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‘गजवा-ए-हिन्द का ट्रायल’: पलामू में जामा मस्जिद से पथराव का दावा, स्थानीय निवासी बोले- ‘आज शिव बारात रोकी, कल ये शादी ब्याह भी रोक सकते हैं’

झारखंड के पलामू जिले (Palamu, Jharkhand) में बुधवार (15 फरवरी 2023) को महाशिवरात्रि के लिए तोरणद्वार लगा रहे श्रद्धालुओं पर जमकर पथराव और आगजनी की गई। इस झड़प में लगभग 1 दर्जन लोग घायल हो गए। घायल होने वालों में पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। घटनास्थल पांकी बाजार में मौजूद एक मस्जिद के पास का बताया जा रहा है।

इलाके में तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके साथ ही इलाके में धारा 144 लगा दी गई है और इंटरनेट को बंद कर दिया गया है। पुलिस ने फिलहाल हालात के काबू में होने का दावा किया है। ऑपइंडिया ने इस मामले में स्थानीय लोगों से बात करके मौजूदा हालातों की जानकारी ली।

उनके छोटे- छोटे कामों में भी भीड़, हमारी शिवरात्रि पर भी हंगामा

ऑपइंडिया ने इस घटना के बारे में पांकी बाजार के सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश सिंह से बात की। कमलेश सिंह ने हमें बताया कि महाशिवरात्रि का आयोजन कोई नई बात नहीं है। यह हर साल आयोजित होता है। हिंदुओं के त्योहारों में खलल डालने की बात कही जा रही है।

कमलेश सिंह ने बताया, “जिस चौक पर ये बवाल हुआ, वहाँ एक बड़ी मस्जिद है। इसे जामा मस्जिद नाम से जाना जाता है। जब मुस्लिमों का कोई छोटे-से-छोटा कार्यक्रम होता है तो पूरी जगह घेर ली जाती है, लेकिन हिन्दुओं की महाशिवरात्रि में वो एक छोटा सा तोरण द्वार नहीं सह पाए।”

वहीं, पांकी की रहने वाली भाजपा नेत्री मंजूलता दुबे ने बताया कि मस्जिद से आए दिन हिन्दुओं के कार्यक्रम में खलल डाला जाता रहा है। मंजूलता के मुताबिक, जिस रास्ते पर तोरणद्वार लग रहा था, उधर से ही शिव बरात गुजरती हुई थोड़ी दूर पर स्थित पहाड़ पर शिवजी के एक धर्मस्थल पर जाती है।

अबुल हसन है मस्जिद कमेटी का अध्यक्ष

कमलेश सिंह के अनुसार, जिस जामा मस्जिद से सारे विवाद की शुरुआत हुई है वो एक कमेटी से चलती है और उस कमेटी का अध्यक्ष अबुल हसन है। कमलेश के मुताबिक, अबुल हसन के प्रमुख सहयोगियों में से अक्सर हसन अंसारी, अनवर आलम, महबूब अंसारी, शाहिद अंसारी और बबलू अंसारी के नाम सामने आते हैं। उ

उन्होंने दावा किया कि ये सभी अक्सर बाजार और आस-पास विवाद पैदा किया करते हैं। हालाँकि ताजा हिंसा में इनकी भूमिका पूछने पर कमलेश सिंह ने कहा कि यह जाँच करना प्रशासन का काम है।

जानबूझकर मुस्लिम पक्ष द्वारा विवाद किया गया

मंजूलता और कमलेश सिंह दोनों के मुताबिक, विवाद की शुरुआत मुस्लिमों की तरफ से हुई थी। उन्होंने बताया कि शांति से तोरणद्वार लगा रहे हिन्दुओं को पहले मुस्लिम समाज के कुछ लोग रोकने आए। इसके बाद उन लोगों ने उस तोरण गेट को तोड़ डाला।

ऑपइंडिया को बताया गया कि जब इस हरकत का विरोध हिन्दू समाज की तरफ से हुआ तब उन पर न सिर्फ पथराव किया जाने लगा। इतना ही नहीं, उन पर लाठी-डंडे और अन्य धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया। हिंदुओं पर पेट्रोल बम भी फेंके गए।

हिंसा के दौरान फँसे रहे कई स्कूली बच्चे

पांकी के समाजिक कार्यकर्ता कमलेश सिंह के अनुसार, जब ये हिंसा शुरू हुई थी तब बच्चों के स्कूल जाने का समय था। हिंसा की वजह से कई बच्चे रास्ते में फँसे रह गए थे। इस दौरान उनकी सुरक्षा का भी खतरा उत्पन्न हो गया था। उनके मुताबिक, पुलिस ने आकर माहौल को नहीं सँभाला होता तो काफी नुकसान हो सकता था।

मस्जिद था हमले का बेस

मंजूलता और कमलेश सिंह ने हमें बताया कि हमले के लिए मस्जिद को ही बेस बनाया गया था। हमलावरों के उसी मस्जिद से निकलने की जानकारी दी गई। मंजूलता के मुताबिक, मस्जिद के नीचे कुछ मुस्लिमों की दुकानें हैं, जिसमें से कुछ लोग आए दिन विवाद खड़ा करते रहते हैं।

वहीं, कमलेश सिंह ने दावा किया कि हिन्दुओं पर पेट्रोल बम और पत्थर मस्जिद की छत से फेंके जा रहे थे। कमलेश सिंह ने हमें बताया, “न तो आज जुमा था और न ही उस क्षेत्र में मुस्लिमों की इतनी आबादी। न ही घटना का समय किसी नमाज या कार्यक्रम का था, फिर हमलावरों की इतनी भीड़ आई कहाँ से।” उन्होंने इस घटना को सुनियोजित बताया।

