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शब्बीर अहमद ने महिला को मार डाला, टुकड़े-टुकड़े कर अलग-अलग दफना दिया: कश्मीर पुलिस ने सिर समेत कई अंग किए बरामद

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक महिला की हत्या के आरोप में शब्बीर अहमद वानी नामक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि शब्बीर ने महिला की हत्या कर उसके शरीर के कई टुकड़े कर दिए। फिर उन्हें अलग-अलग स्थानों में दफना दिया। आरोपित की निशानदेही पर पुलिस ने महिला के कुछ अंगों को बरामद किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार (8 मार्च, 2023) बड़गाम जिले के सोइबुग निवासी तनवीर अहमद खान ने पुलिस से शिकायत करते हुए कहा था कि उसकी 30 वर्षीय बहन मंगलवार (7 मार्च, 2023) से लापता है। वह घर से कोचिंग के लिए निकली थी। लेकिन वापस घर नहीं लौटी। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज करने के बाद जाँच शुरू की थी।

इसके बाद पुलिस ने मृतक महिला की कॉल डिटेल के आधार पर शब्बीर अहमद वानी समेत कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया था। पुलिस सभी लोगों से कड़ी पूछताछ कर रही थी। इसी दौरान शनिवार (11 मार्च 2023) को शब्बीर ने हत्या की बात कबूल ली। हालाँकि, अब तक हत्या की वजह साफ नहीं हो सकी है। लेकिन, मृतक महिला के परिजनों का कहना है कि शब्बीर ने महिला से शादी करने के लिए उनके परिवार से संपर्क किया था। महिला ने शादी से इनकार कर दिया था।

पुलिस से हुई पूछताछ में शब्बीर ने कहा है कि महिला की हत्या करने के लिए पहले उसने उसका सिर काटा। इसके बाद पूरे शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। फिर इन टुकडों को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से आसपास के इलाकों में दफना दिया। आरोपित की निशानदेही के आधार पर पुलिस ने मृतक महिला के सिर समेत कुछ अंगों को बरामद किया है।

वहीं, शब्बीर के घर से भी कुछ अंगों की बरामदगी की बात कही जा रही है। पुलिस ने कहा है कि मेडिकल और कानूनी औपचारिकताओं के साथ ही हत्या के मकसद को लेकर आरोपित से कड़ी पूछताछ की जा रही है।

‘भारतीय लोकाचार के विरुद्ध है समलैंगिक विवाह, माँग खारिज हो’ : केंद्र ने दिया SC में हलफनामा, कहा- याचिकाओं में विचार लायक कुछ नहीं

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आज (12 मार्च 2023) समलैंगिक विवाह की माँग करने वाली याचिका का विरोध किया। भारतीय लोकाचार के विरुद्ध बताते हुए केंद्र ने मामले में हलफनामा दायर किया। इसमें उन्होंने बताया कि समान सेक्स के लोगों का पार्टनर बनकर साथ रहना और समलैंगिक संबंध बनाने को भारतीय परिवार की अवधारणा से नहीं तोला जा सकता जहाँ एक महिला और पुरुष के बीच शादी के संबंध से बच्चे का जन्म होता है।

केंद्र ने कहा कि शुरुआत से ही विवाह की धारणा अनिवार्य रूप से अपोजिट सेक्स के दो व्यक्तियों के बीच एक मिलन को मानती है। यह परिभाषा सामाजिक, सांस्कृतिक और कानूनी रूप से विवाह के आइडिया और कॉनसेप्ट 6 में शामिल है और इसे विवादित प्रावधानों के जरिए खराब नहीं किया जाना चाहिए।

केंद्र ने जवाबी हलफनामे में कहा है कि आईपीसी की धारा 377 का गैर-अपराधीकरण समलैंगिक विवाह के लिए मान्यता प्राप्त करने के दावे को पैदा नहीं कर सकता।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, दो लोगों में शादी ऐसी व्यवस्था का निर्माण करती है जिसका अपना सार्वजनिक महत्व है। इसी के चलते कई अधिकार और दायित्व मिलते हैं। अपने 56 पेजों के हलफनामे में सरकार ने समलैंगिक विवाह से जुड़ी 15 याचिकाओं को खारिज करने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि याचिका में सुनने लायक कुछ भी नहीं है। मेरिट के आधार पर उसे खारिज किया जाना ही उचित है। अब इस मामले में सुनवाई 13 मार्च को की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि समान सेक्स के बीच विवाह की याचिका कई हाईकोर्ट में लंबित थी। ऐसे में मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस नरसिम्हा और जेबी परदीवाला ने इन मामलों को खुद ही सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करवा लिया था। इसके बाद केंद्र से इस बाबत जवाब माँगा गया और अब हलफनामा दायर करते हुए केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि इस तरह समान सेक्स के लोगों की शादी को मान्यता देना मौजूदा कानूनों में उल्लंघन होगा।

बता दें कि इन याचिकाओं को दायर करने वालों में एक सुप्रियो चक्रवर्ती और अभय दांग (गे कपल) द्वारा दायर की गई थी। इन दोनों ने कोविड की सेकेंड वेव के बाद शादी करने की सोची, लेकिन ये शादीशुदा लोगों वाले अधिकारों का लाभ नहीं उठा पाए…इसीलिए उन्होंने इस संबंध में याचिका दी। इसी तरह एक याचिका पार्थ फिरोज मेहरोत्रा और उदय राज द्वारा डाली गई। उन्होंने दलील दी कि इस तरह समलैंगिक विवाह को मान्यता न देना आर्टिकल 14 के तहत गुणवत्ता के अधिकार और आर्टिकल 21 के तहत जीने के अधिकार का उल्लंघन है।

