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प्रह्लाद के पास ‘लेजर गन’, पवित्र अग्नि ‘कूड़ा-करकट’ जलाने के लिए: ‘गुजरात समाचार’ ने हिन्दू कथा में छेड़छाड़ कर बना दिया हॉलीवुड साइंस फिक्शन

होली के अवसर पर अख़बार ‘गुजरात समाचार’ के सप्लीमेंट ‘जगमग’ में बच्चों के लिए होली से जुड़ी कहानियाँ प्रकाशित की गईं। दोनों कहानियाँ होली मनाने से जुड़ी थी। होली की कहानी का सार भक्त प्रह्लाद और होलिका वाला ही था, जो हम वर्षों से सुनते आ रहे हैं। कहानी कहने के तरीके में कल्पना और विज्ञान का ऐसा मिश्रण किया गया कि यह अपनी धार्मिक मूलभावना से भटकने लगा।

‘गुजरात समाचार’ के ‘जगमग’ में 4 मार्च, 2023 को होली पर दो अलग-अलग कहानियाँ लिखी गई थीं। पहली कहानी में होली को स्वच्छता के त्योहार के रूप में दिखाने की कोशिश की गई। इसके अनुसार, होलिका ने प्रह्लाद और उनके दोस्तों से बेकार चीजों (कूड़ा-कचरा) को जलाने के लिए होली जलाने की सलाह दी थी। प्रह्लाद के विरोध करने पर होलिका ने उन्हें आग में फेंक दिया। इसके लिए होलिका ने प्रह्लाद के पिता को भी अपने साथ योजना में शामिल कर लिया था।

ऐसा लगता है बच्चों को प्रभावित करने के लिए पौराणिक कहानी को किसी हॉलीवुड के साइंस फिक्शन कहानी की तरह लिखने की नाकाम कोशिश की गई है।
जगमग’ पर प्रकाशित होली की कहानी का स्क्रीनशॉट (साभार: गुजरात समाचार)

पौराणिक कहानी में अपनी कल्पना का विस्तार कर रहे हरिश नायक आगे लिखते हैं कि कूड़ा-कचरा के साथ होलिका ने सत्य को भी जलाने की बात कही थी। प्रह्लाद के मना करने पर होलिका ने उन्हें सबक सिखाने की योजना बनाई। वह प्रह्लाद को जलाकर मारने की मंशा के साथ आग में प्रवेश करती है। बुराई होने की वजह से होलिका जल जाती है जबकि प्रह्लाद किसी तरह खुद को बचाने में कामयाब हो जाते हैं। इसलिए, हर साल होलिका दहन कर होली का त्योहार मनाया जाता है।

कुल मिलाकर लेखक ने होलिका की पवित्र अग्नि को कूड़ा-कचरा जलाने वाले आग के रूप में परोस दिया। जबकि, सच्चाई यह है कि होलिका दहन वाली अग्नि की पूजा की जाती है। देश के अलग-अलग हिस्सों में पूजा का तरीका भले अलग हो, लेकिन इसे पवित्र अग्नि माना जाता है। इसमें जल, नारियल कच्चे आम से लेकर अन्य चीजों के साथ खास पूजा की जाती है। कई स्थानों पर गेहूँ और चने की बालियों को भूनने की भी प्रथा है।

‘जगमग’ में बच्चों के लिए लिखी गई दूसरी कहानी है ‘विज्ञानवीर प्रह्लाद‘ की। यहाँ प्रह्लाद की रक्षा भगवान नहीं, बल्कि हॉलीवुड फिल्मों के उपकरण कर रहे हैं। भक्त प्रह्लाद भगवान के साथ सिर्फ बात कर पा रहे हैं। कहानी के अनुसार, जब हिरण्यकश्यप पर्वत से प्रह्लाद को फेंक देता है तो भगवान प्रह्लाद को उड़ने वाली छतरी प्रदान करते हैं। इसे भविष्य के पैराशूट से जोड़ने की कोशिश भी की गई है। जब प्रह्लाद को हाथी के पैरों के नीचे फेंक दिया जाता है तो भगवान उसे एक लेजर बंदूक देते हैं, ताकि वह अपनी रक्षा कर सकें।

जगमग’ पर प्रकाशित होली की कहानी का स्क्रीनशॉट (साभार- गुजरात समाचार)

लेखक के अनुसार, जब हिरण्यकश्यप अपनी बहन होलिका को प्राप्त वरदान का फायदा उठाते हुए पुत्र प्रह्लाद को जलाने की योजना बनाता है तो प्रह्लाद अपनी रक्षा अग्नि-प्रतिरोधी कपड़े (Fire-resistant clothes) द्वारा करते हैं। ऐसा लगता है बच्चों को प्रभावित करने के लिए पौराणिक कहानी को किसी हॉलीवुड के साइंस फिक्शन कहानी की तरह लिखने की नाकाम कोशिश की गई है।

क्या है पौराणिक कहानी?

