Home Blog Page 1920

बिहार-बंगाल में बढ़ा बवाल, धारा 144 लागू: पथराव रोकने के लिए सुरक्षाबल तैनात, कट्टरपंथियों ने हिंदुओं के घर-दुकानों में आग लगाई

रामनवमी के मौके पर बिहार-बंगाल के कई इलाकों में कट्टरपंथियों द्वारा शोभायात्रा पर हमला किया गया। वहीं, बंगाल के हावड़ा में रामनवमी के दिन हिंदुओं के खिलाफ शुरू हुई हिंसा अगले दिन जुमे पर भी जारी है। शुक्रवार (31 मार्च 2023) को भी हिंसा के बाद हावड़ा में धारा 144 लागू कर दिया गया है। वहीं, बिहार के नालंदा और सासाराम में भी हिंसा की घटनाएँ सामने आई हैं।

बिहार के नालंदा जिले के लहेरी थाना क्षेत्र के गगन दीवान के पास हिंदुओं के साथ मारपीट की गई। इतना ही नहीं, लोगों पर पथराव और वाहनों में आगजनी भी हुई। इसके बाद हिंदुओं की तरफ से भी प्रतिक्रिया दी गई। हालात को देखते हुए मौके पर पुलिस और प्रशासन मौजूद है।

वहीं, सासाराम में रामनवमी के जुलूस के बाद दो गुटों में मारपीट हो गई। इस दौरान पथराव करने की भी सूचना है। घटना की सूचना पर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। सासाराम शहर में धारा 144 कर दिया गया है।

ADM चंद्रशेखर के अनुसार, “दो गुटों के बीच तनाव है। पथराव भी हुआ है। कुछ घरों में आग भी लगा दी गई। आग बुझाई जा रही है। प्रशासन ने मौके पर पहुँचकर उन्हें शांत कराया गया।” उन्होंने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। स्थिति को नियंत्रित करने में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

वहीं, रामनवमी के दिन हिंसा के बाद अगले दिन यानी 31 दिसंबर 2023 को भी हावड़ा में हिंदुओं पर पत्थरबाजी की गई। हालात को देखते हुए इलाके में धारा 144 लगा दिया गया है। वहीं, मुंबई में हुए हमले में 21 लोगों को गिरप्तार किया गया है।

अहमदाबाद में AAP ने लगवाए ‘मोदी हटाओ-देश बचाओ’ के पोस्टर, 8 कार्यकर्ता गिरफ्तार: अरविंद केजरीवाल पर ₹25 हजार का जुर्माना

गुजरात में अहमदाबाद समेत कई स्थानों पर प्रधानमंत्री के खिलाफ पोस्टर लगाए गए थे। इनपर लिखा था मोदी हटाओ, देश बचाओ। गुजरात पुलिस ने पोस्टर चस्पा करने के आरोप में 8 लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक आम आदमी पार्टी ने पीएम मोदी के खिलाफ पोस्टर वार छेड़ा हुआ है। इसी सिलसिले में गुजरात के कई इलाकों में पोस्टर लगाए गए थे।

गुजरात पुलिस का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द लिखकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया जा रहा है। पोस्टर गुरुवार (30 मार्च 2023) को लगाए गए थे। पोस्टर लगने के बाद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ अलग-अलग थानों में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक अहमदाबाद से नटवरभाई पोपटभाई, जतिनभाई, कुलदीप शरदकुरमा भट्ट, बिपिन भाई, चंद्रकांत पटेल, अजय चौहान, अरविंद गोरजीभाई चौहान जीवन भाई वासुभाई और परेश तुलसिया को पकड़ा है।

गुजरात की आम आदमी पार्टी चीफ इसुदान गढ़वी ने ट्वीट कर गिरफ्तारी की निंदा की। उन्होने कहा है कि जिन्हें गिरफ्तार किया गया है वो हमारे पार्टी वर्कर्स हैं। गढ़वी ने कहा, “यह भाजपा की तानाशाही का नमूना है।” बता दें आम आदमी पार्टी की तरफ से देशभर में पोस्टर अभियान चलाया जा रहा है। कैंपेन के तहत अंग्रेजी समेत देश के 11 भाषाओं हिंदी, उर्दू, गुजराती, पंजाबी, तेलुगु, बंगाली, उड़िया, कन्नड़, मलयालम और मराठी में पोस्टर जारी किए गए हैं।

