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265 छात्र, 13 मास्टर, ₹27 लाख चंदा: बहराइच में 30 साल से बिन मान्यता के चलता रहा मदरसा, नेपाली बच्चों को बगैर ID एडमिशन मिला

भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती आबादी और इबादतगाहों पर ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट का एक और बड़ा असर देखने को मिला है। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में एक मदरसा 30 सालों से बिना मान्यता के चलता पाया गया। मदरसे के संचालक जाँच करने निकले जिला प्रशासन के अधिकारियों को कोई संतोषजनक कागज नहीं दिखा पाए। बताया जा रहा है कि इस मदरसे में नेपाल तक के छात्र पढ़ने आते हैं। फिलहाल आगे की कार्रवाई के लिए इस मदरसे की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

बहराइच जिले की सीमाएँ नेपाल से लगती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहाँ पाया गया मदरसा बहराइच शहर के बशीरगंज क्षेत्र में स्थित है। मदरसे का नाम मदरसा हिदायत उल इस्लाम है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड के अधिकारी संजय मिश्रा यहाँ जाँच करने पहुँचे थे। जब उन्होंने नेपाली छात्रों के एडमिशन की जानकारी माँगी तब मदरसा प्रबंधन उन्हें कोई ठोस जानकारी नहीं दे पाया। मदरसा संचालकों ने बताया कि नेपाली छात्रों के एडमिशन के दौरान उनसे कोई पहचान पत्र नहीं लिया गया था।

इसी के साथ छात्रों को मिलने वाली मार्कशीट आदि भी वैध नहीं पाई गई। कहा जा रहा है कि उस मदरसे में पढ़ने वाले छात्रों को मिलने वाली मार्कशीट किसी मान्यता प्राप्त स्थान पर मान्य नहीं थी। जानकारी के मुताबिक जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने इस पूरे मामले को छात्रों के भविष्य से लापरवाही के तौर पर देखा है। उन्होंने शासन को इस मदरसे के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी है।

बताया जा रहा है कि यह मदरसा साल 1992 से चलाया जा रहा था जिसमें फिलहाल लगभग 265 बच्चे तालीम हासिल कर रहे थे। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए 13 टीचर भी नियुक्त पाए गए। सूचना ये भी मिली है कि मदरसे को चलाने के लिए सालाना 27 लाख रुपए भी मिल रहे थे। ये रुपए चंदा जमा कर के आ रहे थे।

गौरतलब है कि भारत नेपाल सीमा पर बढ़ रही मुस्लिम आबादी और इबादतगाहों की मीडिया रिपोर्ट्स की जमीनी हकीकत जानने के लिए ऑपइंडिया की टीम ने 20 से 27 अगस्त 2022 तक भारत नेपाल सीमा का दौरा किया था। अपने द्वारा जुटाई इन तमाम जानकारियों को हमने 3 सितम्बर 2022 से प्रत्येक दिन एक-एक कर के प्रकाशित करना शुरू किया। शनिवार (24 सितंबर, 2022) तक इस सीरीज की 22 कड़ियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं।

चंडीगढ़ MMS कांड: पुलिस ने अरुणाचल प्रदेश से पकड़ा सेना का जवान, Videos के लिए छात्रा को ब्लैकमेल करता था

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के एमएमएस लीक कांड में जाँच के बाद पंजाब पुलिस ने एक सेना के जवान संजीव सिंह को गिरफ्तार किया है। संजीव की गिरफ्तारी अरुणाचल प्रदेश के सेला पास से हुई। अब मोहाली लाकर उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। बताया जा रहा है कि संजीव सिंह ही लड़की को वीडियोज के लिए ब्लैकमेल करता था।

पंजाब पुलिस के डीजीपी ने इस संबंध में शनिवार (24 सितंबर 2022) को ट्वीट करके जानकारी दी। उन्होंने बताया- “सेना, असम और अरुणाचल पुलिस के सहयोग से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मामले में एक अहम सफलता मिली। पुलिस ने अरुणाचल प्रदेश के सेला पास से आरोपित सेना के जवान संजीव सिंह को गिरफ्तार किया। मोहाली कोर्ट में पेश करने के लिए सीजेएम बोमडिला से ट्रांजिट रिमांड मिली है।”

बता दें कि सेना के जवान की गिरफ्तारी इस मामले में चौथी गिरफ्तारी है। इससे पहले चंडीगढ़ एमएमएस लीक कांड में तीन गिरफ्तारियाँ हुईं हैं। इनमें एक आरोपित छात्रा है और दो उसके दोस्त हैं, जिनको पुलिस ने मामला खुलने के बाद शिमला से गिरफ्तार किया था।

कथिततौर पर पुलिस को रंकज वर्मा (31) और सन्नी मेहता (23) से पूछताछ में कई तथ्यों को पता चला। अब पुलिस उसी आधार पर आगे की जाँच में जुटी और इसी के बाद सेना के जवान को गिरफ्तार किया गया।

चंडीगढ़ MMS लीक कांड

उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का एमएमएस लीक कांड खुलने के बाद से इसमें लगातार नए-नए एंगल सामने आ रहे हैं। पहले कहा गया था कि आरोपित छात्रा ने अन्य 60 छात्राओं की नहाते में वीडियो बनाकर लीक की। इसके बाद पुलिस ने कहा कि उन्हें तो सिर्फ 1 ही वीडियो मिला जो खुद आरोपित लड़की का है। इसके अलावा पुलिस ने पीड़ित छात्राओं द्वारा किए गए आत्महत्या के प्रयास की खबरों को भी नकारा।

