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‘देश में फिर आतंकी हमले की फिराक में दाऊद इब्राहिम, सिंडिकेट खड़ा कर के कर रहा टेरर फंडिंग’: NIA की चार्जशीट, नेता-व्यापरी-सेलेब्रिटी हैं निशाना

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने टेरर फंडिंग मामले में अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim), उसके सहयोगी छोटा शकील समेत मुंबई से गिरफ्तार अन्य आरोपितों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की है। इस चार्जशीट में एनआईए ने आरोप लगाया है कि दाऊद इब्राहिम एक बार फिर देश में आतंकी हमले करवाना चाहता है। जिसके लिए लगातार टेरर फंडिंग भी कर रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई की एनआईए कोर्ट में दायर चार्जशीट में एनआईए ने आरोप लगाया है कि दाऊद इब्राहिम मुंबई में आतंक का सिंडिकेट खड़ा करना की कोशिश कर रहा है। जिसके लिए वह हवाला के जरिए देश में लाखों रुपए भेज चुका है। बता दें कि मुंबई पुलिस ने इसी साल अगस्त में दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील के तीन सहयोगियों आरिफ अबुबकर शेख, शब्बीर अबुबकर शेख और मोहम्मद सलीम कुरैशी को गिरफ्तार किया था।

एनआईए ने इन पर मुंबई समेत भारत के अन्य हिस्सों में आतंकवादी और आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा लोगों के मन में आतंक का डर पैदा करने के लिए ‘टेरर फंडिंग’ लेने का आरोप लगाया है। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने यह भी कहा है कि दाऊद इब्राहिम की ‘डी-कंपनी’ ने राजनीतिक नेताओं और व्यापारियों सहित सेलेब्रिटीज पर हमला करके भारत में आतंक फैलाने के लिए एक स्पेशल यूनिट की स्थापना की है। इस यूनिट के माध्यम से वह देश भर में आतंक फैलाने की साजिश रच रहा है।

कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में एनआईए ने कहा है, “जाँच में यह सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपितों को भगोड़े दाऊद इब्राहिम से हवाला के जरिए बड़ी रकम हासिल हुई है। गवाहों के बयान और फरार आरोपित (दाऊद और शकील) के पिछले आचरण से स्पष्ट है कि पैसा मुंबई और भारत के अन्य हिस्सों में बड़ी आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने के लिए भेजा गया है।”

चार्जशीट में यह भी दावा किया है कि गिरफ्तार आरोपित आरिफ शेख और शब्बीर शेख को पाकिस्तान से दुबई होते हुए मुंबई के लिए हवाला चैनल के जरिए इसी साल 25 लाख रुपए भेजे गए थे। इन दोनों आरोपितों को यह पैसा दाऊद इब्राहिम के कहने पर छोटा शकील ने भेजा था। यही नहीं, दाऊद बीते 4 सालों में 12-13 करोड़ रुपए भी भेज चुका है। एनआईए ने दावा किया है कि जाँच के दौरान ऐसे कई सबूत सामने आए हैं, जिनमें गिरफ्तार और वांछित आरोपित पैसे की जबरन वसूली करके डी-कंपनी और आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए पैसों की वसूली कर रहे थे।

ऑफिस-दुकानों और घरों में जाता है जो पानी का जार, अब उसमें भी थूक! सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, बोले लोग – ये समाज के दुश्मन

थूक लगाकर रोटी सेंकने के कई मामले सामने के बाद अब पानी की बोतलों में थूकने का वीडियो सामने आया है। दिल्ली भाजपा के पूर्व मीडिया प्रमुख (अब निलंबित) नवीन कुमार जिंदल ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इसका वीडियो शेयर किया है। इसका साथ ही उन्होंने कैप्शन लिखा, “पानी जिहाद।”

हालाँकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि यह वायरल वीडियो कब का है और कहाँ का है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे एक शख्स पानी की बड़ी कैन को साफ करने के बाद उसमें थूक रहा है। इन पानी के कंटेनरों को काफी स्वच्छ माना जाता है। आमतौर पर ऑफिस, दुकानों, होटलों और यहाँ तक की घरों में भी इसका पानी पीने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स में काफी आक्रोश है।

एक यूजर ने लिखा, “दोस्तो, ये देखने के बाद हो सके तो घर से पानी लेकर बाहर निकलो। ऐसे भेड़िए समाज के दुश्मन हैं। इनका सामाजिक बहिष्कार कर देना चाहिए।”

गीता शर्मा लिखती हैं, “इन लोगों के दिमाग को क्या हो गया है। प्रभु इन सबको सद्बुद्धि दें अगर सद्बुद्धि ना आए तो सज़ा दें।” इसके जवाब में शिवम उपाध्याय लिखते हैं, “इनका कुछ नहीं होने वाला है ये जिहादी थे, जिहादी हैं और जिहादी ही रहेंगे और जिहादी रहकर ही मरेंगे।”

