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ब्लू फिल्म दिखाता है, उलटे-सीधे पोजीशन बनवाता है… मना करने पर बुरी तरह पीटता है: बीवी ने पुलिस से लगाई गुहार, फैजल गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक महिला ने अपने शौहर के खिलाफ अप्राकृतिक सेक्स करने की शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़िता का कहना है कि उसका शौहर ब्लू फिल्म दिखा कर उसके साथ कुकर्म करता है। आरोपित का नाम फैज़ल खान है। उस पर अपनी बीवी को दहेज़ के लिए प्रताड़ित करने के साथ पड़ोसन को भगाकर ले जाने का भी आरोप है। पुलिस ने केस दर्ज कर 27 जनवरी 2023 को फैज़ल को गिरफ्तार कर लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला आज़ाद नगर थानाक्षेत्र का है। यहाँ की रहने वाली एक महिला ने अपने शौहर के खिलाफ कुकर्म का आरोप लगाया है। महिला का मायका उज्जैन जिले में है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया है कि उसका शौहर फैज़ल ब्लू फिल्म देख कर उसके साथ अप्राकृतिक सेक्स करता है। इस दौरान वह उल्टी-सीधी पोजीशन बनाने का भी दबाव डालता है। पीड़िता का कहना है कि उसने अपने शौहर को बहुत समझाया, लेकिन उसकी एक भी बात नहीं मानी गई।

शिकायत में महिला द्वारा आगे बताया गया है कि कुकर्म में सहयोग करने से मना करने पर आरोपित उसकी बुरी तरह से पिटाई करता है। इसी के साथ पीड़िता ने फैज़ल पर दहेज़ माँग कर भी प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि आए दिन की प्रताड़ना से वह अपने मायके चली गई तब उसका शौहर घर में दूसरी औरत ले आया। यह दूसरी औरत मूल रूप से मध्य प्रदेश के ही धार जिले की बताई जा रही है। इस मामले में फैज़ल पर IPC 365 के तहत धार जिले में केस भी चल रहा है। बताया गया है कि इस लड़की की शादी कुछ ही समय बाद होने वाली थी।

फैज़ल की बीवी का आरोप है कि दूसरी महिला भी आए दिन फैज़ल की प्रताड़ना सह रही है, लेकिन गरीब होने के नाते कुछ बोल नहीं पाती है। बताया जा रहा है कि फैज़ल द्वारा धार से लाई गई दूसरी लड़की के पिता बीमार रहते हैं। वहीं पुलिस ने अपनी जाँच में पाया है कि फैज़ल पर पिछले साल जानलेवा हमले का भी केस IPC 307 के तहत दर्ज हो चुका है। फ़िलहाल पुलिस ने IPC 377, दहेज़ अधिनियम व अन्य धाराओं के तहत फैज़ल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

‘हिंदू राष्ट्र की शपथ- अपराध कैसे’: सुदर्शन टीवी वाले सुरेश चव्हाणके के खिलाफ SC में एक और शिकायत, शो में पूछा था सवाल

सुदर्शन न्यूज के एमडी व एडिटर-इन-चीफ सुरेश चव्हाणके अपने हिंदुत्व समर्थित रुख की वजह चर्चा में रहते हैं। इसी कारण से वह इस्लामिक कट्टरपंथियों के निशाने पर भी रहते हैं। उन्होंने सोमवार (30 जनवरी 2023) को बताया कि उनके विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में एक और आवेदन लग गया है।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, ”मेरे विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में एक और आवेदन लग गया है। वह भी TV शो में ‘हिंदूराष्ट्र की शपथ’ अपराध कैसे यह पूछने पर।” अपने ट्वीट के साथ उन्होंने ‘JudicialLynching’ का हैशटैग भी लगाया।

वहीं इससे पहले दिल्ली पुलिस ने सोमवार (30 जनवरी 2023) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को सूचित किया कि दिसंबर 2021 में दिल्ली में सुदर्शन न्यूज़ टीवी के संपादक सुरेश चव्हाणके के नेतृत्व में आयोजित हिंदू युवा वाहिनी कार्यक्रम को लेकर हेट स्पीच केस में अंतिम रिपोर्ट लगभग तैयार है।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने पीठ को बताया, ”जाँच लगभग तक पूरी हो चुकी है। अंतिम रिपोर्ट करीब-करीब तैयार है। इसे फिर से जाँच के लिए भेजा गया है और हम कम समय में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करेंगे।

इस मामले को लेकर भी सुरेश सुरेश चव्हाणके ने ट्वीट किया था। उन्होंने कहा था, ”100 करोड़ हिन्दुओं के लिए न्याय की उम्मीद।”

उल्लेखनीय है कि इस मामले में सुरेश चव्हाणके पर ये आरोप लगा था कि उन्होंने गोविंदपुरी मेट्रो स्टेशन पर हिंदू युवा वाहिनी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने की बात कही। साथ ही लोगों को एक समूह को इसके लिए मरने और मारने की शपथ भी दिलाई। इस बाबत एक याचिका भी दाखिल की गई थी।

