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9 महिलाओं ने जिस साजिद खान पर लगाया था यौन शोषण का आरोप, उसे सलमान खान के शो में मिला मंच: ‘Bigg Boss 16’ में कहा – कोई नहीं दे रहा काम

टीवी रियलिटी शो ‘बिग बॉस 16’ (Bigg Boss 16) शुरू हो चुका है। शनिवार (1 अक्टूबर) को बिग बॉस के ग्रैंड प्रीमियर में सभी 16 कंटेस्‍टेंट्स को दिखाया गया है। इनमें से अधिकांश नामों की पहले ही चर्चा हो रही थी। लेकिन, इस शो के आखिर में साजिद खान (Sajid Khan) का शामिल होना बेहद हैरान करने वाला रहा है। इसकी वजह यह रही कि साजिद बीते 4 सालों से लाइमलाइट से दूर थे।

दरअसल, साजिद खान पर ‘मी टू’ (MeeToo) कैंपेन के दौरान 9 महिलाओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसके बाद इन आरोपों के आधार पर द इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) ने उनके फिल्में डायरेक्ट करने पर रोक लगा दी थी। शनिवार (1 अक्टूबर, 2022) को जब साजिद खान ‘बिग बॉस’ के मंच पर पहुँच तो उन्होंने सलमान खान (Salman Khan) से बातचीत करते हुए अपना दुखड़ा रोया। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत करने के बाद भी हाउसफुल 4 का क्रेडिट उनसे छीन लिया गया और बीते 4 सालों में उन्हें किसी ने कोई काम नहीं दिया।

‘बिग बॉस’ में सलमान ने साजिद खान पर तंज कसते हुए कहा कि साजिद ने बॉलीवुड में ए-लिस्ट एक्टर्स के साथ किया है, इस कारण वह सक्सेस के साथ-साथ वह थोड़े घमंडी भी हो गए थे। सलमान की इस बात को स्वीकार करते हुए साजिद खान ने कहा, “एक कहावत है, असफलता लोगों को बर्बाद कर देती है, मेरे केस में सफलता ने मुझे बर्बाद कर दिया। मैं बहुत घमंडी हो गया था, बैक-टू-बैक तीन हिट फिल्में हुईं तो मुझे लगा कि मैं नहीं गिरूँगा। मैं कोई गलत फिल्म बना ही नहीं सकता। लेकिन, ऊपर वाले ने तुरंत ही मुझे झापड़ मारा और हिम्मतवाला-हमशकल्स फ्लॉप हो गई। इसके बाद तो मैंने अपनी शक्ल ही छुपा ली।”

साजिद खान ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि वह ‘बिग बॉस’ में कब तक टिक पाएँगे। लेकिन, वह जितने भी हफ्ते रहें, चाहते हैं कि दर्शकों के साथ कनेक्ट रहें। साजिद खान ने यह भी बताया कि एक जहाँ एक तरफ उनकी लगातार दो फिल्में फ्लॉप हो गई थीं, वहीं उनसे ‘हाउसफुल 4’ का क्रेडिट छीन लिया गया।

साजिद ने कहा है कि हमशकल्स फ्लॉफ होने के बाद उन्होंने ‘हाउसफुल 4’ पर काम करना शुरू कर दिया था। बकौल साजिद, उन्होंने आधी फिल्म डायरेक्ट की औरवो रात तक उस फिल्म पर काम कर रहे थे और अगली सुबह उस फिल्म से उन्हें हटा दिया गया। साजिद ने आरोप लगाया कि फिल्म से उनका क्रेडिट छीन लिया गया और उन्हें लगता है कि यह भगवान का तरीका था समझाने का कि उन्हें और अच्छा इंसान बनना होगा।

साजिद खान के बिग बॉस में आने पर @smrutipradhan93 नामक ट्विटर यूजर ने लिखा, “यौन उत्पीड़न करने वाले को देखना बहुत ही भयानक है। ‘मी टू’ के आरोपित साजिद खान को भारतीय टेलीविजन के एक लोकप्रिय शो में मंच दिया जाता है। ‘बिग बॉस’ और ‘Viacom 18 आपको शर्म आनी चाहिए। क्या यह उसकी बदनामी को मेकओवर करने की कोशिश कर रहे हैं?”

इन अन्य यूजर ने लिखा “मैं कलर्स पर विश्वास नहीं कर सकता और ‘बिग बॉस’ साजिद खान जैसे किसी व्यक्ति को ‘जस्टिफाई’ करने के लिए एक मंच दे रहा है। उस पर कई आरोप लगे हैं। वह सच में एक यौन अपराधी है।”

ईसाइयों का लव जिहाद ऐसे: हिंदू लड़की को 4 महीने के भीतर आशीष से 2 बार करनी पड़ी शादी, फिर भी न धर्म बचा-न मिला परिवार

तुझे हम लोग घर की बहू नहीं मानते। तू जब तक ईसाई नहीं बनेगी तुझे हम इस घर की बहू नहीं मानेंगे।