पौराणिक कहानी के अनुसार, राजा हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रह्लाद एक विष्णु भक्त थे। प्रह्लाद ब्रह्मा के मानसपुत्र नारद के यहाँ जन्मे थे। नारद भगवान विष्णु के परम भक्त हैं उनके मुख पर हमेशा नारायण का नाम होता हैं। इसका प्रभाव प्रहलाद पर पड़ा। प्रह्लाद भी नारायण में आस्था रखने लगे जिससे उन्हें भक्त प्रह्लाद कहा जाने लगा।

प्रह्लाद के पिता भगवान विष्णु के बैरी थे। अतः पहले तो उन्होंने प्रह्लाद को समझाने की कोशिश की परन्तु न मानने पर उन्होंने प्रह्लाद के हत्या की ठान ली। प्रह्लाद की भक्ति की शक्ति से उसकी रक्षा होती रही। इसी बीच हिरण्यकश्यप ने अग्नि द्वारा न झुलसने का वरदान प्राप्त होलिका को याद किया। होलिका हिरण्यकश्यप की बहन थी। जो भक्त प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठ गई थी। लेकिन भक्त प्रह्लाद नहीं जले। होलिका उसी अग्नि में जलकर समाप्त हो गई।

इसके बाद भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया था। भगवान के नरसिंह अवतार लेने के पिछे भी एक कहानी है। हिरण्यकश्यप ने भारी तप कर के ब्रह्मा जी से अनोखा वरदान प्राप्त कर लिया था। इसके अनुसार, हिरण्कश्यप की मृत्यु न दिन में हो सकती थी न रात में, उसे न देव मार सकता था न मानव और असुर, हिरण्यकश्यप को न अस्त्र से मारा जा सकता था न शस्त्र से। न उसे घर के अंदर मारा जा सकता था न बाहर।

भगवान नरसिंह ने घर के दरवाजे पर संध्या काल में अपने नाखून से हिरण्यकश्यप का वध किया था। ‘गुजरात समाचार’ के ‘जगमग’ पर लिखी दोनों कहानियों में इन बातों को स्थान नहीं दिया गया है। जगमग पर लिखी गई कहानी बड़े हो रहे बच्चों में पौराणिक ज्ञान के स्थान पर काल्पिन बातों को सच मानने के लिए प्रेरित करती है। घटनाओं को विज्ञान के आधार पर सही साबित करने पर जोर दिया गया है जिससे कहानी अपने मूल भाव से अलग हो रही है।

इस तरह बच्चों को अपने पर्व-त्योहार या पौराणिक घटनाओं का वास्तविक परिचय नहीं हो सकेगा। उसके लिए आवश्यक है कि पौराणिक कहानियों को अपने मूल स्थिति में ही बच्चों के लिए परोसा जाए। मनोरंजन के लिए फिल्म उद्योग तो है ही।

(ऑपइंडिया गुजराती से मेघल सिंह परमार के इनपुट्स के साथ)

‘ईसाई बन जाओ, नहीं तो तड़प-तड़प कर मरेगा पूरा परिवार: इंदौर में घर आकर पादरी ने धमकाया, जवाब मिला- स्वाभिमानी हिन्दू हूँ

मध्य प्रदेश के इंदौर से धर्मान्तरण के लिए दबाव बनाने का एक मामला सामने आया है। पुलिस को दी गई शिकायत में एक व्यक्ति ने पादरी पर ईसाई न बनने पर डराने का आरोप लगाया है। रविवार (5 मार्च 2023) को दी गई शिकायत में पीड़ित ने पादरी से जान-माल का खतरा बता सुरक्षा की माँग की है। पुलिस ने FIR दर्ज कर आरोपित को हिरासत में ले लिया है। मामले की जाँच की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला इंदौर के खुड़ैल थानाक्षेत्र का है। यहाँ के एक 21 वर्षीय व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़ित ने शिकायत में मुख्य आरोपित के तौर पर क्रिस नार्मन बेबर्ता का नाम लिया है। पीड़ित के पिता मानसिक तनाव में रहते है। 5 मार्च को क्रिस शिकायतकर्ता के घर आया और हिन्दू देवताओं को कथित तौर पर शक्तिहीन बताया। इसके बाद उसने पीड़ित को पैसे देने का वादा करते हुए ईसाई बनने का लालच दिया।

शिकायत में आगे बताया गया है कि क्रिस नार्मन ने कहा कि अगर वो ईसाई बन जाता है तो उसके पिता का बड़ौदा में अच्छे अस्पताल में इलाज करवाया जाएगा। साथ ही पीड़ित के बच्चों की अच्छी शिक्षा के साथ युवक की नौकरी लगवाने का भी वादा किया गया। क्रिस नार्मन के इस ऑफर को ठुकराते हुए पीड़ित ने खुद को स्वाभिमानी हिन्दू बताया और रोजी-रोटी मेहनत से कमाने का जवाब दिया। आरोप है कि इस जवाब को सुनकर क्रिस नाराज हो गया।

