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बक्सर में केंद्रीय मंत्री का धरना, आंबेडकर की प्रतिमा के सामने रामचरितमानस का पाठ: रात को सोते किसानों पर नीतीश सरकार की पुलिस ने बरसाई थी लाठियाँ

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने चौसा की घटना और बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर प्रसाद द्वारा रामचरितमानस के अपमान से दुःखी होकर बक्सर में मौन धरना दिया। बक्सर के अंबेडकर चौक पर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा की नीचे बैठकर बक्सर सांसद अश्विनी चौबे ने अपना विरोध जताया। शुक्रवार (13 जनवरी, 2023) को धरने पर बैठे अश्विनी चौबे ने आज 14 जनवरी, 2023 को दोपहर 12 बजे अपना धरना समाप्त किया।

रात भर अंबेडकर प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठे अश्विनी चौबे ज्यादातर समय रामचरितमानस का पाठ करते नजर आए। उन्होंने ट्वीट कर धरना समाप्त करने संबंधी जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “मेरे बक्सर के किसानों पर बिहार सरकार द्वारा हुए सुनियोजित हिंसा व अत्याचार के विरोध में मेरा मौन धरना आज 12 बजे समाप्त होगा। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम बिहार सरकार को सद्बुद्धि प्रदान करें।”

इससे पहले चौसा में पीड़ितों का हाल जानने बक्सर पहुँचे बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी भी अश्विनी चौबे से मिले। दूसरी ओर चौसा की घटना को लेकर बक्सर भाजपा यूनिट ने भी धरना दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को पाँच सूत्रीय माँगों वाला ज्ञापन सौंपा।

बक्सर के चौसा में क्या हुआ था ?

दरअसल, बक्सर के चौसा में पावर प्लांट के लिए ली गई भूमि के मुआवजे को लेकर किसान काफी समय से धरना दे रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने आधी रात को धरना दे रहे किसानों के घरों में घुसकर उनके साथ मारपीट की। दावा है कि पुलिस रात 12:00 बजे के करीब किसानों के घरों में दाखिल हुई थी और सोते हुए किसानों पर लाठीचार्ज किया। बेरहमी से लाठियाँ बरसाते बिहार पुलिस के जवानों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुए।

11 जनवरी, 2023 को पुलिस की इसी बर्बरता के बाद शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान उग्र हो उठे थे। पुलिस की प्रताड़ना से नाराज किसान सड़क पर उतर आए। किसानों ने बसों व पुलिस की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान कई किसानों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली थी।

रामचरितमानस को लेकर क्यों हो रहा है विवाद?

11 जनवरी, 2023 को ही बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने रामचरितमानस को नफरत फैलाने वाला ग्रंथ करार दिया था। वे ‘नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी’ के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान RJD नेता ने रामचरितमानस को समाज को बाँटने वाला ग्रंथ बता दिया। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस दलितों-पिछड़ों को शिक्षा ग्रहण करने से रोकता है। संबोधन के बाद मीडिया के सामने भी बिहार के शिक्षा मंत्री अपने बयान पर कायम नजर आए। उनके इसी बयान को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है।

टॉफी देने के बहाने बुजुर्ग इमाम ने हिंदू बच्ची को मस्जिद में बुलाया, अंदर करने लगा छेड़खानी: ग्रामीणों ने पीटा, पुलिस ने गिरफ्तार किया

बिहार के पटना में मस्जिद के एक इमाम पर हिंदू बच्ची से छेड़खानी का आरोप लगा है। फिरोज आलम नाम के इस आरोपित इमाम की उम्र 60 वर्ष से अधिक बताई जा रही है जबकि पीड़िता बच्ची 12 साल की नाबालिग है। आरोप है कि इमाम ने पीड़िता को टॉफ़ी का लालच देकर बुलाया था। मामले का पता चलने के बाद स्थानीय लोगों ने इमाम की पिटाई कर दी। फिलहाल इमाम को पुलिस के हवाले कर दिया गया है जहाँ उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना बुधवार (11 जनवरी 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला मसौढ़ी इलाके का है। यहाँ एक मस्जिद है जहाँ फ़िरोज़ आलम नाम का इमाम अज़ान आदि देने के लिए नियुक्त है। बुधवार को एक 12 वर्षीया हिंदू बच्ची मस्जिद के आगे से गुजर रही थी। इस दौरान अंदर बैठे आरोपित आलम ने बच्ची को रोका और टॉफ़ी का लालच देते हुए मस्जिद के अंदर बुलाया। बच्ची के मस्जिद में जाते ही फ़िरोज़ आलम छेड़खानी करने लगा। आरोप है कि इमाम ने बच्ची का दुपट्टा भी सरकाना शुरू कर दिया था।

