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‘पठान’ से उलेमा बोर्ड भी खफा, कहा- मजहब को बदनाम कर रहे शाहरुख खान: भाजपा MLA ने दी महाराष्ट्र में फिल्म नहीं चलने देने की चेतावनी

शाहरुख खान की फिल्म पठान (Pathaan) को लेकर लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। महाराष्ट्र में भाजपा नेता राम कदम भी ‘पठान’ के विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने ट्वीट कर फिल्म निर्माताओं से अपना पक्ष रखने को कहा। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व का अपमान करने वाली कोई भी फिल्म महाराष्ट्र में नहीं चलने दी जाएगी।

राम कदम ने पठान फिल्म को लेकर 2 ट्वीट किए। पहले ट्वीट में राम कदम ने कहा कि देश के साधू-संतों के अलावा कई हिंदू संगठन इस फिल्म का विरोध कर रहे हैं। महाराष्ट्र में हिंदुत्व विचारधारा वाली सरकार है। बेहतर होगा कि फिल्म निर्माता अपना रुख स्पष्ट करें। उन्होंने अपने अगले ट्वीट में लिखा कि हिंदुत्व का अपमान करने वाली कोई भी फिल्म या सीरियल महाराष्ट्र में नहीं चल पाएगा। उन्होंने पूछा कि क्या JNU धारी लोग जानबूझकर जनेऊ धारी विचारधारा को आहत करने का दुस्साहस कर रहे हैं?

इसके पहले मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भी फिल्म के ‘बेशरम रंग’ गाने में दीपिका पादुकोण की वेशभूषा और इसे फिल्माने के तरीके पर आपत्ति जता चुके हैं। उन्होंने कहा था, “फिल्म पठान (Pathan) के गाने में टुकड़े-टुकड़े गैंग की समर्थक अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की वेशभूषा बेहद आपत्तिजनक है। साफ दिख रहा है कि यह गाना दूषित मानसिकता के साथ फिल्माया गया है। ‘बेशरम रंग’ गाने के बोल, दृश्यों और भगवा व हरे रंग की वेशभूषा को ठीक किया जाए। वरना हम तय करेंगे कि मध्य प्रदेश में फिल्म की स्क्रीनिंग होनी चाहिए या नहीं।”

उधर अब तक हिंदू संगठनों का विरोध झेल रही शाहरुख खान की फिल्म पठान को मुस्लिम संगठनों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश के उलेमा बोर्ड ने फिल्म का विरोध किया है। बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि पठान फिल्म को राज्य में रिलीज नहीं होने दिया जाएगा।

उलेमा बोर्ड के अलावा ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमिटी ने भी शाहरुख की फिल्म ‘पठान’ का विरोध किया है। मुस्लिम त्योहार कमेटी ने एक कदम आगे बढ़कर ऐलान किया कि फिल्म को मध्य प्रदेश तो क्या देशभर में कहीं भी रिलीज नहीं होने देंगे। पठान फिल्म का विरोध कर रहे मुस्लिम संगठन शाहरुख खान पर मजहब को बदनाम करने का आरोप लगा रहे हैं।

आपको बता दें पिछले दिनों पठान फिल्म का पहला गाना ‘बेशरम रंग’ रिलीज किया गया था। गाना रिलीज होने के बाद से ही फिल्म के बायकॉट की माँग तेज हो गई है। गाने के कई दृश्यों में दीपिका को भगवा रंग की बिकनी पहने दिखाया गया है। जिसे लेकर लोग नाराज़ हैं।

जयशंकर से टकराकर चित हुआ आतंकवाद का हर तरफदार, हिना-बिलावल-पत्रकार सबको ‘साँप’ सूँघा: बौखलाहट में PM मोदी पर पाकिस्तानी मंत्री का निजी अटैक

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान द्वारा कश्मीर का मुद्दा उठाने पर भारत द्वारा लताड़े जाने के बाद भी अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहा है। आतंकवाद को लेकर एक बार फिर भारत ने पाकिस्तान को आइना दिखाया है। सार्वजनिक मंच पर दुनिया के सामने पोल खुलने पर पाकिस्तान अब अनाप-शनाप बक रहा है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जारदारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। बिलावल ने कहा, “मैं भारत को बताना चाहता हूँ कि ओसामा बिन लादेन तो मर चुका है, लेकिन ‘गुजरात का कसाई’ अभी जिंदा है और वह भारत का प्रधानमंत्री है।”

बिलावल ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने से पहले अमेरिका ने उनकी एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। बिलावल भुट्टो दो कदम आगे बढ़ते हुए यहाँ तक कह दिया कि पीएम मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रधानमंत्री हैं और जयशंकर RSS के विदेश मंत्री। उन्होंने कहा कि भारत सरकार हिटलर की विचारधारा से प्रभावित है और पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा दे रही है।

