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केजरीवाल ने श्रीकृष्ण से की खुद की तुलना… हाथ जोड़कर माफी माँगें: दिल्ली CM के ‘कंस की औलाद’ वाले बयान पर भड़के BJP प्रवक्ता, बोले- पूरा यादव समाज आहत हुआ

आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल गुजरात विधानसभा चुनावों के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। इस दौरान वे लगातार बेतुकी बयानबाजी भी कर रहे हैं। इसी सिलसिले में शनिवार (8 अक्टूबर 2022) को आयोजित एक रैली में केजरीवाल ने उनके पोस्टर लगाने वालों को ‘कंस की औलाद’ कहा था। उनके इस बयान को लेकर बीजेपी लगातार हमलावर है। बीजेपी-ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री और बिहार बीजेपी के प्रवक्ता निखिल आनंद ने केजरीवाल से माफी की माँग की है।

निखिल आनंद ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल को ‘कंस के औलादों’ वाला बयान वापस लेते हुए देश भर के कृष्णवंशियों-यदुवंशियों से माफी माँगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा है कि केजरीवाल का ‘कंस की औलादों का सर्वनाश’ वाला बयान बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।

बिहार बीजेपी के प्रवक्ता निखिल आनंद का कहना है कि केजरीवाल ने कहा है कि वह जन्माष्टमी के दिन पैदा हुए थे तो क्या वे खुद को भगवान श्रीकृष्ण या उनके वंशज घोषित कर देंगे या फिर खुद को भगवान श्रीकृष्ण की औलाद समझने लगे हैं। भगवान श्रीकृष्ण के नाम पर राजनीति करने की केजरीवाल की घटिया मानसिकता निंदनीय है। केजरीवाल के इस बयान ने देश के यादव समाज के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाया है।

उन्होंने यह भी कहा कि केजरीवाल द्वारा खुद की तुलना भगवान श्रीकृष्ण से करने की भावना और मंशा निराशजनक है। केजरीवाल को अपने इस बयान के लिए पूरे यादव समाज से मंच लगाकर हाथ जोड़कर माफी माँगनी चाहिए। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो देशभर के यादव समाज के लोग आम आदमी पार्टी का राजनीतिक विरोध करेंगे। केजरीवाल को यह पता होना चाहिए कि भगवान श्रीकृष्ण ने कंस के शासन में हो रहे अत्याचार के कारण ही उसका वध किया था। श्रीकृष्ण ने कभी भी कंस की औलादों या उनके खानदान के लोगों के समूल नाश करने की बात नहीं की और न ही यह बात कहीं लिखी हुई है।

निखिल आनंद ने केजरीवाल की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि श्रीकृष्ण तो खुद कंस के भांजे थे और माता देवकी कंस की बहन थीं। देशभर में जितने भी यदुवंशी हैं वे कृष्ण-कंस-बलराम सहित तमाम यादव समाज के लोगों और राजाओं की ऐतिहासिक परंपरा और परिवार की विरासत से ही आते हैं। केजरीवाल ने भगवान श्रीकृष्ण से खुद को फर्जी तरीके से जोड़ कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की है। उनकी यह घटिया मानसिकता बेहद निंदनीय है।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसा करने वाले केजरीवाल इस बात का भी जवाब दें कि मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने और वहाँ भगवान श्रीकृष्ण के भव्य मंदिर की स्थापना को लेकर उनकी व्यक्तिगत राय क्या है? क्या केजरीवाल श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की मुहिम का समर्थन करते हैं?

बता दें, केजरीवाल ने गुजरात के दाहोद में आयोजित के रैली में उनके पोस्टर लगाने वालों पर टिप्पणी करते हुए कहा था, “मैं एक धार्मिक आदमी हूँ। हनुमान जी का कट्टर भक्त हूँ, मेरा गुजरात आना तय हुआ तो इन लोगों ने पूरे गुजरात में मेरे खिलाफ हर जगह पोस्टर लगा दिए। ये कंस की औलाद हैं जो भगवान का इस तरह से अपमान करते हैं। अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा था कि मेरा जन्म श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन हुआ था। भगवान ने मुझे एक विशेष काम, कंस की औलादों ल को खत्म करने के लिए भेजा है।”

कर्नाटक में बनेगी 112 फीट ऊँची शिव की प्रतिमा, नवग्रह मंदिर के लिए भी ईशा फाउंडेशन का काम जारी: सद्गुरु के साथ कर्नाटक CM ने ‘नाग मंडप’ का उद्घाटन किया

