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‘प्रयागराज से पाकिस्तान आए, वाट लगा दी दादा जी’: महिला पत्रकार ने पूर्वजों के फैसले पर जताया अफसोस, यूजर्स बोले- योगी जी घर वापसी करा देंगे

पाकिस्तान (Pakistan) इन दिनों कंगाली के दौर से गुजर रहा है। महँगाई ने 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वहाँ के लोग दो वक्त की रोटी के लिए भी तरस रहे हैं। हाल ही में रमजान के महीने में फूड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर पर भीड़ के कारण कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई। ऐसे में अवाम की उम्मीदें अब वहाँ की हुकूमत से खत्म होती जा रही हैं। इन सबके बीच इस्लामाबाद (पाकिस्तान) में रहने वाली पत्रकार आरजू काजमी का एक ट्वीट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

आरजू काजमी (Arzoo Kazmi) ने अपने पूर्वजों के 1947 में भारत से पाकिस्तान चले जाने के फैसले पर अफसोस जताते हुए 1 अप्रैल 2023 को ट्वीट किया, “मेरे भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों को लगता है कि उनका पाकिस्तान में कोई भविष्य नहीं है। मेरे दादाजी और उनका परिवार बेहतर भविष्य के लिए प्रयागराज और दिल्ली से पाकिस्तान चला आया था। वाट लगा दी दादा जी।”

आरजू का ट्वीट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उन्हें अपने परिवार के साथ भारत आने को कहा। उन्होंने कहा, “भारत में आपका स्वागत है।” मंजूर अहमद ने लिखा, “चिंता की बात नहीं है अब्बा (भारत) का दिल बहुत बड़ा है।

जगदीश नाम के यूजर ने आरजू के ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए लिखा, “योगी जी घर वापसी कर सकते हैं।”

अभिषेक ने लिखा कि आपके दादा जी भावनाओं में बह गए। आज प्रयागराज में इतिहास बनते देख रहे होते। आपका यहाँ हमेशा स्वागत है।

नितिन नाम के यूजर ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा, “बँटवारे के दौरान मेरे दादा-दादी मुल्तान से दिल्ली आ गए थे। धन्यवाद दादा जी।”

मनोज अग्रवाल कहते हैं, “आपके पूर्वजों की गलती की सजा तो आपको भुगतनी ही पड़ेगी। अभी अगर पाकिस्तान अच्छी स्थिति में होता, तो आप भी इंडिया के खिलाफ बातें करतीं। आपसे सहानुभूति है। भगवान आपका भला करे।”

एक और यूजर ने लिखा, “शुक्र है मेरे दादाजी और नानाजी ने लाहौर और सियालकोट से निकलने का फैसला किया…नहीं तो हम हिन्दुओं की तो पाकिस्तान में वाट लग जाती।”

सूरज ने लिखा कि हो सकता है कि आज अगर आप भारत में होतीं तो बिना वजह मोदी से नफरत, हिंदुओं से नफरत और उस फ्यूचर लेस पाकिस्तान से प्यार कर होतीं।

बता दें कि आरजू काजमी एक पैनलिस्ट हैं। वह पाकिस्तान का पक्ष रखने के लिए तमाम भारतीय चैनलों पर आती रहती हैं। उनका एक यूट्यूब चैनल भी है।

गुटखा खाने के लिए छोड़ी स्टीयरिंग…बस 70 फीट गहरी खाई में गिरी: उत्तराखंड के बस हादसे में 2 की मौत, 38 घायल