बता दें कि बिलावल ने कश्मीर और आतंकवाद का मुद्दा उठाया था, तब भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar) ने पाकिस्तान पर करारा हमला करते हुए कहा था कि जो आतंकी ओसामा बिन लादेन की मेजबानी करता हो, पड़ोसी देश की संसद पर हमला करता हो वो संयुक्त राष्ट्र में उपदेशक बन रहा है।

विदेश मंत्री जयशंकर ने UNSC में ‘ग्लोबल काउंटर टेररिज्म अप्रोच, चैलेंज एंड वे फारवर्ड’ की अध्यक्षता करते हुए पाकिस्तान पर फिर निशाना साधा। उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद का केंद्र बताया और कहा कि वह अभी भी इन गतिविधियों में लिप्त है।

इस बार विदेश मंत्री जयशंकर ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो को ही सिर्फ नहीं धोया, बल्कि पाकिस्तान की विदेश राज्यमंत्री हिना रब्बानी खार और वहाँ के पत्रकारों को भी अच्छे से धो डाला।

हिना रब्बानी खार ने भारत पर आरोप लगाया कि वह पाकिस्तान में आतंकवाद को सपोर्ट कर रहा है। इस पर विदेश मंत्री जयशंकर ने उन्हें अमेरिका की तत्कालीन विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का एक दशक पुराना बयान याद दिलाया। साल 2011 में पाकिस्तान के दौरे पर गईं हिलेरी क्लिंटन ने कहा था, “अगर अपने घर में साँप पालोगे तो यह उम्मीद मत करना कि वो सिर्फ पड़ोसियों को काटेगा। वह आपको और आपके लोगों को भी काटेगा।”

हिलेरी क्लिंटन का यह बयान पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकवाद के संदर्भ में था। हिलेरी क्लिंटन ने सीधे शब्दों में पाकिस्तान को एक तरह से चेतावनी दी थी कि वह आतंकवाद को पालना बंद कर दे, नहीं तो एक दिन वह उसे भी नहीं छोड़ेगा। आज पाकिस्तान में वही हो रहा है, जिसको लेकर हिलेरी क्लिंटन ने चेतावनी दी थी।

पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए जयशंकर ने कहा कि दुनिया बेवकूफ नहीं है। आज वह आतंकवाद फैलाने वाले देशों और संगठनों के बारे में अच्छी तरह से जानती है। दुनिया पाकिस्तान को आतंकवाद के केंद्र के रूप में जानती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को सही सलाह अच्छी नहीं लगती, लेकिन उसे ये सब छोड़कर एक अच्छा पड़ोसी बनने की कोशिश करना चाहिए।

इसी तरह जयशंकर ने पाकिस्तान के एक पत्रकार को भी लताड़ लगाई। UNSC मे ब्रीफिंग के दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने पूछा कि आतंकवाद कब खत्म होगा? इस पर जयशंकर ने कहा, “आप ये सवाल गलत मंत्री से कर रहे हैं। आपको ये सवाल पाकिस्तान के मंत्रियों से करना चाहिए। वो ही बताएँगे कि ये सब कब खत्म होगा या कब तक वो आतंकवाद को बढ़ावा देने का इरादा रखते हैं।”

जयशंकर ने कहा कि आज दुनिया भर में आतंकवाद गंभीर रूप से चुका है, लेकिन इससे दशकों पहले से ही भारत इसका सामना कर रहा है। आतंकवाद के कारण भारत में हजारों निर्दोष लोगों ने अपनी जान गँवा दी। उन्होंने कहा कि आतंकियों की भर्ती, टेरर फंडिंग, जवाबदेही एवं उनके कार्य करने के तरीके सुनिश्चित करना और आतंकवाद का मुकाबला करने में दोहरे मानदंडों के कारण इस पर काबू पाना चुनौती बना हुआ है।

‘मैं उनकी लिस्ट में नंबर वन नहीं’ : अरबाज संग रिश्ते पर बोलीं मलाइका अरोड़ा, कहा- @$$ की फोटो लेते हैं तो गुस्सा आता है

बॉलीवुड अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने अपने शो ‘मूविंग विथ मलाइका’ के पिछले एपिसोड्स में कई मुद्दों पर दुनिया के सामने चर्चा की। उन्होंने इस दौरान अर्जुन कपूर के साथ रिलेशन और अरबाज खान से अपने डायवोर्स की बात करते हुए बताया कि कैसे अरबाज के परिवार के लिए वो लिस्ट के टॉप में नहीं है फिर वो उनके साथ दिखते हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें कितना बुरा लगता है जब पैपराजी केवल उनकी @$$ पर फोकस करते हैं।