खुद दुकानों में तोड़फोड़ कर के फँसाने की साजिश

कमलेश सिंह का दावा है कि प्री प्लानिंग के तहत हिन्दुओं पर हमला करने वालों ने अपनी दुकानों में तोड़फोड़ की और कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुँचाया है। ऐसा करने के पीछे कमलेश सिंह ने हमलावरों द्वारा लोगों की हमदर्दी बटोरने के साथ हिन्दुओं को फँसाने की साजिश बताया।

शहीद चौक को बोला जा रहा मस्जिद चौक

मंजूलता ने हेमंत सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया और बताया कि उनकी तुष्टिकरण से जनता त्राहिमाम कर रही है। बकौल मंजूलता, जिस जगह हिंसा हुई है उस चौराहे का नाम कुछ मुस्लिम जानबूझ कर मस्जिद चौक रखना चाह रहे हैं, लेकिन हिन्दू समाज उसे शहीद चौक नाम से ही याद करता है। उन्होंने कहा कि उस स्थान पर जल्द ही भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

हिन्दुओं के ही सहयोग से बनी थी मस्जिद

कमलेश सिंह और मंजूलता ने हमें बताया कि मस्जिद बहुत ज्यादा पुरानी नहीं है। कमलेश सिंह का तो दावा था कि वो मस्जिद हिन्दुओं के सहयोग से बनी थी और जहाँ वो मौजूद है, वो हिन्दू व्यापारियों की बहुलता वाली मार्किट है। वहीं, मंजूलता का आरोप है कि अगर सही से जाँच करवाई जाए तो मस्जिद का कुछ हिस्सा अतिक्रमण में निकलेगा।

15 अगस्त को तिरंगे और देशभक्ति गानों से एतराज

मस्जिद चौक का जिक्र करते हुए मंजूलता ने बताया कि एक बार 14 अगस्त को उन्हें पुलिस ने हिरासत में महज इसलिए लिया था, क्योंकि वो तिरंगा लगाने के लिए उस चौक पर जगह चिन्हित कर रहीं थीं। हालाँकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। वहीं दावा है कि एक अन्य 15 अगस्त को मंजूलता को 2 मुस्लिमों ने उस चौक पर देशभक्ति गाना बजाने पर टोका था।

ये गज़वा ए हिन्द का ट्रायल है

पांकी बाजार में घटी घटना को कमलेश सिंह ने गज़वा-ए-हिन्द का ट्रायल बताया। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी पूरे देश में अपनी ताकत को तौल रहे हैं और जहाँ कमी-अधिकता है, उसकी तैयारी कर रहे हैं।

एकपक्षीय कार्रवाई न करे हेमंत सरकार

ऑपइंडिया ने इस घटना को लेकर स्थानीय भाजपा सांसद सुनील सिंह से बात की। सुनील सिंह के मुताबिक, उन्होंने पुलिस अधीक्षक से बात कर के साफ तौर पर कहा है कि वो इस घटना में एकपक्षीय कार्रवाई न करे। हेमंत सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए सांसद सुनील सिंह ने कहा कि वो और उनका महाशिवरात्रि जैसे अवसर पर सुरक्षा नहीं दे पा रहे है।

ऑपइंडिया को बताया गया कि जिस कार्यक्रम में आज व्यवधान डाला गया वह आज से नहीं, बल्कि अनादि काल से चल रहा है। भाजपा सांसद के अनुसार, आज शिवरात्रि में बहाने से अड़ंगा डालने वाले शायद कल शादी-ब्याह में भी कोई बहाना लेकर आपत्ति जाता दें।

पलामू प्रशासन ने हालत नियंत्रण में बताया

पलामू प्रशासन ने हालत को नियंत्रण में बताया है। हिंसा प्रभावित क्षेत्र में धारा 144 लागू होने की जानकारी देते हुए DC पलामू ने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाने की चेतावनी भी दी है।

‘द वायर’ की संपादक सीमा चिश्ती ने ऑर्गेनाइज़र, विजय पटेल और ट्विटर को भेजा कानूनी नोटिस: अडानी विरोधी कैंपेन में विदेशी हाथ के खुलासे से भड़कीं

प्रॉपगेंडा वेबसाइट द वायर (The Wire) की संपादक (Editor) सीमा चिश्ती ने 8 फरवरी 2023 को ऑर्गेनाइज़र (Organiser) के संपादक प्रफुल्ल केतकर, फैक्ट चेकर विजय पटेल और ट्विटर (Twitter) को कानूनी नोटिस भेजा। नोटिस में उन्होंने इन लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी माँगने के लिए कहा है। सीमा चिश्ती ने नोटिस में कहा कि उनके लेख और आरोप से उनकी छवि को नुकसान पहुँचा है।

दरअसल, ऑर्गेनाइडर और विजय पटेल ने अपने लेख के जरिए एक ऐसे विदेशी एनजीओ के साथ सीमा चिश्ती का संबंध उजागर किया था, जो कथित तौर पर व्यवसायी गौतम अडानी के खिलाफ हिटजॉब में शामिल था। बता दें कि सीमा चिश्ती कम्युनिस्ट नेता सीताराम येचुरी की पत्नी हैं।

