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विदेशी आक्रांताओं द्वारा रखे गए नामों को बदला जाए: वकील अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की PIL, कहा- नाम पता करने के लिए बने रीनेमिंग कमीशन

वकील अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल कर विदेशी आक्रमणकारियों के नामों पर रखे गए शहरों व स्थानों के नाम बदलने की माँग की है। उपाध्याय ने कोर्ट से एक रीनेमिंग कमीशन बनाने की माँग की है, जिसका काम बदले गए स्थानों के वास्तविक नाम का पता लगाना होगा। उन्होंने अपनी याचिका के साथ 1,000 नामों की एक सूची भी कोर्ट सौंपी है। याचिका में उन्होंने न्यायालयों द्वारा पूर्व में दिए गए निर्णयों का भी उल्लेख किया है।

सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दिए जाने की जानकारी देते हुए अश्विनी उपाध्याय ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया है। वीडियो में वे इस पीआईएल के विषय की जानकारी दे रहे हैं। उपाध्याय ने जानकारी दी कि पीआईएल में उन्होंने रीनेमिंग कमीशन बनाने की माँग की है। कमीशन आक्रांताओं द्वारा बदले गए स्थानों के नामों की पहचान कर उसके वास्तविक नाम का पता लगाएगा। इसके बाद सरकारें उसे बदलने का काम करेंगी।

वकील उपाध्याय ने याचिका के साथ 1000 स्थानों के नाम कोर्ट के सामने रखे, जिन्हें आक्रान्ताओं ने बदल दिया था। याचिका के अनुसार, बिहार के बेगूसराय का नाम अजातशत्रु नगर था, जो बर्बर बेगू के नाम पर बेगूसरया बन गया। मुजफ्फरपुर को विदेहपुर के नाम से जाना जाता था। हरिपुर का नाम हाजीपुर किया गया। द्वार बंगा को क्रूर दरभंग खान के कारण दरभंगा कहा जाने लगा।

नालंदा को जलाने वाले बख्तियार के नाम पर पटना के पास बख्तियारपुर शहर है। इसके अलावा उन्होंने याचिका में बिहार शरीफ और जमालपुर जैसे बिहार के शहरों का उल्लेख किया है। याचिका में बिहार के शहरों के अलावा देश भर के अन्य शहरों का भी नाम दिया गया है। उनमें अहमदाबाद, होशंगाबाद, दौलताबाद, औरंगाबाद, उस्मानाबाद, गाजियाबाद, फिरोजाबाद, फरीदाबाद, गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़ जैसे स्थान शामिल हैं।

बता दें कि पिछले दिनों ही राष्ट्रपति भवन स्थित मुगल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान कर दिया गया था। हालाँकि, दिल्ली में अब भी कई जगहों के नाम मुगल आक्रान्ताओं के नामों पर ही हैं। दिल्ली में ही बाबर रोड, अकबर रोड, जहाँगीर रोड, औरंगजेब रोड, तुगलक रोड जैसे सड़कों के नाम हैं। याचिका में शहरों के साथ-साथ सड़कों और ऐतिहासिक स्थानों के नाम बदलने के लिए भी कदम उठाने की माँग की गई है।

ठुकरा दिए ₹25 लाख, लेकिन खाने में अंडा नहीं डाला… मास्टरशेफ की अरुणा विजय पर जैन समाज कर रहा गर्व

Sony TV पर आने वाले रियलिटी शो ‘मास्टर शेफ इंडिया’ में एक जैन महिला ने अंडा वाली डिश बनाने से मना कर दिया। महिला ने 25 लाख रुपए की इनाम राशि को हारना स्वीकार किया, लेकिन अपने मूल्यो-सिद्धांतों एवं परंपराओं से समझौता नहीं किया। इस महिला का नाम है अरुणा विजय। इनकी आजकल खूब चर्चा हो रही है और लोग उनकी सराहना कर रहे हैं।

दरअसल, मास्टर शेफ इंडिया प्रोग्राम में देश भर के शेफ हिस्सा लेते हैं और तरह-तरह के पकवान बनाकर इस रियलिटी शो में अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। सबसे अच्छे शेफ को पुरस्कार भी दिया जाता है। पकवान क्या बनवाना है, यह रियलिटी शो के जज तय करते हैं।