यह कहानी है आभा मिरे की। आभा छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की रहने वाली है। लव जिहाद की पीड़िता है। बिलासपुर का ही आशीष पात्रे हिंदू बनकर उसके संपर्क में आया। मंदिर में शादी की। फिर जबरन आभा का धर्म परिवर्तन करवाया। चर्च में दोबारा शादी की। लेकिन इससे भी आभा को टॉर्चर किया जाना नहीं रुका। आज वह 10 महीने की बच्ची के साथ अपने पिता के घर में रह रही है। लड़ रही है इस उम्मीद में कि एक दिन कानून उसे न्याय देगा। लेकिन, छत्तीसगढ़ पुलिस ने उसकी कहानी से धर्मांतरण और उसके नाम पर प्रताड़ना का चैप्टर ही गायब कर दिया है। इसे दहेज माँगने का सामान्य केस बना दिया है। आभा का दावा है कि इस मामले में भी आरोपितों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

फेसबुक से आशीष से हुआ संपर्क

आभा ने ऑपइंडिया को बताया, “आशीष फेसबुक के जरिए मेरे संपर्क में आया। मैं हिंदू हूँ। उसने भी खुद को हिंदू बताया था। 13 फरवरी 2019 को रायपुर के बैजनाथपारा स्थित आर्य समाज मंदिर में हमारी हिंदू परंपराओं के अनुसार शादी हुई। शादी के बाद मैं अपने ससुराल चली गई। वहाँ जाकर मुझे पता चला कि मेरे ससुराल वाले ईसाई बन चुके हैं। फिर ईसाई बनने के लिए वे मुझे प्रताड़ित करने लगे।”

पहली बार आर्य समाज मंदिर और दूसरी बार चर्च में हुई शादी की तस्वीरें और वीडियो ऑपइंडिया के पास उपलब्ध हैं।

आभा मिरे से आशीष ने पहली बार हिंदू बनकर मंदिर में की शादी

आभा का जबर्दस्ती धर्म परिवर्तन किया गया। चर्च में आशीष के साथ उसकी दुबारा शादी भी करवाई गई। लेकिन इसके बाद भी ससुराल वालों ने उसे प्रताड़ित करना बंद नहीं किया। आभा ने ऑपइंडिया को बताया, “धर्म परिवर्तन करने के बाद मुझे चर्च जाने के लिए मारा-पीटा जाता था। गाली दी जाती थी। मुझे माँ-बाप से पैसे माँगकर लाने के लिए कहा जाता था। मेरे से 8 लाख रुपए की डिमांड की जा रही थी।” वह कहती है, “मेरे साथ ये सब इसलिए हुआ क्योंकि मैं हिंदू हूँ।”

हिंदू से कैसे ईसाई बनाई गई आभा

आभा ने बिलासपुर के आईजी और सिविल लाइन थाने में 22 दिसंबर 2021 को एक आवेदन दिया था। इसमें खुद के धर्मांतरण और प्रताड़ना के बारे में विस्तार से बताया है। इसके मुताबिक आर्य समाज मंदिर में शादी के एक सप्ताह बाद 26 फरवरी 2019 को उसकी सास विमला पात्रे ने उससे कहा, “तुझे हम लोग घर की बहू नहीं मानते। तू जब तक ईसाई धर्म नहीं अपनाएगी तुझे हम घर की बहू नहीं मानेंगे।” आभा के अनुसार इसके बाद धर्म परिवर्तन के लिए उस पर ससुर लक्ष्मण दास पात्रे, सास, पति और ननदें दबाव डालने लगीं। उसके साथ मारपीट की जाती। उसे गालियाँ दी जाती।

2019 के 23 मार्च को उसे जबर्दस्ती निपनिया नामक जगह पर ले जाया गया। वहाँ सुनील डेविड नाम के एक पास्टर के घर में उसे तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। उससे जबर्दस्ती ईसाइयत से जुड़ी प्रार्थना करवाई जाती थी। उसकी मर्जी के बगैर ही निपनिया के गॉड्स फॉरगिवनेस चर्च में उसका बपतिस्मा कराया गया। इसके बाद 15 मई 2019 को जरहाभाठा के ओमनगर स्थित आईपीसी चर्च में उसकी आशीष के साथ दोबारा शादी करवाई गई।

दूसरी बार चर्च में आशीष के साथ आभा मिरे की करवाई गई शादी

जबर्दस्ती ईसाई बनाने के बाद भी करते रहे टॉर्चर

आभा के अनुसार इन सबके बाद भी जब प्रताड़ना बंद नहीं हुई तो वह 2020 में अपने मायके आ गई। जनवरी 2021 में आशीष ने एक बार फिर उसे अपने झाँसे में लिया। उसके साथ जो कुछ हुआ उसके लिए माफी माँगी और जल्द ही घर ले जाने का वादा किया। इस दौरान उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। मार्च 2021 में जब आभा के गर्भवती होने का पता चला तो उसने फिर से पल्ला झाड़ लिया। आभा के अनुसार, “आशीष ने कहा मैं तेरे बच्चे का पिता नहीं हूँ। मैं तो तुझे पहले ही छोड़ चुका हूँ।”

आभा का दावा है कि आशीष के कुछ और लड़कियों से भी संबंध है। उसने बाद में महिला थाना में 11 जून 2022 को भी एक शिकायत दी थी, जिसके आधार पर दहेज मामले की एफआईआर दर्ज की गई है। आभा द्वारा पुलिस अधिकारियों को दिए गए सभी आवेदनों और एफआईआर की कॉपी ऑपइंडिया के पास हैं।

