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‘वो हमारा इकलौता बेटा था, अब हमारे लिए घर कौन बनाएगा’: मृत BJYM नेता की माँ का छलका दर्द, पिता हैं दिल के मरीज

कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के बेल्लारे में BJP नेता प्रवीण नेत्तारू की मंगलवार (26 जुलाई, 2022) को कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद कई जगहों पर तनाव व्याप्त हो गया। उग्र भीड़ द्वारा पथराव किया गया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। अब इस मामले में प्रवीण की माँ का दर्द छलक कर सामने आया है।

उन्होंने समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा, “मेरी तबीयत ठीक नहीं है। उसके (प्रवीण) पिता भी दिल के मरीज हैं। वह हमारा इकलौता बेटा था और उसने हमारे लिए एक घर बनाने की प्लानिंग की थी। अब हमारा घर कौन बनाएगा? दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए, जिसने भी ऐसा किया है, उसे फाँसी दी जानी चाहिए।”

इससे पहले मृतक की पत्नी ने कहा था, “मुझे नहीं पता कि उन्होंने मेरे पति को क्यों मारा। जब वह दुकान बंद कर घर वापस आ रहे होते थे, तब मैं हर दिन वहाँ होती थी, लेकिन उस दिन मैं वहाँ नहीं थी। अगर मैं वहाँ होती तो ऐसा नहीं होता।”

इधर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने गुरुवार (28 जुलाई, 2022) को अपनी सरकार के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कई कार्यक्रमों को रद्द कर दिया। बोम्मई का फैसला मंगलवार को दक्षिण कन्नड़ में भाजपा युवा मोर्चा के सदस्य प्रवीण नेत्तारू की हत्या के बाद आया है।

मुख्यमंत्री ने प्रवीण की हत्या को अमानवीय बताते हुए कहा, “घटना की जानकारी मिलने के बाद मैंने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए थे। मेरा मन शांत नहीं था। बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या के कुछ समय बाद ही यह घटना हुई है। किसी भी आरोपित को छोड़ा नहीं जाएगा।” 

गौरतलब है कि प्रवीण की हत्या के पीछे PFI और SDPI का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि पुलिस को संदेह है कि हत्या बेल्लारी के मुस्लिम युवक मसूद की हत्या के बदले में की गई होगी, क्योंकि कुछ दिनों पहले एक युवक की हत्या हुई थी। मामले में अब तक 8 लोगों को हिरासत में लिए जाने की सूचना है। 

ऐसा बताया जा रहा है कि उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या के विरोध में प्रवीण ने फेसबुक पर किया पोस्ट था, जिसके कारण उन्हें निशाना बनाया गया। हालाँकि हत्या की वजह आधिकारिक तौर पर अभी सामने नहीं आई है। बता दें कि 29 जून 2022 को राजस्थान के उदयपुर में नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद वाले कथित बयान का समर्थन करने पर हिन्दू टेलर कन्हैया लाल की हत्या कर दी गई थी।

राज्य के गृहमंत्री आरागा ज्ञानेंद्र ने बताया कि जिस इलाके में ये वारदात हुई है, वो जगह केरल की सीमा से सटी हुई है, ऐसे में केरल के सीनियर अधिकारियों से संपर्क कर आरोपितों को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले एक रिपोर्ट में बताया गया था कि जिन लोगों ने प्रवीण पर हमला किया वह केरल के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली बाइक से आए थे। 

इधर भाजपा कार्यकर्ता प्रवीण नेत्तारू की हत्या के बाद भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) के सदस्यों ने कर्नाटक के कई हिस्सों में इस्तीफा देने का अभियान शुरू कर दिया है। ये लोग हमलों के विरोध में कर्नाटक में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए यह अभियान चलाया है।

₹29 करोड़ कैश, 5 किलो सोना… अर्पिता मुखर्जी के दूसरे घर में भी मिला खजाना: जानिए बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले से कैसे बने ‘मिनी बैंक’

अर्पिता मुखर्जी के एक और घर से करोड़ों रुपए मिले हैं। वह शिक्षक भर्ती घोटाले में घिरे पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के मंत्री की पार्थ चटर्जी की करीबी हैं। बुधवार (27 जुलाई 2022) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अर्पिता मुखर्जी के दूसरे फ्लैट पर छापा मारा। यहाँ से ईडी को करीब 28.90 करोड़ रुपए कैश और 5 किलो सोना मिला। यह छापेमारी गुरुवार (28 जुलाई 2022) सुबह 4 बजे तक चली।

अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट में यह रकम टॉयलेट में छुपाकर रखी गई थी। इस रकम को गिनने के लिए ईडी के अधिकारियों को नोट गिनने की 3 मशीनें मँगवानी पड़ी। समाचार एजेंसी ANI ने बताया है कि अर्पिता मुखर्जी के बेलघरिया स्थितआवास से लगभग 29 करोड़ रुपए की नकदी मिली। इसे 10 ट्रंक में भरकर एजेंसी साथ ले गई।  

अर्पिता मुखर्जी के आवास से अब तक करीब 50 करोड़ रुपए नकद बरामद हो चुके हैं। इससे पहले 23 जुलाई को अर्पिता के एक अन्य घर से ED ने 21 करोड़ रुपए कैश बरामद किए थे।

अर्पिता मुखर्जी का कहना है कि पार्थ चटर्जी उनके घर को ‘मिनी बैंक’ की तरह इस्तेमाल करते थे। अर्पिता ने बताया कि पार्थ चटर्जी उनके घर में ही पैसा रखा करते थे। बुधवार को सुबह से ही ईडी ने अर्पिता के चार ठिकानों पर छापामारी शुरू की थी। जब एक टीम दोपहर को बेलघरिया के रथतला स्थित अर्पिता के फ्लैट पर पहुँची, तो ताला बंद था। काफी समय तक ईडी ने इंतजार किया। अंत में ईडी फ्लैट का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी। जैसे ही अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट का ताला तोड़कर ईडी के अधिकारी अंदर गए और जाँच शुरू की तो पैसों का पहाड़ देखकर उनके होश उड़ गए। 

उल्लेखनीय है कि पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी फिलहाल 3 अगस्त तक ईडी की हिरासत में हैं। उनसे लगातार शिक्षा भर्ती घोटाले को लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्हें 23 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।

बता दें कि पश्चिम बंगाल शिक्षा घोटाले की जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है। केंद्रीय एजेंसी ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की सिफारिशों पर सरकार द्वारा प्रायोजित व सहायता प्राप्त स्कूलों में समूह ‘सी’ और ‘डी’ के कर्मचारियों व शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित अनियमितताओं की जाँच शुरू की है। ममता बनर्जी सरकार में मौजूदा उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी उस समय शिक्षा मंत्री थे, जब घोटाला हुआ था। सीबीआई दो बार उनसे पूछताछ कर चुकी है। पहली बार पूछताछ 25 अप्रैल, जबकि दूसरी बार 18 मई को की गई थी।

BJYM नेता की हत्या के बाद ‘जनोत्सव’ रद्द, कमांडो टास्क फोर्स बनेगाः जानिए NIA जाँच पर क्या बोले कर्नाटक के CM

भाजयुमो (BJYM) नेता प्रवीण नेट्टारू की निर्मम हत्या के बाद ‘जनोत्सव’ कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बुधवार (27 जुलाई 2022) देर रात इसकी घोषणा की। उनकी सरकार के एक साल पूरे होने पर यह कार्यक्रम होना था। साथ ही मुख्यमंत्री ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कमांडो टास्क फोर्स का गठन करने की बात भी कही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा, “अपनी सरकार के एक साल पूरे होने पर हम 28 जुलाई को ‘जनोत्सव’ नाम से डोड्डाबल्लापुरा में कार्यक्रम आयोजित करने वाले थे। लेकिन अब हमने इसे रद्द कर दिया है।” मुख्यमंत्री ने प्रवीण की हत्या को अमानवीय बताते हुए कहा, “घटना की जानकारी मिलने के बाद मैंने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए थे। मेरा मन शांत नहीं था। बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या के कुछ समय बाद ही यह घटना हुई है। किसी भी आरोपित को छोड़ा नहीं जाएगा।”

उन्होंने कहा, “यह हत्या केरल सीमा पर हुई है। उनके सम्पर्क में कर्नाटक पुलिस है।” हत्या की जाँच NIA को सौंपे जाने के सवाल पर CM बोम्मई ने कहा, “पुलिस जरूरी सूचनाएँ जुटा रही है। NIA को केस सौंपने के लिए कुछ औपचारिकताएँ होती हैं, जिसे हम बाद में तय करेंगे।”