ईशा फाउंडेशन (Isha Foundation) के प्रमुख सद्गुरु जग्गी वासुदेव (Sadguru Jaggi Vasudev) ने कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर (Chikkaballapur, Karnataka) में नाग मंडप का अनावरण किया। यहाँ ‘आदियोगी शिव’ की 112 फीट ऊँची प्रतिमा और नवग्रह मंदिर के निर्माण का काम जारी है। इसका निर्माण कार्य अगले साल पूरा तक हो सकता है और इसे लोगों के लिए मकर संक्रांति तक खोला जा सकता है।

राजधानी बेंगलुरु से 70 किलोमीटर दूर अगलागुरकी गाँव में यह ईशा फाउंडेशन का दूसरा सेंटर है। इसका उद्घाटन कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने चिक्कबल्लापुर के विधायक डॉ के सुधाकर की उपस्थिति में ‘श्लोकों’ के जाप और स्थापना अनुष्ठान से किया।

100 एकड़ में फैले और चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरे इस जगह पर ईशा फाउंडेशन की आधुनिक सुविधा 2-3 वर्षों में पूरी तरह शुरू हो जाएँगी। ईशा फाउंडेशन के अधिकारियों का कहना है कि चिक्कबल्लापुर केंद्र कोयंबटूर परिसर की प्रतिकृति होगा, जिसमें 112 फीट की आदियोगी शिव प्रतिमा, 8 नवग्रह मंदिर और एक अद्वितीय भैरवी मंदिर शामिल हैं।

यह सेंटर पूर्ण आध्यात्मिक केंद्र होगा और यहाँ योग और कलारीपयट्टू (केरल से मार्शल आर्ट का एक पारंपरिक रूप) को ‘ईशा संस्कृति’ के नाम से पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा ध्यान, व्यक्तित्व एवं नेतृत्व विकास को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

इस अवसर पर सीएम बोम्मई ने कहा, “सद्गुरु कर्नाटक के एक वैश्विक गुरु हैं। वह महान रचनात्मकता वाले व्यक्ति हैं जो एक पत्थर को सुंदर बना सकते हैं और इस पैमाने का एक केंद्र स्थापित कर सकते हैं जो राज्य और किसानों के लिए भी नए रास्ते खोलेगा। वह वह है जो समय के खिलाफ दौड़ता है और जीतता भी है।”

मौलाना छूता था बच्ची के प्राइवेट पार्ट, शिकायत के बाद केस दर्ज: MP के मदरसे में 15 साल की छात्रा का यौन शोषण, विरोध करने पर परिजनों को भी ‘हथौड़ी’ से पीटा गया

मध्यप्रदेश के इंदौर के चंदन नगर के एक मदरसे में 15 साल की बच्ची का 50 साल के मौलाना ने यौन शोषण किया। बताया जा रहा है मौलाना लड़की को अकेले कमरे में ले जाकर उसके प्राइवेट पार्ट्स छूता था। जब लड़की ने इस संबंध में परिजनों को बताया तो मौलाना ने उन्हें भी पिटवाने का काम किया। पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली है।

घटना रानीपुरा सिरपुर स्थित आले रसूल मदरसा की है। मौलाना की पहचान हजरत अहमद हुसैन के तौर पर हुई है। लड़की ने एक-डेढ़ महीने पहले ही मदरसा जाना शुरू किया था। इसके बाद मौलाना लड़की पर गलत नजर रखने लगा। वह लड़की को कमरे में ले जाकर उसके साथ अश्लील हरकतें करता था। 5 अक्टूबर को उसने लड़की का हाथ पकड़ लिया। लड़की घबराकर रोते हुए जब घर आई तो उसने परिजनों को इस संबंध में बताया। परिजन जब शिकायत देकर मदरसा गए तो वहाँ मौलाना के बेटे रजा ने लड़की मामा/चाचा पर हथौड़ी से वार किया।

समाचार एजेंसी एएनआई को एडीसीपी इंदौर प्रशांत चौबे ने बताया, 15 साल की लड़की ने चंदन नगर थाने में 50 साल के मदरसे टीचर के खिलाफ शिकायत दी है। उसने बताया है कि मौलाना उसका शोषण करने के लिए उसे मदरसे के कमरे में ले जाता था वहाँ वह उसके प्राइवेट पार्ट्स से छेड़खानी करता था। लड़की का एडमिशन इस मदरसे में सितंबर में ही हुआ था।

