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बोलेरो में मिले दो नर कंकाल, आरोप- बजरंग दल वालों ने जलाकर मारा: VHP ने कहा- हो CBI जाँच, माफी माँगे कॉन्ग्रेस सरकार

​हरियाणा के भिवानी में 16 फरवरी 2023 को एक जली हुई बोलेरो में दो नर कंकाल मिले थे। ये कंकाल राजस्थान के भरतपुर निवासी जुनैद और नासिर के बताए जा रहे हैं। जुनैद पर गो तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। इनके परिजनों का कहना है कि बजरंग दल के लोगों ने दोनों को अगवा कर जिंदा जला दिया। लेकिन विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इस मामले की सीबीआई जाँच की माँग की है। विहिप के केंद्रीय संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा है कि इस मामले में अनावश्क रूप से बजरंग दल का नाम लेने को लेकर राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार को माफी माँगनी चाहिए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भिवानी के लोहारू में जली हुई कार और दो जले हुए कंकाल मिले थे। जुनैद के चचेरे भाई इस्माइल ने गुरुवार (16 फरवरी 2023) को गोपालगढ़ थाने में दोनों की अपहरण और मारपीट की FIR दर्ज कराई। एफआईआर में इस्माइल ने कहा है कि बुधवार (15 फरवरी 2023) की सुबह करीब 5 बजे जुनैद और नासिर बोलेरो से बाहर गए थे। लेकिन वे लौट कर घर नहीं आए।

इस्माइल ने कहा है कि अगली सुबह करीब 9 बजे एक चाय की दुकान पर उसे किसी अजनबी ने बताया कि सुबह 6 बजे दो युवक एक बोलेरो में गोपालगढ़ थाना के पीरूका गाँव के जंगल से जा रहे थे। दोनों के साथ 8-10 लोगों ने बुरी तरह मारपीट की है। बाद में घायल हालत अवस्था में ही बोलेरो कार में ही डालकर ले गए।

इस्लाइल ने कहा है कि इसके बाद उसने जुनैद और नासिर को फोन लगाया। लेकिन दोनों के मोबाइल बंद थे। बाद में उसने अपने गाँव घाटमीका निवासी परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद परिजनों के साथ इस्माइल पीरूका गाँव के जंगल में गया, जहाँ उसे काँच के टूटे हुए टुकड़े मिले।

इस्माइल ने अपनी शिकायत में कहा है कि जब उसने पीरूका गाँव में लोगों से पूछताछ की तो उसे पता चला कि 8-10 लोगों ने जुनैद और नासिर के साथ मारपीट की है फिर उन्हें बोलेरो में ले गए हैं। इसके बाद उसने आरोपितों के नाम और पता पूछे, जहाँ उसे पता चला कि बजरंग दल के लोग अनिल, श्रीकांत, रिंकू सैनी, लोकेश सिंगला और मोनू ने इस पूरी घटना को अंजाम दिया है। इस्माइल की शिकायत पर पुलिस ने IPC की धारा 143, 365, 367, 368 के तहत मामला दर्ज किया है।

भरतपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव ने बताया है, “आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। FIR में जिन लोगों के नाम हैं, वे बजरंग दल से जुड़े हैं। लेकिन इस अपराध में उनकी भूमिका है या नहीं इसकी अभी जाँच की जानी है।” राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा है कि पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। राजस्थान एवं हरियाणा पुलिस समन्वय बनाकर कार्रवाई कर रही हैं।

हत्या के आरोपितों में से एक मोनू ने कहा है कि इस मामले में बजरंग दल पर आरोप बेबुनियाद हैं। पुलिस को इस मामले की जाँच करनी चाहिए। उसका नाम गलत दिया गया है। घटना के दिन वह होटल में रुका हुआ था। उसके अनुसार मेवात में ही रही गौहत्या रोकने में बजरंग दल सबसे अधिक सक्रिय है। इस कारण से बजरंग दल का नाम घसीटा जा रहा है।

मोनू ने कहा है कि वह जुनैद और नासिर को नहीं जानता। घटना की रात वह गुरुग्राम के एक होटल में था। इसका सीसीटीवी फुटेज और बाकी सबूत भी हैं। FIR में नाम होने को लेकर मोनू ने कहा है कि उस पर केवल आरोप लगे हैं।

विहिप के केंद्रीय संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा है कि राजस्थान की सरकार राजनैतिक पूर्वाग्रह से ग्रसित है। उससे न्याय की अपेक्षा नहीं की जा सकती। उन्होंने मामले की सीबीआई जाँच करवाकर दोषियों को कठोर सजा दिलाने की माँग की है। साथ ही कहा है कि जाँच पूरी होने तक किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी केवल इस आधार पर नहीं होनी चाहिए कि गो तस्कर के भाई ने अपनी शिकायत में उनका नाम लिया है।

‘स्वरा भास्कर हिंदू, उसका निकाह इस्लाम में मान्य नहीं’: मुफ्ती ने कुरान की आयत का दिया हवाला, RJ सायमा जैसे लिबरलों की भी लगाई क्लास

फुल टाइम एक्टिविस्ट और पार्ट टाइम हिरोइन स्वरा भास्कर ने 16 फरवरी 2023 को सपा नेता फहद अहमद से शादी की जानकारी दी थी। लेकिन अमेरिका में शिकागो में रहने वाले मुफ्ती यासिर नदीम अल वाजिदी का क​हन है कि य​ह निकाय मान्य नहीं है। इसकी वजह उन्होंने स्वरा भास्कर का हिंदू होना बताया है। साथ ही उन्होंने भारत के लिबरल मुस्लिमों की क्लास भी लगाई है।

मुफ्ती यासिर ने कुरान की एक आयत का हवाला देते हुए कहा है, “स्वरा भास्कर मुस्लिम नहीं हैं। उनके कथित शौहर मुस्लिम हैं। इसलिए यह निकाह इस्लामिक रूप से मान्य नहीं है। जब तक गैर मुस्लिम औरतों पर पूरा ईमान नहीं आता तब तक उनसे निकाह नहीं करना चाहिए। यदि वह केवल निकाह के लिए इस्लाम कबूलती है, तो यह अल्लाह को मंजूर नहीं है।”

लेकिन मुफ्ती का यह ट्वीट आरजे सायमा जैसे लिबरलों को नहीं भाया। उसने मुफ्ती के ट्वीट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा, “बज़ ऑफ!”