बताया जा रहा है कि बच्ची को इमाम की नीयत पर शक होने लगा था। वह जैसे-तैसे किसी तरह से बचते हुए अपने घर तक आई। यहाँ बच्ची ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई। घटना की जानकारी होते ही बच्ची के घर वाले भड़क गए। उन्होंने गाँव वालों को इमाम की हरकत के बारे में बताया तो वो भी नाराज हो गए। सबने मिल कर मस्जिद को घेर लिया और इमाम की पिटाई कर दी।

घटना की जानकारी पुलिस को मिली तो वो फ़ौरन ही मौके पर पहुँची। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ से इमाम को बचा कर अपनी कस्टडी में लिया। आरोपित इमाम को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और भीड़ के आगे इमाम फ़िरोज़ आलम खुद को बेकसूर बताता रहा। बताया जा रहा है कि मस्जिद में उर्दू पढ़ाई जाती है। यहाँ लगभग सभी धर्म के ग्रामीण अपने बच्चों को पढ़ने भेजते थे। आरोपित इमाम फ़िरोज़ आलम मूल रूप से बिहार के ही भागलपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक मामले की जाँच चल रही है।

प्रयागराज की शाही मस्जिद पर बुलडोजर चलने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल, जानें क्या है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में राजमार्ग के चौड़ीकरण में बाधा बनने वाले सैदाबाद शाही मस्जिद को गिरा दिया गया है। यह अवैध मस्जिद लोक निर्माण विभाग (PWD) की जमीन पर बनी थी। कहा जाता है कि इसे अफगान आक्रांता शेरशाह सूरी ने बनवाया था। मस्जिद गिराने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

ट्विटर पर वायरल इस वीडियो पर KalRudra3 नाम के हैंडल ने लिखा, “योगी बाबा के राज्य में, सैदाबाद प्रयागराज (उ.प्र.) मस्जिद पर पाकिस्तान का झंडा लहराने पर बाबा ने मस्जिद ही उखड़वा दी।”

कनिष्का नाम के यूजर ने लिखा, “यह कोर्ट द्वारा सच्चा सेक्युलरिज्म है। कोर्ट ने प्रयागराज के मुसलमानों को ”हराम” से बचाया। अवैध संपत्तियों पर बनी मस्जिदों को इस्लाम में “हराम” के रूप में परिभाषित किया गया है।”

विनम्र त्रिपाठी नाम के यूजर ने लिखा, “जय हो #योगी बाबा !! हालाँकि यह कोर्ट का आदेश है, लेकिन यह योगी बाबा का प्रशासन है, जो ऐसे आदेशों को पूरा करने में सक्षम है।”

आयुष जैन ने लिखा, “अहा..सुंदर दृश्य। अवैध अतिक्रमणों पर ऐसे ही बुलडोजर चलते रहना चाहिए।”

बता दें कि प्रयागराज के हंडिया तहसील में ग्रांट ट्रंक रोड (GT Road) के चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है। इस रोड पर सैदाबाद बाजार में लोक निर्माण विभाग की जमीन पर शाही मस्जिद नाम की एक अवैध मस्जिद स्थित थी। इसे शेरशाह सूरी द्वारा बनवाया हुआ बताया जाता है।

इस मस्जिद को कड़ी प्रशासनिक सुरक्षा बल और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में 9 जनवरी 2023 को ध्वस्त कर दिया गया। शाही मस्जिद को गिराने से पहले अधिकारियों ने मस्जिद प्रशासन को नोटिस दिया था। हालाँकि, मस्जिद को बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने आखिरकार हाईकोर्ट में की शरण ली थी।

