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‘बेकसूर… उसे सिर्फ मुस्लिम होने की सजा मिली’ : याद करें ताहिर हुसैन को समर्थन देने वालों के नाम, जो गिरफ्तारी के बाद बिलबिलाए थे, अब साधी चुप्पी

दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगा मामले में आप के पूर्व पार्षद रहे ताहिर हुसैन के खिलाफ कड़कड़डूमा कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। मामला दंगो के दौरान आईबी स्टाफ अंकित शर्मा की हत्या से जुड़ा है। दिल्ली दंगो के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी। इसी हत्या मामले में ताहिर हुसैन समेत 11 अन्य लोगों पर आरोप तय किए गए हैं। बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर ताहिर हुसैन की गिरफ्तारी के बाद उसे बचाने की कोशिश करने वालों पर जबर्दस्त हमला बोला।

कपिल मिश्रा ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “राजदीप, स्वरा भास्कर, अरफ़ा शेरवानी, जावेद अख़्तर, विशाल ददलानी, जुबैर, सायमा, विनोद कापरी जैसे लोग ताहिर हुसैन को विक्टिम बताने की कोशिश कर रहे थे। वे लोग गलती से ऐसा कर रहे थे या सब दंगों की साज़िश का हिस्सा था?”

शेयर किए गए वीडियो में कपिल मिश्रा ने पूछा कि आखिर दिल्ली दंगों के आरोपित और अंकित शर्मा के हत्या में ताहिर हुसैन को किस नियत से बचाया जा रहा था। अपने 1 मिनट 55 सेकेंड के वीडियो में भाजपा नेता ने कई ऐसे नाम गिनवाए जिन्होंने ताहिर हुसैन को विक्टिम साबित कर उसे बचाने की कोशिश की थी।

दिल्ली दंगों में ताहिर हुसैन की भूमिका सामने आने के बाद वामपंथी गिरोह ने ऑर्गनाइज तरीके से मिल रहे सबूतों को नकार दिया था। अपने इकोसिस्टम का इस्तेमाल कर दंगाई को ही विक्टिम बनाने की कोशिश की थी। उदाहरण के लिए साल 2020 में दंगों में ताहिर हुसैन का नाम सामने आने के बाद किए गए कुछ ट्वीट देखिए।

तथाकथित पत्रकार राणा अय्यूब ने 6 मार्च 2020 को लिखा, “ताहिर हुसैन गिरफ्तार कर लिया गया। कपिल मिश्रा को Y+ स्तर की सुरक्षा दी गई। अनुराग ठाकुर स्वतंत्र हैं। अमित शाह से सवाल पूछने वाला कोई नहीं है। मोदी के नाम का जश्न मनाया जा रहा है। इसे ही मेजोरिटी प्रिविलेज (बहुसंख्यक विशेषाधिकार) कहा जाता है।”

पत्रकार राजदीप सरदेसाई को इस बात से आपत्ति हो गई कि लोग अंकित शर्मा के नृशंस हत्या की बात क्यों कर रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया कि दिल्ली दंगों में अब तक 35 लोगों की मौत हो गई है। लेकिन दक्षिणपंथियों के लिए सिर्फ अंकित शर्मा की हत्या मायने रखती है क्योंकि आरोपित ताहिर हुसैन है।

फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने ट्वीट कर ताहिर हुसैन, उमर खालिद और खालिद सैफी को बेकसूर बताने की कोशिश की। कश्यप ने लिखा कि दिल्ली पुलिस के अनुसार 8 जनवरी को तत्कालिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के समय देश का माहौल खराब करने के लिए ताहिर, उमर और खालिद ने दंगो की साजिश रची। जबकि ट्रंप के दौरे की जानकारी 13 जनवरी को दी गई थी।

इसी तरह बॉलीवुड गायक और म्यूजिक कंपोजर विशाल ददलानी ने भी ताहिर हुसैन को बेकसूर बताया। विशाल ने ट्विटर पर लिखा कि दंगो में शामिल कोई शख्स पुलिस को फोन क्यों करेगा।

साक्षी जोशी ने भी पुलिस को फोन करने के आधार पर ताहिर हुसैन को बेकसूर ठहराया। साक्षी जोशी के पति विनोद कापरी ने भी पुलिस को फोन करने के आधार पर ताहिर हुसैन को बेकसूर बताने की कोशिश कर रहे थे।

उन्होंने लिखा, “वीडियो तो दंगों के वक्त का ही है, ये साफ है। ताहिर दंगों में शामिल था तो वो बार बार पुलिस को अपने घर क्यों बुला रहा था? पुलिस ने भी तस्दीक़ (पुष्टि) की है कि ताहिर ने उन्हें कई बार फोन किया था।”