एक और यूजर ने कहा कि ऐसी हरकतें बहुत ही आपत्तिजनक और चिंतन का कारण हैं। यह जहाँ भी हो रहा है, बहुत गलत है और सभी प्रदेशों और केंद्र सरकार को इसके विरोध में कानून बनाना चाहिए।

रीना सिंह लिखती हैं, “अच्छा… तभी दादी-नानी कहती थीं कि इनके घर का तो पानी भी नहीं पीना चाहिए। हमें लगता है कि वो यह सब जानती थीं।”

गौरतलब है कि इस साल जुलाई में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बिजनौर जिले में एक होटल में थूक लगाकर रोटियाँ बनाने का मामला सामने आया था। जिसका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपित अरबाज़ को गिरफ्तार कर लिया था। मामला बिजनौर के जलालाबाद चौक स्थित ज़ाकिर सदाबहार नाम के होटल का था। इससे पहले भी यूपी के कई जिलों में रोटी पर थूक लगाने के वीडियो वायरल हुए हैं।

‘गोवा और पंजाब में चुनाव लड़ने के लिए AAP मुझसे माँगे पैसे’: जेल में बंद सुकेश का केजरीवाल को चैलेन्ज – आरोप गलत तो फाँसी चढ़ने को तैयार

जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrasekhar) एक के बाद एक पत्र जारी कर AAP और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पोल खोल रहा है। अब सुकेश ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और जेल में बंद दिल्ली के मंत्री सत्येन्द्र जैन पर अपने वकील के माध्यम से प्रेस को भेजे गए बयान में गंभीर आरोप लगाए हैं। सुकेश ने इस लेटर में आम आदमी पार्टी पर सवाल उठते हुए CM केजरीवाल का इस्तीफा माँगा है।

दरअसल महाठग ने अपने बयान में आप द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब दिया है। सुकेश चंद्रशेखर ने अपनी बयान में लिखा है, “अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगी लगातार सवाल उठा रहे हैं कि मैंने यह अब क्यों किया, क्यों नहीं मैंने ईडी और सीबीआई के सामने यह बात उठाई। मैं जवाब देना चाहता हूँ कि मैंने यह खुलासे पहले इसलिए नहीं किए, क्योंकि मैं लगातार सारी बातों को नजरअंदाज करता रहा।”

उसने दिल्ली सीएम को संबोधित करते हुए लिखा, ”केजरीवाल जी, दिल्ली एलजी के लिए सामने उठाया गया मेरा कोई भी सवाल गलत निकला, जैसा कि आपने और आपके सहयोगियों ने कहा है – तो मैं फाँसी के लिए तैयार हूँ। लेकिन अगर शिकायत सही साबित होती है, तो आप इस्तीफा दे दीजिए और राजनीति से संन्यास ले लीजिए।

सुकेश चंद्रशेखर ने आगे लिखा, “केजरीवाल जी, यह बताइए कि क्यों मिस्टर जैन लगातार मुझसे कह रहे थे कि जो शिकायत मैंने संदीप गोयल के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में फाइल की है, वह वापस ले लूँ। क्यों मुझे इस बात के लिए धमकी दी जा रही थी कि मैं चुनाव के लिए फंड मुहैया कराऊँ। अगर आप सच्चे हो तो जाँच से क्यों डर रहे हो।”

महाठग अपने पत्र में लिखा है, “मुझे धमकाना बंद करिए और मुझे प्रलोभन देना बंद करिए। मुझे आपके किसी भी ऑफर में अब कोई दिलचस्पी नहीं है मैं पीछे नहीं हटूँगा। मेरी कोशिश होगी कि लेनदेन को कोर्ट के सामने लाया जा सके। शुक्रगुजार हूँ कि 2016 से अब तक मैंने सारे रिकॉर्ड रखे हुए हैं।” सुकेश ने कहा है कि गोवा और पंजाब चुनावों के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) ने उससे पैसे माँगे थे। इसे लेकर भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो ट्वीट किया है। वीडियो में वह सुकेश के बयान को लेकर AAP से कई तीखे सवाल पूछ रहे हैं।

शहजाद ने ट्वीट किए गए वीडियो में कहा, “सुकेश के द्वारा एक बार फिर से कन्फेशन लोगों के बीच है। जिसमें वह कहता है कि आप ने पंजाब औए गोवा चुनाव के लिए उससे पैसों की उगाही की है। यह महाठग की पार्टी है, जो तिहाड़ में बंद सुकेश जैसे ठग के साथ ठगाई,उगाही और कमाई में व्यस्त है। ऐसी कोई जगह नहीं, जहाँ ठगा नहीं। चाहे जेल के अंदर हो या बाहर हो।”

