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‘हिंसा क्यों नहीं हुई काबू…CCTV फुटेज जमा कराओ’ : कोलकाता HC ने बंगाल पुलिस को फटकारा, पूछा- इतना लापरवाह रवैया कैसे हो सकता है

कोलकाता हाईकोर्ट ने सोमवार (3 अप्रैल 2023) को पश्चिम बंगाल सरकार से हावड़ा में रामनवमी की रैली के दौरान पथराव के बाद हिंसा और आगजनी जैसी घटनाओं को लेकर रिपोर्ट तलब की। कोर्ट ने हिंसा की घटनाओं को लेकर बंगाल पुलिस को भी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि वह क्यों इसे नियंत्रित नहीं कर पाई, जबकि उसकी अनुमति पर ही जुलूस निकला था। अदालत ने पाँच अप्रैल तक राज्य सरकार से सभी सीसीटीवी फुटेज और वीडियो जमा करने का निर्देश दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंगाल में हिंसा की घटनाओं को लेकर विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने हाईकोर्ट में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) से जाँच कराने की माँग वाली एक जनहित याचिका दायर की थी। आज इस पर सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम और जस्टिस हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज जमा करने का निर्देश दिया।

वहीं, एडवोकेट जनरल एसएन मुखर्जी राज्य सरकार का पक्ष रखने के लिए अदालत में पेश हुए। मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम ने मुखर्जी से पूछा “पुलिस ऐसी घटनाओं की पूर्व सूचना देने में विफल क्यों रही, जबकि पहले भी इस तरह के कई उदाहरण सामने आ चुके हैं? पुलिस का इतना लापरवाह रवैया कैसे हो सकता है? अब तक क्या कार्रवाई की गई है? क्या उन क्षेत्रों में धारा 144 लागू की गई है?” इस पर मुखर्जी ने तर्क दिया कि पुलिस ने शांतिपूर्ण जुलूस की अनुमति दी थी। शिवपुर में स्थिति नियंत्रण में है।

मालूम हो कि भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ट्विटर पर शुक्रवार (31 मार्च 2023) को लिखा था, “मैंने कलकत्ता उच्च न्यायालय में (calcutta high court) में हावड़ा और नॉर्थ दिनाजपुर के डालखोला में रामनवमी के जुलूसों पर हिंसा और हमले की घटनाओं के संबंध में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। मैंने कोर्ट से हालात पर काबू पाने और निर्दोष लोगों के प्राणों की रक्षा के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती और हिंसा के मामलों की एनआईए जाँच कराने की माँग की है।”

बता दें कि रामनवमी के दिन इस्लामपुर शहर के डालखोला इलाके में दो समुदायों के बीच झड़प हो गई थी। मुस्लिम बहुल इलाके में हुई झड़प में एक शख्स की मौत हो थी गई जबकि 5-6 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे।

जमानत तो मिली, लेकिन सज़ा पर रोक नहीं: सूरत की कोर्ट में दल-बल के साथ पहुँचे थे राहुल गाँधी, अगली सुनवाई में मौजूद रहना ज़रूरी नहीं

‘मोदी सरनेम’ मामले में 2 साल की सजा पाने वाले राहुल गाँधी को 13 अप्रैल 2023 तक बेल मिल गई है। उन्होंने सूरत मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले के विरुद्ध सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी। हालाँकि अदालत ने उनकी सजा पर रोक नहीं लगाई। कोर्ट ने कहा है कि मामले पर हर पक्ष सुने बिना वो ऐसा नहीं कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई में राहुल गाँधी का मौजूद रहना जरूरी नहीं है।

बता दें कि केस की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी जबकि 10 अप्रैल तक मानहानि मामले में सभी पक्षों से जवाब दाखिल करने को कहा गया है। राहुल गाँधी आज मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने के खिलाफ अपील करने के लिए आज सूरत भी पहुँचे थे। इस दौरान उनके राजस्थान, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री भी साथ देने आए। प्रियंका गाँधी भी भाई के समर्थन में आईं। इसके अलावा अदालत के बाहर भी काफी भीड़ का जमावड़ा लगा रहा।

