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शब्बीर खान ने समीर बनकर नाबालिग हिंदू लड़की को फँसाया, अश्लील तस्वीरों के जरिए इस्लाम अपनाने का बनाने लगा दबाव: झारखंड में फिर लव जिहाद

झारखंड में एक बार फिर से लव जिहाद का मामला सामने आया है। जमशेदपुर के कदमा में शब्बीर खान ने हिंदू नाम बताकर नाबालिग लड़की से दोस्ती कर ली और फिर उसे भरोसे में लेकर उसकी अश्लील तस्वीरें खींच ली। तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर शब्बीर लड़की पर इस्लाम कबूल करने और निकाह करने का दबाव बनाने लगा।

इस मामले की जानकारी होने के बाद लड़की के परिजनों ने हिंदू संगठनों से मदद माँगी। हिंदू संगठनों की मदद से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। आरोपित शब्बीर खान अभी फरार है। हिंदू संगठनों ने आरोपित की तुरंत गिरफ्तारी को लेकर थाने के सामने प्रदर्शन भी किया।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 14 वर्षीय नाबालिग लड़की जमशेदपुर के कदमा स्थित स्कूल में पढ़ाई करती है। लड़की ने बताया कि कई महीनों से एक लड़का उसके स्कूल के बाहर आता था। लड़के से करीब महीना भर पहले उसकी दोस्ती हो गई। लड़के ने अपना नाम समीर बताया। लड़की को प्यार के झाँसे में लेकर समीर ने उसकी कई आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं।

लड़की को जब पता चला कि समीर दरअसल शब्बीर है तो उसने शब्बीर से दूरी बनाने की कोशिश की। इसके बाद शब्बीर उसे ब्लैकमेल करने लगा। वह लड़की पर इस्लाम कबूल कर निकाह करने के लिए दबाव बनाने लगा। उसने धमकाया कि अगर वह उसकी बात नहीं मानेगी तो वह अश्लील तस्वीरें वायरल कर देगा। शब्बीर की धमकियों से परेशान होकर पीड़िता ने अपने घरवालों को सारी सच्चाई बता दी।

पीड़िता के घरवालों ने हिंदू संगठनों की मदद से शब्बीर के खिलाफ कदवा थाने में बलात्कार, ब्लैकमेलिंग और जान से मारने की धमकी के धाराओं में FIR दर्ज कराई है। स्थानीय बीजेपी नेता अभय सिंह ने मामले को लव जिहाद बताते हुए पुलिस से तत्काल कार्रवाई की अपील की है। बता दें कि विगत कुछ दिनों में झारखंड से लव जिहाद के कई मामले सामने आए हैं।

‘हिंदू होने की वजह से आदिल के परिजन मुझे नहीं कर रहे कबूल’: राखी सावंत का शौहर के अब्बू पर आरोप, कहा- घर में घुसने नहीं दे रहे

राखी सावंत (Rakhi Sawant) ने बुधवार (22 फरवरी 2023) को मैसूर स्थित अपने ससुराल वालों पर आरोप लगाया है कि हिंदू होने की वजह से उन्हें स्वीकार नहीं किया जा रहा। राखी ने हाल ही में अपने शौहर आदिल खान दुर्रानी पर मारपीट और पैसे लूटने के आरोप लगाए थे। इसके बाद मुंबई पुलिस ने आदिल को हिरासत में ले लिया। राखी के अलावा ईरान की एक छात्रा ने आदिल के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराया है। ऐसे में आदिल की कस्टडी मैसूर पुलिस को दी गई है।

मैसूर पहुँची राखी सावंत ने मीडिया को बताया कि आदिल के परिवारवाले इस शादी को मानने से इनकार कर रहे हैं। राखी का आरोप है कि हिंदू होने की वजह से उन्हें ससुराल के लोग स्वीकार नहीं कर रहे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान रोते हुए न्याय की माँग की और कहा कि आदिल के अब्बू उनके साथ बुरा बर्ताव कर रहे हैं।

राखी ने कहा, “मैंने उन्हें बताया कि इस्लाम कबूल कर आदिल से निकाह किया था। मेरे पास इससे संबंधित सारे कागजात हैं। इसके बाद वे (आदिल के अब्बू ने) मेरा फोन उठाना बंद कर दिए।” राखी ने कहा कि उनका निकाह मुंबई में रजिस्टर्ड है। आदिल ने राखी के साथ बेबी का भी प्लान किया था।

