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हलाल बैन करने वाला पहला राज्य हो सकता है कर्नाटक: बिल लाने की तैयारी, विधानसभा में सावरकर की तस्वीर से कॉन्ग्रेस चिढ़ी

कर्नाटक (Karnataka) की भाजपा ने राज्य में हलाल मांस (Anti Halal Bill) की प्रतिबंधित करने के लिए विधानसभा में बिल लाने का निर्णय किया है। अगर यह बिल सदन में पास हो जाता है और कानून लागू हो जाता है तो कर्नाटक भारत का पहला राज्य बन जाएगा, जो हलाल मीट पर प्रतिबंध लागू करेगा। हालाँकि, इस बिल को लेकर हंगामा होने के आसार हैं, क्योंकि कॉन्ग्रेस ने इसका विरोध किया है।

दूसरी ओर, विधानसभा में विनायक दामोदर सावरकर (Vinayak Damodar Savarkar) के चित्र के अनावरण को लेकर कॉन्ग्रेस (Congress) ने बसवराज बोम्मई सरकार (Basavaraj Bommai Government) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। चित्र का अनावरण कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी ने किया।

भाजपा के विधान पार्षद एन रविकुमार ने इस बिल को सदन में लाने की पहल की है। इसमें भारतीय खाद्य सुरक्षा और सुरक्षा संघ (FSSAI) के अलावा किसी अन्य संस्था के खाद्य प्रमाणन पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। इस संबंध में रविकुमार ने इस संबंध में राज्यपाल थावरचंद गहलोत को लिखा था।

रविकुमार ने इसे निजी विधेयक के रूप में पेश की का विचार किया था, लेकिन अब वे इसे सरकारी विधेयक के रूप में पेश कर सकते हैं। कहा जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व के समर्थन और सहयोग के बाद उन्होंने इसे सरकारी विधेयक के रूप में पेश करने की योजना बनाई है।

रविकुमार ने कहा कि बाजार को अवैध रूप से नियंत्रित करने के लिए कुछ अनधिकृत संस्थाएँ खाद्य प्रमाणन के काम जुटी हुई हैं। इसको खत्म करने के प्रयास के तहत इस विधेयक को सदन में पेश किया जाएगा। वहीं, कॉन्ग्रेस ने इस प्रस्तावित विधेयक का विरोध किया है।

परिषद में कॉन्ग्रेस के विपक्ष के नेता बीके हरिप्रसाद ने कहा कि पार्टी ने सदन के अध्यक्ष से इस बिल को मंजूर नहीं करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा की एक रणनीति है। इसके आधार पर वह मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने का प्रयास कर रही है।

इस साल अप्रैल में भी हलाल मीट को लेकर कर्नाटक में बवाल हुआ था। हिन्दू संगठनों ने उगादी उत्सव के दौरान हलाल मांस का बहिष्कार करने की अपील की थी। बता दें कि हलाल मीट को लेकर देश भर में बहस होती रही है और इसे जानवरों के प्रति क्रूरता कहा जाता है।

हलाल अरबी भाषा का शब्द है। हलाल प्रक्रिया में जानवर के श्वसन नली को थोड़ा सा काट कर छोड़ दिया जाता है। इससे वह लंबे समय तक तड़पता रहता है। इस्लाम में जानवरों के हलाल करने के बाद ही उसे खाने की बात कही गई है। इसलिए मुस्लिम समुदाय हलाल पर जोर देता है।

हलाल में जानवर को मारने की क्रूर प्रक्रिया के कारण नीदरलैंड, जर्मनी, स्पेन, साइप्रस, ऑस्ट्रिया, ग्रीस और बेल्जियम में इस पर बैन लगाया गया है। साल 2021 में बेल्जियम ने हलाल पर प्रतिबंध लगाते हुए नियम कहा था जानवरों को मारने से पहले अनिवार्य रूप से उसे पहले बेहोश किया जाए। इससे हलाल मांस पर अपने आप रोक लग जाए।

कानपुर की हिन्दू छात्रा का धर्मांतरण, लेकर भाग रहा था वकार; UP पुलिस ने 750KM पीछा कर पकड़ा: प्रयागराज में ‘मुस्लिम फ्रेंड’ ने करवाया गैंगरेप