याचिका में चव्हाणके के खिलाफ भाषण देने और साम्प्रदायिक, विभाजनकारी, आग लगाने वाले और घृणास्पद भाषण देने वाले बयान देने के लिए प्राथमिकी दर्ज करने की माँग की गई थी। इसमें यह कहा गया था कि इस तरह के भाषणों से कुछ समुदायों में तनाव की स्थिति उत्पन्न होगी, जिससे हिंसा भड़केगी। याचिका में इस ओर अदालत का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई थी कि चव्हाणके का बयान भारत को एक हिंदू राष्ट्र (हिंदू राष्ट्र) बनाने के लिए अल्पसंख्यकों के खिलाफ बल प्रयोग से हिंसा का खतरा पैदा हो गया है।

याचिका में दावा किया गया था कि 19 दिसंबर की घटना के बाद चव्हाणके ने ‘एक ही सपना हिंदू राष्ट्र’ ट्वीट किया था, जो देश के संविधान के मूल मूल्यों, धर्मनिरपेक्षता, समानता और बंधुत्व पर सीधा हमला है और धर्म के नाम पर दुश्मनी पैदा करने के इरादे से किए गए हैं। 

इजरायल ने अडानी को सौंपा अपना बंदरगाह, पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से मिले गौतम अडानी: FPO भी सारा का सारा हुआ सब्स्क्राइब

अडानी समूह ने इजराइल के हाइफा बंदरगाह (Israel’s Haifa port) का अधिग्रहण कर लिया है। इस मौके पर अधिग्रहण समारोह का भी आयोजन किया। इस समारोह में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अडानी समूह के प्रमुख गौतम अडानी भी शिरकत करने पहुँचे। गौतम अडानी ने पीएम नेतन्याहू के साथ अपनी तस्वीर ट्वीटर पर साझा की और हाइफा बंदरगाह के अधिग्रहण पर खुशी जताई।

हिंडनबर्ग रिपोर्ट के आने के बाद से अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों में गिरावट की खबरों के बीच गौतम अडानी ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। पीएम नेतन्याहू ने मुलाकात के दौरान पोर्ट ऑफ हाइफा अडानी पोर्ट को हैंडओवर कर दिया। गौतम अडानी ने बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मुलाकात की एक तस्वीर ट्विटर पर शेयर की है। गौतम ने ट्विटर पर लिखा, “हाइफा पोर्ट अब अडानी ग्रुप को सौंप दिया गया है।”

उन्होंने लिखा, “इस गौरवशाली दिन पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। भूमध्य सागर क्षेत्र (Mediterranean region) में लॉजिस्टिक की सुविधा के लिए ‘अब्राहम अकॉर्ड’ गेम चेंजर साबित होगा। अडानी गैडोट सबकी प्रशंसा का पात्र बनने के लिए हाइफा पोर्ट की सूरत बदलने को तैयार है।”

अब्राहम अकॉर्ड भूमध्य सागर क्षेत्र के तीन देशों इजराइल, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन के बीच संबंधों को सामान्य बनाने का एक संयुक्त दस्तावेज है। अमेरिकी की मदद से इसे तैयार किया गया है।

आपको बता दें कि पोर्ट ऑफ हाइफा को डेवलप करने के लिए अडानी पोर्ट ने इजराइल के गैडोट ग्रुप के साथ समझौता किया है। हाइफा पोर्ट कंपनी लिमिटेड के सभी शेयरों के लिए 1.8 अरब डॉलर की बोली लगाई गई थी। समझौते के अनुसार अडानी पोर्ट की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत और गैडोट ग्रुप की 30 प्रतिशत है। इसी के साथ भारतीय कंपनी अब यूरोपीय पोर्ट सेक्टर में अपने पाँव फैलाने लगी है।

दूसरी तरफ अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Adani Enterprises Limited) की ओर से शुक्रवार (27 जनवरी 2023) को फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) जारी किया गया था। FPO के आखिरी दिन मंगलवार (31 जनवरी, 2023) को इसे पूरी तरह से सब्सक्राइब कर लिया गया है। शेयर बाजार के आँकड़ों के मुताबिक, 20 हजार करोड़ रुपए के FPO को आखिरी दिन गैर-खुदरा निवेशकों से भारी समर्थन मिला। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बावजूद अडानी पर निवेशकों ने भरोसा दिखाया उनपर नकारात्मक प्रचार का कोई असर नहीं दिखा।

रूस बनाने जा रहा है घातक हथियार, इसी साल शुरू होगा AK-12 असॉल्ट राइफल का उत्पादन: एक मिनट में दागेगा 1000 गोलियाँ, जानें खासियत

एके सीरीज के हथियार अब और भी घातक होने जा रहे हैं। एके सीरीज के हथियार बनाने वाली रूसी कंपनी ने सीरीज के हथियारों को अपग्रेड करने का फैसला लिया है। इसके लिए कंपनी सेना की भी मदद ले रही है और दिए गए फीडबैक के आधार पर हथियारों को और भी ज्यादा यूजर फ्रेंडली और घातक बनाया जा रहा है। रूस में इस साल से कलाशनिकोव एके-12 (Kalashnikov AK-12) असॉल्ट राइफल के नए मॉडल का उत्पादन शुरू भी हो जाएगा। यह राइफल पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा खतरनाक और आसानी से इस्तेमाल करने वाली होगी।