बकौल राखी, उन्हें आदिल के पिता ने कहा “तुम एक हिंदू थी, इसलिए हम तुम्हें स्वीकार नहीं कर सकते।” राखी सावंत ने रोते हुए कहा, “अब मैं कहाँ जाऊँ? मैं क्या करूँ?” राखी ने बताया कि आदिल उन्हें तलाक की धमकी देता है, लेकिन वह आदिल को तलाक नहीं देना चाहतीं। राखी ने यह भी कहा कि आदिल का मैसूर में एक ईरानी लड़की के साथ अफेयर चल रहा था। उसी लड़की ने अब आदिल पर रेप का केस किया हुआ है।

राखी का दावा है कि आदिल पर रेप केस करने वाली लड़की ने उन्हें मैसेज किया कि आदिल उसके साथ सिर्फ पैसों के लालच में रिश्ता रखे हुए है। ईरानी लड़की ने कहा कि इसके पहले आदिल ने पैसों के लिए उसका इस्तेमाल किया और अब राखी का कर रहा है। लड़की ने कहा कि आदिल ने उससे दुबई में घर दिलाने का झूठा वादा भी किया था।

राखी सावंत ने पत्रकारों को बताया कि साल भर पहले मैसूर में ही आदिल से उनकी मुलाकात हुई थी। इसके 2 महीने बाद ही राखी ने इस्लाम कबूल कर आदिल के साथ निकाह कर लिया। कुछ दिन पहले ही राखी ने आदिल पर चिटिंग, मारपीट समेत कई आरोप लगाए थे। इसके बाद पुलिस ने आदिल को अरेस्ट कर लिया था।

ISIS की जिहादी बेगम शमीमा BBC के लिए ‘युवा-मासूम’… असल में एकदम जहरीली: टूरिस्ट ने खोली पोल, कहा- अपने बच्चे की मौत पर दुख नहीं

‘जेहादी बेगम’ (ISIS Bride) नाम से दुनिया भर में कुख्यात ISIS आतंकी की दुल्हन शमीमा बेगम से मिलकर आए एक पर्यटक ने लोगों को ग़लतफ़हमी से दूर रहने की चेतावनी दी है। 56 वर्षीय पर्यटक एंड्रयू ड्रुरी ने कहा है कि लोग जिहादी बेगम शमीमा को पीड़िता समझने की भूल न करें। एंड्र्यू का मानना है कि अपने 2 सालों के परिचय में शमीमा ने उनका भी ब्रेनवॉश करने की कोशिश की। उन्होंने जेहादी बेगम की अपील को महज दिखावा करार दिया।

डेलीमेल के मुताबिक, खतरनाक जगहों पर यात्रा करने के लिए चर्चित एंड्रयू ड्रुरी ने शमीमा को ब्रिटेन में वापस लाने पर अपनी असहमति जताई। उन्होंने शमीमा के वकीलों के उन दावों का भी खंडन किया, जिसमें जेहादी बेगम को अपरिपक्व साबित करने का प्रयास हुआ था। बकौल ड्रुरी, शमीमा ने हवाई अड्डों से लेकर बॉर्डर तक अकेले बिना किसी की मदद के पार किया था। ऐसे में उसको नासमझ कहना भूल होगी।

शमीमा से अपनी बातचीत 2 साल पुरानी बताते हुए 4 बच्चों के पिता एंड्रयू ड्रुरी ने कहा कि वो शमीमा से 2 साल तक व्हाट्सएप के जरिए सम्पर्क में थे। दोस्ती पक्की हो जाने के बाद दोनों की पहली मुलाकात जून 2021 में सीरिया में बने अल-रोज शिविर में हुई थी। एंड्रयू का दावा है कि शमीमा कोई गूंगी या दूध पीती बच्ची नहीं है। अपनी बातचीत के दौरान एंड्रयू को लगा कि जेहादी बेगम शमीमा उन्हें भी अपनी तरह बनाने की कोशिश कर रही थी। इराक के साथ उत्तर कोरिया और चेर्नोबिल जैसी जगहों की यात्रा कर चुके एंड्रयू ड्रुरी ने कहा कि जब उन्होंने सुना कि शमीमा को अब अपने बच्चों की मौत का दुख नहीं है तो वह चकित रह गए।