एडीसीपी इंदौर के अनुसार, जब लड़की के अम्मी-अब्बू ने इस संबंध में मौलाना से बात की, तो उसने उनसे गाली-गलौच की, उन्हें पिटवाया। पुलिस ने इस केस को पॉक्सो समेत तमाम धाराओं में दर्ज कर लिया है। आरोपित को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

चंदन नगर थाने के निरीक्षक अभय नेमा ने भी इस संबंध में बताया कि उन्होंने मौलाना के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 और यौन अपराधों अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। मौलाना पर आरोप है कि उसने 5 अक्टूबर को छुट्टी के समय पीड़िता का हाथ पकड़ उसे गलत ढंग से छुआ और विरोध करने पर लड़की के अब्बा और चाचा को लोहे की रॉड से पिटवाया। अब पुलिस इस मामले में तीन आरोपितों को तलाश रही है।

मेक्सिको के कम-से-कम 57 बच्चों को दिया गया ‘जहर’: पिछले दो सप्ताह में इस तरह की तीसरी घटना, 3 दिन पहले बंदूकधारियों ने मेयर सहित 18 को भून दिया था

अमेरिका (America) के पड़ोसी देश मेक्सिको (Mexico) में तीन दिन पहले फायरिंग कर मेयर सहित 18 लोगों की हत्या करने के बाद अब वहाँ के एक स्कूल में बच्चों को जहर देने का मामला सामने आया है। मेक्सिको के इस स्कूल के कम-से-कम 57 बच्चों में जहर वाले लक्षण पाए गए हैं।

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, घटना दक्षिणी मैक्सिको के चियापास प्रांत के एक ग्रामीण माध्यमिक विद्यालय में की है। पिछले दो हफ्ते में चियापास के स्कूलों में सामूहिक रूप से जहर देने की यह तीसरी घटना है। इन घटनाओं से विद्यार्थी और उनके परिजनों में दहशत का माहौल है।

मैक्सिकन सोशल सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट ने शुक्रवार (7 अक्टूबर 2022) को कहा कि बोचिल के ग्रामीण समुदाय के 57 किशोर छात्र जहर के लक्षणों के साथ स्थानीय अस्पताल पहुँचे थे। इनमें एक छात्र की हालात है और उसे राज्य की राजधानी के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। वहीं, बाकी छात्रों की हालत स्थिर है।

फिलहाल इस मामले पर अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। वहीं, स्थानीय मीडिया का कहना है कि कुछ लोगों का मानना है कि दूषित खाना और पानी के कारण बच्चों के बीमार पड़े हैं। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बच्चों को लेकर अस्पताल जाते लोग चिल्ला रहे हैं।

वीडियो में एक व्यक्ति ने कह रहा कि उसकी बेटी को जहर दिया गया है और एक निजी प्रयोगशाला द्वारा की गई जाँच में उसकी बेटी सहित अन्य बच्चों में कोकीन देने के सबूत मिले हैं। इससे पहले 23 सितंबर को तपचुला शहर में सामूहिक विषाक्तता के दो मामले सामने आए थे, जिनमें दर्जनों छात्र प्रभावित हुए थे।

मेक्सिको संगठित अपराध के लिए दुनिया भर में कुख्यात है। वहाँ ड्रग्स और हथियार माफियाओं का बोलबाला है। 6 अक्टूबर 2022 को मेक्सिको में संगठित अपराध से जुड़े बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलीबारी करके शहर के मेयर सहित कुल 18 लोगों की हत्या कर दी थी।

मोहम्मद अनवर ने 8 साल की बच्ची के सिर पर पहले किया वार, फिर गला घोंट डाला: नरेला की झाड़ियों में लाश मिली, CCTV देख हुई गिरफ्तारी

देश की राजधानी दिल्ली के नरेला में एक 8 साल की बच्ची की हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि इस घटना को अंजाम बच्ची के पड़ोसी ने ही दिया है। उसका नाम मोहम्मद अनवर है। घटना की वजह मृतका के भाई से आरोपितों द्वारा बदला लेने की सोच को बताया जा रहा है।

दिल्ली महिला आयोग ने इस मामले में दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। मृतका के परिजनों ने घटना के विरोध में सड़क को जाम किया और न्याय की माँग की। पीड़िता शुक्रवार (7 अक्टूबर 2022) को घर से लापता हो गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार घटना नरेला क्षेत्र की है। मृतका 5 भाई-बहन हैं। उनके पिता की मृत्यु हो चुकी है। घटना की पुलिस में शिकायत पीड़िता की बड़ी बहन ने दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया है कि आरोपित ने पीड़िता को कुछ खाने का लालच देकर अपहरण कर लिया था।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल द्वारा जारी पत्र के मुताबिक आरोपित ने गिरफ्तारी के बाद बताया कि उसने अपहरण कर के बच्ची को मार डाला है।

