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दाँत उखाड़े, अंडकोष कुचला, थप्पड़ मारकर खून निकाला: तमिलनाडु में SSP के खिलाफ जेल के कैदियों ने दी शिकायत, कलेक्टर करेंगे आरोपों की जाँच

तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के अंबासमुद्रम में एएसपी बलवीर सिंह (ASP Balveer Singh) पर 10 नौजवानों ने थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाया है। आरोप सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर लगाया गया है। जानकारी के मुताबिक हत्या के प्रयास के आरोपितों से पूछताछ के दौरान एएसपी ने उनके दाँत उखाड़ लिए और 2 आरोपितों के अंडकोष को कुचल दिया गया।

मामला सामने आने के बाद तिरुनेलवेली कलेक्टर केपी कार्तिकेयन को जाँच की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस की तरफ से यह भी बताया गया कि मामले की जाँच डीएसपी सतह के अधिकारी भी कर रहे हैं। पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक तकरीबन 10 लोगों को वेंकटेशन नाम के शख्स के साथ मारपीट और हत्या की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया। 23 मार्च 2023 को उनसे पूछताछ की गई थी।

दक्षिण तमिलनाडु के पत्रकार थिनाकरन राजमणि (Thinakaran Rajamani) ने ट्विटर पर पीड़ितों की तस्वीरें और वीडियो शेयर कीं। पोस्ट किए गए वीडियो में पीड़ित थर्ड डिग्री यातना के बारे में बता रहे हैं। टूटी हुई दाँत व चोट के निशान दिखा रहे हैं। एक आरोपित ने बताया, “कस्टडी में लेने के बाद बलवीर सिंह ने अपनी यूनिफॉर्म उतार दी। 2 पुलिस वालों को मेरे हाथ पकड़ने के लिए कहा और एक बड़े पत्थर से मेरे दाँत को तोड़ डाला। टूटे दाँत को मेरे मुँह में रख कर थप्पड़ बरसाए गए। होठों से खून बहने के बाद मुझे छोड़ा गया।”

पीड़ित ने बताया कि दूसरों को भी इसी तरह की यातना दी गई। उनके दाँत सरौता जैसे हथियार से निकाले गए। पीड़ित ने बताया कि एसएसपी ने गिरफ्तार लोगों में से एक के अंडकोष पर प्रहार कर उसे कुचल दिया। दावा है कि आरोपितों ने अपने एक साथी को छोड़ने की विनती की। उसकी नई शादी हुई थी। जब एएसपी को यह बात बताई गई तो उसने नव विवाहित के अंडकोष को भी कुचल दिया।

वीडियो जारी कर एएसपी पर आरोप लगाने वालों ने सुरक्षा की भी माँग की है। पीड़ितों का कहना है कि इस बात को जाहिर करने के लिए पुलिस उनपर अत्याचार कर सकती है। हिरासत में कथित प्रताड़ना का सामना करने वाले 10 लोगों को वैवाहिक विवाद, प्रेम प्रसंग को लेकर हुए झगड़े, पैसा उधार देने, सीसीटीवी कैमरे तोड़ने जैसे अपराधों के लिए गिरफ्तार किया गया था।

बता दें बलवीर सिंह 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। जिन्होंने आईआईटी-बॉम्बे से बीई (Bachelors in Engineering) की डिग्री हासिल की है। उन्हें 15 अक्टूबर, 2022 को अंबासमुद्रम में एएसपी के रूप में तैनात किया गया था।

BJP नेता पर पहले फेंका देसी बम, फिर गर्दन काटकर मार डाला: बाइक पर सवार होकर आए थे हमलवार, पुडुचेरी की घटना

केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में भाजपा के पदाधिकारी सेंथिल कुमारन की रविवार (26 मार्च 2023) की रात हत्या कर दी गई। जिस समय उनकी हत्या की गई, उस समय वे एक दुकान पर चाय पी रहे थे। किन लोगों ने उनकी हत्या की है, इसका अभी पता नहीं चला है।

सेंथिल कुमारन रविवार की रात करीब 9 बजे विल्लियानूर-पुडुचेरी रोड पर सड़क के किनारे बनी एक दुकान पर भाजपा कार्यकर्ताओं से बात करते हुए चाय पी रहे थे। इसी समय तीन बाइक पर सवार चेहरे ढँके 7 हमलावर हथियारों के साथ आए। अज्ञात हमलावरों ने सेंथिल कुमारन पर देशी बम फेंका और बाद में चाकू से उनका सिर काटकर हत्या कर दी।

