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‘भाई इंजेक्शन लेकर आया है, वे मुझे मारना चाहते हैं’: समीर के प्रेम में थी गुलफ्शा इसलिए भाइयों ने मार डाला, नेचुरल डेथ बता दफनाने की भी कोशिश

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की गुलफ्शा मरी नहीं थी। मार डाली गई थी। मारने वाले खुद उसके भाई तौहीद और मोहीद थे। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है।

गुलफ्शा की हत्या किए जाने का खुलास ऑडियो से हुआ है। ये ऑडियो उसके प्रेमी समीर से पुलिस को मिले हैं। 20 साल की गुलफ्शा समीर से प्यार करती थी। कोर्ट मैरिज करना चाहती थी। इसलिए अपने ही भाइयों ने उसे मार डाला। तौहीद और मोहीद ने पुलिस को बताया कि परिवार की बेइज्जती न हो, इसलिए उन्होंने बहन को तकिए से मुँह दबाकर मार डाला। इस मामले में पुलिस लड़की की अम्मी की भूमिका की जाँच भी कर रही है, क्योंकि वह भी घटनास्थल पर मौजूद थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरुवार (3 नवंबर 2022) तड़के 3.30 बजे एक भाई ने तकिया से उसका मुँह दबाया और दूसरे ने छोटी बहन को पकड़ा, जो उसे बचाने की कोशिश कर रही थी। इस दौरान घटनास्थल पर लड़की की अम्मी भी मौजूद थी। गुलफ्शा की बहन ने घर के सदस्यों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया। बहन के आरोपों के मुताबिक, उसके भाइयों को पता चल गया था कि गुलफ्शा अपने बॉयफ्रेंड के साथ भागकर कोर्ट मैरिज करने जा रही है। वे उसका विरोध कर रहे थे।

गुलफ्शा ने बॉयफ्रेंड समीर को बुधवार (2 नवंबर 2022) रात 9 बजे कॉल करके बता दिया था कि उसकी जान को खतरा है। रात 9 बजे से अगली सुबह यानी गुरुवार सुबह 3 बजे के बीच दोनों के बीच करीब 8-10 बार फोन पर बातचीत हुई। हर बार गुलफ्शा ने समीर को अपनी जान का खतरा बताया। प्रेमी समीर ने सबूत के तौर पर पुलिस को कई ऑडियो क्लिप मुहैया कराए हैं। एक ऑडियो क्लिप लड़की की मौत से चंद सेकंड पहले का है। इसमें गुलफ्शा अपने ब्वॉयफ्रेंड समीर से फोन पर कह रही थी, “मेरे भाई और अम्मी रात में 3 बजे ऊपर आए हैं। प्लीज..मदद करो…। कुछ भी करो प्लीज… हेल्प यार…।” इसके कुछ देर बाद चिल्लाने की आवाज आती है। एक ऑडियो में वह कह रही है, “भाई-माँ को सब पता चल गया है। भाई इंजेक्शन लेकर आया है। वो मुझे मारना चाहते हैं। प्लीज समीर कुछ मदद करो।”

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक निपुण अग्रवाल ने बताया कि युवती का शव उसके घर में पड़ा मिला। इस मामले में अलग-अलग एंगल से जाँच की जा रही है। ऑटोप्सी रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या की सही वजह का पता चल पाएगा। बताया जा रहा है कि गुलफ्शा की मौत के बाद उसके परिजनों ने इसे नेचुरल डेथ बता शव को दफनाने की कोशिश भी की थी। गुलफ्शा के परिवार में अब्बा नन्हें खां, अम्मी शमशीद, भाई तौहीद और मोहीद और एक बहन है। नन्हें खां लकवाग्रस्त है।

स्पेन से आया, कन्याकुमारी में परिवार से बिछड़ा, 5 साल बाद मिलन के लिए जोधपुर हुआ एयरलिफ्ट: सफर एक गिद्ध की, कहानी की हैप्पी एंडिंग अब भी शेष

