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भगोड़े अमृतपाल का राइट हैंड पपलप्रीत गिरफ्तार: हर वक्त साए की तरह नजर आता था साथ, ISI के साथ संबंधों के चलते जा चुका है जेल

पंजाब पुलिस ने सोमवार (10 अप्रैल 2023) को खालिस्तानी भगोड़े अमृतपाल सिंह के करीबी पपलप्रीत सिंह को होशियारपुर से गिरफ्तार कर लिया है। पपलप्रीत ने ही अमृतपाल को पंजाब से भागने में मदद की थी। उसकी अमृतपाल के साथ फोटो भी सामने आई थी। पपलप्रीत के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से भी संबंध हैं। उस पर NSA लगाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पंजाब पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट ने पपलप्रीत सिंह को होशियारपुर से गिरफ्तार किया है। हालाँकि, कुछ रिपोर्ट में उसकी गिरफ्तारी अमृतसर का काठू नांगल एरिया बताई जा रही है। 18 मार्च 2023 को हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस की पकड़ से बच निकलने के बाद पपलप्रीत कई बार अमृतपाल के साथ देखा गया था। इसके कई सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए थे। पपलप्रीत अमृतपाल के साथ कभी बाइक पर तो कभी जुगाड़ू रेहड़ी पर भागता नजर आया था।

पंजाब में खालिस्तानी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पपलप्रीत पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के इशारे पर नाच रहा था। पंजाब पुलिस और इंटेलीजेंस एजेंसियाँ लगातार अमृतपाल और पपलप्रीत की तलाश में जुटी हुई थीं, लेकिन दोनों लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। हालाँकि, गत 1 अप्रैल 2023 को खबर आई कि अमृतपाल के साथ साए की तरह दिखने वाला पपलप्रीत अब उससे अलग हो गया है।

कौन है पपलप्रीत सिंह…?

पपलप्रीत अमृतसर के मजीठा हल्के के मरडी कला गाँव का रहने वाला है। उसकी माँ सरकारी स्कूल में टीचर थी। वहीं, पिता खेती करते हैं। पपलप्रीत यूट्यूब चैनल के जरिए भी खालिस्तानी नैरेटिव को गढ़ने में लगा हुआ था। बताया जा रहा है कि वह कई विदेशी चैनलों के लिए रिपोर्टिंग करता था। पपलप्रीत ही अमृतपाल का मीडिया मैनेजमेंट करता था। अमृतपाल उसे अपना मेंटर भी मानता है। यही नहीं खालिस्तान को फिर से खड़ा करने के लिए अमृतपाल को तमाम जरूरी चीजें भी उपलब्ध कराता था।

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के साथ संबंध के मामले में पपलप्रीत के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। बाद में साल 2015 में उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी। यही नहीं, उसके खिलाफ UAPA समेत कई अन्य मामलों में भी FIR दर्ज है। पपलप्रीत साल 2016 में भी जेल जा चुका है।

22 दिनों से फरार है अमृतपाल…

बता दें कि अमृतपाल ड्रग रिहैब सेंटर की आड़ में गुरुद्वारों में हथियार जमाकर अपनी सेना खड़ी करने की कोशिश में लगा हुआ था। वह ब्रेनवॉश कर युवाओं को मानव बम बनाने के लिए भी प्रयास कर रहा था। पुलिस को जब उसकी तमाम गैरकानूनी गतिविधियों के बारे में पता चला तो 18 मार्च को उसके खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान वह पुलिस की पकड़ से बच निकलने में कामयाब हो गया। बीते दिनों खबर आई थी कि अमृतपाल सरेंडर करने वाला है। हालाँकि यह खबर झूठी निकली। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई है।

वेस्टर्न कपड़े पहनो, शराब पियो… रुकैया खातून को शौहर अमीरुद्दीन ही कर रहा था टॉर्चर, देवर ताहिर को भी पुलिस ने पकड़ा: बताया- इनकार करने पर करते थे पिटाई

बिहार के दरभंगा में रहने वाली रुतैया खातून नामक महिला ने अपने शौहर और देवर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। महिला का आरोप है कि उसका शौहर अमीरुद्दीन उसे वेस्टर्न कपड़े पहनने और शराब पीने के लिए मजबूर करता था। मना करने पर देवर ताहिर हुसैन के साथ मिलकर मारपीट करता था। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रुतैया खातून अपने शौहर और देवर के साथ दिल्ली के टैंकनगर इलाके में रहती थी। जहाँ उसका शौहर और देवर उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। पीड़ित महिला ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि उसका निकाह मोहम्मद अमीरुद्दीन के साथ हुआ था। निकाह होने के कुछ दिन बाद से ही अमीरुद्दीन उस पर वेस्टर्न कपड़े पहनने और शराब पीने का दवाब बनाता था।

