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तमिलनाडु पुलिस ने भाजपा नेता और दैनिक भास्कर के संपादक के खिलाफ दर्ज की FIR: बिहारी मजदूरों के साथ हिंसा से संबंधित खबर और ट्वीट को लेकर कार्रवाई

बिहारी मजदूरों के साथ हिंसा मामले को लेकर भाजपा के प्रवक्ता प्रशांत पटेल उमराव पर तमिलनाडु पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। तमिलनाडु पुलिस ने आरोप लगाया है कि उमराव ने बिहारी मजदूरों के साथ हिंसा को लेकर गलत जानकारी फैलाई है।

हिंदी अखबार दैनिक भास्कर के एक संपादक और पत्रकार मोहम्मद तनवीर पर भी कथित रूप से झूठी सूचना और दुश्मनी फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। आरोपित को पकड़ने के लिए तमिलनाडु पुलिस की एक टीम को लगाया गया है। तनवीर ने तमिलनाडु में हिंदी भाषी मजदूरों पर हमलों को दर्शाने वाली दो फिल्मों को ट्वीट किया था।

उमराव ने ट्विटर पर पोस्ट किया था, “तमिलनाडु में हिंदी बोलने पर बिहार के 15 लोगों को फाँसी पर एक कमरे में लटका दिया गया, जिसमें से 12 की दुखद मृत्यु हो गई।” इस ट्वीट में उन्होंने बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की तस्वीर भी डाली थी।

दैनिक भास्कर के अनुसार, तमिलनाडु में एक बिहारी व्यक्ति के साथ बातचीत के आधार पर जानकारी मिली है कि 15 बिहारियों को जान से मारने की धमकी मिली है। समाचार के साथ एक वीडियो क्लिप भी थी, जिसमें पुरुषों के दो समूहों के बीच झगड़े की तस्वीरें दिखाई गई थीं। रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु में करीब 15 बिहारियों की मौत हुई हैं और राज्य के लोगों पर हिंदी बोलने के लिए हमला किया गया है। इसके अतिरिक्त, यह दावा किया गया कि तमिलनाडु में बिहारियों के खिलाफ ‘तालिबानी’ शैली की हिंसा की जा रही है।

दैनिक भास्कर संपादक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 505 (i) (बी) और 153 (ए) के तहत तिरुप्पुर उत्तर पुलिस स्टेशन द्वारा एक मामला दर्ज किया गया है। वहीं, मोहम्मद तनवीर पर बाद में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 56 (डी) की समान धाराओं का उल्लंघन करने के लिए तिरुपुर साइबर अपराध पुलिस द्वारा आरोप लगाया गया था।

तमिलनाडु पुलिस के अनुसार, झूठी सूचना प्रसारित करने वाले लोगों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। बयान में कहा गया है, “हम उन लोगों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं जो राज्य की शांति भंग करने के लिए झूठी सूचनाएँ फैला रहे हैं। उनके खिलाफ गंभीर कार्रवाई की जाएगी।” तमिलनाडु पुलिस ने प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन भी जारी की है।

वहीं, भाजपा नेता उमराव के खिलाफ 4 मार्च 2023 को थूथुकुडी सेंट्रल पुलिस ने आईपीसी की धारा 153 (दंगा भड़काने के उद्देश्य से जानबूझकर उकसाना), 153ए, 504 (शांति भंग करने के लिए जानबूझकर अपमान), और 505 (सार्वजनिक गड़बड़ी के लिए बयान देने वाले बयान) के तहत गलत सूचना प्रसारित करने के लिए शिकायत दर्ज की।

तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक शैलेंद्र बाबू ने बिहार में अपने समकक्ष को आश्वासन दिया था कि राज्य में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। इसके बाद भाजपा प्रवक्ता और दैनिक भास्कर के खिलाफ मामला मामला दर्ज किया गया है। तमिलनाडु में कार्यरत बिहार के कामगारों पर हमलों का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर आया, जिससे लोगों और प्रशासन में चिंता और दहशत फैल गई।

‘तारे ज़मीन पर’ वाला 14 साल का बच्चा… कट्टर मुस्लिमों के कारण जान बचा कर घर से भागना पड़ा, कुरान बना कारण

इंग्लैंड के वेस्ट यॉर्कशायर (West Yorkshire) के वेकफील्ड (Wakefield) स्थित स्कूल में हाथ से कुरान की कॉपी गिर जाने पर इस्लामवादी एक किशोर हत्या की धमकी दे रहे हैं। धमकी के कारण बच्चे को अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़कर भागना पड़ा है। घटना को ईशनिंदा बताकर कट्टरपंथियों द्वारा मस्जिद में शरिया कोर्ट लगाई गई और उसमें लड़के की माँ हाजिर होकर माफी भी माँगी। हालाँकि, यह भी काम नहीं आ रहा है।