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा उन लोगों को कोर्ट के निर्णय पर बहस नहीं करनी। वह बस अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।

इस बीच कॉन्ग्रेसियों ने राहुल गाँधी को समर्थन दिया। वहीं राहुल गाँधी ने एक ट्वीट करके कहा- “ये मित्रकाल के विरुद्ध लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। इस संघर्ष में, सत्य मेरा अस्त्र है, और सत्य ही मेरा आसरा।”

बता दें कि मोदी सरनेम पर आपत्तिजनक बयानबाजी करने के मामले में 23 मार्च 2023 को सूरत की जिला अदालत ने काॅन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी को मानहानि के एक मामले में दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद उन्हें जमानत भी दे दी गई। उन्हें ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 30 दिनों का समय दिया था।

इसके बाद उनसे उनका सरकार बंगला खाली करने को कहा गया था। 2004 से राहुल गाँधी 12, तुगलक लेन बँगला पर रहे थे। कोर्ट में दोषी करार होने के बाद लोकसभा की ‘हाउसिंग कमिटी’ ने राहुल गाँधी को सरकारी बँगला छोड़ने का नोटिस जारी किया था। सामान्यतः ऐसे मामलों में एक तय समयसीमा दी जाती है, राहुल गाँधी के मामले में उन्हें 30 दिनों (अदालत के फैसले से), अर्थात एक महीने का समय दिया गया था।

अलीगढ़ में कम हुए बकरा-बकरी, AMU करेगा स्टडी: मेनका गाँधी गधों की कम होती संख्या से चिंतित, कहा- औरत के शरीर को सुंदर रखता है गधी के दूध से बना साबुन

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में बकरे-बकरियों की तादाद में करीब 36 हजार की गिरावट दर्ज की गई है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के भूगोल विभाग के प्रो. निजामुद्दीन खान को जिले में बकरे-बकरियों की संख्या कम होने के कारणों का पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। इस शोध के लिए भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद नई दिल्ली से उन्हें 10 लाख रुपए मिले हैं। इस बीच बीजेपी सांसद मेनका गाँधी (Maneka Gandhi) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें वह किसानों और ग्रामीण लोगों को गधी और बकरियों के दूध से साबुन बनाने की सलाह देते हुए नजर आ रही हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सुल्तानपुर के बल्दीराय में 2 अप्रैल 2023 को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “लद्दाख में लोगों का एक समूह है। उन्होंने देखा कि गधों की संख्या कम हो रही है।” इसके बाद उन्होंने वहाँ मौजूद लोगों से पूछा कि बताओ कितने दिन हो गए आप लोगों को गधे देखे हुए? फिर वह बोलीं, “उनकी संख्या कम हो गई है। धोबी ने भी गधों का उपयोग करना बंद कर दिया है। लेकिन लद्दाख में इन लोगों ने गधी से दूध निकालना शुरू किया और उसके दूध से साबुन बनाया।”

मेनका गाँधी ने आगे कहा, “ऐसा माना जाता है कि गधी के दूध का साबुन औरत के शरीर को हमेशा सुंदर रखता है। एक बहुत मशहूर विदेशी रानी होती थी, ‘क्लियोपैट्रा’ वो गधी के दूध से नहाती थी। इसलिए गधी के दूध से बने साबुन दिल्ली में 500 रुपए (एक साबुन) में एक बिक रहे हैं। क्यों न हम लोग बकरी और गधी के दूध का साबुन बनाए।”

इसके आलवा मेनका गाँधी ने लोगों को उपले बनाने और बेचने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा, “पेड़ गायब हो रहे हैं। लकड़ी इतनी महँगी हो गई है कि आदमी मरते वक्त भी अपने पूरे परिवार को कंगाल करता है। दाह संस्कार में 15-20 हजार रुपए की लकड़ी लगती है। इससे अच्छा है कि हम गोबर के लंबे कंडे बनाए। उसमें खुशबूदार सामग्री लगा दें। एक ऑर्डर बना दें कि जो भी मरता है, उसको गोबर के कंडों से हम लोग जला दें। इसमें 1500 से 2000 रुपए में सारे रस्म रिवाज पूरे हो जाएँगे। आप लोग कंडे बेचोगे तो एक महीने में लाखों रुपए के कंडे बिक जाएँगे।”