इन सब से 2 कदम आगे बढ़ते हुए आरफा खानम शेरवानी ने ताहिर हुसैन का इंटरव्यू किया। यह साक्षात्कार तब किया गया जब दिल्ली पुलिस ताहिर हुसैन की तलाश कर रही थी। उसने दंगाई ताहिर को कानून का पालन करने वाला नागरिक दिखाने की कोशिश की। आरफा ने साक्षात्कार के लिंक को ट्विटर पर शेयर किया। उसने लिखा, “कोर्ट द्वारा आत्मसमर्पण याचिका रद्द कर दी गई है। ताहिर हुसैन को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।” ताहिर हुसैन ने ‘द वायर’ से कहा था, “मुझे अपनी न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने जा रहा हूँ। पूरा इंटर्वयू यहाँ देखें।”

बॉलीवुड गीतकार जावेद अख्तर ने दिल्ली पुलिस को कोसते हुए लिखा था कि दंगो में कई लोग मारे गए, कई घायल हुए, कई घर जला दिए गए, दुकानें लूट ली गईं, बहुत सारे लोग बेसहारा हो गए लेकिन दिल्ली पुलिस ने केवल एक घर सील किया। उस घर के मालिक का नाम है ताहिर हुसैन।

आम आदमी पार्टी नेता अमानतुल्लाह खान ने भी ताहिर हुसैन की बचाव में कई ट्वीट किए। अमानतुल्लाह ने मुस्लिम कार्ड खेलते हुए लिखा कि ताहिर आज मस्लिम होने की सजा पा रहा है। एक अन्य ट्वीट में अमानतुल्ला ने लिखा कि बीजेपी अपने लोगों को बचा रही है और आम आदमी पार्टी को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।

बता दें कि ताहिर हुसैन ने न्यायिक हिरासत के दौरान अपना गुनाह कबूला था। उसने खुलासा करते हुए बताया था कि वो CAA के समर्थकों को सबक सिखाना चाहता था। इसलिए साथियों के साथ मिलकर दंगो की प्लानिंग की थी। 23 मार्च 2023 को कोर्ट ने माना कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में साजिश के तहत हिंदुओं पर हमले किए गए। ताहिर हुसैन इस साजिश में शामिल था। ताहिर हुसैन के अलावा हसीन, नाजिम, कासिम, समीर खान, अनस, फिरोज, जावेद, गुलफाम, शोएब आलम और मुंतजिम हिंसा में शामिल थे।

‘हिंदू धर्म नीच, सब तड़पकर मरोगे’: इंदौर में ग्रामीणों को धर्मांतरण के लिए उकसाने वाला ईसाई युवक गिरफ्तार, पैसों का देता था लालच

मध्य प्रदेश के इंदौर में धर्मांतरण के लिए प्रलोभन तथा धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि राहुल बरगुंडा नामक व्यक्ति हिंदू धर्म को ‘नीच’ बताते हुए लोगों को बरगला रहा था और धर्मांतरण के लिए 1-1 लाख रुपए नकद देने व रोग ठीक करने की बात कर रहा था। मामला गुरुवार (23 मार्च 2023) का है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंदौर के खुड़ैल थाना क्षेत्र में राहुल बरगुंडा नामक ईसाई युवक ग्रामीणों को धर्मांतरण के लिए बरगला रहा था। उसने एक घर में करीब 24 लोगों को इकट्ठा किया था, जहाँ भोले-भाले ग्रामीणों को ईसाई बनाने के लिए 1-1 लाख रुपए देने की बात कह रहा था। बरगुंडा पर आरोप है कि उसने हिंदू धर्म और देवी-देवताओं को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की है।

लोगों को धर्मांतरण का शिकार बनाने के लिए राहुल कहता था, “हिंदू धर्म नीच है। इस धर्म का विकास नहीं हो पाएगा। तुम लोग इस धर्म में कभी भी सुखी नहीं रह पाओगे। यीशु का यह संदेश है कि उनकी शरण में आने से सब ठीक हो जाएगा। प्रभु यीशु ही सत्य है। उसकी शरण में आ जाओ, नहीं तो सब लोग तड़प-तड़प कर मर जाओगे। जल्द ही बहुत सारी बीमारियाँ आने वाली हैं। प्रभु यीशु ने सबके लिए स्वर्ग की सीढ़ी भेजी है। ईसाई में शामिल हो जाओ। यहाँ सबका स्वागत है।”

धर्मांतरण के लिए लोगों को बरगलाने और हिंदू धर्म का अपमान करने की जानकारी मिलने के बाद तेलिया खेड़ी निवासी रोहित कनोसिया ने शिकायत की। रोहित ने पुलिस को बताया है कि आरोपित राहुल बरगुंडा धर्मांतरण कराने के उद्देश्य से बीते कई दिनों से इस क्षेत्र में आ रहा है। वह लोगों से कहता था कि वह उनके रोग ठीक कर सकता है और उन्हें पैसे दिलवा सकता है।

