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‘सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल निजी हितों के लिए किया, देश का नुकसान’: ED ने संजय राउत की बेल का किया विरोध, कहा- सबूतों से कर सकते हैं छेड़छाड़

मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) मामले में जेल में बंद शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत (Shiv Sena MP Sanjay Raut) की जमानत का प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने कोर्ट में विरोध किया है। राउत ने जमानत के लिए धनशोधन रोकथाम कानून (PMLA) संबंधी मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत में अर्जी दाखिल की थी।

प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट में कहा कि संजय राउत का मामला सार्वजनिक धन के दुरुपयोग से जुड़ा है और उन्होंने इसका उपयोग निजी लाभ के लिए किया था। ED ने कहा, “वर्तमान मामले में आर्थिक अपराध के कारण सार्वजनिक धन की भारी हानि होती है और देश की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए इस मामले में राहत देना उचित नहीं है।”

केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि राउत बचने के लिए पर्दे के पीछे से काम कर रहे थे और उन्होंने अपने प्रॉक्सी और सहयोगी प्रवीण राउत के माध्यम से अपराध में एक प्रमुख भूमिका निभाई। एजेंसी ने परियोजना में बिक्री से प्राप्त आय और कुछ नहीं, बल्कि अपराध की आय है।

ED ने कोर्ट में कहा कि राउत ने झूठे दावे किए थे कि इमारत के एक हिस्से की बिक्री के लिए अनुमति दी गई थी, जबकि किसी भी बिक्री के लिए कोई स्पष्ट अनुमति नहीं दी गई थी। जाँच शुरू होने के बाद याचिकाकर्ता ने फ्लैट की खरीद के लिए 55 लाख रुपए का भुगतान किया था।

ईडी ने कहा कि राउत बहुत प्रभावशाली और शक्तिशाली व्यक्ति हैं और अगर उन्हें जमानत पर रिहा किया जाता है तो वह सबूतों को प्रभावित और उससे छेड़छाड़ कर सकते हैं। ईडी के अधिकारियों ने कहा कि राउत द्वारा गवाहों को धमकी देने के उदाहरण भी हैं।

वहीं, राउत ने अपनी जमानत अर्जी में दावा किया कि उनके खिलाफ ईडी का मामला सत्तारूढ़ दल द्वारा विपक्ष को कुचलने के लिए दायर किया गया था। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अपराध की आय के रूप में दिखाए गए 1.06 करोड़ रुपए की हिसाब-किताब दे दिया गया है।

बता दें कि संजय राउत को पात्रा चॉल मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस घोटाले की शुरुआत साल 2007 में हुई थी। तब, महाराष्ट्र हाउसिंग एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) की 47 एकड़ जमीन पर 672 किराएदार रहते थे। इन्हीं 672 किराएदारों के पुनर्वास के लिए पात्रा चॉल परियोजना के तहत चॉल के विकास का काम प्रवीण राउत की कंपनी गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन और हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को सौंपा गया।

कॉन्ट्रैक्ट में कहा गया था कि 47 एकड़ पर जो बिल्डिंग बनेगी उसके 672 फ्लैट चॉल के किराएदारों को देने होंगे और तीन हजार फ्लैट एमएचडीए को हैंडओवर करने होंगे। बाद में जो जमीन बचेगी उसे बेचने और विकसित करने के लिए भी अनुमति जरूरी होगी। अब चॉल विकास के कॉन्ट्रैक्ट में सब चीजें तय थीं। लेकिन घोटाले की शुरुआत तब हुई जब कंपनी ने न तो इस जगह का विकास किया और न किराएदारों को मकान दिए और न ही MHADA को फ्लैट हैंडओवर किए।

‘सरकार सत्ता में आई तो तुझे सबक सिखाएँगे’: गुजरात में AAP के कार्यकर्ताओं ने मंदिर के ट्रस्टी को धमकाया, पोस्टर नहीं चिपकाने दिया तो गार्ड को भी पीटा

गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी अपना प्रचार करने में जुटी हुई है। इसी बीच खबर आई है कि प्रचार के दौरान पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक मंदिर के ट्रस्टी को धमकाया और सुरक्षाकर्मी से मारपीट की। ट्रस्टी और मंदिर के गार्ड ने उन्हें दीवार पर पोस्टर चिपकाने से मना किया था। अब इस मामले में थाने में शिकायत दर्ज हुई है।

शिकायतकर्ता का नाम दीपाराम प्रजापति (उम्र 69 वर्ष) है। वह अहमदाबाद के मेमनगर की चंद्रलोक सोसायटी सुभाष चौक के पास रहते हैं। उन्होंने बुधवार (14 सितंबर 2022) को आम आदमी पार्टी के तीन अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि मंदिर के सामने वाली दीवार पर पार्टी पोस्टर चिपकाने से मना करने पर उन्हें AAP कार्यकर्ताओं द्वारा धमकाया गया।

मंदिर के ट्रस्टी दीपाराम प्रजापति ने बताया कि 1992 से वह सोला में रामपीर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। 4 सितंबर को उन्होंने मंदिर के अंदर बैठे हुए कुछ लोगों को पूजा करने वाले स्थान के सामने एक दीवार पर ‘आप’ के पोस्टर चिपकाते हुए देखा। मंदिर के सुरक्षा गार्ड ने उन्हें आगाह किया कि वे मंदिर के सामने पोस्टर न लगाएँ।

ट्रस्टी के मुताबिक ‘आप’ के गुंडों ने सुरक्षाकर्मी से मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान स्वयं प्रजापति ने भी कार्यकर्ताओं को पोस्टर न लगाने को बोला। जिसके बाद वे लोग चले गए। लेकिन शाम में करीब 5.30 बजे वह दोबारा दो-तीन अज्ञात लोगों के साथ मंदिर कार्यालय आए। उन लोगों ने खुद को ‘आप’ का सदस्य बताया और धमकी देना शुरू किया।

प्रजापति के मुताबिक, पोस्टर चिपकाने की अनुमति नहीं देने के कारण उन्हें धमकाया गया। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा, “उन्होंने मुझे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी और कहा कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आई तो वे मुझे सबक सिखाएँगे।” सोला पुलिस ने इस केस को आपराधिक अतिचार, धमकी, अभद्र भाषा और उकसाने की धाराओं में दर्ज किया है और आरोपितों की पहचान के लिए जाँच भी शुरू कर दी गई है।