सांसद ने अंत में कहा, “मैं नहीं चाहती कि आप जानवरों से पैसे कमाएँ। आज तक कोई भी बकरी-गाय पालकर अमीर नहीं हुआ है। हमारे पास इतने डॉक्टर नहीं हैं। पूरे सुल्तानपुर में 25 लाख लोगों में मुश्किल से 3 डॉक्टर होंगे। या कभी-कभी वह भी नहीं। गाय बीमार होगी, भैंस बीमार होगी, बकरा बीमार हो गया तो वहीं आपके लाखों रुपए लग जाते हैं। इसलिए मैं बकरी पालने या गाय पालने वाले किसी भी व्यक्ति के सख्त खिलाफ हूँ। पशु चिकित्सकों को प्रशिक्षित करने में कई साल लग जाते हैं। आप 10 साल कमाओगे और एक रात में मर जाएगा जानवर। फिर खत्म हो गई बात।”

बता दें कि अलीगढ़ में अभी 136507 में बकरे-बकरियाँ हैं। 19वीं पशुगणना के आधार पर एक लाख 73 हजार 119 बकरे-बकरियाँ थीं, जबकि 20वीं पशुगणना के आधार पर एक लाख 36 हजार 507 बकरे-बकरियाँ हैं। यानी यहाँ बकरे-बकरियों की संख्या में काफी गिरावट आई है।

‘एक भी भ्रष्टाचारी बचना नहीं चाहिए’: CBI की डायमंड जुबली पर PM मोदी का साफ़ सन्देश, कहा – मुझे पता है आप जिनके खिलाफ एक्शन ले रहे, वो बहुत ताकतवर लोग हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने कहा है कि वह जानते हैं कि सीबीआई जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, वह बहुत ताकतवर लोग हैं। लेकिन, सीबीआई (CBI) को कहीं पर भी घबराने या रुकने की जरूरत नहीं है। उन्होंने सीबीआई से यह भी कहा है कि किसी भी भ्रष्ट व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

दरअसल, केंद्रीय जाँच एजेंसी (CBI) की स्थापना के 60 साल पूरे होने पर सोमवार (3 अप्रैल, 2023) को डायमंड जुबली कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने में राजनीतिक इच्छा शक्ति में कोई कमी नहीं है। सीबीआई को कहीं पर भी हिचकने या रुकने की जरूरत नहीं है। मैं जानता हूँ आप जिनके खिलाफ एक्शन ले रहे हैं वे बेहद ताकतवर लोग हैं।”

पीएम मोदी ने आगे कहा है, “सालों तक ये लोग सरकार और सिस्टम का हिस्सा रहे हैं। आज भी वे कई जगह किसी राज्य में सत्ता का हिस्सा हैं। सालों तक इन लोगों ने भी एक इकोसिस्टम बनाया है। यह इकोसिस्टम अक्सर उनके काले कारनामों को छिपाने के लिए सरकारी संस्थाओं की छवि बिगाड़ने के लिए सक्रिय हो जाता है। जाँच एजेंसियों पर ही बोल हमला बोल देता है। ये लोग आपका ध्यान भटकाते रहेंगे। लेकिन आपको अपने काम पर फोकस रखना है कोई भी भ्रष्टाचारी बचना नहीं चाहिए।”

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा है, “सीबीआई ने अपने काम और कौशल से आम जनता के मन में एक विश्वास पैदा किया है। आज जब किसी को लगता है कि कोई केस हल नहीं हो पा रहा है, तब आवाज उठती है कि मामला सीबीआई को दे देना चाहिए। यहाँ तक कि पंचायत स्तर पर भी लोग सीबीआई जाँच कराने की बात करते हैं। न्याय के इंसाफ के एक ब्रांड के रूप में सीबीआई का नाम हर जुबान पर है।”