बीजेपी नेता सेंथिल कुमारन की हत्या की खबर फैलते ही घटनास्थल पर 500 से ज्यादा लोग जमा हो गए। एडीजीपी आनंद मोहन के साथ ही कई सीनियर अधिकारी पर मौके पर पहुँच गए। इसके बाद शव को जब्त कर उसे पोस्टमार्टम के लिए काथिरगाम सरकारी अस्पताल भेज दिया गया। मारे गए सेंथिल कुमारन की पत्नी पुनीता, एक बेटी कनिष्क (17) और एक बेटा किशन कुमारन (16) है।

सेंथिल कुमार पुडुचेरी के गृह मंत्री नामचिवयम के दूर के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। सेंथिल कुमारन पहले कॉन्ग्रेस में थे। इसके बाद नमचिवयम के साथ ही वे भी भाजपा में शामिल हो गए थे। पुलिस ने हमलावरों को पकड़ने के लिए 4 टीमों का गठन किया है। पुलिस चाय की दुकान के आसपास के वीडियो फुटेज भी खंगाल रही है।

हत्या का क्या कारण है, अभी यह सामने नहीं आया है। 42 साल के सेंथिल कुमारन वह मंगलम निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा प्रभारी थे। इसके अलावा वे एक रियल एस्टेट व्यवसायी भी थे। उनका अन्य व्यवसाय भी था। प्रथम दृष्ट्या ऐसा लगता है कि सेंथिल कुमारन की हत्या का कारण राजनीतिक या व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता हो सकता है।

बता दें कि फरवरी 2023 में भारत घूमने आई 64 साल की एक महिला से 34 साल के मेहराज-उल-अशकीन भट ने रेप किया था। इसके बाद महिला ने थाने में शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद मेहराज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

इससे पहले दिसंबर 2022 में गोवा घूमने आई एक रूसी महिला के साथ होटल के कमरे में रूम बॉय शकील और सैनुद्दीन को बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपित नेपाल के बर्दिया के रहने वाले थे। गोवा पहुँचने के पहले ही दिन उन्होंने महिला के साथ हैवानियत की थी। महिला अपने 2 दोस्तों के साथ होटल में ठहरी हुई थी।

इसी तरह साल फरवरी 2020 में अपने बच्चे से मिलने केरल आई विदेशी महिला के साथ इंसाफ और अंसारुद्दीन ने बलात्कार किया था। 46 वर्षीय विदेशी महिला एमजी रोड पर स्थित एक होटल में ठहरी थी, जहाँ मोहम्मद इंसाफ और अंसारुद्दीन भी रुके थे। यहीं इन दोनों ने पूरी घटना को अंजाम दिया था।

‘मुस्लिमों को अपने घरों में रमजान की नमाज पढ़ने से रोका, यूपी पुलिस ने लगा दिया जुर्माना’: जुबैर-सायमा गिरोह का प्रोपेगंडा, जानिए असल में हुआ क्या

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लिबरल गिरोह की खुन्नस नई नहीं है। उनके शासनकाल में जिस तरह यूपी पुलिस ने अपराधियों का सफाया किया है, उससे वामपंथियों के एक वर्ग को मिर्ची लगी है। इस्लामवादी भी खुश नहीं हैं। ऐसे में वो यूपी पुलिस को बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। अब सोशल मीडिया पर ये लोग ये शेयर कर रहे हैं कि मुरादाबाद में मुस्लिमों को अपने घर में भी नमाज नहीं पढ़ने दिया जा रहा है।

ये लोग दावा कर रहे हैं कि पुलिस अपने घर में नमाज पढ़ने वाले मुस्लिमों को भी रोक रही है और उन पर कार्रवाई कर रही है, सिर्फ इसीलिए क्योंकि हिन्दू संगठनों और कार्यकर्ताओं को ये पसंद नहीं आ रहा। ALTNews का संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने भी सोशल मीडिया पर यही फैलाया कि यूपी पुलिस मुस्लिमों को रमजान के दौरान घर में भी नमाज नहीं पढ़ने दे रही। इसकी सच्चाई हम जानेंगे, लेकिन उससे पहले प्रोपेगंडा फ़ैलाने वालों को जानिए।

