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जेल में ही मनेगी मनीष सिसोदिया की होली: अदालत ने 2 दिनों के लिए बढ़ाई पूर्व डिप्टी CM की रिमांड, CBI ने बताया – ‘खास दवा’ खोजने में ही बर्बाद हो गया एक दिन

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की सीबीआई रिमांड 2 दिनों के लिए बढ़ा दी गई है। सीबीआई की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि सिसोदिया जाँच में सहयोग नहीं कर रहे। सीबीआई ने कोर्ट से तीन दिनों की अतिरिक्त रिमांड माँगी थी। वहीं मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर कोर्ट 10 मार्च को फैसला सुनाएगा।

27 फरवरी, 2023 को 5 दिनों के रिमांड पर भेजे गए मनीष सिसोदिया की रिमांड खत्म हो रही थी। ऐसे में उन्हें सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया। इस दौरान सीबीआई ने मनीष सिसोदिया की कस्टडी तीन दिन बढ़ाने की माँग की। सीबीआई का कहना है कि सिसोदिया जाँच में सहयोग नहीं कर रहे। सीबीआई के मुताबिक, सिसोदिया ने खास दवा की माँग की और इसमें एक दिन खराब हो गया।

सीबीआई ने कोर्ट में दलील दी कि अब दूसरे गवाहों के सामने सिसोदिया से पूछताछ करनी है। कुछ डिजिटल सबूत मिले हैं इस बारे में उनसे जानकारी प्राप्त करनी है। जजों ने सीबीआई से केस की डायरी माँगी। वहीं सिसोदिया के वकील दयान कृष्णन ने कहा कि सिसोदिया जाँच में सहयोग नहीं कर रहे इस आधार पर रिमाँड बढ़ाना उचित नहीं होगा। दोनों पक्षों के बीच बहस पूरा होने के बाद अदालत ने सिसोदिया की रिमाँड 2 दिन और बढ़ा दी।

शुक्रवार (03 मार्च, 2023) को पूर्व जिप्टी सीएम सिसोदिया ने निचली अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। याचिका में सिसोदिया ने CBI की पूछताछ में सहयोग का हवाला देकर जमानत माँगी। सिसोदिया की तरफ से कहा गया कि पूछताछ के लिए जब भी उन्हें बुलाया जाएगा वे हाजिर हो जाएँगे। उन्होंने कहा कि उन्हें कस्टडी में रखने की कोई वजह नहीं है। इस जमानत याचिका पर कोर्ट 10 मार्च, 2023 को फैसला सुनाएगा।

बता दें कि शराब नीति घोटाला मामले में CBI ने 26 फरवरी को 8 घंटे की पूछताछ के बाद मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। 28 फरवरी, 2023 की सुबह कॉन्ग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने फौरन सुनवाई की माँग करते हुए सिसोदिया की गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

कोर्ट ने सिंघवी की याचिका को स्वीकार कर लिया था। 28 फरवरी को सुनवाई के दौरान CJI जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने सिसोदिया को फटकार लगाते हुए पहले हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी।

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‘केजरीवाल, सिसोदिया और सत्येंद्र जैन ने मेरे लिए गाया था गाना’: महाठग का नया खुलासा – दिल्ली में हुआ स्टेशनरी घोटाला, AAP सुप्रीमो ने लिया ₹1000 करोड़ कमीशन

जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने मीडिया को एक बार फिर चिठ्ठी लिखी है। इस चिठ्ठी में उसने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को लेकर कहा है कि तीनों ने उसके जन्मदिन पर गाना गाया था। यही नहीं, सुकेश ने दिल्ली सरकार पर कमीशन के चलते ‘टैबलेट घोटाला’ करने का आरोप लगाया।

दिल्ली की मंडोली जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर ने मीडिया को लिखे 5 पन्नों के लेटर में कहा है कि मनीष सिसोदिया ने मुख्यमंत्री के तौर पर जिस भी विभाग में काम किया है वहाँ कमीशन लूटा। उसने कहा है कि AAP नेताओं केजरीवाल, सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के लिए यदि कुछ मायने रखता है तो वह सिर्फ कमीशन है।