सीबीआई अधिकारियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा कि करोड़ों भारतीयों ने आने वाले 25 सालों में भारत को विकसित बनाने का संकल्प लिया है। विकसित भारत का निर्माण प्रोफेशनल और प्रभावी संस्थानों के बिना संभव नहीं है। इसलिए CBI पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। बीते 6 दशकों में सीबीआई ने मल्टी डायमेंशनल और मल्टी डिसप्लिनरी जाँच एजेंसी के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। आज सीबीआई का दायरा बहुत बड़ा हो चुका है। महानगर से लेकर जंगल तक सीबीआई को दौड़ना पड़ रहा है।

उन्होंने यह भी कहा है कि सीबीआई की मुख्य जिम्मेदारी देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराना है। भ्रष्टाचार कोई सामान्य अपराध नहीं है। यह गरीब से उसका हक छीनता है। इससे कई अपराधों का जन्म होता है। यह लोकतंत्र और न्याय के रास्ते में सबसे बड़ी समस्या है। खासतौर से जब सरकारी संस्थाओं में भ्रष्टाचार हावी तब वह लोकतंत्र को फलने फूलने नहीं देता। जहाँ भ्रष्टाचार हावी होता है वहाँ युवाओं के सपने बलि चढ़ जाते हैं। युवाओं को कोई अवसर नहीं मिलता। भ्रष्टाचार प्रतिभा का सबसे बड़ा दुश्मन होता है। यहीं से भाई-भतीजावाद परिवारवाद को बल मिलता है।

ईशा ने पहले हिंदू लड़के से शादी की, फिर नवरात्रि में माँस खाने की करने लगी जिद्द: पति से झगड़े में सिर पर डंडा लगा और मर गई

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक पति द्वारा अपनी बीवी की हत्या किए जाने की खबर है। मृतका का नाम ईशा है जो इस्लाम मज़हब से थी। वहीं आरोपित का नाम आशू है जो हिन्दू है। दोनों ने 8 माह पहले लव मैरिज की थी। हत्या की वजह बीवी द्वारा नवरात्रि में अपने पति से माँस खाने की इच्छा जताना बताया जा रहा है। मृतका का शव शुक्रवार (31 मार्च 2023) को एक कुएँ से बरामद हुआ था। पुलिस ने आरोपित पति को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला शामली के बावरी थानाक्षेत्र का है। यहाँ के गाँव बंतीखेड़ा के निवासी आशु और थोड़ी दूर फतेहपुर की ईशा कॉलेज टाइम के दोस्त थे। दोनों पहले अच्छे दोस्त बने और बाद में एक दूसरे को पसंद करने लगे। अलग-अलग धर्मों के होने के चलते दोनों के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। हालाँकि, अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाते हुए आशु और ईशा ने 8 माह पूर्व कोर्ट मैरिज कर ली थी। शादी के बाद ईशा अपने मायके भी गई थी। बाद में वह वापस आशु के साथ रहने लगी।

आशु का आरोप है कि शादी बाद ईशा बेवजह उस से अक्सर लड़ाई किया करती थी। पुलिस का कहना है कि आशु के साथ रहते हुए ईशा ने नवरात्रि में माँस खाने की इच्छा जताई। आशु ने इस से साफ मना कर दिया। इसी बात को ले कर 29 मार्च 2023 को दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। यह झगड़ा इतना बढ़ गया कि गुस्से में आशु ने ईशा के सिर पर डंडे से जोर से वार कर दिया। इस वार से ईशा की जान चली गई। ईशा की मौत के बाद आशु उसके शव को ठिकाने लगाने की जुगत में लग गया।

बताया जा रहा है कि 29 मार्च को ही आशु ने किसी तरह जंगल के एक कुएँ तक ईशा की लाश पहुँचाई और उसमें धकेल दिया। शव से बदबू आदि न आए और वह जल्दी गल जाए इसलिए आशु ने उसमें नमक आदि डाल दिया। बाद में आशु वहाँ से फरार हो गया। 2 दिनों बाद 31 मार्च को स्थानीय लोगों ने कुएँ में लाश देखी तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव की पहचान ईशा के तौर पर की और मामले की जाँच में जुट गई। आख़िरकार पुलिस ने केस का खुलासा करते हुए आशु को गिरफ्तार कर लिया। आशु से पुलिस ने गद्दा और वारदात में प्रयोग हुआ डंडा भी बरामद कर लिया है।

