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लोग मारे जा रहे, गोलियाँ चल रहीं, आग लगी है… बिहार में गरजे अमित शाह, कहा – नीतीश के लिए BJP के दरवाजे हमेशा के लिए बंद, दंगाइयों को उल्टा लटका कर सीधा करेंगे

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बिहार के सासाराम में हो रही हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण पूर्ण बताया है। उन्होंने कहा है कि वहाँ लोग मारे जा रहे हैं, गोलियाँ चल रही हैं। अमित शाह ने यह भी कहा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा सभी सीटों में चुनाव जीतेगी। इसके बाद महागठबंधन सरकार गिर जाएगी। बीजेपी सरकार बनने पर दंगा करने वालों को उल्टा लटकाकर सीधा करने का काम होगा।

दरअसल, गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार (2 अप्रैल 2023) बिहार के नवादा में आयोजित एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस जनसभा से पहले उन्हें सासाराम में सम्राट अशोक की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में सम्मिलित होना था। लेकिन, रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा के चलते उनका यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।

इसको लेकर उन्होंने कहा है, “​​​मुझे सासाराम जाना था। वहाँ सम्राट अशोक की जयंती पर कार्यक्रम होना था। लेकिन दुर्भाग्य है कि वहाँ लोग मारे जा रहे हैं। गोलियाँ चलाई जा रही हैं। आँसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं। इसलिए मैं वहाँ नहीं जा सका। मैं वहाँ की जनता से यहीं से क्षमा माँगता हूँ। अगले दौरे में सासाराम में सभा जरूर करूँगा। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि बिहार में जल्द ही शांति हो। मैने सुबह राज्यपाल को फोन किया तो ललन सिंह जी (जदयू अध्यक्ष) बुरा मान गए कि आप बिहार की चिंता क्यों करते हैं? अरे भाई, मैं देश का गृहमंत्री हूँ और बिहार की कानून-व्यवस्था भी देश का एक हिस्सा है। आप नहीं सँभाल नहीं सकते। इसलिए हमें चिंता करनी पड़ रही है।”

अमित शाह ने आगे कहा है, “नीतीश कुमार की सत्ता की भूख ने उन्हें लालू की गोद में बैठने पर मजबूर कर दिया। हमारी कोई मजबूरी नहीं है। हम जनता के बीच जाएँगे। लोगों को बताएँगे। महागठबंधन की सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे। मैंने ऐसी स्वार्थी सरकार नहीं है, जिसमें एक व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनना है और लालू यादव के बेटे को मुख्यमंत्री बनना है। इसमें बिहार की जनता पिस रही है। मैं लालू जी को कहना चाहता हूँ कि नीतीश बाबू प्रधानमंत्री तो बनने से रहे। वहाँ जगह खाली नहीं है। देश की जनता ने तय किया है कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे। इसके बाद नीतीश बाबू तेजस्वी यादव को कभी भी मुख्यमंत्री बनने नहीं देंगे।”

गृहमंत्री ने यह भी कहा है, “बिहार की सरकार बुरी नीयत और बुरी नीति की ‘BAD’ सरकार है। भ्रष्टाचार का B, अराजकता का A और दमन का D, इन तीनों से मिलकर ये ‘BAD’ सरकार बनी है। इस बुरी सरकार को उखाड़कर फेंक देना है। सरकार के सहयोगी विधायक हर रोज नीतीश कुमार का विरोध कर रहे हैं। इनके आधे सांसद भाजपा के दरवाजे खटखटा रहे हैं। यदि किसी को इस बात का संशय है कि चुनाव के बाद भाजपा फिर से नीतीश कुमार के साथ गठबंधन कर सकती तो मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि इन लोगों के लिए भाजपा के दरवाजे बंद हो चुके हैं।”

उन्होंने यह भी कहा है, “तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को साँप कहा, पलटू चाचा कहा, धोखेबाज कहा, अहंकारी कहा और तो और गिरगिट तक कह डाला। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के मोह में नीतीश कुमार आज उनके साथ सरकार में हैं। 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के बाद ये सरकार गिरने वाली है। इसके बाद भाजपा की सरकार बनने वाली है। मोदी जी जनता को भ्रष्टाचार और कालाबाजारी से मुक्ति दिलाकर कानून व्यवस्था ठीक करेंगे।”

