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केरल के इस मुस्लिम जोड़े को निकाह के 29 साल बाद दोबारा करनी पड़ी शादी, कारण – इस्लामी कानून में बेटियों को संपत्ति में बराबरी का अधिकार नहीं

केरल के कासरगोड जिले में एक मुस्लिम जोड़े ने निकाह के 29 साल बाद फिर शादी कर ली। उन्होंने यह शादी अपनी तीन बेटियों की आर्थिक सुरक्षा के लिए विशेष विवाह अधिनियम (Special Marriage Act) के तहत की है। दरअसल, शरिया कानून के अनुसार बेटियों को संपत्ति में बराबर अधिकार नहीं मिलता। इसलिए उन्हें दोबारा शादी करनी पड़ी। शादी बुधवार (8 मार्च, 2023) को हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह शादी अभिनेता और वकील सी शुक्कुर ने की है। शुक्कुर ने साल 2022 में आई फिल्म ‘नना थान केस कोडू’ में वकील की भूमिका निभाई थी। शुक्कुर की पत्नी शीना महात्मा गाँधी विश्वविद्यालय की पूर्व वाइस चांसलर हैं। दोनों ने साल साल 1994 में निकाह किया था। यानी अब एक बार फिर 29 साल बाद दोनों ने शादी की है।

सी शुक्कुर और शीना ने यह शादी कसारगोड जिले के होसदुर्ग तालुक के कान्हागढ़ में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में की। इस दौरान उनकी बेटियाँ भी मौजूद रहीं। गौरतलब है कि कुछ पश्चिमी देशों में विवाहित स्त्री-पुरुष दोबारा शादी करते हैं। यह शादी मैरिज एनिवर्सरी, यानी शादी की सालगिरह मनाने के लिए किया जाता है। हालाँकि, मुस्लिम जोड़े शुक्कुर और शीना ने यह शादी इस्लामी कानून में लड़कियों को बराबरी का अधिकार न मिलने के कारण करनी पड़ी।

एक फेसबुक पोस्ट में शुक्कुर ने कहा है कि हाल के दिनों में कुछ ऐसा हुआ जिससे वह यह सोचने में मजबूर हो गए कि वह मृत्यु के बाद अपनी बेटियों के लिए क्या छोड़ कर जाएँगे। उनकी चिंता थी कि क्या उनकी संपत्ति में उनकी बेटियों को पूरा अधिकार मिलेगा।

दरअसल, शरिया कानून में बेटियों को पिता की संपत्ति में बराबरी का अधिकार नहीं मिलता है। इसका मतलब यह है कि शुक्कुर की मौत के बाद उनकी बेटियों को संपत्ति में सिर्फ 2 तिहाई हिस्सा ही मिलता। चूँकि शुक्कुर के बेटा नहीं है। ऐसे में शेष बचे हिस्से में शुक्कुर के भाइयों का अधिकार होगा। ऐसे में शुक्कुर ने अपनी बेटियों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत दोबारा शादी करने का फैसला किया।

बिहार की कोर्ट में तमिलनाडु CM स्टालिन के खिलाफ 18 मार्च को होनी है सुनवाई, हिंसा को लेकर पप्पू यादव की पार्टी के नेता ने की थी शिकायत

आरोप लग रहे हैं कि तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों के खिलाफ हिंसा हुई है और वहाँ हिंदी भाषियों को निशाना बनाया गया है। हालाँकि, तमिलनाडु पुलिस ने इन आरोपों को नकार दिया है और पाया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कई तवीरें और वीडियोज फर्जी थे। इस मामले में कुछ गिरफ्तारियाँ भी की गई हैं। बिहार पुलिस ने भी यूट्यूबर मनीष कश्यप समेत कुछ लोगों पर केस दर्ज किया है। मामला अब भी पूरी तरह गर्म है।

इस बीच ये मामला अब बिहार की अदालत में भी पहुँच गया है। पप्पू यादव की ‘जन अधिकार पार्टी (JAP)’ के एक नेता ने इन घटनाओं को लेकर केस दर्ज कराया है। मुजफ्फरपुर के CGM कोर्ट में दायर परिवाद में कहा गया है कि तमिलनाडु में हिन्दू बोलने वालों पर हमले किए जा रहे हैं। ये केस तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और वहाँ की सत्ताधारी पार्टी DMK के प्रमुख एमके स्टालिन के विरुद्ध दर्ज कराया गया है। शनिवार (18 मार्च, 2023) को कोर्ट इस पर सुनवाई करेगा।