पीड़ित का आरोप है कि क्रिस नार्मन ने उससे कहा, “जब तक तुम हिन्दू धर्म छोड़ कर ईसाई धर्म नहीं अपनाओगे तब तक तुम्हारे पिता मानसिक तनाव में रहेंगे। पूरा परिवार बीमारी से तड़प-तड़प कर मरेगा।” आरोप है कि क्रिस ने आगे कहा कि ईसाई बनने पर ही गॉड पीड़ित की तमाम मुसीबतों को खत्म करेगा। आरोप है कि क्रिस ने पीड़ित को बर्बाद हो जाने की धमकी दी। पीड़ित ने अपनी शिकायत में क्रिस नार्मन द्वारा अपने परिवार के साथ दुर्घटना करा देने की भी आशंका जताई है।

पीड़ित युवक ऑनलाइन बिजनेस कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर FIR दर्ज कर आरोपित पादरी क्रिस नार्मन को हिरासत में ले लिया है। आरोपित पादरी पर मध्य प्रदेश स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 51 के तहत कार्रवाई की गई है। पकड़े जाने पर पादरी खुद को समाजसेवी बताने लगा। पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है।

‘माना गोली मारी, लेकिन एनकाउंटर क्यों किया, 4-5 साल जेल में रखते’: उस्मान की पत्नी के बदले सुर, पहले बताया था बेगुनाह

उमेश पाल हत्याकांड के शूटर उस्मान का एनकाउंटर होने के बाद उसकी बीवी ने मीडिया के सामने उनके बेगुनाह होने का रोना रोया। हालाँकि अब वह भी कैमरे के आगे यह बात मान चुकी है कि हत्या उसके पति ने ही की है। लेकिन उसका कहना ये भी है कि पुलिस को उस्मान का एनकाउंटर नहीं करना चाहिए था चाहे तो उसे 4-5 साल के लिए जेल में डाल देते। 

इंडिया टीवी से बात करते हुए सुहानी ने कहा (वीडियो में 12 मिनट के बाद), “उनको फँसाया गया है। उनको जानकर फँसाया गया है। एनकाउंटर करना था इसलिए फँसाया गया है। बड़े भैया हमारे जेल में हैं और ये उन्हीं के काम से दौड़ते रहते थे।” सुहानी ने एनकाउंटर के लिए सीएम योगी को जिम्मेदार कहा। इसके बाद वह इस बात को स्वीकारती दिखी कि उमेश पाल पर पहली गोली चलाने वाला उस्मान (विजय चौधरी) था।

आगे वो कहती है, “हम न्यूज में देखे तो चलो हम मानते हैं कि उन्होंने गोली मारी। लेकिन पुलिस को उन्हें जान से नहीं मारना चाहिए। उनका एनकाउंटर नहीं करना चाहिए। जेल भेज देते। वो चार-पाँच साल रहते जेल में रहते।

पुलिस को झूठा बताया, उस्मान का बचाव किया

बता दें कि इससे पहले उस्मान उर्फ विजय चौधरी की बीवी ने पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा था, “मेरे पति को कहीं अलग से नहीं पकड़ा। पुलिस चू&^%$ बना रही है। वो लोग- वाले सारी रात यहीं थे, सुबह 7 बजे गए हैं। हमसे पुलिस ने कहा कि तुम अपने पति को आवाज दो, बुलाओ। हम जानते थे कि हमारे पति को ये लोग (एनकाउंटर) कर देंगे। हमें सब पता था लेकिन हमारे पति ऐसे नहीं थे। हमारे पति घोरपुर में गाड़ी चलाते थे। 24 तारीख को हमारे पति घर आए थे। इसका (उमेश पाल के मर्डर का) हमें नहीं पता है। लेकिन वो घर आए थे।”

पत्रकार ने जब कहा कि क्या वो दिन भर घर पर था? इस पर उस्मान की बीवी ने कहा, “हाँ वो पूरा दिन घर पर थे। हमारे भैया भी जेल में है। उनका केस सतना भेजा गया है। हमारे पति वहीं गए थे। 26 फरवरी से 2 मार्च तक वो वहीं थे।” मीडिया ने जब इनसे पूछा कि क्या पुलिस झूठ बोल रही है, तो पीछे से आवाज हाँ में आवाज आई।

उमेश पाल हत्याकांड के बाद कार्रवाई

बता दें कि प्रयागराज में 24 फरवरी को दिनदहाड़े हुई उमेश पाल की हत्या मामले में पुलिस लगातार माफियाओं और गुर्गों पर शिकंजा कस रही है। उस्मान से पहले अरबाज नाम का गुर्गा एनकाउंटर में मारा गया था। उसके ऊपर वो गाड़ी चलाने का आरोप था जिससे आकर बदमाशों ने उमेश पाल को मारा।