इसके अलावा उसने दिल्ली के गरीब बच्चे की पढ़ाई में हुए घोटाले को लेकर भी खुलासा किया है। सुकेश ने कहा है कि बच्चों को टैबलेट बाँटने के लिए एक मसौदा तैयार किया गया था। इस मसौदे के तहत टैबलेट उसके जरिए एक चाइनीज कंपनी से खरीदे जाने थे। हालाँकि किसी अन्य कंपनी ने 20 परसेंट अधिक कमीशन देने का लालच दिया तो केजरीवाल सरकार ने उसकी जगह किसी और को टेंडर दे दिया।

सुकेश चंद्रशेखर ने आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने स्कूलों में बच्चों के खरीदी गई स्टेशनरी और टेबल में भी घोटाला किया है। यही नहीं उसने आरोप लगाया है कि अरविंद केजरीवाल ने अलग-अलग कॉन्ट्रैक्ट के जरिए 1000 करोड़ रुपए का कमीशन लिया है। सुकेश ने दावा किया है कि विदेशी अखबार में दिल्ली सरकार की तारीफ का जो ‘विज्ञापन’ छपा था वह मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन ने उसके जरिए ही छपवाया था।

केजरीवाल, सिसोदिया और सत्येंद्र जैन ने गाया था गाना

इस पत्र में सुकेश ने यह भी दावा किया है कि उसके जन्मदिन पर 25 मार्च 2017 को अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन ने शोले फिल्म का मशहूर गीत ‘ये दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे…’ गाया था। साथ ही मध्य पूर्व के देशों और दक्षिण भारत से फंड जुटाने के लिए कहा था। हालाँकि पैसों के लालच में इन लोगों ने दोस्ती तोड़ दी।

महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने यह भी कहा है सुकेश ने अपने पत्र में कहा है, “केजरीवाल जी आपको पता है कि ईडी ने जैसे ही मुझे हिरासत में लिया था। इसके बाद आपके और सत्येंद्र जैन के हवाला ऑपरेटर मिस्टर चतुर्वेदी को भी समन भेजा गया था। 4 दिन पहले हुई पूछताछ में मैंने ED के सामने सत्येंद्र जैन और आपके तथा चतुर्वेदी के राज खोले तो आपने सत्येंद्र जैन को तुरंत ही मंत्री पद से हटा दिया। इससे पहले 9 महीने तक आपने जैन को मंत्री बनाए रखा था।”

जैकलीन को डॉल कह दी होली की शुभकामनाएँ…

सुकेश ने इस पत्र में होली की शुभकामनाएँ देते हुए लिखा है, “मैं सभी मीडिया मित्रों, मेरे परिवार, शुभचिंतकों, समर्थकों और मेरी प्यारी राजकुमारी जैकलीन को होली की शुभकामनाएँ देता हूँ। मेरी बेबी, मेरी गुड़िया मैं तुम्हें प्यार करता हूँ।”

तमिलनाडु में फँसे हैं झारखंड के मजदूर भी, वापस निकाल कर लाने के लिए रवाना हुई टीम: बिहारी मजदूरों पर हमलों के बाद बढ़ा तनाव

तमिलनाडु में बिहार के बाद झारखंड के मजदूरों के साथ ज्यादति की खबरें सामने आ रही हैं। काँचीपुरम के किल्लूर में झारखंड के प्रवासी मजदूरों के फँसे होने की खबर है जिनकी वापसी के लिए झारखंड के अधिकारी तमिलनाडु रवाना हो चुके हैं। चेन्नई के कुछ स्थानों से बिहार-झारखंड के मजदूरों के साथ हो रहे हिंसा के कुछ वीडियो सामने आए हैं। जिसके बाद झारखंड सरकार ने इसका संज्ञान लिया है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, चेन्नई में हिंदी भाषी लोगों पर हो रहे हमले के बीच काँचीपुरम के किल्लूर गाँव में झारखंड के कुछ मजदूरों के फँसे होने की जानकारी मिल रही है। सोशल मीडिया पर इससे संबंधित कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों की एक टीम को तमिलनाडु रवाना किया।

टीम में कौन-कौन शामिल ?