देश की राजधानी दिल्ली में भी आप कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के खिलाफ पोस्टर लगाए थे। मामले में 100 एफआईआर दर्ज किए गए थे। सभी मामले प्रिंटिंग प्रेस एक्ट और प्रॉपर्टी डिफेसमेंट एक्ट के तहत दर्ज किए गए थे।

दूसरी तरफ गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात यूनिवरस्टी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को झटका दिया है। सीएम केजरीवाल ने पीएम मोदी की एमए की डिग्री सार्वजनिक करने की माँग की थी। कोर्ट ने इस माँग को तुच्छ और भ्रामक करार देते हुए आप संयोजक पर 25 हजार का जुर्माना ठोंक दिया।

हावड़ा हिंसा में ‘टाइम्स नाऊ’ के पत्रकार घायल, खून से लथपथ तस्वीर सामने आई: BJP नेता का आरोप- ‘TMC गुंडों’ ने किया सुनियोजित हमला

पश्चिम बंगाल में रामनवमी के मौके पर हावड़ा सहित कई जगहों पर हिंसा हुई। रामनवमी के एक दिन बाद यानी शुक्रवार (31 मार्च 2023) को भी हावड़ा में यह हिंसा जारी है। पत्थरबाजी की घटना के कई वीडियो सामने आए हैं। इस दौरान यहाँ पथराव की घटना को कवर करने कर रहे टाइम्स नाउ नवभारत के पत्रकार कुंदन सिंह घायल हो गए। सोशल मीडिया पर उनका खून से लथपथ वीडियो वायरल हो गया है।

बीजेपी (BJP) के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने अपने ट्विटर हैंडल पर कुंदन सिंह की खून से लथपथ तस्वीर साझा की है। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने लिखा, “टाइम्स नाउ नवभारत के रिपोर्टर कुंदन सिंह हावड़ा में दंगों को कवर कर रहे थे, तभी टीएमसी के गुंडों ने उन पर हमला कर दिया… यह एक सुनियोजित हमला है, न केवल रामनवमी शोभा यात्रा पर, बल्कि मीडिया पर भी, जो दंगों को कवर कर रही है… राजनीतिक संरक्षण का आश्वासन देने वाली, भीड़ बेखौफ अपना काम कर रही है।

बीजेपी के राकेश सिंह ने भी कुंदन सिंह की तस्वीर शेयर कर ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। इसके साथ ही उन्होंने एक अन्य वीडियो पोस्ट किया है। इसके साथ उन्होंने लिखा, “हम एक ऐसे मुकाम पर पहुँच गए हैं, जहाँ एक मौजूदा मुख्यमंत्री खुले तौर पर हिंदुओं को मुस्लिम इलाकों में न घुसने की चेतावनी दे रही हैं। आखिरी बार ऐसा 1940 के दशक में हुआ था और इसका परिणाम यह हुआ कि भारत ने एक मुस्लिम क्षेत्र को छोड़ दिया। जो लोग इतिहास से नहीं सीखते वे इसे दोहराने को आतुर होते हैं।”

बता दें कि रामनवमी के अवसर पर हावड़ा सहित कई जगहों पर शोभायात्रा निकाली गई थी। इस शोभायात्रा पर असामाजिक तत्वों ने पत्थरबाजी की थी। इसके साथ ही आगजनी की भी घटना सामने आई थी। घटना हावड़ा के शिबपुर की है। शिबपुर इलाके में स्थिति आज और हिंसक हो गई है। ममता ने इसका ठीकरा भाजपा पर फोड़ा था।

रामनवमी से पहले ममता बनर्जी ने हिंदुओं को मुस्लिम इलाकों में न जाने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि ये रमजान का महीना है। ऐसे में मुस्लिम इलाकों में रामनवमी का जुलूस न निकालें। अगर ऐसा हुआ तो फिर आरोपितों को कोर्ट छोड़ेगा नहीं।

