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घर में घुसकर अफगानिस्तान की पूर्व महिला सांसद की हत्या, सत्ता पर तालिबान के कब्जे के बाद भी नहीं छोड़ा था देश

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पूर्व महिला सांसद मुर्सल नबीजादा और उनके बॉडीगार्ड की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों का अब तक पता नहीं चल पाया है। अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होने के बाद मुर्सल नबीजादा घर छोड़कर नहीं गईं थीं। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

स्थानीय पुलिस के प्रमुख मोल्वी हमीदुल्लाह खालिद ने कहा है कि मुर्सल नबीजादा और उनके गार्ड की हत्या स्थानीय समयानुसार शनिवार (14 जनवरी, 2023) को सुबह 3 बजे हुई। इस हमले में, नबीजादा का भाई और एक अन्य गार्ड भी घायल हुआ है। वहीं, तीसरा सुरक्षाकर्मी रुपए और जेवरात लेकर मौके से फरार हो गया। खालिद ने यह भी कहा है कि नबीजादा अपने घर के फर्स्ट फ्लोर में मृत पाई गईं। इस फ्लोर को वह ऑफिस के रूप में उपयोग करतीं थीं। हालाँकि, जब खालिद से उनकी हत्या के संभावित कारणों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया।

अफगानिस्तान की पूर्व सरकार में एक अधिकारी रहे अब्दुल्ला ने नबीजादा की मौत पर दुख जताते हुए उन्हें लोगों का प्रतिनिधि और सेवक बताया है। उन्होंने कहा है कि वह उम्मीद करते हैं, नबीजादा के हत्यारों को कड़ी सजा मिलेगी।

अफगानिस्तान की पूर्व सांसद मरियम सोलेमानखिल ने भी मुर्सल नबीजादा की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “वह एक सच्ची पथ-प्रदर्शक, एक मजबूत, मुखर महिला थीं। जो खतरे के बावजूद भी विश्वास के साथ खड़ी रहीं। अफगानिस्तान छोड़ने का मौका मिलने के बाद भी उन्होंने यहाँ रहने और अपने लोगों के लिए लड़ने का फैसला किया। हमने एक हीरा खो दिया है, लेकिन उसकी विरासत जीवित रहेगी। उनकी आत्मा को शांति मिले।”

यूरोपीय सांसद हन्ना न्यूमैन ने भी उनकी हत्या पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा है कि वह इस हत्या को लेकर दुखी और क्रोधित हैं और चाहते हैं कि यह बात पूरी दुनिया को पता चले। उन्होंने तालिबान सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा है, “मुर्सल की हत्या रात के अंधेरे में की गई लेकिन तालिबान ने दिन के उजाले में ही लैंगिक रंगभेद की अपनी प्रणाली का निर्माण किया।”

गौरतलब है कि मुर्सल नबीजादा साल 2019 में काबुल से सांसद बनीं थीं। तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में कब्जा करने से पहले तक वह अफगानिस्तान सरकार में संसदीय रक्षा आयोग की सदस्य थीं। उन्हें, अफगानिस्तान के लोगों के हित में खुलकर आवाज उठाने वालों के रूप में जाना जाता था।

बता दें कि अफगानिस्तान में कब्जा करने के बाद से तालिबान ने महिलाओं के काम करने, पढ़ाई करने समेत अनेक कामों में पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यहाँ तक कि महिलाओं को घर से बाहर निकलने में भी कई प्रकार की पाबंदी झेलने पड़ रही है।

हिजाब में नजर आईं राखी सावंत, आदिल के साथ बेडरूम का Video भी किया शेयर: यूजर बोले- लव जिहाद चार दिन की चाँदनी…

राखी सावंत (Rakhi Sawant) ने हिजाब वाला एक वीडियो शेयर किया है। इसमें वह अपने कथित शौहर आदिल खान दुर्रानी (Adil khan Durrani) के साथ दिख रहीं हैं। दोनों के बेडरूम का भी एक वीडियो आया है।

राखी ने पिछले दिनों आदिल से निकाह का दावा किया था। इसके प्रमाण भी दिए थे। निकाह के बाद उनके इस्लाम कबूलने और फातिमा नाम रखने की बात भी कही जा रही है। लेकिन आदिल ने निकाह से इनकार किया था। इसके बाद वह मीडिया के सामने रोती हुईं नजर आईं थी।

राखी सावंत ने रविवार (15 जनवरी 2023) को इंस्टाग्राम पर हिजाब वाला वीडियो शेयर किया। इसमें आदिल भी उनके साथ नजर आ रहा है। वह आदिल के साथ बिताए गए अच्छे पलों को याद करती हैं। कई जगह बेहद उदास नजर आती हैं। वीडियो के बैकग्राउंड में इमोशनल म्यूजिक चल रहा है। आवाज आ रही है, “मुझे भी किसी ने बनाया है। क्या मैं मजाक के लिए बना हूँ। मैं भी इंसान हूँ। मुझे भी चोट लगती है। मुझे भी दर्द होता है किसी की बात पर। मुझे भी वहाँ जाना है, जहाँ तुझे एक दिन जाना है। तू अकड़ के चल रहा है, मैं सिर छिपा कर चल रहा हूँ, क्योंकि तेरे पास दौलत है मेरे पास दौलत नहीं है। मैं लोगों की बातें सुनकर अपनी जिंदगी गुजार सकता हूँ।”