भाजपा के कार्यकर्ताओं पर भी हमला

गौरतलब है कि मंगलवार (13 सितंबर) को अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी के समर्थकों ने भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा के एक कार्यकर्ता पर चाकू से हमला कर दिया था। घटना गुजरात के अहमदाबाद शहर के गोमतीपुर उपनगर की थी। इस घटना में पवन तोमर नामक एक व्यक्ति की जान भी चली गई।

‘प्रकृति की सुरक्षा से सुरक्षित होता है हमारा भविष्य’: PM मोदी ने नेशनल पार्क में छोड़े नामीबिया से आए चीते, कहा – जो कड़ी टूट गई थी…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शनिवार (17 सितंबर, 2022) को मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में ‘प्रोजेक्ट चीता’ (Project Cheetah) लॉन्च किया है। इस प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत नामीबिया से कुल 8 चीते भारत लाए गए हैं। इनमें 5 मादा व 3 नर हैं। पीएम मोदी ने इनमें से तीन चीतों के बॉक्स को खोलकर बाड़े में छोड़ा है। इस प्रोजेक्ट के लॉन्चिंग कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि सदियों पुरानी जो कड़ी टूट गई थी, उसे फिर से जोड़ने का मौका मिला है।

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा, “दशकों पहले, जैव-विविधता की सदियों पुरानी जो कड़ी टूट गई थी, विलुप्त हो गई थी, आज हमें उसे फिर से जोड़ने का मौका मिला है। आज भारत की धरती पर चीता लौट आए हैं। मैं ये भी कहूँगा कि इन चीतों के साथ ही भारत की प्रकृति-प्रेमी चेतना भी पूरी शक्ति से जागृत हो उठी है। मैं हमारे मित्र देश नामीबिया और वहाँ की सरकार का भी धन्यवाद करता हूँ जिनके सहयोग से दशकों बाद चीते भारत की धरती पर वापस लौटे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “ये दुर्भाग्य रहा कि हमने 1952 में चीतों को देश से विलुप्त तो घोषित कर दिया, लेकिन उनके पुनर्वास के लिए दशकों तक कोई सार्थक प्रयास नहीं हुआ। आज आजादी के अमृत काल में अब देश नई ऊर्जा के साथ चीतों के पुनर्वास के लिए जुट गया है। ये बात सही है कि जब प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण होता है तो हमारा भविष्य भी सुरक्षित होता है। विकास और समृद्धि के रास्ते भी खुलते हैं। कुनो नेशनल पार्क में जब चीता फिर से दौड़ेंगे, तो यहाँ का ग्रास लैंड इकोसिस्टम फिर से रिस्टोर होगा, बायो डायवर्सिटी और बढ़ेगी।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि कुनो नेशनल पार्क में छोड़े गए चीतों को देखने के लिए देशवासियों को कुछ महीने का धैर्य दिखाना होगा, इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि आज ये चीते मेहमान बनकर आए हैं, इस क्षेत्र से अनजान हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कुनो नेशनल पार्क को ये चीते अपना घर बना पाएँ, इसके लिए हमें इन चीतों को भी कुछ महीने का समय देना होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों पर चलते हुए भारत इन चीतों को बसाने की पूरी कोशिश कर रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक और पर्यावरण, पर्यावरण और पक्षी, भारत के लिए ये स्थिरता और सुरक्षा के विषय हैं। हमारे लिए ये संवेदनशीलता और आध्यात्मिकता का भी आधार हैं। उन्होंने कहा कि आज 21वीं सदी का भारत, पूरी दुनिया को संदेश दे रहा है कि अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी कोई विरोधाभाषी क्षेत्र नहीं है। बकौल पीएम मोदी, पर्यावरण की रक्षा के साथ ही, देश की प्रगति भी हो सकती है, ये भारत ने दुनिया को करके दिखाया है।

प्रोजेक्ट चीता पर बोलते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारे यहाँ एशियाई शेरों की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि कैसेआज गुजरात देश में एशियाई शेरों का बड़ा क्षेत्र बनकर उभरा है। पीएम ने कहा, इसके पीछे दशकों की मेहनत, रिसर्च बेस्ड पॉलिसीज और जन-भागीदारी की बड़ी भूमिका है। टाइगर्स की संख्या को दोगुना करने का जो लक्ष्य तय किया गया था, उसे समय से पहले हासिल किया है। असम में एक समय एक सींग वाले गैंडों का अस्तित्व खतरे में पड़ने लगा था, लेकिन आज उनकी भी संख्या में वृद्धि हुई है। हाथियों की संख्या भी पिछले वर्षों में बढ़कर 30 हजार से ज्यादा हो गई है।”

जुनैद और सोहेल ने कबूला दोनों लड़कियों के बलात्कार और गला घोंट कर हत्या का अपराध, NSA लगा सकती है पुलिस: लखीमपुर खीरी की घटना पर CM योगी सख्त

यूपी के लखीमपुर खीरी में 2 दलित युवतियों के बलात्कार और हत्या के मामले में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ-साथ पुलिस उन पर ‘राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)’ लगाने का विचार भी कर रही है। वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी दोषियों के साथ सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लखीमपुर खीरी के पुलिस अधीक्षक (SP) संजीव सुमन ने शुक्रवार (16 सितंबर, 2022) को बताया कि पुलिस इन सभी 6 आरोपितों पर रासुका लगाने पर विचार कर रही हैं। बता दें ‘राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम’ बिना किसी आरोप के भी किसी व्यक्ति को एक वर्ष तक हिरासत में रखने की अनुमति देता है, अगर पुलिस को ऐसा लगता हो कि उक्त व्यक्ति कानून-व्यवस्था के लिए खतरा है। पुलिस के मुताबिक, 6 आरोपितों और दोनों लड़कियों के डीएनए सैम्पल जाँच के लिए भेजे जा चुके हैं।