‘रूस टुडे’ की रिपोर्ट के अनुसार, रोस्टेक डिफेंस कंसोर्टियम ने युद्ध में तैनात सैनिकों से फीडबैक लेकर अपने हथियारों को अपग्रेड किया है। एके सीरीज की हथियारों का नया बैच अब पूरी तरह से नई तकनीक से लैस होगा। रिपोर्टों के मुताबिक रोस्टेक के प्रमुख सर्गेई चेमेजोव ने नए एके 12 असॉल्ट राइफल का अनावरण किया। AK-12 इस्तेमाल में पहले से और भी आसान होगा। इसमें फायरिंग मोड्स के लिए दो-तरफा नियंत्रण होगा। साथ ही एडजस्टेबल चीक रेस्ट इसका इस्तेमाल सुविधाजनक बनाएगा।

नए एके- 12 असॉल्ट राइफल की विशेषताएँ

  • AK-12 में 5.45 मिमी कैलिबर की गोली लगती है। इस बंदूक पर दूरबीन और टारगेट लेजर लगाने के लिए पिकाटिनी रेल ( Picatinny rail) भी लगाई गई है। इससे निशाना लगाना और भी आसान होगा।
  • मिलिट्री वेबसाइट SOFREP के अनुसार इस बंदूक का वजन लगभग 3.3 किग्रा है।
  • एके-12 राइफल 0.945 एमएम लंबी है। इसके बैरल की लंबाई 415 एमएम है।
  • एके 12 राइफल से एक मिनट में 1000 गोली फायर की जा सकती है।
  • एके 12 राइफल की मैग्जीन में 30 गोलियाँ लगती हैं।
  • राइफल की मारक क्षमता 625 मीटर बताई जा रही है।
  • AK-12 असॉल्ट राइफल का मजल डिजाइन कम आवाज वाले फ्लेमलेस फायरिंग उपकरण स्थापित करने की अनुमति देता है।

मिलिट्री टुडे के एक लेख के अनुसार, इसे AK-74M असॉल्ट राइफल की जगह लेने के लिए डिजाइन किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक एके 74 एम अच्छा संतुलन प्रदान नहीं कर पा रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक दुनिया में 75 लाख से ज्यादा एके हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है। इसे सिर्फ फौज के जवान ही नहीं बल्कि आतंकी भी इस्तेमाल करते हैं।

रवीश कुमार और श्रीनिवासन जैन के बाद अब निधि राजदान का NDTV से इस्तीफा: हार्वर्ड में प्रोफेसरी’ पर हुई थी फजीहत, अब कहा – 22 साल का सफल ख़त्म

NDTV के तथाकथित धुरंधर एंकर-पत्रकार एक-एक कर के इस चैनल को छोड़ते जा रहे हैं। इस कड़ी में अब नया नाम प्रोपेगेंडा फैलानी वाली पत्रकार निधि राजदान का भी जुड़ गया है। ये वही निधि राजदान हैं जिन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University ) में पत्रकारिता पढ़ाने के लिए ऑफर मिलने की बात कही थी, जो बाद में फर्जी निकला था। हार्वर्ड में पढ़ाने के लिए वह इतनी व्याकुल थीं कि उन्होंने उस वक्त NDTV में अपने 21 साल के करियर को अलविदा कह दिया था।

अब एक नए ट्वीट में उन्होंने फिर से NDTV छोड़ने की बात कही है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “22 से अधिक वर्षों के बाद, यह एनडीटीवी से आगे बढ़ने का समय है। यह एक अद्भुत, रोलर कोस्टर की सवारी रही है, लेकिन आपको यह पता होना चाहिए कि इससे कब उतरना है। अगले कुछ हफ़्ते मेरे लिए NDTV में मेरे लिए आखिरी हैं। इन सभी वर्षों के प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद।”

उल्लेखनीय है कि 15 जनवरी, 2021 उन्होंने ट्वीट कर अपने साथ हुए कथित ‘गंभीर ऑनलाइन फर्जीवाड़े’ का खुलासा किया था तब प्रोपेगेंडा फ़ैलाने की उनकी आदत की वजह से सोशल मीडिया में कई लोगों ने उनकी मंशा पर शक जाहिर किया था। उन्होंने ट्वीट कर बताया था कि हार्वर्ड से पत्रकारिता पढ़ाने के लिए उन्हें मिला ऑफर फेक था।

राजदान के अनुसार, उन्हें पता चला था कि उन्हें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता पढ़ाने का जो ऑफर दिया गया था, वह फर्जी है। निधि ने फरवरी 2018 में भी ऑनलाइन फर्जीवाड़े को लेकर एक ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने बताया कि उनका इनकम टैक्स डिटेल हैक कर लिया गया और उनके सारे डिटेल्स को भारत सरकार के पोर्टल पर बदल दिया गया। उनका कहना था कि उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भी इसका कोई अलर्ट का मैसेज नहीं आया। उस समय उन्होंने सरकार से सवाल किया था, “हमें कैसे विश्वास करना चाहिए कि हमारा डाटा सुरक्षित है?”

राजदान ने पाकिस्तान समर्थित कार्यक्रम में सम्मिलित होकर भारत के ख़िलाफ़ ज़हर उगला था। वह लंदन में ‘The Cost to Britain of the Kashmir Crisis: Is There a Solution?’ नामक एक कार्यक्रम में शामिल हुई थीं । जिओ टीवी से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि इस कार्यक्रम का लक्ष्य जम्मू-कश्मीर विवाद के समाधान में ब्रिटेन की भूमिका को तलाशना है। उन्होंने कहा था कि इस कार्यक्रम में इस पर चर्चा की जाएगी कि दो परमाणु शक्ति संपन्न देशों का विवाद सुलझाने ब्रिटेन क्या किरदार अदा कर सकता है?

