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उमेश पाल पर पहली गोली चलाने वाला उस्मान ढेर, 8 दिन में UP पुलिस ने अतीक के 2 गुर्गों का किया एनकाउंटर: CM योगी ने कहा था- मिट्टी में मिला देंगे

उमेश पाल हत्याकांड में शामिल एक और शूटर का आज (6 मार्च 2023) एनकाउंटर हुआ। कौंधियारा थाने की पुलिस ने आरोपित विजय उर्फ उस्मान चौधरी को प्रयागराज में हुई मुठभेड़ में ढेर किया। इस फायरिंग में एक सिपाही नरेंद्र भी जख्मी हो गए। 

यूपी पुलिस द्वारा जिस उस्मान का एनकाउंटर किया गया, वो अतीक अहमद की गैंग का शार्प शूटर था। उसी ने एक दुकान से निकलकर उमेश पाल पर पहली गोली चलाई थी और सीसीटीवी में साफ कैद हुआ था। 

वारदात के बाद पुलिस उसे ढूँढ रही थी। उसे पकड़ने के लिए उसपर 50 हजार रुपए का इनाम भी रखा गया था। एक दिन सूचना आई कि उस्मान प्रयागराज के कौंधियारा के लालापुर में छिपा है। इसी के बाद पुलिस की एसओजी टीम ने अपनी कार्रवाई की।

जानकारी के मुताबिक, प्रयागराज के लालापुर में जब एसओजी की टीम ने उस्मान को पकड़ने के लिए घेराबंदी की, तो शार्प शूटर ने पहले टीम पर गोली चलानी शुरू की, जिसके बाद पुलिस ने भी उसपर जवाबी फायरिंग की और उस्मान को ढेर किया।

इस मुठभेड़ को लेकर शलभ मणि त्रिपाठी ने लिखा, “कहा था ना कि मिट्टी में मिला देंगे !! उमेश पाल और संदीप निषाद पर पहली गोली चलाने वाला खूंखार हत्यारा उस्मान भी आज पुलिस मुठभेड़ में ढेर।” 

अतीक का गुर्गा अरबाज ढेर

उल्लेखनीय है कि इससे पहले पुलिस ने 27 फरवरी को एक और बदमाश अरबाज का एनकाउंटर हुआ था। अरबाज़ पर आरोप था कि वो हमले के दौरान उस क्रेटा गाड़ी को चला रहा था, जिससे शूटर आए थे। 1 दिन पहले यह क्रेटा गाड़ी अतीक अहमद के घर से बरामद हुई थी।

उमेश पाल हत्याकांड

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 24 फरवरी को उमेश पाल का मर्डर दिनदहाड़े हुआ था। उमेश के उतरते ही बदमाशों ने उनपर ताबड़तोड़ गोली चलाई थी। उनके साथ उनके दो गनर भी थे जिनमें से एक की वहीं मौत हुई जबकि दूसरे की इलाज के वक्त मौत हो गई थी। घटना के बाद सीएन योगी ने विधानसभा में साफ कहा था कि उनकी सरकार माफियाओं के खिलाफ है और उन्हें मिट्टी में मिला देगी।

अब इसी क्रम में उमेश पाल हत्याकांड में शामिल सभी लोगों की तलाश जारी है। 5 आरोपितों पर ढाई लाख रुपए का इनाम रखा गया है। क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की रडार पर 20 हजार मोबाइल नंबर हैं। 150 से अधिक अतीक के गुर्गों से पूछताछ हो चुकी है।

‘गोमूत्र से नहीं मिली देश को आजादी’: अब हिन्दुओं के खिलाफ घृणा फैलाने पर उतरे उद्धव ठाकरे, कहा – मेरे विधायकों को इंजेक्शन लगा कर छीन ली पार्टी

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग को लेकर विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग ‘चूना लगाओ आयोग’ है और सत्ता में बैठे हुए लोगों का गुलाम है। यही नहीं, उन्होंने कहा है कि गौमूत्र छिड़कने से देश को आजादी नहीं मिली। बल्कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान से आजादी मिली है। उन्होंने यह बयान रविवार (5 मार्च 2023) को दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराष्ट्र के रत्नागिरी के खेड़ गाँव में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा है, “चुनाव आयोग ‘चूना लगाओ आयोग’ है और सत्ता में बैठे लोगों का गुलाम है। जिस सिद्धांत के आधार पर चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया, वह गलत है। चुनाव आयोग ने हमसे पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न छीन लिया है, लेकिन वह शिवसेना को मुझसे नहीं छीन सकते।”

उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा, “शिवसेना की स्थापना चुनाव आयोग के पिता ने नहीं, बल्कि मेरे पिता ने की थी। महाराष्ट्र मेरा परिवार है। वे इसका कैसे ख्याल रखेंगे। मुझे आप सभी के साथ की जरूरत है। गद्दारों को कहना चाहता हूँ कि आप नाम चुरा सकते हो, चिह्न चुरा सकते हो लेकिन शिवसेना नहीं चुरा सकते। मैं चुनाव आयोग को खासतौर से कहना चाहता हूँ अगर चुनाव आयोग मोतियाबिंद से पीड़ित नहीं है तो उसे आना चाहिए और जमीनी स्थिति देखनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि उन्हें तोड़ने की कोशिश की जा रही है। यह शिवसेना नहीं, मराठी मानुष और हिंदुत्व को तोड़ने का षडयंत्र है। जिसको कभी गली का कुत्ता भी नहीं पूछता था, आज वो उन्हें तोड़ने की प्लानिंग कर रहे हैं। उन्हें चुनाव आयोग का फैसला मंजूर नहीं है। चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट जाएँगे।

उन्होंने आगे कहा, “सरदार पटेल ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया, उन्होंने सरदार पटेल का नाम चुराया। इसी तरह, उन्होंने सुभाष चंद्र बोस को चुरा लिया और बाला साहेब ठाकरे के साथ ऐसा ही किया। मैं उन्हें चुनौती देता हूँ कि वे मोदी के नाम पर वोट माँगे, न कि शिवसेना के नाम और बाला साहेब ठाकरे की फोटो पर।”

उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा, “सरकार तो सही चल रही थी लेकिन टूटी क्यों? सरकार इसलिए टूटी क्योंकि हमारे साथ धोखा किया गया। हमारे विधायकों को बेहोशी का इंजेक्शन लगाया गया। हम सबने मिल कर प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है। केजरीवाल मुझसे मिलने आए थे। उन्होंने कहा है कि बहुत हो रहा है, हमें अब एक होना होगा। मैंने कहा है कि मैं तैयार हूँ।”

उन्होंने गोमूत्र पर विवादित बयान देते हुए कहा, “क्या हमारे देश को गोमूत्र छिड़कने से आजादी मिली थी? क्या ऐसा हुआ था कि गोमूत्र छिड़का गया और हमें आजादी मिली? ऐसा नहीं था, स्वतंत्रता सेनानियों ने बलिदान दिया था। तब कहीं जाकर हमें आजादी मिली थी।”

‘भारत के बारे में कुछ बुरा नहीं बोलूँगी – गिरफ़्तारी के सवाल पर लंदन में बोली थीं इंदिरा गाँधी’: पत्रकार ने राहुल की ऐसे कर दी बोलती बंद, देखें वीडियो

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते हुए भारत को बदनाम करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। ब्रिटेन की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में बोलते हुए उन्होंने देश में ‘लोकतंत्र पर खतरा’ वाले प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाया था। हालाँकि अब उनके इस प्रोपेगेंडा और भारत विरोधी बयान पर उन्हें एक पत्रकार ने इंदिरा गाँधी से सीख लेने की सलाह दी है।

दरअसल, राहुल गाँधी लंदन में आयोजित ‘भारत पत्रकार संघ (IJA)’ के कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में उन्होंने एक बार फिर देश को बदनाम करने की कोशिश की। हालाँकि, वहाँ मौजूद एक पत्रकार ने उन्हें बताया कि इंदिरा गाँधी से जब उनकी गिरफ्तारी के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने साफ तौर कह दिया था कि वह भारत के बारे में कोई भी गलत बात नहीं करना चाहती हैं।

‘भारतीय पत्रकार संघ’ के कार्यक्रम में राहुल गाँधी को इंदिरा गाँधी के बारे में बताते हुए एक पत्रकार ने कहा, “मोरारजी देसाई द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद इंदिरा गाँधी लंदन आई थीं। तब यहाँ आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे एक पत्रकार ने उनके भारत में जेल जाने के अनुभव को लेकर सवाल किया था। इस सवाल के जवाब में इंदिरा गाँधी ने कहा था कि वह इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के बारे में कोई भी बुरी बात नहीं करना चाहतीं। अब आप लगातार भारतीय मीडिया पर हमला कर रहे हैं। आपने कैंब्रिज में दिए भाषण में भी यही किया था। मैं आशा करता हूँ कि आप इंदिरा गाँधी द्वारा कही गई बातों से कुछ सीखेंगे।”