इसी शो में तमिलनाडु की जैन धर्म से ताल्लुक रखने वाली अरुणा विजय ने भी हिस्सा लिया था। अरुणा अपनी पाक कला की वजह से इस रियलिटी शो में टॉप-10 प्रतिभागियों में अपना स्थान बना लिया था। इसमें जो शख्स चुना जाता, उसे 25 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाता।

अरुणा विजय को जो डिश दिया गया था, उसमें अंडा डालने को कहा गया। अरुणा ने इससे साफ मना कर दिया। उन्होंने 25 लाख रुपए की ईनामी दौड़ से पीछे रहने का फैसला किया। अरुणा के इस कदम पर मारवाड़ी और समाज गौरवान्वित हो रहा है।

इसको लेकर अरुणा ने खुद ट्वीट किया है। अपने ट्वीट में अरुणा ने लिखा, “मैंने एक अंडे के लिए इम्युनिटी पिन छोड़ दी। प्राउड जैन! आप कभी भी अपने सिद्धांतों को छोड़कर सफलता के पीछे ना भागें। सफलता को अपने मूल्यों का सम्मान करते हुए अपने पीछे आने दें। आपके मूल्य आपको विजेता बनाते हैं। #MasterChefIndia #eggchallenge #proudjain #ahimsaparmodharam #Jainism #immunitypin”

बता दें कि जैन धर्म के लोग अहिंसा में विश्वास करते हैं और शाकाहार का पालन करते हैं। ऐसे में रियलिटी शो में जैन धर्म से ताल्लुक रखने वाली अरुणा से डिश में अंडा डालने के लिए कहा गया तो उन्होंने स्पष्ट रूप से मना कर दिया।

मास्टरशेफ इंडिया के टॉप-10 में अलग-अलग हिस्सा के अलग-अलग लोग शामिल थे। इस रियलिटी शो में देश भर के कुल 36 लोगों ने हिस्सा लिया था। यह शो सोनी टेलीविजन पर सोमवार से शुक्रवार को रात 9 बजे टेलीकास्ट होता है।

NIA ने बंगलुरु से आतंकी आरिफ को दबोचा: पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर, अफगानिस्तान और ईरान भागने की फिराक में था

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने बेंगलुरु से संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान आरिफ के रूप में हुई। आरोप है कि गिरफ्तार कट्टरपंथी आरिफ इंटरनेट के जरिए देश के बाहर बैठे आतंकियों के संपर्क में था। वह अफगानिस्तान और ईरान जाकर आतंकी संगठन में शामिल होने की फिराक में था। गिरफ्तारी शनिवार (11 फरवरी, 2023) को हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी आरिफ पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वह बेंगलुरु में ही एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता था। आरोप है कि वह बीते दो साल से इंटरनेट के जरिए आतंकी संगठन अलकायदा के संपर्क में था। हालाँकि, इससे पहले उसके किसी भी आतंकी गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है।

रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि गिरफ्तार आतंकी आरिफ इस्लामिक आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के खुरासान ग्रुप (ISK) में शामिल होना चाहता था। इसके लिए अफगानिस्तान व ईरान जाने की तैयारी में था। लेकिन इससे पहले ही पुलिस और राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आगे की कार्रवाई के लिए एनआईए आरिफ से पूछताछ कर रही है। साथ ही उसका लैपटॉप व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर जाँच की जा रही है।

कोलकाता से गिरफ्तार हुए थे 2 आतंकी

बता दें कि इससे पहले गत 7 जनवरी 2023 को पश्चिम बंगाल की स्पेशल टास्क फोर्स ने 2 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। फिलहाल एनआईए इस मामले की जाँच कर रही है। रिपोर्ट्स में एनआईए सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि आरोपित लंबे समय से एनआईए की मोस्ट वांटेड की सूची में थे। आतंकियों की पहचान मोहम्मद सद्दाम और सैयद अहमद के रूप में हुई थी। सद्दाम बीते दो साल से ISIS के संपर्क में था।