इस परिवाद को दायर करने वाले वेद प्रकाश मुजफ्फरपुर में JAP के जिलाध्यक्ष हैं। इस परिवाद में कहा गया है कि कई चैनलों पर ये देखा गया है कि तमिलनाडु में वहाँ की स्थानीय तमिल भाषा न बोलने के कारण लोगों के साथ बेरहमी से मारपीट की जा रही है। इसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास भी ज्ञापन भेजा गया है। इसमें उचित कानूनी कार्रवाई की माँग की गई है। इस परिवाद को शनिवार (4 मार्च, 2023) को दायर किया गया है।

वेद प्रकाश ने इस परिवाद को अपने वकील के माध्यम से दायर कराया है। इसमें लिखा है कि भाषा के आधार पर न सिर्फ बिहारी मजदूरों को तमिलनाडु में भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि उनके साथ मारपीट कर के उन्हें भगाया भी जा रहा है। इसमें ये भी लिखा है कि बिहारियों की हत्या और उनका अपहरण किया जा रहा है। ये बड़ा आरोप भी लगाया गया है कि तमिलनाडु सरकार लाश छिपा रही है। हालाँकि, पुलिस ने ऐसे कई मामलों को फर्जी पाया है।

‘खूँखार कैदियों के बीच रखा’: मनीष सिसोदिया पर AAP के ‘प्रोपेगेंडा’ को तिहाड़ ने किया फुस्स, केजरीवाल सरकार के ही अधीन है जेल

दिल्ली में हुए शराब घोटाला के मामले में पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया फ़िलहाल तिहाड़ जेल में हैं। भले ही उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया हो, लेकिन अभी भी वो AAP के नेता हैं और उन्हें लेकर पार्टी खुल कर मुखर है। अब नए-नवेले मंत्री बनने जा रहे सौरभ भारद्वाज ने कुछ ऐसे आरोप लगा दिए, जिसके बाद दिल्ली सरकार और तिहाड़ जेल प्रशासन में ठन गई। AAP अब भी कह रही है कि सौरभ भारद्वाज केंद्र की मोदी सरकार के षड्यंत्र के कारण जेल में हैं।

सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि एक साजिश के तहत मनीष सिसोदिया को तिहाड़ के ‘जेल नंबर 1’ में खूँखार कैदियों के साथ रखा गया है। पार्टी का कहना है कि फर्स्ट टाइम अंडरट्रायल को इस तरह देश के सबसे खतरनाक और हिंसक कैदियों के साथ नहीं रखा जा सकता। इतना ही नहीं, पार्टी ने इन कैदियों को मानसिक बीमार बता कर मनीष सिसोदिया की हत्या तक की आशंका जता दी। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा की दिल्ली में हार का बदला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस तरह से ले रहे हैं।

हालाँकि, अब तिहाड़ जेल प्रशासन का इस पर जवाब आया है। बताया गया है कि मनीष सिसोदिया की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें जेल के अलग वार्ड में रखा गया है। वहाँ ऐसे कैदी हैं जो गैंगस्टर नहीं हैं और जेल के भीतर उनका आचरण भी अच्छा है। जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मनीष सिसोदिया ध्यान या अन्य गतिविधि बिना किसी व्यवधान के कर सकते हैं। जेल प्रशासन ने आपके सारे आरोपों को निराधार करार दिया है।

तिहाड़ जेल प्रशासन पर ये आरोप लगाने वाले सौरभ भारद्वाज ‘दिल्ली जल बोर्ड’ के अध्यक्ष हैं और आपके राष्ट्रीय प्रवक्ता भी। मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। यहाँ ये जानने वाली बात है कि तिहाड़ जेल दिल्ली सरकार के ही अधिकारी क्षेत्र में आता है। जब आप तिहाड़ जेल की वेबसाइट पर जाएँगे, तो मुख्य पृष्ठ पर ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुस्कुराती हुई तस्वीर आपका स्वागत करेगी

