राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के 5 अलग-अलग हिस्सों में छापेमारी की है। यह छापेमारी अंतर्राष्ट्रीय आतंकी समूह ISIS से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ की गई है। बताया जा रहा है कि NIA को मौलाना अब्दुल अज़ीज़ सलाफी और उसकी गैंग की तलाश है जो यूट्यूब पर भड़काऊ वीडियो से युवाओं को कट्टरपंथ सिखा रहा है। शनिवार (11 मार्च 2023) को हुई इस छापेमारी के दौरान कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिस से मौलाना की गैंग के भारत विरोधी होने के सबूत मिले हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 40 वर्षीय मौलाना अब्दुल सलाफी और उसके गुर्गे अफगानिस्तान में सक्रिय ISIS के खुरासान नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। सलाफी मध्य प्रदेश के शिवनी जिले की जामिया मस्जिद का इमाम है। वहीं इस नेटवर्क के दूसरे बड़े नाम के तौर पर 26 वर्षीय शोएब का नाम आ रहा है। शोएब की ऑटो पार्ट्स दुकान है। इन दोनों पर आरोप है कि ये भारत के लोकतंत्र से नफरत करते हैं और बाकी लोगों को भी मतदान में हिस्सा न लेने के लिए भड़काते हैं।
बताया जा रहा है कि मौलाना सलाफी और शोएब मुस्लिम युवाओं को यूट्यूब के भड़काऊ वीडियो दिखाते हैं। ये दोनों आरोपित मतदान में मुस्लिमों के हिस्सा लेने को गुनाह मानते हैं। NIA ने शुरुआती जाँच में पाया है कि मौलाना सलाफी का नेटवर्क अफगानिस्तान में चल रही ISIS की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखता है। इसी के साथ यह गैंग अन्य मुस्लिम युवकों में भी ज्यादा से ज्यादा अपनी मानसिकता डालने की फिराक में है। NIA की तलाशी में इस बावत कुछ दस्तावेज और अन्य सबूत मिलने का भी दावा किया गया है।
इस नेटवर्क से जुड़े पाए गए पुणे के तल्हा खान और सिवनी में अकरम खान के ठिकानों की तलाशी हुई है। इसके अलावा मौलाना अब्दुल अजीज सलाफी व शोएब खान के घर और दुकानों को भी खँगाला गया है। दावा किया जा रहा है कि NIA ने मौलाना अब्दुल अजीज सलाफ़ी और शोएब को हिरासत में ले कर पूछताछ भी की। यह पूछताछ जबलपुर में हुई थी जहाँ से उन्हें छोड़ दिया गया। उसके बाद उन्हें नोटिस भेजकर बेंगलुरु बुलाया गया।
जाँच एजेंसी को इस नेटवर्क की जानकारी दिल्ली पुलिस द्वारा ओखला से पकड़े गए कश्मीरी दम्पति जेब शामी और हिना बशीर से हुई पूछताछ के बाद हुई। इस कश्मीरी दम्पति का इस्लामिक स्टेट से कनेक्शन पाया गया था। इस गैंग से जुड़े एक अन्य आरोपित अब्दुल्ला बासिथ का भी नाम सामने आया है। अब्दुल्ला पहले से ही एक अन्य मामले में तिहाड़ जेल में बंद है।
लॉस एंजलिस में हो रहे 95वें अकैडेमी अवार्ड यानी कि ऑस्कर्स 2023 की शुरुआत हो गई है। भारतीयों में इसका अलग ही क्रेज देखने को मिल रहा है। कारण है भारत की शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म का पहली बार ये अवार्ड जीतना और दूसरी वजह है RRR का ‘नाटू-नाटू’ गाना। इस गाने को भी बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग कैटेगरी में ऑस्कर मिला है। इसके अलावा शौनक सेन की ‘ऑल दैट ब्रीथ्स’ का नाम भी बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म में आया है।
दिलचस्प बात ये है कि एस राजमौली की फिल्म आरआरआर के गाने को जिस कैटेगरी में अवार्ड मिला है, वहाँ भारतीय प्रोडक्शन को पहली बार जगह मिली है। इस गाने के कम्पोजर एमएम कीरवानी है। ऑस्कर्स के दौरान भी इस गाने पर एक लाइव पर्फॉर्मेंस हुई। गाना शुरू होते ही वहाँ बैठे स्टार्स झूम उठे और खड़े होकर तालियाँ बजाईं।
इसी तरह द एलिफेंट व्हिस्पर्स की डायरेक्टर ने भी फिल्म को बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म का अवार्ड मिलने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा- “हमने अभी-अभी भारतीय प्रोडक्शन के लिए ऑस्कर जीता है। दो महिलाओं ने ऐसा किया। मैं अब तक कांप रही हूँ।”
We just win the first ever Oscar for an Indian Production!
