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VHP नेता को ‘काफिर’ बता कर ‘सर तन से जुदा’ की धमकी, हरे रंग के लिफाफे में मिला पत्र: इंदौर में पहले भी हिन्दू नेताओं को बनाया था निशाना

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक विश्व हिन्दू परिषद (VHP) पदाधिकारी को ‘सर तन से जुदा’ की धमकी दी गई है। पीड़ित का नाम संतोष शर्मा है, जो धर्म प्रसार के प्रांत संयोजक हैं। यह धमकी उन्हें एक पत्र भेज कर दी गई है जो उनकी कार के वाइपर पर हरे रंग के लिफ़ाफ़े में रखा गया था। पत्र में मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ किए जा रहे काम से हटने की नसीहत दी गई थी। पुलिस ने केस दर्ज कर के आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। यह धमकी गुरुवार (23 मार्च 2023) को मिली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला इंदौर के मूसाखेड़ी इलाके का है। यहाँ के विहिप पदाधिकारी संतोष शर्मा गोकुल रेजीडेंसी में रहते हैं। शुक्रवार (24 मार्च) को उन्होंने पुलिस में खुद को धमकी दिए जाने की शिकायत दर्ज करवाई है। अपनी शिकायत में संतोष ने बताया कि घटना के अपने इनोवा वाहन से अपने साथी शरद और ड्राइवर योगेश के साथ एक बाजार फलाहार लेने गए थे। एक रेस्टॉरेंट पर उन्होंने गाड़ी खड़ी की और सबके साथ अंदर चले गए। जब संतोष लौट कर आए तब उनकी गाड़ी के वाइपर पर एक हरे रंग का लिफाफा रखा हुआ था।

संतोष ने बताया कि उस लिफ़ाफ़े को खोल कर देखा गया तो उसमें धमकी लिखी हुई थी। लिफ़ाफ़े में संतोष को काफिर बताते हुए इस्लामी चरमपंथ के खिलाफ किए जा रहे कामों को बंद करने की धमकी दी गई थी। अपने बात न मानने पर पत्र में संतोष शर्मा का सिर तन से जुदा करने का एलान भी किया गया था। बकौल संतोष, यह हरकत उन्हें डराने के लिए की गई है। हालाँकि मामले की शिकायत तिलक नगर थाने में कर दी गई है। पुलिस ने केस दर्ज कर के आरोपितों की पहचान और पकड़ के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

गौरतलब है कि इंदौर में हिन्दूवादी नेताओं को मौत की धमकियाँ दिए जाने का यह पहला मामला नहीं है। इस से पहले बजरंग दल पदाधिकारी तन्नू शर्मा, वकील अनिल नायडू और एडवोकेट मनीष गड़कर को जान से मार डालने की धमकियाँ दी गई हैं। मनीष गड़कर पर तो जुनैद नाम के आरोपित सहित 3 हमलावरों द्वारा उनके ऑफिस में हमला किए जाने का भी आरोप है। धमकी देने वाले कुछ आरोपितों की गिरफ्तारियाँ भी पुलिस ने की हैं।

‘लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेना बंद करो, वरना जान से मार देंगे’: सिद्धू मूसेवाला के पिता को फिर मिली धमकी, राजस्थान से मेल आया

पंजाबी सिंगर रहे सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह को फिर धमकी मिली है। यह धमकी उन्हें एक ई-मेल के माध्यम से दी गई। बलकौर सिंह को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल में कहा गया है कि वह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेना बंद कर दें नहीं तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मृत सिंगर सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह को धमकी भरा ई-मेल राजस्थान से भेजा गया है। धमकी देने वाले ने लिखा है बलकौर सिंह अपनी स्पीच में लॉरेंस का नाम लेना बंद कर दे नहीं तो जान से मार देंगे। इस ई-मेल को लेकर बलकौर सिंह ने कहा है, “मुझे राजस्थान से ई-मेल पर धमकी मिली है। मुझे जल्द ही मार जाएगा। धमकी में लॉरेंस विश्नोई का नाम लेने से परहेज करने के लिए कहा गया है।”

इस धमकी को लेकर बलकौर सिंह ने सवाल पूछते हुए कहा है, “क्या मैं गलत कर रहा हूँ? क्या मुझे अपने बेटे का केस नहीं लड़ना चाहिए? इससे पहले मुझे फरवरी में तीन बार धमकी दी गई थी। यह धमकी 18, 24 और 27 फरवरी को दी गई थी। इस धमकी में कहा गया था कि 25 अप्रैल से पहले ही मुझे मार दिया जाएगा। मैं सरकार से कहना चाहता हूँ कि वो मेरी सुरक्षा वापस ले ले। मैं अपनी लड़ाई जारी रखूँगा।”

