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उमेश पाल के शूटरों को आर्थिक मदद दी, हत्या के बाद उन्हें अपने घर में छिपाया: गैंगस्टर अतीक अहमद का बहनोई अखलाक मेरठ से गिरफ्तार

पुलिस ने प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड में आरोपित गैंगस्टर अतीक अहमद के बहनोई अखलाक को गिरफ्तार किया है। उमेश पाल की दिन-दहाड़े हत्या करने के बाद गैंगस्टर अतीक अहमद का बेटा असद, शूटर मुस्लिम गुड्डू और साबिर मेरठ आए थे। यहाँ अखलाक ने इन्हें अपने घर में छुपाकर रखा था।

इसकी जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने शनिवार (1 अप्रैल 2023) की देर रात मेरठ के नौचंदी थाना इलाके में छापेमारी की। इसके बाद अखलाक को गिरफ्तार कर लिया। 

STF का कहना है कि अखलाक ने आरोपित शूटरों को अपने घर में छुपाने के साथ-साथ उनकी मदद भी की थी। अखलाक को उमेश पाल की हत्या की साजिश की जानकारी थी। वह साजिश रचने में भी शामिल था। इसके अलावा, उमेश पाल की हत्या में उनकी आर्थिक मदद भी की थी।

एसपी एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि पूरी तरह छानबीन करने के बाद डॉक्टर अखलाक को गिरफ्तार किया गया और थाने लाकर उससे घंटों पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि उससे। कई अहम जानकारियाँ मिली हैं। टीम अखलाक को अपने साथ लेकर प्रयागराज रवाना हो गई है।

बता दें कि उमेश पाल की हत्या के मामले में शूटर असद, मुस्लिम गुड्डू, अरमान गुलाम और साबिर फरार चल रहे हैं। STF की जाँच में सामने आया कि अतीक की बहन और बहनोई मेरठ के भवानी नगर में रहते हैं और वहाँ शूटर छिप सकते हैं। अतीक के बहनोई की पोस्टिंग अब्दुल्लापुर सीएचसी में है।

इसके पहले भी अतीक के बहनोई अखलाक पर सुरक्षा एजेंसियाँ लगातार नजर रख रही थीं। कई बार उससे पूछताछ भी की गई थी और हिरासत में भी लिया गया था। हालाँकि, इस बार अपराधियों को शरण देने, उन्हें आर्थिक मदद पहुँचाने सहित कई मामलों में उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

अरबाज ने फरसे से मारा, उमर ने तमंचा चलाया: अलीगढ़ में दलित परिवार के साथ हुई मारपीट पर FIR दर्ज, आरोपित गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के 2 लोगों की पिटाई का मामला सामने आया है। पिटाई का आरोप गाँव के ही अरबाज़, उमर, सलमान, अजहरुद्दीन और राजा आदि पर लगा है। आरोप है कि आरोपितों ने पीड़ितों को न सिर्फ जातिसूचक गालियाँ दीं बल्कि हमले के लिए फरसे और तमंचे का भी प्रयोग किया। पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी कर के जाँच जारी होने की जानकारी दी है। घटना शुक्रवार (31 मार्च 2023) की है।

यह मामला अलीगढ़ के कोतवाली क्षेत्र मडराक का है। यहाँ जाटव समाज के पीड़ित अरुण कुमार ने 31 मार्च 2023 को थाने में शिकायत दी है। शिकायत में उन्होंने बताया है कि घटना के दिन उनके गाँव घासीपुर में उनके चाचा के मकान पर निर्माण कार्य कर रहा था। उसी समय अरबाज, राजा, उमर, सलमान और अजरुद्दीन आदि ने मिल कर पीड़ितों को गाली-गलौज की। इस दौरान पीड़ितों को जाति सूचक शब्द बोले गए। आरोप है कि हमलावरों ने पीड़ितों की जाति को अभद्र तरीके से बोलते हुए उन्हें सबक सिखाने के लिए ललकारा।