उन्होंने आगे कहा कि प्रश्न यह है कि क्या अरविंद केजरीवाल वसूली भाई के खिलाफ कारवाई करेंगे? साथ ही उन्होंने सवाल दागा कि क्या केजरीवाल ने जेल में बंद होने के बावजूद इसलिए सत्येंद्र जैन को मंत्री बनाए रखा, ताकि वह जेल के अंदर 10 करोड़ रुपए की प्रोटेक्शन मनी माँग सके? भाजपा प्रवक्ता का अगला सवाल है कि क्या यह सच नहीं है की पैसों को कैलाश गहलोत के फार्म हाउस में ट्रांसफर किया गया है? उन्होंने कहा कि केजरीवाल विक्टिम कार्ड खेलने के बदले क्यों नहीं निष्पक्ष जाँच के लिए सत्येन्द्र जैन और कैलाश गहलोत से इस्तीफा लेते हैं।

सुकेश दिल्ली के उप-राज्यपाल विनय सक्सेना को इससे पहले तीन पत्र भेज चुका है। इसमें उसने अपनी जान को दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन से खतरा बताया था। उसने इस मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की संलिप्तता को उजागर करते हुए दावा किया था कि 50 करोड़ रुपए मिलने के बाद वे उसके साथ डिनर करने दिल्ली के हयात होटल आए थे। पत्र में सुकेश ने CBI जाँच और FIR दर्ज करने की माँग की थी। इससे पहले लिखे एक पत्र में महाठग ने दावा किया था कि केजरीवाल ने उन्हें 50 करोड़ रुपए के बदलने राज्यसभा सीट देने का वादा किया था।

मुंबई के ‘इस्लाम जिमखाना’ में नहीं होगा इंटरनेशनल हलाल शो, विरोध के बाद रद्द: यहीं के जनरल सेक्रेटरी ने स्तनों पर हाथ रख महिला को दिया था धक्का

मुंबई में मरीन ड्राइव के पास स्थित ‘इस्लाम जिमखाना (Islam Gymkhana)’ ने हिंदू संगठनों द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद 12 और 13 नवंबर को होने वाले ‘इंटरनेशनल हलाल शो इंडिया’ को रद्द कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, फूड से लेकर कॉस्मेटिक्स तक 100 से अधिक हलाल व्यवसायों को इस कार्यक्रम में भाग लेना था। शो में डेयरी, मांस प्रोडक्ट, अनाज, नट, दालें, स्नैक्स, फल, सब्जियाँ, कॉस्मेटिक्स, कपड़े, जूस और पेय पदार्थ के अलावा चमड़े के कपड़े जैसे उत्पादों का प्रदर्शन किया जाना था।

‘इस्लाम जिमखाना’ के अध्यक्ष यूसुफ अब्राहनी (Yusuf Abrahni) ने ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ को बताया, “हमें संदेश मिला कि कुछ संगठन हलाल शो के आयोजन का विरोध कर रहे हैं और हमने शांति और कानून व्यवस्था बनाने रखने के लिए इस शो को रद्द कर दिया। हम शांति को बढ़ावा देना चाहते हैं और जिस समय में हम रह रहे है, इसमें ऐसे शो को अनुमति देना समझदारी नहीं होगी।” आयोजकों में से एक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि शहर में कोरोना महामारी के दौरान एक हलाल शो सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था और उस वक्त किसी ने भी इसका विरोध नहीं किया था।

मालूम हो कि इसी तरह का एक शो इस्लाम जिमखाना में 25-26 जनवरी, 2020 के बीच ‘हलाल काउंसिल ऑफ इंडिया’ के सहयोग से आयोजित किया गया था। बताया जा रहा है कि पिछले हफ्ते ‘हिंदू जनजागृति समिति’ संगठन ने ‘हलाल शो‘ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आयोजन ‘इकोनॉमिक जिहाद’ का हिस्सा है और अधिकारियों से इस आयोजन को रोकने की माँग की। कुछ अन्य संगठन भी शो के खिलाफ सामने आए। ‘हलाल व्यापार मेला’ रद्द करने के लिए सोशल मीडिया पर भी अभियान भी चल रहा है।

दरअसल, आयोजक इस आयोजन में इंटरेस्ट फ्री फाइनेंस, हलाल ई-कॉमर्स, हलाल पर्यटन और मुस्लिम-अनुकूल अस्पतालों को बढ़ावा देते हैं। यह व्यापार मेला हलाल काउंसिल ऑफ इंडिया के तत्वावधान में होता था, जो इन उत्पादों को हलाल सर्टिफिकेशन प्रदान करता है।

गौरतलब है कि बीते दिनों मुंबई का इस्लाम जिमखाना (Islam Gymkhana) खासा विवादों में रहा। एक महिला सदस्य ने जिमखाना के जनरल सक्रेटरी नुरुल अमीन और मेंबर रयान रजमी पर छेड़खानी करने का आरोप लगाया था। एक र‍िपोर्ट के मुताबिक, 21 अक्टूबर 2022 को शाम 7 बजे पीड़िता एक्सरसाइज करने के बाद कपड़े बदल रही थी, तभी नुरुल अमीन चेंजिंग रूम में घुस आया और पीड़िता को गलत तरीके से छुआ।