इसको लेकर हंडिया के SDM रमेश चंद्र मौर्य ने कहा, “लोक निर्माण विभाग की भूमि पर मस्जिद स्थापित थी। हाईकोर्ट और दिवानी कोर्ट से इन्हें कोई रीलिफ नहीं मिली। मस्जिद की इंतजामिया कमिटी से हमने दो-तीन राउंड वार्ता की है।इसके अनुसार, इंतजामिया कमिटी के लोगों द्वारा स्वयं मस्जिद को हटाने का काम किया जा रहा है।”

मस्जिद के इमाम मोहम्मद बाबुल हुसैन ने बताया था कि वे लोग हाईकोर्ट गए थे, लेकिन हाईकोर्ट ने कहा था कि मामला सिविल कोर्ट का है। इसके बाद वे लोग सिविल कोर्ट गए। वहाँ स्टे को खारिज कर दिया गया। इसके बाद वे लोग लोअर कोर्ट मे गए जहाँ सुनवाई हुई l इस बीच 9 जनवरी 2023 को मस्जिद को गिरा दिया गया। 

‘अंतरराष्ट्रीय साजिश के तहत वैज्ञानिक नम्बी नारायणन को फँसाया गया’: हाईकोर्ट में CBI का बड़ा खुलासा, कहा – मनगढंत था पूरा का पूरा ‘जासूसी काण्ड’

साल 1994 में सामने आए तथाकथित ‘ISRO जासूसी कांड’ को लेकर सीबीआई (CBI) ने केरल हाईकोर्ट में कहा है कि एयरोस्पेस वैज्ञानिक नम्बी नारायणन (Nambi Narayanan) को अंतरराष्ट्रीय साजिश के तहत गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी पूरी तरह से अवैध थी। मामले की जाँच कर रही सीबीआई ने यह भी कहा है कि ISRO में जासूसी की बात मनगढ़ंत थी।

दरअसल, शुक्रवार (13 जनवरी, 2023) को केरल हाईकोर्ट में ISRO जासूसी कांड में साजिश रचने के आरोपितों की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हो रही थी। इसी दौरान सीबीआई ने आरोपितों की जमानत का विरोध करते हुए कई दावे किए हैं। साथ ही कहा है कि आरोपितों से पूछताछ जरूरी है। इसलिए, उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए।

सुनवाई के दौरान, केरल हाईकोर्ट में सीबीआई ने कहा है कि नम्बी नारायणन को इसरो जासूसी कांड में फँसाया गया था। ये पूरा मामला अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा था। इस दावे की पुष्टि के लिए मंगलवार (17 जनवरी 2023) को केस डायरी जारी की जाएगी।

दरअसल, नम्बी नारायणन, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में प्रमुख लिक्विड प्रोपेलेंट इंजन वैज्ञानिक थे। उन पर क्रायोजेनिक इंजन तकनीक को मालदीव की नागरिक रशीदा के माध्यम से पाकिस्तान को बेचने का आरोप लगाया गया था। इस मामले में, केरल पुलिस ने नारायणन समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था।

हालाँकि, बाद में उन पर लगे अभी आरोप झूठे पाए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने साल 1998 में उन्हें रिहा करने का आदेश दिया था। इसके बाद भी उन्हें 50 दिन तक जेल में रखा गया था। अपने ऊपर लगाए गए आरोपों और उन्हें फँसाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई व मुआवजे के लिए नम्बी नारायणन एक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। इस पूरे मसले पर, नम्बी नारायण ने किताब भी लिखी है। किताब में उन्होंने दावा किया है कि अमेरिकी खूफिया एजेंसी (CIA) ने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को रोकने के लिए यह पूरी साजिश रची थी।

इसरो जासूसी कांड में जब नम्बी नारायणन की गिरफ्तारी हुई तब केरल में कॉन्ग्रेस सरकार थी। सीबीआई ने जाँच में पाया है कि नारायणन की अवैध गिरफ्तारी में केरल सरकार के तत्कालीन बड़े अधिकारी भी शामिल थे। इस मामले में केरल के तत्कालीन डीजीपी सिबी मैथ्यूज, रिटायर्ड एसपी केके जोशुआ और एस विजयन पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