अमित शाह ने आगे कहा है, “नीतीश कुमार ने अपने जीवन में कई पार्टियाँ बदली हैं। कई लोगों को धोखा दिया है। लेकिन जिन लोगों के साथ आज सरकार बनाई है उन लोगों ने बिहार की जनता को क्या दिया? केंद्र सरकार ने 2009 से 2014 तक सिर्फ 50 हजार करोड़ रुपए दिया था। लेकिन 2014 से 2019 तक मोदी से ने 1 लाख 9 हजार करोड़ रुपए बिहार को दिया है। केंद्र की सरकार ने बिहार को दोगुना से अधिक पैसा दिया है। आज पूरा बिहार चिंतित है। बिहार शरीफ में आग लगी है। सासाराम में आग लगी है। सबको चिंता हो रही है। 2024 में मोदी जी को 40 में 40 सीटें दीजिए और 2025 में भाजपा की सरकार बनाइये। इसके बाद भाजपा सरकार दंगा करने वालों को उल्टा लटकाकर सीधा करने का काम करेंगे। भाजपा सरकार में दंगे नहीं होते।”

‘सीढ़ी लगा कर घुसी पुलिस और घर के मर्दों को लेकर गईं, रात में कोई मुस्लिम आएगा तो…’: हिन्दू महिलाओं ने बयाँ किया दर्द, बोले गिरिराज – मुस्लिमों के CM हैं नीतीश

बिहार के तमाम जिलों में रामनवमी पर हुई हिंसा के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और अनुराग ठाकर के बयान आए हैं। गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार से अपील की है कि वो खुद को केवल मुसलामानों का मुख्यमंत्री घोषित कर दें। वहीं अनुराग ठाकुर ने बिहार के वर्तमान हालातो को जंगलराज की वापसी बताया है। इसके अलावा बिहार के हिन्दुओं ने पुलिस प्रशासन पर खुद को प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार के नालंदा जिले में हिन्दुओं ने खुद को पुलिस द्वारा प्रताड़ित बताया है। कुछ महिलाओं के बयान सामने आए हैं जिसमें उन्होंने पुलिस पर अपने दरवाजो को तोड़ने का आरोप लगाया है। महिलाओं के मुताबिक पुलिस उनके घर में सीढ़ी लगा कर चढ़ी थी और अब हालात ऐसे बन गए हैं कि उन्हें कोई भी मुस्लिम घर में घुस कर मार सकता है। महिलाओं ने पुरुषों की गैरमौजूदगी में अपने घर में खाने-पीने की भी किल्लत भी बताया है।

नालंदा पुलिस के एडिशनल एस पी के मुताबिक जिले में अतिरिक्त फ़ोर्स की तैनाती कर दी गई है और धारा 144 लागू की गई है। इन हालातों पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। अनुराग ठाकुर के मुताबिक बिहार में कानून व्यवस्था के नाम पर जंगलराज चल रहा है। उन्होंने नीतीश के वर्तमान शासन की तुलना इतिहास में लालू राज से की है।

वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने CM नीतीश कुमार से माँग की है कि वो खुद को मुस्लिमों का ही मुख्यमंत्री घोषित कर दें। गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार से कहा कि हिन्दू भी आप को वोट देते हैं। उन्होंने बिहार के प्रशासनिक अधिकारीयों में सामंजस्य न होने का भी आरोप लगाया। बकौल गिरिराज सिंह अगर मीडिया न होती तो लोगों को बिहार के असल हालातों की जानकारी भी न हो पाती।

गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए उनके गृह जनपद को ही हिंसा से प्रभावित बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार आम लोगों को सुरक्षा देने में विफल रही है।

स्वदेशी भाषा को बढ़ावा देगा इटली, अंग्रेजी बोलने पर लग सकता है जुर्माना: नई सरकार ने पेश किया बिल, ChatGPT पर भी लग चुका है प्रतिबंध

यूरोपीय देश इटली में अंग्रेजी के शब्दों का इस्तेमाल करने पर जुर्माना देना पड़ेगा। इटली की नई सरकार ने इस संबंध में संसद में बिल पेश किया है। विधेयक में 1,00,000 यूरो (89.34 लाख रुपए) तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है। इसके पहले वहाँ की सरकार ने ChatGPT को बैन किया था।

