसे धोएँ?

क्या सच में इस्लाम को मानने वाले लोग ऐसे-ऐसे सवाल करते हैं? क्या सच में मौलाना-मुफ्ती लोगों के ऐसे सवालों का जवाब देते हैं। हमने इन सवालों को तलाशने का काम किया।

वायरल वीडियो सिर्फ 47 सेकंड का है, इसलिए हमारा सबसे पहला काम था पूरे वीडियो को खोजना। यूट्यूब पर मिल भी गया मुफ्ती मामुर बदर कासमी का ऑफिशिअल अकाउंट। यहाँ 5 अप्रैल 2023 को एक शॉर्ट वीडियो अपलोड किया गया है। इसमें मुफ्ती खुद को बदनाम करने की साजिश बताते हुए वायरल वीडियो को एडिटेड बताते हैं।

इस शॉर्ट वीडियो के बाद हमने मुफ्ती मामुर बदर कासमी का ऑरिजनल वीडियो खोजा, जिसको एडिट करके सोशल मीडिया में वायरल किया जा रहा है। यह वीडियो भी हमें मिल गया। 2 साल पहले अपलोड किया गया था। 7 मिनट 18 सेकंड का वीडियो है यह।

पूरे वीडियो को देखने के बाद यह क्लियर है कि मुफ्ती मामुर बदर कासमी ने ‘रोजे में पखाने के बाद पिछवाड़ा कैसे धोएँ’ को लेकर चल रही भ्रांतियों पर बात रखी थी। उन्होंने अपने यूजर को वीडियो में बताया कि इस्तिन्जा करते समय पखाने के रास्ते से पेट में पानी जाने वाली बात असंभव है। हाँ, एक संभावना यह बताई कि जिस इंसान के पखाने का रास्ता (गुदाद्वार) बहुत ढीला हो, उसके पेट में इस्तिन्जा करते समय पानी जा सकता है।

मुफ्ती मामुर बदर कासमी के अनुसार पखाने का रास्ता (गुदाद्वार) बहुत टाइट होता है, उसमें कोई चीज अगर घुसाना चाहें तो वो बड़ी मुश्किल से और बहुत दिक्कत से अंदर जाती है। मुफ्ती ने यह भी बताया कि जब कभी कब्ज हो जाती है तो इसी कारण से पखाना करते समय जान लगानी पड़ती है। मुफ्ती ने स्पष्ट किया कि इससे सिद्ध होता है कि पखाने का रास्ता बहुत सख्त होता है, टाइट होता है।

अपने शॉर्ट वीडियो में मुफ्ती ने यह कहा कि कोई बरेलवी मौलाना हैं, जो यह बता रहे हैं कि रोजे में किस तरह से इस्तिन्जा करना चाहिए। तो आखिर कौन है वो मौलाना, जो यह बताता है कि रोजे में गुदाद्वार को चिपका कर इस्तिन्जा करना चाहिए? और क्या सच में इस्लाम को मानने वाले लोग ऐसे-ऐसे सवाल करते हैं? क्या सच में मौलाना-मुफ्ती लोगों के ऐसे सवालों का जवाब देते हैं। हमने इसको लेकर भी वीडियो सर्च किए।

मुफ्ती मामुर बदर कासमी ने अपने वीडियो में जिस बरेलवी मौलाना का जिक्र किया है, उनका वीडियो भी मिल गया यूट्यूब पर। 5 साल पुराना है। 2 मिनट 25 सेकंड के वीडियो में अलग-अलग यूजर मौलाना से दो सवाल पूछता है। मौलाना के साथ वाला टेक्नॉलजी से जुड़ा हुआ है, आई-पैड पर सवालों को लिखता है। इसके बाद मौलाना इन सवालों का जवाब देता है। दूसरा सवाल इस्तिन्जा से जुड़ा है, सुनिए मौलाना का इसको लेकर जवाब।

“रोजे के हालत में साँस ज्यादा न लें। थोड़ा सिमट कर बैठें, ज्यादा फैल कर न बैठें। इससे पानी पेट तक पहुँच सकता है, जिससे रोजा टूट जाएगा।”