इस दौरान एसपी सुमन ने यह भी बताया कि इस घटना के मुख्य आरोपित जुनैद और सोहेल ने दोनों बहनों से पहले बलात्कार करने और उसके बाद उनकी गला घोंटना हत्या कर देने की बात भी कबूली है। दोनों आरोपित मजदूरी करके गुजारा करते हैं। सुमन का कहना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपितों में से कोई भी नाबालिग नहीं हैं। इनमें से एक आरोपित के परिजनों ने उसके नाबालिग होने का दावा किया था।

सीएम योगी ने पीड़ित परिवार को दिया सहयोग

बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से इस घटना को लेकर एक ट्वीट किया गया। इसमें कहा गया, “उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हत्या के इस मामले में फास्‍ट ट्रैक कोर्ट में प्रभावी पैरवी कर एक माह के भीतर दोषियों को उनके कृत्‍य की सजा दिलाई जाएगी।” वहीं योगी आदित्यनाथ ने यह निर्देश भी दिया था कि मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता, एक पक्का घर और कृषि भूमि दी जाए।

गौरतलब है कि पीड़ित परिवार ने घटना के बाद दोनों बहनों का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। पीड़ित परिवार प्रशासन द्वारा लिखित में 5 वादे करने के बाद अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को पहले वादे में कहा कि SC-ST एक्ट के तहत दोनों मृतक लड़कियों के परिजनों को 8-8 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।

दूसरे वादे में ‘रानी लक्ष्मीबाई योजना’ के तहत मान्य राशि अभियोग के विवेचना की समाप्ति के तुरंत बाद दे दिया जाएगा। तीसरे वादे में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत पीड़ित परिवार को घर दिया जाएगा। चौथे वादे में नौकरी एवं अन्य आर्थिक सहायता के लिए शासन को जल्दी ही आवेदन भेजने की बात कही गई है। वहीं 5वें वादे में आरोपितों को फाँसी की सजा दिलाने के लिए मामले की सुनवाई फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया गया है।

‘1 दिन में 10-15 लोगों ने किया मेरा रेप’: गुरुग्राम के स्पा सेंटर की 14 साल की नाबालिग ने खोली सच्चाई, सद्दाम-रुबेल समेत 4 पर FIR

हरियाणा के गुरुग्राम (Gurugram, Haryana) स्थित एक स्पा सेंटर (Spa Centre) में 14 साल की एक किशोरी का रेप करने के बाद ब्लैकमेल कर उससे जबरन देह व्यापार कराने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी जब परिजनों को लगी तो इस संबंध में थाने में मामला दर्ज कराया।

मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली 14 साल की नाबालिग की पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह नौकरी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान उसे एक महिला मिली और उसे गुरुग्राम के सोहना रोड स्थित किंग स्पा सेंटर में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी दिलाने की बात कही। जरूरत को देखते हुए लड़की तैयार हो गई।

नाबालिग वहाँ नौकरी करने के लिए जाने लगी। तीन-चार दिन बीतने के बाद एक दिन स्पा सेंटर में साथ बलात्कार किया गया और उसका वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया जाने लगा। उसे तीन-चार युवकों के साथ अंदर जाने के लिए कहा गया। जब लड़की ने मना किया तो उसे जबरन कमरे में भेज दिया गया।

इसके बाद किशोरी के साथ कई लोगों ने रेप किया। इस दौरान स्पाई कैमरे से स्पा सेंटर संचालक ने किशोरी का वीडियो भी बना लिया। हालात को देखकर जब किशोरी ड्यूटी पर आने से इनकार किया तो आरोपित ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसको ब्लैकमेल करने लगे।

पीड़िता के अनुसार, “उन्होंने धमकी दी कि वह वीडियो को वायरल कर देंगे। इससे मैं बहुत डर गई थी और अगले 4-5 दिनों तक स्पा सेंटर गई। इस दौरान मेरे साथ कई लोगों ने रेप किया। किसी-किसी दिन 10 से 15 लोग मेरा रेप करते थे।” लड़की ने कहा कि उसे देह व्यापार में धकेला जा रहा था।

इस घटना के बाद पीड़िता सदमे में आ गई और हिम्मत जुटाकर स्पा जाना बंद कर दिया। हालाँकि, आरोपित महिला, सेंटर के संचालक और उसके साथी उसे लगातार कॉल करते रहे। एक दिन उसे एक होटल में ले गए और वहाँ पर उसे बुरी तरह पीटा।

इसके बाद लड़की सदमे में आ गई और गुमसुम रहने लगी। घरवालों ने जब लड़की की हालत देखी तो उससे इसके बारे में पूछा। इसके बाद लड़की ने पूरी घटना परिजनों को बता दी। इसके बाद परिजन उसे महिला थाना ईस्ट लेकर गए और वहाँ मामला दर्ज कराया।

लड़की की तहरीर के बाद पुलिस ने स्पा सेंटर के संचालक झुमा, पूजा, रुबेल और सद्दाम के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सभी आरोपित सेंटर बंद करके फरार हो गया। पुलिस आयुक्त कला रामचंद्रन ने इस मामले में आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है। वहीं, पुलिस कई टीम बनाकर फरार आरोपितों की तलाश कर रही है।

OpIndia Impact – बॉर्डर पर मदरसों के ‘मकसद’ की जाँच, सीमाओं पर बढ़ी पुलिस-पैरामिलिट्री की गश्त: भारत-नेपाल सीमा पर स्पेशल कवरेज का बड़ा असर

नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी और उसके कारण पनपते मुद्दों से जुड़ी 14 रिपोर्ट अब तक प्रकाशित की जा चुकी है। क्यों? क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मसला है। क्योंकि यह आस-पास के जिलों में रहने वाले हिंदुओं से जुड़ा मुद्दा है। 16 सितम्बर 2022 तक इनमें से कई रिपोर्टों पर शासन और प्रशासन ने संज्ञान लेकर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

हम खुद की पीठ नहीं थपथपा रहे… लेकिन हमारे काम से अगर सकारात्मक बदलाव आता है, शासन-प्रशासन चौकन्ना होता है… तो निश्चित ही यह हमारी जीत है, हम सही दिशा में जा रहे हैं। हमारी खबरों के बाद शासन-प्रशासन का कार्रवाई करना हमारे लिए सुखद है, हमें लगातार ऐसे ही काम करने की प्रेरणा देने वाला है।

