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2 मीनारों वाली मस्जिदें लोकल, 1 मीनार वाली अरबी पैसे से… लगभग हर गाँव में मदरसे: नेपाल बॉर्डर के मौलाना ने बताया इसमें कमीशन का खेल – OpIndia Ground Report

हाल में कई रिपोर्टें आई हैं जो बताती हैं कि नेपाल-भारत सीमा पर तेजी से डेमोग्राफी में बदलाव हो रहा है। मस्जिद-मदरसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए 20 से 27 अगस्त 2022 तक ऑपइंडिया की टीम ने सीमा से सटे इलाकों का दौरा किया। हमने जो कुछ देखा, वह सिलसिलेवार तरीके से आपको बता रहे हैं। इस कड़ी की नौवीं रिपोर्ट:

नेपाल के दांग जिले से भारत के बलरामपुर शहर वापस आते समय हमें जारवा थाने से कुछ ही आगे बालापुर इलाके में एक व्यक्ति मौलाना जैसी शक्ल की दिखाई दिए। वो किसी वाहन का इंतज़ार कर रहे थे। हमने उन्हें अपनी कार में लिफ्ट दी और थोड़ी ही देर बाद उनसे हमारी बॉर्डर से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर बात होने लगी। इस दौरान मौलाना ने अपना नाम बरकतउल्लाह खान और अपना गाँव बलरामपुर जिले के तुलसीपुर इलाके में आने वाला बसंतपुर बताया। उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक थी।

यह रिपोर्ट एक सीरीज के तौर पर है। इस पूरी सीरीज को एक साथ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

‘मेरे बचपन में नहीं थे इतने मदरसे’

जब हमने बरकतुल्लाह से उनकी बचपन में हुई पढ़ाई के बारे में पूछा तो उन्होंने खुद को बलरामपुर शहर के सरकारी स्कूल में पढ़ा बताया। ये जगह उनके घर से लगभग 30 किलोमीटर दूर थी तो हमने उनसे नजदीकी मदरसे में पढ़ाई न करने की वजह पूछी।

हमारे सवाल के जवाब में मौलाना बरकतउल्लाह खान ने बताया कि उनके बचपन में इतने मदरसे नहीं थे जितने अब हो गए हैं और तब गिनी चुनी जगहों पर भी मदरसे हुआ करते थे। बरकतुल्लाह ने खुद को अहले सुन्नत विचारधारा वाला बताया।

2 मीनारों वाली मस्जिद लोकल, 1 मीनार वाली अरबी पैसे से

बरकतउल्लाह ने हमें बताया कि नेपाल सीमा पर भारत की तरफ से बनी तमाम मस्जिदों के लिए सऊदी अरब द्वारा पैसे भेजे गए हैं। उन्होंने मस्जिदों के प्रकार बताते हुए कहा कि जिस मस्जिद में 2 मीनार बनी है, वो भारत के मुस्लिमों के पैसों से बनी है जबकि जिसमें 1 मीनार है, उसके लिए पैसा सऊदी अरब से आया है।

मौलाना बरकतउल्लाह खान ने सीमा क्षेत्र में बनी मस्जिदों को अहले सुन्नत और अन्य फिरकों से जुड़ा बताया। रास्ते में पड़े गिरधरडीह गाँव में 2 मस्जिदें दिखने के बाद बरकतुल्लाह ने कहा कि वहाँ के लोग गरीब हैं लेकिन जो लोग बाहर कमाने गए हैं, उनके ही भेजे पैसे से ये मस्जिदें बनी हैं।

चंदे से चल रहे मदरसे

इलाके के बेहतरीन मदरसे के बारे में सवाल किए जाने पर बरकतुल्लाह ने शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर से थोड़ी ही दूर पर मौजूद एक मदरसे का नाम लिया, जो तुलसीपुर बाजार के इटवा चौराहे पर स्थित है। उन्होंने बताया कि उस मदरसे को सरकारी इमदाद (अनुदान) मिलता है।

इसी के साथ उन्होंने इसके अलावा भी कई अन्य संचलित मदरसों का नाम लिया, जिन्हे चंदे पर चलाया जा रहा है। रास्ते में पड़े एक लौकी गाँव की तरफ इशारा करते हुए बरकतुल्लाह ने कहा कि लगभग हर गाँव में बच्चों को पढ़ाने के लिए मदरसा चल रहा है, भले ही वो आपसी चंदे से क्यों न संचालित हो।

सड़क के पास जमीनें 15 लाख रुपए/बीघे

मौलाना बरकतुल्लाह से हमने जब सड़क के किनारे बनी मस्जिद और मदरसों के लिए जमीन की खरीद के रेट की जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि सड़क के किनारे जमीन का रेट लगभग 15 लाख रुपए बीघा है। वहीं उनके मुताबिक सड़क से दूर गाँवों में जमीन लगभग 3 लाख रुपए बीघा के रेट से बिकती है।

जब हमने मौलाना बरकतुल्लाह से सवाल किया कि क्या सिर्फ खाड़ी देशों में कमाने वाले ही नेपाल सीमा पर बन रही इबादतगाहों के लिए पैसे भेजते हैं तो उन्होंने बताया कि मुंबई और अन्य शहरों में भी कमा रहे लोग इसमें मदद करते हैं। शेखों की शान में कसीदे गढ़ते हुए बरकतुल्लाह ने बताया कि वो रमज़ान के महीने में बोरे में नोट भर कर उड़ाते हैं और उनसे माँगने वाले यहाँ से भी बहुत लोग जाते हैं।।

इबादतगाहों के निर्माण में कमीशन का खेल

मौलाना बरकतुल्लाह ने बेहद फ़िक्र जताते हुए कहा कि जो भी मस्जिद, मदरसे या मज़ारें बनाई जा रही हैं, उनमें कमीशन का मोटा खेल चल रहा है। उनके मुताबिक सीमेंट, ईंट, सरिया और बालू आदि के फिक्स दुकानदार हैं, जिनसे सामान खरीदने वालों को उसके एवज में कमीशन मिलता है। बरकतुल्लाह के मुताबिक ऐसे सामान बेचने वाले सभी धर्मों के हैं और उनसे सामान खरीदना ही पड़ता है।

