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राहुल गाँधी पर काॅन्ग्रेस से भागने लगे सहयोगी: उद्धव गुट ने ‘मैं गाँधी, सावरकर नहीं’ बयान पर चेताया, विपक्ष की बैठक से भी किया किनारा

सांसदी रद्द होने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉन्ग्रेस राहुल गाँधी ने कहा था कि वे माफी नहीं माँग सकते हैं, क्योंकि उनका नाम गाँधी है सावरकर नहीं। अब उनके बयान को लेकर राजनीति तेज हो गई है। सावरकर को लेकर उद्धव ठाकरे के गुट ने राहुल गाँधी को चेतावनी दी है और कहा है कि उनका अपमान वह बर्दाश्त नहीं कर सकती।

उधर, राहुल गाँधी के बयान को लेकर महाराष्ट्र के भाजपा सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया। सांसदों ने सावरकर के अपमान पर संसद में छत्रपति शिवाजी जी महाराज की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया।

उद्धव ठाकरे ने रविवार (26 मार्च 2023) को एक रैली को संबोधित करते हुए उनकी पार्टी का भले ही कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन है, लेकिन सावरकर के खिलाफ किसी भी गलत बयानबाजी को वह बर्दाश्त नहीं करेगी। ठाकरे ने इस स्वतंत्रता सेनानी का अपमान उसे बर्दाश्त नहीं है।

उद्धव ठाकरे की चेतावनी के बाद उद्धव गुट ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आज सोमवार (27 मार्च 2023) को होने वाली बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। ठाकरे के सहयोगी संजय राउत ने कहा, “उद्धव ठाकरे गुट ने आज मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित होने वाली बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया है, क्योंकि राहुल गाँधी ने कहा था कि मैं सावरकर नहीं हूँ, मैं गाँधी हूँ।”

संजय राउत ने कहा, “राहुल गाँधी का बयान गलत है। वह गाँधी हैं, लेकिन सावरकर का नाम घसीटने की जरूरत नहीं है। सावरकर हमारी प्रेरणा हैं। हमारी लड़ाई के पीछे छत्रपति शिवाजी महाराज और वीर सावरकर हैं।” उन्होंने कहा कि अगर वे राहुल गाँधी से मिलते हैं तो इसको लेकर वे जरूर सवाल करेंगे।

दरअसल, राुहल गाँधी के ‘सारे चोर मोदी हैं’ बयान के बाद सूरत कोर्ट ने उन्हें 2 साल की सजा सुनाई है। इस सजा के आधार पर लोकसभा ने उनकी लोकसभा की सदस्यता को रद्द कर दिया है। इस कार्रवाई के खिलाफ कॉन्ग्रेस 27 मार्च को देश भर में प्रदर्शन कर रही है। विपक्षी दलों के सांसद सदन में काले कपड़े पहनकर गए। वहीं, युवा कॉन्ग्रेस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया।

इस घटना को लेकर और आगे की रणनीति बनाने के लिए राज्यसभा में प्रतिपक्ष नेता और कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 27 मार्च की रात दिल्ली स्थित अपने आवास पर एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में लिए समान विचारधारा वाले सभी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया है। अब, कॉन्ग्रेस की सहयोगी उद्धव गुट ने इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया।

भोजपुरी हिरोइन आकांक्षा दुबे की मौत में नया मोड़, माँ ने सिंगर सहित 4 पर करवाई FIR: कहा- मेरी बेटी को टॉर्चर कर रहा था समर सिंह

भोजपुरी एक्ट्रेस आकांक्षा दुबे (Akanksha Dubey) की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। एक्ट्रेस की माँ मधु दुबे ने सिंगर समर सिंह सहित चार के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। उनका कहना है कि समर सिंह करीब तीन साल से उनकी बेटी को टाॅर्चर कर रहा था। फिल्म में काम करने के पैसे नहीं देता था। जब आकांक्षा उससे काम के पैसे माँगती तो वह मारपीट करता था। दूसरों की फिल्म और गाने में काम करने से भी उसे रोकता था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आकांक्षा दुबे की माँ ने सारनाथ थाने में सिंगर समर सिंह, उसके भाई संजय सिंह और दो अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उन्होंने मीडियाकर्मियों को बताया, “समर ने मेरी दुनिया उजाड़ दी। उसने मेरी बेटी को मार डाला। संजय सिंह ने 21 मार्च को मेरी बेटी को धमकी दी और 25 मार्च को उसे मरवा डाला। मेरी लड़की सुसाइड नहीं कर सकती है। मेरी बेटी इतना संघर्ष करके आगे बढ़ी। इतनी तकलीफ सहने के बाद जब उसने सुसाइड नहीं किया, तो आज इतना नाम कमाने के बाद क्या वो सुसाइड कर लेगी? समर सिंह और संजय सिंह ने मेरी बेटी को मारा है। संजय सिंह, समर सिंह का भाई है।”