वहीं बाद में पता चला कि लड़की के मोबाइल से एक वीडियो और निकल आई है जो कि दूसरी लड़की का है। पुलिस ने फौरन इन वीडियोज की जाँच के लिए उन्हें फॉरेंसिंक लैब भेजा। साथ ही तीनों आरोपितों को अपनी रिमांड में ले लिया। इस बीच आरोपित लड़की की वकील ने कोर्ट में बताया कि उसे किसी और लड़के द्वारा ब्लैकमेल किया जा रहा था। मीडिया में भी खबरें आई कि लड़की को ब्लैकमेल करने वाले का नाम संजीव कुमार है जो आर्मी में जवान है। वही लड़की से बार-बार कॉल हिस्ट्री और स्क्रीनशॉट आदि डिलीट करने को कह रहा था।

CM धामी ने अंकिता भंडारी के पिता से की बात, आरोपित के भाई-पिता को BJP से निकाला: पीड़िता पर देह-व्यापार का था दबाव, लोगों ने रिजॉर्ट को जलाया

उत्तराखंड के ऋषिकेश में पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता के रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट का काम करने वाली अंकिता भंडारी की हत्या का मामला गरमाया हुआ है। इस मामले में, पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर कई खुलासे किए हैं। वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के पिता से फोन में बातचीत की है व आरोपितों को कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया है। साथ ही, भाजपा ने आरोपित पुलकित आर्य के भाई व पिता को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में गिरफ्तार तीनों आरोपितों से पूछताछ के आधार पर डीजीपी अशोक कुमार ने खुलासा करते हुए बताया है कि अंकिता पर रिजॉर्ट में ‘स्पेशल सर्विस’ देने के लिए दवाब बनाया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपितों में से एक सौरभ भास्कर ने पुलिस को बताया है कि अंकिता उन लोगों (आरोपितों को) अपने साथियों के बीच ‘बदनाम’ करती थी। उसने दावा किया कि पीड़िता रिजॉर्ट की बातें अपने साथियों को बताती थी कि यहाँ उसे कस्टमर से संबंध बनाने के लिए कहा जाता है।

आरोपितों ने खुलासा किया कि अंकिता कहती थी कि वह रिजॉर्ट की हकीकत सबको बता देगी, इसलिए उसके साथ हाथापाई हुई और फिर उसे नहर में धकेल दिया।

बता दें कि अंकिता गत 18 सितंबर से लापता थी। हालाँकि, उसका शव शनिवार (24 सितंबर, 2002) सुबह ऋषिकेश के चिल्ला पावर हाउस के पास से बरामद किया गया था। एक सप्ताह तक पानी में रहने के कारण उसका शव बुरी तरह गल चुका है। रविवार (25 सितंबर) को अंकिता का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कड़ी नजर बनाए हुए हैं। साथ ही उन्होंने शनिवार को अंकिता के पिता से बात कर उन्हें सांत्वना दी है। साथ ही अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री धामी ने ट्वीट कर बताया, “आज अंकिता भंडारी के पिताजी से दूरभाष के माध्यम से बात करते हुए अपनी शोक संवेदनाएँ प्रकट की। साथ ही उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस जघन्य अपराध की निष्पक्ष जाँच कर दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई करेगी, जो इस प्रकार के घृणित कार्य को करने वाले अपराधियों के लिए एक नजीर साबित होगी।”

वहीं, एक अन्य ट्वीट में पुष्कर सिंह धामी ने बताया है कि आरोपित पुलकित आर्य के भाई व पिता को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। उन्होंने लिखा, “अंकिता हत्याकांड मामले में हमने मुख्य आरोपित पुलकित आर्य के भाई अंकित आर्य को उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के नामित उपाध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। साथ ही अंकित आर्य एवं उनके पिता विनोद आर्य को भाजपा से भी निष्कासित कर दिया गया है।”

भगवान श्रीराम की नगरी में लता मंगेशकर के नाम पर चौराहा, जयंती पर CM योगी करेंगे उद्घाटन: पद्मश्री कलाकार ने बनाया 14 टन का वीणा, वॉल आर्ट भी

सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर की जयंती बुधवार (28 सितंबर, 2022) को आ रहा है। इस अवसर पर भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या को विशेष रूप से सजाया-सँवारा गया है। अयोध्या का मुख्य प्रवेश द्वार नया घाट चौराहे को अब लता मंगेशकर चौराहे के नाम जाना जाएगा। इसका उद्घाटन करने के लिए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुँच रहे हैं। साथ ही स्वर कोकिला के सम्मान में एक वॉल आर्ट भी बनाया गया है, जिसे उसी दिन दुनिया के सामने लाया जाएगा।

ये वॉल आर्ट 10 फीट ऊँचा है। ‘लता मंगेशकर चौराहा’ पर अब आपको 12 मीटर ऊँची वीणा की मूर्ति दिखेगी, जो 14 टन भारी है। इसे प्लेटफॉर्म पर स्थापित करने के लिए क्रेन का सहारा लेना पड़ा। इस प्रोजेक्ट के लिए 7.90 करोड़ रुपए का बजट पास किया गया था। पद्मश्री से सम्मानित मूर्ति कलाकार राम सुतार ने इसे बनाया है। अगस्त से ही इस पर काम शुरू कर दिया गया था। 2 महीने इस मूर्ति को बनाने में लगे।