यह कहानी है एक गिद्ध की। यह गिद्ध स्पेन से आता है। भारत के कन्याकुमारी में अपने परिवार से बिछड़ जाता है। 5 साल बाद अपनों से उसके मिलन की कवायद शुरू होती है। इसी क्रम में उसे गुरुवार (3 नवंबर 2022) को एयरलिफ्ट कर राजस्थान के जोधपुर लाया गया। यहाँ उसे माचिया सफारी पार्क में रखा जाएगा, ताकि उस तक अपने पहुँच सके। ​वैसे इस कहानी में मिलन वाली हैप्पी एंडिंग कब आएगी, यह किसी को नहीं पता।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिनेरियस प्रजाति का यह गिद्ध 2017 में स्पेन से कन्याकुमारी आया था। जब गिद्धों का झुंड कन्याकुमारी पहुँचा तो साइक्लोन की वजह से यह गिद्ध उड़ नहीं पाया था। इसके बाद इसे उदयगिरी पार्क में रखा गया। इसके रहने के लिए अनुकूल जगह की तलाशी की जा रही थी। जोधपुर इसके लिए बेहतर स्थान पाया गया। जोधपुर में सिनेरियस प्रजाति के कई गिद्ध सर्दियों में आते हैं। मुख्य वन्यजीव वार्डन श्रीनिवास रामचंद्र रेड्डी ने कहा कि गिद्ध को ‘केरू’ साइट में छोड़ने से पहले जैविक पार्क में कुछ हफ्ते के लिए एक बड़े में रखा जाएगा, जो जोधपुर शहर के बाहर है।

केरू साइट में अन्य सिनेरियस गिद्ध भी रहते हैं। यहाँ उन्हें आसानी से भोजन मिल जाता है। सिनेरियस गिद्ध मूल रूप से यूरोप के उत्तरी भाग और साइबेरियाई क्षेत्र से आते हैं। वे हिमालय के ऊपर उड़ते हैं और ईरान, पाकिस्तान और भारत के उत्तरी भागों में आते हैं। वे शायद ही कभी तमिलनाडु जाते हैं, लेकिन कुछ साल पहले उन्हें मोयार और कोठागिरी में देखा गया था। इन गिद्धों की प्रजातियाँ धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही हैं।

तमिलनाडु के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव सुप्रिया साहू ने कहा, “यह एक बहुत ही खास ऑपरेशन है। 2017 में रेस्क्यू किए जाने के बाद करीब चार साल तक इस पक्षी को पिंजरे में रखा गया था, लेकिन पिछले साल इसे फिर से बाहर निकालने के प्रयास किए गए। लंबी दूरी तक उड़ने वाले पक्षी को पिंजरे में रखने का कोई मतलब नहीं है। उम्मीद है कि ओखी नाम के गिद्ध को एक नया परिवार मिल जाए।”

विशेषज्ञों के मुताबिक, गिद्ध को उड़ान भरने के लिए हीट वेव की जरूरत होती है। साउथ का इलाका ठंडा होने की वजह से वहाँ गर्म हवाओं का असर न के बराबर होता है। ऐसे में गिद्ध उड़ान नहीं भर पा रहा था।

बता दें कि गिद्ध को एयरलिफ्ट करने के लिए स्पेशल पिंजरा बनाया गया था। इस गिद्ध के साथ तमिलनाडु फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की टीम भी जोधपुर आई है। माचिया के वेटरनिरी डॉक्टर ज्ञान प्रकाश ने बताया कि यह टीम शुक्रवार (4 नवंबर 2022) को जोधपुर के पास केरू में बने डंपिग यार्ड का सर्वे करेगी। पता लगाया जाएगा कि इस प्रजाति के गिद्ध यहाँ आ रहे हैं या नहीं। यदि 25 से 30 गिद्ध इस प्रजाति के मिलेंगे तो इसे भी यहाँ छोड़ा जाएगा, नहीं तो इसके लिए दूसरी जगह देखा जाएगा।

दो टाइप के लोग- मुस्लिम या काफिर… शरीर पर जिहादी बातें लिख मिशन पर निकला था मुबीन: कोयम्बटूर के सुसाइड बॉम्बर ने IS स्टाइल में किया था बॉडी शेव