मधु दुबे ने बताया, “समर सिंह ने नई गाड़ी ली थी और अपना स्टेटस लगाया था। इस पर मेरी बेटी ने कहा कि तुम दूसरों के पैसों पर ऐश कर रहे हो। वो बोलता है कि ऐसे कैसे तूने बोल दिया। तुझे मैं गायब करा दूँगा। उसके भाई संजय ने कहा कि तू मुझे अभी जानती नहीं है। मैं तेरा मर्डर करा दूँगा। मैंने इन दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कारवाई है। मेरी लड़की को इंसाफ चाहिए। इन दोनों ने ही मेरी लड़की को मारा है।”

वहीं, इस मामले में एडिशन सीपी संतोष सिंह ने बताया कि शुरुआती जाँच में आत्महत्या का केस लग रहा है, क्योंकि दरवाजा अंदर से बंद था। मधु दुबे की शिकायत पर सिंगर समर सिंह समेत 4 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। सारे साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आगे की कार्रवाई जारी है।

बता दें कि 25 मार्च 2023 को आकांक्षा दुबे के सुसाइड करने की खबर सामने आई थी। इसके बाद 26 साल की आकांक्षा दुबे का एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में उनकी आँखों में आँसू दिख रहे हैं। फिर वो फूट-फूट कर रोने लगती हैं। आकांक्षा दुबे के मेकअप आर्टिस्ट राहुल और हेयर आर्टिस्ट रेखा मौर्या का कहना है कि उन्हें किसी चीज का तनाव नहीं था और वो न ही परेशान थीं।

जिस डॉक्टर ने करौली बाबा के आश्रम में लगाया मारपीट का आरोप, वो उस दिन CM योगी के आवास में घुसने की कर रहा था कोशिश: वीडियो आया सामने

कानपुर में ‘करौली शंकर महादेव’ बाबा पर पिछले दिनों में एक डॉक्टर को पिटवाने के आरोप लगे थे, जिसके बाद अब आश्रम ने नया बयान जारी किया है। ‘लवकुश आश्रम’ का कहना है कि बाबा को बदनाम करने वाले चिकित्सक के विरुद्ध ही सरे साक्ष्य मिले हैं, एक वीडियो भी सामने आया है जिससे उसका झूठ का पर्दाफाश हुआ है। आश्रम ने कहा कि ईश्वरीय सत्ता सर्वोपरि है और सब कुछ उसी के अधीन है, उसी से नियंत्रित है।

बाबा के आश्रम प्रशासन ने अपने बयान में कहा, “करौली शंकर महादेव धाम भी उसी ईश्वरीय सत्ता का एक अंश है और नियति के विधान के अनुसार ही संचालित है, पोषित है। ऐसे पवित्र स्थल या उस स्थल की सेवा करने वाले जीवों या मनुष्यों की रक्षा-सुरक्षा भी नियति ही करती है। कालांतर में अनेक बार यह प्रमाणित हो चुका है, आज फिर यह सिद्ध हो गया है कि जिसकी सुरक्षा में स्वयं शिव और माँ कामाख्या हों, उसे कोई छू नहीं सकता, आहत नहीं कर सकता। करौली शंकर महादेव परिवार पर आरोप लगाने वाले नोएडा निवासी चिकित्सक के लगातार झूठ का पर्दाफाश हो चुका है और बाकायदा वीडियो साक्ष्य के साथ हुआ है।”

बता दें कि उक्त चिकित्सक (डॉक्टर सिद्धार्थ चौधरी) ने बुधवार (22 फरवरी, 2023) से आश्रम में मारपीट किए जाने का आरोप लगाना शुरू कर दिया था। आश्रम के अनुसार, अब एक अन्य वीडियो के द्वारा वास्तविकता यह सामने आई है कि 22 फरवरी को सुबह वो करीब 8 बजे लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास में जबरन घुसने का प्रयास कर रहे थे। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोका तो चिकित्सक ने उनसे मारपीट की, फिर सड़क पर गिर गए। वीडियो में डॉक्टर सीएम आवास के बाहर जमीन पर सोए हुए भी देखे जा सकते हैं।

इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि उनकी नाक व आसपास खून बह रहा है और वे सुरक्षाकर्मियों पर चिल्ला रहे हैं। सुरक्षाकर्मी उन्हें सड़क से उठाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे उठा नहीं पा रहे हैं। सुरक्षाकर्मी उससे कह रहे हैं कि अस्पताल चलो, तो अस्पताल जाने को भी मना कर रहा है। यह वीडियो तो कुल 36 सेकंड का है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस वीडियो के बनने से पहले और बाद में भी चिकित्सक ने सुरक्षाकर्मियों से मारपीट की है और उसमें वह घायल हुआ है। उन सुरक्षाकर्मियों से चिकित्सकों के पिता ने यह कहते हुए बचाया है कि यह मनोरोगी है, उसे क्षमा कर दीजिए।

उसके कुछ ही घंटे बाद चिकित्सक ‘करौली शंकर महादेव’ धाम पहुँचे हैं। आश्रम प्रशासन की मानें तो वहाँ गेट पर उनकी दोपहर 12:53 बजे की एंट्री है। आश्रम में कई सेवादारों ने बताया कि चिकित्सक जब आश्रम पहुँचे, तब भी उनके सिर पर पीछे की और खून के धब्बे थे, चेहरे पर हल्की खरोंच के निशान थे, लेकिन आश्रम में इन सब बातों को इसलिए गंभीरता से नहीं लिया गया, क्योंकि यहाँ तो इस प्रकार स्वयं को चोटिल, घायल करके काफी मनारोगी पहुँचते हैं।