इसके बाद उन्होंने एक वीडियो अपने बेडरूम का शेयर किया है। इसमें वह आदिल के साथ नजर आ रही हैं। वीडियो में दोनों किस करते और एक-दूसरे पर जमकर प्यार बरसाते हुए नजर आ रहे हैं। इसके अलावा राखी ने इंस्टाग्राम पर आदिल के साथ अपनी कई और तस्वीरें भी शेयर की हैं।

राखी द्वारा शेयर की गई वीडियो और तस्वीरें देखने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोग उनके इस्लाम कबूलने को सवाल उठा रहे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें आदिल के साथ फोटो शेयर करने से मना करते हुए जीवन में आगे बढ़ने की सलाह दी है। एक यूजर ने तो यह तक कह दिया है कि आदिल ने फेमस होने के लिए तुम्हारा इस्तेमाल किया है।

फोटो साभार: राखी का इंस्टा

वीडियो पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा, “कभी हँस रही हो, कभी रो रही हो। समझ नहीं आ रहा हो क्या रहा है?” दूसरे यूजर ने लिखा, “क्या फालतू का ड्रामा लगा रखा है।” राना विजय ने लिखा कि लव जिहाद चार दिन की चाँदनी फिर वही अँधेरी रात।

फोटो साभार: राखी का इंस्टा
फोटो साभार: राखी का इंस्टा

अदिति लिखती हैं, “राखी अब तुम आदिल की पोस्ट मत बिल्कुल भी मत डालो… सिर्फ खुद की पोस्ट शेयर करो। इस इंसान को खुद बोलने दो, तभी पोस्ट डालो। देखो खुद कभी ये अपनी प्रोफाइल पर डालता है ये सब या फिर नहीं।”

फोटो साभार: राखी का इंस्टा

सयैदा ने लिखा, “मैम अल्लाह सब्र करने वालों के साथ है। आप तो इतना सब्र करते आए हो अपनी जिंदगी में। इंशाअल्लाह सब अच्छा ही होगा आपका। आपकी मम्मी भी जल्दी ही ठीक हो, मैं अल्लाह से दुआ करूँगी। अल्लाह पाक आपकी तमाम तकलीफें दूर करें आमीन।”

फोटो साभार: राखी का इंस्टा

गौरलतब है कि 11 जनवरी 2023 को सोशल मीडिया पर राखी और आदिल खान दुर्रानी की निकाह की तस्वीर वायरल हुई थी। बाद में राखी ने दावा किया था कि उन्होंने ही निकाह की फोटो वायरल की थी, क्योंकि आदिल इस निकाह से इनकार कर रहा था। राखी ने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने हराम न करके हलाल किया। फिर भी आदिल क्यों निकाह से इनकार कर रहा है, उन्हें समझ नहीं आ रहा है।

ये बॉलीवुड नहीं, तेलुगु फिल्म है… पश्चिमी मीडिया को SS राजामौली की दो टूक: ‘क्रिटिक्स चॉइस’ में भी ‘RRR’ को 2 बड़े अवॉर्ड, ‘अवतार’ के निर्देशक ने की तारीफ़

प्रतिष्ठित ‘गोल्डन ग्लोब्स’ में ‘RRR’ के गाने ‘नाटू-नाटू’ को सर्वश्रेष्ठ ऑरिजिनल गाने का अवॉर्ड मिला अब फिल्म को ‘क्रिटिक्स चॉइस अवॉर्ड्स’ ने ‘विदेशी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म’ का ख़िताब दिया है। यहाँ भी MM कीरवानी द्वारा कंपोज किए गए गाने ‘नाटू-नाटू’ को बेस्ट सॉन्ग का ख़िताब दिया गया। इस तरह इस बड़े अवॉर्ड शो में ‘RRR’ ने दो सम्मान अपने नाम किया। निर्देशल एसएस राजामौली ने इस दौरान हॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियों से मुलाकात भी की।

SS राजामौली ने जूनियर एनटीआर और राम चरण स्टारर ‘RRR’ के बारे में विदेशियों का कन्फ्यूजन दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि ये बॉलीवुड फिल्म नहीं है। ‘डायरेक्टर्स गिल्ड फॉर अमेरिका थिएटर फॉर एकेडमी मेंबर्स’ में फिल्म की एक स्क्रीनिंग भी रखी गई थी। इस दौरान जब पश्चिमी मीडिया ने इसे ‘बॉलीवुड फिल्म’ बताया तो निर्देशक SS राजामौली ने स्पष्ट किया कि ये बॉलीवुड फिल्म नहीं, बल्कि भारत के दक्षिणी हिस्से की एक तेलुगु फिल्म है।