गौरतलब है कि राहुल गाँधी ने ब्रिटेन की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में बोलते हुए भारत को बदनाम करने की ‘नापाक’ कोशिश की थी। इस कार्यक्रम में बोलने के बाद देश में राहुल की जमकर किरकिरी हुई थी। हालाँकि, इसके बाद भी उन्होंने भारत विरोधी सुर अलापना बंद नहीं किया। अब उन्होंने लंदन में भारत पत्रकार संघ के कार्यक्रम में भी कैंब्रिज वाली बात दोहराई है।

राहुल गाँधी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र के ढाँचे पर बर्बर हमले हो रहे हैं। मीडिया से लेकर न्यायपालिका, संसद सभी पर हमला हो रहा है। भारत में लोगों की आवाज उठाने में मुश्किल हो रही है। उन्होंने यह भी कहा, “भाजपा चाहती है कि भारत चुप रहे, क्योंकि वे (सरकार) चाहते हैं कि जो भारत का है उसे ले सकें और इसे अपने करीबी दोस्तों को दे सकें। यही विचार है, जनता का ध्यान भटकाना और फिर भारत की संपत्ति को तीन, चार, पाँच लोगों को सौंप देना।”

उन्होंने बीबीसी के ऑफिस पर इनकम टैक्स विभाग की हुई कार्यवाही को लेकर बात करते हुए कहा, “‘बीबीसी को अब इसके बारे में पता चल गया है, लेकिन यह सब पिछले नौ साल से भारत में लगातार चल रहा है। हर कोई जानता है कि पत्रकारों को डराया जाता है। उन पर हमला किया जाता है और धमकी दी जाती है। सरकार की लाइन पर चलने वाले पत्रकारों को पुरस्कृत किया जाता है। अगर बीबीसी सरकार के खिलाफ लिखना बंद कर दे तो सब कुछ सामान्य हो जाएगा। सभी मामले गायब हो जाएँगे।”

बता दें कि इससे पहले राहुल गाँधी ने कैंब्रिज में भारत विरोधी दुष्प्रचार किया था। अपने भाषण के दौरान उन्होंने बड़ी संख्या में नेताओं के फोन में पेगासस होने का दावा किया था। कहा था कि उनके फोन में भी पेगासस था। उनकी मानें तो इंटेलीजेंस अधिकारियों ने उन्हें फोन का सँभलकर इस्तेमाल करने की सलाह दी थी, क्योंकि फोन की रिकॉर्डिंग की जा रही थी। राहुल गाँधी ने भारत में लोकतंत्र पर हमले होने की बात भी कही। कहा कि मीडिया, न्यायपालिका और लोकतंत्र पर प्रहार हो रहा है। अल्पसंख्यकों और जनजातीय लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

अपने भाषण में राहुल गाँधी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ कुछ मुद्दों पर बात करने के लिए उन्हें कुछ नेताओं के साथ गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया गया था। उन्होंने समाचार पत्रों के स्क्रीनशॉट और पार्लियामेंट के बाहर प्रदर्शन की एक तस्वीर दिखाते हुए यह दावा किया। हालाँकि, न तो तस्वीर न ही स्क्रीनशॉट इस बात की पुष्टि कर रहे थे कि राहुल गाँधी को गिरफ्तार किया गया था क्योंकि इस तरह की कोई घटना घटी ही नहीं थी।

राहुल गाँधी ने जिस तस्वीर को पार्लियामेंट के बाहर प्रोटेस्ट का बताया था वह दरअसल साल 2020 के हाथरस कांड के बाद की तस्वीर है। हाथरस जाने के रास्ते पर यमुना एक्सप्रेस वे के पास राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी को रोक लिया गया था। उस वक्त इलाके में कर्फ्यू लगा हुआ था। राहुल गाँधी फिर भी हाथरस जाने की जिद कर रहे थे ऐसे में उन्हें कुछ घंटो के लिए उन्हें हिरासत में लिया गया था।

संबोधन के दौरान कई झूठ बोल चुके राहुल गाँधी ने अपने उपर दायर मुकदमों को झूठा करार दिया। राहुल ने दावा किया कि उनपर ऐसे क्रिमिनल केस चलाए जा रहे हैं जो नहीं होने चाहिए थे। बता दें कि देश में लगभग 5 दशकों तक राज करने वाले परिवार पर हजारों करोड़ रुपए के घोटाले के मामले चल रहे हैं। खुद राहुल गाँधी बेल पर हैं।

इस होली देश भर में होगी ₹25000 करोड़ की खरीददारी: CAIT का अनुमान, सिर्फ खुशियाँ ही नहीं, देश की अर्थव्यवस्था में भी चार चाँद लगा जाएगा हिन्दू त्योहार