शिकायत में आगे बताया गया है कि जब पीड़ितों को बचाने कुछ अन्यलोग आए तो अरबाज ने उन सभी पर फरसे से हमला कर दिया। इसी समय उमर ने तमंचे से हमला करने की भी कोशिश की। संयोजगवश यह फायर नहीं हुआ। पीड़ित ने पुलिस से आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की मॉंग की। इस शिकायत पर पुलिस ने अरबाज़, राजा, उमर, सलमान, अजहरुद्दीन और हसरूद्दीन के छोटे भाई पर FIR दर्ज कर ली है। इन सभी पर IPC की धारा 147, 323, 504 और SC/ST के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया है कि आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ मामले की जाँच की जा रही है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़ित परिवार के अनिकेत ने बताया कि जब वो अपने भाई के साथ क्रिकेट खेल रहे थे तब वहाँ कुछ मुस्लिम लोग आए और अपने साथ क्रिकेट खेलने के लिए कहने लगे। इंकार करने पर आरोपितों ने पहले जातिसूचक शब्दों के साथ गालियाँ दी फिर कुछ अन्य साथियों को बुला कर मारपीट की गई। पीड़ित ने बताया कि उन्हें पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग मिला और आरोपितों पर कार्रवाई हो रही है।

हमसे बात करते हुए पीड़ित अनिकेत ने यह भी बताया कि उनके गाँव घासीपुर में सवर्ण और अनुसूचित जाति के लोगों के बीच किसी भी तरफ का भेदभाव नहीं होता है। अनिकेत के मुताबिक एक ही मंदिर में हिन्दू समाज के सभी अंग पूजा करते हैं और एक दूसरे के सुख-दुःख में साथ रहते हैं। अनिकेत का दावा है कि इस से पहले भी उनके गाँव के एक मंदिर में मुस्लिम व्यक्ति ने पेशाब कर दिया था जिसे मानसिक रोगी बता कर बचाने का प्रयास किया गया था।

सासाराम में बम विस्फोट, बिहारशरीफ में गोलीबारी, मुंगेर में पथराव: बिहार के कई जिलों में हिंसा की खबरें

बिहार के सासाराम, बिहारशरीफ और मुंगेर में फिर से हिंसा शुरू होने की खबर रही है। बताया जा रहा है कि शनिवार (1 अप्रैल 2023) की एक विस्फोट में 6 लोग घायल हो गए। इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालाँकि, बिहार पुलिस ने इसे साम्प्रदायिक घटना मानने से इनकार कर दिया है। वहीं, बिहारशरीफ में गोलीबारी में एक व्यक्ति घायल हो गया है।

धमाका सासाराम के शेरगंज मुहल्ले में हुई है। रोहतास जिले के जिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया, “सासाराम में एक बम विस्फोट हुआ था। घायलों को वाराणसी के बीएचयू अस्पताल रेफर किया गया है। हम अभी सभी एंगल से जाँच कर रहे हैं। विस्फोट का कारण अज्ञात है।”

वहीं, बिहार पुलिस ने रविवार (2 अप्रैल 2023) को तड़के ट्वीट कर कहा, “कल शाम 9 बजे 6 व्यक्तियों के जख्मी होने की सूचना के सत्यापन के दौरान पाया गया है कि वे अवैध विस्फोटक handling के दौरान स्वयं घायल हुए थे। घटना स्थल एक निजी मकान का अहाता है, जहाँ फॉरेंसिक टीम जाँच कर रही है। 2 गिरफ्तारी की गयी है। बल दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त हैं। अफ़वाह पर ध्यान न दें।”

पुलिस ने इसे अवैध विस्फोटक हैंडलिंग बताया है। आशंका जताई जा रही है कि यह विस्फोट बम बनाने के दौरान हुआ है। बता दें कि सासाराम रामनवमी से ही हिंसा की चपेट में है। रामनवमी की शोभायात्रा पर हमले के बाद शुरू हुई हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है।

इसके पहले बिहार पुलिस ने ट्वीट कर कहा था, “रोहतास के सासाराम में बम विस्फोट की घटना की सूचना प्राप्त हुई, जिसके जाँच के क्रम में पाया गया कि घटनास्थल एक झोपड़ी है। वहाँ से एक स्कूटी भी बरामद की गई है। FSL की टीम घटनास्थल की जाँच हेतु पहुँच रही है।”