उसने ऑपइंडिया से कहा, “मैं अपनी कहानी दुनिया को इसलिए बताना चाहती हूँ कि हिंदू लड़कियाँ सतर्क रहें। उन्हें पता चले कि वे किस खतरे में जी रही हैं। उन्हें शिकार बनाने के लिए कैसी साजिशें हो रही हैं। मैं पढ़ी-लिखी होकर भी बेवकूफ बन गई।”

आए दिन ऐसे मामले सामने आते रहते हैं जब मुस्लिम लड़के अपनी पहचान छिपाकर हिंदू लड़कियों को टारगेट करते हैं। छत्तीसगढ़ में ईसाई भी ऐसा कर रहे हैं। उनके साथ सहूलियत यह भी है कि धर्म परिवर्तन के बावजूद ज्यादातर के नाम हिंदुओं जैसे हैं। उन्हें अपनी फर्जी पहचान गढ़ने की जरूरत नहीं होती। जैसा कि आभा बताती है, “वह सौभाग्यशाली है कि ऐसे समय में भी माँ-बाप ने उसका साथ नहीं छोड़ा।” लेकिन, हम जानते हैं कि ऐसी बहुत सारी आभा हैं जिनकी कहानी किसी सूटकेस में लाश के रूप में बंद मिलती हैं या फिर वह प्रताड़नाओं तले सिसकती रहती हैं। उन्हें कभी आवाज नहीं मिलती। आभा चाहती है कि उसकी आवाज आप तक पहुँचे।

‘ईदगाह मैदान में महिलाओं का खेल आयोजन इस्लाम के खिलाफ, अल्लाह के मुल्क में शरिया चलेगा’: भड़के मुल्ला-मौलवियों को महिला क्रिकेटर ने दिया करारा जवाब

पाकिस्तान की महिला क्रिकेटर डायना बेग ने शनिवार (1 अक्टूबर, 2022) को मौलाना जलाल आबिद को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित गिलगित के लालिक जन स्टेडियम में महिलाओं के खेल आयोजन का विरोध करने पर फटकार लगाई है। रिपोर्ट के अनुसार, आगामी 5 अक्टूबर से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में महिला खेल पर्व 2022 (Women Sports Gala 2022) का आयोजन किया जा रहा है। इसमें क्रिकेट, बास्केटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन, स्क्वैश, टेबल टेनिस और हॉकी सहित कई खेल होने हैं।

महिलाओं के इस खेल पर्व को लेकर मौलाना जलाल आबिद ने विरोध जताया है। मौलाना का कहना है कि यह खेल मैदान “मुस्लिमों के लिए ईदगाह” है। हालाँकि, जिस मैदान में खेल होने हैं ,उसे लालक जन स्टेडियम के नाम से जाना जाता है। इस्लाम के मजहबी कार्यक्रमों के दौरान यहाँ नमाज वगैरह की जाती है।

डायना बेग ने मौलाना जलाल आबिद के इस बयान पर तीखा हमला बोला है। डायना ने कहा है “गिलगित ने पाकिस्तान के खेलों को इतने सारे रत्न (पुरुष और महिलाएं) दिए हैं जो अपनी प्रतिभा से देश की छवि को सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। यह मैदान नमाज़, पुरुषों के मुक्केबाजी कार्यक्रमों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य सभी चीजों की मेजबानी के लिए उपयुक्त है, लेकिन महिलाओं के कार्यक्रम की मेजबानी नहीं कर सकता।”

उन्होंने आगे कहा, “मेरा सवाल है कि पुरुषों के आयोजन को लेकर कभी कुछ क्यों नहीं कहा गया? क्या यह जगह महिलाओं के लिए भी उतनी ही नहीं होनी चाहिए जितनी कि गिलगित में रहने वाले हर किसी की है। हम कब तक रूढ़िवादी बने रहेंगे और यह दिखावा करेंगे कि एक महिला का मैदान पर कदम रखना वर्जित है?”

डायना बेग के इस बयान के बाद जहाँ मौलाना जलाल आबिद समेत कई मौलाना बौखला गए होंगे। वहीं, कुछ कट्टरपंथी मुस्लिम ट्विटर के जरिए डायना बेग को इस्लाम का ‘ज्ञान’ देने की कोशिश कर रहे थे।

ट्विटर यूजर @Hazxsupremacy ने लिखा, “जिस जगह पर नमाज अदा की जाती है, वह महिलाओं के लिए जांघों तक शॉर्ट्स के साथ फुटबॉल खेलने की जगह नहीं होनी चाहिए। पुरुषों के लिए किसी भी खेल की मनाही नहीं है और न ही उन्हें स्कार्फ (हिजाब) पहनने के लिए कहा जाता है। साथ ही कोई भी खेल, त्योहार या कोई कार्यक्रम किसी भी मजहबी स्थल में आयोजित नहीं किया जाना चाहिए। इस ट्विटर यूजर को जवाब देते हुए, डायना बेग ने लिखा , “उस स्थान को ‘लालिक जन स्टेडियम’ कहा जाता है, यह ईदगाह नहीं है।”

ट्विटर यूजर मुहम्मद तासीत हसन ने कहा, “यह इस्लाम के खिलाफ है। इसलिए जस्टिफिकेशन की आवश्यकता नहीं है। फिर चाहे पुरूष खेले या कोई महिला।”