द ऑर्गेनाइज़र वेबसाइट पर 04 फरवरी 2023 को ‘डिकोडिंग द हिटजॉब बाइ हिंडनबर्ग अगेंस्ट अडानी ग्रुप’ नाम से एक आर्टिकल पब्लिश हुआ। इसमें अडानी समूह को टार्गेट करने को लेकर विस्तृत रूप में बताया गया है। इसके साथ ही लेख में इसके विदेशी लिंक के बारे में भी बताया गया है।

इसके पहले 2 फरवरी 2023 को फैक्ट चेकिंग वेबसाइट ‘ओनली फैक्ट इंडिया’ के संस्थापक विजय पटेल ने ट्विटर पर एक थ्रेड लिखा था। इस थ्रेड में उन्होंने अडानी विरोधी अभियान में शामिल पत्रकारों और विदेशों से फंड प्राप्त करने वाले एनजीओ के बीच संबंधों को उजागर किया था।

ऑर्गनाइज़र द्वारा प्रकाशित लेख और विजय पटेल द्वारा साझा किए गए थ्रेड में बताया गया है कि कैसे हिंडनबर्ग रिपोर्ट के जरिए अडानी समूह के खिलाफ एक सुनियोजित हमला किया गया। यह दावा किया गया कि देश में नेशनल फाउंडेशन फॉर इंडिया (NFI) नाम का एक एनजीओ काम करता है।

इस एनजीओ के बारे में कहा गया कि यह कुछ भारतीय और विदेशी लोगों व एनजीओ के चंदे पर चलता है। जिन लोगों द्वारा चंदा दिया जाता है, उनमें बिल गेट्स, अजीम प्रेमजी, जॉर्ज सोरोस, फोर्ड फाउंडेशन, रॉकफेलर, ओमिडयार आदि शामिल हैं।

सीमा चिश्ती के नोटिस पर विजय पटेल ने ट्विटर पर थ्रेड के जरिए एक के बाद एक कई सवाल पूछे। उन्होंने लिखा, “दिए गए नोटिस में सीमा चिश्ती का दावा है कि उन्हें नेशनल फाउंडेशन फॉर इंडिया (NFI) से वित्तीय लाभ नहीं मिलता है और वह उनके साथ नि:स्वार्थ भाव से काम कर रही हैं। सीमा चिश्ती के इस दावे को लेकर मेरे मन में कुछ सवाल हैं। मुझे आशा है कि वह उत्तर देंगी।”

उन्होंने कहा, “सीमा ऐसे संगठन के साथ नि:स्वार्थ भाव से काम क्यों कर रही हैं, जिसे विदेशी अभिजात वर्ग (Elites) द्वारा धन प्राप्त होता है? क्या यह आपके पति (सीताराम येचुरी) और मार्क्सवाद की विचारधारा के खिलाफ नहीं है? आप एक ऐसे संगठन के साथ कैसे काम कर सकती हैं, जिसे अमेरिकी एलीट क्लास (फोर्ड फाउंडेशन) ने शुरू किया था?”

विजय पटेल ने आगे पूछा, “मुझे बताएँ कि क्या आपने कभी किसी विदेशी एलीट क्लास के खिलाफ कोई लेख लिखा है, जो फंड देने वालों की सूची में शामिल हैं? आप एक विदेशी वित्तपोषित (Foreign Funded) एनजीओ के साथ फेलोशिप सलाहकार के रूप में काम कर रही हैं तो क्या आपको उनसे कोई गैर-वित्तीय (Non-Financial) प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होता है?”

विजय पटेल ने यह भी पूछा, “एक फेलोशिप सलाहकार के तौर पर फेलो के लिए आप और आपकी टीम के सदस्यों ने ज्यादातर उन्हीं लोगों को चुना जो आपकी संपर्क वाली वेबसाइटों में काम कर रहे हैं। क्या इसे महज एक संयोग कहा जाएगा या आप फेलोशिप के बहाने उनकी वित्तीय सहायता कर रही हैं?

बता दें कि 24 जनवरी 2023 को हिंडनबर्ग ने रिपोर्ट जारी कर अडानी ग्रुप पर कई तरह के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के बाद से अडानी ग्रुप के शेयरों में तेजी से गिरावट देखी गई। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर में सामूहिक रूप से करीब 47 फीसदी की गिरावट देखी गई। अडानी ग्रुप ने हिंडनबर्ग की रिपोर्टों को खारिज कर दिया था।

नेपाल फिर बनेगा हिंदू राष्ट्र!: अभियान में पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह भी हुए शामिल, लोगों का मिल रहा जबरदस्त समर्थन

नेपाल (Nepal) को हिंदू राष्ट्र बनाने की माँग तेज होने लगी है और इसे देश के पूर्व महाराजा ज्ञानेंद्र शाह (Gyanendra Shah) को भी समर्थन मिला है। पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह ने सोमवार (13 फ़रवरी 2023) को हिंदू राज्य के पहले वाले दर्जे की बहाली से जुड़े एक महत्वपूर्ण अभियान में शामिल हुए।

नेपाल में राजशाही समाप्त होने के बाद ज्ञानेंद्र शाह की यह पहली राजनीतिक उपस्थिति थी। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह अभियान उस दिन शुरू किया गया है, जिस दिन हिंसक माओवादी से प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल ‘प्रचंड’ के नेतृत्व वाली नेपाल सरकार ने माओवादी युद्ध के 23 साल पूरे होने पर देश में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की।