वहीं इससे पहले आत्मविमुग्ध पत्रकार और लोगों को टीवी न देखने और अपना यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करने के लिए कहने वाले रवीश कुमार ने भी NDTV से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने के बाद वह खुद को बेचारा साबित करते नज़र आए थे। कुछ दिन पहले श्रीनिवास जैन ने भी चैनल से इस्तीफा दे दिया था। उल्लेखनीय है कि NDTV पर अपने एक शो के दौरान, श्रीनिवासन जैन ने अपने मोदी विरोधी नैरेटिव को फैलाने के लिए एक आतंकवादी हमले को कम दिखाने कोशिश की थी।

केरल में मुस्तफा ने जलाई बाइबिल, फिर वायरल किया वीडियो: स्वीडन में कुरान जलाए जाने के विरोध में घटना, क्रिसमस पर भी कर चुका है तोड़फोड़

स्वीडन में कुरान जलाए जाने के विरोध में केरल में मुस्तफा नाम के व्यक्ति ने ईसाइयों की पवित्र पुस्तक बाइबिल को जला डाला। राज्य की पुलिस ने कहा है कि जानबूझ कर सोशल मीडिया के माध्यम से माहौल बिगाड़ने की साजिश की जा रही है। केरल में मुस्लिमों और ईसाइयों, दोनों की अच्छी-खासी जनसंख्या है। उसने इस वीडियो को भी वायरल कर दिया। पुलिस का कहना है कि समाज की आस्था को नुकसान पहुँचाने के लिए ऐसा किया गया।

केरल की पुलिस ने इसे एक साजिश करार दिया है। पुलिस ने अपनी FIR में लिखा है कि केरल में दोनों समाज मिलजुल कर रहते हैं, जिन्हें इन करतूतों के जरिए भड़काने की कोशिश की जा रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि मुस्तफा पहले बाइबिल को मेज पर रखता है, जिसके बाद वो लाइटर जला कर से जलाने की कोशिश करता है। जब इसमें वो असफल रहा तो उसने गैस स्टोव को जला कर उसके ऊपर बाइबिल को रख दिया।

साथ ही वीडियो में वो पुस्तक के ऊपर तेल डालता हुआ भी दिख रहा है, ताकि ये अच्छे से जल जाए। मुस्तफा पर पहले भी भड़काऊ करतूतों के आरोप लग चुके हैं। पिछले साल क्रिसमस के मौके पर उसने एक सरकारी अस्पताल में तोड़फोड़ मचाई थी। इस मामले में कासरगोड जिले के मुन्नाद स्थित बेडकम थाना क्षेत्र की पुलिस कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि उसने जानबूझ कर ऐसा किया है। वीडियो को वायरल भी उसने ही करवाया।

बता दें कि स्वीडन में कुछ नेताओं द्वारा कुरान जलाए जाने की घटनाएँ सामने आई हैं, जिसके बाद दुनिया भर के मुस्लिम स्वीडन के वृद्ध प्रदर्शन कर रहे हैं। स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में तुर्की के दूतावास के बाहर रासमस पालूदान के नेतृत्व में इस घटना को अंजाम दिया गया था। लोगों ने कुरान के पन्ने भी फाड़े थे। लंदन में भी स्वीडन के दूतावास के बाहर इस घटना के विरोध में प्रदर्शन हुआ। ईरान सहित कई इस्लामी मुल्कों में हजारों मुस्लिम सड़क पर उतरे।

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बावजूद अडानी पर निवेशकों का भरोसा कायम, पूरी तरह सब्स्क्राइब हुआ कंपनी का FPO: नकारात्मक प्रचार का नहीं पड़ा असर

हिंडनबर्ग रिपोर्ट की वजह से अडानी समूह के शेयर में भारी गिरावट आई थी। इस बीच अडानी समूह के लिए अच्छी खबर है। अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Adani Enterprises Limited) की ओर से शुक्रवार (27 जनवरी 2023) को फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) जारी किया गया था। FPO के आखिरी दिन मंगलवार (31 जनवरी, 2023) को इसे पूरी तरह से सब्सक्राइब्ड कर लिया गया है। शेयर बाजार के आँकड़ों के मुताबिक, 20 हजार करोड़ रुपए के FPO को आखिरी दिन गैर-खुदरा निवेशकों से भारी समर्थन मिला।

अब हिंडनबर्ग रिपोर्ट के टाइमिंग पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। अडानी एंटरप्राइजेज 27 जनवरी, 2023 को अपना 20 हजार करोड़ रुपए का FPO लाने वाला था। इससे कुछ दिन पहले 24 जनवरी 2023 को हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट प्रकाशित की थी। ऐसे में सवाल उठाए जा रहे हैं कि अडानी के FPO को नुकसान पहुँचाने के लिए रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी। हालाँकि, हालिया नतीजे बताते हैं कि हिडनबर्ग की रिपोर्ट का अडानी के FPO पर कोई असर नहीं पड़ा।

