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‘मेरा भाई मुझे ऐसे ही पिंजरे में रखता था’: आमिर खान के भाई फैजल ने ठुकराया ‘बिग बॉस’ का ऑफर, ‘लाल सिंह चड्ढा’ को भी नकारा

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान के भाई फैजल खान ने एक बार फिर से अपने भाई के घर में कैदी के तौर पर बताए दिनों को याद किया है। दरअसल, उन्होंने बताया कि उन्हें ‘बिग बॉस’ में प्रतिभागी बनने का ऑफर आया तो उन्हें इस कारण उसे ठुकरा दिया, क्योंकि बिग बॉस का घर एक जेल की तरह होता है और वे दोबारा कैदी बनकर नहीं जीना चाहते।

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक, अभिनेता फैजल खान एक बार से सुर्खियों में आ चुके हैं। उन्होंने हाल ही में यह जानकारी साझा की है कि उनको ‘बिग बॉस’ का हिस्सा बनने के लिए ऑफर आया है। इसे साथ-साथ उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें एक टीवी सीरियल में भी काम करने का ऑफर भी मिला है और वो बहुत खुश हैं। उन्होंने ‘लाल सिंह चड्ढा’ फिल्म के बारे में कहा कि आमिर को कमबैक के लिए बेहतर स्क्रिप्ट चुननी चाहिए थे। उन्होंने बताया कि उन्हें ये फिल्म ज्यादा पसंद नहीं आई।

उन्होंने कहा, “बिग बॉस में हर कोई एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा होता है, वे लड़ते हैं, बहस करते हैं और फिर आपको टास्क भी दिए जाते हैं। वे मानसिक रूप से आपके साथ खेलते हैं। मैं उसमें फँसना नहीं चाहता था। वे आपको कुछ पैसे देते हैं, लेकिन अल्लाह की कृपा से मुझे ज्यादा पैसे की आवश्यकता नहीं है।”

भाई आमिर के घर की कैद को किया याद

अभिनेता फैजल खान ने अपने बयान में आगे कहा, “मैंने सोचा कि मुझे पिंजरे में क्यों रखा जाना चाहिए? पिंजरे में रहना किसे पसंद है? हर कोई एक स्वतंत्र जीवन पसंद करता है। यह मजेदार है, आप जानते हैं। कैद में रहने में कोई मजा नहीं है। मुझे आमिर के घर में एक बार पिंजरे में बंद कर दिया गया था। मेरा फिर से पिंजरे में जाने का इरादा नहीं है। मैं स्वतंत्र रहना चाहता हूँ और पानी की तरह बहना चाहता हूँ।”

गौरतलब है कि अभिनेता फैजल खान ने अपने एक बयान में यह भी कहा,

“आज मेरे लिए खुशी का दिन है, क्योंकि मुझे आज दो प्रस्ताव मिले। एक ‘बिग बॉस’ के लिए था, लेकिन मैंने इसे अस्वीकार कर दिया, ओर एक टीवी धारावाहिक के लिए प्रस्ताव था। मैं काफी उत्साहित हूँ कि लोग मेरे बारे में सोच रहे हैं और मुझ पर विचार कर रहे हैं। मैं खुश हूँ। कृपया मेरे लिए प्रार्थना करें कि मुझे कुछ अच्छा काम मिले ताकि मैं कोशिश कर सकूँ और आप सभी का मनोरंजन कर सकूँ, चाहे वह वेब सीरीज हो या फिल्म।”

आमिर खान के भाई फैजल का बयान

अपने भाई पर लगा चुके हैं गंभीर आरोप

एक्टर फैजल खान ने आमिर खान के साथ ‘मेला (2000)’ फिल्म में काम किया था, लेकिन इन दोनों भाइयों में ज्यादा बनती नहीं है। पिछले साल भी फैजल खान ने भाई आमिर पर गंभीर आरोप लगाए थे और बताया था कि कैसे उन्हें आमिर अपने घर में कैद करके रखते थे।

फैसल ने कहा था, “उस समय मैं परिवार वालों से नहीं मिल रहा था, क्योंकि मुझे लग रहा था कि मैं मिलूँगा तो लड़ाई-झगड़े होंगे, इसलिए मैंने दूरी बना ली। मगर उन्होंने अफवाह उड़ा दी कि ये पागल हो गया है। वो लोग मुझे जबरन दवा देने लगे। आमिर ने मुझे 1 साल तक हाउस अरेस्ट रखा। बॉडीगार्ड नियुक्त कर दिया गया था, मेरा फोन छीन लिया, किसी से मिलने नहीं दे रहे थे, जबरन दवाइयाँ दे रहे थे। मैं 103 किलो का हो गया। फिर वो लोग मुझे थोड़ी-थोड़ी आजादी देने लगे तो मुझे लगा कि सुधर जाएँगे, लेकिन वह हुआ नहीं।”