पीड़िता ने बताया था, “जब नुरुल अमीन अंदर घुसा तो मैंने ऊपर के कपड़े नहीं पहने थे। अंदर आने के बाद नुरुल ने मेरे दोनों स्तनों पर हाथ रखकर मुझे धक्का दिया और मैं गिर गई। इसके बाद मैं उठी और टी शर्ट पहनकर बाहर निकल गई।”

‘अपना ताबूत तैयार रखो’: केरल में RSS नेता की हत्या की जाँच कर रहे अधिकारी को धमकी, PFI के लोगों ने तलवार से काट डाला था

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) नेता एसके श्रीनिवासन की हत्या की जाँच कर रहे अधिकारी को धमकी मिली है। इस संबंध में केरल के पलक्कड़ में मामला दर्ज किया गया है। श्रीनिवासन की हत्या 16 अप्रैल 2022 को कर दी गई थी। इस हत्या में प्रतिबंधित कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसकी राजनीतिक शाखा सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) से जुड़े लोगों की संलिप्तता सामने आई थी।

जाँच अधिकारी अनिल कुमार को शनिवार (5 अक्टूबर 2022) शांम धमकी भरा कॉल आया था। फोन करने वाले ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। उनसे कहा- अपना ताबूत तैयार रखो। पलक्कड़ पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

श्रीनिवासन की हत्या के सिलसिले में 34 पीएफआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। उनकी हत्या पीएफआई नेता सुबैर की हत्या के तुरंत बाद हुई थी।

आरएसएस पदाधिकारी श्रीनिवासन पर एक गिरोह ने मेलमुरी में उनकी मोटरसाइकिल की दुकान के पास उनपर तलवार और चाकुओं से हमला कर दिया था। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया था कि श्रीनिवासन पर 20 बार तलवार से वार किए गए थे। उनके पूरे शरीर में जख्म के निशान थे।

आरएसएस नेता की हत्या के बाद स्थानीय लोगों ने आसपास के इलाकों में दुकानें बंद करा दी और पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी थी। टीवी चैनल द्वारा प्रसारित आस-पास की दुकानों के सीसीटीवी फुटेज से पता चला था कि हमलावर तीन मोटरसाइकिल पर सवार होकर दुकान पर पहुँचे थे और उनमें से तीन ने श्रीनिवासन पर हमला किया था।

इससे पहले, 15 नवंबर, 2021 को, आरएसएस कार्यकर्ता संजीत पर SDPI के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया था। उस समय वह अपनी पत्नी के साथ बाइक पर जा रहे थे। पलक्कड़ जिले के एल्लापल्ली में चार लोगों ने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी।

भाई सरिया चोर, अब्बा और जीजा बेचते थे चोरी का माल: यूट्यूबर फरमानी नाज के अपने निकले लूटेरे, UP पुलिस ने 8 को पकड़ा

‘हर-हर शंभू’ गाना गाकर चर्चा में आई यूट्यूबर फरमानी नाज के सगे भाई अरमान को पुलिस ने डकैती के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में फरमानी के अब्बा आरिफ और जीजा इरशाद की भी पुलिस तलाश कर रही है। एक महिंद्रा पिकअप और लूटा गया सरिया भी बरामद किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ के सरधना का है। सरधना पुलिस ने सोमवार (7 नवंबर 2022) को सरिया लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए निर्माणाधीन साइट से डकैती करने वाले आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया। उन्होंने इनके कब्जे से चोरी का 200 किलो सरिया और घटना में इस्तेमाल किया गया महिंद्रा पिकअप भी बरामद किया। बताया जा रहा है कि महिंद्रा पिकअप का इस्तेमाल ये लोग लूट की घटना को अंजाम देने के लिए करते थे।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरमानी नाज का भाई अरमान ग्रुप का सक्रिय सदस्य है। इसके अलावा उसके अब्बा और जीजा लूट के माल को खपाने में अहम भूमिका निभाते हैं। ये तीनों अपराधी डकैती की वारदात को अंजाम देने के साथ ही चुराए गए माल को बाजार में बेचने का काम करते थे। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी करने में जुट गई है।

एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि करीब एक महीने पहले टेहरकी गाँव में बन रही पानी की टंकी पर चौकीदार को बंधक बनाकर सरिया लूटा गया था। बदमाश चौकीदार का मोबाइल भी लूटकर ले गए थे। सरधना पुलिस ने जाँच की तो कुछ लोगों के नाम सामने आए। उन्हें रविवार (6 नवंबर 2022) रात को सूचना मिली कि सरिया लूट गिरोह के सदस्य खिर्वा जलालपुर में वारदात करने जा रहे हैं। तभी पुलिस ने घेराबंदी करके कंकरखेड़ा निवासी अनुज, मोनू, शाकिर, इरशाद, शाहरुख, टेहरकी गाँव सरधना निवासी फिरोज और मोहम्मदपुर लोहड्डा मुजफ्फरनगर निवासी अरमान को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने आगे बताया कि गिरफ्तार आठ आरोपितों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। फरार आरोपितों को पकड़ने के लिए मुजफ्फरनगर में कई जगह दबिश दी गई है।