शुरुआती जाँच में सामने आया था कि दोनों आतंकी ISIS में शामिल कराने के लिए मुस्लिम युवकों का ब्रेनवॉश कर रहे थे। साथ ही अपने नेटवर्क को बड़ा करने के लिए धन जुटा रहे थे। दोनों मुस्लिमों को देश के खिलाफ लड़ाई छेड़ने के लिए सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो और पोस्ट शेयर करते थे। अधिकारियों को शक है कि कुछ नौजवान उनके बातों में आ गए हैं। एजेंसियों को शक है कि उनके पीछे किसी बड़े इस्लामी आतंकी संगठन का हाथ है जो पाकिस्तान या किसी अन्य देश से ऑपरेट कर रहे हैं।

फिर हिरासत में लिए गए विधायक T राजा सिंह: CM केसीआर को बुलेटप्रूफ गाड़ी लौटा कर अब बाइक से चल रहे, कहा – कुछ हुआ तो तेलंगाना सरकार जिम्मेदार

हैदराबाद के गोशमहल से भाजपा के निलंबित विधायक टी राजा सिंह ने राज्य सरकार पर अपनी सुरक्षा से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा दी गई बुलेटप्रूफ गाडी को भी वापस कर दिया है और बाइक से चलना शुरू कर दिए हैं। राजा सिंह के अनुसार उन्हें जानबूझ कर बिगड़ी और खराब गाड़ी दी गई है जो उनके लिए सुरक्षा से ज्यादा असुरक्षा की वजह बन रही है। गाड़ी को सीधे मुख्यमंत्री को वापस देने के दौरान राजा सिंह को पुलिस ने हिरासत में भी लिया था और बाद में छोड़ दिया। यह घटना शुक्रवार (10 फरवरी, 2023) की है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए गोशमहल विधानसभा से लगातार दूसरी बार से विधायक राजा सिंह ने पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले काफी समय से उनको आतंकियों और देशविरोधी ताकतों से खतरा है। इसी खतरे को देखते हुए उनको राज्य सरकार ने बुलेटप्रूफ कार उपलब्ध करवाई थी। राजा सिंह का आरोप है कि लगभग 3 साल पहले मिली ये बुलेटप्रूफ कार कम से कम 6 बार खराब हो चुकी है। उन्होंने बताया कि कभी बीच रास्ते में ये रुक गई तो कभी इसका इंजन गर्म हो गया।

राजा सिंह ने हमें आगे बताया कि उन्हें इस बात का भी शक होने लगा था कि सरकार ने उन्हें बुलेटप्रूफ गाड़ी सुरक्षा के लिए दी थी या किसी साजिश के चलते। उनका दावा है कि उन्होंने स्थानीय प्रशासन से कई बार गाड़ी को बदलने की माँग की, लेकिन उसे अनसुना कर दिया गया था। घटना के दिन का जिक्र करते हुए गोशमहल विधायक ने बताया कि अंतिम बार तो गाड़ी स्पीड में थी और उसका पहिया ही निकल कर बाहर हो गया जिस से उनका एक्सीडेंट होते-होते बचा। इस बार राजा सिंह ने अधिकारियों से नाराजगी जताई तो उन्हें किसी ने वही गाडी दिए रहने का सीधे मुख्यमंत्री KCR का दबाव बताया।

बकौल राजा सिंह उन्होंने तय किया कि अगर खराब गाड़ी सीधे CM तेलंगाना के आदेश पर मिली है तो वो उन्ही को उसे लौटाएँगे भी। 10 फरवरी को राजा सिंह वही खराब गाडी ले कर मुख्यमंत्री के आवास पर पहुँच गए। यहाँ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने राजा सिंह को रोका और इसी बात पर वहाँ बहस होने लगी। राजा सिंह वह बुलेटप्रूफ गाडी वहीं छोड़ दिए। इस दौरान पुलिस ने राजा सिंह को हिरासत में लिया और उन्हें मुख्यमंत्री आवास से ले कर विधानसभा में छोड़ कर चली गई।

राजा सिंह ने अपने फोटो और वीडियो भेज कर हमें आगे बताया कि अब वो बुलेट बाइक से चल रहे हैं। इस दौरान उनका कहना था कि अगर भविष्य में उनकी सुरक्षा के साथ कोई समस्या आती है तो उसका जिम्मेदार तेलंगाना की वर्तमान सरकार को माना जाए।