स्वाति मालीवाल द्वारा जारी पत्र के मुताबिक लड़की का शव एक लालबत्ती के पास झाड़ियों से बरामद हुआ था। पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 363 के तहत FIR दर्ज की थी। अब बच्ची की हत्या हो जाने के बाद केस में 302 IPC बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपित की दुश्मनी बच्ची के भाई से थी जो हत्या की वजह बनी। आरोपित को रात 11 बजे पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर गिरफ्तार कर लिया था।

एक रिपोर्ट के मुताबिक घटना में मृतका के परिवार वालों ने बच्ची के साथ रेप होने का भी आरोप लगाया। हालाँकि मेडिकल रिपोर्ट से पीड़िता के साथ रेप की पुष्टि नहीं हुई है। मृतका के सिर पर किसी चीज से वार कर के फिर गला घोंट कर हत्या की गई है।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद मोहम्मद अनवर ने पुलिस को गुमराह करने के लिए राजा बाबू नाम के एक अन्य व्यक्ति को भी इस घटना में अपना साथ देने का दावा किया था जो बाद में जाँच में झूठा साबित हुआ।

इस घटना के विरोध में जमा हुए लोगों ने इलाके पर पुलिस की जानकारी में नशे का बड़ा कारोबार चलने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकरियों के मुताबिक उस क्षेत्र में छोटे-छोटे बच्चे भी नशे के आदी बनते जा रहे हैं। विरोध कर रही एक महिला ने नशे का कारोबार चलाने वालों में सोनिया, शबनम, इमरान और फारुख आदि के नाम लिए।

18 विधानसभा सीटों पर हमारा अधिकार, कम से कम 11 टिकट तो लेंगे: गुजरात में कॉन्ग्रेस के मुस्लिम विधायकों ने उठाई माँग, चुनाव से पहले 10% आबादी का वास्ता दिया

कॉन्ग्रेस के मुस्लिम विधायकों (Muslim MLAs) ने गुजरात विधानसभा चुनावों (Gujarat Assembly Election) में मुस्लिम आबादी के अनुपात में टिकट की माँग की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखने वाले पार्टी के तीन विधायकों ने राज्य की विधानसभा चुनावों में मुस्लिमों के लिए 10 से 11 टिकटों की माँग की है।

बता दें कि पिछले विधानसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस ने जिन 7 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, उनमें से इमरान यूसुफभाई खेड़ावाला, साबिर काबलीवाला और शेख ग्यासुद्दीन हबीबुद्दीन ने भी जीत हासिल की थी।

देश गुजरात न्यूज ने कॉन्ग्रेस विधायक शेख ग्यासुद्दीन हबीबुद्दीन के हवाले से कहा कि मुस्लिम उम्मीदवारों के लिए 18 टिकट ‘उनका अधिकार’ है, क्योंकि गुजरात में मुस्लिमों की आबादी 10 प्रतिशत है और राज्य में विधानसभा सीटों की कुल संख्या 182 है।

उन्होंने दरियापुर, जमालपुर खड़िया, वाकानेर, सूरत पूर्व, अबदासा, जामनगर पूर्व, ढोलका, मांडवी, वेजलपुर सहित 18 विधानसभा सीटों के लिए टिकटों की माँग की है। हबीबुद्दीन का कहना है कि चुनावों में हर समुदाय को उनका प्रतिनिधित्व मिलता है। इसलिए मुस्लिमों को भी मिलना चाहिए।

शेख हबीबुद्दीन ने कहा, “पूरे गुजरात का मुस्लिम समुदाय जानता है कि यहाँ 182 सीटें हैं और मुस्लिम समुदाय की आबादी 10 फीसदी है। इसे देखते हुए 18 सीटों पर हमारा अधिकार है, लेकिन मुस्लिम समुदाय ने 18 सीटों पर दावा नहीं किया है। हम दरियापुर, जमालपुर खड़िया, वाकानेर, सूरत पूर्व, गोधरा, अहमदाबाद में वेजलपुर, कच्छ, जामनगर पूर्व में ढोलका, अबदासा और मांडवी सहित 10 से 11 सीटों की माँग करते हैं।”