वहीं रिपोर्ट के मुताबिक, इस इश्यू के तहत 4.55 करोड़ शेयरों के मुकाबले 4.62 करोड़ शेयरों की माँग रही। अडानी एंटरप्राइजेज को एंकर निवेशकों से भी अच्छा साथ मिला। अडानी एंटरप्राइजेज ने एंकर इन्वेस्टर्स से पहले ही 5985 करोड़ रुपए जुटा लिए थे। उल्लेखनीय है कि अडानी समूह के लिए हिंडनबर्ग की नकारात्मक रिपोर्ट के बाद समूह के शेयरों में भारी गिरावट आई है। हालाँकि FPO को मिली जबर्दस्त प्रतिक्रिया अडानी समूह के लिए राहत की बात है।

वहीं अडानी एंटरप्राइजेज को अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) का भी साथ मिला है। कंपनी ने 30 जनवरी को कहा था कि वह अपनी सहायक कंपनी ग्रीन ट्रांसमिशन इन्वेस्टमेंट होल्डिंग आरएससी लिमिटेड के माध्यम से अडानी एंटरप्राइजेज के 20,000 करोड़ रुपए के फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) में 400 मिलियन डॉलर का निवेश करेगी।

उल्लेखनीय है कि हिंडेनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में अडानी समूह पर कई आरोप लगाए थे। इनमें मनी लॉन्ड्रिंग, अनऑथोराइज्ड ट्रेडिंग, वित्तीय गड़बड़ी, भारी-भरकम लोन सहित कई गंभीर आरोप हैं, जो किसी कंपनी के लिए घातक हो सकता है। इस तरह की रिपोर्ट बाजार में आते ही निवेशकों के बीच आफरा-तफरी मच जाती है और कंपनी के स्टॉक धाराशायी होने लगते हैं।

वहीं अडानी समूह ने अमेरिकी रिसर्च कंपनी हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब दिया था। कंपनी ने 413 पन्नों के जवाब में हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों को झूठ करार दिया था। कंपनी ने कहा था कि ये आरोप भारत और यहाँ की कंपनियों तथा देश के विकास पर सुनियोजित हमला है।

अडानी समूह ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर जवाब देते हुए कहा था कि हिंडनबर्ग ने 88 सवालों के जवाब माँगे हैं। इनमें से 65 सवालों के जवाब अडानी पोर्टफोलियो कंपनियों की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। वेबसाइट में कंपनियों की वार्षिक रिपोर्ट में सभी के बारे में बताया गया है। समय-समय पर मेमोरेंडम, वित्तीय विवरण और स्टॉक एक्सचेंज के बारे में भी वेबसाइट पर जिक्र है।

हिन्दू लड़की का अपहरण कर जबरन धर्मांतरण और निकाह, बहनों को किडनैप करने की धमकी: अजमेर के चाचा शब्बीर के घर पर चला योगी की पुलिस का बुलडोजर

उत्तर प्रदेश के बाँदा जिले में नाबालिग हिंदू युवती का धर्मांतरण कराकर जबरन निकाह कराने के मामले में एक आरोपित के घर पर बुलडोजर चलाया गया। आरोपित की पहचान शब्बीर के तौर पर हुई है, जो मुख्य आरोपित अजमेर उर्फ गोलू का चाचा है। आरोप है कि अजमेर ने नाबालिग हिंदू युवती का अपहरण किया और शब्बीर ने उन्हें अपने घर में छिपाया। मामले में अजमेर पहले ही गिरफ्तार हो चुका है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तकरीबन एक हफ्ते पहले बाँदा के मरका थाना इलाके के औगासी गाँव के रहने वाले अजमेर ने एक अन्य गाँव की नाबालिग का अपहरण कर लिया। उसने युवती को जबरन इस्लाम कबूल करा कर उससे निकाह कर लिया। पीड़िता के पिता ने पाक्सो, अगवा करने और धर्मांतरण कर निकाह करने का दबाव बनाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। शिकायत के मुताबिक, नाबालिग युवती का अपहरण कर उसे मुंबई ले जाया जा रहा था। इस दौरान अजमेर ने युवती के फोन से उसके बहनों को भी अगवा करने की धमकी दी थी।

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने नाबालिग युवती और आरोपित अजमेर की तलाश शुरू कर दी। अजमेर के चाचा शब्बीर को भी मामले में आरोपित बनाया गया है। पुलिस ने अजमेर को गिरफ्तार कर नाबालिग युवती को बरामद कर लिया है। शब्बीर की तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक जाँच में पाया गया है कि शब्बीर ने न सिर्फ आरोपित को पनाह दी, बल्कि पीड़िता पर इस्लाम अपनाने का दबाव भी बनाया। सोमवार (30 जनवरी, 2023) को शब्बीर के घर पहुँची पुलिस ने तीस मिनट में अवैध चबूतरे और बाकी के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवा दिया।

उधर बाँदा जिले के नरैनी में बाइक से पिता के साथ जा रही किशोरी के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। पेट्रोल पंप हुए छेड़खानी का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। जिसके बाद पुलिस ने 27 जनवरी, 2023 को मामला दर्ज कर लिया था। शनिवार (28 जनवरी, 2023) को आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था और रविवार (29 जनवरी, 2023) को आरोपित के अवैध निर्माण को पुलिस की टीम ने बुलडोजर से ढहा दिया था।

