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नशे में धुत 3 यात्रियों ने उड़ते विमान में पायलट को पीटा, एयरहोस्टेस से की बदसलूकी: Indigo की शिकायत पर 2 गिरफ्तार, 1 फरार

दिल्ली से पटना आ रहे इंडिगो एयरलाइन्स के विमान में 3 युवकों द्वारा हंगामे की खबर है। बताया जा रहा है कि तीनों युवक नशे में धुत थे। उन पर जहाज के यात्रियों, क्रू मेम्बरों और एयर होस्टेस के साथ बदसलूकी का आरोप है। CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) के जवानों ने 2 आरोपितों को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया है। इनका तीसरा साथी भी बताया जा रहा है जो फिलहाल फरार है। घटना रविवार (8 जनवरी 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान के दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद 3 यात्री हंगामा करने लगे। विमान में बैठे अन्य लोगों को तीनों के नशे में होने का शक हुआ। यात्रियों ने तीनों को शांत रहने के लिए कहा तो वो झगड़ा करने लगे। तीनों को समझाने के लिए एयर होस्टेस और क्रू मेंबर भी आए तो उन्होंने उनके साथ भी बदसलूकी की। इस दौरान तीनों पर छेड़खानी करने का भी आरोप लगा है। पूरे सफर के दौरान तीनों हंगामा करते रहे। आरोपितों द्वारा पायलट के साथ भी मारपीट की खबर है।

विमान से ही इस हंगामे की जानकारी पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को दे दी गई थी। पहले से सुरक्षा बल सतर्क थे और दोनों के उतरते ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया। दोनों का मेडिकल करवाया गया तो उनके शराब पीने की पुष्टि हुई। बाद में CISF के जवानों ने दोनों को हवाई अड्डा थाना पुलिस को सौंप दिया। दोनों की पहचान नीतीश और रोहित के रूप में हुई है। ये दोनों बिहार के ही हाजीपुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इंडिगो एयरलाइन्स के मैनेजर की तहरीर पर दोनों आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कर के दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। कहा जा रहा है कि दोनों के साथ पिंटू नाम का एक तीसरा यात्री भी था जो फरार हो गया। पुलिस पिंटू की तलाश कर रही है।

गौरतलब है कि 26 नवम्बर 2022 को न्यूयॉर्क से दिल्ली आने वाली एयर इंडिया (Air India) की एक फ्लाइट में बिजनेस क्लास में यात्रा कर रहे एक शख्स ने शराब के नशे में धुत होकर करीब 70 वर्षीय एक महिला सहयात्री पर पेशाब कर दिया था। आरोप है कि आरोपित यात्री ने कथित तौर पर महिला सहयात्री को अपने प्राइवेट पार्ट भी दिखाए थे।

‘सबसे ज्यादा ब्राह्मण मा%$*#द होते हैं’: ललितपुर में सब इंस्पेक्टर का ऑडियो वायरल, SP ने किया सस्पेंड, लोगों ने पूछा- इसने ड्यूटी के वक्त क्या न्याय किया होगा

उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में एक सब इंस्पेक्टर का ऑडियो वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में पुलिसकर्मी ब्राह्मण और ठाकुर के साथ बनिया समाज को खुलेआम गालियाँ दे रहा है। ऑडियो में खास तौर पर ब्राह्मणों को निशाना बनाया गया है। आरोपित सब इंस्पेक्टर का नाम दिनेश कुमार दोहरे है जिन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। रविवार (8 जनवरी 2023) को ललितपुर पुलिस द्वारा जानकारी देते हुए बताया है कि मामले में जॉंच बिठा दी गई है।

26 सेकेंड के इस ऑडियो को पत्रकार शुभम शुक्ला ने अपने ट्विटर पर शेयर किया है। वायरल ऑडियो में एक तरफ सब इंस्पेक्टर की तस्वीर है जबकि दूसरी तरफ प्रतीकत्मक चित्र है। ऑडियो में दरोगा ने खुद को SC समुदाय से बताते हुए कहा, “ब्राह्मण, ठाकुर और बनिया मा$$द होते हैं, जिसमें सबसे ज्यादा ब्रह्मण।” ऑडियो में दूसरी तरफ वाले व्यक्ति को रजक बताया जा रहा है जो दरोगा की बातों में हाँ में हाँ मिलाता सुनाई दे रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वायरल ऑडियो सब इंस्पेक्टर से एक व्यक्ति की हुई बातचीत का एक अंश है। बताया जा रहा है कि इसे बात करने वाले व्यक्ति ने ही वायरल किया है। ललितपुर के पुलिस अधीक्षक ने आरोपित सब इंस्पेक्टर दिनेश कुमार दोहरे को सस्पेंड करते हुए मामले की जाँच पुलिस सर्किल ऑफिसर (DSP) मडावरा को सौंपी है।