कोयम्बटूर के सुसाइड बॉम्बर जमिजा मुबीन को लेकर कई नई जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह इस्लामिक स्टेट (ISIS) के आतंकियों की तरह बॉडी शेव करवाकर अपने मिशन पर निकला था। पूरे शरीर पर उसने जिहादी बातें लिख रही थी। 25 साल का मुबीन 23 अक्टूबर 2022 को कोट्टई ईश्वरम मंदिर के सामने एक कार में हुए सिलिंडर ब्लास्ट में मारा गया था। वह अपने मिशन में कामयाब नहीं हो पाया था।

इस संबंध में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) द्वारा जुटाए गए सबूतों के आधार पर इंडिया टुडे ने बताया है कि उसके घर से जो सामग्री मिली हैं, उसमें भी जिहाद का जिक्र है। इसमें लोगों की दो श्रेणी बताई गई है। मुस्लिम या काफिर। उसके घर से मिले एक स्लेट पर लिखा हुआ था- जो लोग अल्लाह के घर को छूने की हिम्मत करते हैं उन्हें उखाड़ फेंका जाएगा।

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार मुबीन के घर से बरामद सामग्री जिहाद और उसकी कट्टरपंथी सोच को दर्शाते है। बरामद नोट ‘गजवा ए हिंद’ के मिशन से जुड़े हुए हैं। नोट से स्पष्ट है कि मुबीन काफिरों को खत्म करना चाहता था। उनके खिलाफ साजिश रच रहा था।

रिपोर्ट के अनुसार मारे जाने से पहले मुबीन ने अपना पूरा शरीर शेव करवाया था। एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि उसने कागज के एक टुकड़े पर जिहाद छेड़ने की बात लिखी थी। लिखा था कि जिहाद युवाओं का कर्तव्य है, बच्चों और बुजुर्गों का नहीं। उसके घर से मिली किताबों और नोट्स् में बम तैयार करने के तरीकों के बारे में बताया गया था।

कोयम्बटूर के कोट्टई ईश्वरम मंदिर के 23 अक्टूबर 2022 की सुबह करीब 4 बजे ब्लास्ट हुआ था। ब्लास्ट में मुबीन मारा गया था। उसके घर से बड़ी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद हुआ था। माना जा रहा है कि विस्फोटकों के इस्तेमाल में नौसिखिया रहने के कारण वह अपने मिशन को अंजाम देने में सफल नहीं हो पाया।

इस मामले की जाँच कर रहे अधिकारियों ने बताया था कि हमले से एक दिन पहले यानी 22 अक्टूबर 2022 को मुबिन और उसके दो साथियों मोहम्मद अजहरुद्दीन और अफसर खान को सीसीटीवी फुटेज में कार में दो एलपीजी सिलेंडर के साथ पोटेशियम नाइट्रेट से भरे तीन स्टील के ड्रम, एल्युमिनियम पाउडर, सल्फर, चारकोल और कीलें इत्यादि रखते हुए देखा गया था। एक अन्य फुटेज में मुबिन और उसके साथी हमले से पहले रेकी करते हुए भी दिख रहे है। तीनों ने बिग बाजार गली स्थित कोनियम्मन मंदिर और पुलियाकुलम मुंधी विनयागर मंदिर की भी रेकी की थी।

इस मामले में गिरफ्तार आरोपितों ने पूछताछ में बताया है कि मुबिन ने सोचा था कि उसके सुसाइड बॉम्बिंग मिशन से इलाके में 50 से 100 मीटर के दायरे में तबाही मच जाएगी और मंदिर समेत कुछ घर भी इसकी जद में आएँगे।

मिशनरी स्कूल में ‘भारत माता की जय’ बोलने पर बच्चे को किया प्रताड़ित, विरोध के बाद 2 टीचर पर FIR: सरकारी जमीन पर भी निकला कब्जा

मध्य प्रदेश (Madhy Pradesh) के गुना में एक मिशनरी स्कूल में ‘भारत माता की जय’ बोलने पर एक छात्र को प्रताड़ित किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर अभिभावकों के प्रदर्शन के बाद 2 शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज की गई है। पीड़ित सातवीं कक्षा का छात्र है। घटना बुधवार (2 नवंबर 2022) की है।

मामला सामने आने के बाद गुरुवार को अभिभावक, सामाजिक और हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोग क्राइस्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल पहुँचे। उन्होंने इस घटना को लेकर अपना विरोध जताया। उन्होंने स्कूल के गेट के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। इसके बाद आरोपित शिक्षकों पर एफआईआर हुई। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार प्रशासनिक जाँच में एक बीघा सरकारी जमीन पर भी स्कूल का कब्जा निकला है।