सिद्धू मूसेवाला के पिता को धमकी देने के इस मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच की जा रही है। इससे पहले 7 मार्च को 2023 को बलकौर सिंह ने पंजाब विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान उन्होंने मूसेवाला की हत्या की जाँच सीबीआई से कराने की माँग की थी।

उन्होंने कहा था, “पिछले 10 महीनों में मैं कई बार पुलिस और प्रशासन के पास गया। मुझे आश्वासन दिया गया था। लेकिन यहाँ जो हो रहा है वह मेरे बेटे की हत्या पर पर्दा डालने के लिए किया जा रहा है। मेरे पक्ष में कुछ नहीं जा रहा है। इसलिए, मुझे विधानसभा तक आना पड़ा। इस मामले की जाँच सीबीआई को करनी चाहिए।”

उन्होंने गोल्डी बराड़ के खिलाफ सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा था, “ये गैंगस्टर कौन हैं? ये लोग तो सिर्फ गुर्गे हैं। उन्होंने पैसे लिए और उसे गोली मार दी। जिसने मेरे बेटे को निशाना बनाया वह मास्टरमाइंड गोल्डी बराड़ है। उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है?”

बता दें कि पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को पंजाब के मनसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में पुलिस ने गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया समेत 34 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। इसमें करीब 1 दर्जन से अधिक शार्प शूटर के नाम शामिल हैं।

प्रियंका गाँधी वाड्रा ने भगवान राम और पांडवों से की भाई राहुल गाँधी की तुलना, बोलीं- इस झंडे (तिरंगे) में हमारे परिवार का खून लगा है

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मानहानि मामले में राहुल गाँधी को 2 साल की सजा होने के बाद उनकी संसद सदस्यता रद्द कर दी गई। इसको लेकर पूरी कॉन्ग्रेस पार्टी राहुल गाँधी का बचाव कर रही है। वहीं, भाजपा पर हमला बोलते हुए प्रियंका गाँधी वाड्रा ने अपने परिवार की तुलना भगवान श्रीराम और पांडवों से की है। उनके इस बयान की जमकर आलोचना हो रही है।

दरअसल, कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा रविवार (26 मार्च 2023) को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहीं थीं। इस दौरान उन्होंने गाँधी परिवार की तुलना भगवान राम से करते हुए कहा है,

“भाजपा परिवारवाद की बात करती है। मैं पूछना चाहती हूँ कि भगवान राम कौन थे? उन्होंने अपने परिवार अपनी धरती के लिए अपना धर्म निभाया, क्या वो परिवारवादी थे या पांडव परिवारवादी थे जो अपने परिवार के संस्कारों के लिए लड़े? हमारे परिवार के लोग इस देश के लिए शहीद हुए क्या इसके लिए हमें शर्म आनी चाहिए? इस देश के लोकतंत्र को मेरे परिवार ने खून से सींचा है।”

प्रियंका गाँधी के इस बयान की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है। वहीं, भाजपा भी प्रियंका गाँधी पर हमलावर है। भाजपा आईटी सेल प्रभारी अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा है, “प्रियंका वाड्रा ने राहुल गाँधी जैसे भोगी की तुलना भगवान राम से और नेहरू-गाँधी परिवार को राजा दशरथ के समान बता दिया। ये करोड़ों राम भक्तों की आस्था पर गहरा प्रहार है। ये कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। कल कॉन्ग्रेस के बड़े नेता ने नेहरू-गाँधी परिवार के लिए अलग कानून की माँग की थी।”

उत्तर प्रदेश बीजेपी के सोशल मीडिया संयोजक शशि कुमार ने ट्वीट कर कहा है, “सजायाफ्ता राहुल गाँधी की तुलना भगवान प्रभु श्रीराम से करना, ये कहना कि भारत के लोकतंत्र को प्रियंका गाँधी के परिवार ने सींचा है। भारत की मिट्टी में उनके परिवार के का खून मिला है। यह बताता है कि गाँधी खानदान के लोग अपने आप को इस देश के राजा समझते हैं। इतना घमंड कहाँ से आता है?”

एक अन्य ट्वीट में शशि कुमार ने कहा है, “जब सरकार थी तो भगवान राम के अस्तित्व को मानने से इनकार कर दिया। अपनी पार्टी के वकीलों को लगाकर राम मंदिर का फैसला सला टलवाते रहे। अब जब जेल जाने कि नौबत आयी तो राहुल गाँधी की भगवान राम से तुलना कर राम का अपमान करने लगे। यह है गाँधी परिवार और कॉन्ग्रेस की घटिया राजनीति।”

भाजपा महिला मोर्चा की नेता नीतू डबास ने कहा है, “राहुल गाँधी जैसे समाज विरोधी की तुलना भगवान श्रीराम से और नेहरू-गाँधी परिवार की राजा दशरथ से तुलना कर प्रियंका वाड्रा ने राम भक्तों की आस्था और विश्वास पर बड़ा हमला किया है। देश के करोड़ों राम भक्त इसको बिल्कुल स्वीकार नहीं करेंगे, इसका अंजाम कॉन्ग्रेस को भुगतना होगा।”