सोशल मीडिया पर नाराजगी

दरोगा दिनेश कुमार दोहरे का ऑडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। एस पी त्रिपाठी ने लिखा है कि दरोगा दिनेश दोहरे की जॉइनिंग से ले कर अंतिम पोस्टिंग तक जाँच किए गए मामलों की फिर से जाँच करवाई जाए। मनीष तिवारी ने लिखा है कि ऐसी सोच वाले अधिकारी ने सब जातियों के फरियादियों के साथ कैसा न्याय किया होगा। जबकि गौरव कुमार के मुताबिक आरोपित सब इंस्पेक्टर अपने पद पर रहते हुए न्याय नहीं कर सकता।

चित्र साभार – @NCIBHQ पर आए कमेंट के स्क्रीनशॉट

इनके अलावा निशांत तिवारी, रुद्रा, मिथलेश गुप्ता आदि ने भी वायरल ऑडियो में दरोगा दोहरे के बर्ताव पर नाराजगी जताई है।

ब्राजील में संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पर हमला, चुनावी हार के बाद भड़की हिंसा में 400 गिरफ्तार: PM मोदी ने की निंदा

ब्राजील में रविवार (8 जनवरी 2023) को पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो (Jair Bolsonaro) के हजारों समर्थकों ने सड़कों पर दंगा मचाया। ये लोग नए राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा (Luiz Inacio Lula da Silva) के विरोध में ऐसा कर रहे थे। खबरों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों को निशाना बनाया। न संसद भवन छोड़ा गया और न सुप्रीम कोर्ट। हालात इतने बेकाबू हो गए कि ब्राजील की सरकारी इमारतें बचाने के लिए सेना को मोर्चा संभालना पड़ा।

बताया जा रहा है कि पुलिस ने अब तक 400 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं सुरक्षाकर्मियों ने संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट को खाली कराकर उसकी सुरक्षा बढ़ा दी है। ब्राजील के न्याय मंत्री रिकार्डो कपेली ने कहा कि सरकारी इमारतों को नुकसान पहुँचाने वाले सभी लोगों को सजा मिलेगी। उन्होंने बताया कि वह खुद सड़कों पर उतरकर हालात देख रहे हैं और सुरक्षाकर्मियों को कमांड दी जा रही है। कोई भी सजा दिए बिन नहीं छोड़ा जाएगा।

मंत्री पाउला पिमेंटा ने भी कुछ वीडियो शेयर करते हुए उनके कार्यालय में मचे उपद्रव को दिखाया। वीडियो में सारा फर्नीचर उथला-पुथला और मशीनें तोड़ी हुई दिख रही हैं। उन्होंने कहा है कि घटना में शामिल सभी लोगों को अपराधियों की तरह ही देखा जाना चाहिए।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन, फ्रांस राष्ट्रपति मैक्रो समेत विश्व के कई नेताओं ने घटना का विरोध किया। वहीं ब्राजील के नए राष्ट्रपति ने इसे फासीवादी हमला करार दिया। पीएम मोदी ने भी घटना की निंदा की। उन्होंने लिखा, “ब्रासीलिया में सरकारी संस्थानों के खिलाफ दंगे और तोड़फोड़ की खबरों से बेहद चिंतित हूँ। लोकतांत्रिक परंपराओं का सभी को सम्मान करना चाहिए। हम ब्राजील के अधिकारियों को अपना पूरा समर्थन देते हैं।”

रविवार को हुए उपद्रव में 3000 से ज्यादा लोगों के दंगे को रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों को लगभग 3 घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद 400 से ज्यादा लोग पकड़े गए। ये सब ब्राजील के नए राष्ट्रपति के खिलाफ थे।