पीड़िता का आरोप है कि घर में आने जाने वाले लोगों के सामने भी वह वेस्टर्न कपड़े पहनने के लिए कहता था। शौहर की इन हरकतों का रुतैया विरोध भी करती थी। लेकिन विरोध करने पर वह उसके साथ मारपीट करता था। बाद में परेशान होकर उसने इसकी शिकायत अपने अम्मी और अब्बू से भी की थी।

रुतैया ने अपनी शिकायत में कहा है कि साल 2020 में शौहर अमीरुद्दीन ने अपने चार भाइयों, बहन और माँ के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की थी। मामला बढ़ने पर मोहल्ले वालों ने उसे बचा लिया था। लेकिन फिर बाद में अमीरुद्दीन ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। इसके बाद पीड़िता वहाँ से दरभंगा स्थित अपने मायके आ गई थी। यहाँ उसने आरोपितों के खिलाफ महिला थाने में FIR कराई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इसके बाद परिजनों ने एसएसपी अवकाश कुमार से मिलकर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। इसके बाद अब दरभंगा पुलिस ने अमीरुद्दीन और उसके भाई ताहिर हुसैन को दिल्ली से गिरफ्तार किया। ताहिर हुसैन इंटरनेशनल टैटू आर्टिस्ट है। ताहिर के इंस्टाग्राम पर 1.74 लाख फॉलोअर्स भी हैं। पीड़िता रुतैया खातून के चाचा मोहम्मद इजहार आलम का कहना है कि रुतैया और अमीरुद्दीन की शादी 2015 में हुई थी। निकाह के दौरान उन्होंने 25 लाख रुपए कैश, 25 तोला सोना तथा एक कार व अन्य उपयोगी और कीमती सामान उपहार में दिए थे।

विशु भाटी की हत्या के बाद मेरठ के गाँव में बवाल; अनस, अशफाक, अकरम सहित कई पर FIR, नाराज ग्रामीणों ने घर और खेतों में लगाई आग

उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut, Uttar Pradesh) में विशु भाटी नाम के एक व्यक्ति की हत्या के बाद तनाव फैल गया है। हत्या का आरोप अनस, अशफाक, शाह नजीम, अकरम, मोहम्मद कैफ और ग्राम प्रधान गजेंद्र पर लगा है। इसके अलावा 3 अज्ञात में भी दर्ज हैं। घटना के बाद आरोपितों के खेतों में आग लगा दी गई है। हालात काबू करने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस फ़ोर्स तैनात किया गया है। अब तक 4 आरोपितों को हिरासत में लेने की बात कही जा रही है। घटना रविवार (9 अप्रैल 2023) की है।

जानकारी के मुताबिक, मामला मेरठ के थाना क्षेत्र हस्तिनापुर का है। यहाँ का रहने वाला रामवीर का 24 वर्षीय बेटा विशु भाटी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था। विशु के घर वालों का आरोप है कि घटना के दिन वह गाँव के स्कूल में था। इसी दौरान मुस्लिम समाज के कुछ लोग आए और विशु को गोली मार दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कुछ समय पहले गाँव में एक झगड़ा हुआ था, जिसमें मुस्लिमों की गलती के बावजूद पुलिस ने गुर्जरों पर केस दर्ज किया था। हत्या की वजह पुराना झगड़ा बताया जा रहा है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि पहले के झगड़े में मुस्लिमों की तरफ से मज़हबी नारेबाजी की गई थी। इस नारेबाजी का वीडियो बनाया गया था, जिस पर गुर्जरों की तरफ से आपत्ति जताने के बाद विवाद की शुरुआत हुई थी।

पीड़ितों की तरफ से बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद दोनों पक्षों में समझौता भी हो गया था, लेकिन उसी केस की रंजिश रखते हुए विशु भाटी की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद पीड़ित परिवार ने शव रखकर सड़क को भी जाम किया था, जिसे प्रशासन ने बातचीत से खुलवा दिया।

वहीं, मेरठ पुलिस के मुताबिक अब तक मामले में 6 लोगों को नामजद करते हुए 4 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। SSP मेरठ के मुताबिक गाँव मिश्रित आबादी वाला है इसके चलते फ़ोर्स की तैनाती कर दी गई है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने आरोपितों के खेतों में आग लगा दी है। कुछ आरोपितों के घरों में भी आगजनी की खबर है। इन हालातों से निबटने के लिए गाँव में फायर ब्रिगेड के वाहनों को भी तैनात किया गया है।

फिलहाल गाँव में तनावपूर्ण शांति है। फरार आरोपितों की धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।

‘ब्राह्मण, इब्राहिम अलैहिस्सलाम के वंशज हैं’: गायक लकी अली ने गाया कट्टरपंथी राग, विरोध होने पर चुपचाप डिलीट किया पोस्ट

बॉलीवुड सिंगर मकसूद महमूद अली (लकी अली के नाम से मशहूर) ने सोशल मीडिया पर अजीबोगरीब दावा करके विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘ब्राह्मण’ शब्द ‘अब्राहम’ से लिया गया है। अली ने अपने फेसबुक पोस्ट में दावे के साथ कहा, “ब्राह्मण’ नाम ‘ब्रह्मा’ से आया है और ‘ब्रह्मा’ शब्द की उत्पत्ति ‘अब्राम’ से हुई है… जिसे अब्राहम या इब्राहिम से लिया गया है।”