वह मिशनरी स्कूल में मुफ्त में पढ़ाई और हॉस्पिटल में फ्री में इलाज का भी वादा करता था। आरोपित राहुल की हिंदू विरोधी बातें और धर्मांतरण की गतिविधियों से तंग आकर रोहित कनोसिया ने इसकी जानकारी हिंदूवादी संगठन के साथियों को दी। इसके बाद लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।

पुलिस ने धर्मांतरण के लिए दवाब बनाने के आरोपित राहुल बरगुंडा के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, टीआई अजय गुर्जर का कहना है कि आरोपित राहुल से पूछताछ की जा रही है। वह हिंदू से ईसाई बना है। उसके धर्मांतरण के पीछे किसका हाथ है, इसकी भी जाँच की जाएगी।

इससे पहले गत 5 मार्च 2023 को भी खुड़ैल थाना क्षेत्र से धर्मांतरण का एक और मामला सामने आया था। यहाँ पीड़ित ने क्रिस नार्मन बेबर्ता नामक ईसाई युवक पर धर्मांतरण के लिए दवाब बनाने तथा डराने का आरोप लगाया था। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की।

फूल बेचने वाले ने गुरुग्राम में शुरू किया कैफे, हनुमान चालीसा पाठ से बना हाॅटस्पाॅट: मिलिए विवेक गुलाटी से, जानिए कैसे शुरू हुआ आध्यात्मिक जैमिंग

सोशल मीडिया में आध्यात्मिक जैमिंग का एक वीडियो वायरल है। वीडियो में युवाओं के एक समूह को ढोल, गिटार व अन्य वाद्य यंत्रों के साथ एक कैफे में संगीतमय अंदाज में हनुमान चालीसा का पाठ करते सुना जा सकता है। ‘केक डिजायर’ नाम का यह कैफे गुरुग्राम के सेक्टर 22 के मार्केट में है। इसके मालिक विवेक गुलाटी हैं। आध्यात्मिक जैमिंग उनके ही दिमाग की उपज है और इससे जुड़े युवाओं का वही नेतृत्व कर रहे हैं।

40 साल के गुलाटी ने ऑपइंडिया से बातचीत में अपनी अपनी सफलता को हनुमान जी की कृपा बताया। हमने भी उन्हें काॅल किया तो पाया कि उनके मोबाइल फोन की कॉलर ट्यून में भी हनुमान चालीसा लगी हुई थी। गुलाटी के अनुसार करीब 10 साल से उनके मोबाइल का कॉलर ट्यून हनुमान चालीसा ही है। मूल रूप से गाजियाबाद के रहने वाले गुलाटी करीब 20 साल पहले बिजनेस के सिलसिले में गुरुग्राम में आकर बस गए थे।

‘आर्टिस्ट चौक’ से जुड़े युवाओं के साथ कैफे मालिक विवेक गुलाटी

कभी बेचते थे फूल, आज तीन कैफे

अपने व्यवसायिक संघर्ष के बारे में बात करते हुए गुलाटी ने बताया कि गाजियाबाद से शिफ्ट होने के बाद लम्बे समय तक उन्होंने गुरुग्राम में फूल बेचे। 5 साल पहले एक बेकरी शॉप खोली। लेकिन कोरोना लॉकडाउन में उस पर ताला लग गया। कोरोना के बाद हालात सामान्य होने पर उन्होंने कैफे खोला। वे कहते हैं, “आज गुरुग्राम में मेरे 3 कैफे हैं। सब हनुमान जी की कृपा है।”

कैसे शुरू हुआ आध्यात्मिक जैमिंग

हनुमान चालीसा का वायरल वीडियो मंगलवार (14 मार्च 2021) का है। गुलाटी ने बताया कि दो सप्ताह पहले ही मंगलवार को कैफे में पाठ की शुरुआत हुई है। उनके साथ करीब 50 युवा जुड़े हुए हैं। ये ऐसे आर्टिस्ट हैं जो या तो अभाव में जी रहे हैं या कैरियर में बड़े मौके के लिए संघर्ष कर रहे हैं। युवाओं के इस समूह को ‘आर्टिस्ट चौक’ का नाम दिया गया है। इससे जुड़े युवा दिल्ली NCR से हैं।

गुलाटी ने बताया कि हनुमान चालीसा पाठ से कैफे में आने वाले ग्राहक भी सुकून महसूस करते हैं। वैसे उनके कैफे में फ़िल्मी गाने भी चलते हैं। लेकिन अब मंगलवार का दिन उन्होंने पूरी तरह हनुमान जी नाम समर्पित कर दिया है। उस दिन शाम करीब 7 बजे से रात के 9:30 बजे तक आध्यात्मिक जैमिंग चलता है। गुलाटी की योजना आध्यात्मिक जैमिंग से जुड़े युवाओं के साथ अयोध्या से रामेश्वरम की यात्रा करने का भी है।