बता दें कि ब्राजील में अक्टूबर में चुनाव हुए थे। चुनावों में बोल्सोनारो को हार मिली थी। वहीं सिल्वा की पार्टी जीती थी। ये बात बोलसोनारो के समर्थकों को नगवार गुजरी। इसी क्रम में वह ब्रासीलिया में घुस आए। हालाँकि इस दौरान राष्ट्रपति वहाँ पर मौजूद नहीं थे। कुछ वीडियोज सामने आई है जिसमें प्रदर्शनकारी डंडे लेकर तोड़फोड़ कर रहे हैं।

अपने समर्थकों की ऐसी हरकत देखने के बाद बोल्सोनारो ने भी घटना की निंदा की और लोकतंत्र का सम्मान करने को कहा। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने काल में संविधान को इज्जत, कानून की पैरवी की है।

PFI से जुड़े 4 के खिलाफ NIA ने दायर की चार्जशीट: बिहार में छापे के बाद हुआ था ‘मिशन 2047’ का पर्दाफाश, शारीरिक शिक्षा के नाम पर दे रहे थे आतंकी ट्रेनिंग

रष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने पटना से गिरफ्तार प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) से जुड़े 4 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। इनके नाम अतहर परवेज, मोहम्मद जमालुद्दीन खान, नूरुद्दीन जंगी और अरमान मालिक हैं। शनिवार (7 जनवरी 2023) को कोर्ट में दायर आरोप पत्र में चारों पर देश विरोधी गतिविधियों को संचालित करने का आरोप है।

पटना के फुलवारीशरीफ के नया टोला से जुलाई 2022 को पुलिस ने अतहर परवेज, जलालुद्दीन और अरमान मल्लिक को पकड़ा था। इनसे पूछताछ और बरामद दस्तावेजों से शारीरिक प्रशिक्षण की आड़ में आतंकी प्रशिक्षण देने तथा भारत को 2047 तक इस्लामिक मुल्क (गजवा-ए-हिन्द) बनाने की साजिशों का पर्दाफाश हुआ था। यह बात भी सामने आई थी कि ये लोग जुलाई 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में गड़बड़ी फैलाने की साजिश रच रहे ​थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चार्जशीट में बताया गया है कि चारों आरोपितों ने आतंकी गतिविधि को अंजाम देने के लिए 12 जुलाई 2022 का दिन चुना था। इस दिन पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली थी। इस दिन ये सभी क्षेत्र में हिंसा फैलाने की फिराक में थे। इन सभी का बेस फुलवारीशरीफ में बताया गया है। यहाँ पर इन्होने अहमद पैलेस नाम का मकान किराए पर लिया था। इसी जगह पर सभी ने साजिश को अंजाम देने वाली मीटिंग की थी। आरोपितों ने साल 2047 तक भारत को इस्लामी मुल्क बनाने के नाम पर फंड इकट्ठा किया था।

जानकारी के मुताबिक फुलवारीशरीफ में ही आरोपितों ने अपनी साजिश को अंजाम देने के नाम पर नई भर्तियाँ भी की थीं। चार्जशीट मे इन सभी आरोपितों पर देश में अस्थिरता फैलाने और डर का माहौल बनाने की भी साजिश रचने का आरोप है। चारों आरोपितों पर IPC की धारा 121, 121 (ए), 122, 153 (ए), 153 (बी) और यूएपी की धारा 13, 17, 18, 18 (ए), 18 (बी) और 20 के तहत FIR दर्ज हुई है।

गौरतलब है कि पटना पुलिस ने की छापेमारी के बाद जब आतंकी साजिशों का खुलासा हुआ तो मामले की जाँच NIA को शुसौंप दी गई। एजेंसी ने दो अलग-अलग FIR दर्ज की थी। पहली FIR में 26 नाम हैं, जबकि दूसरी में मरगूब अहमद नाम का एक आरोपित नामजद है।

मुंबई के चर्च में घुसा दाऊद अंसारी, क्रॉस उखाड़े-कब्रें तोड़ी: रिपोर्ट में बताया- मानसिक बीमार, अम्मी के इंतकाल से परेशान

मुंबई के सेंट माइकल चर्च में शनिवार (7 जनवरी 2023) को 18 कब्रें और उन पर लगे क्रॉस तोड़ने के इल्जाम में महीम पुलिस ने दाऊद अंसारी नाम के 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दाऊद को उसके चाचा के घर से रविवार को (8 जनवरी 2023) गिरफ्तार किया। चर्च प्रशासन द्वारा घटना की सीसीटीवी फुटेज पुलिस को दिए जाने के बाद से दाऊद को ढूँढा जा रहा था।