पीएम जॉर्जिया मेलोनी (Giorgia Meloni) के नेतृत्व वाली ‘ब्रदर्स ऑफ इटली पार्टी’ की सरकार ने बिल में कहा इटालियन के बजाय अंग्रेजी सहित अन्य विदेशी भाषाओं के इस्तेमाल करने पर रोक लगाने की पहल की गई है। इटली की संस्कृति और आर्थिक संकट को लेकर ये कदम उठाया जा रहा है।

सदन में इस मसौदे को फैबियो रैम्पेली ने पेश किया है, जिसका प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने समर्थन किया है। मसौदे में सभी विदेशी भाषाओं के लिए जुर्माने की बात कही गई है, लेकिन विशेष तौर पर जोर अंग्रेजी भाषा पर दिया गया है। अब संसद में इस पर चर्चा होगी। उसके बाद बहुमत के आधार पर पारित होगा।

इस मसौदे में कहा गया है कि अंग्रेजी भाषा के कारण इटालियन भाषा का उपयोग कम हो रहा है। इसमें यह भी कहा गया है कि अब स्वयं ब्रिटेन यूरोपीय संघ का हिस्सा भी नहीं है। ऐसे में अंग्रेजी के उपयोग का अब कोई औचित्य नहीं है। विधेयक में यह भी कहा गया है कि इटली के सभी नागरिक स्वदेशी चीजों का ही इस्तेमाल करें।

इसमें यह भी कहा गया है कि सार्वजनिक सेवा में शामिल होने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए इतालवी भाषा का लिखित और मौखिक ज्ञान के साथ-साथ उसमें महारत होना जरूरी है। इसके अलावा, देश में संचालित कंपनियों में नौकरी के नाम सहित आधिकारिक दस्तावेज़ीकरण में भी अंग्रेजी भाषा का उपयोग वर्जित किया गया है।

विदेशी संस्थाओं के पास सभी आंतरिक नियमों और रोजगार अनुबंधों के इतालवी भाषा संस्करण होने चाहिए। मसौदे में कहा गया है, “यह केवल फैशन की बात नहीं है। फैशन बदलते रहता है, लेकिन एंग्लोमेनिया का समाज पर असर पड़ता है।” इसके अलावा, देश के सभी उत्पादों पर इतालवी भाषा में लिखा होना चाहिए।

प्रस्तावित कानून के तहत, संस्कृति मंत्रालय एक समिति की स्थापना करेगा, जिसके दायरे में स्कूलों, मीडिया, वाणिज्य और विज्ञापन में ‘इतालवी भाषा और उसके उच्चारण का सही उपयोग’ शामिल होगा। इसका मतलब यह होगा कि ‘ब्रू-स्केट्टा’ के बजाय ‘ब्रू-शेट्टा’ कहना एक दंडनीय अपराध हो सकता है।

इससे पहले इटली ने ChatGPT को बैन कर दिया था। इसके पहले न्यूयॉर्क में इस पर बैन लगाया गया था। ChatGPT एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर पर आधारित काम करता है। यह लैंग्वेज मॉडल पर काम करते हुए लोगों के सवालों का आसान भाषा में जवाब देता है।

इसके खतरे को देखते हुए इटली ने इसे बैन कर दिया है। इटली ने इसके पीछे यूजर्स की निजता के उल्लंघन का हवाला दिया है। इस कार्रवाई को लेकर जॉर्जिया मेलोनी की सरकार की तरफ से कहा गया है कि सरकार इस बात की भी जाँच करेगी कि इसमें यूरोपीय संघ डेटा सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।

खाल पहनकर गीदड़ शेर नहीं बन सकता… बोले बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री – साईं बाबा फकीर हो सकते हैं पर भगवान नहीं

बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा है कि साईं बाबा संत या फकीर हो सकते हैं, लेकिन भगवान नहीं हो सकते। उन्होंने यह भी कहा है कि खाल पहनकर कोई गीदड़ शेर नहीं हो सकता।

दरअसल, बागेश्वर धाम सरकार के नाम से विख्यात धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की मध्य प्रदेश के जबलपुर में कथा चल रही थी। इस कथा के दौरान आयोजित प्रश्रोत्तरी में शैलेन्द्र राजपूत नामक व्यक्ति ने उनसे साईं बाबा की पूजा को लेकर सवाल किया। इस सवाल के जवाब में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा है, “हमारे धर्म के शंकराचार्य जी ने साईं बाबा को देवता का स्थान नहीं दिया है। शंकराचार्य हिंदू धर्म के प्रधानमंत्री हैं। इसलिए, उनकी बात मानना प्रत्येक सनातनी का धर्म है। हमारे धर्म के कोई भी संत चाहे वह गोस्वामी तुलसीदास जी हों या सूरदास जी हों, संत हैं, महापुरुष हैं, युगपुरुष हैं, कल्पपुरुष हैं लेकिन भगवान नहीं हैं।”