भारत में जब त्योहार दीवाली-धनतेरस का आता है, तो सभी की नजरें बाजार की तरफ लग जाती हैं। ब्रांड्स एक से बढ़ कर एक ऑफर्स देते हैं, कपड़ों से लेकर गहनों और गाड़ियों तक की खरीददारी होती है। लेकिन, क्या आपको पता है कि होली के दौरान भी बाजारों में बड़ी रौनक आती है? ‘Confederation of All India Traders (CAIT)’ ने अपने अनुमान में बताया है कि इस होली में कितने करोड़ का कारोबार पूरे देश में होगा।

CAIT के अनुसार, 2023 में होली त्योहार के दौरान भारत में 25,000 करोड़ रुपए की खरीददारी होने की उम्मीद है। ये पिछले साल के मुकाबले 25% ज़्यादा है। बता दें कि होली 2022 के दौरान भी 2021 के मुकाबले कारोबार में 30% की उछाल देखी गई थी। लेकिन, ये याद रखा जाना चाहिए कि 2021 की होली कोरोना के साए में मनाई गई थी। अब कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप लगभग खत्म हो चुका है और स्वदेशी वैक्सीन की तीन डोज भी लगाई जा चुकी है।

अकेले दिल्ली में 1500 करोड़ रुपए के सामान लोग खरीदेंगे, ऐसा अनुमान है। इससे पहले चीन से बाहरी मात्रा में सामान यहाँ आते थे, जो इस बार नहीं है। रंग से लेकर गुब्बारे और खिलौने तक चीन से आते थे। लेकिन, इस बार अधिकतर कारोबार स्वदेशी वस्तुओं का होगा। CAIT ने बताया है कि भारत में निर्मित गुलाल, खिलौने वाली बंदूकें, पानी, चंदन और कपड़े की बड़ी बिक्री हो रही है, जो होली के दौरान लोग खरीदते ही हैं।

इन सबके अलावा मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, गिफ्ट आइटम्स, टेक्सटाइल्स, फूल, फल और फर्निशिंग फैब्रिक, किराना, FMCG प्रोडक्ट्स (कंज्यूमर पैक्ड) और पूजा-पाठ के वस्तुओं की भी बड़ी बिक्री होने वाली है। आगे भी अच्छी ट्रेड होने वाली है, होली इसकी उम्मीद जगाएगा। अकेले दिल्ली में सामूहिक होली के 3000 कार्यक्रम होने वाले हैं। 2020 और 2021 होली के कारोबार के मामले में कोरोना के कारण सबसे खराब रहा था। इससे सरकार और व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ था।

सऊदी अरब की कई यूनिवर्सिटी में अब पढ़ाया जाएगा योग, अगले कुछ महीनों में करारों पर होंगे हस्ताक्षर: रियाद में आयोजित खेल कार्यक्रम में ऐलान

सऊदी अरब की कई यूनिवर्सिटी में योग अब शैक्षणिक पाठ्यक्रम के रूप में शामिल किया जाएगा। इसके लिए अगले कुछ महीनों में कई करार पर हस्ताक्षर किए जाने हैं। ‘सऊदी योग कमिटी’ के अध्यक्ष नउफ अल-मारवाई ने इस संबंध में जानकारी दी है। रियाद में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की गई। सऊदी अरब की राजधानी में ये कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसका थीम था – साम्राज्य के खेल के प्रति भविष्य की दृष्टि को आगे बढ़ाने के लिए यूनिवर्सिटी में खेल किस तरह भूमिका निभा सकते हैं।

‘सऊदी यूनिवर्सिटीज स्पोर्ट्स फेडरेशन’ ने मुल्क के शिक्षा मंत्रालय के साथ मिल कर इस कार्यक्रम को आयोजित किया था। कई बड़े अधिकारियों के अलावा कई विशेषज्ञ भी इस प्रोग्राम में शामिल हुए। अल-मारवाई ने कहा कि मुल्क की यूनिवर्सिटियों में योग को लाने के लिए लगातार कड़ी कोशिश की जा रही है। उच्च-शिक्षा के संस्थानों को समझाया जा रहा है कि कैसे स्वास्थ्य और फिट रहने के लिए योग काफी ज़रूरी है।

उन्होंने कहा कि योग न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी दुरुस्त रखता है। उन्होंने मुल्क के ‘विज़न 2030’ की दिशा में इसे काफी मददगार करार दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए खेल से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लेने को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर, मुल्क के स्तर पर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जैसा कि अधिकतर लोग समझते हैं, योग सिर्फ केवल मैडिटेशन और रिलैक्सेशन नहीं है।

