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बैग, जैकेट, ट्राउजर और चश्मा…: हुलिया बदलकर UP के लखीमपुर में घूमता दिखा अमृतपाल, J&K में बैठे करीबी गिरफ्तार

पाकिस्तान के सहयोग से देश को एक बार फिर खालिस्तानी अलगाववाद की आग में झोंकने की कोशिश करने वाले ‘वारिस पंजाब दे’ के भगोड़ा मुखिया अमृतपाल को सुरक्षा एजेंसियाँ तलाश कर रही हैं। उसकी एक नई तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें वह चश्मा पहने नजर आ रहा है। उससे जुड़े और मदद करने वालों को भी पुलिस गिरफ्तार कर रही है।

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 19 मार्च की रात अमृतपाल सिंह को पनाह देने वाली महिला बलजीत कौर को गिरफ्तार किया गया था। अब पुलिस ने जम्मू-कश्मीर से एक कपल को गिरफ्तार किया है। आरएसपुरा निवासी अमरीक सिंह और उनकी पत्नी सरबजीत कौर पर आरोप है कि उनके अमृतपाल के साथी पपलप्रीत सिंह के साथ संबंध हैं।

कहा जाता है कि पपलप्रीत ही अमृतपाल को गिरफ्तारी से बचा रहा है और उसे जगह-जगह छिपने में मदद कर रहा है। बलजीत कौर भी पपलप्रीत की ही जानकारी है। इससे पहले अमृतपाल के एक अन्य सहयोगी को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया गया था। उत्तराखंड के देहरादून, उधमसिंहनगर और हरिद्वार में अमृतपाल को लेकर खास तौर पर अलर्ट जारी किया गया है।

अमृतपाल कहाँ है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। उसे गिरफ्तार करने के लिए सुरक्षा एजेंसियाँ दिल्ली सहित कई जगहों पर छापेमारी कर रही है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली में अमृतपाल की तलाश की जा रही है। बता दें कि साल 2016 से पिछले साल तक 5 से अधिक खालिस्तानी समर्थक उत्तराखंड से गिरफ्तार हो चुके हैं।

अमृतपाल का एक नया वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह टी-शर्ट और जिंस के साथ जैकेट पहने मोबाइल पर बात करते हुए जा रहा है। कहाँ जा रहा है कि यह वीडियो 23 मार्च 2023 का लखीमपुर खीरी का है। इस वीडियो में वह एक बैग लिए नजर आ रहा है। साथ ही वह अपना मुँह ढँके नजर आ रहा है। लखीमपुर नेपाल बॉर्डर से सिर्फ 5 किलोमीटर की दूरी पर है।

इसके पहले एक और वीडियो सामने आया था। ये वीडियो फुटेज CCTV के हैं। इस फुटेज में अमृतपाल जैकेट, ट्राउजर और चश्मा पहने नजर आ रहा है। यह फुटेज अमृतसर का बताया जा रहा है। कुछ मीडिया हाउस में इसे पटियाला का कहा जा रहा है। यह फुटेज 20 मार्च का बताया जा रहा है।

वहीं, एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया कि अमृतपाल दिल्ली की तरफ जाने की कोशिश कर रहा है। कहा जा रहा है कि अमृतपाल साधु के वेश में एक बस टर्मिनल पर उतरा था। इस घटना के बाद पुलिस की टीम दिल्ली के कश्मीरी गेट स्थित इंटर स्टेट बस टर्मिनल पर मौजूद सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

‘राहुल गाँधी के परिवार के लिए अलग कानून होना चाहिए’ : कॉन्ग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी की माँग, BJP नेता ने पूछा- इतनी चाटुकारिता कौन करता है…

राहुल गाँधी की संसद सदस्यता खत्म होने के बाद से कॉन्ग्रेस में बौखलाहट मची हुई है। इस बीच कॉन्ग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि राहुल गाँधी के परिवार के लिए कानून अलग होना चाहिए। उनके इस बयान को लेकर भाजपा हमलावर है।

दरअसल, कॉन्ग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा है कि राहुल गाँधी के परिवार के लिए कानून अलग होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा है कि दोषी ठहराने में कानून बराबर होना चाहिए लेकिन सजा देने के लिए कानून अलग होना चाहिए। जब किसी को दोषी ठहराया जाता है तो उसमें किसी का परिवार या किसी की पृष्ठभूमि नहीं देखी जाती बल्कि अपराध देखा जाता है। लेकिन जब सजा देने की बात आती है तो उसमें आदमी का चाल चलन, उसका स्तर, पारिवारिक पृष्ठभूमि देखी जानी चाहिए।

प्रमोद तिवारी ने उदाहरण देते हुए आगे कहा है, “यदि कोई शिक्षक है और वह किसी तरह से हत्या के मामले में फँस गया है। ऐसे में उसे मौत की सजा नहीं दी जाएगी क्योंकि वह आदतन अपराधी नहीं है। इसलिए राहुल गाँधी को सजा देने में उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि, राहुल गाँधी की पृष्ठभूमि सबका आँकलन होना चाहिए था।”