उत्तर प्रदेश के 2 अलग-अलग जिलों में से लव जिहाद के 2 नए मामले सामने आए हैं। प्रयागराज में जहाँ हिन्दू महिला ने अपने मुस्लिम फेसबुक फ्रेंड पर दोस्तों के साथ गैंगरेप करने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाते हुए गर्भपात करवाने का आरोप लगाया है। वहीं कानपुर पुलिस ने गुजरात के सूरत में निकाह के लिए भेजी जा रही युवती को मध्य प्रदेश के धार से बरामद करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार किया है।

सूरत जा रही बस से वकार गिरफ्तार

पहली घटना में कानपुर के लल्लनपुरवा के आज़ाद नगर में रहने वाले हिंदू व्यक्ति ने अपनी बेटी के अपहरण की FIR दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया था कि कोचिंग गई उनकी बेटी घर नहीं लौटी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने लड़की की कॉल डिटेल निकलवाई तो कानपुर के अनवरगंज निवासी मोहम्मद वकार से उसकी लम्बी बातचीत निकली। पुलिस ने वकार की तलाश शुरू की। इस जाँच के दौरान पता चला कि वकार किसी लड़की के साथ गुजरात के सूरत जाने वाली बस से निकला है। यह बस फजलगंज के एक निज्जी ट्रेवेल्स से चलती है। देर हो जाने के बावजूद पुलिस ने बस का पीछा किया।

आखिरकार लगभग 750 किलोमीटर पीछा करने के बाद पुलिस को वो बस मध्य प्रदेश के धार में मिल गई। पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया। आरोपित मोहम्मद वकार को गिरफ्तार कर के पूछताछ की जा रही है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक वकार ने लड़की का धर्मान्तरण करवा दिया था और उसे गुजरात के सूरत में निकाह के लिए ले जा रहा था। अनवर पर IPC की धारा 363, 120 B व उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म सम्प्रवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2020 की धारा 3/5 के तहत कार्रवाई की गई है।

प्रयागराज में हिन्दू महिला से गैंगरेप

दूसरा मामला प्रयागराज जिले से है। यहाँ की रहने वाली 35 वर्षीया एक महिला ने झूंसी पुलिस स्टेशन में उन्नाव के बांगरमऊ निवासी अपने फेसबुक फ्रेंड के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़िता का आरोप है कि उसके मुस्लिम फेसबुक फ्रेंड ने 10 साल पहले उस से नाम बदल कर दोस्ती की और बाद में दोनों में मुलाकत होने लगी। कुछ दिनों बाद आरोपित महिला को घुमाने का बहाना ले कर दूसरे शहर गया। इस दौरान महिला को आरोपित के मुस्लिम होने की जानकारी हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला ने आरोप लगाया है कि दूसरे शहर में आरोपित के कई दोस्त पहले से मौजूद थे। उन सभी ने पीड़िता का गैंगरेप किया। इस दौरान महिला की अश्लील वीडियो बनाई गई जिससे बार-बार वायरल करने की धमकी दी जाने लगी। बाद में आरोपित ने महिला से शादी का वादा किया। इस वादे के बाद वो महिला को मेहर दिलाने के बहाने अपने घर ले गया। यहाँ आरोपित के भाई ने भी उसके साथ रेप किया। कुछ समय बाद महिला गर्भवती हो गई तो उसका एबॉर्शन करवा दिया गया।

पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपित के घर वालों ने धर्मान्तरण करवा दिया। बताया गया कि महिला को आगरा के एक दलाल के हाथों बेचने की भी तैयारी हो रही थी। एक दिन वो जैसे-तैसे बच कर अपने घर भाग आई। इस बात से नाराज हो कर आरोपित ने फोन पर उसे जान से मारने की भी धमकी दी। महिला के इन आरोपों पर SHO महिला थाना पूनम शुक्ला का कहना है कि आरोपित और महिला दोनों लिव इन रिलेशशिप में रहे हैं। हालाँकि उन्होंने शिकायत की जाँच करवा कर कार्रवाई की बात कही।

जिस गली में कन्हैया लाल का गला रेता, वह आज भी सूनी: बेटा नंगे पैर, कहा- जब तक फाँसी नहीं, तब तक चप्पल-जूते नहीं पहनूँगा

राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल की निर्मम हत्या के 5 महीने बाद भले ही मालदास बाजार में हालात सामान्य होने लगे है। लेकिन वहाँ स्थित वो गली जिसमें उनकी दुकान थी, वो अब भी सुनसान है। घरवाले न्याय की आस लिए बैठे हैं, बेटे ने कसम खाई है कि जब तक पिता के हत्यारों को फाँसी नहीं होती तब तक वो जूते-चप्पल नहीं पहनेगा। उनका ये इंतजार कितना लंबा होगा ये कोई नहीं जानता क्योंकि घटना के 165 दिन बीत जाने के बाद भी एनआईए ने आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश नहीं की है।

दैनिक भास्कर में प्रकाशित रुबिका लियाकत की रिपोर्ट के अनुसार, मालदास बाजार की अन्य दुकानें सीजन के मुताबिक फिर से चल पड़ी हैं। लेकिन कन्हैया लाल की दुकान वाली भूतमहल गली में अब भी सन्नाता रहता है। घटना से पहले यहाँ 19 दुकानें खुलती थीं। मगर अब गली में केवल एक दुकान खुली है वो भी टेलर महावीर की… जो कहते हैं कि यहाँ के हालात 5 महीने में वैसे हो गए हैं जैसे साल 2000 में थे।

वहीं कन्हैया लाल के बेटे यश साहू से भी रुबिका की मुलाकात हुई। वह उदयपुर में रोज नंगे पैर नौकरी पर जाते हैं। वह कहते हैं कि उन्होंने कसम खाई है कि जब तक उनके पिता के हत्यारों को फाँसी नहीं दी जाएगी, तब तक वह जूते चप्पल नहीं पहनेंगे। यश का कहना है कि वो चाहते हैं कि पूरा मामला फास्टट्रैक कोर्ट में चले और जल्दी कार्रवाई पूरी होकर हत्यारों को फाँसी पर चढ़ाया जाए।

हालाँकि उनके इस संकल्प के बीच जो चीज उन्हें हताश करती है वो प्रशासन का ढीला रवैया है। घटना को 165 दिन बीत जाने के बाद भी एनआईए अब तक आरोपितों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, यश की बस यही माँग है- “जिन हत्यारों ने मेरे सिर से मेरे पिता का साया छीना है, उन गुनाहगारों को फाँसी की सजा जल्द से जल्द मिले।”

कन्हैया लाल हत्याकांड

उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष जून माह में (28 जून 2022) राजस्थान के उदयपुर में मोहम्मद गौस और रियाज ने टेलर कन्हैया लाल की दुकान पर आकर उनका गला रेता था और इसकी वीडियो भी बनाई थी। घटना के बाद दोनों आरोपितों ने हँसते हुए अपनी वीडियो जारी की थी और वो हथियार दिखाया था जिससे कन्हैया का गला रेता। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद तब से दोनों जेल में बंद हैं। कभी खबर आती है कि एक अपनी बीवी से मिलने के लिए रो रहा है तो कभी पता चला है कि परिजनों को देखने के लिए हत्यारे जेल में तड़प रहे हैं।

जहाँ संतों की हुई थी पीट-पीटकर हत्या, वहाँ अब 16 साल की लड़की के मुँह में लिंग और ड्रग्स ठूँसा: 15 घंटे तक 8 ने किया रेप

महाराष्ट्र का पालघर फिर अपनी हैवानियत को लेकर चर्चा में है। 16 साल की लड़की से गैंगरेप की घटना सामने आई है। 8 लोगों ने करीब 15 घंटे तक उसे अपनी हवस का ​शिकार बनाया। पीड़िता के मुँह में ड्रग्स और लिंग तक ठूँस दिया। घटना शुक्रवार (16 दिसंबर 2022) की है। पुलिस ने केस दर्ज कर सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना माहिम इलाके की है। शुक्रवार की रात 8 बजे पीड़ित किशोरी अचानक ही अपने घर से गायब मिली। लड़की के परिवार वालों ने काफी तलाश किया, लेकिन वो नहीं मिली। अगले दिन शनिवार को लड़की के परिजनों ने सातपाटी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। पुलिस ने लड़की के मोबाइल पर कॉल किया तो वह रो रही ही। पुलिस को मोबाइल का लोकेशन हरणवाडी में मिला।