6 साल, 178 बदमाश ढेर: योगी आदित्यनाथ के CM बनने के बाद 23000 अपराधी पहुँचे सलाखों के पीछे, 10713 एनकाउंटर

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज में अपराधियों की ‘सफाई’ का काम लगातार जारी है। एक आँकड़े के अनुसार, योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद 6 वर्षों में उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर में मारे गए अपराधियों की संख्या 178 पहुँच गई है। हाल ही में प्रयागराज में उमेश पाल की हत्या के बाद ही अतीक अहमद के दो गुर्गों का एनकाउंटर हुआ है। मार्च 2017 से लेकर अब तक 10,713 बार पुलिस और अपराधियों की मुठभेड़ हो चुकी है।

यानी, उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने के लिए भाजपा की सरकार सख्त है। 2017 और 2022 की पूर्ण बहुमत वाली जीत के बाद जनता का भरोसा भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर दिखा है। हालाँकि, अपराधियों के साथ मुठभेड़ के दौरान 12 पुलिसकर्मी बलिदान भी हुए हैं। ये भी जानने वाली बात है कि पिछले साल मुठभेड़ में मरने वाले अपराधियों की संख्या सबसे कम रही। सबसे अधिक अपराधी वर्ष 2018 में मारे गए थे।

योगी आदित्यनाथ के पहले बार सत्ता सँभालने के अगले ही वर्ष ताबड़तोड़ हुई कार्रवाई में तब 81 अपराधी मारे गए थे। इसी तरह, 2017 में 28, 2019 में 34, 2020 में 26, 2021 में 26 और 2022 में 14 अपराधी मारे गए। वहीं अगर इस साल की बात करें तो 2023 में दो महीना और एक सप्ताह के भीतर 9 अपराधी मारे गए हैं। कुल मिला कर 6 वर्षों में यूपी पुलिस ने 23,000 से भी अधिक अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है।

योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे प्रयागराज पश्चिमी से विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने भी चेताया है कि उमेश पाल हत्याकांड का आखिरी पन्ना योगी सरकार लिखेगी और ये न्याय का पन्ना होगा। ‘माफिया को मिट्टी में मिला देंगे’ – सदन में सीएम योगी का ये बयान खासा चर्चा में है। यूपी में सपा-बसपा काल में माफियाओं को पोषण मिला। अपराधियों से मुठभेड़ में 1416 पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। सबसे ज्यादा मेरठ में 63 अपराधी एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।

पैरों में जूते, बाँस में आग… होलिका दहन का Video शेयर कर घिरी शिल्पा शेट्टी, नेटिजन्स बोले- हिंदू धर्म में ऐसा नहीं होता

बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी (Shilpa Shetty) ने सोमवार (6 मार्च 2023) को अपने परिवार के साथ होलिका दहन (Holika Dahan) किया। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इसका वीडियो भी शेयर किया है। वीडियो में वह अपने दोनों बच्चों, पति राज कुंद्रा और माँ के साथ होलिका दहन करती हुई नजर आ रही हैं।

एक्ट्रेस ने कैप्शन में लिखा है, “होलिका दहन। हम छोटी-छोटी चिठ्ठियाँ बनाते हैं। अपनी सभी नकारात्मक भावनाओं, विचारों को लिखते हैं और इसे प्रेम व प्रकाश के रूप में ब्रह्मांड में जाने देते हैं। यह एक रस्म है, जिसे हम हर साल होलिका दहन पर करते हैं। यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि विश्वास और भक्ति के साथ, भगवान हमेशा आपकी रक्षा करते हैं और आप हमेशा नकारात्मकता को जलाकर राख कर देते हैं। अपने जीवन को सकारात्मकता और प्रेम के रंगों से भर देते हैं। यह होली आप और आपके प्रियजनों के लिए खुशी, समृद्धि और बेहतर स्वास्थ्य लाए। आप सभी को होली की शुभकामनाएँ।”

हालाँकि, इस वीडियो को देखने के बाद शिल्पा शेट्टी पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। एक्ट्रेस को हिन्दू धर्म की जानकारी न होने पर यूजर्स ने उनको जमकर खरी-खोटी सुनाई। दरअसल, हिंदू धर्म में होलिका दहन पर लोग अक्सर अरंड, गूलर की लकड़ियाँ और गाय के गोबर से बने उपले का इस्तेमाल करते हैं। लोग इन्हें शुभ मानते हैं। लेकिन शिल्पा ने अपने घर के अंदर होलिका दहन में बाँस का इस्तेमाल किया। साथ ही जूते पहनकर पूजा की।