‘अयोध्या विकास प्राधिकरण’ ने ‘मोजर्टो’ नामक कंपनी को इस चौराहे को तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। उद्घाटन समारोह को भव्य बनाने के लिए लता मंगेशकर का एक वॉल आर्ट बनाया गया है, जिसके इर्दगिर्द कई ऐसे आर्ट्स बनाए जाएँगे। लता दीदी के सम्मान में ये कार्यक्रम दोपहर के 12 बजे से शुरू होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी इसमें ऑनलाइन शामिल होने की संभावना है। अयोध्या के कई संत-धर्माचार्य और सांसद-विधायक इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

लता मंगेशकर के जीवन पर आयोजित एक शॉर्ट फिल्म को भी उस दिन दिखाया जाएगा। उनकी बहन उषा मंगेशकर भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम की तैयारियाँ अपने अंतिम चरण में है। 40 फ़ीट की वीणा पर खूबसूरत डिजाइंस भी बनाए गए हैं। लता मंगेशकर के निधन के बाद ही इस चौराहे को लेकर सीएम योगी ने घोषणा कर दी थी। अब यूपी सरकार स्वर साम्राज्ञी के निधन के बाद आ रही उनकी जयंती पर अपना वादा पूरा किया है।

‘रोहिंग्या मुस्लिमों ने बिगाड़ दी हमारी अर्थव्यवस्था, अपराध बढ़ने से माहौल भी हुआ खराब’: बांग्लादेश की PM ने UN में लगाई गुहार – जल्दी कुछ कीजिए

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने माना है कि म्यांमार से भागकर भारत और बांग्लादेश आए रोहिंग्या मुस्लिमों ने देश की सामाजिक ताने बाने और अर्थव्यवस्था को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुँचाया है। इसी मसले को लेकर शुक्रवार (23 सितंबर, 2022) को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने संयुक्त राष्ट्र से ‘प्रभावी भूमिका’ निभाने का अनुरोध किया है।

शेख हसीना ने कहा है कि बांग्लादेश में रोहिंग्याओं की लंबे समय तक मौजूदगी ने अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, सुरक्षा और सामाजिक-राजनीतिक स्थिरता पर गंभीर प्रभाव डाला है। रोहिंग्याओं की वजह से देश में व्यापक निराशा है। रोहिंग्याओं के कारण सीमा पार से ड्रग्स-मानव तस्करी समेत संगठित अपराधों के मामले बढ़ रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि रोहिंग्या मुसलमानों की यही स्थिति बनी रहती है तो इससे देश में कट्टरता को बढ़ावा मिल सकता है। अगर रोहिंग्या समस्या हल नहीं हुई तो ये क्षेत्र और उसके बाहर की सुरक्षा और स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने साल 2017 में शुरू हुए म्यांमार से रोहिंग्या मुसलमानों के पलायन को लेकर याद करते हुए कहा कि नाएप्यीडॉ (म्यांमार की राजधानी) और यूएन के साथ जुड़े होने के बाद भी अब तक एक भी रोहिंग्या मुस्लिम को म्यांमार में उनके पुश्तैनी घर वापस नहीं भेजा गया है। उन्होंने कहा कि देश में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल और हथियारों के संघर्ष ने रोहिंग्याओं की घर वापसी को और भी कठिन बना दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि संयुक्त राष्ट्र इस संबंध में प्रभावी भूमिका निभाएगा।

उन्होंने यह भी कहा, “हमें यह साबित करने की जरूरत है कि संकट के समय में संयुक्त राष्ट्र बहुपक्षीय व्यवस्था की आधारशिला है। इसलिए, सभी स्तरों पर लोगों का भरोसा और आत्मविश्वास हासिल करने के लिए, संयुक्त राष्ट्र को आगे आकर नेतृत्व करते हुए सभी की अपेक्षाओं को पूरा करना चाहिए। बांग्लादेश का मानना है कि युद्ध, आर्थिक प्रतिबंध या जवाबी प्रतिबंध जैसी दुश्मनी से कभी किसी देश का भला नहीं हुआ है। संकटों और विवादों को सुलझाने का सबसे अच्छा तरीका बातचीत ही है।”

‘खाली जगह घेर कर बना देते हैं मजार, फिर कहते हैं ये सदियों पुरानी है’: नेपाल सीमा के विधायक ने माना बॉर्डर क्षेत्र में जमीनों के अधिकतर ख़रीददार मुस्लिम – OpIndia Ground Report

हाल में कई रिपोर्टें आई हैं जो बताती हैं कि नेपाल से लगी भारत की सीमा पर तेजी से डेमोग्राफी में बदलाव हो रहा है। मस्जिद-मदरसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए 20 से 27 अगस्त 2022 तक ऑपइंडिया की टीम ने भारत और नेपाल के अलग-अलग इलाकों का दौरा किया। हमने जो कुछ देखा, वह सिलसिलेवार तरीके से आपको बता रहे हैं। पेश है इस कड़ी की 22वीं रिपोर्ट:

ऑपइंडिया की टीम ने नेपाल सीमा से सटे भारत के बलरामपुर जिले की तुलसीपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक कैलाशनाथ शुक्ला से मुलाकात की। हमसे बातचीत के दौरान भाजपा विधायक ने भी यह स्वीकार किया कि नेपाल सीमा पर न सिर्फ मुस्लिम आबादी बढ़ रही है बल्कि उनकी इबादतगाहों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भाजपा विधायक ने बेबाकी से इस मामले में अपने द्वारा भी पर्याप्त ध्यान न दिया जाना स्वीकार करते हुए इस मामले को शासन और प्रशासन के आगे उठाने का एलान किया।

यह रिपोर्ट एक सीरीज के तौर पर है। इस पूरी सीरीज को एक साथ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

हाँ, बॉर्डर इलाकों में बढ़ी है मुस्लिम आबादी

विधायक कैलाशनाथ शुक्ला ने मीडिया में चल रही उन खबरों पर मुहर लगाई है, जिसमें भारत नेपाल सीमा पर एकतरफा मुस्लिम आबादी बढ़ना बताया गया है। उन्होंने कहा कि जंगली और पहाड़ी इलाके होने के चलते बॉर्डर पर हो रही गतिविधियों पर लगातार नजर रखना शासन और प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। विधायक ने ये भी कहा कि देशविरोधी ताकतें नेपाल के रास्ते से एक वर्ग विशेष को मजबूत कर रहीं हैं और ये चिंता का विषय है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ी हैं इस्लामी इबादतगाहें, जमीन बेचने वाले अधिकतर हिन्दू और खरीदने वाले ज्यादातर मुस्लिम

हमसे बात करते हुए भाजपा विधायक शुक्ला ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सिर्फ एकतरफा आबादी ही नहीं, बल्कि उसके साथ इबादतगाहें भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि इस बदलाव के फलस्वरूप भारत और नेपाल की सीमा पर तस्करी जैसे अपराधों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विधायक ने स्वीकार किया कि उनकी खुद की विधानसभा में इबादतगाहों की संख्या सामान्य से अधिक हो चुकी है।

एक सवाल के जवाब में विधायक कैलाशनाथ शुक्ला ने कहा कि ये सत्य है कि बॉर्डर इलाके के तुलसीपुर क्षेत्र में अपनी जमीनें बेचने वाले अधिकतर लोग हिन्दू हैं और उसे खरीदने वाले मुस्लिम समुदाय के। विधायक के मुताबिक इसके पीछे कई कारण हैं जिसमें मुख्य वजह आर्थिक कारण है। विधायक ने इसकी दूसरी वजह बताते हुए कहा कि मुस्लिम बहुल इलाकों में हिन्दुओं पर बड़ा दबाव बनाया जाता है और उस दबाव से टूट कर वो उस जगह को छोड़ देते हैं।

भाजपा विधायक ने इसे पलायन का नाम दिया और बताया कि एक वर्ग विशेष के लोग ऐसे पलायन कर रहे हिन्दुओं की जमीनें खरीद कर न सिर्फ अमीर बन रहे हैं, बल्कि कई अन्य गतिविधियों को भी संचालित कर रहे हैं।

वर्ग विशेष ने यहाँ आबादी के संतुलन को ध्वस्त किया

विधायक कैलाशनाथ शुक्ला ने हमें बताया कि उनका जन्म उसी सीमावर्ती क्षेत्र में हुआ है और उनके बचपन में हिन्दू-मुस्लिम आबादी संतुलन में हुआ करती थी। उन्होंने बताया कि एक वर्ग विशेष की जनसंख्या तेजी से बढ़ी है और अब नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में पुराना संतुलन ध्वस्त हो चुका है। विधायक के मुताबिक अब सीमा के इलाकों में लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी घटनाएँ सामने आने लगी हैं।

प्रशासन भी इन हालातों का जिम्मेदार

सबसे पहले अपने खुद की भी अनदेखी और गलती मानते हुए भाजपा विधायक ने स्थानीय प्रशासन को भी नेपाल सीमा पर बने वर्तमान हालातों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासनिक लोग चौकन्ने होते या उन्होंने अपनी जिम्मेदारी का सही से निर्वहन किया होता तो आज भारत-नेपाल सीमा पर ऐसे हालत न बने होते। भाजपा MLA ने कहा कि वो इस बाबत जिले के और प्रदेश के अधिकारियों से बात करेंगे और फिलहाल बन रहे हालातों के समाधान के बारे में अधिकतम प्रयास करेंगे।

हर नई बनी इबादतगाह को घोषित कर दिया जाता है पुराना, पहले जैसा भाईचारा और सौहार्द अब इलाके में नहीं

कैलाशनाथ शुक्ला ने कहा कि सीमाओं पर पहले तो पता ही नहीं चल पाता और जब नई मस्जिद या मदरसा बन कर तैयार हो जाता है तो उसे बहुत पुराना घोषित किया जाने लगता है। उन्होंने कहा कि अब वो जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से बात कर के इसकी मॉनिटरिंग भी करवाएँगे और ‘चेक एन्ड बैलेंस’ के भाव से काम करवाएँगे।