डीसीपी मनोज पाल ने बताया, पुलिस ने कालंबोली निवासी दाऊद अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। उसने चर्च की कब्रों में तोड़फोड़ की थी। वह अपने चाचा के साथ नवी मुंबई में गद्दों की दुकान पर नौकरी करता है। फिलहाल उसने ऐसा क्यों किया इसका पता नहीं चल पाया है।

सेंट माइकल चर्च के पादरी फादर लैंसी पिंटू ने कहा, “घटना सुबह 5 बजे के आसपास की है। चौकीदार ने ये बाद में देखा। सुबह भीड़ होती है इसलिए मुझे भी घटना का 8:30 बजे पता चला। इसके बाद घटना के बारे में फौरन पुलिस को इन्फॉर्म किया गया।”

बताया जा रहा है कि ये चर्च 400 वर्ष पुराना है और कब्रगाह भी तभी बनाई गई थी। अंसारी को फुटेज में देखने के बाद उसको पकड़ा गया। वह सीसीटीवी में तोड़फोड़ के बाद चर्च में घुटनों पर बैठकर प्रार्थना करते हुए भी देखा जा सकता है।

पुलिस का कहना है कि ये मामला गंभीर है क्योंकि इसमें धार्मिक एंगल भी है। वह लोग घटना के पीछे की मंशा पता करने में जुटे हैं। सीसीटीव में दिख रहा है अंसारी चर्च में करीबन 5:30 बजे घुसा। जब प्रार्थना शुरू हुई तो वो बाहर आ गया और उसने कब्रगाह में बड़ा पत्थर उठाकर करीबन 18 कब्रें तोड़ीं। इसके बाद वह चर्च में गया। वहाँ उसने अपना बस्ता नहीं पाया और इसकी शिकायत सुरक्षाकर्मियों से की।

वॉचमैन जब उसका बस्ता खोज रहा था तभी उन्हें कब्रगाह में हुई तोड़फोड़ का पता चला। शक होने पर अंसारी को पकड़ा गया। चर्च प्रशासन ने पुलिस को बुलाया। लेकिन उस समय अंसारी किसी तरह वहाँ से भाग निकला। बाद में पुलिस ने सीसीटीवी देख उसकी तलाश शुरू की।

पुलिस ने कहा कि ये सब उसने जानबूझकर किया है। इस बीच मिड डे की रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से दाऊद को मानसिक रूप से बीमार बताया गया है। रिपोर्ट में यह भी दावा है कि पुलिस ने कहा कि आरोपित अपनी अम्मी के जाने के बाद से मानसिक रूप से तनाव में था। उसने भगवान में विश्वास करना बंद कर दिया था।

‘आर्थिक आधार पर मिले आरक्षण, ख़त्म हो SC/ST एक्ट’: MP में ‘करणी सेना’ का शक्ति प्रदर्शन, भूख हड़ताल का भी ऐलान

देश में आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर चर्चा होती रही है। अब इसी मुद्दे को लेकर ‘करणी सेना’ ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में आंदोलन शुरू किया है। आर्थिक आधार पर आरक्षण सहित 21 माँगों को लेकर ‘करणी सेना’ के मुखिया जीवन सिंह शेरपुर सहित 5 लोग भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। आंदोलन कर रहे लोगों का कहना है कि माँगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार (8 जनवरी, 2023) को करणी सेना ने भोपाल के जंबूरी मैदान में आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। इससे पहले करणी सेना ने माँगे पूरी नहीं होने पर विधानसभा घेराव की चेतावनी दी थी। हालाँकि, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बातचीत के लिए समय माँगे जाने के बाद विधानसभा घेराव को टाल दिया गया है। लेकिन, चेतावनी मिलने के बाद से विधानसभा की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

इस आंदोलन को लेकर ‘करणी सेना’ के मुखिया जीवन सिंह का कहना है कि भूख हड़ताल पर सिर्फ 5 लोग बैठेंगे। उन्होंने आंदोलन में आए लोगों से हिंसा न करने की अपील करते हुए कहा है कि जिसे जाना हो वह खुशी से जा सकता है, लेकिन कहीं भी तोड़फोड़ और उद्दंडता नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा है कि माँगे पूरी करने के लिए 4 बजे तक का समय दिया गया था। लेकिन इसके लिए सरकार ने समय माँगा है। फिलहाल, अनशन शुरू कर रहे हैं। सब लोग यहीं बैठेंगे। जब तक माँगे पूरी नहीं होंगी, मैदान नहीं छोड़ेंगे। यदि माँगे नहीं मानी गईं तो राजनीति में उतरने से भी परहेज नहीं होगा। इस आंदोलन को सवर्णों और पिछड़ा वर्ग का साथ भी मिल रहा है। व्‍यवस्था में सुधार के लिए यह आंदोलन कर रहे हैं।

इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान, हरियाणा छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र से करणी सेना के कार्यकर्ता पहुँचे हैं। इस दौरान, प्रदर्शनकारी ‘माई के लाल’ और ‘जय भवानी’ के नारे लगाने के साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करते नजर आए।

उत्तर प्रदेश के इस जिले में घूम रहा है साइको सीरियल किलर, बुजुर्ग महिलाओं की कर रहा हत्या… यूपी पुलिस ने बताया क्या है सच

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रामसनेही घाट में बीते कुछ महीनों में बुजुर्ग महिलाओं की हत्या हुई है। इसको लेकर मीडिया में दावा किया जा रहा है कि साइको या सीरियल किलर महिलाओं की हत्या कर रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि सीरियल किलर की गिरफ्तारी के लिए यूपी पुलिस की 6 टीमें लगी हुई हैं। साथ ही पुलिस ने एसटीएफ से मदद माँगी है।

न्यूज 18 ने इस खबर को लेकर लिखा है, “पुलिस बाराबंकी जिले में घूम रहे साइको किलर की तलाश कर रही है। यह किलर बुजुर्ग महिलाओं को टारगेट कर उनकी हत्या कर रहा है। इसकी तलाश में यूपी पुलिस की 6टीमें लगी हैं। पुलिस ने आरोपित की फोटो वायरल कर लोगों से उसे पकड़वाने की अपील की है। यह अब तक तीन हत्याएँ कर चुका है। किलर को पकड़ने में नाकाम थाने के इंस्पेक्टर को एसपी ने लाइन हाजिर करते हुए दूसरे पुलिस अफसर को लगाया है।”

यही नहीं, न्यूज 18 ने अपनी रिपोर्ट में 5 दिसंबर, 6 दिसंबर और 29 दिसंबर को हुई हत्याओं को लेकर विस्तृत जानकारी देते हुए लिखा है कि इन महिलाओं के साथ पहले दुष्कर्म किया गया फिर हत्या हुई।

इसी प्रकार, दैनिक जागरण ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, “सीरियल किलर की तलाश में असफल पुलिस ने अब स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) से मदद की गोहार लगाई है। वायरल वीडियो में दिखे संदिग्ध सीरियल किलर की फोटो पुलिस ने एसटीएफ को भेजी है। एडीजी लखनऊ जोन इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस के अब तक के सभी प्रयास निरर्थक साबित हुए। उधर क्षेत्र में सीरियल किलर का खौफ भी कम होने का नाम नहीं ले रहा है।”

इसके साथ ही, ‘दैनिक जागरण’ ने रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र में हुई 3 हत्याओं का जिक्र किया है। इसमें, 4 जुलाई, 17 दिसंबर और 30 दिसंबर 2022 को हुई हत्या की घटनाओं के बारे में बताया गया है।

यही नहीं, दैनिक जागरण ने दावा करते हुए लिखा है “पुलिस के हाथ एक वीडियो लगा है। वीडियो में एक युवक वृद्धा के साथ दरिंदगी की कोशिश कर रहा है। वीडियो में कैद युवक को ही पुलिस सीरियल किलर मान कर उसकी तलाश कर रही है। पुलिस ने अज्ञात आरोपित पर पुरस्कार भी घोषित किया है। सोशल मीडिया व सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति की फोटो व पोस्टर भी चिपकाए हैं। पुलिस कर्मी गली-गली जाकर मोबाइल में फोटो दिखाकर ग्रामीणों से जानकारी ले रहे हैं।”

इसी तरह, जी ने भी दावा किया है। हालाँकि, इस रिपोर्ट में 4 हत्याओं का दावा है। जी न्यूज़ ने लिखा है, “बाराबंकी जिले में घूम रहे एक साइको किलर की पुलिस को तलाश है. किलर बुजुर्ग महिलाओं को टारगेट कर उनकी हत्या करता है। इसकी तलाश में बाराबंकी पुलिस की 6 टीमें लगीं हैं। वहीं पुलिस ने फोटो वायरल कर लोगों से किलर को पकड़ने में मदद करने की अपील की है। जानकारी के मुताबिक साइको किलर अबतक चार हत्याएँ कर चुका है।”