मुफ्ती यासिर ने सायमा के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें ‘लिबरल बीमारी है’। कुरान को ‘बज़ ऑफ’ कहने के बावजूद वह अपने नाम की वजह से इस्लाम से जुड़ी रहेंगी।

लेकिन यह बहस यही खत्म नहीं हुई। सायमा ने एक और ट्वीट कर मुफ्ती यासिर से पूछा , “आप कौन है? दूसरों का न्याय करने के लिए क्या अल्लाह ने आपको नियुक्त किया है? हम किसी के लिए नहीं, बल्कि अल्लाह और सिर्फ अल्लाह के प्रति जवाबदेह हैं। जब तक कोई आपकी राय नहीं माँगे, तब तक अपनी सलाह न दें। एक अच्छे मुस्लिम बनो।”

जवाब में मुफ्ती यासिर ने ट्वीट किया, “मैं एक ऐसा व्यक्ति हूँ, जिससे आप जैसे लिबरल सबसे ज्यादा नफरत करते हैं। मैं एक ऐसा व्यक्ति हूँ, जो अक्सर आप जैसों लोगों द्वारा इस्लाम की गलत व्याख्या करने वालों का पर्दाफाश करता है। मैं एक ऐसा व्यक्ति हूँ, जो तब बोलूँगा, जब आरजे इस्लाम की गलत व्याख्या करना शुरू करेगी। तुम खुद को एंटरटेनमेंट बिजनेस तक ही रखो और इस्लाम को विशेषज्ञों के लिए छोड़ दो।”

‘मिस्टर रिएक्शन वाला’ नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “हम भारत में रहते हैं, किसी इस्लामिक देश में नहीं, इसलिए कृपया करके सऊदी अरब में इसका प्रचार करें।” उसके ट्वीट का जवाब देते हुए मुफ्ती यासिर ने लिखा कि इस्लाम केवल सऊदी अरब के लिए नहीं है और भारत में रहने का मतलब यह नहीं है कि कोई इस्लाम को नहीं मानता है।

एक अन्य ट्वीट में, मुफ्ती यासिर नदीम अल वाजिदी ने स्वरा भास्कर (जो उनके अनुसार, मुस्लिम नहीं हैं) के एक मुस्लिम शख्स के साथ निकाह का जश्न मना रहे लिबरल मुस्लिमों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उनमें ‘उदारवाद का कीड़ा’ है। उन्हें इस कीड़े से अलग किया जाना चाहिए। कानूनी तौर पर वे जो चाहे करने के लिए स्वतंत्र हैं। लेकिन मुस्लिमों के लिए इसमें खुश होने की कोई बात नहीं है।

गौरतलब है कि स्वरा भास्कर ने सोशल मीडिया के जरिए फहद अहमद के साथ निकाह की जानकारी दी थी। बताया जाता है कि दोनों ने इस संबंध में कोर्ट में 6 जनवरी 2023 को ही दस्तावेज जमा कर दिए थे, लेकिन निकाह की खबर अब सार्वजनिक की है। इसके बाद स्वरा भास्कर और उनके शौहर फहद अहमद सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे।

42 दिन में ही टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर चेतन शर्मा की दूसरी इनिंग समाप्त, कहा था- इंजेक्शन लेकर फिट हो जाते हैं क्रिकेटर

भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर चेतन शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव जय शाह ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। एक स्टिंग में फँसने के बाद से ही शर्मा के इस्तीफे को लेकर अटकलें लग रही थी। स्टिंग में उन्होंने इंजेक्शन लेकर क्रिकेटरों के फिट होने जैसे कई दावे किए थे।

यह चेतन शर्मा का बतौर चीफ सेलेक्टर दूसरा कार्यकाल था। उन्हें 7 जनवरी 2023 को दोबारा बीसीसीआई ने चीफ सेलेक्टर बनाया था। उससे पहले टी-20 वर्ल्ड कप में बुरे प्रदर्शन के बाद बोर्ड ने शर्मा सहित पूरी चयन समिति की ही छुट्टी कर दी थी।

पिछले दिनों ज़ी न्यूज ने चेतन शर्मा का स्टिंग ऑपरेशन किया था। चेतन शर्मा ने खुफिया कैमरे के सामने कहा था कि खिलाड़ी 80 फीसदी फिटनेस पर भी खेलने को तैयार हैं। उन्होंने कहा था कि भारतीय क्रिकेटर फिट रहने के लिए इंजेक्शन लेते हैं। उन्हें पता है कि कौन से इंजेक्शन डोपिंग में नहीं आते हैं। खिलाड़ी 80 फीसदी फिटनेस पर भी खेलने को तैयार हैं। वे इंजेक्शन लेते हैं और खेलना शुरू करते हैं।

चेतन शर्मा ने सौरव गांगुली और विराट कोहली के बीच अहंकार की लड़ाई होने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि गांगुली ने रोहित का पक्ष नहीं लिया, लेकिन उन्होंने विराट को कभी पसंद नहीं किया। उन्होंने कहा था कि टीम इंडिया के खिलाड़ी सेलेक्टर के टच में रहते हैं। रोहित उनसे फोन पर आधा-आधा घंटा बात करते हैं और हार्दिक पांड्या उनके घर आते रहते हैं।