एक अन्य ट्वीट में बिहार पुलिस ने लिखा था, “प्रथम दृष्टया यह साम्प्रदायिक घटना प्रतीत नहीं हो रहा है। किसी भी अफवाहों पर ध्यान न दें। शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करें।”

भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, रोहतास के जिला मुख्यालय सासाराम के सफ्फुलागंज इलाके में शनिवार शाम को एक बार फिर बमबाजी की गई। इसके बाद पुलिस ने सघन तलाशी अभियान चलाते हुए घरों में छापेमारी की। इसमें 8 और लोगों को हिरासत में लिया गया है। 

उधर, बिहारशरीफ में भी शनिवार (1 अप्रैल 2023) को फिर से दंगाइयों ने एक धार्मिक स्थल को निशाना बना दिया। लहेरी थाना क्षेत्र के पहाड़पुरा मुहल्ले में दंगाइयों ने एक धार्मिक स्थान में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। इसके बाद फायरिंग की गई, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। इसके अलावा, कई स्थानों पर भी फायरिंग की बात कही जा रही है।

दरअसल, शनिवार की रात आठ बजे शुरू हुई हिंसा में मुहल्ले के ही रवींद्र प्रसाद के बेटे गुलशन कुमार को गोली लग गई। इसके बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई। वहीं, नालंदा के डीएम शुभंकर और एसपी अशोक मिश्रा ने माहौल सामान्य बताया है।

वहीं, मुंगेर में भी शनिवार की रात मूर्ति विसर्जन को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए। इस दौरान जमकर मारपीट और पथराव हुआ। मामले की भनक लगते ही पुलिस मौके पर पहुँची और लाठीचार्ज करके मामले को संभाला। पुलिस के मुताबिक सभी जगहों पर स्थिति नियंत्रण में है।

‘बैसाखी के नाम पर अश्लीलता, बॉयकॉट कर देंगे’: ऑस्ट्रेलिया में हिंदू-सिख जोड़े को खालिस्तानियों ने धमकाया, दंपत्ति ने कहा- इनके कारण डर से नींद नहीं आती

शनिवार (1 अप्रैल 2023) को ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानी समर्थकों ने बैसाखी के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को बाधित कर दिया। घटना एडिलेड की है। जहाँ पंजाब ऑस्ट्रेलियाई एसोसिएशन ऑफ साउथ ऑस्ट्रेलिया इंक द्वारा बैसाखी मेला आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी मनीष गुप्ता को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बैसाखी मेला आयोजित करने से नाराज कट्टरपंथियों ने आयोजकों में शामिल एक हिंदू-सिख जोड़े को परेशान भी किया। हरमीत कौर और राजेश ठाकुर ने आरोप लगाया है कि मेला आयोजित करने के लिए खालसा एड नाम के संगठन के लोगों ने उनके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं खालिस्तानी समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर भी उन्हें धमकी दी गई। धमकियों से डरे दंपति का कहना है कि वे डर के मारे रातों को सो नहीं पा रहे हैं।

जोड़े ने 31 मार्च को खालसा एड संगठन द्वारा मारपीट किए जाने और धमकी देने का आरोप लगाया। कट्टरवादी संगठन ने जोड़े को उनका कारोबार नष्ट करने की भी धमकी दी है। दंपति ने दावा किया कि उन्हें सोशल मीडिया पर सरबजीत सिंह पिपली नाम के शख्स ने बॉयकॉट की धमकी दी है। हरमीत कौर का कहना है कि खालिस्तानी समर्थकों द्वारा लगातार धमकी दी जा रही है। खालिस्तानियों का कहना है कि बैसाखी का नाम लेकर इस तरह का समारोह आयोजित करना त्योहार और सिंहों का अपमान है।

पिछले साल भी दंपति को खालिस्तानी संगठन खालसा एड के लोगों ने धमकी दी थी। उन्होंने मेले का नाम बदलने को लेकर राजेश ठाकुर को फोन किया था। रिपोर्टों के मुताबिक फोन पर खालसा एड के गुरिंदरजीत सिंह जस्सर ने धमकी देते हुए कहा था कि बैसाखी सिखों का त्योहार है। इस नाम का इस्तेमाल कर के अन्य कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकते। जस्सर ने आरोप लगाया था कि इस बैसाखी के नाम पर आयोजित कार्यक्रम में अश्लीलता फैलाई जा रही है।