वहीं, ब्रिटेन के स्कूल मामलों के मंत्री निक गिब ने निंदा की है। पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है। ब्रिटेन की गृृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने इस मामले पर कहा कि जिस तरह से इस घटना को हैंडल किया जा रहा, इससे वह चिंतित हैं। हालाँकि, लड़के की माँ ने पुलिस से इस मामले में मुकदमा नहीं चलाने की अपील की। बच्चे की माँ का कहना है कि इससे यह मामला दबने के बजाय और भड़केगा।

उन चारों किशोरों में एक बच्चे के शिक्षक माता-पिता ने कहा कि यह ‘मध्ययुगीन शिकार करने’ जैसा लगता है। चैरिटी ह्यूमनिस्ट्स यूके ने स्थिति को ‘भयावह’ कहा और दावा किया कि स्कूल ने ‘जल्दबाजी में काम किया’। चैरिटी समूह ने कहा कि धार्मिक समूहों के प्रति सम्मान में अत्यधिक अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए थी। एक इस्लामी लेखक ने कहा कि यह यह ईरान या पाकिस्तान में होने वाली स्थिति से कहीं अधिक भयावह है।

यूरोपियन यूनियन के पूर्व सदस्य और ब्रिटिश पत्रकार मार्टिन डाउनी ने बताया कि इस घटना को ईशनिंदा बताकर कट्टरपंथियों ने स्थानीय मस्जिद में शरिया अदालत भी लगाई थी। इसमें एक स्वतंत्र काउंसलर ने जज की भूमिका निभाई और स्थानीय पुलिस चीफ भी मौजूद रहे। शरिया अदालत में बच्चे की माँ की तारीफ की गई। वहीं, बच्चे को दी गई मौत की धमकियों को ये कहकर खारिज कर दिया कि ये भावनाओं के उमड़ने की वजह से हुआ। खास बात ये है कि बच्चे को मौत की धमकियाँ मिलने के बावजूद भी माँ ने शिकायत दर्ज नहीं कराई।

इतना ही नहीं, स्कूल प्रशासन ने वेकफील्ड की जामिया मस्जिद स्वाफिया मस्जिद के इमाम हाफिज मुहम्मद मतीन अनवर, मध्यस्थ एवं स्वतंत्र पार्षद अकीफ अकबर के साथ स्कूल गए थे। वहाँ जाकर उन्होंने निरीक्षण किया कि कुरान का को अपवित्र किया गया था या नहीं। हालाँकि, इमाम ने उस दौरान मामला खत्म करने की कोशिश के तौर पर दिखाने की कोशिश की और मुस्लिमों को शांत रहने के लिए कहा। हालाँकि, मुस्लिम शांत करने के लिए तैयार नहीं हैं।

इस दौरान लड़के की माँ बोली, “आज मुझे यहाँ आने देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। मुझे पता है कि मेरे बेटे ने जो किया है वह अपमानजनक है। उसका कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं था लेकिन वह 14 साल का एक बहुत ही मूर्ख लड़का है। ऑटिज्म के कारण जो यह हुआ, उसके कारण उसने बुधवार दोपहर से खाना नहीं खाया है। इसने उसकी चिंता को उस स्तर पर डाल दिया जहां वह खुद के पास है। उन्हें बहुत, बहुत खेद है।”

बता दें कि ऑटिज्म एक मानसिक विकार (Mental Disorder) है, जिससे पीड़ित बच्चे का उपयुक्त मानसिक विकास नहीं हो पाता है। उनमें बातचीत करने और चीजों को जल्दी समझने की क्षमता कम होती है। वे किसी भी तरह के बदलाव को बर्दाश्त नहीं करते हैं।

इस घटना को लेकर यूरोपियन यूनियन के पूर्व सदस्य और ब्रिटिश पत्रकार मार्टिन डाउनी ने विस्तार से ट्वीट किया था। मार्टिन डाउनी ने लिखा कि शरिया अदालत में सुनवाई के दौरान जज के बयान से स्थानीय इमाम सहमत नजर आया। ट्वीट किए गए वीडियो में इमाम कह रहा है कि ‘हम पवित्र कुरान का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके लिए हम अपनी जान दे देंगे।’ जब इमाम ये कह रहा था तो स्थानीय पुलिस अधिकारी उसके ठीक बगल में बैठे हुए थे।

रिपोर्टों के अनुसार मामला केटलथोर्प हाईस्कूल (Kettlethorpe High School) का है। वहाँ 10वीं कक्षा के कुछ बच्चों के बीच वीडियो गेम का खेल चल रहा था। इस दौरान हारने वाले ग्रुप को हर्जाने के तौर पर कुरान लाने के लिए कहा गया। अगले दिन जब किशोर कुरान लेकर स्कूल पहुँचा तो उससे कुरान नीचे गिर गई और थोड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। इसी घटना पर इस्लाम को मानने वाले छात्रों ने इस पर आपत्ति जताई।

पिछले सप्ताह हुई इस घटना में शामिल सभी चार छात्रों को निलंबित कर दिया गया। साथ ही बात पुलिस तक पहुँच गई। वेस्ट यॉर्कशायर पुलिस का कहना है कि जिस तरह मामले को तूल दिया गया है यह चिंता का विषय है। पुलिस का कहना है कि कुछ स्थानीय नेताओं और इस्लामवादियों ने घटना को लेकर झूठ फैलाना शुरू कर दिया।