दरभंगा के एक मोहल्ले में लगा ‘हिंदू राष्ट्र’ लिखा झंडा, पुलिस ने ‘आपत्तिजनक पोस्टर’ बता दर्ज किया केस: मुस्लिम संगठन ने पत्र लिखकर चेताया था

बिहार के दरभंगा में नवरात्रि पर ‘हिंदू राष्ट्र’ का बैनर लगाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार वाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने ‘हिंदू राष्ट्र’ के बैनर को आपत्तिजनक और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वाला बताया है। दरअसल, इस बैनर के बारे में एक मुस्लिम संगठन ने शिकायत की थी। इसके बाद रमजान में पुलिस ने ये एक्शन लिया है।

इसको लेकर दरभंगा पुलिस ने ट्वीट भी किया है। अपने ट्वीट में पुलिस ने लिखा, “दिनांक 23.03.23 को दरभंगा जिला के लहेरियासराय थाना अंतर्गत मुहल्ला मौलागंज में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा नवरात्रि के अवसर पर आपत्तिजनक पोस्टर/बैनर लगाकर समाजिक एवं धार्मिक सदभाव बिगाड़ने को लेकर 4 नामजद अभियुक्त एवं 100 अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।”

इस संबंध में ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां नाम के एक संगठन ने शिकायत की थी। इस संगठन ने 22 मार्च 2023 को दरभंगा के जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र लिखा था। इस संगठन ने कहा था कि हिंदू राष्ट्र का बैनर लगाकर इलाके में अमन शांति भंग करने की कोशिश की जा रही है।

मुस्लिम बेदारी के अध्यक्ष किसी नजरे आलम की ओर से पत्र में लिखा गया था, “दरभंगा शहर के मुहल्ला मौलागंज में हिंदू राष्ट्र का बैनर लगाकर समाज में बेचैनी पैदा कर दी गई है। बैनर के लगने से अमन शांति को खतरा हो सकता है। भारत सभी धर्मों के मानने वाले और समुदायों का देश है। यह देश हिंदू राष्ट्र कैसे हो सकता है।”

चुनावी मौसम और वोटबैंक की राजनीति को देखते हुए पुलिस तत्काल कार्रवाई की और इस मामले में 4 नामजद लोगों और 100 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हालाँकि, पुलिस की इस कार्रवाई पर सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं और बिहार सरकार को फटकार रहे हैं।

पाकिस्तान में रमजान के पहले दिन गैस सप्लाई बंद: कोयले पर बना खाना, कराची में चूल्हों से सिर्फ दुर्गंध निकली

इस्लामी मुल्क पाकिस्तान की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। बढ़ती महंगाई और बिजली संकट के बाद पाकिस्तानियों को गैस की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। प्राकृतिक गैस की कमी से कराची, क्वेटा और रावलपिंडी जैसे प्रमुख शहरों के लोग परेशान हैं। रमजान के पहले ही दिन गैस की किल्लत झेल रहे लोगों का चूल्हा नहीं जल सका।

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों की मानें तो कराची समेत पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में कई महीनों से गैस की सप्लाई प्रभावित है। ऐसे में रमजान का चाँद नजर आने के बाद लोगों के घरों में होने वाली गैस की सप्लाई बंद हो गई। सप्लाई में कमी के बाद लोगों ने इसकी शिकायत सरकार से की थी। सरकार की तरफ से भरोसा दिलाया गया था कि सहरी और इफ्तार से पहले उपभोक्ताओं के लिए गैस उपलब्ध होगी।

रमजान के पहले दिन पड़ोसी मुल्क के प्रमुख शहरों में उपभोक्ताओं ने दिन भर गैस सप्लाई बंद रहने और कम गैस प्रेशर की शिकायत की। पाकिस्तान में प्राकृतिक गैस की सप्लाई करने वाली सुई साउदर्न गैस कंपनी (Sui Southern Gas Company) ने गैस प्रोफाइलिंग (गैस सप्लाई करने का समय) निर्धारित किया था। कंपनी ने उपभोक्ताओं से सहरी और इफ्तारी के लिए गैस सप्लाई का वादा किया था।

SSGC की तरफ से कहा जा रहा है कि देश के गैस भंडार में भारी कमी की वजह से सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसलिए बेहतर गैस दबाव के लिए कई घंटों तक सप्लाई रोकनी पड़ेगी। कराची की रहने वाली सबा नावेद का कहना है कि उनके यहाँ 4 महीनों से गैस की सप्लाई नहीं हो रही है। चूल्हा जलाने की कोशिश करने पर गैस की जगह सिर्फ दुर्गंध आती है। खाना बनाने के लिए परिवार 2.5 किलोग्राम का सिलेंडर इस्तेमाल कर रहा है। इसे भराने में 600 रुपए खर्च होते हैं। महीने में 2 बार इसे भराना पड़ता है।