बताया गया है कि इनमें कई तो ऐसे होतेे हैं, जिनके हाथ पैर रस्सियों या जंजीरों में बाँध कर उनके ही परिजनों द्वारा लाया जाता है। जानकारी मिली कि दोपहर बाद चिकित्सक बाबा के समक्ष आए, तब भी उनकी मनोस्थति नियंत्रित नहीं थी। आश्रम में इस तथ्य पर विचार करने को कहा है कि जिस व्यक्ति के साथ सुबह में इतनी बड़ी दुर्घटना हुई हो कि वह अपमानजनक तरीके से सड़क पर पड़ा हो, वह व्यक्ति कुछ ही घंटे बाद गुरु जी के समक्ष पहुँच कर अपनी समस्याएँ या पीड़ाएँ बताने के बजाए उन्हें चमत्कार दिखाने के लिए चुनौती देने लगता है।

आश्रम का कहना है कि यह उनकी मनोस्थिति ठीक न होने का स्वयं सबसे बड़ा साक्ष्य है। इसके बाद आश्रम से चले जाने पर भी चिकित्सक ने कहीं कोई शिकायत नहीं की, बल्कि एक माह बाद मुकदमा लिखाने फिर से कानपुर पहुँचे। आश्रम ने पूछा है कि कुछ ही घंटों के अंतर पर लखनऊ व कानपुर में मारपीट करने वाले चिकित्सक ने कानपुर से नोएडा तक फिर किसी से मारपीट नहीं की होगी, इसकी क्या गारंटी है ? इस माह में उनके साथ कहाँ, कितनी मारपीट हुई या नहीं हुई, सब रिपोर्ट और आरोप मिथ्या ही हैं या नहीं?

इन चीजों को जाँच का विषय बताते हुए आश्रम परिवार ने आशंका जताई है कि यह सारा प्रकरण ऐसे लोगों की किसी बड़ी साजिश या षड्यंत्र का हिस्सा है, जो कि सनातन संस्कृति और वैदिक चिकित्सा पद्धति को पनपते नहीं देखना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने चिकित्सक को मोहरा बनाकर आश्रम को बदनाम करने के लिए इतना बड़ा नाटक कराया है, जिसमें कुछ मीडिया संस्थानों या उनके कर्मचारियों ने भी उनका सहयोग किया है।

इस आशंका का कारण समझाते हुए आश्रम प्रशासन ने कहा कि एक माह बाद चिकित्सक द्वारा आरोप लगाने के बाद भी ऐसे मीडिया संस्थानों ने किसी जाँच-पड़ताल की कोई प्रतीक्षा नहीं की, स्वयं से भी सच जानने की कोशिश नहीं की कि एक माह तक कहाँ रहे, चुप क्यों रहे? आरोप है कि उन्होंने उस घटना या दुर्घटना पर ध्यान केंद्रित करने की बजाए पहले ही दिन से ‘करौली महाराज’ का चरित्र हनन शुरू कर दिया, उन्हें किसी अपराधी की तरह से पेश किया।

आश्रम ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “यदि जानने की कोशिश की जाती तो सच उसी दिन सामने आ गया था। उसी दिन एक प्रतिष्ठित टीवी चैनल पर उनके पिता कह रहे हैं कि हम 19 फरवरी को कानपुर पहुँचे और 20 फरवरी को गुरूजी से मुलाकात हुई, जबकि सच यह है कि वे 22 फरवरी को आए थे। जो मुकदमे की रिपोर्ट है, उसमें भी चिकित्सक ने 22 फरवरी को ही आश्रम पहुँचने की बात लिखी है। यानी, पिता द्वारा एक साजिश के तहत झूठ बोला गया तो दूसरे वीडियो में चिकित्सक स्वयं झूठ बोलते दिख रहे हैं कि उनसे सिर पर उनकी माँ व पत्नी ने पट्टी बाँधी, जबकि माँ कह रही हैं कि वे वॉशरूम गई थीं, जब वाशरूम से आईं तो देखा उनके सिर पर पट्टी बँधी थी।”

आश्रम ने आगे कहा कि ये सारे विरोधाभासी वीडियो उसी दिन के थे। कोई भी मीडिया कर्मी या संस्थान जरा सा भी पत्रकारीय धर्म निभाता तो सच सामने आ गया होता। साथ ही आरोप लगाया है कि अधिकांश मीडिया संस्थान और मीडिया कर्मी इस सच को समझ गए थे कि चिकित्सक झूठ बोल रहे हैं, आरोप झूठे हैं, इसलिए उन्होंने संतुलित खबरें लिखीं और दिखाई। लेकिन, जो मीडिया संस्थान और कर्मचारी इस साजिश में शामिल थे, वे लगातार सच छिपाते रहे, झूठ पर झूठ रिपोर्ट बनाते रहे, चरित्र-हनन करते रहे, जनता को गुमराह करते रहे, जिसके चलते जांचकर्ताओं और प्रशासन को भी परेशानी हुई।