यह रिपोर्ट एक सीरीज के तौर पर है। इस पूरी सीरीज को एक साथ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

श्रावस्ती में मदरसों के उद्देश्य की होगी जाँच

ऑपइंडिया ने 6 सितम्बर 2022 को श्रावस्ती जिले में बढ़ रही इस्लामी गतिविधियों की खबर प्रकाशित की। इस रिपोर्ट का टाइटल ‘बौद्ध आस्था के केंद्र हों या तालाब… हर जगह मजार: श्रावस्ती में घरों की छत पर लहरा रहे इस्लामी झंडे’ नाम से है। इस रिपोर्ट में हमने न सिर्फ बौद्धों और जैन मंदिरों के बगल बढ़ रही मज़ारों और दरगाहों को दिखाया था बल्कि श्रावस्ती जिले के अन्य हिस्सों में भी मज़ारों और मदरसों की जानकारी दी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब श्रावस्ती जिला प्रशासन ने जिले में बने मदरसों के ‘मकसद’ की जाँच करवाने का फैसला किया है। यह घोषणा जिला अल्पसंख्यक अधिकारी के हवाले से की गई है। इन मदरसों के सर्वे के लिए गठित टीम में SDM, BSA और जिला अल्पंसख्यक अधिकारी भी शामिल हैं।

श्रावस्ती जिले पर हमने 8 सितम्बर और 10 सितम्बर 2022 को भी अलग-अलग रिपोर्ट में जिले में बढ़ रही मजारों, दरगाहों और उससे हो रहे बदलाव को बताया था। इन रिपोर्टों को हमने क्रमशः ‘बौद्ध-जैन मंदिरों के बीच दरगाह बनाई, जिस मजार को पुलिस ने किया ध्वस्त… वो फिर चकमकाई: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी’ और ‘पुरातत्व विभाग से संरक्षित जो जगह, वहाँ वक्फ की दरगाह-मजार: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी, मुसीबत में बौद्ध धर्मस्थल’ हेडलाइन से प्रकाशित किया था।

इन रिपोर्टों के प्रकाशित होने के बाद 16 सितम्बर 2022 को श्रावस्ती पुलिस ने भारत-नेपाल से सटे गाँवों का दौरा किया। पुलिस ने इसे शाँति और सुरक्षा की नजर से की गई गश्त बताया है।

सोनौली सीमा पर मदरसों की जाँच के लिए पहुँची टीम

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मदरसों की जाँच करने वाली एक टीम भारत-नेपाल सीमा के महराजगंज जिले के सोनौली क्षेत्र के पास गाँव सुकरौली के मदरसा अरबिया अहले सुन्नत मिस्बाहुल उलूम पहुँची है। यहाँ उसने शिक्षा के गुणवत्ता की जाँच की, जिसमें कई विषयों की पढ़ाई और उन्हें पढ़ने वाले बच्चे औसत स्तर से भी खराब पाए गए।

जरवा बॉर्डर सहित पूरी नेपाल सीमा पर बढ़ी पुलिस गश्त

12 सितम्बर 2022 को ऑपइंडिया ने अपनी रिपोर्ट संख्या 10 में बलरामपुर जिले के नेपाल सीमा के जरवा बॉर्डर का जिक्र किया था। इस रिपोर्ट में हमने बलरामपुर से जरवा जाते हुए रास्ते में मिले अलग-अलग जगहों के मस्जिद, मजारों और मदरसों को दिखाया था। इस रिपोर्ट की हेडलाइन ‘SSB बेस कैंप हो या सड़क, गाँव हो या खेत-सुनसान… हर जगह मस्जिद-मदरसे-मजार: UP के बलरामपुर से नेपाल के जरवा बॉर्डर तक OpIndia Ground Report’ थी।

हमारी रिपोर्ट प्रकाशित होने के ठीक अगले दिन यानी 13 सितम्बर 2022 को बलरामपुर पुलिस ने जरवा बॉर्डर पर पैरामिलिट्री SSB के साथ साझा गश्त किया। बलरामपुर पुलिस ने इसकी जानकारी अपने आधिकारिक ट्विटर पर शेयर की है।

इसके अलावा ऑपइंडिया ने बलरामपुर जिले में इस्लामी गतिविधियों पर अलग-अलग दिनों में अलग-अलग रिपोर्ट प्रकाशित की। इसमें 14 सितम्बर 2022 को ‘गाँवों में अरबी-उर्दू लिखे हुए नल, UAE के नाम की मुहर: ज्यादा दाम देकर जमीनें खरीद रहे नेपाली मुस्लिम – OpIndia Ground Report’ हेडलाइन के साथ जबकि 13 सितम्बर 2022 को ‘हिंदू बच्चों का खतना, मंदिर में शादी के बाद लव जिहाद और आबादी असंतुलन के साथ बढ़ते पॉक्सो मामले: नेपाल बॉर्डर पर बलरामपुर जिले में OpIndia Ground Report’ हेडलाइन की रिपोर्ट शामिल है।

इन रिपोर्टों के प्रकाशित होने के बाद बलरामपुर पुलिस ने 14 सितम्बर 2022 को ही सशस्त्र सीमा बल (SSB) के साथ नेपाल सीमा पर चौकसी के मुद्दे पर विशेष मीटिंग की।

अवैध कब्जेदारों से जूझते महंत को सुरक्षा का वादा

ऑपइंडिया ने 9 सितम्बर 2022 को हनुमान गढ़ी की जमीन पर कब्जा, झारखंडी मंदिर सरोवर में ताजिया: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी, असर UP के बलरामपुर में – OpIndia Ground Report’ हेडलाइन से अपनी 7 वीं रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट में हिन्दू मंदिरों पर अवैध कब्जेदारी के जिक्र के साथ वहाँ हनुमान गढ़ी के महंत महेंद्र दास जी महराज की सुरक्षा का भी जिक्र किया था।

इस रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए बलरामपुर पुलिस ने बताया कि अदालत के द्वारा पास किए गए हर आदेश का जिले में पालन करवाया जाएगा। इसी के साथ पुलिस ने यह भी बताया कि किसी भी जरूरतमंद द्वारा सुरक्षा माँगे जाने पर उन्हें उपलब्ध करवाई जाएगी।