‘ब्राह्मणों का दिमाग सबसे तेज़’: कभी इस्लाम की वकालत करने वाले IAS नियाज खान की पुस्तक ‘ब्राह्मण द ग्रेट’, बताया- दक्षिण भारत में सबसे ज़्यादा बिक रही

कश्मीर में हिंदुओं के नरसंहार और पलायन पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को कुंठा जाहिर करने के बाद सरकार के निशाने पर आए IAS नियाज खान ने इसका काट निकाल लिया है। नियाज खान ने ना सिर्फ ब्राह्मणों की जमकर तारीफ की, बल्कि उन पर पूरी एक किताब लिख दी। इस किताब का विमोचन एक शंकराचार्य ज्ञानानंद तीर्थ ने उज्जैन में 5 मार्च 2023 को किया था।

नियाज खान ने पिछले दिनों बताया कि उनकी किताब ‘ब्राह्मण द ग्रेट’ पूरी हो चुकी है। अब उन्होंने ट्विटर पर बताया है कि उनकी यह किताब ज्यादातर दक्षिण भारत में बिक रही है, खासकर कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में। उन्होंने कहा कि हिंदी पट्टी के लोगों के लिए मई में किताब प्रकाशित की जाएगी।

ट्वीट में नियाज खान ने लिखा, “ब्राह्मण द ग्रेट की अधिकांश पुस्तकें दक्षिण भारत, विशेषकर कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से खरीदी जा रही हैं। कुछ गोवा, मुंबई, उड़ीसा, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, यूपी और बिहार से भी खरीदी गईं। किताब के लिए प्यार दिखाने के लिए धन्यवाद। ब्राह्मणों के लिए समर्पित प्यारा बच्चा। हिंदी पट्टी के लिए मई में।”

अपनी किताब में नियाज खान ने ब्राह्मणों को काफी तेज दिमाग का बताया गया था। उन्होंने सलाह देते हुए अपनी किताब में बताया है कि अगर ब्राह्मण को हर फील्ड में नेतृत्व दिया जाए या सलाहकार बनाया जाए तो देश कई मायनों में बदल सकता है। उन्होंने कहा था कि यह किताब उन्होंने रिसर्च के बाद लिखी है।

उन्होंने कहा था कि हिंदू सबसे पुराना धर्म है और इस धर्म की रक्षा का भार ब्राह्मणों पर ही है। ब्राह्मणों ने ही अब तक हिंदू धर्म को बचाए रखा है। उन्होंने कहा था कि बॉलीवुड ने ब्राह्मणों को फिल्मों में विलेन बताया। उन्होंने ब्राह्मणों को सम्मान देने के लिए एक मापदंड तय करने की भी सलाह दी थी।

बता दें कि कश्मीर फाइल्स रिलीज होने के बाद नियाज खान ने मार्च 2022 ने कहा था कि मुस्लिम कोई कीड़े नहीं हैं। उनकी हत्या पर भी फिल्में बनाई जानी चाहिए। मध्य प्रदेश में तैनात इस अधिकारी के ट्वीट का राज्य सरकार ने संज्ञान लिया था।

नियाज खान ने ट्वीट किया था, “द कश्मीर फाइल्स’ ब्राह्मणों का दर्द दिखाती है। उन्हें पूरे सम्मान के साथ कश्मीर में सुरक्षित रहने की अनुमति दी जानी चाहिए। निर्माता को कई राज्यों में बड़ी संख्या में मुसलमानों की हत्याओं को दिखाने के लिए एक फिल्म बनानी चाहिए। मुसलमान कीड़े नहीं, बल्कि इंसान हैं और देश के नागरिक हैं।”

उनके ट्वीट के बाद मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि राज्य सरकार नियाज को नोटिस जारी कर जवाब तलब करेगी। मिश्रा ने कहा था कि नियाज़ खान मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं। वह अधिकारियों के लिए तय लक्ष्मण रेखा को लाँघ रहे हैं। इसके बाद राज्य सरकार ने 7 दिन में जवाब माँगते हुए नोटिस थमा दिया था।

नोटिस मिलने के बाद नियाज खान ने एक बार फिर ट्वीट किया था, “नोटिस मिलने के बाद नियाज ने दो ट्वीट किए। पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा, “जब आप कुरान में गहरी आस्था रखते हैं और सभी से प्यार करते हैं तो आपका दिल मजबूत बन जाता है। हमेशा न्याय के साथ खड़े रहो, ऊपर वाला तुम्हें शक्ति देगा। सभी गालियाँ दुआ में बदल जाएँगी। इंसान से नहीं सिर्फ ऊपर वाले से डरो। अल्लाह को बहादुरी पसंद है।”

राज्य प्रशासनिक सेवा (PCS) से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नत किए गए नियाज़ खान अपने विवादित ट्वीट के लिए चर्चा में रहे हैं। वो अपने हैंडल से सरकार और सिस्टम की लगातार आलोचना करते रहे हैं। कर्नाटक बुर्का विवाद के दौरान नियाज़ खान ने हिजाब को जीवन की सुरक्षा और प्रदूषण से बचाने के लिए जरूरी बताया था। 

किसान आंदोलन में विवादित ट्वीट करने वाली ग्रेटा थनबर्ग को IAS नियाज़ खान अपना आदर्श मानते हैं। वो इस बात की घोषणा अपने एक ट्वीट में कर चुके हैं। IAS नियाज़ खान अमेरिका और यूरोप को इस्लाम का सबसे बड़ा दुश्मन बताते हैं। उनके मुताबिक ये देश मुस्लिम मुल्कों को हमेशा आपस में लड़ाने की चाहत रखते हैं।

3 बच्चों का अब्बा रमीजुल इस्लाम सोशल मीडिया पर बना ‘मुन्ना गोगोई’, हिन्दू लड़की लेकर हुआ फरार: कोर्ट की बिल्डिंग से कूद भागने की कोशिश