उन्होंने कहा कि वो भी भारत के दक्षिणी क्षेत्र से आते हैं। गाने को लेकर सवाल पर उन्होंने कहा कि वो गानों और संगीत को फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल में लाते हैं, न कि फिल्म को रोकने के लिए या नाचने के लिए एक मौका देने के लिए। उन्होंने कहा कि पूरी फिल्म देखने के बाद अगर कोई कहे कि उसे लगा ही नहीं कि फिल्म कब खत्म हो गई, तो इसे वो अपने लिए सम्मान मानते हैं। SS राजामौली की अगली फिल्म जंगल एडवेंचर है, जिसमें महेश बाबू हैं।

इधर ‘अवतार’ फिल्म सीरीज के निर्देशक जेम्स कैमरून ने भी एसएस राजामौली से मुलाकात की और ‘RRR’ के लिए उनकी तारीफ़ की। उन्होंने बताया कि ये फिल्म उन्हें इतनी अच्छी लगी कि उन्होंने अपनी पत्नी को इसे देखने के लिए कहा और फिर दोनों ने साथ बैठ कर देखा। ‘लॉस एंजेल्स फिल्म क्रिटिक्स एसोसिएशन (LAFSA)’ में भी अब फिल्म का दबदबा रहा है। हॉलीवुड के महान निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग ने भी इस गाने की तारीफ़ की थी।

कोरिया का पादरी बदल रहा नेपाल का ‘धर्म’: बौद्धों-हिंदुओं का धर्मांतरण, कहा- मूर्तियाँ देख हैरान था, यीशु होने चाहिए

नेपाल में धर्मांतरण भले ही अवैध हो लेकिन ईसाई मिशनरियाँ अपने मिशन को कामयाब करने के लिए लगातार रिस्क ले रही हैं। गरीब हिंदुओं को तेजी से ईसाई बनाने का काम हो रहा है। कभी पैसों का लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन किया जा रहा है तो कभी चमत्कार दिखाने के नाम पर।

बीबीसी ने नेपाल में हो रहे हिंदुओं और बौद्ध लोगों के धर्मांतरण पर एक रिपोर्ट की है। इसी रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे झारलांग के गाँव में एक चर्च बनाकर कोरियाई पादरी पांग-छांग ने इसे ‘यीशु की जीत’ बताया और धर्मांतरित लोगों से वहाँ प्रार्थना करवाई। इनमें ज्यादातर लोग लामा धर्म को मानने वाले तमांग समुदाय के गरीब और आध्यात्मिक हैं जिनके पूरे गाँव को मिशनरी द्वारा धर्मांतरित किया गया।

जानकारी के मुताबिक, पांग छांग नेपाल में पिछले करीबन 20 सालों से है। इस दौरान उसने नेपाल में 70 चर्च खुलवा दिए है जोकि ज्यादातर धाधिंग जिले में है। पांग के मुताबिक समुदाय के लोगों ने जमीन दान करके खुद ही चर्च बनवाने में मदद की है। पांग ने दावा किया है कि हर पहाड़ी इलाके के करीब चर्चों का निर्माण हो गया है।

बीबीसी की रिपोर्ट बताती है कि नेशनल क्रिश्चियन सर्वे के अनुसार, बुद्ध की जन्मभूमि व हिंदू बहुल देश में आज 7,758 चर्च खुल गए हैं और इस पूरे परिवर्तन के पीछे सबसे ज्यादा साउथ कोरिया का हाथ है, जोकि दुनिया में मिशनरी का काम तेजी से फैला रहा है। कोरियन वर्ल्ड मिशन एसोसिएशन के अनुसार करीबन 22000 मिशनरियों को विदेशों में तैनात किया गया है।

पांग छांग और उनकी बीवी ली जियोंग भी इसी मिशन के साथ नेपाल में हैं। दोनों पहले बैंकर थे। हालाँकि 2003 में वह यहाँ आए और अपना काम शुरू किया। मगर 2018 में आया धर्मांतरण विरोधी कानून इनके लिए एक बहुत बड़ा डर है।

पांग की पत्नी कहती हैं, “हम लोग हमेशा डर और घबराहट में काम करते हैं। लेकिन इस डर की वजह से हम जीसस की शिक्षा का प्रसार करना नहीं बंद कर सकते। हम आत्माओं को बचाना बंद नहीं करेंगे।”

पांग बताते हैं कि वो 2003 में आए थे जब देश में हिंदू शाही परिवार का राज था। वह कहते हैं, “मैं इतनी सारी भगवान की मूर्तियाँ देख हैरान था, मुझे लगा कि यहाँ ईशु की सीख का प्रचार-प्रसार बहुत ज्यादा जरूरी है।”