तिहाड़ जेल के मुख्य पृष्ठ पर सीएम अरविंद केजरीवाल की मुस्कुराती हुई तस्वीर

इसकी वेबसाइट पर स्पष्ट लिखा है कि दिल्ली के जेल NCT (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) की सरकार के अंतर्गत आते हैं। दिल्ली के गृह सचिव, जेल विभाग के एडमिनिस्ट्रेटिव सेक्रेटरी होते हैं। तिहाड़ दुनिया के सबसे बड़े जेल परिसरों में से एक है। दिल्ली के 16 जेलों में 19,500 कैदी हैं। दिल्ली सरकार और नए जेल भी बनवा रही है। इसका अर्थ है कि दिल्ली सरकार उस विभाग पर आरोप लगा रही है, जिसके संचालन और प्रशासन का काम उसके ही अधिकार क्षेत्र में आता है।

नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मैच, टॉस का सिक्का भी उछालेंगे PM मोदी ही: मीडिया में चर्चा, लोग पूछ रहे- रोहित शर्मा ही होंगे कप्तान?

क्रिकेट को लेकर भारत में दीवानगी किसी के छिपी नहीं है। ऐसे में फ़िलहाल चल रही ‘बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी’ भी चर्चा में है। 4 मैचों की इस टेस्ट सीरीज में भारत फ़िलहाल 2-1 से आगे है, जिसके बाद सभी की निगाहें अहमदाबाद में होने वाले चौथे मैच पर टिकी हैं। ये मैच अहमदाबाद स्थित ‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’ में गुरुवार (9 मार्च, 2023) से खेला जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस मैच को देखने जाने वाले हैं, ऐसे में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज भी अहमदाबाद पहुँच रहे हैं, ऐसे में कूटनीतिक रूप से भी इस मैच का महत्व बढ़ गया है। दोनों देशों के प्रधानमंत्री विशिष्ट दर्शन दीर्घा में उपस्थित रहेंगे। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी कहा जा रहा है कि इस मैच के शुरू होने वक्त टॉस के लिए सिक्का पीएम नरेंद्र मोदी ही उछालेंगे। भारत का लक्ष्य होगा कि इस मैच में जीत के साथ ही वो ‘वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC)’ के फाइनल में भी पहुँच जाए।

BGT 2023 में अब तक हुए मैचों में स्पिनरों का दबदबा रहा है। इस सीरीज में भारत की तरफ से बल्लेबाजी उतनी अच्छी नहीं हुई है। रोहित शर्मा ने एक पारी में शतक लगाया था, वहीं अक्षर पटेल दो अर्धशतक लगा चुके हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया के कप्तान तेज गेंदबाज पैट कमिंस के वापस लौटने के बाद स्टीवन स्मिथ कप्तान बनाए गए, जिन्होंने अपनी टीम को जीत भी दिलाई। कमिंस की माँ बीमार हैं, ऐसे में उन्हें ये श्रंखला बीच में छोड़नी पड़ी।

वहीं सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा टॉस का सिक्का उछाले जाने की अपुष्ट खबरों को लेकर लोग एक के बाद एक प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक ने पूछा कि कप्तान रोहित शर्मा ही रहेंगे या फिर प्रधानमंत्री मोदी? एक व्यक्ति ने कहा कि कहीं पीएम मोदी ऑस्ट्रलियाई बल्लेबाजों के लिए इस मैच में ‘शॉटबंदी’ की घोषणा न कर दें। एक ने तो ये संभावना भी जता दी कि पीएम मोदी भारत की तरफ से बतौर सलामी बल्लेबाज भी उतर सकते हैं।

लोगों ने ये भी पूछा है कि इस दौरा कौन बोलेगा कि हेड चाहिए या टेल्स? उनका सवाल है कि ऑस्ट्रेलिया की तरफ से स्टीवन स्मिथ बोलेंगे या फिर वहाँ के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज?