जिन शिक्षकों पर एफआईआर हुई है, उनके नाम जस्टिन और जास्मिना खातून हैं। आरोप है कि ‘भारत माता की जय’ बोलने पर उन्होंने बच्चे को कई घंटों तक जमीन पर बिठाकर रखा। उसे धमकाया। कहा कि यह जयकारा स्कूल में नहीं अपने घर में करो।

रिपोर्ट्स के मुताबिक स्कूल असेंबली में राष्ट्रगान के बाद ‘भारत माता की जय’ बोलने पर टीचर जस्टिन और जस्मिना खातून ने बच्चे को दंडित किया। पीड़ित छात्र ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, “मैंने राष्ट्रगान के बाद ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाया। इस पर एक शिक्षक ने मेरी कॉलर पकड़ ली और मुझे लाइन से बाहर खींच लिया और कहा कि मैं प्रिंसिपल के पास जाऊँ। इसके बाद मेरी क्लास टीचर ने मुझे कहा कि ये जयकारे स्कूल में नहीं, घर पर लगाना। उन्होंने मुझे चार-पाँच पीरियड तक जमीन पर बैठाए रखा।”

पीड़ित बच्चे के पिता का कहना है, “मेरा बेटा क्राइस्ट स्कूल में 7वीं कक्षा में पढ़ता है। बुधवार को स्कूल में प्रार्थना के बाद उसने ‘भारत माता की जय’ कहा था। इस बात को लेकर टीचर भड़क गए। उन्होंने मेरे बच्चे को 4 पीरियड तक जमीन पर बैठने की सजा दी। उसे डराया-धमकाया। घर पहुँचे बच्चे के चेहरे पर डर साफ झलक रहा था। पूछने पर उसने मुझे सारी बात बताई।”

इस मामले पर स्कूल के प्रिंसिपल फादर थॉमस का कहना है, “कैप्टन और वाइस कैप्टन का चयन करने के लिए छात्र राष्ट्रगान के बाद सभा करने जा रहे थे, तभी एक छात्र ने ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाया। उसने ये नारा मजाक के रूप में लगाया था न कि देशभक्ति के रूप में। मामले की जाँच के लिए हम अनुशासनात्मक समिति की बैठक करेंगे।”

वहीं, गुना एडीएम वीरेंद्र सिंह बघेल का कहना है कि कथित तौर पर ‘भारत माता की जय’ नारा लगाने पर एक छात्र को दंडित किए जाने के बाद कुछ माता-पिता और कुछ संगठन स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। डीईओ ने बयान दर्ज कर लिया है।

प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस घटना की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों से बात की है। उन्होंने कहा, “शिक्षकों जैस्मीन खातून और जस्टिन के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के बारे में जानकारी मिली है। जाँच जारी है, पुलिस कार्रवाई करेगी। मुझे बताया गया है कि उन्होंने (स्कूल) माफी माँग ली है।”

हिंदू लड़के से प्यार करती थी छोटी बहन, मोहम्मद कलीम ने गड़ासे से सिर काटा: 6 घंटे में UP पुलिस ने पकड़ा, हथियार बरामद

उत्तर प्रदेश के गोंडा (Gonda, Uttar Pradesh) में अरुण नाम के एक हिंदू लड़के से प्यार करने के अपराध में मोहम्मद कलीम ने 16 साल की अपनी बहन की गला काट कर हत्या कर दी। हॉरर किलिंग के इस खौफनाक वारदात के बाद इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से हत्या में उपयोग किया गया गड़ासा बरामद कर लिया है।

मामला गोंडा जिले के कटरा बाजार थाना के अंतर्गत आने वाले दामोदरपुर गाँव का मामला है। रिपोर्ट के मुताबिक, घर में माँ तस्लीमा अपनी 16 साल की बेटी सजरुलनिशा और 22 वर्षीय सबसे बड़ा बेटा कलीम के साथ रहती थी। बुधवार (2 अक्टूबर 2022) की शाम को जब उसकी माँ घर लौटी तो दरवाजा बंद पाया।