अंकिता नामक यूजर ने लिखा, “मैडम प्रियंका …बस मैं, मेरा भाई, मेरा परिवार। इस देश के लोकतंत्र को तुम्हारे परिवार के खून ने नहीं इस वतन की सुरक्षा के लिए मिटने वाले जवानों ने सींचा है, यहाँ रहने वाले हर मेहनती मजदूर ने सींचा है। हमारे आराध्य श्री राम की तुलना अपने मतलबी परिवार से करने कि जो बेशर्मी करते हो ना। इतना अहंकार इतना घमंड थोड़ी तो शर्म कर लो।”

राजा सिंह सेवारा नामक यूजर ने ट्वीट कर कहा है, “कॉन्ग्रेसियों के लिए तो भगवान श्री राम काल्पनिक थे। प्रियंका वाड्रा के परिवार का कोई भी सदस्य देश के लिए शहीद नहीं हुआ। प्रियंका वाड्रा के परिवार के जितने भी लोग मारे गए वह सब अपने कर्मों की वजह से मारे गए। जब 1971 में जंग छिड़ी तो प्रियंका वाड्रा का बाप राजीव विदेश भाग गया था।”

जनजातीय समाज के लोगों पर कुल्हाड़ी और तलवार से हमला, अरबाज़ और उसके साथियों पर आरोप: MP के गाँव में बड़ी संख्या में पुलिस फ़ोर्स तैनात

मध्य प्रदेश के खंडवा में साम्प्रदायिक तनाव की खबर है। यहाँ के एक गाँव में जनजातीय और मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग आपस में भिड़ गए। मामूली बातचीत से शुरू हुआ यह विवाद मारपीट का रूप ले लिए। आरोप है कि हमलावरों ने लाठी-डंडों के साथ कुल्हाड़ी और तलवारों का भी प्रयोग किया। आरोपितों के नाम अशफाक, समीर, अरबाज़ और असलम बताए जा रहे हैं। विवाद में दोनों पक्षों के लोग घायल बताए जा रहे हैं जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना शनिवार (25 मार्च 2023) की है।

मामला खंडवा के थाना पंथाना की बोरगाँव चौकी क्षेत्र का है। यहाँ के गाँव टेमीखुर्द में हुए विवाद के बाद घायल जनजातीय पक्ष के युवक राम बहार ने अस्पताल से मामले की जानकारी मीडिया को दी। उसने बताया कि हमलावरों ने पुराने किसी मामले को झगड़े का मुद्दा बनाया था। एक घायल युवक ने बताया कि आज दूसरे पक्ष को समझाया जा रहा था जिसके बाद हमलावरों ने हथियार निकाल लिए और हमला बोल दिया। पीड़ित के मुताबिक उनके पक्ष के लगभग 3 से 4 लोग घायल हुए हैं। हमलवारों ने पीड़ितों के हाथों और सिर पर वार किए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने लाठी-डंडों के साथ कुल्हाड़ी और तलवारें भी चलाईं। घायलों में सबसे अधिक चोट विशाल गोलकार को लगी बताई जा रही है। उनके सिर पर वार किया गया है। इस मामले की जानकारी पुलिस को मिली तो भारी संख्या में फ़ोर्स गाँव में पहुँची। घायलों को फ़ौरन अस्पताल पहुँचाया गया। मामले की जाँच भी शुरू कर दी गई है। गाँव में फैले तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल हालात पूरी तरह से प्रशासन के नियंत्रण में है।

वहीं मुस्लिम पक्ष ने इस घटना का आरोप जनजातीय पक्ष पर जड़ दिया है। आरोपित किए गए समीर ने बताया कि घटना के दिन गाँव में मुस्लिम समुदाय के लोग तरावीह की नमाज़ पढ़ रहे थे, जिस समय जनजातीय समाज के लोग बाहरी लोगों के साथ नारेबाजी करते हुए नमाजियों की तरफ बढ़े। समीर का आरोप है कि नमाज़ियों और मस्जिद पर पत्थर मारे गए। समीर ने पुलिस पर भी कार्रवाई न करें और उलटे मुस्लिमों को ही प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। समीर का आरोप है कि मुस्लिम समाज के लोग भाईचारा चाहते हैं लेकिन जनजातीय लोग ऐसा नहीं चाहते।

‘रामसेतु पर दीवार बनाई जाए, दर्शन का प्रबंध करे सरकार’: राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, शास्त्रों का दिया हवाला

