Home Blog Page 2144

पहाड़ों में छुट्टियाँ मना रहा था, यहाँ उसके बदले गर्लफ्रेंड दे रही थी परीक्षा: पकड़ाने के बाद अब जा सकती है युवती की सरकारी नौकरी, B.Com की डिग्री भी खतरे में

प्यार अंधा होता है, ये तो सबको पता है। लेकिन प्यार बेवकूफ भी होता है, यह गुजरात की एक युवती ने साबित कर दिया। सरकारी नौकरी कर रही एक युवती ने अपने प्रेमी के खातिर अपना पूरा करियर और भविष्य ही अंधकार में डाल दिया। दरअसल युवती स्नातक तृतीय वर्ष में पढ़ रहे अपने ब्वॉयफ्रेंड के बदले परीक्षा दे रही थी और वह उत्तराखंड में छुट्टियाँ मना रहा था। हालाँकि, युवती परीक्षा देती पकड़ी गई और अब उसकी सरकारी नौकरी भी खतरे में हैं।

मामला गुजरात के सूरत में मौजूद वीर ‘नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी (VNSGU)’ का है। NBT की रिपोर्ट के मुताबिक, विश्वविद्यालय की निष्पक्ष मूल्यांकन और सलाहकार टीम (FACT) समिति युवती के खिलाफ सख्त फैसला ले सकती है। अगर विश्वविद्यालय की सलाहकार टीम युवती की बीकॉम डिग्री रद्द करने की सिफारिश करती है तो उसकी सरकारी नौकरी भी जा सकती है। वहीं युवक को अगले तीन साल तक परीक्षा देने से वंचित किया जा सकता है।

जब युवक को समिति के सामने पेश किया गया तो उसने कहा कि वह छुट्टियाँ मनाने उत्तराखंड चला गया था और परीक्षा के दिन वहीं था। लड़का परीक्षा में लगातार फेल हो रहा था। इसी वजह से उसकी गर्लफ्रेंड ने यह कदम उठाया। वहीं युवती के परिवार वालों का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। समिति के अधिकारी के अनुसार दोनों स्कूल के दिनों से दोस्त थे।

युवती ने समिति के अधिकारी को बताया कि ब्वॉयफ्रेंड के प्रवेश पत्र में नाम और तस्वीर बदलकर इसी साल अक्टूबर में परीक्षा देने पहुँच गई। हालाँकि, परीक्षा के दौरान लगातार पर्यवेक्षक बदलते रहते हैं। लेकिन, एक छात्र ने नोटिस किया कि जिस जगह पर रोज़ कोई लड़का परीक्षा देने आता था, वहाँ कोई लड़की बैठी थी। छात्र ने फिर इसकी जानकारी वहाँ मौजूद पर्यवेक्षक को दी और लड़की से जब पूछताछ की गई तो वह पकड़ी गई।

ऐसे बहुत सारे केस पहले भी आ चुके हैं, जहाँ एक मेधावी छात्र पैसे लेकर किसी अन्य छात्र के बदले परीक्षा में बैठता है। कई राज्यों में बकायदा इसके लिए कई गिरोह संचालित हैं। हालाँकि यह मामला अनोखा है, जहाँ युवती प्यार की खातिर अपने ब्वॉयफ्रेंड के बदले परीक्षा में बैठ गई। लेकिन अब युवती का भविष्य ही अधर में लटक गया है।

जानिए क्या है ₹3250 करोड़ की ‘स्वीट डील’, जिसके कारण ICICI बैंक की पूर्व CEO चंदा कोचर पति समेत पहुँचीं जेल: अब Videocon ग्रुप के चेयरमैन गिरफ्तार

आईसीआईसीआई-वीडियोकॉन लोन फ्रॉड (ICICI-Videocon Loan Fraud) मामले में केंद्रीय जाँच एजेंसी (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वीडियोकॉन ग्रुप के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत (Venugopal Dhoot) को गिरफ्तार किया है। 3250 करोड़ रुपए की ‘स्वीट डील’ और लोन फ्रॉड के मामले में यह तीसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले, सीबीआई ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व एमडी और सीईओ चंदा कोचर तथा उनके पति दीपक कोचर को गिरफ्तार किया था।