इसी तरह रावलपिंडी में भी गैस सप्लाई न हो पाने के कारण लोग कोयले पर खाना बनाने को मजबूर हैं। क्वेटा के लोगों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि गैस की सप्लाई न होने के कारण सेहरी के लिए कुछ पका नहीं सके। परेशान लोगों का कहना है कि लगातार शिकायत के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। वहीं एसएसजीसी कंपनी की तरफ से कहा गया है कि एक ही वक्त पर लाखों स्टोव जलाए जाने की वजह से प्रेशर का कम होना स्वभाविक है।

परिणीति चोपड़ा का नाम सुन खिल उठा राघव चड्ढा का चेहरा: पत्रकारों से बोले- मुझसे बस राजनीति पर सवाल करिए, शादी आपको बताकर करूँगा

आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा (Raghav Chadha) और बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा (Parineeti Chopra) को मुंबई में एक साथ स्पॉट किए जाने के बाद से दोनों की शादी के कयास लगाए जा रहे हैं। इस बारे में राघव चड्ढा से सवाल पूछा गया तो उन्होंने शर्माते हुए कहा, “आप मुझसे राजनीति पर सवाल करिए, परिणीति पर नहीं।”

जब उनसे सवाल किया गया कि जो परिणीति के बारे में सवाल कर रहे हैं उनको आप क्या जवाब देंगे। इस पर राघव ने मुस्कुराते हुए कहा कि आपको जवाब देंगे। उनसे आगे यह पूछा गया कि आपकी मुस्कुराहट से और कयास लगेंगे, तो राघव ने थैंक्यू कहकर बात खत्म कर दी और कार में बैठकर चले गए।

एक अन्य वीडियो में पत्रकार ने उनसे यह भी पूछा कि आपको मुंबई में परिणीति के साथ घूमते हुए देखा गया है, तो राघव शरमा गए। पत्रकार ने उनसे फिर पूछा कि क्या आप शादी नहीं कर रहे हैं। इस सवाल के जवाब में आप नेता ने कहा, “आपको बताएँगे, तब शादी करेंगे।” आप इस पर इतना सस्पेंस क्यों बना रहे हैं, इसके जवाब में राघव ने कहा कि वह कोई सस्पेंस नहीं बना रहे हैं, जब शादी करेंगे तो इसके बारे में जरूर बताएँगे।

बता दें कि राघव चड्ढा और परिणीति चोपड़ा को मुंबई में गुरुवार (23 मार्च 2023) शाम एक रेस्टोरेंट के बाहर देखा गया था। यहाँ ये दोनों व्हाइट शर्ट पहने हुए दिखाई दिए थे। सोशल मीडिया पर इनकी तस्वीरें वायरल होने के बाद दोनों के एक-दूसरे को डेट करने के कयास लगाए जाने लगे। हालाँकि, अभी तक दोनों में से किसी ने भी इस पर खुल कर कोई बयान नहीं दिया है। एक अन्य वीडियो में भी दोनों को गाड़ी में बैठते हुए देखा गया था। इस दौरान राघव चड्ढा मीडिया में ज्यादा दिलचस्पी न दिखाते हुए आगे बढ़ते हुए और परिणीति चोपड़ा गाड़ी में बैठने से पहले पोज देती हुई नजर आई थीं।

उमेश पाल का ‘दोस्त’ मोहम्मद सजर ही था अतीक अहमद का मुखबिर: कभी साथ चलाता था ऑटो, पड़ोस में रहकर रखता था नजर

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुई उमेश पाल की हत्या के मामले में आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने मंगलवार (21 मार्च 2023) को अतीक अहमद गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इन लोगों से हुई पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उमेश पाल की हत्या की मुखबिरी उनके बचपन के दोस्त और पड़ोसी मोहम्मद सजर ने की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उमेश पाल हत्याकांड की जाँच कर रही पुलिस ने प्रयागराज के सूबेदारगंज से हत्या में मददगार रहे 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें जयंतीपुर सुलेमसराय निवासी मोहम्मद सजर का नाम भी शामिल है। मोहम्मद सजर ने उमेश पाल की हत्या में मुखबिरी की थी। सजर उमेश पाल का बचपन का दोस्त है।

दो दशक पहले जब उमेश पाल ऑटो चलाते थे, तब मोहम्मद सजर भी उनकी ही तरह ऑटो ड्राइवर था। उसका मकान भी उमेश पाल के घर के पास ही है। इसके कारण उमेश और सजर का रोज मिलना-जुलना होता था। इस तरह दोनों में दोस्ती भी थी।