यही नहीं, प्रमोद तिवारी ने ट्वीट कर कहा है कि वह अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने लिखा है, “बोलने के पहले पढ़ना चाहिए। मैं अपने बयान पर कायम हूँ। गाँधी परिवार को दोषी ठहराने के लिए नहीं परन्तु सजा देने के मामले में दो प्रधानमंत्री की शहादत, राहुल गाँधी का सांसद होना, पहली बार अपराध करना, कोई आपराधिक इतिहास न होने के कारण अलग कानूनी नजरिए से देखना चाहिए।”

हालाँकि उनके इस बयान को लेकर भाजपा हमलावर है। भाजपा के नवीन जिंदल ने कहा है कि इतनी बड़ी चाटुकारिता कौन करता है। वहीं भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्वीट कर कहा है कि गाँधी परिवार के लिए अलग कानून की माँग करने वाले लोग कल अलग देश की माँग भी कर सकते हैं। उन्होंने लिखा है, ‘सजा पर गाँधी परिवार के लिए देश में अलग कानून होना चाहिए’ -प्रमोद तिवारी, कॉन्ग्रेस सांसद। गाँधी परिवार के लिए इन्हें आज अलग कानून चाहिए, कल अलग न्यायालय चाहिए, फिर अलग संसद चाहिए फिर कहीं ये अलग देश की माँग भी कर सकते हैं। यही कॉन्ग्रेस पार्टी का असली चाल, चरित्र और चेहरा है।”

गुजरात की 17 जेलों में 1700 पुलिसवालों का छापा, अतीक अहमद की जेल में 300 पहुँचे: चप्पे-चप्पे का लाइव टेलीकास्ट, 39 घातक हथियार बरामद

गुजरात पुलिस की तरफ से शुक्रवार (24 मार्च 2023) की रात राज्य के 17 जेलों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस ऑपरेशन की मॉनिटरिंग राज्य के गृहमंत्री हर्ष संघवी ने खुद की। अहमदाबाद के साबरमती जेल में लगभग 300 पुलिसकर्मियों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी जेल में माफिया अतीक अहमद भी कैद है। छापेमारी के दौरान कई मोबाइल फोन और मादक पदार्थ मिलने की बात कही जा रही है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक राज्य भर की 17 प्रमुख जेलों में एक साथ मेगा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। ऑपरेशन में कुल 1700 पुलिसकर्मियों की मदद ली गई। टीम में एसओजी और लोकल क्राइम ब्राँच के ऑफिसर भी शामिल थे। बॉडी वियर कैमरों से लैश पुलिसकर्मियों ने जेल का चप्पा-चप्पा खंगाला। रात भर चले इस तलाशी अभियान की मॉनिटरिंग राज्य के गृहमंत्री हर्ष संघवी ने की। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी सीएम डेशबोर्ड से रेड पर नजर रखी।

गुजरात पुलिस की तरफ से राज्य के अहमदाबाद, राजकोट, सूरत, बड़ौदा, बनासकाठा, भावनगर, जामनगर, महेसाणा समेत 17 जेलों का औचक निरीक्षण किया गया। छापेमारी का लाइव टेलीकास्ट भी किया जा रहा था जिसे गाँधीनगर स्टेट कंट्रोल रूम में देखा जा रहा था।

बड़ा होने के कारण साबरमती जेल में 300 पुलिसकर्मियों ने छापेमारी की। माफिया अतीक अहमद भी इसी जेल में बंद है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक छापेमारी की खबर से उसकी नींद उड़ गई। कुछ दिन पहले खबरें आई थी कि अतीक अहमद जेल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था।

गुजरात में चलाए गए मेगा सर्च ऑपरेशन के दौरान 16 मोबाइल फोन, 10 इलेक्टॉनिक सामान, 39 घातक हथियार और 500 से अधिक नशीले पदार्थ पाए गए। पुलिस सुत्रों की मानें तो छापेमारी का मकसद जेल में अवैध गतिविधियों का पता लगाना और कैदियों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लेना था। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीमों द्वारा कैदियों से बातचीत की गई और उनकी काउंसलिंग भी की गई।

‘उसने अपनी गंदी जीभ मेरे मुँह में डाली’ : एक्ट्रेस ने टीवी शो के जज पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप, बोलीं- पहले नहीं थी बताने की हिम्मत

हॉलीवुड अभिनेत्री शेरिल ली राल्फ (Sheryl Lee Ralph) ने एक टीवी शो के मशहूर जज पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि उनका यौन शोषण सबके सामने हुआ था लेकिन किसी ने भी टीवी शो के उस जज के खिलाफ आवाज नहीं उठाई। हालाँकि राल्फ ने आरोपित जज का नाम नहीं बताया है।