स्टिंग में किए गए दावे

  • भारतीय क्रिकेटर फिट रहने के लिए इंजेक्शन लेते हैं। उन्हें पता है कि कौन से इंजेक्शन डोपिंग में नहीं आते हैं। खिलाड़ी 80 फीसदी फिटनेस पर भी खेलने को तैयार हैं। वे इंजेक्शन लेते हैं और खेलना शुरू करते हैं।
  • विराट कोहली और रोहित शर्मा के बीच कोई लड़ाई नहीं है। लेकिन इगो प्रॉब्लम है। दोनों बड़े फिल्मी सितारों की तरह हैं। आप कह सकते हैं, अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र।
  • टीम इंडिया के खिलाड़ी सेलेक्टर के टच में रहते हैं। रोहित मुझसे फोन पर आधा-आधा घंटा बात करता है। हार्दिक पांड्या मेरे घर आते रहते हैं।
  • जसप्रीत बुमराह को 2022 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ जबरदस्ती टीम में शामिल गया था। उसकी चोट इतनी गंभीर है कि यदि वे ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्ड कप का एक भी मैच खेलते, तो वह कम से कम एक साल के लिए बाहर हो जाते।
  • सौरव गांगुली और विराट कोहली के बीच अहंकार की लड़ाई है। गांगुली ने रोहित का पक्ष नहीं लिया। लेकिन उन्होंने विराट को कभी पसंद नहीं किया।
  • T20 में शुभमन गिल जैसों को मौका देने के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे मजबूत प्लेयर्स को ‘आराम’ दिया जाता है। हार्दिक पंड्या लंबे समय में कप्तान के रूप में कार्यभार संभालेंगे। रोहित शर्मा अब T20 टीम का हिस्सा नहीं होंगे।
  • मैं टीम में सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन, दीपक हुड्डा, शुभमन गिल और अन्य 15-20 खिलाड़ियों को लेकर आया हूँ।

‘हनुमान मंदिर में बंद करवाया लाउडस्पीकर, मस्जिद से माइक पर दी जा रही अजान’: पलामू में पुलिस का ‘भेदभाव’ पुजारी ने किया उजागर

झारखंड के पलामू स्थित पांकी बाजार में महाशिवरात्रि को लेकर बनाए जा रहे तोरणद्वार के कारण हुई हिंसा के मामले में हिंदुओं द्वारा प्रशासन एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मस्जिद के पास ही प्राचीन हनुमान मंदिर है। इस मंदिर में हिंदुओं द्वारा पूजा-पाठ और आरती कट्टरपंथी मुस्लिमों को चुभती थी। इसी लिए हिंसा की साजिश रची गई।

प्रशासन ने इलाके में धारा 144 लागू की है और इलाके की इंटरनेट सेवा को भी बंद कर दिया है। धारा 144 के बाद इलाके में चार लोगों से अधिक इकट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धारा 144 के नाम पर प्राचीन मंदिर में लोगों को पूजा करने से रोक दिया गया है, लेकिन मस्जिद में लोग नमाज पढ़ रहे हैं।

हनुमान मंदिर के पुजारी का कहना है कि प्रशासन ने मंदिर से लाउडस्पीकर को भी उतरवा दिया है। इस लाउडस्पीकर के माध्यम से पूजा-पाठ और आरती आदि आयोजित की जाती थी। पुजारी का आरोप है कि मंदिर से तो प्रशासन ने लाउडस्पीकर उतरवा दिया है, मस्जिद से नहीं उतरवाया है। मस्जिद से अभी भी पाँचों वक्त अजान दी जा रही है।

हिंदुओं ने पलामू प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि हिंदुओं को परेशान किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन अगर शुरुआत में कड़े कदम उठाता तो दंगा इतना नहीं फैलता। बता दें कि मस्जिद से हुई पथराव में हिंदुओं के साथ-साथ कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

पांकी बाजार के ही एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि हिंसा के दिन ही उसके घर में लड़की की शादी थी। इस दौरान प्रशासन ने शादी में बाजा नहीं बजने दिया। बारातियों को 30-30 के समूह में शादी आदि में शामिल किया गया।

प्रशासन द्वारा हिंदुओं को किया जा रहा प्रताड़ित

स्थानीय लोगों ने ऑपइंडिया को बताया कि प्रशासन द्वारा हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। इलाके के ज्यादातर हिंदू लड़के अपने घरों से फरार है। लोगों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन उनके साथ मारपीट कर रही है। उनके घरों की औरतों के साथ पुलिस द्वारा बदसलुकी की बात कही जा रही है।

कहा जा रहा है कि एक टीवी पत्रकार को भी पुलिस ने पीटा है। वहीं, एक शिक्षक के घर में घुसकर उनके साथ मारपीट करने का पुलिस पर आरोप लगा है। लोगों का कहना है कि पुलिस हिंदुओं को प्रताड़ित कर रही है, जबकि मुस्लिमों को सुरक्षा दे रही है। हालाँकि, जिला प्रशासन ने ऐसी किसी घटना से इनकार किया है।

लोगों का कहना कि इसके बाद पुलिस प्रशासन आया हिंदुओं पर ही लाठी चार्ज कर दिया। इसमें भी कई हिंदुओं को चोट लगी है। लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन हिंदुओं के घरों में पुलिस जबरन घुस रही है। हिंदुओं के घरों के दरवाजों को तोड़कर पुलिस घुस गई और महिलाओं के साथ गाली-गलौज कर रही।

लोगों का आरोप है कि हिंदुओं को जबरन उठाकर ले जाया जा रहा है और उन्हें बुरी तरह पीटा जा रहा है। वहीं, मुस्लिमों को पुलिस सुरक्षा दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थानीय कॉन्ग्रेस विधायक भी मुस्लिमों का समर्थन कर रहे हैं। इस कारण पुलिस प्रशासन उन पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पिछड़ा और दलित वर्ग ही हैं। इसलिए मुस्लिम उन्हें अक्सर प्रताड़ित करते हैं। लोगों का कहना है कि सवर्ण लोगों का इलाका 5-6 किलोमीटर दूर है। इसलिए उनकी सुरक्षा नहीं हो पाती है। अगर फॉरवर्ड लोग यहाँ रहते तो मुस्लिम उन पर इतना हावी नहीं होते।