पाइप से चढ़ गया, वॉशरूम की खिड़की से रिकॉर्ड किया छात्रा का वीडियो: अब IIT बॉम्बे में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी जैसी घटना, कैंटीन कर्मचारी गिरफ्तार

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में लड़कियों के नहाने का वीडियो वायरल मामला अभी थमा भी नहीं है कि अब ‘भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे (IIT बॉम्बे)’ के वॉशरूम में लड़की का वीडियो बनाने की घटना सामने आयी है। फिलहाल, पुलिस ने आरोपित कैंटीन कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना रविवार (18 सितंबर, 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) की छात्रा ने रविवार रात हॉस्टल के वॉशरूम की खिड़की से किसी को झाँकते हुए देखा। इसके बाद उसने शोर मचा कर सबको इसकी जानकारी दी। इन-हाउस मैगजीन (छात्रों की पत्रिका) ‘इनसाइट’ में जारी एक बयान के मुताबिक, मामला हॉस्टल-10 का है। यहाँ की कैंटीन रविवार को पेस्ट कंट्रोल वर्क के लिए बंद कर दी गई थी। लेकिन, इसमें काम करने वाले कर्मचारी रात में हॉस्टल परिसर में ही रुक गए थे।

इस बयान के मुताबिक, हॉस्टल बिल्डिंग की कुछ विंग्स में वॉशरूम की खिड़कियों पर प्लेटफॉर्म जैसा बना हुआ है। यह ग्राउंड फ्लोर से पाइपों से जुड़ा हुआ है। इन्हीं पाइपों का सहारा लेकर झाँकने वाला व्यक्ति खिड़की तक पहुँचा था।

पीड़ित छात्रा ने इस मामले की शिकायत स्थानीय पवई थाने में की है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि रात में आईआईटी बॉम्बे के एक कर्मचारी ने हॉस्टल H10 के वॉशरूम में उसका वीडियो रिकॉर्ड किया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धारा 354 C के तहत मामला दर्ज करते हुए गिरफ्तार कर लिया है।

इस मामले में पवई पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर बुधन सावंत ने कहा, “कैंटीन कर्मचारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 सी के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। रविवार रात प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के बाद ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।”

आईआईटी बॉम्बे के डीन प्रोफेसर तपनेंदु कुंडू का कहना है कि हॉस्टल की कैंटीन पुरुष कर्मचारी चला रहा था। संस्थान ने तुरंत इस मामले पर एक्शन लिया है। बाहरी इलाके से बाथरूम तक जाने वाले रास्ते को सील कर दिया गया है। हॉस्टल विंग H10 का सर्वे करने के बाद जरूरी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे और लाइटिंग लगाई गई है।

वहीं एक अन्य बयान में आईआईटी बॉम्बे की ओर से कहा गया है कि संस्थान के हॉस्टल की नाइट कैंटीन का कर्मचारी पाइप डक्ट पर चढ़कर बाथरूम में वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। फिलहाल उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है। मुंबई पुलिस मामले की जाँच कर रही है। उन्होंने बताया, “हमें आरोपित के पास मिले फोन पर किसी भी फुटेज की जानकारी नहीं है। कैंटीन को तुरंत बंद कर दिया गया है और इसे तभी खोला जाएगा, जब यहाँ केवल महिला स्टाफ होगा।”

बता दें कि हाल ही में पंजाब के मोहाली स्थित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में ऐसा ही मामला सामने आया है। आरोप है कि एक लड़की ने अन्य लड़कियों के वीडियो बनाकर शिमला ने रहने वाले अपने बॉयफ्रेंड को भेजे थे। इस पूरे मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आगे की जाँच की जा रही है।

‘मंदिर की रक्षा कर रहा था इमाम’: इंग्लैंड हिन्दू विरोधी हिंसा पर पत्रकार आइना खान अब लेकर आई नई थ्योरी, मुस्लिम हमलावरों पर साधी चुप्पी

यूके स्थित वामपंथी मीडिया आउटलेट ‘द गार्जियन’ की पत्रकार आइना खान (Aina Khan) ने अब दावा किया है कि लेस्टर में ‘अच्छे ईमान वाले’ लोग हिंदू मंदिर (Hindu temple in Leicester) की रखवाली कर रहे थे, जबकि सच्चाई ये है कि हिंदुओं के समूह पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने हमला किया। खान अपनी खुद की रिपोर्ट का हवाला देती हैं, जिसमें उन्होंने धर्मेश लखानी का नाम बताया है, जिसे किसी ऐसे व्यक्ति के रूप में संदर्भित किया गया है जो लेस्टर में हिंदू मंदिरों का प्रतिनिधित्व करता है और उनके साथ काम करता है’। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक, धर्मेश लखानी मस्जिदों और स्थानीय मुस्लिम नेताओं के साथ भी काम करता है।