आश्रम परिवार का मानना है कि चिकित्सक से अधिक अपराध और पाप तो इस साजिश में शामिल लोगों ने और मीडियाकर्मियों ने किया है, जिन्होंने सनातन संस्कृति और वैदिक चिकित्सा के प्रभावों से जनता को सीधे-सीधे वंचित करने की कोशिश की है, अपमानित करने की कोशिश की है। आश्रम परिवार ने ईश्वर से कामना की है कि ऐसे साजिशकर्ताओं, चिकित्सकों, मीडिया संस्थानों और मीडिया कर्मचारियों को सद्बुद्धि दे, ताकि वे भी आगे चलकर बिना किसी दुराग्रह, पूर्वाग्रह के सुंदर सनातनी मानवीय समाज बनाने में अपना सहयोग देकर इस कृत्य का पश्चाताप कर सकें।

करौली बाबा ने जानकारी दी है कि अप्रैल माह में पूर्णमासी से 5, 6 और 7 तारीख़ को आश्रम में विशाल यज्ञ व ध्यान शिविर का आयोजन निर्धारित है, जो कि प्रत्येक पूर्णमासी को होता है। इसमें दीक्षा पाए पुराने भक्तजन भी शामिल हो रहे हैं। इस ध्यान शिविर में ये सभी भटके हुए साजिशकर्ता, मीडिया संस्थान और मीडियाकर्मी भी आमंत्रित हैं, वे स्वयं आकर आश्रम और यहाँ की वैदिक पद्धतियों को देख लें, जाँच लें और सच जनता के सामने ले जाएँ।

उन्होंने यह यह अनुरोध भी किया है और चेतावनी भी है। उन्होंने चेताया है कि इसमें भी उनका प्रदर्शन सनातन संस्कृति या वैदिक चिकित्सा विरोधी पाया जाता है तो फिर आश्रम परिवार उनके विरूद्ध न्यायालय में जाकर सत्य की ताकत का अहसास कराएगा। बकौल बाबा, क्योंकि, जिनकी आस्था पर चोट पहुँची है, ऐसे आक्रोशित भक्तजन ऐसा चाहते हैं और आश्रम परिवार के लिए भक्तजनों की अपेक्षाएँ ही सर्वोपरि हैं। ‘करौली शंकर महादेव’ के प्रवक्ता अजय यादव ने ये बयान जारी किया है।

8 साल का बच्चा होगा तिब्बत का तीसरा बौद्ध धर्मगुरु: अमेरिका में जन्म, हिमाचल में समारोह; बोले दलाई लामा- मंगोलिया में मिलना शुभ

तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा (Dalai Lama) ने अमेरिका में जन्मे एक मंगोलियाई बच्चे को बौद्ध धर्म का तीसरा सबसे महत्वपूर्ण दर्जा दिया है। 87 साल के दलाई लामा ने 8 वर्षीय मंगोलियाई बच्चे को 10 वें खलखा जेटसन धम्पा रिनपोछे का पुनर्जन्म बताया है। द टाइम्स के अनुसार, यह बच्चा दलाई लामा और पंचेन लामा के बाद बौद्ध धर्म का तीसरा सबसे बड़ा धर्मगुरु बना है।

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में 8 मार्च 2023 को नए धर्मगुरु के मिलने का समारोह आयोजित किया गया था। लेकिन इसकी जानकारी अब सामने आई है। समारोह में 600 मंगोलियाई मौजूद रहे। इस दौरान दलाई लामा ने कहा- “हमारे पूर्वजों के चक्रसंवर के कृष्णाचार्य वंश से गहरे रिश्ते थे। इनमें से एक ने मंगोलिया में एक मठ की भी स्थापना की थी। ऐसे में तीसरे धर्मगुरु का मंगोलिया में मिलना काफी शुभ है।”

मंगोलियाई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बच्चा जुड़वाँ लड़कों में से एक है। इनके नाम अगुइदाई और अचिल्टाई अल्टानार है। इनके पिता का नाम अलतनार चिंचुलुन और माता का नाम मोनखनासन नर्मंदख है। बच्चे के पिता अलतनार चिंचुलुन एक विश्वविद्यालय में गणित के प्रोफेसर और राष्ट्रीय संसाधन समूह के कार्यकारी हैं। वहीं, लड़के की दादी मंगोलिया की गरमजाव सेडेन पूर्व सांसद रही हैं।

भड़क सकता है चीन

दलाई लामा का यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में मंगोलियाई बच्चे को बौद्ध धर्म के आध्यात्मिक नेता के पुनर्जन्म के रूप में मान्यता देने से चीन भड़क सकता है। चीन पहले ही इस बात की घोषणा कर चुका है कि धर्मगुरु नियुक्त करने का अधिकार केवल उसके पास है। इससे पहले भी 1995 में जब दलाई लामा ने दूसरे सबसे बड़े धर्मगुरु पंचेन लामा को चुना था, तो चीन के अधिकारियों ने उसे जेल में डाल दिया था। इसके बाद चीन ने इस पद पर खुद के चुने हुए धर्मगुरु को नियुक्त किया था। अब तीसरे तिब्बती धर्मगुरु मिलने के बाद बौद्धों में उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता है।