दरअसल, शेरिल ली राल्फ ‘वे अप विद एंजेला यी’ (Way Up with Angela Yee) नामक पॉडकास्ट में बात कर रहीं थीं। इस दौरान शो की होस्ट एंजेला यी ने उनसे मीटू (#MeToo) कैंपेन से जुड़े उनके अनुभव को लेकर सवाल पूछा। इस पर शेरिल ली राल्फ ने कहा है कि एक टीवी शो के मशहूर जज ने उनका यौन शोषण किया था। यह सब सालों पहले हुआ था।

राल्फ ने कहा है, “मैं एक पब्लिक प्लेस पर थी। वहाँ एक टेलीविजन शो की शूटिंग चल रही थी। तभी वो मशहूर जज मेरे सामने से चलकर आया और उसने पीछे से मेरी गर्दन को पकड़ लिया। मैं घबरा गई और पीछे मुड़कर देखा। मेरे पीछे देखते ही उसने अपनी गंदी जीभ मेरे मुँह के अंदर डाल दी। हम दोनों एक ही नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे। वहाँ सभी लोग मौजूद थे लेकिन वे लोग मेरे साथ ऐसा होता देखते रहे। किसी ने कुछ नहीं कहा। सब तमाशा देख रहे थे।”

शेरिल ली राल्फ ने आगे कहा है कि यौन उत्पीड़न के बाद उन्होंने न्यू ऑरलियन्स के तत्कालीन मेयर मार्क मोरियल को इस घटना की शिकायत करने के लिए बुलाया था। मेयर उनकी मदद करना चाहते थे। वह पुलिस भेजने के लिए भी तैयार थे। लेकिन एक व्यक्ति ने उनके कंधे पर हाथ रखते हुए कहा था कि ‘प्लीज ये सब मत करो।’

राल्फ ने आगे कहा है कि वो लोग अपने शो को लेकर कोई भी बुरी चीज नहीं चाहते थे। लेकिन किसी को भी इस बात की कोई परवाह नहीं करते थे कि उनके साथ क्या हुआ है। उन्होंने यह भी कहा है कि उन्होंने उस समय कुछ नहीं कहा था क्योंकि तब उनके अंदर इतनी हिम्मत नहीं थी। लेकिन आज यह सब इसलिए बता रहीं हैं क्योंकि इससे अन्य महिलाओं को बोलने की हिम्मत मिलेगी।

PFI के 2 दफ्तरों को किया गया सील, राजस्थान के जयपुर और कोटा में NIA की कार्रवाई: आतंकवाद के पैसों से चल रहे थे, एक ऑफिस मस्जिद के पास

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने राजस्थान के कई जिलों में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) के ऑफिसों और सम्पत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इस सिलसिले में NIA की टीम ने कोटा और जयपुर में PFI के कार्यालयों को UPPA के तहत अटैच किया है। जाँच एजेंसी ने बताया कि इन ऑफिसों को आतंकवाद से कमाए गए पैसों से संचालित किया जा रहा था।। यह एक्शन शुक्रवार (24 मार्च, 2023) को हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक NIA ने जिन सम्पत्तियों को अटैच किया है उसमें एक जगह कोटा के रामपुरा थाना क्षेत्र की है। जाँच एजेंसी ने यहाँ लाडपुरा लाल जी की घाटी स्थित अराकेन बड़ी मस्जिद के पास बने मदरसा फुरकानिया पर नोटिस चस्पा किया है। जिस दूसरी जगह NIA ने कार्रवाई की है वह राजस्थान की राजधानी जयपुर में है। यहाँ पर मोती डूंगरी रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के पास स्थित मकान नंबर 2 पर ताला लगाया गया है। NIA ने दोनों ही स्थानों की कमाई आतंकवाद के जरिए होने की जानकारी दी है।

राजस्थान के कोटा जिले की रामपुरा थाना कोतवाली पुलिस ने बिल्डिंग पर एक नोटिस अटैच होने की जानकारी दी है। इस से पहले NIA की टीम पिछले माह फरवरी की 18 तारीख को इसी बिल्डिंग पर एक्शन के लिए कोटा पहुँची थी। तब कोटा में 2 स्थानों पर कार्रवाई हुई थी। दूसरी जगह विज्ञान नगर थाना क्षेत्र में है। शुक्रवार को हुई कार्रवाई के दौरान बिल्डिंग पर कोई भी मौजूद नहीं मिला। इस बिल्डिंग के पास मौजूद मस्जिद के सदर से NIA के अधिकारियों ने बात की।

क्या है पूरा मामला

दरअसल साल 2022 के सितंबर माह में NIA ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया के प्लान 2047 का पर्दाफाश किया था। इस मामले में दर्ज FIR में PFI पर आरोप लगाया गया था कि वह भारत को 2047 तक इस्लामिक स्टेट बनाना चाह रहा था। इसकी तैयारी के लिए PFI द्वारा मुस्लिम युवाओं को न सिर्फ मज़हबी कट्टरता बल्कि हथियारों की भी ट्रेनिंग दी जा रही थी। जाँच के दौरान इस नेटवर्क की साजिश में कोटा के मोहम्मद आसिफ और बारां के सादिक सराफ भी शामिल मिले थे।