कहा जा रहा है कि मुस्लिम छात्रों के अभिभावकों और इस्लामवादियों ने कुरान जलाए जाने जैसी झूठी अफवाहें फैलानी शुरू कर दीं, जिससे हालात खराब होने लगे। कथित तौर पर एक स्थानीय मस्जिद में इसे लेकर बैठक भी हुई। अफवाहों की वजह से लोकल नेता और अभिभावक चिंतित हैं। यहाँ तक कि एक स्थानीय श्रम पार्षद उस्मान अली ने ट्विटर पर झूठ फैलाते हुए कहा कि कुरान को ‘अपवित्र’ किया गया और इस ‘गंभीर एवं उत्तेजक कार्रवाई’ से तत्काल निपटने की जरूरत है।

सोशल मीडिया पर 14 वर्षीय किशोर की माँ का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह इस्लामवादियों से क्षमा याचना करती सुनी जा रही हैं। बेटे को मिल रही मौत की धमकियों से डरी एक माँ ने कहा है कि उनका बेटा निर्दोष है। उसकी उम्र सिर्फ 14 साल है और उससे जो भी हुआ वह गलत इरादे से नहीं बल्कि गलती से हुआ। उसने कहा कि घटना से उसके बेटे को भी दुख पहुँचा है। वह इसके लिए माफी माँग रहा है।

किशोर की माँ कह रही हैं कि उसे जान से मारने की धमकियाँ मिली हैं। कहा जा रहा है कि यदि वह स्कूल वापस जाता है तो उसे पीटा जाएगा। इससे किशोर और उसकी माँ सहमे हुए हैं। घटना की जाँच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि कि घटना में कुरान को मामूली सा नुकसान पहुँचा है। यह कोई अपराध का नहीं बल्कि बच्चों की शरारत का मामला है।

पुलिस ने कहा है कि इसे गैर अपराधिक घृणा की घटना (Non criminal hate incident) के रूप में पंजीकृत किया गया था। स्कूल के हेडमास्टर ट्यूडर ग्रिफिथ्स ने भी कहा है कि बच्चों ने किसी दुर्भावनापूर्ण इरादे के साथ कुरान की बेअदबी नहीं की। लेकिन छात्रों को इसलिए सस्पेंड किया गया क्योंकि उन्होंने कुरान को संभाल कर नहीं रखा जिससे वह गिर गया। कुरान जैसी किताब को सम्मानित तरीके से रखने की जरूरत थी।

27 साल की लेडी टीचर को 16 साल के अपने ही छात्र से ‘प्यार’… पुलिस ने हैदराबाद के होटल से धरा: स्कूली दोस्तों ने बताया – बहुत नजदीकी थी

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में 27 वर्षीय एक महिला टीचर अपने नाबालिग छात्र के साथ फरार हो गई। छात्र की उम्र 16 साल है। इस मामले में नाबालिग छात्र और महिला टीचर दोनों के परिजनों द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई। आख़िरकार 27 फरवरी 2023 को पुलिस ने दोनों को खोज निकाला। टीचर का कहना है कि उसके परिवार वाले शादी के लिए लड़का देख रहे थे लेकिन वो अपने उसी छात्र से प्यार करती थी, जिसके साथ वो भाग गई थी। अधिकारियों द्वारा टीचर और छात्र दोनों की काउंसिलिंग करवाई जा रही है।

मीडिय रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला टीचर ने पुलिस के आगे अपना अपराध कबूल कर लिया है। शनिवार (4 मार्च 2023) को छात्र और उनकी टीचर को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया था। इस दौरान टीचर ने अपने छात्र से प्यार करने की बात स्वीकार की। छात्र के साथ भागने की वजह महिला टीचर ने अपने परिजनों द्वारा अपनी शादी के लिए दूसरा लड़का खोजा जाना बताया। टीचर के मुताबिक उन पर परिजनों का कहीं और शादी का लगातार दबाव बनाया जा रहा था।

यह मामला गाछीबौली थाने में दर्ज हुआ था। अधिकारियों के काउंसिलिंग के दौरान टीचर को छात्र के नाबालिग होने की जानकारी दी गी। उन्होंने बताया कि अगर महिला ने छात्र के साथ आगे भी रहना जारी रखा तो उस पर अपहरण की धाराओं के तहत केस दर्ज किया जा सकता है। दोनों को समझाने के बाद उनके घर भेज दिया गया।

क्या था मामला

दरअसल यह मामला 16 फरवरी 2023 का है। इस दिन हैदराबाद के ही चंदा नगर इलाके में रहने वाली टीचर अपने घर से स्कूल के लिए निकली पर वो लौट कर नहीं आईं। एक दिन बाद 17 फरवरी को टीचर के परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की शिकायत दी। पुलिस वाले महिला टीचर की तलाश कर रहे थे। इस दौरान 20 फरवरी 2023 को उसी स्कूल के क्लास 10 में पढ़ने वाले एक नाबालिग की भी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज हुई। शिकायत के दौरान छात्र के परिजनों ने आशंका जताई कि महिला टीचर उसे अपने साथ ले गई होगी।