हिंदी मीडिया हाउस की तर्ज पर अंग्रेजी मीडिया संस्थानों ने भी रिपोर्ट पब्लिश की है। इंडिया टुडे, डीएनए, इंडिया डॉट कॉम जैसे अन्य वेबसाइट में भी ऐसे ही दावे किए गए हैं।

मीडिया द्वारा किए जा रहे ऐसे दावों के बाद, बाराबंकी पुलिस ने वीडियो जारी कर इनका खंडन किया है। बाराबंकी एएसपी ने कहा है, “रामसनेही घाट में दो महिलाओं की हत्या के संबंध में, कुछ स्त्रोतों से सीरियल किलर और साइको किलर के नाम से आधारहीन और तथ्यहीन चीजें प्रकाशित हो रहीं हैं। अभी तक पुलिस की विवेचना में ऐसे कोई भी तथ्य प्राप्त नहीं हुए हैं, जिनसे यह कहा जा सके कि इन घटनाओं में सीरियल किलर या साइको किलर शामिल रहा हो।”

उन्होंने यह भी कहा है, “अब तक की विवेचना में दोनों घटनाएँ अलग-अलग पाई गईं हैं। दोनों घटनाओं में टीमें काम कर रहीं हैं। इसमें संदिग्ध के विषय में कुछ जानकारी हुई है। इसके लिए हमारी टीम लगी हुई है। शीघ्र ही उसकी गिरफ्तारी होगी। घटना का खुलासा करेंगे। इसमें, यह भी सूचित किया जा रहा है कि इसमें अन्य किसी भी जाँच एजेंसी की अभी मदद नहीं जा रही है। क्योंकि घटनाओं की प्रकृति ऐसी नहीं है। बाराबंकी पुलिस इसमें काम कर रही है।”

‘तुनिशा को ड्रग्स लेने के लिए मजबूर करता था शीज़ान खान, साजिश में उसका पूरा परिवार शामिल’: दिवंगत अभिनेत्री की माँ ने पूछा – दूर वाले अस्पताल में क्यों ले गया?

तुनिशा शर्मा की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है। एक ओर जहाँ तुनिशा के बॉयफ्रेंड रहे शीजान मोहम्मद खान आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में जेल में है। वहीं, तुनिषा शर्मा की माँ का कहना है कि हो सकता है तुनिषा की हत्या की गई हो। इसके अलावा उन्होंने शीजान की माँ द्वारा लगाए गए आरोपों का भी जवाब दिया है।

दरअसल, शीजान खान की अम्मी कहकशाँ सैफी ने तुनिषा शर्मा की माँ वनिता शर्मा पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह तुनिषा से सारे पैसे ले लेती थीं और उसे खर्चा करने के लिए पैसे नहीं मिलते थे। इन आरोपों का जवाब देते हुए वनिता शर्मा ने कहा है कि उन्होंने अपनी बेटी को बीते तीन महीने में 3 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। इसका सबूत बैंक स्टेंटमेंट से देखा जा सकता है।

एक इंटरव्यू में वनिता शर्मा ने कहा है, “मैं शीजान को छोड़ने वाली नहीं हूँ। मैंने अपनी बेटी खो दी है। मैं यहाँ न्याय पाने के लिए आई हूँ। शीजान और उसका पूरा परिवार इसमें शामिल है। तुनिषा मेरी जिंदगी थी। उसने मुझसे कभी कुछ नहीं छुपाया। पिछले 3-4 महीनों में वह उसके (शीजान के) परिवार के करीब आ रही थी। पूरे परिवार ने तुनिषा का इस्तेमाल किया। शीजान की माँ ने कहा कि मैं उसे पैसे नहीं देती थी। मैंने तुनिषा को तीन महीने में तीन लाख रुपए दिए हैं। आप मेरा बैंक स्टेटमेंट देख सकते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा है, “जब तुनिषा लद्दाख यात्रा से लौटी, तो उसने मुझसे कहा कि वह शीजान खान को पसंद करती है। मैंने उससे केवल इतना कहा था कि अपने शो और अपने काम पर ध्यान दो। शीजान की माँ और बहनों ने उसे कभी भी घर पर पर्याप्त समय रहने नहीं दिया। शूटिंग के बाद वे लोग उसे यह कहकर बुला लेते थे कि हमने तुम्हारे लिए बिरयानी बनाई है, या उनके पास ऐसा ही कोई और बहाना होता था।”