क्या है मामला

साल 2012 में आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक ने वीडियोकॉन ग्रुप को 3250 करोड़ रुपए का लोन दिया था। यह लोन मिलने के कुछ सप्ताह बाद, वीडियोकॉन ग्रुप की एक कंपनी ने सुप्रीम एनर्जी ने दीपक कोचर के स्वामित्व वाली कंपनी न्यूपावर रिन्यूएबल्स को 64 करोड़ रुपए की फंडिंग की थी। 3250 करोड़ रुपए के इस लोन को लेकर CBI का कहना है कि वीडियोकॉन ग्रुप ने इस लोन में से 2810 करोड़ रुपए (लगभग 86%) बैंक को नहीं चुकाए।

वहीं, साल 2009 से 2011 तक चंदा कोचर के कार्यकाल के दौरान आईसीआईसीआई बैंक में चंदा कोचर के कार्यकाल के दौरान, वीडियोकॉन ग्रुप और उससे जुड़ी कंपनियों को कुल 1875 करोड़ रुपए के 6 कर्ज दिए गए थे। आरोप है कि वीडियोकॉन को सभी लोन नियमों और पॉलिसी को ताक में रखकर दिए गए थे।

यही नहीं, साल 2017 में वीडियोकॉन ग्रुप के लोन को NPA में डाल दिया गया। किसी लोन को NPA में डालने का मतलब यह है कि आईसीआई बैंक ने इस कर्ज को फंसा हुआ कर्ज मान लिया। कर्ज के NPA में जाने से ICICI बैंक को 1730 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इस पूरे मामले में, चंदा कोचर पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने वीडियोकॉन ग्रुप को कर्ज देते हुए अपने पति को लाभ पहुँचाने की कोशिश की।

कैसे फँसीं चंदा कोचर?

रिपोर्ट के अनुसार, ICICI बैंक और वीडियोकॉन के शेयर होल्डर अरविंद गुप्ता ने प्रधानमंत्री, रिजर्व बैंक और SEBI को एक पत्र लिखकर वीडियोकॉन ग्रुप के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत और ICICI की सीईओ व एमडी चंदा कोचर पर एक-दूसरे को लाभ पहुँचाने का आरोप लगाया था।

अरविंद गुप्ता ने इस पत्र में आरोप लगाया था कि आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकॉन को 3250 करोड़ रुपए का कर्ज दिया। इसके बदले वीडियोकॉन के चेयरमैन ने चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की कंपनी नूपावर को फंडिंग की। इस पत्र के बाद सरकार ने जाँच के आदेश दिए। इसके बाद, ईडी तथा सीबीआई ने चंदा कोचर, दीपक कोचर, वेणुगोपाल धूत व अन्य पर एफआईआर दर्ज की।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जाँच करते हुए दावा किया कि चंदा कोचर ने बैंक की कर्ज नीतियों का उल्लंघन करते हुए वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज को कर्ज दिया। इस कर्ज के बदले में, वीडियोकॉन के मालिक धूत ने, दीपक कोचर की कंपनी नूपावर को फंडिंग की। भष्टाचार का आरोप लगने के बाद चंदा कोचर ने साल 2019 में आईसीआईसीआई बैंक के सीईओ के पद से इस्तीफा दे दिया।

सीबीआई का दावा है कि वेणुगोपाल धूत की कंपनी वीडियोकॉन ने आईसीआईसीआई बैंक को कर्ज के करीब 28 प्रस्ताव दिए थे। लेकिन, चंदा कोचर और उनकी टीम ने सिर्फ 8 कर्ज ही पास किए। आरोप है कि, चंदा कोचर ICICI बैंक की उस टीम का हिस्सा थीं, जिसने वीडियोकॉन ग्रुप के 4 लोन पास किए थे।

वेणुगोपाल धूत पर आरोप

सीबीआई का दावा है कि ICICI बैंक ने बैंक के नियमों, आरबीआई की गाइड लाइन और बैंक की कर्ज नीति का उल्लंघन करते हुए वेणुगोपाल की कंपनी को 3250 करोड़ रुपए का लोन दिया। एफआईआर के अनुसार, धूत ने लाभ के बदले सुप्रीम एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (एसईपीएल) के जरिए दीपक कोचर की कंपनी नूपावर को 64 करोड़ रुपए दिए।

महिला सशक्तिकरण की प्रतीक बना दी गई थीं चंदा कोचर

एक समय था जब चंदा कोचर को भारत में महिला सशक्तिकरण का प्रतीक माना जाता था। उन्हें ICICI  बैंक को ऊँचाइयों पर पहुँचाने वाली महिला के रूप में भी याद किया जाता है। विश्व की प्रतिष्ठित पत्रिका फोर्ब्स ने उन्हें दुनिया की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में शामिल किया था।