असम के नगाँव से लव जिहाद का मामला सामने आया है। यहाँ एक मुस्लिम युवक पर नाम बदल कर हिन्दू लड़की को साथ भगा कर ले जाने का आरोप लगा है। पुलिस ने केस दर्ज कर के आरोपित को केरल से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित का नाम रमीजुल इस्लाम है जो 3 बच्चों का अब्बा है। रमीजुल केरल में भी पहचान बदल कर रह रहा था। घटना लगभग 2 माह पुरानी है। रमीजुल को 1 मार्च 2023 को गिरफ्तार कर के 3 दिन बाद 4 मार्च को अदालत में पेश किया गया था। आरोपित ने कोर्ट की बिल्डिंग से कूद कर पुलिस कस्टडी से भागने का प्रयास किया था लेकिन उसे पकड़ लिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला नौगाँव जिले के लाइलूरी गाँव का है। यहाँ रमीजुल इस्लाम अपने परिवार के साथ रहता था। उसके परिवार में बीवी के अलावा 3 नाबालिग बच्चे भी हैं। रमीजुल ने सोशल मीडिया पर मुन्ना गोगोई नाम से ID बना रखी थी। इसी प्रोफ़ाइल से रमीजुल ने नौगाँव की ही पूजा नाम की लड़की से सम्पर्क किया। कुछ दिनों की बातचीत के बाद दोनों में संबंध बन गए। आरोप है कि एक दिन अचानक ही रमीजुल पूजा को ले कर कही फरार हो गया।

लड़की की माँ ने इस घटना की पुलिस ने शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने रमीजुल की तलाश शुरू की तो उसकी लोकेशन केरल के एर्नाकुलम जिले में मिली। यहाँ पर वो मुर्गी बेचने का काम कर रहा था। दावा किया जा रहा है कि एर्नाकुलम में भी रमीजुल अपनी पहचान बदल कर रह रहा था। पुलिस ने 1 मार्च को रमीजुल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने रमीजुल की निशानदेही पर पूजा को भी बरामद कर लिया। दोनों को ले कर पुलिस असम आई। पूजा का आरोप है कि रमीजुल ने उस से खुद को हिन्दू बता कर जान पहचान की थी।

हालाँकि रमीजुल का दावा है कि पूजा को उसके मुस्लिम होने के बारे में पता था। इस बीच 4 मार्च को पुलिस रमीजुल को ले कर कोर्ट पहुँची थी। यहाँ उसने कोर्ट की बिल्डिंग से कूद कर पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया। हालाँकि, अपने इस प्रयास में रमीजुल घायल हो गया। उसे गिरफ्तार कर के इलाज के बाद जेल भेज दिया गया है।

MP में शोएब, अकरम और अब्दुल से NIA की पूछताछ: छापेमारी में मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आपत्तिजनक साहित्य, टेरर फंडिंग का है मामला

टेरर फंडिंग को लेकर राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में छापेमारी की। इस छापेमारी में एनआईए ने दो लोगों को हिरासत में लिया। हालाँकि, पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। साथ ही नोटिस देकर बेंगलुरु तलब किया है। जाँच एजेंसी ने आरोपितों के ठिकाने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, आपत्तिजनक साहित्य और हार्ड डिस्क, सिम सहित कई चीजें बरामद किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार (11 मार्च 2023) को एनआईए और प्रदेश पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते अब्दुल अजीज, शोएब खान और अकरम के घर पर छापेमारी की थी। इनमें से दो घरों से सिम, हार्ड डिस्क, आपत्तिजनक साहित्य और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किया। इसके बाद एनआईए ने तीनों आरोपितों के पूछताछ की।

हालाँकि, पूछताछ के बाद जाँच एजेंसी ने अकरम को छोड़ दिया। वहीं, आगे की पूछताछ और कार्रवाई के लिए शोएब खान और अब्दुल अजीज को हिरासत में लेकर जबलपुर ले जाया गया था। लेकिन, बाद में उन दोनों को भी छोड़ दिया।

इस मामले में सिवनी एसपी रामजी श्रीवास्तव ने कहा है कि साल 2021 में दिल्ली में दर्ज हुए एक मामले को लेकर एनआईए ने 3 लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। मामला टेरर फंडिंग से जुड़ा हुआ है। जाँच एजेंसी ने 3 लोगों से पूछताछ की है। इसमें पूछताछ के बाद अकरम को छोड़ दिया। वहीं, अजीज और शोएब खान को अपने साथ जबलपुर ले गई। बाद में उन्हें भी छोड़ दिया। जाँच एजेंसी ने आरोपितों के ठिकानों से सिम, हार्ड डिस्क, आपत्तिजनक साहित्य और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस समेत कुल 26 सामान जब्त किए हैं।

वहीं, इस मामले में मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि एनआईए ने पूछताछ के बाद हिरासत में लिए गए युवकों को छोड़ दिया है। साथ ही नोटिस देकर आगे की पूछताछ के लिए बेंगलुरु तलब किया है। गृह मंत्री ने यह भी कहा है कि जाँच पूरी होने तक कुछ भी कहना मुश्किल है। उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश शांति का टापू रहा है। इसलिए किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पनपने नहीं दी जाएगी। पुलिस पूरी तरह से तैयार है। बीते कुछ सालों में पीएफआई के सदस्यों समेत ऐसे कई आरोपित गिरफ्तार हुए हैं। मध्य प्रदेश का खुफिया तंत्र ऐसे तत्वों पर नजर रख रहा है। किसी भी मामले में संलिप्तता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

‘मुस्लिम भी इस्लामी मुल्क की माँग करेंगे’: मौलाना तौकीर रज़ा ने ‘हिन्दू राष्ट्र’ का किया विरोध, फारूक अब्दुल्ला बोले – 24 करोड़ मुस्लिमों को समुद्र में फेंकोगे?