कौन हैं फरमानी नाज

जिस फरमानी नाज के परिवार के सदस्यों को डकैती के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, वह इस साल सावन के महीने में शिव शंभू का गाना गाकर यूट्यूब पर छा गई थीं। इसकी वजह से फरमानी नाज को कट्टरपंथियों की नफरत भी झेलनी पड़ी थी। गंदी-गंदी गालियों के अलावा उन्हें इस्लाम का ज्ञान दिया जा रहा था। मजहबी उलेमा उन्हें ये बता रहे थे कि कैसे उनका ‘हर हर शंभू’ गाना इस्लाम के खिलाफ है।

महाराष्ट्र में ‘हर हर महादेव’ पर बवाल, NCP नेता जितेंद्र अव्हाड ने बंद करवाया शो: महान मराठी योद्धा बाजीप्रभु देशपांडे पर बनी है फिल्म

मराठी फिल्म हर हर महादेव (Har Har Mahadev) को लेकर महाराष्ट्र में विवाद खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र के पूर्व आवास मंत्री और एनसीपी नेता जितेंद्र अव्हाड ने सोमवार (7 नवंबर 2022) देर रात ठाणे के एक मल्टीप्लेक्स में इस फिल्म का प्रदर्शन जबरन बंद करवा दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक एनसीपी नेता अव्हाड के समर्थकों ने फिल्म देखने वाले एक शख्स की पिटाई भी की। शख्स ने स्क्रीनिंग रोके जाने का विरोध किया था। अव्हाड का आरोप है कि फिल्म में राजनीतिक प्रचार के लिए छत्रपति शिवाजी के इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया है।

उन्होंने कहा फिल्म (हर हर महादेव) के तथ्यों को पूरी तरह से विकृत कर पेश किया गया है। पात्रों को अलग तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने कहा, “शिवाजी को जब अफजल खान छुरा घोंप रहा है, उस समय उन्हें एक बेंच पर सोते हुए दिखाया गया है। जबकि वास्तविक इतिहास अलग है। शिवाजी को हमेशा से पता था कि अफजल उन्हें छुरा घोंपेगा और वह इसके लिए तैयार थे। इसी तरह फिल्म में बाजीप्रभु देशपांडे और शिवाजी के रिश्ते को बदनाम किया गया है। लोग फिल्मों से प्रभावित होते हैं और हम उन्हें इतिहास बदलने नहीं देंगे।”

मुंब्रा से राकांपा विधायक अव्हाड ने अक्षय कुमार अभिनीत ‘वेदात मराठे वीर दौडले सात’ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अभिनेता छह फीट लंबा है, जबकि शिवाजी बहुत छोटे थे। अक्षय कुमार असली शिवाजी से मिलते-जुलते नहीं हैं। वह (अक्षय) 53 वर्ष के हैं और शिवाजी की 50 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई थी।

राकांपा कार्यकर्ताओं के जाने के बाद, मनसे के ठाणे-पालघर जिलाध्यक्ष अविनाश जाधव मल्टीप्लेक्स गए और शो को फिर से शुरू करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि पुलिस को आरोपितों को गिरफ्तार करना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं थिएटर में बैठकर पूरी फिल्म देखने जा रहा हूँ। जो कोई भी आकर शो को रोकना चाहता है, उसका स्वागत है।”

इससे पहले रविवार (6 नवंबर 2022) को शिवाजी महाराज के वंशज और पूर्व सांसद संभाजीराजे छत्रपति ने कहा था कि वे सिनेमाई आजादी की आड़ में शिवाजी महाराज के इतिहास को लेकर किसी भी तरह का गलत चित्रण बर्दाश्त नहीं करेंगे। संभाजीराजे छत्रपति ने फिल्म ‘हर हर महादेव’ के साथ अपकमिंग मराठी मूवी ‘वेदत मराठे वीर दौदाले सात’ का भी विरोध किया है।

शिवाजी के सेनापति की वीरता की कहानी

‘हर हर महादेव’ शिवाजी महाराज के सेनापति बाजीप्रभु देशपांडे की कहानी है। उन्होंने 300 सैनिकों की सेना के साथ 12 हजार बीजापुरी सैनिकों से सैनिकों से युद्ध लड़ा था। ‘हर हर महादेव’ को क्रिटिक्स और दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

95 के हुए भारतीय राजनीति के ‘रथी’: जिन्हें रोक ‘मुस्लिमों का मसीहा’ बनने की लालू-मुलायम में लगी थी होड़, मंजिल तक पहुँचे बगैर खोद दी ‘सेक्युलरों’ की कब्र