आइना खान का ट्वीट

कथित तौर पर हिंदू मंदिरों और मस्जिदों में काम करने वाले धर्मेश लखानी के साथ अपनी बातचीत के हिस्से को खान ने ट्वीट भी किया है। धर्मेश लखानी ने इस बात की पुष्टि की है कि हिंदू मंदिर के बाहर इस्लामी भीड़ ने झंडा तोड़ कर फेंक दिया था और एक झंडे को जला दिया गया था। हालाँकि, खान हिंदू मंदिरों पर हमला करने वालों का जिक्र करने से बचती नजर आईं। ये सभी को पता है कि इस्लाम में मूर्ति पूजा को सबसे बड़ा पाप माना गया है। भारत में मुगल शासन के दौरान सैकड़ों हिंदू मंदिरों को नष्ट कर दिया गया और उनके ऊपर विवादित ढाँचे (मस्जिद) बना दिए गए।

‘बाबरी मस्जिद’ और ‘ज्ञानवापी मस्जिद’ नामक विवादित ढाँचे ऐसे ही कुछ उदाहरण हैं, जिन्हें हिंदुओं की भावनाओं को आहत करके बनाया गया है।

आइना खान की थ्योरी की मानें तो धर्मेश लखानी ने उनसे एक इमाम (मौलवी) को भी मिलाया, जो लेस्टर में हिंदू मंदिर के बाहर खड़ा हुआ था। जब इस्लामी भीड़ ने इस पर हमला किया था, तब पत्रकार की थोड़ी के हिसाब से इमाम यहाँ की रखवाली कर रहा था। उल्लेखनीय है कि भारत में ‘ईशनिंदा’ पर हत्या के कई मामलों के साथ-साथ जबरन धर्म परिवर्तन, यौन शोषण में मौलानाओं ने बड़ी भूमिका निभाई है। बेशक, ‘अच्छे इमाम’, देवी-देवताओं की कृपा से हिंदू मंदिर को बचाने के लिए वहाँ मौजूद थे।

‘अच्छा इमाम’ इस्लामी टूलकिट का ही हिस्सा है, अपने पक्ष में अच्छा नैरेटिव बनाने के लिए। भारतीय इस्लामवादी अक्सर यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि कैसे अपने ही कट्टरपंथियों द्वारा की गई हिंसा के बीच ‘अच्छे लोग’ अभी भी मंदिरों की रक्षा करने के लिए उसके बाहर खड़े हैं। जबकि, इतिहास कुछ और ही है। भारत के विभिन्न न्यायालयों में दी गई दलीलों पर एक सरसरी नजर डालने से आपको यह पता चल जाएगा कि इतिहास में कैसे मंदिरों को हमेशा कट्टरपंथियों द्वारा ध्वस्त किया गया है।

जब कट्टरपंथी हिंसा करते हैं तो उसके बाद ‘अच्छे मुस्लिम’ का कार्ड खेला जाता है। अगस्त 2020 में इस्लामी भीड़ बेंगलुरु में ईशनिंदा को लेकर सड़कों पर उतरी थी। इस्लामी भीड़ ने कॉन्ग्रेस विधायक का घर तहस-नहस किया, कुछ समय बाद शहर के दो पुलिस थाने भी तबाह कर दिए। इसके अलावा उन्होंने आसपास मौजूद गाड़ियों को भी जला दिया था। दिल्ली में हिंदू विरोधी दंगों के बाद भी ऐसा ही हुआ था।

सच यह है कि एक इस्लामी भीड़ ‘अल्लाह-हु-अकबर’ का नारा लगाते हुए हमला करती है। ये लोग भूल जाते हैं कि ‘अच्छे मुस्लिमों’ ने इनसे बचाने के लिए ‘हयूमन सीरीज’ बनाई है। इसी तरह इस्लामवादी भीड़ द्वारा लेस्टर में झंडा तोड़ने और उसे जलाने को ‘अच्छा इमाम’ कहकर क्लीन चिट देने का काम किया गया है। इसे संयोग ही कहेंगे कि ‘मंदिर की रक्षा’ के दौरान ये सब कुछ हुआ। हमें इस पर विश्वास करना होगा कि जिस भीड़ ने मंदिर पर हमला किया, उसका कोई मजहब नहीं था, लेकिन एक व्यक्ति मंदिर की रक्षा के लिए चमत्कारिक रूप से प्रकट हुआ और उसका एक खास मजहब भी है।

‘मेरी दोस्त को जेल से बाहर निकलवाओ, वरना…’: इंस्टा चैट सामने आने के बाद पंजाब MMS कांड में नया मोड़, यूनिवर्सिटी का कर्मचारी गिरफ्तार

पंजाब पुलिस ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (Chandigarh University) के वीडियो लीक मामले में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने एक छात्रा के पास से 12 क्लिप बरामद किए हैं और इस मामले में शामिल एक अन्य आरोपित को गिरफ्तार किया है। इसके पास से भी 33 वीडियो मिलने की खबर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपित का नाम मोहित है, वह यूनिवर्सिटी की मेस में काम करता है। उस पर आरोप है कि वह इस मामले में गिरफ्तार लड़की को हॉस्टल की लड़कियों का वीडियो बनाने के लिए ब्लैकमेल करता था।

पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए सभी 12 वीडियो क्लिप आरोपित लड़की के ही हैं, जिसके वकील ने सोमवार (19 सितंबर, 2022) को स्वीकार किया था कि उसकी मुवक्किल ने एक अन्य छात्रा का वीडियो बनाया था। जबकि युवक से 33 वीडियो मिलने की खबर सामने आई है। हालाँकि, पुलिस ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।

बताया जा रहा है कि इस मामले में छात्राओं को अलग-अलग नंबरों से धमकी भरे मैसेज आ रहे हैं। मैसेज भेजने वाली युवती की चैट भी सामने आई है। इसमें लिखा है, “उसको जेल से निकलवाओ मेरी फ्रेंड को दो दिन में, वरना वेट एंड वॉच। तुम्हारा वीडियो भी है मेरे पास है।” इस पर छात्रा ने कहा कि कौन-सी वीडियो वायरल करने की बात कर रही है। छात्रा ने जवाब में कहा कि वह पुलिस को इसकी शिकायत देगी और उसे भी उसकी सहेली के साथ जेल में रहना पड़ेगा। इसके बाद युवती ने अपनी चैट डिलीट कर ली, लेकिन छात्रा ने उस चैट का स्क्रीनशॉट ले लिया था।

फोटो साभार: दैनिक जागरण

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी वीडियो लीक मामले में अब तक छात्रा सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मोहित को पंजाब पुलिस द्वारा बनाई गई एसआईटी ने हिरासत में ले लिया गया है। वहीं तीनों आरोपितों को खरार कोर्ट से 7 दिन की रिमांड पर भेज दिया है।

बता दें कि हाल में पंजाब की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (CU) के हॉस्टल से ‘छात्राओं के नहाने का वीडियो वायरल’ होने का मामला सामने आया था। खबरों में कहा गया था कि हॉस्टल की ही एक छात्रा ने वीडियो बनाकर लीक किए, जिसके कारण कुछ लड़कियों ने आत्महत्या की कोशिश की। इस पर पुलिस ने बताया कि हॉस्टल की किसी लड़की ने आत्महत्या की कोशिश नहीं की। एक लड़की को एंजायटी के कारण अस्पताल भेजा गया था।

‘इस्लामी देशों में ही हो रहा विरोध, फिर हिजाब अनिवार्य कैसे?’: सुप्रीम कोर्ट में BJP सरकार का तगड़ा ‘बाउंसर’, कहा – उपद्रव के पीछे PFI

मंगलवार (20 सितंबर, 2022) को हिजाब विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में 8वें दिन सुनवाई हुई। इस सुनवाई में कर्नाटक सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। उन्होंने ईरान का उदाहरण देते हुए बताया कि ऐसे इस्लामी देश भी हैं, जहाँ हिजाब का विरोध हो रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिन छात्राओं ने हिजाब बैन के खिलाफ याचिका दायर की है, वे कट्टरपंथी संगठन ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI)’ के प्रभाव में ऐसा कर रही हैं।

हिजाब बैन मामले में कर्नाटक सरकार का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, “कुछ ऐसे देश हैं जो संवैधानिक रूप से इस्लामी प्रकृति के हैं। लेकिन वहाँ भी महिलाएँ हिजाब का विरोध कर रही हैं।” इस पर कोर्ट ने पूछा कि आप किस देश की बात कर रहे हैं? इसके जवाब में सॉलिसिटर जनरल ने कहा, “ईरान, इसका मतलब यह है कि हिजाब धार्मिक रूप से अनिवार्य नहीं है। कुरान में केवल उल्लेख होने से इसे अनिवार्य नहीं कहा जा सकता।”

तुषार मेहता ने यह भी कहा कि सरकार का आदेश छात्रों के लिए नहीं, बल्कि संस्थानों के लिए है। उन्होंने समझाया कि सरकार ने कभी नहीं कहा कि लड़कियाँ इसे (हिजाब) नहीं पहनेंगी। उन्होंने बताया कि सरकार का आदेश पूरी तरह से जेंडर न्यूट्रल है और ऐसा नहीं है कि एक समुदाय एक विशेष को परिधान पहनने से रोका जाएगा। सभी छात्रों को निर्धारित यूनिफॉर्म पहननी चाहिए।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस हेमंत गुप्ता और सुधांशु धूलिया की बेंच को यह भी बताया कि 29 मार्च, 2013 को उडुपी के सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी गर्ल्स कॉलेज ने प्रस्ताव पास करके यूनिफॉर्म निर्धारित की थी। उन्होंने बताया कि यूनिफॉर्म निर्धारण के समय हिजाब को यूनिफॉर्म का हिस्सा नहीं बनाया गया था और उस समय किसी भी लड़की को इस यूनिफॉर्म से परेशानी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने भी जब 2021 में इस कॉलेज में एडमिशन लिया, तो उन्होंने भी यूनिफॉर्म के नियमों का पालन किया था।