इत्तेहाद मिल्लत काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र की माँग करने वालों पर सख्ती नहीं की गई तो कहीं मुस्लिम इस्लामी मुल्क की माँग न करने लगें। उधर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि 22-24 करोड़ मुस्लिमों को समंदर में नहीं फेंका जा सकता और ना ही चीन भेजा जा सकता है।

कभी तालिबान की बड़ाई करने वाले तौकीर रजा ने कहा कि अगर हिंदू राष्ट्र की माँग करने वाले सही हैं तो खालिस्तान की माँग करने वाले भी जायज हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह खालिस्तान की माँग करने वालों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, वैसे ही हिंदू राष्ट्र की माँग करने वालों पर भी मुदकमे दर्ज होने चाहिए।

युवाओं को भड़काते हुए तौकीर रजा ने कहा कि कहीं ऐसा ना हो कि हिंदू राष्ट्र की माँग करने वालों की वजह से ही मुस्लिम राष्ट्र माँग करने वाले खड़े हो जाएँ। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार लगातार मुस्लिमों और इस्लाम के दुश्मनों की पीठ थपथपा रही है। उन्होंने पीएम के आपत्तिजनक बयान देते हुए उन्हें आज का धृतराष्ट्र बता दिया।

तौकीर रजा यहीं नहीं रूके। उन्होंने कहा कि एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि देश भर में 10 लाख मुस्लिम लड़कियों को बहला-फुसला और लालच देकर उनका धर्मांतरण करा दिया गया। इसके बाद उनकी हिंदू लड़कों से शादी करा दी गई और इसे घरवापसी का नाम दिया गया। उन्होंने कहा कि देश की अखंडता की रक्षा के लिए वे 15 मार्च को बरेली से दिल्ली तक तिरंगा यात्रा निकालेंगे।

उधर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार देश को धार्मिक लकीरें खींचकर बाँट रही है और इस पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “ये लोग 22-24 करोड़ मुस्लिमों के साथ क्या करेंगे? क्या उन्हें समंदर में फेंक देंगे या उन्हें चीन भेज देंगे?”

उन्होंने कहा कि गाँधी जी रामराज्य की बात करते थे। इसका मतलब एक ऐसे कल्याणकारी राज्य से था, जहाँ सभी लोगों को बराबरी का मौका मिले और किसी के खिलाफ कोई भेदभाव ना हो। उन्होंने कहा कि इस देश में विभाजन की राजनीति नहीं होनी चाहिए।

खेत में टूथब्रश लेकर गाने वाले बिहार के मजदूर को हिमेश रेशमिया ने दिया मौका: ‘तेरी आशिकी ने मारा’ गाने से किया लॉन्च, ‘इंडियन आइडल’ में भी मिला सम्मान

बिहार के समस्तीपुर का एक मजदूर सोशल मीडिया पर ऐसा सेंसेशन बना कि इस लोकप्रियता ने उसे ‘इंडियन आइडल’ के मंच पर पहुँचा दिया। ‘सोनी टीवी’ के कार्यक्रम में अमरजीत जयकार ने ‘चिट्ठी न कोई संदेश’ गाकर दिवंगत अभिनेता सतीश कौशिक को श्रद्धांजलि दी। अब हिमेश रेशमिया ने उन्हें अपने एल्बम में गाने का मौका दिया है। दिग्गज संगीतकार के स्टूडियो में गाते हुए अमरजीत जयकार का वीडियो भी वायरल हो रहा है।

अमरजीत जयकार ने इस वीडियो को साझा करते हुए बताया कि उन्हें ये बताते हुए काफी ख़ुशी हो रही है कि हिमेश रेशमिया ने ‘इंडियन आइडल’ के मंच पर उनका गाना सुन कर उन्हें अपने एल्बम ‘हिमेश के दिल से’ में ‘तेरी आशिकी ने मारा 2.0’ गाने में मौका दिया है। अमरजीत जयकार ने कहा कि इस मौके के लिए वो हिमेश रेशमिया और ‘इंडियन आइडल’ को धन्यवाद देना चाहता हैं। उन्होंने गाने का टीजर भी जारी किया।

दरअसल, ये पूरा गाना ‘हिमेश रेशमिया मेलोडीज’ नामक यूट्यूब चैनल पर आएगा। अमरजीत जयकार ने अपील की कि आपलोग जाकर चैनल को सब्सक्राइब करें और ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। उन्होंने समर्थन के लिए लोगों को भी धन्यवाद कहा। हिमेश रेशमिया ने भी अमरजीत जयकार को बेहतरीन गायक बताते हुए कहा कि उन्हें लॉन्च करते हुए काफी ख़ुशी हो रही है। इस गाने का लिरिक्स शब्बीर अहमद ने लिखा है। याद हो कि हिमेश रेशमिया ने ट्रेन में गाने वाली रानू मंडल को भी मौका दिया था।

समस्तीपुर के पटोरी के रहने वाले अमरजीत जयकार के मुरीद अभिनेता सोनू सूद भी हो गए थे। ट्विटर पर उनका जो वीडियो वायरल हुआ था, उसमें वो आनंद राज आनंद का ‘दिल से दिया है, जान तुम्हें देंगे’ गाते हुए दिख रहे थे। सोनू सूद ने इस पर कमेंट किया था, “एक बिहारी, सौ पर भारी।” सोनू सूद की फिल्म ‘फ़तेह’ में भी उनका गाना होगा। अमरजीत का जो वीडियो वायरल हुआ था, उसमें वो हाथ में टूथब्रश लिए खेत में गाते हुए दिख रहे थे और आसपास कुछ बच्चे खेल रहे थे।