चंदा कोचर भारत में किसी बैंक की CEO बनने वाली पहली महिला थीं। बैंकिंग सेक्टर में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने चंदा कोचर को देश के दूसरे और तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री और पद्म भूषण से भी सम्मानित किया है।  

कभी कमाती थी एक दिन में 2.18 लाख रुपए

जब मामले का खुलासा हुआ था, तब चंदा कोचर का एक दिन का वेतन करीब 2.20 लाख रुपए था। धोखाधड़ी, रिश्वत, मनी लॉन्ड्रिंग और NPA से जुड़े इस मामले ने चंदा कोचर के स्वर्णिम करियर को बर्बाद कर दिया।

चंदा कोचर ने साल 1984 में इंडस्ट्रियल क्रेडिट एवं इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में ज्वॉइन किया था। उस समय यह बैंक नहीं था। साल 1994 में ICICI बैंक बना। चंदा कोचर कोर टीम का हिस्‍सा बनीं और वह मैनेजमेंट ट्रेनी से सीधे सहायक जनरल मैनेजर बन गईं।

चंदा कोचर मैनेजमेंट ट्रेनी से डिप्टी जनरल मैनेजर बनीं, फिर डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर बनीं। साल 2009 में वह बैंक की प्रबंध निदेशक (Managing Director) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनीं। अपने पति की कंपनी को फायदा पहुँचाने के लिए चंदा कोचर ने वीडियोकॉन के साथ मिलकर इस बैंक फ्रॉड को अंजाम दे दिया।

‘इतिहास के नाम पर वो नैरेटिव गढ़े गए, जो हीन भावना से भरे थे’: ‘वीर बाल दिवस’ पर बोले PM मोदी – नया भारत सुधार रहा गलतियाँ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने सोमवार (26 दिसंबर, 2022) को ‘वीर बाल दिवस’ कार्यक्रम में शिरकत की। यह कार्यक्रम सिखों के गुरु, गुरु गोबिंद सिंह के बेटों वीर साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह के बलिदान दिवस पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम दिल्ली के ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित किया गया था। इस मौके पर पीएम मोदी ने भारत में लिखे गए इतिहास पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतिहास बताने के नाम पर ऐसे नैरेटिव गढ़े गए जो हीन भावना से भरे हुए थे। उन्होंने कहा कि फिर भी हमारे समाज ने इन वीर योद्धाओं के बलिदान को याद रखा।

पीएम मोदी ने वीर साहिबजादों को श्रद्धांजलि की। उन्होंने कहा कि वह अपनी सरकार का सौभाग्य मानते हैं कि उसे आज 26 दिसंबर, 2022 के दिन को ‘वीर बाल दिवस’ के तौर पर घोषित करने का मौका मिला। साहिबजादों के बलिदान को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके त्याग और उनकी शौर्य गाथा को इतिहास में भुला दिया गया। उन्होंने कहा कि अब ‘नया भारत’ दशकों पहले हुई एक पुरानी भूल को सुधार रहा है।

उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से हमें इतिहास के नाम पर वह गढ़े हुए नैरेटिव बताए और पढ़ाए गए, जो हमारे भीतर हीन भावना पैदा करते थे। लेकिन हमारे समाज और हमारी परंपराओं ने इन गौरव गाथाओं को भुलाया नहीं। अगर हमें भारत को भविष्य में सफलता के शिखर पर ले जाना है तो हमें अतीत के संकुचित नजरियों से भी बाहर निकलना होगा। इसलिए, आजादी के अमृत काल में देश ने गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का प्राण फूँका है।”

पीएम मोदी ने इस दौरान मुगल काल का भी जिक्र किया और बताया कि कैसे वीर साहिबजादे मुगल आक्रांताओं के सामने कम उम्र में भी झुके नहीं। उन्होंने कहा की एक ओर धार्मिक कट्टरता से भरी मुगल सल्तनत थी तो दूसरी ओर, ज्ञान और तपस्या में तपे हुए हमारे गुरु थे। उन्होंने कहा कि एक ओर आतंक की पराकाष्ठा थी तो दूसरी ओर अध्यात्म का शीर्ष था। उन्होंने कहा कि एक तरफ मुगलिया फौज थी और दूसरी ओर निडर गुरु के वीर साहिबजादे थे। वीर साहिबजादे किसी धमकी से डरे नहीं, किसी के सामने झुके नहीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन वीर बालकों को दीवार में जिंदा चुनवा दिया गया लेकिन उन्होंने आततायी मंसूबों को ध्वस्त कर दिया। यही युवाओं का सामर्थ्य होता है। आज की युवा पीढ़ी इसी इरादे के साथ देश को नई ऊँचाई पर लेकर जा रही है।