कहा जा रहा है कि विधायक रहे राजू पाल की हत्या के बाद उमेश पाल को भी अतीक अहमद से अपनी जान का खतरा था। इस कारण वह बहुत जरूरी होने पर ही कहीं आते-जाते थे। साथ ही वह अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद सजग भी रहते थे, लेकिन बचपन के दोस्त और पड़ोसी की मुखबिरी के आगे उनकी सजगता पूरी तरह फेल हो गई।

रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि मोहम्मद सजर अक्सर पान और किराने की दुकान पर खड़ा रहता था। इस दौरान उसकी नजर उमेश पाल पर ही रहती थी। हत्या के दिन 24 फरवरी 2023 को भी सजर ने अतीक द्वारा दिए गए आईफोन के जरिए ही शूटरों को उमेश पाल की लोकेशन बताई थी। इसके बाद अतीक के गुर्गों ने उमेश पाल और उनके दो सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी।

क्या है मामला…

बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक रहे राजू पाल हत्याकांड के प्रमुख गवाह उमेश पाल की 24 फरवरी 2023 को हत्या कर दी गई थी। गोली और बम से किए गए हमले में उमेश पाल के गनर संदीप निषाद और राघवेंद्र सिंह की भी मौत हो गई थी। जिस समय हत्या को अंजाम दिया गया, उस समय उमेश पाल कोर्ट से गवाही देकर घर लौटे थे।

इस मामले में पुलिस ने अब तक कई आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं, कुछ आरोपित पुलिस मुठभेड़ में भी ढेर हुए हैं। कुछ फरार भी है। इस घटना का मुख्य शूटर और अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन तथा बेटे अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने इन पर इनाम घोषित किया है।

हिंदू धर्म अपनाकर सायमा और खुशनुमा ने अपने-अपने प्रेमियों संग की शादी: बोली- अब तीन तलाक का डर नहीं, सुरक्षा की भी माँग

उत्तर प्रदेश से दो महिलाओं ने घरवापसी (Ghar Wapasi) करके अपने हिंदू प्रेमियों से शादी कर ली। पहला मामला बरेली का है। यहाँ की रहने वाली सायमा हिंदू धर्म अपनाकर शालिनी बन गई है और गुरुवार (23 मार्च 2023) को अपने प्रेमी शरद के साथ विवाह कर लिया। दूसरा मामला औरैया जिले का है। सहबाजपुर क्षेत्र की रहने वाली खुशनुमा ने खुशबू बनकर अपने हिंदू प्रेमी अमन से शादी रचाई और मंदिर में पूजा-अर्चना की।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बरेली के देवरनिया थाना क्षेत्र के गाँव रहपुरा की निवासी शालिनी और उसके प्रेमी शरद उर्फ विपिन कुमार बालिग हैं और सहमति से विवाह किया है। उन्होंने इसका दस्तावेज भी दिखाए हैं। सायमा ने बताया कि हिंदू धर्म में उसकी पहले से ही आस्था है। अब शरद से शादी करने के बाद उसे तीन तलाक का डर भी नहीं रहेगा।

बताया जा रहा है कि इन दोनों के घर गाँव में आसपास है। ये काफी समय से एक-दूसरे को चाहते थे, लेकिन दोनों के परिवार वाले उनकी शादी के खिलाफ थे। इसके बाद दोनों ने मंदिर में शादी करने का निर्णय लिया। शालिनी ने सीएम योगी आदित्यनाथ और बरेली प्रशासन से सुरक्षा की माँग की भी माँग की है। शालिनी ने कहा कि उसे और उसके पति को कुछ होता है तो इसके जिम्मेदार उसके पिता और भाई होंगे।

वहीं, ओरैया की खुशबू का कहना है कि वह अमन से बहुत प्यार करती है। काफी समय से उससे शादी का प्रयास कर रही थी। इसके लिए दोनों अपने घरवालों को समझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन कभी धर्म तो कभी किसी और बात के कारण उनका विवाह नहीं हो पा रहा था।

दोनों का कहना है कि उन्होंने कुछ बड़े लोगों से गुहार लगाई और उन्होंने उनकी बात सुनी। इसके बाद अमन और खुशबू ने मंदिर में 7 फेरे लिए। खुशबू एक हॉस्पिटल में काम करती थी। यहीं पर फफूँद के गाँव भर्रापुर का लड़का अमन भी काम करता था। वह दिव्यांग है। काम के दौरान दोनों में बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे प्यार में बदल गई।

खुशबू बताती हैं, “मेरे घरवाले इस शादी के लिए बिल्कुल भी नहीं मान रहे थे। अमन ने भी अपने घर वालों को बताया तो वो भी इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद मैंने विधायक गुड़िया कठेरिया से हमारी शादी के लिए गुहार लगाई। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया कि हम आपकी शादी कराएँगे।”