इस लोकेशन पर पुलिस ने दबिश डाली तो लड़की मिली। पूछताछ में लड़की ने बताया कि उसे उसके बॉयफ्रेंड ने मिलने के बहाने बुलाया था। बाद में उसके साथ 8 लोगों ने समुद्र किनारे बंद पड़े एक बंगले में रेप किया। बाद में उसे अगले दिन सभी आरोपित झाड़ी में ले गए। यहाँ भी उसके साथ सभी आरोपितों ने बारी-बारी से बलात्कार किया। पीड़िता का आरोप है कि सभी आरोपितों ने ड्रग्स ले रखी थी।

पीड़िता ने बताया कि दर्द से कराहने पर उसके मुँह में भी आरोपित ड्रग्स डाल देते थे। आरोपितों ने अपना प्राइवेट पार्ट भी उसके मुँह में डाल दिया था। इस दौरान उसका अप्राकृतिक यौन शोषण भी किया गया। शनिवार सुबह 11 बजे के करीब घटनास्थल से 2 किलोमीटर दूर सुनसान इलाके में आरोपितों ने पीड़िता को अधमरी में हालत में छोड़ दिया। पीड़िता के अनुसार आरोपितों ने उसे मुँह न खोलने की धमकी भी दी थी।

पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ IPC की धारा 376 D, 366 A, 341, 342, 323, 504, 506 और पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली है। सभी 8 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपित माहिम, हनुमानपाड़ा, टेंबी, सफाले और वडराई इलाके में रहते हैं।

गौरतलब है कि पालघर के दहानु तालुका के गडचिंचले गाँव में अप्रैल 2020 में जूना अखाड़ा के महंत कल्पवृक्ष गिरी महाराज (70 वर्ष) और महंत सुशील गिरी महाराज (35 वर्ष) तथा उनके ड्राइवर निलेश तेलगडे (30 वर्ष) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

आगजनी, तोड़फोड़, जानलेवा हमले… अर्जेंटीना के फीफा वर्ल्ड कप जीतने के बाद फ्रांस में भड़के दंगे, 14000 पुलिसकर्मी तैनात

फीफा वर्ल्ड कप 2022 के फाइनल में 18 दिसंबर 2022 को अर्जेंटीना से मिली हार को फ्रांस के फैन्स बर्दाश्त नहीं कर पाए। उन्होंने देश के अलग-अलग कोनों में हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ को अंजाम दिया। हालात इतने बेकाबू हो गए कि पुलिस को आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

जानकारी के मुताबिक, फीफा वर्ल्ड कप फाइनल देखने के लिए फ्रांस के अलग-अलग शहरों में बड़ी स्क्रीन सड़कों पर लगाई थी ताकि चलते-फिरते भी लोग मैच का आनंद ले सकें। इन्हीं बड़ी स्क्रीन पर फ्रांस को जीतता देखने के लिए हजारों लोग इकट्ठा हुए। मगर जैसे ही अर्जेंटीना ने पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से मोर्चा मारकर वर्ल्ड कप का खिताफ जीता, वैसे ही सारे फैन्स बिदक गए।

अलग-अलग शहरों से हिंसा की खबरें आईं। पेरिस और लॉयन जैसे शहरों में लोगों ने गाड़ियों में आग लगा दी। इनमें से कुछ की तस्वीरें और कुछ की वीडियोज भी सोशल मीडिया पर वायरल है। देख सकते हैं कि उपद्रवियों को रोकने के लिए वहाँ बड़ी संख्या में पुलिस को तैनात किया गया है। वहीं हिंसक लोग सड़कों पर तोड़फोड़ करते हुए आगे बढ़ते जा रहे हैं।

एक वीडियो सामने आया है जिसमें सड़क पर एक महिला की गाड़ी रोकी गई है और कुछ उपद्रवी उसकी गाड़ी को पहले घेरते हैं और फिर उस पर खींचकर कुछ मारते हैं। पूरी भीड़ उस कार पर अटैक करती दिखती है।

कथिततौर पर पुलिस ने इस हिंसा मामले में दर्जनों लोगों को गिरफ्तार है। पुलिस उन्हें अपने साथ फटकारते हुए घेरकर ले जाती दिख रही है। फ्रांस भर में 14000 पुलिस अधिकारी तैनात हैं। फ्रांस की हार से आहत जहाँ उसके फैन्स हल्ला कर रहे हैं, तोड़फोड़ कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पेरिस में ही अर्जेंटीना की एंबेसी के पास टीम के फैन्स खुशी का जश्न मनाते भी दिखे।