जिस चीन के कर्ज के जाल में फँस बर्बाद हुआ श्रीलंका, अब फिर उसी से डील: हंबनटोटा में तेल रिफाइनरी प्रोजेक्ट लगाएगी चीनी कंपनी

चीन के कर्ज के जाल में फँसकर पिछले साल अराजकता झेल चुके श्रीलंका में अब चीनी कंपनी तेल के उत्पादन में निवेश करेगी। इसके लिए वह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और भारत के लिए बेहद अहम हंबनटोटा बंदरगाह निवेश करेगी। इस कंपनी नाम सिनोपेक (Sinopec) है। वर्तमान में यह कंपनी श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर बंकरिंग सेवाएँ प्रदान करती है।

सिनोपेक चीन की राजधानी बीजिंग में मुख्यालय वाली चीन की सरकारी तेल कंपनी है। यह तेल और गैस की खोज और उत्पादन में लगी हुई है। यह फॉर्चुन ग्लोबल लिस्ट 2022 में पाँचवें नंबर पर है। यह दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी कंपनी और तीसरी सबसे बड़ी केमिकल कंपनी है। इसे चाइना पेट्रोकेमिकल कॉरपोरेशन के नाम से भी जाना जाता है।

सिनोपेक ग्रुप और चाइना मर्चेंट्स ग्रुप के एक शीर्ष प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में कोलंबो में पेट्रोलियम, बंदरगाह और औद्योगिक पार्क संचालन सहित अन्य व्यापार में सहयोग और निवेश का पता लगाने के लिए श्रीलंका का दौरा किया था। प्रस्तावित निवेश पर दोनों पक्षों के बीच फिलहाल बातचीत चल रही है। हंबनटोटा को पेट्रोलियम वितरण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

लंका इंडियन ऑयल कंपनी इस समय श्रीलंका में रिटेन फ्यूल ट्रेड करने वाली एकमात्र विदेशी कंपनी है। यह भारत की प्रमुख ऑयल कंपनी इंडियन ऑयल की श्रीलंका में सहायक कंपनी है। इसकी स्थापना साल 2003 में की गई थी और आज यह श्रीलंका की आठवीं सबसे बड़ी कंपनी है।

श्रीलंका के बिजली और ऊर्जा मंत्री कंचना विजेसेकरा ने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए देश के खुदरा बाजार में तीन वैश्विक आपूर्तिकर्ता कंपनियाँ प्रवेश करेंगी। प्रस्तावित निवेश को लेकर उन्होंने को ट्वीट किया, “एक बार जब राष्ट्रीय ऊर्जा समिति अपनी मंजूरी दे देती है तो इसे कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा।”

श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने इसके पूर्व वाली सरकार ने 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश के बाद हंबनटोटा को चीन की इस सरकारी कंपनी को 99 साल के लीज पर दे दिया था। इस बंदरगाह शहर में चीन 15,000 एकड़ में औद्योगिक जोन स्थापित करना चाहता है।

वहीं, श्रीलंका ने पूर्वी जिले के बंदरगाह शहर त्रिकोंमाली को दक्षिण एशिया का ऊर्जा हब बनाना चाहता है। इसके लिए उसने समझौता किया है। यह समझौता भारत की सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया द्वारा किया गया है। श्रीलंका को उम्मीद है कि इन दोनों बंदरगाहों के विकास के बाद उसे काफी मुनाफा होगा और वह आर्थिक संकट से निकल जाएगा।

दरअसल, आर्थिक संकट को दूर वित्तीय अनिश्चितता से निकलने के लिए श्रीलंकाई सरकार हाथ-पैर मार रही है। श्रीलंका को वर्तमान में IMF से $2.9 अरब के बेलआउट पैकेज की प्रतीक्षा है। उसे 9 मार्च को इस मामले में श्रीलंका को चीन का समर्थन मिला था।

बता दें कि साल 2018 में चीन की कंपनी ने 1.1 अरब डॉलर का ऋण देकर हंबनटोटा को वर्ष 2117 के लिए खरीद लिया था। श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की सरकार ने हंबनटोटा के निर्माण के लिए चीनी बैंकों से 8 बिलियन डॉलर का ऋण लिया था। महँगा ब्याज चुकाने के कारण श्रीलंका आर्थिक संकट में फँस गया।

श्रीलंका के ऐसे हालात हो गए वहाँ देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और लोगों ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा तक कर लिया। तब भारत ने महत्वपूर्ण पड़ोसी देश होने के नाते भारत ने श्रीलंका को करोड़ों डॉलर की आर्थिक मदद दी थी। श्रीलंका अब भी लिए गए ऋण का भुगतान करने के लिए संघर्ष कर रहा है।

गैंगरेप के लिए नाबालिग ST लड़की का किया अपहरण, शोर मचाने पर गाड़ी से फेंका: झारखंड में अमीरुद्दीन, महबूब और शेख असलम गिरफ्तार