सिद्धार्थनगर बॉर्डर पर भी बढ़ी पुलिस चौकसी

5 सितम्बर 2022 को प्रकाशित रिपोर्ट में ऑपइंडिया ने बताया था कि सिद्धार्थनगर-नेपाल सीमा पर कई अपराधियों और तस्करों को समय-समय पर दबोचा गया है। इस रिपोर्ट में ये भी बताया गया था कि किस-किस प्रकार के तस्कर मौके का कैसे फायदा उठाने की फिराक में रहते हैं।

ताजा जानकारी के मुताबिक सिद्धार्थनगर पुलिस ने नेपाल सीमा पर SSB के साथ मिल कर चौकसी बढ़ा दी है। सिद्धार्थनगर पुलिस SSB के साथ मिल कर सीमाओं पर चौकसी ‘ऑपरेशन कवच’ के तहत कर रही है।

न सिर्फ इन्हीं जिलों बल्कि नेपाल सीमा से लगे पीलीभीत, लखीमपुर, महराजगंज जैसे जिलों में भी पुलिस ने सीमाओं पर गस्त और चौकसी को बढ़ा दिया है।

अन्य मीडिया संस्थान भी उतरे नेपाल बॉर्डर पर

3 सितम्बर 2022 को ऑपइंडिया द्वारा हैशटैग #NepalUPBorderIslamisation के साथ शुरू की गई सीरीज की पहली खबर ‘कभी था हिंदू बहुल गाँव, अब स्वस्तिक चिह्न वाले घर पर 786 का निशान: भारत के उस पार भी डेमोग्राफी चेंज, नेपाल में घुसते ही मस्जिद, मदरसा और इस्लाम’ हेडलाइन के साथ प्रकाशित हुई थी।

इस खबर के प्रकशित होने के बाद कई अन्य मीडिया संस्थानों ने भी नेपाल बॉर्डर से जुड़ी खबरों को प्रकाशित करना शुरू कर दिया। कुछ मीडिया संस्थानों ने तो अपने रिपोर्टर भी भेजे हैं और अब वहाँ से वो लोग भी ग्राउंड रिपोर्ट कर रहे हैं।

यह ऑपइंडिया की जीत है। रिपोर्ट चाहे कोई भी मीडिया संस्थान करे, उस रिपोर्ट से अगर देशहित-हिंदूहित का काम होता है, तो यह सबके लिए खुशी की बात है। जितने ज्यादा मीडिया हाउस इस मुद्दे (नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी और पनपते मस्जिद-मदरसे) को उठाएँगे, जल्द से जल्द कट्टरपंथी इस्लामी मानसिकता का फन शासन-प्रशासन कुचलेगा।

पढ़ें पहली रिपोर्ट : कभी था हिंदू बहुल गाँव, अब स्वस्तिक चिह्न वाले घर पर 786 का निशान: भारत के उस पार भी डेमोग्राफी चेंज, नेपाल में घुसते ही मस्जिद, मदरसा और इस्लाम – OpIndia Ground Report

पढ़ें दूसरी रिपोर्ट : घरों पर चाँद-तारे वाले हरे झंडे, मस्जिद-मदरसे, कारोबार में भी दखल: मुस्लिम आबादी बढ़ने के साथ ही नेपाल में कपिलवस्तु के ‘कृष्णा नगर’ पर गाढ़ा हुआ इस्लामी रंग – OpIndia Ground Report

पढ़ें तीसरी रिपोर्ट : नेपाल में लव जिहाद: बढ़ती मुस्लिम आबादी और नेपाली लड़कियों से निकाह के खेल में ‘दिल्ली कनेक्शन’, तस्कर-गिरोह भारतीय सीमा पर खतरा – OpIndia Ground Report

पढ़ें चौथी रिपोर्ट : बौद्ध आस्था के केंद्र हों या तालाब… हर जगह मजार: श्रावस्ती में घरों की छत पर लहरा रहे इस्लामी झंडे, OpIndia Ground Report

पढ़ें पाँचवीं रिपोर्ट : महाराणा प्रताप के साथ लड़ी थारू जनजाति बहुल गाँव में 3 मस्जिद, 1 मदरसा: भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी का ये है ‘पैटर्न’ – OpIndia Ground Report

पढ़ें छठी रिपोर्ट : बौद्ध-जैन मंदिरों के बीच दरगाह बनाई, जिस मजार को पुलिस ने किया ध्वस्त… वो फिर चकमकाई: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी – OpIndia Ground Report

पढ़ें सातवीं रिपोर्ट : हनुमान गढ़ी की जमीन पर कब्जा, झारखंडी मंदिर सरोवर में ताजिया: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी, असर UP के बलरामपुर में – OpIndia Ground Report

पढ़ें आठवीं रिपोर्ट : पुरातत्व विभाग से संरक्षित जो जगह, वहाँ वक्फ की दरगाह-मजार: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी, मुसीबत में बौद्ध धर्मस्थल – OpIndia Ground Report

पढ़ें नौवीं रिपोर्ट : 2 मीनारों वाली मस्जिदें लोकल, 1 मीनार वाली अरबी पैसे से… लगभग हर गाँव में मदरसे: नेपाल बॉर्डर के मौलाना ने बताया इसमें कमीशन का खेल – OpIndia Ground Report

पढ़ें दसवीं रिपोर्ट : SSB बेस कैंप हो या सड़क, गाँव हो या खेत-सुनसान… हर जगह मस्जिद-मदरसे-मजार: UP के बलरामपुर से नेपाल के जरवा बॉर्डर तक OpIndia Ground Report

पढ़ें 11वीं रिपोर्ट : हिंदू बच्चों का खतना, मंदिर में शादी के बाद लव जिहाद और आबादी असंतुलन के साथ बढ़ते पॉक्सो मामले: नेपाल बॉर्डर पर बलरामपुर जिले में OpIndia Ground Report

पढ़ें 12वीं रिपोर्ट : गाँवों में अरबी-उर्दू लिखे हुए नल, UAE के नाम की मुहर: ज्यादा दाम देकर जमीनें खरीद रहे नेपाली मुस्लिम – OpIndia Ground Report