गौरतलब है कि इस बार कतर में हुआ फीफा वर्ल्ड कप 2022 कई बार हिंसा की वजह से चर्चा में रहा। फ्रांस ने मोरक्को से जब मैच जीता था तब मोरक्कन फैन्स ने फ्रांस की सड़कों पर आकर उपद्रव किया था। घटना में एक 14 साल के बच्चे की मौत हो गई थी और कई जगह तोड़फोड़ व आगजनी को अंजाम दिया गया था।

मोहम्मद तौफीक ने गला घोंट कर सौतेली बेटी को मार डाला, फोन पर बात करते देख हुआ था आग-बबूला: फिर थाने में कर दिया आत्मसमर्पण

हैदराबाद में पिता द्वारा सौतेली बेटी की हत्या करने का मामला सामने आया है। आरोपित पिता ने 17 वर्षीय बेटी की हत्या सिर्फ इस बात पर कर दी कि वह रात में फोन पर किसी से बात कर रही थी। बेटी को फोन पर बात करते देखने के बाद पिता ने उसका गला घोंटा। इसके बाद, पुलिस स्टेशन जाकर सरेंडर कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हैदराबाद के मुशीराबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत बकरम में मोहम्मद तौफीक नामक व्यक्ति अपनी दूसरी बीवी और दो बेटियों के साथ रहता है। शनिवार (17 नवंबर, 2022) की रात करीब एक बजे तौफीक ने घर के दूसरे कमरे में बेटी की आवाज सुनी।

इसके बाद, उसने जब कमरे में जाकर देखा तो उसकी बेटी फोन में किसी से बात कर रही थी। बेटी को बात करते देख तौफीक आग बबूला हो उठा और उसने बेटी से उसका मोबाइल छीनते हुए फोन अनलॉक करने को कहा। लेकिन, बेटी ने फोन अनलॉक करने से मना कर दिया। इससे दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद, तौफीक ने बेटी का गला दबा दिया, दम घुटने से बेटी की जान चली गई।

थाने जाकर किया सरेंडर

बेटी की हत्या करने के बाद सुबह करीब 6 बजे मोहम्मद तौफीक ने मुशीराबाद थाने में जाकर पुलिस को मामले की जानकारी दी और सरेंडर कर दिया। इस मामले में, इंस्पेक्टर जहाँगीर यादव का कहना है कि आरोपित ने थाने में आकर सरेंडर किया था। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

‘गुजरात विधानसभा चुनाव में शाम 5 बजे के बाद पड़े 16 लाख वोट’: कॉन्ग्रेसियों और वामपंथियों के दावे का ‘फैक्ट चेक’

पिछले कुछ समय से गुजरात विधानसभा चुनावों को लेकर सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही है। इसमें कुछ हैंडलों द्वारा शाम 5 बजे के बाद 16 लाख से ज्यादा वोटरों के वोट डालने का दावा किया जा रहा है। कुछ मिला कर यह धारणा बनाने की कोशिश चल रही है कि मतदान के दिन अंतिम घंटे में कुछ गड़बड़ जरूर हुई थी।

ट्विटर पर एक कॉन्ग्रेस समर्थक हैंडल @achalshah06 ने यह दावा 7 दिसंबर को किया था। इस ट्वीट में लिखा था कि गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में शाम 5 बजे के बाद असमान्य रूप से 1600000+ वोटरों ने मतदान किया।

वामपंथी विचारधारा वाले @tnwatch1 ने भी कुछ इसी प्रकार का दावा किया है।

इन दावों की गहराई से जाँच करने पर कई मीडिया रिपोर्ट्स में भी इसी प्रकार की जानकारियाँ प्रकाशित हुईं हैं। ‘द हिन्दू’ ने 10 दिसंबर 2022 को एक खबर प्रकाशित करते हुए बताया है कि गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मतदाताओं की संख्या लगभग 6.5% बढ़ी थी। इस रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि इस चरण में शाम 5 बजे के बाद 16 लाख वोटरों ने मतदान किया।