भारत जोड़ो यात्रा के आम आदमी भी थे ‘फिक्स’: सड़क किनारे की हो चाय दुकान या फिर किसी के घर जलपान, यूँ ही नहीं चले जाते थे राहुल गाँधी

सितंबर 2022 में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कन्याकुमारी से शुरू हुई। 30 जनवरी, 2023 को कश्मीर में समाप्त हो गई। करीब 150 दिन यात्रा चली। 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों से गुजरी। करीब 4080 किलोमीटर की दूरी तय की गई। लेकिन, इस यात्रा में काफी कुछ ‘फिक्स’ था, जिसकी चर्चा न तो कभी कॉन्ग्रेस ने की और न ही राहुल गाँधी ने।

कॉन्ग्रेस के लिए यह नई बात नहीं। आंदोलनजीवियों के सहारे निकाली गई ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को लेकर भी कॉन्ग्रेस बार-बार दावा करती रही कि इसका चुनावी राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन, यह 2024 के आम चुनावों से पहले राहुल गाँधी के रीलॉन्चिंग प्रयास का ही हिस्सा था। कोशिश थी कि आम जनता की नजर में बनी उनकी ‘पप्पू’ छवि तोड़ दी जाए। यह दूसरी बात है कि चेहरों और बयानों को लेकर विवादित रही यह यात्रा कॉन्ग्रेस के लिए राजनीतिक संभावनाओं के द्वार खोलने में सफल नहीं हुई। यह तब भी देखने को मिला जब यात्रा के समापन में 8 विपक्षी दलों ने ही शिरकत की, जबकि न्योता 23 को भेजा गया था।

वैसे पूरी यात्रा के दौरान कॉन्ग्रेस ने राहुल गाँधी को ‘आम आदमी’ के करीब दिखाने का भरपूर प्रयास किया। लेकिन, ‘दैनिक भास्कर’ की एक रिपोर्ट से यह तथ्य सामने आया है कि ये ‘आम आदमी’ भी प्लान का ही हिस्सा थे। ऐसा नहीं था कि राहुल गाँधी चलते-चलते ही सड़क किनारे किसी की चाय दुकान में घुस जाते थे या फिर किसी के भी घर जलपान कर लेते थे। उनकी ये मुलाकातें भी तय थीं। उनके पहुँचने से पहले ही इन जगहों पर तमाम व्यवस्थाएँ हो जाती थी। इन मुलाकातों को आम दिखाने के लिए फोटोग्राफर्स और वीडियो बनाने वाली टीम अहम रोल निभा रही थी। यात्रा के लिए इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों तक की मदद ली गई थी।

दैनिक भास्कर का दावा है कि यात्रा के इस पहलू को सामने लाने के लिए उसने यात्रा के दौरान राहुल गाँधी के साथ तस्वीरों और वीडियोज में नजर आए 7 राज्यों के 16 लोगों से मुलाकात की। इनलोगों से बात की। फिर कॉन्ग्रेस के उन नेताओं से भी बात की गई जो अपने-अपने राज्य में यात्रा संचालन की जिम्मेदारी सँभाल रहे थे।

केरल में यात्रा की शुरुआत और मैनेजमेंट

7 सितंबर, 2022 को केरल के कन्याकुमारी से यात्रा की शुरुआत हुई। 11 सितंबर को राहुल गाँधी तमिलनाडु के पास नेमम पहुँचे जो त्रिवेंद्रम से 40 किलोमीटर की दूरी पर है। यहाँ राहुल गाँधी स्टेनली थाट्टूकड़ा की चाय की दुकान में पहुँचे थे। स्टेनली ने जानकारी दी कि राहुल गाँधी के आने से 15 मिनट पहले उन्हें जानकारी दे दी गई थी। इसके बाद उनके दुकान की सुरक्षा जाँच की गई। 15 मिनट क बाद राहुल गाँधी पहुँचे और दुकान पर 30 मिनट तक ठहरे थे। स्टेनली की दुकान के पास ही हार्डवेयर की दुकान चलाने वाले बर्नाड ने जानकारी दी कि वह राहुल से मिलना चाहते थे लेकिन सिक्योरिटी वालों ने उन्हें राहुल से मिलने नहीं दिया।

इसी तरह राहुल गाँधी पल्लिचल में कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता रतिश के घर ठहरे हुए थे। यहाँ भी राहुल गाँधी के पहुँचने से पहले सुरक्षाकर्मी पहुँचे हुए थे। उन्होंने पूरे घर को स्कैन किया जिसके बाद राहुल गाँधी रतिश के घर पहुँचे। रतिश की पत्नी चित्रा ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने अपने सामने ही चाय बनाने के लिए कहा था। चायपत्ती और चीनी भी चेक की थी। चाय पीने के बाद राहुल गाँधी चले गए लेकिन रतिश कहते हैं कि हो सकता है सब पहले से तय रहा हो।