‘मुरादाबाद में मुस्लिमों को रमजान में घर में भी नमाज नहीं पढ़ने दे रही यूपी पुलिस’ – प्रोपेगंडा

‘रेडियो मिर्ची’ की RJ सायमा ने इस फेक न्यूज़ को कोट करते हुए लिखा,, “साफ़-साफ़ ज़हर फैलाया जा रहा है। कहाँ हैं यहाँ का न्यायालय? कहाँ है इन्साफ़? कहाँ है इंसानियत? गुंडों को पकड़ने की जगह उनकी मनमानी चलाई जा रही है।” उन्होंने पत्रकार विनोद कापड़ी के जिस ट्वीट को कोट किया, उसमें लिखा था, “मुरादाबाद के कुछ मुस्लिम रमजान के दिनों पर होने वाली तरविह की नमाज़ अपने ही घर में अपने ही घर के गोदाम में कर रहे थे। बजरंग दल ने ना सिर्फ़ इस नमाज़ को रुकवा दिया बल्कि अब इन मुस्लिमों को 5-5 लाख रुपए का नोटिस भी थमा दिया गया है। इतना उत्पीड़न? इतना अत्याचार?”

मोहम्मद जुबैर ने पहले तो गोदाम को ‘घर’ लिख कर ऐसे दिखाया जैसे ये मुस्लिम अलग-अलग अपने-अपने घरों में नमाज पढ़ रहे हों और उन्हें रोक दिया गया हो। साथ ही उसने उस ट्वीट को रीट्वीट किया, जिसमें पूछा गया था कि क्या अब एक मुस्लिम अपने घर में भी नमाज नहीं पढ़ सकता? जब यूपी पुलिस के बयान से उसकी पोल खुल गई, तब वो कहने लगा कि अधिकतर मस्जिद भरे हुए हैं, ऐसे में गोदामों में ये सब मजहबी कार्यक्रम क्यों नहीं हो सकते?

खुद को पत्रकार बताने वाले सदफ आफरीन ने लिखा, “पहले नमाज़ न पढ़ने देने का नोटिस, फिर जुर्माना! अब खुद के घर मे नमाज़ पढ़ना इतना बड़ा अपराध हो गया है कि मजिस्ट्रेट पर्थम ने 5–5 लाख का नोटिस थमा दिया! मुरादाबाद प्रशासन से बस छोटा सा सवाल – किस कानून के अंतर्गत ये जुर्माना लगाया गया है?” हालाँकि, सच्चाई ये है कि इस मामले में किसी पर कोई जुर्माना नहीं लगाया गया है। ये लोग ऐसा दिखा रहे जैसे ‘बजरंग दल’ के कहने पर पुलिस ने कार्रवाई की हो।

इसी तरह, सोशल मीडिया पर खुद को मुस्लिमों का ठेकेदार बताने वाले कई लोगों ने ऐसे ट्वीट्स शेयर किए और यूपी पुलिस को बदनाम किया। जहाँ तक कानूनी नोटिस देने की बात है, इसका अधिकार संविधान हर व्यक्ति को देता है। नोटिस भेजे जाते हैं, नोटिस का जवाब दिया जाता है। अदालत में तय होता है कि कौन गलत है और कौन सही। इसमें पुलिस का रोल जाँच का होता है, जो बाद में निष्कर्ष देती है। लेकिन, ये कहना कि फलाँ ने केस कर दिया तो ये लोकतंत्र की हत्या है, बिल्कुल उचित नहीं है।

जानिए क्या है सच्चाई, यूपी पुलिस को बदनाम करने की साजिश

उत्तर प्रदेश पुलिस ने बताया है कि असल में मामला क्या है। दरअसल, ये मामला कटघर क्षेत्र में लाजपत नगर चौकी के अंतर्गत आने वाले इलाके का है। यहाँ ‘ज़ाकिर आयरन स्टोर’ चलाने वाला ज़ाकिर हुसैन का गोदाम भी है। नमाज वाले जिस प्रकरण का जिक्र किया जा रहा है, वो शनिवार (25 मार्च, 2023) का है। ज़ाकिर हुसैन ने इसी गोदाम में रमजान के तीसरे दिन तरावीह (कुरान के हिसाब से सुन्ना दुआ) पढ़ने का कार्यक्रम आयोजित किया था। इसमें 25-30 लोग उपस्थित थे।