शेख ग्यासुद्दीन हबीबुद्दीन ने आगे कहा, “हम तीन मौजूदा विधायक- इमरान खेड़ावाला, जावेद पीरजादा और मेरे अलावा कॉन्ग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं को लगता है कि टिकट वहीं का दिया जाना चाहिए, जहाँ सक्षम उम्मीदवार हों।”

उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव के दौरान 7 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए गए थे, लेकिन उन्हें कम-से-कम 10 सीटें दी जानी चाहिए थीं। शेख ने राज्य में मुस्लिम उम्मीदवारों को एक भी टिकट नहीं देने के लिए भाजपा (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा, “हालत माकूल हैं और मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जा सकता है। बीजेपी हमें एक भी टिकट नहीं देती है। आप पार्टी ने इतने उम्मीदवारों की घोषणा की, लेकिन अभी तक किसी भी मुस्लिम उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।”

उन्होंने आगे कहा, “कॉन्ग्रेस हमेशा सभी धर्मों और जातियों को लेकर चलती है, चाहे वह पाटीदार, ब्राह्मण, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी या मुस्लिम हों। हमें विश्वास है कि पार्टी (कॉन्ग्रेस) हमारी माँग पर गंभीरता से विचार करेगी और टिकट देगी। हमें आलाकमान पर भरोसा है।”

मुस्लिम करते हैं सबसे ज्यादा कंडोम इस्तेमाल: जनसंख्या असंतुलन पर ओवैसी ने कहा- इसकी कोई टेंशन नहीं; मौलवियों से बोले- लोगों को जिहाद के बारे में बताओ

हाल ही में जनसंख्या असंतुलन पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख्य मोहन भागवत के बयान पर असहमति जताते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सबसे ज्यादा कंडोम मुस्लिम इस्तेमाल करते हैं। ओवैसी के मुताबिक मुस्लिमों की जनसंख्या बढ़ने के बजाए घट रही है। उन्होंने लोगों से टेंशन न लेने की भी अपील की है।

इसी दौरान उन्होंने एक TV डिबेट का हवाला देते हुए भाजपा नेताओं के पिता पर सवाल खड़ा किया और उनके द्वारा पैदा किए गए बच्चों का जिक्र किया। ओवैसी ने यह बयान शनिवार (8 अक्टूबर 2022) को हैदराबाद के दारुलसलाम नाम से आयोजित सभा में दिया।

जनसंख्या असंतुलन पर क्या बोले ओवैसी?

अपने बयान में ओवैसी ने डॉ मोहन भगवत को सम्बोधित करते हुए कहा, “तुम बेवजह टेंशन में मत आओ क्योंकि मुस्लिमों की आबादी बढ़ नहीं बल्कि घट रही है।” इसी दौरान उन्होंने TV डिबेट में इस मुद्दे पर मुस्लिमों को लेकर होने वाली बहस को भी बेवजह बताया। ओवैसी ने एक डिबेट का हवाला देते हुए सवाल किया कि भाजपा नेताओं के पिता ने कितने बच्चे पैदा किए थे। इसी भाषण में ओवैसी ने मोहन भागवत से आँकड़ों पर बात करने के लिए भी कहा।

ओवैसी ने आगे कहा कि मुस्लिम बच्चों का TFR (टोटल फर्टिलिटी रेट) गिर रहा है। उन्होंने बताया कि इसके चलते मुस्लिमों में 2 बच्चों के बीच जन्म का अंतर जिसे स्पेंसिंग बोलते हैं, वो भी बाकियों के मुकाबले सबसे ज्यादा है। ओवैसी के बताया कि मोहन भागवत इस बात पर नहीं बोलेंगे कि सबसे ज्यादा कंडोम का इस्तेमाल तो मुस्लिम ही करते हैं। ओवैसी के इस भाषण पर वहाँ मौजूद भीड़ जोर-जोर से चिल्ला कर उनकी बातों को समर्थन दे रही थी।

इसी सभा में ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में हो रहे मदरसों के सर्वे का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस देश में मदरसों को निशाना बनाया जा रहा। मौलाना और मौलवियों से ओवैसी ने लोगों से जिहाद और फसाद में फर्क बताने के लिए भी कहा। इसी सभा में ओवैसी ने कहा कि आज के भारत में किसी मुस्लिम की कीमत सड़क के किनारे चल रहे कुत्ते से कम है। उन्होंने लोगों से सियासी ताकत बढ़ाने की अपील की।