बता दें कि ये फिल्म कार्तिकी गोंजाल्वेज और गुनीत मोंगा ने मिलकर बनाई है। अब फिल्म जगत की बड़ी-बड़ी हस्तियाँ उन्हें उनकी कामयाबी के लिए बधाई दे रहे हैं। उन्हें कहा जा रहा है कि उनकी शॉर्ट फिल्म ये अवार्ड डिजर्व करती है। इस अवार्ड शो में बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने भी शिरकत की।
ऑस्कर्स के अन्य अवार्ड
उल्लेखनीय है कि ऑस्कर में बहुत सारी कैटेगरी के तहत अवार्ड्स दिए जाते हैं। इसमें बेस्ट पिक्चर, बेस्ट एक्टर/एक्ट्रेस (लीडिंग रोल), बेस्ट एक्टर/एक्ट्रेस (सपोर्टिंग रोल), बेस्ट एनिमेटिड फीचर फिल्म, बेस्ट सिनेमेटोग्राफी, बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन, बेस्ट डायरेक्टिंग, बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म, बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म, बेस्ट फिल्म एडिटिंग, बेस्ट इंटरनेश्नल फीचर फिल्म, बेस्ट मेकअप एड हेयरस्टाइलिंग, बेस्ट म्यूजिक, बेस्ट म्यूजित (ओरिजनल सॉन्ग), बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन, बेस्ट एनिमेटिड शॉर्ट फिल्म, बेस्ट राइटिंग (ओरिजनल स्क्रीनप्ले), बेस्ट राइटिंग (अडेपटेड स्क्रीनप्ले), बेस्ट विजुअल्स इफेक्ट्स, बेस्ट साउंड और बेस्ट लाइव एक्शन शॉर्ट फिल्म है।
ऑस्कर 2023 में ‘फिल्म एव्रीथिंग एवरीव्हेयर ऑल एट वन्स’ ने बेस्ट ऑरिजिनल स्क्रीनप्ले का अवॉर्ड जीता । वहीं बेस्ट विजुअल्स इफेक्ट्स के अवार्ड को ‘अवतार: द वे ऑफ वाटर ने जीता।’ इसी तरह बेस्ट ओओरिजनल स्कोर का अवार्ड ‘ऑल क्वाइट ऑन द वेस्टर्न फ्रंट’ को मिला। बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन और बेस्ट फीचर फिल्म का अवार्ड ‘ऑल क्वाइट ऑन द वेस्टर्न फ्रंट’ को मिला। एनिमेटेड फीचर फिल्म का अवार्ड Pinocchio ने जीता।
बॉलीवुड के मशहूर एक्टर-डायरेक्टर रहे सतीश कौशिक की मौत के बाद से हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। होली पार्टी वाले फॉर्महाउस के मालिक विकास मालू की पत्नी ने कहा है कि जब उसने सतीश को 15 करोड़ रुपए देने को लेकर उससे पूछा तो विकास ने कहा था कि ये ठरकी है, किसी दिन रशियन बुलाकर ब्लू पिल्स की ओवरडोज दे देंगे तो ये मर जाएगा। वहीं, इस मामले में सतीश कौशिक की पत्नी ने विकास मालू की पत्नी के आरोपों को निराधार बताया है।
दिल्ली पुलिस को लिखे शिकायती पत्र में विकास मालू की पत्नी सान्वी ने कहा है कि विकास न सतीश कौशिक से 15 करोड़ रुपए उधार लिए थे। ये पैसे वापस न करने पड़ें। इसलिए विकास ने उनकी हत्या कर दी। अपने इस दावे की पुष्टि ने के लिए विकास मालू की पत्नी ने कहा है कि 23 अगस्त, 2022 को उसने अपने पति से पूछा था कि सतीश कौशिक कौन से रुपए माँग रहे थे?
सान्वी की मानें तो इस पर विकास कहा था कि इस ‘ठरकी’ ने 15 करोड़ दे रखे हैं, जो कोरोना में डूब गए। इसके बाद उसने पूछा था कि अब क्या होगा तो विकास ने कहा था, “सा$# ठरकी है, किसी दिन रशियन बुलाकर ब्लू पिल्स की ओवरडोज दे देंगे, तो वैसे ही मर जाएगा। कौन रुपए वापस कर रहा है।”
इसके अलावा ‘एबीपी न्यूज़’ के साथ बातचीत में सान्वी मालू ने कहा है कि विकास मालू के पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड और पीएसओ अपने पास ड्रग्स रखते थे। ये ड्रग्स उनके पास हमेशा रहते थे। हमारी लगभग सभी पार्टियों में ये ड्रग्स यूज होते थे। उन्होंने कहा कि पार्टियों में रशियन गर्ल्स बुलाई जाती थीं। साथ ही कहा, “विकास मालू ने एक व्यक्ति के बारे में बताया था कि यह दाऊद इब्राहिम का बेटा है, अनस इब्राहिम उसका घर पर काफी आना-जाना था। वह बहुत सारे गिफ्ट लाया करता था। दाऊद का राइट हैंड मुस्तफा भी कई बार घर आता था। विकास मालू के अंडरवर्ल्ड कनेक्शन हैं। यदि जाँच होगी तो सामने आ जाएगा।”
विकास मालू की पत्नी सान्वी ने इसके अलावा कई अन्य आरोप लगाए हैं। इन आरोपों पर सतीश कौशिक की पत्नी शशि कौशिक का बयान सामने आया है। उन्होंने इन तमाम आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि सतीश कौशिक और विकास के बीच अच्छे संबंध थे। उनके बीच कभी किसी चीज को लेकर विवाद नही हुआ। इसके अलावा उन्होंने सतीश कौशिक की हत्या की बात से भी इनकार किया है।
शशि कौशिक ने ABP से हुई बातचीत में कहा है, “पुलिस ने सब कुछ वेरिफाई किया है। मुझे समझ में नहीं आ रहा कि वह कैसे दावा कर रही है कि सतीश को ड्रग्स दिए गए थे और उसकी हत्या कर दी गई। मुझे समझ नहीं आता कि मेरे पति के निधन के बाद वह उन्हें बदनाम करने की कोशिश क्यों कर रही है। उसका कुछ एजेंडा है। शायद वह अपने पति से पैसे चाहती है और वह अब सतीश जी को भी इसमें शामिल कर रही है।”
सतीश कौशिक की पत्नी शशि ने आगे कहा है, “मैं उससे अनुरोध करती हूँ कि वह इस तरह के न करे। मुझे इस मामले में कोई संदेह नहीं है। इसलिए, इसमें आगे की जाँच नहीं होनी चाहिए। यदि मेरे पति ने इतना बड़ा लेन-देन (15 करोड़ रुपए का) किया होता तो मुझे निश्चित तौर पर बताते। मुझे लगता है कि यह बहुत गलत है कि उनके निधन के बाद ऐसी चीजें हो रही हैं।”
गौरतलब है कि विकास मालू की पत्नी सान्वी मालू ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है। इस पत्र में सान्वी ने कहा है कि विकास ने सतीश कौशिक से 15 करोड़ रुपए लिए थे। ये पैसे न देने पड़ें। इसलिए विकास ने साजिश रची और जहर देकर उनकी हत्या कर दी। यही नहीं, सान्वी ने दावा किया है कि विकास ने फॉर्महाउस में बहुत सारे प्रतिबंधित ड्रग्स रखे हुए थे। इसमें गाँजा और चरस जैसे नशीले पदार्थ शामिल हैं।