यात्री ड्रुरी ने बताया कि जेहादी बेगम शमीमा को टीवी इंटरव्यू देना काफी पसंद है। BBC की डॉक्यूमेंट्री के अलावा शमीमा एक मैगजीन के कवर पर भी छप चुकी है। इसके अलावा, वो एक अन्य टीवी संस्थान को भी इंटरव्यू दे चुकी हैं। शमीमा द्वारा दुखी होकर आत्महत्या के प्रयासों जैसी मीडिया रिपोर्ट्स का भी डुरी ने खंडन किया। उन्होंने शमीमा को आतंकी संगठन ISIS की मॉरल पुलिस का हिस्सा बताया। ड्रुरी ने अंतिम बार शमीमा को जून 2022 में देखा था।

गौरतलब है कि BBC की प्रोपोगेंडा डॉक्यूमेंट्री द्वारा किए गए दुष्प्रचार के बाद भी 22 फरवरी 2023 को ब्रिटेन ने जेहादी बेगम शमीमा को नागरिकता देने से इंकार कर दिया था। मामले पर फैसला सुनाते हुए ब्रिटिश कोर्ट ने कहा था कि अब शमीमा इंग्लैंड लौटने के काबिल नहीं है।

अब 23 साल की हो चुकी शमीमा 15 साल की उम्र में साल 2015 में अपनी 2 सहेलियों के साथ ISIS आतंकियों को यौन सुख देने ब्रिटेन से सीरिया चली गईं थी। वहाँ जाकर शमीमा ने 23 साल के आतंकी से निकाह भी कर लिया था। अब शमीमा ने ब्रिटेन वापस लौटने की गुहार लगाई थी। इसके बाद उसके पक्ष में कई वामपंथी मानवता को ढाल बनाकर माहौल तैयार कर रहे थे।

खालिस्तानी अमृतपाल की धमकी, पंजाब पुलिस ने कैंसल की FIR… गिरफ्तार को बताया ‘मासूम’: 1 घंटे के अल्टीमेटम में सब कुछ

खालिस्तान समर्थक ‘वारिस पंजाब दे’ के चीफ अमृतपाल सिंह की धमकियों के आगे पंजाब पुलिस ने सरेंडर कर दिया है। अमृतसर के अजनाला थाने पर खालिस्तान समर्थकों के हमले के बाद मीडिया के सामने आए अमृतपाल सिंह ने पहले प्रशासन को 1 घंटे में एफआईआर वापस लेने की धमकी दी। उसके बाद किडनैपिंग और मारपीट के आरोप में गिरफ्तार लवप्रीत तूफान को छोड़ने के लिए 24 घंटों का वक्त दिया।

पत्रकारों से बात करते हुए अमृतपाल सिंह ने कहा कि पुलिस वालों के घायल होने संबंधी खबरें झूठी हैं। जिन पुलिस वालों को चोटें आई, वो खुद ही गिर गए थे। धमकी देते हुए उसने कहा कि 24 घंटों के भीतर तूफान सिंह की रिहाई हो जानी चाहिए क्योंकि वो 24 घंटे भी इंतजार नहीं कर सकते। इसके बाद अमृतपाल सिंह ने गृहमंत्री अमित शाह को दी गई धमकी को भी दोहराया।

अमृतपाल सिंह की धमकियों के बाद पंजाब पुलिस का बयान आया। अमृतसर के एसएसपी और पुलिस कमिश्नर ने एक सुर में कहा कि उनको जो सबूत दिए गए हैं, उससे साबित होता है कि लवप्रीत तूफान बेकसूर है और उसे जल्दी ही रिहा कर दिया जाएगा। मामले की जाँच के लिए एसआईटी गठित की गई है। कानून अब अपना काम करेगी।

शिरोमणि अकाली दल के लोग भी अमृतपाल के समर्थन में उतर आए हैं। SAD नेता हरपाल सिंह ने कहा है कि अमृतपाल और तूफान सिंह के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रशासन ने गलती मान ली है। तूफान सिंह को कल रिहा कर दिया जाएगा।

अमृतपाल ने कहा, “अमित शाह ने कहा था कि खालिस्तान आंदोलन को नहीं बढ़ने देंगे। मैंने कहा था कि इंदिरा गाँधी ने भी ऐसा ही किया था। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको परिणाम भुगतने होंगे। अगर गृह मंत्री ‘हिंदू राष्ट्र’ की माँग करने वालों से यही कहते हैं, तो मैं देखूँगा कि वह गृहमंत्री बने रहते हैं या नहीं।”