इस खेल आयोजन का विरोध करने वालों में अंजुमन इमामिया आगा बाकिर अल-हुसैनी भी शामिल है। सेंट्रल इमामिया जामिया मस्जिद स्कर्दू द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसका विरोध किया गया है। एक ट्विटर यूजर ने इस प्रेस विज्ञप्ति को शेयर किया गया था। चूँकि, यह विज्ञप्ति उर्दू में थी, ऐसे में ऑपइंडिया ने जब इसकी फैक्ट चेकिंग की तो यह सामने आया कि विज्ञप्ति में इस आयोजन का विरोध किया गया है।

सेंट्रल इमामिया जामिया मस्जिद स्कर्दू की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में संगठन ने कहा है अंजुमन इमामिया बाल्टिस्तान की आपात बैठक अंजुमन इमामिया आगा बाकिर अल-हुसैनी की अध्यक्षता में हुई है।

इस बैठक में, बाल्टिस्तान की जमीन पर हॉकी और क्रिकेट के नाम पर कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्रों को मैदान में लाने के बारे में सरकार द्वारा रिपोर्ट पर चिंता व्यक्त की गई थी और इस अधिनियम को इस्लाम द्वारा महिलाओं की इज्जत व सम्मान के रूप में घोषित किया गया था। इसके अलावा इस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि गिलगित-बाल्टिस्तान सरकार को चेतावनी दी गई थी कि खेल के नाम पर शरीयत के काम के लिए बाल्टिस्तान में लड़कियों की परवरिश करना पूरी तरह से मजहबी और इस्लामी शिक्षाओं के खिलाफ है और यह किसी मजहबी व्यक्ति के लिए अस्वीकार्य है।

विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि जिस देश में अल्लाह के सिवा कोई खुदा नहीं है, वहाँ शरिया और इस्लामी कानून लागू करने की बजाए ऐसे अश्लील कार्यक्रम आयोजित करना आश्चर्यजनक है। जिला प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि इस कृत्य को तत्काल रोके। बाल्टिस्तान के ‘मजहबी और अच्छी तरह से शिक्षित’ परिवारों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी बेटियों को खेल के नाम पर गैर-शर्मनाक कृत्यों से रोककर यह साबित करें कि वे इस्लाम और शरिया प्रेमी हैं।

3500 फ़ीट ऊँचा उड़ रहा था विमान, जमीन से चली गोली से लहूलुहान हुआ यात्री: कई उड़ानें रद्द, म्यांमार की सरकार ने बताया विरोधियों की करतूत

म्यान्मार में विमान में सवार एक यात्री जमीन में दागी गई गोली से घायल हो गया है। बताया जा रहा है कि गोली विमान में छेद करती हुई पीड़ित युवक को लगी। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में पीड़ित को टिश्यू पेपर ले कर अपने खून को पोंछते देखा जा सकता है म्यान्मार की वर्तमान शासक सैन्य परिषद ने इस हमले को विरोधियों की हरकत बताते हुए युद्ध अपराध कहा है। घटना शुक्रवार (30 सितम्बर, 2022) की है।

द सन की रिपोर्ट के मुताबिक यह गोली म्यान्मार की नेशनल एयरलाइंस के एक विमान में मारी गई है। घटना कयाह प्रदेश की है। घटना के समय विमान लोइकाव एयरपोर्ट से लगभग 4 मील की दूरी पर 3500 फ़ीट ऊँचाई पर था। गोली विमान की तली को छेद कर काले रंग के कपड़े पहने यात्री के लग गई। यात्री के दाएँ गाल और गर्दन पर घाव हो गया जिसे लैंडिंग के बाद नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। घटना के समय फ्लाइट संख्या संख्या UB- 149 में 63 यात्री सवार थे।

पीड़ित युवक लोइकाव का स्थानीय निवासी है जो किसी और शहर में नौकरी करता है। वह अपने घर यूनिवर्सिटी में होने वाली परीक्षा देने लौट रहा था। उसका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।

म्यान्मार सरकार ने इस घटना के बाद लोइकाव के लिए तमाम उड़ानों को अनिश्चित काल के लिए रद्द कर दिया। देश की वर्तमान सैन्य सरकार ने इसे विद्रोहियों की करतूत करार दिया। म्यान्मार की सत्ता में मौजूद सैन्य परिषद के प्रवक्ता मेजर जनरल ज़ॉ मिन टुन के मुताबिक यात्री विमान पर इस तरह का हमला युद्ध अपराध है। उन्होंने लोगों से इस हमले के खिलाफ एकजुट होने और इसकी निंदा करने की अपील की।

म्यान्मार के सुरक्षा बलों ने हमले के आरोपितों की तलाश में अभियान छेड़ दिया है। गौरतलब है कि म्यान्मार की फ़ौज ने फरवरी 2021 में जनमत से चुनी सरकार को हटा कर देश का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया था। तब से पीपुल्स डिफेन्स फ़ोर्स के नाम से विरोधी संगठन सत्तारूढ़ सैन्य बल से संघर्ष कर रहे हैं। विद्रोही दल के नेता कहे जाने वाले करेनी नेशनल प्रोग्रेसिव पार्टी के नेता खु डेनियल ने विमान पर हमले के आरोपों को गलत बताया है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने लड़ाकों को भी भी यात्री विमान को निशाना बनाने के आदेश नहीं दिए। इसी के साथ खु डेनियल ने म्यान्मार फ़ौज की आलोचना करते हुए कहा कि म्यान्मार की सत्तारूढ़ सेना अक्सर ऐसे झूठे आरोप लगाती रहती है।