विधायक कैलाशनाथ शुक्ला ने कहा कि उनके बचपन में जो भाईचारा और सौहार्द समाज में हुआ करता था वो अब नहीं दिखाई देता है। विधायक के अनुसार, पहले हिन्दू भी मुस्लिमों के त्यौहार में चंदा देते थे और इस दिन मुस्लिम से ज्यादा हिन्दू ख़ुशी मनाते थे। कैलाशनाथ ने कहा कि अब एक वर्ग विशेष में संवेदनहीतना आ चुकी है और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का प्रयास उसी वर्ग विशेष द्वारा किया जा रहा है।

पूरी प्लानिंग से बनाई जाती हैं मज़ारें, नेपाल से जुडी हर हरकत का प्रभाव भारत में पड़ेगा

भाजपा विधायक ने बताया कि मजारों को बनाने के लिए पूरी प्लानिंग की जाती है। उन्होंने कहा कि पहले खाली पड़ी जमीन देखी जाती और बाद में उसको घेर कर वहाँ अगरबत्ती आदि जलाना शुरू कर दिया जाता है। भाजपा MLA ने आगे बताया कि बाद में उस जगह अवैधानिक जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है।

भाजपा विधायक कैलाशनाथ ने सीमा के उस पार नेपाल में बढ़ रही भारत विरोधी गतिविधियों पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि नेपाल में जो कुछ भी होगा। उसका असर भारत में जरूर पड़ेगा। विधायक शुक्ला के मुताबिक, नेपाल की भारत से लगती खुली सीमा को पाकिस्तानियों और बांग्लादेशियों के द्वारा दुरुपयोग की भी संभावना बनी रहती है।

पढ़ें पहली रिपोर्ट : कभी था हिंदू बहुल गाँव, अब स्वस्तिक चिह्न वाले घर पर 786 का निशान: भारत के उस पार भी डेमोग्राफी चेंज, नेपाल में घुसते ही मस्जिद, मदरसा और इस्लाम – OpIndia Ground Report

पढ़ें दूसरी रिपोर्ट : घरों पर चाँद-तारे वाले हरे झंडे, मस्जिद-मदरसे, कारोबार में भी दखल: मुस्लिम आबादी बढ़ने के साथ ही नेपाल में कपिलवस्तु के ‘कृष्णा नगर’ पर गाढ़ा हुआ इस्लामी रंग – OpIndia Ground Report

पढ़ें तीसरी रिपोर्ट : नेपाल में लव जिहाद: बढ़ती मुस्लिम आबादी और नेपाली लड़कियों से निकाह के खेल में ‘दिल्ली कनेक्शन’, तस्कर-गिरोह भारतीय सीमा पर खतरा – OpIndia Ground Report

पढ़ें चौथी रिपोर्ट : बौद्ध आस्था के केंद्र हों या तालाब… हर जगह मजार: श्रावस्ती में घरों की छत पर लहरा रहे इस्लामी झंडे, OpIndia Ground Report

पढ़ें पाँचवीं रिपोर्ट : महाराणा प्रताप के साथ लड़ी थारू जनजाति बहुल गाँव में 3 मस्जिद, 1 मदरसा: भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी का ये है ‘पैटर्न’ – OpIndia Ground Report

पढ़ें छठी रिपोर्ट : बौद्ध-जैन मंदिरों के बीच दरगाह बनाई, जिस मजार को पुलिस ने किया ध्वस्त… वो फिर चकमकाई: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी – OpIndia Ground Report

पढ़ें सातवीं रिपोर्ट : हनुमान गढ़ी की जमीन पर कब्जा, झारखंडी मंदिर सरोवर में ताजिया: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी, असर UP के बलरामपुर में – OpIndia Ground Report

पढ़ें आठवीं रिपोर्ट : पुरातत्व विभाग से संरक्षित जो जगह, वहाँ वक्फ की दरगाह-मजार: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी, मुसीबत में बौद्ध धर्मस्थल – OpIndia Ground Report

पढ़ें नौवीं रिपोर्ट : 2 मीनारों वाली मस्जिदें लोकल, 1 मीनार वाली अरबी पैसे से… लगभग हर गाँव में मदरसे: नेपाल बॉर्डर के मौलाना ने बताया इसमें कमीशन का खेल – OpIndia Ground Report

पढ़ें दसवीं रिपोर्ट : SSB बेस कैंप हो या सड़क, गाँव हो या खेत-सुनसान… हर जगह मस्जिद-मदरसे-मजार: UP के बलरामपुर से नेपाल के जरवा बॉर्डर तक OpIndia Ground Report

पढ़ें 11वीं रिपोर्ट : हिंदू बच्चों का खतना, मंदिर में शादी के बाद लव जिहाद और आबादी असंतुलन के साथ बढ़ते पॉक्सो मामले: नेपाल बॉर्डर पर बलरामपुर जिले में OpIndia Ground Report

पढ़ें 12वीं रिपोर्ट : गाँवों में अरबी-उर्दू लिखे हुए नल, UAE के नाम की मुहर: ज्यादा दाम देकर जमीनें खरीद रहे नेपाली मुस्लिम – OpIndia Ground Report

पढ़ें 13वीं रिपोर्ट : नए बने ओवरब्रिज के नीचे मज़ार-कर्बला, सड़क किनारे मस्जिद-मदरसे-दरगाह: नेपाल के बढ़नी बॉर्डर हाइवे पर ‘हरा रंग’ हावी – OpIndia Ground Report