क्रिसमस पर बुलंदशहर में 100+ लोगों ने की घर वापसी, हवन हुआ और लगे ‘वन्दे मातरम्’ के नारे: फूल बरसा कर हुआ स्वागत, बोले लोग – गुमराह हो बन गए थे ईसाई

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ईसाई बन चुके 100 से ज्यादा लोगों की क्रिसमस पर घर वापसी की खबर है। ये 100 लोग 20 परिवारों के सदस्य बताए जा रहे हैं जो दिहाड़ी मजदूरी आदि से अपना परिवार चलाते थे। घर वापसी करने वाले सभी लोगों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच में फिर से सत्य सनातन में प्रवेश किया और आगे से हिन्दू परम्परा से जीवन बिताने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम रविवार (25 दिसंबर, 2022) को आयोजित हुआ।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह आयोजन खुर्जा क्षेत्र में हुआ। कार्यक्रम में भाजपा विधायक मीनाक्षी सिंह और विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकरियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। घर वापसी करने वाले सभी लोग कांशीराम योजना के तहत बनी कालिंदी कुञ्ज कॉलोनी में रहते हैं। आरोप है कि कुछ समय पहले इन सभी को गुमराह कर के ईसाई बना दिया गया था। घर वापसी करने वाले लोगों का कहना है कि ‘राष्ट्रीय चेतना मिशन’ और VHP के लोगों ने उनके मन में फैली तमाम शंकाओं का समाधान किया। इसके बाद वो सभी अपने मूल धर्म में लौटने को तैयार हो गए। भाजपा विधायक मीनाक्षी सिंह ने घर वापसी करने वालों की संख्या 100 से 125 के बीच बताई है।

कार्यक्रम के दौरान लगातार वैदिक मंत्र पढ़े जाते रहे। घर वापसी करने वालों का मौके पर मौजूद सभी लोगों ने फूल बरसा का स्वागत किया। कार्यक्रम के आयोजक राष्ट्रीय चेतना मिशन के हेमंत सिंह ने बताया कि उन्होंने धर्मांतरित किए गए 20 परिवारों के 100 से ज्यादा लोगों को चिह्नित किया था, जिनकी घर वापसी की कोशिशें जारी थीं। हेमंत ने बताया कि कार्यक्रम के लिए अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती का दिन उन्हें सबसे अच्छा लगा।

वहीं खुर्जा के उप-जिलाधिकारी (SDM) लवी त्रिपाठी के मुताबिक, उन्हें इस कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं है।

‘…चाकू जरा तेज रखो’: हिंदुओं को साध्वी प्रज्ञा ने पढ़ाया आत्मरक्षा की तैयारी का पाठ, ‘मुस्लिम-मुस्लिम’ कर नफरत फैला रहा लिबरल गिरोह

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सांसद एवं भाजपा नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने ‘मुस्लिमों के नरसंहार’ की बात कही है। उनके जिस भाषण के बारे में बात की जा रही है, वो रविवार (25 दिसंबर, 2022) को ‘हिन्दू जागरण वेदिके’ के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। जैसे ही उनका वीडियो सामने आया, उनकी बातें सुन कर भी लिबरल गिरोह उसे गलत तरीके से पेश करने में लग गया।

‘The South First’ नामक न्यूज़ पोर्टल की राजनीतिक संपादक अनुषा रवि सूद इसमें आगे रहीं। उन्होंने दावा कर दिया कि भोपाल की ‘आतंकवाद की आरोपित सांसद’ ने कर्नाटक में भाषण के दौरान ‘मुस्लिमों की हत्या’ की बात कही है। उन्होंने दावा किया कि साध्वी प्रज्ञा हिंसा फैलाने की बात खुलेआम कह रही हैं। असल में क्या सांसद ने ऐसा कहा? कोई भी व्यक्ति, भले ही वो किसी भी पद पर हो, भारत का संविधान किसी समुदाय की एकतरफा नरसंहार की अनुमति तो नहीं ही देता है।