सूरत में परमाणु हमले की साजिश, नेपाल के माओवादियों से साँठगाँठ : यासीन भटकल समेत 11 आतंकियों पर चलेगा देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का केस

दिल्ली की एक अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन के सरगना यासीन भटकल और मोहम्मद दानिश समेत उसके 11 गुर्गों के खिलाफ देशद्रोह के मामले में आरोप तय किए। इन सभी पर साल 2012 में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने का आरोप है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र मलिक ने शुक्रवार (31 मार्च 2023) को फैसला सुनाते हुए कहा है कि आरोपितों के खिलाफ देशद्रोह की धाराओं में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। इन आरोपितों ने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए साजिश रची थी।

कोर्ट ने कहा है कि यासीन भटकल न केवल आतंकी गतिविधियों में संलिप्त था बल्कि हथियार इकट्ठा करने तथा आईईडी और अन्य विस्फोटक बनाने का काम कर रहा था। इसके लिए वह नेपाल में बैठे माओवादियों से भी सहायता ले रहा था। कोर्ट ने यह भी कहा है कि पेश किए गए सबूतों में यासीन भटकल की एक चैट भी थी। इस चैट से सूरत में परमाणु बम ब्लास्ट करने की साजिश का खुलासा हुआ है। इस बम ब्लास्ट से पहले इलाके से मुस्लिमों को हटाने की योजना बनाई गई थी।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश के तहत आरोपित आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर नए लोगों की भर्ती कर रहे थे। इसमें पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के साथ ही भारत में सक्रिय स्लीपर सेल भी सहयोग कर रहा था। इन लोगों का उद्देश्य भारत के विभिन्न हिस्सों खासतौर से राजधानी दिल्ली में बम विस्फोट कर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना था।

इस पूरे मामले की जाँच कर रही राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने कोर्ट से कहा है कि इंडियन मुजाहिदीन के गुर्गों और उसके सहयोगी संगठनों को आतंकी गतिविधियों को आगे बढाने के लिए हवाला के जरिए विदेशों से बड़े पैमाने पर पैसा मिल रहा था। ये आतंकी बाबरी मस्जिद, गुजरात दंगों समेत अन्य घटनाओं को मुस्लिमों के ऊपर हो रहे अत्याचार के रूप में बताकर मुस्लिम युवकों का माइंडवॉश कर उन्हें कट्टरपंथी बना रहे थे।

पटियाला हाउस कोर्ट ने यासीन भटकल, मोहम्मद दानिश अंसारी, मोहम्मद आफताब आलम, इमरान खान, सैयद, ओबैद योर रहमान, असदुल्ला अख्तर, उजैर अहमद, मोहम्मद तहसीन अख्तर, हैदर अली और जिया योर रहमान के खिलाफ आरोप तय किए हैं। हालाँकि कोर्ट ने सबूतों के आभाव में मंजर इमाम, आरिज खान और अब्दुल वाहिद सिद्दिबप्पा को बरी कर दिया।

एक लड़की आगे-एक लड़की पीछे, बीच में बैठ एक चक्के पर बाइक दौड़ा रहा था फैयाज कादरी: स्टंट वाले रील से होना चाहता था फेमस, मुंबई पुलिस ने भेजा जेल

सोशल मीडिया पर मुंबई का एक खतरनाक बाइक स्टंट वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद मुंबई पुलिस ने रविवार (2 अप्रैल 2023) को बीकेसी (बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स) पुलिस स्टेशन में फैयाज कादरी और दोनों युवतियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 279 (तेजी से गाड़ी चलाना) और 336 (जीवन को खतरे में डालना) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। युवतियों पर आईपीसी की धारा 114 (अपराध में शामिल होने) के संबंध में भी मामला दर्ज किया गया है।