दूसरे चरण में शुरुआती आँकड़ों ने संकेत दिया था कि 93 निर्वाचन क्षेत्रों में 58.8% मतदान हुआ था जिसे अंत में सुधार कर में 65.3% घोषित किया गया। वहीं पहले चरण के मतदान में प्रारम्भिक आँकड़े 60.11% थे जो अंत में सुधार कर 63.14% घोषित हुए थे। हालाँकि अपनी पूरी रिपोर्ट में ‘द हिन्दू’ ने ऐसा होने की वजह नहीं बताई है।

इस मुद्दे को कॉन्ग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा भी उठा चुके हैं। 12 दिसंबर, 2022 को उन्होंने अपने बयान में इसे ‘असामान्य रूप से ऊँची छलाँग ‘ कहा था। वहीं कॉन्ग्रेस ने इस मामले में कहा था कि एक वोट डालने में लगभग 1 मिनट का समय लगता है। ऐसे में इतने सारे वोट पड़ना मानवीय तौर पर मुमकिन ही नहीं है।

दावे में असमान्य कुछ भी नहीं

ये दावे पहली नजर में असमान्य लगते हैं लेकिन असल में इसमें ऐसा कुछ भी नहीं है। वोटिंग बंद होने के बाद अंतिम घंटों का यह उछाल प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर हुए वोटिंग के नंबर को अपलोड करने में होने वाली देरी के चलते दिखाई देता है।

साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने ‘वोटर टर्न आउट’ नाम से एक एप लॉन्च किया था। ECI की वेबसाइट पर इस एप का विवरण दिया गया है। इस एप की लांचिंग से पहले जनता को मतदान खत्म होने के बाद ही वोटिंग आँकड़ों की जानकारी होती थी। अब इस एप से दिन में कई बार डाले गए वोटों का अपडेट जाना जा सकता है।

जानकारी के मुताबिक, इस एप में भी जानकारी अपलोड और अपडेट करने में लगभग 1 घंटे का समय लगता है। ये भी समझना जरूरी है कि सुरक्षा कारणों से वोटिंग में प्रयोग हो रहीं EVM मशीनें किसी भी नेटवर्क से जुड़ी नहीं होती हैं। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर साफ तौर से लिखा गया है कि वोटिंग के दौरान अनुमानित आँकड़े सावजनिक किए जाते हैं। ये आँकड़े मतदान केंद्रों पर मौजूद रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा समय-समय पर ऊपर भेजा जाता है। कुल मिला कर वोटिंग आंकड़ों क रियल टाइम प्रसारण सम्भव नहीं है।

नीचे से अलग-अलग मतदान केंद्रों से आने वाले इन तमाम आँकड़ों को जमा कर के उसे पब्लिक के लिए सार्वजानिक करने की प्रकिया में समय लगता है। सरल शब्दों में इसे यह माना जा सकता है कि डाला गया एक वोट लगभग 1 घंटे बाद ही लोगों की जानकारी में प्रतिशत के रूप में सामने आता है। वोटिंग का अंतिम संशोधित आँकड़ा लगभग 7 बजे सार्वजानिक किया जाता है। शाम 5 बजे डाला गया वोट निर्वाचन आयोग के एप में 1 घंटे बाद लगभग 6 बजे अपडेट होता है।

इन सभी के अलावा भले ही भी शाम 5 बजे वोटिंग खत्म हो जाती है पर मतदान केंद्रों में लाईन में लगे लोगों को वोट डालने की छूट दी जाती है। इसके चलते कई स्थानों पर समय शाम 5 बजे से अधिक हो जाता है। ऊपर के तमाम बिंदुओं को जोड़ कर कहा जा सकता है कि चुनाव आयोग द्वारा शाम 7 बजे पब्लिश किया जाने वाला डाटा शाम 4 बजे से ले कर 5 बजे तक के बाद भी लाइन में खड़े लोगों का आँकड़ा होता है। कॉन्ग्रेस के वोट डालने में लगने वाले 60 से 65 सेकेण्ड वाले दावे पर दिव्य भास्कर नाम के पेपर ने स्पष्टीकरण दिया था। इसे खुद अचल ने शेयर किया था।

इसलिए, गुजरात विधानसभा चुनावों में शाम 5 बजे के बाद 16 लाख वोटरों के वोट डालने का दावा भ्रामक है।