यूपी पुलिस ने ये भी जानकारी दी है कि ये इलाका हिन्दू बहुल है, मिश्रित है। इसीलिए, स्थानीय लोगों ने गोदाम में भीड़ द्वारा खुलेआम नमाज पढ़े जाने का विरोध किया और पुलिस में शिकायत की। यूपी पुलिस ने नमाज रोकी नहीं, बल्कि अपनी मौजूदगी में तरावीह को पूर्ण कराया – स्थानीय लोगों के विरोध के बावजूद। जब यूपी पुलिस ने अपनी मौजूदगी में इस्लामी तरावीह को पूर्ण करवाया, फिर कैसे कहा जा रहा है कि ‘नमाज पढ़ने से रोका गया’?

हालाँकि, इस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस ने नमाजियों को ये निर्देश दिया कि वो इस मजहबी कार्यक्रम को सामूहिक रूप से परंपरागत रीति-रिवाज के हिसाब से चिह्नित मजहबी स्थानों, या फिर व्यक्तिगत रूप से अपने घरों में ही पढ़ें। जाकिर हुसैन ने ने थाने में इस बाबत लिखित सहमति भी दे दी है। यूपी पुलिस ने सतर्कता के लिहाज से आवश्यक निरोधात्मक कार्यवाही किए जाने की भी जानकारी दी है। साफ़ है, वामपंथी झूठ बोल कर योगी सरकार को बदनाम कर रहे हैं।

बेनकाब हुई अतीक अहमद की बेगम, देखिए बिना बुर्के वाली तस्वीरें: गुर्गों से कहा था- उमेश पाल को मारकर इज्जत वापस लानी है

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड मामले में फरार शाइस्ता परवीन की बिना बुर्के वाली फोटो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसके पहले कहा जा रहा था कि शाइस्ता की बिना नकाब वाली तस्वीर उपलब्ध नहीं है। इसकी वजह से पुलिस को उसकी तलाश में परेशानी हो रही थी। दावा है कि शाइस्ता की बिना बुर्के वाली तस्वीरें पुलिस के हाथ लगी है।

पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक शाइस्ता परवीन की कुछ तस्वीरें एक एलबम से हाथ लगी हैं। वायरल तस्वीरों में से एक किसी शादी समारोह की बताई जा रही है। जिसमें शाइस्ता खाना खाती नजर आ रही है। यह तस्वीर पुरानी लग रही है। वहीं कई मीडिया घरानों और सोशल मीडिया पर उनकी एक अन्य तस्वीर भी वायरल है जिसमें उनका चेहरा स्पष्ट नजर आ रहा है।

बता दें शाइस्ता पर उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रचने का आरोप है। उमेश पाल की हत्या के तुरंत बाद अतीक की बीवी शाइस्ता मीडिया के सामने आई थी और अपने बेटों व शौहर की बेगुनाही का दावा कर रही थीं। उमेश पाल हत्याकांड की जाँच कर रही यूपी पुलिस को शाइस्ता के खिलाफ हत्याकांड में शामिल होने के सबूत मिले तो वह अंडरग्राउंड हो गईं।

पुलिस ने उमेश पाल हत्याकांड में शामिल कई आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उन्होंने हर साजिश में शाइस्ता के शामिल होने का खुलासा किया था। बताया गया कि वह वीडियो कॉल की मीटिंग्स में भी हिस्सा लेती थी। हत्या से पहले अतीक की बीवी शूटर साबिर के साथ देखी गई थी। एक अन्य वीडियो में शाइस्ता इनामी शूटर अरमान के साथ भी देखी गई थी। यह वीडियो तब का बताया जा रहा है जब उसने मेयर पद का चुनाव लड़ा था।

आरोपितों ने जानकारी दी थी कि उमेश पाल की हत्या से ठीक पहले उसने शूटर्स को मैसेज भेजा था। शाइस्ता ने शूटरों से कहा था, “इंशाअल्लाह, उमेश को मारकर हमें कामयाब होना है। यह हक की लड़ाई है। इसे जीतना ही होगा। जो जीतेगा, वही जी सकेगा।” वीडियो कॉल पर बैठकों में शामिल शाइस्ता कहती थी, “उमेश पाल को मारकर हमें अपनी इज्जत वापस लानी है। हमारा नाम गूंजना चाहिए। उसे मारकर कामयाब होना है। इंशाअल्लाह ऐसा होगा।