उत्तराखंड में रविवार (2 अप्रैल 2023) को एक दर्दनाक बस हादसा हुआ। वहाँ उत्तराखंड परिवहन निगम के बस ड्राइवर ने गुटखा खाने के चक्कर में स्टीयरिंग छोड़ दी और पूरी बस खाई में जा रही। घटना में दो माँ (40 वर्षीय सुधा)-बेटी (15 वर्षीय महक) की मौत हो गई जबकि अन्य यात्री घायल हो गए। बस में यूपी, हरियाणा, जयपुर, दिल्ली आदि शहरों के पर्यटक सवार थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस खाई में बस गिरी वो 70 फीट गहरी थी। घायलों में 9 को मैक्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया और 29 का इलाज देहरादून के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में चल रहा है। प्रारंभिक जाँच में हादसे के पीछे ड्राइवर रोबिन की गलती सामने आई है। पुलिस ने उसके खिलाफ वाहन चलाने की धाराओं में केस दर्ज किया है।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट में, सर्कल ऑफिसर अनिल जोशी के हवाले से कहा गया कि रविवार को 11:45 बजे बस पिक्चर पैलेस से देहरादून के लिए रवाना हुई और शेरगढ़ी के पास बस लगभग 12 बजे पैराफिट तोड़कर खाई में जा गिरी। बस के गिरते ही अचानक चीख-पुकार मच गई। लोग एक के ऊपर एक पड़े हुए थे। घटना की सूचना होने पर आईटीबीपी, फायर, एसडीआरएफ और स्थानीय लोग घायलों को सड़क पर लाए गए और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

देहरादून जा रहे ज्यादातर पर्यटकों ने ड्राइवर की लापरवाही को ही घटना के पीछे वजह बताया है। लोगों का कहना है कि रोबिन बहुत खतरनाक ढंग से बस चला रहा था। हर मोड़ पर गाड़ी गलत ढंग से मोड़ रहा था। यात्री उसे सही से गाड़ी चलाने को बोल रहे थे लेकिन वो किसी की नहीं सुन रहा था।

एक पर्यटक भूपेंद्र मलिक की मानें तो जिस समय घटना घटी उस समय भी ड्राइवर बस लापरवाही से चला रहा था। उसने तेज आवाज में म्यूजिक चलाया हुआ था और गुटका खाने के लिए स्टीयरिंग छोड़ चुका था। इसी बीच गाड़ी के आगे पत्थर आ गया और हादसा हुआ। चालक पर गाड़ी छोड़ भागने का भी आरोप लगा है जबकि परिचालक का कहना है कि वो घटना के समय टिकट बना रहा था इसलिए उसे अंदाजा नहीं है कि ये कैसे हुआ।

वहीं अस्पताल में भर्ती लोगों का हाल जानने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी दून के अस्पताल व मैक्स अस्पताल गए। उन्होंने घायलों के उचित उपचार के निर्देश डॉक्टरों को दिए। मंत्री ने बताया बस में 40 लोग सवार थे। दुर्घटना की जाँच के आदेश जारी किए गए हैं। सरकार की तरफ से तत्काल मुआवजे की राशि घायलों को दी जा रही है। जान गँवाने वालों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए दिए जाएँगे।

झारखंड के साहिबगंज में बजरंगबली की प्रतिमा खंडित की, मंदिर में लगे झंडे को फेंका: विसर्जन जुलूस पर भी हुआ था पथराव

झारखंड के साहिबगंज में बजरंगबली की प्रतिमा खंडित किए जाने की घटना सामने आई है। विरोध में लोग सड़क पर उतर आए हैं। तनाव को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों को बंद करा दिया है। विरोध प्रदर्शन कर रहे हिन्दू संगठनों पर लाठीचार्ज की भी सूचना है। मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस जाँच कर रही है। घटना सोमवार (3 अप्रैल 2023) की है। इससे पहले साहिबगंज में विसर्जन जुलूस पर भी पथराव हुआ था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला साहिबगंज के पुराने सदर अस्पताल के पास पटेल चौक का है। यहाँ सोमवार की सुबह बरगद के पेड़ के नीचे स्थापित बजरंगबली की प्रतिमा को किसी अज्ञात व्यक्ति ने तोड़ दिया। लोगों को जब इसकी जानकारी हुई तो इलाके में तनाव फ़ैल गया। बजरंगबली की प्रतिमा के सिर को खासतौर पर क्षतिग्रस्त किया गया है। मंदिर में लगी पताका को भी फेंक दिया गया। मामले की जानकारी श्रद्धालुओं के साथ हिन्दू संगठन के लोगों को हुई तो मंदिर के आसपास भीड़ जमा हो गई।

हालात को देखते हुए घटनास्थल पर भारी पुलिस फ़ोर्स तैनात कर दिया गया है। धरना दे रहे बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज की भी खबर है। इस लाठीचार्ज का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस लाठीचार्ज के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। दावा किया जा रहा है कि मूर्ति को क्षतिग्रस्त करते कुछ लोगों के CCTV फुटेज भी पुलिस को मिले हैं। बजरंग दल कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है।