नाबालिग छात्र के परिवार वालों ने बताया कि उन्हें उसी क्लास के अन्य छात्रों से टीचर से उसकी नजदीकी की जानकारी मिली थी। कुछ ही महीनों पहले दोनों काफी घुल-मिल गए थे। पुलिस ने इस शिकायत पर जाँच शुरू की। इधर महिला टीचर छात्र को लेकर बेंगलुरु गई, जहाँ वो 2 अलग-अलग होटलों में रुके। बताया जा रहा है कि टीचर और छात्रों दोनों के पास पैसों की तंगी थी, इसलिए वो वापस हैदराबाद लौट आए। यहाँ वो सस्ते लॉज में रुक रहे थे, जहाँ से पुलिस ने दोनों को खोज निकाला।

राजदीप को याद आया मुख्तार अंसारी का तंदूरी चिकन, अतीक ने राजदीप की बीवी से की थी तहजीब के साथ बात: माफियाओं की शान में यूँ पढ़े कसीदे

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का माफियाओं के खिलाफ एक्शन जारी है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी विधानसभा में माफियाओं को मिट्टी में मिलाने की बात कही थी। प्रयागराज में दिन दहाड़े हुए शूटआउट और योगी सरकार के एक्शन के बाद देश भर में माफियाओं के लेकर बहस तेज हो गई है। एक ऐसे ही बहस के दौरान पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने माफिया मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद की जमकर तारीफ की। शो के दौरान उन्होंने उनकी मेहमाननवाजी को याद किया और गुणगान करते रहे।

वेबसाइट और यूट्यूब चैनल द लल्लन टॉप के नेतानगरी कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने माफियाओं के साथ अपनी मुलाकात को याद किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1996 में यूपी विधानसभा चुनाव के वक्त मैं दो महाशय से मिला। एक थे मुख्तार अंसारी और दूसरे अतीक अहमद। एक बात दोनों की हमेशा याद रहेगी। इस दौरान स्क्रीन पर मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद की तस्वीर दिखाई जा रही होती है। मुख्तार अंसारी की मूँछों पर फिदा राजदीप कहते हैं कि जो तस्वीरें आप दिखा रहे हैं उनमें मुख्तार अंसारी की मूछों से लगता होगा कि डिस्टिंक्टिव कैरेक्टर (विशेष चरित्र) है इनका। लेकिन दोनों ने मुझे बहुत अच्छा डिनर खिलाया।

राजदीप आगे कहते हैं कि जो ये डॉन होते हैं, जब आप इनके बारे में पढ़ते हैं तो आपको लगता होगा कि डॉन बहुत भयानक होंगे, डराएँगे लेकिन दोनों ने बड़े सभ्य तरीके से व्यवहार किया। राजदीप कहते हैं कि मेरी पत्नी सागरिका भी अतीक अहमद से मिली। अतीक ने मेरी पत्नी सागरिका के साथ डिसेंट मैनर में मुलाकात की और तहजीब के साथ बात की। राजदीप ने कहा कि उन्होंने अतीक अहमद को याद दिलाया कि आप जिस लोकसभा (फुलपुर) से जीते हैं वह देश के पहले प्रधानमंत्री का पहला संसदीय क्षेत्र रहा था। इस पर अतीक हँसते हैं। राजदीप सुनाते हैं कि किस तरह अतीक संसद भवन के पास नेहरू की प्रतिमा के सामने पोज देकर फोटो खिंचाते हैं।

इस दौरान राजदीप दिलचस्पी के साथ माफियाओं के फोटो कनेक्शन और फोटो फ्रेंडली होने की जानकारी देते हैं। उनकी यह पूरी बातचीत वीडियो के 48 वें मिनट के बाद से सुनी जा सकती है। वीडियो के 52वें मिनट में राजदीप मुख्तार अंसारी के डिनर की रात खाए गए तंदूरी चिकन को याद करते हैं। राजदीप कहते हैं, “वेरी गुड तंदूरी चिकन। मैंने मुख्तार अंसारी से कहा मुख्तार अंसारी अच्छा खाना पकाते हैं।”

इतने पर शो के होस्ट सौरभ द्विवेदी उन्हें टोकते हैं कि आप अपनी निजी स्मृतियों को शो पर बोल रहे हैं, यह वीडियो वायरल होगी। इस पर राजदीप कहते हैं … कोई दिक्कत नहीं है इसमें गलत क्या है? माफियाओं की शान में कसीदे पढ़ रहे राजदीप सरदेसाई को इसमें कुछ गलत नजर नहीं आ रहा हो लेकिन क्या इस बात को नकारा जा सकता है कि इन दोनों पर हत्या और अपराध के लगभग सैकड़ों मुकदमे दर्ज है। अकेले मुख्तार अंसारी पर बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय समेत कई हत्याओं समेत 52 मुकदमे दर्ज हैं। अतीक अहमद पर भी कई हत्याओं समेत 100 से अधिक मामले दर्ज हैं।