दरवाजा काफी देर खटखटाने के बाद जब देर से दरवाजा खुला तो वह लड़की से सवाल करने लगी। उसी दौरान देखा की अलमारी के पीछे गाँव का ही लड़का अरुण छुपा हुआ है। तस्लीमा को देखकर वह भाग गया। इसके बाद तस्लीमा ने घटना की जानकारी फोन पर कलीम को दी।

थोड़ी देर के बाद कलीम घर पहुँचा और बहन से कहासुनी करने लगा। इतने में उसकी बहन ने पलट कर जवाब दिया। इससे वह गुस्से में आकर कलीम ने पास में रखे गड़ासे से उसकी गर्दन पर वार कर दिया, जिससे बहन का गर्दन धड़ से अलग हो गया।

कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि घर आने के बाद कलीम ने अपनी बहन को डाँटा। इसके बाद रात में सब खाना खाकर सोने के लिए चले। अचानक रात में तस्लीमा को घर में आहट हुई तो जाकर देखा तो उसकी बेटा का सिर जमीन पर पड़ा हुआ था और बेटा गड़ासा लिए बेटा घर में खड़ा था।

तस्लीमा के अनुसार, घर में चारों तरफ खून फैला हुआ था। घटना के बाद कलीम बहन की गर्दन को झोले में डालकर मोटरसाइकल से थाने पहुँच गया और पुलिस वालों को दिखाकर कहा, “मेरी बहन दूसरे धर्म के लड़के से प्यार करती थी। इसलिए उसका सिर गड़ासे से काट दिया है। ये रहा उसका सिर। मुझे गिरफ्तार कर लो।”

झोले में से बहन के सिर को निकालकर दिखाने के बाद पुलिस वाले भी हैरान रह गए। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि, पुलिस का दावा है कि लड़की का सिर घटनास्थल से मिला था और कलीम को अपराध के 6 घंटे बाद मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया है।

घटना के बाद मृतका की माँ तस्लीम ने कटरा बाजार थाने में जाकर अपने बेटे के खिलाफ FIR दर्ज कराई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित मोहम्मद कलीम को गिरफ्तार कर जेल भेज लिया।

लड़की की माँ तस्लीमा ने बताया कि उसके दो बेटे और दो बेटियाँ हैं। उसकी बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। बड़े बेटे कलीम की भी कुछ महीने पहले निकाह हो चुका था। वहीं, उसका छोटा बेटा बाहर कमाता है। वहीं, उसके शौहर मोहम्मद सलीम उर्फ बाबू ने कुछ साल पहले फाँसी लगाकर कर आत्महत्या कर ली थी।

‘जब फोन करता तब बिजी आता’ : शक के कारण रब्बानी ने 20 साल की बीवी का गला रेता, पंजाब से खरीदकर लाया था चाकू

बिहार के किशनगंज में एक व्यक्ति ने अपनी बीवी की धारदार हथियार से हत्या कर दी। मृतिका की पहचान 20 साल की निसरत के तौर पर हुई है। आरोपित का नाम रब्बानी है। आरोपित ने घटना के बाद खुद को पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस अब मामले की पूरी जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रब्बानी ने 2 साल पहले निसरत के साथ लव मैरिज की थी। दोनों बहादुरगंज के गांगी इलाके में रहते थे। बुधवार (2 नवंबर 2022) को पुलिस को निरसत का शव जब सिंघिया के कुलामनी गाँव के भट्टे के पास मिला तो मामले में जाँच शुरू हुई।

जाँच में सामने आया कि निसरत और रब्बानी के बीच हमेशा विवाद रहता था जिसके कारण निसरत अपने मायके ही रहती थी। घटना के वक्त भी वह अपने मायके हालामाला गाँव में ही थी। लेकिन उस रात रब्बानी आया और उसे मेला दिखाने के बहाने लेकर चला गया और सुबह उसकी लाश मिली। रब्बानी ने निसरत को चाकू घोंपकर मारा। उसने उसका गला रेता और फिर 10 किलोमीटर दूर सिंघिया गाँव में फेंक दिया।