योगासन से जुड़े स्पोर्ट्स भी इंट्रोड्यूस किए जा रहे हैं। इस क्षेत्र में प्रतिभाओं की तलाश भी की जा रही है। इसके बाद उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि वो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में मुल्क का नाम रोशन कर सकें। बता दें कि सऊदी अरब के व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय ने नवंबर 2017 के योग को खेल गतिविधियों के रूप में मान्यता दी थी। साल 2017 के बाद ही वहाँ कोई योग सिखाना या इसे बढ़ावा देना चाहे, तो लाइसेंस लेकर अपना काम शुरू कर सकता है।

हिजाब पहनने पर परीक्षा देने की नहीं मिलेगी अनुमति: कर्नाटक के शिक्षा मंत्री की दो टूक – यूनिफॉर्म पहनना ही पड़ेगा, नियम का पालन कीजिए

कर्नाटक में हिजाब विवाद एक बार फिर गरमाता दिख रहा है। राज्य के शिक्षा मंत्री ने बी.सी. नागेश ने कहा है कि हिजाब पहनकर आने वाली छात्राओं को प्री यूनिवर्सिटी परीक्षा (PUC) देने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा है कि पिछली बार की तरह, इस साल भी छात्रों को यूनिफॉर्म पहनकर परीक्षा देनी होगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने हिजाब पहनकर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने वाली याचिका कर दी थी। परीक्षा गुरुवार (9 मार्च 2023) से शुरू होगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बी.सी नागेश ने कहा है कि प्री यूनिवर्सिटी परीक्षा देने वाले सभी छात्रों को यूनिफॉर्म पहनकर ही आना होगा। जो छात्र हिजाब पहनकर परीक्षा देना चाहते हैं, उन्हें परीक्षा केंद्रों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा है, “पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी छात्र-छात्रों को यूनिफॉर्म पहनकर ही परीक्षा देनी चाहिए। हिजाब पहनकर आने वाली छात्राओं को परीक्षा देने की अनुमति नहीं होगी। सभी को नियम का पालन करना होगा। राज्य सरकार और शिक्षण संस्थान निर्धारित नियमों के अनुसार ही काम कर रहे हैं।”

बी.सी. नागेश ने आगे कहा है, “हिजाब पर प्रतिबंध लगने के बाद परीक्षा देने वाली मुस्लिम महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इस बार पिछली बार की अपेक्षा अधिक मुस्लिम छात्राओं का नामांकन हुआ है। हमारे आँकड़ें बताते हैं कि हिजाब प्रकरण के बाद परीक्षा देने वाली मुस्लिम बहनों की संख्या और उनके नामांकन में वृद्धि हुई है।”

बता दें कि इससे पहले शुक्रवार (3 मार्च 2023) को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक की प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों में हिजाब पहनकर वार्षिक परीक्षा देने की अनुमति देने की माँग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि इस मामले की सुनवाई होली के बाद होगी।

बता दें कि शरीयत समिति की ओर से पेश वकील शादान फरासत ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले को लिस्टिंग कर जल्द सुनवाई की माँग की थी। वकील का कहना था कि छात्राओं की वार्षिक परीक्षाएँ 9 मार्च 2023 से शुरू हो रही हैं। इसके बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि इस मामले को होली की छुट्टी से पहले अंतिम कार्यदिवस को नहीं लाना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि वह इस मामले की तत्कालिकता को समझते हैं, लेकिन वे इस मामले को होली के बाद सूचीबद्ध कर सुनवाई के लिए पीठ गठित करेंगे। बता दें कि होली 8 मार्च 2023 को है और शुक्रवार (3 मार्च, 2023) को अंतिम कार्यदिवस था। इसके बाद कोर्ट की छुट्टियाँ हैं और कोर्ट 13 मार्च को फिर से खुलेगा।

इसके पहले कर्नाटक हाईकोर्ट ने कर्नाटक सरकार एवं शिक्षण संस्थानों द्वारा स्कूल-कॉलेजों में यूनीफॉर्म को जरूरी बताते हुए हिजाब पर लगाई गई रोक को सही ठहराया था। कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसके बाद पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने खंडित फैसला सुनाया था।

सुप्रीम कोर्ट के खंडित फैसले के बाद कर्नाटक के स्कूलों में लड़कियों को हिजाब पहनकर परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी गई है। यह परीक्षा 9 मार्च 2023 से शुरू होने वाली है। 15 मार्च 2022 को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने उडुपी में गवर्नमेंट प्री-यूनिवर्सिटी गर्ल्स कॉलेज के मुस्लिम छात्राओं के कक्षा में हिजाब पहनने की अनुमति माँगने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा था कि हिजाब इस्लामिक विश्वास का अहम हिस्सा नहीं है।