उन्होंने आगे कहा, “विधायक के आश्वासन के बाद हमें कुछ तसल्ली हुई। इसके बाद विधायक ने दोनों के परिवार वालों से बातचीत की। फिर हमारे परिवार वाले शादी के लिए राजी हो गए। हमने मंदिर में हिंदू रीति रिवाज से शादी की। विधायक ने शादी में पहुँचकर हमें आशीर्वाद भी दिया।”

‘क्या अंकित शर्मा की हत्या के बारे में जानते थे संजय सिंह, ताहिर हुसैन से फोन पर हो रही थी बात’: AAP सांसद से कपिल मिश्रा ने पूछे कठिन सवाल

साल 2020 में दिल्ली में हिंदू विरोधी दंगे हुए थे। इन दंगों में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने गुरुवार (23 मार्च 2023) को AAP नेता ताहिर हुसैन समेत 11 लोगों के खिलाफ हत्या और साजिश रचने के आरोप तय किए हैं। इसके बाद BJP प्रवक्ता कपिल मिश्रा ने एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में उन्होंने दिल्ली दंगों के दौरान AAP नेता संजय सिंह की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

ताहिर हुसैन के खिलाफ आरोप तय होने के बाद शुक्रवार (24 मार्च) को कपिल मिश्रा ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने कहा है, “अदालत के फैसले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे हिंदुओं को मार कर भगाने की साजिश के तहत रचे गए थे। ताहिर हुसैन और उमर खालिद जैसे लोग उस साजिश का हिस्सा थे।”

उन्होंने आगे कहा है, “ताहिर हुसैन के घर की छत पर बम, पेट्रोल गुलेल जैसी चीजें मिलीं थीं। इसके वीडियो भी मैंने शेयर किए थे। लेकिन तब देश के कई बड़े लोग ताहिर हुसैन को बचाने की कोशिश कर रहे थे। दिल्ली दंगों का दूसरा ही चेहरा दिखाने की कोशिश कर रहे थे। अब कोर्ट के फैसले के बाद सवाल यह उठता है कि जो लोग ताहिर हुसैन जैसे लोगों को बचा रहे थे, उनकी नियत क्या थी?”

कपिल मिश्रा ने आगे कहा है, “सबसे बड़ा सवाल आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह पर उठता है। संजय सिंह मीडिया के सामने आकर बार-बार कह रहे थे कि ताहिर हुसैन लगातार उनके संपर्क में था और फोन पर बात कर रहा था। इसका मतलब यह है कि जब ताहिर हुसैन के घर में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या की जा रही थी, तब ताहिर हुसैन और संजय सिंह एक दूसरे से फोन पर बात कर रहे थे। अब सवाल यह है कि क्या संजय सिंह को अंकित शर्मा की हत्या के बारे में पता था? क्या संजय सिंह ने जानबूझकर इस पूरे अपराध पर पर्दा डालने के लिए मीडिया के सामने झूठे बयान दिए?”

उन्होंने आम आदमी पार्टी पर सवाल उठाते हुए कहा है, “अमानतुल्लाह खान से लेकर संजय सिंह तक आम आदमी पार्टी के पूरे नेतृत्व पर यह गंभीर सवाल है। आखिर दिल्ली दंगों के आरोपितों को बचाने की कोशिश क्यों कर रहे थे? क्या ये लोग भी इस षड्यंत्र में शामिल थे? मुझे लगता है कि दिल्ली की जनता को इन सवालों के जवाब मिलने चाहिए। संजय सिंह को सामने आकर यह बताना चाहिए कि वह एक हत्यारे को बचाने का बेशर्म प्रयास क्यों कर रहे थे?”

कोर्ट ने ताहिर हुसैन के खिलाफ किए आरोप तय

बता दें कि दिल्ली दंगों के दौरान हिंदुओं को निशाना बनाकर की गई हिंसा के बाद अंकित शर्मा का शव दिल्ली के एक नाले से बरामद किया गया था। इस मामले में कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत 11 लोगों पर IPC की धारा 147, 148, 153 ए, 302, 365, 120 बी, 149 और 188 के तहत आरोप तय किए हैं। ताहिर हुसैन पर आईपीसी की धारा 104, 109 और 505 के तहत भी आरोप तय किए गए।

ताहिर हुसैन के खिलाफ आरोप तय करते हुए अदालत ने कहा है, “ताहिर हुसैन लगातार इस भीड़ की निगरानी करते हुए लोगों को उकसा रहा था। सब कुछ हिंदुओं को निशाना बनाने के उद्देश्य से किया गया। भीड़ में इकट्ठा हुआ हर व्यक्ति हिंदुओं को निशाना बनाना चाहता था।”

संजय सिंह ने किया था ताहिर हुसैन का बचाव

फरवरी 2020 में, AAP नेता संजय सिंह ने अपनी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन का बचाव करने के लिए मीडिया के सामने दावा किया था कि ताहिर हुसैन पुलिस को फोन कर रहा था। संजय सिंह ने एक बयान में दावा किया था, “ताहिर हुसैन पहले ही अपना बयान दे चुका है। इसमें उसने कहा है कि दंगों के दौरान उसने पुलिस से सुरक्षा माँगी थी। पुलिस आठ घंटे देरी से आई और उसके परिवार को उसके घर से बचाया।”