वहीं साहिबगंज जिला प्रशासन का कहना है कि आरोपितों की पहचान कर ली गई है। उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने लोगों से सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।

गौरतलब है कि इससे पहले साहिबगंज में शनिवार (1 अप्रैल 2023) को विसर्जन जुलूस पर पथराव की घटना हुई थी। जुलूस में शामिल लोगों के अलावा कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। उपद्रव के दौरान एक बाइक में भी आग लगा दी गई थी।

हिंदू होने के कारण किया बदनाम, चुनावों से डिस्क्वालिफाई करवाया: लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में भारतीय छात्र नस्लीय भेदभाव का शिकार, ट्विटर पर साझा किया दर्द

ऑक्सफॉर्ड में हिंदूफोबिया का शिकार हुई रश्मि सामंत के बाद अब लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में करण कटारिया के साथ नस्लीय भेदभाव की घटना सामने आई है। करण कटारिया ने अपनी आपबीती सोशल मीडिया पर शेयर की। उन्होंने बताया कि कैसे उनके साथ स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन के दौरान भेदभाव हुआ और उन्हें टारगेट करके चुनाव से डिसक्वालिफाई करवा दिया गया। उन्होंने कहा कि वो हिंदूफोबिया के विक्टिम नहीं बनने वाले। उन्होंने माँग उठाई कि यूनिवर्सिटी अपने फैसलों में पारदर्शिता रखे।

करण ने बताया कि वो हरियाणा के एक ऐसे परिवार से आते हैं जहाँ स्नातक स्तर तक पहुँचने वाले वो पहले शख्स हैं। वह बताते हैं कि उन्होंने जब लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पोस्टग्रेजुएशन की पढ़ाई शुरू की तो छात्रों की भलाई की दिशा में काम करने के सपने देखे। हालाँकि ये सपने तब चकनाचूर हुए जब LSE में उनके भारतीय और हिंदू होने के कारण कैंपेन शुरू किया गया।

उन्होंने बताया कि LSE के लॉ स्कूल में उन्हें अपने समूह का प्रतिनिधि बनने का मौका मिला। इसके अलावा वो नेशनल स्टूडेंट फॉर यूनियन में भी डेलीगेट की तौर पर चुने गए। इन्हीं पदों पर छात्रों के लिए किए गए कार्यों को देख करण के चाहने वालों ने उन्हें जनरल सेक्रेट्री का चुनाव लड़ने को कहा।

करण कहते हैं, “दुर्भाग्य से कुछ लोग भारतीय-हिंदू को LSESU का नेतृत्व करता देखने के लिए तैयार नहीं हुए और उन्होंने मेरे चरित्र और मुझे बदनाम करना शुरू कर दिया। साफ दिख रहा था कि वो हमारी उस संस्कृति के खिलाफ हैं जिसके जहन में रखकर हमारा पालन हुआ।”

कटारिया कहते हैं कि छात्रों का समर्थन पाने के बावजूद उन्हें LSE स्टूडेंट यूनियन के जनरल सेक्रेट्री चुनाव से डिसक्वालिफाई कर दिया गया। वह बताते हैं, “मुझपर होमोफोबिक, इस्लामोफोबिक, क्विरफोबिक (Queerphobic) होने का इल्जाम लगा और मुझे हिंदू राष्ट्रवादी कहा गया। मेरे खिलाफ कई शिकायतें हुईं। कई झूठे आरोप लगने के बाद मेरी छवि और मेरे चरित्र पर कीचड़ उछाला गया जबकि मैंने तो हमेशा समाज में सकारात्मक बदलाव और सामाजिक सद्भाव रखने की पैरवी की है।ठ

करण कहते हैं LSESU ने उनके खिलाफ नफरती अभियान चलाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, उलटा उनका फॉर्म कैंसिल कर दिया। ये निर्णय न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन हैं। यूनिवर्सिटी ने उनका पक्ष सुने बिना ही और उनके वोट बताए बिना ही उन्हें डिस्क्वालिफाई कर दिया।