पुलिस ने शाइस्ता के बारे में जानकारी देने वाले को 25 हजार का इनाम देने का ऐलान किया है। सूचना देने वाले की पहचान भी गुप्त रखे जाने की बात कही गई है। पुलिस को आशंका है कि वह कहीं विदेश न भाग जाए। पुलिस उसे विदेश भागने से रोकने के लिए लुकआउट नोटिस जारी करने वाली है।

अतीक अहमद की वैन पलटते-पलटते बची, टक्कर से गाय की मौतः एनकाउंटर का डर ऐसा कि साथ-साथ चल रही माफिया की बहन

उत्तर प्रदेश का माफिया डॉन अतीक अहमद गुजरात की साबरमती जेल से यूपी के प्रयागराज लाने के दौरान बाल-बाल बचा। खबर है कि उसकी गाड़ी मध्यप्रदेश के शिवपुरी के रामनगर टोल प्लाजा से निकलने के बाद खराई चेकपोस्ट पहुँची थी जहाँ एक गाय पुलिस वैन के सामने आ गई। गाय के टकराते ही वैन पलटने वाली थी लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं जबकि उस गाय की वहीं मौत हो गई। घटना की पूरी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

ये घटना उस समय घटी जब मीडिया पहले से ही ‘कार पलटने’ और एनकाउंटर की बातें हेडलाइन में लिख रहा है। ऐसे में अतीक अहमद के परिजन इस तरह उसकी जेल शिफ्ट किए जाने पर डरे हुए हैं। उन्होंने अतीक की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया है और काफिले के पीछे-पीछे अपनी गाड़ी लेकर आ रहे हैं। इसमें अतीक की बहन आयशा नूरी भी हैं। नूरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कोर्ट का अतीक को लेकर जो भी निर्णय आएगा वो उसे मानने को तैयार हैं लेकिन फिलहाल उन्हें उसकी सुरक्षा की चिंता है।

बता दें कि अतीक अहमद को भारी सुरक्षा के बीच 1300 किलोमीटर का सफर तय करके साबरमती से प्रयागराज लाया जा रहा है। पुलिस वैन कहाँ पहुँची- इस बारे में मीडिया पल पल खबरें दे रहा है। कुछ लोग अतीक की वापसी के बाद गाड़ी पलटने की बात कह रहे थे और पुराने एनकाउंटर याद कर रहे थे। हालाँकि जब अतीक से इन विषयों पर पूछा गया तो उसने कहा कि उसे किसी चीज का डर नहीं है। इतना ही नहीं बीच रास्ते में पेशाब करने के लिए गाड़ी से उतरते टाइम भी उसे मूँछ पर ताव देते देखा गया।

‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ की धुन पर रैली निकाल रहे थे हिंदू, मदरसे के पास बरसने लगे पत्थर: इस्लामी टोपी पहनी भीड़ की पत्थरबाजी का देखिए Video, राजस्थान की घटना

राजस्थान के जयपुर के जमवारामगढ़ में रविवार (26 मार्च 2023) को निकाली गई हिंदू रणभेरी रैली पर पथराव कर दिया गया। पत्थरबाजी की घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल पैदा हो गया। हालात सामान्य करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ी। मामले में अब तक 12 से ज्यादा पत्थरबाजों को गिरफ्तार किया गया है।

हिंदू नव वर्ष को लेकर निकाली जा रही बाइक रैली को जमवारामगढ़ के रायसर इलाके के ताला गाँव में निशाना बनाया गया। बताया जा रहा है कि रास्ते में पड़ने वाले मदरसे से मुस्लिमों की भीड़ ने रैली में शामिल लोगों पर पत्थर बरसाए। अचानक हुए इस हमले से निपटने के लिए पुलिस को अतिरिक्त फोर्स की मदद लेनी पड़ी। रैली में मौजूद साधूराम जाट ने रायसर थाने में पत्थरबाजी को लेकर केस दर्ज कराया है। पुलिस ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

सोशल मीडिया पर घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। जिसमें देखा जा सकता है कि शांतिपूर्वक निकाली जा रही रैली में देश भक्ति (मेरा रंग दे बसंती चोला) के गाने बजाए जा रहे थे। अचानक इस्लामी टोपी पहनी भीड़ रैली में शामिल लोगों पर पत्थर फेंकने लगती है। पुलिस वालों को भी पत्थरों से निशाना बनाया जा रहा है। पत्थर चलाने वालों में बच्चे भी शामिल हैं। बीजेपी सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौर ने वीडियो शेयर करते हुए राजस्थान की सरकार पर निशाना साधा।