‘मैं मरना नहीं चाहता – दर्द से तड़पते सतीश कौशिक ने कहा था’: मैनेजर का खुलासा, फार्महाउस के मालिक की पत्नी बोली – मेरे पति के दाऊद से संबंध

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और डायरेक्टर सतीश कौशिक के निधन को लेकर कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। निधन से पहले सतीश कौशिक जिस फॉर्महाउस में रुके हुए थे, वह उद्योगपति विकास मालू का था। विकास की पत्नी ने उस पर कौशिक की हत्या का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि विकास के दाऊद इब्राहिम से संबंध हैं और वह देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं। पुलिस ने इन आरोपों की जाँच शुरू कर दी है। वहीं, सतीश कौशिक के मैनेजर ने उनके निधन से पहले की पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया है।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, विकास मालू की पत्नी सान्वी मालू ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है। इस पत्र में सान्वी ने कहा है कि विकास ने सतीश कौशिक से 15 करोड़ रुपए लिए थे। ये पैसे न देने पड़ें। इसलिए विकास ने साजिश रची और जहर देकर उनकी हत्या कर दी। यही नहीं, सान्वी ने दावा किया है कि विकास ने फॉर्महाउस में बहुत सारे प्रतिबंधित ड्रग्स रखे हुए थे। इसमें गाँजा और चरस जैसे नशीले पदार्थ शामिल हैं।

इसके अलावा, सान्वी ने एक पार्टी की विकास मालू और दाऊद इब्राहिम के बेटे अनस इब्राहिम तथा सतीश कौशिक के साथ अपनी फोटो भी शेयर की है। इस फोटो को लेकर विकास मालू की पत्नी ने कहा है कि विकास और दाऊद इब्राहिम के संबंध हैं और वह देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त है।

सतीश कौशिक के मैनेजर ने बताया पूरा घटनाक्रम

सतीश कौशिक के मैनेजर संतोष राय ने ईटाइम्स के साथ हुए इंटरव्यू में कहा है, “सतीश कौशिक ने रात 8:30 बजे डिनर किया था। हमें 8 मार्च को सुबह 5:09 बजे की फ्लाइट से मुंबई लौटना था। इसको लेकर उन्होंने ने मुझसे कहा – संतोष, चलो जल्दी सो जाते हैं। हमें सुबह फ्लाइट पकड़नी है। मैंने कहा, ठीक है सर जी। इसके बाद मैं बगल के कमरे में सोने चला गया।”

संतोष ने आगे कहा है, “रात करीब 11 बजे उन्होंने मुझे फोन किया और कहा, संतोष आओ मुझे वाईफाई पासवर्ड ठीक करना है। मैं, ‘कागज 2’ (कौशिक के निर्देशन में बनी फिल्म जिसकी शूटिंग पूरी हो चुकी है) देखना चाहता हूँ। उन्होंने रात 11:30 बजे फिल्म देखना शुरू किया और मैं अपने कमरे में वापस चला गया। रात 12:05 बजे उन्होंने जोर से चिल्लाते हुए मुझे बुलाया। इस पर मैं दौड़ता हुआ गया और उनसे पूछा, “क्या हुआ सर? क्यों चिल्ला रहे हैं? आपने मुझे फोन क्यों नहीं किया? उन्होंने मुझसे कहा, “सुनो, मुझे साँस लेने में तकलीफ हो रही है। प्लीज मुझे डॉक्टर के पास ले जाओ। इसके बाद, वह और मैं कार की ओर गए और वह बैठ गए।”

सतीश कौशिक के मैनेजर संतोष ने आगे कहा है कि रास्ते में उनके सीने का दर्द बढ़ रहा था। दर्द बढ़ने पर उन्होंने कहा कि जल्दी हॉस्पिटल ले चलो। संतोष ने कहा है, “सतीश कौशिक ने दर्द से तड़फते हुए कहा, “मैं मरना नहीं चाहता।” तबीयत बिगड़ने पर वह डर रहे थे। निधन से पहले कार में हॉस्पिटल जाते समय उन्होंने मुझसे उनकी पत्नी शशि और बेटी वंशिका का ख्याल रखने के लिए भी कहा।” इस बारे में मैनेजर संतोष ने कहा है कि कार में उनसे सतीश कौशिक ने कहा था, “मुझे वंशिका के लिए जीना है। मुझे लगता है मैं नहीं बचूँगा। शशि और वंशिका का ख्याल रखना।”

मैनेजर ने आगे कहा है कि हॉस्पिटल ले जाते समय सतीश ने रास्ते में रिस्पॉन्ड करना बंद कर दिया था। हालाँकि, उन्हें यह नहीं लगा था कि सतीश अब नहीं रहे। क्योंकि, वह अक्सर उनके कंधे पर सिर रखकर सो जाते थे। हॉस्पिटल पहुँचने के बाद डॉक्टर ने उनकी जाँच की और कहा कि वह रिस्पॉन्ड नहीं कर रहे हैं। संतोष ने कहा है, “उस समय 12:36 हो रहे थे। मैंने सतीश जी के बहन के बच्चों को कॉल करके बुलाया। फिर सतीश जी की पत्नी शशि को फोन किया। लेकिन मैंने उन्हें उनके निधन के बारे में नहीं कहा। मैंने सिर्फ यह कहा था कि वह सीरियस हैं।”

पडेट: सतीश कौशिक की पत्नी ने विकास मालू की पत्नी के आरोपों को सिरे से नकार दिया है और कहा है कि इस मामले में आगे की जाँच नहीं होनी चाहिए, क्योंकि पुलिस ने सारी जाँच-पड़ताल कर ली है। उन्होंने कहा कि मौत के बाद एक एजेंडे के तहत उनके पति को बदनाम किया जा रहा है।”