इसके बाद मकसूद महमूद अली (Maqsood Mahmood Ali) ने आगे लिखा, “ब्राह्मण इब्राहिम अलैहिस्सलाम के वंशज हैं, जो कई राष्ट्रों के फादर हैं। तो हर कोई आपस में बिना किसी तर्क के बहस और लड़ाई क्यों कर रहा है?” हालाँकि, अपने दावे की पुष्टि के लिए गायक ने कोई भी सोर्स नहीं दिया।

लकी अली के डिलीट किए गए पोस्ट का स्क्रीनशॉट

गायक का अपमानजनक दावा उनके फॉलोअर्स को पसंद नहीं आया। उन्होंने हिंदू धर्म के बारे में उनकी अज्ञानता पर सवाल उठाया और उनसे इस मामले पर कुछ न कहने का आग्रह किया।

गूगल सर्च में लकी अली के फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

ओंकार दाभाडकर नाम के एक यूजर ने उनकी फेसबुक पोस्ट पर कमेन्ट किया, “सर, हम आपको आपके म्यूजिक के लिए प्यार करते हैं। आप अपनी फील्ड के जानकार हैं। कृपया करके अन्य चीजों पर टिप्पणी करने से बचें।”

लकी अली के फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनग्रैब

सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शन के बाद लकी अली ने बिना किसी से माफी माँगे अपने विवादास्पद फेसबुक पोस्ट को डिलीट दिया। लेकिन ऑपइंडिया गूगल पर अली के फेसबुक पोस्ट का Cached Version खोजने में सफल रहा।

बता दें कि ब्राह्मणों को इब्राहिम का वंशज बताने का प्रयास 1400 से 2000 साल पुराना है। लकी अली ने भी सोशल मीडिया के जरिए ऐसा करने की कोशिश की। लेकिन खुद की फजीहत होने के बाद शर्मसार होना पड़ा। दरअसल, इस्लामिक कट्टरपंथियों की यह सोच सदियों पुरानी है, जो हिंदू सभ्यता को कमजोर करने की कोशिश करती है। यह खुद को सभी सभ्यताओं के जन्म का कारण बताते हैं। उनके मुताबिक, विभिन्न संस्कृतियाँ और धर्म का उदय इब्राहीमी प्रथा है, जो अलग-अलग हो गए।

2 दिन पहले जिसको बताया था ‘बड़ा खिलाड़ी’, उसी ने 5 गेंद पर जड़ दिए 5 छक्के: पुराने दोस्त हैं रिंकू सिंह और यश दयाल, घरेलू क्रिकेट में एक ही टीम से खेलते हैं

IPL 2023 का 13वाँ मैच अब तक खेले खेले मैचों में से सबसे रोमांचक मैच रहा। यह मैच गुजरात टाइटंस (GT) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच रविवार (9 अप्रैल 2023) को खेला गया। मैच में जीत हुई कोलकाता की और जीत के हीरो रहे रिंकू सिंह। रिंकू सिंह ने अपने दोस्त यश दयाल के ओवर में लगातार 5 छक्के जड़कर कोलकाता को जीत दिलाई।

स्टेडियम से लेकर सोशल मीडिया तक गूँजा रिंकू…रिंकू

दरअसल, पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात टाइटंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स के सामने 205 रनों का विशाल लक्ष्य रख दिया था। इस लक्ष्य का पीछा करते हुए कोलकाता के कप्तान नीतीश राणा और ओपनर वेंकटेश अय्यर ने अच्छी बल्लेबाजी की। लेकिन, वह मैच को अंत तक नहीं ले जा सके। वहीं, गुजरात के कप्तान राशिद खान ने हैट्रिक लेकर कोलकाता को लगातार 3 बड़े झटके दे दिए। इसके बाद कोलकाता की जीत की उम्मीदें पूरी तरह से धूमिल होती जा रहीं थीं। हालत यह थी कि कोलकाता को मैच जीतने के लिए आखिरी ओवर में 29 रन बनाने थे।

गुजरात की ओर से आखिरी ओवर में गेंदबाजी का जिम्मा यश दयाल को मिला। वहीं, कोलकाता के लिए उमेश यादव और रिंकू सिंह क्रीज पर थे। पहली गेंद पर सिंगल लेकर उमेश ने रिंकू सिंह को स्ट्राइक दे दी। अब आखिरी 5 गेंदों में जीत के लिए 28 रनों की जरूरत थी। फिर क्या था। रिंकू सिंह ने इस ओवर की आखिरी 5 गेंदों में लगातार 5 छक्के जड़कर न केवल कोलकाता को जीत दिलाई बल्कि अपनी तूफानी पारी की बदौलत लाखों लोगों का दिल भी जीत लिया। रिंकू सिंह के इस शानदार प्रदर्शन के कारण स्टेडियम में रिंकू-रिंकू के नारे लगे तो वहीं सोशल मीडिया पर भी रिंकू सिंह लगातार ट्रेंड पर हैं।