बता दें कि हथियारों से लैश खालिस्तान समर्थकों (Khalistan Supporter) ने गुरुवार (23 फरवरी 2023) को अमृतसर स्थित अजनाला थाने पर हमला कर दिया। हमलावर अमृतपाल सिंह के खिलाफ FIR और उसके करीबी लवप्रीत तूफान की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे। अमृतपाल और उसके साथियों के खिलाफ फेसबुक पोस्ट के लिए युवक को अगवा कर मारपीट का आरोप है। इसके अलावा अमृतपाल ने गृहमंत्री अमित शाह को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी जैसा हश्र करने की धमकी दी है।

‘तू मेरी नहीं… तो तुझे किसी और की भी नहीं होने दूँगा’ – यासीन ने गर्दन पर ब्लेड रख बोला और काट डाला

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक बदमाश ने शादी समारोह में दावत खाने आई नव विवाहिता की गर्दन पर वार कर दिया। अपराध के बाद वो फरार हो गया। गर्दन पर हमले की वजह से दुल्हन की हालत काफी नाजुक है। उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ दिन पहले ही पीड़िता की शादी हुई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला 21 फरवरी 2023 की रात कुंदरकी थाना क्षेत्र के फाजीलपुर का है। मुरादाबाद के कुंदरकी नगर के मोहल्ला नूरुल्ला में रहने वाले शकील अहमद ने थाने में आरोपित के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 19 फरवरी 2023 को उसने अपनी बड़ी बेटी की शादी की थी। मंगलवार (21 फरवरी 2023) देर शाम उसकी नव विवाहिता बेटी अपनी बहन आलिया, इकरा, नेहा और रूबी के साथ शादी समारोह में दावत खाने गई थी। इसी बीच उन्हीं के मोहल्ले में रहने वाला यासीन भी शादी समारोह में घुस आया।

बताया जा रहा है कि प्रेमिका की शादी से आहत यासीन शादी समारोह में सैकड़ों लोगों के सामने उसकी गर्दन पर ब्लेड रखते हुए बोला, “जब तू मेरी नहीं हो सकी, तो तुझे किसी और की भी नहीं होने दूँगा।” इसके बाद वह उसे लहुलूहान कर वहाँ से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल दुल्हन का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस घटना में ​दूसरी लड़की का भी हाथ कटा है। पीड़िता के पिता के मुताबिक, 4 साल पहले उनकी बेटी (नवविवाहिता) से छेड़छाड़ करने वाले आरोपित यासीन को उन्होंने पीटा था।

मुरादाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि थाना कुन्दरकी में शादी समारोह में नाजिया नाम की महिला खाना खा रही थी, तभी एक व्यक्ति ने उसकी गर्दन पर चाकू से जानलेवा हमला किया। घायल महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। हमला करने वाले की पहचान यासीन (अब्बा का नाम यासिक) के रूप में की गई है। वह घटना के बाद से फरार है।

पुलिस के अनुसार इन दोनों में प्रेम संबंध था। महिला की शादी तीन-चार दिन पहले ही हुई थी। वह ससुराल से मायके शादी समारोह में शामिल होने के लिए आई थी। तभी आरोपित ने इस घटना को अंजाम दिया। आरोपित को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। इसके अलावा पुलिस आरोपित के परिजन और रिश्तेदारों से भी पूछताछ कर रही है।

कमाई डेढ़ करोड़ रुपए और खर्च 4 करोड़: इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जज पर CBI ने दर्ज की दूसरी FIR, बीवी और साले भी नामजद

इलाहबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) के पूर्व न्यायाधीश एसएन शुक्ला पर आय से अधिक सम्पत्ति का केस दर्ज हुआ है। केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) द्वारा यह दूसरा केस दर्ज किया गया है। भ्रष्टाचार के इस केस में पूर्व जस्टिस की दूसरी पत्नी सुचिता शुक्ला और उनके साले को भी आरोपित बनाया गया है। पूर्व न्यायधीश शुक्ला ने 5 वर्षों में लगभग ढाई करोड़ रुपए आय से अतिरिक्त खर्च किए हैं।

एसएन शुक्ला जुलाई 2020 में इलाहबाद हाईकोर्ट से रिटायर हुए थे। उन पर 5 वर्षों में कुल 1.5 करोड़ रुपए की कुल कमाई के बदले 4 करोड़ रुपए खर्च का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दर्ज FIR में पूर्व जस्टिस एसएन शुक्ला के साले और कुछ अन्य लोगों के भी नाम हैं।