इतना ही नहीं, चुनाव के आखिरी दिन, भारतीय छात्रों को उनकी भारतीय और हिंदू पहचान के लिए निशाना बनाकर परेशान किया गया था। छात्रों ने यह मुद्दा उठाया लेकिन LSESU ने इसे खारिज कर दिया। करण कहते हैं कि LSESU का आरोपितों के खिलाफ ऐसा शांति रवैया स्टूडेंट यूनियन के हिंदूफोबिक होने का स्पष्टीकरण देता है।

उन्होंने कहा, “सामाजिक विज्ञान का छात्र होने के नाते मैं लोकतांत्रिक मूल्यों की कदर करता हूँ और हर निजी राय और विचारधारा का आदर करता हूँ। हालाँकि LSESU के एक्शन दिखाते हैं कि वो कैसे सामाजिक सद्भाव, विभिन्नता और भारतीय-हिंदू छात्रों को खुद से जोड़ने की दिशा में भेदभाव करते हैं। मैं यूनिवर्सिटी के शीर्ष से मुझे सपोर्ट देने के लिए कहता हूँ, हर छात्र के लिए न्याय चाहता हूँ और ये चाहता हूँ कि कैंपस में हर आवाज सुनी जाए। ” 

उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले ऐसा ही नस्लीय भेदभाव ऑक्सफॉर्ड की रश्मि सामंत के साथ भी हुआ था। उस समय उन्हें स्टूडेंट यूनियन के चुनाव जीतने के कुछ समय बाद वामपंथियों ने निशाना बनाया। रश्मि इस ताजा घटना पर लिखती हैं, “जब हिंदू धर्म में पैदा और उससे जुड़े बैकग्राउंड होने के कारण  मुझपर हमला हुआ, मेरा शोषण किया गया, मुझे बुली किया गया..मैंने सोचा था कि काश ये सब किसी और केस साथ न हो। मगर करण की कहानी और अनुभव फिर दिल दुखाने वाला है।”

सासाराम में ‘बमबाजी’ की खबर पर बोली बिहार पुलिस- घर की दीवार पर फोड़ा पटाखा, बम विस्फोट का ‘अफवाह’ फैल गया

बिहार के नालंदा और सासाराम में हालात सामान्य और शांतिपूर्ण होने का दावा बिहार पुलिस कर रही है। इंटरनेट और स्कूल-काॅलेज बंद हैं। भारी संख्या में पुलिस की तैनाती है। रविवार (2 अप्रैल 2022) को डीजीपी आरएस भट्टी भी नालंदा पहुँचे और हालात का जायजा लिया। इस बीच सोमवार की सुबह फिर से सासाराम में बमबाजी की खबर सामने आई है। पुलिस ने इसे ‘पटाखों जैसी आवाज’ करार दिया है। इस घटना के बाद से हालात ‘सामान्य और शांतिपूर्ण’ होने के बिहार पुलिस के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बमबाजी की घटना सासाराम के मोची टोला स्थित छेदीलाल गली में हुई है। देसी बम एक मकान के ऊपरी हिस्से में फेंका गया। अभी तक बमबाज की पहचान नहीं हुई है। मौके पर पुलिस फ़ोर्स पहुँच कर जाँच में जुटी है। सफेद रंग के इस मकान में ब्लास्ट से काले रंग का निशान बन गया है। मौके पर रैपिड एक्शन फ़ोर्स के जवानों की तैनाती की गई है। मोची टोला साम्प्रदायिक तौर पर संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।

हालाँकि स्थानीय थाना प्रभारी संतोष कुमार ने इसे ‘पटाखों जैसी आवाज’ बताया है। उनके हवाले से न्यूज एजेंसी ANI ने कहा है, “हमें लोगों द्वारा बताया गया कि किसी चीज की आवाज आई है। घटनास्थल पर पहुँचने पर पता चला कि वहाँ पटाखा जैसी कुछ आवाज आई थी। इसके अतिरिक्त कुछ विशेष बात नहीं है।”

