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जिस पर हैं ‘सिख नरसंहार’ के इल्जाम, वो जगदीश टाइटलर कॉन्ग्रेस के प्रदर्शन में शामिल: BJP नेता बोले- हत्यारे के बिना नहीं चलता इनका काम

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी की संसद सदस्यता रद्द होने के विरोध में पार्टी देश भर में विरोध कर रही है। कॉन्ग्रेस ने दिल्ली के राजघाट जाकर महात्मा गाँधी की समाधि के सामने ‘संकल्प सत्याग्रह’ किया। इस विरोध प्रदर्शन में 1984 के सिख विरोधी दंगे के आरोपित जगदीश टाइटलर भी शामिल हुए। इस पर भाजपा ने कॉन्ग्रेस पर हमला बोला है।

इस पर भाजपा के नेता आरपी सिंह ने हमला बोला है। उन्होंने कहा, “इससे साफ है कि कॉन्ग्रेस किस प्रकार का सत्याग्रह कर रही है। सिखों का हत्यारा (जगदीश टाइटलर) इस सत्याग्रह में शामिल हुआ है। टाइटलर के बिना कॉन्ग्रेस नहीं रह सकती। हर इवेंट में पार्टी उन्हें बुलाती है।”

आरपी सिंह ने कहा यह सत्याग्रह नहीं, बल्कि सिखों के हत्या के आरोपित जगदीश टाइटलर को फिर से स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि इस साल फरवरी में टाइटलर को कॉन्ग्रेस कमिटी का सदस्य चुना गया था। उस वक्त भी विवाद हुआ था।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने जगदीश टाइटलर का एक वीडियो ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, “कॉन्ग्रेस और गाँधी परिवार सिर्फ ओबीसी विरोधी ही नहीं, सिख विरोधी भी है। 1984 के नरसंहार के लिए आरोपित जगदीश टाइटलर सत्याग्रह पर हैं! यह सत्याग्रह नहीं, अदालत, ओबीसी समाज और सिखों के खिलाफ दुराग्रह है। कॉन्ग्रेस ओबीसी के साथ सिखों से भी नफरत करती है।”

राहुल गाँधी की सदस्यता रद्द होने के बाद कॉन्ग्रेस के नेता राजघाट पहुँचे हैं। इनमें प्रियंका गाँधी, पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे आदि शामिल हैं। यह सत्याग्रह 10 बजे शुरू हुआ है और शाम को 5 बजे तक चलेगा।

दरअसल, राहुल गाँधी ने साल 2019 में कर्नाटक की एक रैली में कहा था कि ‘सारे चोरों के नाम मोदी ही क्यों हैं…. नीरव मोदी, नरेंद्र मोदी…’। इसके बाद भाजपा नेता पूर्णेश मोदी ने राहुल गाँधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें सूरत ने अदालत ने राहुल गाँधी को 2 साल की सजा सुनाई है। इसके बाद नियमानुसार उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई।

‘खुद को कुँवारी मुस्लिम बता कर मेरे से मिली थी’: नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने पूर्व बीवी और भाई पर किया केस, कहा – भाई ने मेरे करोड़ों रुपए हड़प लिए, संपत्ति लिखा ली

बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपने भाई और पूर्व बीवी पर बॉम्बे हाईकोर्ट में मानहानि का केस ठोंका है। इस केस में उन्होंने 100 करोड़ रुपए हर्जाने की माँग की है। सिद्दीकी के मुताबिक, उनके भाई शमशुद्दीन और पूर्व अंजना पांडेय उर्फ़ आलिया के झूठे और आधारहीन बयानों से उनकी सामाजिक छवि को काफी नुकसान पहुँचा है। इस केस की अगली सुनवाई गुरुवार (30 मार्च, 2023) को होनी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला जस्टिस रियाज़ चांगला की बेंच में सुना जाएगा। नवाजुद्दीन की याचिका में माँग की गई है कि अदालत फौरी तौर पर उनकी पूर्व बीवी और भाई को बयानबाजी करने से रोके। सिद्दीकी की माँग में अपनी पूर्व बीवी और भाई द्वारा सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ कोई अनर्गल बात न डालने का निर्देश देना भी शामिल है। इसी के साथ शमशुद्दीन और अंजना पांडेय से उनके पूर्व के बयानों पर माफ़ी माँगने का आदेश देने की भी माँग की गई है।