ईरान का हिजाब विवाद उनका आंतरिक मामला: ओवैसी

ईरान में हिजाब को ले कर चल रहे विवाद पर ओवैसी ने कहा कि ये उनके देश का मामला है। उन्होंने कहा कि ये ईरान नहीं बल्कि भारत मेरे बाप का मुल्क है। ओवैसी का कहना है कि भारत में मुस्लिम बहन बेटियों को हिजाब पहनने से मना किया जा रहा है और इसके लिए समानता की दुहाई दी जाती है। उन्होंने कहा कि अब्बा आदम सबसे पहले भारत में आए थे।

पत्थरबाजों के घर पर बुलडोजर का विरोध

इसी सभा में ओवैसी ने पत्थरबाजों के घरों पर बुलडोजर चलने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अगर सभी निर्णय सरकार को ही लेने हैं तो अदालतें क्यों बनी हैं। चेतावनी भरे लहजे में ओवैसी ने कहा कि याद रहे सत्ता हमेशा किसी के पास नहीं रहती। इनके लिए ओवैसी ने राजीव गाँधी, इंदिरा गाँधी और नेहरू का हवाला भी दिया।

गौरतलब है कि विजयदशमी (5 अक्टूबर 2022) के दिन संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जनसंख्या नियंत्रण (Population Control) पर जोर देते हुए इसके लिए एक समान कानून की पैरवी की थी। तब उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था कि आबादी के ही असंतुलन से इंडोनेशिया से ईस्ट तिमोर, सूडान व सर्बिया से कोसोवा नाम के नए देश बन चुके हैं।

खामेनेई की जलती तस्वीर, सीधे माथे पर निशाना: ईरान में हैकरों ने लाइव शो में रोकी सर्वोच्च नेता की स्पीच, सरकारी चैनल पर लिखा- ‘तुम्हारे हाथ युवाओं के खून से रंगे हैं’

ईरान में बुर्का और हिजाब को लेकर महिलाओं का प्रदर्शन (Iran Hijab Protest) जारी है। इन महिलाओं को दुनिया भर से समर्थन मिल रहा है। वहीं, ईरान की सरकारी टीवी चैनल को हैकटिविस्ट समूह अदालत-ए-अली (Edalat-e-Ali) ने शनिवार को हैक कर लिया। टीवी पर लाइव न्यूज शो के दौरान वहाँ के सर्वोच्च नेता मुहम्मद अयातुल्लाह अली खामेनेई (Muhammad Ayatollah Ali Khamenei) की आलोचना वाली कविता को स्क्रीन पर हैकरों ने दिखाया।

9 बजे के लाइव न्यूज शो के दौरान स्क्रीन पर लिखा गया ‘हमारे युवाओं के खून से आपके हाथ रंगे हैं’। कविता के साथ स्क्रीन पर अली खामेनेई की जलती तस्वीर दिखाई दी। वहीं, खामेनाई के सिर पर निशाना साधने का भी सिंबल दिखाई दिखाई दिया। खामेनाई की तस्वीर के नीचे ईरानी पुलिस द्वारा मारी गई महसा अमिनी (Mahsa Amini) एवं अन्य तीन मृतकों की तस्वीरों को भी हैकरों ने प्रदर्शित किया। अगले मैसेज में लिखा था, उठिए और हमारा साथ दीजिए।

न्यूज प्रसारण के दौरान जिस वक्त यह छोटा क्लिप हैकरों द्वारा चलाया गया, उस वक्त खामेनेई को लेकर टीवी पर खबर दिखाई जा रही है। इसी दौरान यह घटना हुई। हैक करने के बाद खामेनेई की जलती तस्वीर और माथे पर निशाना साधने के साथ बैकग्राउंड में ‘आजादी… महिलाओं की आजादी…’ बज रहा था।

बता दें कि इसी तरह की एक घटना इस साल जनवरी में भी हुई थी। ईरान की सरकारी टीवी चैनल को हैकरों ने हैक करने के बाद वहाँ के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत का आह्वान किया था। टीवी को हैक करने के लिए ईरान की सरकार ने ईरान के पीपुल्स मुजाहिदीन को जिम्मेदार ठहराया था।

गौरतलब है कि ईरान में हिजाब के विरोध में महिलाओं का प्रदर्शन उग्र रूप धारण कर चुका है। वहीं, ईरान की सरकार प्रदर्शनकारियों का दमन कर रही है। अब तक लगभग 100 की संख्या में लोग प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं, जिनमें अधिकतर महिलाएँ हैं। महिलाएँ अपने बालों को खोलकर हिजाब के विरुद्ध प्रदर्शन कर रही हैं।