रमजान में शौच के बाद पिछवाड़ा धोने वाले वीडियो का सच

फैक्ट-1: मुफ्ती मामुर बदर कासमी के जिस वीडियो को सेशल मीडिया में वायरल किया जा रहा है, वो वीडियो क्रॉप्ड है। उनका पूरा वीडियो देखने से क्लियर है कि “रमजान में शौच के बाद पिछवाड़ा कैसे धोएँ” मामले पर उन्होंने ज्ञान नहीं दिया है।

फैक्ट-2: “रमजान में रोजे के दौरान शौच के बाद पिछवाड़ा कैसे धोएँ” – इस्लाम को मानने वाले लोग ऐसे वाहियात सवाल करते हैं। मौलाना-मुफ्ती लोगों के ऐसे सवालों का जवाब भी देते हैं।

इधर असद का एनकाउंटर, उधर कोर्ट में रोया-चक्कर खाकर गिर पड़ा अतीक अहमद, लगे ‘योगी जिंदाबाद’ के नारेः मीडिया में चल रही खबरें, झाँसी में यूपी STF ने किया ढेर

उत्तर प्रदेश के माफिया अतीक अहमद के बेटे असद अहमद का आज (13 अप्रैल 2023) यूपी की एसटीएफ ने एनकाउंटर कर दिया। ये एनकाउंटर झाँसी में हुआ। इस दौरान शूटर मोहम्मद गुलाम को भी ढेर किया गया।

उमेश पाल मर्डर केस में ये दोनों आरोपित थे। इनके ऊपर प्रयागराज में 5-5 लाख रुपए का इनाम रखा गया था। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार जिस टीम ने इनका एनकाउंटर किया उसे DySP नवेंदु और DySP विमल झाँसी में लीड कर रहे थे। छानबीन में पुलिस को दोनों आरोपितों के पास से विदेशी हथियार बरामद हुए हैं।

इस एनकाउंटर की जानकारी होने पर अतीक अहमद के फूट-फूटकर पर रोने और चक्कर खाकर गिरने व बेहोश होने की भी खबर सोशल मीडिया में दी जा रही है। बताया जा रहा है कि असद के मारे जाने की सूचना पाकर अतीक खुद को संभाल नहीं पा रहा। वहीं कोर्ट में इस घटना के बाद ‘योगी आदित्यनाथ जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए हैं।

उमेश पाल की माँ ने इस एनकाउंटर के बाद यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया और कहा कि आगे भी उनके साथ ऐसा ही न्याय किया जाए।

उल्लेखनीय है कि एनकाउंटर की खबर ऐसे वक्त में आई है जब अतीक अहमद और उसके भाई को आज कोर्ट में पेश किया गया। इससे पहले अतीक ने गिड़गिड़ाते हुए कहा था, “मेरा परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। मैं जेल में था। मैंने वहाँ से कोई साजिश नहीं रची है। मैंने वहाँ से कोई फोन नहीं किया। वहाँ जैमर लगे हुए हैं। प्रदेश से माफियागीरी पहले ही खत्म हो चुकी है। अब तो सिर्फ रगड़ा जा रहा है।”

याद दिला दें कि उमेश पाल की हत्या के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफियाओं को मिट्टी में मिलाने की बात कही थी। जिस पर अतीक ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, “सरकार ने कहा है कि मिट्टी में मिला देंगे। मिट्टी में तो मिल चुके है। अब सरकार से से अपील है कि घर की औरतों-बच्चों को ना परेशान करे।” हालाँकि, असद के बारे में सवाल करने पर अतीक ने कहा, “मैं क्या जानूँ। मैं तो जेल में हूँ।”

BBC पर ED ने दर्ज किया केस, पैसों के हेरफेर को लेकर FEMA के तहत कार्रवाई: मीडिया संस्थान के दफ्तरों में तीन दिन चला था आयकर सर्वे

वित्तीय अनियमितता को लेकर इंग्लैंड की मीडिया कंपनी BBC के खिलाफ छापेमारी के बाद अब उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बीबीसी इंडिया के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत कार्रवाई की है। बीबीसी पर विदेशी फंडिंग में अनियमितता का आरोप है। 