अपनी याचिका में नवाजुद्दीन ने बताया है कि साल 2008 में अपने छोटे भाई शमशुद्दीन को बेरोजगार देखते हुए उन्होंने उसे अपना मैनेजर रख लिया था। तब शमशुद्दीन को ही इनकम टैक्स और GST आदि भरने का काम दिया गया था। इस दौरान शमशुद्दीन के पास नवाजुद्दीन की चेकबुक, ATM कार्ड और बैंक खातों आदि की पूरी डिटेल हुआ करती थी। नवाजुद्दीन का आरोप है कि उनके भाई ने इस विश्वास का नाजायज फायदा उठा कर धोखाधड़ी की। शमशुद्दीन ने प्रॉपर्टी भी खरीदी, जिसे नवाजुद्दीन के नाम बता कर गुमराह किया गया जबकि वह साझेदारी में ली गई थी। इन सम्पत्तियों में भारत और दुबई जमीन और महँगी कारें आदि शामिल हैं।

याचिका में नवाजुद्दीन ने आगे बताया कि जब उन्होंने अपने भाई से उसकी धोखाधड़ी के बारे में सवाल-जवाब किया तब उसने अपनी भाभी यानी नवाजुद्दीन सिद्दीकी की पूर्व बीवी अंजना को उकसाया। नवाजुद्दीन के आरोपों में इस बात का भी जिक्र है कि अंजना ने शादी से पहले खुद को एक कुँवारी मुस्लिम लड़की बता कर परिचय दिया था। नवाजुद्दीन ने तब अंजना की पहले से किसी और से शादी से खुद को अनजान बताया है। इसी याचिका में आगे बताया गया है कि शमशुद्दीन और अंजना ने मिल कर नवाजुद्दीन के 20 करोड़ रुपए का गबन कर लिया। शमशुद्दीन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने GST और अन्य टैक्स आदि भरने के लिए अपने भाई द्वारा दिए गए 37 करोड़ रुपए भी अपने पास रख लिए और टैक्स नहीं भरे।

नवाजुद्दीन के अनुसार, उनके भाई ने मैनेजर रहते हुए कई मीटिंगों की ऑडियो व वीडियो क्लिप बना ली थी। आरोप है कि इन क्लिपों के सहारे वह और अंजना नवाजुद्दीन को ब्लैकमेल करते थे। याचिका में बताया गया है कि अंजना पांडेय ने हर माह 10 लाख रुपए अपने बच्चे की पढ़ाई व 2.5 करोड़ रुपए खुद का प्रोडक्शन हॉउस बनाने के नाम पर नवाजुद्दीन से लिए थे। नवाजुद्दीन ने बताया है कि अपने भाई और पूर्व बीवी द्वारा उनकी छवि को नुकसान पहुँचाने के चलते उन्होंने अपने आने वाली फिल्म की रिलीज भी टाल दी है।

अंत में नवाजुद्दीन ने उन लोगों का भी खुलासा करने की माँग की है जिसके इशारे पर उनकी बीवी और भाई ने उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया। इसी के साथ शमशुद्दीन और अंजना को उनकी सम्पत्तियों को बेचने आदि से भी रोके जाने की गुहार लगाई गई है जिस से मानहानि केस में माँगी गई रकम की भरपाई में दिक्कत न आए।

रोजे के दिन हिन्दू दुकानदार बना रहे थे बिरयानी, पुलिस वाले ने डंडे से पीटा: Video वायरल होने के बाद SHO सस्पेंड, पाकिस्तान की घटना

अल्पसंख्यकों के लिए नर्क कहे जाने वाले पाकिस्तान में एक बार फिर से हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया है। प्रताड़ना का आरोप पुलिस पर है जिसने हिन्दू दुकानदारों पर रमज़ान में लागू क़ानून की नरफमानी का आरोप लगाया है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस वीडियो में पुलिस वाले हिन्दुओ को प्रताड़ित करते दिखाई दे रहे हैं। हिन्दू दुकानदारों पर आरोप है कि वो बाजार में सप्लाई करने के लिए बिरयानी बना रहे थे। स्थानीय थाना प्रभारी द्वारा हिन्दुओं को उनके ग्रंथों की कसम खाने पर भी मजबूर किया गया है। वीडियो वायरल होने के बाद SHO काबिल भायो को सस्पेंड कर दिया गया है।