अरबाज खान पर बोलीं मलाइका

मलाइका से करण जौहर ने शो के दौरान पूछा कि जब उनका एक्सीडेंट हुआ था तो परिवार के सारे लोग उनके पास आ गए थे। जैसे कुछ चीजें हमेशा के लिए हों, बिलकुल वैसे ही। इस पर मलाइका ने जवाब दिया, “मैं हो सकता है कि उनकी लिस्ट में नंबर वन पर न रहूँ लेकिन वो मेरे लिए करते हैं क्योंकि अरहान होता है। यही सही भी है।”

बता दें कि मलाइका का एक्सीडेंट इस साल 2 अप्रैल को हुआ था। वह पुणे से मुंबई जा रही थीं। इस घटना में उन्हें चोटें आई थीं जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। उस समय अरबाज अस्पताल में थे और मलाइका के मुताबिक, वह उनसे पूछ रहे थे- “तुम्हें दिख तो रहा है न। बताओ कितनी उंगलियाँ हैं।” मलाइका ने फराह को बताया था कि उस समय उन्हें अरबाज को देख लगा कि वो पुराने समय में चली गई हैं।

@$$ पर फोकस करते हैं पैपराजी- मलाइका अरोडडा

इसी तरह भारती सिंह से बात करते हुए मलाइका ने कहा, “मैं कभी भी किसी पर गुस्सा नहीं होती जब तक कि वो मुझे उकसाएँ न। लेकिन मुझे जो सबसे ज्यादा चीज परेशान करती है वो ये कि जब कोई फोटोज लेता है। (अपने चेहरे की ओर इशारा करते हुए वह बोलीं) यहाँ के फोटोज लो न। वो लोग हमेशा यहाँ और वहाँ की फोटो लेते हैं (छाती और हिप्स की)। जब कैमरा वहाँ जाता है तो मुझे उससे दिक्कत है।”

उन्होंने सवाल किया, “आप लोग मेरा @ss पर क्यों फोकस करते हो। मुझे मेरे शरीर पर गर्व है। लेकिन फिर वो कहते हैं, अगर आपको ये सब दिखाना ही नहीं है तो आप ये सब कपड़े क्यों पहनती हो। क्यों? मैं वो कपड़े पहनना चाहती हूँ? तुम्हारी क्या दिक्कत है? मेरी मर्जी जो मन होगा वो पहनूँगी।”

करण जौहर ने पूछा मलाइका की @$$ पर सवाल

बता दें कि पैपराजियों द्वारा हमेशा @ss पर फोकस करने की बात मलाइका के शो में पहले भी उठ चुकी है। करण जौहर ने उनसे बात करते हुए कहा था, “कैसा लगता है जब आपका A** चर्चा का इतना बड़ा विषय बन जाता है?” इस सवाल के जवाब में मलाइका ने कहा था, “क्या तुम सीरियस हो? यह मेरा सोफा है, यह तुम्हारा सोफा नहीं है।” इसके बाद, मलाइका हल्के गुस्से में दिखाई दी थीं और जवाब देने से इनकार करते हुए कहा था, “ओके, बाय करण। तुम जा सकते हो।”

शराब पर ‘बिहार मॉडल’ दिखाकर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब को लताड़ा, कहा- आग लगने पर कुँआ न खोदे: AAP सरकार बोली- कम अल्कोहल वाला पाउच बेचेंगे

बिहार में नकली शराब पीकर लोगों की हो रही मौतों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भगवंत मान (Bhagwant Mann) की नेतृत्व वाली पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को चेतावनी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में अवैध शराब की बिक्री को लेकर कहा कि ‘जब घर में आग लग जाए, तब कुँआ खोदने का काम ना करें’।

उधर पंजाब सरकार ने गुरुवार (15 दिसंबर 2022) को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अवैध रूप से घर में बन रही शराब के ‘स्वस्थ विकल्प’ के रूप में 40 प्रतिशत अल्कोहल वाली देशी शराब सरकार पेश करेगी। पंजाब सरकार ने बताया कि इसे पाउच में विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बेचा जाएगा। यह पंजाब सरकार की नई आबकारी नीति का हिस्सा है।

पंजाब सरकार ने बताया कि जिन इलाकों में अवैध एवं जहरीली शराब बेची जाती हैं, वहाँ बिहार जैसी त्रासदी को रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पंजाब सरकार ने बताया कि शराब वाली इन पाउचों को बनाने के लिए डिस्टिलरी से बात की गई है।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार की बेंच को पंजाब सरकार ने बताया कि इस दिशा में सरकार ने कदम उठाए हैं। जिन इलाकों में अवैध शराब की भट्ठी पाई जाएगी, वहाँ की स्थानीय पुलिस को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