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यह भी कहा, “लोगों की अपनी-अपनी आस्था है। किसी की निजी आस्था को हम ठेस नहीं पहुँचा सकते हैं। लेकिन, इतना कह सकते हैं, साईं बाबा संत हो सकते हैं, फ़कीर हो सकते हैं लेकिन भगवान नहीं हो सकते।” उन्होंने यह भी कहा है, “हमारे ऐसा बोलने को लेकर लोग इसे कंट्रोवर्सी कह सकते हैं। लेकिन यह बोलना बहुत जरूरी है कि खाल पहनकर कोई गीदड़ शेर नहीं बन सकता।”

उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए आगे कहा है, “यदि हम शंकराचार्य का छत्र लगा लें, सिंहासन लगा लें, चरम ले लें और हम कह दें कि हम शंकराचार्य हैं तो क्या हम बन जाएँगे? नहीं बन सकते। भगवान तो भगवान ही हैं और संत सिर्फ संत हैं। जिसकी जैसी आस्था है वैसी रखनी चाहिए। लेकिन साईं भगवान नहीं हैं, ऐसा हमारे शंकराचार्य कहते हैं।” साईं बाबा की वैदिक रीति-रिवाजों से हो रही पूजा को लेकर उन्होंने कहा है, “यदि कोई वैदिक धर्म में आ रहा है तो घर वापसी तो हमारा अभियान है, कोई दिक्कत नहीं है।”

इससे पहले उन्होंने अदालत के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा था, “कोर्ट ने कहा है कि साईं बाबा सनातनी नहीं हैं, हिंदू नहीं है और शंकराचार्य जी से माफी भी माँगी है। साईं बाबा भगवान नहीं है। इंसान कभी भगवान नहीं हो सकता। इंसान गुरु हो सकता है, संत हो सकता है, महापुरुष हो सकता है, लेकिन भगवान नहीं हो सकता है।”

यही नहीं धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने साईं बाबा की पूजा को लेकर किए गए एक सवाल के जवाब में यह भी कहा था कि जब सनातनियों के पास पूजा करने के लिए 33 कोटि देवी-देवता हैं तो चाँद मियाँ को पूजने की क्या जरूरत है? विश्व में सबसे ज्यादा पूज्य भगवान राम हैं। वे विश्व के पिता हैं। जो उनका नहीं, वह किसी का नहीं। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के मंदिरों में साईं प्रतिमा का विरोध किया है। शंकराचार्य जी सनातन धर्म के सर्वोच्च पद पर हैं। इसलिए सनातनियों को उनकी आज्ञा माननी चाहिए।

‘हिजाब नहीं पहना तो छोड़ेंगे नहीं’ : ईरान में खुला सिर लेकर घूम रही माँ-बेटी गिरफ्तार, कट्टरपंथी ने गुस्से में खोपड़ी पर दही फेंकी

ईरान में हिजाब न पहनने पर दो माँ-बेटी को गिरफ्तार किए जाने की खबर है। वीडियो सामने आई है जिसमें दोनों महिला बिन सिर ढके एक दुकान में घुसीं और एक व्यक्ति ने गुस्से में उनसे बहसबाजी के बाद उनके सिर पर दही उड़ेल दी।

बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद ईरान में लड़कियों को हिरासत में ले लिया गया है। वहीं दही उड़ेलने वाले आदमी को भी सड़क पर बदसलूकी करने के लिए पकड़ा गया है। कथिततौर पर इस घटना के बाद ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी ने कहा कि ईरान में हिजाब कानून है और इसका पालन करना अनिवार्य है।

इसके अलावा ईरानी मुख्य न्यायाधीश गोलेमहोसिन मोहसेनी एजे ने कहा है कि जितना अधिक महिलाएँ ईरान में अनिवार्य ड्रेस कोड की को नहीं मानेंगी उन पर सख्त कानूनी की जाएगी। उन्होंने कहा जो औरतें मुल्क में बगैर हिजाब के सार्वजनिक जगहों पर दिखाई देंगी उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ बगैर किस रहम के मुकदमा चलाया जाएगा।