कैसे हुई हिंसा की शुरुआत

इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने बताया कि 14 फरवरी की रात को तोरणद्वार बनाने के लिए कुछ मजदूर सड़क पर गड्ढे खोद रहे थे। कुछ छह गड्ढे खोदने थे। इनमें से एक गड्ढा एक मुस्कान मोबाइल नाम के दुकान के सामने पड़ रहा था। इस दुकान का मालिक कलीम आलम है। उसने गड्ढा खोदने से रोक दिया।

इसके बाद टेंट वाले ने तोरणद्वार लगवाने को बुलाया। स्थानीय हिंदुओं ने पूछा कि द्वार क्यों नहीं लगाने दे रहे हैं तो कलीम बोला कि वह उसके दुकान के सामने पड़ रहा है। इस पर स्थानीय हिंदुओं ने बोला कि जब मुस्लिम कोई कार्यक्रम करते हैं और टेंट लगाते हैं तब दुकान के सामने नहीं पड़ता है? चार का मामला है, उसके बाद द्वार को हटा लिया जाएगा। इस पर कलीम बोला कि यहाँ खुंटा वह नहीं गड़ने देगा। जिसको जो करना है कर ले।

स्थानीय हिंदुओं ने ऑपइंडिया को बताया कि इस पर हिंदुओं ने कहा कि यह सरकारी जमीन है और यहाँ आप नहीं रोक सकते। इसके बाद कलीम वहीं के महबूब को लेकर मस्जिद के पास चला गया। इसके बाद वे लोग आपस में बातचीत करने लगे और धीरे-धीरे वहाँ 50-60 लोग जमा हो गए।

इसके बाद हिंदुओं ने थाने को सूचित किया। थानेदार यहाँ आए तो उन्होंने पूछा कि क्या हो रहा है। थानेदार ने कहा कि अगर यहाँ पहले नहीं द्वार नहीं लगाया गया है तो अब क्यों लगा रहे हो। इस पर स्थानीय लोगों ने उनसे पूछा कि सर आप ही बताइए कि यहाँ नहीं गाड़ें तो कहाँ खूँटा गाड़ें?’ आप जहाँ कहेंगे वहाँ गाड़ेंगे। इस पर थानेदार ने कहा कि यहाँ छोड़कर दूसरी जगह जाओ। इसके बाद थानेदार चले गए।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इसी दौरान मुस्लिम आए और खूँटा उखाड़ने लगे और एक हिंदू के सिर पर डंडा मारा। इस हमले में पीड़ित को 8 टाँके लगे। लोगों का कहना है कि मुस्लिम वहाँ से अपने-अपने घर में जाकर छतों से पथराव करने लगे। मस्जिद से भी पथराव करने लगे। लोगों का कहना है कि ट्रैक्टर से लाकर पत्थर को छतों पर रखा गया था। इसे हिंसा के दौरान इस्तेमाल किया गया।

‘नशे में ​थे पृथ्वी शॉ, बैट से किया था हमला’: क्रिकेटर के साथ हाथापाई में गिरफ्तार सपना गिल के वकील का दावा, सामने आया था मारपीट का वीडियो

भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ के साथ हाथापाई के मामले में पुलिस ने सपना गिल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में कुल 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सभी पर हिंसा करने और जबरन उगाही का मामला दर्ज हुआ है। घटना बुधवार (15 फरवरी 2023) रात की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूरा मामला मुंबई के सांताक्रूज इलाके में स्थित एक होटल के पास का है। कथित तौर पर सेल्फी लेने को लेकर हुए विवाद के बाद मामला इस हद तक बढ़ा कि बेसबॉल के बल्ले से हमले की नौबत आ गई।

पृथ्वी शॉ के वकील का कहना है कि भारतीय क्रिकेटर डिनर के लिए होटल गए थे। यहाँ सपना गिल और शोभित ठाकुर ने पृथ्वी शॉ के साथ सेल्फी लेने की बात कही। इस पर पृथ्वी तैयार हो गए। लेकिन फिर कुछ देर बाद सपना गिल और शोभित ठाकुर कुछ और लोगों के साथ सेल्फी लेने के लिए पहुँच गए। पृथ्वी ने इस बार मना कर दिया। लेकिन सेल्फी लेने आए लोग मानने को तैयार नहीं थे। इस पर पृथ्वी शॉ ने मैनेजर को बुलाकर उन्हें होटल से बाहर करा दिया।

पृथ्वी शॉ के वकील ने यह भी कहा है कि इसके बाद पृथ्वी अपनी कार लेकर वहाँ से निकल गए। इस दौरान सपना गिल और शोभित ठाकुर ने अपने साथियों के साथ उनका पीछा किया। रेड लाइट पर जब पृथ्वी ने कार रोकी तो आरोपितों ने उनकी कार पर हमला कर दिया। इससे उनकी कार को भी नुकसान हुआ है। आरोप है कि सपना गिल और उसके साथियों ने पृथ्वी से 50 हजार रुपए ऐंठने की भी कोशिश की। यही नहीं पृथ्वी शॉ पर झूठे केस लगाने की भी धमकी दी गई।

पृथ्वी शॉ के साथ हुई इस घटना को लेकर उनके दोस्त आशीष यादव ने ओशिवारा थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। मामले में पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ IPC की धारा 143, 148, 149, 384, 437, 504, 506 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है। जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी फुटेज की भी जाँच की जाएगी। फिलहाल इस मामले में सपना गिल की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस उसे शुक्रवार (17 फरवरी 2023) को कोर्ट में पेश करेगी।

वहीं, सपना और उसके दोस्त का कहना है कि वे लोग पार्टी करने गए थे। लेकिन पृथ्वी शॉ के दोस्तों ने उनके साथ क्लब में मारपीट की। उनका कहना है कि वे लोग पृथ्वी के साथ सेल्फी लेने और वीडियो बनाने की कोशिश कर रहे थे, तभी शॉ ने उनका फोन छीनकर फेंक दिया और धक्का दे दिया। सपना गिल के वकील ने पृथ्वी शॉ पर नशे में होने का आरोप लगाया है।