उन्होंने यह भी कहा, “साल 2022 में PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) ने सोशल मीडिया पर एक कैंपेन चलाया था। इस कैंपेन का मकसद लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करके उपद्रव फैलाना था। ऐसा नहीं है कि कुछ बच्चियों ने अचानक से तय किया कि वे हिजाब नहीं पहनेंगी। ये सब सुनियोजित षड्यंत्र के तहत हुआ है। ये बच्चे वही कर रहे थे, जो PFI (पीएफआई) उनसे करवा रही थी।”

तुषार मेहता ने आगे कहा, “अगर राज्य सरकार ने 5 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी करके छात्राओं को ऐसे कपड़े पहनने से न रोका होता जो शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था को नुकसान पहुँचा सकते थे। यदि ऐसा होता तो यह कर्तव्य के प्रति लापरवाही होती।”

गौरतलब है कि इसी वर्ष 15 मार्च को कर्नाटक हाई कोर्ट ने उडुपी के सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी गर्ल्स कॉलेज की कुछ मुस्लिम छात्राओं की क्लास में हिजाब पहनने की माँग वाली याचिका खारिज कर दिया था। हाई कोर्ट कोर्ट ने अपने पुराने आदेश को बरकरार रखते हुए कहा था कि हिजाब पहनना इस्लाम की जरूरी प्रैक्टिस का हिस्सा नहीं है। इसे संविधान के आर्टिकल 25 के तहत संरक्षण देने की जरूरत नहीं है। कोर्ट के इसी फैसले को चुनौती देते हुए कुछ लड़कियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर सुनवाई हो रही है।

गुजरात में मोदी-मोदी के नारों से हुआ अरविंद केजरीवाल का स्वागत, हाथ जोड़ कर मुस्कुराते रहे दिल्ली CM: एयरपोर्ट से निकलते ही करना पड़ा सामना

AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल मंगलवार (20 सितंबर, 2022) को एक दिवसीय दौरे पर गुजरात के वडोदरा पहुँचे, लेकिन यहाँ के एयरपोर्ट पर उनका स्वागत ‘मोदी-मोदी’ के नारों से हुआ। सोशल मीडिया पर इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। जिसमें दिखाई दे रहा है कि सीएम केजरीवाल जैसे ही वडोदरा एयरपोर्ट से एग्जिट हुए, तभी परिसर ‘मोदी-मोदी’ के नारों से गूँज उठा।

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal) का स्वागत करने के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ता एयरपोर्ट पर ही उनका इंतजार कर रहे थे। जैसे ही वे एग्जिट गेट से बाहर निकले, तभी वहाँ अचानक ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगना शुरू हो गए। इसकी प्रतिक्रिया में सीएम केजरीवाल बस हाथ जोड़कर मुसकुराते रहे।

बताया जा रहा है कि सीएम केजरीवाल वडोदरा के ‘टाउन हॉल’ कार्यक्रम को संबोधित करने वाले हैं। सीएम केजरीवाल ने नारों को लेकर अपने एक बयान में कहा, “वडोदरा एयरपोर्ट पर मैं उतरा तो वहाँ 30-40 लोगों ने मेरे सामने मोदी-मोदी के नारे लगाए। गुजरात में ऐसा माहौल बन गया है कि बीजेपी को बहुत तकलीफ होने वाली है।”

अपने बयान को जारी रखते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, “कहते थे कि 66 सीटें ऐसी हैं अर्बन इलाकों में जहाँ बीजेपी कभी नहीं हारी है, इस बार इन सीटों पर भी काफी तकलीफ होने वाली है। जाहिर तौर पर ये मेरे खिलाफ नारे तो लगवाएँगे ही। दूसरी चीज यह है कि जब भी राहुल गाँधी गुजरात आए तो इन्होंने उसके सामने नारे नहीं लगाए। बीजेपी और कांग्रेस वाले इकट्ठे होकर केजरीवाल के खिलाफ नारे लगाते हैं। दोनों मिलकर गाली देते हैं।”

बुधवार को मनीष सिसोदिया भी पहुँचेंगे गुजरात

बताया जा रहा है कि ‘AAP’ की राज्य इकाई के अध्यक्ष गोपाल इटालिया ने बताया कि दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया बुधवार (21 सितंबर, 2022) को अहमदाबाद का दौरा करने वाले हैं। इस दौरान वे उत्तरी गुजरात में पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करने से सबसे पहले साबरमती आश्रम जाएँगे।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही सीएम केजरीवाल गुजरात दौरे पर अहमदाबाद पहुंचे थे। खबर है कि यहाँ उन्होंने पुलिस कर्मियों के साथ सिक्योरिटी को लेकर बदसलूकी की थी। जब सीएम एक ऑटो में बैठकर डिनर के लिए जा रहे थे, अभी पुलिस ने सुरक्षा के कारणों से उन्हें रोक तो वे भड़क गए।