सुप्रीम कोर्ट में रामसेतु (Ram Setu) को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के लिए एक याचिका दायर की गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि रामसेतु के दर्शन के लिए ‘समुद्र’ में कुछ मीटर/किलोमीटर तक दीवार का निर्माण की जाए। इसका दर्शन धरती के सभी जीवित प्राणियों के लिए मोक्ष की गारंटी है।

इसके पहले केंद्र की मोदी सरकार (Central Government) ने जनवरी 2023 में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को बताया था कि इस ऐतिहासिक धरोहर को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित करने की प्रक्रिया संस्कृति मंत्रालय में चल रही है।

लखनऊ के वकील अशोक पांडे के माध्यम से दायर की गई याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत रिट याचिका के रूप में दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि पुरातत्व स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 में दी गई परिभाषा के तहत रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित की जाए।

याचिका में यह भी कहा गया है कि रामसेतु पर दीवार बनाए जाने से करोड़ों लोगों की इच्छा पूरी होगी। वे उस ऐतिहासिक और पौराणिक पुल पर चल सकेंगे, जिस पर चलकर भगवान राम अपनी सेना के साथ लंका गए गए थे और वहाँ जाकर जाकर अत्याचारी रावण को मारकर राम राज्य की स्थापना की थी।

इसमें तर्क दिया गया है कि रामसेतु के दर्शन का प्रबंध ना करके सरकार संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 25 द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर रही है। इसमें यह भी कहा गया है कि दर्शन और पूजा शुरू करना आवश्यक है, ताकि कोई शैतान इसके विनाश की योजना बनाने की हिम्मत न करे।

रामसेतु हिंदुओं के लिए कितना महत्वपूर्ण है, इसका जिक्र करते हुए याचिका में कहा गया है कि रामसेतु में स्नान के महत्व को रामायण, स्कंध पुराण, अग्नि पुराण, विष्णु पुराण आदि ग्रंथों में विस्तार से बताया गया है।

लाइव लॉ के अनुसार, याचिका में कहा गया है, “यहाँ दीवार का निर्माण संभव है, क्योंकि रामसेतु पर शुरू से अंत तक केवल 4 से 40 फीट ही पानी है। यहाँ दीवार बन जाने से दुनिया भर के लोग भगवान राम के आदेश के तहत बनाए गए पुल के दर्शन के लिए धनुषकोटि (रामेश्वरम) आ सकेंगे।”

बता दें कि भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद सु्ब्रमण्यम स्वामी (Subramaniyan Swamy) ने इससे पहले रामसेतु को ऐतिहासिक स्मारक के रूप में मान्यता देने की माँग वाली याचिका दाखिल की थी। इसके बाद उन्होंने साल 2020 में इस याचिका पर जल्द सुनवाई की भी माँग की थी।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब माँगा था। तब केंद्र सरकार (Central Government) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को बताया है कि इस ऐतिहासिक धरोहर को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित करने की प्रक्रिया संस्कृति मंत्रालय में चल रही है।

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने इससे पहले कॉन्ग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार के पहले कार्यकाल में सेतुसमुद्रम पोतमार्ग परियोजना के खिलाफ जनहित याचिका दायर की थी। इस योजना के तहत रामसेतु को तोड़कर जहाजों के लिए रास्ता बनाना था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा और उसके बाद साल 2007 मे इस परियोजना पर रोक लगा दी गई।

रामसेतु तमिलनाडु के दक्षिण-पूर्वी तट के पंबन द्वीप और श्रीलंका के उत्तर-पश्चिमी तट पर मन्नार द्वीप के बीच चूना पत्थर की पुल जैसी श्रृंखला है। 48 किलोमीटर लंबे रामसेतु को आदम ब्रिज के नाम से भी जाना जाता है। इतिहासकारों की मानें तो साल 1480 में आए एक तूफान में यह पुल काफी टूट गया। उससे पहले लोग पैदल और वाहन के जरिए भारत और श्रीलंका आते-जाते थे।

अमेरिका के साइंस चैनल ने तथ्यों के साथ ये दावा किया था कि भारत और श्रीलंका के बीच मौजूद रामसेतु प्राकृतिक नहीं, बल्कि मानव का द्वारा बनाया गया है। कहा जाता है कि अमेरिका के वैज्ञानिकों को इस बात के प्रमाण मिले हैं कि रामसेतु के पत्थर करीब 7000 साल पुराने हैं। 

उधर, दिसंबर 2023 में एक निर्दलीय राज्यसभा सांसद के सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने कहा था कि रामसेतु के वजूद के स्पष्ट सबूत अभी तक नहीं मिले हैं। सरकार लगातार प्राचीन द्वारिका और ऐसे मामलों की जाँच कर रही है। जितेंद्र सिंह ने कहा था कि रामसेतु करीब 18000 साल पुराना इतिहास है। ऐसे में सरकार की कुछ सीमाएँ हैं।