पांग के अनुसार जब 2008 में सिविल वार के बाद ये सेकुलर देश बना तो मिशनरी के कार्य के लिए ये स्वर्णिम युग था। रिपोर्ट के मुताबिक 300 कोरियन मिशनरियों के परिवार नेपाल में रह रहे हैं। ये लोग वहाँ व्यापार और पढ़ाई के वीजा के नाम आए हैं। कुछ रेस्ट्रां जैसे बिजनेस कर रहे हैं। पांग ने बीबीसी को अपनी मंशा के बारे में सब बताते हुए कहा, “मैं बिलकुल खुला बताता हूँ कि ईश्वर नेपाल में क्या कर रहे हैं।”

बता दें कि पांग इस काम को कानून विरोधी नहीं मानते क्योंकि वह लोग खुले में ये सब नहीं कर रहे। वह कहते हैं- “हमारा मिशनरी का काम सिर्फ हमारा नहीं है। ये ईश्वर का काम है। हम दिखाना चाहते हैं कि ईश्वर कैसे नेपाल में चमत्कार करते हैं।”

नेपाल में बढ़ रही ईसाइयों की संख्या

उल्लेखनीय है कि हिंदू बहुल नेपाल में ईसाइयों की तादाद फिलहाल 2 फीसद बताई जा रही है, लेकिन आँकड़े आने के बाद इनका सही पता चलेगा। 1951 में यहाँ एक ईसाई नहीं था। 1961 में 458 हुए और 2011 में इनकी गिनती 376000 हुँच गई। अनुमान है कि फिलहाल ये गिनती 545000 हो चुकी है। हर साल 2000 नेपाली छात्रों को कोरिया पढ़ने भेजा जाता है। नेपाल में भी बच्चों को ऐसी शिक्षा दी जाती है। जो लोग अपनी संस्कृति से जुड़ा रहना चाहते हैं उनके बच्चों को बरगलाया जाता है।

नेपाल में बढ़ रहे धर्मांतरण के मामले में ऐसा नहीं है कि लोग नहीं जानते। पूर्व उप प्रधानमंत्री कमल थामा कहते हैं कि ये काम जंगल में आग की तरह फैल रहा है। कोरियन मिशनरियाँ सांस्कृतिक पहचान पर हमला कर रही हैं। वह गरीबों और पिछड़े लोगों को ईसाई बना रहे हैं। कमल थापा कहते हैं कि राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून है लेकिन किसी को भी इसके तहत दोषी नहीं बनाया गया। लोग या तो अपील पर छूट जाते हैं या फिर सबूतों के अभाव में। पादरी भी खुद मानते हैं कि अन्य देशों में धर्मांतरण विरोधी कानून सच लगता है पर नेपाल में इसे देखने वाला कोई नहीं है।

बीबीसी की रिपोर्ट में कभी हिंदू पंडित का काम करने वाले पादरी दिल्ली राम का जिक्र है जो अब नेपाल क्रिश्चियन सोसायटी का अध्यक्ष है। उसे 2018 में लोगों को धर्मांतरित करने के इल्जाम में आरोपित बनाया गया था। हालाँकि बाद में आरोप हटा दिए गए। आज वो कहता है- “कभी हम पर लोगों को धर्मांतरित करने के इल्जाम लगे लेकिन अब सत्ता हमारे हाथ में है।”

ISI का K2 (कश्मीर+खालिस्तान) दे रहा था ऑर्डर, दिल्ली में हिंदू के किए टुकड़े; Video बना भेजा पाकिस्तान: आतंकियों के टारगेट थे पंजाब के हिंदू नेता

दिल्ली के भलस्वा डेरी क्षेत्र से गिरफ्तार आतंकियों जगजीत उर्फ याकूब और नौशाद को लेकर नए खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि दोनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के K2 (कश्मीर-खालिस्तान) डेस्क के ऑर्डर पर काम कर रहे थे। इनके निशाने पर हिंदुवादी नेता थे। इन्होंने दिल्ली में एक हिंदू के टुकड़े-टुकड़े कर वीडियो बनाए थे। यह वीडियो पाकिस्तान में अपने आकाओं को भेजे भी थे।

रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों आतंकियों को पंजाब में 4 हिंदुवादी नेताओं को खत्म करने का टारगेट दिया गया था। इनमें दो नेता शिवसेना के हैं। इन आतंकियों को K2 डेस्क कंट्रोल कर रहा था। कश्मीर के साथ-साथ पंजाब में आतंक फैलाने के इरादे से आईएसआई ने यह डेस्क बनाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गिरफ्तार आतंकियों से मिली जानकारी दिल्ली पुलिस अब पंजाब पुलिस से साझा करने जा रही है। जगजीत उर्फ याकूब और नौशाद द्वारा विदेशों और स्थानीय लोगों से हुई बातचीत की डिटेल भी निकाली जा रही है। पुलिस इन्हें हथियार मिलने के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि नौशाद करीब 1 महीने से स्पेशल सेल की निगरानी में था। बावजूद उसने उसने एक व्यक्ति की हत्या कैसे की, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार नौशाद और जगजीत ने अपने हैंडलर्स को जो वीडियो भेजा था, वह 37 सेकेंड का था। अपनी क्षमता बताने के लिए दोनों ने राजकुमार की हत्या कर यह वीडियो भेजा था। रिपोर्ट के अनुसार राजकुमार के 9 टुकड़े किए गए थे। वह जहाँगीरपुरी इलाके में फुटपाथ पर रहता था, इसलिए आतंकियों को वह आसान टारगेट लगा। 15 दिसंबर 2023 को वे राजकुमार को नशा कराने का झाँसा देकर भलस्वा डेयरी स्थित अपने घर ले गए। वहाँ उसका गला रेतने के बाद शव के टुकड़े-टुकड़े किए। पाकिस्तानी आकाओं को भेजने के लिए इसका वीडियो भी बनाया।