ऐसे में राजदीप किस एजेंडे के तहत दोनों अपराधियों की सकारात्मक छवि समाज पर थोपने की कोशिश कर रहे हैं यह तो वही जानें।

उम्माह के नाम पर UN में पाकिस्तान का साथ! तुर्किये ने एक झटके में ही भुला दिया भारत का एहसान, भारतीय राजनयिक ने दी ये सलाह

विनाशकारी भूकंप की मार झेल रहे तुर्किये ने पलक झपकते ही भारत के एहसानों को भूला दिया। संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार परिषद में मुस्लिम भाईचारा निभाते हुए उसने पाकिस्तान का साथ दिया। तुर्किये ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए भारत पर कश्मीर में मानवअधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया।

तकरीबन 2 महीने पहले जबरदस्त भूकंप ने मुस्लिम बहुल देश को हिला कर रख दिया था। प्रकृति के इस प्रकोप से हजारों लोगों की मौत हो गई थी। त्रासदी के कुछ ही घंटो के बाद भारत ने तुर्किये की मदद की। भारत के इस कदम की तारीफ भारत स्थित तुर्किये के राजदूत ने भी की थी। कश्मीर मुद्दे पर UNHRC में तुर्किये ने इस्लामी देशों के संगठन OIC के साथ मिलकर पाकिस्तान का पक्ष ले लिया।

पिछले दिनों पाकिस्तान की विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार ने मुल्क के डिफेंस एक्विजिशन की आलोचना की थी। बता दें 22 दिसंबर, 2022 को भारत के रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 85,000 करोड़ रुपये से अधिक के 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। जिसके तहत सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने संबंधी योजनाएँ शामिल हैं। हिना रब्बानी ने भारत पर कश्मीर को लेकर कई झूठे आरोप भी लगाए थे। तुर्किये और ओआईसी ने पाकिस्तान के झूठ में सुर में सुर मिला दिया।

हालाँकि भारतीय राजनयिक सीमा पुजानी ने पाकिस्तान, तुर्किये और इस्लामिक देशों के संगठन को करारा जवाब दिया। पुजानी ने पाकिस्तान को आतंकी मुल्क कहते हुए कहा कि पाकिस्तान के लोग रोजी रोटी के लिए तरस रहे हैं लेकिन उनका भारत के साथ ऑब्सेशन नहीं छूट रहा। आर्थिक बदहाली का शिकार देश भारत के खिलाफ प्रोपगेंडा फैला रहा है। सीमा पुजानी ने कहा कि पाकिस्तान के मुँह से मानवअधिकारों की बात सुनना मजाक सा लगता है।

सीमा पुजानी ने पाकिस्तान को बेनकाब करते हुए कहा कि वहाँ आवाज उठाने वालों को गायब कर दिया जाता है। उन्होंने पाकिस्तान के जाँच आयोग का ही हवाला देते हुए कहा कि पिछले एक दशक में पाकिस्तान में गुमशुदगी की 8463 शिकायतें दर्ज हुई थीं। सीमा ने कहा कि पड़ोसी मुल्क में कोई भी धार्मिक अल्पसंख्यक आजादी से नहीं रह पा रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है।

भारतीय राजनयिक ने हाफिज सईद, मसूद अजहर और ओसामा बिन लादेन का उदाहरण देते हुए पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान हमेशा से आतंकियों का पनाहगार रहा है। भारतीय राजनयिक ने कश्मीर मसले पर तुर्किये और OIC को पाकिस्तानी झाँसे में न आने की हिदायत दी। पुजानी ने तुर्किए और OIC को भारत के अंदरूनी मामलों में दखल न देने की सलाह दी। पुजानी ने जोर देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र भारत का हिस्सा था, है, और रहेगा।

‘अब्बा जो कहें वो करो वरना…’ : ससुर के साथ संबंध न बनाने पर शौहर दानिश ने दिया तीन तलाक, घर से निकाल कहा- मुँह खोला तो मायके वालों को मार देंगे

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से तीन तलाक का मामला सामने आया है। यहाँ एक मुस्लिम महिला ने अपने बुजुर्ग ससुर नसरुद्दीन पर खुद के साथ अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया। महिला के शौहर दानिश पर भी अपने अब्बू की करतूत पर चुप रहने का आरोप है। पुलिस ने इस केस में FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। बुधवार (1 मार्च 2023) को दर्ज इस FIR में कुल 6 आरोपित नामजद हैं।

मामला सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के जमालपुर इलाके का है। यहाँ एक महिला ने पुलिस में अपने शौहर, ससुर के साथ सास और ननदों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि उनका निकाह 17 अगस्त 2020 को दानिश के साथ हुआ था। इस निकाह में पीड़िता के अब्बा ने लगभग 15 लाख रुपए खर्च किए गए। ससुराल पहुँचने के बाद पीड़िता के ससुर नसरुद्दीन उस पर गंदी नीयत रखने लगे। जब वह नसरुद्दीन की करतूत का विरोध करती तब पीड़िता को प्रताड़ित किया जाता था।