बिहार में जंगलराज-2: बिहार के मंत्री इसराइल मंसूरी पर छात्र राहुल की हत्या कराने का आरोप, भाजपा ने CM नीतीश से बर्खास्त करने की माँग की

बिहार में जंगलराज-2 शुरू हो चुका है। राज्य में मॉब लिचिंग से लेकर हत्या और लूट की घटनाएँ लगातार बढ़ रही है। इन घटनाओं के आरोपितों को बिहार सरकार में साझीदारी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं द्वारा शह देने के आरोप लग रहे हैं। छपरा के मुबारकपुर में हिंसा के बाद अब मुजफ्फरपुर के काँटी में एक घटना सामने आई है, जिसको लेकर बिहार के एक मंत्री पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने बिहार सरकार में मंत्री इसराइल मंसूरी पर बड़ा आरोप लगाया है। काँटी थर्मल प्लांट के बाहर राहुल नाम के एक छात्र की हत्या में उन्होंने मंसूरी का हाथ बताया है। जायसवाल शनिवार (11 फरवरी 2023) को राहुल के परिजनों से मिलने के लिए पहुँचे थे।

जायसवाल ने कहा कि बिहार सरकार और उनके मंत्री माफियागिरी कर रहे हैं और यह सब कुछ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शह पर हो रहा है। भाजपा नेता ने कहा कि राजद मंत्री और पुलिस की मिलीभगत से यह हत्या की गई है। बता दें कि थर्मल प्लांट से निकलने वाली छाई को लेकर राहुल नाम लड़के की हत्या कर दी गई थी।

बीते गुरुवार (9 फरवरी 2023) को थर्मल प्लांट के गेट के पास फायरिंग की, जिसमें 18 साल के राहुल कुमार की मौत हो गई थी। दरअसल, थर्मल से निकलने वाली छाई के अवैध खनन के कारण लोग वहाँ धरना दे रहे थे। इसी दौरान अपराधियों ने राहुल की गोली मारकर हत्या कर दी। अपराधी स्थानीय और मंत्री के करीबी बताए जा रहे हैं।

जायसवाल ने कहा कि पुलिस ने इस मामले को जुआ खेलने के दौरान हुए विवाद में हत्या बताई है। उन्होंने कहा कि मृतक राहुल के पिता का बयान लिए बिना पुलिस ने अपने हिसाब से एफआईआर दर्ज कर ली है। परिजनों ने इसमें मंत्री का नाम लिया था, लेकिन इसमें उनके नाम को शामिल नहीं किया गया।

इसको लेकर गाँव के व्यक्ति का बयान संजय जायसवाल ने अपनी फेसबुक पोस्ट में शेयर किया है। इसमें एक व्यक्ति कह रहा है कि गाँव में सब कुछ इसराइल मंसूरी के इशारे पर हो रहा है। वह कह रहा है कि इसराइल मंसूरी 10 दिनों से उन लोगों के टारगेट किए हुए थे। वीडियो में इस शख्स ने मंत्री पर रंगदारी का आरोप लगाया है।

संजय जायसवाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इसराइल मंसूरी को बर्खास्त करने की माँग की है। जायसवाल ने कहा, “नीतीश जी आप तो सुशासन, न्याय और विकास के प्रतीक है न? आपके लिए संविधान ही धर्म और संविधान ही कर्म है न? आप अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलेरेंस रखते हैं न? फिर काँटी हत्याकांड के आरोपित आईटी मंत्री व राजद नेता इसराइल मंसूरी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर तुरंत उचित कार्रवाई करें।”

बता दें कि कुछ दिन पहले ही छपरा के मांझी थाना के अंतर्गत मुबारकपुर गाँव में राजद से जुड़े मुखिया के पति विजय यादव ने तीन युवकों का हाथ-पैर बाँध कर इतनी बुरी तरह पीटा था कि इनमें से दो की मौत हो गई। वहीं एक अस्पताल में भर्ती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना मांझी थाना के प्रभारी देवानंद कुमार यादव के सामने हुई थी।