आइए, सबसे पहले देखते हैं कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा क्या था, “लव जिहाद करने वालों को लव जिहाद जैसा उत्तर दो। अपनी लड़कियों को सुरक्षित रखो। अपनी लड़कियों को संस्कारित करो। अपने घर में हथियार रखो। कुछ नहीं, तो सब्जी काटने वाली चाकू जरा तेज़ रखो। स्पष्ट बोल रही हूँ कि हमारे घरों में भी सब्जी काटने के लिए हथियार तेज़ होने चाहिए। उन्होंने चाकू से हमारे हर्षा को गोदा था, हिन्दू कार्यकर्ताओं को गोदा है, काटा है।”

इसके बाद भाजपा सांसद ने सब्जी काटने वाली चाकू की धार तेज़ रखने की अपील करते हुए हिन्दुओं से कहा कि जब हमारी सब्जी अच्छे से कटेगी तो निश्चित रूप से दुश्मनों के मुँह भी और सिर भी अच्छे से करेंगे। इस पूरे बयान में आपको कहीं ‘मुस्लिम’ शब्द दिखा क्या? इसका सीधा अर्थ है कि लिबरल गिरोह के पत्रकार इस बयान का खुद इ अर्थ लगा कर झूठी खबर फैला रहे हैं। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का सिर्फ इतना कहना था कि आत्मरक्षा के लिए हथियार घर में रखे रहो।

अगर उन्हें मुस्लिमों की एकतरफा हत्या के लिए उकसाना होता तो वो कह सकती थीं कि तुम्हें जो भी मुस्लिम दिखे उसे मार डालो, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा। खुद की सुरक्षा के लिए और आत्मरक्षा के लिए उन्होंने हथियार रखने की बात कही। हैदराबाद से प्रकाशित होने वाले मुस्लिमों के अख़बार ‘The Siasat Daily’ तक ने भी अपनी शीर्षक में ऐसा नहीं लिखा कि भोपाल की सांसद ने ‘मुस्लिमों के नरसंहार’ की बात कही है।

‘इस्लामी अख़बार सियासत’ तक ने नहीं लिखा कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने ‘मुस्लिमों के नरसंहार’ की बात कही है

‘सियासत’ का शीर्षक है – ‘हिन्दुओं के पास उन्हें प्रतिक्रिया देने का अधिकार है, जो उनके इज्जत पर हाथ डालते हैं’: प्रज्ञा ठाकुर। पूरे भाषण में कहीं ‘मुस्लिम’ शब्द उन्होंने नहीं कहा, लेकिन लिबरल गिरोह इसका अर्थ ‘मुस्लिम’ निकाल कर उन्हें बदनाम करने में जुट गया है। साध्वी प्रज्ञा ने जिस ‘लव जिहाद’ की बात की है, उसके तहत तो हिन्दू लड़कियों को निशाना बना कर अधिकतर मामलों में उनकी हत्याएँ कर दी जाती हैं ना?

क्या ये कहना कि हिन्दू मारे जा रहे हैं, ऐसे में उन्हें आत्मरक्षा के लिए हथियार रखने की ज़रूरत है – नरसंहार के लिए उकसाना है? कश्मीर से लेकर बंगाल तक हिन्दुओं का नरसंहार हुआ और समय-समय पर उन्हें पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा, ऐसे में आज के समय में जब एक तथाकथित बुद्धिजीवियों का गिरोह उनका साथ दे रहा है, क्या आत्मरक्षा हमारी सबसे बड़ी ज़रूरत बन के नहीं उभरा है? ये हमारी ज़रूरत नहीं, बल्कि जान बचाने है तो एक अनिवार्यता बन गई है।

UP, बिहार, कर्नाटक, बंगाल… विदेश से वायरस भी कर रहा लैंड: हवाई अड्डों पर यात्रियों की रैंडम टेस्टिंग शुरू

भले विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना की चौथी लहर के कारण भारत में चीन जैसी स्थिति नहीं आएगी, बावजूद इसके केंद्र सरकार पूरी सतर्कता बरत रही है। केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारें भी एहतियाती कदम उठा रही हैं। इसके तहत एयरपोर्ट पर विदेश से आने वाले यात्रियों की रैंडम टेस्टिंग शुरू की गई है। इस बीच कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में विदेश से आए कुछ लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।

उत्तर प्रदेश की अगर बात करें तो, यहाँ विदेश से आने वाले दो युवक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। ये दोनों युवक आगरा और उन्नाव से हैं। मामला सामने आते ही राज्य सरकार सतर्क हो गई है और इसी को देखते हुए मंगलवार (27 दिसंबर 2022) को यहाँ के विभिन्न अस्पतालों में मॉक ड्रिल किया जाएगा। राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। स्थिति नियंत्रण में है। उल्लेखनीय है कि बीते सप्ताह चीन से आगरा लौटे लौटे एक 40 वर्षीय शख्स भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया था।