बिहार पुलिस ने ट्वीट कर कहा है कि सुबह के करीब 5 बजे सासाराम नगर थाना से करीब 3 किमी दूर मोची टोला में मन्नौवर राईन के घर की बाहरी दीवार पर किसी अज्ञात ने पटाखा फोड़ा दिया। इससे वहाँ मौजूद लोगों में बम विस्फोट की अफवाह फैल गई। पुलिस ने कहा है, “सूचना पर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पदाधिकारी ने मौके पर पहुँचकर मामले की छानबीन की। घटनास्थल से सटे बस्ती मोड़ पर स्टैटिक बल एवं पदाधिकारी तैनात हैं। विधि-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है। पटाखा फोड़ने वाले शरारती तत्व की पहचान करने की दिशा में अग्रतर कारवाई की जा रही है। घर की बाहरी दीवार पर पटाखा का काला निशान मौजूद है। घटनास्थल से सूतली इत्यादि जब्त किया गया है, जिसकी जाँच कराई जाएगी।”

इससे पहले शनिवार को भी सासाराम से ब्लास्ट की खबर आई थी। पुलिस ने बताया था कि एक मकान के अहाते में बम बनाते समय धमाका हुआ था। इस घटना में 6 लोग घायल हुए थे। पुलिस ने 2 लोगों की गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी।

वहीं बिहार के दूसरे हिंसाग्रस्त जिले नालंदा में इंटरनेट और स्कूलों को 4 अप्रैल 2023 तक के लिए बंद कर दिया गया है। बिहार प्रशासन ने अब तक नालंदा में 77 लोगों को गिरफ्तार करने की बात कही है। पूरे बिहार में रामनवमी हिंसा को लेकर अभी तक 109 गिरफ्तारियाँ हुईं हैं। रोहतास जिले में मदरसों को भी 4 अप्रैल तक के लिए बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।

अंबानी का इवेंट, मंच पर विलायती माॅडल को बाँहों में उठा गाल पर ले ली पप्पी: वरुण धवन की हरकत पर नेटीजन्स लाल, गिगी हदीद बोलीं- बॉलीवुड ड्रीम पूरा

मुकेश अंबानी व नीता अंबानी द्वारा मुंबई में शुरू किया गया NMACC (Nita Mukesh Ambani Cultural Centre) इन दिनों काफी चर्चा में है। बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक के सितारों ने सेंटर के लॉन्च इवेंट में शिरकत की थी। वहीं मंच पर न जाने कितने लोगों ने डांस पर्फॉर्मेंस दी थी। इन्हीं पर्फॉर्मेंस के बीच एक पर्फॉर्मेंस हुई वरुण धवन की जो अब सोशल मीडिया पर खासा चर्चा में हैं। 

दरअसल, इस कार्यक्रम के दौरान जब वरुण धवन मंच पर थे तो वो हॉलीवुड की सुपरमॉडल गिगी हदीद को उठाकर मंच पर ले गए और उसके बाद एक स्टेप डांस उन्हें गोद में उठाकर किया। हदीद को मंच से अलविदा कहने के दौरान उन्होंने उन्हें चूमा भी।

इसी घटना की क्लिप वायरल होने के बाद लोग उनसे नाराज हैं। उन्हें सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें कही जा रही हैं। कोई उन्हें ‘अश्लीलता’ करने वाला कह रहा है तो कोई उन्हें तमीज में रहने की बातें कह रहा है।

एक यूजर ने तो लिखा, “वरुण धवन जैसे लोगों के कारण हॉलीवुड स्टार भारत आने से बचते हैं। ये लोग शादीशुदा हैं फिर भी ऐसा करते हैं। पक्की बात है कि इस शख्स को कोई गंभीर समस्या है।”

ऐसे ही एक यूजर ने लिखा कि ये साफ दिख रहा है कि कैसे गिगी हदीद वरुण की हरकत से असहज हो गई थी। ये वाकई शर्मिंदा करने वाला है।

बता दें कि वरुण धवन को यूजर्स द्वारा कोसे जाने के बीच बीच दिलचस्प चीज यह हुई है कि हदीद ने खुद इस घटना पर वरुण धवन के लिए मैसेज लिखा। लोग जहाँ बोल रहे हैं कि वरुण ने ऐसा करके अश्लील हरकत की। वहीं हदीद ने उन्हें इस पल के लिए धन्यवाद कहा है।