झारखंड सरकार की तरफ से तमिलनाडु रवाना की गई टीम में डीआईजी तमिलवानन, डीएसपी शमशाद, एसआई खूबलाल सॉ, एसआई दीपक कुमार, संयुक्त श्रमायुक्त राकेश प्रसाद, श्रम अधीक्षक अभिषेक वर्मा, SRMI के रिप्रेजेंटेटिव आकाश कुमार, राज्य प्रवासी कंट्रोल रूम की रिप्रेजेंटेटिव शिखा लकड़ा शामिल हैं। टीम को फँसे मजदूरों का भुगतान कराते हुए वापस लाने की जिम्मेदारी दी गई है।

लौटे मजदूरों ने बताई सच्चाई

दूसरी तरफ तमिलनाडु सरकार ने हिंदी बोलने वाले मजदूरों के साथ हिंसा के वायरल हो रहे वीडियो को फेक बताया है। लेकिन तमिलनाडु से बिहार और झारखंड लौट रहे मजदूर कुछ और ही कहानी कह रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि तमिलनाडु में कई जगहों पर हिंदी बोलने वालों पर हमले बढ़े हैं।

अपडेट: दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में तमिलनाडु में हिंदी भाषिक श्रमिकों की हत्या, अंगुलियाँ काटने, फाँसी पर लटकाने जैसे दावे किए गए थे। हमने स्पष्ट रूप से दैनिक भास्कर को क्रेडिट देते हुए ये दावे प्रकाशित किए थे। लेकिन राष्ट्रव्यापी विवाद के बाद दैनिक भास्कर ने अपनी रिपोर्ट अपडेट करते हुए वे दावे हटा लिए हैं। चूँकि भास्कर अपनी पूर्व की रिपोर्ट में किए गए दावों से पीछे हट गया है, इसलिए हमने भी अपनी रिपोर्ट में आवश्यक बदलाव किए हैं।

भारत की वैक्सीन ने दुनिया भर में बचाई जानें, डिजिटल बैंकिंग में अव्वल: भारत की तरक्की के कायल हुए बिल गेट्स, PM मोदी की भी की तारीफ़

माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के संस्थापक और समाजसेवी बिल गेट्स (Bill Gates) ने भारत की तरक्की की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारत ने स्वास्थ्य, विकास और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में भारत ने शानदार तरक्की की है। बिल गेट्स ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भारत ने वैक्सीन बनाकर दुनिया भर में लोगों की जान बचाई।

बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने शुक्रवार (3 मार्च 2023) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ()M Narendra Modi) से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लिखा कि जब दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे समय में भारत जैसी उत्साही और मौलिक जगह आना प्रेरणा देता है।

गेट्स ने कोरोना के लिए बनाए गए कोविन प्लेटफॉर्म की तारफी करते हुए कहा कि भारत ने कोरोना के 2.2 अरब डोज डिलीवरी की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी मानते हैं कि कोविन दुनिया के लिए एक मॉडल है और वे पीएम से सहमत हैं। उन्होंने महामारी के दौरान डिजिटल भुगतान को अपनाने के लिए भारत की प्रशंसा की।

बिल गेट्स ने कहा कि 20 करोड़ महिलाओं सहित कम-से-कम 30 करोड़ लोगों ने आपातकालीन डिजिटल भुगतान प्राप्त किया। उन्होंने लिखा, “यह केवल इसलिए संभव हुआ, क्योंकि भारत ने वित्तीय समावेशन को प्राथमिकता दी, डिजिटल आईडी सिस्टम में निवेश किया है और डिजिटल बैंकिंग के लिए प्लेटफॉर्म तैयार किए।”

भारत की यात्रा पर आए बिल गेट्स ने पीएम मोदी के साथ हुई बैठक को लेकर एक ब्लॉग लिखा है। अपने आधिकारिक ब्लॉग गेट्सनोट्स में उन्होंने भारत के कोविड मैनेजमेंट, टीकाकरण अभियान, इनोवेशन और डिजिटल पहल की जमकर तारीफ की है। उन्होंने भारत को लेकर आशावादी रूख दिखाया। उन्होंने लिखा कि जब दुनिया के सामने कई तरह की चुनौतियाँ मुँह बाए खड़ी है, ऐसे समय में भारत जैसे गतिमान और रचनात्मक देश के दौरे से प्रेरणा मिलती है।