उन्होंने कहा था, “स्पेस टेक्नोलॉजी के जरिए हमें पता चला है कि समुद्र में पत्थरों के कुछ टुकड़े हैं और इनमें कुछ ऐसी आकृति है, जिनमें निरंतरता जैसी है। समुद्र में कुछ आइलैंड और चूना पत्थर जैसी चीजें भी मिली हैं। साफ शब्दों में कहा जाए तो ये कहना मुश्किल है कि रामसेतु का वास्तविक स्वरूप वहाँ मौजूद है। हालाँकि, कुछ संकेत ऐसे भी हैं, जिनसे ये पता चलता है कि वहाँ कोई स्ट्रक्चर मौजूद हो सकता है।  

बता दें कि रामसेतु के रहस्यों का पता लगाने के लिए जनवरी 2021 में वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की संस्था राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान (NIO) को अनुसंधान का काम दिया गया था। गोवा स्थित इस अनुसंधान ने मार्च 2021 से अपना काम शुरू कर दिया था।

NIO के निदेशक प्रोफेसर सुनील सिंह ने उस दौरान कहा था कि शास्त्रों में बताया गया है कि सेतु में लकड़ी की पट्टियों का उपयोग किया गया है। यदि ऐसा है तो यह अब तक जीवाश्म में बदल गया होगा। इसे तलाशने का प्रयास किया जाएगा। ब्रिज में किसी तरह की ड्रिलिंग का काम नहीं होगा।

बता दें कि NIO ने अब तक द्वारिका का अध्ययन किया है। अध्ययन में मिले प्रारंभिक प्रमाण में कहा गया है कि द्वारिका गुजरात का एक हिस्सा था। समुद्र स्तर में वृद्धि की वजह से यह हिस्सा डूब गया होगा। वहाँ 3 से 6 मीटर गहराई तक पत्थरों के लंगर मिले। यहाँ प्राचीन बंदरगाह के भी अवशेष मिले। वहीं ओडिशा तट से कई जहाजों के मलबे का अध्ययन चल रहा है।

‘काशी की तर्ज पर अब सौराष्ट्र तमिल संगमम’: PM मोदी ने 99वीं बार देश से की ‘मन की बात’, अंगदान का महत्व समझाते हुए बोले – एक व्यक्ति के शरीर दान करने से 8-9 को नया जीवन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने रविवार (26 मार्च 2023) को मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) के जरिए देश को संबोधित किया। इसमें उन्होंने महिला शक्ति, ऑर्गन डोनेशन और ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ जैसे आवश्यक मुद्दों पर बात की है। यही नहीं, उन्होंने काशी-तमिल संगमन की तर्ज पर आयोजित होने वाले ‘सौराष्ट्र-तमिल संगमम’ को लेकर भी बात की। मन की बात का यह 99वाँ एपिसोड था। 100वाँ एपिसोड 30 अप्रैल, 2023 को प्रसारित होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा है, “हमारा और आपका ‘मन की बात’ का ये साथ 99वें पायदान पर आ पहुँचा है। आम तौर पर हम सुनते हैं कि निन्यानवें 99 का फेर बहुत कठिन होता है क्रिकेट में तो ‘नर्वस नाइंटीज’ को बहुत मुश्किल माना जाता है। लेकिन जहाँ भारत के जन-जन के ‘मन की बात’ हो, वहाँ की प्रेरणा ही कुछ और होती है। मुझे इस बात की भी खुशी है कि ‘मन की बात’ के 100वें एपिसोड को लेकर देश के लोगों में बहुत उत्साह है।”

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ के 100वें एपिसोड के लिए देश की जनता से सुझाव माँगते हुए कहा है, “आज हम सब आजादी का अमृतकाल मना रहे हैं। नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहे हैं, तो 100वें ‘मन की बात’ को लेकर, आपके सुझावों और विचारों को जानने के लिए मैं भी बहुत उत्सुक हूँ। मुझे, आपके ऐसे सुझावों का बेसब्री से इंतजार है। वैसे तो प्रतीक्षा हमेशा होती है लेकिन इस बार प्रतीक्षा अधिक है।आपके ये सुझाव और विचार ही 30 अप्रैल को होने वाले 100 वें ‘मन की बात’ को और यादगार बना सकते हैं।”

ऑर्गन डोनेशन या अंग दान को लेकर बात करते हुए उन्होंने कहा है कि मेडिकल साइंस के इस दौर में ऑर्गन डोनेशन किसी को जीवन देने का एक बहुत बड़ा माध्यम बन चुका है। ऐसा कहा जाता है कि जब एक व्यक्ति मृत्यु के बाद अपना शरीर दान करता है तो उससे 8 से 9 लोगों को एक नया जीवन मिलने की संभावना बनती है। संतोष की बात है कि आज देश में ऑर्गन डोनेशन के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। साल 2013 में हमारे देश में ऑर्गन डोनेशन के 5 हजार से भी कम केस थे। लेकिन, 2022 में यह संख्या बढ़कर 15 हजार से अधिक हो गई है। ऑर्गन डोनेशन करने वाले व्यक्तियों और उनके परिवार ने बहुत पुण्य का काम किया है।