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक मामला पंजाब प्राप्त के बहावलपुर का है। बताया जा रहा है कि यहाँ के घोटकी जिले में कुछ हिन्दू दुकानदार आर्डर पर बिरयानी बना रहे थे। इस दौरान इलाके का थाना प्रभारी काबिल भायो पुलिस फ़ोर्स के साथ वहाँ पहुँचा। थाना प्रभारी के हाथों में डंडा था। वह हिन्दू दुकानदारों पर रोज़े के दिन खाना बनाने से नाराज हो उठा। उसने न सिर्फ डिलीवरी बॉय बल्कि हिन्दू दुकानदारों की पिटाई भी की। थाना प्रभारी द्वारा प्रताड़ित किए गए हिन्दुओं की संख्या लगभग 1 दर्जन है।

आरोप है कि खानपुर के थाना प्रभारी काबिल भायो ने हिन्दुओं से भविष्य में रमज़ान के नियमों का पालन करने के लिए श्रीमद्भगवत गीता की भी कसम खिलाई। वीडियो के वायरल होने के बाद सिंध मानवाधिकार आयोग (SHRC) ने सीनियर पुलिस अधिकारियों को थानेदार पर एक्शन के लिए पत्र लिखा। घोटकी के SSP तनवीर हुसैन ने SHO काबिल को सस्पेंड कर दिया है। पूर्व मुख्य न्यायाधीश तसद्दुक हुसैन जिलानी ने 19 जून 2014 को इसी पुलिस अधिकारी काबिल भायो का व्यवहार पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के खिलाफ नकारात्मक बताया था।

‘Dis’Qualified MP’ : सांसदी जाने के बाद राहुल गाँधी ने बदला ट्विटर ‘BIO’, तेवर देख नेटीजन्स बोले- ‘इसमें भी घमंड…’

‘मोदी सरनेम’ मामले में 2 साल की सजा पाने के बाद जब से राहुल गाँधी की सांसदी गई है तब से वह खुन्नस में हैं। अब उन्होंने अपना ट्विटर बायो भी चेंज कर दिया है। अपने बायो में उन्होंने ‘Dis’Qualified एमपी’ जोड़ लिया है। इसके अलावा इस बायो में सिर्फ उन्होंने खुद को कॉन्ग्रेस का एक सदस्य बताया है।

देख सकते हैं कि कि अब राहुल के बायो में लिखा है- ये राहुल गाँधी का आधिकारिक अकॉउंट है। जो इंडियन नेशनल कॉन्ग्रेस के सदस्य हैं और Dis’Qualified सांसद हैं।

इस बायो को देखने के बाद सोशल मीडिया पर अलग अलग प्रतिक्रियाएँ आने लगी हैं। कुछ यूजर्स ने उनका ये बायो देख प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सिर्फ डिसक्वालिफाइड लिखना काफी नहीं है। उन्हें इसमें अपने नाम के साथ ‘कन्विक्टिड (दोषी)’ भी लिखना चाहिए या फिर जेल जाने के बाद लिखना चाहिए- अयोग्य, दोषी, अपराधी आदि ।

वहीं कोई पूछ रहा है कि सांसदी जाने के बाद भी राहुल गाँधी इतना घमंड दिखा रहे हैं। यूजर्स के अनुसार अपने ट्विटर में ‘डिस’ क्वालिफाई’ लिखकर अपना घमंड दिखा रहे हैं और कह रहे हैं कि ऐसी हरकत सिर्फ एक गैरजिम्मेदार रवैेये वाला व्यक्ति ही कर सकता है। ये इनके वोटरों के लिए अपमानजनक है।

‘कुंभलगढ़ किले में अजान, मेवाड़ के शौर्य का अपमान’: बागेश्वर वाले धीरेंद्र शास्त्री को कुंभलगढ़ के MLA ने ही दिया समर्थन, राजस्थान पुलिस ने FIR की थी

राजस्थान के ऐतिहासिक कुंभलगढ़ दुर्ग में मुस्लिमों को अजान देने की इजाजत देकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार ने राजस्थान के शौर्य का अपमान किया है। इस बात राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ से विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा है। वहीं, धीरेंद्र शास्त्री और कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पाँच लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

अपने एक वीडियो संदेश में भाजपा विधायक राठौड़ ने कहा, “कुंभलगढ़ एक अजेय ऐतिहासिक किला है। यह महाराणा कुंभा की कर्मस्थली है और महाराणा प्रताप की जन्मस्थली है। दुर्भाग्यवश आजादी के बाद कॉन्ग्रेस सरकार ने किले में अजान की इजाजत देकर मेवाड़ शौर्य, सम्मान और सद्भाव को बिगाड़ने का प्रयास किया है, जो शर्मनाक है।”

धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ कार्रवाई पर उन्होंने कहा, “हिंदुओं के सूर्य कहलाने वाले मेवाड़ के महाराणाओं की कर्मभूमि पर आदरणीय बागेश्वर बाबा ने भगवा फहराने का आह्नान किया। इसमें उन्होंने क्या गलत कहा?” भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि अगर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ कार्रवाई की गई तो पूरा मेवाड़ इसका विरोध करेगा।

विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने साफ शब्दों में कहा कि ऐतिहासिक किले में अजान नहीं होना चाहिए। बता दें कि दो दिन पहले कुंभलगढ़ में धीरेंद्र शास्त्री और देवकीनंदन ठाकुर ने कार्यक्रम किया था। इस दौरान दोनों ने भाषण दिया था। इस भाषण को धार्मिक भावनाएँ भड़काने वाला और सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने वाला बताकर उनके खिलाफ उदयपुर पुलिस ने FIR दर्ज की है।

दरअसल, गुरुवार (23 मार्च 2023) को धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था, “डरते तो हम किसी के बाप से नहीं हैं। डरते तो वो हैं, जो बुजदिल होते हैं। हम तो वो हैं, जो कुंभलगढ़ किले में भी भगवा झंडा गड़वाकर मानेंगे।” इसके बाद उन्होंने जनता से पूछा, “तुम चाहते हो कि वहाँ भगवा झंडा गड़े? कौन-कौन ये चाहता है? कुंभलगढ़ किले में 100 हरे झंडे लगे हैं, उन्हें भगवामय बनाना है।”

वहीं, देवकी नंदन ठाकुर ने इस सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “जो हिंदू राष्ट बनाएगा, वो ही गद्दी पर लौट के आएगा।” उदयपुर के एसपी ने कहा कि हाथीपोल थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 153A के तहत केस दर्ज किया गया है। बता दें कि देवकीनन्दन ठाकुर और उनके भाई विजय शर्मा पर साल 2020 में मथुरा के थाना हाइवे में एक दलित के घर में घुसकर मारपीट करने, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और महिलाओं से छेड़छाड़ करने का मामला दर्ज किया गया था।

इसके बाद 5 युवक भगवा झंडा लेकर दुर्ग में पहुँच गए। पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, 24 मार्च को तड़के 3.30 बजे कुंभलगढ़ दुर्ग में 5 युवक झंडा उतारने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उदयपुर निवासी गौरव सिंह, प्रिंस, देवेंद्र, अभिषेक नाथ, राजेंद्र सिंह को पकड़ा है। उन्होंने बताया कि वे भगवा लहराने कुंभलगढ़ आए थे।

‘F**K इंडियन गवर्नमेंट एंड मोदी’: US में खालिस्तानियों ने की पत्रकार से बदतमीजी, भारतीयों को गाली दी, कान पर डंडा मारा; Video

अमेरिका के वाशिंगटन शहर में भारत विरोधी प्रदर्शन कर रहे खालिस्तानियों ने एक भारतीय पत्रकार के साथ बदसलूकी की है। यह प्रदर्शन भारतीय दूतावास के आगे चल रहा था। पीड़ित पत्रकार का नाम ललित कुमार झा है। इस बदसलूकी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में 2 खालिस्तानियों को मोदी, भारत और खुद पत्रकार के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करते सुना जा सकता है। जाते-जाते एक खालिस्तानी के हाथ में लिए खालिस्तान के झंडे का डंडा पत्रकार के कैमरे पर भी लगा। आरोप है कि ललित के कान पर भी डंडे मारे गए। यह मामला शनिवार (25 मार्च 2023) का है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह प्रदर्शन पंजाब में चल रही खालिस्तान समर्थक भगोड़े अमृतपाल सिंह के समर्थन में किया जा रहा था। अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों की मौजूदगी में वहाँ जमा हुए खालिस्तानियों ने भारतीय राजदूत तरनजीत सिंह संधू को धमकाया। अमृतपाल समर्थक भीड़ ने दूतवास में तोड़फोड़ की भी धमकी दी। प्रदर्शनकारी अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों से जमा हुए थे। इस दौरान अंग्रेजी और पंजाबी में भाषण दिए गए जिसमें पंजाब पुलिस पर मानवाधिकार के उल्लंघन का आरोप लगाया गया। जमा हुए खालिस्तानियों में युवा और बुजुर्ग दोनों शामिल थे।