IRCTC स्कैम, चारा चोरी, आय से अधिक संपत्ति, अब लालू परिवार का ‘लैंड फॉर जॉब’ घोटाला: समझिए किस-किस को फायदा, कैसे दिया गया अंजाम

रेलवे में नौकरी के बदले जमीन लेने के मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किल बढ़ती जा रही है। इस मामले की जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) मामले की जाँच कर रही है। इसको लेकर इससे जुड़े लोगों के यहाँ लगातार छापेमारी भी की जा रही है।

सबसे ताजा मामले में ED ने लालू यादव के बेटे और बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और उनकी बहन रागिनी यादव सहित उनसे जुड़े लोगों के 24 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने 10 मार्च 2023 को छापेमारी की। इस छापेमारी में करोड़ों रुपए की नकदी और आभूषण के अलावा 600 करोड़ रुपए की संपत्ति का पता चला है।

लैंड पर जॉब घोटाला (Land for job scam) क्या है और इसे कैसे अंजाम दिया गया, इसके बारे में हम विस्तार से बताएँगे। इस घोटाले में किन-किन लोगों को क्या-क्या फायदा पहुँचाया गया और जाँच एजेंसियों ने लालू और उनके परिवार पर क्या-क्या आरोप लगाए हैं, इसकी हम चर्चा करेंगे।

बात कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए-1 के शासनकाल सन 2004-2009 के बीच की है। बिहार में 15 साल तक सत्ता के सिरमौर रहे लालू प्रसाद यादव उस समय रेल मंत्री थे। सन 2008 में रेलवे में नौकरी देने के बदले अभ्यर्थियों से रिश्वत के रूप में जमीन ली गई। ये जमीन पटना सहित अन्य जगहों पर ली गई।

अभ्यर्थियों को रेलवे के ग्रुप-डी में नौकरी देने के लिए रेलवे की तरह से कोई नोटिफिकेशन नहीं निकाला गया। जिन लोगों ने जमीनें दीं, उन्हें तीन दिन के अंदर रेलवे में मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में नौकरी दे दी गई। जिन लोगों को नौकरी दी गई, उनमें से कुछ लोगों ने फर्जी प्रमाण-पत्र का भी उपयोग किया।

सीबीआई ने अपनी जाँच में पाया कि लालू यादव को पटना को 1.05 लाख वर्ग फीट जमीन दी गई। इन जमीनों का सौदा नकद में और बेहद कम कीमत पर किया गया। लालू यादव और उनके परिजनों को 7 उम्मीदवारों ने नौकरी के बदले में जमीनें दी थीं। इनमें से 5 जमीनों की बिक्री हुई थी, जबकि दो गिफ्ट के तौर पर दिए गए थे।

क्या हुई थी डील?

केंद्रीय जाँच एजेंसी CBI ने अपनी इन्वेस्टिगेशन में पाया कि इसमें सिर्फ लालू यादव ही नहीं, उनके पर्सनल असिस्टेंट रहे भोला यादव, उनकी पत्नी राबड़ी, बेटा तेजस्वी यादव, बेटी मीसा भारती, हेमा यादव सहित कुछ उम्मीदवारों भी शामिल हैं। इस मामले में सीबीआई ने मई 2022 में भ्रष्टाचार का नया केस दर्ज किया था।

मामला-1: जाँच में सीबीआई ने पाया कि फरवरी 2007 में पटना के रहने वाले हजारी राय ने 9,527 वर्ग फीट अपनी जमीन एके इन्फोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड को बेच दी। यह जमीन 10.83 लाख रुपए में बेची गई थी। बाद में हजारी राय के दो भतीजों दिलचंद कुमार और प्रेमचंद कुमार को रेलवे में नौकरी मिली।

सीबीआई की जाँच में यह बात भी सामने आई कि साल 2014 में एके इन्फोसिस्टम के सारे अधिकार और उसकी सारी संपत्तियाँ राबड़ी देवी और मीसा भारती के नाम पर चली गईं। साल 2014 में राबड़ी देवी ने इस कंपनी के ज्यादातर शेयर खरीद लिए और इस कंपनी की डायरेक्टर बन गईं।

मामला-2: नवंबर 2007 में पटना की रहने वाली किरण देवी नाम की महिला ने अपनी 80,905 वर्ग फीट की जमीन लालू यादव की बेटी मीसा भारती के नाम पर कर दी। यह सौदा सिर्फ 3.70 लाख रुपए में हुआ था। बाद में किरण देवी के बेटे अभिषेक कुमार को मुंबई में भर्ती किया गया।

मामला-3: इसी तरह 6 फरवरी 2008 को पटना के रहने वाले किशुन देव राय ने अपनी 3,375 वर्ग फीट जमीन लालू यादव की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को बेच दी। यह जमीन 3.75 लाख रुपए में बेची गई थी। इसके बदले में किशुन राय के परिवार के तीन लोगों को रेलवे में नौकरी दी गई।

मामला-4: इसी तरह फरवरी 2008 में पटना के महुआबाग में रहने वाले संजय राय ने 3,375 वर्ग फीट की अपनी प्लॉट को राबड़ी देवी को बेच दिया। यह प्लॉट 3.75 लाख रुपए में बेची गई। इसके बदले में संजय राय और उनके परिवार के दो सदस्यों को रेलवे में नौकरी दी गई थी।

मामला-5: इसी तरह मार्च 2008 में ब्रिज नंदन राय ने 3,375 वर्ग फीट की अपनी जमीन गोपालगंज के रहने वाले ह्रदयानंद चौधरी को 4.21 लाख रुपए में बेच दी। बाद में ह्रदयानंद चौधरी ने यह जमीन लालू यादव की बेटी हेमा को तोहफे में दे दी। ह्रदयानंद चौधरी को साल 2005 में हाजीपुर में रेलवे में भर्ती किया गया था।