मज़ारों पर आने वाले हिन्दू ज्यादा मुस्लिम कम

इस बातचीत दौरान हम बॉर्डर से लगभग 20 किलोमीटर दूर तुलसीपुर बाजार पहुँच गए थे। बाजार की शुरुआत में ही दिखी एक मज़ार को दिखाते हुए मौलाना बरकतउल्लाह ने बताया कि यहाँ पर मुस्लिमों के मुकाबले हिन्दू ज्यादा आते हैं।

मौलाना बरकतुल्लाह के मुताबिक मज़ारें पैसे लूटने का जुगाड़ हैं और जिसे भी पैसे कमाने होते हैं, वो अपनी जमीनों में वो काम करने लगते हैं। बरकतुल्लाह ने ये भी बताया कि कई पढ़े-लिखे लोग भी ईमान ला चुके हैं। (ईमान लाने का मतलब मुस्लिम बन जाने से है)।

कई गाँव मुस्लिम बाहुल्य

हमारे साथ कार में बैठे मौलाना बरकतुल्लाह भी इस बात से सहमत थे कि बॉर्डर के कई गाँव मुस्लिम बाहुल्य हैं। उन्होंने अपनी तरफ से सेमरी, चैनपुर, सिवली, जीवली और बसंतपुर जैसे कुछ गाँवों का नाम भी लिया। बरकतुल्लाह के मुताबिक इन गाँवों में मस्जिद और मदरसे भी हैं, जहाँ रहना और खाना फ्री है और उन मदरसों में उर्दू और अरबी की पढ़ाई होती है। रास्ते में मदरहवा गाँव में सड़क के किनारे दिखे एक मदरसे को बरकतुल्लाह ने प्राइवेट मदरसा बताया।

कागजों में शिया या सुन्नी, अंदर कई फिरके

मौलाना बरकतउल्लाह ने हमसे बताया कि सरकार के कागजों में वो शिया या सुन्नी के रूप में जाने जाते हैं लेकिन अंदर ही अंदर कई फिरके बँटे हुए हैं। उनके मुताबिक इसी में अहले हदीस, वहाबी और कई अन्य फिरके शामिल हैं और उनकी मस्जिदें भी उसी तरह से बाँट दी गई हैं।

मस्जिदों में लाउडस्पीकर बंद करवा मंदिरों में बजवाते हैं नगाड़े

बरकतुल्लाह योगी सरकार से खासे नाराज दिखे। उनके हिसाब से नई सरकार में महंगाई बढ़ी और सड़कों पर बहुत से जानवर दिखाई देते हैं। हमसे बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि योगी की सरकार बनने के बाद उनकी मस्जिदों से अज़ान के समय लाउडस्पीकर उतार लिए गए।

उन्होंने यह भी बताया कि सीएम योगी के गोरखपीठ से तुलसीपुर स्थित देवीपाटन मंदिर में हर दिन सुबह की शुरुआत नगाड़े बजा कर होती है। मौलाना बरकतुल्लाह को मंदिर नगाड़े बजने की शुरुआत से बंद होने का समय भी याद था। बरकतुल्लाह के मुताबिक कुछ मस्जिदों में अभी भी आवाज कम करने की परमिशन पर लाउडस्पीकर लगे हुए हैं।

कोयलाबास (नेपाल) में मुस्लिमों की मनिहार बिरादरी ज्यादा

भारत की सीमा के उस पास नेपाल के पहले गाँव और बाजार कोयलाबास में मुस्लिम ग्राम प्रधान होने की जानकारी बरकतुल्लाह ने भी दी। उन्होंने बताया कि भारत के उस पार नेपाल के कोयलाबास में मुस्लिमों की मनिहार बिरादरी अधिक है।

इसी के साथ उन्होंने कोयलाबास के मुस्लिमों को कारोबार में सफल बताया। बरकतुल्लाह ने बताया कि ये कारोबारी भले ही सीमा पर न दिखते हों पर नेपाल में और अंदर जाने पर दिखेंगे। इसी के साथ उन्होंने कहा कि जल्द ही कोयलाबास फिर से आबाद होने वाला है।

लगभग आधे घंटे मौलाना बरकतुल्लाह हमारे साथ हमारी कार में बैठे रहे। रास्ते में तुलसीपुर बाजार में ही उनका घर आ गया और वो हमसे खुदा हाफिज बोल कर उतर गए।

पढ़ें पहली रिपोर्ट : कभी था हिंदू बहुल गाँव, अब स्वस्तिक चिह्न वाले घर पर 786 का निशान: भारत के उस पार भी डेमोग्राफी चेंज, नेपाल में घुसते ही मस्जिद, मदरसा और इस्लाम – OpIndia Ground Report

पढ़ें दूसरी रिपोर्ट : घरों पर चाँद-तारे वाले हरे झंडे, मस्जिद-मदरसे, कारोबार में भी दखल: मुस्लिम आबादी बढ़ने के साथ ही नेपाल में कपिलवस्तु के ‘कृष्णा नगर’ पर गाढ़ा हुआ इस्लामी रंग – OpIndia Ground Report

पढ़ें तीसरी रिपोर्ट : नेपाल में लव जिहाद: बढ़ती मुस्लिम आबादी और नेपाली लड़कियों से निकाह के खेल में ‘दिल्ली कनेक्शन’, तस्कर-गिरोह भारतीय सीमा पर खतरा – OpIndia Ground Report

पढ़ें चौथी रिपोर्ट : बौद्ध आस्था के केंद्र हों या तालाब… हर जगह मजार: श्रावस्ती में घरों की छत पर लहरा रहे इस्लामी झंडे, OpIndia Ground Report