हालाँकि, इस मामले में देवानंद को हटा दिया गया है, लेकिन मुख्य आरोपित विजय यादव को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। विजय यादव पर पहले से ही लूट-पाट, मारपीट और हत्या के कई मामले दर्ज हैं। कहा जाता है कि उसे स्थानीय राजद विधायक का संरक्षण प्राप्त है। इस कारण पुलिस उसके खिलाफ मामले की लीपा-पोती कर रही है। इस मामले में बिहार सरकार के किसी मंत्री ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है।

बता दें कि बिहार में लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं को लेकर छपरा के भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने मामले को संसद के शून्यकाल में उठाया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले जो हाल जम्मू-कश्मीर का था, वही हाल आजकल बिहार का है। बिहार में हर जगह गुंडागर्दी और जंगलराज है। उन्होंने छपरा कांड में जाँच के लिए सेंट्रल टीम भेजने की अपील की।

 

‘RRR’ की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया को चटाई धूल: जडेजा ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ तो बने, लेकिन उँगली पर मरहम लगाने के कारण गँवानी पड़ी 25% मैच फी

‘बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी’ में टीम इंडिया ने 1-0 से बढ़त बना ली है। नागपुर में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पारी और 132 रनों से हराते हुए प्रचंड जीत हासिल की। रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की घातक गेंदबाजी के सामने पहली पारी में 177 रन बनाने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी पारी में 100 रन भी नहीं बना सकी और 91 रनों पर ऑल आउट हो गई। RRR – रविचंद्रन, रोहित और रवींद्र इस मैच के हीरो रहे। इनके अलावा अक्षर पटेल ने भी कमाल किया।

पहले टेस्ट में यदि ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में कुछ था तो वह सिर्फ टॉस ही था। टॉस जीतने के अलावा इस मैच के सभी सेशन में टीम इंडिया हावी रही, चाहे बात बल्लेबाजी की हो या फिर गेंदबाजी की। ऑस्ट्रेलियाई टीम के बल्लेबाजी आँकड़ों पर नजर डालें तो दोनों पारियों में 7 बल्लेबाज दहाई के आँकड़ें तक नहीं पहुँच सके।

ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी की बात करें तो जहाँ रवींद्र जडेजा ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके थे। वहीं, रविचंद्रन अश्विन के खाते में 3 और मोहम्मद शमी व सिराज के खाते में 1-1 विकेट गया था। इस पारी में ऑस्ट्रेलिया ने कुल 177 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलिया के इस टोटल के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने बेहतरीन हाथ दिखाए।

जहाँ एक ओर रोहित शर्मा ने बेहतरीन शतक जड़ा। वहीं, रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल ने शानदार पारियाँ खेलते हुए अर्धशतक जमाए। भारत की पहली पारी 400 रन पर ऑल आउट हो गई थी। पहली पारी के हिसाब से भारत को 223 रनों की बढ़त मिली थी।

पहली पारी में भारतीय गेंदबाजों के सामने घुटने टेकने वाले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी दूसरी पारी में भी कुछ खास नहीं कर सके। इस पारी में भी भारतीय गेंदबाजों का दबदबा कायम रहा और ऑस्ट्रेलिया की पूरी पारी महज 91 रनों पर सिमट गई। रविचंद्रन अश्विन ने इस पारी में 5 विकेट झटके। वहीं रवींद्र जडेजा और शमी ने 2 और अक्षर पटेल ने 1 विकेट हासिल किया। इस तरह से टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को पारी और 132 रनों से रौंदते हुए बड़ी जीत दर्ज की।

रवींद्र जडेजा पर लगा जुर्माना

टीम इंडिया की जीत के हीरो और ऑल राउंडर प्रदर्शन के बल पर प्लेयर ऑफ द मैच बने रवींद्र जडेजा पर ICC ने जुर्माना लगाया है। इस जुर्माने के तौर पर उनकी मैच फीस में 25% की कटौती की जाएगी। जडेजा पर यह जुर्माना आईसीसी की नियमावली के अनुच्छेद 2 के तहत लगाया है। दरअसल, मैच के दौरान रवींद्र जडेजा मोहम्मद सिराज के हाथों से पेन किलर क्रीम लेकर अपनी उंगलियों में लगाते देखे गए थे।