बिल गेट्स ने कहा कि भारत की G20 अध्यक्षता इस बात को उजागर करने का एक उत्कृष्ट अवसर है कि विकसित इनोवेशन दुनिया को लाभान्वित किया जा सकता है। इससे अन्य देशों को भी अपनाने में मदद की जा सकती है। गेट्स ने कहा कि डिजिटल आईडी और भुगतान प्रणालियों के विकास सहित अन्य प्रणालियों का विकास फाउंडेशन के लिए एक उच्च प्राथमिकता है। 

बिल गेट्स ने कहा कि टीबी समेत कई गंभीर बीमारियों की चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी सरकार ने सराहनीय प्रयास किया। पीएम मोदी के साथ उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में बदलावों पर भी चर्चा की। बिल गेट्स ने जलवायु परिवर्तन को लेकर भारत तेजी से कदम बढ़ा रहा है। बिल गेट्स ने कहा कि भारतीय कृषि वैज्ञानिक ऐसे फसलों पर रिसर्च कर रहे हैं, जो बढ़ती गर्मी में भी अच्छी उपज दे सके। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने मोटे अनाज की खेती पर बल दिया है।

इस दौरान बिल गेट्स ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के साथ खिचड़ी भी खाई। उन्होंने खिचड़ी में तड़का भी लगाया। इसको लेकर बिल गेट्स ने लिखा, “मैंने भी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की दो महिलाओं की तरफ से आयोजित गोद भराई समारोह में खिचड़ी खाई जो लाजवाब थी।”

‘₹1 करोड़ दो वरना मार डालेंगे’: उमेश पाल ने हत्या से पहले अतीक अहमद के खिलाफ दर्ज कराई थी FIR, माफिया का आर्थिक साम्राज्य चलाने वाला नफीस धराया

प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड में एक नया मोड़ आया है। बताया जा रहा है कि कत्ल से कुछ समय पहले माफिया अतीक अहमद ने उमेश पाल से 1 करोड़ रुपए की रंगदारी माँगी थी। यह रंगदारी एक जमीन की खरीदारी में माँगी गई थी। इसके अलावा एक प्लॉट पर मकान बनवाने की एवज में भी अतीक के भाई अशरफ ने उमेश से 20 लाख रुपए की रंगदारी की माँग की थी। उमेश ने इन दोनों मामलों में केस भी दर्ज करवाया था। उमेश पाल की हत्या की वजह में अब इस एंगल से भी जाँच की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तब उमेश पाल ने अपनी शिकायत में बताया था कि अतीक और अशरफ उनसे रंगदारी की माँग कर रहे हैं। मामले में अतीक के खिलाफ FIR धूमनगंज और अशरफ के खिलाफ केस प्रयागराज के ही पूरामुफ्ती थाने में दर्ज हुआ था। 24 अगस्त 2022 को अतीक के खिलाफ दर्ज मामले में उनके 4 गुर्गों का भी जिक्र था। इन गुर्गों के नाम खालिद जफर, मोहम्मद मुस्लिम, दिलीप कुश्वाहा और अबूसाद हैं।

यह जमीन प्रयागराज के ही झलवा इलाके में थी। तब अतीक ने अपने गुर्गों से धमकी दिलवाते हुए पैसे न देने पर उमेश पाल की हत्या की बात कही थी। हालाँकि उमेश पाल ने बिना अतीक अहमद से डरे उस पर FIR दर्ज करवा दी। अतीक से गुजरात की साबरमती जेल में मिलने गए उसके 2 गुर्गों ने इसकी जानकारी पहुँचाई। अतीक ने इसे अपने आदेश की नाफरमानी माना। काह जा रहा है कि वहीं से उमेश पाल की हत्या का सिग्नल मिला।

इस FIR को भी जाँच एजेंसियाँ उमेश पाल की हत्या के तमाम पहलुओं में से एक मान कर चल रही हैं। अतीक से जेल में मिलने गए और हत्या की हरी झंडी लाए दोनों गुर्गों के नाम अभी तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं।

वहीं, अतीक के एक करीबी नफीस अहमद को STF ने हिरासत में लिया है। नफीस पर अतीक के आर्थिक साम्राज्य को चलाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि अतीक के शूटरों को नफीस पैसा पहुँचाता था। जाँच कर रही पुलिस ने नफीस के बैंक खातों की भी जानकारी मँगवाई है। पुलिस नफीस को उमेश पाल हत्याकांड का अहमद किरदार मान कर चली रही है।