बता दें कि ईरान में चले लंबे हिजाब विरोधी प्रदर्शन के बाद यह घटना सामने आई है। फुटेज में दिखाई पड़ रहा है कि कैसे दोVAX महिलाएँ बिन हिजाब के सिर ढके दुकान में कुछ लेने आती हैं लेकिन वहीं रास्ते से गुजरता शख्स उन्हें कुछ बोलने लगता है। थोड़ी ही देर में बहस करके करते वो दही उठाकर लड़कियों के सिर पर डाल देता है।

उल्लेखनीय है कि ईरान में लड़कियों का हिजाब पहनना अनिवार्य है। पिछले साल ऐसे ही जरा सा सिर दिखाई पड़ने पर एक युवती को मोरल पुलिस द्वारा पीट-पीटकर अधमरा किए जाने के बाद उसकी मौत अस्पताल में हो गई थी। 22 साल की लड़की का नाम महसा अमिथनी था। अमिनी की मौत के बाद ईरान समेत पूरे विश्व हिजाब विरोधी प्रदर्शन हुए। हजारों को इस दौरान पकड़ा गया और चार प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा भी हुई।

70 साल, ₹4.82 लाख करोड़ के घोटाले: ‘कॉन्ग्रेस फाइल्स’ के पहले एपिसोड में खुली भ्रष्टाचार की पोल, बताया इतने पैसे में क्या सब हो सकता था

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कॉन्ग्रेस राज में हुए घोटालों को लेकर एक वीडियो जारी किया है। ‘कॉन्ग्रेस फाइल्स’ नामक इस वीडियो में भाजपा ने आरोप लगाया है कि देश में 70 सालों तक राज करने वाली कॉन्ग्रेस पार्टी ने अपने शासन काल में 48,20,69,00,00,000 रुपए का घोटाला किया है।

दरअसल, कॉन्ग्रेस पर घोटाले और भ्रष्टाचार करने का आरोप लंबे समय से लगता रहा है। कॉन्ग्रेस सरकार में हुए घोटालों की एक लंबी लिस्ट है। इसको लेकर ही भाजपा ने ‘कॉन्ग्रेस फाइल्स’ (Congress Files) नामक यह वीडियो जारी किया है। इस वीडियो को देखने पर शुरुआत में ही यह बात पूरी तरह से क्लियर हो गई है कि बीजेपी कॉन्ग्रेस सरकार के दौर में हुए घोटालों की एक सीरीज जारी करने वाली है। इस सीरीज का यह पहला एपिसोड है। इस एपिसोड का टाइटल है, ‘कॉन्ग्रेस मतलब करप्शन’।

‘कॉन्ग्रेस फाइल्स’ में बीजेपी ने कॉन्ग्रेस पर आरोप लगाया है कि कॉन्ग्रेस ने देश में 70 सालों तक राज करते हुए घोटाले और भ्रष्टाचार से जनता की गाढ़ी कमाई के 48 खरब 20 अरब 69 करोड़ रुपए (₹4820690000000) की लूट की है। वीडियो में कहा गया है कि कॉन्ग्रेस सरकार में हुए घोटाले की इस रकम से देश की सुरक्षा से लेकर विकास तक के कई काम किए जा सकते थे।

यही नहीं, वीडियो में दावा किया गया है कि घोटाले की रकम इतनी बड़ी है कि इससे 24 आईएनएस विक्रांत, 300 राफेल विमान, 1000 मंगल मिशन बनाए या खरीदे जा सकते थे। लेकिन, कॉन्ग्रेस ने देश का बंटाधार कर दिया। कॉन्ग्रेस के भ्रष्टाचार और घोटाले की कीमत देश को चुकानी पड़ी। यही कारण है कि हमारा देश प्रगति और उन्नति की राह में कॉन्ग्रेस की वजह से पिछड़ गया।

यूपीए सरकार के घोटालों की लिस्ट

कॉन्ग्रेस फाइल्स (Congress Files) के इस पहले वीडियो में भाजपा ने मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में हुए घोटालों को लेकर भी बात की है। इसमें साल 2004 से लेकर 2014 तक हुए घोटालों की लिस्ट दिखाई गई है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री रहते हुए देश में एक के बाद एक घोटाले होते रहे। लेकिन मनमोहन सिंह नीरो (नीरो रोम साम्राज्य का सबसे क्रूर शासक था) की तरह बाँसुरी बजाते रहे।