‘PM मोदी के कारण तबाही से बच गई दुनिया’: अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी CIA के मुखिया का खुलासा-उनकी चिंताओं की वजह से टला परमाणु युद्ध

अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) के प्रमुख विलियम बर्न्स ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की है। सीआईए चीफ ने कहा है कि पीएम मोदी के रुख के कारण रूस पर असर हुआ है। यही कारण है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में अब तक परमाणु हथियारों का प्रयोग नहीं हुआ। साथ ही, इसके उपयोग होने के संकेत भी नहीं हैं।

विलियम बर्न्स ने पीबीएस के साथ एक इंटरव्यू में कहा है, “मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने परमाणु हथियारों के उपयोग के बारे में बार-बार अपनी चिंताएँ जाहिर की हैं। इसका रूस पर भी प्रभाव पड़ रहा है।” बर्न्स का यह बयान कई मायने में खास है। अव्वल तो यह कि विगत सप्ताह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि देश के रक्षा के लिए वह “सभी साधनों” का उपयोग करेंगे।

पुतिन ने यह भी कहा था, “अभी तक रूस ने पहले परमाणु हथियारों के प्रयोग के बारे में नहीं सोचा है। किसी भी स्थिति में रूस परमाणु हथियारों के प्रयोग से बचेगा, लेकिन इसका यह मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए कि परमाणु हथियारों का प्रयोग बिल्‍कुल ही नहीं होगा।” पुतिन ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अगर रूस की सीमा पर कोई हमला हुआ तो फिर परमाणु युद्ध की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। उनके इस बयान को परमाणु हथियारों के उपयोग को लेकर स्पष्ट चेतावनी के रूप में देखा जा रहा था।

बर्न्स ने यह भी कहा है, “मुझे लगता है कि चेतावनी सिर्फ डराने के लिए है। आज हमें सामरिक परमाणु हथियारों का उपयोग करने की योजना का कोई स्पष्ट सबूत नहीं दिख रहा है।”

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित दुनियाभर के कई नेताओं ने हाल ही में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से टेलीफोन पर या व्यक्तिगत रूप से बातचीत की है। इस बातचीत का उद्देश्य यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध को ‘युद्ध विराम’ स्थिति में ले जाना था।

शुक्रवार (16 दिसंबर 2022) को प्रधानमंत्री मोदी ने व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की थी। इस बातचीत में उन्होंने कहा था कि बातचीत और कूटनीति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है। इससे पहले सितंबर 2022 में उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित हुई संघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक से अलग पीएम मोदी ने पुतिन से मुलाकात की थी।

समरकंद में मोदी ने पुतिन से कहा था, “इस मुद्दे पर मैंने आपसे बात की थी। आज हम इस पर बात करना चाहेंगे कि शांति के रास्ते पर आगे कैसे बढ़ा जा सके। भारत और रूस कई दशकों तक एक साथ रहे हैं। मैं यूक्रेन संघर्ष पर आपकी स्थिति जानता हूँ। मैं आपकी चिंता समझता हूँ। मैं जानता हूँ कि आप इन चिंताओं को समझते हैं। हम चाहते हैं कि ये संकट जितना जल्दी हो सके खत्म हो।

यही नहीं, इसी साल अक्टूबर में पीएम मोदी ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेन्स्की से भी बात की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि परमाणु हथियारों का उपयोग करने से सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण पर विनाशकारी प्रभाव हो सकते हैं।

शिव मंदिर के गर्भगृह में अश्लील हरकतें कर रहा था पंचर लगाने वाला वसीम, हिन्दू महिलाओं से छेड़छाड़: कपड़े भी उतार देता था, अब पुलिस ने दबोचा

मध्य प्रदेश के इंदौर में शिव मंदिर के गर्भगृह में एक युवक के अश्लील हरकत करने का वीडियो सामने आया था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपित वसीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मामला दर्ज किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंदौर के प्रकाश नगर स्थित विश्वेश्वर महादेव मंदिर के गर्भगृह में बैठकर अश्लील हरकत करता था। साथ ही, महिलाओं पर भद्दे कमेंट्स भी करता था। आरोपित वसीम की हरकत से परेशान होकर महिलाओं ने उसका वीडियो बना लिया था। वीडियो के साथ उन्होंने क्षेत्रीय पार्षद मनीष मामा से संपर्क किया था।