AsiaNet के दफ्तर में घुसे SFI के 30 ‘गुंडे’, गार्ड से भी धक्कामुक्की: BBC पर कार्रवाई को लेकर वामपंथियों ने मचाया था रोना-धोना

केरल के एर्नाकुलम में समाचार चैनल एशियानेट के ऑफिस पर हमला हुआ है। हमले का आरोप वामपंथी विचारधारा की SFI (स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया) के कार्यकर्ताओं पर लगा है। इस हमले के दौरान कार्यालय में घुसे हमलावरों ने न सिर्फ सुरक्षाकर्मियों और पत्रकारों को धमकी दी बल्कि नारेबाजी भी की। हंगामे के दौरान न्यूज़ चैनल में कामकाज रुक गया था। घटना शुक्रवार (3 मार्च 2023) की है जिसमें पुलिस केस ने दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। कुछ आरोपितों में हिरासत में लिए जाने की सूचना है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला एक यौन उत्पीड़न से जुडी खबर को ले कर था। पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि घटना के दिन रात लगभग 8 बजे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी छात्र शाखा (SFI) के दर्जनों छात्र एशियानेट चैनल के एर्नाकुलम ऑफिस में घुस गए। जब गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तब आरोपितों ने नारेबाजी की। बाद में SFI के सभी छात्र सुरक्षाकर्मियों को धक्का दे कर घुस गए। आरोप है कि SFI कार्यकर्ताओं ने अंदर घुस कर मीडियाकर्मियों से भी बदसलूकी की।

एशियानेट द्वारा पुलिस में सत्ताधारी माकपा की छात्र शाखा एसएफआई के लगभग 30 कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। हालाँकि SFI ने अपनी करतूत को सही ठहराने की कोशिश की है। उनका आरोप है कि एशियानेट ने उत्तरी केरल के एक स्कूल में 10 से अधिक छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न के बारे में एक नाबालिग लड़की का उपयोग करके कथित रूप से फर्जी खबर चलाई थी। SFI कार्यकर्ताओं के मुताबिक इस समाचार के विरोध में उन्होंने मीडिया हाउस के कोच्चि कार्यालय तक मार्च का आयोजन किया था।

आरोपितों पर IPC की धारा 147, 143 और 149 के तहत कार्रवाई की गई है। फ़िलहाल अभी तक किसी गिरफ्तारी की कोई सूचना नहीं है। इस घटना के विरोध में स्थानीय पत्रकारों ने विरोध जताया है और आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले भारत में BBC पर हुई कार्रवाई के दौरान वामपंथियों ने हंगामा किया था। तब उन्होंने इस पत्रकारिता पर हमला बताया था। इस बार खुद उन्ही वामपंथियों पर ही एक नेशनल चैनल पर हमले का आरोप लगा है।

तुनिशा शर्मा की मौत के मामले में शीजान खान को जमानत, विदेश जाने की नहीं होगी अनुमति: शर्त – सबूत से छेड़छाड़ और गवाहों से संपर्क करने की मनाही

अभिनेत्री तुनिशा शर्मा की मौत के आरोपित शीजान खान को जमानत मिल गई। तुनिशा शर्मा ने टीवी सीरियल ‘अली बाबा: दास्तान-ए-काबुल’ के सेट में संदिग्ध अवस्था में मृत पाई गईं थीं। इसके बाद पुलिस ने तुनिशा के को-स्टार और बॉयफ्रेंड रहे शीजान खान को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसकी कई जमानत याचिकाएँ खारिज हो गईं थीं। हालाँकि अब 69 दिन बाद उसे 1 लाख के निजी मुचलके पर जमानत मिली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शीजान खान की जमानत याचिका पर मुंबई की वसई कोर्ट में शनिवार (4 मार्च, 2023) को सुनवाई हुई। इसमें कोर्ट ने शीजान को जमानत देते हुए कहा है कि वह किसी भी सबूत के साथ छेड़छाड़ की कोशिश नहीं करेंगे और न ही किसी भी गवाह से संपर्क करेंगे। कोर्ट ने शीजान को अपना पासपोर्ट पुलिस के पास जमा करने और बिना अनुमति विदेश न जाने का आदेश दिया है।