पढ़ें 13वीं रिपोर्ट : नए बने ओवरब्रिज के नीचे मज़ार-कर्बला, सड़क किनारे मस्जिद-मदरसे-दरगाह: नेपाल के बढ़नी बॉर्डर हाइवे पर ‘हरा रंग’ हावी – OpIndia Ground Report

पढ़ें 14वीं रिपोर्ट : ‘4 और 14 वाली नीति से एकतरफा बढ़ रही आबादी… उस गाँव में मस्जिद बनाने की कोशिश, जहाँ नहीं एक भी मुस्लिम’ : UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल… सब में प्रधानमंत्री के कारण आगे बढ़ रहा देश: अमेरिकी सर्वे ने भी कहा- PM मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता

दुनिया के सबसे प्रभावशाली और लोकप्रिय नेताओं में से एक और देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आज 72वाँ जन्मदिन है। पीएम मोदी के अब तक के कार्यकाल में उनका नारा- ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ पूर्ण रूप से चरितार्थ हो रहा है। भारत वैश्विक स्तर पर नए-नए मुकाम हासिल कर रहा है।

हाल ही में अमेरिकी डेटा इंटेलिजेंस फर्म ‘द मॉर्निंग कंसल्ट’ के सर्वे ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता चुना है। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। यह जनता के विश्वास और पीएम मोदी की कर्तव्यनिष्ठा का ही परिणाम है। बतौर पार्टी की युवा कार्यकर्ता, प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली, उनका जन समर्पण और देश के विकास के लिए निरंतर किया जा रहा प्रयास, हमें जीवन में बेहतर करने की प्रेरणा देता है।

नरेंद्र मोदी के बचपन से लेकर अब तक के सफर पर नजर डालें तो स्पष्ट होता है कि अगर आप दृढ़ संकल्पित होकर प्रयास करते रहते हैं तो जीवन की तमाम बाधाएँ भी आपको पथभ्रमित नहीं कर सकती हैं। जिन परिस्थितयों में मोदी जी का बचपन गुजरा और वहाँ से उनके देश के प्रतिनिधि बनने तक के सफर को देखें तो यह आपको आंतरिक ऊर्जावान बनाए रखने के लिए पर्याप्त है।

मोदी जी बालपन से ही देश के प्रति समर्पित मन वालों में से थे। 1958 में बाल स्वयंसेवक की शपथ लेने से लेकर 1974 में वे नव निर्माण आंदोलन में शामिल होने और सक्रिय राजनीति में आने तक वह स्थानीय स्तर पर जन कल्याण के कार्यों में लगे रहे। 80 का दशक आते-आते उनकी जिम्मेदारियाँ बढ़ीं। 1990 की सोमनाथ-अयोध्या रथ यात्रा के आयोजन में मोंदी जी ने अहम भूमिका निभाई। 2001 में उन्हें पार्टी की तरफ से गुजरात के नेतृत्व की जिम्मेदारी मिली और साल 2014 में वह देश के प्रधानमंत्री बने।

महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयास

एक महिला होने के नाते मैं देश में महिलाओं की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य की चुनौतियों को अच्छी तरह से समझती हूँ। महिलाओं के विकास और उनको बेहतर जीवन प्रदान करने के लिए बतौर प्रधानमंत्री मोदी ने जो प्रयास किए उसकी देश ही नहीं विदेशों में भी चर्चा होती है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत, देश की गरीबी रेखा से नीचे आने वाली महिलाओं को मुफ्त सिलेंडर प्रदान किए गए जिससे महिलाओं को चूल्हे से निकलने वाले धुएँ और इससे होने वाली गंभीर बीमारियों से मुक्ति मिली।

2015 में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना ने बालिका लिंग अनुपात में सुधार और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है। जन धन योजना, मुद्रा योजना, सुरक्षित मातृत्व आश्वासन सुमन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना महिलाओं के संरक्षण और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाली महिला शक्ति केंद्र जैसी योजनाओं ने देश की महिलाओं की जीवन गुणवत्ता और मान-सम्मान में बढ़ावा दिया है।

आज देश की महिलाएँ दुनियाभर में भारत का नाम रौशन कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व वाली इस सरकार ने महिलाओं के संपूर्ण विकास के लिए जो प्रयास किए हैं, वह आने वाले वर्षों में ‘भारत भाग्य विधाता’ के सपने को साकार करने वाला होगा।

मोदी जी ने देश की सोच और मानसिकता में भी बड़ा बदलाव किया है। स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित होकर मैंने छोटे-छोटे बच्चों को भी रास्ते से कचरा उठाकर कूड़ेदान में डालते देखा है।

हमने कोरोना के समय में मोदी जी के नेतृत्व में दुनिया को यह दिखा दिया है कि भारत हमेशा मुश्किलों में अपने साथियों के दर्द बाँटने के लिए खड़ा है। सहयोगी देशों को कोरोना की वैक्सीन पहुँचाकर इस भयंकर महामारी से मुकाबले के दौरान प्रधामंत्री जी सदैव अपने साथी देशों के साथ खड़े दिखे। इस मुश्किल वक्त में हमने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत ‘सर्वज हिताय- सर्वजन सुखाय’ के लिए प्रतिबद्ध है।

स्वास्थ्य हो या शिक्षा, विनिर्माण हो या खेल, मोदी जी की दूरदृष्टिता आज हर क्षेत्र में देश को, दुनिया के अन्य विकसित देशों के साथ आगे बढ़ने में मदद कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की पहल की जिसने देश के युवाओं के जीवन को एक नए नजरिए से देखने में मदद की। मोदी जी का जीवन ‘कर्मयोग’ का जीवंत उदाहरण है, प्रेरणा है सभी युवाओं के लिए कि हम अपने छोटे-छोटे प्रयास से भी देश के विकास में मदद कर सकते हैं।

आज प्रधानमंत्री जी के 72 जन्मदिवस पर मैं ईश्वर से यही प्रार्थना करती हूँ कि देश के कर्मयोगी हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा स्वस्थ और ऊर्जावान रहें। उनकी मौजूदगी ही हम युवा कार्यकर्ताओं के लिए शक्तिपुंज है। प्रधानमंत्री जी की दूरदृष्टिता, भारत को विश्वगुरु बनाने में मदद करे, यही कामना है। एक बार फिर से जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ…