हिंसाग्रस्त बंगाल में BJP नेता की हत्या: अपराधियों ने पहले रॉड से कार का शीशा तोड़ा, उसके बाद अंधाधुन गोलियाँ बरसाईं, 2 साथी भी घायल

बंगाल में रामनवमी पर शुरू हुई हिंसा के बीच भाजपा के एक नेता की हत्या कर दी गई है। पूर्व वर्धमान जिले में शनिवार (1 अप्रैल 2023) की देर रात राजू झा उर्फ राकेश की मारकर हत्या कर दी गई। इस हमले में भाजपा नेता के दो अन्य साथी भी घायल हुए हैं।

दुर्गापुर के रहने वाले कारोबारी राजू कोलकाता जा रहे थे। रास्ते में शक्तिगढ़ थाना क्षेत्र के अमरा के एक मिठाई दुकान पर कुछ खाने के लिए रुके। इसी दौरान हमलावर आए और उन पर अंधाधुन गोलियाँ बरसा दीं। राजू की मौके पर ही मौत हो गई।

फायरिंग के दौरान भगदड़ मच गई। कहा जा रहा है कि उन्हें पाँच गोलियाँ लगी हैं। वहीं, उनके साथी ब्रथिन मुखर्जी की हालत गंभीर है। राजू कोयला और होटल के कारोबार से जुड़े थे। उन्हें कोयला तस्करी के मामले में गिरफ्तार भी किया गया था।

पुलिस ने बताया कि राजू दुकान के बाहर अपनी कार में इंतजार कर रहे थे, तभी एक कार में दो बदमाश वहाँ पहुँचे। एक आरोपित ने रॉड से उनकी कार का शीशा तोड़ दिया और दूसरे ने उन पर गोली बरसानी शुरू कर दीं। इस दौरान राजू के साथ मौजूद दो अन्य लोग भी घायल हो गए। उनका इलाज किया जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि राजू अपने दो साथियों के साथ सफेद फॉर्च्यूनर गाड़ी में बैठे थे। हमलावर नीले रंग की गाड़ी से आए थे। उसके बाद ड्राइविंग सीट के बगल वाली सीट पर बैठे राजू पर गोलियाँ बरसा दीं।

राजू दिसंबर 2021 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए थे। वाम मोर्चे के शासन के दौरान राजू पर सिलपांचल में कोयला तस्करी का आरोप लगाया गया था। तृणमूल सरकार में उनके खिलाफ कई मामले भी दर्ज हुए।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया है। बर्धमान के एसपी कामनासिस सेन ने बताया कि आरोपितों ने किस मकसद से हत्या की, अभी इसका पता नहीं चला है। आरोपितों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

52 साल के जुल्फिकार ने 12 साल की बच्ची का किया बलात्कार, मरा समझकर भागा: लद्दाख पुलिस ने 48 घंटों में पकड़ा

लद्दाख में पिछले दिनों बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में पुलिस ने आरोपित सैयद जुल्फिकार अली शाह को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 29 मार्च 2023 की है। घायल अवस्था में मिली बच्ची को अस्पताल में दाखिल कराया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस आरोपित की तलाश में जुट गई पुलिस का दावा है कि घटना के 48 घंटो के भीतर वह आरोपित जुल्फिकार तक पहुँच गई और उसे गिरफ्तार कर लिया।

लेह पुलिस की तरफ से इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि लेह में 12 साल की बच्ची स्कूल जा रही थी। रास्ते में अकेला देखकर जुल्फीकार ने बच्ची को स्कूल पहुँचाने की बात कहकर अपनी गाड़ी में लिफ्ट दी। 52 साल के शख्स ने बच्ची को अगवा कर लिया और स्कूल की जगह सुनसान इलाके में ले गया।

जुल्फिकार अली ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान बच्ची के साथ मारपीट भी की गई। पुलिस के अनुसार जब बच्ची मिली थी उसके सर पर गंभीर चोट लगी हुई थी। बच्ची को मरा हुआ समझकर जुल्फिकार वहाँ से फरार हो गया। इधर जख्मी बच्ची के मिलने के बाद हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस को जानकारी दी गई और बच्ची को अस्पताल में दाखिल कराया गया। लेह की एसपी पीडी नित्या ने जानकारी दी है कि बच्ची की हालत स्थिर है।