वीडियो में बताया गया है कि मनमोहन सिंह सरकार में 1 लाख 86 हजार करोड़ रुपए का कोयला घोटाला हुआ था। वहीं, 1 लाख 76 हजार करोड़ का 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला, करीब 10 हजार करोड़ रुपए का मनरेगा घोटाला, 70 हजार करोड़ रुपए का कॉमनवेल्थ घोटाला हुआ था। यही नहीं, इटली से मँगाए गए 12 हेलीकॉप्टरों की खरीदी में 362 करोड़ रुपए की दलाली का भी आरोप लगाया है। वीडियो में कहा गया है कि रेलवे बोर्ड के चेयरमैन की कुर्सी के लिए 12 करोड़ रुपए के घूसकांड को अंजाम दिया गया था।

भाजपा ने दावा किया है कि यूपीए सरकार के समय अखबार या फिर कोई भी कोई भी न्यूज चैनल देखा जाए तो उसमें घोटाले और घूँसखोरी की खबरें जरूर सामने आतीं थीं। वीडियो के आखिर में कहा गया है, “कॉन्ग्रेस के घोटालों की यह तो सिर्फ झाँकी है, पिक्चर अभी बाकी है।” साथ ही बताया गया है कि कॉन्ग्रेस फाइल्स के अगले एपिसोड में दिखाया जाएगा कि राजीव गाँधी की 2 करोड़ रुपए की पेंटिंग बेचने के किए कॉन्ग्रेस परिवार लोगों को धमकी दे रहा था।

निजामुद्दीन दरगाह के पास अवैध मजार पर चला बुलडोजर, नोटिस के बावजूद खादिमों ने नहीं किया था खाली: जमीन को लेकर वक्फ बोर्ड और DDA के बीच मुकदमा

दिल्ली में हजरत निजामुद्दीन की दरगाह के पास मजार के रूप में किए गए अतिक्रमण को पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। इस मजार के माध्यम से सड़क के फुटपाथ पर अतिक्रमण कर लिया गया था। शनिवार (1 मार्च 2023) को ध्वस्तीकरण के दौरान दिल्ली पुलिस, अर्ध सैनिक बल और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौजूद रहे।

मथुरा रोड के ऑपोजिट चक्कर वाली मस्जिद के पास स्थित एक दरगाह के पास की है। दरगाह के केयरटेकर यूसुफ बेग ने कहा कि सैयद अब्दुल्ला उर्फ भूरे शाह की दरगाह सदियों पुरानी है। यह 16वीं शताब्दी का एक दोमंजिला गुंबददार मुगलकालीन स्मारक है, जो सब्ज बुर्ज के पास एक भूखंड पर स्थित है।

बेग ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के द्वारा बताया गया था कि सड़क के फुटपाथ पर मजार का कुछ हिस्सा आ रहा है और इसे हटाना होगा। डिपार्टमेंट द्वारा बुलडोजर लाया गया और सड़क किनारे के हिस्से के साथ-साथ मजार के किनारे का पूरा हिस्सा तोड़ दिया गया।

इस अवैध निर्माण में मजार के आसपास खड़ा किया गया अवैध निर्माण और केयरटेकर का रहने का आवास भी शामिल है। हालाँकि, भूरे शाह के कथित कब्र को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया गया है। मजार की आड़ में आसपास के अवैध निर्माण को ही ध्वस्त किया गया है।

इसे हटाने के लिए PWD ने कई बार नोटिस दिया था, लेकिन दरगाह के खादिमों ने इसे खाली नहीं किया था। इतना ही नहीं दरगाह की जमीन को लेकर दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली वक्फ बोर्ड के बीच मुकदमा भी चल रहा है। मामला अभी लंबित है।

बेग ने कहा कि यह दरगाह 500 साल पुरानी है और उस समय ना सड़क थी और फुटपाथ। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले एसडीएम से उनकी बात हुई तो तो अधिकारी ने कहा था कि इसका कुछ हिस्सा हटा लो और फिर 13 मीटर हटा दिया गया। इसके बाद भी फिर यह कार्रवाई की गई।