सपना के वकील का कहना है कि पृथ्वी ने अपनी ‘प्रतिष्ठा और हैसियत का दुरुपयोग’ करते हुए लकड़ी के बैट से सपना पर हमला किया था। सपना गिल सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हैं। इंस्टाग्राम पर उनके 2,21,000 से अधिक फॉलोअर्स हैं। उनके रील्स पर हजारों में व्यू आते हैं। सपना गिल साल 2017 में आई भोजपुरी फिल्म मेरा वतन और साल 2021 में आई काशी अमरनाथ में भी काम कर चुकी हैं।

‘मोदी को संसद में जवाब देना होगा’: जॉर्ज सोरोस ने अडानी पर बताया लिबरल एजेंडा, राष्ट्रवाद से लड़ने को $100 करोड़ देने का किया था ऐलान

अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर क्रोनी कैपटलिज्म को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। दावा किया है उनके भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी से मधुर संबंध हैं। उसने कहा, “मोदी और अडानी करीबी सहयोगी हैं। उनका भाग्य आपस में जुड़ा हुआ है।”

सोरोस ने यह टिप्पणी गुरुवार (16 फरवरी 2023) को जर्मनी में म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन से पहले टेक्निकल यूनिवर्सिटी आफ म्यूनिख (TUM) में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए की। सोरोस ने कहा, “अडानी एंटरप्राइजेज ने शेयर बाजार में धन जुटाने की कोशिश की, लेकिन वह असफल रहा। अडानी पर स्टॉक हेरफेर का आरोप है। उनका स्टॉक रेत की महल की तरह ढह गया है।”

अमेरिकी अरबपति ने प्रधानमंत्री मोदी पर अडानी समूह के कथित हेरफेर में शामिल होने का आरोप लगाया। कहा, “मोदी इस मसले पर चुप हैं। लेकिन उन्हें विदेशी निवेशकों और संसद में सवालों का जवाब देना होगा।”

जॉर्ज सोरोस का यह बयान हिंडनबर्ग रिसर्च की 3200 पन्नों की उस रिपोर्ट के करीब तीन हफ्ते बाद आया है, जिसमें अडानी समूह पर स्टॉक मैनुपुलेशन जैसे आरोप लगाए गए थे। अडानी समूह ने 413 पन्नों के जवाब में हिंडनबर्ग के आरोपों को झूठ करार दिया था। इस रिपोर्ट को भारत, यहाँ की कंपनियों और देश के विकास पर सुनियोजित हमला बताया था।

राष्ट्रवाद और मोदी विरोधी जॉर्ज सोरोस

हंगरी मूल के अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस ने साल 2020 में वैश्विक विश्वविद्यालय की शुरूआत करने के लिए 100 करोड़ डॉलर देने की बात कही थी। उसने कहा था कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना “राष्ट्रवादियों से लड़ने” के लिए की जाएगी। सोरोस ने “अधिनायकवादी सरकारों” और जलवायु परिवर्तन को अस्तित्व के लिए खतरा बताया था।

वैश्विक नेताओं पर हमला करते हुए, सोरोस ने कहा था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अधीन दुनिया की सबसे मजबूत शक्तियाँ- अमेरिका, चीन और रूस तानाशाहों के हाथों में हैं और सत्ता पर पकड़ रखने वाले शासकों में इजाफा हो रहा है। इसके अलावा, सोरोस ने यह भी दावा किया था कि “सबसे बड़ा और सबसे भयावह झटका” भारत में था। उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भारत को “एक हिन्दू राष्ट्र बनाने” का आरोप लगाया था।

जॉर्ज सोरोस ने कहा था, “राष्ट्रवाद, जो अब बहुत आगे निकल गया है। सबसे बड़ा और सबसे भयावह झटका भारत को लगा है, क्योंकि वहाँ लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित नरेंद्र मोदी भारत को एक हिन्दू राष्ट्रवादी देश बना रहे हैं।” उसने पीएम मोदी पर आरोप लगाया था कि वो कश्मीर में सख्ती कर रहे हैं, जो कि एक अर्ध-स्वायत्त मुस्लिम क्षेत्र है और वो लाखों नागरिकों को उनकी नागरिकता से वंचित करने की धमकी दे रहे हैं।

स्वरा भास्कर और फहद अहमद के निकाह के बाद सोशल मीडिया में ‘फ्रिज’ और ‘बक्से’ के चर्चे, नेटिजन्स बोले- ‘भाई’ से सीधे ‘जान’

स्वरा भास्कर ने 16 फरवरी 2023 को सोशल मीडिया के जरिए निकाह की खबर दी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता फहद अहमद के साथ कोर्ट मैरिज की है। बताया जाता है कि दोनों ने इस संबंध में कोर्ट में दस्तावेज 6 जनवरी को ही जमा कर दिए थे, लेकिन निकाह की खबर अब सार्वजनिक की है।

2019 में एंटी सीएए प्रोटेस्ट के दौरान स्वरा और फहद की मुलाकात हुई थी। लेकिन दोनों के निकाह से ज्यादा सोशल मीडिया में चर्चे स्वरा भास्कर के उस पोस्ट की है ​जो उन्होंने 2 फरवरी 2023 को किया था। इसमें स्वरा ने फहद को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा था, “जन्मदिन मुबारक फ़हद मियाँ! भाई का कॉन्फ़िडेंस बरकरार रहे। फहद ज़िरार अहमद खुश रहो, आबाद रहो। उम्र हो रही है अब शादी कर लो!हैव ए ग्रेट बर्थ डे एंड ए फैंटास्टिक ईयर दोस्त।”

इसके जवाब में फहद ने लिखा था, “शुक्रिया ज़र्रानवाज़ी का दोस्त। भाई के कॉन्फिडेंस ने तो झंडे गाड़े है वो तो बरकरार रहना ज़रूरी है। और हाँ, तुमने वादा किया था तुम मेरी शादी में आओगे तो वक़्त निकालो। लड़की मैंने ढूँढ ली है।” हैरान करने वाली बात यह है कि 6 जनवरी को ही निकाह के लिए कोर्ट में दस्तावेज दाखिल करने के बावजूद दोनों इस तरह के पोस्ट कर रहे थे।