इस दौरान AAP प्रमुख ने कहा, “आप मुझे जबरदस्ती सुरक्षा दे रहे हैं। आपको शर्म आनी चाहिए। आपके ऊपर धब्बा है, ये गुजरात की सिक्योरिटी के ऊपर धब्बा है। मुझे नहीं चाहिए ये सिक्योरिटी।” वहीं इस घटना के बाद पार्टी द्वारा इसका दोष भाजपा को दिया गया, पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा गया कि ‘तानाशाह’ BJP ने अरविंद केजरीवाल को ऑटो ड्राइवर के घर डिनर पर जाने से रोका।

मदरसों के बाद अब वक्फ संपत्तियों का होगा सर्वे, योगी सरकार की बड़ी तैयारी: देश का तीसरा सबसे बड़ा जमीन मालिक बन कर बैठा है

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार ने मदरसों के बाद अब वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का भी सर्वे करवाने का आदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के वर्ष 1989 के शासनादेश को निरस्त करते हुए एक महीने के भीतर सर्वे पूरा करवाने और वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने को कहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सर्वे का उद्देश्य वक्फ सम्पत्तियों पर अवैध कब्जे और बिक्री को रोकना है। इस दौरान प्रदेश के सभी जिलों में शिया और सुन्नी वक्फ बोर्डों की जाँच होगी। वहीं, 75 जिलों में जितनी भी जमीनें हैं, उन्हें वक्फ के नाम से अभिलेखों में दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।

उप सचिव शकील अहमद सिद्दीकी ने जिले के सभी कमिश्नर और डीएम को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा है, “वक्फ अधिनियम 1995 और उत्तर प्रदेश मुस्लिम वक्फ अधिनियम 1960 में वक्फ की संपत्ति को पंजीकरण कराने के प्रावधान के बावजूद नियमों की अनदेखी की गई है। वक्फ संपत्तियों को सुव्यवस्थित ढंग से राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने के लिए सात अप्रैल 1989 को शासनादेश भी जारी किया गया था। 1989 के शासनादेश के तहत पाया गया कि वक्फ की संपत्तियाँ अधिकतर बंजर, उसर और भाटी में दर्ज हैं। लेकिन, वह वक्फ की हैं। इसलिए इन भूमि को सही तरह से राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने और उनका सीमांकन कराने की जरूरत है।”

बता दें कि वर्ष 1989 के बाद से राजस्व अभिलेखों में दर्ज वक्फ संपत्तियों को नियमानुसार दुरुस्त करने को कहा गया है। देश भर में वक्फ बोर्ड के पास भारतीय सेना और रेलवे के बाद सबसे ज्यादा भूमि है। वक्फ बोर्ड को देश का तीसरा सबसे बड़ा भूमि मालिक बताया जा रहा है। वक्फ मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया के मुताबिक, देश के सभी वक्फ बोर्डों के पास कुल मिलाकर 8 लाख 54 हजार 509 संपत्तियाँ हैं, जो 8 लाख एकड़ से ज्यादा भूमि में फैली हुई हैं।

एक तरफ आतंक के खिलाफ लड़ाई की बातें, दूसरी तरफ UN में ₹40 करोड़ के इनामी आतंकी को बचा रहा चीन: कसाब को उसने ही दी थी ट्रेनिंग

उज़्बेकिस्तान के शहर समरकंद में शुक्रवार (16 सितंबर, 2022) को ‘शंघाई सहयोग संगठन (SCO)’ का शिखर बैठक संपन्न हुआ। ‘शंघाई सहयोग संगठन’ दुनिया का सबसे बड़ा अंतर-सरकारी संगठन है, जो कि राजनीति, अर्थशास्त्र, विकास और सेना के मुद्दों पर केंद्रित है। वर्तमान में इस संगठन में 8 सदस्य देश शामिल हैं। इन देशों की सूची में भारत, पाकिस्तान और उज्बेकिस्तान सहित 4 पर्यवेक्षक देश (Observer Countries) और 6 संवाद भागीदार (Dialogue Partners) देश शामिल हैं।

इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना, सीमा मुद्दों को हल करना, आतंकवाद और धार्मिक अतिवाद का समाधान करना और क्षेत्रीय विकास को बढ़ाना है।

चीन ने शिखर सम्मेलन में क्या कहा?