सीबीआई ने अपनी जाँच में पाया कि ह्रदयानंद चौधरी लालू यादव का रिश्तेदार नहीं था, इसके बावजूद उसने जमीन लालू यादव की बेटी को गिफ्ट किया था। जिस वक्त यह जमीन गिफ्ट की गई थी, उस वक्त उसकी कीमत लगभग 62 लाख रुपए थी।

मामला-6: मार्च 2008 में विशुन देव राय ने अपनी 3,375 वर्ग फीट की जमीन सिवान के रहने वाले ललन चौधरी को बेची। उसी साल ललन के पोते पिंटू कुमार को पश्चिमी रेलवे में भर्ती कराया गया। इसके बाद फरवरी 2014 में ललन चौधरी ने यह जमीन लालू यादव की एक और बेटी हेमा यादव को गिफ्ट कर दी।

मामला-7: इसी तरह मई 2015 में पटना के रहने वाले लाल बाबू राय ने अपनी 1,360 वर्ग फीट जमीन राबड़ी देवी को 13 लाख रुपए में बेच दी। सीबीआई की जाँच में पता चला कि साल 2006 में लाल बाबू राय के बेटे लाल चंद कुमार को रेलवे में नौकरी दी गई थी।

करोड़ों की जमीन कौड़ियों के भाव लिए

CBI जाँच में पाया कि लालू यादव और उनके परिवार ने बिहार में 1.05 लाख वर्ग फीट की जमीन सिर्फ 26 लाख रुपए में हासिल की थी। वहीं, उस समय के सर्किल रेट के अनुसार उन जमीनों की कुल कीमत 4.40 करोड़ रुपए के करीब थी। सीबीआई ने यह पाया कि जमीन की खरीद के मामले में अधिकतर जमीनों के लिए नकद में पैसे दिए गए थे।

सीबीआई ने यह पाया कि 7 लोगों से करोड़ों रुपए की जमीन लेकर 12 लोगों को नौकरी दी गई थी। इन जमीनों को या तो सीधे लालू परिवार को बेच दिया गया, गिफ्ट कर दिया गया या फिर अन्य लोगों के जरिए रूट करके अंतत: लालू परिवार को दे दी गई।

ED की कार्रवाई

ED ने शुक्रवार (10 मार्च 2023) को लालू यादव के करीबियों के दिल्ली, मुंबई, नोएडा, राँची, गाजियाबाद और पटना में 24 जगहों पर रेड डाली थी। जिन जगहों पर रेड डाली गई, उनमें दिल्ली स्थित तेजस्वी यादव के घर के साथ-साथ लालू यादव की तीन बेटियों- हेमा, रागिनी और चंदा के घर भी शामिल हैं। ED ने लालू यादव के समधी जितेंद्र यादव के गाजियाबाद स्थित आवास पर भी छापा मारा।

लालू के समधी जितेंद्र यादव के आवास पर ED की कार्रवाई 16 घंटे तक चली। एजेंसी 3 बड़े बॉक्से में कागजात भरकर भी अपने साथ ले गई है। जितेंद्र यादव समाजवादी पार्टी (SP) के MLC रह चुके हैं और गाजियाबाद के RDC राजनगर इलाके में रहते हैं।

वहीं, लालू के करीबी और RJD के पूर्व विधायक अबू दोजाना के घर पर छापेमारी के दौरान ED ने सेप्टिक टैंक की खुदाई भी की। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने ED की कार्रवाई का वीडियो शेयर कर ट्वीट कर लिखा है, “सेप्टिक टैंक की खुदाई से गैस मिली। चाय बनाने के लिए मोदी साहब के लिए भर-भर ट्रक लेके गए हैं जमाई।”

तेजस्वी का 150 करोड़ का मकान और 600 करोड़ रुपए की संपत्ति की जानकारी

प्रवर्तन निदेशालय ने 10 मार्च 2023 को रेड मारा, जिसमें दिल्ली के पॉश इलाके न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में तेजस्वी यादव के 150 करोड़ की कीमत के बंगले जानकारी सामने आई है। कागजों में चार मंजिल वाले इस बंगले की बिक्री की कीमत सिर्फ 4 लाख रुपए दर्ज की गई है।

इतना ही नहीं, रेड के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने लालू यादव की बेटी और तेजस्वी यादव की बहन रागिनी यादव के घर पर रेड के दौरान करोड़ों रुपए कीमत के आभूषण और नकदी बरामद किए। रागिनी यादव के यहाँ से 54 लाख रुपए की नकदी और करोड़ों रुपए का 1.5 किलोग्राम आभूषण बरामद किए गए।

ED ने कहा, “छापे में लगभग 600 करोड़ रुपए की आपराधिक आय वाली संपत्ति का पता चला है। इसमें 350 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति और 250 करोड़ रुपए के लेनदेन के रूप में है।” एजेंसी का कहना है कि इस पैसे का कुछ हिस्सा न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी का बंगला खरीदने में चला गया, जो मुंबई की कुछ आभूषण कारोबारी संस्थाओं के माध्यम से रूट किया गया।

ED का यह भी कहना है कि लालू यादव के परिवार ने रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरी के गरीब आवेदकों से सिर्फ 7.5 लाख रुपए में चार पार्सल जमीन लिया गया था। इसे राबड़ी देवी द्वारा 3.5 करोड़ रुपए के भारी लाभ के साथ आरजेडी के पूर्व विधायक सैयद अबू दोजाना को बेचा गया था।