‘प्रचंड’ के इस निर्णय का पूरे देश में विरोध हो रहा है। विरोध करने वालों में सत्तारूढ़ गठबंधन के कुछ पार्टी भी शामिल हैं। विरोध कर रहे लोगों ने विद्रोह को ‘लोगों के युद्ध’ के रूप में मान्यता देने से इनकार कर दिया है। दूसरी ओर

ज्ञानेंद्र शाह ने पूर्वी नेपाल के झापा जिले के काकरभिट्टा से ‘आइए धर्म, राष्ट्र, राष्ट्रवाद, संस्कृति और नागरिकों को बचाते हैं’ अभियान की हरी झंडी दिखाकर शुरुआत की। वहाँ लोगों की भारी भीड़ मौजूद थी, जो ज्ञानेंद्र शाह का अभिवादन कर रहे थे और उनका हौसला बढ़ा रहे थे।

यह अभियान नेपाल के चिकित्सा व्यवसायी दुर्गा परसाई के नेतृत्व में शुरू किया गया है। दुर्गा परसाई पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूनिफाइड मार्क्सिस्ट लेनिनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्य हैं।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस अभियान को नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह और उनके परिवार का समर्थन प्राप्त है। राजनीतिक अभियान में पहली बार ज्ञानेंद्र शाह अपने बेटे पारस शाह और बेटी प्रेरणा शाह के साथ दिखे।

पूर्व राजा ने भले ही कोई भाषण नहीं दिया, लेकिन राजशाही समाप्त होने के 14 वर्ष बाद सार्वजनिक समारोह में उनकी उपस्थिति काफी महत्वपूर्ण है। पूर्व राजा ने ऐसे समय किसी राजनीतिक मंच पर शिरकत की है, जब देश के राजनीतिक हालात फिर से अराजकता की ओर बढ़ रहे हैं। 

परसाई कैंसर अस्पताल भी चलाते हैं। उन्होंने सीधे राजशाही की वापसी की बात तो नहीं की, लेकिन कहा, “हम ऐसा देश कभी नहीं चाहते थे। हम ऐसा गणतंत्र बनना कभी नहीं चाहते थे, जो 1 करोड़ से अधिक नेपाली युवाओं को अपना खून और पसीना बहाने के लिए खाड़ी देशों में भेजे।”

आज़म खान के बाद अब बेटे अब्दुल्ला की भी गई विधायकी: बाप की गाड़ी रोके जाने पर पुलिस से उलझ पड़ा था, फर्जी सर्टिफिकेट का भी हुआ था खुलासा

समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान (Azam Khan) के बाद अब उनके बेटे अब्दुल्ला आजम (Abdullah Azam Khan) की भी विधानसभा सदस्यता रद्द हो गई है। मुरादाबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बुधवार (15 फरवरी 2023) को 15 साल पुराने मामले में फैसला सुनाया। फैसला सुनाए जाने के बाद यूपी विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर बताया ​कि स्‍वार टांडा विधानसभा सीट खाली हो गई। इसलिए वहाँ फिर से चुनाव कराया जाएगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक अब्दुल्ला आजम को तीन साल में दो बार अपनी विधायकी से हाथ धोना पड़ा है। तीन साल पहले भी उम्र के फर्जी प्रमाणपत्र मामले में लखनऊ हाईकोर्ट में अब्दुल्ला की विधायकी को रद्द कर दिया था। अब एक 15 साल पुराने मामले में अब्दुल्ला आजम को मुरादाबाद की कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई है। इसी सजा के बाद अब्‍दुल्‍ला आजम की विधायकी चली गई है। नियम यह है कि आपराधिक मामले में दो साल या उससे अधिक की सजा होने पर जनप्रतिनिधि की विधायकी खुद ही खत्म हो जाती है।

ठीक इसी तरह अमर्यादित भाषा और भड़काऊ बयान देने के कारण सपा नेता आजम खान को 3 साल की कैद की सजा हुई है। इसके कारण उनकी विधानसभा की सदस्यता भी रद्द कर दी गई और मतदान करने पर भी रोक लगा दिया गया। आजम की सदस्यता रद्द होने के कारण ही रामपुर में विधानसभा उपचुनाव हुए थे। दरअसल, आजम खान 28 नवंबर 2022 को रामपुर विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के उम्मीदवार असीम रजा के पक्ष में चुनाव प्रचार करने के लिए शुतुरखाना मुहल्ले में पहुँचे थे।

यहाँ उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा था, “बहुत कम अकल है। अगर अकल होती तो जो लोग आज दावा कर रहे हैं कि 35 बरस बाद हमें छोड़ा है तो ये हमें छोड़ देते, मैं खुद ही छोड़ देता इन्हें? जो आज तुम्हारे और हमारे साथ हुआ है, चार सरकारों में रहते हुए मैंने ऐसा किया होता, तो बच्चों तुम्हारी मुस्कुराहट की कसम खाकर कहता हूँ, माँ के पेट से पैदा होने से पहले बच्चा कहता कि पूछ लो आजम खान से कि बाहर निकलना भी है या नहीं।”

15 साल पहले का छजलैट मामला

अब्दुल्ला आजम को जिस मामले में सजा सुनाई गई है, वह 29 जनवरी, 2008 का है। उस दिन मुरादाबाद के छजलैट थाने में पुलिस चेकिंग कर रही थी। आजम खान की कार को भी चेकिंग के लिए रोका गया था, जिससे नाराज होकर आजम खान ने सड़क पर धरना दे दिया था। उसके समर्थन में कई सपा नेता मौके पर पहुँचे थे। इस मामले में आजम खान, अब्दुल्ला आजम, अमरोहा के सपा विधायक महबूब अली, हाजी इकराम कुरैशी और सपा नेता राम कुंवर प्रजापति को नामजद करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर लिखी थी।