इस बैठक में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि सभी देश अपनी सुरक्षा और विकास के लिए क़दम उठाते हैं, सदस्य देशों को इसमें एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए। चीन ने अगले पाँच सालों तक एससीओ सदस्य देशों के 2000 सुरक्षाकर्मियों को प्रशिक्षण देने और आतंकवाद के विरोध लड़ाई में मदद के लिए एक ट्रेनिंग बेस बनाने का भी आश्वासन दिया। लेकिन, हाल ही में जब संयुक्त राष्ट्र में लश्कर-ए-तैय्यबा के आतंकी साजिद मीर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने के लिए भारत और अमेरिका ने प्रस्ताव लाया, तब चीन ने उस प्रस्ताव को ब्लॉक कर दिया।

पिछले तीन महीनों में यह तीसरी बार है, जब चीन ने पाकिस्तान के ज़मीन पर पलने वाले आतंकी को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 सूची में शामिल होने से रोका है। चीन का यह कदम चीन के दोहरे रवैये को साफ़-साफ़ दर्शाता है। चीन एक तरफ़ ‘आपसी विश्वास’ और ‘आपसी सहयोग’ की बात करता है, वहीं दूसरी तरफ़ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय हितों को हानि पहुँचाता है। यह चीन के ‘दोहरे चरित्र’ का परिचय देता है।

साजिद मीर भारत के लिए मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों में से एक है। वह 26/11 के मुंबई आतंकी हमले में शामिल था। मीर ने अजमल कसाब सहित कई हमलावरों को भर्ती किया और उन्हें प्रशिक्षित किया। वह ऑस्ट्रेलियाई सैन्य प्रतिष्ठान पर हुए हमलों जैसे कई आतंकवादी वारदातों में भी शामिल था अमेरिका ने उस पर 50 लाख डॉलर (39.88 करोड़ रुपए) का इनाम रखा हुआ है।

चीन: पुराना धोखेबाज़

चीन ने हमेशा भारत को पीठ में छुरा घोपा है। यह ऐसी पहली घटना नहीं है, जब चीन ने पीछे से धोखा दिया हो। भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और उस समय के चीनी प्रधान जोउ इनलाई ने पंचशील समझौता किया था। उसके कुछ ही वर्षों बाद चीन ने भारत पर हमला किया और पंचशील समझौते के सिद्धांतों की धज्जियाँ उड़ा दी। कश्मीर के मुद्दे को ले कर भी चीन अपनी दोहरी रणनीति का परिचय देते आया है।

पहले भी चीन ने अपने और पाकिस्तान के हितों को ध्यान में रखते हुए कई आतंकियों को सूची 1267 में शामिल होने से रोका है। चीन द्वारा अपने P-5 दर्जे का दुरुपयोग किया जा रहा है। इसके खिलाफ मुक़ाबला करने के सामूहिक प्रयासों को भी वो बाधित करता है। इस तरह का कदम अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद को बढ़ावा देता है और वैश्विक स्तर पर आम सहमति के विपरीत है। अपने विस्तारवादी नीतियों को आगे रखते हुए चीन ने ‘नियम आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था (Rule based International order)’ को हमेशा चुनौती दी है।

एससीओ के शिखर सम्मेलन में शुक्रवार को चीन ने आतंकवाद पर ठोस कार्रवाई की जरूरत की बात कही और दूसरे दिन जब उस पर अमल करने की बारी आई तो चीन ने भारत सहित दुनिया को धोखा दे दिया। साजिद मीर जैसे आतंकवादी को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 सूची में डालना क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता था। लेकिन, चीन ने अपने वीटो पावर (Veto Power) का इस्तेमाल कर के न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व को धोखा दिया है।

ऐसे कदम एससीओ जैसे क्षेत्रीय संगठनों के सदस्यों में अविश्वास पैदा करते हैं, जो कि सामूहिक क्षेत्रीय विकास और वैश्विक विकास के लिए ख़तरा है।

मोहब्बत ये नहीं तो क्या है… पाकिस्तानी अभिनेता के साथ अमीषा पटेल का रोमांटिक वीडियो, चर्चा – दोनों रिलेशनशिप में, एक-दूसरे को कर रहे डेट

बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल अपनी बोल्डनेस को लेकर चर्चा में बनी रहती हैं। इस बार वह अपनी पर्सनल-लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। अमीषा पटेल जहाँ अब तक सिंगल लाइफ इंजॉय कर रहीं थीं वहीं अब ऐसी खबरें हैं कि वह पाकिस्तानी एक्टर और सिंगर इमरान अब्बास को डेट कर रहीं हैं। दरअसल, अमीषा पटेल और इमरान अब्बास ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो अपलोड किया है। इस वीडियो में दोनों ही बेहद रोमांटिक अंदाज में नजर आ रहे हैं।

इस वीडियो के बैकग्राउंड में ‘क्रांति (2001)’ फिल्म का गाना ‘मोहब्बत ये नहीं तो क्या है…’ चल रहा है। इस पर अमीषा और इमरान लिपसिंक कर रहे हैं।