अपनी दोनों की तस्वीर साझा करते हुए वरुण के लिए हदीद ने लिखा, “वरुण धवन ने मेरा बॉलीवुड का सपना सच कर दिया।” वहीं वरुण धवन ने भी इस हरकत को पहले से सुनियोजित बताया है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर आ रही प्रतिक्रिया पर एक यूजर के लिए लिखा, “मुझे लगता है तुम उठी होगी और तुमने वोक होने का निर्णय लिया होगा, तो मैं तुम्हारा भ्रम मिटा दूँ और बता दूँ कि ये सब सुनियोजित था। इसलिए ट्विटर पर कुछ और वजह देखो।”

बुर्के की आड़ में ड्रग्स का धंधा, शौहर के जेल जाने के बाद सँभाला कारोबार: हिना शेख के पास से पुलिस को मिले ₹50 लाख के ड्रग्स

गुजरात की सूरत पुलिस ने ड्रग्स की स्मगलिंग करने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान हिना शेख के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से 507 ग्राम प्रतिबंधित मेफेड्रोन ड्रग्स बरामद किया है। इस ड्रग्स की कीमत 50 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। गिरफ्तार आरोपित हिना शेख पति के जेल जाने के बाद से ड्रग्स का कारोबार संभाल रही रही।

मीडियाॉ रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक खूबसूरत महिला बुर्के की आड़ में ड्रग्स का धंधा कर रही है। इसके बाद पुलिस ने आरोपित महिला पर नजर रखनी शुरू कर दी। साथ ही छापेमारी करते हुए उसके घर से 507 ग्राम मेफोड्रोन समेत 10 हजार रुपए और मोबाइल फोन बरामद किया है। जब्त ड्रग्स की कीमत 50 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है।

पुलिस का कहना है कि हिना शेख को ड्रग्स की सप्लाई साहिल अरविंद भाई गोसाईं नामक व्यक्ति करता था। वह मुंबई से ड्रग्स लाकर यहाँ सप्लाई करता था। इसके अलावा पुलिस वसीम मुस्ताक मिर्जा शेख नामक व्यक्ति की भी तलाश में जुटी है। आरोप है कि वसीम भी ड्रग्स के इस काले धंधे में शामिल था।

पति के जेल जाने के बाद हिना ने संभाला था ड्रग्स का धंधा

हिना शेख का शौहर इस्माइल मुबारक शेख गुजरात के सूरत जेल में बंद है। आरोप है कि वह भी ड्रग्स का कारोबार करता था। पुलिस ने उसके पास से कोकीन बरामद की थी। इसके अलावा इस्माइल के ऊपर हत्या की कोशिश और हत्या का भी आरोप है। कहा जा रहा है कि इस्माइल के जेल जाने के बाद से हिना ड्रग्स के धंधे में उतर गई थी।

इस मामले में सूरत पुलिस कमिश्नर अजय कुमार तोमर का कहना है कि पुलिस सितंबर 2020 से ‘नो ड्रग्स इन सूरत सिटी’ नामक एक अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत ड्रग्स के धंधे को पूरी तरह से खात्मे के लिए काम किया जा रहा है। पुलिस की टीम लगातार छापेमारी कर ड्रग्स के नेटवर्क का पर्दाफाश कर रही है। अब तक करीब 15 करोड़ रुपए की ड्रग्स के साथ 257 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

‘ये वो भारत नहीं है जो चुप रह जाता था’: तिरंगे के अपमान पर विदेश मंत्री ने खालिस्तानियों को लताड़ा, बोले – पश्चिमी देशों को लगता है कि दूसरों पर कमेंट करना उनका अधिकार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में टिप्पणी करने वाले पश्चिमी देशों की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि पश्चिमी देशों को लगता है कि दूसरे देशों पर कमेंट करना उनका अधिकार है। यही नहीं, उन्होंने ब्रिटेन में खालिस्तानियों द्वारा किए गए तिरंगे के अपमान को लेकर कहा है कि यह वो भारत नहीं है जो इस तरह की घटनाओं पर चुप रह जाता था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या और पीसी मोहन ने कर्नाटक के हुबली में स्थित कब्बन पार्क में ‘मीट एंड ग्रीट’ नामक कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में राहुल गाँधी की लोकसभा सदस्यता रद्द होने के बाद अमेरिका और जर्मनी द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर सवाल किया गया था।

इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा है, “मैं आपको इस का सच बता रहा हूँ। वास्तव में इसके पीछे दो वजह हैं। पहला यह है कि पश्चिमी देशों को दूसरों पर टिप्पणी करने की बुरी आदत है। उन्हें लगता है कि भगवान ने उनको दूसरों पर टिप्पणी करने का अधिकार दिया है। पश्चिमी देशों को पुरानी चीजों से सीखने की जरूरत है। यदि वे ऐसा करते रहेंगे तो दूसरे लोग भी कमेंट करने लगेंगे और ऐसा होने पर उन्हें अच्छा नहीं लगेगा। मैं देख रहा हूँ कि ऐसा हो रहा है।”

उन्होंने आगे कहा है, “दूसरा कारण यह है कि हमारे देश के लोग ही उन्हें टिप्पणी करने के आमंत्रित करते हैं। ऐसे में अधिक से अधिक लोग कमेंट करते हैं। हमें दुनिया के सामने यह कहना बंद करना होगा कि यहाँ समस्याएँ हैं। साथ ही अमेरिका और अन्य देशों के सामने यह कहने की जरूरत नहीं है कि वे भारत के मुद्दों पर क्यों नहीं बोलते। यदि यहाँ से कोई जाता है और कहता है कि आप हमारी समस्याओं पर क्यों नहीं बोल रहे हैं, ऐसे में वे कमेंट करेंगे ही। इस मामले में समस्या दोनों तरफ है। मुझे लगता है कि दोनों को ठीक करने की जरूरत है।”

ब्रिटेन में स्थित भारतीय उच्चायोग में खालिस्तानियों द्वारा किए गए तिरंगे के अपमान को लेकर बोलते हुए उन्होंने कहा, “हमने बीते कुछ दिनों में लंदन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और सैन फ्रांसिस्को में तिरंगे के अपमान की कुछ घटनाएँ देखी हैं। भारत जब तिरंगे के अपमान को हल्के में लेता था वह दिन अब जा चुके हैं। यह वो भारत नहीं है जो किसी के द्वारा उसके राष्ट्रीय ध्वज के अपमान को स्वीकार करेगा। तिरंगे के अपमान के बाद भारतीय उच्चायोग ने और भी बड़ा तिरंगा फहरा दिया था। यह केवल वहाँ के तथाकथित खालिस्तानियों के लिए संदेश नहीं था बल्कि अंग्रेजों के लिए भी एक तरह का मैसेज था। यह मेरा झंडा है, अगर कोई इसका अपमान करने की कोशिश करेगा तो मैं इस झंडे को और भी बड़ा कर दूँगा।”

‘Gays पैदा करने की इंडस्ट्री बन गए हैं पाकिस्तान के मस्जिद-मदरसे’: मौलाना का वीडियो हुआ वायरल, कहा – बच्चा भले न पढ़े, मदरसे में न भेजें

पाकिस्तान के एक मौलाना का वीडियो खासा वायरल हो रहा है। मौलाना इस वीडियो में पाकिस्तान के मस्जिदों-मदरसों पर टिप्पणी करते हुए कह रहा है कि हमने एक ऐसी इंडस्ट्री लगा रखी है, जो Gays को पैदा करती है। मौलाना ने कहा कि ये इंडस्ट्री न सिर्फ समलैंगिकों को पैदा करती है, बल्कि उसने ऐसी व्यवस्था बना रखी है कि हर गाँव, हर शहर और हर गली-गली में 200 गज पर मस्जिद बनी हुई है और वहाँ ये सब होता है।

उसने कहा कि जो मोहल्ले में पहुँच गया वो वहाँ करता है, जो शहर में पहुँच गया वो वहाँ करता है। उसने कहा कि ये बात सबको पता है, लेकिन ये मसला इतना आसान भी नहीं है कि चुटकुले बना कर इसे खत्म किया जा सके। मौलाना ने कहा कि इस व्यवस्था को खत्म किया जाना चाहिए, क्योंकि दीन इन चीजों से नहीं चलता है। साथ ही उसने अभिभावकों को सलाह भी दी है कि वो अपने बच्चों को मस्जिदों-मदरसों में पढ़ने के लिए न भेजें।