इस पोस्ट को लेकर स्वरा नेटिजन्स के निशाने पर आ गई हैं। मीनाक्षी श्रीयन नामक यूजर ने ट्वीट कर कहा, “स्वरा भास्कर ने 2 फरवरी को फहाद को भाई बोलकर जन्मदिन की बधाई दी थी। स्वरा भास्कर ने 16 फरवरी को फहाद को अपना शौहर बना लिया। जिसे भाई बोलती थीं, उससे स्वरा भास्कर ने शादी की है। शादी की बधाई स्वरा भास्कर।”

रजत मिश्रा नामक यूजर ने ट्वीट करते हुए कहा है, “यही तो इस्लाम की खूबसूरती है। जो कल तक भइया था वो आज सैंया है। ‘स्वरा भास्कर’ ने अपने भाई ‘फहाद अहमद’ से शादी कर ली। कल तक भैया-भैया अब सैंया-सैंया। ‘भाई’ से सीधे ‘जान’ तक। मैगी बनने में भी इससे ज्यादा टाइम लगता है।”

मुन्ना यादव नामक यूजर ने लिखा है, “स्वरा भास्कर को मेरी तरफ से बक्सा। फ्रिज बहुत महँगा है। यही ठीक रहेगा।”

अशोका गुर्जर नामक यूजर ने लिखा है, “जैसे ही फहाद अहमद ने दहेज में फ्रिज माँगा फफक-फफक कर रो पड़ी स्वरा भास्कर।”

बंटी वर्मा ने लिखा है, “स्वरा भास्कर ने अपने भाईजान फहद अहमद से किया निकाह। होने वाला बच्चा अपने पापा को मामा भी कह सकता है।”

राम रघुवंशी ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “फहाद टू स्वरा। कल तक भाई थे आज शौहर हो गए। भाई बना जान।”

सोशल तमाशा नामक यूजर ने एक फोटो ट्वीट की है। इस फोटो में स्वरा और फहाद की शादी वाली फोटो और फहाद को भाई कहने वाले ट्वीट के स्क्रीनशॉट के साथ लिखा है, “2 हफ्ते पहले जो भाई था, आज शादी के बाद वो जान बन गया।”

जीनत राणा नामक यूजर ने लिखा है, “जो कभी ‘भाई’ थे वो अब स्वरा की ‘जान’ हो गए। यही तो खूबसूरती है इस्लाम की। दोनों को निकाह की मुबारकबाद। कागज तो फिर भी दिखाने पड़ेंगे।”

सपा ने उन दो महिला नेताओं को निकाला, जिन्होंने रामचरितमानस जलाने और स्वामी प्रसाद मौर्य की अनर्गल टिप्पणियों का किया था विरोध

समाजवादी पार्टी ने दो महिला नेताओं को पार्टी से निकाल दिया है। इनके नाम हैं- रोली तिवारी मिश्रा और ऋचा सिंह। इन दोनों ने रामचरितमानस पर पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की अनर्गल टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई थी। साथ ही मानस को जलाए जाने का विरोध किया था।

सपा ने गुरुवार (16 फरवरी 2023) को ट्वीट कर रोली तिवारी मिश्रा और ऋचा सिंह को पार्टी से निष्कासित किए जाने की जानकारी दी। निष्कासन के बाद दोनों महिला नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सपा को महिला विरोधी बताते हुए रामद्रोहियों के खिलाफ आवाज उठाते रहने की बात कही है।

रोली तिवारी मिश्रा ने रामचरितमानस के पन्नों को जलाने और स्वामी प्रसाद मौर्य की विवादित टिप्पणियों का विरोध किया था। इस मामले में पार्टी की तरफ से कोई एक्शन न लेने पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने मौर्य के बयान वाले वीडियो को ट्वीट करते हुए कहा था, “स्वामी प्रसाद का कहना है कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो श्रीरामचरितमानस की चौपाइयों को प्रतिबंधित करवाएँगे। 2012 में रोटी कपड़ा सस्ती हो दवा पढ़ाई मुफ्त हो, इस नारे के साथ अखिलेश यादव यूपी के मुख्यमंत्री बने थे। क्या ‘मानस का मुद्दा’ लेकर सपा पुनः सरकार बना पाएगी?”

यही नहीं उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा था, “श्रीरामचरितमानस के सम्मान स्वाभिमान की लड़ाई धर्मद्रोहियों से लड़ती रहूँगी। मैं छल, कपट, धूर्त्तता, धोखेबाजी, कूटयोजना से मेरा अपमान करने वालों को खुली चुनौती देती हूँ। मर्द हो तो सामने से लड़ो।”

वहीं ऋचा सिंह ने भी स्वामी प्रसाद मौर्य का विरोध किया था। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, “छद्म समाजवादी स्वामी प्रसाद मौर्य समाजवादी की नींव डॉ. राम मनोहर लोहिया से बड़े हो गए हैं? डॉ. लोहिया ने 1961 में रामायण मेले कि परिकल्पना की थी। स्वामी प्रसाद रामचरित मानस का निरंतर अपमान कर रहे हैं। क्या समाजवादी पार्टी अब राम मनोहर लोहिया के बदले स्वामी प्रसाद मौर्य के सिद्धान्तों पर चलेगी??”