यह वीडियो नौशद के मोबाइल से मिला है। जिसे वीडियो भेजा गया उसका नाम सलमान बताया जा रहा है। दोनों को अन्य टारगेट के भी कत्ल के वीडियो बनाकर भेजने के निर्देश मिले थे। दोनों को देश में दंगे और साम्प्रदयिक तनाव फैलाने का आदेश दिया गया था।

इनका पाकिस्तान से कनेक्शन दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद आतंकी मोहम्मद आरिफ और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी सोहैल ने करवाया था। मोहमद आरिफ लाल किले पर हमले का दोषी है। साल 2018 में सोहैल पाकिस्तान चला गया था। 2022 में जब नौशाद जेल से बाहर आया] तब उसने पाकिस्तान में सोहैल से सम्पर्क साधा था।

दोनों आतंकियों की गिरफ्तारी 12 जनवरी 2023 को हुई थी। 56 साल का नौशाद पाकिस्तानी आतंकी समूह हरकत-उल-अंसार से जुड़ा बताया जा रहा है। वह हत्या के 2 मामलों में उम्रकैद और विस्फोटक अधिनियम के एक केस में 10 साल की सजा भी काट चुका है। वहीं जगजीत सिंह के देविंदर बंबीहा गिरोह समूह से जुड़े होने का शक है। 29 साल के जगजीत के खालिस्तानी आतंकी अर्शदीप से भी संबंधों का शक है। जग्गा उत्तराखंड में दर्ज हत्या के एक मामले में पैरोल मिलने के बाद फरार हो गया था।

कोमेश से हुआ प्यार…तो शबनम बन गई नेहा पाठक: शादी के बाद खुद एटा के DM को दिया हिन्दू बनने के लिए प्रार्थना पत्र

उत्तर प्रदेश के एटा जिले में शबनम नाम की लड़की ने हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया है। अब वह नेहा पाठक नाम से जानी जाएँगी। शबनम ने कोमेश पाठक नाम के हिन्दू लड़के से शादी की है। दोनों के परिवारों को इस शादी पर ऐतराज था, जिसके बाद शबनम ने पहले हाईकोर्ट और बाद में जिला प्रशासन की मदद ली। 21 दिसंबर 2022 को एटा के ADM ने इस बाबत नोटिस भी जारी करके 21 दिनों के अंदर आपत्तियाँ माँगी थी। कोई आपत्ति न जाने पर अब जिला प्रशासन शबनम को हिन्दू बनने का सर्टिफिकेट जारी कर सकता है।

शबनम ने ग्रेजुएशन कर रखा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शबनम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के ही गाजीपुर की रहने वाली हैं। वह अपनी बड़ी बहन के साथ हरियाणा के मानेसर में रहती थीं। इसी जगह पर एटा का युवक कोमेश पाठक भी रह कर मेडिकल कम्पनी में नौकरी किया करता था। दोनों की मुलाकात मानेसर में ही हुई। धीरे-धीरे दोनों मिलने लगे और उनमे आपस में प्यार हो गया। कुछ समय बाद दोनों के परिवार को पता चला तो उन्होंने ऐतराज जताया। आख़िरकार शबनम और कोमेश ने शादी करने का फैसला कर लिया।

बताया जा रहा है कि शबनम काफी पहले से हिन्दू धर्म से प्रभावित थीं। वो दीपावली त्यौहार को काफी पसंद किया करती थीं। शादी के बाद शबनम ने हिन्दू धर्म अपनाने का फैसला किया। इस बाबत उन्होंने इलाहबाद हाईकोर्ट में याचिका भी लगाई। हाईकोर्ट ने इसे जिलाधिकारी (DM) से संबंधित बताया। वहाँ से आकर शबनम ने एटा के DM अंकित अग्रवाल के यहाँ हिन्दू धर्म अपनाने का प्रार्थना पत्र दिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर एटा के ADM अलोक कुमार ने अपने नोटिस बोर्ड पर शबनम की माँग पर आपत्ति दर्ज करवाने वालों को 21 दिनों का समय देते हुए नोटिस चस्पा किया।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक 21 दिनों में कोई भी आपत्ति न आने पर अब जिला प्रशासन शबनम को हिन्दू होने का सर्टिफिकेट जारी कर सकता है। यह एटा जिले में आधिकारिक तौर पर स्वेच्छा से धर्मांतरण का पहला मामला होगा। फिलहाल नेहा और कोमेश एक ही साथ रह रहे हैं। दोनों परिवार भी आपस में सम्पर्क में बताए जा रहे हैं।