रबीन्द्रनाथ टैगोर ने लिखा है,

रथ भावे आमी देव, पथ भावे आमी, मूर्ति भावे आमी, देव हँसे अंतरयामी।

यानी, रथ, रास्ता और मूर्ति तीनों सोचते हैं कि वही देवता हैं और उनके ही दर्शन को लोग आ रहे हैं। तीनों के अज्ञान को देख भगवान खुद हँसते रहते हैं।

कुछ ऐसी ही थी 29 साल पहले 1990 में निकली वह रथ यात्रा। 25 सितंबर को सोमनाथ से उसकी शुरुआत हुई। 30 अक्टूबर को अयोध्या पहुँच यात्रा खत्म होनी थी। कथित धर्मनिरपेक्षता की राजनीतिक पैंतरेबाजी ने बीच रास्ते में ही उसके पहिए रोक दिए। लेकिन, धर्मनिरपेक्षता के कथित झंडाबरदार उस राम लहर को नहीं रोक पाए जो इस रथ ने पूरे देश में पैदा किया। राम मंदिर की ऐसी लौ जगाई की रथ जिस रास्ते से गुजरता वहाँ की मिट्टी लोग सिर पर लगा लेते।

इस रथ यात्रा के रथी थे, आज की भाजपा के भीष्म पितामह लालकृष्ण आडवाणी। सारथी थे, वही नरेंद्र मोदी जो आज देश के प्रधानमंत्री हैं। उस समय वे गुजरात भाजपा के संगठन महामंत्री हुआ करते थे। असल में, राष्ट्रीय स्तर पर मोदी का अवतरण इसी रथ यात्रा के जरिए हुआ था।

हेमंत शर्मा ने अपनी किताब ‘युद्ध में अयोध्या’ में मोदी को इस यात्रा का रणनीतिकार और शिल्पी बताया है। यात्रा के मार्ग और कार्यक्रम को लेकर औपचारिक तौर पर सबसे पहले जानकारी भी मोदी ने ही 13 सितंबर 1990 को दी थी। कहा जाता है कि इस यात्रा की हर सूचना जिस एक शख्स के पास होती थी वे मोदी ही थे। कुछ जानकारियाँ तो आडवाणी को भी बाद में मिलती थी। ‘नरेंद्र मोदी: एक शख्सियत, एक दौर’ में नीलांजन मुखोपाध्याय ने मोदी के हवाले से लिखा है, “इस अनुभव से मुझे मेरी प्रबंधन क्षमता को विकसित करने का अवसर मिला।”

जून 1989 में हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में भाजपा का अधिवेशन हुआ था और राम मंदिर पहली बार पार्टी के एजेंडे में आया। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रस्ताव पारित कर अयोध्या में राम मंदिर बनाने का संकल्प लिया गया। इस दिशा में सोमनाथ से अयोध्या तक की आडवाणी की राम रथ यात्रा पहली बड़ी पहल थी।

यात्रा की रणनीति तैयार करने में हर छोटी चीज का ध्यान रखा गया। शुरुआत के लिए उस सोमनाथ को चुना गया, जहाँ के पवित्र शिव मंदिर को इस्लामी आक्रांताओं ने बार-बार तोड़ा था। शुरुआत 25 सितंबर को हुई, जो एकात्म मानववाद के प्रणेता दीनदयाल उपाध्याय का जन्मदिन है।

यह रथ यात्रा बताती है कि सेक्यूलर जमात पर किस कदर समुदाय विशेष का मसीहा बनने का भूत सवार था। ‘युद्ध में अयोध्या’ के मुताबिक 19 अक्टूबर 1990 को इंडियन एक्सप्रेस के सुंदरनगर गेस्ट हाउस में एक बैठक हुई। बैठक में शामिल होने के लिए आडवाणी रथ यात्रा धनबाद में छोड़कर आए थे। बैठक तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह की पहल पर हुई थी। आडवाणी ने कहा कि वे सरकार गिराना नहीं चाहते। यदि सरकार अध्यादेश लाकर विवादित ढाँचे के आसपास की जमीन विहिप या उसके प्रतिनिधि को सौंपती है तो बीजेपी उसका समर्थन करेगी।

लेकिन, समुदाय विशेष के दबाव में वीपी सिंह इससे पीछे हट गए। उन्होंने कहा कि न सिर्फ विवादित ढाँचा, बल्कि उसके आसपास की जमीन भी सरकार के कब्जे में होनी चाहिए। फिर बैठकों का सिलसिला चला और 20 अक्टूबर की रात अध्यादेश लागू हुआ। इसके मुताबिक,

  • विवादित ढाँचे और उसके आसपास की जमीन का सरकार अधिग्रहण करेगी।
  • विवादित ढाँचे और उसके चारों तरफ 30 फीट जमीन छोड़कर अधिग्रहित जमीन रामजन्मभूमि न्यास को सौंपी जाएगी।
  • वहाँ कभी मंदिर था या नहीं, इसे सुलझाने का काम संविधान की धारा 143(ए) के तहत सुप्रीम कोर्ट को सौंपा जाएगा।