राठौर ने लिखा, “जयपुर ग्रामीण के जमवारामगढ़ में शांतिपूर्ण ढंग से रैली निकाल रहे बहुसंख्यक समुदाय के लोगों पर मदरसे से पथराव और हमले की यह घटना कॉन्ग्रेस सरकार के तुष्टिकरण की राजनीति का नतीजा है। शासन-प्रशासन ऐसे मदरसों और उपद्रवियों पर तत्परता से कठोर कार्रवाई करे। राज्य सरकार भी सुन ले कि बहुसंख्यक समाज के प्रति उसके संवेदनहीन रवैये से जनाक्रोश बढ़ रहा है।”

भाजपा नेता ने लिखा कि राजस्थान में पीएफआई की मानसिकता खूब फली-फूली है। हिंदुओं की शोभायात्राओं, धार्मिक आयोजनों और रैलियों पर समुदाय विशेष के पथराव जैसी घटनाएँ बढ़ी हैं। बता दें कि हिंदू नववर्ष के अवसर पर हर साल इलाके से हिंदू रणभेरी रैली निकाली जाती है।

वाशिंगटन में खालिस्तानी करने वाले थे भारतीय दूतावास पर हमला, पुलिस ने बीच में रोका: बौखलाकर पत्रकार को निशाना बनाया, गालियाँ भी बकी

सैन फ्रांसिस्को में हुए खालिस्तानी हमले की घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा अमेरिकी राजदूत को भेजे गए समन का असर वाशिंगटन में देखने को मिला। खबर है कि 25 मार्च को खालिस्तानी वाशिंगटन में स्थित भारतयीय दूतावास पर हमला करने वाले थे। हालाँकि वहाँ सिक्योरिटी में तैनात पुलिसकर्मियों ने इस हमले को विफल कर दिया।

भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधू का नाम लेकर हुई नारेबाजी के बाद से यूएस की खुफिया सर्विस और लोकल पुलिस समेत कई सुरक्षाकर्मी वाशिंगटन में भारतीय एंबेसी के सामने तैनात हैं। सिक्योरिटी के लिए तीन अतिरिक्त वैन दूतावास के पास खड़ी हैं।

बताया जा रहा है कि सैन फ्रांसिस्को में इंडियन एबेंसी के आगे उपद्रव मचाने की घटना के बाद वाशिंगटन में भी खालिस्तानी भारतीय दूतावास पर पहुँचे थे। हालाँकि अमेरिका द्वारा तैनात किए गए सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें एबेंसी तक पहुँचने ही नहीं दिया और जैसे ही वो लोग आगे आते दिखे फौरन उन्हें निर्धारित प्रदर्शनस्थल पर वापस भेजा गया।

इस दौरान बौखलाए उपद्रवियों ने पीटीआई पत्रकार ललित कुमार झा को अपना निशाना बनाया। उन्हें वीडियो बनाता देख उनसे सवाल-जवाब हुए और कुछ देर बाद एक खालिस्तान समर्थक ने तो कैमरे पर पत्रकार को, पीएम मोदी को और फिर हर भारतीय को गाली देनी शुरू कर दी। ये पूरी घटना अब सोशल मीडिया पर वायरल है।

कहा जा रहा है कि दूतावास पर आकर उपद्रव मचाने के इरादों में विफल होने के कारण खालिस्तानी बौखला रखे थे। इसलिए उन्होंने ललित को निशाना बनाया। पत्रकार के साथ हुई बदसलूकी की वीडियो वायरल होने के बाद वाशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावासा ने इसकी निंदा की है। उन्होंने बताया कि उनकी शिकायत के फौरन बाद पुलिसकर्मी उनकी सुरक्षा में आ गए थे।

सलमान खान और सिद्धू मूसेवाला के पिता को धमकी देने वाला राजस्थान से धराया, लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर भेजे थे ईमेल