एफआईआर में आजम और दूसरों पर सड़क जाम करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, भीड़ को उकसाने के आरोप लगे थे। मुरादाबाद की एमपी एमएलए कोर्ट ने इस मामले में आजम खान और अब्‍दुल्‍ला आजम को छोड़कर सभी को दोषमुक्‍त करार दिया था।

क्रिकेट के हर फॉर्मेट में भारत नंबर 1: ऐसा करने वाले रोहित शर्मा पहले कप्तान, पर चेतन शर्मा के स्टिंग में खत्म है T20 करियर

रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने इतिहास रचा है। तीनों फॉर्मेट में भारत दुनिया की नंबर वन टीम बन गई है। ऐसा कारनामा कर दिखाने वाले वे पहले कप्तान हैं। भारत इस मुकाम पर पहुँचने वाली पहली एशियाई और दुनिया की दूसरी टीम है। इससे पहले 2013 में दक्षिण अफ्रीका ने भी यह मुकाम हासिल किया था।

भारत ने यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल की है जब टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर चेतन शर्मा एक स्टिंग को लेकर विवादों में हैं। इसमें शर्मा को यह कहते हुए सुना गया है कि टी-20 में रोहित शर्मा का करियर अब समाप्त है और हार्दिक पांड्या को टीम की कमान मिलेगी। साथ ही चेतन शर्मा ने विराट कोहली और रोहित शर्मा के बीच इगो की लड़ाई होने की बात भी कही है।

आईसीसी की ताजा रैंकिंग आने से पहले ही भारत वनडे और टी-20 में नंबर वन का ताज हासिल कर चुका था। टेस्ट में भारत दूसरे स्थान पर काबिज था। लेकिन नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले मैच में शानदार जीत के बाद टीम इंडिया टेस्ट की भी नंबर वन टीम बन गई है।

इमेज सोर्स -ICC

आईसीसी की तरफ से जारी ताजा टेस्ट रैंकिंग में भारत 115 अंकों के साथ पहले पायदान पर है। नागपुर मेंं बॉर्डर गावास्कर सीरीज शुरू होने से पहले ऑस्ट्रेलिया के पास 126 अंक थे और वह बड़े अंतर के साथ शीर्ष पर काबिज था। लेकिन पारी से हार के बाद उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा है और वह 111 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गया है। वहीं टी-20 फॉर्मेट की बात करें तो भारत 266 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर है। इंग्लैंड दूसरे स्थान पर है। वनडे में भारत 114 अंकों के साथ पहले स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया 112 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है।

उल्लेखनीय है कि जी मीडिया के स्टिंग ऑपरेशन में मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने कहा था कि विराट कोहली और रोहित शर्मा के बीच कोई लड़ाई नहीं है। लेकिन इगो प्रॉब्लम है। दोनों बड़े फिल्मी सितारों की तरह हैं। आप कह सकते हैं, अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र। साथ ही उन्होंने कहा था कि भारतीय क्रिकेटर फिट रहने के लिए इंजेक्शन लेते हैं। उन्हें पता है कि कौन से इंजेक्शन डोपिंग में नहीं आते हैं। खिलाड़ी 80 फीसदी फिटनेस पर भी खेलने को तैयार हैं। वे इंजेक्शन लेते हैं और खेलना शुरू कर देते हैं।

जिस बाहुबली से कभी खौफ खाता था लालू का जंगलराज, उसकी बेटी के ब्याह में 10 हजार को न्योता: 50 क्विंटल नॉनवेज, 3 लाख रसगुल्ला

बिहार के गोपालगंज के डीएम जी कृष्णैया की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह (Anand Mohan Singh) की बेटी की शादी चर्चा में है। आनंद मोहन की बेटी सुरभि आनंद की शादी आज बुधवार (15 फरवरी 2023) को केंद्रीय अधिकारी राजहंस के साथ होने जा रही हैं।

सुरभि ने अपने सोशल मीडिया पर अपनी हल्दी और संगीत की रस्मों की तस्वीरें शेयर की थीं। राजनीतिक दल बिहार पीपुल्स पार्टी (बीपीपा) के संस्थापक आनंद मोहन सिंह की बेटी सुरभि आनंद दिल्ली हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरभि के होने वाले पति मुंगेर के रहने वाले हैं और रेलवे में आईआरटीएस ऑफिसर हैं। वह अभी धनबाद में एआरएम पर पोस्टेड हैं। आज पटना में दोनों का विवाह बड़े ही धूमधाम से आयोजित हो रहा है। इसके लिए 17 एकड़ में विश्वनाथ फार्म्स को खूबसूरत तरीके से सजाया गया है।

शादी में आने वाले मेहमानों के लिए हर तरह के भोजन का ध्यान रखा गया है। शादी में वेज के साथ-साथ वेज-नॉनवेज का भी प्रबंध किया गया है। कहा जाता है कि मिथिला क्षेत्र में बिना नॉनवेज खाना के शादी अधूरी मानी जाती है। हालाँकि, शादी में मिठाई में अलग-अलग वेराइटी भी। इनमें गुलाब जामुन, रसमलाई, रसगुल्ला समेत कई स्वादिष्ट व्यंजन शामिल हैं।