वहीं, याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि सरकार केवल छोटे लोगों पर कार्रवाई कर रही है और अवैध शराब बनाने एवं बेचने वाले बचे रह जा रहे हैं। उदाहरण देते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में 60 लीटर अवैध शराब के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने की बात स्वीकार की थी।

याचिकाकर्ता ने आगे कहा कि इस मामले में सरकार ने यह पता लगाने की कोशिश नहीं की कि यह शराब कहाँ बनाई गई और किसने बनाई। जहाँ इन शराबों को बनाया जाता है, उसके लिए किन लोगों ने भुगतान किया था, क्योंकि इन भट्ठियों को बनाने के लिए भारी पूँजी की जरूरत होती है।

Avatar 2 की एडवांस बुकिंग ₹30 करोड़, 70% कमीशन के कारण दक्षिण भारत में बायकॉट… बच जाएगा ‘Avengers’ का रिकॉर्ड

‘Avatar The Way Of Water’ यह है जेम्स कैमरोन की नई फिल्म का पूरा नाम। लोग इसे छोटे में ‘Avatar 2’ कह रहे हैं क्योंकि 2009 में इसकी पहली कड़ी आ चुकी है। इसी का सीक्वेल ‘Avatar The Way Of Water’ भारत के साथ-साथ 16 दिसंबर 2022 को दुनिया भर में रिलीज हुई। भारत में ‘अवतार 2’ फिल्म के क्रेज को आप ऐसे समझ सकते हैं – 30 करोड़ रुपए की एडवांस बुकिंग हो चुकी है, लोग 2500-3000 तक के टिकट भी पहले से बुक करके हाउसफुल कर चुके हैं सिनेमाघरों को।

30 करोड़ रुपए की एडवांस बुकिंग से चौंकिए मत। यह तो गुरुवार (15 दिसंबर 2022) तक का आँकड़ा है। बॉक्स ऑफिस इंडिया की रिपोर्ट कहती है कि शुक्रवार को ‘Avatar The Way Of Water’ की रिलीज से पहले तक एडवांस बुकिंग का फाइनल आँकड़ा 40-45 करोड़ को क्रॉस कर जाएगा। भारत में हॉलीवुड की फिल्मों की एडवांस बुकिंग का रिकॉर्ड ‘Avengers Endgame’ के नाम है। 53.10 करोड़ रुपए की एडवांस बुकिंग के साथ यह फिल्म टॉप पर है।

‘Avatar The Way Of Water’ या ‘Avatar 2’ को लेकर लोगों में दीवानगी को ऐसे भी समझिए – एडवांस बुकिंग में इस फिल्म की टिकटें RRR, ब्रह्मास्त्र, KGF चैप्टर 2 आदि से कम बिकी हैं। फिर भी बिजनेस 30 करोड़ रुपए से ऊपर। इसका कारण है कि लोग अधिक पैसों वाले टिकट खरीद रहे हैं। 2500-3000 रुपए के टिकट वाले सीट भी हाउसफुल हो चुके हैं।

Avatar 2 का दक्षिण भारत में विरोध क्यों?

तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई सिनेमा हॉल मालिक ‘Avatar The Way Of Water’ का बायकॉट कर रहे हैं। इसके पीछे सिनेमा का अच्छा या बुरा होना नहीं है बल्कि शुद्ध बिजनेस है। बायकॉट कर रहे सिनेमा हॉल मालिकों के अनुसार अब तक हॉलीवुड फिल्मों को वो लोग कुल कमाई का 50% हिस्सा देते थे। ‘Avatar 2’ ने इनसे 70% हिस्सा माँगा, जिसके विरोध में वो लोग फिल्म को अपने यहाँ नहीं दिखा रहे।

तमिलनाडु के 600-700 सिनेमा हॉल में से सिर्फ 200-250 जगहों पर ही ‘अवतार 2’ लोग देख पाएँगे। बायकॉट के इस मुद्दे पर ब्रोकरेज फर्म एलारा कैपिटल का कहना है कि ‘Avatar The Way Of Water’ का पूरे भारत में जो बिजनेस होगा, वो बहुत ज्यादा प्रभावित नहीं होगा बल्कि सिनेमा हॉल मालिकों को ही नुकसान होगा।