मुंबई पुलिस ने सलमान खान को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। सलमान खान को यह धमकी ई-मेल के जरिए दी गई थी। धमकी में सलमान को सिद्धू मूसेवाला की तरह हाल करने की बात कही गई थी। गिरफ्तार आरोपित ने ही सिद्धू मूसेवाला के पिता को भी धमकी दी थी। गिरफ्तारी रविवार (26 मार्च 2023) को हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सलमान खान को धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया था। इसके बाद मुंबई पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए जाँच शुरू की। जाँच में सामने आया कि आरोपित राजस्थान का है। मुंबई पुलिस ने राजस्थान पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाते हुए जोधपुर जिले के लूणी गाँव से आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान धाकड़ राम विश्नोई (21 वर्ष) के रूप में हुई।

सलमान खान को भेजे थे 3 ई-मेल

‘दैनिक भास्कर’ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि धाकड़राम ने गुरुवार (23 मार्च, 2023) की रात सलमान खान की ऑफिशियल ई-मेल आईडी पर लगातार 3 मेल भेजे थे। तीनों ही मेल पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। पहले ई-मेल में लिखा था, सलमान खान अगला नंबर 13 ऐसी धूम मचा ले की तरह हाल करेंगे तेरा। इस मेल में कई अशुद्धियाँ थीं। ऐसे में उसने दूसरा मेल भेजा।

दूसरे मेल में लिखा था, सलमान खान अगला नंबर तेरा-सिद्धू मूसेवाला की तरह हाल करेंगे तेरा। सोच ले विश्नोई जोधपुर से, अगला नंबर तेरा है। वहीं तीसरे मेल में लिखा था सलमान खान अगला नंबर तेरा है। सिद्धू मूसेवाला की तरह मारा जाएगा तू। जोधपुर आते ही, विश्नोई बोल रहा है यह गैंगस्टर जोधपुर से। अगला नंबर तेरा है। आजा जोधपुर।

इसी ने दी थी सिद्धू मूसेवाला के पिता को धमकी

सलमान खान को धमकी देने के आरोपित धाकड़ राम विश्नोई ने ही सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह को धमकी दी थी। डीसीपी वेस्ट गौरव यादव ने भी इसकी पुष्टि की है। धमकी मिलने के बाद सिद्धू मूसेवाला के पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद मानसा पुलिस भी आरोपित को गिरफ्तार करने जोधपुर के लूणी गाँव पहुँची थी। लेकिन इससे पहले ही मुंबई पुलिस ने विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया था।

धमकी देने के मामले में गिरफ्तार हुए धाकड़राम विश्नोई के खिलाफ पहले ही जोधपुर के सरदारपुरा थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। उसके पास से 12 सितंबर 2022 को हथियार मिले थे। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। फिलहाल मुंबई पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है। इस पूछताछ में लॉरेंस विश्नोई गैंग से संबंधों को लेकर सवाल किए जाएँगे।

‘सत्ता में आते ही मुस्लिमों का आरक्षण करेंगे बहाल’: कर्नाटक में कॉन्ग्रेस पार्टी का वादा, भाजपा ने असंवैधानिक बता कर दिया है रद्द

कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले अल्पसंख्यक आरक्षण का मुद्दा गरमाता जा रहा है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने मुस्लिमों को मिलने वाला अल्पसंख्यक आरक्षण रद्द कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा है कि धर्म के आधार पर आरक्षण देने का संविधान में कोई प्रावधान नहीं है। वहीं, कॉन्ग्रेस सत्ता में वापसी होने पर इस आरक्षण को बहाल करने की बात कर रही है।

दरअसल, कर्नाटक प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने अल्पसंख्यक आरक्षण रद्द करने को लेकर भाजपा द्वारा किए गए फैसले को असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने कहा है, “भाजपा सरकार सोचती है कि आरक्षण को संपत्ति की तरह बाँटा जा सकता है। लेकिन आरक्षण संपत्ति नहीं बल्कि अधिकार है। हम नहीं चाहते कि अल्पसंख्यक वर्ग का 4% आरक्षण खत्म हो और किसी बड़े समुदाय को दिया जाए। अल्पसंख्यक हमारे भाई हैं और हमारे परिवार के सदस्य हैं।”

डीके शिवकुमार ने दावा करते हुए कहा है कि भाजपा लिंगायत और वोक्कालिगा समुदाय को जो आरक्षण दे रही है, उसे इस समुदाय के लोगों ने ठुकरा दिया है। शिवकुमार ने एक और दावा करते हुए कहा कि अगले 45 दिनों में कॉन्ग्रेस कर्नाटक की सत्ता में होगी। इसके बाद कैबिनेट की पहली बैठक में ही अल्पसंख्यकों का आरक्षण बहाल कर दिया जाएगा।