बिहार में भी बोधगया आए चार विदेशी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। गया के सिविल सर्जन रंजन कुमार सिंह ने बताया कि हवाई अड्डे पर म्यांमार से आए 3 और बैंकॉक से आए एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। वे एसिम्टोमैटिक हैं और उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है। जानकारी के मुताबिक, चारों की स्थिति सामान्य है और उनका इलाज किया जा रहा है।

कर्नाटक में विदेश से लौटे 12 यात्री कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कोरोना जाँच से यह जानकारी मिली। इनमें से एक 37 वर्षीय व्यक्ति चीन से लौटा है और अन्य 11 यात्री उच्च जोखिम वाले देशों से आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उनमें से चार को एक निजी अस्पताल में क्वारंटाइन किया गया है और बाकी यात्रियों को होम क्वारंटीन में रखा गया है। सभी सैम्पल को जीनोमिक सीक्वेंसिंग के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेज दिया गया है।

पश्चिम बंगाल से भी कोरोना के दो मामले सामने आए हैं। कोलकाता हवाई अड्डे पर दो कोविड पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। पॉजिटिव यात्रियों में से एक 24 दिसंबर 2022 को दुबई से आया था जबकि दूसरा कुआलालंपुर, मलेशिया से आया था। दोनों सैम्पल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेज दिया गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोमवार (26 दिसंबर 2022) को ट्वीट कर रैंडम टेस्टिंग शुरू किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “विश्व स्तर पर कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर देश भर के विभिन्न हवाई अड्डों पर COVID-19 का रैंडम टेस्ट शुरू किया गया है।”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आँकड़ों के मुताबिक, सोमवार (26 दिसंबर 2022) को बीते 24 घंटों भारत में संक्रमण के मामलों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। भारत में सोमवार को बीते 24 घंटों में कोरोना 196 नए मामले सामने आए थे, जबकि रविवार ( 25 दिसंबर 2022) को इस दौरान 201 कोविड मामले दर्ज किए गए थे।

AMU में कश्मीर और गाजीपुर के छात्र भिड़े, बैडमिंटन विवाद में महबूबा मुफ्ती भी कूदीं

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित AMU (अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) में फिर से विवाद की खबर है। विवाद पूर्वी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले और कश्मीर के छात्रों के बीच हुआ है। इस दौरान मारपीट की भी सूचना आ रही है। विवाद की वजह बैडमिंटन का खेल बताया जा रहा। पुलिस के मुताबिक यूनिवर्सिटी प्रशासन मामले को संज्ञान में ले कर जरूरी कार्रवाई कर रहा है। घटना रविवार (25 दिसंबर 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कश्मीर छात्रों ने खुद को पीड़ित बताते हुए प्रदर्शन भी किया है। एक कश्मीरी छात्र का आरोप है कि एक दिन पहले उनकी पिटाई हुई थी। आरोप है कि इस मारपीट का विरोध करने के लिए जुटे कश्मीरियों को फिर से गाजीपुर गुट के छात्रों ने पीटा। कश्मीर छात्र का कहना है कि इन घटनाओं से उनके पढ़ाई में बाधा आ रही है। घटना के विरोध में कश्मीरियों ने सैंटनरी गेट पर प्रदर्शन भी किया।

जहाँ कश्मीर के छात्र विवाद का कारण लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे एक छात्र से अभद्रता को बता रहे हैं तो वहीं अलीगढ़ पुलिस इस मामले को बैडमिंटन के खेल से उठा विवाद कह रही है। पुलिस के मुताबिक प्रॉक्टर की टीम द्वारा मामले को देखा जा रहा है और घटना के बाद हालत सामान्य हो चुके हैं। पुलिस के मुताबिक फ़िलहाल कोई प्रदर्शन नहीं चल रहा है और सभी छात्र अपने हॉस्टल में वापस लौट चुके हैं।

महबूबा मुफ़्ती ने मामले को दिया तूल

जम्मू कश्मीर स्टूडेंट एसोशिएशन नाम के वेरिफाइड हैंडल से इस घटना के फोटो शेयर किए गए हैं। फोटो के साथ लिखा हुआ है कि पिछले 1 माह के अंदर 3 कश्मीरी छात्रों की पिटाई हो चुकी है जिसमें वो घायल हुए हैं। महबूबा मुफ़्ती और योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए एसोशिएशन का कहना है कि उन्हें AMU के कश्मीरी छात्र अपनी तकलीफ बताते हुए फोन कर रहे हैं।