हवन से भड़के मुस्लिम पक्ष ने कहा – लाउडस्पीकर उतारो: बिहार के सीतामढ़ी में पत्थरबाजी, पुलिस ने 49 को किया गिरफ्तार

बिहार के सीतामढ़ी जिले में साम्प्रदायिक तनाव की खबर है। यहाँ हो रहे यज्ञ के दौरान मुस्लिम पक्ष ने लाउडस्पीकर उतरवाने के लिए कहा। इसके जवाब में हिन्दू पक्ष ने भी मुस्लिमों से नमाज़ में माइक न प्रयोग करने की माँग की। इसी बात पर हिंसा भड़क उठी। हमलावरों ने पत्थरबाजी की जिस से कुछ लोग घायल हो गए। हालत को काबू करने की कोशिश में कुछ पुलिसकर्मी भी ज़ख़्मी हुए हैं जिसमें SDPO भी शामिल हैं। बाद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 49 लोगों को गिरफ्तार किया है। तनाव की आशंका देखते हुए गाँव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना शुक्रवार (3 मार्च, 2023) की है।

मामला सीतामढ़ी जिले के परिहार थानाक्षेत्र का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहाँ के बड़हरवा पंचायत के गाँव धरहरवा में शुक्रवार को हिन्दू पक्ष हवन कर रहा था। बताया जा रहा है कि हवन में वेदमंत्र लाउडस्पीकर पर बज रहा था। इस पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आपत्ति दर्ज की। इसके जवाब में हिन्दू पक्ष के लोगों ने भी मुस्लिमों से लाउडस्पीकर के बिना नमाज़ पढ़ने को कहा। इसी बात पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और माहौल गर्म हो गया। इस बीच किसी ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी।

घटना की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल धरहरवा गाँव में पहुँचा। इस पुलिस टीम का नेतृत्व सदर क्षेत्र के SDPO कर रहे थे। पुलिस दोनों पक्षों से बात कर ही रही थी कि अचानक ही पत्थरबाजी शुरू हो गई। बदले हालत से अफरातफरी मच गई और पुलिस ने मोर्चा संभाला। हालात काबू करते हुए SDPO के हाथ में पत्थर लगा। घटना में कुछ अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं जिनका इलाज अस्पताल में करवाया गया। मामले की जानकारी होते ही DM और SP भी भारी फ़ोर्स के साथ गाँव में पहुँचे।

हिंसा में दोनों पक्षों से लोग घायल बताए जा रहे हैं जिनके इलाज अस्पताल में चल रहे हैं। दोनों ही पक्ष एक दूसरे पर हमले का भी आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में परिहार थाने में FIR दर्ज कर ली है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक कुल 49 आरोपितों की गिरफ्तारी की गई है। हालात काबू में रखने के लिए गाँव में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। जिले के बड़े अधिकारियों के मुताबिक, स्थिति पूरी तरह से काबू में है। थाने पर पीस कमेटी की मीटिंग भी आयोजित की गई है।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों का आधार वीडियो फुटेज की जाँच और लोगों से की गई पूछताछ को बताया है। पुलिस ने किसी भी प्रकार की अफवाह न उड़ाने की भी अपील की है।

Asianet के दफ्तर पर 4 घंटे केरल पुलिस की छापेमारी, वामपंथी SFI के गुंडों ने भी किया था हमला

केरल पुलिस ने रविवार (5 फरवरी, 2023) को मलयालम मीडिया संस्थान Aisanet के कोझीकोड स्थित दफ्तर में छापेमारी की है। चैनल के एक न्यूज़ रिपोर्ट के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई गई थी। ये मामला विधानसभा में भी उठा था। सत्ताधारी वामपंथी गठबंधन के णर्दलिया विधायक पीवी अनवर ने चैनल के खिलाफ विधानसभा में बयान दिया था। नीलांबुर के MLA के बयान पर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा था कि चैनल के खिलाफ शिकायत प्राप्त हो गई है और पुलिस कानूनी तरीके से जाँच कर रही है।

साथ ही Asianet चैनल के विरुद्ध एक FIR भी दर्ज की गई थी। ये भी याद दिला दें कि वामपंथी छात्र संगठन ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI)’ के गुंडों ने भी मीडिया संस्थान के दफ्तर पर धावा बोल दिया था। उन्होंने न सिर्फ गार्ड से धक्का-मुक्की की थी, बल्कि तोड़फोड़ भी मचाई थी। इसके 2 दिन बाद ही अब पुलिस यहाँ पहुँची है। SFI वाले मामले में पुलिस ने केस दर्ज करते हुए 8 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था।