यह वीडियो 13 सेकेंड का है। इसमें फैयाज कादरी दो युवतियों के साथ बाइक पर खतरनाक स्टंट करते हुए दिखाई दे रहा है। फैयाज कादरी बाइक पर बीच में बैठा है। वहीं, एक लड़की उसकी आगे वाली सीट पर और दूसरे लड़की पीछे वाली सीट पाए बैठी हुई है। इनमें से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना हुआ है। वीडियो में फैयाज बाइक को एक पहिए से कई मीटर तक काफी तेज स्पीड में चलाते हुए दिख रहा है, जबकि साथ बैठी लड़कियों उसे रोकने के बजाए उसके इस खतरनाक स्टंट पर हँसती हुई नजर आ रही हैं। वीडियो में कुछ गाने भी बज रहे हैं।

मुंबई पुलिस ने बताया कि बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उसे (फैयाज कादरी) उसके एंटॉप हिल स्थित आवास से गिरफ्तार किया। जाँच करने पर पता चला कि वीडियो दिसंबर 2022 का है। इस अपराध के लिए उस पर आईपीसी की धारा 308 लागू होती है। आरोपित का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ एंटॉप हिल और वडाला टीटी थाने में भी मामले दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार, फैयाज कादरी ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर डालने के लिए बनाई थी। रील बनाकर आरोपित फेमस होना चाहता था। फिलहाल अभी वह जेल में है। खतरनाक स्टंट से दोनों लड़कियों की जान भी जा सकती थी। 30 मार्च को एक संस्था ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को पोस्ट किया था, जिसके बाद यह वायरल हो गई।

वहीं, इस्कॉन के प्रवक्ता राधारमण दास ने इस खतरनाक वीडियो को देखने के बाद इसे स्टंट जिहाद बताया है। उन्होंने ट्वीट किया, “यह स्टंट जिहाद है, जो लड़का यह स्टंट कर रहा है उसका नाम फैयाज कादरी है। वह दो हिन्दू लड़कियों के साथ बाइक पर स्टंट कर रहा है।” दास ने आगे लिखा है कि यह बड़े शर्म की बात है कि माँ-बाप ने इन बच्चों को बॉलीवुड की नकल करने के लिए छोड़ दिया है। इस बात के लिए हिंदू भी उतने ही जिम्मेदार हैं।

स्कूल उत्सव में मुस्लिम वेश-भूषा में दिखाया आतंकवादी, सेना ने पकड़ा: केरल पुलिस ने 10 पर कर दिया केस, RSS के एजेंडा को दिखाने का आरोप

केरल में पुलिस ने राज्य स्तरीय स्कूल उत्सव के उद्घाटन प्रोग्राम में एक पर्फॉरमेंस के दौरान मुस्लिम आतंकवादी का चित्रण दिखाने के आरोप में 1 अप्रैल 2023 को 10 लोगों को हिरासत में लिया। कार्यक्रम 3 जनवरी 2023 को हुआ था। 5 दिन चले उत्सव में पेंरांबरा के MATHA (मलयालम थिएट्रिकल हेरीटेज एंड आर्ट्स) ने म्यूजिकल प्रोग्राम किया था। इसमें दिखाया गया था कि कैसे भारतीय सेना ने सिर पर कैफिया (अरब लोगों द्वारा पहने जाने वाला हेडकवर) पहने शख्स को गिरफ्तार किया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजीव गाँधी स्टडी सर्कल के निदेशक अनूप वीआर ने इस म्यूजिकल प्रोग्राम के बाद नदाकावू पुलिस को शिकायत दी थी और केस रजिस्टर करने का अनुरोध किया था। लेकिन पुलिस ने ऐसा करने से मना कर दिया। अनूप इसके बाद कोर्ट गए। कोझिकोडे कोर्ट ने आईपीसी की धारा 153ए के तहत माथा पेरांबरा के निदेशक और 10 अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने को कहा। कोर्ट के निर्देशों पर इस मामले में केस दर्ज हुआ।