बता दें कि वित्तीय अनियमितता को लेकर फरवरी में आयकर विभाग (Income Tax Department) ने बीबीसी के दिल्ली और मुंबई दफ्तरों की तीन दिनों तक तलाशी ली थी। इसके बाद यह मामला अंतर्राष्ट्री स्तर पर उठा था। हालाँकि, इसको लेकर इंग्लैंड और अमेरिका ने इस पर कमेंट करने से इनकार कर दिया था।

अधिकारी सर्वे के दौरान बीबीसी के ऑफिस से इकट्ठा किए गए कई दस्तावेज और डेटा को भी अपने साथ लेकर गए थे। हालाँकि, उन्होंने जुटाए गए दस्तावेजों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी थी।

विदेशी मीडिया हाउस में यह सर्वे अर्जित किए गए लाभ को विदेश भेजने और ट्रांसफर प्राइसिंग रूल्स के उल्लंघन के कारण आयकर विभाग ने यह एक्शन लिया था। इसके पहले अधिकारियों ने इससे संबंधित बीबीसी को कई बार नोटिस भेजा था, लेकिन वहाँ से कोई जवाब नहीं आया।

आयकर विभाग ने कहा था कि हस्तांतरण मूल्य निर्धारण नियमों (Transfer Pricing Rules) को जानबूझकर नजरअंदाज करने और विशाल लाभ को विदेश भेजने के मामले में सर्वे किया गया। अधिकारियों का यह भी कहना था कि यह छापेमारी या तलाशी नहीं है। आयकर नियमों के तहत इस तरह के सर्वे नियमित रूप से किए जाते हैं।

इन नियमों की अनदेखी के कारण आयकर विभाग ने बीबीसी को कई नोटिस भेजे थे, लेकिन बीबीसी ने जानबूझकर उनका जवाब नहीं दिया। बीबीसी कार्यालय में सर्वे का मुख्य कारण सूत्रों टैक्स का फायदा सहित अनधिकृत लाभों में हेरफेर है।

आयकर विभाग ने मंगलवार (14 फरवरी 2023) को बीबीसी के दफ्तर पर छापेमारी की थी। कहा जाता है कि उस दौरान अधिकारियों ने कर्मचारियों के मोबाइल और लैपटॉप रखवा लिया था। इसके साथ ही वहाँ के कर्मचारियों को सहयोग करने के लिए कहा था।

बीबीसी ने मंगलवार की शाम को कहा था, “आयकर अधिकारी नई दिल्ली और मुंबई में बीबीसी कार्यालयों में हैं। कई कर्मचारियों ने अब इमारत छोड़ दी है, लेकिन कुछ को वहाँ मौजूद रहने के लिए कहा गया है। वे पूछताछ में सहयोग कर रहे हैं।”

इस सर्वे को लेकर सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की गई थी। सरकार और भारत विरोधी तत्वों ने कहा था कि बीबीसी ने हाल में एक ही डॉक्यूमेंट्री रिलीज की थी, जिसमें गुजरात दंगों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका को लेकर सवाल उठाया गया था। हालाँकि, जो लोग इस बात को समझ रहे थे, वे इससे सहमत नहीं थे।

बता दें कि बीबीसी के कंटेंट को लेकर उस पर दुनिया भर में पक्षपात के आरोप लगते रहते हैं। ट्विटर के नए मालिक एलन मस्क ने बीबीसी की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। दरअसल, सोशल मीडिया कंपनी ने बीबीसी को ‘सरकार द्वारा वित्तपोषित मीडिया’ संगठन के रूप में गोल्ड टिक दिया गया है। उसके ब्लू टिक को हटा दिया गया था। इतना ही एक इंटरव्यू में उन्होंने बीबीसी पर झूठ बोलने का भी आरोप लगाया।

पाकिस्तान के न्यूज चैनल में काम करने वाले हिंदू को घर के बाहर से किया किडनैप, गार्ड और 2 नौकर को भी साथ ले गए: पीड़ित माँ ने पूछा- इस मुल्क में ऐसा क्यों होता है?