हवाई जहाज से आते, खंडहर में प्लान बनाकर डालते थे डाका: लखनऊ पुलिस ने असलम को पकड़ा, गैंग के दूसरे बांग्लादेशियों की तलाश

उत्तर प्रदेश की लखनऊ पुलिस ने 1 लाख रुपए के इनामी डकैत असलम को गिरफ्तार किया है। असलम एक बांग्लादेशी घुसपैठिया है जो भारत में हुए कई अपराधों में संलिप्त था। आरोपित की गैंग रेलवे लाइन के किनारे बने खंडहरों में छिप कर दिन में लोगों के घरों की रेकी किया करती थी और रात में डाका डालती थी। पुलिस उसकी गैंग में शामिल नासिर, नूर इस्लाम, सुमान और शाहीन नाम के अन्य बांग्लादेशियों की तलाश कर रही है। असलम के पास आधार कार्ड के अलावा हेल्थ कार्ड और कोविड वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट भी बरामद किया है। यह गिरफ्तारी शनिवार (14 जनवरी 2023) को हुई है।

लखनऊ पुलिस के मुताबिक असलम की लगभग 1 दर्जन डकैतों की गैंग है। ये रेलवे लाइन के बगल बने खंडहरनुमा मकानों में अपनी साजिश रचते थे। दिन में एक किसी मकान या दुकान को रेकी कर के डाका डालने के लिए चिन्हित कर लेते थे। रात में ये एक साथ धावा बोल कर वहाँ लूटपाट करते थे। इस दौरान घर या दुकान के मालिक को बंधक बना कर उसके साथ मारपीट और रेप तक की वारदात की जाती थी। पुलिस ने यह भी बताया है कि असलम और उसकी गैंग के बाकी सदस्य न सिर्फ शताब्दी और राजधानी जैसी ट्रेनों बल्कि फ्लाइट से भी सफर कर के अपनी जगह बदला करते थे।

लखनऊ पुलिस के मुताबिक ट्रेन से सफर के दौरान असलम की गैंग कुछ हिस्सों में बंट कर बीच-बीच में पड़ने वाले स्टेशनों पर रुक जाया करती थी। यहाँ ये लोग अपने-अपने टारगेट पर लग जाया करते थे। लूटपाट के बाद ये लोग किसी जगह पर फिर से एकजुट होते थे। पूछताछ के दौरान असलम ने पुलिस को बताया कि वो लखनऊ की जेल में बंद रबीउल और बिलाल नाम के अपने साथियों से मिलने आया था। बताया जा रहा है कि असलम इन दोनों की जमानत की व्यवस्था करवाने आया था। जेल में मुलाकात न हो पाने के बाद वह लखनऊ के चिनहट इलाके में ठहरने के लिए जगह तलाश रहा था लेकिन आख़िरकार पुलिस द्वारा पकड़ा गया।

असलम ने कहा कि उसने डाली गई डकैतियों में लूटे गए पैसों को खर्च कर दिया है। लगभग 36 वर्षीय असलम के अब्बा का नाम मुस्लिम खान है और वो बांग्लादेश के बुरसल जिले का रहने वाला है। उसकी तलाशी के दौरान पुलिस को श्रम कार्ड, आधार कार्ड, हेल्थ कार्ड, कोविड वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट और 2174 रुपए नकद बरामद हुए। साल 2020 में उस पर लखनऊ में ही डकैती और 2021 में विदेशी नागरिकता अधनियम के साथ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हो चुका है। वाराणसी और लखनऊ मिला कर असलम पर अब तक कुछ 8 मुकदमों की जानकारी सामने आई है।

‘तिरंगा निकाला, पाकिस्तानी झंडे दिखाए, राष्ट्रभक्ति के सीन गायब’: जिसके किताब पर बॉलीवुड में बनी ‘राजी’, उसने कहा- मेघना गुलजार ने पीठ पर छुरा घोंपा

साल 2018 में पर्दे पर आई मेघना गुलजार की ‘राजी’ फिल्म हरिंदर सिक्का की किताब ‘कॉलिंग सहमत’ पर बनाई गई थी। अब उन्हीं हरिंदर सिक्का ने भोपाल लिटरेचर फेस्टिवल में बात करते हुए मेघना पर धोखा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने ‘बॉक्स ऑफिस फ्रॉम बुक्स’ विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने मेघना गुलजार को अपनी किताब (कॉलिंग सहमत) के राइट्स देकर सबसे बड़ी गलती की।

हरिंदर सिक्का को मेघना से शिकायत इस बात की है कि उन्होंने अपनी फिल्म राजी में सहमत के किरदार को बहुत डिप्रेस दिखाया। उन्होंने कहा कि फिल्म में डायरेक्टर ने एक हीरो को ऐसे दिखाया है, जैसे उसने देश के लिए लड़कर कोई गुनाह किया हो।