होली से पहले हिंदू डॉक्टर की हत्या, घर में घुस ड्राइवर हनीफ ने चाकू से गोद डाला: सिंध की घटना, पाकिस्तान के इसी प्रांत में दया भील के भी किए गए थे टुकड़े

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में होली से ठीक पहले एक हिंदू डॉक्टर की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई। मृत डॉक्टर की पहचान 60 वर्षीय धर्म देव राठी के तौर पर हुई है। उनकी हत्या करने का आरोप हनीफ लघारी पर है। हनीफ उनका ड्राइवर था। घटना मंगलवार (7 मार्च 2023) रात की है।

डॉक्टर की हत्या हैदराबाद स्थित उनके घर में हुई। उनके रसोइए दिलीप ठाकुर ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इस घटना में दिलीप भी घायल हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मशहूर त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर धर्म देव राठी हैदराबाद स्थित अपने क्लीनिक से घर लौट रहे थे। इस दौरान किसी बात को लेकर डॉ. राठी और उनके ड्राइवर हनीफ के बीच बहस हो गई। इस बहस के बाद घर पहुँचते ही हनीफ ने चाकू से हमलाकर राठी की हत्या कर दी और फिर फरार हो गया।

यंग कंसल्टेंट्स एसोसिएशन सिंध (YCAS) ने हिंदू डॉक्टर की हत्या पर दुःख जताया है। YCAS ने एक बयान में कहा है, “यह कृत्य निंदनीय और दुखद है। मामले की सच्चाई सामने आने चाहिए। इसके लिए आवश्यक जाँच हो। हत्या के आरोपित को कड़ी से सजा मिलनी चाहिए। वाईसीए सिंध डॉ. धर्म देव राठी की हत्या पर पीड़ित परिवार के प्रति गहरा दुख और संवेदना व्यक्त करता है।”

वहीं, सिंध प्रांत के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ज्ञानचंद इसरानी ने घटना की निंदा की है। साथ ही उन्होंने एसएसपी को हत्या के आरोपित को जल्द से जल्द पकड़ने का निर्देश दिया है। पाकिस्तानी सांसद खियल दास कोहिस्तानी ने भी हिंदू डॉक्टर की हत्या पर दुख जताया है। उन्होंने कहा है, “होली से पहले हुई प्रसिद्ध हिंदू डॉक्टर धर्म देव राठी की क्रूर हत्या की कड़ी से कड़ी निंदा करता हूँ। एसएसपी अमजद शेख ने पुष्टि की है कि उनके ड्राइवर ने उनकी हत्या की है। आरोपित को गिरफ्तार करने के लिए छापे मारे जा रहे हैं।”

मृत डॉक्टर का परिवार अमेरिका में रहता है। एसएसपी अमजद शेख ने बताया है कि शुरुआती पड़ताल में कहासुनी के बाद हत्या की बात सामने आई है। आरोपित हनीफ लेघारी है खैरपुर मीर का रहने वाला है। उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2022 में सिंध प्रांत में हिंदू महिला दया भील की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी। हत्यारों ने उनका सिर कलम कर छाती को भी टुकड़ों में काट डाला था।

होली मतलब न कोई जाति और न ही कोई वर्ग या क्षेत्रीय विभाजन: CM योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में ऐसे मनाई होली

पूरा देश होली के रंगों में सराबोर है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में आयोजित होली समारोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हर कोई एक साथ रंगों का त्यौहार मना रहा है। इस त्यौहार को मना रहे लोगों के बीच जाति, वर्ग या क्षेत्र को लेकर किसी प्रकार का मतभेद नहीं है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, “मैं सभी को होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ देता हूँ। होली हमेशा अपने मन में किसी के प्रति किसी भी प्रकार की घृणा या ईर्ष्या न रखने की प्रेरणा देती है। ऐसे अवसर आते हैं, जब हमारा सब कुछ राष्ट्र को समर्पित होता है। ये त्यौहार हमें ऐसी ही प्रेरणा दे रहा है। न तो कोई जाति है और न ही कोई वर्ग या क्षेत्रीय विभाजन है। सभी एक साथ होली मना रहे हैं। एकता का संदेश देने का इससे बड़ा अवसर और क्या हो सकता है?”

योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में आयोजित भगवान नरसिंह की शोभायात्रा कार्यक्रम में भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उत्साह, उमंग और सकारात्मकता को एक दूसरे में बाँटकर आगे बढ़ते रहेंगे तो समाज में कहीं भी कोई अभाव नहीं रहेगा। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सीएम योगी ने कहा कि बीते दो वर्षों में कोरोना महामारी से पूरी दुनिया प्रभावित थी। उत्सव और त्यौहार मनाने में हर व्यक्ति के मन में संशय रहता था कि कभी भी कोरोना हो सकता है। लेकिन आज कोरोना का भय दूर हो गया है। कोरोना पूरी तरह समाप्त हो गया है और सभी लोग उमंग और उत्साह के साथ होली मना रहे हैं।

सीएम योगी ने यह भी कहा है कि भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना से जिस तरह से लड़ाई लड़ी है और इसका प्रबंधन किया है, उसकी पूरी दुनिया में सराहना हुई है। महामारी से कैसे लड़ा जाना चाहिए, नागरिकों के प्रति किस तरह की संवेदना होनी चाहिए, एक-एक व्यक्ति की देखभाल कैसे होनी चाहिए, दुनिया के सामने इसका उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा:

“होलिका दहन व्यक्तिगत ईर्ष्या, द्वेष, भेदवाव और अहंकार को दहन करने का एक अवसर हमें प्रदान करता है। ये रंग भरी होली का त्यौहार आपसी भेदभाव को दूर करने की भी प्रेरणा प्रदान करता है। हर काल खण्ड में भक्त प्रह्लाद, हिरण्यकश्यप और होलिका होते हैं। लेकिन ईश्वर की कृपा प्रह्लाद अर्थात धर्म, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने वाले भक्त को ही मिलती है। जो राष्ट्र की भक्ति करते हैं, समाज का हित सोचते हैं और लोक कल्याणकारी कार्य करते हैं, परमात्मा की कृपा उसी पर होती है। विघटनकारी, अराजक और अनुशासनहीन तत्वों पर परमात्मा की कृपा कभी नहीं होती है। इसलिए इन बातों को हमेशा ध्यान में रखते हुए ही सभी त्यौहार मनाएँ।”

उन्होंने यह भी कहा कि होली, दिवाली, रक्षाबंधन, शिवरात्रि , श्रीकृष्ण जन्माष्टमी या फिर श्रीरामनवमी किसी भी त्यौहार में एकाकीपन का एहसास नहीं होता। उनके अनुसार हमारे पर्व और त्यौहार में सामूहिकता के दर्शन हैं। जैसे एक व्यक्ति से यज्ञ नहीं हो सकता, उसी तरह से एकाकी भावना से पर्व व त्यौहार भी नहीं मनाए जा सकते। पर्व और त्यौहार सामाजिक, सांस्कृतिक यज्ञ हैं और जब हम सामूहिकता के भाव से इसमें जुड़ते हैं तो पर्व की खुशियाँ कई गुना बढ़ जाती हैं।

देश मना रहा होली… पुलवामा के बलिदानियों की विधवाओं का धरना जारी: कॉन्ग्रेसी मंत्री ने ‘गीता-ज्ञान’ दे पल्ला झाड़ा

राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलवामा के बलिदानियों की विधवाओं का धरना प्रदर्शन 10 दिनों से जारी है। राजस्थान के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी उनसे मुलाकात की है। फरवरी 2019 में जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 40 CRPF जवान बलिदान हुए थे। राज्य के सैनिक कल्याण मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के साथ-साथ उद्योग मंत्री शकुंतला रावत भी इन महिलाओं से मिलीं। मंत्रियों का कहना है कि माँगों पर सहमति बन गई है।

पुलवामा के बलिदानियों की विधवाओं का कहना है कि गाँधी परिवार से कोई व्यक्ति आकर मिले और उनकी बात सुने, तब जाकर राजस्थान सरकार उनकी माँगों पर ध्यान देगी। जयपुर में राजस्थान कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट के घर के बाहर ये धरना प्रदर्शन चल रहा है। उनका कहना है कि सचिन पायलट ने उन्हें गाँधी परिवार के किसी नेता से मिलाने का वादा किया था, लेकिन फिर वो दिल्ली चले गए। होली के दिन भी महिलाएँ वहाँ डटी रहीं।