फोन करके बकी गालियाँ, जान से मारने को बोला: US में पंजाब CM की बेटी को खालिस्तानियों ने दी जान से मारने की धमकी, वकील ने कहा- ऐसे लोग सिख धर्म पर धब्बा

‘वारिस पंजाब दे’ के भगोड़े प्रमुख अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई से बौखलाए खालिस्तानी समर्थकों ने अमेरिका में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की बेटी को जान से मारने की धमकी दी है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने भारतीय विदेश मंत्रालय से भगवंत मान की बेटी सीरत कौर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग की है।

स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal) ने शुक्रवार (31 मार्च 2023) को ट्वीट किया, “पंजाब के सीएम भगवंत मान की बेटी को अमेरिका में जान से मारने की धमकी मिलने की खबरें पढ़ीं। यह कायरतापूर्ण कार्य है। मैं अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास से उनकी (मान की बेटी) सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करती हूँ।”

कुछ दिन पहले, पटियाला की एक वकील ने दावा किया कि कुछ खालिस्तान समर्थकों ने अमेरिका में रह रही भगवंत मान की बेटी सीरत कौर को फोन किया, उसे गाली दी और जान से मारने की धमकी दी। वकील हरमीत बराड़ ने कहा, “क्या आपको बच्चों को धमकाने और गाली देने से खालिस्तान मिल जाएगा? आप इस तरह से बच्चों डरा-धमकाकर और गालियाँ देकर खालिस्तान लेने जा रहे हैं। ऐसे लोग सिख धर्म पर धब्बा हैं।” मालूम हो कि भगवंत मान की पूर्व पत्नी इंदरप्रीत कौर ग्रेवाल अपनी बेटी सीरत कौर (21) और बेटे दिलशान (18) के साथ अमेरिका में रहती हैं। इंदरप्रीत ने भी इस घटना की पुष्टि की है।

सीरत कौर मान ने अपना बचपन पंजाब और चंडीगढ़ में बिताया है। अपने माता-पिता भगवंत मान और इंद्रप्रीत कौर के अलग होने के बाद वह 2015 में अमेरिका चली गईं। उन्होंने ऑबर्न माउंटेनव्यू हाई स्कूल (Auburn Mountainview High School) से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। उन्होंने अमेरिका के एक विश्वविद्यालय से Public Health में बीए किया है।

बता दें कि पंजाब में अमृतपाल सिंह पर पुलिस की कार्रवाई के कारण दुनिया भर में कट्टरपंथी सिख नाराज़ हैं। भारत सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जबकि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंजाब सरकार ये कार्रवाई कर रही है। हाल ही में खालिस्तानियों ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला कर दिया। उन्होंने सिटी पुलिस द्वारा लगाए गए बैरियर भी तोड़ दिए थे। इतना ही नहीं, भारतीय वाणिज्य दूतावास के परिसर के भीतर खालिस्तानी झंडे भी लगा दिए गए।

शराब घोटाले मामले में गिरफ्तार मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज, अब हाईकोर्ट जाएँगे AAP नेता

शराब घोटाले में जेल में बंद आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) को एक बार फिर झटका लगा है। सीबीआई की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया है।

दिल्ली के राउज एवेन्यू में एमके नागपाल की अध्यक्षता वाली एक विशेष सीबीआई अदालत ने जमानत याचिका को मंजूर किया। एक सप्ताह पहले इस मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने सिसोदिया की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। उस दौरान CBI ने अदालत में गवाहों के बयान पेश किए थे। 

राउज एवेन्यू कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद मनीष सिसोदिया अब दिल्ली हाईकोर्ट जाएँगे। आबकारी नीति में कथित अनियमितता को लेकर सीबीआई ने मनीष सिसोदिया के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। उन्हें केंद्रीय जाँच ब्यूरो ने 26 फरवरी 2023 को गिरफ्तार किया था।