पीएम ने यह भी कहा है कि अंग दान को आसान बनाने और प्रोत्साहित करने के लिए पूरे देश मे एक जैसी पॉलिसी बनाने पर काम किया जा रहा है। पहले जिस राज्य का निवासी हो उसी राज्य में अंग लेना पड़ता था। लेकिन अब मरीज देश के किसी भी राज्य में जाकर अंग प्राप्त करने के लिए पंजीकरण करा सकेगा। सरकार ने अंगदान के लिए 65 साल से कम उम्र की उम्र सीमा को भी खत्म करने का फैसला किया है।

नारी शक्ति को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि कुछ दिनों पहले उनकी मुलाकात, उन बहादुर बेटियों से हुई थी जो तुर्की में आए विनाशकारी भूकंप के बाद वहाँ के लोगों की मदद के लिए गई थीं। ये सभी NDRF के दस्ते में शामिल थीं। उनके साहस और कुशलता की पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है। आज देश की बेटियाँ हमारी तीनों सेनाओं में अपने शौर्य का झंडा बुलंद कर रही हैं।

उन्होंने आगे कहा है कि ग्रुप कैप्टन शालिजा धामी कॉम्बैट यूनिट में कमांड अपॉइंटमेंट पाने वाली पहली महिला वायुसेना अधिकारी बनी हैं। उनके पास करीब 3 हजार घंटे का फ्लाइंग एक्सपीरियंस है। इसी तरह, भारतीय सेना की बहादुर कैप्टन शिवा चौहान सियाचिन में तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी बनी हैं। सियाचिन में जहाँ पारा – 60 (माइनस 60) डिग्री तक चला जाता है। वहाँ शिवा तीन महीनों तक तैनात रहेंगी।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा है कि काशी-तमिल संगमम के दौरान, काशी और तमिल क्षेत्र के बीच सदियों से चले आ रहे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को खुशी पूर्वक मनाया गया। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना हमारे देश को मजबूती देती है। अगले महीने गुजरात के विभिन्न हिस्सों में ‘सौराष्ट्र-तमिल संगमम’ होने जा रहा है। यह 17 से 30 अप्रैल तक चलेगा। कुछ श्रोता सोच रहे होंगे कि गुजरात के सौराष्ट्र का तमिलनाडु से क्या संबंध है। दरअसल, सदियों पहले सौराष्ट्र के अनेकों लोग तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों में बस गए थे। ये लोग आज भी ‘सौराष्ट्री तमिल’ के नाम से जाने जाते हैं।

‘नमाजियों पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाना है…अनुमति दे दो’ : ईद से पहले सपा MLA ओमवेश ने DM को लिखा पत्र, बोले- ये बहुत नेक माँग है

उत्तर प्रदेश के बिजनौर से सपा (समाजवादी पार्टी) के चाँदपुर से विधायक व पूर्व राज्यमंत्री स्वामी ओमवेश ने ईद के दिन मुस्लिमों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की इच्छा जताई है। इस बाबत उन्होंने अपने जिले के जिलाधिकारी (DM) को एक पत्र भी लिखा है। पत्र में उन्होंने ईद पर फूल बरसाने के लिए हेलीकॉप्टर उड़ाने की अनुमति देने के लिए गुजारिश की है। पूर्व सपा मंत्री ने इसे अच्छा और नेक काम बताया है। यह पत्र शनिवार (25 मार्च 2023) को लिखा गया है।

खुद व वर्तमान विधायक स्वामी ओमवेश ने इस पत्र को अपने फेसबुक प्रोफ़ाइल पर शेयर किया है। बिजनौर जिले के DM को भेजे गए इस पत्र का शीर्षक ‘मुसलमान भाइयों के पुनीत त्यौहार ईद पर उनके सम्मान, स्वागत अभिनन्दन वन्दन करने के लिए ईदगाह चाँदपुर पर नमाज पढ़ने वाले नमाजियों पर लगभग आधा घंटा हेलीकाप्टर द्वारा पुष्प वर्षा करने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र’ दिया गया है। सपा नेता द्वारा इस पत्र का म्यूजिकल बना कर शेयर किया गया है।