बता दें कि दलाई लामा ने 2016 में मंगोलिया का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने घोषणा की थी कि जेटसन धम्पा का एक नया अवतार पैदा हुआ है, जिसकी खोज चल रही है। इस यात्रा के बाद चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए आक्रोश व्यक्त किया था। चीन ने मंगोलिया को धमकी भी दी थी। दलाई लामा उनका जन्म 1935 में हुआ था। जब वह 2 साल के थे, तब उन्हें पिछले धर्मगुरु का पुनर्जन्म बताया गया था। तिब्बत पर चीन के कब्जे के बाद 1959 में दलाई लामा वहाँ से भागकर भारत आ गए थे। तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा को 10 दिसंबर, 1989 को शांति नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था।

दादा बनने की लालू यादव की खुशी हुई काफूर, सुप्रीम कोर्ट ने बेल पर माँगा जवाब: झारखंड हाईकोर्ट द्वारा जमानत देने के खिलाफ CBI की याचिका

बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को बेटी के रूप में पहली संतान मिलने की खुशी उनके पिता एवं राजद सुप्रीमो लालू यादव को ज्यादा देर तक नहीं रह सकी। सुप्रीम कोर्ट ने चारा घोटालेे को लेकर उन्हें नोटिस जारी किया। सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय में लालू यादव की जमानत रद्द करने के लिए याचिका दी थी। इसी पर यह नोटिस जारी कर जवाब माँगा गया है।

लालू यादव चारा घोटाले के एक मामले में सजायाफ्ता अपराधी हैं। वे अभी जमानत पर हैं। इस बीच सीबीआई ने अन्य मामलों से जोड़ते हुए लालू यादव की जमानत को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने लालू से उनका जवाब माँगा है।

बता दें कि लालू यादव को जमानत पर रिहा झारखंड हाईकोर्ट ने किया है। हाईकोर्ट के इसी आदेश को सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। बता दें कि दोनों किडनी में खराबी के बाद पिछले दिनों वे सिंगापुर के अस्पताल में भर्ती हुए थे। वहाँ उनकी बेटी ने एक किडनी दी थी, जिसे उनके शरीर में प्रत्यारोपित किया गया है।

लालू यादव पर चारा घोटाले में ही कई केस हैं। इसके अलावा IRCTC, आय से अधिक संपत्ति और जॉब्स पर लैंड जैसे मामले भी चल रहे हैं। इन मामलों की जाँच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही है। इसके पहले ईडी ने इस मामले में 24 ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।

छापेमारी में एक करोड़ रुपए नकद और 600 करोड़ की संपत्ति की जानकारी सामने आई थी। एजेंसी का कहना है कि लालू यादव ने यूपीए के पहले कार्यकाल में रेल मंत्री रहते हुए इस घोटाले को अंजाम दिया था। रिश्वत के रूप में जमीन लेकर लोगों को ग्रुप डी में नौकरी दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने लालू यादव को उसी दिन नोटिस भेजा है, जिस दिन वे पहली बार दादा बने हैं। लालू यादव नाना तो बन चुके थे, लेकिन दादा नहीं बने थे। बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की शादी के दुखद के बाद छोटे बेटे तेजस्वी की शादी हुई थी। इसके बाद उनको पुत्री के रूप में पहली संतान हुई है।

‘दिल्ली में फहराएँगे इस्लामी झंडा, हर मदरसा बन जाएगा हथियारों से लैस छावनी’: बांग्लादेशी मौलाना का वीडियो वायरल, ‘जिहाद’ के ऐलान के बाद ‘अल्लाहु अकबर’ की गूँज

भारत और बांग्लादेश के बीच गहरे व्यापारिक रिश्ते हैं, लेकिन इस्लामी कट्टरपंथी नफरत फैलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक कट्टरपंथी बांग्लादेशी मौलाना का विवादित बयान खूब वायरल हो रहा है। मौलाना का नाम इनायतुल्लाह अब्बासी (Enayetullah Abbasi) है। वह वीडियो में भारत के खिलाफ जहर उगल रहा है। अब्बासी धमकी दे रहा है कि बांग्लादेशी मुस्लिम दिल्ली में इस्लाम का झंडा फहराएँगे। अगर कोई बांग्लादेश पर कब्जा करने आता है, तो हर मदरसे को हथियारों से लैस कर छावनी में तब्दील कर दिया जाएगा। जिहाद के लिए हर मुस्लिम बांग्लादेश की सेना के साथ खड़ा होगा।

‘वॉइस ऑफ बांग्लादेश’ के ट्विटर हैंडल ने 23 मार्च 2023 को यह वीडियो शेयर किया था। वीडियो के साथ इसमें लिखा है, “इनायतुल्ला अब्बासी बांग्लादेशी इस्लामिक स्कॉलर हैं, जो बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अपने जहरीले बयानों के लिए जाना जाता है। उसने भारत में इस्लाम का झंडा फहराने की धमकी दी है और बांग्लादेश की सेना को भारत के खिलाफ जिहाद की तैयारी करने के लिए कहा है।”