सब्जी खरीदते वक्त बीवी ने नहीं मानी बात, बीच सड़क पर दिया तीन तलाक: इंदौर में एहसान अंसारी के खिलाफ FIR, दहेज माँगने का आरोप

मध्य प्रदेश के इंदौर से तीन तलाक का एक नया मामला सामने आया है। आरोप है कि यहाँ के रहने वाले एहसान अंसारी ने सब्ज़ी खरीदने के दौरान 23 वर्षीया बीवी से हुई बहस के बाद उसे तीन तलाक दे कर बेसहारा कर दिया है। एहसान अंसारी पर अपनी ससुराल से 5 लाख दहेज़ भी माँगने का आरोप है। गुरुवार (12 जनवरी 2023) को पुलिस ने आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला सेंट्रल कोतवाली क्षेत्र के दौलतगंज का है। यहाँ की रहने वाली शगुफ्ता का निकाह साल 2018 में इस्लामी तौर-तरीकों से एहसान अंसारी से हुआ था। एहसान लोहे के फेब्रिकेशन का काम करता है। वह खजराना के तंजीम नगर का रहने वाला है। निकाह के कुछ दिनों तक तो सब सही सलामत चला लेकिन बाद में मियाँ-बीवी में झगड़े शुरू हो गए। आरोप है कि एहसान शगुफ्ता पर अपने मायके से दहेज़ लाने का दबाव बना रहा था। इस दौरान शगुफ्ता के अब्बा मुजीबुर्रहमान ने कुछ पैसे एहसान को भिजवाए भी।

शगुफ्ता की शिकायत में आगे बताया गया है कि पैसे पाने के बाद भी उनके शौहर एहसान अंसारी के व्यवहार में खास बदलाव नहीं आया। वो शगुफ्ता को और ज्यादा पैसे लाने के चलते प्रताड़ना देता रहा। परेशान हो कर शगुफ्ता अपने मायके दौलतगंज में आ कर रहने लगी। शगुफ्ता ने अपने खर्च के लिए कुटुंब न्यायालय में एहसान पर केस दर्ज करवाया। आरोप है कि यह केस एहसान द्वारा उसे अपने साथ फिर न ले जाने के जवाब के बाद दायर हुआ था। बताया जा रहा है कि केस दायर होने के बाद एहसान रास्ते में कहीं आने-जाने के दौरान अपनी बीवी को तंग करने लगा।

पीड़िता की शिकायत के अनुसार 23 नवम्बर 2022 को वह बाजार से सब्ज़ी लाने गई थी। इस दौरान उर्दू मैदान पुल के पास उनका शौहर एहसान भी वहीं आ गया। उसने शगुफ्ता को केस वापस लेने की धमकी दी। आरोप है कि जब शगुफ्ता ने ऐसा करने से मना कर दिया तो एहसान उन्हें 3 बार तलाक बोल कर वहाँ से चला गया। इसके बाद भी शगुफ्ता की तरफ से हालात नॉर्मल करने का प्रयास किया जाता रहा। आखिरकार 12 जनवरी 2023 को शगुफ्ता ने अपने परिवार वालों के साथ थाने में जा कर एहसान पर मुस्लिम हिला विवाह संरक्षण अधिनियम के तहत FIR दर्ज करवाई।

गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली में आतंकी साजिश का भंडाफोड़, हथियार समेत 2 संदिग्ध गिरफ्तार, 2 हैंड ग्रेनेड भी बरामद: एक खालिस्तनी और दूसरा इस्लामी आतंकी

गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने एक बड़े आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। जहाँगीरपुरी इलाके से पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इनसे पूछताछ के आधार पर भलस्वा डेरी से हैंड ग्रेनेड (Hand Grenade) बरामद भी किए गए हैं। दोनों संदिग्धों की पहचान जगजीत और नौशाद के तौर पर हुई है। 

दिल्ली पुलिस की टीम ने जहाँगीरपुरी के एक फ्लैट से नौशाद और जगजीत सिंह उर्फ जग्गा को UAPA के तहत गिरफ्तार किया था। दोनों को शुक्रवार (13 जनवरी 2023) को पाटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ उन्हें 14 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया।

पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि बाहरी दिल्ली के भलस्वा डेरी में उन्होंने हैंड ग्रेनेड छिपाए हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार (13 जनवरी 2023) की देर रात छापेमारी कर दोनों विस्फोटक बरामद कर लिए। वहीं, दोनों की गिरफ्तारी के वक्त पुलिस ने उनके पास से 3 पिस्टल और 22 कारतूस बरामद किए थे।

पुलिस पूछताछ के दौरान यह भी पता चला है कि जगजीत प्रतिबंधित खालिस्तानी समूहों के साथ संपर्क में था। वह विदेश में छिपे खालिस्तानी आतंकी अर्शदीप डल्ला के साथ लगातार सम्पर्क में था। वहीं, नौशाद आतंकी संगठन हरकत उल अंसार से जुड़ा हुआ है और डबल मर्डर के केस में सजा काट कर जेल से बाहर आया हुआ था। 

दोनों ने पुलिस को ये भी बताया कि उन्होंने अपने हैंडलर के कहने पर एक व्यक्ति की हत्या भी है। उसका वीडियो बनाकर उन्होंने अपने हैंडलर को भी भेजा है। छापेमारी के दौरान पुलिस को भलस्वा डेरी वाली जगह से खून के छींटे भी मिले हैं। पुलिस की FSL टीम ने इसके नमूने इकट्ठा कर लिए।

हालाँकि, दोनों ने ये नहीं बताया कि जिस व्यक्ति की उन्होंने हत्या की थी, वह व्यक्ति कौन था। ये दोनों भलस्वा डेयरी के इसी घर में रेंट पर रहते थे। पुलिस को आशंका है कि ये दोनों किसी हाईप्रोफाइल किलिंग को अंजाम देने वाले थे। इसके साथ ही 26 जनवरी के आसपास एक बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। पुलिस इसका पता लगाने की कोशिश कर रही है।

बता दें कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को जहाँगीरपुरी इलाके में 2 संदिग्ध आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी। 12 जनवरी 2023 को छापेमार कर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। जगजीत उत्तराखंड के उधम सिंह नगर का रहने वाला है, जबकि नौशाद का घर दिल्ली के जहाँगीरपुरी में है। 

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अनुसार, इनके मोबाइल से आतंकी साजिश का ब्लूप्रिंट मिला है। आरोपित नौशाद हत्या के 2 मामलों में उम्रकैद की सजा काट चुका है। इसके अलावा, उसे विस्फोटक अधिनियम के एक मामले में भी 10 साल की सजा भी हो चुकी है। वहीं, जगजीत कुख्यात बंबीहा गिरोह का सदस्य है। वह उत्तराखंड में हत्या के एक मामले में पैरोल पर बाहर था।

आरी से काटी गई थी श्रद्धा की हड्डियाँ: AIIMS की पोस्टमार्टम विश्लेषण से खुलासा, महीना खत्म होते-होते पुलिस दाखिल कर देगी चार्जशीट

दिल्ली में श्रद्धा वालकर हत्या मामले में श्रद्धा की हड्डियों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आया है। रिपोर्ट में हड्डियों को आरी से काटे जाने की पुष्टि हुई है। दिल्ली एम्स में मंगलवार (10 जनवरी, 2023) को हुए पोस्टमार्टम एनालिसिस के बाद यह जानकारी सामने आई है। श्रद्धा मर्डर मामले की जाँच कर रही दिल्ली पुलिस इसी महीने के आखिर तक चार्जशीट दाखिल कर सकती है।

आफताब पहले ही श्रद्धा की हत्या करने की बात कबूल चुका है। रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई थी कि 18 मई, 2022 को श्रद्धा की हत्या करने के बाद आफताब ने श्रद्धा की लाश के 35 टुकड़े किए थे। इसके लिए आफताब ने आरी समेत कई हथियारों का इस्तेमाल किया था। अब एम्स के पोस्टमार्टम विश्लेषण से यह सिद्ध हो चुका है कि श्रद्धा की हड्डियाँ आरी से ही काटी गई थीं। शव के टुकड़े करने के बाद आफताब ने उसे एक बड़े फ्रिज में रखा था। अफताब हर रात श्रद्धा की लाश के टुकड़ों को महरौली और गुरुग्राम के जंगलों में ठिकाने लगाता था।