यात्रा 11 सिंतबर, 2022 को त्रिवेंद्रम पहुँची। भास्कर के रिपोर्टर ने कॉन्ग्रेस के जिला प्रमुख पलोडे रवि से यात्रा को लेकर जानकारी प्राप्त की। पलोडे रवि ने जानकारी दी कि यात्रा की तैयारियँ महीने भर पहले से हो रही थी। यात्रा को लेकर कई कमेटियाँ और दफ्तर खोले गए। पानी की तरह पैसा बहाया गया। पलोडे ने बताया कि तिर्ची मंदिर जाने से लेकर जिले भर में आयोजित राहुल गाँधी के सभी कार्यक्रम पहले से सुनियोजित थे। जान-पहचान के लोगों को राहुल के करीब जाने दिया गया। राहुल को कहाँ रुकना है और कौन उनसे मिलेगा यह स्थानीय कॉन्ग्रेस के नेता तय करते थे। ये लिस्ट राहुल की कोर टीम के पास जाती थी और आखिरी फैसला वहाँ लिया जाता था।

कर्नाटक में भी पहले से तय नज़र आए कार्यक्रम, रेस्टॉरेंट कर्मचारियों के फोन किए गए जब्त

अक्टूबर के महीने में यात्रा कर्नाटक में प्रवेश करती है। यहाँ भी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के ज्यादातर इवेंट्स सुनियोजित नजर आए। मैसूर के प्लेटिनम रेस्टोरेंट के मालिक वरुण वेणुगोपाल बताते हैं कि राहुल गाँधी के पहुँचने से 30 मिनट पहले उन्हें राहुल के आने की जानकारी दे दी गई। रेस्टॉरेंट कर्मियों को फोन का इस्तेमाल नहीं करने दिया गया। सिर्फ यात्रा से जुड़े कैमरामैन ही फोटो ले रहे थे। मैसूर में पढ़ाई कर रहे लॉ के छात्र योगेश अनैय्या भी राहुल गाँधी से मिलना चाहते थे।

योगेश राहुल को राजीव और सोनिया गाँधी की एक पुरानी तस्वीर देना चाहते थे लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उनकी पिटाई कर दी। योगेश मार खा कर गिर पड़े तब जाकर राहुल ने उनसे मुलाकात की। मैसूर में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने 15 दिन पहले ही तय कर लिया था कि राहुल किस मंदिर, मस्जिद और चर्च में जाने वाले हैं। भारत जोड़ो यात्रा की टीम इन इलाकों के दो महीने में दो दौरे कर चुकी थी। स्पष्ट है कि कई बार रेकी करके स्थान तय हुए।

मैसूर में कॉन्ग्रेस के सोशल मीडिया हैंडलर अरुण गंगाधर ने जानकारी दी कि कुछ लोग राहुल गाँधी से रैंडमली मिल लेते थे। लेकिन उनकी भी सुरक्षा जाँच होती थी। उनका फोन ले लिया जाता था। ज्यादातर लोग कर्नाटक में स्टेट लीडर से अप्रूवल मिलने के बाद ही राहुल से मिल सकते थे। राहुल किन लोगों से मिलेंगे यह सब एक टीम तय कर रही थी।

महाराष्ट्र में 2 बड़ी इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों ने सँभाली जिम्मेदारी

आंध्र प्रदेश में भी यात्रा पूर्व के राज्यों की तरह ही चली। महाराष्ट्र में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रहे अशोक चव्हाण यात्रा की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस के नेता यात्रा का मैनेजमेंट समझने के लिए केरल भेजे गए थे। महाराष्ट्र में भारत जोड़ो यात्रा के संचालने के लिए दो बड़ी प्राइवेट इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों को जिम्मेदारी दी गई। कांग्रेस प्रवक्ता संतोष पंधागले के मुताबिक यात्रा में कई राज्यों के कार्यकर्ता शामिल थे। कार्यकर्ताओं को उनके पसंद का खाना खिलाया जाता।

कुल 50 तरह के व्यंजन पकाए जाते। सिक्किम से आए एक यात्री के लिए स्पेशल केकड़े की डिश बनवाई गई थी। संतोष ने बताया कि राहुल कहाँ रुकेंगे और किससे मिलेंगे यह उनकी कोर टीम ने ही तय किया। साथ ही पार्टी के जिन लोगों को राहुल गाँधी से मिलना था उनकी लिस्ट पहले से बनी हुई थी। राहुल हजूर साहिब सचखंड गुरुद्वारा जाने वाले हैं इसकी जानकारी तीन दिन पहले ही दे दी गई थी।

तस्वीरें दो गाँधी की

इसी तरह मध्यप्रदेश के खंडवा में राहुल गाँधी की यात्रा में शामिल मेडिकल स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष रवि परमारको 2 दिन पहले ही राहुल के साथ यात्रा में शामिल होने की इजाजत मिल गई थी। एमपी के सिलोदा में राहुल नौशाद पटेल के घर ठहरे थे। उन्होंने बताया कि 2 घंटे पहले नौशाद को राहुल के आने की जानकारी दे दी गई थी। राहुल के लिए चाय-नाश्ता और कुर्सियाँ तक उनकी टीम ही लेकर आई थी। राहुल इसके ओंकारेश्वर मंदिर पहुँचे थे। मंदिर प्रशासन ने भी बाताय कि उन्हें राहुल के आने की जानकारी 2 दिन पहले दे दी गई थी। राहुल तय कार्यक्रम के तहत ही बाबा साहेब अंबेडकर की जन्मस्थली भी गए थे।