दूसरी तरफ घटना के बाद से स्थानीय लोगों में रोष है। आक्रोशित लोगों ने जल्द से जल्द न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपित को कड़ी से कड़ी सजा देने की माँग की है। घटना को लेकर लेह महिला थाने में पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा आगी की कार्रवाई की जा रही है।

भारत को मिली 12वीं वंदे भारत एक्सप्रेस, PM मोदी ने हरी झंडी दिखाई: कहा- कॉन्ग्रेस सिर्फ तुष्टिकरण में व्यस्त थी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार ( 1 अप्रैल 2023) को 11 वें वंदे भारत एक्सप्रेस सर्विस और 12 वीं वंदे भारत ट्रेन की सौगात दी। यह ट्रेन भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों के बीच चलेगी। इस तरह पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) जोन को पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन मिली है। कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौके पर मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कमलापति स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर वंदे भारत ट्रेन को रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित भी किया। पीएम ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन भारत के विकास और उन्नति की पहचान बन चुकी है। इस पहचान के साथ पूरे देश को जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस से भोपाल और दिल्ली का सफर और तेज हो जाएगा। संबोधन के दौरान पीएम ने कॉन्ग्रेस पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें तुष्टीकरण में व्यस्त रहीं और देशवासियों के संतुष्टीकरण पर ध्यान नहीं दे पाईं। 21 वीं सदी का भारत नए सोच और अप्रोच के साथ काम कर रहा है।

WCR के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से सुबह 5.40 पर रवाना होगी जो दोपहर 1.10 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुँचेगी। इस बीच ट्रेन वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन (झाँसी), ग्वालियर और आगरा कैंट स्टेशनों पर ठहरेगी। वापसी में ट्रेन हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से दोपहर 2.40 मिनट पर खुलेगी। रात 10.10 बजे यह ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पहुँच जाएगी। वंदे भारत एक्सप्रेस शनिवार को नहीं चलेगी।

बता दें कि देश के कई हिस्सों में असमाजिक तत्वों द्वारा वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव जैसी घटनाएँ देखने को मिली हैं। पिछले दिनों तेलंगाना में कई जगहों पर वंदे भारत ट्रेन पर पत्थरों से हमला किया गया। इसे लेकर दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने एक प्रेस रिलीज जारी की। SCR ने बताया कि ट्रेनों पर पथराव दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आता है। रेलवे ने चेतावनी दी कि यदि ट्रेनों पर पथराव किया तो रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत 5 साल तक की जेल हो सकती है।

साहिबगंज में मूर्ति विसर्जन के वक्त छतों से पत्थरबाजी, पुलिसकर्मी घायल: रिपोर्ट का दावा- बाइक भी फूँकी गई

झारखंड के साहिबगंज में शनिवार (1 अप्रैल 2023) की शाम मूर्ति विसर्जन के जुलूस पर पथराव की खबर है। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान जुलूस में शामिल लोगों के अलावा कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। उपद्रव के दौरान एक बाइक में भी आग लगा दी गई।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा के वक्त घटनास्थल पर पुलिस के बड़े अधिकारी ( उपायुक्त रामनिवास यादव, एसपी अनुरंजन किस्पोट्टा, एसडीओ राहुल आनंद आदि) मौजूद थे। हालाँकि, पत्थरबाज फिर भी पत्थर बरसाते रहे। रिपोर्ट में दिए गए पुलिस के बयान के मुताबिक स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। इलाके में पुलिस बल मौजूद है।

खबर की मानें तो चैत्र माह में जिला मुख्यालय में चार जगहों पर दुर्गा पूजा होती है। इन्हीं मूर्तियों के विसर्जन का शनिवार को काम चल रहा था। रसुलपुर दहला की मूर्ति अलग-अलग मोहल्लों में घुमाकर कृष्णानगर से गुजरी थी। लेकिन जब जुलूस रेलवे लाइन की ओर पहुँचा तो वहाँ कुछ लोगों ने छतों से पत्थरबाजी कर दी। इस घटना में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। रिपोर्ट्स की मानें तो पत्‍थरबाजी में सदर एसडीपीओ राजेंद्र दुबे को भी चोट लगी है जिनकी फोटो दैनिक जागरण ने अपनी रिपोर्ट में प्रकाशित की है।