पुलिस ने अफताब की निशानदेही पर महरौली और गुरुग्राम के जंगलों से श्रद्धा की लाश के टुकड़े बरामद किए थे। नवंबर 2022 में आई DNA रिपोर्ट में जंगलों से प्राप्त हड्डियाँ श्रद्धा की ही निकली थीं। दिल्ली पुलिस ने फॉरेंसिक लैब को जंगल से मिली हड्डियाँ सौंपी थीं। इन हड्डियों का डीएनए और श्रद्धा के पिता के ब्लड सैंपल का डीएनए मैच हो गया था।

गौरतलब है कि आफताब ने 18 मई 2022 को ही श्रद्धा की हत्या कर दी थी। श्रद्धा की हत्या के बाद किसी को उस पर शक न हो इसलिए वह लगातार ऑफिस जाता रहा। यही नहीं, हत्या के बाद श्रद्धा के परिवार वालों और फ्रेंड्स की नजरों में श्रद्धा को जिंदा दिखाने के लिए आफताब उसके इंस्टाग्राम अकाउंट को यूज करता रहा। यहाँ तक कि उसने उसके इंस्टाग्राम से कुछ पोस्ट्स भी किए थे। मामले का खुलासा नवंबर में हुआ था। 12 नवम्बर, 2022 को श्रद्धा की हत्या के आरोप में पुलिस ने आफ़ताब को गिरफ्तार किया था।

NCP सांसद फैजल की लोकसभा सदस्यता रद्द, जेल में काट रहे 10 साल की सजा: पूर्व मंत्री के दामाद पर तलवार, चाकू से किया था हमला

हत्या के प्रयास में 10 साल की सजा पाए लक्षद्वीप के NCP सांसद मोहम्मद फैज़ल को संसद में अपनी सदस्यता गंवानी पड़ी है। अदालत ने इसी मामले में राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी सांसद सहित कुल 4 लोगों को दोषी करार दिया है। फैज़ल के साथ दोषी करार दिए गए अन्य साथियों के नाम नूरुल अमीन, मोहम्मद हुसैन और बशीर थंगल हैं। यह हमला पूर्व केंद्रीय मंत्री पी एम सईद के दामाद पदनाथ सालिह पर हुआ था। लोकसभा सचिवालय ने मोहम्मद फैज़ल को अयोग्य घोषित करने वाली अधिसूचना भी शुक्रवार (13 जनवरी 2023) को जारी कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी मामले में कावरत्ती जिले की सेशन कोर्ट ने सांसद समेत सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी ठोंका है। इस मामले से जुड़े एक वकील के मुताबिक मामला साल 2009 का है। तब लोकसभा चुनाव के दौरान पीड़ित पदनाथ सालिह अपने पड़ोस में हो रहे एक राजनैतिक विवाद को खत्म करने गए थे। इसी दौरान मोहम्मद फैज़ल ने अपने साथियों सहित पदनाथ पर हमला बोल दिया। हमले में पदनाथ बाल-बाल बचे थे। हमले में घायल पदनाथ का एक लम्बे समय तक निजी अस्पताल में इलाज चला था। इस केस में पुलिस ने मोहम्मद फैज़ल और उनके साथियों पर IPC की धारा 307 के तहत FIR दर्ज की थी।

आरोप है कि मोहम्मद फैज़ल और उनके साथियों ने हमले के लिए तलवार, छुरा और डंडों का इस्तेमामल भी किया था। हमले इस केस में पुलिस ने कुल 32 हमलावरों को आरोपित किया था। तब से यह मामला अदालत में ट्रायल पर था जिसमें दोनों पक्षों को सुन कर कोर्ट ने फैसला सुनाया है। 10 साल की सजा सुनाए जाने के बाद 11 जनवरी 2023 (बुधवार) से मोहम्मद फैज़ल लोकसभा की अधिसूचना के मुताबिक संसद से अयोग्य घोषित कर दिए गए। यह फैसला भारत के संविधान के अनुच्छेद 102 (एल) (ई) की नियमावली के साथ जन प्रतिनिधित्व अधिनियम और 1951 की धारा 8 के तहत लिया गया।

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान 5 वीं मौत… जालंधर के कॉन्ग्रेस सांसद संतोख सिंह को चलते-चलते आया दिल का दौरा, अस्पताल में निधन

राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra)’ सितंबर 2022 से शुरू हो कर मध्य जनवरी 2023 तक पहुँच चुकी है। इस यात्रा में अब तक कुल 4 लोगों की मौत हो चुकी है। अब ताजा घटनाक्रम में यात्रा में शामिल पंजाब से कॉन्ग्रेस सांसद चौधरी संतोख सिंह का निधन हो गया। मृत्यु से ठीक पहले संतोख सिंह राहुल गाँधी के साथ चल रहे थे। इस दौरान उनकी धड़कने तेज हो गईं जिसे बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। यह घटनाक्रम शनिवार (14 जनवरी 2023) का है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अपनी यात्रा ले कर आज (14 जनवरी 2023) शनिवार को राहुल गाँधी सुबह 7 बजे लुधियाना के लोडोवाल से निकले थे। सुबह के 10 बजे उनका अगला पड़ाव जालंधर के गोराया में था। इसी यात्रा में राहुल गाँधी के साथ जालंधर से कॉन्ग्रेस सांसद चौधरी संतोख सिंह भी चल रहे थे। कुछ ही दूर चलने के बाद सांसद संतोख के दिल की धड़कने तेज हो गईं। आनन-फानन में उन्हें फगवाड़ा के विर्क अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अपने सांसद का हाल-चाल जानने खुद राहुल गाँधी भी यात्रा रोक कर अस्पताल पहुँचे थे। कुछ समय के इलाज के बाद डॉक्टरों ने सांसद संतोख सिंह को मृत घोषित कर दिया।

सांसद संतोख सिंह को एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस दौरान पुलिसकर्मियों को भीड़ हटाते और एम्बुलेंस के लिए रास्ता बनाते देखा जा सकता है।

मिल रही जानकारी के मुताबिक कॉन्ग्रेस सांसद की मौत से बाधित हुई यात्रा को आज फगवाड़ा के बस स्टॉप पर पहुँचना था। राहुल गाँधी रात में कपूरथला के मेहत गाँव में रुकने वाले थे। फिलहाल यात्रा सुबह 9:30 से रुकी हुई है। कॉन्ग्रेस की तरफ से अभी तक यात्रा में किसी भी बदलाव की जानकारी सार्वजानिक नहीं की गई है।

गौरतलब है कि भारत जोड़ो यात्रा के 30 जनवरी 2023 तक कश्मीर में एक बड़े इवेंट के साथ समापन की उम्मीद है। इस से पहले इसी यात्रा में 8 नवंबर,2022 को कॉन्ग्रेस सेवा दल के महासचिव कृष्ण कुमार पांडे, 12 नवंबर 2022 को कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता गणेश पोन्नरमन, 25 नवंबर को सुरक्षा में तैनात सब इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह और 3 दिसंबर 2022 को कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता मांगीलाल शाह की असामयिक मृत्यु हो चुकी है।

ड्रोन से लेकर पतंग पर प्रतिबंध, चीनी लाइटें भी न नजर आएँ: 26 जनवरी तक गुरुग्राम में लागू हुई धारा-144, उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता किए जाने लगे हैं। इसके तहत गुरुग्राम जिला प्रशासन ने शुक्रवार (13 जनवरी 2023) को CrPC की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी। इसके साथ ही गुरुग्राम को नो फ्लाइ जोन घोषित कर दिया है।

प्रशासन के आदेश के तहत 26 जनवरी तक इलाके में ड्रोन, माइक्रोलाइट विमान, ग्लाइडर, गर्म हवा के गुब्बारे, पतंग और चीनी माइक्रोलाइट उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जो भी इस निषेधाज्ञा का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, जिला प्रशासन ने साइबर कैफे, गेस्ट हाउस, होटल, पेइंग गेस्ट और मकान मालिकों को सतर्क किया है। इन्हें आदेश दिया गया है कि वे अपने किरायेदारों, नौकरों, आगंतुकों और मेहमानों के रिकॉर्ड और पहचान पत्र सबूत के तौर पर अपने साथ रखें।

जिला प्रशासन ने कहा, “गणतंत्र दिवस के अवसर पर असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा कारणों से ये आदेश जारी किए गए हैं। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।”