जडेजा जब उंगलियों में क्रीम लगा रहे थे तब उनके हाथ में गेंद भी थी। ऐसा करने के लिए जडेजा को अंपायर से अनुमति लेनी चाहिए था। लेकिन उन्होंने बिना अनुमति ही क्रीम लगाई थी। इसको लेकर ऑस्ट्रेलियाई टीम ने आईसीसी से शिकायत की थी। इस मामले की जाँच करते हुए आईसीसी ने जडेजा को लेवल 1 का दोषी पाया। इसके बाद यह कार्यवाही की गई।

रॉबर्ट वाड्रा के बेटे के नाम में नाना ‘राजीव’ भी, PM मोदी को भारतीय संस्कृति पर ज्ञान देने वाले कॉन्ग्रेसी भूले: नेहरू सरनेम पर सुरजेवाला की फजीहत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (09 फरवरी, 2023) को राज्यसभा में अपने भाषण के दौरान नेहरू-गाँधी परिवार से नेहरू सरनेम नहीं लगाने को लेकर सवाल पूछा था। जिसका जवाब कॉन्ग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने दिया है। शुक्रवार (10 फरवरी, 2023) को रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पीएम मोदी को भारत की संस्कृति की जानकारी नहीं है। उन्होंने पूछा कि भारतीय संस्कृति में नाना का सरनेम कौन लगाता है? हालाँकि इस दौरान सुरजेवाला शायद भूल गए कि रॉबर्ट और प्रियंका वाड्रा के बेटे रेहान का पूरा नाम रेहान राजीव वाड्रा है।

शुक्रवार (10 फरवरी) को रणदीप सुरजेवाला ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया था। इसी दौरान पत्रकारों ने उनसे प्रधानमंत्री द्वारा राज्य सभा में पूछे गए सवाल पर जवाब माँगा। रणदीप सुरजेवाला ने पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को भारत की संस्कृति की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की संस्कृति को न जानने वाला एक नासमझ व्यक्ति ही इतने जिम्मेदार पद पर बैठकर ऐसी बात कह सकता है, जो प्रधानमंत्री ने कही है।

सुरजेवाला ने आगे कहा कि इस देश के किसी भी व्यक्ति से पूछिए अपने नाना का सरनेम इस देश में कौन लगाता है? अब अगर उन्हें देश की संस्कृति की जानकारी नहीं है तो इस देश को भगवान ही बचा सकता है। कॉन्ग्रेस के यूट्यूब चैनल पर यह प्रेस कॉन्फ्रेंस उपलब्ध है। लगभग 27 मिनट के वीडियो में 26 वें मिनट के बाद सुरजेवाला को सुना जा सकता है।

सुरजेवाला इस दौरान रॉबर्ट और प्रियंका गाँधी के बेटे के बारे में भूल गए। क्योंकि, अगस्त 2017 की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रियंका गाँधी और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा के नाम में उनके नाना राजीव गाँधी का नाम जोड़ा गया था। अब रेहान का पूरा नाम रेहान राजीव वाड्रा है। जिसके बाद से कई मौकों पर मेन स्ट्रीम मीडिया उनका नाम रेहान राजीव वाड्रा लिख रही है। अगस्त 2017 में जब रेहान के नाम के साथ उनके नाना का नाम जोड़ा गया था तब कयास लगाए जा रहे थे कि आने वाले समय में गाँधी परिवार की राजनीतिक विरासत रेहान संभाल सकते हैं।

क्या कहा था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपना पक्ष रखते हुए देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि 600 सरकारी योजनाएँ गाँधी-नेहरू परिवार के नाम पर थीं फिर भी नेहरू जी का नाम क्यों नहीं लिया जाता? उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी कार्यक्रम में नेहरू जी का जिक्र नहीं किया जाता है तो कुछ लोगों का खून गर्म हो जाता है लेकिन मुझे समझ नहीं आता है कि उनकी पीढ़ी का कोई व्यक्ति नेहरू सरनेम क्यों नहीं लगाता?