सीबीआई की दलील से पहले मनीष सिसोदिया ने ट्रायल कोर्ट में जमानत याचिका दायर करते हुए कहा था कि उन्हें हिरासत में रखने से मकसद पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा था कि इस मामले में सीबीआई पहले ही सारी रिकवरी कर चुकी है।

उन्होंने कहा था, “मैंने सीबीआई की जाँच में पूरा सहयोग किया। उन्होंने जब बुलाया, उनके पास हाजिर हुआ।” उन्होंने यह भी कहा था कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने के कारण समाज में उनकी जड़ें गहरी हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए उन्हें जमानत दी जाए। 

तब, सीबीआई के वकील ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि उन्हें जमानत दी गई तो वे जाँच को प्रभावित कर सकते हैं। उनका प्रभाव और हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर है। सीबीआई ने यह भी कहा था कि मनीष सिसोदिया का यह दावा कि उन्होंने मोबाइल इसलिए तोड़ दिए थे क्योंकि वो अपग्रेड करना चाहते थे, सच नहीं है।

बता दें कि दिल्ली का उपमुख्यमंत्री रहते हुए मनीष सिसोदिया के पास आबकारी विभाग भी था। इस दौरान आम आदमी पार्टी की सरकार ने आबकारी नीति में बदलाव किया था। इसमें कुछ लोगों को फायदा पहुँचाने का आरोप लगा है।

डोनाल्ड ट्रंप को भारी पड़ी पॉर्न स्टार से मुलाकात, 1 लाख 30 हजार डॉलर देने के मामले में आरोपित करार: US के पूर्व राष्ट्रपति पर चलेगा मुकदमा

अमेरिका की पॉर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स इन दिनों सुर्खियों में हैं। पॉर्न स्टार को अवैध तरीके से करीबन डेढ़ लाख डॉलर दिए जाने के मामले में मैनहट्टन की ग्रैंड जूरी ने डोनाल्ड ट्रंप को आरोपित माना है। इसी के साथ ट्रंप अमेरिका के पहले ऐसे पूर्व राष्ट्रपति बन गए हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मामला चलेगा। साथ ही ट्रंप को अदालत में भी पेश किया जाएगा। ट्रंप मंगलवार (4 अप्रैल 2023) को सरेंडर करने वाले हैं। पूरा मामला 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले का है।

कौन हैं स्टॉर्मी डेनियल्स ?

44 साल की स्टॉर्मी डेनियल्स का असली नाम स्टेफनी क्लिफोर्ड है जो अमेरिका के लुइसियाना के बैटन रूज में पली-बढ़ी। स्टॉर्मी शुरुआत में एक पत्रकार बनना चाहती थीं लेकिन बड़े होने के साथ वह एडल्ट फिल्मों की दुनिया में चली गईं। उन्होंने 40 ईयर ओल्ड वर्जिन और मैरून-5 जैसी फिल्मों में अभिनय भी किया है। इसके बाद पॉर्न स्टार की शोहरत बढ़ती गई।

क्या है ट्रंप और स्टॉर्मी का रिश्ता?

वर्ष 2018 में डेनियल्स ने न्यूयॉर्क टाइम्स के साथ साक्षात्कार में विस्तार से अपने और ट्रंप के संबंधो पर चर्चा की थी। स्टॉर्मी ने बताया कि वर्ष 2006 में लेक ताहो में एक गोल्फ टूर्नामेंट के दौरान उनकी ट्रंप से मुलाकात हुई थी। जिसके बाद ट्रंप ने उन्हें डिनर पर बुलाया था। इसी दौरान दोनों के बीच जिस्मानी संबंध बने थे।

बता दें ट्रंप ने हमेशा इससे इनकार किया है। लेकिन पॉर्न स्टार का दावा है कि जिस वक्त दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने थे ट्रंप 60 साल के थे और स्टॉर्मी 27 साल की थीं। स्टॉर्मी डेनियल्स ने इंटरव्यू के दौरान कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप ने सहमति के साथ यौन संबंध बनाए थे।

डेनियल्स का दावा है कि ट्रंप आगे भी उसके साथ संबंध बनाना चाहते थे। लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हुईं थीं। जिसके बाद ट्रंप ने उन्हें एक टीवी शो से बाहर करवा दिया था। दरअसल ट्रंप ने पहले स्टॉर्मी को एक टीवी शो में शामिल करने की बात कही थी।

कहाँ बिगड़ी बात ?