रिंकू सिंह हीरो और यश दयाल बने ‘विलेन’

बेशक रिंकू सिंह कोलकाता की जीत के हीरो रहे। लेकिन, जीती बाजी हारने के कारण गुजरात के फैंस को यश दयाल किसी विलेन से कम नहीं लग रहे होंगे। रिंकू की तूफानी बल्लेबाजी के चलते यश दयाल यश के 4 ओवर में 69 रन आए और वह आईपीएल इतिहास के दूसरे सबसे महँगे गेंदबाज बन गए।

दोस्त हैं रिंकू और यश दयाल

रिंकू सिंह और यश दयाल काफी पुराने दोस्त हैं। दोनों घरेलू क्रिकेट में दोनों उत्तर प्रदेश की ओर से खेलते हैं। हाल ही में RCB के खिलाफ सामने आई रिंकू की तूफानी पारी के बाद यश ने उनकी तारीफ भी की थी। सोशल मीडिया पर दोनों एक दूसरे के साथ की फोटो शेयर करते रहते हैं।

कौन हैं यश दयाल

यश दयाल का जन्म 13 दिसंबर 1997 को प्रयागराज में हुआ था। वह भारत की अंडर 19 टीम में बतौर अतिरिक्त गेंदबाज भी हिस्सा रह चुके हैं। आईपीएल 2022 से पहले हुई मेगा नीलामी में गुजरात टाइटंस ने 3 करोड़ 20 लाख रुपए की बोली के साथ यश दयाल को अपनी टीम में शामिल किया था। किसी भी अनकैप्ड प्लेयर के लिए यह एक बड़ी रकम है। यश दयाल ने पहले ही सीजन अपनी कीमत को सही ठहराते हुए 9 मैचों में 11 विकेट हासिल किए थे।

इस बेहतरीन प्रदर्शन के बल पर बांग्लादेश दौरे के लिए टीम इंडिया में उनका चयन हुआ था। हालाँकि डेब्यू का मौका नहीं मिला। यश दयाल के पिता चंद्रपाल भी अपने समय के तेज गेंदबाज थे। वह विजय हजारे ट्रॉफी भी खेल चुके हैं। यश दयाल के लिए यह सीजन अब तक अच्छा था। लेकिन दोस्त रिंकू सिंह की बल्लेबाजी के चलते निश्चित तौर पर आने वाले मैचों में यश दयाल पर दबाव रहेगा।

काजल हिंदुस्तानी ने मुस्लिमों की भावनाओं को कैसे किया ‘आहत’, जानिए FIR में क्या-क्या कहा गया है: गुजरात पुलिस ने किया था गिरफ्तार

गुजरात की ऊना पुलिस ने 9 अप्रैल को हिंदू कार्यकर्ता काजल हिंदुस्तानी को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी काजल के कथित ‘घृणास्पद भाषण’ के लिए मामला दर्ज किए जाने के बाद हुई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, काजल हिंदुस्तानी को मजिस्ट्रेट के सामने उनके आवास पर पेशी के बाद जूनागढ़ जेल भेज दिया गया है।

गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के ऊना में 30 मार्च 2023 को रामनवमी की शोभायात्रा निकाला गया था। इस शोभायात्रा के बाद एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। त्रिकोण बाग के पास रावणवाड़ी में हुए इस कार्यक्रम में हिंदू कार्यकर्ता काजल हिंदुस्तानी कई वक्ताओं में से एक थीं।

इसमें बोलते हुए काजल ने लव जिहाद और लैंड जिहाद सहित कई मुद्दों को उठाया। स्थानीय मुस्लिमों ने उनके भाषण को विवादास्पद कहा और पूरे शहर को बंधक बना लिया। कई जगहों पर पथराव की खबरें आईं और शहर दो दिनों तक ठप पड़ा रहा। इस दौरान उनके खिलाफ कुख्यात ‘सर तन से जुदा’ के नारे भी लगाए गए।

ऑपइंडिया ने गुजरात पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी को देखा है। इसमें शिकायतकर्ता एएसआई कांतिभाई राम थे और प्राथमिकी 2 अप्रैल 2023 को दर्ज की गई थी। पुलिस ने काजल हिंदुस्तानी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने में देरी का कारण बताया।

एएसआई कांतिभाई रामजीभाई ने प्राथमिकी में कहा है कि मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने भाषण को लेकर पुलिस से संपर्क किया और 31 मार्च 2023 को एक लिखित शिकायत दर्ज की गई। सात लोगों ने ‘समस्त मुस्लिम समाज’ के नाम से हस्ताक्षर किए थे। पुलिस ने तब कहा कि केवल एक व्यक्ति ही FIR दर्ज करा सकता है। इसके बाद समुदाय के नेता वापस चले गए।