चाँदपुर से सपा विधायक स्वामी ओमवेश ने आगे लिखा, “प्रार्थी मुसलमान भाइयों के पुनीत त्यौहार ईद पर उनका स्वागत सम्मान अभिनन्दन एवं वन्दन करने के लिए हेलीकाप्टर द्वारा चाँदपुर ईदगाह नमाज पढ़ने वाले नमाजियों पर आधा घंटा पुष्प वर्षा करने के लिए अनुमति चाहता है। हेलीकाप्टर अपने स्थान से उड़ान भर कर चाँदपुर ईदगाह पर पुष्प वर्षा करके वापिस अपने स्थान पर चला जाएगा। कही पर भी किसी प्रकार की लैन्डिंग नही की जाएगी। अतः आपसे सादर निवेदन है कि अनुमति देने की कृपा करें।”

ऑपइंडिया से बात करते हुए स्वामी ओमवेश ने कहा कि उन्होंने एक नेक माँग की है और उन्हें आशा है कि इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। हमसे बात करते हुए सपा विधायक ने कहा कि उन्हें उम्मीद है जिला प्रशासन उन्हें इस काम की अनुमित दे देगा। इस दौरान स्वामी ओमवेश ने खुद को सभी धर्मों का सम्मान करने वाला व्यक्ति बताया।

भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री आकांक्षा दुबे का होटल में मिला शव, सारनाथ में कर रही थीं शूटिंग

भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री आकांक्षा दुबे ने आत्महत्या कर ली है। वाराणसी के एक होटल से उनका शव बरामद किया गया है। घटना की जानकारी होते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की छानबीन में जुट गई है। पुलिस आत्महत्या और हत्या, दोनों ऐंगल से जाँच कर रही है।

कहा जा रहा है कि दुबे का शव सारनाथ के एक होटल में लटकता पाया गया है। कहा जा रहा है कि अभिनेत्री आत्महत्या की है। 25 वर्षीय भोजपुरी ने किन कारणों से आत्महत्या की है, इसको लेकर अभी खुलासा नहीं हुआ है। कमरे में सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इसकी भी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

बताया जा रहा है कि बीती रात (25 मार्च 2023) को आकांक्षा दुबे अपने एक प्रोजेक्ट की शूटिंग के बाद एक होटल में गई थीं। सारनाथ थाना क्षेत्र के बुद्ध सिटी कालोनी स्थित सुमेंद्र रेसीडेंसी में उन्होंने सुसाइड कर लिया। होटल में अचानक ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने यह कदम उठाया, इसकी जाँच की जा रही है।

दुबे उत्तर प्रदेश के भदोही की रहने वाली थीं। वह जिले के चौरी थाना क्षेत्र के परसीपुर की रहने वाली थीं। एक्ट्रेस का पूरा परिवार मुंबई में रहता है। उन्होंने कई भोजपुरी सिनेमा, संगीत और फिल्मों में काम किया था। भोजपुरी फिल्मों में में सुपरस्टार पवन सिंह और खेसारीलाल यादव के साथ उनकी जोड़ी को खूब सराहा जाता है।

आकांक्षा दुबे इंस्टाग्राम पर भी खूब सक्रिय रहती थीं। इंस्टाग्राम पर उनक 17 लाख फॉलोअर हैं। उनके माता-पिता आकांक्षा को IPS ऑफिसर बनाना चाहते थे, लेकिन वह डांस और एक्टिंग से ज्यादा प्रभावित हुईं और इसी में अपना करियर चुना।

आकांक्षा ने साल 2019 में फिल्म ‘मेरी जंग मेरा फैसला’ से एक्टिंग डेब्यू किया था। इसमें आकांक्षा का कैमियो और एक छोटा रोल था। इस रोल से आकांक्षा को भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘वीरों के वीर’, ‘कसम पैदा करने वाले की 2’ और ‘साजन’ जैसी भोजपुरी फिल्में कीं।

अतीक अहमद को सड़क के रास्ते लेकर आएगी यूपी पुलिस: गुजरात के साबरमती जेल में बंद है, भाई अशरफ को भी शिफ्ट करने की तैयारी

उमेश पाल हत्याकांड का मुख्य आरोपित अतीक अहमद अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद है। वहाँ से उसे प्रयागराज जेल शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए पुलिस की एक टीम साबरमती जेल पहुँची है। अतीक को सड़क के रास्ते प्रयागराज लाया जाएगा। जहाँ पुलिस उससे पूछताछ करेगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अतीक अहमद को प्रयागराज लाने के लिए साबरमती जेल पहुँची यूपी पुलिस और एसटीएफ की टीम सुरक्षा को देखते हुए बेहद मुस्तैदी से काम कर रहीं हैं। जरूरी सवाल-जवाब के बाद यूपी पुलिस ट्रांसफर वारंट पर अतीक अहमद को प्रयागराज लेकर आएगी। बता दें कि इससे पहले माफिया अतीक अहमद देवरिया जेल में बंद था। अप्रैल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट करने का आदेश दिया था। इसके बाद उसे देवरिया से साबरमती जेल शिफ्ट किया गया था।