पढ़ें पाँचवीं रिपोर्ट : महाराणा प्रताप के साथ लड़ी थारू जनजाति बहुल गाँव में 3 मस्जिद, 1 मदरसा: भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी का ये है ‘पैटर्न’ – OpIndia Ground Report

पढ़ें छठी रिपोर्ट : बौद्ध-जैन मंदिरों के बीच दरगाह बनाई, जिस मजार को पुलिस ने किया ध्वस्त… वो फिर चकमकाई: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी – OpIndia Ground Report

पढ़ें सातवीं रिपोर्ट : हनुमान गढ़ी की जमीन पर कब्जा, झारखंडी मंदिर सरोवर में ताजिया: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी, असर UP के बलरामपुर में – OpIndia Ground Report

पढ़ें आठवीं रिपोर्ट : पुरातत्व विभाग से संरक्षित जो जगह, वहाँ वक्फ की दरगाह-मजार: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी, मुसीबत में बौद्ध धर्मस्थल – OpIndia Ground Report

‘आप अपनी जमीन नहीं बेच सकते, ये वक्फ बोर्ड की हो गई है’ : तमिनलाडु में हिंदू बाहुल्य गाँव पर कब्जा, BJP नेता ने पूछा- 1500 साल पुराने मंदिर का क्या होगा

तमिलनाडु में वक्फ बोर्ड द्वारा एक संपत्ति पर कब्जा करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वहाँ, हिंदू बाहुल्य आबादी वाले एक पूरे गाँव को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया गया है।तमिलनाडु वक्फ बोर्ड द्वारा तमिलनाडु में त्रिची के नजदीक स्थित तिरुचेंथुरई गाँव को वक्फ संपत्ति के रूप में बताया जा रहा है।

यह पूरा मामला तब सामने आया, जब राजगोपाल नाम के एक व्यक्ति ने अपनी 1 एकड़ 2 सेंट जमीन राजराजेश्वरी नामक व्यक्ति को बेचने का प्रयास किया। राजगोपाल जब अपनी जमीन बेचने के लिए रजिस्ट्रार ऑफिस पहुँचे, तो उन्हें पता चला कि जिस जमीन को बेचने के बारे में वह सोच रहे हैं वह उनकी है ही नहीं बल्कि, जमीन वक्फ हो चुकी है और अब उसका मालिक वक्फ बोर्ड है।

राजगोपाल का कहना है कि उनसे यहाँ के रजिस्ट्रार मुरली ने कहा, “जिस जमीन को आप बेचने आए हैं उस जमीन का मालिक वक्फ बोर्ड है। वक्फ बोर्ड के निर्देश के अनुसार इस जमीन को बेचा नहीं जा सकता। आपको चेन्नई में वक्फ बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करना होगा।”

इस पर राजगोपाल ने पूछा “साल 1992 में खरीदी गई अपनी जमीन को बेचने के लिए वक्फ बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने की आवश्यकता क्यों है?”

राजगोपाल के इस सवाल पर, तमिलनाडु वक्फ बोर्ड से राजगोपाल को 250 पन्नों का एक पत्र दिखाते हुए, रजिस्ट्रार ने कहा, “तिरुचेंथुरई गाँव में किसी भी भूमि की बिक्री के लिए चेन्नई में वक्फ बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। वक्फ बोर्ड ने भू-अभिलेख विभाग को पत्र और दस्तावेज द्वारा सूचित किया है कि यह पूरा गाँव उसका है। यह भी कहा गया है कि जो व्यक्ति गाँव की जमीन के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आते हैं, उन्हें वक्फ बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना पड़ेगा।”

राजगोपाल ने जब गाँव वालों को आपबीती सुनाई तो पूरा गाँव यह जानकर हैरान रह गया कि जिस जमीन में वह सालों से रहते आ रहे हैं वह उनकी नहीं है। ग्रामीणों ने सोचा कि वक्फ बोर्ड पूरे गाँव का मालिक होने का दावा कैसे कर सकता है जब उनके पास आवासीय और कृषि दोनों के लिए उनके पास जमीनों के आवश्यक दस्तावेज हैं।

इसके बाद, परेशान ग्रामीण इस पूरे मामले को लेकर जब कलेक्टर के पास पहुँचे तो उन्होंने कहा है कि इसकी जाँच करनी पड़ेगी उसके बाद किसी प्रकार की कार्रवाई हो सकती है।

त्रिची जिले के भाजपा नेता अल्लूर प्रकाश ने कहा है, “त्रिची के पास तिरुचेंदुरई गाँव, हिंदुओं का एक कृषि क्षेत्र है। वक्फ बोर्ड का तिरुचेंथुरई गांव से क्या संबंध है?”

उन्होंने आगे कहा “गाँव में मानेदियावल्ली समीथा चंद्रशेखर स्वामी मंदिर है। कई दस्तावेजों और सबूतों के मुताबिक यह मंदिर 1,500 साल पुराना है। मंदिर के पास तिरुचेंथुरई गाँव और उसके आसपास 369 एकड़ की संपत्ति है। क्या यह मंदिर संपत्ति भी वक्फ बोर्ड के स्वामित्व में है? इसका आधार क्या है? वक्फ बोर्ड बिना किसी बुनियादी सबूत के कैसे घोषणा कर सकता है कि यह जमीन उसकी है। जबकि, गाँव के लोगों के पास जमीन के आवश्यक दस्तावेज हैं।”

9 की उम्र में छोड़ा घर, 19 में ‘क्रांतिकारी साधु’ बने: शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का 99 साल की उम्र में निधन, राम मंदिर के लिए लड़ी थी लंबी लड़ाई

मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में आज (11 सितंबर 2022) शारदा एवं द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का निधन हो गया। उन्होंने 99 साल की आयु में दोपहर 3:30 बजे अपने झोतेश्वर स्थित परमहंसी गंगा आश्रम में अंतिम साँस ली।