सिक्का के अनुसार, सहमत तिरंगे को पूजती थीं। मगर मेघना ने फिल्म से तिरंगे को ही निकाल दिया और फिल्म में पाकिस्तान के झंडे दिखाए। इसके अलावा फिल्म से राष्ट्रभक्ति के सीन ही हटा दिए गए, भारतीय एजेंट्स पर सवाल खड़ा किया गया और पाकिस्तानी आर्मी को नर्म दिल दिखाया, जबकि ऐसा नहीं है, वो लोग इसके उलट हैं।

लेखक ने कहा कि फिल्म में सहमत को ऐसे दिखाया गया जैसे वो एक डिप्रेस इंसान हों जबकि ऐसा नहीं था। जब सहमत लौटी थीं तो उन्होंने तिरंगे को सैल्यूट किया था। बैंड ‘जय भारती’ बजा रहा था, मगर वहाँ उन्होंने राष्ट्रगान बजवाया।

हरिंदर आरोप लगाते हैं कि इस फिल्म में नैरेटिव दिखाया गया कि कश्मीरी मुस्लिम देश के खिलाफ हैं, जिससे कराची और दुबई के लोग खुश हुए होंगे। इस किताब को 8 साल में पूरा करने वाला शख्स और सहमत की आत्मा खुश नहीं हैं।

उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि मेघना को राइट्स बेचकर बहुत बड़ी गलती हो गई। वह बताते हैं, “मैंने गुलजार साहब को जबान दी थी। उन्होंने मुझसे गुजारिश की थी कि 4 साल से उसे किसी ने डायरेक्टर का काम नहीं दिया है। आप दे दो। मैंने बात रखने के लिए उसे डायरेक्टर बनाया। मगर उसने तो मेरी ही पीठ में छुरा घोंपा”

वह कहते हैं कि लेखक गुलजार ने तो उन्हें जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में जाने से मना कर दिया था। आयोजको से उन्होंने मना किया था। बाद में आर्मी परिवार के एक बेटे ने मुझे बुलिया। सिक्का के मुताबिक उनकी किताब को आइफा अवार्ड मिलने वाला था, लेकिन वो भी उन्हीं की वजह से नहीं मिला।

अपना दर्द साझा करते हुए उन्होंने कहा कि वो ये सब सिर्फ इसलिए बता रहे हैं ताकि कभी किसी और के साथ ये सब न हो। कॉलिंग सहमत 8 साल देकर लिखी गई थी। कोई ऐसी कहानियों को कम दाम पर लेता है और फिर उसके हाल राजी जैसे कर देता है। आगे किसी के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि 8 साल में वह लगातार सहमत के घर जाकर उनसे मिलते। कभी 5 मिनट कभी 10 मिनट बात होती और इस तरह ये किताब लिखी गई। शुरुआत में सहमत ये सब बताने में सहज नहीं थीं, पर जोर देने पर वह तैयार हो गईं और किताब पूरी हो सकी। सिक्का की अगली किताब एक नेवी ऑफिसर के जीवन पर है। इस किताब का नाम गोविंद होगा।

ODI इतिहास की सबसे बड़ी जीत: 46वाँ शतक बना कर मैच और सीरीज दोनों के नायक बने विराट कोहली, शुभमन गिल ने भी जड़ा सैकड़ा

भारत और श्रीलंका के बीच तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला का तीसरा और आखिरी मैच केरल के ग्रीनफील्ड स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में, टीम इंडिया ने श्रीलंका को 317 रनों से हराते हुए रिकॉर्ड जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में क्लीन स्वीप कर लिया।

इस मैच में, टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। टीम इंडिया की शुरुआत बेहतरीन रही। रोहित शर्मा के रूप में जब भारत का पहला विकेट गिरा तब, टीम का स्कोर 95 रन पहुँच चुका था।

इसके बाद, बल्लेबाजी करने आए विराट कोहली शुरुआत से ही अच्छी लय में नजर आए। वहीं, सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल भी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए टीम का स्कोर आगे बढ़ा रहे थे। जहाँ एक ओर शुभमन गिल ने 116 रनों की आतिशी पारी खेली। वहीं, विराट कोहली 166 रन बनाकर नाबाद रहे। टीम इंडिया की ओर से श्रेयस अय्यर ने भी 38 रनों के साथ कैमियो किया।

इस तरह टीम इंडिया ने सीरीज हार चुकी श्रीलंका के सामने 391 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम शुरुआत से ही बैकफुट पर नजर आई। भारत की घातक गेंदबाजी के आगे हालत यह रही कि श्रीलंका के केवल 3 बल्लेबाज ही दहाई के आँकड़े तक पहुँच सके।