रब्बानी ने पुलिस को सरेंडर करने के बाद बताया है कि वो पंजाब में मजदूरी करता था। घर से दूर रहकर जब भी वो बीवी से बात करने के लिए उसे फोन करता तो उसका फोन बिजी आता था। ऐसे में उसे शक हुआ कि उसकी पत्नी के किसी के साथ अवैध संबंध हैं। इसी शक में वह पंजाब से ढाई सौ रुपए का चाकू खरीदकर पंजाब से लाया और अपनी बीवी का गला रेतकर उसे मार डाला।

घटना के संबंध में एसडीपीओ ने बताया कि आरोपित ने आत्मसमर्पण कर दिया है। दोनों को एक दूसरे पर संदेह था इसी कारण से रब्बानी ने निसरत को मारा। पुलिस अब आगे मामले की जाँच कर रही है। पड़ताल में सामने आया है कि दोनों की एक बेटी थी जिसे रब्बानी ने किसी को दे दिया था।

ममता के बंगाल में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री भी नहीं सुरक्षित: काफिले पर भीड़ का बम और हथियारों से हमला, TMC के गुंडों पर आरोप, पहले भी मंत्रियों पर हो चुके हैं हमले

पश्चिम बंगाल (West Bengal) में कानून-व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वहाँ केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के काफिले पर हमला हो जाता है। राज्य में दंगे और राजनीतिक हत्याओं को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) और उनके अधिकारियों को अदालत द्वारा अक्सर फटकार लगती रहती है, लेकिन हालात में सुधार नजर नहीं आ रहा है।

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री निसिथ प्रमाणिक के काफिले पर गुरुवार (3 नवंबर, 2022) को हमला किया गया। केंद्र की सत्ताधारी और राज्य की विपक्षी पार्टी भाजपा ने इसके लिए बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेंस (TMC) को दोषी ठहराया है।

घटना के बाद राज्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी रहने के बावजूद भीड़ के पास लाठी-डंडे, पत्थर और अन्य हथियार भी थे। वे निश्चित रूप से फूलों की बौछार करने के लिए लाठी के साथ नहीं दिखाई दिए। यह कैसे हुआ यह एक सवाल है जो पूछा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्री पर हमला हुआ है तो भाजपा कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे।

निसिथ प्रमाणिक ने कहा कि अगर बंगाल की ममता बनर्जी की सरकार सख्त है तो इतने सारे लोग कैसे जमा हो गए? उन्होंने बंगाल के शासन व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए पूछा, “मेरे लिए इतना बड़ा खतरा कैसे हो सकता है, जब राज्य पुलिस ने मेरे एस्कॉर्ट के लिए रास्ता तय किया था?” पिछले हफ्ते बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया था। उनसे मिलने के लिए प्रमाणिक जा रहे थे। 

दरअसल, प्रमाणिक गुरुवार की सुबह दिनहाटा के पास एक मंदिर में पूजा करने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए सीताई जा रहे थे। सिंगिमारी के पास जब उनका काफिला पहुँचा तो उनके काफिले पर बम फेंके गए और पथराव किया गया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता काफिले में वाहनों से उतरे और जमीन पर पड़े पत्थर उठाकर हमलावरों पर फेंकने लगे।

कूच बिहार के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया, “सीताई थाना क्षेत्र से गुजरने के दौरान मंत्री के काफिले के लोगों और काले झंडे थामे लोगों के बीच मामूली धक्का-मुक्की हुई। धक्का-मुक्की के दौरान कुछ मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गईं। ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और स्थिति को नियंत्रित किया गया। हमने किसी को गिरफ्तार नहीं किया है।’’

यह पहली बार नहीं है कि बंगाल में भाजपा नेताओं पर हमला हुआ है। इसके पहले अप्रैल 2021 में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के काफिले पर हमला किया गया था। उस दौरान भीड़ ने काफिले में शामिल गाड़ियों में जमकर तोड़-फोड़ की और सामान लूटकर ले गए थे। बीजेपी ने हमले का आरोप टीएमसी पर लगाया था।

दिसंबर 2020 में बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमला हुआ था। नड्डा ने कहा था कि इस हमले में वे इसलिए बच गए, क्योंकि उनकी गाड़ी बुलेटप्रूफ थी। उससे पहले बंगाल में ही बीजेपी के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय की गाड़ी पर पत्थरबाजी की गई थी। इस हमले में उनकी गाड़ी के शीशे टूट गए थे।