पुलिस ने आगे कहा कि रात्रि गश्त के दौरान पुलिस मुस्लिम नेताओं के पास पहुँची। इस दौरान मुस्लिम समाज के नेता ने कहा कि वे पहली अप्रैल की दोपहर तक पुलिस को बता देंगे। इसके बाद मुस्लिम पक्ष दोबारा पुलिस के पास नहीं पहुँचा।

यहाँ ध्यान रखना उचित है कि 1 अप्रैल 2023 को पुलिस द्वारा बार-बार कहने के बावजूद कोई भी मुस्लिम नेता कार्रवाई के लिए पुलिस के पास नहीं आया। उधर, शहर में हिंसा भड़क उठी और मुस्लिम भीड़ हिंदुओं के खिलाफ उग्र हो गई।

FIR में कहा गया है, “इस धार्मिक सभा के दौरान मंच से लाउडस्पीकर के माध्यम से उनका (काजल हिंदुस्तानी का) भाषण दिया गया, जिसमें उन्होंने हिंदू लोगों से मुस्लिम समुदाय की बहनों को धर्मांतरित करने का आह्वान किया, जिससे मुस्लिम समुदाय की महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँची। साथ ही, उन्होंने मुस्लिम समाज की महिलाओं और पुरुषों की धार्मिक भावनाओं का उल्लंघन करने वाला भाषण दिया। उन्होंने और हिंदू और मुस्लिम समाज के बीच जानबूझकर नफरत फैलाने के उद्देश्य से भाषण दिया, जिसमें उन्होंने धर्म के बारे में अहंकारी, मनमानी और मनगढ़ंत बातें कीं और सबसे कम शब्दों के चयन के साथ मुस्लिम समाज की निंदा की।”

उसमें आगे लिखा है, “मुस्लिम धर्म के मौलवी के बारे में उन्होंने मुल्ला-ठुल्ला जैसे निम्न स्तर के शब्दों का प्रयोग करते हुए मौलाना की आलोचना की। इस प्रकार उन्होंने हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच शत्रुता और घृणा की भावनाओं को प्रोत्साहित करके सभा में उपस्थित बड़े समूह को उकसाया और उन्हें अपने भाषण के अनुसार कार्य करने के लिए आह्वान किया। इसके जरिए उन्होंने एकता, भाईचारा, सांप्रदायिक सौहार्द्र और शहर के सामंजस्य को नष्ट किया। काजल हिंदुस्तानी ने उनके धर्म की निंदा करके मुस्लिम लोगों की धार्मिक आस्था और भावनाओं का अपमान किया।”

एएसआई कांतिभाई राम ने शिकायत में अनिवार्य रूप से चार बिंदुओं का उल्लेख किया है और प्राथमिकी इसी पर आधारित है।

  1. उसने हिंदू पुरुषों से मुस्लिम महिलाओं का धर्मांतरण करने के लिए कहा और शिकायतकर्ता के अनुसार, यह मुस्लिम महिला की गरिमा का अपमान है।
  2. इस तरह के दावे मुस्लिम पुरुषों और पूरे इस्लाम धर्म का भी अपमान करते हैं।
  3. उन्होंने मौलवियों को मुल्ला और ठुल्ला कहकर उनका अपमान किया।
  4. उन्होंने ‘सबसे कम शब्दों का चयन कर’ मुस्लिम समुदाय की निंदा करने के लिए इस्लाम के बारे में ‘मनगढ़ंत’ बातें कीं।

दिलचस्प बात यह है कि काजल हिन्दुस्तानी के भाषण पर गौर करें तो उन्होंने हिंदू पुरुषों से मुस्लिम महिलाओं का धर्मांतरण करने के लिए नहीं कहा था। उन्होंने कहा था कि यदि मुस्लिम महिलाएँ इस्लामी समुदाय की प्रथाओं की बुराइयों से बचना चाहती हैं तो उन्हें अपनी इच्छा से हिंदू पुरुषों से शादी करनी चाहिए। उन्होंने किसी भी तरह से हिंदू पुरुषों को मुस्लिम महिलाओं का धर्मांतरण करने के लिए नहीं कहा।

FIR में यह भी कहा गया है कि काजल ने इस्लाम और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ ‘मनगढ़ंत’ बातें कीं। अपने भाषण में उन्होंने लव जिहाद, लैंड जिहाद और अन्य प्रकार की आक्रामकता और हिंसा के खतरे के बारे में बताया, जो हिंदू समुदाय के खिलाफ नियमित रूप से फैलाया जाता है।

काजल हिंदुस्तानी द्वारा बताई गई सभी बातें उनके लिए सबूत हैं और किसी भी तरह से मनगढ़ंत प्रकृति की नहीं हैं। एफआईआर में ही पुलिस यह बताने में विफल रही है कि उनके भाषण का कौन सा हिस्सा मनगढ़ंत था। प्राथमिकी केवल एक सामान्य, व्यापक बयान देती है, जिसके आधार पर काजल हिंदुस्तानी को गिरफ्तार किया गया लगता है।