बता दें कि स्वरूपानंद सरस्वती का जन्म मध्य प्रदेश के सिवनी में 2 सितंबर 1924 को हुआ था। 9 साल की उम्र में उन्होंने खुद को धर्म के लिए समर्पित किया। उन्होंने काशी आकर वेदों का ज्ञान लिया और हिंदू धर्म को आगे बढ़ाने में योगदान देने लगे।

आजादी के समय जब 1942 में अंग्रेजों को खदेड़ने का अभियान तेज हुआ तो उनकी उम्र महज 19 साल की थी। बावजूद इसके उन्होंने अभियान में अपना योगदान दिया और लोग उन्हें क्रांतिकारी साधु के रूप में जानने लगे। इसके बाद उन्होंने राम मंदिर के निर्माण में जो सालों कानूनी लड़ाई लड़ी उसमें भी अपना योगदान दिया। जम्मू-कश्मीर और अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर भी उनके सदैव स्पष्ट बयान आए।

आज उनके निधन की खबर सुन पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई दिग्गत नेताओं ने अपना दुख व्यक्त किया। पीएम ने लिखा,

“द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। शोक के इस समय में उनके अनुयायियों के प्रति मेरी संवेदनाएँ ओम शांति!”

गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा, “द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। सनातन संस्कृति व धर्म के प्रचार-प्रसार को समर्पित उनके कार्य सदैव याद किए जाएँगे। उनके अनुयायियों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को सद्गति प्रदान करें। ॐ शांति।”

Pak की बाढ़ में जब डूबा बलूचिस्तान का गाँव, हिन्दू मंदिर 300 लोगों का सहारा बना: कई मुस्लिमों ने भी ली शरण, पशुओं के भी रहने का इंतजाम

पाकिस्तान इस समय बाढ़ से जूझ रहा है। वहाँ, अधिकांश प्रान्त बाढ़ में डूबे हुए हैं, जिससे करोड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। इस बड़ी आपदा में बलूचिस्तान के कच्छी जिले का एक मंदिर अधेरे में रोशनी बनकर सामने आया है। इस मंदिर में करीब 300 लोगों को आसरा मिला है जिसमें अधिकांश मुस्लिम हैं।

दरअसल, बलूचिस्तान के कच्छी जिले का जलाल खान गाँव बाढ़ से बहुत अधिक प्रभावित हुआ है। इस बाढ़ ने यहाँ के लोगों को बेघर कर दिया है। ऐसे में इस गाँव के मंदिर ने यहाँ के लोगों को सहारा दिया है। इस मंदिर में गाँव के कई मुस्लिम परिवारों ने शरण ले रखी है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नारी, बोलन, और लहरी नदियों में बाढ़ आने के कारण बलूचिस्तान का यह छोटा गाँव पूरे प्रांत से कट गया है। भारी बाढ़ में फँसे हुए लोगों के लिए कोई और रास्ता नहीं था। ऐसे में यहाँ के बाबा माधोदास मंदिर के दरवाजे बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए खुले। इस मंदिर का निर्माण संत बाबा माधोदास ने करवाया था। चूँकि, यह मंदिर ऊँचाई पर बना हुआ है। इसलिए, बाढ़ का पानी इस मंदिर तक नहीं पहुँच पाया है।

कच्छी जिले की भाग नारी तहसील के रतन कुमार इस समय इस मंदिर के प्रभारी हैं। रतन कुमार ने इस मंदिर को लेकर कहा है, “मंदिर में सौ से ज्यादा कमरे हैं। हर साल बलूचिस्तान और सिंध से बड़ी संख्या में लोग तीर्थयात्रा के लिए यहाँ आते हैं। बाढ़ से इस मंदिर को भी नुकसान हुआ है। हालाँकि, इस मंदिर का मूल ढाँचा सुरक्षित है। इसलिए, बाढ़ पीड़ितों को सहारा दिया जा रहा है।”

बताया जा रहा है, इस मंदिर में करीब 300 लोगों और उनके पशुओं को शरण दी गई है। इसमें, अधिकांश लोग मुस्लिम हैं। इन सभी की देखभाल हिन्दू परिवारों द्वारा की जा रही है। शुरुआत में यह क्षेत्र पूरी तरह से कट गया था। उस दौरान, पीड़ितों को हेलीकॉप्टर से राशन उपलब्ध कराया जा रहा था। लेकिन अब सभी लोग मंदिर में चले गए तो उनके लिए हिन्दुओं द्वारा ही सारी व्यवस्था की जा रही है।

गौरतलब है, पाकिस्तान में हिन्दू अल्पसंख्यक हैं। वहाँ, आए दिन हिन्दुओं को प्रताड़ित करने की खबरें आती रहतीं हैं। इन खबरों में धर्मपरिवर्तन से लेकर बलात्कार और हत्या की खबरें होती हैं। लेकिन, इन तमाम बातों के बीच यहाँ के हिन्दुओं ने जिस तरह से मुस्लिमों को शरण दी है और भरपूर सहायता कर रहे हैं वह मानवता की बडी मिशाल है।

प्रेमी इजरायल के साथ मिल चंचल ने छोटे भाई को उतारा मौत के घाट, लाश घर में दफनाई: पुलिस ने ढाई महीने बाद पकड़ा, BF फरार