महिलाओं ने आरोप लगाया था कि आरोपित शिव मंदिर के गर्भगृह में बैठा रहता है, जहाँ कई बार वह अपने कपड़े तक उतार देता है। इसके बाद अश्लील हरकतें करने लगता है। इसके चलते कई महिलाओं ने मंदिर आना ही बंद कर दिया।

इस मामले में संयोगितागंज पुलिस स्टेशन के एसएचओ टी काजी का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि प्रकाश नगर के मंदिर में एक व्यक्ति ने अश्लील हरकत की है। मामले की जाँच की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तरीकों से जाँच कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने आरोपित वसीम के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA), धार्मिक भावना आहत करने समेत अन्य मामलों में एफआईआर दर्ज की है। वसीम ग्वाल टोली इलाके में साइकल का पंचर जोड़ता है और क्षेत्र में नशा कर घूमता रहता है।

बता दें कि शिव मंदिर के गर्भगृह में अश्लील हरकत करने का वीडियो सामने आने के बाद हिंदू संगठन के कार्यकर्ता आग-बबूला हो गए थे। साथ ही, कुछ कार्यकर्ता आरोपित की गिरफ्तारी की माँग लेकर थाने के सामने धरने पर बैठ गए थे। यही नहीं, आरोपित की गिरफ्तारी जानकारी सामने आने के बाद भी हिंदू संगठन के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एकत्रित होकर थाने पहुँच गए थे। आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की थी।

सरकारी सामुदायिक भवन को हरे रंग से पेंट कर घोषित कर दिया मदरसा अशराफिया, शिलापट्ट भी बदला: सोनभद्र में आरोप की जाँच शुरू

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में एक सामुदायिक भवन को मदरसे में तब्दील करने की साजिश का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक मस्जिद के पास बने इस सामुदायिक भवन पर हरे रंग का पेण्ट लगा दिया है। इसी के साथ भवन का प्लेट भी उखाड़ दिया गया है। बताया जा रहा है कि सामुदायिक भवन को मदरसा अशरफिया घोषित कर दिया गया है। एक पत्रकार की शिकायत पर सोनभद्र पुलिस ने मामले की जाँच करवा रही है। यह शिकायत रविवार (11 दिसंबर, 2022) को हुई थी।

मामला पिपरी थाना क्षेत्र का है। इस मामले में शिकायतकर्ता का नाम मनोज सिंह राणा है। राणा ‘जीवन एक्सप्रेस’ नाम के न्यूज़ संस्थान में सोनभद्र के संवाददाता हैं। अपनी शिकायत में उन्होंने लिखा कि तुर्रा मस्जिद के पास पूर्व चेयरमैन ने एक सामुदायिक भवन का निर्माण करवाया गया था। शिकायत के मुताबिक, पिपरी के वर्तमान चेयरमैन द्वारा उसी भवन को मदरसा बनाने की कोशिश की जा रही है। मनोज के मुताबिक, जब मामले की शिकायत की गई तब वर्तमान चेयरमैन ने सामुदायिक भवन पर ताला जड़ दिया था लेकिन, कुछ दिनों के बाद फिर से वहीं मदरसा बनाने की कोशिश की जाने लगी है।

पत्रकार मनोज ने अपनी शिकायत के साथ कुछ तस्वीरें भी शेयर की हैं। इस शिकायत पर सोनभद्र पुलिस ने बताया है कि मामले की जाँच थाना प्रभारी पिपरी को सौंपी गई है। एक अन्य ट्वीट में मनोज राणा ने सामुदायिक भवन को मदरसा अशरफिया बना देने का आरोप लगाया है। इसी ट्वीट में मनोज ने कहा है कि सामुदायिक भवन का शिलापट्ट भी बदल दिया गया है। अपने दावों के समर्थन में मनोज ने इस ट्वीट में भी कुछ तस्वीरें शेयर की हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सामुदायिक भवन मुस्लिम बहुल इलाके में है। इस मामले में सार्वजनिक होते ही स्थानीय उप जिलाधिकारी (SDM) ने जाँच के आदेश दिए है। SDM शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि जिसने भी नियमों के खिलाफ काम किया होगा उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।