शिल्पा शेट्टी की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

इसको लेकर समीर चतुर्वेदी ने लिखा, “हिंदू धर्म में बाँस जलाना वर्जित है।” आकाश राना नाम के यूजर ने एक्ट्रेस को कहा, “आपको शायद ये ज्ञात नहीं कि हिन्दू धर्म में बाँस कभी जलाया नहीं जाता। कृपया करके इसकी जानकारी रखें।” कई अन्य यूजर्स ने भी उनकी पोस्ट पर यही कमेंट किया है कि हिंदू धर्म में बाँस को नहीं जलाते हैं।

शिल्पा शेट्टी की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

इसके अलावा स्वाति मलिक ने लिखा कि होलिका कभी भी घर के अंदर नहीं जलाई जाती है। अनामिका ने हिंदू धर्म का अपमान करने पर शिल्पा को जमकर फटकारा। अनामिका ने लिखा, “कोई नहीं, शायद आपको बाँस नहीं जलाया जाता है, ये न पता हो। गलती हो जाती है। लेकिन चप्पल और जूते पहनकर पूजा नहीं की जाती है, ये भी नहीं पता है। जबकि आप तो लगभग सभी पूजा करती हैं।”

शिल्पा शेट्टी की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

बता दें कि देश भर में 8 मार्च को रंगों का त्योहार होली मनाया जाएगा और 7 मार्च को होलिका दहन होगा। लेकिन महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात के अलावा कई जगहों पर एक दिन पहले ही 6 मार्च को होलिका दहन किया गया।

मेरा सिर काट लीजिए, लेकिन महँगाई भत्ता नहीं बढ़ेगा: CM ममता बनर्जी, केंद्र के बराबर DA माँग रहे पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारी

पश्चिम बंगाल में सरकारी कर्मचारी महँगाई भत्ता (DA) बढ़ाने को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इससे इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि यदि वह पसंद नहीं हैं तो कर्मचारी उनकी गर्दन काट दें। पर तब भी सरकार उन्हें और अधिक महँगाई भत्ता नहीं देगी। कर्मचारियों को अधिक पैसे देने के लिए राज्य सरकार के पास फंड नहीं है।

सोमवार (6 मार्च 2023) को पश्चिम बंगाल विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि कर्मचारी हमेशा ही अधिक की माँग करते हैं। लेकिन सरकार उन्हें अधिक पैसा नहीं दे पाएगी। बनर्जी ने कहा, “वे हमेशा और अधिक की माँग करते रहते हैं। मुझे कितना अधिक देना होगा? हमारी सरकार के लिए अब और अधिक महँगाई भत्ता (डीए) देना संभव नहीं है। हमारे पास पैसा नहीं है। हमने 3 प्रतिशत अतिरिक्त DA दिया है। अब यदि आप इससे भी खुश नहीं हैं तो मेरा सिर काट लीजिए। आपको और कितना अधिक DA चाहिए?”

केंद्र और राज्य सरकार के वेतन को अलग-अलग बताते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “आज हम पश्चिम बंगाल में पूरी पेंशन दे रहे हैं। यदि हम इसे रोक दें तो 20000 करोड़ रुपए बचा सकते हैं। इससे हमारे कर्ज का बोझ हम होगा। मैंने कर्मचारियों को 1.79 लाख करोड़ रुपये का DA दिया है। हम राज्य सरकार के कर्मचारियों को दस साल में एक बार बैंकॉक, श्रीलंका और ऐसे अन्य स्थानों पर जाने की अनुमति देते हैं। हम 40 दिनों की लीव विद पे छुट्टी देते हैं। दूसरी कौन सी सरकार वेतन देते हुए इतनी छुट्टियाँ देती है?”

बता दें कि पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बजट पेश करते हुए कहा था कि राज्य सरकार सरकारी शिक्षकों समेत अन्य कर्मचारियों तथा रिटायर्ड कर्मचारियों को 3 प्रतिशत अतिरिक्त महँगाई भत्ता (डीए) देगी। इसको लेकर राज्य सरकार ने एक नोटिफिकेशन भी जारी किया है। नोटिफिकेशन के अनुसार छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक ही, 1 मार्च 2023 से कर्मचारियों, पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को 3 प्रतिशत अतिरिक्त महँगाई भत्ता (डीए) दिया जाएगा। लेकिन राज्य के सरकारी कर्मचारी केंद्र के बराबर डीए माँग रहे हैं।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को बेसिक सैलरी का 38 प्रतिशत महँगाई भत्ता देती है। ऐसी अटकलें भी हैं कि केंद्र अपने कर्मचारियों के महँगाई भत्ते में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकती है। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों को महँगाई भत्ता बढ़कर 42 प्रतिशत हो जाएगा। ऐसे में यदि पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच महँगाई भत्ते को लेकर तुलना की जाए तो जमीन और आसमान का अंतर दिखाई देता है।