ज्यादातर तबकों ने इसका स्वागत किया। बाबरी कमिटी इसके विरोध में थी और उत्तर प्रदेश के तब के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव भी। उन्होंने धमकी दी कि वे इस अध्यादेश को यूपी में लागू नहीं होने देंगे। अचानक 22 अक्टूबर को अध्यादेश वापस ले लिया गया और 23 अक्टूबर की सुबह बिहार के समस्तीपुर में आडवाणी की रथ यात्रा रोक दी गई। उन्हें समस्तीपुर के सर्किट हाउस से गिरफ्तार कर सरकारी जहाज से दुमका ले जाया गया। फिर सड़क रास्ते से मंसानझोर, जहाँ डाकबंगले में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत उन्हें कैद कर लिया गया।

कहा जाता है कि वीपी सिंह नहीं चाहते थे कि मुलायम अकेले मुस्लिमों का मसीहा बने, इसलिए उनके निर्देश पर लालू यादव ने बिहार में ही आडवाणी को गिरफ्तार कर लिया। हेमंत शर्मा ने ‘युद्ध में अयोध्या’ में लिखा है- वीपी सिंह ने एक तीर से दो शिकार किए। आडवाणी को गिरफ्तार करवा मुलायम को पटखनी दी।

वीपी सिंह के अयोध्या भूमि अधिग्रहण आदेश का विरोध कर मुलायम सिंह यादव धर्मनिरपेक्षता के इकलौते झंडाबरदार बने थे। वीपी सिंह ने इसकी हवा निकालने की तरकीब ढूँढ़ी। पहले आडवाणी के रथ को देवरिया में रोका जाना जाना था। मुलायम सिंह रथ रोकने वाले नेता बनते। वीपी सिंह को यह मंजूर नहीं था। अरुण नेहरू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने लालू यादव को संदेश भेजा कि वे आडवाणी को बिहार में ही रोक लें ताकि धर्मनिरपेक्षता का सारा नेतृत्व मुलायम सिंह यादव के पास ही न रहे।

आडवाणी की वो रथ यात्रा भले मंजिल तक नहीं पहुँच पाई, लेकिन, इसने धर्मनिरपेक्षता के नाम पर पैंतरेबाजी को बेनकाब कर दिया। इसी सनक में मुलायम ने 30 अक्टूबर 1990 को अयोध्या में निहत्थे कारसेवकों पर गोली चलाई और ‘मुल्ला मुलायम’ का खिताब हासिल किया। इसके तीन दिन बाद दो नवंबर को कोठारी बंधु को अयोध्या में छलनी कर दिया गया। यह सब केवल उस होड़ के कारण हुआ ​जो वीपी सिंह, मुलायम और लालू यादव के बीच मची थी। खुद को मजहब विशेष का सबसे बड़ा खलीफा साबित करने की होड़।

राम मंदिर को राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना और संकल्प का हिस्सा बता फूँकी गई उस रथ यात्रा के बिगुल को याद करने के लिए 8 नवंबर से बेहतर दिन नहीं हो सकता। आज आडवाणी 95 साल के हो गए हैं। जैसा हेमंत शर्मा ने अपनी किताब में लिखा है, ‘उनकी यात्रा ने राम मंदिर आंदोलन की दिशा ही बदल दी। इस यात्रा ने न केवल केंद्र में वीपी सिंह की सरकार गिरा दी, बल्कि यूपी में कॉन्ग्रेस की जड़ें हमेशा के लिए खोद दी।’

इस यात्रा ने बता दिया कि बहुसंख्यक हिंदुओं को गाली देकर, मुस्लिमों का तुष्टिकरण कर सत्ता हथियाने के दिन लद गए हैं। इस यात्रा ने सत्ता में भाजपा को स्थापित करने के बीज बोए। आज उसकी जड़ें इतनी फैल गई हैं कि जो नेहरू कभी राम को बेदखल करने पर अमादा थे, आज उनकी ही राजनीति के वारिस मंदिर-मंदिर प्रदक्षिणा को मजबूर हैं। बाकायदा मुनादी की जाती है उनके जनेऊधारी हिन्दू होने की।

ब्लॉक किए जाएँ ‘भारत जोड़ो यात्रा’ और कॉन्ग्रेस पार्टी के ट्विटर हैंडल्स: अदालत के फैसले से राहुल गाँधी को झटका, ‘KGF 2’ का गाना किया था चोरी

कॉन्ग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरुआत से ही विवादों से घिरी रही है। तमाम विवादों के बीच अब बेंगलुरु की एक कोर्ट ने बड़ा झटका देते हुए कॉन्ग्रेस और उसकी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के ट्विटर अकाउंट को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह आदेश एमआरटी म्यूजिक कंपनी द्वारा ‘KGF चैप्टर 2’ के गानों के कॉपीराइट उल्लंघन मामले में की गई शिकायत के बाद दिया है।