झारखंड के गुमला जिले में जनजातीय समाज की एक नाबालिग लड़की से रेप के प्रयास की खबर है। मामले में तीन आरोपित पकड़े गए हैं। उनके नाम अमीरुद्दीन खान, महबूब खान और शेख असलम हैं। दुष्कर्म में असफल होने पर तीनों ने पीड़िता के साथ मारपीट की और चलते वाहन से उसे नीचे फेंक दिया। घायल पीड़िता का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने तीनों आरोपितों को हिरासत में ले लिया है। घटना गुरुवार (23 मार्च 2023) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चैनपुर थानाक्षेत्र में पहले 13 साल की लड़की का तीनों युवकों ने अपहरण किया और फिर पीड़िता को चैनपुर कॉलेज टोंगरी ले गए। यहाँ तीनों ने पीड़िता से सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास किया। लड़की ने इसका विरोध किया तो तीनों आरोपितो ने उसकी पिटाई कर के मुँह बंद करने की कोशिश की।

बताया जा रहा है कि लड़की के शोर मचाने से घबरा कर तीनों आरोपित भागने लगे। इस दौरान वो लड़की को अपने साथ ले गए। जब लड़की फिर चीखी तो उन्होंने उसको चलती गाड़ी से फेंक दिया जिससे वह घायल हो गई। लड़की को घायल देख कर उसके परिजननो ने उसे संभाला और अस्पताल ले गए। पीड़िता ने घटना की पूरी जानकारी घर वालों को दी और मामले की शिकायत पुलिस में हुई। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। थाने में उनसे पूछताछ की जा रही है।

इस घटना पर भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड सरकार पर निशाना साधा है। बीजेपी के झारखंड प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप ने लिखा, “हेमंत सोरेन सरकार की तुष्टिकरण की नीति के कारण ऐसे तत्वों का दु:साहस चरम पर है।”

My Love, बेबी, मेरी बोट्टा बोम्मा… जैकलीन फर्नांडिस के लिए जेल से महाठग का पत्र, लिखा – तुम्हें मिस कर रहा हूँ, मुझे पता है मेरे लिए तुम्हारा प्यार कभी खत्म नहीं होगा

200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने अपने जन्मदिन पर जैकलीन फर्नांडीस को पत्र लिखा है। इस पत्र में चंद्रशेखर ने कहा है कि वह अपने जन्मदिन पर जैकलीन को बहुत मिस कर रहा है। रोमांटिक अंदाज में लिखे गए इस पत्र में सुकेश चंद्रशेखर ने कहा है कि वह जानता है जैकलीन का प्यार उसके लिए कभी कम नहीं होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अपने जन्मदिन पर सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन फर्नांडीस को लिखे इस पत्र में कहा है, “मेरी बोम्मा (गुड़िया), मैं अपने जन्मदिन पर तुम्हें बहुत मिस कर रहा हूँ। मेरे आसपास तुम्हारी एनर्जी की कमी मुझे खल रही है। मेरे पास कोई शब्द नहीं है। लेकिन मुझे पता है कि मेरे लिए तुम्हारा प्यार कभी खत्म नहीं होगा। मुझे पता है कि तुम्हारे खूबसूरत दिल में मेरे लिए क्या है। मुझे किसी सबूत की जरूरत नहीं है। बेबी, मेरे लिए यह सब बहुत मायने रखता है।”

इस पत्र में उसने आगे कहा है, “मेरी बोट्टा बोम्मा, मैं तुम्हें बहुत याद कर रहा हूँ। तुम जानती हो कि मैं तुमसे कितना प्यार करता हूँ। मेरे जीवन में तुम्हारा होना और तुम्हारा प्यार मेरे लिए सबसे अच्छा गिफ्ट है। लव यू माई बेबी, अपना दिल मुझे देने के लिए धन्यवाद। मैं अपने समर्थकों और परिवार को भी धन्यवाद देता हूँ, जिन्होंने मेरे जन्मदिन पर मुझे बधाई दी है। मुझे जन्मदिन की बधाई देने वाले सैकड़ों खत मिले हैं। इसके लिए मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूँ। धन्यवाद।”

जन्मदिन पर दान करना चाहता था 5 करोड़ 11 लाख रुपए

महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने अपने जन्मदिन पर साथी कैदियों को मदद के नाम पर 5 करोड़ 11 लाख रुपए दान करने की बात कही थी। इसके लिए उसने जेल महानिदेशक (DG) को पत्र लिख अनुमति भी माँगी थी। सुकेश के वकील द्वारा सार्वजनिक किए गए इस पत्र में सुकेश ने लिखा था, “मैं जेल में बंद ऐसे कैदियों की मदद करना चाहता हूँ, जो जमानत मिलने के बावजूद बेल बॉन्ड भरने में सक्षम नहीं हैं और इसके चलते बाहर नहीं आ पा रहे हैं। जेल में कई ऐसे कैदी हैं जो अपने परिवार, बच्चों और उनकी पढ़ाई का खर्च नहीं उठा पा रहे हैं। उनके लिए मैं 5 करोड़ 11 लाख रुपए दान करना चाहता हूँ।”