इसके अलावा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे दिलीप घोष और TMC से भाजपा में आए ममता के खास सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला हो चुका है। दोनों नेताओं ने हमले के लिए TMC के गुंडों पर आरोप लगाया था और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सवाल खड़ा किया था।

सलमान खान के जिस केस पर आना था अंतिम फैसला, उस पर दोबारा से शुरू होगी सुनवाई: जस्टिस बोले- ‘मैं अन्य कार्यों में व्यस्त रहा’

सलमान खान को अपने पनवेल वाले पड़ोसी के खिलाफ किए गए मानहानि केस में निराशा हाथ लगी है। बॉम्बे हाईकोर्ट के जज सीवी भडांग ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालाँकि अब जज भडांग ने कहा है की समय की कमी के कारण आदेश सुनाना संभव नहीं है।

अब इस याचिका पर एक अन्य न्यायधीश नए सिरे से सुनवाई करेंगे। दरअसल इस मामले में दलीलें सुनने वाले और अपना फैसला सुरक्षित रखने वाले जज सीवी भडांग शुक्रवार (4 नवंबर 2022) को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

दीवाली की छुट्टी के बाद खलमान खान की याचिका अब किसी अन्य न्यायाधीश के समक्ष रखी जाएगी और उस पर नए सिरे से सुनवाई होगी। न्यायमूर्ति भडांग ने अगस्त में मार्च 2022 के निचली अदालत के आदेश के खिलाफ अभिनेता द्वारा दायर अपील पर सुनवाई शुरू की थी।

11 अक्टूबर को न्यायमूर्ति भडांग ने दलीलें समाप्त होने के बाद मामले को आदेश के लिए सुरक्षित रखा था। उन्होंने कहा, “मैं फैसला करने में असमर्थ हूँ। मैंने अपने स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया, लेकिन दुर्भाग्य से छुट्टी थी और फिर प्रशासनिक कार्य और मेरे पास अन्य कार्य थे। मुझे इसे सुनवाई के रूप में सूचीबद्ध करना होगा।”

क्या है मामला

दरअसल सलमान खान मुंबई के पनवेल फार्महाउस में गतिविधियों को उनके पड़ोसी केतन कक्कड़ ने रिकॉर्ड करके उसका वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था। इस मामले में सलमान ने कक्कड़ के खिलाफ निचली अदालत में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। जब दीवानी अदालत ने कक्कड़ के खिलाफ कोई अंतरिम निरोधक आदेश पारित करने से इनकार कर दिया तो सलमान ने उच्च न्यायालय का रुख किया।

सलमान की याचिका में कहा गया कि कक्कड़ द्वारा अपलोड किए गए पोस्ट न केवल मानहानिकारक हैं, बल्कि सांप्रदायिक और भड़काऊ प्रकृति के हैं। कक्कड़ के वकील आभा सिंह और आदित्य सिंह ने दावा किया कि अभिनेता ने मानहानि का मुकदमा अपने मुवक्किल पर अपनी जमीन छोड़ने के लिए दबाव बनाने के लिए दायर किया था।

‘…भारत को हराने पर जिम्बाब्वे के लड़के से शादी करूँगी’: पाकिस्तानी अदाकारा सहर शिरवानी की नई घोषणा, ट्विटर अकाउंट डिलीट करने का किया था ऐलान

पाकिस्तानी अदाकारा सहर शिनवारी (Pakistani Actress Sehar Shinwari) टी-20 विश्वकप को लेकर एक बार फिर घोषणा की है। शिनवारी ने ट्विटर पर घोषणा कि है कि अगर 6 नवंबर को भारत और जिम्बाब्वे के बीच होने वाली मैच में जिम्बाब्वे भारत को हरा देता है तो वह जिम्बाब्वे के युवक से शादी करेंगी। शिनवारी का ट्वीट जिम्बाब्वे द्वारा पाकिस्तान को एक रन से हराने के एक हफ्ते बाद आया है।

सहर शिनवारी ने गुरुवार (3 नवंबर 2022) को किए गए अपने ट्वीट में कहा, “मैं जिम्बाब्वे के लड़के से शादी करूँगी, अगर उनकी टीम अगले मैच में चमत्कारिक ढंग से भारत को हरा देती है।” सोशल मीडिया यूजर ने इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया दी है।

इस पर जवाब देते हुए एक बिलोल बोस नाम के एक यूजर ने लिखा, “शादी-वादी तो ठीक है मोहतरमा। वो तो आप किसी से भी करने का शौक फरमाएँगी। मस्क का सोचिए। वो तो आपका ब्लू टिक का भी 8-10 डॉलर में खींचने का खुला ऐलान किया है। आप दे तो देंगी ना जनाब! या आईएमएफ का इंतजार करेंगी!”