पिछले साल लालू सहित कई नेताओं के यहाँ छापेमारी

CBI ने मई 2022 में जमीन के बदले नौकरी देने के मामले में लालू यादव के अलावा उनकी पत्नी राबड़ी देवी, दो बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव, भोला यादव समेत लालू के करीबियों और परिजनों के दर्जन भर से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद CBI ने 24 अगस्त 2022 को RJD नेताओं के यहाँ दोबारा छापेमारी की।

CBI ने इस मामले में इस साल मई में लालू यादव, उनकी पत्नी और पूर्व CM राबड़ी देवी, उनकी बेटियों मीसा यादव और हेमा यादव के अलावा नौकरी पाने के बदले में कम कीमत में जमीन देने वाले कुछ अयोग्य उम्मीदवारों समेत 16 लोगों को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ FIR दर्ज की थी।

IRCTC घोटाले में भी लालू परिवार

IRCTC का मामला रेलवे भर्ती घोटाले से अलग है। IRCTC घोटाले को भी लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए अंजाम दिया गया था। दरअसल, नए नियम के तहत उस दौरान रेलवे बोर्ड ने रेलवे कैटरिंग और रेलवे की होटलों की सेवा को IRCTC को सौंप दिया था।

इस दौरान झारखंड की राजधानी राँची और ओडिशा के पुरी के होटल के रखरखाव, संचालन और मरम्मत को लेकर जारी किए गए टेंडर में कई अनियमिताओं को अंजाम दिया गया। टेंडर में गड़बड़ी करते हुए इसका टेंडर साल 2006 में निजी होटल सुजाता को दे दिया गया था।

आरोप है कि सुजाता होटल्स के मालिकों ने इस टेंडर को हासिल करने के बदले लालू यादव और उनके परिवार को पटना में तीन एकड़ जमीन दी थी। यह जमीन बेनामी संपत्ति थी। इस मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत कई लोग आरोपित बनाए गए हैं। इस घोटाले में लालू, राबड़ी और तेजस्वी जमानत पर हैं। वहीं, लालू के OSD भोला यादव जेल में हैं।

लालू यादव पर चारा घोटाला

चारा घोटाले से जुड़े पाँच अलग-अलग मामलों में लालू यादव को कोर्ट ने सजा सुना दिया है। जिन मामलों में कोर्ट ने सजा सुनाई है, वे हैं- चाईबासा कोषागार से अवैध रूप से 37.7 करोड़ रुपए की निकासी, देवघर सरकारी कोषागार से 84.53 लाख रुपए की अवैध निकासी, चाईबासा कोषागार से जुड़े एक अन्य मामले में 33.67 करोड़ रुपए की अवैध निकासी। 

इसके अलावा, दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपए की अवैध निकासी, डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपए की अवैध निकासी शामिल है। इन सभी मामलों में उन्हें सजा मिल चुकी है। हालाँकि, फिलहाल वे जमानत पर हैं।

सिम बॉक्स, पाकिस्तानी हैंडल्स, भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट में गड़बड़ी की धमकी: गुजरात पुलिस ने MP से 2 खालिस्तानियों को दबोचा

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच अहमदाबाद टेस्ट मैच में बाधा डालने के आरोप में गुजरात पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपित खालिस्तान समर्थक बताए जा रहे हैं। दोनों की गिरफ्तारी मध्य प्रदेश के रीवा और सतना जिलों से हुई है। दोनों पर मैच में गड़बड़ी की धमकी देने के लिए सिम बॉक्स (एक गेटवे से लिंक कई नंबरों वाले सिम कार्ड रखने वाली तकनीक) के साथ पाकिस्तान के फर्जी ट्विटर हैंडलों और के इस्तेमाल का आरोप है। पुलिस ने इसका खुलासा रविवार (12 मार्च 2023) को किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह धमकी भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले चौथे टेस्ट मैच के लिए दी गई थी। 9 मार्च 2023 को होने वाले इस मैच के उद्घाटन समारोह में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भारत दौरे पर आए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज भी मौजूद थे। इस टेस्ट मैच के पहले धमकी भरे मैसेज वायरल किए गए थे। ये धमकी खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने दी थी। पन्नू SFJ (सिख फॉर जस्टिस) नाम का खालिस्तानी संगठन चलाता है।

टेस्ट मैच के दौरान इस धमकी के बाद गुजरात पुलिस हाई अलर्ट पर आ गई थी। साइबर सेल और क्राइम ब्रान्च की टीमों को आरोपितों की धर-पकड़ के लिए लगाया गया था। धमकी देने वालों की लोकेशन मध्य प्रदेश के अलावा UP, बिहार और पंजाब से मिल रही थी। इसी की जाँच करते हुए पुलिस टीम मध्य प्रदेश के सतना और रीवा पहुँच गई। यहाँ पुलिस को 2 ऐसे लोग मिले, जिन्होंने सिम बॉक्स तकनीकी के साथ पाकिस्तान के फर्जी हैंडल बना कर मैच में गड़बड़ी की धमकी को वायरल किया था।

पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपितों के नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और उनका पाकिस्तान से कोई कनेक्शन तो नहीं। दरअसल सिम बॉक्स टेक्नोलॉजी को ट्रेस करना काफी मुश्किल काम होता है। पकड़े गए आरोपितों से पुलिस की पूछताछ चल रही है। उनकी पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। गौरतलब है कि अहमदाबाद में भारत-ऑस्ट्रलिया के बीच चौथे दिन का खेल जारी है। ऑस्ट्रेलिया पहली पारी में 480 रन बना पाया। इसके जवाब में भारत ने 5 विकेट पर 400 रन बना डाले हैं। मैच से पहले उज्जैन महाकाल के दर्शन कर के लौटे विराट कोहली ने इस मैच में शतक जड़ा है।