मौलाना ने अभिभावकों को मैट्रिक (दसवीं) के बाद ही बाहर भेजने की सलाह देते हुए कहा कि उससे पहले बच्चों को घर में ही पढ़ाया जाना चाहिए। उसने कहा कि अगर बच्चा नहीं भी पढ़ता है तो कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन उसे मदरसों के हवाले नहीं किया जाना चाहिए। बता दें कि पाकिस्तान में हाल के दिनों में मदरसों के कई शिक्षकों/मौलवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो यौन शोषण के आरोपित रहे हैं। पंजाब प्रांत में पिछले साल एक मौलाना धराया था, जिसने 10 नाबालिगों का यौन शोषण किया था।

पाकिस्तान से मौलानाओं के वीडियो सामने आते रहते हैं। अल्पसंख्यकों के लिए जहन्नुम कहे जाने वाले पाकिस्तान में कट्टरपंथियों द्वारा होली न मनाने देने के एलान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। वायरल वीडियो में एक मौलाना सिंध की जमीन को सूफियों की जमीन बताते हुए वहाँ सिर्फ मोहम्मद के दिन ही जश्न मनाए जाने की नसीहत दी थी। एक भीड़ को संबोधित करते हुए दिए इस बयान का वहाँ मंच और सामने मौजूद लोगों द्वारा समर्थन किया गया था। 

पश्चिम बंगाल में फिर शोभा यात्रा पर हमला, पत्थरबाजी: महिलाओं-बच्चों को भी बनाया निशाना, दावा – मुस्लिम बहुल इलाके में हुई हिंसा

पश्चिम बंगाल में हिंसा एक बार फिर भड़क उठी है। यहाँ के हुगली में भाजपा की रामनवमी शोभायात्रा में आगजनी और पथराव की घटना सामने आई है। शोभायात्रा में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष समेत कई नेता शामिल हुए थे। इससे पहले रामनवमी पर भी पश्चिम बंगाल में हिंसक झड़पें हुई थीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार (2 अप्रैल, 2023) को हुगली में रामनवमी को लेकर बीजेपी शोभायात्रा निकाल रही थी। यह यात्रा जब मुस्लिम बाहुल्य इलाके रिशरा पहुँची तब वहाँ अचानक से पत्थरबाजी होने लगी। इससे मौके पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। पत्थरबाजों द्वारा कई वाहनों में आग लगाने की भी खबर है।

घटना को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, “शोभा यात्रा के दौरान पथराव हुआ है। इस यात्रा में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे। अचानक हुए हमले में कई लोग घायल हुए हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि बंगाल पुलिस कर क्या कर रही है। ममता बनर्जी सिर्फ राजनीति कर रहीं हैं। बंगाल में ऐसे मामले रोज सामने आ रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा है कि हावड़ा हिंसा के बाद भी राज्य सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पथराव किया जा रहा है और वाहनों में तोड़फोड़ की जा रही है। अगर ऐसी घटनाओं का जवाब दिया गया तो क्या होगा? यात्रा में शामिल हुए लोगों पर पत्थर मारे जा रहे हैं। गाड़ियाँ तोड़ीं जा रही हैं। अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। बमों की भी आवाज आ रही है। फिलहाल पुलिस को तैनात किया गया है। लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।

हिंसा की आग में जल रहा है बंगाल

पश्चिम बंगाल में रामनवमी के जुलूस में लगातार हमले की घटनाएँ सामने आ रहीं हैं। उत्तर दिनाजपुर के इस्लामपुर शहर के दालखोला इलाके में रामनवमी के जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच झड़प हो गई। मुस्लिम बहुल इलाके में हुई झड़प में एक शख्स की मौत हो गई जबकि 5-6 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। बंगाल पुलिस युवक के मौत की वजह हार्ट अटैक बता रही है।

हावड़ा में असामाजिक तत्वों ने रामनवमी के जुलूस पर पत्थरबाजी की और हिंसा भड़कने पर फिर कई वाहनों में आग लगा दी। घटना हावड़ा के शिबपुर की है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग छतों से जुलूस पर पथराव करते नजर आ रहे हैं। इसके बाद जुम्मे यानि शुक्रवार (31 मार्च 2023) को भी हावड़ा में हिंसा भड़क उठी थी। भाजपा इन तमाम हिंसक घटनाओं को लेकर ममता बनर्जी सरकार को दोषी ठहरा रही है।