अपनी शिकायत में सान्वी ने कहा कि 23 अगस्त, 2022 को सतीश कौशिक दुबई में उनके घर आए थे और विकास से अपने 15 करोड़ रुपए की माँग की थी। सान्वी ने अपने दुबई के घर पर सतीश कौशिक और विकास मालू के बीच बहस को लेकर बताया, “मैं ड्राइंग रूम में मौजूद थी, जहाँ कौशिक और मेरे पति बहस कर रहे थे। कौशिक कह रहे थे कि उन्हें पैसों की सख्त जरूरत है। निवेश के लिए पैसे दिए हुए तीन साल हो गए हैं, लेकिन न तो कोई निवेश किया गया और न ही पैसा लौटाया गया।”
‘टाइम्स नाऊ’ के अनुसार, सान्वी ने आगे कहा, “मेरे पति ने कौशिक से वादा किया था कि वह जल्द ही पैसे चुका देंगे। जब मैंने अपने पति से पूछा कि मामला क्या है तो उन्होंने कहा कि कौशिक के दिए पैसे को उन्होंने कोविड महामारी के दौरान खो दिया। मेरे पति ने यह भी कहा था कि वह कौशिक से छुटकारा पाने की योजना बना रहे थे।”
सान्वी ने कहा है, “मैंने कौशिक की मौत की खबर पढ़ी। मुझे पूरा शक है कि यह मेरे पति ही थे जिन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर साजिश रची और कौशिक को नशीला पदार्थ खिलाकर मार डाला, ताकि उन्हें पैसे वापस ना करना पड़े।” सान्वी ने यह भी कहा कि ये दवाएँ उनके पति ने इंतजाम किए थे।
इसके अलावा, सान्वी ने एक पार्टी की विकास मालू और दाऊद इब्राहिम के बेटे अनस इब्राहिम तथा सतीश कौशिक के साथ अपनी फोटो भी शेयर की है। इस फोटो को लेकर विकास मालू की पत्नी ने कहा है कि विकास और दाऊद इब्राहिम के संबंध हैं और वह देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त है। हालाँकि अब इस फोटो को लेकर कहा जा रहा है कि फोटो में दिखने वाला व्यक्ति अनस इब्राहिम दाऊद का बेटा नहीं बल्कि करीबी है।
बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने समाजवादी पार्टी नेता फहाद अहमद के साथ ‘स्पेशल मैरिज एक्ट’ के तहत शादी कर ली थी अब दोनों पारंपरिक तरीके से शादी करने वाले हैं और उससे पहले के समारोह शुर हो चुके हैं। इसी बीच दोनों ने अपने ‘हल्दी कार्यक्रम’ की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की, जो कुछ इस्लामी कट्टरपंथियों को पसंद नहीं आई। उन्होंने इस्लाम और शरीयत का हवाला देते हुए फहाद अहमद को भड़ला-बुरा कहा है।
इंस्टाग्राम पर काजमी नाम के यूजर ने लिखा, “जो बंदा अपने शरीयत का वफादार ना हुआ, वो तुम्हारा क्या वफादार होगा जी?” वहीं तारिक अजीज नामक इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा, “कुरान में साफ़ लिखा हुआ है सूरह बकराह में कि मुशरिक (अल्लाह को न मानने वाला) से निकाह मत करो। वो तो जाएगी ही जहन्नुम में और तुमको भी लेकर जाएगी। ये बात दोनों के लिए है। अल्लाह ताला फरमाते हैं जान तक वो इमान न ले आए।” वहीं ‘खान बॉय’ नाम के हैंडल ने लिखा कि ये ‘काफिरों’ के साथ रह कर काफिर बन गया है।
अदनान आजमी नाम के ट्विटर यूजर ने भी लिखा, “लानत है तुम पर।” वहीं इंस्टाग्राम पर शाहिद आलम को स्वरा भास्कर के कपड़ों से ऐतराज हो गया। उसने लिखा, “फहाद भाई, भाभी जी को कपड़े पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ये संसार है और यहाँ सब सही होंगे तो गलत किसे बोले जाएगा?” ‘हल्दी सेरेमनी’ की इन तस्वीरों में जहाँ स्वरा भास्कर ने सलवार-कुर्ती पहना हुआ है, वहीं फहाद अहमद कुर्ता-पायजामा में नजर आ रहे हैं।
फहाद अहमद और स्वरा भास्कर के पोस्ट पर इस्लामी कट्टरपंथियों के कमेंट्स
वहीं कई लोगों ने फहाद अहमद और स्वरा भास्कर को बधाई भी दी। बता दें कि दोनों एक भव्य शादी समारोह का आयोजन करने वाले हैं, जिसमें कई मेहमान शरीक होंगे। 6 जनवरी, 2023 को ही इन दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली थी, लेकिन 6 फरवरी को सगाई के बाद इसका खुलासा हुआ। दोनों की मुलाकात CAA/NRC के विरोध में आयोजित एक प्रदर्शन में हुई थी। फहाद अहमद महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के यूथ विंग ‘युवजन सभा’ के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
राजस्थान सरकार पर पुलवामा हमले में बलिदान हुए जवानों की वीरांगनाओं पर अत्याचार करने का आरोप लग रहा है। कहा जा रहा है कि पुलिस ने वीरांगनाओं को नजरबंद किया हुआ है। दरअसल, बलिदानी रोहिताश्व लांबा की पत्नी मंजू जाट का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में मंजू जाट की हालत इतनी नाजुक है कि वह ढँग से बोल भी नहीं पा रहीं हैं। वहीं, वीरांगना सुंदरी देवी और वीरांगना मधुवाला मीणा को पुलिस ने घर में ही नजरबंद कर दिया है।
दरअसल, पुलवामा हमले में बलिदान हुए जवानों की वीरांगनाएँ जयपुर में धरने पर बैठी थीं। लेकिन राजस्थान पुलिस ने शुक्रवार (10 मार्च 2023) इन वीरांगनाओं को जबरन धरने से उठाकर उनके घर भेज दिया था। हालाँकि इसके बाद बलिदानी रोहिताश्व लांबा की पत्नी मंजू जाट की तबीयत खराब होने के चलते उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद से उनके बारे में कोई सूचना नहीं थी। मंजू के परिवार वालों ने राजस्थान सरकार पर उन्हें गायब कराने के आरोप लगाए थे।