योगेश दहिया नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “उफ्फ, आपकी सादगी मैम!”

इससे पहले 23 अक्टूबर 2022 उन्होंने घोषणा की थी कि अगर भारत टी-20 वर्ल्ड कप के मुकाबले में पाकिस्तान को हरा देता है तो वह हमेशा के लिए अपना ट्विटर अकाउंट डिलीट कर देंगी और कभी भी इस प्लेटफॉर्म पर नहीं आएँगी। खैर, पाकिस्तान का भारत पर जीत दर्ज करने का उनका सपना अधूरा ही रह गया। हालाँकि, उन्होंने अपना अकाउंट डिलीट नहीं किया।

‘इमरान खान को मारना मकसद था, अजान के समय डैक बजाते थे’ : पाकिस्तान में पूर्व PM पर अंधाधुंध फायरिंग, पैर में गोली लगी

शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ लॉन्ग मार्च निकाल रहे पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान एक हमले में बाल-बाल बच गए हैं। हमलावरों ने उनके कंटेनर पर ताबड़तोड़ गोलियाँ बरसाई। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में एक गोली उनके पैर में लगने की बात कही जा रही है ।

लॉन्ग मार्च लेकर इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहे खान पर गुजरांवाला के अल्लाहवाला चौक पर हमला किया गया। एक शख्स ने उनके कंटेनर पर उस वक्त फायरिंग की जब वह समर्थकों को संबोधित कर रहे थे।

अजहर अब्बास नाम के एक शख्स ने टीवी पर दिखाए जा रहे वीडियो को ट्वीट किया है, जिसमें इमरान खान को लंगड़ाते हुए आगे बढ़ते देखा जा सकता है उनके आस-पास कुछ लोग उन्हें सहारा देते देखे जा सकते हैं। साथ ही ट्वीट में घायल पीटीआई नेता फैसल जावेद भी दिख रहे हैं ।

गोलीबारी की आवाज से रैली में हड़कंप मच गया और कई लोग घायल हो गए। चूँकि हमलावर ने कंटेनर के नीचे से ऊपर की ओर फायरिंग की थी इसलिए गोलियाँ पीटीआई नेताओं के पैर में लगीं। खबरों के मुताबिक इमरान खान के पैर में गोली लगी जिसके बाद उन्हें बुलेटप्रूफ कार में अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसका नाम फैसल भट्ट पता चला है।

फैसल का कहना है कि उसका मकसद इमरान जान की जान लेना था लेकिन वह बच गए। वह लगातार जनता को गुमराह कर रहे थे। इसलिए उससे ये सब देखा नहीं गया। हमलावर ने कहा, “अजान होती थी तो यहाँ ये लोग डैक बजाकर शोर करते थे। मुझे ये सब चीज अच्छी नहीं लगी। मैंने इमरान को मारने का प्लान उसी दिन बना लिया था जब आजादी मार्च शुरू हुआ था। इस प्लान में मैं अकेला था। मैं बाइक लेकर आया था और उसे अपने मामा की दुकान पर खड़ी कर दी थी।”

पीटीआई के फारुख हबीब ने फायरिंग में पार्टी प्रमुख इमरान खान के घायल होने की पुष्टि की है। इमरान खान के कंटेनर के पास फायरिंग में PTI नेता फैसल जावेद भी घायल हुए हैं। तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के विरोध का मार्च का गुरुवार को सातवाँ दिन है।

इमरान खान पर इस हमले के बाद पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर से खूनी खेल की आशंका जताई जा रही है। पाकिस्तान की पूर्व पीएम बेनजीर भुट्टो पर भी इसी तरह एक रैली में आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें वह बुरी तरह जख्मी हुई थीं और उनकी मौत हो गई थी।