वनिता शर्मा ने आगे कहा है, “शीजान से ब्रेकअप के बाद वह दुःखी थी। उसने कहा था कि मुझे धोखा दिया गया है शीजान ने मेरा इस्तेमाल किया। उसने (शीजान ने) तुनिशा को थप्पड़ भी मारा था। तुनिशा ने अपने दोस्तों को बताया था कि शीजान ड्रग्स लेता है और उसे भी ऐसा करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। तुनिषा भी स्मोकिंग करने लगी थी। वे लोग उससे वो सब करवाते थे जो उसे पसंद नहीं था। तुनिषा को पालतू जानवर पसंद नहीं थे, लेकिन शीजान के परिवार ने उसे एक कुत्ता दिलवाया था।”

वहीं, मीडिया से हुई बातचीत में उन्होंने कहा है कि हो सकता है कि तुनिषा की हत्या की गई हो। उन्होंने कहा है, “यह आत्महत्या या हत्या भी हो सकती है। मैं ऐसा इसलिए कह रही हूँ क्योंकि शीजान उसे एक दूर के हॉस्पिटल में ले गया था। जबकि, सेट से महज 5 मिनट की दूरी पर भी अस्पताल थे। उसे करीब के हॉस्पिटल में क्यों नहीं ले गया? तुनिषा साँस ले रही थी और उसे बचाया जा सकता था।”

‘ये देश पुजारियों का नहीं है’: राहुल गाँधी ने फिर किया हिन्दू धर्म का अपमान, महाभारत पर उलटा-पुलटा ज्ञान भी बाँचा

कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी फ़िलहाल ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर हैं। इस दौरान उनके द्वारा कई ऐसी हरकतें की गई हैं, जिन्हें लोगों ने हिन्दू धर्म का अपमान बताया है। अब राहुल गाँधी ने पुरोहितों पर विवादित बयान दिया है। साथ ही महाभारत का भी उलटा-पुलटा उदाहरण दे डाला। इसके बाद उन पर न सिर्फ ब्राह्मणों के प्रति नफरत फैलाने, बल्कि हमारे प्राचीन धर्म ग्रंथों की गलत व्याख्या कर दुष्प्रचार करने के आरोप भी लग रहे हैं।

राहुल गाँधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “ये देश तपस्वियों का है, ये देश पुजारियों का नहीं है। वास्तविकता इस देश की यही है।” इस पर लोग राहुल गाँधी से पूछ रहे हैं कि उन्हें पुजारियों से इतनी घृणा क्यों हैं? साथ ही सवाल उठ रहा है कि हिन्दू धर्म का बार-बार अपमान कर के कॉन्ग्रेस नेताओं को आखिर क्या मिलता है? लोग कह रहे हैं कि अब राहुल गाँधी को पुजारियों से भी दिक्कत है। कुछ लोग पूछ रहे हैं कि पुजारियों ने आखिर उनका क्या बिगाड़ा है?

बता दें कि भारत में हजारों मंदिर हैं और लगभग सभी में कोई न कोई एक पुजारी होते हैं। बड़े मंदिरों में कई पुजारी होते हैं। उन्हें शास्त्र का ज्ञान होता है और वो पूजा-पाठ करते व कराते हैं। गाँवों के मंदिरों के पुजारी गरीब होते हैं, जिनके परिवार का पालन-पोषण उन्हें मिलने वाली दक्षिणा पर निर्भर करता है। कई राज्यों में मस्जिदों के इमामों को वेतन मिलता है, लेकिन पुजारियों को कोई नहीं पूछता। अगर पुजारी न रहें तो मंदिर की देखभाल और प्रबंधन से लेकर समय-समय पर पूजा-आरती कैसे होगी?