इन ‘वीरांगनाओं’ के साथ-साथ भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा भी धरना स्थल पर डटे रहे। खाचरियावास का दावा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद इस मामले पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुद्दा कब और कैसे जटिल हो गया, पता ही नहीं चला। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने होली का त्योहार शुरू किया और उन्होंने भगवद्गीता में कहा है कि जो वो चाहेंगे वही होगा, ऐसे में हमारे हाथ में क्या है? उन्होंने कहा कि सब भगवान करते हैं।

उन्होंने आगे ‘प्रवचन’ की शैली में कहा कि इस बारे में कोई दो राय नहीं होनी चाहिए कि इस देश को कोई सरकार चला रही है, बल्कि ये ईश्वर की कृपा से चल रहा है। वहीं मंत्री शकुंतला रावत ने दावा किया कि राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार ने बलिदानियों के परिजनों को सबसे ज्यादा पैकेज दिया है। सचिन पायलट पहले ही वीरांगनाओं के खिलाफ बल-प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की माँग कर चुके हैं। नौकरी और मुआवजा के अलावा बलिदानियों की प्रतिमाएँ बनवाना और उनके नाम पर गाँवों के नाम रखना इन महिलाओं की प्रमुख माँगें हैं।

मंदिर में नहीं हुआ निकाह: VHP ने हिमाचल प्रदेश में हुई शादी का बताया ‘सच’, जाँच को बनाई समिति

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर में स्थित सत्य नारायण मंदिर में निकाह होने की खबर सामने आई थी। मंदिर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ट्रस्ट का है। इसलिए विहिप पर मंदिर में इस्लामिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लग रहा था। हालाँकि अब इसको लेकर विश्व हिंदू परिषद ने बयान जारी कर कहा है कि उनका इस निकाह से कोई लेना देना नहीं है। वहीं, मंदिर के मैनेजर का कहना है कि निकाह मंदिर में नहीं बल्कि मंदिर परिसर में बने कम्युनिटी हॉल में हुई।

दरअसल, मंदिर में हुए निकाह को लेकर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत अध्यक्ष लेखराज राणा ने मंगलवार (7 मार्च 2023) को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मंदिर में मुस्लिम लड़की और मुस्लिम लड़के के निकाह की खबर उन्हें मिली है। मंदिर विश्व हिंदू परिषद के ट्रस्ट का है। लेकिन इसका उपयोग स्थानीय लोगों द्वारा किया जाता है। निकाह मंदिर परिसर के सराय में हुआ है। लेखराज राणा के अनुसार निर्धारित शुल्क देकर लोग शादी समेत अन्य धार्मिक कार्यों के लिए इस सराय का उपयोग करते हैं।

विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि निकाह का विश्व हिंदू परिषद से कोई लेना देना नहीं है। साथ ही, विश्व हिंदू परिषद मंदिर में निकाह जैसी इस्लामिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के पक्ष में नहीं है। इसके अलावा विज्ञप्ति में जाँच समिती गठित कर जाँच व कार्रवाई करने की भी बात कही गई है।

इस पूरे मामले को लेकर ऑपइंडिया ने मंदिर के मैनेजर विनय शर्मा से बात की है। इस बातचीत में उन्होंने बताया कि निकाह मंदिर में नहीं बल्कि मंदिर परिसर में पीछे की ओर बने कम्युनिटी हॉल में हुआ है। स्थानीय लोग इस हॉल का उपयोग शादी-विवाह से लेकर अन्य सभी तरह के धार्मिक व सामाजिक कार्यों के लिए करते हैं। चूँकि, यह मंदिर छोटे से गाँव में है, जहाँ जगह की काफी कमी रहती है। इसलिए मुस्लिम परिवार ने भी इसे किराए में लेकर इस्तेमाल किया।

मंदिर के मैनेजर विनय ने मंदिर में हुए निकाह में लव जिहाद के एंगल को इनकार करते हुए बताया है कि लड़का और लड़की दोनों मुस्लिम हैं। चूँकि लड़की की दादी हिंदू थी, इसलिए उन्होंने लड़की के पिता का नाम हिंदुओं के नाम की तरह महेंद्र सिंह मलिक रखा था।