हालाँकि अब मंजू जाट का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में मंजू बेहद बीमार अवस्था में नजर आ रहीं हैं। हालत ऐसी है कि वह बोल भी नहीं पा रहीं। वीडियो में एक व्यक्ति यह कहता हुआ नजर आ रहा है कि खाना पीना नहीं खाई हैं। वहीं पत्रकार के इस सवाल पर कि पुलिस ने बहुत परेशान किया है? मंजू हाँ में सिर हिलाते हुए नजर आ रहीं हैं। फिर बोलने की कोशिश में वह बेहद दुःखी होकर बार-बार बहुत ज्यादा-बहुत ज्यादा कहती नजर आ रहीं हैं।
पुलिस द्वारा प्रताड़ित… शहीद रोहिताश्व लांबा की पत्नी मंजू जाट जिसके मुख से बोला भी नहीं जा रहा है और मीडिया जबरदस्ती उनके मुंह में माइक गुसेड रही हैं। pic.twitter.com/tuJlXvuCZ4
यही नहीं, जिस बिस्तर पर वह लेटी हुईं हैं। वह भी बेहद सामान्य नजर आ रहा है। यहाँ तक कि उनके लिए तकिया की भी व्यवस्था नहीं की गई। वीडियो में वह कंबल और चादर रखकर लेटी हुई दिखाई दे रहीं हैं। वीडियो में साफ तौर पर यह देखा जा सकता है कि राजस्थान पुलिस की प्रताड़ना के चलते देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवान की पत्नी की हालत बेहद गंभीर हो गई है।
‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह वीडियो वीडियो जयपुर के हरमाड़ा का है। पुलिस ने वीरांगना मंजू जाट को प्लाॅट नम्बर 26 आनंद विहार हरमाड़ा में नजरबंद किया हुआ है। जिस जगह पर मंजू जाट को रखा गया है, वहाँ चारों ओर पुलिस की तैनात की गई है।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं, इस वीडियो को भाजपा राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने भी शेयर किया है। इस वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “बलिदानी रोहिताश्व लांबा की पत्नी मंजू जाट को पुलिस ने इतना मारा है कि बोल भी नहीं पा रहीं। इतनी प्रताड़ना तो अंग्रेज भी नहीं देते थे। मुख्यमंत्री जी आपको वीरांगनाओं की माँगें नहीं माननी हैं तो मत मानिए। लेकिन आपकी पुलिस को इन पर अत्याचार करने का अधिकार किसने दिया?”
शहीद रोहिताश्व लांबा की पत्नी मंजू जाट को पुलिस ने इतना मारा है कि बोल भी नहीं पा रही। इतनी प्रताड़ना तो अंग्रेज भी नहीं देते थे। मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 जी आपको वीरांगनाओं की मांगें नहीं माननी हैं तो मत मानिए, लेकिन आपकी पुलिस को इन पर अत्याचार करने का अधिकार किसने दिया? pic.twitter.com/oLU7i6DuCD
वहीं, वीरांगना सुंदरी देवी को भी धरना स्थल से जबरन उठाकर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद शुक्रवार (10 मार्च 2023) की देर रात पुलिस उन्हें उनके घर लेकर पहुँची थी। इसके बाद आए उनका पूरा गाँव छावनी बना हुआ है। पुलिस कर्मी उन्हें घेरे हुए हैं। वीरांगना सुंदरी देवी के घर के बाहर दो थानों के पुलिसकर्मी भी पहरा दे रहे हैं। इनमें थाना इंचार्ज सहित करीब 40 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
राजस्थान पुलिस ने सुंदरी देवी को घर पर नजरबंद किया हुआ है। उनके घर के बाहर पुलिस की गाड़ियों के अलावा एंबुलेंस भी खड़ी हुई है। वहीं, सुंदरी देवी का कहना है कि उनकी तबीयत ठीक है। वह बीमार नहीं है। इसके बाद भी गहलोत सरकार उनके घर के बाहर पुलिस को लगाए हुए हैं। यही हाल एक अन्य वीरांगना मधुवाला मीणा के घर का है। उनके घर के बाहर भी पुलिस का कड़ा पहरा है।
YouTuber मनीष कश्यप पर एक और FIR दर्ज हो गया है। बिहार पुलिस ने इसकी जानकारी दी है। आइए, पूरे मामले को समझाते हैं। दरअसल, ‘@ManishKashyap43’ यूजरनेम वाले ट्विटर हैंडल ‘मनीष कश्यप (सन ऑफ बिहार)’ से एक तस्वीर ट्वीट की गई, जिसमें मनीष कश्यप के हाथ में हथकड़ी दिख रही है। इस तस्वीर के साथ गिरफ़्तारी का दावा किया गया है। इस दावे को बिहार पुलिस ने सिरे से नकार दिया है। अर्थात, ‘सच तक न्यूज़’ के संस्थापक की गिरफ़्तारी नहीं हुई है।
उक्त हैंडल से ये तस्वीर जारी करते हुए लिखा गया था, “मुझे ख़ुशी है कि अपने बिहार वासियों के लिए मैं जेल जा रहा हूँ। रात्रि के 8 बजे के करीब मुझे गिरफ्तार किया गया। बिहार की जनता देख रही है कि कैसे अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले को जबरन दबाया जाता है। मैं न रुका था, न रुकूँगा। वापस आऊँगा जल्द ही। जय हिंद।” ये भी बता दें कि अब इस ट्विटर हैंडल को डिलीट कर लिया गया है। यानी, अब ये ट्विटर पर है ही नहीं। फेसबुक पर भी मनीष कश्यप ने कहा है कि वो हैंडल फर्जी है।
बिहार पुलिस ने इस ट्वीट में किए गए दावे का खंडन करते हुए जानकारी दी, “तमिलनाडु में बिहार के कामकाजी लोगों के लिये असत्य/भ्रामक वीडियो प्रसारित करने के प्रकरण में अभियुक्त मनीष कश्यप के द्वारा नए ट्विटर हैंडल पर अपनी गिरफ्तारी की फोटो पोस्ट की गई, जो पूर्णतः असत्य तथा भ्रामक है। इस भ्रामक पोस्ट के लिए पुनः प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।” हालाँकि, अब ‘Mksonofbihar’ यूजरनेम वाले हैंडल से दावा किया गया है कि जिस हैंडल से ट्वीट किया गया वो मनीष कश्यप का नहीं है।
मनीष कश्यप जब गिरफ्तार हुआ ही नहीं तो हाथ में हथकड़ी वाली तस्वीर आखिर किसकी है, अगर मनीष कश्यप की ही है तो कब की है? इस सवाल का जवाब बिहार पुलिस ने ही दे दिया। राज्य की पुलिस ने रविवार (12 मार्च 2023) को आधिकारिक बयान जारी किया। इसके अनुसार मनीष कश्यप (@ManishKashyap43 यूजरनेम वाले ट्विटर हैंडल) ने अपनी गिरफ्तारी की जो तस्वीर अपलोड की है, वो 4 साल पुरानी है। बिहार पुलिस के अनुसार पटना की कोतवाली थाने की पुलिस ने उसे 5 फरवरी 2019 को गिरफ्तार किया था।