उन्होंने पूछा था कि किस बात का डर है? इन्हें नेहरू सरनेम रखने में इतनी शर्मिंदगी क्यों है? इतने बड़े महान व्यक्तित्व आपके परिवार को मंजूर नहीं है और आप हमारा हिसाब माँगते हो?

इस्लामपुरा में मुस्लिमों ने हिन्दू युवक को पीटा, पत्थरबाजी और गोलीबारी से दहला मुरैना: हिंसा में महिलाएँ भी शामिल

मध्य प्रदेश के मुरैना (Muraina, Madhya Pradesh) में सांप्रदायिक तनाव की खबर है। यहाँ शुक्रवार (10 फरवरी 2023) को 2 पक्षों के विवाद में पथराव हुआ है और गोलियाँ चली हैं। पत्थरबाजी में महिलाएँ भी शामिल बताई जा रही हैं। इस घटना में लगभग 6 लोग घायल हुए हैं। भारी पुलिस बल घटनास्थल पर पहुँचकर हालात को काबू किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना मुरैना के उत्तमपुरा क्षेत्र की है। यहाँ इस्लामपुरा कॉलोनी के रहने वाले मुन्ना राठौर का किसी बात पर कुछ मुस्लिम युवकों से विवाद हो गया। इस दौरान एक मुस्लिम युवक जाकर अपने समुदाय के लोगों को जुटा लाया। कुछ ही देर बाद दोनों पक्षों में हंगामा शुरू हो गया। इस हंगामे में महिलाएँ भी शामिल रहीं। विवाद शाम को हुआ। इसके बाद अँधेरे में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थरबाजी की और गोलियाँ चलाईं।

घटना की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में पुलिस फ़ोर्स मौके पर पहुँची। पुलिस ने बल प्रयोग करके दोनों पक्षों को तितर-बितर किया। माहौल शांत होने के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है।

इस घटना में आधा दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मौके पर ईंट और पत्थर देखे गए हैं। पुलिस घटना का CCTV फुटेज और अन्य सबूत जमा कर रही है। इसके आधार पर आरोपितों की पहचान कर जरूरी कार्रवाई की जा रही है।

धर्म बदलने वालों को नहीं मिले सुविधाओं का लाभ: MP में बड़ी संख्या में जनजातीय समाज का प्रदर्शन, कहा – पूजा पद्धति त्यागने वाले खा रहे योजनाओं की मलाई

मध्य प्रदेश के भेल दहशहरा मैदान में जनजाति सुरक्षा मंच की तरफ से जनजाति गर्जना डी-लिस्टिंग महारैली का आयोजन किया गया। 10 फरवरी, 2023 को आयोजित महारैली में राज्य भर के 40 जिलों से आए जनजातीय समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन कर रहे लोग धर्म बदलने वाले जनजातीय समुदाय के लोगों के डी-लिस्टिंग की माँग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अपनी संस्कृति और पूजा-पद्धति का त्याग करने के बाद भी लोग जनजातीय समुदाय को मिलने वाले सरकारी योजनताओं व मिल रहे अन्य लाभ उठा रहे हैं। ऐसे में धर्म परिवर्तन करने वालों की डी-लिस्टिंग आवश्यक है।

प्रदर्शन कर रहे लोगों की माँग है कि जिस तरह अनुच्छेद 341 (Article 341) में अनुसूचित जाति की डी-लिस्टिंग लागू की गई है, उसी तरह अनुच्छेद 342 में संशोधन कर डी-लिस्टिंग लागू की जाए। अनुच्छेद 341 में किए गए संशोधन के अनुसार यदि कोई अनुसूचित जाति का सदस्य ईसाई या मुस्लिम धर्म अपनाता है तो उसे अनुसूचित जाति को मिलने वाली सुविधाएँ मिलनी बंद हो जाती हैं। जनजातीय संगठन अनुच्छेद 342 में यही संशोधन चाहते हैं ताकि यदि जनजातीय समुदाय से जुड़ा व्यक्ति यदि धर्मांतरण करे तो उसे समुदाय को मिलने वाले सरकारी लाभ न मिल सकें।