इसी ट्वीट पर महबूबा मुफ़्ती ने भी बयान जारी किया है। उनका कहना है कि कश्मीरी छात्रों को प्रताड़ित करने वालों पर कड़ी कार्रवाई न होना अफ़सोस की बात है। मुफ़्ती का दावा है कि मारपीट में कुछ छात्र घायल भी हुए हैं।

10 सालों में रोहित शेट्टी की फिल्म का नहीं हुआ ऐसा हाल… क्रिसमस के बावजूद औंधे मुँह गिरी रणवीर सिंह की ‘सर्कस’, ₹150 करोड़ की फिल्म का बुरा हाल

बॉलीवुड फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर खराब प्रदर्शन लगातार जारी है। शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) को रिलीज हुई फिल्म ‘सर्कस’ (Cirkus) क्रिसमस जैसे फेस्टिव वीकेंड पर भी दर्शकों के लिए तरसती नजर आ रही है। हालात यह है कि शुरुआती तीन दिनों में फिल्म को 20 करोड़ रुपए का कलेक्शन के लिए भी संघर्ष करना पड़ा है।

रोहित शेट्टी के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘सर्कस’ रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण, अजय देवगन, जैकलीन फर्नांडिस जैसे स्टार्स होने के बाद भी फ्लॉफ होती दिख रही है। रोहित शेट्टी ने अपने करियर के बीते 10 सालों में सर्कस जैसी खराब शुरुआत कभी नहीं देखी है।

साल 2018 के अंत में आई रोहित शेट्टी और रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की जोड़ी वाली फिल्म सिंबा ने ओपनिंग वीकेंड में 75 करोड़ रुपए की कमाई की थी। जबकि, पहले वीकेंड में बोल बच्चन की कमाई 43.10 करोड़ थी। वहीं, ‘सर्कस’ (Cirkus Box Office Collection) महज 20 करोड़ रुपए में सिमट कर रह गई है।

फिल्म क्रिटिक तरुण आदर्श ने मल्टी स्टारर फिल्म सर्कस के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को बताते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, “सर्कस का संघर्ष जारी है। फिल्म बड़े क्रिसमस वीकेंड का लाभ नहीं उठा सकी। 2022 एक बड़ी निराशा के साथ समाप्त हो रहा है। फिल्म की कमाई शुक्रवार को 6.25 करोड़, शनिवार लो 6.40 करोड़, रविवार 8.20 करोड़ रुपए। कुल, 20.25 करोड़ रुपए।”

‘सर्कस’ के बजट की बात करें तो फिल्म करीब 150 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुई है। यानी फिल्म को मुनाफा कमाने के लिए 150 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई करनी होगी। हालाँकि, मौजूदा स्थिति को देखते हुए फिल्म 100 करोड़ रुपए को भी पार करने की स्थिति में नहीं दिखाई दे रही। ‘सर्कस’ को देश भर के करीब 3200 से अधिक सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज किया गया है।

उम्मीद लगाई जा रही थी कि बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की स्थिति शायद क्रिसमस की छुट्टियों में सुधरे। हालाँकि ऐसा नहीं हुआ। सर्कस का कलेक्शन सबके लिए निराशाजनक रहा। आने वाले हफ्ते में तय होगा कि आगे ये फिल्म पर्दे पर कितनी कमाई करती है।

श्रद्धा की हत्या, अलग धर्म, ज्यादा उम्र… तुनिशा से ब्रेकअप की कई वजहें गिनाई, हिरोइन की माँ ने बताया- शीजान ने बना रखी है कई गर्लफ्रेंड

टीवी अधिनेत्री तुनिशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में गिरफ्तार एक्टर शीजान खान का कबूलनामा सामने आया है। बताया जा रहा है कि शीजान ने श्रद्धा वॉकर की आफ़ताब द्वारा हुई हत्या के बाद देश में बने माहौल से खुद को डरा बताया है। शीजान के मुताबिक उसके द्वारा तुनिशा से दूरी बनाने की वजह यही थी। वहीं मृतका की माँ ने आरोप लगाया है कि शीजान ने कई गर्लफ्रेंड बना रखी हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक 4 दिनों की कस्टडी रिमांड के पहले दिन शीजान ने माना है कि तुनिशा इस से पहले भी एक बार आत्महत्या की कोशिश कर चुकी थी। यह कोशिश शीजान द्वारा बनाई जा रही दूरी के चलते हुई थी। शीजान ने कहा कि तब उसने तुनिशा की माँ को अपनी बेटी का खास ध्यान रखने की नसीहत भी दी थी। अपने द्वारा बनाई जा रही दूरी की एक वजह शीजान ने तुनिशा का अन्य धर्म से और दोनों के बीच उम्र का काफी अंतर होना बताया है।