मनीष को फसाने के लिए किस प्रकार की साजिश हों रही है इस से आप सभी को पता चल जाएगा।। मेरे नाम से फर्जी अकाउंट बना कर फर्जी अफवाह फैला या गया और बिहार पुलिस फिर से मेरे ऊपर केस कर रही है।। कम से कम twitter का यूजर नेम को देखे लेते।। https://t.co/LfGG1T8LbG
— Manish Kasyap Son Of Bihar (@Mksonofbihar) March 12, 2023
‘Manish Kasyap Son Of Bihar’ नामक ट्विटर हैंडल द्वारा ये भी कहा गया है कि मनीष कश्यप का असली ट्विटर हैंडल यही है और ‘@ManishKashyap43’ वाला फर्जी था। इस हैंडल से मनीष कश्यप के हवाले से दावा किया गया कि उनके ऊपर ‘फर्जी केस’ करने के लिए फेक हैंडल बना कर अफवाह फैलाई गई।
‘@ManishKashyap43’ यूजरनेम वाले ट्विटर हैंडल को अगर फिलहाल देखना चाहें तो वो नीचे लगी इमेज जैसा दिखता है। उसमें सिर्फ एक ट्वीट है – उसके प्रोफाइल पिक का। हथकड़ी वाली तस्वीर गायब है।
मनीष कश्यप के हथकड़ी की तस्वीर लगाने वाले ट्विटर हैंडल @ManishKashyap43 का ट्विटर वॉल
आपको बता दें कि तमिलनाडु में बिहारियों के खिलाफ हिंसा के दावे के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हुई कई वीडियो/तस्वीरों को बिहारी पुलिस और तमिलनाडु पुलिस ने फेक पाया है, और इस मामले में एक अभियुक्त मनीष कश्यप भी हैं।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 24 फरवरी, 2023 को उमेश पाल नाम के वकील की गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई थी। उमेश पाल के साथ चल रहे पुलिस के 2 गनर संदीप निषाद और राघवेंद्र सिंह भी इस हमले में बलिदान हुए थे। इस तिहरे हत्याकांड का आरोप प्रयागराज के ही दुर्दांत माफिया अतीक अहमद और उसके पूरे परिवार पर लगा है। उमेश पाल पूर्व विधायक स्वर्गीय राजू पाल हत्याकांड के गवाह थे। 25 जनवरी, 2005 को हुई राजू पाल की भी हत्या का आरोप अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ सहित कुछ अन्य लोगों पर है।
हत्या के दिन उमेश पाल राजू साल की हत्या में अतीक अहमद के खिलाफ गवाही दे कर कोर्ट से लौटे थे। इस घटना में अतीक अहमद पहले से जेल में बंद है। घटना में शामिल बताए जा रहे 2 शूटर पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। अतीक का बेटा और बीवी फरार हैं, जिन पर इनाम घोषित हो चुका है। इस मामले को ले कर विधानसभा में अखिलेश यादव और UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में तीखी बहस हुई थी।
बहस के दौरान अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी पर अपराधियों के संरक्षण का आरोप लगाया था। साथ ही योगी ने उन सभी संरक्षित अपराधियों को मिट्टी में मिला देने का संकल्प भी लिया था।
ऐसा ही था रामबाबू गुप्ता हत्याकांड
जब हमने पड़ताल की तब पाया गया कि राजू पाल और गवाह उमेश पाल की एक-एक कर के हत्या जैसे अन्य भी कई मामले पहले हो चुके हैं। इसी के काफी हद तक मिलता-जुलता मामला है साल 2013 में उत्तर प्रदेश के ही अम्बेडकरनगर में हुआ रामबाबू गुप्ता हत्याकांड। 3 मार्च, 2013 को रामबाबू गुप्ता की मुस्लिम बहुल कहे जाने वाले बाजार टांडा में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। पीड़ित परिवार ने इस हत्या का आरोप तत्कालीन समाजवादी विधायक अजीमुल हक उर्फ़ पहलवान पर लगाया था। सपा विधायक अजीमुल हक पर अखिलेश सरकार में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
घर में लगी रामबाबू गुप्ता की तस्वीर
9 माह बाद मुख्य गवाह राम मोहन की भी हुई थी हत्या
इस हत्याकांड के गवाह रामबाबू गुप्ता के ही परिवार के सदस्य राम मोहन गुप्ता था। कुछ समय बाद 4 दिसंबर, 2013 को राम मोहन गुप्ता की भी उसी टांडा में गोली मार कर हत्या दी गई थी। एक बार फिर से पीड़ित परिजनों ने इस मामले में समाजवादी पार्टी के विधायक अजीमुल हक को नामजद आरोपित किया। हालाँकि, आरोप है कि पुलिस ने फिर से सपा विधायक पर कोई एक्शन नहीं लिया। तब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई का शपथ पत्र भी लिया था।
पूर्व सपा विधायक अजीमुल अब दुनिया में नहीं हैं। मई 2020 में गुर्दे की लम्बी बीमारी से उनका इंतकाल हो चुका है।
घर में लगी राम मोहन गुप्ता की तस्वीर
रामबाबू गुप्ता की पत्नी बनीं भाजपा से विधायक
रामबाबू गुप्ता की हत्या के बाद उनकी पत्नी संजू देवी को भाजपा ने उसी क्षेत्र से अपना विधानसभा प्रत्याशी बनाया। योगी सरकार के पहले कार्यकाल में संजू देवी ने अजीमुल हक को ही हरा कर जीत हासिल की थी। ऑपइंडिया की टीम ने टांडा पहुँच कर दिवंगत रामबाबू गुप्ता और राम मोहन गुप्ता के परिवार से मुलाकात की। रामबाबू गुप्ता के समाजसेवी और हिंदूवादी नेता भाई श्यामबाबू गुप्ता ने हमें वर्तमान और इतिहास से अवगत करवाया।
भतीजे को भी मार डालने की हुई कोशिश
श्यामबाबू गुप्ता ने हमें बताया कि रामबाबू और उनकी हत्या के गवाह राम मोहन को मार डालने के बाद कुछ हमलावरों ने उनके भतीजे शुभम को भी मारने की कोशिश की थी। यह प्रयास फरवरी 2014 में लखनऊ के हुसड़िया चौराहे पर किया गया था। शुभम गुप्ता की गर्दन पर बाइक से आए हमलावरों ने चाकू मारी थी लेकिन ठंड में मफलर पहने होने की वजह से शुभम की जान बच गई। बकौल श्यामबाबू, इस मामले में भी लखनऊ पुलिस में अजीमुल हक को आरोपित करते हुए FIR दर्ज करवाई गई थी, लेकिन समाजवादी पार्टी सत्ता में बड़ा ओहदा होने के चलते अजीमुल हक का कुछ नहीं बिगड़ा और केस में क्लोजिंग रिपोर्ट लग गई।
हत्या आरोपित को ओवैसी का इनाम