पढ़ें 14वीं रिपोर्ट : 4 और 14 वाली नीति से एकतरफा बढ़ रही आबादी… उस गाँव में मस्जिद बनाने की कोशिश, जहाँ नहीं एक भी मुस्लिम’ : UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 15वीं रिपोर्ट: फ़ारसी में ‘गरीब नवाज स्कूल’ का बोर्ड, उस पर बने चाँद-तारे… घरों-दुकानों में लहरा रहे इस्लामी झंडे, सड़क से सटी हुई मजारें: UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 16वीं रिपोर्ट: ’10 km में 20 गाँव मुस्लिम बहुल, हिन्दू दब कर मनाते हैं अपने त्योहार’: नेपाल सीमा के ग्राम प्रधान ने बताया – गरीब दिखने वाले मुस्लिमों के पास भी बहुत पैसे: UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 17वीं रिपोर्ट: 150 मदरसे, 200 मस्जिदें… नेपाल सीमा से 15 km के दायरे का हाल, जानिए बॉर्डर के उन गाँवों की स्थिति जो बन गए हैं मुस्लिम बहुल: UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 18वीं रिपोर्ट: ‘संयुक्त अरब अमीरात एसोसिएशन’ के नल से UP-नेपाल बॉर्डर पर पानी, सिद्धार्थनगर का मुस्लिम बहुल बाजार डुमरियागंज है सप्लायर: OpIndia Ground Report

पढ़ें 19वीं रिपोर्ट: ‘नेपाल से अपराधी को पकड़ कर लाना Pak से लाने के बराबर’: सीमा पर तैनात रहे DSP ने बताया – नेपाल पुलिस नहीं दिखाती हमारे जैसी सक्रियता – OpIndia Ground Report

पढ़ें 20वीं रिपोर्ट: रामजन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष का मंदिर लैंड जिहाद का शिकार: बॉर्डर UP-नेपाल का… लेकिन जमीन कब्जा के लिए फिलिस्तीनी मॉडल – OpIndia Ground Report

पढ़ें 21वीं रिपोर्ट: ‘मस्जिद-मदरसे-मजार हैं ठिकाने, बाहरी लोगों से भरे पड़े’ : भारत-नेपाल बॉर्डर के 5 Km दोनों तरफ साजिश की पट्टी – OpIndia Ground Report

मारपीट करता था शराबी शौहर शोएब, तीन तलाक देकर घर से निकाला तो रुबीना ने कर ली घर-वापसी: नया जीवनसाथी भी मिला, मंदिर में रचाई शादी

उत्तर प्रदेश के बरेली में रुबीना नामक मुस्लिम महिला के घर-वापसी कर हिन्दू लड़के से शादी रचाने का मामला सामने आया है। रुबीना का कहना है कि उसका पूर्व शौहर शराब के नशे में उससे मारपीट करता था। एक दिन उसने नशे में ही ‘तीन तलाक’ दे कर घर से निकाल दिया। इसके बाद उसने हिन्दू धर्म अपना कर अपने दोस्त से विवाह किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रामपुर निवासी रुबीना का निकाह 9 साल पहले उत्तराखंड के रहने वाले शोएब से हुआ था। शादी के बाद दोनों में आए दिन झगड़ा और मारपीट होने लगी। शोएब शराब के नशे में हर रोज रुबीना के साथ मारपीट करने लगा। करीब एक हफ्ते पहले वह फिर से शराब के नशे में मारपीट कर रहा था। इसी दौरान उसने तीन तलाक देते हुए रुबीना को घर से निकाल दिया। रुबीना के तीन बेटे हैं, इनमें सबसे बड़ा 8, दूसरा 6 और छोटा बेटा 4 साल का है।

रुबीना का कहना है कि शोएब द्वारा तीन तलाक दिए जाने और घर से निकालने के बाद वह बिल्कुल अकेली हो गई थी। उसे एक नए जीवनसाथी की तलाश थी। 5 साल पहले उसकी दोस्ती प्रेमपाल से हुई थी। पति के अत्याचार की दास्तान प्रेमपाल को पहले ही पता थी। तीन तलाक के बाद रुबीना ने प्रेमपाल से शादी करने की इच्छा जताई, जिस पर प्रेमपाल भी तैयार हो गया।

इसके बाद दोनों ने बरेली के मढ़ीनाथ स्थित एक मंदिर में जाकर घरवालों की मर्जी से शादी कर ली है। शादी से पहले रुबीना ने ‘घर-वापसी’ भी कर ली है और अब उसने अपना नाम पुष्पा रखा है। वहीं, दूसरी तरफ प्रेमपाल के परिवार वालों ने भी दोनों की शादी को स्वीकार कर लिया है।

प्रेमपाल का कहना है, “मेरी रुबीना के साथ शादी हुई है। इनके पति से मेरी जान पहचान थी। कभी-कभी मैं उनके घर भी जाता था। इनके पति इन्हें बहुत परेशान करते थे, मारते थे और नशा भी करते थे। इनसे जब बात हुई तो इन्होंने सब कुछ बताया। फिर हम दोनों ने यह फैसला लिया है कि हम शादी कर लें।”

रुबीना धर्म परिवर्तन कर पुष्पा तो बन गई है और उसने धर्मपाल से शादी भी कर ली है, लेकिन उसका कहना है कि उसका पूर्व शौहर उसे जान से मारने की धमकियाँ दे रहा है। रुबीना उर्फ पुष्पा को डर है कि यदि उसे पुलिस की सुरक्षा नहीं मिलती है, शोएब कभी भी उसको जान से मार सकता है।