CBI ने जानकारी देते हुए बताया है कि शुक्ला के लखनऊ आवास पर तलाशी ली गई थी। वहीं एक टीम अमेठी में उनके साले सईदीन तिवारी के घर पर पहुँची थी। अब तक की जाँच में यह बात निकल कर आई है कि पूर्व जस्टिस शुक्ला ने भ्रष्टाचार का पैसा बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदने में लगाया है। उन्होंने यह जमीनें अधिकतर अपने साले के नाम पर ली हैं।

जानकारी के मुताबिक, पूर्व न्यायाधीश द्वारा साल 2012 में 3.6 लाख रुपए में खरीदी गई एक जमीन को 2 साल बाद 2014 में 30 लाख रुपए में बेच दी थी। इसके अलावा इनके द्वारा साल 2013 में महज 3 लाख रुपए में खरीदी गई एक अन्य जमीन 4 साल बाद 2017 में 70 लाख रुपए में बेची गई थी।

इन दोनों जमीनों को साइन सिटी इंफ़्रा नाम की एक प्रॉपर्टी से जुड़ी कम्पनी ने खरीदा था। पूर्व न्यायाधीश एसएन शुक्ला का साला सईदीन तिवारी एक सरकारी ऑफिस में नौकरी करता है। उसने अपने इनकम टैक्स रिटर्न में इन लैंड डील का कहीं भी जिक्र नहीं किया है।

बताते चलें कि पूर्व जस्टिस शुक्ला पर इससे पहले भी 4 दिसंबर 2019 को एक केस दर्ज हुआ था। तब उन पर पैसे लेकर लखनऊ के एक मेडिकल कॉलेज के हक में फैसला सुनाने का आरोप लगा था। इस केस में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस आईएम कुद्दुसी और 4 अन्य लोग भी आरोपित किए गए थे।

उस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आंतरिक जाँच भी करवाई थी, जिसमें आरोप सही पाए गए थे। सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने साल साल 2018 में एसएन शुक्ला पर महाभियोग की भी सिफारिश की थी। हालाँकि, बाद में उन पर महाभियोग नहीं लगाया गया।

1 घंटे में FIR रद्द करो वरना… खालिस्तानी समर्थकों का हथियार सहित थाने पर हमला: अमित शाह को इंदिरा गाँधी वाला हश्र की दी थी धमकी

पंजाब में हथियारों से लैश खालिस्तान समर्थकों (Khalistan Supporter) ने गुुरुवार (23 फरवरी 2023) को अमृतसर स्थित अजनाला थाने पर हमला कर दिया। हजारों की संख्या में जुटे निहंग सिख तलवार और बंदूक आदि हथियारों के साथ थाने की तरफ बढ़े। इस दौरान उन्होंने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और थाने में दाखिल हो गए। खालिस्तान समर्थक ‘वारिस पंजाब दे’ के चीफ अमृतपाल सिंह के खिलाफ FIR और उसके करीबी लवप्रीत तूफान की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अमृतपाल ने अपने समर्थकों से अजनाला पहुँचने की अपील की थी। जानकारी के मुताबिक, अमृतपाल यहाँ गिरफ्तारी देने के लिए आने वाला था। इस दौरान हजारों की संख्या में पहुँचे अमृतपाल के समर्थकों ने भारी हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करते हुए बैरिकेडिंग तोड़ दी और थाने पर कब्जा कर लिया। बताया जा रहा है कि कुछ पुलिस वालों को बंधक भी बना लिया गया है।

अजनाला थाने पर बवाल करने के बाद अमृतपाल भी थाने पहुँच गया। अमृतपाल सिंह ने एसएसपी से मुलाकात के बाद इस बवाल को शक्ति प्रदर्शन बताया और कहा कि उसके और उसके समर्थकों के खिलाफ राजनीतिक मकसद से FIR दर्ज की गई है। उसने कहा कि यदि एक घंटे में एफआईआर रद्द नहीं किया गया तो आगे जो कुछ भी होगा उसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। अमृतपाल ने कहा कि जिन्हें लगता है कि उसके समर्थक कुछ नहीं कर सकते, इसलिए ये शक्ति प्रदर्शन जरूरी था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमृतपाल सिंह की बात मानते हुए पंजाब पुलिस लवप्रीत सिंह तूफान को छोड़ने के लिए राजी हो गई है। पुलिस ने कहा कि इसके लिए पूरा प्रोसीजर फॉलो करना होगा। अमृतसर पुलिस कमिश्नर जसकरण सिंह से अमृतपाल ने कहा है कि अगर पुलिस जब तक लिखित आश्वासन नहीं देती है, तब तक वह पीछे नहीं हटेगा। 