शादी में शामिल होने वाले मेहमानों के लिए तीन लाख रसगुल्ले बनाए गए हैं। इसके अलावा, 25 क्विंटल चिकन-मटन और 25 क्विंटल मछली बनाई जा रही है। कहा जा रहा है कि इस बहुचर्चित शादी में शामिल होने वाले आम मेहमानों से लेकर VVVIP मेहमानों के लिए अलग-अलग तरह के एक दर्जन से ज्यादा डिश की व्यवस्था की गई है।

इस शादी में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, बिहार विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी सहित बिहार के कई नेता शामिल होंगे। उनके अलावा केंद्र सरकार के भी कई नेताओं को इस शादी का आमंत्रण भेजा गया है। शादी में 10 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

कौन हैं बाहुबली आनंद मोहन

बता दें कि 1994 में बीपीपा के उम्मदीवार छोटन शुक्ला की हत्या के बाद उपजे जनाक्रोश में गोपालगंज के डीएम जी कृष्णैया पर भीड़ ने मुजफ्फरपुर के खबड़ा गाँव में हमला कर दिया था। कहा जाता है कि उस दौरान छोटन शुक्ला के छोटे भाई मुन्ना शुक्ला ने डीएम के सिर में सटाकर गोली भी मारी थी। इस मॉब लिंचिंग में डीएम की मौत हो गई थी। उस वक्त उनकी उम्र केवल 35 वर्ष थी।

हत्याकांड के समय घटनास्थल से दूर आनंद मोहन एक राजनीतिक सभा को संबोधित कर रहे थे। हालाँकि, इस हत्याकांड में आनंद मोहन, उनकी पत्नी और वैशाली की पूर्व सांसद लवली आनंद, मुन्ना शुक्ला, विक्रमगंज के पूर्व विधायक अखलाक अहमद, शशिशेखर और अरुण कुमार सिन्हा को आरोपित किया गया था। हालाँकि, मुन्ना शुक्ला अन्य लोगों के साथ बरी हो गए और आनंद मोहन को कैद हो गई।

कृष्णैया की हत्या मामले में पटना की निचली अदालत ने आनंद मोहन को 2007 में फाँसी की सजा सुनाई थी। आनंद मोहन के साथ पूर्व मंत्री अखलाक अहमद और अरुण कुमार को भी मौत की सजा सुनाई गई थी। जबकि छोटन शुक्ला के भाई मुन्ना शुक्ला को उम्रकैद कैद की सजा सुनाई गई थी।

मुन्ना शुक्ला के अलावा, इस मामले में उम्रकैद की सजा पाने वाले लोगों में आनंद मोहन की पत्नी पत्नी लवली आनंद, शशि शेखर और हरेन्द्र कुमार थे। हालाँकि, हाईकोर्ट ने साल 2008 में आनंद मोहन को फाँसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया और उम्रकैद की सजा पाए लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।

भारत हिंदू राष्ट्र है, अखंड भारत बनकर रहेगा: CM योगी आदित्यनाथ, मदनी को बताया कूपमंडूक-पाकिस्तान को धरती का बोझ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने भारत को हिंदू राष्ट्र बताया है। उन्होंने कहा है कि भारत हिंदू राष्ट्र (Hindu Rashtra) था, है और रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ना एक दिन अखंड भारत बनना ही है और पाकिस्तान भारत में विलय करेगा।

सीएम योगी आदित्यनाथ एबीपी न्यूज के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने ट्विटर हैंडल पर कार्यक्रम के कुछ वीडियो भी पोस्ट किए। योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान जोर देकर कहा कि पाकिस्तान जितनी जल्दी हिंदुस्तान में अपना विलय करेगा, वहाँ के लोगों के लिए उतना ही अच्छा होगा। इससे पहले राजस्थान में सीम योगी ने सनातन धर्म को राष्ट्रीय धर्म कहा था।

योगी आदित्यनाथ ने पत्रकार रुबिका लियाकत के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र है, क्योंकि भारत का हर नागरिक हिंदू है। उन्होंने हिंदू शब्द का अर्थ समझाते हुए कहा कि इसका किसी मत, मजहब या संप्रदाय से कोई लेना-देना नहीं है। यह एक सांस्कृतिक शब्द है, जो भारत के हर नागरिक पर फिट बैठती है।

योगी आदित्यनाथ ने हज का उदाहरण देते हुए कहा कि हज के लिए जाने वाले भारतीय मुस्लिमों को सऊदी अरब में हिन्दू नाम से संबोधित किया जाता है। उस प्ररिप्रेक्ष्य में देखेंगे तो भारत हिंदू राष्ट्र है, क्योंकि भारत का हर नागरिक हिंदू है। उन्होंने कहा कि हिमालय से लेकर समुद्र तक की धरती पर जन्मे लोग हिंदू हैं। हिंदू को मत, मजहब और संप्रदाय के साथ जोड़ना, हिंदू को समझने में भूल है।

यूपी के मुख्यमंत्री ने एक ट्वीट में लिखा, “अखण्ड भारत बनना ही बनना है। यही सच्चाई है।” दरअसल, कार्यक्रम के दौरान उनसे भारत में पाकिस्तान के विलय को लेकर प्रश्न पूछा गया। इसका जवाब देते हुए योगी आदित्यनाथ ने महर्षि अरविंद का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि श्री अरविंद ने पाकिस्तान के बारे में स्पष्ट कहा था कि आध्यात्मिक जगत में पाकिस्तान कोई वास्तविकता नहीं है। जिसकी वास्तविकता नहीं है, वह इतने दिन चल भी गया तो गनीमत कहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जितने दिन रहेगा धरती पर बोझ बना रहेगा। जितनी जल्दी वह खुद को भारत के अंदर समाहित कर दे वह उसके हित में होगा।