‘निराशा का बड़ा स्रोत है ट्विटर’: हाईकोर्ट ने विवेक अग्निहोत्री के खिलाफ बंद किया अवमानना का मामला, भीमा-कोरेगाँव केस में अर्बन नक्सल को जमानत पर किया था ट्वीट

फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और विकास महाजन की खंडपीठ ने सोमवार (10 अप्रैल, 2023) को विवेक अग्निहोत्री को अवमानना मामले में बरी कर दिया। सुनवाई के दौरान जस्टिस मृदुल ने कहा, “ट्विटर निराशा का सबसे बड़ा स्रोत है।”

दरअसल, विवेक अग्निहोत्री ने 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस और उड़ीसा हाईकोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश एस मुरलीधर पर भीमा कोरेगाँव हिंसा मामले में आरोपित कार्यकर्ता गौतम नवलखा को पक्षपात करके जमानत देने का आरोप लगाया था। अग्निहोत्री ने इसको लेकर एक पोस्ट को रीट्वीट किया था। तब इस मामले में अदालत में अवमानना का मामला शुरू हुआ था। फिलहाल अदालत ने अग्निहोत्री के माफी माँगने के बाद इस मामले को बंद कर दिया है।

सुनवाई के दौरान विवेक अग्निहोत्री कोर्ट में मौजूद रहे। इस दौरान जस्टिस मृदुल ने वैज्ञानिक और लेखक डॉ आनंद रंगनाथन को भी पेश होने के लिए कहा। अदालत ने अपने आदेश में कहा, “उन्होंने (विवेक अग्निहोत्री) ट्विटर पर कथित रूप से आपत्तिजनक बयान के लिए बिना शर्त माफी माँग ली है। उनको भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करने की हिदायत दी जाती है।” 6 दिसंबर, 2022 को हुई सुनवाई में अग्निहोत्री ने अपनी टिप्पणी के लिए बिना शर्त माफी माँग ली थी।

रंगनाथन की ओर से पेश हुए एडवोकेट जे साई दीपक ने कोर्ट में कहा कि रंगनाथन को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का कोई आदेश नहीं था। हालाँकि, वकील ने अदालत को भरोसा दिलाया कि वह 24 मई, 2023 को सुनवाई की अगली तारीख पर उपस्थित रहेंगे।

वहीं, आरएसएस विचारक एस गुरुमूर्ति के खिलाफ दायर एक अन्य अवमानना मामले का जिक्र करते हुए अदालत ने कहा, “देश के प्रत्येक नागरिक को पता होना चाहिए कि आपको सावधान रहना चाहिए। हम न्यायपूर्ण और निष्पक्ष आलोचना का स्वागत करते हैं। हम इसी तरह कार्य करते हैं।”

कोर्ट ने आगे कहा, “उन्होंने (गुरुमूर्ति) खेद व्यक्त किया और बिना शर्त माफी माँगी है…जस्टिस गोगोई के फैसले में कहा गया है कि अदालतें अपनी गरिमा की रक्षा के लिए अवमानना के लिए सजा नहीं देती हैं। लोगों के कहने से हमारी गरिमा नहीं आती है। यह उन कर्तव्यों से आता है, जिनका हम निर्वहन करते हैं।”

आनंद रंगनाथन ने माफी माँगने से किया था इनकार

बता दें कि दिसंबर 2022 में आनंद रंगनाथन ने जस्टिस एस मुरलीधर के खिलाफ टिप्पणी करने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय से माफी माँगने से इनकार कर दिया था। दरअसल, 2018 में जस्टिस एस मुरलीधर ने अर्बन नक्सल और भीमा कोरेगाँव हिंसा मामले में आरोपित गौतम नवलखा को जमानत दे दी थी। इसके बाद, देश कपूर ने दृष्टिकोन नामक एक वेबसाइट के लिए एक लेख था। इस लेख में उन्होंने जस्टिस मुरलीधर पर पक्षपात करने के आरोप लगाए थे।

इस लेख को आनंद रंगनाथन (अन्य लोगों ने भी) द्वारा रीट्वीट कर उनका समर्थन किया गया था। इस पर, कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कोर्ट की अवमानना करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। अवमानना मामले में, कोर्ट ने फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री, न्यूज पोर्टल स्वराज्य और आनंद रंगनाथन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।

शराब, पेशाब… के बाद अब उड़ते प्लेन में क्रू मेंबर्स से मारपीट: एयरइंडिया का लंदन जा रहा विमान दिल्ली वापस लौटा, गिरफ्तार हुआ हंगामा करने वाला