बता दें कि तुनिशा शर्मा और शीजान खान टीवी सीरियल ‘अली बाबा: दास्तान-ए-काबुल’ में साथ काम कर रहे थे। इसी दौरान 24 दिसंबर, 2022 को शूटिंग सेट पर ही तुनिशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वह बाथरूम में मृत पाई गईं थीं। तुनिशा के घरवालों ने शीजान पर आत्महत्या के लिए उकसाने समेत कई प्रकार के आरोप लगाए थे। इसके बाद पुलिस ने 25 दिसंबर, 2022 को उसे गिरफ्तार कर लिया था।

गिरफ्तारी के बाद शीजान 31 दिसंबर 2022 तक पुलिस कस्टडी में था। इसके बाद कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद शीजान ने जमानत के लिए कई बार प्रयास किए। हालाँकि कोर्ट ने उसे राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उसने हाई कोर्ट में भी जमानत अर्जी दाखिल की थी। लेकिन हाई कोर्ट ने भी उसकी अर्जी खारिज कर दी थी। लेकिन अब 69 दिन जेल में रहने के बाद शीजान खान को जमानत मिल गई।

तुनिशा की माँ ने लगाए थे गंभीर आरोप

तुनिशा शर्मा की मौत के बाद उनकी माँ वनिता शर्मा ने शीजान और तुनिशा के रिश्ते को कई खुलासे किए थे। साथ ही उन्होंने कहा था कि तुनिशा की मौत में शीजान और उसका परिवार मिला हुआ है। एक इंटरव्यू में वनिता शर्मा ने कहा था, “मैं शीजान को छोड़ने वाली नहीं हूँ। मैंने अपनी बेटी खो दी है। मैं यहाँ न्याय पाने के लिए आई हूँ। शीजान और उसका पूरा परिवार इसमें शामिल है। तुनिषा मेरी जिंदगी थी। उसने मुझसे कभी कुछ नहीं छुपाया। पिछले 3-4 महीनों में वह उसके (शीजान के) परिवार के करीब आ रही थी। पूरे परिवार ने तुनिषा का इस्तेमाल किया। शीजान की माँ ने कहा कि मैं उसे पैसे नहीं देती थी। मैंने तुनिषा को तीन महीने में तीन लाख रुपए दिए हैं। आप मेरा बैंक स्टेटमेंट देख सकते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा था, “जब तुनिषा लद्दाख यात्रा से लौटी, तो उसने मुझसे कहा कि वह शीजान खान को पसंद करती है। मैंने उससे केवल इतना कहा था कि अपने शो और अपने काम पर ध्यान दो। शीजान की माँ और बहनों ने उसे कभी भी घर पर पर्याप्त समय रहने नहीं दिया। शूटिंग के बाद वे लोग उसे यह कहकर बुला लेते थे कि हमने तुम्हारे लिए बिरयानी बनाई है, या उनके पास ऐसा ही कोई और बहाना होता था।”

वनिता शर्मा ने आगे कहा था, “शीजान से ब्रेकअप के बाद वह दुःखी थी। उसने कहा था कि मुझे धोखा दिया गया है शीजान ने मेरा इस्तेमाल किया। उसने (शीजान ने) तुनिशा को थप्पड़ भी मारा था। तुनिशा ने अपने दोस्तों को बताया था कि शीजान ड्रग्स लेता है और उसे भी ऐसा करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। तुनिषा भी स्मोकिंग करने लगी थी। वे लोग उससे वो सब करवाते थे जो उसे पसंद नहीं था। तुनिषा को पालतू जानवर पसंद नहीं थे, लेकिन शीजान के परिवार ने उसे एक कुत्ता दिलवाया था।”

वहीं, मीडिया से हुई बातचीत में उन्होंने कहा था कि हो सकता है कि तुनिशा की हत्या की गई हो। उन्होंने कहा था, “यह आत्महत्या या हत्या भी हो सकती है। मैं ऐसा इसलिए कह रही हूँ क्योंकि शीजान उसे एक दूर के हॉस्पिटल में ले गया था। जबकि, सेट से महज 5 मिनट की दूरी पर भी अस्पताल थे। उसे करीब के हॉस्पिटल में क्यों नहीं ले गया? तुनिषा साँस ले रही थी और उसे बचाया जा सकता था।”