योगी आदित्यनाथ ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अधिवेशन के दौरान मौलाना महमूद मदनी और मौलाना असद मदनी के विवादास्पद बयानों को लेकर कहा कि उनका बयान गंभीरता से लेने लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि मदनी बुजुर्ग हैं और इसलिए वे उनका सम्मान करते हैं। सीएम ने कहा कि मदनी ने जो पढ़ा है, वही तो वे बोलेंगे।

इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने कुएँ के मेंढक की कहानी भी सुनाई। उन्होंने कहा कि जिनका इतिहास अंगुली पर गिन सकते हैं, वे प्राचीनता और पौराणिकता के बारे में बताएँगे तो यह सूर्य को दीप दिखाने जैसा होगा। इसके बाद योगी ने कहा कि मदनी के बयान को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।

बता दें इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 जनवरी 2023 को राजस्थान के भीनमाल में ऐतिहासिक नीलकंठ महादेव मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में हिस्सा लिया था। इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि सनातन धर्म ही भारत का राष्ट्रीय धर्म है।

लिव इन पाटर्नर को मारकर बेड में छिपाया, फर्नीचर बेच हुआ फरार, ट्रेन से गिरफ्तार: पालघर की घटना, शादीशुदा बता लिया था घर

महाराष्ट्र में लिव इन पाटर्नर की हत्या कर भाग रहे एक युवक को ट्रेन से गिरफ्तार किया गया है। आरोपित की पहचान 27 साल के हार्दिक शाह के तौर पर हुई है। मृतक युवती 35 साल की मेघा धन सिंह तोरवी है। घटना पालघर के नालासोपारा की है।

रिपोर्टों के मुताबिक मेघा की हत्या कर शाह ने शव बेड के अंदर बने बॉक्स में छिपा दिया था। पुलिस ने मंगलवार (14 फरवरी 2023) को उसे गिरफ्तार किया। इस संबंध में पालघर जिले के तुलिंज थाने में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार मेघा के साथ हार्दिक नालासोपारा के सीता सदन सोसायटी में किराए पर रहता था। दोनों ने कथित तौर रियल एस्टेट एजेंट, मकान मालिक और पड़ोसियों को बताया था कि वे शादीशुदा हैं। हत्या कर हार्दिक शाह घर से फरार हो चुका था। पड़ोसियों ने तेज बदबू आने के बाद पुलिस को सूचित किया। इसके बाद बेड के अंदर बने बॉक्स से मेघा का शव काफी बुरी हालत में बरामद किया गया।

एक रिपोर्ट में सीनियर इंस्पेक्टर शैलेंद्र नागरकर के हवाले से हत्या बीते सप्ताह किए जाने की आशंका जताई गई है। बकौल पुलिस अधिकारी हार्दिक बेरोजगार था। घर का खर्च मेघा की कमाई से चल रहा था। इसी बात को लेकर दोनों में अक्सर झगड़ा होता रहता था। इसी वजह से हार्दिक ने उसकी हत्या कर दी। पड़ोसियों ने भी दोनों के बीच झगड़े की शिकायत पहले की थी। मेघा नर्स के रूप में काम करती थी।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस मेघा की हत्या के वास्तविक दिन का पता लगा रही है। मेघा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामला दर्ज कर आगे की जाँच की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक हार्दिक ने अपनी बहन को हत्या के बारे में बताया था और फ्लैट से फरार होने से पहले घर के कई फर्नीचर बेच दिए थे।

इससे पहले दिल्ली में एक युवक द्वारा प्रेमिका की हत्या करने के मामला सामने आया था। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक मंगलवार (14 फरवरी, 2023) की सुबह नजफगढ़ के मित्राऊ के पास स्थित एक ढाबे के फ्रिज में लड़की की लाश मिली थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में ढाबे के मालिक साहिल गहलोत को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान साहिल ने बताया कि वह निक्की को 5 सालों से जानता था। हत्या वाली रात भी दोनों का झगड़ा हुआ था।

दरअसल, 10 फरवरी को साहिल की शादी होनी थी। निक्की इसका विरोध कर रही थी। रिपोर्ट के अनुसार, लड़की की हत्या 9-10 फरवरी की रात को कश्मीरी गेट आईएसबीटी के पास कार के अंदर की गई। कत्ल के बाद लड़की की लाश को मित्राउ गाँव ले जाया गया, जहाँ ढाबे में रखे एक फ्रिज में उसे छिपा दिया गया। अगले दिन (10 फरवरी) साहिल ने शादी कर ली।

गली में दोस्त की पत्नी से सेक्स कर रहा था रग्बी स्टार, वीडियो वायरल होते ही बीवी ने घर से निकाला: कहा- अब शादी खत्म

इंग्लैंड के रग्बी स्टार जो वेस्टरमैन (Rugby Star Joe Westerman) का सोशल मीडिया पर गली में सेक्स (Sex Video) करते हुए एक वीडियो वायरल हो रहा है। दरअसल, वायरल वीडियो में वेस्टरमैन सार्वजनिक जगह पर एक महिला के साथ संबंध बना रहे थे, तभी सामने से आते हुए एक अनजान शख्स ने उनका वीडियो बना लिया।