स्वर्गीय रामबाबू के भाई श्यामबाबू के मुताबिक, उनके भाई की हत्या में शामिल इरफ़ान नाम के एक अन्य आरोपित को ओवैसी ने अपनी पार्टी AIMIM का प्रदेश सचिव बनाया था। इस पद को रामबाबू गुप्ता की हत्या का इनाम बताते हुए श्यामबाबू ने कहा कि इरफ़ान ने ओवैसी की पार्टी से संजू देवी के खिलाफ विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था। 28 अक्टूबर 2022 को AIMIM से इस्तीफा दे कर फ़िलहाल ‘इरफ़ान पीस पार्टी’ में है।
हत्यारोपित इरफ़ान के साथ ओवैसी
अजीमुल को पहले दिन से पुलिसिया क्लीन चिट, इरफ़ान कुछ माह में बाहर
श्यामबाबू ने तब पुलिस पर अपने ही परिवार पर लाठियाँ भी भाँजने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि 2 हत्या और 1 हत्या के प्रयास में शामिल होने के बावजूद सपा विधायक अजीमुल कभी 1 मिनट की भी हिरासत में नहीं रहा। यहाँ तक कि हत्या के बाद पकड़ा गया दूसरा आरोपित इरफ़ान भी कुछ ही महीनों में जमानत पर बाहर आ गया था। इस केस का फ़िलहाल कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। पीड़ित परिवार के मुताबिक, अजीमुल हक का नाम हटा कर सपा सरकार पहले ही इस केस में अन्याय कर चुकी है।
तब अम्बेडकरनगर के पुलिस अधीक्षक IPS सुनील सक्सेना और एडिशनल SP राजीव मल्होत्रा थे।
हिन्दू धर्म के लिए बोलना ही हत्या का कारण
श्यामबाबू ने हमें बताया कि मुस्लिम बहुल इलाके में हिन्दू धर्म की आवाज उठाना ही रामबाबू और राम मोहन की हत्या का कारण था। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी की सरकार में टांडा लव जिहाद, लैंड जिहाद और गोहत्या जैसे केसों का गढ़ हुआ करता था, जिसका रामबाबू विरोध किया करते थे। टांडा में सिमी जैसे चरमपंथी संगठनों के तमाम सक्रिय सदस्य होने का दावा करते हुए श्यामबाबू ने कहा कि अगर योगी आदित्यनाथ की सरकार न आई होती तो शायद उनके परिवार में कोई न बचता।
लाश पर भी बरसे थे पत्थर
श्यामबाबू गुप्ता ने दावा किया कि जब उनके परिजन की हत्या हुई तब विरोध में हिंदू समाज के कई लोग जमा हुए थे। इसी विरोध के दौरान शव लाया गया, जिस पर मुस्लिम समाज के कई लोगों ने अपनी छतों से पत्थर बरसाए थे। बकौल श्याम बाबू पुलिस ने लाश को टाँगों से पकड़ कर घसीटा था और जबरन शमशन घाट पहुँचा दिया था। बताया गया कि अजीमुल पर एक FIR के बदले गुप्ता परिवार को 4 FIR पुलिस की झेलनी पड़ी थी।
हमारे ही घर में हत्या, हम ही भेजे गए जेल
श्यामबाबू गुप्ता के मुताबिक, टांडा के थाना अलीगढ़ में जब वो तत्कालीन विधायक अजीमुल हक को नामजद करवा रहे थे तब तत्कालीन एडिशनल एसपी ने थाने में बैठ कर जबरन उनकी FIR बदलवा दी थी। इतना ही नहीं, उन्होंने दावा किया कि अपने ही घर के आगे शव को रखने के आरोप में तब पुलिस ने उनके खिलाफ झूठी FIR दर्ज कर दी, जिसमें उन्हें साल 2014 में 10 दिन से अधिक की जेल भी काटनी पड़ी। पहली हत्या रामबाबू की हुई और दूसरी गवाह राम मोहन की।
श्यामबाबू के अनुसार, उन पर FIR और जेल की कार्रवाई इसलिए की गई थी क्योंकि वो सत्ता पक्ष के विधायक पर कार्रवाई माँग रहे थे।
दिवंगत रामबाबू गुप्ता के बेटे के साथ श्यामबाबू गुप्ता
आरोप – इन हत्याकांडों और अत्याचारों में थी अखिलेश की सहमति
श्यामबाबू गुप्ता ने दावा किया कि रामबाबू गुप्ता और राम मोहन गुप्ता की हत्या में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सहमति थी। दिवंगत मुलायम सिंह के कारसेवकों के कत्ल की जिम्मेदारी लेने वाले बयान का जिक्र करते हुए श्यामबाबू ने कहा कि समाजवादी पार्टी हिंदूवादियों को उनके अंजाम तक पहुँचाने में फख्र महसूस करती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से तत्कालीन पुलिस और प्रशासन हत्या में अजीमुल हक को बचाने और मृतक के परिजनों को प्रताड़ित करने में व्यस्त था वो बिना मुख्यमंत्री की सहमति के हो ही नहीं सकता।
अखिलेश के साथ अजीमुल
श्यामबाबू गुप्ता ने हमें बताया कि टांडा में जब उनके भाई रामबाबू गुप्ता की हत्या का विरोध वो परिवार सहित कर रहे थे तब समाज के अन्य वर्ग भी उसमें खुद ही शामिल हो गए थे। बकौल श्यामबाबू अखिलेश सरकार में उसी टांडा में OBC वर्ग के एक व्यक्ति के साथ एक अन्य रामवृक्ष नाम के दलित की भी हत्या हुई थी। आरोप है कि तब दलित व्यक्ति की हत्या की पुलिस ने FIR भी दर्ज नहीं की थी।
आज भी सिर पर शिखा और माथे पर तिलक
दिवंगत रामबाबू गुप्ता परिवार के सभी पुरुष आज भी सिर पर शिखा रखते हैं। ज्यादातर सदस्यों के माथे पर तिलक भी लगा दिखा। 5 साला परिवार के सदस्य के विधायक रहने के बाद भी गुप्ता परिवार अभी भी मेडिकल स्टोर, खिलौने व कॉपी किताब की दुकान से गुजारा करता है। श्यामबाबू के घर में भगवान के अलावा नरेंद्र मोदी, सतपाल महराज, योगी आदित्यनाथ, डॉ हेडगेवार की तस्वीरें लगी हुई हैं। घर की बॉउंड्री में मंदिर के साथ हमें गायें भी बंधी दिखाई दीं। घर से सटी हुई एक बड़ी सी मस्जिद भी है। दावा किया जा रहा है कि रामबाबू ने उस मस्जिद के निर्माण में भी अतिक्रमण का आरोप लगा कर विरोध किया था।
दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में दो भाइयों को कथिततौर पर कुत्तों ने नोच-नोचकर मार डाला। इनमें एक भाई की उम्र 7 साल थी और दूसरे की महज 5 साल थी। घरवालों का आरोप है कि पहले लड़के के साथ हुई घटना पर नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। अब इस मामले में परिजनों की शिकायत लेकर जाँच की जा रही है।