झारखंड के रामगढ़ जिले में एक बहन पर अपने भाई की हत्या करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि एक मुस्लिम युवक मोहम्मद इजरायल उर्फ़ सोनू से बहन चंचल कुमारी के संबंधों का विरोध करना ही मृतक रोहित के कत्ल की वजह बनी। आरोप है कि इस हत्या में मृतक के बहन का साथ उसके मुस्लिम प्रेमी ने भी दिया। मृतक रोहित 30 जून से लापता था जिसकी हत्या का खुलासा पुलिस ने शनिवार (10 सितम्बर 2022) को किया। मृतक की आरोपिता बहन चंचल कुमारी को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि उसका प्रेमी इजरायल फरार हो गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना पतरातू थाना क्षेत्र की है। यहाँ के पंच मंदिर पंचायत में रहने वाली चंचल कुमारी का प्रेम प्रसंग पड़ोस के गाँव के मोहम्मद इजरायल से चल रहा था जिसे क्षेत्र में सोनू नाम से भी जाना जाता है। चंचल कुमारी के 21 वर्षीय भाई रोहित कुमार को ये रिश्ता पसंद नहीं था और वो लगातार अपनी बहन को टोका करता था। मृतक रोहित के पिता नरेश महतो बिजली विभाग में काम करते हैं। पहले वो पतरातू में पोस्टेड थे और वहीं के सरकारी आवास में रहा करते थे। बाद में उनका ट्रांसफर राँची हो गया था।

बताया जा रहा है कि राँची ट्रांसफर होने के बाद भी रोहित के पिता ने पतरातू का सरकारी क्वार्टर नंबर F-235, रोड नंबर 33 खाली नहीं किया था और चंचल कुमारी उसमें अकेले ही रहती थी। मृतक रोहित अपने पिता के साथ अधिकतर समय राँची में ही रहता था। फिर भी चंचल कुमारी अपने भाई को अपने व मोहम्मद इजरायल की राह का रोड़ा मानती थी। इसी वजह से उन दोनों ने रोहित को मारने का प्लान बना डाला।

रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतक रोहित 24 जून को अपने ममेरे भाई के घर गया था। यह घर राँची के चुटिया थानाक्षेत्र में पड़ता है। इस बीच अपनी साजिश को अंजाम देने के लिए 30 जून 2022 को रोहित की बहन चंचल ने उसे फोन कर के अपने पास पतरातू बुलाया। चंचल ही रोहित को राँची से पतरातू ले गई और वहीं पर अपने पिता के सरकारी आवास में ही उसने अपने प्रेमी मोहम्मद इजरायल के साथ मिल कर रोहित को मार डाला।

बताया जा रहा है कि दोनों ने रोहित को मार कर उसकी लाश घर के ही एक कमरे में दफना दिया। उन दोनों ने लाश के लिए खोदी गई जमीन को प्लास्टर भी कर के ढक दिया। भाई को मार कर दफनाने के बाद गिरफ्तार होने तक चंचल उसी मकान में अकेले रहती रही। इधर रोहित के गायब होने के बाद उसके पिता ने 30 जून को चुटिया थाना पुलिस में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने रोहित के फोन को सर्विलांस पर लगाया तो वह उसकी बहन चंचल के पास चलता मिला। पुलिस ने अंतिम कॉल और लोकेशन के आधार पर चंचल कुमारी से पूछताछ की तो कुछ ही देर में वो सब सच बताने लगी।

बताया जा रहा है कि चंचल ने पुलिस को वो जगह भी दिखाई जहाँ उसने अपने प्रेमी मोहम्मद इजरायल के साथ अपने भाई की हत्या की थी। पुलिस ने चंचल के कबूलनामे के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। उधर भेद खुल जाने की जानकारी होते ही चंचल का प्रेमी मोहम्मद इजरायल फरार हो गया है जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। पुलिस ने रोहित की लाश निकलवा ली है जो ढाई महीने में बुरी तरह से सड़ और गल चुकी है। पुलिस इस बात की जानकारी भी जुटाने में लगी है कि कहीं रोहित की हत्या में चंचल, मोहम्मद इजरायल के अलावा कोई और तो शामिल नहीं था।

‘फिल्म देख कर जाएँ, पर किसी को कुछ बताएँ न’ : रणबीर कपूर ने ‘ब्रह्मास्त्र’ के लिए की अपील, Video वायरल

बॉलीवुड की सबसे महंगी फिल्म ब्रह्मास्त्र (Brahmastra) शुक्रवार (9 सितंबर 2022) को रिलीज हो गई। इस फिल्म को लेकर चलाए गए बायकॉट ट्रेंड का असर काफी हद तक दिखाई पड़ रहा है। हालाँकि, फिल्म लगातार कमाई भी कर रही है। लेकिन, 410 करोड़ रुपए की लागत में बनी ब्रह्मास्त्र को लागत वसूलने में ही काफी समय लग सकता है।

इस बीच रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इसमें रणबीर दर्शकों से अनुरोध कर रहे हैं कि उनकी फिल्म का स्पॉइलर सोशल मीडिया पर न डाला जाए।

दरअसल, आलिया भट्ट और रणबीर कपूर स्टारर ब्रह्मास्त्र के रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया में इस फिल्म की कहानी और खासतौर से डायलॉग्स को लेकर मजाक उड़ाया जा रहा था। जिसके बाद, रणबीर कपूर की वीडियो वायरल हुई। इसमें वह फैंस से रिक्वेस्ट करते दिखे कि दर्शक सोशल मीडिया पर फिल्म का कोई भी स्पॉइलर न डालें और लोगों को थिएटरों में फिल्म का आनंद लेने दें।

वायरल वीडियो में रणबीर कपूर को सिनेमाहॉल में माइक पर बोलते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो में, रणबीर कपूर कह रहे हैं, “एक रिक्वेस्ट है, जो थोड़े-बहुत स्पॉइलर हैं फिल्म के प्लीज ट्राई करें कि इन्हें सोशल मीडिया पर ना लिखें। क्योंकि जिन्होंने अब तक मूवी नहीं देखी है वो इसे एक्सपेरियंस करना चाहेंगे।”

बता दें, ‘ब्रह्मास्त्र ‘ करण जौहर के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में से एक है। इस फिल्म के निर्माण में उन्होंने 410 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। साथ ही बताया जाता है, इस फिल्म के निर्माण में करीब 9 साल लग गए हैं। बावजूद इसके यह फिल्म दर्शकों के बीच जगह बनाने में कामयाब नहीं रही है।