जिस PS-1 के रिलीज से पहले थिएटरों में आई धमकी, वो पर्दे पर अब रिकॉर्ड तोड़ रही: 2 दिन में ₹150 करोड़ कमाए, ‘विक्रम वेधा’ को दर्शक नसीब नहीं

मशहूर फिल्म निर्देशक मणिरत्नम की बहुप्रतीक्षित फिल्म फिल्म पोन्नियिन सेल्वन-1 (Ponniyin Selvan: I) बॉक्स ऑफिस पर लगातार धमाल मचा रही है। शुक्रवार (30 सितंबर) को रिलीज हुई फिल्म ने शुरुआती दो दिनों में ही शानदार कमाई की है। ऐश्वर्या राय बच्चन स्टारर इस फिल्म की कमाई के जिस तरह से आँकड़े सामने आ रहे हैं उससे समीक्षकों को ऐसा लग रहा है कि पोन्नियिन सेल्वन-1 रिकॉर्ड तोड़ कमाई करेगी। इस फिल्म के कारण, सैफ अली खान और ऋतिक रोशन स्टारर विक्रम वेधा को दर्शक नहीं मिल रहे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पोन्नियिन सेल्वन ने ओपनिंग डे पर 80 करोड़ से अधिक का बिजनेस किया था। वहीं दूसरे दिन फिल्म ने 70 करोड़ से अधिक की कमाई की है। यानी कि शुरुआती दो दिनों में ही फ़िल्म का ग्रॉस कलेक्शन 150 करोड़ (Ponniyin Selvan I Box Office Collection) से अधिक हो गया है।

फिल्म समीक्षकों ने उम्मीद जताई है कि पोन्नियिन सेल्वन आने वाले दिनों में भी ऐसी ही कमाई करती देखी जा सकती है। वास्तव में पोन्नियिन सेलवन उन तमिल फिल्मों में से एक है जिन्होंने इस साल ओपनिंग डे पर ताबड़तोड़ कमाई की है।

वहीं, यदि पोन्नियिन सेल्वन-1 के साथ रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म विक्रम वेधा (Vikram Vedha) की बात करें तो फिल्म के रिव्यूज की तुलना में फिल्म की कमाई बेहद स्लो है। जहाँ एक ओर इसे बॉयकॉट बॉलीवुड का असर माना जा रहा है।

वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि पोन्नियिन सेल्वन-1 की स्क्रिप्ट के आगे विक्रम वेधा की स्टोरी अच्छी नहीं है। इसलिए, बेहद कम लोग इस फिल्म को देख रहे हैं। विक्रम वेधा की कमाई की बात करें तो फिल्म ने महज 23 करोड़ की कमाई है। जिसमें ओपनिंग डे की कमाई 10 करोड़, वहीं दूसरे दिन 12 करोड़ से अधिक का बिजेनस किया है।

बता दें, पोन्नियिन सेल्वन भारत सहित कई अन्य देशों में भले ही बेहतरीन बिजेनस करती हुई नजर आ रही हो। लेकिन, कनाडा में फिल्म के रिलीज टालने को लेकर धमकी दी गई थी। कनाडा में ‘पोन्नियिन सेल्वन-1’ के ओवरसीज डिस्ट्रीब्यूटर केडब्ल्यू टॉकीज ने ट्विटर पर एक मेल का स्क्रीनशॉट शेयर किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि थिएटर के मालिकों को धमकी भरे मेल आ रहे हैं। इन मेल में कहा जा रहा है कि यदि फिल्म रिलीज करेंगे तो थिएटर्स पर हमला किया जाएगा।

KW Talkies ने ट्वीट कर कहा है, “मुझे हेमिल्टन, किचनर और लंदन से अपडेट मिला है। सभी थिएटर मालिकों को धमकी दी गई है कि अगर उन्होंने अपने यहाँ पीएस-1 (पोन्नियिन सेल्वन-1) तमिल या केडब्लू टॉकीज की किसी भी फिल्म की स्क्रीनिंग की तो वो थिएटर्स पर हमला कर देंगे।”

जयपुर के मंदिर में गेट का ताला तोड़ घुसे तीन नकाबपोश: 40 किलो की दो दान पेटियाँ चोरी, भीतर ₹80 हजार होने का दावा

राजस्थान में मंदिरों पर हमले और मूर्तियों के साथ तोड़-फोड़ की घटनाएँ बढ़ती ही जा रही हैं। राजधानी जयपुर में शुक्रवार (30 सितंबर 2022) को चोरों ने जैन मंदिर का गेट तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दे दिया। चोर मंदिर की दान पेटियाँ उठाकर फरार हो गए।

सीसीटीवी फुटेज की जाँच से पता चला कि चोरों ने नकाब पहन रखी है। इससे उनकी पहचान में समय लग रहा है। सांगानेर थाना क्षेत्र में स्थित जैन मंदिर में शनिवार (1 अक्टूबर 2022) को पुजारी जब पहुँचे तो देखा कि मंदिर के चैनल और एल्युमिनियम वाले गेट पर लगा ताला टूटा हुआ है। अंदर जाने पर पता चला कि मंदिर में रखी दो दान पेटियाँ चोरी हो गई हैं।