वायरल वीडियो में पहले एक खालिस्तानी हाथ में पीले रंग के झंडा (जिस पर काले रंग में खालिस्तान लिखा हुआ था) को लेकर पत्रकार से उलझता दिखाई दे रहा है। वह अपनी फोटो और वीडियो लिए जाने से नाराज था। खालिस्तानी ललित को भारत सरकार का रिपोर्टर बताता है। उसी समय पहले खालिस्तानी के बगल खड़ा दूसरा खालिस्तानी बीच में आता है। वह कैमरे के आगे न सिर्फ पत्रकार और मोदी बल्कि भारत को भी गंदी-गंदी गालियाँ देता है। वह खालिस्तानी भारतीयों को ‘कुत्ता’ कहता है। यह पूरा घटनाक्रम ललित झा के कैमरे में कैद हो जाता है। जाते हुए गाली देने वाले खालिस्तानी ने झड़े का डंडा घुमाया जो पत्रकार को लगा।

इसी वीडियो में लगभग 1 दर्जन अन्य खालिस्तान समर्थक मौजूद थे। वो अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास के आगे झंडे लेकर नारा लगा रहे थे। कुछ के हाथों में नीले रंग के भी झंडे थे जिसमें खालसा चिन्ह बना हुआ था। पत्रकार ललित कुमार झा ने हालत को देखते हुए अमेरिका के इमरजेंसी नंबर 911 पर कॉल कर के पुलिस भी बुला ली थी। उनका आरोप है कि उनके कान के पास 2 डंडे मारे गए थे। हालाँकि ललित ने अपने साथ हुई अभद्रता की कोई लिखित शिकायत नहीं दी। उनका कहना है कि वो इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते।

अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने इस घटना की निंदा की है। एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए दूतावास ने बताया कि तथाकथित खालिस्तानियों द्वारा की गई यह हरकत असमाजिक थी और इस पर अमेरिका की एजेंसियों द्वारा लिया गया त्वरित एक्शन सराहनीय है।

जिस पत्रकार को जलील कर लहालोट हुए राहुल गाँधी, वो 15 साल से ‘कॉन्ग्रेस’ बीट पर कर रहा है काम: पुराने ट्वीट देखें

पिछड़ा वर्ग के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के कारण अपनी सांसदी गँवाए कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) झल्लाए हुए हैं। इसका नजारा शनिवार (25 मार्च 2023) को उनके प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ दिखा, जब कॉन्ग्रेस बीट कवर करने वाले पत्रकार को उन्होंने ‘हवा निकल गई’ और भाजपाई जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।

राहुल गाँधी जब अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए तो उनके चेहरे पर तनाव साफ नजर आ रहा था। जब वे बोलना शुरू किए तो उसमें चिड़चिड़ाहट भी दिखी। अपनी गलती के लिए उनके हाव-भाव और अभिव्यक्ति में किसी तरह अफसोस नहीं दिखा। उन्हें देखकर ऐसा लग रहा था जैसे वे कहना चाह रहे हों कि ‘मेरी सदस्यता रद्द करने की हिम्मत कैसे हुई’। उनमें एक राजनेता में जो संयम और कूटनीति होनी चाहिए, वह नहीं दिखी।

उन्होंने अपनी हताशा का सारा गुबार एक पत्रकार पर निकाल दिया। इस पत्रकार का नाम रवि सिसोदिया है। वह पिछले 15 सालों से कॉन्ग्रेस बीट कवर करते आ रहे हैं। वे मौकों पर वे राहुल गाँधी के साथ भी दिख चुके हैं। राहुल गाँधी के साथ होली खेलते हुए और सोनिया गाँधी के साथ बात करते हुए उनकी तस्वीरें भी सामने आई हैं।

दरअसल, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रवि ने राहुल गाँधी से पूछ लिया, “अदालत का जो फैसला आया है, उस पर बीजेपी पूरे देश में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही है और कह रही है कि आपने आपने ओबीसी समाज का अपमान किया है। इस पर आप क्या कहेेंगे?” इतना सुनते ही राहुल गाँधी भड़क गए।