पार्टी से निकाले जाने के बाद ऋचा सिंह ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर समाजवादी पार्टी को महिला विरोधी बताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “महिलाओं का अपमान करने वाले लंपटों के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष जी डीजीपी ऑफिस पहुँच जाते हैं और महिलाओं के-जन अधिकारों के लिये संघर्ष करने वाली महिलाओं को बिना कारण बताए निष्कासित कर दिया जाता है। समाजवादी पार्टी का महिला विरोधी चेहरा।”

उन्होंने यह भी कहा है, “संविधान के भाग 3, फंडामेंटल राइट पृष्ठ की शुरुआत भगवान राम लक्ष्मण और भगवती सीता के चित्र से होती है। राम भारत की आत्मा हैं। यहाँ तक कि अल्लामा इक़बाल ने उनको इमामे हिंद माना है। ऐसे में भारत की आध्यात्मिक एवं संवैधानिक आत्मा के साथ मैं खड़ी थी और खड़ी रहूँगी।”

वहीं रोली तिवारी मिश्रा ने कहा है, “16 वर्षों की निष्ठा के इस पुरस्कार के लिए आभार आदरणीय अखिलेश यादव जी। राष्ट्रद्रोहियों, सनातन धर्मद्रोहियों, रामद्रोहियों के खिलाफ आवाज उठाती थी, उठाती रहूँगी। सनातन धर्म के स्वाभिमान प्रभु श्रीराम, श्रीरामचरितमानस के सम्मान के लिए ऐसे हजारों निष्कासन स्वीकार। धर्मो रक्षति रक्षितः।”

हनुमान मंदिर में भजन-आरती से थी कट्टर मुस्लिमों को दिक्कत, कई महीनों से हिंसा की रच रहे थे साजिश: स्थानीय हिंदू बोले- त्योहार मनाना मुश्किल

झारखंड के पलामू में शिवरात्रि को लेकर बनाई जा रही तोरणद्वार के कारण हुई हिंसा के बाद इलाके में धारा 144 लगा दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज कर 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, पलामू जोनल आईजी राजकुमार लकड़ा के नेतृत्व में फ्लैग मार्च निकाला गया। इसमें डीसी ए दोड्डे, एसपी चंदन सिन्हा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

एसपी चंदन सिन्हा ने कहा कि पांकी में हुई हिंसा मामले में अब तक कुल 2 प्राथमिकी दर्ज की गई है। उपद्रव में शामिल 13 लोगों को चिह्नित जेल भेजा गया है, जबकि 100 नामजद समेत 1000 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। एसपी ने कहा कि इलाके में फिलहाल इंटरनेट सेवा बाधित रहेगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यहाँ हमेशा हिन्दुओं पर हमला किया जाता है। उनके त्योहारी में बाधा डाली जाती है। इतना ही नहीं, यहाँ हिंदू शादी या कोई कार्यक्रम करते हैं तो मुस्लिम पक्ष द्वारा किसी ना किसी बहाने उत्पात मचाया जाता है। तोरणद्वार बनाने पर भी मस्जिद के नजदीक बनाने का हवाला देकर मुस्लिमों ने उसे तोड़ दिया और शिव भक्तों की पिटाई कर दी।

पलामू एसपी चंदन सिन्हा ने कहा कि शिवरात्रि के लिए शिवरात्रि समिति के सदस्य मस्जिद के सामने तोरणद्वार बनाने गए थे। हर साल दूसरी जगह तोरणद्वार बनाया जाता था। एसपी ने कहा कि थाना में आवेदन दिए बिना और प्रशासन के अनुमति के बिना ही मस्जिद के सामने तोरणद्वार बनाया गया। इसका विरोध मुस्लिमों ने किया था। इसके बाद टकराव हुआ। 

ऑपइंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक, इस हिंसा की साजिश पिछले कुछ महीनों से की जा रही है। इसके पीछे मस्जिद से लगभग 150-200 मीटर की दूरी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर है। स्थानीय लोगों ने बताया कि हनुमान मंदिर में मंगलवार को भजन और आरती का आयोजन किया जाता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब प्रशासन द्वारा मंदिर में पूजा भी रूकवा दिया गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगभग एक महीना पहले मंदिर पर भजन के लिए लाउडस्पीकर लगवाया गया था। इसका मस्जिद से जुड़े लोगों ने विरोध किया था। मस्जिद कमिटी के लोगों ने इस संबंध में थाने में शिकायत करते थे। उसके बाद मंदिर से लाउडस्पीकर को उतरवा दिया गया। वहीं, मस्जिद से फुल साउंड में नमाज पढ़ी जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मस्जिद कमिटी के अध्यक्ष अबू हसन और मुखिया नेहाल अंसारी के इशारे पर हिंदुओं को परेशान किया जाता रहा है। अबू हसन मुखिया रह चुका है। इन लोगों द्वारा थाने में शिकायत करके कहा जाता है कि लाउडस्पीकर के कारण उन्हें नमाज पढ़ने में दिक्कत हो रही है। शिकायत पर हिंदू पक्ष को थाने में बुलाकर परेशान किया जाता था।

पांकी में हिंसा से पहले मुस्लिम पक्ष द्वारा शुक्रवार को जुमा पर इकट्ठा होने के लिए मैसेज सर्कुलेट किया जा रहा था। इसके बाद हिंदू पक्ष के लोग सतर्क रहने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे वहाँ अक्सर डर के माहौल में रहते हैं। मैसेज सर्कुलेट होने की बात का पता चलते ही वे सतर्क रहने लगे।

स्थानीय हिंदुओं का कहना है कि तोरणद्वार को लेकर उन लोगों पर मस्जिद से पत्थरबाजी की गई थी। इतना ही नहीं, पेट्रोल बम फेंके गए। मुस्लिम पक्ष ने ही आगजनी की थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुस्लिम पक्ष ने हिंदुओं की संपत्ति समझकर आग लगाई थी। इन लोगों का कहना है कि इस हिंसा में 20 के करीब हिंदू घायल हो गए हैं।

नाम नहीं बताने की शर्त पर एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि इन लोगों को राज्य सरकार का संरक्षण मिला हुआ है। इसलिए इस घटना में एकपक्षीय कार्रवाई की जा रही है। हिंदुओं को टारगेट करके FIR में नाम डाला जा रहा है। इन लोगों का कि FIR में उन हिंदुओं का नाम भी डाला जा रहा है, जो घटना के वक्त शहर में थे भी नहीं।

इस घटना में मुखिया नेहाल अंसारी, मोबिन अंसारी, महबूब आलम, शहजाद आलम, जाहिद अंसारी को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के बलरामपुर के रहने वाले रजीउल्लाह को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं, हिंदू पक्ष के करण कुमार सिंह, रितेश कुमार सिंह, सुमित सिंह, रौशन कुमार, दीपक कुमार, धनंजय कुमार भुइंया और मदन राम को गिरफ्तार किया गया है।