अतीक के भाई को भी लाया जा सकता है प्रयागराज

अतीक अहमद का भाई अशरफ अहमद उत्तर प्रदेश की बरेली जेल में बंद है। चूँकि पुलिस उमेश पाल हत्याकांड मामले में अतीक और अशरफ दोनों ही नामजद आरोपित हैं। साथ ही पुलिस दोनों भाइयों से पूछताछ करना चाहती है। ऐसे में, इनके अलग-अलग जेल में होने से पुलिस को मामले की जाँच और पूछताछ में अधिक समय लग सकता है। इसलिए यूपी पुलिस उसे भी प्रयागराज जेल शिफ्ट कर सकती है।

गुजरात के जेलों में पुलिस ने की छापेमारी

अतीक अहमद को प्रयागराज जेल शिफ्ट करने से पहले गुजरात पुलिस ने शुक्रवार (24 मार्च 2023) रात राज्य के 17 बड़े जेलों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस ऑपरेशन की मॉनिटरिंग राज्य के गृहमंत्री हर्ष संघवी ने खुद की। अहमदाबाद के साबरमती जेल में लगभग 300 पुलिसकर्मियों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी जेल में माफिया अतीक अहमद भी कैद है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 16 मोबाइल फोन, 10 इलेक्टॉनिक सामान, 39 घातक हथियार और 500 से अधिक नशीले पदार्थ बरामद किए। इससे पहले खबर आई थी कि अतीक अहमद जेल में आईफोन का इस्तेमाल कर रहा था।

क्या है पूरा मामला

बहुजन समाज पार्टी के विधायक रहे राजू पाल हत्याकांड में उमेश पाल प्रमुख गवाह थे। 24 फरवरी 2023 को गवाही के बाद वह घर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी। गोली और बम से किए गए हमले में उमेश पाल के गनर संदीप निषाद और राघवेंद्र सिंह की भी मौत हो गई थी। अब तक इस मामले में पुलिस कई आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, कुछ आरोपित पुलिस मुठभेड़ में भी ढेर हुए हैं। हालाँकि मुख्य शूटर और अतीक अहमद की पत्नी तथा बेटे अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने इन पर इनाम घोषित किया है।

नहीं हुई PM मोदी की सुरक्षा में चूक, कार की तरफ आता युवक पहले पकड़ा गया: कर्नाटक में रोड शो के वक्त हुई घटना पर पुलिस का बयान

कर्नाटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो के वक्त उनकी कार की तरफ भाग कर आए एक युवक की हरकत को पुलिस ने सुरक्षा चूक मानने से इनकार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि एक व्यक्ति बैरिकेडिंग तोड़ पीएम के पास आता दिखा तो उसे उन्होंने खुद रोका और एक एसपीजी कमांडो भी वहाँ आए।

पुलिस अधिकारी आलोक कुमार ने सुरक्षा चूक को लेकर आई रिपोर्ट को नकारा और युवक की हरकत को असफल प्रयास कहा। उन्होंने कहा, “जैसा कि मीडिया में रिपोर्ट किया जा रहा है, प्रधानमंत्री सुरक्षा में दावणगेरे में कोई चूक नहीं हुई। यह एक असफल प्रयास था। उसे फौरन मैं और एक एसपीजी ने पकड़कर सुरक्षित दूरी पर दिया था। जरूरी कार्रवाई की जा चुकी है।”

बता दें कि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर्नाटक दौरे के वक्त दावणगेरे में रोड शो के बीच एक युवक ने भागकर पीएम मोदी के पास जाने की कोशिश की थी। हालाँकि उसे पीएम के पास पहुँचने से पहले रोक लिया गया। ऐसे में मीडिया में खबरें आईं कि ये सुरक्षा चूक है।

‘रिपब्लिक’ ने सूत्रों के हवाले से कहा था कि सुरक्षा में सेंध लगाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास पहुँचने की कोशिश करने वाला युवक कोप्पल का रहने वाला है। पहले वह गमित कॉलेज परिसर में छिपा हुआ था। प्रधानमंत्री के रोड शो को देखने के बाद वह दौड़ता हुआ उनकी गाड़ी के पास जाने की कोशिश कर रहा था।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले इसी साल जनवरी में कर्नाटक के हुगली में भी प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया था। तब एक 6वीं क्लास का बच्चा हाथ में माला लेकर प्रधानमंत्री की ओर बढ़ रहा था। हालाँकि सुरक्षा में मुस्तैद एसपीजी के जवानों ने बच्चे को देख लिया और उससे माला लेते हुए वापस भेज दिया था। बच्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माला पहनाना चाहता था। इस घटना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक बताया गया था। लेकिन कर्नाटक पुलिस ने इसे सुरक्षा में चूक मानने से इनकार कर दिया था।