बता दें कि साहिबगंज में हिंसा और पत्थरबाजी की बात, खबर लिखने तक केवल दैनिक जागरण में प्रकाशित हुई थी। ये खबर उसी खबर पर आधारित है। एक अन्य लोकल रिपोर्ट में कहा गया है कि घटना में 6 लोग घायल हुए हैं जिनमें पुलिस के बड़े अधिकारी भी शामिल हैं।

मुजफ्फरनगर में मारा गया सुरैश रैना के बुआ-फूफा का कातिल राशिद, पकड़े जाने पर चला रहा था गोली: मुठभेड़ में 1 पुलिसकर्मी घायल

क्रिकेटर सुरेश रैना के रिश्तेदारों की हत्या में आरोपित राशिद की उत्तर प्रदेश पुलिस से मुजफ्फरनगर जिले में मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में राशिद की मौत हो गई। उस पर पुलिस की तरफ से 50 हजार रुपए का इनाम था। मुठभेड़ में 1 पुलिसकर्मी भी घायल हुआ जिसका इलाज चल रहा है। राशिद के ऊपर 1 दर्जन से अधिक केस दर्ज थे। इन केसों में लूट, हत्या और हत्या के प्रयास जैसी FIR भी शामिल थीं। यह मुठभेड़ शनिवार (1 अप्रैल 2023) को हुई है।

मुजफ्फरनगर जिले SSP के मुताबिक थाना शाहपुर पुलिस और जिले के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को एक मुखबिर के माध्यम से क्षेत्र में बावरिया गैंग के सदस्यों की मौजूदगी के इनपुट मिले थे। पुलिस को इस गैंग के सदस्यों द्वारा इलाके की रेकी करने के साथ किसी बड़ी घटना की साजिश को अंजाम देने की भी जानकारी मिली। इस सूचना पर पुलिस टीम एक्टिव हुई। पुलिस टीम ने मुखबिर के अलावा अन्य स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई और संयुक्त रूप से इलाके की चेकिंग शुरू कर दी।

SSP मुजफ्फरनगर ने आगे बताया कि सुबह से शुरू प्रक्रिया आधे दिन से ज्यादा चली। इस दौरान पुलिस को एक बाइक आती दिखाई दी। बाइक पर 2 संदिग्ध सवार थे जिन्हें पुलिस ने रुकने का इशारा किया। पुलिस को देख कर दोनों बाइक सवार गोलियाँ चलाने लगे और सड़क के किनारे खेतों की तरफ भागना शुरू कर दिए। थोड़ी दूर जा कर दोनों संदिग्ध गन्ने के खेत में छिप गए जिसे पुलिस ने घेर लिया। यहाँ पुलिस ने संदिग्धों को सरेंडर करने के लिए कहा पर दूसरी तरफ से गोलियाँ चलनी शुरू हो गईं।

SSP के मुताबिक दूसरी तरफ से चलाई जा रही गोली लगने से थाना प्रभारी शाहपुर घायल हो गए। आखिरकार पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। पुलिस की गोली से एक आरोपित घायल हो गया जिसे अस्पताल ले जाया गया। आखिरकार कुछ देर बाद घायल आरोपित ने दम तोड़ दिया। मुठभेड़ के दौरान दूसरा संदिग्ध भागने में सफल रहा जिसकी तलाश पुलिस टीमें कर रहीं हैं। मारे गए संदिग्ध के बारे में पता लगाने पर उसकी पहचान राशिद उर्फ़ सिपहिया उर्फ़ चलता-फिरता के तौर पर हुई।