विनय ने ऑपइंडिया को यह भी बताया है कि मंदिर परिसर में बने कम्युनिटी हॉल को किराए पर देने से पहले कई तरह की शर्तें रखी जाती हैं। इसमें सबसे बड़ी शर्त शुद्धता की होती है। इस निकाह में भी किसी तरह के मांस, मदिरा आदि का उपयोग नहीं हुआ। बल्कि शुद्ध शाकाहारी भोजन बना था। खाना बनाने वाले लोगों से लेकर बैंड वाले तक सभी हिंदू थे। विनय ने आगे कहा है कि इस निकाह में सबसे बड़ी बात यह रही कि निकाह शुरू होने से पहले बैंड वालों ने सबसे पहले हिंदू धर्म की प्रार्थना ‘ॐ जय जगदीश हरे…’ बजाई थी।

बता दें कि मंदिर परिसर में रविवार (5 मार्च 2023) को निकाह हुआ था। निकाह के वक्त मौलवी और गवाहों के अलावा वकील भी मौजूद थे। इस निकाह को लेकर दुल्हन के पिता महेंद्र सिंह मलिक ने कहा था कि मंदिर परिसर में हुए बेटी के निकाह में शहर के लोगों ने चाहे वह विश्व हिंदू परिषद के हों या फिर मंदिर ट्रस्ट के, सभी ने सकारात्मक और सक्रिय रूप से उनका सहयोग किया।

हालाँकि सोशल मीडिया पर इस निकाह की तस्वीर वायरल होने के बाद यूजर्स काफी आक्रोशित हो गए। जहाँ कुछ लोग इसे सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बता रहे थे, वहीं कुछ लोग इस निकाह को इस्लाम में हराम बता रहे थे। एक यूजर का कहना था, “विशुद्ध चू#यापा है ये। मंदिरों को बैंक्वेट हॉल मत बनाओ। कल को इफ्तार पार्टी देना और फिर वहीं बीफ पकाने लगना। शिमला के लोग इस मंदिर के पुजारी को पूछें कि धर्म में कहाँ ऐसे प्रावधान हैं? हाँ, ये लोग हिन्दू बनकर, हिन्दू रीति से विवाह करें तो समस्या नहीं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”

विवेक मिश्र ने लिखा, “जैसे ही कॉन्ग्रेस की सरकार किसी राज्य में बनती है, ऐसी घटनाएँ प्रारंभ हो जाती हैं। क्या यह कोई साजिश है, सनातनियों के खिलाफ?”

सरगना नाम की यूजर ने हिंदू मंदिर में निकाह करने पर कहा, “ये इस्लाम में हराम है।”

मोहम्मद शब्बीर ने अंजैया को पेट्रोल उड़ेल जला डाला… क्योंकि होली में रंग लगा दिया था

तेलंगाना के होली खेलने के दौरान एक व्यक्ति को जलाने का मामला सामने आया है। ये घटना राज्य के मेदक जिला स्थित रेगोडे के मारापल्ली गाँव का है, जहाँ होली खेलने का समारोह चल रहा था। पुलिस ने बताया है कि इसी दौरान 38 वर्षीय अंजैया ने मोहम्मद शब्बीर नामक व्यक्ति पर होली का रंग फेंक दिया। पुलिस का कहना है कि मोहम्मद शब्बीर इसके लिए मना कर रहा था। अनैया ने शब्बीर के चेहरे पर भी रंग लगाया।

इससे शब्बीर खासा गुस्सा हो गया और एक बोतल में पेट्रोल लेकर आया। शब्बीर ने अंजैया पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी, जिससे उसका शरीर झुलस गया। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि अंजैया बुरी तरह झुलस गया है। अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। गाँव वाले उसे लेकर संगरेड्डी अस्पताल गए और उसे भर्ती कराया। इसके बाद उसे स्थानीय गाँधी अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहाँ उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