व्यस्त जाकिर हुसैन मार्ग के सामने वाले स्थल पर कार्रवाई के दौरान पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान सतर्क रहे। अधिकारियों का कहना है कि दरगाह निजामुद्दीन जैसे संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है, इसलिए सुरक्षाबलों की पर्याप्त तैनाती गई है। इस दौरान सुरक्षा बल आँसू गैस के गोले सहित तमाम तरह के उपायों से लैस थे।

रिजवान ने गला दबा कर दलित युवती को मार डाला, कपड़े से बाँध कर सीवर में फेंक दी लाश: निकाह के लिए बना रहा था दबाव

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रिज़वान नाम के युवक द्वारा सोनम नाम की एक दलित युवती की हत्या कर दी गई है। हत्या के बाद रिज़वान ने मृतका की लाश को सीवर में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपित को हिरासत में ले लिया है। मृतका और रिज़वान के बीच प्रेम संबंध होने के भी दावे किए जा रहे हैं। यह रिश्ता युवती के घर वालों को मंजूर नहीं था। हत्या की वजह रिज़वान का मृतका से निकाह न कर पाने की नाराजगी बताई जा रही है। घटना शनिवार (1 अप्रैल, 2023) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला वाराणसी के थाना क्षेत्र जैतपुरा का है। यहाँ गोपाल बाग इलाके में ज्ञानचंद सोनकर नाम के व्यक्ति का लूम चलता है जहाँ वो कपड़े बनाने का काम करते हैं। इसी लूम में राजापुर का रहने वाला रिज़वान बुनकर के तौर पर काम करता था। लूम मालिक ज्ञानचंद के घर में 20 वर्षीया दलित लड़की सोनम झाड़ू-पोंछा आदि करने आया करती थी। सोनम मूल रूप से पड़ोसी जिले मिर्जापुर की रहने वाली थी जो अपने परिवार के साथ डिगिया मोहल्ले में किराये पर वाराणसी में रहती थी।

बताया जा रहा है कि इसी लूम में काम करने के दौरान रिज़वान और सोनम की आपस में बातचीत होने लगी थी। आरोप है कि रिज़वान सोनम से निकाह करना चाहता था, लेकिन सोनम के घर वाले रिज़वान के मुस्लिम होने की वजह से तैयार नहीं थे। इस बीच रिज़वान को इस बात का भी शक होने लगा था कि सोनम किसी और लड़के से बात करती है। घटना के दिन शनिवार को भी सोनम हर दिन की तरह मकान मालिक ज्ञानचंद के घर काम करने आई। इसी दौरान रिज़वान भी वहाँ पहुँच गया।

कहा जा रहा है कि मुलाकात के दौरान रिज़वान और सोनम में काफी बहस हुई। थोड़ी देर के झगड़े के बाद रिज़वान ने सोनम का गला दबा कर मार डाला। यह हत्या सोनम के ही दुपट्टे से गला घोंट कर की गई थी। सोनम के मरने पर रिज़वान ने उनकी लाश को कपड़े से बाँध कर ग्राउंड फ्लोर पर बने सीवर चैंबर में फेंक दिया। दावा यह भी किया जा रहा है कि रिज़वान ने खुद ही अपने लूम मालिक ज्ञानचंद को सोनम की हत्या की जानकारी दे दी थी। इस बीच सोनम के घर वाले उसे तलाशते हुए पहुँचे तो उन्हें सोनम की हत्या की जानकारी मिली।

आखिरकार सोनम के घर वालों ने जैतपुरा पुलिस स्टेशन में रिज़वान के खिलाफ तहरीर दी। बताया जा रहा है कि मृतका के परिजनों ने रिज़वान पर कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए सड़क पर धरना भी दिया। फिलहाल पुलिस ने FIR दर्ज कर के आरोपित रिज़वान को हिरासत में ले लिया है। सोनम की लाश को छेनी-हथौड़ी से सीवर की टंकी तोड़ कर बरामद कर लिया गया है। पुलिस रिज़वान से पूछताछ के साथ मामले की जाँच कर रही है।

हनुमान चालीसा बजाने पर भीड़ ने घर में घुसकर मारा, माँस भी फेंका: यूपी के बांदा में तौफीक समेत 12 पर केस दर्ज, जाते हुए दे गए थे मारने की धमकी