रणबीर कपूर और आलिया भट्ट (Alia Bhatt) के अलावा इस फिल्म में नागार्जुन, अमिताभ बच्चन और मौनी रॉय अहम भूमिकाओं में हैं। साथ ही, शाहरुख खान कैमियो करते हुए नजर आ रहे हैं।

इस फिल्म की कमाई की बात करें तो इसने ओपनिंग डे यानी रिलीज के पहले दिन करीब 37 करोड़ रुपए की कमाई की थी। वहीं, अब तक इस फिल्म की कुल कमाई 75 करोड़ के आसपास बताई जा रही है। यदि फिल्म इसी तरह कमाई करती रही तो जल्द ही 100 करोड़ के क्लब में शामिल हो जाएगी।

किडनी हुई फेल और मलद्वार से निकला खून: 15 साल की ST लड़की से रेप करने वाले सहरुद्दीन की जेल कस्टडी में मौत, अब्बा ने माँगा नौकरी और मुआवजा

झारखंड में नाबालिग लड़की से रेप करने के आरोपित सहरुद्दीन अंसारी की शनिवार (10 सितम्बर 2022) को (जेल कस्टडी में रहते हुए) इलाज के दौरान मौत हो गई है। वह राँची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद था। सहरुद्दीन के परिवार वालों ने इसके लिए पुलिस के टॉर्चर को जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार से मुआवजे की माँग की है।

26 साल के सहरुद्दीन ने 28 अगस्त 2022 को राजधानी राँची में 15 साल की एक नाबालिग जनजातीय लड़की के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस उसी दिन सहरुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वह लड़की का पड़ोसी था।

पुलिस पर पिटाई का आरोप और नौकरी-मुआवजे की माँग

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेरो गाँव के निवासी सहरुद्दीन के अब्बा रुबिल अंसारी ने नरकोपी थाने के सब इंस्पेक्टर अविनाश पर अपने बेटे की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगाया। अंसारी का कहना है कि उसी पिटाई की वजह से उसके बेटे की मौत हुई है।

मृतक सहरुद्दीन के अब्बा का कहना है कि गिरफ्तारी के अगले दिन जब वो थाने में अपने बेटे से मिलने गए तो दरोगा अविनाश ने उन्हें मिलने नहीं दिया और कहा कि उनका बेटा सो रहा है। रुबिल के मुताबिक, गिरफ्तारी के 3 दिनों के बाद जब वो अपने बेटे से जेल में मिले तो वह ठीक से बोल नहीं पा रहा था। उन्होंने थाना प्रभारी विजय मंडल पर भी सहरुद्दीन की पिटाई का आरोप लगाया।

रुबिल ने आगे बताया कि उन्हें 9 सितम्बर को सहरुद्दीन के रिम्स (अस्पताल) में भर्ती होने की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि जब वो अस्पताल पहुँचे तब तक सहरुद्दीन की मौत हो चुकी थी। मृतक के भाई शाहिद अंसारी के मुताबिक, जब सहरुद्दीन पर रेप का आरोप लगा था तब गाँव के ही कुछ युवकों ने उसे पुलिस के आगे ही बेरहमी से पीटा था।

शाहिद का कहना है कि उसके भाई को पुलिस ने भी थाने ले जाकर पीटा। इसी कारण हालत ज्यादा खराब हो गई और सहरुद्दीन की मौत हो गई। शाहिद का मानना है कि सहरुद्दीन को पुलिस ने आनन-फानन में तब जेल भेजा था, जब उसकी हालत खराब होने लगी थी। सहरुद्दीन के परिजनों ने सरकार से पुलिसकर्मियों पर एक्शन के साथ मुआवजा और परिवार के एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी की माँग की है।

मलद्वार से निकल आया था खून

डॉक्टरों ने सहरुद्दीन की मौत की वजह आँत में ब्लीडिंग और किडनी का खराब होना बताया है। उसका यूरिया लेवल बढ़ने और मलद्वार से भी खून निकलने की बात कही जा रही है। इस मामले में जेलर का कहना है कि जब सहरुद्दीन जेल आया था तब उसके शरीर पर चोटें थीं। उसे आंतरिक चोटें भी लगी थीं।

बताया जा रहा है कि 31 अगस्त से 8 सितम्बर तक सहरुद्दीन का इलाज जेल में ही हुआ, लेकिन फायदा न होने पर उसे रिम्स भेजा गया। इन आरोपों पर बेड़ो के डिप्टी एसपी अजीत प्रेम बाखला ने कहा कि सहरुद्दीन को बाकायदा मेडिकल परीक्षण के बाद जेल भेजा गया था और मेडिकल परीक्षण में वह स्वस्थ था। सहरुद्दीन का इलाज 11 सितम्बर 2022 (रविवार) को रिम्स में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुआ।

पड़ोसियों ने पकड़कर किया था पुलिस के हवाले

सहरुद्दीन ने 28 अगस्त 2022 को करीब 10 बजे घर से निकलकर नहाने जा रही एक जनजातीय नाबालिग लड़की से बलात्कार किया था। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि तेज बारिश आ जाने के कारण वह एक पेड़ के नीचे खड़ी हो गई थी। उसी दौरान वहाँ सहरुद्दीन आ गया। उसके बाद वह घबराकर घर भाग गई थी।

सहरुद्दीन भी पीछे भागते हुए लड़की के घर में घुस गया था और आंगन में पटक कर उसके साथ दुष्कर्म किया था। जिस समय यह घटना हुई थी, उस समय लड़की घर पर अकेली थी। ऐसे में आस-पड़ोस वालों ने आवाज सुनकर उसकी मदद की। पड़ोसियों ने सहरुद्दीन को पकड़ा और पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया था।

‘दोस्ती करो, वरना उठा ले जाएँगे’ : राँची के स्कूल में घुसकर मुस्लिम युवकों ने लहराए हथियार, हिन्दू छात्राओं को दी धमकी; फिरदौस, सुहैल के खिलाफ केस दर्ज