रेगोडे पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। ये घटना मंगलवार (7 मार्च, 2023) को हुई, जब उक्त व्यक्ति अपने रिश्तेदारों और गाँव वालों के साथ होली खेल रहा था। मोहम्मद अब्दुल शब्बीर उधर से बाइक से गुजर रहा था। शब्बीर पर आरोप है कि उसने अपनी बाइक की टंकी में से ही बोतल में पेट्रोल भरा और अंजैया के ऊपर उड़ेल डाला। फिर आग लगा दी। अंजैया के कंधों और हाथ को खासा नुकसान पहुँचा है।

फ़िलहाल गाँधी अस्पताल के ‘क्रिटिकल केयर यूनिट’ में उसका इलाज चल रहा है। अब्दुल शब्बीर के विरुद्ध पुलिस ने ‘हत्या का प्रयास’ का मामला दर्ज कर लिया है। उसका कहना है कि वो अंजैया के व्यवहार से झल्ला गया था। बता दें कि हिन्दू त्योहारों पर अक्सर कट्टर मुस्लिमों द्वारा हिंसा की खबरें आती रहती है। हाल ही में महाशिवरात्रि पर झारखंड में तोरण द्वार बनाने के खिलाफ उग्र कट्टर मुस्लिम भीड़ ने जम कर उत्पात मचाया था।

मॉडर्न ‘जीसस क्राइस्ट’, कर चुका है ‘पानी को चाय में बदल देने’ का चमत्कार: कट्टर ईसाई पूछ रहे – अब शूली पर भी लटकेगा?

इस साल 22 फरवरी से लेकर 6 अप्रैल तक दुनिया भर में करोड़ों ईसाई ‘Lent Season’ मना रहे हैं, जिसके तहत वो उपवास करते हैं। मान्यता है कि इसी दौरान जीसस क्राइस्ट को शूली पर चढ़ाया गया था और इसके 3 दिन बाद ही वो फिर से जीवित हो उठे थे। इसी दौरान केन्या का एक व्यक्ति भी चर्चा में है। बुंगोमा के टोंगरेन का ये व्यक्ति खुद को जीसस क्राइस्ट बताता है। उसका नाम है इलियड सिमियू (Eliud Simiyu), जिसके कई अनुयायी भी हैं।

अब कुछ ईसाई ये भी पूछ रहे हैं कि क्या इलियड सिमियू भी येशु मसीह की तरह शूली पर चढ़ जाएगा और फिर 3 दिनों बाद वापस ज़िंदा हो जाएगा, क्योंकि वो खुद के जीसस क्राइस्ट होने का दावा करता रहा है। बाइबिल में लिखा है कि फरीसी समूह ने जीसस क्राइस्ट को गिरफ्तार कर लिया था। जीसस क्राइस्ट का शूली पर चढ़ा, उनकी मृत्यु, पुनर्जीवित होना और फिर स्वर्ग को प्राप्त होना – बाइबिल का ये एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

ऑनलाइन तंज कसते हुए कुछ ईसाई ये भी कह रहे हैं कि अब जब ईस्टर नजदीक आ रहा है, ‘बुंगोमा के जीसस’ को अपनी जान का डर सता रहा है। बुंगोमा के कुछ कट्टर ईसाई भी उन्हें जीसस की तरफ शूली पर चढ़ाने की बातें कर रहे हैं। ये लोग कह रहे हैं कि इलियड सिमियू सच में एक मसीहा है और उन्हें शूली पर चढ़ाए जाने को लेकर चिंतित नहीं होना चाहिए, क्योंकि 3 दिन बाद वो पुनर्जीवित होंगे और फिर स्वर्ग में जाएँगे।

इलियड सिमियू के ‘चमत्कार’ के बारे में लोकप्रिय है कि उन्होंने पानी को चाय बना दिया था। आसपास के चर्च में भी उनका काफी सम्मान है। उनका कहना है कि 2009 में गॉड की तरफ से उन्हें बताया गया था कि वो मसीहा हैं। लुखोख्वे गाँव में रहने वाले ‘टोंगरेन के येशु’ की एक पत्नी और 8 बच्चे हैं। उनके अनुयायी उनके सामने झुकते हैं, उनसे बाइबिल की शिक्षा लेते हैं। उन्होंने ‘न्यू जेरुसलम’ नाम से एक नया संप्रदाय बनाया है। उनकी शादी 2001 में हुई थी।