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक व्यक्ति ने हनुमान चालीसा बजाने पर खुद को धमकी मिलने का आरोप लगाया है। पीड़ित का नाम सिद्धांत तिवारी है जिन्होंने वीडियो जारी करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़ित ने अपने घर के आगे माँस के टुकड़े भी फेंकने की बात कही है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। मामले में नामजद आरोपितों के नाम तौफीक और सानू हैं जो फिलहाल फरार हैं। घटना शुक्रवार (31 मार्च 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला बांदा जिले के थानाक्षेत्र कोतवाली नगर का है। यहाँ अलीगंज चौकी क्षेत्र के हाथीखाना में पीड़ित सिद्धांत तिवारी अपने परिवार के साथ रहते हैं। पुलिस को दी गई शिकायत में उन्होंने बताया है कि शुक्रवार को उनके घर में लगे साउंड पर हनुमान चालीसा बज रहा था। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के 15 से 20 लोग उनके घर में पहुँचे और साउंड सिस्टम में तोड़फोड़ शुरू कर दी। पीड़ित का यह भी आरोप है कि जाते-जाते हमलावरों ने दुबारा हनुमान चालीसा बजाने पर जान से मार डालने की भी धमकी दी।

खुद को मिली टुकड़े-टुकड़े में काटने की धमकी का जिक्र करते हुए सिद्धांत तिवारी ने बताया कि घटना के दौरान वो घर में बने गोदाम में अकेले थे इसलिए डर से चुप रहे। सिद्धांत तिवारी का आरोप है कि हमलावरों द्वारा उनके घर के आगे माँस के टुकड़े फेंके गए। सिद्धांत के साथ हुई घटना पर विश्व हिन्दू परिषद ने भी आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। मुख्य आरोपित के तौर पर तौफीक और सानू के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने कुल 12 आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन सभी पर IPC की धारा 147, 452, 504, 506, 427 और 153A के तहत कार्रवाई हुई है।

इस बीच सिद्धांत तिवारी ने अपने साथ हुई घटना का वीडियो भी बना कर सोशल मीडिया पर डाल दिया। यह वीडियो अभी वायरल हो गया है।

अपने वीडियो में सिद्धांत तिवारी ने सवाल किया है कि उन्होंने हनुमान चालीसा बजा कर कौन सा अपराध कर दिया। बांदा पुलिस ने इस वीडियो पर FIR दर्ज कर के कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी है।

महाराष्ट्र के जलगाँव में अब मूर्ति तोड़ने के बाद भड़की हिंसा, 12 संदिग्ध हिरासत में : 4 दिन पहले रामनवमी जुलूस पर हुआ था पथराव

महाराष्ट्र के जलगाँव में 2 समूहों के बीच हिंसा की खबर है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 12 संदिग्ध उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। हिंसा की शुरुआत एक मूर्ति को तोड़े जाने के बाद हुई है। यह घटना शनिवार (1 अप्रैल 2023) की है। मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हालात फिलहाल शांति और नियंत्रण में हैं। इससे पहले 30 मार्च को भी जलगाँव की ही एक मस्जिद के आगे DJ बजाने को ले कर विवाद हुआ था। इस मामले में पुलिस ने कुल 56 आरोपितों को गिरफ्तार किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नया मामला जलगाँव के अतरवाल गाँव का है। यहाँ शनिवार (1 अप्रैल 2023) को किसी अज्ञात व्यक्ति ने गाँव में लगी एक मूर्ति को तोड़ दिया। इस बात से गाँव के 2 पक्ष आमने-सामने आ गए। कुछ ही देर में हालात तनावपूर्व हो गए और दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर हमला कर दिया। मामले की जानकारी पुलिस को हुई तो वो मौके पर पहुँची। गाँव में पुलिस फ़ोर्स की गाडियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं।

इस मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक जलगांव IPS एम राजकुमार ने बताया कि हालात पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। गाँव में एहतियातन फ़ोर्स की तैनाती की गई है। अब तक 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल मूर्ति तोड़ने वाले के बारे में अभी तक पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है।

गौरतलब है कि 30 मार्च को भी जलगाँव में साम्प्रदायिक तनाव फैला था। यह विवाद एक मस्जिद के आगे से गुजर रहे जुलूस में बज रहे DJ की आवाज बंद करने को ले कर शुरू हुआ था। पुलिस ने इस मामले में 2 केस दर्ज करते हुए कुल 56 लोगों को गिरफ्तार किया था।