दरअसल, एमआरटी म्यूजिक ने आरोप लगाया था कि कॉन्ग्रेस ने ‘भारत जोड़ो’ यात्रा के लिए जो मार्केटिंग वीडियोज तैयार किए हैं, उसमें उनकी फिल्म के गाने का इस्तेमाल किया गया है। इस मामले में एमआरटी म्यूजिक ने शुक्रवार (4 नवंबर, 2022) को कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी, पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश और पार्टी पदाधिकारी सुप्रिया श्रीनेत के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत यशवंतपुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी।

इस मामले में सोमवार (7 नवंबर, 2022) को हुई सुनवाई में कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि याचिकाकर्ता द्वारा सीडी के माध्यम से ये सिद्ध किया गया है कि उसके ऑरिजिनल वर्जन का इस्तेमाल कुछ मामूली बदलावों के साथ किया गया है। अदालत ने माना कि इस प्रकार के मार्केटिंग वीडियोज पाइरेसी को बढ़ावा देते हैं।

कोर्ट ने अपने आदेश में आगे कहा है कि जिन वीडियो में इन गानों का इस्तेमाल किया है, उसे कॉन्ग्रेस और ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के ट्विटर हैंडल से हटाया जाए। साथ ही, दोनों के ही ट्विटर हैंडल को भी ब्लॉक करने का निर्देश दिया है।

इस मामले में कॉन्ग्रेस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें कॉपीराइट उल्लंघन के मामले में हुई सुनवाई की जानकारी ही नहीं थी। कॉन्ग्रेस के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से किए गए ट्वीट में कहा गया है, “हमने सोशल मीडिया पर कॉन्ग्रेस और ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के ट्विटर हैंडल के खिलाफ बेंगलुरु की एक अदालत के आदेश के बारे में पढ़ा है। हमें अदालत की कार्यवाही के बारे में न तो अवगत कराया गया और न ही वहाँ हमारी मौजूदगी थी। आदेश की कोई प्रति प्राप्त नहीं हुई है। हम हर संभव कानूनी प्रक्रिया का उपयोग करेंगे।”

MCD में फिर से BJP को पूर्ण बहुमत, सीटें बढ़ने के बावजूद पीछे रहेगी अरविंद केजरीवाल की पार्टी: ABP-C Voter के सर्वे में खुलासा – कॉन्ग्रेस का होगा और बुरा हाल

दिल्ली में MCD (नगर निगम) के चुनाव होने हैं, ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा यहाँ अपना दबदबा बरकरार रखेगी, या प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी AAP स्थानीय निकाय में भी अपना सिक्का जमाएगी। इसी बीच चुनाव से पहले ABP News और C-Voter का संयुक्त सर्वे (ओपिनियन पोल) सामने आया है, जिसमें दिल्ली की जनता ने अपनी राय दी है। इसमें MCD में भाजपा की वापसी होते हुए दिखाया गया है।

इस सर्वे के अनुसार, 250 सीटों वाले दिल्ली नगर निगम में भाजपा 118-138 सीटें पाकर पूर्ण बहुमत लाती हुई दिख रही है, वहीं अरविंद केजरीवाल की ‘आम आदमी पार्टी’ 104-124 सीटों तक सिमट जाएगी। 4 दिसंबर, 2022 को MCD का चुनाव होना है। दिल्ली की तीनों नगर निगम (पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी) को मिला कर इस बार एक कर दिया गया है। अर्थात, अब EDMC, NDMC और SDMC को मिला कर MCD का एक ही मेयर होगा।

फ़िलहाल जहाँ भाजपा का 181 सीटों पर कब्ज़ा है, वहीं AAP के पास मात्र 49 सीटें हैं। कॉन्ग्रेस की हालत बदतर है और उसके पास दिल्ली नगर निगम में मात्र 31 सीटें ही हैं। ABP और C-Voter सर्वे की मानें तो इस बार कॉन्ग्रेस का और बुरा हाल होगा। उसे मात्र 4-12 सीटें मिलने का अनुमान ही लगाया गया है। वहीं अन्य के खाते में 0-4 सीटें आ सकती हैं। वोट प्रतिशत की बात करें तो भाजपा को 42%, AAP को 40% और कॉन्ग्रेस को 16% मिलती हुई दिख रही है।

माना जा रहा है कि दिल्ली और पंजाब की सत्ता में रहने के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी को गैस चैंबर बनने के लिए मजबूर करने और प्रदूषण के खिलाफ प्रभावी कदम न उठाने के कारण MCD चुनाव में aap को नुकसान झेलना पड़ सकता है। वहीं आम आदमी पार्टी कूड़े के मुद्दे को उठा कर भाजपा के खिलाफ हवा बनाने में लगी हुई है। मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन जैसे मंत्रियों का घोटालों में फँसना भी AAP के लिए नकारात्मक छवि बना रहा है।