अब भगवद्गीता और महाभारत पर राहुल गाँधी का ज्ञान सुनिए, “जब अर्जुन मछली की आँख में तीर मार रहा था, तो क्या उसने कहा कि इसके बाद मैं क्या करूँगा? कहा था क्या? नहीं कहा था न? उस कहानी का मतलब गीता में भी है – काम करो, फल की चिंता मत करो।” बता दें कि ‘मत्स्य भेदन’ की प्रतियोगिता की द्रौपदी के स्वयंवर और शादी के लिए हुई थी। अर्जुन को पता था कि लक्ष्य पर निशाना लगाने के बाद क्या होने वाला है।

हाल ही में राहुल गाँधी पर राजनीति के लिए बच्चे के इस्तेमाल का आरोप लगा था। इस विवाद का कारण एक तो यह था कि भयंकर ठंड के बाद भी बच्चे ने कपड़ा नहीं पहना हुआ था। वहीं, दूसरा यह कि बच्चे ने उल्टा जनेऊ पहना हुआ था। ट्वीट करने के कुछ घंटे बाद ही, इसे डिलीट कर दिया गया। भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने लिखा था, “4 डिग्री तापमान में राजनीति के लिए एक बच्चे को कपड़े उतार के घुमाना एक बेशर्म ही कर सकता है।”

‘आप चाय में जहर मिला दोगे…’: सपा के ट्विटर हैंडल संचालक की गिरफ्तारी से अखिलेश यादव भड़के, शिकायत करने वाली BJP की महिला नेता पर केस दर्ज

समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल सदस्य मनीष अग्रवाल के गिरफ्तार होने के बाद पार्टी बौखलाई हुई है। एक ओर जहाँ सपा मीडिया सेल के विरुद्ध शिकायत करने वाली BJP की युवा मोर्चा की नेता डॉ ऋचा राजपूत के खिलाफ एफआईआर करवा दी गई है। वहीं अखिलेश यादव की भी एक वीडियो सामने आई है। इस वीडियो में वह पुलिस वालों से कह रहे हैं कि उन्हें शक है पुलिस उन्हें चाय में जहर मिलाकर दे सकती है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, समाजवादी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने मनीष के गिरफ्तार होने के बाद लखनऊ के हजरतगंज थाने में शिकायत दी। इसमें कहा गया है कि ऋचा ने डिंपल यादव के ट्विटर अकॉउंट पर अभद्र टिप्पणी की। पुलिस ने शिकायत पाने के बाद केस दर्ज कर लिया है। सपा ने ऋचा के कुछ स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए माँग की है कि उन्हें जल्द से जल्द पकड़ा जाए।

इसी तरह मनीष के हिरासत में लिए जाने के बाद अखिलेश भी लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय पहुँचे। यहाँ उन्होंने अपना गुस्सा पुलिस प्रशासन पर उतारा। पुलिस मुख्यालय में जब उनसे चाय के लिए पूछा गया तो उन्होंने अपने कार्यकर्ता से चाय लाने को कहा।

अपने कार्यकर्ता से वह बोले- “बाहर दुकान खुल गई हो तो मँगा लो, हम इनकी चाय नहीं पी सकते, इन पर हमें भरोसा नहीं है। हम बाहर की चाय पीएँगे या हम अपनी लाएँगे तब पीएँगे। हम नहीं पी सकते, जहर मिला दोगे तब, हमें आप पर बिलकुल भरोसा नहीं है।”

वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे जब पुलिसवाले उनसे कुछ कहना शुरू करते हैं तो वो उन्हें रोक देते है और कहते हैं- “हमें सच में आप पर भरोसा नहीं है। हम बाहर से मँगाकर चाय पी लेंगे। आप अपनी चाय पियो, हम अपनी चाय पीएँगे।”

बता दें कि इससे पहले सपा के आधिकारिक ट्विटर अकॉउंट से ट्वीट आया था कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जब लखनऊ पुलिस मुख्यालय गए तो वहाँ पर कोई नहीं मिला। हालाँकि पुलिस ने इन आरोपों पर कहा कि आज रविवार का दिन था। इसलिए हेडक्वार्टर में अधिकारी नहीं थे, लेकिन जैसे ही अखिलेश यादव के आने की सूचना मिली तो सक्षम अधिकारी व लखनऊ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँच गए।

गौरतलब है ऋचा राजपूत ने सपा के मीडिया सेल पर रेप और हत्या की धमकी देने के आरोप लगाए थे। ऐसे में हजरतगंज पुलिस ने मनीष अग्रवाल को रविवार (8 जनवरी 2023) सुबह पकड़ा। इसके बाद से समाजवादी पार्टी धड़ाधड़ पोस्ट कर रही है।