विमान के अंदर हो रही कुछ यात्रियों की ऊल-जुलूल हरकतों के बीच अब एक नई घटना एयर इंडिया के विमान में हुई है। दिल्ली से लंदन जा रहे विमान को एक यात्री के हंगामे के चलते वापस लौटाना पड़ा है। आरोपित पर यात्रियों के साथ क्रू मेंबर से भी मारपीट का आरोप हैं। मारपीट में 2 लोगों को चोट आई है। पुलिस ने आरोपित को हिरासत में ले लिया है। घटना सोमवार (10 अप्रैल 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार को सुबह 6:35 पर एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या एआई-111 ने दिल्ली के इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरी थी। कुछ ही देर बाद एक यात्री ने उड़ते हुए विमान में हंगामा शुरू कर दिया। पहले उसने साथी यात्रियों से मारपीट शुरू की। उसने समझाने और रोकने आए विमान के क्रू मेंबर्स पर भी हमला कर दिया। काफी समझने पर भी जब यात्री नहीं माना तब पायलट ने विमान को वापस दिल्ली की तरफ मोड़ दिया।

आरोपित के हंगामे के चलते विमान में बैठे 2 लोगों को चोटें आईं हैं। दिल्ली वापस लौटाने के दौरान विमान से एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को पहले ही सूचित कर दिया गया था। लैंड होते ही आरोपित को हिरासत में ले लिया गया। एयर इंडिया ने अपने आधिकारिक बयान में पुलिस में केस दर्ज कराए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उनके लिए महत्वपूर्ण है। फिलहाल घायल क्रू मेंबर्स का इलाज करवाया जा रहा है। एयर इंडिया अब उड़ान के समय में बदलाव कर के सुबह वापस लौटी उड़ान को दोपहर में भेजने की तैयारी कर रही है। एयरलाइन्स ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद प्रकट किया है।

गौरतलब है कि शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) को दिल्ली से बेंगलुरु जा रहे इंडिगो एयरलाइन्स के विमान में एक यात्री द्वारा नशे में हंगामा किया गया था। तब आरोपित ने क्रू मेंबर्स से अभद्रता करते हुए हवा में उड़ते विमान का गेट खोलने का प्रयास किया था। आरोपित यात्री को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया था। इसके अलावा बुधवार (22 मार्च 2023) को दुबई से काम करके भारत लौट रहे 2 यात्रियों ने फ्लाइट में शराब पीकर इंडिगो एयरलाइन्स के विमान में हंगामा किया था। तब दोनों ने नशे में धुत हो कर फ्लाइट के क्रू मेंबर (Crew Member) और सह यात्रियों के साथ गाली गलौज भी की। एयरलाइंस की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। इसी तरह इससे पहले कुछ मामले आए थे जब यात्रियों ने शराब के नशे में धुत होकर अपने साथी यात्री पर पेशाब तक कर डाला था।

निकाह हुआ, जलसा हुआ, फिर भी शौहर के लिए ‘भाई’ है स्वरा भास्कर: जन्मदिन पर फहद अहमद ने दी ‘जेंडर न्यूट्रल’ विश, यूजर बोले- सस्ती लोकप्रियता के लिए ये कुछ भी करेंगे

अपने विवादित बयानों के लिए अक्सर विवादों में रहने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर (Swara Bhaskar) और उनके शौहर फहद अहमद (Fahad Ahmad) एक बार फिर चर्चा में हैं। दरअसल, स्वरा भास्कर ने निकाह के बाद 9 अप्रैल 2023 को शौहर के साथ अपना पहला बर्थडे सेलिब्रेट किया। इस खास मौके पर स्वरा के शौहर फहद अहमद ने उन्हें ट्विटर पर स्पेशल पोस्ट शेयर कर विश किया।

फहद ने स्वरा के साथ अपनी फोटो शेयर करते हुए लिखा, “बर्थडे की बहुत-बहुत बधाई भाई, अपने जन्मदिन पर आपकी सलाह मानकर मैं शादीशुदा हूँ। मुझे उम्मीद है कि आपको ट्विटर से पता चल जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे हर तरह से पूरा करने के लिए शुक्रिया, मैं खुशनसीब हूँ कि मेरे पास आप जैसा दोस्त और गुरु है। आई लव यू माय हार्ट। भाई जेंडर न्यूट्रल है।” इसको लेकर फहद और स्वरा नेटिजन्स के निशाने पर आ गए हैं।

फहद अहमद के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

पोस्ट पर एक यूजर ने कमेंट किया, “स्वरा भास्कर जन्मदिन मुबारक हो, भगवान आपको सूटकेस में जाने से बचा के रखे।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “हमको बहुत पहले से पता था कि वो ‘भाई’ है। हमको अत्यधिक खुशी हुई कि आपको भी अब सच्चाई का पता चल गया।”

नवनीत सिंह लिखते हैं, “हाँ क्यों नहीं, क्योंकि मुस्लिम भैया-सैंया बन सकते हैं।”

ज्योति रंजन ने भाई को जेंडर न्यूट्रल बताए जाने पर लिखा, “भाई और बहन अब जेंडर न्यूट्रल हो गया है। अब कोई किसी को कुछ भी बुला सकता है। अहमद मियाँ के हिसाब से अब ये नया मानदंड है।”