घटना की शिकायत माथुर वैश्व नगर सांगानेर निवासी दिनेश जैन ने दर्ज करवाई है। कल्याण नगर के शांति विहार में स्थित इस मंदिर में रात को करीब 2:30 बजे चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। सीसीटीवी फुटेज में मंदिर की रेकी करने के बाद तीन नकाबपोश दीवार कूदकर अंदर घुसते दिख रहे हैं।

अंदर घुसने के बाद मंदिर में नकाबपोशों ने खोजबीन की और उसके बाद दो दान पेटियाँ उठा ले गए। बदमाशों ने पहले छोटी दान पेटी ले गए, जिसका वजन लगभग 15 किलोग्राम बताया जा रहा है। वहीं, एक घंटे बाद लौटकर तीनों बदमाश वापस आए और 25 किलोग्राम वाली बड़ी दान पेटी को भी उठा ले गए।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर प्रशासन ने बताया कि दोनों दान पेटियों में लगभग 80,000 रुपए होंगे। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद घटनास्थल का दौरा किया और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

नीतीश मंत्रिमंडल का दूसरा विकेट गिरा, कानून मंत्री के बाद कृषि मंत्री का भी इस्तीफा: खुद को बताया था ‘चोरों का सरदार’, पिता हैं RJD के प्रदेश अध्यक्ष

बिहार के कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह के इस्तीफे के बाद अब कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने भी रविवार (2 अक्टूबर, 2022) को कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। सुधाकर सिंह बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और चारा घोटाले के दोषी लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से विधायक हैं। बिहार के सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) और राजद के बीच गठबंधन सरकार बनने के बाद उन्हें कृषि मंत्री बनाया गया था।

इससे पहले शनिवार (1 अक्टूबर, 2022) को सुधारकर सिंह ने एक बयान में कहा था कि वह अपने विभाग में भारतीय जनता पार्टी के एजेंडे के हिसाब से काम नहीं होने देंगे। दरअसल, सुधाकर सिंह बिहार में कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) अधिनियम और ‘मंडी’ प्रणाली को बहाल करने की अपनी माँग की ओर इशारा कर रहे थे।

सुधाकर सिंह ने कहा था, “राज्य के कृषि मंत्री होने के नाते, मैं राज्य में ‘महागठबंधन’ सरकार के गठन के बाद कृषि विभाग में भाजपा के एजेंडे को जारी रखने की अनुमति नहीं दूँगा।” एपीएमसी अधिनियम और 2006 में समाप्त हुई मंडी प्रणाली के बारे में बोलते हुए उन्होंने यह भी कहा था, “एपीएमसी अधिनियम और 2006 में ‘मंडी’ को खत्म करना किसान विरोधी निर्णय था। राज्य में ‘महागठबंधन’ सरकार को हमारे गठबंधन सहयोगियों द्वारा मतदाताओं से किए गए वादों को पूरा करने के लिए काम करना चाहिए।”

उन्होंने बिहार के कृषि विभाग में भ्रष्टाचार पर बोलते हुए कहा था, “मेरे विभाग के सभी अधिकारी चोर हैं और इस तरह विभाग के प्रमुख होने के नाते, मैं चोरों का मुखिया हूँ।” उन्होंने आरोप लगाते हुए यह भी कहा था कि बिहार सूखे का सामना कर रहा है और धान के खेत सूखे हैं। उन्होंने बताया था कि उनके विभाग द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट से पता चला है कि 86 फीसदी खेतों में धान का रोपड़ किया गया है, यह आँकड़ा वास्तविक नहीं लग रहा है इसलिए इस मुद्दे को उठाया है।

सुधाकर सिंह ने यह भी कहा था, “हमारे (कृषि) विभाग का एक भी विंग ऐसा नहीं है जहाँ भ्रष्टाचार नहीं हो। सरकार बदल गई है, लेकिन काम करने का तरीका वही है। सब कुछ पहले जैसा ही है।”

गौरतलब है कि गत महीने एक मीटिंग के दौरान सुधाकर सिंह द्वारा शिकायत किए जाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कथित तौर पर मीटिंग छोड़कर चले गए थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि सुधाकर सिंह मुख्यमंत्री द्वारा किए गए इस तरह के बर्ताव से भी नाराज रहे हों। ये भी जानने लायक बात है कि सुधाकर सिंह राजद के प्रदेश अध्यक्ष और लालू परिवार के विश्वस्त वरिष्ठ नेता जगदानंद सिंह के बेटे हैं। तेज प्रताप यादव को जगदानंद सिंह से खासी समस्या रहती है, जिसे वो कई बार सार्वजनिक भी कर चुके हैं।

राज्य के कृषि मंत्री पद से सुधाकर सिंह के इस्तीफे के बाद राजनीति तेज हो गई है। इस इस्तीफे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल ने मीडिया से कहा है, “जो नीतीश कुमार की गुलामी नहीं करेगा, उसे ये हटा देंगे। पूरी घटना के पीछे मुख्य कारण यह है कि गरीब लोगों को यूरिया नहीं मिली। अगस्त में हाहाकार मचा था। गरीबों को यूरिया मिलने में काफी दिक्कतें आई थीं। कृषि मंत्री ने इसी बात को बोल दिया था कि लूट मची हुई है। नीतीश को यह बिल्कुल पसंद नहीं आया है कि कोई अफसरशाही के खिलाफ बोले। यही हुआ, ऐसे में वह टिप्पणी बर्दाश्त न कर सके और हटा दिया।”