यह प्रदर्शन तब शुरू हुआ, जब 22 साल की महसा अमिनी को वहाँ की मोरल पुलिस को हिजाब ठीक से नहीं पहनने के कारण 13 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया था और हवालात में इतना मारा कि वह कोमा में चली गई। बाद में 16 सितंबर को अमिनी की मौत हो गई। इसके बाद ईरान की महिलाएँ सड़कों पर उतर आईं। इन महिलाओं को पूरा ईरान सहित दुनिया भर से समर्थन मिल रहा है।

साल 1979 में ईरान में इस्लामी क्रांति के बाद वहाँ शरिया आधारित कानून लागू कर दिया गया और महिलाओं के हिजाब पहनना अनिवार्य कर दिया गया। इसके बाद छिटपुट विरोध शुरू हो गया। हिजाब के विरोध इस प्रदर्शन ने उस समय गति पकड़ी जब साल 2014 में ईरान की राजनीतिक पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने लंदन में बिना हिजाब के टहलते हुए अपनी एक तस्वीर फेसबुक पर शेयर की।

अलीनेजाद उस समय ईरान में ही रहती थीं। उनके इस फोटो पर ईरान की महिलाओं ने समर्थन वाले खूब कमेंट किए और बिना हिजाब की अपनी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करने लगीं। इसके बाद हिजाब विरोधी मूवमेंट ने गति पकड़ ली। इसके बाद वहाँ की मोरल पुलिस महिलाओं पर कड़ी निगाह रखने लगी और ‘ठीक से’ हिजाब नहीं पहनने या गैर-इस्लामी कहे जाने वाले चुस्त या पतले कपड़े पहनने पर उन्हें पकड़कर प्रताड़ित करने लगी।

जीत गए तो फ्री में अयोध्या यात्रा कराएँगे: गुजरात में केजरीवाल ने किया वादा, काले होर्डिंग पर कहा- ‘मेरा अपमान यानी भगवान का अपमान, मैं जन्माष्टमी पर पैदा हुआ था’

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने गुजरात में अपनी सरकार बनने पर सबको अयोध्या राम मंदिर की फ्री यात्रा करवाने का वादा किया है। उन्होंने कहा है कि इस यात्रा के लिए सभी जरूरी सुविधाएँ उनकी सरकार मुहैया करवाएगी। खुद को कट्टर हनुमान भक्त बताते हुए अरविन्द केजरीवाल ने ‘जय श्री राम’ का नारा भी लगाया। इसी के साथ उन्होंने गुजरात की जनता से किसी भी हाल में कॉन्ग्रेस को वोट न देने की अपील की है। ये तमाम बातें उन्होंने शनिवार (8 अक्टूबर 2022) को गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान कहीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आदिवासी बहुल कहे जाने वाले दाहोद में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए अरविन्द केजरीवाल ने अयोध्या के फ्री दर्शन का वादा किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी की सरकार बन जाने के बाद गुजरात से अयोध्या जाने वालों को ट्रेन, रहना और खाना आदि जैसी जरूरी सुविधाएँ उनकी पार्टी मुहैया करवाएगी। केजरीवाल के मुताबिक वो अभी दिल्ली की जनता को ये सुविधाएँ दे रहे हैं जिन्हे छोड़ने वो खुद स्टेशन तक जाते हैं।

इसी दौरान अरविन्द केजरीवाल ने आगे कहा कि अयोध्या से लौटने वाले यात्रियों का अनुभव उनके लिए जीवन का सबसे संतोषजनक पल था। केजरीवाल ने यह भी कहा कि अगले साल तक अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बन कर तैयार हो रहा है। हालाँकि यह घोषणा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 अक्टूबर 2022 को कर दी थी। तब उन्होंने कहा था कि अयोध्या में 50% राम मंदिर निर्माण हो चुका है जो 2024 की मकर संक्रांति को पूर्ण होने की संभावना है।

अपने खिलाफ लगे पोस्टरों का जिक्र करते हुए अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि उन्हें अपना अपमान मंजूर है लेकिन भगवान का अपमान वो सहन नहीं करेंगे। इसी सभा में बोलते हुए उन्होंने खुद को कट्टर हनुमान भक्त बताया और जोर से जय श्रीराम का नारा लगाया। अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि वो कृष्ण जन्माष्टमी के दिन पैदा हुए हैं और उनका मकसद विपक्ष में मौजूद कंसों का संहार करना है।