शिकायत में आगे बताया गया है कि ससुर की शिकायत शौहर से करने का भी कोई असर नहीं हुआ। उल्टे शौहर दानिश भी अपनी बीवी पर अपने अब्बू के साथ गलत काम करने का दबाव बनाने लगा। जब पीड़िता ने अपने शौहर के दबाव को मानने से इंकार किया तब उनकी पूरी ससुराल ही प्रताड़ना में शामिल हो गई। इस काम में पीड़िता की सास और ननदें भी शामिल हो गईं। लगभग 5 महीने पहले पीड़िता के ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया। जाते हुए इस बात की भी धमकी दी कि अगर किसी से बताया तो उसे और उसके मायके वालों को जान से मार दिया जाएगा। महिला का दावा है कि 5 माह पहले हुई इस घटना की शिकायत वह पुलिस में कर चुकी है।

पीड़िता का कहना है कि 1 मार्च 2023 को वह अपने दानिश शौहर से मिलने अलीगढ़ आई थी। इस दौरान दानिश ने उसे अपने साथ न रखने की धौंस देते हुए तीन तलाक बोल कर भगा दिया। पीड़िता ने पुलिस से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पीड़िता ने आरोपित के तौर पर महिला के शौहर दानिश, ससुर नसरुद्दीन के अलावा सास और 3 ननदों को नामजद किया है। सभी आरोपितों पर IPC की धारा 498- A, 354, 506 के अलावा दहेज़ प्रतिषेध अधिनियम और तीन तलाक कानून के तहत कार्रवाई की है।

ऑपइंडिया ने पीड़िता से इस मामले में बात की। पीड़िता ने हमें बताया, “मेरे ससुर नसरुद्दीन कोई काम-धंधा नहीं करते। बस वो दिन भर औरतों के बीच बैठ कर इधर की उधर करते हैं।” खुद को आर्थिक रूप से बेहद कमजोर बताते हुए पीड़िता ने अपने ससुर नसरुद्दीन द्वारा रिश्तेदारों के आगे ही अपने साथ अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया। पीड़िता ने बताया कि भले ही उनके पढ़े-लिखे शौहर दानिश की मेडिकल स्टोर की दुकान है लेकिन उनकी सोच सैकड़ों साल पुरानी है। पीड़िता का दावा है कि ससुर की अपनी बहू के साथ होने वाली करतूतें उनकी सास को न सिर्फ पता है बल्कि उसका उन्हें समर्थन भी है। पीड़िता के मुताबिक अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई।

अतीक अहमद के माशूक से लेकर मुख्तार अंसारी के बेटे तक… UP में मिट्टी में मिल रहे माफियाओं के घर, 3 दिन से बुलडोजर कार्रवाई जारी

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड के बाद योगी सरकार एक्शन में है। माफियाओं और उनके करीबियों के खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई जारी है। एक तरफ प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के सहयोगियों के खिलाफ हो रही है दूसरी तरफ मऊ में माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के अवैध निर्माण को मिट्टी में मिलाने का काम किया गया।

मऊ में विधायक अब्बास अंसारी और छोटे भाई उमर अंसारी के 2 मंजिला मकान पर 2 दिनों से बुलडोजर चलाया जा रहा है। शनिवार (04 मार्च, 2023) को 2 मंजिला मकान ध्वस्त कर दिया गया। इसके लिए बुलडोजर के अलावा पोकलैंड की भी मदद ली गई। शुक्रवार (03 मार्च, 2023) को पोकलैंड खराब होने की वजह से बिल्डिंग मिट्टी में नहीं मिल पाई थी।

अब्बास और छोटे भाई उमर ने जहाँगीराबाद स्थित घर को गिराने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दी थी। आरोप है कि करोड़ों का यह मकान बिना नक्शा पास किए ही बनवाया गया था। मकान गिराने के आदेश सिटी मजिस्ट्रेट ने जारी किए थे। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बलों की भी तैनाती की गई थी। बता दें मऊ से विधायक अब्बास अंसारी को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया गया है।

उधर प्रयागराज में माफिया अतीक के सहयोगी माशूक उद्दीन का आलीशान मकान भी बुलडोजर चलाकर गिरा दिया गया। बताया जा रहा है कि मकान 3 करोड़ रुपए खर्च कर बनवाया गया था। जानकारी के अनुसार माशूक के घर को बनाने के लिए विकास प्राधिकरण की तरफ से मंजूरी नहीं दी गई थी। दरअसल, मकान बनाने के नक्शे के लिए आवेदन तो दिया गया था लेकिन नजदीक में ही एयरफोर्स का ट्रांसमिशन और रडार स्टेशन होने के कारण इसे मंजूर नहीं किया गया था।