बांग्लादेश के मौलाना का वीडियो को ‘पाकिस्तान अनटोल्ड’ नाम के ट्विटर हैंडल ने रविवार (26 मार्च, 2023) को शेयर किया। इसमें वह भारत के हिंदुओं को धमकाते हुए कहता है, “म्यांमार का हमारे लिए कोई महत्व नहीं है। बांग्लादेश के मुस्लिमों में इतनी ताकत है कि वो दिल्ली में भी इस्लाम का झंडा फहरा देंगे। इंशाअल्लाह यह भविष्य में होगा।” इसके बाद उसे सुन रहे मुस्लिमों ने ‘इस्लाम के दुश्मन काफिर हैं’ और ‘सावधान, सावधान और अल्लाह हू अकबर’ का नारा लगाया।

सोशल मीडिया पर यह वीडियो देखने के बाद लोग भड़के हुए हैं। एक यूजर ने लिखा, “मैं इसलिए भारतीय गवर्नमेंट को बताता हूँ कि भारत किसी भी मुल्ले या मुस्लिमों की मदद ना करे, चाहे वो किसी और देश का हो या अपने देश का… क्योंकि आज तक क्या किया है बांग्लादेशी लोगों के लिए भारत ने, वो इतिहास गवाही दे रहा है… लेकिन इन मुस्लिमों को बस मुस्लिम ही अच्छे लगते हैं।”

एक अन्य यूजर ने कहा कि म्यांमार को सँभाल लो, उतना ही काफी है।

द्रुपत माथुर लिखते हैं, “इतना बोलने पर पसीना आ गया। बार-बार मुँह पोंछ रहा है। हिंदुस्तान का नाम लेने का फैशन हो गया है।”

सोशल मीडिया पर और लोगों ने भी मौलाना को आड़े हाथों लिया उन्होंने कहा कि आ जाओ…तुमको भी सबक सीखा देंगे। जय हिन्द की सेना।

बता दें कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले कोई नई बात नहीं है। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। 15 जुलाई 2022 (शुक्रवार) को जुमे की नमाज के बाद नरैल के लोहागारा में चरमपंथी इस्लामी भीड़ ने हिन्दुओं के घरों, मंदिर और दुकानों में तोड़फोड़ की थी। यह हमला एक फेसबुक पोस्ट का बहाना ले कर किया गया था जिसे लिखने का आरोप एक 18 साल के लड़के पर था।

‘हनुमान पहले इंटरनेशनल आतंकी, बिना वीजा दूसरे देश में घुसे’: खालिस्तानी ने हिंदू देवता का किया अपमान, कहा- भिंडरावाले हमारा संत

एक टिकटॉक यूजर ने 26 मार्च 2023 को एक अज्ञात स्थान पर हुए खालिस्तानी प्रदर्शन का वीडियो शेयर किया। वीडियो में जरनैल सिंह भिंडरवाले को आतंकी कहे जाने से आहत एक खालिस्तानी हिंदुओं देवता बजरंग बली के लिए ‘आतंकवादी’ शब्द का इस्तेमाल कर रहा है। वीडियो को कनाडा के रहने वाले खालिस्तान समर्थक प्रीतम सिंह ने पोस्ट किया है।

वीडियो में खालिस्तानी वक्ता कह रहा है, “यदि तुम लोग (भारतीय) और तुम्हारी मीडिया हमारे संत जरनैल सिंह भिंडरावाले को आतंकवादी बुलाएगी तो तुम्हें भी सुनना और जवाब देना होगा। तुम्हारे हनुमान पहले अंतरराष्ट्रीय आतंकी थे। उन्होंने अवैध रूप से सीमा पार की। उन्होंने वीजा नहीं लिया और न ही किसी दूसरे देश की संप्रभुता का ख्याल रखा। उनका विवाद सिर्फ एक व्यक्ति (रावण) से था, लेकिन उन्होंने पूरी लंका जला दी। लंका के नागरिकों को डराया। आप इसे आज तक लंका दहन के नाम से मनाते हैं।”

वीडियो में खालिस्तानी आगे कहता है, “जब आप इसे (खालिस्तान) को किसी का व्यक्तिगत मामला बताते हैं तो याद रखें रावण से हनुमान जी का विवाद भी निजी था। फिर आम लोगों को नुकसान क्यों पहुँचाया गया? क्यों उनके घरों को जलाया गया? आपको यह सुनना पड़ेगा और हम आपको सुनाते रहेंगे कि आपने दुनिया के पहले टेररिस्ट को एक अन्य देश में भेजा और आप गर्व से इस पूरी घटना को हर साल मनाते हैं।”

वीडियो को पोस्ट करने वाला प्रीतम सिंह कट्टर खालिस्तान समर्थक है। उसके अकाउंट से पहले भी खालिस्तान का समर्थन करने वाले पोस्ट साझा किए गए हैं। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह कार्यक्रम अमृतपाल सिंह के खिलाफ जारी कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया गया था या यह वीडियो खालिस्तानी आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SJF) के किसी कार्यक्रम का है, क्योंकि इसमें रेफरेंडम 2020 के पोस्टर भी दिख रहे हैं।

बता दें यह पहला मौका नहीं है जब खालिस्तानियों ने हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी की है। इसके पहले अप्रैल 2022 में पंजाब के पटियाला स्थित माँ काली के मंदिर पर हुए हमले के दौरान माँ दुर्गा को लेकर अपमानजनक बातें कही गई थीं। एक निहंग सिख ने प्रो पंजाब टीवी से बातचीत के दौरान देवी दुर्गा का अपमान किया था।