सुकेश ने आगे लिखा, “मैं 2017 से इस जेल में हूँ और इतने सालों में मैंने निजी तौर पहले भी अपने करीब 400 साथी कैदियों के बेल बॉन्ड भरने और उनके परिवार को सपोर्ट करने के लिए मदद की है। अगर डीजी यह प्रस्ताव स्वीकार कर लेते हैं तो मैं अपने इनकम टैक्स के सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दूँगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह पैसे वैध तरीके से कमाए गए हैं।”

होली पर जैकलीन को दी थी शुभकामनाएँ

बता दें कि इससे पहले होली पर भी सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन फर्नांडीस को पत्र लिखा था। इस पत्र में उसने कहा था “मैं बहुत कमाल की इंसान, शानदार और मेरी सदाबहार जैकलीन को होली की शुभकामनाएँ देता हूँ…. रंगों के त्योहार के दिन मैं तुमसे वादा करता हूँ, जो रंग फीके या गायब हो गए हैं उन्हें 100 बार वापस लाऊँगा। मेरे अंदाज में कहूँ तो यह साल बहुत चमकदार और रौशन होगा। मैं इसे सुनिश्चित करूँगा और यह मेरी ज़िम्मेदारी भी होगी।”

सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन को ‘आई लव यू’ कहते हुए आगे लिखा था, “माई बेबी, हमेशा मुस्कुराती रहो, तुम जानती हो कि तुम मेरे लिए क्या हो, और कितनी अहम हो…लव यू माई प्रिंसेज, मिस यू, माई बी, माई बोम्मा, माई लव।”

‘पत्रकार बनने का नाटक मत करो…’ : प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल सुनकर बौखलाए राहुल गाँधी, रिपोर्टर से कहा- BJP का ठप्पा लगा लो

मोदी सरनेम पर दिए विवादित बयान मामले में गुजरात के सूरत न्यायालय द्वारा सजा मिलने के बाद राहुल गाँधी की संसद सदस्यता रद्द कर दी गई। शुक्रवार (24 मार्च 2023) को सदस्यता जाने के बाद शनिवार (25 मार्च) को राहुल पहली बार मीडिया के सामने आए। हालाँकि पत्रकारों द्वारा सवाल पूछे जाने पर राहुल बौखला गए और पत्रकारों पर बीजेपी के लिए काम करने का आरोप लगाने लगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकार ने राहुल गाँधी से पूछा कि बीजेपी कह रही है आपने पूरे ओबीसी समाज का अपमान किया है। इस पर पूरे देश में प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी है। ऐसा लग रहा था पत्रकार का यह सवाल राहुल गाँधी को पसंद नहीं आया। पूर्व सांसद ने जवाब दिया, “भैया देखिये… पहला अटेंप्ट आपका वहाँ से आया, दूसरा अटेंप्ट यहाँ से आया… आप डायरेक्टली बीजेपी के लिए काम क्यों कर रहे हो? थोड़ी डिस्कशन से करो यार। थोड़ा घूम-घाम कर पूछो। आपको ऑर्डर दिया है क्या? देखो मुस्करा रहे हैं।”

सवाल से बौखलाए राहुल गाँधी ने अंग्रेजी में कहना शुरू किया, “यदि आप बीजेपी के लिए काम करना चाहते हैं तो अपनी छाती पर भाजपा का ठप्पा लगा लो। फिर मैं उसी अनुसार जवाब दूँगा।” उन्होंने गुस्से में कहा कि पत्रकार बनने का नाटक मत करो। इस दौरान पूर्व एमपी के चेहरे से साफ जाहिर हो रहा था कि वे चिढ़ गए हैं।

इस घटना के बाद दूसरे पत्रकार प्रश्न करने की कोशिश करते रहे लेकिन राहुल का ध्यान फिर भी उसी पत्रकार पर था। कुछ देर बाद राहुल उस पत्रकार की तरफ इशारा करते हुए दोबारा कहते हैं, “हवा निकल गई।” और इतना कहकर खुद मुस्कुराने लगते हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गाँधी ने मोदी सरनेम पर सजा मिलने पर कहा कि यह ओबीसी का मामला नहीं है बल्कि मोदी जी और अडानी के रिश्ते का मामला है। उन्होंने कहा कि मोदी जी मेरी अगली स्पीच से डर गए थे। मेरा अगला भाषण अडानी पर होने वाला था। इसलिए वो मेरे अगले भाषण से घबराए हुए थे। पीएम नहीं चाहते संसद में मेरा भाषण हो।

ग्रूमिंग जिहाद गिरोह ने शिकार बनाया, टुकड़े-टुकड़े कर के कबाब पकाया, लोगों को खिला दिया: 14 साल की लड़की के साथ हुई थी हैवानियत, आरोपित हो गए बरी