कोई फिल्म देखना या नहीं देखना, यह व्यक्तिगत मसला है। लेकिन फिल्म समीक्षकों का काम होता है, सो वो उसके बारे में बताते हैं। ‘Avatar The Way Of Water’ के बारे में तरण आदर्श ने कहा है कि यह एक मास्टरपीस है, जरूर देखना चाहिए। टाइम्स ऑफ इंडिया में भी इस फिल्म को 5 में से 4.5 स्टार दिया गया है।

राज्य के 38000 मंदिरों का प्रबंधन अपने हाथ में क्यों लिया?: NGO की याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु की स्टालिन सरकार से माँगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के 38,000 मंदिरों के प्रशासनिक कार्य अपने हाथ में लेने पर तमिलनाडु (Tamil Nadu) की एमके स्टालिन (MK Stalin) सरकार को नोटिस भेजा है। याचिका में कहा गया है कि तमिलनाडु सरकार ने मंदिर में ट्रस्टियों की नियुक्ति पर भी रोक लगा दी है।

मामले पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की खंडपीठ ने सुनवाई की। ‘इंडिक कलेक्टिव ट्रस्ट’ नाम की NGO ने याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ना सिर्फ कार्यकारी अधिकारियों की नियुक्ति कर मंदिरों की प्रबंधन को अपने हाथ में ले लिया है, बल्कि मंदिरों के विशाल निधि का बड़े पैमाने पर कुप्रबंधन किया जा रहा है।

याचिका में कहा गया है कि कार्यकारी अधिकारियों की नियुक्ति नियमावली-2015 में उन्हें अधिकतम 5 साल के लिए नियुक्त करने की बात कहती है, लेकिन राज्य सरकार ने बिना किसी शर्त के इन अधिकारियों को अनिश्चितकाल तक के लिए नियुक्त कर दिया है। यह नियमावली का उल्लंघन है।

NGO ने याचिका में कहा है कि उन मंदिरों में भी कार्यकारी अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिनकी आमदनी बेहद कम है और वहाँ वित्तीय कुप्रबंधन के आसार कम हैं। ऐसा करके राज्य सरकार बिना कारण मंदिरों पर नियंत्रण कर रही है। मंदिरों के प्रबंधन को इस तरह हड़पना उचित नहीं है।

याचिका में सुब्रमण्यम स्वामी बनाम तमिलनाडु सरकार एवं अन्य से संबंधित केस का हवाला देते हुए कहा गया है कि मंदिरों में कुप्रबंधन का समाधान होते ही मंदिर का प्रबंधन संबंधित व्यक्ति को सौंप दिया जाना चाहिए। ऐसा नहीं करना संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होगा।

याचिकाकर्ता ने कहा है कि कार्यकारी अधिकारी मंदिरों के फंड को दूसरे कामों में इस्तेमाल कर रहे हैं। इस फंड को भक्तों द्वारा दिए गए दान से बनाया गया है। इसके साथ ही याचिका में कार्यकारी अधिकारियों पर पूर्वाग्रह का भी आरोप लगाया गया है।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट में दलील देते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि पिछले 70 सालों में ऐसा एक भी उदाहरण नहीं है, जिसमें मंदिरों का प्रबंधन हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के पास गया हो और फिर उसे वापस ट्रस्टी को सौंप दिया गया हो।

याचिका में कहा गया है कि ऐसे 36,627 मंदिर हैं। इनमें से 57 मठों से जुड़े हैं और 17 जैन संप्रदाय के अंतर्गत आते हैं। इन मंदिरों के 88.22 प्रतिशत मंदिर सरकार के नियंत्रण में हैं और इनकी वार्षिक आय 10 हजार रुपए से भी कम है। ऐसे में इन पर नियंत्रण सरकार के पूर्वाग्रह को जाहिर करता है।

अदिति, भूमिका, दिशा, पूजा… खिलाड़ी से लेकर कोच तक सब भारतवंशी: वर्ल्ड कप की अमेरिकी टीम देख प्रशंसक हैरान, बता रहे- भारत की B टीम

दक्षिण अफ्रीका में अंडर-19 महिला टी-20 वर्ल्ड कप आयोजित हो रहा है। टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में अमेरिका की क्रिकेट टीम (USA Cricket Team) भी हिस्सा ले रही है। टूर्नामेंट के लिए यूएसए ने अपनी अंडर-19 महिला टीम लिस्ट जारी कर दी है। इसे देख क्रिकेट प्रशंसक हैरान हैं। दरअसल टीम के सभी सदस्य यहाँ तक कि कोच भी भारतीय मूल के ही हैं।