पाकिस्तान में ‘बोल न्यूज’ चैनल के लिए काम करने वाले हिंदू युवक आकाश राम को अगवा कर लिया गया है। आकाश बोल न्यूज में मार्केटिंग हेड के तौर पर काम करते हैं। आकाश की माँ ने वीडियो जारी कर पाकिस्तान के हुक्मरानों और किडनैपर्स से उनके बेटे को छोड़ने की अपील की है। आकाश का अपहरण मंगलवार (12 अप्रैल 2023) की सुबह किया गया।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आकाश को कराची स्थित उनके घर के बाहर से ही अगवा कर लिया गया। बोल न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक मार्केटिंग हेड आकाश को उनके सुरक्षा गार्ड और दो अन्य नौकरों के साथ सुबह 6 बजे अगवा किया गया। दावा है कि उन्हें सिल्वर कलर की कार से अगवा किया गया। इस कार को पहले ‘बोल न्यूज’ के दफ्तर के चक्कर लगाते देखा गया था। दावा है कि इलाके के सीसीटीवी कैमरों को भी नष्ट कर दिया गया है।

आकाश के अपहरण के बाद से ही उनकी माँ का रो-रोकर बुरा हाल है। बोल न्यूज के पत्रकार गुलाम अब्बास शाह ने ट्विटर पर आकाश की माँ का वीडियो शेयर किया है। आकाश की माँ इस वीडियो में रोते हुए बेटे को वापस करने की माँग कर रही हैं। आकाश की माँ ने पूछा, “इस मुल्क में ऐसा क्यों होता है? मेरे बेटे ने इस मुल्क (पाकिस्तान) के लिए क्या कुछ नहीं किया? उसने हमेशा गरीबों की मदद की। उसका कसूर क्या है?”

आकाश की माँ ने बताया कि उनके छोटे बेटे ने आकाश के अपहरण की जानकारी दी। उसके बाद से वह कहाँ है इसकी कोई खबर नहीं है। उन्होंने कहा,”मुझे इसका अंदाजा नहीं है कि मेरे बेटे को क्यों अगवा किया गया है। मुझे बस मेरा बेटा चाहिए।”

बता दें कि पाकिस्तान में लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। मार्च 2023 में ही तीन अल्पसंख्यकों की टारगेट किलिंग की गई थी। 31 मार्च को पेशावर में दयाल सिंह नाम के शख्स को तब गोली मारी गई जब वे अपनी दुकान में बैठे थे। 20 मार्च को कराची में एक हिंदू डॉक्टर बिरबल जेनानी को गोली मार दी गई थी। पाकिस्तान के हैदराबाद में 7 मार्च को एक अन्य डॉक्टर धरम देव राठी की उनके ही ड्राइवर ने हत्या कर दी थी। बताया गया कि डॉ. राठी के ड्राइवर ने धारदार हथियार से उनका गला काट दिया था।

‘पहले गढ़े ई-मेल, फिर जाकिर खान को कहकर आगे भिजवाया’: शराब घोटाले में मनीष सिसोदिया का ‘ई-मेल वाला फ्रॉड’ ED ने कोर्ट को बताया

शराब घोटाले को लेकर दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) को राहत मिलती नहीं दिख रही है। मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार (12 अप्रैल) को अपनी दलील पूरी की। इस दौरान एजेंसी ने कहा कि मनीष सिसोदिया ही पूरे मामले के अहम साजिशकर्ता बताया हैं। उन्होंने आबकारी नीति से संबंधित फर्जी ईमेल कराए।

प्रवर्तन निदेशालय ने राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष जज एमके नागपाल की अदालत को बताया कि आबकारी नीति लागू कराने में पूर्व उपमुख्यमंत्री की मुख्य भूमिका रही है। उन्होंने आबकारी नीति पर जनता की सहमति दिखाने के लिए फर्जी ईमेल कराए। इस मामले पर अब अगली सुनवाई 18 अप्रैल 2023 को होगी।

आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका का विरोध करते हुए ED ने कहा, “मनीष सिसोदिया ने ईमेल प्लांट किए थे। ये ईमेल न सिर्फ आबकारी विभाग के आधिकारिक ईमेल पर आए, बल्कि मनीष सिसोदिया के व्यक्तिगत ईमेल में भी भेजे गए। इसकी सामग्री मनीष सिसोदिया ने दी थी, जो उनके एजेंडे के अनुकूल थी।”

ED ने आगे कहा कि इन प्री-ड्राफ्ट ईमेल को भेजने के निर्देश दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जाकिर खान को दिए गए थे। ED के वकील जोहेब हुसैन ने अदालत को बताया, “ज़ाकिर खान ने तब अपने इंटर्न से ये ईमेल भेजने के लिए कहा था। एक नीति के लिए सार्वजनिक स्वीकृति दिखाने के लिए यह मनगढ़ंत ईमेल था।”