कर्नाटक सरकार के फैसले का अमित शाह ने किया समर्थन

कर्नाटक में एक सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भाजपा कभी भी तुष्टिकरण में विश्वास नहीं करती। इसलिए उसने आरक्षण व्यवस्था में बदलाव करने फैसला किया। बीजेपी ने अल्पसंख्यकों को दिया गया 4% आरक्षण समाप्त कर 2 प्रतिशत आरक्षण वोक्कालिगा और 2 प्रतिशत आरक्षण लिंगयत को दिया है। अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण संवैधानिक रूप से वैध नहीं है। संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है। कॉन्ग्रेस सरकार तुष्टिकरण की राजनीति के तहत अल्पसंख्यकों को आरक्षण दिया था।

क्या है मामला…

दरअसल, कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार (24 मार्च 2023) को दो बड़े फैसले लिए। पहले फैसले के तहत सरकार ने अल्पसंख्यक कोटे के तहत मुस्लिमों को मिलने वाला 4% आरक्षण रदद् कर दिया। वहीं, दूसरा बड़ा फैसला यह है कि इसी 4% आरक्षण को सरकार ने वोक्कालिगा और लिंयागत समुदाय में बाँट दिया। इस तरह से अब शिक्षा और नौकरी में वोक्कालिगा और लिंगानुपात समुदाय को राज्य में 2-2% आरक्षण मिलेगा। वहीं, धार्मिक अल्पसंख्यकों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की श्रेणी में रखा जाएगा।

बर्थडे पार्टी में गईं, रील में खुश तो लाइव में फूट-फूट कर रोईं, सुबह आत्महत्या की खबर… पवन सिंह के साथ आकांक्षा दुबे का आखिरी गाना रिलीज, बॉयफ्रेंड का पोस्ट

भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की संदिग्ध मौत के पीछे का राज़ गहराता जा रहा है। 26 साल की आकांक्षा दुबे का अब एक नया वीडियो सामने आया है, जिसे उनकी मौत से पहले का बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि रात के समय वो इंस्टाग्राम पर लाइव आकर कुछ कहना चाहती थीं, लेकिन नहीं कह पाईं। इस वीडियो में उनकी आँखों में आँसू दिख रहे हैं। फिर वो फूट-फूट कर रोने लगती हैं। कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने लाइव के समय ये वीडियो रिकॉर्ड किया था।

इसके बाद लोग कयास लगा रहे हैं कि वो किसी परेशानी से जूझ रही थीं। अभी तक उनकी आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है। आत्महत्या की पिछली रात को वो एक जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने गई थीं। फिर देर रात वो होटल लौट आई थीं। सारनाथ थाना क्षेत्र के होटल सुमेंद्र रेजिडेंसी के कमरा नम्बर 105 में वो ठहरी हुई थीं। वो एक प्रोजेक्ट की शूटिंग के सिलसिले में वाराणसी आई हुई थीं। कमरे को मास्टर चाबी से खोले जाने के बाद उनका शव पंखे से लटका मिला था।

हालाँकि, दिवंगत भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा दुबे के मेकअप आर्टिस्ट राहुल और हेयर आर्टिस्ट रेखा मौर्या का कहना है कि उन्हें किसी चीज का तनाव नहीं था और वो न ही परेशान थीं। उनका कहना है कि वो अपने सहकर्मियों का ख्याल रखती थीं और स्टाफ को परिवार की तरह मानती थीं। इंस्टाग्राम पर एक दिन पहले उन्होंने जो रील डाला था, उसमें वो खासी खुश नजर आ रही हैं। उनकी मौत के बाद ‘लायक हूँ मैं नालायक नहीं’ फिल्म की शूटिंग भी रुक गई है।

सारनाथ पुलिस ने इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला बताते हुए कहा कि वो 22 मार्च की रात से ही यहाँ ठहरी हुई थीं। कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। आकांक्षा दुबे के बॉयफ्रेंड समर सिंह ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए गमगीन पोस्ट किया है। रविवार की सुबह ही पवन सिंह के साथ उनका आखिरी भोजपुरी गाना भी रिलीज हुआ। भदोही की रहने वाली आकांक्षा दुबे का ये गाना ‘आरा कभी हारा नहीं’ खासा वायरल हो रहा है।