क्यों हुई लवप्रीत तूफान की गिरफ्तारी

पिछले दिनों अमृतपाल सिंह के खिलाफ सोशल मीडिया पर वरिंदर सिंह नाम के एक नौजवान ने सिखों को भटकाने का आरोप लगाया था। इस बात से नाराज अमृतपाल सिंह और उसके साथियों ने वरिंदर को अगवा कर उसके साथ मारपीट की थी। वरिंदर की शिकायत पर पुलिस ने अमृतपाल और लवप्रीत समेत 30 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।

इसी केस में पुलिस ने तूफान सिंह (लवप्रीत) को गिरफ्तार किया था। लवप्रीत की गिरफ्तारी से अमृतपाल भड़क गया और उसने गुरुवार (23 फरवरी) को अमृतसर में अजनाला पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तारी देने का ऐलान किया। उसने अपने समर्थकों से थाने पर पहुँचने का भी आह्वान किया था।

गृहमंत्री को दी थी जान से मारने की धमकी

खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह ने कुछ दिन पहले ही गृहमंत्री अमित शाह का हश्र पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी जैसा करने की धमकी दी थी। अमृतपाल 19 फरवरी 2023 को मोगा जिले के बुधसिंह वाला गाँव में पहुँचा हुआ था। पंजाबी सिंगर दीप सिद्धू की बरसी के मौके पर उसने कहा था कि इंदिरा ने भी सिखों को दबाने की कोशिश की थी, क्या हश्र हुआ? अब अमित शाह अपनी इच्छा पूरी करके देख लें।

हालाँकि बाद में अमृतपाल अपनी बात से पलट गया था। बता दें कि वारिस पंजाब दे संगठन दीप सिद्धू ने ही बनाया था। सिद्धू की मौत के बाद संगठन का प्रमुख अमृतपाल सिंह बन चुका है। उसने ये भी कहा था कि शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) सिखों के हित में काम नहीं कर रही है। अमृतपाल खालिस्तान समर्थक है और उसने कहा था कि यदि हिंदूराष्ट्र से सरकार को दिक्कत नहीं है तो खालिस्तान की बात करने से भी सरकार को दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

दिल्ली एयरपोर्ट पर कॉन्ग्रेसियों का धरना, ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ का नारा: पवन खेड़ा गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जमानत

कॉन्ग्रेस नेता पवन खेड़ा (Congress Leader Pawan Kheda) को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। खेड़ा रायपुर जाने के लिए विमान में बैठे थे। इसी दौरान उन्हें विमान से उतार लिया गया। यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के सहयोग से असम पुलिस ने की है। असम की पुलिस इन्हें अपने राज्य ले जानी वाली थी। हालाँकि सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को अंतरिम जमानत देने का आदेश दिल्ली स्थित द्वारका कोर्ट को दिया है।

दरअसल, कॉन्ग्रेस नेताओं का एक ग्रुप इंडिगो के विमान में सवार होकर रायपुर के लिए निकलने वाला था। इस दौरान कॉन्ग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को विमान से उतार लिया गया। विमान से उतारे जाने के बाद कॉन्ग्रेसी नेताओं ने एयरपोर्ट पर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्हें ट्रांसजिट रिमांड पर असम ले जाने की तैयारी भी थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस की गाड़ी में ले जाए जा रहे पवन खेड़ा ने पत्रकारों से कहा कि यह लंबी लड़ाई है और लड़ने के लिए तैयार हैं।

इसके पहले पवन खेड़ा को विमान से उतारे जाने पर मौजूद कॉन्ग्रेसी नेताओं ने आपत्ति जताई और धरने पर बैठ गए। पवन खेड़ा को विमान से उतारे जाने के विरोध में कॉन्ग्रेसियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगाए गए। जब देश के प्रधानमंत्री के लिए कब्र खुदेगी जैसे नारे लगाए जा रहे थे, उस वक्त कॉन्ग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला, पवन खेड़ा और सुप्रिया श्रीनेत भी मौजूद थे।