लोग इस घटना को सत्ताधारी CPM द्वारा ‘Asianet News’ चैनल को नेस्तनाबूत करने की कोशिश के रूप में भी देख रहे हैं। क्राइम ब्रांच के अस्सिस्टेंट कमिश्नर वी सुरेश दल-बल के साथ चैनल के दफ्तर पहुँचे और 4 घंटों तक छापेमारी की। हालाँकि, इस दौरान उन्हें कुछ भी नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि चैनल के एक कार्यक्रम के दौरान गड़बड़ियाँ की गई थीं। ये कार्यक्रम ड्रग्स पर था। इसका शीर्षक था – ‘नारकोटिक्स एक गंदा कारोबार है’।

इस कार्यक्रम में केरल में ड्रग्स के बढ़ते प्रभाव और ड्रग माफिया द्वारा लोगों को फँसाए जाने के खेल का खुलासा किया गया था। आरोप है कि एक पीड़ित की आवाज इसी चैनल के एक अन्य कार्यक्रम में प्रयोग की गई आवाज़ से मिलती है। साथ ही एक लड़की को नई पीड़ित बता कर पुरानी पीड़ित की आवाज़ का इस्तेमाल किया गया, ये भी आरोप है। हालाँकि, पीड़िता के पिता ने स्पष्ट कर दिया है कि चैनल ने जो भी दिखाया वो सही है और कुछ भी गलत नहीं कहा गया है।

जबकि, सत्ताधारी वामपंथी दल का मानना है कि ‘Asianet News’ केंद्र सरकार के इशारों पर राज्य की LDF सरकार को बदनाम करने में लगा है। मीडिया संस्थान में केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने भी निवेश किया था, जिसे आधार बना कर CPM नेता इस पर निशाना साधते हैं। ‘एशियानेट न्यूज़ नेटवर्क’ के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन राजीव कालरा ने इसे एक बनावटी केस करार देते हुए कहा कि संस्थान अब लीगल एक्शन लेगा।

जम्मू कश्मीर में स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाने के खिलाफ सड़क पर उतरीं महिलाएँ, घंटों हाइवे पर फँसे रहे वाहन

जम्मू-कश्मीर के बारामूला, अनंतनाग और श्रीनगर में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने का विरोध हो रहा है। विरोध कर रहे लोगों ने हाथों में स्मार्ट मीटर लेकर विरोध करने के साथ ही सड़क जाम कर भी विरोध किया है। वहीं, कुछ महिलाओं ने स्थानीय गीत गाते हुए भी विरोध प्रदर्शन किया है। विरोध कर रहे लोग स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाने के आदेश वापसी की माँग कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बारामूला जिले के पट्टन में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने का विरोध कर रहे लोगों ने श्रीनगर-बारामूला हाइवे को जाम कर दिया। इससे सैकड़ों वाहन घंटों तक हाइवे पर फँसे रहे। हालाँकि बाद में जम्मू-कश्मीर पुलिस तथा स्थानीय प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुँचकर विरोध कर रहे लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों को उच्चस्तरीय अधिकारियों तक पहुँचाया जाएगा।

पट्टन में स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध कर रहीं खालिदा बेगम ने कहा है, “नए टैरिफ के अनुसार बिजली बिल का भुगतान करना हमारे लिए बेहद मुश्किल है। यहाँ की नब्बे फीसदी आबादी मजदूर है।”

वहीं एक अन्य प्रदर्शनकारी फातिमा बानो का कहना है, “ज्यादातर परिवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हैं। हम बिजली की बढ़ी हुई कीमतें बर्दाश्त नहीं कर सकते। यहाँ के ज्यादातर लोग मजदूरी करते हैं। बेहद कम कमाई होती है। हम स्मार्ट मीटर के अनुसार बिजली बिल नहीं दे सकते। स्मार्ट मीटर से हमारे परिवारों पर बोझ बढ़ेगा। इससे हमारे बच्चों की शिक्षा और आजीविका प्रभावित होगी।”

इसी प्रकार अनंतनाग जिले के बिजबेहरा में भी स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध हुआ। यहाँ भी स्थानीय लोगों ने विरोध करते हुए रास्ता बंद कर दया था। हालाँकि बाद में पुलिस विभाग ने मौके पर पहुँचकर मामला शांत कराया। बिजबेहरा में प्रदर्शन करने वाली एक महिला ने कहा है, “आम कश्मीरियों को परेशान करने के लिए एक के बाद एक आदेश क्यों जारी किए जाते हैं? हम गरीब मजदूर वर्ग से ताल्लुक रखते हैं और मुश्किल से एक दिन में 500 रुपये कमाते हैं। बिजली बिल अधिक आएगा तो कैसे भरेंगे।”