पत्रकार को हड़काते हुए राहुल गाँधी ने कहा, ”भैया देखिए, पहला आपका अटेंप्ट वहाँ से (एक पत्रकार की ओर इशारा करके) आया, दूसरा आपका अटेंप्ट यहाँ से (एक अन्य पत्रकार की इशारा करके) आया, तीसरा आपका अटेंप्ट यहाँ से (रवि सिसोदिया की ओर इशारा करके) आया। आप इतने डायरेक्टकली बीजेपी के लिए क्यों काम कर रहे हो? थोड़ा बुद्धिमानी से पूछो। थोड़ा घूम-घाम के पूछो। आपको ऑर्डर दिया है क्या? देखो मुस्करा रहे हैं।”

राहुल गाँधी ने आगे कहा, “मैं आपको एक उदाहरण देता हूँ। आप थोड़ा घूम-घाम के निकालो। देखो, ऐसे बोलो पहले- राहुल जी.. (इसी बीच संभवत: उनके बीच बैठा व्यक्ति कुछ कहता है और राहुल गाँधी ‘आंय’ कहकर बात बीच में छोड़ देते हैं और आगे कहते हैं…) तो प्लीज.. प्लीज.. अगर आप बीजेपी के लिए काम करना चाहते हैं तो बीजेपी का सिंबल सीने पर लगा लीजिए, तब मैं आपको उसी के अनुसार जवाब दूँगा। प्रेसमैन का ढोंग मत कीजिए।” इसके थोड़ी देर बाद राहुल गाँधी पत्रकार रवि सिसोदिया को देखकर कहते हैं, “हवा निकल गई?”

रवि सिसोदिया संभवत: अपने सवाल से भाजपा के ‘OBC समाज के अपमान’ वाले दावे पर राहुल गाँधी का जवाब लेकर भाजपा को ही घेरना चाहते थे, लेकिन राहुल गाँधी संभवत: उसे समझ नहीं पाए और पत्रकार को ही डपट दिया। जिस तरह दिग्विजय सिंह ने इस सवाल का जवाब आजतक के पत्रकार मौसमी सिंह को दिया था, यह बात राहुल गाँधी नहीं समझ पाए।

दिग्विजय सिंह ने कहा था, “भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा कह रहे हैं कि राहुल गाँधी ने OBC का अपमान किया। नड्डा ब्राह्मण हैं। क्या उन्होंने और उनकी पार्टी ने दिया था OBC को आरक्षण? आरक्षण जनता दल की सरकार ने दिया था। ये लोग OBC की बात तो ना ही करें। कुछ जगहों पर मोदी सरनेम सवर्ण समाज के लोग भी लगाते हैं।”

हालाँकि, राहुल गाँधी में यह डिप्लोमैसी नहीं दिखी। राहुल गाँधी द्वारा अपने ही बीट के पत्रकार को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने पर कुछ भाजपा विरोधी लोग और प्रोपेगेंडा पोर्टल राहुल गाँधी को शाबासी दे रहे हैं और उसी पार्टी के बीट के पत्रकार को भाजपा समर्थक बता रहे हैं। हालाँकि, राहुल गाँधी के इस व्यवहार की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है।

पत्रकार आदेश रावल ने कहा, “जिस रिपोर्टर को ऐसा कहा गया, वह 15 साल से कॉन्ग्रेस बीट कवर कर रहे हैं। नेता जी, कॉन्ग्रेस का मीडिया विभाग और मीडिया के बीच की संवादहीनता का यह जीता जागता उदाहरण है।”

पत्रकार सौरव शर्मा ने कहा, “राहुल गाँधी ने जिस रिपोर्टर को बीजेपी का बिल्ला लगाकर आने को कहा, वो कई सालों से कॉन्ग्रेस ही कवर कर रहे हैं। मतलब राहुल गाँधी अपनी पार्टी के बीट रिपोर्टर को ही नहीं पहचानते। सवाल बिल्कुल ठीक था, लेकिन रिपोर्टर का चुपचाप अपमान सह लेना और बाकी पत्रकारों का हंसी उड़ाना और शर्मनाक है।”

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने इसको लेकर कॉन्ग्रेस और राहुल गाँधी पर तंज कसा है। उन्होंने कहा, “लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए राहुल गाँधी का सम्मान इसी तरह का है। वह पिछड़े वर्गों से इतनी घृणा क्यों करते हैं। पत्रकारों द्वारा उनसे ओबीसी के अपमान पर सवाल पूछे जाने से ही वे इतने बौखला गए।”