बुखार, जुखाम, खाँसी, गले में दर्द…: IMA ने बताया इस सीजन में फैले वायरस का नाम, इन दवाइयों को न लेने की दी सलाह

बदलते मौसम के साथ होने वाला खाँसी, जुखाम आम होता है…मगर इस बार चला सीजनल फीवर कुछ अलग है। इस फीवर में लोगों को न केवल बुखार, जुखाम होता है बल्कि इसके साथ खाँसी और गले का इंफेक्शन भी हो जाता है। ये इन्फेक्शन ऐसा है कि लोगों को रात में नींद नहीं आती और मुँह के अंदर हमेशा बलगम जैसा महसूस होता रहता है।

अब इसी सीजनल फीवर को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने अपना बयान दिया है। इस बयान में उन्होंने बताया कि इस बार जुखाम, नज्ला, उल्टी, गले का इंफ्केशन, शरीर दर्द और डायरिया के मामले बढ़े हैं। ये इन्फेक्शन 5-7 दिन रहता है। इसमें बुखार तो दिन भर रहता है पर जुखाम तीन हफ्ते से ज्यादा रहता है। एनसीडीसी के मुताबिक ज्यादातर मामले H3N2 इन्फ्लुएंजा वायरस के हैं।

IMA कहता है कि ऐसे सीजनल फीवर में सिंपटोमैटिक ट्रीटमेंट आवश्यक होता है, एंटीबॉयटिक्स देने की कोई जरूरत नहीं होती। लेकिन लोगों ने एजिथ्रोमाइसिन और एमोक्सीक्लैव जैसी एंटीबायोटिक्स लेनी शुरू कर दी हैं वो भी बिन डोज की परवाह किए। IMA ने इस तरह बिन परामर्श दवाई देने से मना किया है क्योंकि अगर बेवजगह एंटीबायटिक ली जाती है तो फिर वो दवाई इंसान के शरीर पर समय आने पर काम नहीं करती।

IMA ने कहा कि लोग एमोक्सीलीन, नॉरफ्लॉक्सिन, सिप्रोफ्लॉक्सिन, ऑफ्लॉक्सिन, लेवोफ्लॉक्सिन जैसी दवाइयों का गलत प्रयोग करते हैं। एसोसिएशन ने कहा है कि किसी भी इन्फेक्शन में एंटीबॉयोटिक्स लेने से पहले सोचना चाहिए कि इंफेक्शन बैक्टेरियल है या नहीं।

कोरोना वैक्सीन Sputnik V बनाने वाले वैज्ञानिक की हत्या: बदमाश ने फ्लैट में घुसकर बेल्ट से गला घोंटा, आरोपित गिरफ्तार

रूस की कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक वी को बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले वैज्ञानिक एंड्री बोतिकोव की गला घोंट कर हत्या कर दी गई। इसको लेकर रूसी जाँच एजेंसी मामले।की जाँच कर रही है। फिलहाल पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार (2 मार्च 2023) को वैज्ञानिक एंड्री बोतिकोव रोगोवा स्ट्रीट स्थित अपने घर में थे। इस दौरान एक बदमाश उनके घर में घुस गया। इसके बाद वह पैसों को लेकर बोतिकोव से बहस करने लगा। इस पर बोतिकोव ने उसका विरोध किया। इसके बाद आरोपित ने बेल्ट से उनका गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर वह मौके से फरार हो गया था।

हालाँकि हत्या की सूचना के मिलने के बाद रूसी जाँच एजेंसियों ने सक्रियता दिखाते हुए एलेक्सी जेड नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। कहा जा रहा है कि आरोपित ने अपना अपराध स्वीकार लिया है। जाँच एजेंसी का कहना है कि वह आरोपित के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर करेगी। ताकि मामले की सुनवाई तक आरोपित पुलिस हिरासत में ही रहे।

रूसी वैज्ञानिक बोतिकोव की हत्या का आरोपित एलेक्सी जेड सेक्स सर्विस उपलब्ध कराने के आरोप में पहले भी 10 साल की सजा काट चुका है। इसके अलावा उसके खिलाफ कुछ अन्य गंभीर अपराधों को लेकर मुकदमा चलने की बात कही जा रही है।