चार्लीन डाउन्स (Charlene Downes) अगर जीवित होती तो 25 मार्च, 2023 को वह 33 साल की हो गई होती। लेकिन, 1 नवंबर, 2003 को जब वह महज 14 साल की थी तब ब्रिटेन के लंकाशायर में स्थित ब्लैकपूल से अचानक ‘लापता’ हो गई। इस बात की आशंका जताई गई कि ग्रूमिंग जिहाद गिरोह ने उसकी हत्या कर दी। हालाँकि, कथित तौर पर यह भी कहा गया कि उसके शरीर के टुकड़े कर उसका कबाब बनाया गया और एक टेकअवे रेस्ट्रॉं में लोगों को खिला दिया गया।

इस मामले की जाँच कर रही लंकाशायर पुलिस ने शुरुआत में कहा था कि चार्लीन भाग गई है। लेकिन, जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि 14 साल की लड़की के साथ कुछ ऐसा हुआ है जो बेहद डराने वाला था। पुलिस ने इस बात की आशंका जताई थी कि चार्लीन का लापता होना ब्लैकपूल के ग्रूमिंग गिरोहों से जुड़ा हो सकता है। पुलिस ने यह भी पाया कि कम से कम 60 नाबालिग लड़कियों को शहर में टेकअवे में सेक्सुअल गतिविधियों के लिए तैयार किया गया था।

इस मामले में पुलिस ने दो आरोपितों इलियाद अलबतिख और मोहम्मद रेवेशी को गिरफ्तार किया। लेकिन, बाद में अदालत ने सबूतों के अभाव चलते दोनों को बरी कर दिया। साथ ही लंकाशायर पुलिस को मामले को सही तरीके से जाँच नहीं करने को लेकर फटकार भी लगाई गई।

चार्लीन डाउन्स (साभार: dailymail.co.uk)

चार्लीन डाउन्स को लापता हुए अब करीब 20 साल का वक्त निकल चुका है। लेकिन, इसके बाद भी यह मामला अब तक अनसुलझा है। इस घटना को इस तरह से भी देखा जा सकता है कि इस्लामिक ग्रूमिंग गिरोह इंग्लैंड में बिना किसी डर के लगातार ‘ग्रूमिंग जिहाद’ फैला रहे हैं और कई बलात्कारी फरार हैं। इन सबके पीछे एक बड़ी वजह यह भी है कि पुलिस इस्लामवादी आरोपितों के मजहब को खुलकर बताने से डरती है।

कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1 नवंबर, 2003 को दोपहर करीब 3.35 बजे चार्लीन को सीसीटीवी में टाउन सेंटर पर सड़क पार करते हुए देखा गया था। शाम 7.15 बजे, उसकी माँ ने उससे कहा कि वह आर्केड की ओर जा रही है और जल्द ही लौटेगी। रात 9.03 बजे कथित तौर पर चार्लीन को ब्लैकपूल बार के बाहर काले कोट पहने एक महिला के साथ सीसीटीवी में आखिरी बार देखा गया था।

चार्लीन डाउन्स जब अपने घर नहीं लौटी तो उसके घरवालों ने 2 नवंबर 2003 को पुलिस को सूचना दी। पुलिस लगातार जाँच करनी की बात कहती रही। साल 2006 तक पुलिस ने चार्लीन के घरवालों को यह नहीं बताया कि अब मामला सिर्फ लापता होने का नहीं है। बल्कि चार्लीन की हत्या कर दी गई है।

कुछ दिनों बाद, इस मामले में पुलिस ने कहा कि एक बड़ी सफलता उनके हाथ लगी है। पुलिस का कहना था कि उसने एक 51 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो चार्लीन के लापता होने के समय ब्लैकपूल में ही था। लंकाशायर पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा था, “चार्लीन के लापता होने के समय ब्लैकपूल में रहने वाला 51 वर्षीय को हिरासत में लिया गया है।”

इसके बाद, मई 2007 में इस्लामवादी इल्याद अलबतिख और मोहम्मद रेवेशी नामक दो लोगों पर अदालत में मुकदमा चला। अल्बतिख पर चार्लीन की हत्या करने और रेवेशी पर उसके शव को ठिकाने लगाने में मदद करने का आरोप लगाया गया था। लेकिन पुलिस कोर्ट में पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सकी। पुलिस की गलतियों के कारण मामले की सुनवाई बंद कर दी गई। कहा गया कि अब हत्यारे का कभी पता नहीं लगाया जा सकता।

अप्रैल 2008 में पुर्नविचार याचिका दायर की गई। इसकी सुनवाई के समय अदालत को बताया गया कि फास्ट फूड शॉप के मालिक ने मजाक में कहा था कि चार्लीन डाउन्स को काटकर कबाब में डाल दिया गया और लोगों को खिला दिया गया। पुलिस इस बार भी कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी। इसलिए कोर्ट ने दोनों आरोपितों को बरी करते हुए प्रत्येक को £250,000, यानी करीब 2.5 करोड़ रुपए बतौर मुआवजा देने की बात कही।