नोट- लेखिका भारतीय जनता महिला मोर्चा, दिल्ली प्रदेश में मंत्री और समाज सेविका हैं।

सब्जियों पर पेशाब कर हिंदू इलाकों में बेचता था शरीफ खान: बरेली में लोगों ने पकड़ कर पीटा और पुलिस के हवाले किया, वीडियो वायरल

खाने के सामान में थूकने और पेशाब करने जैसी घिनौनी हरकतें बंद होने का नाम नहीं ले रही हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली से फिर एक ऐसी ही घटना सामने आई है। जिले के प्रेम नगर थाना क्षेत्र में एक शरीफ खान नाम के मुस्लिम सब्जी विक्रेता सब्जियों पर पेशाब करके उसे हिंदू इलाकों में बेचता था। लोगों ने उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, शरीफ खान शुक्रवार (16 सितंबर 2022) को सड़क के किनारे सब्जी का ठेला लगाकर खड़ा था। वहीं पर नीचे रखी सब्जियों पर वह पेशाब कर रहा था। उसे ऐसा करते देख किसी ने घटना का वीडियो बना लिया और उसे वायरल कर दिया।

कर्मचारी नगर निवासी हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता दुर्गेश गुप्ता ने बताया कि वे शुक्रवार की दोपहर करीब तीन बजे जनकपुरी में कैलाश अस्पताल के पास से गुजर रहे थे। अचानक उनकी निगाह सड़क किनारे खड़े सब्जी के ठेले वाले पड़ी। वह ठेले की आड़ में सब्जियों पर पेशाब कर रहा था।

दुर्गेश ने बताया कि इस घटना का उन्होंने अपनी कार में बैठे ही वीडियो बना लिया। इसके बाद जब वह सब्जी विक्रेता से बात करने पहुँचे तो उसने अपना नाम शरीफ खान और पता परतापुर चौधरी बताया। उन्होंने जब शरीफ से सब्जियों पर पेशाब करने की बता पूछी तो वह उनके साथ अभद्रता करने लगा

हंगामा होता देख वहाँ दर्जनों लोग इकट्ठा हो गए और उन्होंने शरीफ खान की पिटाई कर दी। इसके बाद प्रेम नगर थाने की पुलिस को सूचित कर दिया। प्रेम नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुँचकर शरीफ को लेकर थाने ले आई और उससे पूछताछ की।

पूछताछ में शरीफ ने पुलिस को बताया कि उसे पेशाब लगी थी, इसलिए वह ठेले की आड़ में पेशाब करने लगा। उसने सब्जियों पर पेशाब करने की बात को नकार दिया। लोगों के अनुसार, शरीफ खान हिंदू आबादी वाले जनकपुरी और राजेंद्रनगर क्षेत्र में सब्जी बेचने आता है।

प्रेम नगर थाने के SSI वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एक सब्जी विक्रेता शरीफ खान के खिलाफ लोगों ने सब्जियों पर पेशाब करने का आरोप लगाया है। उसे हिरासत में ले लिया गया है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

70 साल बाद भारत की जमीन पर लौटे 8 चीता, MP के कूनो नेशनल पार्क में रहेंगे : PM मोदी के जन्मदिन पर खास संयोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2022 को आज जब अपना 72वाँ जन्मदिन मना रहे हैं, तब इस खास मौके पर एक खास संयोग बना है। दरअसल, आज ही के दिन 70 सालों के बाद भारत में चीतों की वापसी हुई है। वर्ष 1952 में चीते को भारत से विलुप्त घोषित कर दिया था। मगर आज 8 चीते नामीबिया से भारत लाए गए। पीएम मोदी अपने जन्मदिन के अवसर पर मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में इन 8 चीतों को छोड़ेंगे।

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक जिन 8 चीतों को नामीबिया से मँगवाया गया है। उनमें 5 मादा और 3 नर चीते शामिल हैं। नामीबिया (Namibia) की राजधानी विंडहोक से विशेष मालवाहक विमान बोइंग में उड़ान भरे इन चीतों को मध्यप्रदेश के ग्वालियर में भारतीय वायु सेना के एक स्टेशन पर लाया गया। विमान सुबह करीब 8 बजे भारत पहुँचा।

यहाँ से इन चीतों को भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) के चिनूक हेलीकॉप्टर के जरिए केएनपी (कुनो राष्ट्रीय उद्यान) हेलीपैड पर उतारा गया। अब इन चीतों को विशेष बाड़ों में छोड़ा जाएगा। यह कार्य प्रधान मंत्री मोदी के हाथों होना है। बताया जा रहा है कि इन चीतों को भारतीय मौसम से लेकर यहाँ के माहौल में ढलने में एक से तीन महीने का वक्त लग सकता है।

सीएम चौहान ने जताई खुशी

चीतों के आगमन को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) भी बेहद उत्सुक हैं। उन्होंने इन चीतों की एक झलक भी शेयर की है। इसके साथ सीएम चौहान ने कहा, “यह अत्यंत खुशी की बात है कि चीते कुनो नेशनल पार्क में आ रहे हैं। हम मध्य प्रदेश के लोग अपने नए मेहमानों का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।”

पीएम मोदी देश को देंगे 8 चीते

पीएम मोदी समरकंद में संपन्न हुई शंघाई समिट से भारत वापसी कर चुके हैं। चीतों का वेलकम करने के लिए वे आज (17 सितंबर 2022) एमपी के कुनो नेशनल पार्क पहुँचे। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस क्षण को सुअवसर माना।

उन्होंने ट्वीट कर लिखा था, “देश में वन्यजीवों के संरक्षण के प्रयासों को कल एक नई ताकत मिलेगी। नामीबिया से लाए जा रहे चीतों को करीब 10:45 बजे मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ने का सुअवसर मिलेगा। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे श्योपुर में आयोजित एसएचजी सम्मेलन में भाग लूँगा।”

हिजाब से नहीं ढके पूरे बाल, इसलिए बुरी तरह पीटा: ईरान में 22 साल की लड़की को पुलिस ने कोमा में पहुँचाया, ब्रेन डेड होने के बाद मौत; कई औरतें अब भी हिरासत में