‘RSS फासीवादी, मुस्लिम भाईचारे के बीच दीवार बना दी’: लंदन से जहर उगल रहे राहुल गाँधी, कैंब्रिज में पाकिस्तान के ‘तमगा-ए-इम्तियाज’ के साथ मंच किया था साझा

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में राहुल गाँधी ने भारत विरोधी बयानबाजी एक पाकिस्तानी प्रोफेसर के साथ मंच साझा करते हुए की थी। यह खुलासा हाल में सोशल मीडिया पर हुआ। फोटो में पाकिस्तान का जन्मा कमल मुनीर मंच पर खड़ा साफ दिख रहा है। राहुल की इस हरकत पर एक तरफ जहाँ उन्हें फिर लताड़ लग रही है वहीं उनका लंदन दौरे के दौरान एक और आपत्तिजनक बयान आ गया है। कॉन्ग्रेस नेता ने लंदन में बैठ ये झूठ फैलाया है कि आरएसएएस भारत के ज्यादातर संस्थानों पर कब्जा कर चुकी है।

पाकिस्तानी के साथ मिल राहुल ने उगला भारत के खिलाफ जहर

राहुल गाँधी की सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में उनके पीछे डॉ कमल मुनीर खड़े हैं। ये डॉ कमल मुनीर पाकिस्तान से हैं जिन्हें पिछले साल कैंब्रिज का वीसी चुना गया था। प्राइड ऑफ पाकिस्तान साइट पर डॉ कमल मुनीर का नाम और तस्वीर है। इतना ही नहीं डेली पाकिस्तान में भी एक साल पहले ये जानकारी छपी थी कि पाकिस्तान में जन्मे डॉ कमल मुनीर को वीसी नियुक्त किया गया है। ऐसे ही उन्हें पाकिस्तान के राज्य सम्मान ‘तमगा-ए-इम्तियाज’ से नवाजा जा चुका है।

RSS का भारत पर कब्जा- राहुल का झूठ

गौरतलब है कि राहुल गाँधी ने सिर्फ कैंब्रिज में भारत विरोधी बातें नहीं की। उन्होंने सोमवार (6 मार्च 2023) शाम लंदन के छतम हाउस में भी जहर उगला। उन्होंने आरएसएस को लेकर कहा कि RSS के चलते मुस्लिम भाईचारे के बीच दीवार खड़ी हो गई है। उनके अनुसार भारत में जो लोकतांत्रिक माहौल था वो सिर्फ और सिर्फ आरएसएस की वजह से बदला है।

उन्होंने लंदन में RSS को लेकर कहा, “ये एक कट्टरपंथी फासीवादी समूह है जिसने ज्यादातर भारतीय संस्थानों पर अपना कब्जा कर दिया है। मुझे हैरानी होती है कि इन लोगों ने कैसे विभिन्न संस्थानों पर कब्जा जमा लिया है। इस बात ने मुझे झकझोर दिया कि वे हमारे देश के विभिन्न संस्थानों पर कब्जा करने में कितने सफल रहे हैं। प्रेस, न्यायपालिका, संसद और चुनाव आयोग सभी खतरे में हैं और किसी न किसी तरह से उनसे नियंत्रित हैं।”

लंदन में राहुल गाँधी ने विदेशी हस्तक्षेप का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बार-बार विदेशों से अपील की कि वह भारत के मुद्दों में घुसें। इस बात को सुन भाजपा ने उन्हें फटकारा। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा- “अगर देश में कोई मुद्दे हैं तो हम उसे खुद सुलझा लेंगे…राहुल गाँधी विदेशियों को कैसे हमारे देश के मामलों में घुसने को कह सकते हैं। शहजाद पूनावाला पूछते हैं कि आखिर राहुल गाँधी कौन सा हस्तक्षेप चाहते हैं। क्या हम घर के मामले पड़ोसियों को बताते हैं।”

‘ये निहायत ही अश्लील, अभद्र और दूषित भाषा, चैंबर में हेडफोन लगा कर देखना पड़ा’: TVF की ‘कॉलेज रोमांस’ के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया FIR का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने TVF की वेब सीरीज ‘कॉलेज रोमांस’ को लेकर कहा है कि इसमें इस्तेमाल की गई भाषा अश्लील, दूषित और अभद्र है। साथ ही दिल्ली उच्च-न्यायालय ने ये भी कहा कि इस वेब सीरीज से युवाओं के दिमाग को भ्रष्ट करेगा और उनके चरित्र को खराब करेगा। जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने कहा कि उन्हें अपने चैंबर में हेडफोन लगा कर इस शो को देखना पड़ा, क्योंकि इसमें इतनी गालियाँ बकी गई हैं कि इससे आसपास के लोगों पर भी असर पड़ेगा।