बता दें कि ‘मोदी’ नाम पर आपत्तिजनक बयान देने के बाद सूरत की अदालत ने उन्हें दो वर्ष की सजा सुनाई है। इसके बाद नियमानुसार, लोकसभा सचिवालय ने राहुल गाँधी की संसद सदस्यता रद्द होने की अधिसूचना जारी कर दी थी। इसी मामले को लेकर राहुल गाँधी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए थे।  

अभी लोकसभा चुनाव हुए तो यूपी में BJP को 67-73 सीटें, सपा से 3 गुना से भी ज़्यादा वोट प्रतिशत: बरकरार है मोदी-योगी का जलवा, सर्वे में खुलासा

साल 2024 में देश भर में लोकसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में सर्वे किया गया है। इस सर्वे के हिसाब से यूपी में एक बार फिर मोदी लहर चलती दिख रही है। वहीं, बीते 6 साल से उत्तर प्रदेश की सत्ता चला रहे योगी आदित्यनाथ अब भी सूबे की जनता के लिए पहली पसंद बने हुए हैं।

दरअसल, आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए एबीपी न्यूज- Matrize ने सर्वे किया है। इस सर्वे में उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के 80 हजार 600 लोगों से सवाल पूछे गए हैं। यूपी में लोकसभा की कुल 80 सीटें हैं। इस सर्वे के अनुसार, लोकसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन को 67-73 सीटें, सपा गठबंधन को 3-6 सीटें, बीएसपी को 0-4 सीटें और कॉन्ग्रेस 1-2 सीटों में सिमटती दिख रही है।

वोट प्रतिशत की बात करें तो इसमें भी भाजपा बाजी मारती दिख रही है। भाजपा गठबंधन को 63% वोट, सपा गठबंधन को 19% वोट, बीएसपी को 11% वोट और कॉन्ग्रेस के खाते में 4% वोट जाता दिख रहा है। वहीं, अन्य के को 3% वोट मिलने की बात कही जा रही है।

इस सर्वे में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 27 लोकसभा सीटों की सर्वे रिपोर्ट भी विपक्ष को परेशान करने वाली है। सर्वे में पश्चिमी यूपी में भाजपा गठबंधन को 18-23 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। वहीं, समाजवादी पार्टी को 2-5 सीट, बसपा 0-1 सीट तथा कॉन्ग्रेस और अन्य का खाता खुलता नहीं दिख रहा है।

मोदी-योगी का जलवा बरकरार

इसके अलावा एबीपी न्यूज-Matrize के सर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को लेकर सवाल किया गया है। इस सर्वे में 52% लोगों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का काम बहुत बेहतर है। वहीं, 32% लोगों को पीएम मोदी का काम संतोषजनक लगता है। जबकि 16% लोगों ने प्रधानमंत्री के काम को बेहद खराब कहा है।

योगी आदित्यनाथ बीते 6 सालों से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। लगातार सबसे अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। सर्वे में जब लोगों से मुख्यमंत्री के लिए पहली पसंद को लेकर सवाल किया गया तो 61% ने योगी आदित्यनाथ को सीएम पद के लिए पहली पसंद बताया है। वहीं, 24% लोगों अखिलेश यादव को, 11% ने मायावती और 4% लोगों ने अन्य को मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी पसंद कहा है।

यही नहीं, इस सर्वे में 52% लोगों का मानना है कि योगी आदित्यनाथ का काम बहुत बेहतर है। वहीं, 27% लोगों को उनका काम संतोषजनक लगता है। जबकि 21% लोगों ने सीएम योगी के काम को बेहद खराब कहा है। इसके अलावा योगी आदित्यनाथ सरकार की पहचान बन चुकी बुलडोजर कार्रवाई को 54% लोगों ने माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई बताया है। इस सर्वे में 10 हजार लोगों की राय ली गई।

‘सिर्फ हिन्दू त्योहारों पर ही पाबंदी क्यों? अजान-ताजिया के लिए भी है 75 डेसीबल वाला नियम?’: बिहार पुलिस के दिशानिर्देश, VHP ने दागे सवाल

बिहार के दरभंगा में हिंदू त्योहारों को लेकर गाइडलाइन्स जारी की गई हैं। इसे लेकर शहर के अंबेडकर सभागार में जिला प्रशासन की तरफ से एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक के बाद जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए। जिसे लेकर विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने सवाल उठाए हैं।