राशिद का अब तक मिला आपराधिक इतिहास

राशिद को लूट, हत्या और डकैती जैसे कई अपराधों में शामिल बताते हुए SSP ने उसमें सबसे चर्चित मामला क्रिकेटर सुरेश रैना के बुआ, फूफा और एक अन्य रिश्तेदार का कत्ल बताया। पुलिस अब आस-पास के जिलों से भी राशिद का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि सारी जानकारी जुटाने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुठभेड़ में घायल थाना प्रभारी शाहपुर को SSP ने खतरे से बाहर बताते हुए उनका अस्पताल में इलाज करवाए जाने की जानकारी दी। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोलियाँ बरामद की हैं।

ढोल-नगाड़े बजे, समोसे-लड्डू बँटे: 11 महीने बाद जेल से रिहा हुए नवजोत सिंह सिद्धू, राहुल गाँधी को ‘क्रांति’ बताया

पंजाब कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू शनिवार (1 अप्रैल 2023) को जेल से रिहा हो गए। सिद्धू 1988 के रोड रेज के मामले में सजा काट रहे थे। रिहाई के कई घंटे पहले से ही सिद्धू समर्थक जेल के बाहर उनका इंतजार कर रहे थे। जेल के बाहर ढोल नगाड़े बजाए जा रहे थे। समर्थकों के बीच समोसा और लड्डू भी बाँटे जा रहे थे।

बताया जा रहा है कि औपचारिकताएँ पूरी करने में लगे समय के कारण उनकी रिहाई में देरी हुई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने रिहाई में देरी का इल्जाम राज्य सरकार पर मढ़ा। रिहाई के तुरंत बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सिद्धू ने कहा कि मुझे दोपहर के आसपास रिहा किया जाना था लेकिन उन्होंने इसमें देरी की। वे चाहते थे कि मीडिया के लोग चले जाएँ। उन्होंने इस दौरान राहुल गाँधी की जमकर तारीफ की। सिद्धू ने कहा कि जब भी कोई तानाशाही आई है तो एक क्रांति भी आई है और इस बार उस क्रांति का नाम है राहुल गाँधी।

बता दें कि इसके पहले कॉन्ग्रेस नेता के रिहाई की जानकारी उनके ट्विटर हैंडल से शुक्रवार (31 मार्च 2023) को ही दे दी गई थी। दरअसल, साल भर की सजा के बाद जेल से उनकी रिहाई 16 मई को होनी थी। अच्छे आचरण और पैरोल न लेने के कारण उनकी सजा 48 दिन कम हो गई।

रिपोर्टों के मुताबिक पंजाब में जेल में मिले काम को सही तरीके से करने और अच्छे आचरण वाले कैदी को हर महीने 4 दिन की माफी मिलती है। सिद्धू दोनों पैमानों पर खड़े उतरे इसलिए उन्हें समय से पहले रिहाई मिली। जेल के बाहर दोपहर से ही समर्थक उनका इंतजार कर रहे थे। ढोल नगाड़े बजाकर समर्थकों ने सिद्धू का स्वागत किया। इसके अलावा पटियाला जेल के बाहर समोसा और लड्डू भी बाँटे गए।

पंजाब कॉन्ग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने ट्वीट कर सिद्धू का स्वागत किया। उन्होंने लिखा कि नवजोत सिंह सिद्धू का स्वागत है। जैसे ही आप सभी पंजाबियों की सेवा में सार्वजनिक जीवन शुरू करेंगे, आपसे मुलाकात होगी।

उम्मीद जाहिर की जा रही थी कि अमरिंदर सिंह खुद पटियाला सेंट्रल जेल पहुँचकर सिद्धू का स्वागत करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जेल के बाहर सिद्धू के बेटे करण सिद्धू, सांसद गुरजीत औजला, मोहिंदर सिंह केपी, अश्विनी सेखड़ी मौजूद रहे।

क्या है रोडरेज का मामला ?

बता दें, सिद्धू का वर्ष 1988 में पटियाला में पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था। सिद्धू ने एक बुजुर्ग की पिटाई कर दी थी। सिर पर गंभीर चोट लगने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत हो गई। इस मामले में पहले सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को ए‍क हजार का जुर्माना लगाकर छोड़ दिया था। इसके खिलाफ पीड़ित पक्ष की ओर से पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 19 मई 2022 को सिद्धू को एक साल की सजा सुनाई थी। 20 मई 2022 को सिद्धू ने पटियाला कोर्ट में सरेंडर किया था।