टीम की कप्तान गीतिका कोडाली और उपकप्तान अनिका कोलन हैं। उनके अलावा टीम में अदिति चुडासमा, भूमिका भद्रराजू, दिशा ढींगरा, इशानी वाघेला, जीवना अरस, लास्य मुल्लापुडी, पूजा गणेश (विकेट कीपर), पूजा शाह, रितु सिंह, साईं तन्मयी आईयुन्नी, स्निग्धा पॉल, सुहानी थडानी और तरनम चोपड़ा शामिल हैं।

इन 15 खिलाड़ियों के अलावा 5 रिजर्व खिलाड़ी भी भारतीय मूल के ही हैं। टीम के कोच वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज रहे शिवनारायण चंद्रपॉल हैं। शिवनारायण चंद्रपॉल भी भारतीय मूल के ही हैं। टीम एनालिस्ट की भूमिका रोहन गोसला निभा रहे हैं। टीम के सलेक्शन पैनल के अध्यक्ष रितेश काडू हैं। टीम के कोच ने कहा है कि हम भले ही महिला क्रिकेट की सबसे नई टीम हैं, लेकिन हम सबसे बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।

यूएसए क्रिकेट की तरफ से टीम लिस्ट जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की हैरानी से भरी प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। अमेरिका की टीम के सभी सदस्यों के भारतीय होने पर लोगों को हैरानी हो रही है। यूजर्स का कहना है कि इसे ‘इंडिया बी टीम’ क्यों नहीं कहा जा रहा है।

साहिल नाम के यूजर ने लिखा है, “इनमें यूएसए के खिलाड़ी कौन हैं? सब तो इंडिया के लग रहे हैं।”

एक यूजर ने तो सलाह दी है कि भारत को भी इसी तर्ज पर विदेशी खिलाड़ियों को खरीदकर फुटबॉल टीम बना लेनी चाहिए।

बता दें कि आईसीसी पहली बार महिला अंडर 19 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट आयोजित कर रहा है। टूर्नामेंट 14 जनवरी, 2023 से 29 जनवरी, 2023 तक खेला जाएगा। आईसीसी अंडर-19 महिला टी-20 वर्ल्ड कप में 16 टीमें शिरकत कर रही हैं। जिन्हें 4 ग्रुपों में बाँटा गया है। अमेरिका ग्रुप ए में ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका और बांग्लादेश के साथ है। अमेरिका अपना पहला मैच 14 जनवरी, 2023 को श्रीलंका के खिलाफ खेलने उतरेगा।

साभार यूएसए क्रिकेट

जिस शहर में काटा कन्हैया लाल का गला, वहाँ अब बिक रही बीफ वाली चॉकलेट: मेड इन पाकिस्तान ‘चिली-मिली’ शिकायत के बाद जब्त

राजस्थान के उदयपुर से बीफ से बनी हुई चॉकलेट बरामद होने से हड़कंप मच गया है। चॉकलेट का नाम ‘चिली-मिली’ है। कई लोग इसे पाकिस्तान की साजिश के तौर पर देख रहे हैं। चॉकलेट को देहली गेट चौराहे पर स्थित दुकान से जब्त किया गया है। इस पर ‘मेड इन पाकिस्तान’ लिखा हुआ है। भाजपा सांसद दीया कुमारी ट्वीट कर घटना की जानकारी दी है। उन्होंने मामले में कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा है।

दीया कुमारी ने कहा, ”कॉन्ग्रेस राज में पहले तो सिर्फ प्रदेश के अपराधियों को छूट मिल रही थी, अब बॉर्डर पार दुश्मन देश पाकिस्तान भी अपने नापाक इरादों को अंजाम देने की कोशिश में पहली पहल कर चुका है। उदयपुर के बाजार में ‘मेड इन पाकिस्तान’ बीफ वाली टॉफी बिक रही है।”

आश्चर्यजनक है कि शहर में पुलिस कंट्रोल रूम से महज पचास मीटर की दूरी पर ही बीफ जिलेटिन से बनी चॉकलेट बेची जा रही थी। दरअसल यहाँ से एक ग्राहक ने ‘चिली-मिली’ नाम की चॉकलेट खरीदी। यह जेली की फॉर्म में एक कैंडीनुमा चॉकलेट है। ग्राहक ने जब पैकेट के पीछे लिखे कंटेंट पढ़ा तो वह चौंक गया। इसमें साफ तौर पर ‘बीफ जिलेटिन’ लिखा हुआ था।

इसके बाद मामले की शिकायत मिलते ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुँँची और दुकान से बीफ से बनी सभी चॉकलेट को जब्त कर लिया गया। चिकित्सा विभाग के फूड इंस्पेक्टर अशोक गुप्ता का कहना है कि टॉफी पर बीफ जिलेटिन लिखा हुआ है। इसे जॉंच के लिए लैब भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।