बता दें कि पवन खेड़ा ‘भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस (INC)’ के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के प्रमुख हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के लिए नरेंद्र ‘गौतम दास’ मोदी नाम का प्रयोग किया। पीएम अपने नाम में अपने पिता दामोदर मोदी का नाम लगाते हैं, इसीलिए उनका नाम नरेंद्र दामोदर दास मोदी है। कॉन्ग्रेस प्रवक्ता ने नरेंद्र दामोदर दास मोदी की जगह कई बार नरेंद्र गौतम दास मोदी कहा था।

‘या अल्लाह मोदी को 8 साल के लिए हमारा PM बना दो’: महंगाई पर रोते हुए पाकिस्तानी शख्स ने कहा- भारत के मुस्लिम 150 रुपए में चिकन खा रहे

भयंकर आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान (Pakistan) लगभग कंगाल घोषित हो चुका है। वहाँ के लोगों को दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं हो पा रही है। आईएमएफ, विश्व बैंक सहित कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने उसे कर्ज देने से भी इनकार कर दिया है। इस बीच सोशल मीडिया पर पाकिस्तान का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वहाँ के स्थानीय लोग भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ कर रहे हैं।

वे पीएम मोदी को 8 साल के लिए पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं। उनका कहना है कि उन्हें पाकिस्तान में किसी इमरान खान, बेनजीर और शरीफ की जरूरत नहीं है। उन्हें तो अपने देश को अच्छे से संभालने वाला ग्रेट नेता चाहिए, जो यहाँ के टेढ़े लोगों को ठीक कर सके। इसलिए पाकिस्तानी को नरेंद्र मोदी की जरूरत है।

‘हमारी बदकिस्म​ती थी कि हमें ऐसा मुल्क मिला’

पत्रकार आदित्य राज कौल ने गुरुवार (23 फरवरी 2023) को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में पाकिस्तान का एक व्यक्ति भारत और पाकिस्तान की ना सिर्फ तुलना करता दिख रहा है, बल्कि यह भी कह रहा है कि काश पाकिस्तान नहीं बना होता। वह अपने मुल्क के प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी की माँग कर रहा है।

इस वीडियो में पाकिस्तान की एक रिपोर्टर स्थानीय व्यक्ति से कहती है कि जब 1947 में पाकिस्तान बना तो पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगते थे, लेकिन अब टीवी चैनल्स पर नारे लगते हैं, ‘पाकिस्तान से जिंदा भागो, चाहे इंडिया चले जाओ’। इस बात से सहमत व्यक्ति ने कहा, “आप ठीक कह र​ही हैं। काश, पाकिस्तान भारत से अलग नहीं होता। सारा पाकहिंद एक होता।”

उस पाकिस्तानी शख्स ने आगे कहा, “आज हमें भी टमाटर 20 रुपए किलो, चिकन 150 रुपए किलो और पेट्रोल 150 रुपए लीटर मिलता। ये हमारी बदकिस्म​ती थी कि इतने सालों के बाद अल्लाह पाक ने हमें एक मुल्क दिया और उसमें मुस्लिमों वाला कोई सिलसिला ही नहीं है। इससे अच्छे तो वो मोदी हैं। उनके लोग उन्हें कितना मानते हैं। वह भी अपने लोगों के प्रति कितने अच्छे हैं। हमें मिल जाएँ मोदी। हमें न तो इमरान खान चाहिए, न बेनजीर और न ही शरीफ चाहिए। हमें तो केवल प्रधानमंत्री मोदी चाहिए, जो इस मुल्क के टेढ़े लोगों को सीधा कर सके। इस मुल्क को आगे ले जा सकें।”

‘मोदी साहब, ग्रेटमैन हैं’

पाकिस्तानी व्यक्ति रिपोर्टर से आगे कहता है कि भारत दुनिया में पाँचवे नंबर पर आ चुका है। इस पर रिपोर्टर उससे सवाल करती है कि ‘क्या आप इंडिया के साथ मिलजुल कर रहने को तैयार हैं? क्या आप मोदी की हुकूमत को भी कबूल करने के लिए तैयार हैं?’ इसके जवाब में वह नौजवान कहता है, “जी, बिल्कुल तैयार हैं। मोदी साहब, ग्रेट मैन हैं। वो कोई बुरे इंसान थोड़े ही हैं।”