इसी जनसभा में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी मौजूद थे। अरविन्द केजरीवाल ने बाकी पार्टियों के नेताओं को गुंडागर्दी और हिंसा फैलाने वाला बताया। गुजरात में बदलाव की संभावना को केजरीवाल ने भगवान का काम बताया है। गुजरात में अपने खिलाफ लगे पोस्टरों को भी अरविन्द केजरीवाल ने भगवान के अपमान की संज्ञा दी।

गौरतलब है कि 5 अक्टूबर 2022 को दिल्ली में अरविन्द केजरीवाल के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने 10 हजार हिन्दुओं का सामूहिक और सार्वजानिक धर्मान्तरण करवाया था। तब उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से कभी भी पिंडदान न करने की राम-कृष्ण को भगवान न मानने की कसम खिलाई थी। इस मिशन का नाम जय भीम दिया गया था। इस सभा के बाद गुजरात में आम आदमी पार्टी का विरोध करने के लिए काले होर्डिंग लगाए गए हैं। इसमें अरविंद केजरीवाल इस्लामी टोपी पहने हुए हैं। होर्डिंग में लिखा है- “मैं ब्रह्मा, विष्णु, महेश, राम और कृष्ण को भगवान नहीं मनता। मैं हिंदू धर्म को पागलपना मानता हूँ और यही शब्द आम आदमी पार्टी के हैं।”

‘हमारे ग्रुप ने ही पुलवामा हमला किया था’: मुकेश अंबानी के परिवार को जान से मारने की धमकी देने वाला बिहार से गिरफ्तार, मोबाइल से डिलीट है सब डेटा

रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के मालिक मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) और उनके परिवार को जान से मारने तथा रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में बिहार से राकेश मिश्रा (Rakesh Mishra) को गिरफ्तार किया गया है। उसने दावा कि उसके ग्रुप ने ही पुलवामा हमला (Pulwama Attack) किया था।

30 साल के राकेश मिश्रा को बिहार के दरभंगा से गिरफ्तार किया गया है। उसने जिस फोन से अस्पताल में कॉल करके धमकी दी थी, उसका सिम कार्ड उसी के नाम और पते पर पंजीकृत है। Truecaller पर भी उसने अपना असली नाम डाल रखा था। पुलिस को अभी समझ में नहीं आ रहा है कि मिश्रा इस तरह का दावा क्यों कर रहा है।

जोन II के DCP नीलोत्पल ने कहा, “हम अभी भी आरोपी की जाँच कर रहे हैं, ताकि पता लगाया जा सके कि धमकी देने के पीछे क्या मकसद था।” पुलिस उसकी आवाज का नमूना लेकर उसे कॉल करने वाले की आवाज से मिलान करने का प्रयास कर रही है। राकेश मिश्रा की आवाज के नमूने को जाँच के लिए लिए फोरेंसिक लैब में भेजा जाएगा।

मुंबई पुलिस (Mumbai Police) आरोपित को 6 अक्टूबर 2022 को बिहार के दरभंगा से गिरफ्तार कर मुंबई (Mumbai) ले आई थी। उसे गिरगांव के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे 10 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “इससे पहले कि हम उसे गिरफ्तार कर पाते, उसने अपने मोबाइल फोन से डेटा डिलीट कर दिया था। हम इसे पुनः प्राप्त करने का प्रयास करेंगे। हम उसके खिलाफ धारा 201 (सबूत नष्ट करना) लगाने पर विचार कर रहे हैं।” मिश्रा पर IPC की धारा 506(2) और 507 के तहत आरोप लगाए गए हैं।

बता दें कि 5 अक्टूबर 2022 को दक्षिण मुंबई स्थित सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल के कॉल सेंटर नंबर पर दोपहर और शाम में दो कॉल आए थे। फोन करने वाले ने अस्पताल को उड़ाने की धमकी देने के साथ-साथ मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी नीता अंबानी, उनके बेटे आकाश अंबानी को जान से मारने और उनके आवास एंटीलिया को उड़ाने की धमकी भी दी थी।

इस साल अगस्त में भी अस्पताल में फोन करके इसी तरह की धमकी दी गई थी। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया था। इस तरह के खतरे को देखते हुए खुफिया विभाग की रिपोर्ट पर केंद्र सरकार ने हाल ही में अंबानी को ‘Z+’ सुरक्षा प्रदान की है। वहीं, नीता अंबानी को ‘Y+’ सुरक्षा दी गई है।