झारखंड के राँची में कुछ मुस्लिम युवकों पर आरोप लगा है कि उन्होंने एक सरकारी स्कूल में घुस कर कक्षा 9 की लड़कियों को जबरन दोस्ती करने के लिए धमकाया और स्कूल कैंपस में हथियार भी लहराए।

जानकारी के मुताबिक इन लड़कों ने हिंदू लड़कियों के इंकार पर उन्हें अंजाम भुगतने की धमकी दी। साथ ही जिन छात्रों और शिक्षकों ने स्कूली छात्राओं के पक्ष में बात रखी उन्हें भी परिणामों भुगतने के लिए तैयार रहने को कहा।

इस संबंध में शनिवार (10 सितम्बर 2022) को शिकायत दी गई थी। छात्राओं ने शिकायत में बताया था कि उनके साथ ये हरकतें हफ्ते भर से हो रही हैं। अभी तक इस मामले में 5 आरोपितों को नामजद किया गया है। पीड़ित छात्राओं के मुताबिक ये हरकत करने वाले विशेषकर आदिवासी और हिन्दू लड़कियों को टारगेट करते हैं। बताया जा रहा है कि लड़के स्कूल की छत पर बैठ जाते हैं और आने-जाने वाली लड़कियों पर छींटाकशी भी करते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पूरा मामला राँची के ओरमांझी का है। आरोप है कि यहाँ के प्रोजेक्ट प्लस 2 उच्च विद्यालय में कुछ मुस्लिम लड़के हिन्दू लड़कियों को दोस्ती करने और न मानने पर उठा ले जाने की धमकी देते हैं। आरोपित स्कूल में जबरन हथियार ले कर घुसते हैं और खुद को रोकने वाले छात्रों और टीचरों से भी विवाद करते हैं।

पीड़ित छात्राओं और उनके परिजनों ने थाने में तहरीर दे कर बताया है कि कुछ दिन पहले शिक्षक दिवस के दिन इन सभी आरोपितों ने स्कूल में लगा जेनरेटर पलट दिया था। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने कहा कि आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आरोपितों की इस हरकत के खिलाफ गाँव में स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने एक सभा भी की है। राँची के SP नौशाद आलम का कहना है कि उनकी जानकारी में मामला 1 दिन पहले ही आया है और उन्होने FIR दर्ज करने के आदेश देते हुए जाँच DSP को सौंप दी है। मीडिया रिपोर्ट्स में आरोपितों की पहचान फिरदौस अंसारी, सुहैल अंसारी, मुजम्मिल अंसारी, तौफिक अंसारी, जमील अंसारी बताई गई है।

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने इस खबर का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। उन्होंने लिखा, “जब शासन अकर्मण्य हो तो ऐसे हो अपराधी सर उठाकर तांडव करते हैं। राँची के ओरमांझी के एक स्कूल में मुस्लिम युवकों द्वारा हथियार लहराना और नौवीं कक्षा की छात्राओं पर दोस्ती करने के लिए दबाव और मना करने पर उठा लेने की धमकी की ख़बर हैरान करने वाली है।”

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल ने इसी क्रम में आगे लिखा, “राजनैतिक संरक्षण ऐसे अपराधियों का मनोबल बढ़ा रहे हैं। दुमका से लेकर गढ़वा तक की घटना राज्य में ध्वस्त हो चुके कानून व्यवस्था की पोल खोलती है और अब राज्य की राजधानी की यह ख़बर।” बाबूलाल मरांडी ने झारखंड के मुख्यमंत्री से आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग भी की है।

नोएडा में अब गार्ड को मारती महिला प्रोफेसर का वीडियो वायरल: पिछले महीने महिला वकील ने गार्ड संग की थी मारपीट, ‘बिहारी’ कह दी थीं अश्लील गालियाँ

उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें एक महिला एक सिक्योरिटी गार्ड को लगातार तमाचे मार रही है। इतना ही नहीं, महिला गार्ड को गंदी-गंदी गालियाँ भी दे रही है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मामला नोएडा के फेज-3 के क्लियो काउंटी सोसायटी का बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जिस महिला ने गार्ड के साथ गाली-गलौच और मारपीट की है, वह प्रोफेसर है। इसकी शिकायत थाने में कर दी गई है।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही एक महिला वकील का भी नोएडा से वीडियो वायरल हुआ था। इसमें भव्या राय नाम की महिला वकील गार्ड को गंदी-गंदी गालियाँ दे रही थी। इसके साथ ही वह अश्लील इशारे भी कर रही थी और गार्ड के साथ धक्का-मुक्की कर रही थी। बाद में उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

इस वीडियो में आवाज नहीं है, लेकिन स्पष्ट दिख रहा है कि एक महिला आती है और गेट के पास खड़े गार्ड को कहते हुए उसे तमाचे मारने लगती है। गार्ड पीछे हटते जाता है और महिला आगे बढ़कर मारती जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला प्रोफेसर गार्ड को भद्दी-भद्दी गालियाँ दे रही थी। ये सारी घटना वहाँ लगे CCTV फुटेज में कैद हो गई है।

बता दें कि पिछले महीने भी इसी तरह की घटना सामने आई थी। घटना नोएडा के ही जेपी सोसायटी की थी। इस मामले में गालीबाज महिला वकील भव्या रॉय को गिरफ्तार कर लिया गया था। हालाँकि, बाद में स्थानीय कोर्ट ने उस महिला वकील को जमानत दे दी थी। बताया गया था कि महिला उस सोसायटी में किराए पर रहने के लिए आई थी।

सोसायटी के ‘रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA)’ ने फ्लैट के मालिक को उक्त गालीबाज महिला को निकाल बाहर करने के लिए भी कहा था। थाना सेक्टर-126 के तहत आने वाली जेपी विशटाउन सोसायटी के प्रबंधन ने जानकारी दी कि महिला कुछ ही दिन पहले यहाँ रहने आई थी। महिला वहाँ किराए पर रहती है, इसीलिए फ्लैट के असली मालिक को उससे घर खाली कराने को कहा गया था।