इस वीडियो के कैप्शन में इमरान अब्बास ने लिखा, “अपनी दोस्त अमीषा पटेल के साथ अपने फेवरेट टिपीकल बॉलीवुड ट्यून्स पर फिल्मी होकर मजा आया।” वहीं, अमीषा ने कैप्शन में लिखा, “पिछले हफ्ते बहरीन में अपने सुपरस्टार दोस्त इमरान अब्बास के साथ काफी मस्ती की। बॉबी देओल के साथ मेरी फिल्म ‘क्रांति’ का ये गाना इमरान और मेरे फेवरिट गानों में से एक है।” अमीषा की इंस्टाग्राम पोस्ट पर इमरान ने कमेंट भी किया है। इस कमेंट में उन्होंने लिखा, इस वीडियो को शूट करने में काफी मजा आया। वे फिर से अमीषा से मुलाकात होने का इंतजार कर रहे हैं।

इस वीडियो के सामने आने के बाद से अब तक इसे 98 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। वहीं, सोशल मीडिया पर उनके फैंस इन दोनों को साथ देखने के बाद उनकी जोड़ी को हिट बता रहे हैं। यही नहीं, दोनों को एक साथ किसी मूवी में देखने की भी डिमांड कर रहे हैं।

गौरतलब है, अमीषा पटेल और इमरान अब्बास की रिलेशनशिप को लेकर कई खबरें सामने आती रहतीं हैं। हालाँकि, इन दोनों ने कभी भी खुलकर रिलेशनशिप की बात स्वीकार नहीं की है। चूँकि, इन दोनों का यह रोमांटिक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, इसलिए इनके फैंस इनके रिलेशनशिप की सच्चाई जानने के लिए आतुर दिखाई दे रहे हैं।

‘शिमला बनेगी खालिस्तान की राजधानी’: आतंकी संगठन का ऐलान, ब्रिटेन के बाद अब कनाडा में जनमत संग्रह, कहा – 26 जनवरी को भारत में रेफरेंडम

पंजाब को अलग देश बनाने की नापाक साजिश रच रहे खालिस्‍तानी आतंकियों ने ब्रिटेन के बाद अब कनाडा में जनमत संग्रह कराया है। कनाडा के ओंटारियो शहर में यह जनमत संग्रह (Referendum) कराया है। सिख आतंकवादी संगठन का दावा है कि इसमें 1,10,000 सिखों ने हिस्सा लिया है। सिख फॉर जस्टिस के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्‍नू ने कहा, “हम हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला को खालिस्‍तान (Khalistan) देश की राजधानी बनाएँगे।”

इसके साथ ही पन्‍नू ने ऐलान किया कि अगले साल 26 जनवरी को भारत के 74वें गणतंत्र दिवस पर पंजाब में खालिस्‍तान के समर्थन में जनमत संग्रह शुरू होगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कनाडा लगभग दस लाख सिखों का घर है। इनमें से अधिकतर खालिस्‍तान के कट्टर समर्थक हैं। उनमें से ज्यादातर मूल रूप से पंजाब के निवासी हैं। खालिस्‍तान समर्थकों को लेकर भारत और कनाडा के बीच अक्‍सर तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। कनाडा की ट्रूडो सरकार ने इसे ‘शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रक्रिया’ बताते हुए ओंटारियो में जनमत संग्रह पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

मालूम हो कि इससे पहले 23 जून 1985 को कनाडा के सिख आतंकवादियों ने एयर इंडिया फ्लाइट 182 पर बमबारी की थी, जो अटलांटिक महासागर के ऊपर 31,000 फीट (9,400 मीटर) की ऊँचाई पर मॉन्ट्रियल से लंदन के बीच हवा में किया गया विस्‍फोट था। इसमें सभी 329 यात्री मारे गए थे। इस फ्लाइट का मलबा अटलांटिक महासागर में आयरलैंड के तट पास 190 किमी की दूरी पर गिरा था। मारे गए लोगों में 268 कनाडा के, 27 ब्रिटेन और 24 भारतीय नागरिक थे। 11 सितंबर के अमेरिका पर हमले के बाद यह दुनिया में सबसे खतरनाक हवाई आतंकी हमला माना जाता है।

बता दें कि पाकिस्तान की बदनाम खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के सहयोग से पन्नू खालिस्तानी आतंकियों को फिर से जिंदा करने की कोशिश करने में लगा हुआ है। उसकी देश विरोधी गतिविधियों को देखते हुए साल 2019 में भारत सरकार ने ‘सिख फॉर जस्टिस’ संगठन को बैन कर दिया था। पन्नू भी भारत में वांछित आतंकी है।

खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के पिता की मौत बहुत पहले हो गई थी। भारत में रहने वाली अपनी माँ को उसने बताया था कि वह कनाडा में बहुत बड़ा वकील है। कुछ वर्ष पहले उसकी माँ की भी मौत हो गई। अब भारत में उसके परिवार का कोई सदस्य नहीं रहता।