हालॉंकि दुकानदार का कहना है कि वह मुंबई से इस चॉकलेट को मँगवाता है। वहीं इसी दुकान से इस चॉकलेट को अन्य दुकानों में भी सप्लाई किया जा रहा था। दुकानदार का कहना है कि एक ग्राहक ने इसकी मॉंग की थी, इसलिए उसने यह चॉकलेट मँगवाया था। वहीं चॉकलेट के पैकेट के ऊपर साफ तौर पर लाल निशान बना हुआ है। इससे पता चलता है कि चॉकलेट नॉन वेज है। लेकिन लोग कई बार अज्ञानता में इस तरह की चीजें खरीद लेते हैं और अनजाने में लोगों का धर्मभ्रष्ट हो जाता है।

चॉकलेट को बाजार में खुले में 20 रुपए में बेचा जा रहा है और इसके रैपर पर एड्रेस के रूप में ‘इस्माइल इंडस्ट्री लिमिटेड सी, 230ए एचआईटीई हब, बलूचिस्तान, पाकिस्तान’ लिखा हुआ है।

बता दें कि उदयपुर में इसी वर्ष दो कट्टरपंथियों ने नुपूर शर्मा के बयान का समर्थन करने पर कन्हैयालाल नाम के दर्जी का गला काटकर उनकी निर्मम हत्या की थी और बाद में वीडियो जारी करके अपने कृत्य को स्वीकारा भी था। आज वो दोनों आरोपित जेल में हैं।

20 गर्भवती महिला, कभी भी गूँज सकती थी किलकारियाँ और आतंकी बरसा रहे थे गोलियाँ: जिस नर्स ने 26/11 देखा, उन्होंने बताया- मुस्कुरा रहा था कसाब

26 नवंबर 2008। मुंबई में पाकिस्तान से आए इस्लामी आतंकियों ने कई जगहों पर हमला (26/11 Attack) किया। इनमें से एक जगह कामा एंड एल्बलेस अस्पताल भी था। जब इस अस्पताल में आतंकियों ने फायरिंग शुरू की तब 20 गर्भवती महिलाएँ वार्ड में थीं। उनको कभी भी लेबर पेन शुरू हो सकता था। एक नर्स ने हिम्मत देखते हुए न केवल इन गर्भवती महिलाओं और उनके पेट में पल रहे बच्चों की सुरक्षा की बल्कि हमले के बीच ही एक महिला का प्रसव भी कराया।

ये नर्स थीं अंजलि वी. कुलथे। महिलाओं और बच्चों के लिए 1886 में स्थापित इस अस्पताल की वे नर्सिंग ऑफिसर हैं। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में हुई एक चर्चा में शिरकत की। दुनिया को 26/11 हमले की कहानी सुनाई। यह भी बताया कि कैसे जब अजमल कसाब की पहचान के लिए उन्हें बुलाया गया था तो वह मुस्कुरा रहा था। उसके चेहरे पर कोई अफसोस नहीं था।

22 साल से इस अस्पताल में काम कर रहीं अंजलि ने बताया कि 26 नवंबर 2008 को रात 8 बजे से उनकी नाइट शिफ्ट शुरू हुई थी। 20 गर्भवती महिलाओं की जिम्मेदारी उन पर थे। उनके साथ दो सहायक हीरा और मधु भी थे। करीब एक घंटे बाद उन्हें मुंबई में आतंकी हमले की सूचना मिली। रात के करीब 10.30 बजे गोली चलने की आवाज उनके अस्पताल के पीछे से भी आने लगी। एक बाथरूम की खिड़की से उन्होंने हथियार लिए दो आतंकियों को अस्पताल में दाखिल होते देखा। इस बीच उनके एक सहायक को गोली भी लग चुकी थी।

अजंलि ने बताया कि वार्ड की तरफ भागते हुए उन्होंने देखा कि आतंकी दो सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर चुके हैं। बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। लोहे का दरवाजा बंद किया। लाइट बंद की। सभी महिलाओं को पेंट्री में शिफ्ट किया। एक महिला को उन्होंने गोलीबारी के बीच ही प्रसव कक्ष में शिफ्ट किया और एक बच्ची का जन्म हुआ। अंजलि बताती हैं कि वह पूरी रात खौफ में गुजरी। जब सुबह पुलिस वाले आए तब दरवाजा खुला।

अंजलि ने यूएनएससी में बताया कि जीवित पकड़े जाने के बाद आतंकी अजमल कसाब से वह जेल में मिली थीं। उन्हें कसाब की पहचान के लिए भी बुलाया गया था। उन्होंने जब उसे देखा तो उसके चेहरे पर कोई पछतावा नजर नहीं आया। ऐसा लग रहा था, उसे अपने किए पर कोई अफसोस नहीं था। आपको बता दें कि मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले के दौरान कसाब जिंदा पकड़ा गया था। सभी न्यायिक प्रक्रियाओं के बाद उसे 21 नवंबर 2012 को फाँसी दी गई थी।