Delhi | 2 siblings, aged 7 & 5 were killed allegedly in stray dog attack in 2 separate incidents in the Vasant Kunj area. 7-year-old boy went missing on 10th March & his body was recovered later with animal bite like injuries: Delhi Police
घटना रविवार (12 मार्च 2023) की है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, 5 साल का बच्चा पेशाब के लिए गया था। जिसके बाद उसके चचेरे भाई ने उसे कुत्तों से घिरा घायल पाया। अस्पताल ले जाते टाइम उसे मृत घोषित कर दिया गया। इससे पहले 10 मार्च को इसी बच्चे का बड़ा भाई (उम्र 7 साल) अचानक गायब हुआ था, बाद में उसका शव बरामद हुआ था और शरीर पर कुत्तों के काटने के निशान थे।
पुलिस ने शवों को फिलहाल पोस्टमार्टम से लिए अस्पताल में रखवा दिया है। दोनों बच्चों के शरीर पर कुत्तों के काटने के बहुत सारे निशान हैं। दूसरे बच्चे की मौत के बाद दिल्ली नगर निगम की गाड़ी इलाके में है।
Today, on 12th March, his 5-year-old brother was allegedly attacked while he went to attend nature’s call. His cousin found him lying injured, surrounded by strays. He was declared dead at the hospital. Case registered & Probe underway: Delhi Police
बता दें कि इससे पहले मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में 5 साल की मासूम बच्ची पर आवारा कुत्ते के हमले की घटना सामने आई थी। कुत्ते के हमले के बाद बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई थी। जिसके बाद उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहाँ, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना था कि कुत्ते ने हमला करते हुए बच्ची की गर्दन पकड़ ली थी। इस दौरान, वहाँ मौजूद लोगों ने कुत्ते के चंगुल से बच्ची को छुड़ाने की काफी कोशिश की। लेकिन, कुत्ता बच्ची को नहीं छोड़ रहा था। हालाँकि, बाद में काफी मशक्कत के बाद उसने बच्ची को छोड़ दिया।
इसके बाद, लहूलुहान हालत में उसे नजदीकी सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहाँ देर रात तक उसका इलाज चल रहा था। मगर, अधिक खून बह जाने के कारण इलाज के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया।
भारतीय जनता पार्टी कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कर्नाटक दौरा किया। बीते 3 महीनों में यह उनकी 6वीं कर्नाटक यात्रा है। इस दौरे पर उन्होंने बेंगलुरु-मैसूर हाइवे, आईआईटी धारवाड़ और दुनिया का सबसे लंबे प्लेटफॉर्म समेत कुल मिलाकर 16000 करोड़ रुपए की योजनाओं की सौगात दी।
इस मौके पर उन्होंने कहा है, “कॉन्ग्रेस मेरी कब्र खोदने में व्यस्त है और मैं गरीबों की जिंदगी बेहतर बनाने में व्यस्त हूँ।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (12 मार्च 2023) को कर्नाटक में 8480 करोड़ रुपए की लागत से बना बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेस वे देश को समर्पित किया। 118 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस के कारण बेंगलुरु और मैसूर के बीच यात्रा का समय 3 घण्टे से हटकर अब महज 75 मिनट हो गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने मैसूर-खुशालनगर फोर लेन हाईवे की भी आधारशिला रखी। 92 किलोमीटर लंबा यह हाइवे 4130 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा।
इसके अलावा उन्होंने हुबली धारवाड़ में 850 करोड़ रुपए की लागत से बना आईआईटी धारवाड़ को भी देश को समर्पित किया। यही नहीं, उन्होंने सिद्धारूढ़ स्वामीजी हुबली स्टेशन पर दुनिया के सबसे लंबे रेलवे प्लेटफॉर्म का भी उद्घाटन किया। इसे हाल ही में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया। करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से 1,507 मीटर लंबा प्लेटफॉर्म बनाया गया है।
Prime Minister Shri @narendramodi to dedicate and lay the foundation stone of projects worth thousands of crores in Karnataka on March 12, 2023. pic.twitter.com/MGqAYBe5xA
पीएम मोदी ने हुबली-धारवाड़ स्मार्ट सिटी की विभिन्न परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत करीब 530 करोड़ रुपए है। उन्होंने जयदेव हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की आधारशिला रखी। यह हॉस्पिटल 250 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार होगा। इसके अलावा भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
इंफ्रास्ट्रक्चर अपने साथ सिर्फ सुविधा नहीं लाता… ये रोजगार लाता है, निवेश लाता है, कमाई के साधन लाता है।
बीते वर्षों में सिर्फ कर्नाटक में ही हमने 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हाई-वे से जुड़े प्रोजेक्ट्स में पूंजी निवेश किया है।
16000 करोड़ रुपए की इन विकासकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है, “इंफ्रास्ट्रक्चर अपने साथ सिर्फ सुविधा नहीं लाता, बल्कि यह रोजगार लाता है, निवेश लाता है, कमाई के साधन लाता है। बीते वर्षों में सिर्फ कर्नाटक में ही हमने 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक हाई-वे से जुड़े प्रोजेक्ट्स में पूँजी निवेश किया है। वर्ष 2014 से पहले केंद्र की कॉन्ग्रेस सरकार ने गरीब परिवारों को तबाह करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी थी ।जो पैसा गरीब के विकास के लिए था, उसका हजारों-करोड़ रुपये कॉन्ग्रेस की सरकार ने लूट लिया था। कॉन्ग्रेस को कभी करीब के दुख-दर्द से कोई फर्क नहीं पड़ा है।”