राजस्थान में कलाकारों से मिलाने का कार्यकर्ताओं ने किया था इंतजाम

राजस्थान में मांगणियार कलाकार हाकम खान नींबला ने भास्कर के रिपोर्टर को जानकारी दी कि जाजम फाउंडेशन ने उन्हें राहुल गाँधी की यात्रा में शामिल होने के लिए कहा था। 12 दिसंबर, 2022 को महिला दिवस के दिन राहुल और प्रियंका ने कालबेलिया डांसर गुलाबो से मुलाकात की थी। गुलाबो के मुताबिक, कॉन्ग्रेस नेताओं ने उन्हें राहुल से मिलने की दावत दी थी। यहाँ भी साफ है कि स्थानीय नेताओं ने कलाकारों की राहुल से मुलाकात का इंतजाम किया था, यानी मुलाकातें पहले से ही तय थीं।

कुल मिलाकर कहें तो पूरे यात्रा में चलते हुए राहुल गाँधी का यात्रा देखने आए लोगों में से किसी को बुला लेना ही फिक्स नहीं होता था। उनमें भी ज्यादातर लोगों की सिक्योरिटी चेकिंग होती, उनका मोबाइल जब्त किया जाता उसके बाद मिलने की इजाजत होती थी।

AMU में एहतेशाम ज़ाकिर चिश्ती ने हॉस्टल के कमरे में घुस कर हिन्दू छात्र को मारा, बहता रहा खून: मुँह में ठूँस दी पिस्टल, FIR वापस लेने की धमकी भी दी

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में एक हिन्दू छात्र की पिटाई का मामला सामने आया है। यहाँ एहतिशाम ज़ाकिर नाम के एक छात्र ने यूनिवर्सिटी के ही एक अन्य छात्र साहिल बघेल की पिटाई कर दी। आरोप है कि ज़ाकिर पीड़ित पर पूर्व में रहबर नाम के एक अन्य युवक के खिलाफ दर्ज पिटाई की FIR वापस लेने का दबाव बना रहा था। पीड़ित हिन्दू छात्र ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के साथ पुलिस में भी FIR दर्ज करवाई है। घटना सोमवार (30 जनवरी, 2023) की है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मामला सिविल लाइन्स थानाक्षेत्र का है। यहाँ पीड़ित छात्र यूनिवर्सिटी के नदीम तरीन हॉस्टल में रहता है। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़ित ने बताया है कि घटना के दिन सोमवार को एहतेशाम जाकिर अपने एक दोस्त के साथ उनके हॉस्टल वाले कमरे में घुस गया। शिकायत के मुताबिक, इसके बाद एहतेशाम ने पीड़ित को बुरी तरह से मारा जिस से साहिल का काफी खून बह गया। आरोप है कि हमले के दौरान ज़ाकिर ने साहिल से रहबर नाम के एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ दर्ज केस को वापस लेने के लिए कहा। ऐसा न करने पर साहिल को मार डालने की भी धमकी दी गई।

पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया है कि ज़ाकिर ने उसके कॉलेज आने-जाने का समय बताते हुए उसे रास्ते में गोली मारने की धमकी दी। शिकायत में एहतेशाम ज़ाकिर द्वारा पीड़ित के मुँह में पिस्टल भी डाल देने का आरोप है। पीड़ित ने साहिल पर कुछ दिन पहले ही हॉस्टल कैम्पस में ही फायरिंग का आरोप लगाया है। शिकायत में साहिल ने खुद को डरा हुआ बताया है और कार्रवाई की माँग की है। साहिल की शिकायत पर अलीगढ़ पुलिस ने IPC की धारा 323 और 506 के तहत एहतेशाम ज़ाकिर को नामजद करते हुए FIR दर्ज कर ली है। केस के आरोपितों में ज़ाकिर के दोस्त का जिक्र है।

ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। घायल हालत में साहिल का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में साहिल ने FIR में लिखी बातों को दोहराया है। उधर अलीगढ़ पुलिस ने केस दर्ज कर के कार्रवाई करने की जानकारी दी है।

हिन्दू होना ही मेरी गलती

ऑपइंडिया ने पीड़ित छात्र साहिल से बात की। साहिल ने हमें बताया कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हिन्दू छात्र साहिल जैसे लोगों द्वारा जानबूझ कर टारगेट किए जा रहे हैं। अपने साथ हुई घटना पर साहिल ने कहा कि उनकी गलती सिर्फ इतनी है कि वो हिन्दू हैं और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं। साहिल ने हमें बताया कि FIR दर्ज होने के बाद भी ज़ाकिर खुलेआम घूम रहा है और वो हॉस्टल में भी आया था। पीड़ित ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से कोई भी उम्मीद न होना बताते हुए प्रशासनिक अधिकारियों पर ज़ाकिर जैसों का समर्थन करने का आरोप लगाया।

AMU से JNU का सपोर्ट करता है ज़ाकिर

ऑपइंडिया ने इस हमले के मुख्य आरोपित एहतिशाम ज़ाकिर का फेसबुक प्रोफ़ाइल खंगाला तो वह CAB का विरोधी निकला। इसी के साथ उसकी प्रोफ़ाइल पर JNU के सपोर्ट की भी पोस्ट पड़ी हुई हैं। इसके अलावा ज़ाकिर ने कुछ अन्य विवादित लोगों की तस्वीरों के साथ पोस्ट की है। जाकिर की तस्वीरें गोरखपुर BRD कॉलेज ऑक्सीजन कांड के मुख्य आरोपित डॉक्टर कफील के साथ भी हैं।