यूएनएससी में अपना संबोधन खत्म करने के बाद अंजलि ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से भी अपना अनुभव साझा किया। आपको बता दें भारत दिसंबर 2022 महीने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहा है। इस दौरान बैठक में आतंकवाद पर चर्चा की जा रही है।

53 मर गए और ग्रामीणों को ‘ब्रह्म बाबा की कसम’ खिला रहा नीतीश कुमार का प्रशासन: थाने में रखी स्प्रिट से बिहार में जहरीली शराब बनाने का शक

बिहार के सारण जिले में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है। शुक्रवार 16 दिसंबर 2022 की सुबह 4 और लोगों की मौत हो गई। उससे पहले गुरुवार को 19, बुधवार को 25 और मंगलवार को 5 लोगों की मौत हुई थी। इस बीच यह बात सामने आई है कि थाने में जब्त कर रखी गई स्प्रिट के कंटेनर से बड़ी मात्रा में स्प्रिट गायब है। अंदेशा है कि इसी का इस्तेमाल जहरीली शराब बनाने में हुआ था।

सारण जिले के जिस मसरख गाँव में जहरीली शराब पीने से सबसे ज्यादा मौत हुई है, वहाँँ के ग्रामीणों को प्रशासन ने कसम दिलाई है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, मसरख गाँव में जहरीली शराब पीने से अब तक सबसे ज्यादा 16 मौत हुई है। ग्रामीणों को प्रशासन ने ब्रह्म बाबा और मरे लोगों की कसम खिलाते हुए शपथ दिलाई है कि वे अब गाँव में न किसी को शराब बेचने देंगे और न कभी किसी को इसका सेवन करने देंगे।

शराब न पीने-बेचने की शपथ लेते ग्रामीण व अधिकारी (फोटो साभार: दैनिक भास्कर)

वहीं दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, मसरख थाने में जब्त की गई स्प्रिट का इस्तेमाल जहरीली शराब बनाने में किए जाने की आशंका है। प्रशासन ने थाने के जिस मालखाने में स्प्रिट जब्त कर रखा था, वहाँ स्प्रिट के कंटेनर से ढक्कन गायब मिले हैं। साथ ही कंटेनर से स्प्रिट भी गायब है। इसलिए शक जताया जा रहा है कि इसी स्प्रिट का इस्तेमाल शराब बनाने के लिए किया गया होगा।

छपरा के उत्पाद अधीक्षक रजनीश कुमार ने मामले में स्प्रिट का इस्तेमाल किए जाने को लेकर अनभिज्ञता जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि सभी थाने में जब्त कर रखी गई शराब और स्प्रिट की जाँच कर सैंपल लिया जा रहा है।

जहरीली शराब पीने से हुई मौतों को लेकर बिहार सरकार घेरे में है। विपक्षी दल भाजपा (BJP) इस मुद्दे को विधानसभा और संसद में भी उठा चुकी है। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में ही तू तड़ाक पर उतर आए थे। मुख्यमंत्री की उस बयान को लेकर भी आलोचना हो रही है जिसमें उन्होंने कहा था कि जो पिएगा वो मरेगा ही।

नीतीश कुमार ने कहा था, “क्या कर सकते हैं? कुछ लोग गलती करते ही हैं। जो नकली शराब पीएगा, वो मरेगा। बिहार में तो शराबबंदी है तो कुछ गड़बड़ बेचेगा ही। पिछली बार भी जहरीली शराब पीने से मौत हुई तो लोगों ने कहा कि इनको क्षतिपूर्ति मिलनी चाहिए। मैं कहा कि वाह, जो शराब पीएगा वो तो मरेगा ही। ये तो उदाहरण ही सामने है।” मौत का दोष पीने वालों पर मढ़ने वाले मुख्यमंत्री ने अब तक यह नहीं बताया है कि शराबबंदी के बावजूद राज्य में शराब बिक कैसे रही है। शराब तस्करों और पुलिसकर्मियों की मिलीभगत पर भी कुछ नहीं कहा है।

बता दें कि बिहार में जहरीली शराब पीने से मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले सारण में ही जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद वैशाली में भी ऐसी ही घटना सामने आई थी। बिहार में शराबबंदी भले लागू है, लेकिन शराब आसानी से उपलब्ध है। वहीं, राज्य में जहरीली शराब बनाने वालों का गैंग भी सक्रिय है।