ED ने अदालत को बताया कि उत्पाद शुल्क नीति बिना किसी चर्चा के बनाई गई थी और किसी भी ज्ञात विवेक के विपरीत थी। हुसैन ने अदालत को बताया कि विशेषज्ञ समिति द्वारा सुझाया गया मॉडल यह था कि व्यक्ति आवेदन करेंगे और दो खुदरा वेंडर प्राप्त करेंगे।

वकील हुसैन ने कहा, “यह कार्टेलाइज़ेशन से बचने के लिए था। यह लॉटरी सिस्टम के जरिए होना था। हालाँकि, मनीष सिसोदिया ने सीमित इकाई मॉडल को प्राथमिकता दी।” हुसैन ने कहा कि नीति का निर्माण गोपनीयता से नहीं की जाती। गोपनीय तरीके से साजिश रची जाती है।

हुसैन ने अदालत से कहा कि मनीष सिसोदिया का यह तर्क कि ‘ये नीतिगत विचार है और अदालत को दूसरा अनुमान नहीं लगाना चाहिए’ पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण टेलीपैथिक रूप से नहीं होता है। एक नीति पारदर्शी और निष्पक्ष होती और उसे विचार-विमर्श के साथ पेश किया जाता है।

जमानत का विरोध करते हुए ED ने कहा कि मामले की जाँच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिनकी जाँच हो रही है। इस पर बचाव पक्ष के वकील ने कहा, “ऐसा गोपनीय ढंग से नहीं किया जाना चाहिए। सीलबंद लिफाफे का धंधा रोका जाए। अगर मेरे खिलाफ किसी चीज का इस्तेमाल मुझे मेरी आजादी से वंचित करने के लिए किया जाता है तो उसे मेरे सामने भी रखा जाना चाहिए।”

इस पर प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि आरोपित की गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ जाँच पूरी करने के लिए एजेंसी को 60 दिन दिए गए थे। यह अवधि अभी पूरी नहीं हुई है। ED ने कहा कि वह इसे 60 दिनों के बाद अदालत के सामने रखेगी। मनीष सिसोदिया के वकील ने अपना पक्ष रखने के लिए समय माँगा। इसके बाद सुनवाई 18 अप्रैल तय कर दी गई।

AAP सांसद संजय सिंह का ED पर आरोप

उधर, AAP सांसद संजय सिंह ने बुधवार (12 अप्रैल 2023) को ED पर जबरन अपने अनुसार बयान देने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आबकारी नीति मामले में छह गवाहों ने हाईकोर्ट जाकर ईडी की साजिश का पर्दाफाश किया।

सांसद ने कहा कि चंदन रेड्डी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि ED ने उन्हें इतना मारा-पीटा कि उनके दोनों कान के पर्दे फट गए। परिवार की धमकी देकर कहा गया कि जैसा वे कहते है, वैसा लिखो वरना तुम्हारे परिवार का वो हाल किया जाएगा कि तुम कहीं मुँह दिखाने लायक नहीं रहोगे। उन्होंने कहा कि चंदन को थर्ड डिग्री देकर हस्ताक्षर कराया गया।

सांसद संजय सिंह ने आगे कहा कि अरुण पिल्लई की पत्नी, बेटी और परिवार के लोगों को धमकाया गया। इसके बाद उनका बयान लिया। संजय सिंह ने दावा किया कि अरुण पिल्लई ने न्यायालय के सामने कहा कि उनसे ED ने जबरन झूठा बयान लिया है। समीर महेंद्रू को धमकाने के लिए उनकी पत्नी को बुलाकर गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उनसे झूठा बयान लिया गया। 

संजय सिंह ने यह भी कहा कि भूषण बेलगावी को भी प्रताड़ित किया गया और जबरन झूठा बयान लिया। सांसद ने कहा कि बेलगावी ने भी कोर्ट के सामने कहा कि ED ने जबरदस्ती बयान लिया है। इसी तरह मनस्विनी प्रभुणे को भी धमकाकर झूठा बयान लिया गया।