कोर्ट से मिली फटकार और तमाम आलोचनाएँ झेलने के बाद लंकाशायर पुलिस ने साल 2016 में एक बात फिर से जाँच शुरू की। इस बार पुलिस के हाथ एक नया सीसीटीवी फुटेज लगा। इसमें चार्लीन अपनी बहन रेबेका के साथ घूमते हुए देखी गई थी। पुलिस ने इस सीसीटीवी फुटेज को नवंबर 2016 में सार्वजनिक कर दिया।

चार्लीन डाउन्स के माता-पिता ने लंकाशायर पुलिस पर मामले की जाँच सही तरीके से न करने का आरोप लगाया

चार्लीन डाउन्स के माता-पिता ने साल 2017 में लंकाशायर पुलिस पर मुकदमा दायर कर दिया। दरअसल, उन्हें यह पता चला था कि चार्लीन के अंतिम समय के वीडियो पुलिस के पास बीते 13 सालों से पड़े हुए थे। लेकिन पुलिस ने उस पर ध्यान नहीं दिया। चार्लीन के माता-पिता ने अफसोस जताते हुए कहा कि यदि यह फुटेज पहले मिल गया होता तो जिन दो आरोपितों को कोर्ट ने बरी किया था। शायद वह बरी नहीं होते। चार्लीन की माँ ने पुलिस के खिलाफ मुकदमा करते हुए सार्वजनिक माफी और मुआवजे की माँग की।

चार्लीन की माँ करेन डाउन्स (साभार: dailymail.co.uk)

इस मामले में आरोपितों को पकड़ने के लिए £100000 यानी करीब 10 करोड़ रुपए का इनाम भी रखा गया। लेकिन पुलिस मामले की तह तक नहीं पहुँच पाई। यहाँ तक कि पुलिस यह भी साबित नहीं कर सकी कि उसने जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया था वह चार्लीन की हत्या में संलिप्त थे या नहीं। हालाँकि लंकाशायर पुलिस ने यह कहा था कि इस जाँच के दौरान यह सामने आया है कि इस मामले में मुस्लिम ग्रूमिंग गिरोह शामिल था।

चार्लीन की हत्या के मामले की जाँच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने खुलासा किया कि ब्लैकपूल के रेस्टोरेंट में काम करने वाले लोगों ने कम से कम 60 लड़कियों को सेक्स के लिए ‘ग्रूमिंग जिहाद’ में फँसाया था। पुलिस ने इस मामले को रोशडेल बाल शोषण की घटना की तरह माना। जहाँ लड़कियों को खाने, पीने और सिगरेट के बदले सेक्स के लिए तैयार किया जा रहा था। पुलिस को शक था कि चार्लीन डाउन्स के साथ भी ऐसा ही हुआ होगा। पुलिस ने इस मामले में 4800 से अधिक गवाहों के बयान लिए, लेकिन इसके बाद भी उसके हाथ पूरी तरह खाली है।

आरोपितों से डरकर अधिकारियों ने ढंग से जाँच नहीं की

इस मामले की जाँच में जुलाई 2022 में सामने आया कि इस्लामी ग्रूमिंग गिरोह ने 1000 से अधिक बच्चों का उपयोग ग्रूमिंग जिहाद के लिए किया गया। रिपोर्ट में पाया गया कि मामले की जाँच करने वाली प्रमुख एजेंसियों ने बाल शोषण को बाल वेश्यावृत्ति’ मानने से इनकार कर दिया। एजेंसियों ने इसके लिए न तो बच्चों को दोषी ठहराया और न ही इसके लिए उन्हें फँसाने वाले लोगों को।

जाँच में यह भी सामने आया कि मामले की जाँच रहे अधिकारी आरोपितों से डरे हुए थे। इसलिए उन्होंने सही ढंग से कार्रवाई नहीं की। रिपोर्ट के अनुसार, साल 1989 के बाद से लंकाशायर शहर में एक बड़ा ग्रूमिंग गिरोह काम कर रहा है। ये लोग पुरुष टैक्सी ड्राइवर से लेकर फूड डिलीवरी बॉय बनकर लड़कियों से संपर्क करते थे। फिर उन्हें अपने प्यार के जाल में फँसाते और लड़कियों को लिफ्ट देते थे।

ग्रूमिंग गिरोह के लोग लड़कियों को शराब और सिगरेट ऑफर करते थे और बाद में उन्हें यौन गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित करते थे। बच्चों को विश्वास दिलाया जाता था कि उनके साथ जो कुछ भी हो रहा है सब कुछ एक सामान्य घटना है। शायद ऐसा ही चार्लीन डाउन्स के साथ हुआ। इस्लामवादी ग्रूमिंग गिरोह के जाल में फँसकर एक 14 साल की लड़की ‘लापता’ हुई और अब तक न्याय के इंतजार में है और आरोपित खुले घूम रहे हैं।