‘40% कार्बन उत्सर्जन के लिए पुरुष जिम्मेदार, उनके साथ सेक्स करना बंद कर दो’: PETA की अपील – ‘Sex Strike’ पर चली जाएँ महिलाएँ

पशु अधिकारों के लिए काम करने का दावा करने वाली संस्था PETA ने महिलाओं से अपील की है कि वो मांसाहारी पुरुषों के साथ रोमांस या सेक्स न करें। PETA की अधिकारी डॉक्टर कैरिज बेनेट ने दावा किया कि पुरुषों का कार्बन फूटप्रिंट 40% ज्यादा है, क्योंकि वो महिलाओं के मुकाबले ज्यादा मांस का सेवन कर रहे हैं। संस्था के अनुसार, जर्मनी में लड़कियों से कहा जा रहा है कि वो अपने बॉयफ्रेंड या पति के साथ तब तक सेक्स न करें, जब तक वो मांस का सेवन करने न छोड़ दें।

डॉक्टर बेनेट ने ‘टाइम्स रेडियो’ से बात करते हुए कहा, “पुरुषों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। प्रत्येक वर्ष हम 100 करोड़ मुर्गे, गाय और सूअर को मार डालते हैं। महिलाओं को पुरुषों के खिलाफ ‘सेक्स स्ट्राइक’ कर देना चाहिए। ग्रीनहाउस गैस के 40% उत्सर्जन के लिए ये पुरुष ही जिम्मेदार हैं। महिलाओं को मांसाहारी पुरुषों के साथ सेक्स नहीं करना चाहिए। सेक्स को एक माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।”

PETA ने कहा है कि सब-अर्बन पुरुषों के बारे में सब सबको पता है कि वो एक हाथ में बियर रखे रहते हैं और अपने महँगे गैस चूल्हे पर मांस पकाते रहते हैं। ईद-बकरीद पर बकरे काटे जाने पर चुप रहने वाली संस्था ने कहा कि ये पुरुष सोचते हैं कि वो मांस खाने की क्षमता से ही दुनिया के सामने अपनी ‘Masculinity (मर्दानगी)’ साबित करेंगे। PETA ने दावा किया कि ये पुरुष न सिर्फ जानवर, बल्कि इस पूरी पृथ्वी को नुकसान पहुँचा रहे हैं।

हालाँकि, यही PETA भारत में लंपी वायरस से गायों की हो रही मौतों पर चुप है और पीड़ित पशुओं के लिए कुछ नहीं कर रहा है। एक भी PETA कार्यकर्ता या अधिकारी को पीड़ित गायों की सेवा करते हुए नहीं देखा गया, जबकि इस बीमारी से 60,000 से अधिक गोवंशों की मौत हो चुकी है। उधर ऑस्ट्रेलिया में PETA की एक अधिकारी ने तो यहाँ तक दावा कर दिया कि डेटिंग एप्स पर पुरुषों को ज्यादा मैच मिलते हैं। ‘सेक्स स्ट्राइक’ पर उन्होंने कहा ये एक चर्चा की शुरुआत भर है और संस्था को कोई मतलब नहीं है कि आप अपने बेडरूम में क्या करते हैं।

‘जो Pak से नहीं हुआ वो गहलोत ने कर दिया’ : राजस्थान में हिंगलाज माता के मंदिर में नवरात्रि से पहले धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध, पुलिस ने जारी किया नोटिस

राजस्थान के बारमेड़ में नवरात्रि से ठीक पहले पुलिस ने हिंगलाज माता मंदिर के प्रशासन को नोटिस देकर बताया है कि वो बिन अनुमति के मंदिर के भीतर किसी प्रकार की धार्मिक गतिविधियों का आयोजन नहीं कर सकते। पत्र में मंदिर प्रशासन से किसी भी धार्मिक कार्य के आयोजन के लिए पहले अनुमति लेने को कहा गया है।

घटना के बारे में पूर्व सांसद तरुण विजय ने ट्वीट करके बताया है। उन्होंने कॉन्ग्रेस पर धार्मिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का आरोप लगाते हुए कहा, “ये हिंदुओं के लिए काला दिन है। जो बाजवा और शहबाज ने बलूचिस्तान के हिंगलाज माता मंदिर में नहीं किया वो गहलोत राजस्थान के हिंगलाज माता के मंदिर में कर रहे हैं। जितना हो सके उतना प्रदर्शन करिए।”

तरुण विजय द्वारा शेयर पत्र में बाड़मेर कोतलाली के एसएचओ के हस्ताक्षर हैं और ऊपर 23 सितंबर 2022 की डेट है। इस पत्र में ऐसे फैसले के पीछे कारण दिया गया है कि मंदिर के संबंध में खन्नी समाज में आपसी गुटबाजी को लेकर विवाद है, जो कभी भी उग्र हो सकता है और शांति भंग हो सकती है। ऐसी स्थिति में जब तक विवाद पूरा खत्म नहीं होता तब तक मंदिर में कोई धार्मिक कार्य न हो। अगर इस आदेश के बाद भी कोई कार्यक्रम आयोजित करना है तो उसके लिए अनुमति लेनी होगी।