हालाँकि तुनिशा की माँ वनिता शर्मा लगातार अपनी बेटी की मौत का जिम्मेदार शीजान को ठहरा रहीं हैं। उनके अनुसार शीजान की पहले भी गर्लफ्रेंड थीं लेकिन इसके बावजूद वो तुनिशा के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहा। वनिता शर्मा ने शीजान पर अपनी बेटी को 3-4 महीने यूज करने का भी आरोप लगाया। तुनिशा की माँ ने अपनी बेटी के लिए न्याय की आवाज उठाने में मीडिया के सपोर्ट को भी सराहा और धन्यवाद किया। वनिता ने किसी भी हाल में शीजान को माफ़ न करने की गुहार भी लगाई।

बताया जा रहा है सुसाइड के एक दिन पहले तुनिषा की माँ उनसे मिलने सेट पर पहुँची थीं, वहाँ एक्ट्रेस ने कहा, “माँ मेरे दिल में एक बात है जो आप को बतानी है, मुझे शीजान चाहिए। लेकिन वो सुनने को तैयार नहीं है, क्या आप एक बार शीजान से बात करेंगी।” इसके बाद तुनिषा की मां ने शीजान को बुलाया था और बेटी की जिंदगी में दोबारा लौट आने के लिए भी कहा था, तब शीजान ने कहा था, “मुझे माफ कर दो।”

गौरतलब है कि 20 वर्षीया टीवी अभिनेत्री तुनिशा शर्मा ने 24 दिसंबर को आत्महत्या कर लिया था। इस मामले में मुंबई की वसई पुलिस ने शीजान खान को आत्महत्या का आरोपित मानते हुए IPC की धारा 306 के तहत FIR दर्ज की है। शीजान को गिरफ्तार कर के 4 दिनों का कस्टडी रिमांड हासिल किया गया है।

‘सुशांत ने नहीं की थी आत्महत्या, उनकी हत्या हुई थी’ : जिस अस्पताल में हुआ था SSR का पोस्टमार्टम उसके कर्मचारी ने किया खुलासा, बताया- हाथ में थे चोट के निशान

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले में कूपर अस्पताल के एक कर्मचारी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। कर्मचारी का दावा है कि वो सुशांत के पोस्टमार्टम के समय उसी जगह मौजूद था और जैसा कि उसने देखा उससे पता चल रहा था कि वो आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है।

टीवी 9 मराठी को दिए इंटरव्यू में कूपर अस्पताल के कर्मचारी रूपकुमार शाह ने कहा, “हत्या और आत्महत्या में बहुत फर्क होता है। शव देखने के तुरंत बाद पता चल जाता है वो हत्या है या आत्महत्या है। सुशांत के गले में निशान थे। वह बिलकुल हत्या जैसा लग रहा था। बॉडी को मुक्के मारे गए थे, उस पर चोट के निशान थे। जो आदमी आत्महत्या करता है उसे चहरे पर पंच के निशान नहीं होते जैसे कि सुशांत के चेहरे पर थे।”

सुशांत की आत्महत्या पर सवाल खड़ा करते हुए उन्होंने कहा, “सुशांत एक महान कलाकार थे। उन्होंने कई फिल्म में अभिनय किया था और अगर वो आत्महत्या करते तो हम उनकी शव को सही से हैंडल कर लेते। आखिर एक आदमी कैसे अपने हाथों पर मारकर खुद को लटका सकता है।”

बता दें कि 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत संदिग्ध हालातों में अपने घर में मृत पाए गए थे। बांद्रा स्थित उनका घर में उनका शव मिलने के बाद बॉलीवुड गैंग पर एक बड़ा सवाल हो गया था। तमाम लोगों ने इसे हत्या बताते हुए जाँच की माँग उठाई थी। इस मामले में सुशांत के परिजनों की शिकायत पर रिया चक्रवर्ती पर सवाल खड़े हुए। छानबीन में सामने आया था कि कैसे रिया और उनका भाी शोवित सुशांत को ड्रग्स देने का काम करते थे।