बताया जा रहा है कि 33 वर्षीय रग्बी खिलाड़ी अँधेरे का फायदा उठाते हुए गली में जिस महिला के साथ सेक्स कर रहे थे, वह उनके दोस्त की पत्नी थी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद वैस्टरमैन को अपने परिवार और दोस्तों से सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी पड़ी।

वेस्टमैन ने एक बयान में कहा, “सबसे पहले, मैं अपने इस कृत्य लिए अपने परिवार और दोस्तों से तहेदिल से माफी माँगना चाहता हूँ। इसके अलावा मैं कैसलफोर्ड टाइगर्स के फैंस, प्रायोजकों, कर्मचारियों और निदेशकों के साथ-साथ अपनी टीम के सभी साथियों से भी माफी माँगना चाहता हूँ।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं इस माफी के साथ रग्बी लीग के खेल को जारी रखना चाहता हूँ। मुझे एहसास हुआ है कि शराब पीने के बाद मुझे ऐसा काम नहीं करना चाहिए था। इस दौरान खुद पर कंट्रोल करना चाहिए था।”

वहीं, वेस्टमैन की पत्नी और तीन बच्चों की माँ लॉरेन यह वीडियो सामने आने के बाद शॉक्ड हैं। उन्होंने अपने दोस्तों से कहा कि अब यह शादी खत्म हो गई है। स्ट्रीट सेक्स वीडियो सामने आने के बाद अब कोई रास्ता नहीं बचा है। कैसे कोई ऐसे शख्स के पास वापस जा सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेस्टरमैन को उनकी पत्नी ने घर से निकाल दिया है। वेस्टरमैन की पत्नी ने ट्वीट कर साफ किया कि इस वीडियो में वो नहीं, बल्कि कोई और महिला है। वेस्टरमैन की पत्नी ने कहा, “साफ तौर पर ये मैं नहीं हूँ। हमारे तीन बच्चे हैं, जिसमें से एक की उम्र 15 साल है।”

लॉरेन ने आगे कहा, “अगर मैं इसे एक और मौका देती हूँ तो अपने बच्चों के लिए क्या मिसाल पेश करूँगी। खासकर अपनी बेटियों के लिए। मैं चाहती हूँ कि उन्हें पता चले कि यह ठीक नहीं है। यह एक रिश्ते में स्वीकार्य व्यवहार नहीं है और हम सभी के पास आत्मसम्मान है।”

बता दें कि स्ट्रीट सेक्स टेप वीडियो वायरल होने के बाद वेस्टरमैन को रग्बी लीग टीम (Rugby League Team) कैसलफोर्ड टाइगर्स ने निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, कैटलफोर्ड ने वेस्टमैन पर भी जुर्माना लगाया।

झारखंड के पलामू में मस्जिद चौराहे पर बवाल, पत्थरबाजी-आगजनी के बाद धारा 144; इंटरनेट बंद: महाशिवरात्रि तोरण द्वार को लेकर हिंसा

झारखंड के पलामू में महाशिवरात्रि के मौके पर बवाल की सूचना है। बताया जा रहा है कि यहाँ के मस्जिद चौराहे पर पूजा की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं पर पत्थरबाजी की गई है। इसी के साथ कुछ वाहनों में आगजनी भी की गई है। हालत सँभालने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। तब तक लगभग 1 दर्जन लोगों के घायल होने की सूचना है। घटना बुधवार (15 फरवरी, 2023) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना पलामू के पांकी प्रखंड का है। यहाँ आने वाली 18 फरवरी को महाशिवरात्रि के लिए हिन्दू समाज के लोग भगत सिंह चौक पर तोरण द्वार बना रहे थे। बताया जा रहा है कि इस दौरान वहाँ मौजूद मुस्लिम पक्ष के लोगों ने इस द्वार को बनाने का विरोध किया। इसी बात पर दोनों पक्षों में पहले तो कहासुनी हुई जो बाद में झड़प और पथराव में बदल गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। हालत को काबू करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक चौराहे के दोनों तरफ लोग जमा दिख रहे हैं। कुछ लोगों के हाथों में डंडे और अन्य हथियार भी मौजूद दिख रहे। वीडियो में मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति को ये कहते सुना जा सकता है, “प्रशासन कुछ नहीं उखाड़ पा रहा है।” वीडियो में दूर कहीं सायरन की भी आवाज सुनाई दे रही है। घटनास्थल पर ढेर सारे पत्थर के साथ कुछ क्षतिग्रस्त वाहनों को भी देखा जा सकता है।

हमले में पेट्रोल बम प्रयोग किए जाने का भी आरोप है। अब तक लगभग 1 दर्जन लोग घायल बताए जा रहे हैं जिसमें 6 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

इंटरनेट बंद, 144 लागू

पलामू के IG के मुताबिक सुबह 9 बजे के लगभग मस्जिद के आगे तोरणद्वार लगाने का प्रयास हुआ था। उन्होंने कहा कि जिले के सभी सीनियर अधिकारी मौके पर कैम्प कर रहे हैं और हालत पूरी तरह से काबू हैं। हमले में पेट्रोल बम चलने की पुष्टि IG ने जाँच के बाद ही कर पाने की जानकारी देते हुए पत्थरबाजी होना स्वीकार किया। फिलहाल इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है और इंटरनेट एहतियातन बंद कर दिया गया है।