वह आगे कहता है, “इंडिया के मुस्लिम 150 रुपए लीटर पेट्रोल, 150 रुपए किलो चिकन ले रहे हैं। जब रात को आप अपने बच्चों को रोटी नहीं दे सकेंगे तो यही सोचेंगे कि कौन से मुल्क में आप पैदा हो गए हैं। हमारी दिल से दुआ है कि या अल्लाह हमें मोदी दे दो। 8 साल के लिए नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बना दो, जो हमारे मुल्क को सीधा कर दे। पहले तो हम इंडिया के साथ अपनी तुलना करते थे, लेकिन अब इंडिया के साथ हमारी तुलना हो ही नहीं सकती है।”

गौरतलब है कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बीते दिनों कहा था कि उनका मुल्क दिवालिया हो चुका है। वह एक दिवालिया देश के रहने वाले हैं। पाकिस्तान के सियालकोट में 18 फरवरी, 2023 को एक प्राइवेट कॉलेज के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए आसिफ ने कहा था, “आपने सुना होगा कि पाकिस्तान डिफ़ॉल्ट या दिवालिया होने वाला है। एक मेल्टडाउन होगा, लेकिन यह पहले ही दिवालिया हो चुका है। हम सब दिवालिया देश में रह रहे हैं।”

इसके अलावा सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के कई ऐसे वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें लोग आटा पाने के लिए एक-दूसरे से लड़ते हुए नजर आ रहे हैं। इनमें से एक वीडियो में एक आदमी को दूसरे लोगों को खुले सीवर में ढकेलते हुए भी देखा जा सकता है।

हिरोइन थी अनम फैयाज और ज़ार्निश खान… इस्लाम के लिए ग्लैमर की दुनिया से किया तौबा: डिलीट की बोल्ड तस्वीरें, पाकिस्तानी कर रहे कॉमेंट्स

पाकिस्तान की 2 ग्लैमरस अभिनेत्रियों अनम फैयाज और ज़ार्निश खान ने मजहब के नाम पर एंटरटेनमेंट की दुनिया से अलग होने का फैसला कर लिया है। दोनों अभिनेत्रियों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए अपने प्रशंसकों को यह जानकारी दी। अपने बोल्ड लुक की वजह से मशहूर अनम और ज़ार्निश अब हिजाब में नजर आ रही हैं। पाकिस्तानी अभिनेत्रियों के फैसले पर पाकिस्तान की अवाम ने खुशी का इज़हार किया है।

अपने ग्लैमरस लुक के लिए मशहूर पाकिस्तानी एक्ट्रेस अनम फैयाज ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट के जरिए इंडस्ट्री छोड़ने के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा:

“आपको सूचित करना मुश्किल हो रहा है क्योंकि आप सभी ने मेरे मीडिया करियर में पूरा सहयोग दिया लेकिन मैंने इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला कर लिया है। मैं अब इस्लाम के बताए राह पर चलकर जिंदगी गुजारना चाहती हूँ। मेरे डिजिटल उपस्थिति पर भी इस जीवन शैली का छाप होगा। आप सभी से गुजारिश है कि दुआओं में याद रखें। आपके कभी न खत्म होने वाले मोहब्बत और समर्थन के लिए शुक्रिया।”

अनम के अलावा पाकिस्तानी एक्ट्रेस ज़ार्निश खान ने भी ग्लैमर की दुनिया को अलविदा कहने का मन बना लिया है। ज़ार्निश ने हाल ही में मक्का में उमराह किया। इसके बाद ज़ार्निश ने सोशल मीडिया पर उमराह वाली अपनी फोटोज के अलावा बाकी सब डिलीट कर दिया। उनके इस कदम की कोई सराहना कर रहा है तो कोई तंज भी कस रहा है।

अल्लाह और इस्लाम की राह पर चलने के नाम पर भारत की 2 मुस्लिम अभिनेत्री भी फिल्म इंडस्ट्री से तौबा कर चुकी हैं। जून 2019 में फिल्म दंगल से बॉलीवुड में कदम रखने वाली ज़ायरा वसीम ने फिल्म-जगत को अलविदा कह दिया था। ज़ायरा ने कहा था कि बॉलीवुड उन्हें उनके अल्लाह और उनके मज़हब इस्लाम से दूर कर रहा है।

ज़ायरा के बाद सना खान ने मजहब के नाम पर इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला किया था। अक्टूबर 2020 में इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए सना ने यह जानकारी दी थी। सना ने कहा था कि वह मानवता की सेवा करना चाहती हैं और अब से वह अल्लाह के आदेशों का पालन करेंगी।