बता दें, सुधाकर सिंह का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब वह चावल घोटाले के आरोपों से घिरे हुए हैं। साथ ही, यह भी जानना जरूरी है कि बिहार कैबिनेट से यह दूसरा इस्तीफा है। इससे पहले राज्य के कानून मंत्री कार्तिकेय कुमार ने भी इस्तीफा दे दिया था। कुल मिलाकर देखें तो बिहार में महागठबंधन सरकार बने दो महीने भी पूरे नहीं हुए हैं और अब तक दो मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं। इसका सीधा मतलब है कि भले ही नीतीश या लालू कुछ भी दावे करें लेकिन सूबे की राजनीति में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

‘तुम्हारी जगह मेरे बिस्तर पर है, आओ मेरे बच्चे पैदा करो’ : मदरसे में खाना बनाने वाले नूरदीन ने स्कूली छात्राओं के सामने उतारे कपड़े, रेप और कत्ल की धमकी दी

राजस्थान के भिवाड़ी में एक व्यक्ति पर स्कूली छात्राओं के आगे कपड़े उतार कर खड़े होने का आरोप है। आरोपित का नाम नूरदीन है जो मदरसे में खाना बनाने का काम करता है। नूरदीन पर आरोप है कि उसने दलित बालिकाओं को रेप करने और कत्ल करने की धमकी दी थी। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक घटना राजस्थान के भिवाड़ी जिले में पड़ने वाले थानाक्षेत्र शेखपुर के गाँव खिदरपुर की है और पीड़ित छात्राएँ गाँव गूंतोली की रहने वाली हैं। घटना के दौरान छात्राएँ स्कूल से वापस लौट रही थीं। इसी दौरान आरोपित उनके आगे कर उनसे संबंध बनाने के लिए कहने लगा। जब छात्राओं ने इसके लिए मना किया तब नूरदीन उन्हें कत्ल करने की धमकी देने लगा।

बताया जा रहा है कि उसने छात्राओं से कहा, “तुम्हारी जगह मेरे बिस्तर पर है, आओ मेरे बच्चे पैदा करो।” कुछ ही देर बाद उसने लड़कियों के आगे कपड़े उतार दिए और छेड़छाड़ करने लगा। जैसे तैसे बच कर छात्राएँ डरी-सहमी अपने घर पहुँची। वहाँ उन्होंने अपने परिवार में सारी बातें बताईं। परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस ने की तब पुलिस ने SC/ST एक्ट और पॉक्सो के तहत केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी।

घटना के बाद लड़कियाँ डरी सहमी रहने लगी और उन्होंने स्कूल जाने से इंकार कर दिया। बाद में शनिवार को वही छात्राएँ अपने परिजनों के साथ शनिवार को फिर से स्कूल गईं। इसी दौरान उन छात्राओं ने मदरसे में मौजूद आरोपित को पहचान लिया।

आरोप है कि जब लड़की के परिजन और ग्रामीण आरोपित नूरदीन के पास शिकायत ले कर गए तो उसने ग्रामीणों से भी झगड़ा करना शुरू कर दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच सक्षम अधिकारी कर रहे हैं और जरूरी कार्रवाई की जा रही है। मामले की जाँच तिजारा डीएसपी प्रेम बहादुर कर रहे हैं। अभी तक आरोपित पकड़ा नहीं गया है। आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

गरबा के दौरान मुस्लिम टीचर ने DJ बंद कर लगाया ताजिया का मजहबी शोक: बच्चों का छाती पीटते Video सामने आया, गुजरात में PFI कनेक्शन का संदेह

गुजरात (Gujarat) के एक स्कूल में नवरात्रि के दौरान एक आयोजित फंक्शन में बच्चों से गरबा कराने के बजाए उनसे ताजिया प्ले कराया गया। स्कूल के मुस्लिम शिक्षक ने गरबा की जगह ताजिया प्ले के लिए बच्चों पर दबाव डाला। इस घटना को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, मामला गुजरात के खेड़ा जिले का है। जिले के नाडियाद के हथाज गाँव स्थित प्ले सेंटर स्कूल में यह घटना को अंजाम दिया गया। बताया जा रहा है कि नवरात्रि के उत्सव को लेकर 30 सितंबर 2022 को स्कूल में गरबा का आयोजन किया गया था। इस दौरान मुस्लिम टीचर की यह करतूत सामने आई।

स्कूल ने गरबा आयोजन में सभी बच्चों को स्कूल आने के लिए कहा था। हालाँकि, जब आयोजन किया गया तो गरबा वाली संगीत की जगह ताजिया का संगीत बजाया गया। इस दौरान बच्चों को विधर्मी नामों वाली टी-शर्ट पहने हुए ताजिया का प्रदर्शन करते देखा गया।

इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि गरबा करने के बजाय स्कूल के पुरुष और महिला छात्रों को मुहर्रम के जुलूस के दौरान शोक के हिस्से के रूप में दोनों हाथों से अपनी छाती पीटते हुए देखा जा सकता है।