जज ने ये भी कहा कि एक सामान्य बुद्धिमत्ता वाला व्यक्ति इसमें इस्तेमाल की गई भाषा को सुन कर हैरान रह जाएगा, क्योंकि प्रोफेशनल और पारिवारिक जीवन में एक सम्मानजनक भाषा की मर्यादा रखी जाती है। हाईकोर्ट ने नोट किया कि इस देश के नागरिक या युवा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करते। साथ ही कहा कि इस तरह की भाषा के बारे में ये नहीं कहा जा सकता कि इसका प्रयोग सामान्य है। साथ ही कोर्ट ने इस मामले में धाराएँ भी तय कीं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि इस शो के निर्देशक सिमरप्रीत सिंह और अभिनेता अपूर्व अरोड़ा के खिलाफ IT एक्ट की धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से काम-वासना वाले कंटेंट को प्रसारित करना) और 67A (सेक्सुअली गंदे एक्ट को प्रसारित करना) के तहत मामला तय किया जाए। अदालत ने ACMM जज के आदेश को सही ठहराते हुए 3 आरोपितों के विरुद्ध FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। जस्टिस शर्मा ने कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता के रूप में इस तरह की भाषा नहीं परोसी जा सकती।

ACMM जज ने TVF, सिमरप्रीत सिंह और अपूर्व अरोड़ा के खिलाफ IT एक्ट की धारा-292 (अश्लील किताबें/कंटेंट को बेचना), 294 (सार्वजनिक जगह पर अश्लील गतिविधि) के तहत भी FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने इस बात से भी नाराज़गी जताई कि इससे वैश्विक स्तर पर ऐसी छवि बनेगी कि भारत के शैक्षणिक संस्थानों के छात्र और युवा वर्ग इसी तरह की अश्लील और गालियों वाली भाषा का इस्तेमाल करते हैं।

हाईकोर्ट ने कहा, “इस तरह की भाषा की अनुमति देने का अर्थ होगा एक खतरनाक ट्रेंड की शुरुआत करना, जो जनहित के विरुद्ध है। आज इसे सामान्य कॉलेज संस्कृति बताई जा रही है, कल को ये स्कूलों तक फ़ैल जाएगी। कल को गली-मुहल्लों और परिवार में भी इस तरह की भाषा का ोस्टमाल होने लगे तो एक काफी बुरी परिस्थिति होगी। दुनिया भर में नैतिकता का पैमाना अलग-अलग है, लेकिन हमें भारतीय परिप्रेक्ष्य में देखना होगा।”

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस दौरान ये भी कहा कि ये आदेश देते समय न्यायपालिका को ‘पुराने ख़यालात का’ बताया जा सकता है, लेकिन हमारा मानना है कि काफी पहले से जो भाषा बोली जा रही है, उसका हिस्सा अश्लीलता और अभद्रता को नहीं माना जा सकता। उच्च न्यायालय ने कहा कि हिंदी भाषा का इस तरह के ह्रास समाज के हित में नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि चीजों को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया गया और ये वेब सीरीज सामान्य समाज का आईना नहीं हो सकती।

घर में घुस कासिम ने हिंदू लड़की को मारी गोली, कहा- तेरी दोस्ती किसी और से नहीं होने दूँगा: दिल्ली के नंद नगरी में भारी पुलिस बल तैनात

दिल्ली के नंदनगरी इलाके में एक नाबालिग हिंदू लड़की को घर में घुसकर गोली मारने का मामला सामने आया है। आरोपित की पहचान कासिम के तौर पर हुई है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। लड़की का इलाज चल रहा है। तनाव को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती है। घटना सोमवार (6 मार्च 2023) शाम की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला सुभाष पार्क क्षेत्र का है। 16 वर्षीया पीड़िता यहाँ अपने परिवार के साथ रहती है। लड़की की माँ लोगों के घरों में काम कर परिवार चलाती हैं। बताया जा रहा है कि घटना के समय लड़की घर में अकेली थी और फोन पर किसी से बात कर रही थी। तभी 19 वर्षीय कासिम उसके घर में घुस गया। उसने लड़की से फोन पर बात कर रहे व्यक्ति के बारे में सवाल किया। लड़की ने कुछ बताने से मना किया तो कासिम ने उसका फोन छीन लिया।

आरोप है कि कासिम ने लड़की से कहा कि वह उसकी दोस्ती किसी भी और से नहीं होने देगा। लड़की का फोन छीन कर कासिम उसकी कॉल डिटेल चेक करने लगा। लड़की ने विरोध किया तो कासिम ने उसे गोली मार दी। गोली लड़की के कंधे पर लगी है। गोली मारने के बाद कासिम मौके से फरार हो गया। गोली की आवाज सुन आकर आसपास के लोग जमा हुए। पीड़ित लड़की को गुरु तेग बहादुर अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