डायन, डार्लिंग, बेडरूम… राहुल गाँधी की दुर्गति देख स्मृति ईरानी पर कुंठा निकाल रहे काॅन्ग्रेसी, अब तक नहीं पची अमेठी की हार

स्मृति ईरानी भारत सरकार में महिला एवं बाल विकास के साथ-साथ अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय भी सँभाल रही हैं। उनसे कॉन्ग्रेस पार्टी की खुन्नस छिपी नहीं है। अब सफल अभिनेत्री के रूप में खुद को स्थापित करने के बाद स्मृति ईरानी राजनीति में आईं और मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भी वो केंद्रीय मंत्री थीं। लेकिन, कॉन्ग्रेस की खुन्नस इस बात से है कि उन्होंने 2019 में गाँधी परिवार के गढ़ कहे जाने वाले अमेठी से पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गाँधी को हरा दिया।

2014 में इसी सीट पर स्मृति ईरानी को हार मिली थी, लेकिन अगले 5 वर्ष उन्होंने जनता को समर्पित किए और मंत्रालय के कार्य के साथ-साथ अमेठी में भी कई विकास परियोजनाओं के किर्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब यूथ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास BV ने स्मृति ईरानी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया है। अदालत द्वारा 2 साल की सज़ा सुनाए जाने के बाद राहुल गाँधी की लोकसभा सदस्यता चली गई है, जिसका गुस्सा कॉन्ग्रेस स्मृति ईरानी पर निकाल रही है।

श्रीनिवास BV का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो कह रहे हैं, “स्मृति ईरानी गूँगी-बहरी हो गई हैं। मैं उनको कहना चाहता हूँ – उसी डायन को, महँगाई डायन को डार्लिंग बना कर बेडरूम में बिठाने का कार्य किया है।” एक महिला के लिए इस तरह की आपत्तिजनक और अश्लील शब्दावली का प्रयोग करना कॉन्ग्रेस पार्टी की मानसिकता को दिखाता है। चाटुकारिता का आलम ये है कि अपने ‘मालिक’ के लिए वो एक महिला को सार्वजनिक रूप से गालियाँ बकने में लगे हुए हैं।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान श्रीनिवास BV ने ये बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 से पहले स्मृति ईरानी महँगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करती हैं। ऐसे शब्द तब इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जब राहुल गाँधी महिला सशक्तिकरण से लेकर फेमिनिज्म तक की बातें करते हैं। आज भी स्मृति ईरानी अक्सर कॉन्ग्रेस और राहुल गाँधी की हर करतूत की पोल खोलती रहती हैं, सोशल मीडिया से, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के – एक महिला द्वारा ऐसा किया जाना कॉन्ग्रेस नेताओं को रास नहीं आ रहा है।

हालाँकि, ये पहली बार नहीं है जब स्मृति ईरानी को लेकर अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणी की गई हो। 2015 में कॉन्ग्रेस नेता नीलमणि सेन डेका, जो असम के कृषि मंत्री रहे हैं, उन्होंने नलबारी में आयोजित एक सार्वजनिक सभा में यहाँ तक कह दिया था कि कई लोग स्मृति ईरानी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी पत्नी के रूप में भी जानते हैं। 2019 में कॉन्ग्रेस नेता ने स्मृति ईरानी की तस्वीर शेयर करते हुए उन पर ‘रेप गुरु के सामने झुकने’ का आरोप लगाया था।

इसी तरह, 2020 में शशांक भार्गव नामक कॉन्ग्रेस नेता ने कहा था कि पहले स्मृति ईरानी काफी चूड़ियाँ पहन कर घूमती रहती थीं, वो पीएम मोदी की करीबी हैं और उन्हें चूड़ियों के अलावा और भी बहुत कुछ दे सकती हैं। एक महिला के लिए ऐसी भाषा? उन्होंने कहा था कि मोदी जो चाहें स्मृति ईरानी से ले लें, और महँगाई कम कर दें। इसी तरह, कॉन्ग्रेस नेता अजय राय ने कहा था कि स्मृति ईरानी ‘लटके-झटके’ दिखाने के लिए अमेठी बार-बार आती हैं।

राहुल गाँधी के समर्थन में काले कपड़ों में प्रोटेस्ट, सड़क से संसद तक बवाल: RJD नेता ने कहा- सामूहिक रूप से इस्तीफा दें विपक्षी सांसद, नीतीश करें नेतृत्व

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) की संसद सदस्यता रद्द होने के बाद सड़क से लेकर संसद तक बवाल हो रहा है। इसके विरोध में संसद और संसद के बाहर विपक्षी दलों के नेता काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन कर रहे हैं। हंगामे के बाद संसद को स्थगित कर दिया गया है। वहीं, बिहार में RJD अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इसका नेतृत्व करने के लिए कह रही है।

राहुल गाँधी की सदस्यता रद्द के विरोध में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “हम काले कपड़े में आज संसद आए। हम देश को यह दिखाना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक-एक करके देश में लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं। जिस तरह से राहुल गाँधी को लोकसभा से निष्कासित किया गया है, सभी विपक्षी दल उसके खिलाफ हैं।