इस बात की जानकारी जब ग्रामीणों को मिली तो वे भड़क उठे। उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर दोषियों को सजा दिलाने की माँग की है। हिंदू धर्म सेना के अध्यक्ष खेड़ा ने कहा, “हमने एक ज्ञापन सौंपा है। कल नदियाड के हथाज गाँव के एक प्राथमिक विद्यालय में एक दिवसीय गरबा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। छात्र गरबा कर रहे थे और डीजे सिस्टम चल रहा था। इसी बीच गरबा थम गया।”

खेड़ा ने आगे कहा, “स्कूल के शिक्षकों में मुस्लिम शिक्षक हैं और हमें इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन समस्या यह है कि उन्होंने अचानक गरबा बंद कर दिया और मजहबी पाठ करने लगे। उन्होंने छात्रों को धार्मिक प्रतीकों वाली टी-शर्ट भी पनने के लिए दी थी।”

इस घटना के पीछे हाल ही में प्रतिबंधित किए गए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का हाथ बताया जा रहा है। स्कूल में ऐसे करने के पीछे क्या उद्देश्य है और यह योजना क्यों बनाई गई और किसके अनुरोध पर अनुरोध किया गया, इसकी जाँच की जा रही है।

बता दें कि ताजिया अरबी शब्द अज़ा से बना है, जिसका अर्थ है मृतक को याद करना। यह आमतौर पर शिया मुसलमानों द्वारा किया जाता है, जहाँ वे कर्बला की लड़ाई में पैगंबर मुहम्मद के पोते हुसैन की मौत को फिर से याद करते हैं। मुहर्रम में ताजिया के जुलूस में ले जाने पर अलग-अलग गाने बजाए जाते हैं और इस्लामिक धार्मिक नारे लगाए जाते हैं।

‘OTP दे दो वरना अकॉउंट बंद हो जाएगा’ : KYC फ्रॉड का बॉलीवुड अभिनेता अनु कपूर भी हो गए शिकार, 1 गलती की वजह से ₹4.36 लाख की चपत लगी

बॉलीवुड अभिनेता अनु कपूर (Annu Kapoor) ऑन लाइन फ्रॉड का शिकार हुए हैं। फ्रॉड कॉल करने वाले ने उन्हें केवाईसी (KYC) अपडेट करने के लिए कहा था। इसके बाद उसने, अनु कपूर से उनकी बैंक डिटेल्स व ओटीपी माँगा और कुछ ही देर में उनके अकॉउंट से 4.36 लाख रुपए निकाल लिए गए। हालाँकि, खबर होने पर अभिनेता ने धोखाधड़ी के बारे में पुलिस को समय से सूचित किया तो उन्हें कुछ पैसे वापस भी मिल गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार (29 सितंबर 2022) को, अनु कपूर शूटिंग के लिए जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी उन्हें एक फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम कृष्णकुमार रेड्डी और खुद को एक प्राइवेट बैंक के हेड ऑफिस का कर्मचारी बताया। इस पर, अनु कपूर ने उस फ्रॉड को एकाउंटेंट से बात करने के लिए कहा। लेकिन फ्रॉड ने कहा कि यह प्रक्रिया केवाईसी (KYC) से संबंधित है इसलिए वह उनसे ही बात करेगा।

फ्रॉड ने यह भी कहा था कि यदि केवाईसी पूरी नहीं होती है तो उनका अकाउंट निष्क्रिय कर दिया जाएगा। जिस पर अनु ने अपना बैंक अकाउंट नंबर और ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) फ्रॉड को बता दिया। इसके 10 मिनट बाद ही अनु को उनके बैंक से कॉल आया और बताया गया कि उनके खाते से छेड़छाड़ की गई है। अनु कपूर ने फौरन अपने अकॉउंट को फ्रीज करवाया और अकॉउंट से जुड़े फोन नंबर को भी बदलवाया।

अनु कपूर ने कस्टमर केयर से बात की तो पता चला कि अकाउंट एक्सेस ब्लॉक होने से पहले दो किस्तों में उनके अकाउंट से 4.36 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। जानकारी होने पर, अनु ने आनन-फानन में स्थानीय ओशिवारा पुलिस स्टेशन में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई।

ओशिवारा पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर दिगंबर कुरकुटे ने कहा है, “ठग ने 4.36 लाख रुपए अनु कपूर के अकाउंट से निकालकर दो अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिए थे। हालाँकि बैंक ने उनसे तुरंत संपर्क किया और इस ट्रांजैक्शन की जानकारी दी, साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि उनके अकाउंट से छेड़छाड़ की गई है।”

फिलहाल पुलिस और बैंक की तत्परता के चलते अनु कपूर के खाते से निकाले गए 4.36 हजार में से 3.8 लाख रुपए वापस मिल गए हैं। जबकि शेष अन्य की रिकवरी करने में बैंक जुटा हुआ है। इस घटना के बाद अनु कपूर ने पुलिस अधिकारियों के साथ ट्विटर पर एक फोटो शेयर की। साथ ही ट्वीट कर कहा, “मैं मुंबई पुलिस की ओशिवारा साइबर क्राइम विंग को मेरे बैंक खाते में धोखाधड़ी के खिलाफ तत्काल और प्रभावी कार्रवाई के लिए हार्दिक धन्यवाद देता हूँ और प्रशंसा व्यक्त करता हूँ।”