मीडिया रिपोर्टों की मानें तो 2011 में स्टॉर्मी ने अपने और ट्रंप के बीच बने संबंध की कहानी इन टच वीकली मैग्जीन को बेचने की कोशिश की। इसके लिए 15 हजार डॉलर का सौदा हुआ था। मगर ट्रंप के वकीलों ने ऐसा नहीं होने दिया। उस वक्त ट्रंप के वकील रहे माइकल कोहेन ने साक्षात्कार चलने पर पत्रिका पर मुकदमा करने की धमकी दी थी।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के बाद 2016 अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई। ट्रंप ने अपना नामांकन दिया। स्टॉर्मी तब भी अपने और ट्रंप के बीच बने संबंधों की कहानी बेचना चाहती थी। मीडिया में भी इसे लेकर सुगबुगाहट थी। चुनावी साल में ही ट्रंप औऱ डेनियल की कहानी मीडिया में प्रकाशित होने वाली थी। उसी समय ट्रंप के पूर्व वकील माइकल कोहेन ने चुनाव से पहले डेनियल को चुप रहने के लिए उसे 1,30,000 डॉलर का भुगतान किया था।

कैसे फँसे ट्रंप?

हालाँकि बात छिपी नहीं रह सकी और ट्रंप के प्रेसिडेंट बनने के बाद जनवरी 2018 में वॉल स्ट्रीट जर्नल में यह कहानी प्रकाशित हो गई। कहानी प्रकाशित होने के बाद मामले की जाँच शुरू हुई। ट्रंप के वकील पर पॉर्न स्टार के खाते में 1 लाख 30 हजार डॉलर भेजने का आरोप लगा जो जाँच में सही पाया गया। इसी मामले में ट्रंप को भी आरोपित बनाकर जाँच की गई और अब मैनहट्टन की ग्रैंड जूरी ने उनपर मुकदमा चलाने की ने अनुमति दी है।

गुरुद्वारे के ग्रंथी का एक पैर काटकर साथ ले गए अज्ञात अपराधी, एक हाथ की अंगुलियाँ भी काटीं: पंजाब के तरनतारन की घटना

देश में माहौल को बिगाड़ने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। पंजाब में एक गुरुद्वारे के ग्रंथी पर हमला करके सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की गई है। अज्ञात अपराधियों ने घर लौट रहे ग्रंथी सुखचैन सिंह के पैर काटकर अपने साथ ले गए। अपराधियों ने हाथ की अंगुलियाँ भी नहीं छोड़ीं। अपराधियों को पकड़ने के लिए SIT गठित की गई है।

दरअसल, पंजाब के तरनतारन स्थित कस्बा खडूर साहिब के रहने वाले 55 वर्षीय सुखचैन सिंह बाणियाँ गाँव के गुरुद्वारे में ग्रंथी हैं। गुरुवार (30 मार्च 2023) की देर शाम वे अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोका और तेजधार हथियार से उन पर हमला कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि बदमाश ग्रंथी के हाथों की अंगुलियाँ काट दीं और टांग काटकर अपने साथ ले गए। गंभीर रूप से घायल ग्रंथी को अमृतसर के अमनदीप अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहाँ उनका इलाज चल रहा है।

उधर पंजाब के हालात को देखते हुए पुलिस सतर्क है और अपराधियों की सुराग लगा रही है। पंजाब पुलिस इलाके के सारे सीसीटीवी की फुटेज खंगाल कर अपराधियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। पुलिस के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि किसी दुश्मनी के तहत घटना को अंजाम दिया गया है या माहौल को खराब करने की कोशिश की गई है।

गोइंदवाल साहिब स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) राजिंदर सिंह ने कहा, “हम आरोपितों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़िता का दाहिना पैर काटकर आरोपी ले गए हैं। जब सुखचैन सिंह ने अपने पैर पर धारदार हथियार के प्रहार को रोकने की कोशिश की तो उनके हाथ की अंगलियाँ भी कट गईं।”