दरअसल गेट खोलने में देर करने के बाद महिला ने भड़क कर सिक्योरिटी गार्ड्स को गंदी-गंदी गालियाँ सुनाई थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। महिला के खिलाफ IPC (भारतीय दंड संहिता) की धाराओं 153-A (भाषा/नस्ल को लेकर अपमानजनक टिप्पणी), 323 (किसी को स्वेच्छा से चोट पहुँचाना), 504 (उकसाना), 505(2) (विभिन्न समुदायों में वैमनस्य पैदा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत गिरफ्तार किया गया है।

वहीं सिक्योरिटी गार्ड अनूप कुमार ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि उक्त महिला वकील की गाड़ी के आगे एक और गाड़ी लगी थी, ऐसे में उन्होंने जाकर उससे कहा कि कुछ समय और लगेंगे तो वो भड़क गई। उन्होंने बताया कि महिला नशे में थी और उनकी गाली देते हुए उनकी वर्दी भी फाड़ डाली। गार्ड ने कहा कि हम गार्ड लोगों को भी इज्जत दी जानी चाहिए। भाव्या रॉय सोसाइटी में टॉवर-15 के फ्लैट संख्या 901 में रहती है। आरोप है कि उसने गार्ड को जान से मार डालने की धमकी भी दी।

‘गणेश भगवान बॉलीवुड हस्तियों को सद्बुद्धि दे’ : एक्टर श्रेयस तलपड़े ने ‘आलिया भट्ट का घमंड’ देख दिया जवाब, कहा- ‘दर्शक आपको देखना छोड़ देंगे’

सोशल मीडिया में बॉलीवुड को पूरी तरह से बायकॉट करने का अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में सुनील शेट्टी, अर्जुन कपूर, स्वरा भास्कर और आलिया भट्ट जैसी कई बॉलीवुड स्टार्स ने इस बायकॉट को लेकर ‘विवादित’ बयान दिए हैं। हालाँकि, इन तमाम नामों के बीच एक्टर श्रेयस तलपड़े ने न्यूज18 लोकमत के गणेश चतुर्थी विशेष कार्यक्रम के दौरान आलिया भट्ट समेत अन्य लोगों के अहंकारी बयान का कड़ा विरोध जताया।

श्रेयस तलपड़े ने आलिया भट्ट को दर्शकों का सम्मान करने की सलाह दी है। दरअसल, आलिया भट्ट ने ब्रह्मास्त्र की रिलीज से पहले कहा था, “यदि तुम मुझे पसंद नहीं करते हो, तो मत देखो।” इस बयान की सोशल मीडिया में कड़ी निंदा की गई थी।

न्यूज18 लोकमत के इस विशेष कार्यक्रम में जब श्रेयस तलपड़े से यह पूछा गया कि वह इस वर्ष भगवान गणपति से क्या चाहते हैं तो उन्होंने कहा “मैं चाहता हूँ भगवान गणेश बॉलीवुड की मशहूर हस्तियों को ‘बॉलीवुड का बहिष्कार’ करने पर अहंकारी बयान देने के विषय में ज्ञान दें। बॉयकॉट कॉल्स को लेकर बॉलीवुड इंडस्ट्री की तरफ से आ रहे बयान सही नहीं हैं।”

आलिया भट्ट के बयान ‘अगर तुम मुझे पसंद नहीं करते तो मुझे मत देखो’ पर श्रेयस ने कहा, “यह कहना बहुत गलत है कि अगर आप मुझे पसंद नहीं करते हैं तो मेरी फिल्में न देखें। इस तरह आप दर्शकों से खुद को अलग कर लेंगे। एक एक्टर तब तक मौजूद रहता है जब तक दर्शक उसे पसंद नहीं करते।”

श्रेयस तलपड़े ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा, “यदि आपका प्रेमी या जीवनसाथी किसी कारण से नाखुश है, तो क्या आप उसे दूर जाने के लिए नहीं कहेंगे। बल्कि, हम उन्हें मनाने की कोशिश करेंगे और गलती के लिए माफी माँगकर उनका विश्वास फिर से हासिल करेंगे।”

आलिया भट्ट का विवादित बयान

बता दें, ब्रह्मास्त्र की रिलीज से पहले आलिया भट्ट के बयान ने विवाद पैदा कर दिया था। एक इंटरव्यू के दौरान आलिया भट्ट ने कहा था, “मैं हमेशा विरोध का बचाव नहीं करूँगी। जो लोग मुझे पसंद नहीं करते वे मेरी फिल्म नहीं देखें। मैं इसके लिए कुछ नहीं कर सकती।”

ब्रह्मास्त्र: एक ‘किंग साइज फेल्यर’

इन तमाम बयानों और बायकॉट ट्रेंड के बीच करण जौहर के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ब्रह्मास्त्र ने दर्शकों को अधिक प्रभावित नहीं किया है। साथ ही, फिल्म समीक्षकों ने भी इसे औसत बताया है। जाने-माने फिल्म समीक्षक तरण आदर्श ने शुक्रवार को ट्विटर पर फिल्म की समीक्षा की। उन्होंने फिल्म को पूरी तरह से खारिज कर दिया, इसे ‘किंग साइज फेल्यर’ करार दिया। उन्होंने, अयान मुखर्जी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को मात्र 2 स्टार दिए हैं।

गौरतलब है, तरण आदर्श अकेले फिल्म समीक्षक नहीं हैं जिन्होंने फिल्म को औसत बताया है। बल्कि, कई अन्य फिल्म समीक्षकों और मीडिया आउटलेट्स ने फिल्म को 5 में से 1.5 से 2.5 स्टार तक की बेहद खराब रेटिंग दी है।