माशूक और उसके परिजनों पर कई मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। बताया यह भी जा रहा था कि माफिया अतीक के गैंग को माशूक ही फंड करता था। माशूक के परिवार की तरफ से सफाई दी गई कि उसका माफिया अतीक से कोई लेना देना नहीं है। दिन दहाड़े उमेश पाल हत्याकांड के बाद प्रयागराज में पिछले 3 दिनों से लगातार बुलडोजर की कार्रवाई हो रही है।

केरल से UAE बुलाकर दी नौकरी, पर माँगने पर ₹50 हजार नहीं दिए: यासिर ने जिस मोहम्मद गजनी की चाही भलाई, उसी ने चाकुओं से गोदकर मारा

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी में एक भारतीय व्यक्ति की हत्या करने की घटना सामने आई है। यह हत्या उसके एक रिश्तेदार ने ही की है, जो पैसों की लेन-देन को लेकर मृतक से नाराज थे। मृतक की पहचान 38 वर्षीय यासिर आराफात के रूप में हुई है और वह केरल के मलाप्पुरम जिले का रहने वाला था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यासिर मलप्पुरम जिले के चंगारामकुलम के रहने वाले थे और अबू धाबी के मुसाफा जिले में उनकी हत्या की गई है। जिस व्यक्ति ने यासिर की हत्या की वह उनका रिश्तेदार था और यासिर ने दो महीने पहले ही उसे अपने यहाँ नौकरी पर रखा था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यासिर आराफात अबू धाबी में एक डिजायनिंग फॉर्म चलाते थे। इस फॉर्म में ही उन्होंने मोहम्मद गजनी नामक रिश्तेदार को नौकरी दी। यासिर मोहम्मद गजनी को समय पर वेतन भी देते थे। एक बार मोहम्मद गजनी ने आराफात से 50 हजार रुपए की मदद माँगी। हालाँकि, आराफात ने पैसे नहीं दिए। इससे गजनी खफा रहने लगा।

एक दिन इसी बात को लेकर गजनी ने यासिर को मुसाफा के एक गोदाम में बुलाया। वहाँ पहले ही गजनी ने अपने दो दोस्तों को बुलाकर रखा था। यहाँ भी गजनी ने यासिर से पैसे की चर्चा की और जब बात बढ़ गई तो वह हिंसक हो गया। उसके बाद तीनों ने मिलकर यासिर की हत्या कर दी।

जब यासिर गोदाम में गिर गए तो गोदाम से भागने से पहले गजनी ने यासिर को चाकू से गोद कर हत्या कर दी। इसके बाद यासिर की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद गजनी और उसके दोस्त पुलिस से छिपने की कोशिश करते रहे। हालाँकि, पुलिस ने उसे खोज निकाला और गिरफ्तार कर लिया।

यासिर अराफात के परिवार में उनके पिता अब्दुल खादर, माँ खादीजाक्कुट्टी, गर्भवती पत्नी रमला और दो बच्चे हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ वहाँ की स्थानीय कानून के तहत कार्रवाई कर रही है।

लुँगी घुटनों के ऊपर, जांघ तक तेल की मालिश: मदरसा प्रिंसिपल निजामुद्दीन की मसाज Video वायरल, पुलिस ने शुरू की जाँच

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में एक व्यक्ति का किसी महिला से मसाज करवाने का वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो लगभग 1 मिनट 41 सेकेण्ड का है। इस वीडियो में एक मौलानानुमा व्यक्ति चारपाई पर लेटा हुआ है जिसका मसाज सलवार सूट पहने एक महिला कर रही है। दावा किया जा रहा है कि मसाज करवाने का शख्स एक मदरसे का प्रिंसिपल है जिसका नाम निजामुद्दीन है, जबकि मसाज करने वाली महिला उसी मदरसे में बच्चे के लिए खाना आदि बनाने वाली रसोइयाँ है। पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है।

हालाँकि यह वीडियो कब का है इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। मीडिया रिपोर्ट्स ही यह दावा कर कर रही हैं कि वायरल हो रहा वीडियो एक मदरसे का है। सिद्धार्थनगर जिले के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तन्मय ने इस वीडियो का संज्ञान लिया है। उन्होंने वीडियो में दिख रहे प्रिंसिपल को नोटिस देते हुए स्पष्टीकरण माँगा है। उनका कहना है कि जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वीडियो मालिश हो रहे कमरे में मौजूद किसी तीसरे व्यक्ति द्वारा बनाई गई है। दावा इस बात का भी किया जा रहा है कि जिस मदरसे की यह वीडियो है वह सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है। यहाँ पर दीनी तालीम के अलावा छात्रों को आईटीआई व सिलाई और कढ़ाई की भी ट्रेनिंग दी जाती है। सिद्धार्थनगर पुलिस ने भी इस वीडियो का संज्ञान लिया है। पुलिस ने SHO बांसी को जाँच और जरूरी कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है।