वहीं माथा (MATHA) ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम कास्ट्यूम में आतंकी को दिखाना किसी मंशा से नहीं हुआ और न ही इसका किसी राजनैतिक संगठन या विचारधारा से संबंध है। माथा के निदेशक ने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए इल्जाम कि उन्होंने संघ परिवार के एजेंडे को बढ़ाया, बिलकुल निराधार है। वह बोले, “हमारी पर्फॉर्मेंस के बाद तो मोहम्मद रियास ने भी हमें बधाई दी थी। हमारे गाने का नाम दृश्या विस्मयम था।ठ इसी टीम ने सीपीएम के कई जिला सत्रों के दौरान भी पर्फॉर्म किया। माथा के निदेशक के अनुसार, कार्यक्रम वाले दिन भी म्यूजिकल प्रोग्राम मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों की मौजूदगी में बजाया गया था। ये गाना सीएम द्वारा इवेंट के उद्घाटन से बिलकुल पहले बजा था। इस कार्यक्रम को एशिया में सबसे बड़ा छात्र सांस्कृतिक जमावड़ा माना जाता है।

3 मौतें, 8 का चल रहा इलाज… केरल में पेट्रोल छिड़क चलती ट्रेन में लगा दी आग, फिर कूद कर बाइक से भागा : स्केच जारी, आतंकी एंगल से भी जाँच

केरल के कोझिकोड में एक व्यक्ति ने ट्रेन में यात्रा कर रहे लोगों पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 8 अन्य बुरी तरह घायल हुए हैं। मृतकों के शव ट्रेन की पटरी में पाए गए। बताया जा रहा है कि आरोपित व्यक्ति ने मामूली विवाद के बाद इस घटना को अंजाम दिया। हालाँकि, इसमें आतंकी एंगल होने की संभावना भी नजर आ रही है। घटना रविवार (2 अप्रैल, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रात करीब 9 बजकर 45 मिनट पर अलप्पुझा-कन्नूर एग्जीक्यूटिव एक्सप्रेस ट्रेन कोझिकोड शहर को क्रॉस कर कोरापुझा रेलवे पुल पर पहुँची थी। इसी दौरान दो लोगों के बीच ट्रेन में चढ़ने को लेकर विवाद हो गया। तभी एक व्यक्ति ने अन्य यात्रियों पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसके चलते यात्रियों ने चेन पुलिंग करते हुए ट्रेन को रोका। ट्रेन के रुकते ही आरोपित मौके से फरार हो गया। बाद में यात्रियों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने आनन-फानन में घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा है। घायलों की हालत स्थिर बनी हुई है।

घटना के बाद जब ट्रेन कुन्नूर स्टेशन पहुँची तो यात्रियों ने पुलिस को दो लोगों के लापता होने की खबर दी। इसके बाद पुलिस ने जाँच करते हुए इलाथुर स्टेशन पर तीन शव बरामद किए हैं। मृतकों में एक महिला और एक 2 साल की बच्ची शामिल है। पुलिस ने संदेह जताया है कि तीनों मृतक आग देखकर डर गए होंगे और भागने की कोशिश में ट्रेन से गिर गए।

इस हादसे को लेकर ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ ने प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से कहा है कि कोरोपुझा नदी के पुल पर ट्रेन रुकते ही एक व्यक्ति उससे कूद गया। इसके बाद वहाँ खड़ी एक बाइक पर सवार होकर भाग गया। फिलहाल पुलिस को घटना के पास स्थित एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज मिला है। इस फुटेज के सहारे पुलिस आरोपित व्यक्ति की पहचान और तलाश में जुटी हुई है। पुलिस को संदेह है कि इस हमले को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है।

घटना स्थल के पास ट्रेन की पटरी से पुलिस को एक बैग भी मिला है। इस बैग में पेट्रोल से भरी हुई एक बोतल और दो मोबाइल मिले हैं। फोरेंसिक टीम इन सभी सामानों की जाँच कर रही है। घटना स्थल के पास से मिले इन संदिग्ध वस्तुओं को लेकर पुलिस ने कहा है कि सभी एंगल से जाँच की है रही है। आतंकी एंगल को लेकर भी पुलिस इनकार नहीं कर रही है। ऐसे में इस घटना में आतंकी एंगल होने का अंदेशा जताया जा रहा है।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपित का स्केच भी तैयार करवा लिया है और लोगों से अपील की गई है कि उक्त व्यक्ति कहीं देखे तो सीधे पुलिस को सूचित किया जाए। एक संदिग्ध बैग के मिलने से बाद से आतंकी एंगल से भी जाँच की जा रही है।