बता दें कि इस वर्ष नवरात्रि 26 सितंबर से 5 अक्टूबर तक मनाई जानी है। सदियों से देश विदेश के हर हिंदू मंदिर में इन नौ दिनों को उल्लास से मनाया जाता रहा है। इन नौ दिन में माँ दुर्गा की पूजा हर जगह होती है। वहीं कई जगह रामलीला व दशहरा का आयोजन भी होता है।

अब ऐसे महत्वपूर्ण त्योहार के मौके पर राजस्थान पुलिस ने ऐसा फैसला दिया है जिसे जानने के बाद लोग मंदिर प्रशासन से कोर्ट जाने को कह रहे हैं। सोशल मीडिया पर सवाल हो रहा है कि एक ओर ‘भारत जोड़ो’ के नाम पर राहुल गाँधी यात्रा कर रहे हैं और दूसरी ओर उन्हीं की सरकार रहते हुए हिंदुओं के साथ ऐसा भेदभाव हो रहा है।

शराब, बस और टॉयलेट के बाद दिल्ली में ₹20 करोड़ का पानी घोटाला, LG ने दिए जाँच के आदेश: मनीष सिसोदिया के हाथों में है जल बोर्ड की कमान

दिल्ली में शराब, बस और टॉयलेट घोटाले के बाद अब AAP सरकार पर जल घोटाले का आरोप लगा है। दिल्ली के उप-राज्यपाल ने वीके सक्सेना ने 20 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में ‘दिल्ली जल बोर्ड’ के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ-साथ उन्होंने मुख्य सचिव से 15 दिन में कार्रवाई की रिपोर्ट भी माँगी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ,दिल्ली के उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना (LG Vinai Kumar Saxena) ने शनिवार (24 सितंबर, 2022) को ये निर्णय लिया। आरोप यह भी है कि इस घोटाले की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी, जब प्रदेश में कॉन्ग्रेस की सरकार थी। इसके बाद आम आदमी पार्टी की सरकार बनी और तब से ही ‘दिल्ली जल बोर्ड’ AAP सरकार के अधीन है।

बताते चलें कि दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) में चल रहे घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पिछले काफी समय से दिल्ली सरकार (Delhi Government) पर आरोप लगा रही है। वहीं इस मामले में कई बैंक कर्मचारियों के भी शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। इसके साथ-साथ इस घोटाले को लेकर आरोप है कि केजरीवाल सरकार के अधीन ‘दिल्ली जल बोर्ड’ के कई अधिकारी भी शामिल है।

ऐसे हुआ घोटाला

एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सरकार पर यह आरोप है कि वर्ष 2012 से लेकर 2019 के बीच उपभोक्ताओं से इकट्ठा किए गए लगभग 20 करोड़ रुपए की बिल राशि DJB के खाते में नहीं पहुँचाई है। बताया जा रहा है कि ‘दिल्ली जल बोर्ड’ ने उपभोक्ताओं से बिल रिकवरी करने की जिम्मेदारी कॉर्पोरेशन बैंक (Corporation Bank) को 2012 में सौंपी थी।

इसके बाद कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन करते हुए बैंक ने ये काम एक प्राइवेट कंपनी दे दिया। इस प्रक्रिया के कारण कई सालों तक उपभोक्ताओं से ली गई पानी के बिल की धन राशि प्राइवेट बैंक के खाते में जाती रही, जबकि उसे दिल्ली जल बोर्ड के बैंक खातों में जाना चाहिए था। उप-राज्यपाल कार्यालय के मुताबिक, 2012-2019 के बीच कुल 20 करोड़ रुपए दिल्ली जल बोर्ड के खाते में आने चाहिए थे, लेकिन वे नहीं पहुँचे।

वहीं इस मामले में ‘दिल्ली जल बोर्ड’ के उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज (DJB Vice President Saurabh Bhardwaj) ने दावा किया कि दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री और जल बोर्ड के चेयरमेन मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने इस मामले में कुछ दिनों पहले ही जाँच करने के लिए आदेश जारी किए थे और DJB के CEO को अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए थे।

बस, शराब और टॉयलेट घोटाले का भी AAP पर आरोप

गौरतलब है कि दिल्ली की आम आदमी सरकार पर पहले से ही DTC बस घोटाला, शराब घोटाला और टॉयलेट घोटाले का आरोप है। हाल ही में दिल्ली कॉन्ग्रेस के नेताओं द्वारा डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर टॉयलेट घोटाले के आरोप लगाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार शहर में सार्वजनिक शौचालयों का प्रबंधन गैर सरकारी संगठनों की जगह एक प्रतिबंधित कंपनी को सौंपने की योजना बना रही है।

अब नए जल घोटाले को लेकर दिल्ली भाजपा ने भी AAP को घेरा है। भाजपा सांसद प्रवेश साहिब सिंह ने ट्वीट कर लिखा, “DTC बस घोटाला, क्लास रूम घोटाला, शराब घोटाला, वक्क बोर्ड घोटाला और अब जल बोर्ड में एक और नया घोटाला और कितना पैसा हड़पोगे केजरीवाल! दिल्ली के उप-राज्यपाल द्वारा मुख्य सचिव दिल्ली को DJB के अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ ₹20 करोड़ के कथित गबन के लिए FIR दर्ज करने का आदेश दिया हैं।”