बता दें कि पंजाब में पिछले एक महीने में इस तरह की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 8 फरवरी 2023 को मोहाली के हरदीप सिंह राजू को तीन युवकों ने अगवा कर लिया था और चाकू से उनकी अंगलियाँ काट दी थीं। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था। बाद में पुलिस ने 24 फरवरी को आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था।

‘सरकार’ सरनेम की जगह हुआ ‘सरकारी’…और जमीनें छिन गईं : एक मात्रा की गलती का खामियाजा भुगत रहे 727 हिंदू शरणार्थी, कर्नाटक का मामला

कर्नाटक में नाम में मात्रा बदल जाने के कारण पूर्वी पाकिस्तान (East Pakistan) से आए 727 हिंदू शरणार्थिर्यों की जमीन छिन जाने का मामला सामने आया है। जमीनी अभिलेखों में हुई गलती के कारण ये लोग दर-दर भटकने को मजबूर हैं। दरअसल, इन हिंदू शरणार्थिर्यों के बंगाली सरनेम में ‘सरकार’ लिखा हुआ था, जो गलती से ‘सरकारी’ लिख दिया गया। इसके बाद इन लोगों की जमीन को सरकारी घोषित कर दिया गया।

मालूम हो कि 1971 में हजारों की तादाद में हिंदू शरणार्थी पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से भारत आए थे। इन्हें कर्नाटक सहित सात राज्यों में शरणार्थी शिविरों में रखा गया था। हर परिवार को नई शुरुआत करने के लिए पाँच एकड़ जमीन दी गई थी, लेकिन एक मात्रा बदल जाने का खामियाजा इतना बड़ा होगा, ये इन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा। इसके चलते बीते पाँच सालों से वे संघर्ष कर रहे हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 65 वर्षीय किसान विभूति सरकार भी उन लोगों में से हैं, जिनको कई दशकों तक अपनी जमीन के लिए जूझना पड़ा है, जिसे एकाएक ‘सरकारी’ संपत्ति घोषित कर दिया गया। भले ही विभूति के सरनेम सरकार में बस एक मात्रा की गलती हुई है, लेकिन ‘सरकारी’ लिखने का मतलब उनसे अधिक कोई नहीं जान सकता। इसकी वजह से उन्हें रायचूर जिले के सिंधनूर तालुक में पाँच एकड़ में बोई गई ज्वार की फसल के लिए पिछले साल बीमा से वंचित कर दिया गया। उनकी शिकायत के आधार पर जब राजस्व विभाग में इसकी जाँच की गई तो नई जानकारी निकलकर सामने आई। जाँच में पाया गया कि तीन पुनर्वास शिविरों में बसे अन्य 726 हिन्दू शरणार्थियों की जमीन को भी सरकारी जमीन के रूप में चिन्हित किया गया है। कर्नाटक सरकार के भूमि रिकॉर्ड पोर्टल पर उपलब्ध आँकड़ों में इसकी पुष्टि हुई है।

सिंधनूर तालुक के चार पुनर्वास शिविरों – आरएच2, आरएच3, आरएच4 और आरएच5 में बसे 22,000 हिंदू शरणार्थियों के प्रतिनिधि प्रसेन राप्टाना विभूति के लिए आगे आए। उन्होंने दिसंबर 2022 में तकनीकी समस्या के बारे में रायचूर डीसी को पत्र लिखा। एक महीने पहले, लिंगसुगुर के सहायक आयुक्त ने डीसी से बातचीत के बाद इस मुद्दे पर सहमति जताई। सभी प्रभावित किसान आरएच 2, 3 और 4 के निवासी हैं।

विभूति के अलावा एक अन्य हिन्दू शरणार्थी पंकज सरकार ने कहा, “हमें बिना किसी गलती के इस अजीब समस्या से जूझना पड़ रहा है। हम सरनेम ‘सरकार’ में ‘ी’ जुड़ जाने के कारण जमीन का मालिकाना हक पाने में फँस गए।” उन्होंने टीओआई को बताया, “हमने तहसीलदार से बात की। उन्होंने कहा कि यह एक सॉफ्टवेयर समस्या थी, जिसे बेंगलुरु में ठीक किया जाना था। हमें सरकारी विभाग की गलती का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। हमें इसे ठीक करने के लिए बेंगलुरु की यात्रा क्यों करनी पड़ रही है?”