टीम इंडिया के ओर से मोहम्मद सिराज ने 4, कुलदीप यादव और मोहम्मद शमी ने 2-2 विकेट हासिल किए। इस तरह से श्रीलंकाई टीम महज 73 रनों पर ही ढेर हो गई। इस मैच में जीत के साथ टीम इंडिया ने न केवल सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया है। बल्कि, वनडे क्रिकेट इतिहास में सबसे बड़ी जीत भी दर्ज की है।

इससे पहले, यह रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के नाम था। न्यूजीलैंड ने साल 2008 में आयरलैंड को 290 रनों से हराया था। इस क्रम में यदि वनडे क्रिकेट इतिहास की अन्य बड़ी जीतों पर नजर डालें तो साल 2015 में ऑस्ट्रेलिया ने अफगानिस्तान को 275 रनों से मात दी थी। वहीं, दक्षिण अफ्रीका ने साल 2010 में जिम्बाब्वे को 272 रनों व साल 2012 में श्रीलंका को 258 रनों से हराया था।

हालाँकि, इस मामले में जीत का सबसे बड़ा रिकॉर्ड न्यूजीलैंड की महिला क्रिकेट टीम के नाम है। साल 1997 में न्यूजीलैंड की महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को 408 रनों से मात दी थी।

10 सेकेंड बाद मेन पायलट बन जातीं अंजू, लेकिन हुआ कुछ और… नेपाल विमान हादसे में 5 भारतीय दोस्तों की भी मौत, शो के लिए जा रही लोकगायिका भी नहीं रही

रविवार (15 जनवरी 2023) का दिन नेपाल के इतिहास में काले दिन के रूप में दर्ज हो गया। दरअसल, यहाँ हुए विमान हादसे (Plane Crash in Nepal) में 5 भारतीय समेत 68 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में सभी 5 भारतीय आपस में दोस्त थे। वहीं, इस विमान की को-पायलट अंजू खतिवडा प्लेन को सकुशल लैंडिंग कराने के बाद मेन पायलट बनने वाली थीं। लेकिन, इससे पहले ही वह हादसे का शिकार हो गईं।

दरअसल, यात्री विमान नेपाल के पोखरा हवाई अड्डे पर उतर रहा था। इसी दौरान, सेती नदी के तट पर पहाड़ी से टकरा गया। इस विमान हादसे में जिन 5 भारतीयों की मौत हुई वह उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के रहने वाले थे। ये सभी छुट्टी मनाने के लिए शुक्रवार (13 जनवरी, 2023) को नेपाल गए थे। इस भीषण हादसे का शिकार हुए लोगों के नाम अनिल राजभर, विशाल शर्मा, अभिषेक कुशवाहा, सोनू जयसवाल और संजय जयसवाल है।

ये सभी युवक गाजीपुर के अलावपुर सिपाह और धरवा गाँव के रहने वाले हैं। हादसे से पहले सोनू जायसवाल फेसबुक में लाइव था, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि लाइव के दौरान ही यह हादसा हुआ।

वहीं, इस हादसे में विमान की को-पायलट अंजू खतिवडा की भी मौत हो गई। बतौर को-पायलट यह उनकी आखिरी उड़ान थी। रविवार (15 जनवरी, 2023) को पोखरा के लिए उडान भरते समय फ्लाइट के कैप्टन कमल केसी ने मुख्य पायलट की सीट पर अंजू को बैठा दिया था।

यदि वह इस विमान को सफलतापूर्वक लैंड करा लेतीं तो उन्हें मेन पायलट का लाइसेंस मिल जाता और वह फ्लाइट कैप्टन बन जातीं। हालाँकि, लैंडिंग से महज 10 सेकंड पहले ही यह हादसा हो गया। दरअसल, किसी भी व्यक्ति को फ्लाइट कैप्टन बनने के लिए कम से कम 100 घंटे का फ्लाइंग एक्सपीरियंस यानी विमान उड़ाने का अनुभव जरूरी होता है। फ्लाइट की को-पायलट अंजू इससे पहले नेपाल के कई एयरपोर्ट पर सफलतापूर्वक लैंडिंग करा चुकीं थी।

16 साल पहले पति की भी विमान हादसे में हुई थी मौत

अंजू के पति दीपक पोखरेल की मौत भी विमान हादसे में हुई थी। वह यति एयरलाइंस में को-पायलट थे। उनकी फ्लाइट का हादसा 21 जून 2006 को हुआ था। विमान नेपालगंज से सुर्खेत होते हुए जुम्ला जा रहा था। इस दौरान यह क्रैश हो गया था। इसमें, 6 पैसेंजर्स और 4 क्रू मेंबर की मौत हो गई थी।

एयर होस्टेस और लोक गायिका भी हादसे का शिकार

इसके अलावा, इस हादसे में एयर होस्टेस ओसिन आले की भी मौत हो हुई। हादसे से पहले का Tiktok पर बनाया गया उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह प्लेन के अंदर हँसती-मुस्कुराती नजर आ रहीं हैं। नेपाल की जानी-मानी लोक गायिका नीरा छन्त्याल भी इस हादसे का शिकार हुईं हैं। वह पोखरा में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहीं थीं।