वहीं, श्रीनगर के रैनावाड़ी इलाके में महिलाओं ने हाथ में स्मार्ट मीटर लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध कर रहे लोगों ने स्थानीय जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल चिकित्सालय के पास की रोड को जाम कर दिया था। इस दौरान विरोध कर रही महिलाएँ स्थानीय ‘वानवुन’ गीत गाते हुई देखी गईं।

जेल में 2 कत्ल, उसके बाद जम कर मनाया जश्न: गैंगस्टरों के लिए आरामगाह बने पंजाब के जेल, गैंगवार के नए वीडियो आए सामने

पंजाब की गोइंदवाल जेल में हुई खूनी गैंगवार के दो वीडियो सामने आए हैं। ये गैंगरवार लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के इशारे पर अंजाम दिया गया है। इस वीडियो को लॉरेंस गैंग के सचिन भिवानी ने बनाए बनाया हैं। इसमें वीडियो में गैंगस्टर अंकित सेरसा के अलावा उसके दूसरे साथी भी दिख रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पंजाब पुलिस में हड़कंप मच गया है।

पंजाब की जेल के सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि ये सारे गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के साथी मनदीप तूफान और मनमोहन सिंह मोहना के कत्ल का जश्न मना रहे हैं। पुलिस इस मामलों की जाँच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जेल में इन लोगों के पास मोबाइल कैसे आए।

गैंगवार में मारे गए दोनों गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खासमखास रहे जग्गु भगवनपुरिया के शूटर्स थे। बाद में जग्गु ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से बगावत कर दी। इसके बाद गोल्डी बराड़ और लॉरेंस के इशारे पर दोनों की हत्या कर दी गई। वीडियो बनाने वाला सचिन भिवानी वही व्यक्ति है, जिसने सिंधू मूसावाला की हत्या की थी।

पहले वीडियो में सचिन भिवानी जेल के अंदर मारकर फेंके गए तूफान और मोहना के शव दिखा रहा है। वीडियो में जेल के सुरक्षाकर्मी भी नजर आ रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि सचिन भिवानी व उसका साथी गैंगस्टर खुलेआम शवों को मोबाइल से रिकॉर्ड कर रहे हैं।

जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गैंगस्टर सचिन भिवानी इस वीडियो में कहता है, “ये जग्गू के बन्दे थे, बदमाशी इन्हें दिखा दी हमने।” इस दौरान मूसेवाला हत्याकांड का एक और शूटर्स आरोपित कुलदीप कहता है, “ये जो जग्गू को भगवान मानते थे न, इन्हें देखो क्या किया इसके साथ।” बता दें कि अंकित सेरसा इनका शार्प शूटर है। कहा जाता है कि इसी ने मुसेलवाला को भी मारा था।

इसी तरह दूसरे वीडियो में सचिन भिवानी के साथ लॉरेंस गुट के अन्य गैंगस्टर हैं। इस वीडियो में वे तूफान और मोहना को मारने का जश्न मना रहे हैं। वे धमकी भी दे रहे हैं कि ‘हमने मूसेवाला को मारा है तो अब किसी को नहीं छोड़ेंगे’। इसमें साथ में मुसेवाला हत्याकांड के आरोपी अंकित सिरसा, कुलदीप, दीपक मुंडी।

बता दें कि 6 दिन पहले गोइंदवाल जेल में लॉरेंस और जग्गू के गुर्गों में गैंगवार हुई थी, जिसमें तूफान और मोहना की मौत हो गई थी। वहीं, केशव गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस केस में पुलिस ने मनप्रीत भाऊ, सचिन भिवानी, राजिंदर जोकर, अंकित सेरसा, कशिश, अरशद खान और मलकीत कीता के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।

जेल अंदर हुए गैंगवार के बाद सचिन भिवानी और मुसेवाला के बाकी शूटर्स को पंजाब की दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं, अमेरिका में बैठा गोल्डी बराड़ इस गैंगवार के बाद पोस्ट शेयर कर इसकी जिम्मेदारी ली थी। बराड़ ने जग्गू भगवनपुरिया से बदला लेने की बात भी कही थी।

गोल्डी ने लिखा था, “…इन्होंने जग्गू के कहने पर दो दिन पहले हमारे भाई मनप्रीत भाऊ ढैपई से मारपीट की थी। आज हमारे भाइयों ने एक तरफ होकर इन्हें मार दिया। इस जग्गू ने हमारे भाई रूपा और मन्नू का ट्रैप लगवाकर एनकाउंटर कराया था।” गोल्डी के पोस्ट के बाद बमबीहा गैंग ने जग्गू के सपोर्ट में पोस्ट शेयर कर गोल्डी-लॉरेंस को धमकी दी थी।