हावड़ा में जुमे के दिन फिर सड़कों पर उतरी कट्टरपंथियों की भीड़, घरों और दुकानों पर पत्थरबाजी: इलाके में भारी पुलिस बल तैनात, Videos सामने आए

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रामनवमी पर राज्य में हिंसा के लिए भले ही राजनीतिक बयानबाजी करें, लेकिन ये सही है कि इसकी शह उनके बयान से मिला था। रामनवमी के मौके पर राज्य में हावड़ा सहित कई जगहों पर हिंसा हुई थी। रामनवमी खत्म होने के बाद भी हावड़ा में यह हिंसा जारी है।

रामनवमी के अगले दिन शुक्रवार यानी जुम्मे के दिन (31 मार्च 2023) को भी हावड़ा में पत्थरबाजी की घटना के कई वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो में लोगों का एक गुट नजर आ रहा है और सड़क पर भारी मात्रा में ईंट-पत्थर बिखरे हुए दिख रहे हैं।

बता दें कि रामनवमी के अवसर पर हावड़ा सहित कई जगहों पर शोभायात्रा निकाली गई थी। इस शोभायात्रा पर असामाजिक तत्वों ने पत्थरबाजी की थी। इसके साथ ही आगजनी की भी घटना सामने आई थी। घटना हावड़ा के शिबपुर की है। ममता ने इसका ठीकरा भाजपा पर फोड़ा था।

रामनवमी से पहले ममता बनर्जी ने हिंदुओं को मुस्लिम इलाकों में न जाने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि ये रमजान का महीना है। ऐसे में मुस्लिम इलाकों में रामनवमी का जुलूस न निकालें। अगर ऐसा हुआ तो फिर आरोपितों को कोर्ट छोड़ेगा नहीं।

मुख्यमंत्री के इस बयान को कट्टरपंथियों ने अपने फेवर का माना और हिंसा की शुरुआत कर दी। रामनवमी पर हुई यह हिंसा पहली घटना नहीं है। पिछले यानी 2022 में भी रामनवमी पर राज्य में बड़े पैमाने पर हिंसा को अंजाम दिया गया था। हावड़ा के बांकुरा में जैसे ही शोभायात्रा मस्जिद के पास पहुँची थी, उस पर हमला कर दिया गया था। आगजनी को भी अंजाम दिया गया था।

सीएम ममता ने इस बवाल का सारा ठीकरा पहले की ही भाँति इस बार भी भाजपा पर फोड़ा है। ममता ने कहा कि उन्होंने रामनवमी रैली को नहीं रोका था। उन्होंने भाजपा पर एक महीने के लिए हिंसा की योजना बनाने का आरोप लगाया। वहीं, विश्व हिंदू परिषद ने कहा है कि ममता द्वारा शोभायात्रा का रास्ता बदलने का लगाया आरोप झूठा है।

मुख्यमंत्री ममता ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय रमजान के दौरान रोजा रख रहा है। इसलिए वह हिंसा शुरू नहीं कर सकता। उन्होंने हिंसा के लिए बाहरी लोगों जिम्मेदार ठहराया। ममता ने कहा कि हिंसा में शामिल लोग स्थानीय नहीं हैं और वे बाहर से लाए गए थे।

उन्होंने कहा, “मेरे आँख-कान खुले हैं। मुझे सब दिख रहा है। मैंने पहले ही चेतावनी दी थी कि मुस्लिम बहुल इलाकों से यात्रा ना निकाली जाए। मैंने पहले ही कहा था कि राम नवमी पर रैली निकाली गई तो हिंसा हो सकती है। वह बोलीं, “यह रमजान का वक्त है। इस वक्त में वे (मुस्लिम समुदाय) कुछ गलत काम नहीं कर सकते।”