भोपाल में जनजाति गर्जना डी-लिस्टिंग महारैली

‘जनजाति सुरक्षा मंच’ से जुड़े कालू सिंह मुजाल्दा ने पत्रकारों से कहा है कि माँग पूरी होने तक अभियान जारी रहेगा। उनका कहना है कि जनजाति संस्कृति की त्याग कर अपनी पूजा पद्धति बदलने वाला जनजातीय समुदाय को मिलने वाले लाभ का फायदा नहीं उठा सकता। उन्होंने कहा कि नौकरियों, छात्रवृत्तियों और शासकीय अनुदान के मामलों में संविधान की भावनाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। मंच से जुड़े एक अन्य नेता कैलाश निनामा ने कहा है कि अनुच्छेद 342 में संशोधन के लिए संसद अब तक कानून नहीं बना पाई है। उन्होंने कहा कि इसका मसौदा 1970 के दशक से ही संसद में विचाराधीन है।

कैलाश निनामा ने कहा कि धर्मांतरण के बाद जनजाति समुदाय का सदस्य क्रिश्चियन कहलाता है। इसके बाद कानूनन वह अल्पसंख्यक की श्रेणी में आ जाता है। संविधान के अनुच्छेद 341 और 342 में धर्म परिवर्तन के बाद के लिए स्पष्ट प्रावधान न होने के कारण धर्मांतरित लोग दोहरी सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। निनामा ने यह भी कहा कि डी-लिस्टिंग केवल योजनाओं व रिजर्वेशन के लाभ से जुड़ा विषय नहीं है बल्कि यह जनजातीय समाज के स्वाभिमान, संस्‍कृति के संरक्षण और अस्तित्‍व से जुड़ा विषय है।

घोटाले की साजिश रचने वाला, जो CM केजरीवाल से भी मिला था… दिल्ली शराब घोटाले में ED ने अब सांसद के बेटे को दबोचा, मनी लॉन्ड्रिंग का मामला

दिल्ली के शराब घोटाला मामले में सीबीआई और ईडी का शिकंजा कसता जा रहा है। इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वाईएसआर कॉन्ग्रेस के सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी के बेटे मगुंटा राघव रेड्डी (Magunta Raghava Reddy) को गिरफ्तार किया। राघव रेड्डी पर कथित शराब घोटाला मामले में मनी लांड्रिंग का आरोप है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईडी बीते कुछ दिनों से राघवरेड्डी से पूछताछ कर रही थी। हालाँकि वह जाँच में सहयोग नहीं कर रहे थे। इसलिए उनकी गिरफ्तारी की गई है। ईडी शनिवार (11 फरवरी, 2023) दोपहर राघव रेड्डी को कोर्ट में पेश कर सकती है। ईडी इस मामले में, अब तक कुल 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं इस सप्ताह यह तीसरी गिरफ्तारी है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दावा किया है कि दिल्ली आबकारी नीति और शराब घोटाला मामले में राघव रेड्डी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी। साथ ही संदेह है कि कथित घोटाले की योजना तैयार करने में भी राघव रेड्डी की बड़ी भूमिका रही है। साथ ही आरोप है कि उसने इस मामले में मनी लांड्रिंग समेत अन्य तरीकों से लाभ प्राप्त किया।

गौरतलब है कि ईडी ने इस मामले की जाँच करते हुए बीते सप्ताह पंजाब में दबिश दी थी। इस दौरान ईडी ने पूर्व विधायक दीप मल्होत्रा के बेटे गौतम मल्होत्रा को गिरफ्तार किया था। साथ ही ईडी ने रथ प्रोडक्शंस मीडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक राजेश जोशी को भी गिरफ्तार किया था। कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र के मुताबिक, शराब खुदरा विक्रेताओं, थोक विक्रेताओं और निर्माताओं का ‘साउथ ग्रुप’ है। इस ग्रुप का एक कार्टेल आबकारी नीति के हिस्से के रूप है।

वहीं सीबीआई ने तेलंगाना के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट और केसीआर की बेटी कविता के पूर्व ऑडिटर बुचिबाबू गोरंटला को गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने कहा था कि गोरंटला जाँच में सहयोग न करते हुए जवाब देने में टालमटोल कर रहा था। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी की गई थी।