चित्र साभार- सिद्धार्थनगर पुलिस ट्विटर हैंडल

ऑपइंडिया ने इस संबंध में जानने के लिए जब SHO बांसी को सम्पर्क किया तब उनका फोन बंद आया। इसी मामले में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का भी फोन स्विच ऑफ़ बताया। उपरोक्त अधिकारियों के वर्जन आने के बाद खबर को अपडेट किया जाएगा। फिलहाल, बांसी सिद्धार्थनगर के हिन्दू पदाधिकारी हरिशंकर चौरसिया ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोग हिन्दू संतों में दिन भर कमी निकालते हैं। उन्होंने कहा कि वो पुलिस से आरोपित प्रिंसिपल पर कड़ी कार्रवाई की आशा करते हैं।

लव यू मम्मी-पापा, मुझे माफ़ कीजिए… 10वीं की छात्रा ने फाँसी लगा कर की आत्महत्या, 95% अंक नहीं लाने का था डर

राजस्थान के दौसा जिले में शुक्रवार (3 मार्च 2023) को 10वीं कक्षा की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली। छात्रा ने आत्महत्या करने से पहले सुसाइड लेटर भी छोड़ा। सुसाइड लेटर में छात्रा ने कहा कि वह अपनी 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के कारण तनाव में थी और 95% से अधिक अंक नहीं ला पाने की आशंका से दबाव महसूस कर रही थी।

खुशबू मीणा नाम की इस लड़की की उम्र 15 साल थी। उसने कहा कि वह बोर्ड परीक्षा की तैयार कर रही थी, लेकिन परीक्षा के दबाव को संभाल नहीं पाई। अंत में उसने खतरनाक कदम उठाने की सोची और अंतत: आत्महत्या कर ली।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़की दौसा के लालसौत इलाके में अपने घर में भाई के साथ पढ़ रही थी। उसका भाई कक्षा 4 में पढ़ता है। उस समय उसके माता-पिता घर पर नहीं थे। इस दौरान लड़की ने रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

आत्महत्या से पहले लड़की ने एक छोटा-सा सुसाइड नोट छोड़ा। जिसमें लिखा, “आई एम सॉरी मम्मी और पापा। मैं यह नहीं कर सकती। 10वीं की बोर्ड परीक्षा के कारण मैं दबाव महसूस कर रही हूँ। मैं परीक्षा में 95% से अधिक अंक नहीं ला पाऊँगी। आई लव यू पापा, मम्मी और ऋषभ। मुझे माफ़ कीजिए।”

घटना उस वक्त की बताई जा रही है जब बच्ची की माँ अपने बेटे की फीस देने स्कूल गई हुई थी। करीब 11 बजे जब वह घर लौटी तो उसे बेटी का शव मिला। इसके बाद परिजनों ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुँचकर पुलिस बच्ची को तुरंत अस्पताल लेकर गई। वहाँ डॉक्टरों ने लड़की को मृत घोषित कर दिया।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि खुशबू के पिता बसराम मीणा स्कूल टीचर हैं और राजस्थान के जालौर शहर के एक सरकारी स्कूल में पढ़ाते हैं। बेटी की आत्महत्या की खबर सुनकर वह दौसा पहुँचे। उन्होंने कहा कि वे और उनकी पत्नी ने कभी भी खुशबू पर मार्क्स के लिए दबाव नहीं डाला।

पिता का कहना है कि वह बुद्धिमान और पढ़ने में मेधावी थी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी कभी ऐसा भी कर सकती है। इस घटना के कारण खुशबू की माँ बेहोश हो गई। बाद उसने कहा, “हमने कभी भी उस पर पढ़ाई के लिए दबाव नहीं डाला, लेकिन वह हमेशा स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करना चाहती थी।”

खुशबू के स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि वह मेधावी थी और परीक्षा में हमेशा अच्छे अंक लाती थी। स्कूल के प्रधानाचार्य विश्राम गुर्जर ने कहा था कि उन्हें विश्वास था कि वह परीक्षा में 95% से अधिक अंक लाएगी।

उन्होंने कहा, “हमने 10वीं कक्षा के सभी विद्यार्थियों को 16 फरवरी को रिलीव कर दिया था, ताकि वे 16 मार्च से शुरू होने वाली परीक्षाओं के लिए वे अच्छी तरह से तैयारी कर सकें। हमें दुख है कि हमने एक उज्ज्वल छात्रा को खो दिया।” पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर मामले की जाँच शुरू कर दी है।

[कृपया ध्यान दें कि आत्महत्या रोकी जा सकती है। अगर आपको या आपके किसी जानने वाले को मदद की जरूरत है तो इनमें से किसी भी हेल्पलाइन पर कॉल करें: आसरा (मुंबई) 022-27546669, स्नेहा (चेन्नई) 044-24640050, सुमैत्री (दिल्ली) 011-23389090, कूज (गोवा) 0832- 2252525, जीवन (जमशेदपुर) ) 065-76453841, प्रतीक्षा (कोच्चि) 048-42448830, मैत्री (कोच्चि) 0484-2540530, रोशनी (हैदराबाद) 040-66202000, लाइफलाइन 033-64643267 (कोलकाता)]