वहीं, कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर पहुँच कर केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन कर रही है। जंतर-मंतर पर भारी संख्या में पुलिस को तैनात किया गया है। वहीं, संसद के दोनों सदनों में हंगामे के बाद इसे शाम के 4 बजे के लिए स्थगित कर दिया गया है। लोकसभा में विपक्षी दलों के सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला पर कागज भी फेंके।

इस बीच मौका देखते हुए बिहार की सरकार में साझेदार लालू प्रसाद यादव की राजद (RJD) ने नीतीश कुमार को बिहार बाहर करने का पासा फेंक दिया है। राजद विधायक वीरेंद्र यादव ने विपक्षी दलों के सांसदों से विरोध में शामिल होने का आग्रह किया है। इसके साथ ही उन्होंने सीएम नीतीश कुमार से ‘लोकतंत्र पर खतरे’ के खिलाफ लड़ाई में ‘राष्ट्र का नेतृत्व’ करने का आग्रह किया। .

भाई वीरेंद्र के नाम से पहचाने जाने वाले वीरेंद्र यादव ने कहा, “मैंने विपक्ष के सभी सांसदों से इस्तीफा देने और सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ने की अपील की है। लोकतंत्र को बचाने के लिए सांसदों को यह कदम उठाने की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित विपक्षी दलों के नेताओं को निशाना बनाया जाता है।

‘दुबे सर इज वेटिंग… सब कुछ शांतिपूर्वक तरीके से होगा’: UP पुलिस की गाड़ी में अतीक अहमद, सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़

माफिया और गैंगस्टर अतीक अहमद (Atiq Ahmed) को यूपी पुलिस की एक टीम साबरमती जेल से प्रयागराज ले जा रही है। जहाँ पेशी के लिए उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। रविवार (26 मार्च 2023) को पुलिस जब अतीक अहमद को साबरमती जेल से लेकर बाहर आई थी तब उसने कहा था- “ये लोग मेरी हत्या कराना चाहते हैं।”

अतीक अहमद का यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मीम की बाढ़ आ गई। नेटीजन्स यूपी पुलिस द्वारा अतीक अहमद के संभावित एनकाउंटर से लेकर गाड़ी पटलने तक को लेकर मीम शेयर कर रहे हैं।

एक यूजर ने पुलिस मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे और अतीक अहमद की फोटो शेयर की है। इस फोटो में विकास दुबे को यह कहते हुए दिखाया गया है, “अब तक उसकी गाड़ी क्यों नहीं पलटी।” साथ ही यह दिखाने की कोशिश की है कि विकास दुबे मृत्यु के बाद अतीक की प्रतीक्षा कर रहा है। फोटो के साथ कैप्शन में लिखा भी है, “दुबे सर इंतजार कर रहे हैं।”

एक अन्य यूजर ने हिंदी फीचर फिल्म ‘हेरा फेरी’ के एक सीन को शेयर करते हुए लिखा है, “विकास दुबे स्वर्ग से कह रहा है, अब तक उसे आ जाना चाहिए था।”

एक यूजर ने रामायण में राम-रावण युद्ध से पहले के एक सीन को ट्वीट करते हुए लिखा, “अतीक अहमद सोच रहा होगा, यही रात अंतिम, यही रात भारी।”

सुप्रिया नामक यूजर ने सिंघम फ़िल्म का एक वीडियो शेयर किया है। इसमें प्रकाश राज को अतीक अहमद और अजय देवगन को यूपी पुलिस के रूप में दिखाया गया है।

आइए एक नजर डालते हैं कुछ अन्य मीम पर…

बता दें कि यूपी पुलिस मंगलवार (28 मार्च 2023) को अतीक अहमद को प्रयागराज के एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश करेगी। अतीक के भाई अशरफ अहमद की भी कोर्ट में पेशी होनी है। वह फिलहाल बरेली जेल में बंद है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही उसे भी प्रयागराज जेल में लाया जा सकता है। अतीक अहमद के प्रयागराज जेल में हो रहे ट्रांसफर को लेकर गाड़ी पलटने की भी चर्चाएँ जोरों पर हैं।

क्यों लाया जा रहा है प्रयागराज

दरअसल, उमेश पाल बसपा विधायक रहे राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह थे। राजू पाल की हत्या के एक साल बाद 28 फरवरी 2006 को अतीक अहमद ने उमेश पाल का अपहरण कर लिया था। आरोप है कि अतीक और उसके भाई अशरफ ने राजू पाल की हत्या मामले में उमेश पाल को धमकाया और इसके बाद डरा कर कोर्ट में उनकी गवाही दर्ज करा ली। यह सब जब हो रहा था तब यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। दवाब के चलते पुलिस ने उमेश पाल की शिकायत पर मुकदमा नहीं लिखा।

हालाँकि इसके बाद प्रदेश में सरकार बदलने पर मुकदमा दर्ज हुआ। इस मामले में कोर्ट की सुनवाई पूरी हो चुकी है। अब 28 मार्च 2023 को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। यही नहीं, उमेश पाल हत्याकांड में भी अतीक अहमद और उसका भाई अशरफ आरोपित है। ऐसे में यूपी पुलिस दोनों से इस मामले में भी पूछताछ करेगी।