बता दें कि शिबपुर में रामनवमी के जुलूस के दौरान कट्टरपंथियों की भीड़ ने वाहनों को आग लगा दी थी। वहीं, दलखोला में जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच हुई झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गयी, जबकि कई अन्य घायल हो गये। इस घटना में 5-6 पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात भी कही जा रही है।

‘रेप करके वकील शेख ने खुद को मारे थप्पड़…शादी से मुकरा’ : बॉलीवुड की जूनियर आर्टिस्ट का आरोप, बजरंगी भाईजान समेत कई फिल्मों में कर चुकी हैं काम

बजरंगी भाईजान, सिंघम, बाजीराव मस्तानी, पद्मावत जैसी फिल्मों में काम कर चुकी बॉलीवुड (Bollywood) की जूनियर कलाकार ने वकील बीजे शेख (B J Shaikh) पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मालवानी पुलिस थाने में शेख के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद से आरोपित फरार है।

बॉलीवुड की जूनियर कलाकार के मुताबिक, बोरीवली कोर्ट में उसका एक संपत्ति विवाद चल रहा है, जिसके लिए उसने शेख को रखा था। इस सिलसिले में इस साल जनवरी में उसकी आरोपित से मुलाकात हुई थी। 2012 में गोरेगाँव पुलिस स्टेशन में संपत्ति विवाद का मामला दर्ज कराया गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपने पिता और भाई की मृत्यु के बाद शिकायतकर्ता अपने भरण-पोषण के लिए फिल्मों और टीवी सीरियल्स में काम कर रही है। लेकिन कोरोना महामारी के दौरान उसे काम मिलना बंद हो गया। ऐसे में उसने कम फीस वाले वकील की तलाश शुरू की। तभी आरोपित ने उससे संपर्क किया।

पीड़िता के अनुसार, कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान दोनों की कई मुलाकातें हुईं। इसी बीच शेख ने उसे शादी के लिए प्रपोज किया और वह भी इसके लिए राजी हो गई। शेख ने उससे वादा किया कि वह 5 मार्च 2023 को उसके घर पर अपने अम्मी-अब्बू को लेकर आएगा और सगाई करेगा।

महिला ने मिड-डे से बताया, “मैंने सारा इंतजाम कर लिया था, लेकिन उस दिन वह अकेले मेरे घर पर पहुँचा। शेख ने मुझे बताया कि उसकी अम्मी बहुत बीमार हैं और अस्पताल में भर्ती हैं।” पीड़िता के घरवाले भी खाना खाने के बाद वहाँ से चले गए। इसके बाद आरोपित ने महिला के साथ जबरदस्ती की।

पीड़िता ने आगे बताया, “जब मैं रोने लगी तो, शेख ने पछताने का नाटक किया। उसने खुद को थप्पड़ मारना शुरू कर दिया और कहा कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई। उसने मुझसे माफी माँगी और भाग गया। जब शेख को पता चला कि मैं पुलिस के पास जाने वाली हूँ, तो उसने मुझे फोन किया और कहा कि वह 15 मार्च 2023 को बांद्रा कोर्ट में उससे शादी करेगा। लेकिन पहले की तरह इस बार भी उसने मुझसे झूठ बोला और कोर्ट नहीं पहुँचा। इसके बाद उसने 23 मार्च को मुझसे कहा कि वह शादी नहीं करना चाहता है।”

वहीं आरोपित ने महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। शेख ने कहा, “डिंडोशी सेशन कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई तक मेरी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।” उसने शिकायतकर्ता पर आरोप लगाया, ”उसकी प्रवृत्ति लोगों को झूठे मामलों में फँसाने की है। घटना वाले दिन मैं एक अन्य क्लाइंट से मिलने के लिए मढ़ गया हुआ था। जब मैंने उसे फोन किया, तो उसने मुझे अपने घर आने के लिए कहा। मैं उससे उसकी बहन और जीजा की मौजूदगी में मिला था। रेप का आरोप झूठा है।”