अल्जीबर नाम के यूजर ने लिखा, “भाई का क्या मतलब है। किसी भी लिहाज से अपनी बीवी को भाई कहना बेतुका है।”

वहीं, मोनिका गुप्ता ने लिखा कि सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए कुछ लोग चाहते हैं कि उन्हें ट्रॉल किया जाए।

बता दें कि स्वरा भास्कर ने 16 फरवरी, 2023 को सोशल मीडिया के जरिए अपने निकाह की खबर दी थी। इससे पहले उन्होंने 2 फरवरी 2023 को ट्विटर पर फहद को बर्थडे विश किया था। स्वरा ने लिखा था, “जन्मदिन मुबारक फहद मियाँ! भाई का कॉन्फ़िडेंस बरकरार रहे। खुश रहो, आबाद रहो… उम्र हो रही है अब शादी कर लो!” अपने ट्वीट में होने वाले शौहर को भाई कहने पर वह सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गई थीं।

‘मसूद ने फ्री कोचिंग दी, जीशान ने क्रिकेट किट और SRK ने मौका’: रिंकू सिंह पर शुरू हुआ इस्लामी प्रोपेगंडा, बोला अली सोहराब – अब वो मुस्लिमों के खिलाफ ट्वीट करेगा

क्रिकेटर रिंकू सिंह ने IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) में ‘गुजरात टाइटंस (GT)’ के विरुद्ध अंतिम 5 गेंदों पर 5 छक्के लगा कर अपनी टीम ‘कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR)’ को जीत दिलाई। उन्होंने अपने अंतिम 7 गेंदों पर 40 रन ठोक डाले। KKR के कोच चंद्रकांत पंडित, जो घरेलू क्रिकेट में सबसे सफल कोच माने जाते हैं, उन्होंने कहा है कि अपने 43 वषों के करियर में उन्होंने ऐसा कोई चमत्कार नहीं देखा। वहीं रिंकू सिंह की इस पारी पर अली सोहराब जैसों ने प्रोपेगंडा भी शुरू कर दिया है।

अली सोहराब खुद को पत्रकार बताता है और इसी की आड़ में कट्टर इस्लामी एजेंडे को आगे बढ़ाता है। अली सोहराब ने ट्वीट किया, “रिंकू सिंह के पास जब बैट खरीदने के पैसे नहीं थे, तब क्रिकेट किट दिलाई मोहम्मद जीशान ने। कोचिंग के पैसे नहीं थे तो फ्री में कोचिंग दी मसूद अमीन ने। मौका दिया KKR (शाहरुख़ खान) ने। स्क्रीनशॉट कर लीजिए। कुछ वर्षों बाद रिंकू सिंह इस्लाम व मुस्लिमों के खिलाफ ट्वीट करता हुआ मिलेगा।”

अली सोहराब ने एक के बाद एक झूठ बोल कर प्रोपेगंडा तो फैला दिया, लेकिन सोशल मीडिया पर पकड़ा गया। रिंकू सिंह के बारे में बता दें कि वो उत्तर प्रदेश की तरफ से डोमेस्टिक क्रिकेट में खेलते हैं। रिंकू सिंह न सिर्फ बाएँ हाथ के उम्दा बल्लेबाज हैं, बल्कि एक ऑफ स्पिनर भी हैं। अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 में उन्हें उत्तर प्रदेश की तरफ से मौका दिया गया। उत्तर प्रदेश की तरफ से ही उन्हें लिस्ट ए खेलने का भी मौका मिला।

रणजी ट्रॉफी में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। उन्हें IPL में सबसे पहले ‘किंग्स एलेवेन पंजाब (KXIP)’ ने मौका दिया। इसीलिए, ये गलत है कि IPL में उन्हें शाहरुख़ खान की टीम ने सबसे पहले मौका दिया। उन्हें पहले पंजाब की टीम ने खरीदा था, जो प्रीति जिंटा की है। जानबूझ कर कट्टर इस्लामी एजेंडा फैलाने के लिए झूठ बोला जा रहा है। हाँ, रिंकू सिंह के खेल के दौरान उनके मुस्लिम दोस्त भी थे और ही हिन्दू भी, ऐसे में किसी एकाध को पकड़ कर झूठ फैलाना गलत है।

कई ऐसे मुस्लिम क्रिकेटर भी हैं, जिनके कोच हिन्दू हैं या फिर जिनकी मदद हिन्दू दोस्तों ने की। लेकिन, ये मुद्दा बिलकुल भी नहीं होना चाहिए और इस पर कभी चर्चा हुई भी नहीं। ऐसे में रिंकू सिंह की आड़ में कट्टर इस्लामी एजेंडा फैलाना गलत है। जहाँ तक अली सोहराब की बात है, वो नफरत फैलाने का आदी रहा है और वो कई बार झूठ फैला चुका है। नफरत भरे ट्वीट्स के लिए उस पर मुकदमा भी दर्ज हुआ था। ऐसे व्यक्ति से कैसे उम्मीद की जा सकती है कि वो कुछ अच्छी बात करेगा।