उमेश पाल की हत्या कर बमबाज गुड्डू मुस्लिम ने मेरठ में ली पनाह, डॉ. अखलाक ने गले लगा किया स्वागत: वीडियो वायरल, अतीक अहमद के बेटे को दिए पैसे भी

उमेश पाल हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस ने अतीक अहमद के बहनोई अखलाख को गिरफ्तार किया है। अख़लाक़ पेशे से डॉक्टर हैं जिन पर कातिलों को अपने घर में पनाह देने और उन्हें आर्थिक मदद करने का आरोप है। आरोप यह भी है कि डॉ अख़लाक़ उमेश पाल की हत्या से पहले अतीक अहमद और अन्य शूटरों से फोन से सम्पर्क में था। गिरफ्तार हुए अखलाक़ का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह बमबाज गुड्डू मुस्लिम का गर्मजोशी से स्वागत करता दिखाई दे रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अखलाक अपने साले साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद और बरेली जेल में बंद अशरफ से लगातार सम्पर्क में था। आरोप यह भी है कि गुड्डू मुस्लिम को अपने घर में पनाह देने के साथ अख़लाक़ ने उसे कहीं और छिपने के लिए 50 हजार रुपए की आर्थिक मदद भी की थी। अख़लाक़ द्वारा गुड्डू मुस्लिम को पनाह और मदद अतीक अहमद के ही कहने पर दिए जाने का दावा किया जा रहा है। पुलिस के हाथ वो CCTV फुटेज भी लग गया है जिसमें गुड्डू मुस्लिम अख़लाक़ के घर में आता दिख रहा है।

दावा किया जा रहा है कि यह फुटेज 5 मार्च 2023 का है। 1 मिनट 53 सेकेण्ड के इस फुटेज में अख़लाक़ के घर की एक महिला गुड्डू मुस्लिम के लिए दरवाजा खोलती है। गुड्डू मुस्लिम के हाथों में एक काले रंग का बैग भी दिखाई दे रहा है जिसे वो जमीन में रख कर सोफे पर बैठ जाता है। कुछ ही देर बाद अख़लाक़ सफेद रंग की टोपी पहन कर आता है और वो गुड्डू मुस्लिम को गर्मजोशी से गले लगा कर स्वागत और आवभगत करता है। पुलिस अब उमेश पाल हत्याकांड में अतीक के बहनोई अख़लाक़ को साजिश रचने का आरोपित मानते हुए IPC की धारा 120- बी का मुल्जिम बना सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अख़लाक़ को फ़िलहाल प्रयागराज की नैनी जेल में रखा गया है। उस पर उमेश पाल हत्याकांड को लीड करने वाले असद से भी कत्ल के बाद मिलने का आरोप है। अख़लाक़ की एक निशान कार भी कौशाम्बी जिले से बरामद हुई है। आरोप है कि वह कार से असद को लेने आया था पर पुलिस के डर से कार वहीं छोड़ कर मेरठ लौट आया। इस कार को बिना उच्च अधिकारियों को सूचित किए बिना ही थाने में जमा कर देने वाले कौशाम्बी पुलिस के 2 स्टाफ सस्पेंड कर दिए गए हैं। सस्पेंड स्टाफ के नाम संदीपन घाट के थाना प्रभारी राकेश राय और हर्रायपुर चौकी इंचार्ज कृष्ण कुमार यादव हैं।

इसी के साथ पुलिस ने अतीक अहमद के नौकर शारूप उर्फ शाहरुख को गिरफ्तार किया है। शाहरुख़ मूल रूप से कौशाम्बी जिले का रहने वाला है। एसटीएफ के अनुसार शाहरुख ने असद के कहने पर शूटर अरमान के भाई को शाइस्ता से लेकर पांच लाख रुपए दिलाए थे। शाहरुख़ अतीक के कई रिश्तेदारों के भी सम्पर्क में था और उमेश पाल की हत्या में शामिल बताया जा रहा है।