दरभंगा पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार रामनवमी और छठ के अवसर पर धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई। रामनवमी और छठ के अवसर पर 75 DB (डेसीबेल) से अधिक आवाज पर डीजे बजाने पर रोक लगा दी गई है। रामनवमी पर नए जुलूस वालों को अनुमति नहीं दी गई है। निर्देश के अनुसार धार्मिक उन्माद फैलाने वाले के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। आदेश में कई और निर्देश दिए गए हैं।

दरभंगा पुलिस की तरफ से जारी गाइडलाइन्स पर विश्व हिंदू परिषद ने सवाल उठाया है। परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने ट्विटर पर आदेश की कॉपी पोस्ट करते हुए लिखा, “बिहार सरकार के ये प्रतिबंध सिर्फ राम नवमी व छ्ठ पूजा के लिए ही क्यों? क्या 75 डेसीबेल से ऊपर का ध्वनि प्रदूषण अज़ान व ताज़ियों पर भी है?”

वीएचपी नेता ने दरभंगा पुलिस द्वारा हिंदू राष्ट्र का बैनर लगाए जाने के मामले में की गई कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। विनोद बंसल ने बिहार पुलिस को टैग करते हुए पूछा कि इस तरह के प्रतिबंध सिर्फ हिंदू त्यौहारों पर ही क्यों? त्यौहार के दिन हिंदू राष्ट्र की बंदना करने वाले की गिरफ़्तारी क्यों?

बता दें कि दरभंगा में गिरफ्तार VHP नेता को पुलिस ने छोड़ दिया है। दरअसल, हिंदू नववर्ष पर दरभंगा में हिंदू राष्ट्र लिखा बैनर लगाने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को कार्रवाई की थी। पुलिस ने विश्व हिंदू परिषद के नेता राजीव प्रकाश मधुकर को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में 4 नामजद और 100 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। बैनर लगाए जाने का मुस्लिम संगठनों ने विरोध किया था।

‘प्रगति मैदान पर कब्जा कर लहराएँगे खालिस्तानी झंडा’: यहीं होने वाला है G20 का भव्य सम्मेलन, PM मोदी और अमित शाह के लिए भी कहा आपत्तिजनक शब्द

दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट पर एक यात्री को खालिस्तानी समर्थक ने फोन कर के धमकी दी। अनजान खालिस्तानी समर्थक ने दिल्ली के प्रगति मैदान पर कब्जा कर खालिस्तान का झंडा लहराने की बात कही। इस मामले में एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है।

दिल्ली पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, खालिस्तानी समर्थक ने प्रगति मैदान पर कब्जा कर तिरंगा उतारने और खालिस्तानी झंडा लहराने की धमकी दी। फोन पर अमृतपाल का समर्थन करते हुए पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।

इस संबंध में गुरुवार (23 मार्च, 2023) को आईजीआई एयरपोर्ट थाने में धारा 153,153 ए, और 505 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कॉलर का पता लगाने की कोशिश कर रही है। बता दें कि इसी साल सितंबर में प्रगति मैदान में जी-20 का बड़ा आयोजन होना है। इसे लेकर तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं।

बता दें कि ‘वारिस पंजाब दे’ के भगोड़ा मुखिया अमृतपाल की तलाश जारी है। इस बीच दावा किया जा रहा है कि वह यूपी के लखीमपुर खीरी में देखा गया था। इससे संबंधित एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें वह चश्मा, टी-शर्ट और जिंस के साथ जैकेट पहने नजर आ रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि वह मोबाइल पर बात करते हुए जा रहा है। लखीमपुर नेपाल बॉर्डर से सिर्फ 5 किलोमीटर की दूरी पर है।

इधर अमृतपाल से जुड़े और मदद करने वालों को भी पुलिस गिरफ्तार कर रही है। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 19 मार्च की रात अमृतपाल सिंह को पनाह देने वाली महिला बलजीत कौर को गिरफ्तार किया गया था। अब पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के आरएसपुरा निवासी अमरीक सिंह और उनकी पत्नी सरबजीत कौर को गिरफ्तार किया है। उनपर आरोप है कि उनके अमृतपाल के साथी पपलप्रीत सिंह के साथ संबंध हैं। कहा जा रहा है कि पपलप्रीत ही अमृतपाल को गिरफ्तारी से बचा रहा है और उसे जगह-जगह छिपने में मदद कर रहा है।