बता दें कि पहले एक हिंदू का सिर फोड़ने और फिर मस्जिद से पथराव करने के बाद हुई हिंसा में मुस्लिमों को विक्टिम दिखाने की कोशिश की जा रही है। हैदराबाद से सांसद और AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस पूरी घटना में मुस्लिमों को ही पीड़ित बता दिया है। उन्होंने कहा कि मस्जिद पर पत्थर फेंके गए और दो घर तथा कुछ गाड़ियाँ जला दी गईं। 

ओवैसी यहीं नहीं रूकते हैं। उनका कहना है कि मस्जिद के सामने तोरणद्वार नहीं बनाना चाहिए था। उन्होंने इसका दोष भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर मढ़ दिया और कहा कि इसमें दंगाई और संघ परिवार जीत गए।

पलामू हिंसा को लेकर जिस तरह की नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की जा रही है, उसमें मुस्लिमों को पीड़ित और पीड़ित हिंदुओं को गुंडा साबित करने की कोशिश की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट में स्पष्ट कहा जा रहा है कि महाशिवरात्रि को लेकर पलामू के पांकी के हिंदू तैयारी कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने चौक पर तोरणद्वार बनाया था। चौक के पास ही मस्जिद स्थित है।

जिस जामा मस्जिद को सहयोग से बनाया गया, उसी से उन पर हमले किए गए। लोगों का कहना है कि यह मस्जिद ज्यादा पुरानी भी नहीं है और ना ही आसपास के इलाके में मुस्लिमों की इतनी जनसंख्या है। जहाँ मस्जिद बनाई गई है, वह इलाका हिंदू बहुल है।

‘आतंक के द्वार’ में पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी, तब्लीगी जमात के इज्तेमा में चाय पीता फोटो वायरल

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी शाहिद अफरीदी ने पिछले हफ्ते 10 फरवरी 2023 (शुक्रवार) को कराची में इज्तेमा नामक तब्लीगी जमात की एक विशाल सभा में भाग लिया। इस सालाना इज्तेमा में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के अंतरिम मुख्य चयनकर्ता को चाय का आनंद लेते और बाद में ऊँघते हुए देखा जा सकता है।

बता दें कि 2021 में इस्लामी मुल्क सऊदी अरब ने तब्लीगी जमात पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। सऊदी अरब ने इस इस्लामिक संगठन को ‘आतंक का द्वार’ बताया था। भारत सहित अन्य देशों में भी इसकी कार्य-प्रणाली को लेकर सवाल उठते रहते हैं।

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, कराची में शुक्रवार को तब्लीगी जमात का एक वार्षिक इज्तेमा आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में हजारों मुस्लिमों ने भाग लिया। कथित तौर पर, उस इज्तेमा में भाग लेते हुए अफरीदी की तस्वीरें और वीडियो भी इंटरनेट पर वायरल हो रहा है।

सिर्फ अफरीदी ही नहीं, इस दीनी इज्तेमा में सिंध के गवर्नर कामरान टेसरी और MQM के नेता खालिद मकबूल सिद्दीकी भी मौजूद थे। तब्लीगी जमात की इस सभा में लोगों ने विशेष प्रार्थना की और इस्लाम का संदेश दिया।

इज्तेमा मुस्लिमों के शक्ति प्रदर्शन का एक कार्यक्रम है, जो इस्लाम के मानने वालों के ‘नैतिक’ सुधार के बारे में है। इसे अक्सर इसे ‘मुसलमानों को सच्चा मुसलमान बनाने’ के रूप में वर्णित किया जाता है। इसे एक धार्मिक कार्यक्रम कहा जाता है, जिसमें कई इस्लामी विद्वान लोगों को मार्गदर्शन देने के लिए आते हैं। यह मुस्लिमों के लिए इस्लामी संगठनों द्वारा आयोजित एक इस्लामी सभा है। यह पूरी दुनिया में तब्लीगी जमात का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम माना जाता है, क्योंकि यह मुस्लिमों के जीवन पर बड़ा प्रभाव डालने का दावा करता है।

तब्लीगी जमात एक वैश्विक इस्लामी मूवमेंट है, जो मुस्लिमों से आग्रह करता है कि वे पैगंबर मुहम्मद के समय में इस्लाम के तौर-तरीकों की ओर वापस लौटें। यह संगठन पहनावे और व्यक्तिगत व्यवहार पर ध्यान केंद्रित करता है। इसे 20वीं शताब्दी के सबसे प्रभावशाली इस्लामी धार्मिक आंदोलनों में से एक माना जाता है।

हज की इस्लामी तीर्थयात्रा के बाद यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मुस्लिम जमात बन गई है। एक यूरोपीय जर्नल के अनुसार, इज्तेमा में भागीदारी, धार्मिक अधिकार, प्रतिष्ठा और अधिकारिता को बढ़ावा देती है और उम्माह की अवधारणा के माध्यम से मुस्लिम पहचान को जोड़ती है।

इस तरह की एक मण्डली दिल्ली में वर्ष 2020 में आयोजित की गई थी। उस वक्त कोरोना महामारी का दौर था। इसके बाद इज्तेमा में भीड़ को देखते हुए इसे कोरोना फैलाने वाला बताया गया था। यह आयोजन मार्च 2020 की पहली छमाही में निजामुद्दीन मरकज में हुआ था। इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले मुस्लिम, उनके परिवार के सदस्य और उनके संपर्क में आने वाले अन्य लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इसके कारण देश में कोरोनो वायरस के मामलों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई थी।

देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, कुल 14,378 कोरोना वायरस मामलों (अप्रैल 2020 तक) में से लगभग 30% यानी 4291 मामले तब्लीगी जमात द्वारा दिल्ली में निजामुद्दीन मरकज के आयोजित किए गए कार्यक्रम के कारण हुए थे।