संजय सिंह ने यह भी दावा किया था, “पुलिस ने ताहिर हुसैन और उसके परिवार को उनके घर से बाहर निकलने में मदद की। वह दो दिन से घर पर नहीं था। जब वह घर में नहीं था, तो पत्थरों और अन्य चीजों पर सवाल नहीं उठना चाहिए।”

संजय सिंह ने ताहिर हुसैन का बचाव करते हुए पुलिस पर दंगे रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था, ”पुलिस ने कार्रवाई समय पर नहीं की, यह निश्चित रूप से एक गंभीर गलती है, देर क्यों हुई, किसकी वजह से हुई यह सब जाँच का विषय है।”

दिल्ली दंगों के दौरान संजय सिंह के संपर्क में था ताहिर हुसैन

AAP पूर्व पार्षद और दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों के आरोपित ताहिर हुसैन ने स्वीकार किया था कि वह फोन के पर संजय सिंह के साथ लगातार संपर्क में था। उसने बीबीसी हिंदी को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, “दंगों के दौरान मैंने संजय सिंह से बात की थी। उन्होंने मुझे खुद को सुरक्षित रखने के लिए कहा था। संजय सिंह ने कहा था कि वह जल्द से जल्द मदद भेजने की कोशिश करेंगे। उन्होंने डीसीपी को तीन बार फोन किया… अगर संजय भाई इतने सक्रिय नहीं होते तो पुलिस यहाँ कभी नहीं आती।”

न्यूज 18 को दिए एक इंटरव्यू में ताहिर हुसैन ने यह भी स्वीकार किया था कि दंगों के दौरान उसने संजय सिंह से मदद माँगी थी। इससे पहले ऑपइंडिया को मिले दस्तावेजों में खुलासा हुआ था कि पीएफआई का दिल्ली प्रमुख लगातार AAP नेता संजय सिंह और कॉन्ग्रेस नेता उदित राज के संपर्क में था।

लंदन में खालिस्तानियों का हमला, दिल्ली में UAPA के तहत केसः भारतीय उच्चायोग को बनाया था निशाना, एक्शन में गृह मंत्रालय

भगोड़े अमृतपाल सिंह पर कार्रवाई से तिलमिलाए खालिस्तान समर्थकों ने रविवार (19 मार्च 2023) को लंदन में स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन किया था। इस दौरान खालिस्तानियों ने तिरंगा निकालकर खालिस्तानी झंडा लगाने भी कोशिश की थी। इस मामले में गृह मंत्रालय के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने UAPA और PDPP एक्ट समेत अन्य संगीन धाराओं में FIR दर्ज की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विरोध प्रदर्शन को लेकर विदेश मंत्रालय ने गृह मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपी थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि लंदन में हुए विरोध प्रदर्शन में भारतीय नागरिक भी शामिल हुए थे। इस रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय ने स्पेशल सेल को मामले की जाँच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की है।

FIR में आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा, गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम (UAPA) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से रोकथाम अधिनियम (PDPP) एक्ट की धाराएँ लगाई गई हैं। चूँकि विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए लोगों में से कुछ लोग भारतीय नागरिक भी थे। ऐसे में स्पेशल सेल इनके खिलाफ भारतीय कानून के तहत कार्रवाई करेगा।

भारतीय उच्चायोग के सामने हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अपमान करने के आरोप में लंदन पुलिस ने एक खालिस्तानी को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान अवतार सिंह खंडा के रूप में हुई है। वह प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का सदस्य है। वहीं, अमृतपाल को लेकर भारत में चल रही जाँच में भी खंडा का नाम सामने आया है। कहा जा रहा है कि वह अमृतपाल सिंह का हैंडलर है।

क्या है मामला…

दरअसल, खालिस्तान समर्थक भगोड़े अमृतपाल के खिलाफ भारत में कार्रवाई हो रही है। इस कार्रवाई के विरोध में खालिस्तान समर्थकों ने ब्रिटेन की राजधानी लंदन में स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के दौरान खालिस्तानियों ने उच्चायोग में लगे भारतीय तिरंगे को निकाल कर फेंक दिया था।

उन्होंने खालिस्तानी झंडा लगाने की भी कोशिश की थी। इस दौरान खालिस्तानियों ने उच्चायोग में तोड़फोड़ की भी कोशिश की थी। इस घटना के बाद भारत ने अंग्रेजी राजदूत को तलब करते हुए सख्ती दिखाई थी। इसके बाद राजदूत समेत ब्रिटेन के विदेश मंत्री और लंदन के मेयर ने घटना की निंदा की थी।