गलत तरीके से हिजाब पहनने के नाम पर ईरान (Iran) की मोरल पुलिस द्वारा पिटाई के कारण कोमा में गई 22 साल की महसा अमिनी (Mahsa Amini) की शुक्रवार (16 सितंबर 2022) को राजधानी तेहरान में मौत हो गई। पिटाई के कारण कोमा में जाने के बाद अमिनी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

इससे पहले 13 सितंबर को अमिनी को गिरफ्तार किए जाने के कुछ घंटों बाद ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था। तेहरान की मोरल पुलिस ने अपने बालों को पूरी तरह नहीं ढँकने का आरोप लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उसे उसे एक हिरासत केंद्र में लेकर बुरी तरह पीटा गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना 13 सितंबर की है। ईरान के साघेज की रहने वाली अमिनी अपने भाई कैरश के साथ तेहरान गई थी। दोनों जब शहीद हघानी एक्सप्रेसवे के पास पहुँचे, तभी ‘नैतिकता पुलिस’ पहुँची और अमिनी को एक घंटे की ‘री-एजुकेशन क्लास’ के लिए गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस युवती को वोजारा एवेन्यू के थाने ले गई, जहाँ पहले से ही दर्जनों महिलाओं को देश के अनिवार्य हिजाब नियमों का पालन नहीं करने के लिए कैद करके रखा गया था। वहाँ मोरल पुलिस ने महिलाओं को पीटा और उन्हें देश के हिजाब के नियमों के बारे में बताया।

महिला को थाने ले जाया गया: भाई का आरोप

पीड़िता के भाई कैरश ने आरोप लगाया कि पुलिस वैन ने उसकी बहन का रास्ता रोककर उसका अपहरण कर लिया। जब कैरश ने अपनी बहन को बचाने की कोशिश की तो पुलिस ने उसके साथ भी मारपीट की और उसका हाथ मोड़ दिया। इसके बाद उन्हें बताया गया कि उनकी बहन को हिरासत केंद्र ले जाया जा रहा है।

इसके बाद कैरश पुलिस वैन के पीछे-पीछे वोजारा एवेन्यू तक गए और वहाँ उन्होंने देखा कि 60 से 70 लोग हिरासत में रखी महिलाओं के लिए कपड़े ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ महिलाओं को हिरासत केंद्र से रिहा होते देखा, जबकि अंदर से अन्य महिलाएँ जान बचाने के लिए चिल्ला रही थीं।

कैरश ने बताया, “हम सभी दरवाजे पीट रहे थे। अचानक एजेंट इमारत से बाहर निकल आए और हम पर डंडों और आँसू गैस के गोले दागे। मेरा पूरा शरीर काला और नीला पड़ गया है और मेरी आँखें कल रात से जल रही हैं। पाँच मिनट बाद एक एम्बुलेंस इमारत से निकली। उनमें से हर एक ने कहा कि अंदर किसी को मार दिया गया है।”

उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनसे झूठ बोला और कहा कि पुलिस जवान में से एक घायल हो गया। वहीं, रिहा की गई महिलाओं में से एक ने कैरश को बताया कि अमिनी घायल हो गई थी और घटना के समय वह उसके साथ थी। पुलिस ने पीड़िता को कसरा अस्पताल पहुँचाया। इसके बाद कैरश अस्पताल पहुँचे।

अस्पताल में उनसे डॉक्टरों ने बताया कि पीड़िता को दिल का दौरा पड़ा था। उसका दिल धड़कता रहा, लेकिन दिमाग काम नहीं कर रहा था। ईरान वायर से बात करते हुए कैरश ने बताया कि पिटाई और बाद में चिकित्सा उपचार में देरी ने उसकी बहन की जान ले ली।

महसा अमिनी के परिवार पर निगरानी

सोशल मीडिया पर महसा अमिनी के कोमा में जाने की खबरें आने पर सुरक्षा अधिकारियों को अस्पताल बुलाया गया। मृतक का परिवार भी मंगलवार रात से पुलिस की निगरानी में है, जबकि अस्पताल में एक पुलिस अधिकारी ने यह वादा किया था कि महसा के हमलावर की जाँच की जाएगी।

कार्रवाई को लेकर कैरश ने कहा, “उन्होंने मुझे एक पत्र दिया और मुझसे कहा कि मैं वोजारा एवेन्यू स्थित मुख्यालय में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराऊँ। अगर मैंने अपने घर में किसी को मार डाला तो यह मेरे पिता से हत्यारे का नाम पूछने जैसा है। मैं चुप नहीं रहूँगा। मैं ईरान में सबको बताऊँगा कि क्या हुआ।”

युवती दिल की बीमारी से ग्रसित थी: तेहरान पुलिस

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पुलिस मामले को छिपाने की कोशिश कर रही है। गुरुवार को तेहरान पुलिस ने एक बयान जारी कर कहा कि महसा अमिनी पहले से ही दिल की बीमारी से पीड़ित थी। पुलिस ने दावा किया कि युवती को हिरासत केंद्र में पीटा नहीं गया था।

बयान में कहा गया है, “एक महिला को शिक्षा और मार्गदर्शन के लिए ग्रेटर तेहरान पुलिस के एक परिसर में ले जाया गया था। वहाँ अचानक उसे दिल की समस्या का सामना करना पड़ा। पुलिस और आपातकालीन सेवाओं के सहयोग से महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया और उसका इलाज कराया गया।”

बता दें कि 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ईरान में नौ साल से अधिक उम्र की ईरानी महिलाओं और लड़कियों के लिए सार्वजनिक रूप से हिजाब पहनना अनिवार्य हो गया है। हालाँकि, ईरान की महिलाएँ इस तरह के प्रतिबंध का मुखरता से विरोध करती रही हैं। कई ईरानी महिलाओं ने इस प्रतिबंध को तोड़ा भी है।

हाल के महीनों में ईरान में राज्य-प्रायोजित मोरल पुलिस का महिलाओं पर उनकी पोशाक को लेकर दबाव बढ़ा है और उन्हें मारने-पीटने की घटनाएँ भी बढ़ी हैं। मोरल पुलिस और जेलों में महिलाओं के साथ होने वाली प्रताड़ना और शोषण की बहुत कम जानकारी बाहर आ पाती है।