वर्ष 2014 से पहले केंद्र की कांग्रेस सरकार ने गरीब परिवारों को तबाह करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी थी।
जो पैसा गरीब के विकास के लिए था, उसका हजारों-करोड़ रुपये कांग्रेस की सरकार ने लूट लिया था।
कांग्रेस को कभी करीब के दुख-दर्द से कोई फर्क नहीं पड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा है कि कॉन्ग्रेस और उनके साथी मोदी की कब्र खोदने का सपना देख रहे हैं। कॉन्ग्रेस, मोदी की कब्र खोदने में व्यस्त है और मोदी बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे बनाने में व्यस्त है। कॉन्ग्रेस मोदी की कब्र खोदने में व्यस्त है और मोदी गरीब का जीवन आसान बनाने में व्यस्त है। मोदी की कब्र खोदने का सपना देख रहे कॉन्ग्रेसियों को पता नहीं है कि देश की करोड़ों माताओं-बहनों का आशीर्वाद मोदी का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
मोदी की कब्र खोदने का सपना देख रही कांग्रेसियों को पता नहीं है कि देश की करोड़ों माताओं-बहनों का आशीर्वाद मोदी का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
उन्होंने यह भी कहा है, “बीते 9 वर्षों में भाजपा सरकार की योजनाओं से करोड़ों गरीबों का जीवन आसान हुआ है। कॉन्ग्रेस के शासनकाल में गरीब को सुविधाओं के लिए सरकार के पास चक्कर लगाने पड़ते थे।अब भाजपा की सरकार गरीब के पास जाकर सुविधाएँ दे रही है। भारत के लोकतंत्र की जड़ें, हमारे सदियों के इतिहास से सींची गई हैं। दुनिया की कोई ताकत भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं को नुकसान नहीं पहुँचा सकती।”
कर्नाटक की धरती पर बोलते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा है, “भाजपा की डबल इंजन की सरकार कर्नाटक के हर जिले, हर गाँव, हर कस्बे के पूर्ण विकास के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रही है। आज धारवाड़ की इस धरा पर विकास की एक नई धारा निकल रही है जो हुबली-धारवाड़ के साथ पूरे कर्नाटक के भविष्य को सींचने का काम करेगी। कर्नाटक ने कनेक्टिविटी के मामले में आज एक और माइलस्टोन को छू लिया है। अब सिद्धरूधा स्वामीजी स्टेशन पर दुनिया का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है। ये विस्तार है उस सोच का, जिसमें हम इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता देते हैं।”
कर्नाटक ने कनेक्टिविटी के मामले में आज एक और Milestone को छू लिया है।
अब सिद्धरूधा स्वामीजी स्टेशन पर दुनिया का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है।
ये विस्तार है उस सोच का, जिसमें हम इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता देते हैं।
बता दें कि कर्नाटक में मई महीने विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि 23 मई से पहले राज्य में चुनाव संपन्न हो जाएँगे। ऐसे में सभी राजनीतिक दल एड़ी चोटी का जोर लगाने में जुटे हुए हैं। हालाँकि इस जोर में भाजपा कहीं अधिक आगे दिखाई दे रही है। एक ओर जहाँ विपक्ष मोदी विरोध का राग अलाप रहा है। वहीं भाजपा अपनी जनहितकारी और विकास की योजनाओं को आम जनता तक पहुँचाकर कर्नाटक में फिर से कमल खिलाने की तैयारी में जुटी हुई है।
दिल्ली के पाटियाला हाउस कोर्ट परिसर में होली मिलन समारोह के दौरान बार बालाओं के डांस कराने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार (10 मार्च 2023) को फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि यह कानूनी पेशे के उच्च नैतिक मानकों के खिलाफ है और इससे न्यायिक संस्थान की छवि धूमिल हुई है। सोशल मीडिया पर वीडियो ट्वीट करने वाले शख्स ने दावा किया है कि उस समारोह में कई जजों को भी बतौर मेहमान बुलाया गया था।
नई दिल्ली बार एसोसिएशन (NDBA) द्वारा पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में होली मिलन समारोह में किया गया था। इस समारोह में पेशेवर डांसरों ने फिल्मी गानों पर डांस किया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले में डिस्ट्रिक्ट जज को जल्द से जल्द मामले में रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसका संज्ञान लेते हुए अदालत ने कहा कि प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश पटियाला हाउस कोर्ट तीन दिनों के अंदर नई दिल्ली बार एसोसिएशन को कारण बताओ नोटिस जारी करेंगे और नई दिल्ली बार एसोसिएशन से जवाब मिलने के बाद वह उचित कार्रवाई करेंगे।
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि बार एसोसिएशन किसी कार्यक्रम के लिए न्यायालय परिसर का उपयोग करने की अनुमति माँगे तो संबंधित जिला प्रमुख और सत्र न्यायाधीश यह सुनिश्चित करेंगे कि कार्यक्रम पेशे के अनुकूल हो। अदालत ने कहा कि कार्यक्रम ऐसा नहीं होना चाहिए जिसमें कानूनी पेशे के उच्च नैतिकता, कानूनों, नियमों ईमानदारी से पालन किया जाए और जो न्यायिक संस्थान, कानूनी पेशे की गरिमा की छवि को धूमिल नहीं करता हो।
गौरतलब है कि नई दिल्ली बार एसोसिएशन द्वारा 6 मार्च 2023 को पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में आयोजित ‘होली मिलन’ समारोह की दो वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इसमें पेशेवर डांसर बॉलीवुड के गानों पर नाचते हुए देखी जा सकती हैं।