कासिम एक मोबाइल की दुकान में काम करता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक वह इलाके में आवारागर्दी करता है। वह पीड़िता का पड़ोसी है। पड़ोसियों का कहना है कि कासिम पहले भी लड़की के घर आता-जाता रहता था। आरोप है कि कुछ दिनों पहले भी कासिम ने लड़की को धमकी दी थी। अस्पताल में अपने दिए गए बयान में भी लड़की ने अपने साथ हुई घटना के लिए कासिम को जिम्मेदार बताया है।

घटना के बाद तनाव को देखते हुए इलाके में भरी पुलिस बल की तैनाती है। कासिम पर IPC की धारा 307 के तहत कार्रवाई हुई है। जानकारी के मुताबिक पुलिस इस बात की भी तहकीकात कर रही है कि क्या कासिम पीड़िता पर धर्मान्तरण का भी दबाव बना रहा था।

पंजाब यूनिवर्सिटी में होली देख मुस्लिम भीड़ ने छात्रों पर किया हमला, सुरक्षाकर्मियों ने भी पीड़ितों को ही पीटा: लाहौर की घटना, हिन्दू बोले- हम सेफ नहीं

पाकिस्तान के लाहौर स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में होली खेल रहे हिन्दू छात्रों पर हमले की खबर है। यह हमला इस्लामी जमीयत तुलबा (IJT) नाम के एक कट्टरपंथी संगठन ने किया है। इस हमले में 15 छात्रों के घायल होने की सूचना है। पीड़ित छात्रों ने दावा किया है कि उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से इस आयोजन की अनुमति ले रखी थी। आरोप है कि यूनिवर्सिटी के गार्डों ने भी हमलावरों का पक्ष लिया। इस मामले में अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई है। घटना सोमवार (6 मार्च 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिंध काउंसिल के महासचिव कासिफ ब्रोही ने भी हिन्दू छात्रों द्वारा कार्यक्रम की अनुमति लेने की पुष्टि की है। उनका कहना है कि इसी कार्यक्रम के दौरान इस्लामी जमीयत तुलबा के सदस्य यूनिवर्सिटी कैम्पस में पहुँच गए। माना जा रहा है कि इस कट्टरपंथी समूह को यूनिवर्सिटी में हो रहे आयोजन की जानकारी हिन्दू छात्रों द्वारा फेसबुक पर की गई पोस्ट से मिली थी। तब उन्होंने सोशल मीडिया पर ही हिन्दू छात्रों को धमकाया भी था। इस घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

घटना के दिन सोमवार को कार्यक्रम के दौरान ही IJT के सदस्य विश्वविद्यालय कैम्पस में पहुँच गए। उन्होंने वहाँ पहुँचते ही हिन्दू छात्रों को धमकियाँ देना शुरू कर दिया। कुछ ही देर बाद हाथापाई शुरू हो गई। होली के इस कार्यक्रम के दौरान लगभग 30 हिन्दू छात्र मौजूद थे। हमलावरों के हाथों में बंदूकें और डंडे होने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि हमलावरों ने अपने हाथों में कुरान ले रखी थी। इस दौरान मची अफरातफरी में होली का कार्यक्रम रद्द हो गया। इस घटना के विरोध में जब हिन्दू छात्र यूनिवर्सिटी के कुलपति के ऑफिस में विरोध दर्ज करवाने पहुँचे तब वहाँ मौजूद गार्डों ने भी उन्हें डंडों से पीटा।

एक अन्य वीडियो में एक छात्र ने खुद को पत्थर मारे जाने का आरोप लगया है। वहीं दूसरे छात्र का कहना है कि वो यूनिवर्सिटी में सुरक्षित नहीं हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने हाथों में कागज ले रखे हैं। उन्हें ‘सेव माइनॉरिटी’ के नारे लगाते सुना जा सकता है। इसके अलावा वह ये भी कहते हैं कि उनके पास कोई भी आजादी नहीं है, उन्हें होली खेलने पर पत्थर मारा जा रहा है।

आरोप यह भी है कि यूनिवर्सिटी के सुरक्षा गार्ड 4 से 5 हिन्दू छात्रों को अपने साथ गाड़ी में भर कर ले गए। इस मारपीट के चलते पीड़ित छात्र अपनी शिकायत भी नहीं दर्ज करवा पाए। पाकिस्तान के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि इस हमले में लगभग 15 छात्र घायल हुए हैं जिनका इलाज करवाया जा रहा है। इसमें से कुछ छात्रों के नाम बिशन लाल, विजय कुमार, विशाल कुमार हैं। उन्होंने बताया कि आरोपितों पर कार्रवाई की जाएगी। हालाँकि अभी तक किसी ठोस कार्रवाई या गिरफ्तारी की कोई जानकारी नहीं है।