बता दें कि 47 वर्षीय एंड्री बोतिकोव रूस के नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी में वरिष्ठ शोधकर्ता के तौर पर काम कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने रूसी स्टेट कलेक्शन ऑफ वायरस डी.आई. इवानोव्स्की इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में कोरोना वायरस की वैक्सीन पर शोध किया था। बड़ी बात यह है कि वह कोरोना वायरस की वैक्सीन स्पूतनिक वी बनाने वाले 18 वैज्ञानिकों की टीम का हिस्सा थे। उनके इस काम के लिए साल 2021 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें ऑर्डर ऑफ मेरिट फॉर द फादरलैंड पुरुस्कार से भी सम्मानित किया था।

कॉन्ग्रेस नेता को भारी पड़ी CM ममता बनर्जी पर टिप्पणी, रात के 3 बजे घर में घुस कर बंगाल पुलिस ने किया गिरफ्तार: मुस्लिम बहुल क्षेत्र में TMC की हुई है हार

पश्चिम बंगाल पुलिस ने कॉन्ग्रेस नेता और कोलकाता हाई कोर्ट के वकील कौस्तव बागची को गिरफ्तार कर लिया है। कौस्तव ने शुक्रवार (3 मार्च, 2023) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित तौर पर ममता बनर्जी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद उन्हें कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की जानकारी बागची ने खुद एक फेसबुक पोस्ट के जरिए दी।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मुर्शिदाबाद की सागरदिघी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में टीएमसी उम्मीदवार की हार के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विवादास्पद टिप्पणी के लिए बर्टोला पुलिस स्टेशन में एक लिखित शिकायत दी गई थी। इसके बाद कोलकाता पुलिस की टीम रात के 3 बजे कौस्तव के घर पहुँची। 4 घंटो से भी अधिक देर तक चले पूछताछ के बाद कौस्तव को सुबह तकरीबन 7.30 बजे गिरफ्तार कर लिया गया।

कोलकाता पुलिस के अनुसार, कॉन्ग्रेस प्रवक्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 153, 354ए, 504,505,506 और 509 के तहत केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी की जानकारी कौस्तव ने खुद ही अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए दी। शनिवार (4 मार्च, 2023) की सुबह 4.00 बजे कौस्तव ने पोस्ट किया, “आखिरकार मुझे गिरफ्तार किया गया।”

इसके बाद उनके फेसबुक प्रोफाइल से एक अन्य पोस्ट किया गया, “जेल के ताले टूटेंगे, हम बहुत ही जल्दी छूटेंगे। लड़ाई चलती रहेगी, कौस्तव बागची झुकेगा नहीं।”

बागची की गिरफ्तारी के बाद से कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता बर्टोला पुलिस स्टेशन के सामने धरना-प्रदर्शन करने लगे और कौस्तव की रिहाई की माँग करने लगे। गिरफ्तारी से पहले पत्रकारों से बात करते हुए कौस्तव ने कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री को यदि मुझसे इतना भय हो गया कि आधी रात को मेरे घर पुलिस भेजनी पड़ रही है तो यह मेरी नैतिक जीत है।

पत्रकारों द्वारा गिरफ्तारी का कारण पूछे जाने पर बागची ने कहा कि कारण एक ही है कि इस राज्य में मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान देने का अपराध करना लेकिन मैं यह कह रहा हूँ कि यह अपराध आगे भी होगा। बागची के अनुसार, कुछ घंटो पहले उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें उन्होंने ममता बनर्जी के नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसलिए ममता बनर्जी की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है।

बता दें कि मुर्शिदाबाद जिले की सागरदिघी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में टीएमसी की हार हुई थी। उपचुनाव में वाम मोर्चा समर्थित कॉन्ग्रेस के बेरियन बिस्वास ने टीएमसी उम्मीदवार देबाशीष बंदोपाध्याय को 23,000 वोटों से हरा दिया था। नतीजे आने के बाद बागची ने एक संवाददाता सम्मेलन किया था।

आरोप है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पूर्व आईएएस अधिकारी दीपक कुमार घोष द्वारा लिखित पुस्तक के हवाले से मुख्यमंत्री के निजी जीवन के बारे में आपत्तिजनक बयान दिया था। इसी बयान को उनके गिरफ्तारी की वजह बताई जा रही है।