गौरतलब है कि प्रवीण नेट्टारू पर 26 जुलाई 2022 की रात दक्षिण कन्नड़ जिले की बेल्लारे में कुल्हाड़ी से हमला हुआ था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। हत्या के पीछे PFI और SDPI का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। अब तक 8 लोगों को हिरासत में लिए जाने की सूचना है। ऐसा बताया जा रहा है कि उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या के विरोध में प्रवीण ने फेसबुक पर किया पोस्ट था, जिसके कारण उन्हें निशाना बनाया गया। हालाँकि हत्या की वजह आधिकारिक तौर पर अभी सामने नहीं आई है।

बता दें कि इस घटना के खिलाफ बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बुधवार 27 जुलाई को कुछ हिस्सों में बंद का आह्वान किया था लेकिन पुत्तूर प्रशासन ने उन इलाकों में 28 जुलाई की मध्यरात्रि तक कर्फ्यू लगा दिया है। वहीं जब नेत्तारू का शव उनके गाँव लाया गया, तो इलाके में तनाव बढ़ गया है। इस बीच बेल्लारी में प्रदर्शन कर रहे बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया और उन्हें खदेड़ दिया।

‘रोज मैं उनके साथ होती थी, उस दिन होती तो वो बच जाते’: BJYM नेता की पत्नी ने बयाँ किया दर्द, कर्नाटक के गृह मंत्री बोले- केरल भागे होंगे अपराधी

कर्नाटक के मंगलूरु के दक्षिण कन्नड़ जिले के बेल्लारे में मंगलवार (26 जुलाई 2022) रात भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के जिला सचिव प्रवीण नेत्तारू की हत्या कर दी गई। हालाँकि, परिजनों को अभी भी पता नहीं है कि प्रवीण को क्यों मारा गया। वहीं, राज्य के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने आशंका व्यक्त की है कि प्रवीण के हत्यारे केरल से आकर घटना को अंजाम दिए और वापस भाग गए।

इस बीच हत्या के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बुधवार (27 जुलाई 2022) के दौरान जमकर प्रदर्शन किया और भाजपा नेताओं के खिलाफ ही अपना आक्रोश निकाला। मृतक के परिजनों से मिलने गए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं स्थानीय सांसद नलिन कुमार कटील की कार को कार्यकर्ताओं ने घेर लिया। इसके बाद कुछ लोगों ने कार की पहिया का हवा निकालने और वाहन को पलटने की कोशिश भी की।

कर्नाटक के गृह मंत्री ज्ञानेंद्र ने रिपब्लिक टीवी से कहा, “कर्नाटक के इस हिस्से में, जो तटीय इलाका है और केरल की सीमा से लगता है, कई ऐसे मामले सामने आए हैं। ऐसे कई मामलों में हत्यारों ने अपराध किया है और केरल भाग गए।” बता दें कि जिन लोगों ने प्रवीण पर हमला किया था, वे केरल के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली बाइक से आए थे। घटना भी केरल के बॉर्डर के नजदीक वाले इलाके की है।

मृतक की पत्नी ने कहा, “मुझे नहीं पता कि उन्होंने मेरे पति को क्यों मारा। जब वह दुकान बंद कर घर वापस आ रहे होते थे, तब मैं हर दिन वहाँ होती थी, लेकिन उस दिन मैं वहाँ नहीं थी। अगर मैं वहाँ होती तो ऐसा नहीं होता।” बता दें कि इस मामले में पुलिस ने 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में हिरासत में लोगों की संख्या 15 बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रवीण ने राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल साहू की गला काट कर हुई दिन दहाड़े हत्या पर 29 जून को पोस्ट किया था। अपने पोस्ट में प्रवीण ने लिखा था कि इन लोगों ने गरीब टेलर को मार डाला है। यही नहीं, ये सब हमारे पीएम को टारगेट करने की बात कर रहे हैं।

बता दें कि मंगलवार की रात को प्रवीण बेल्लारे स्थित अपनी पॉल्ट्री की दुकान पर थे। जब रात में उनके घर जाने का समय हुआ तो वहाँ 9 बजे के करीब कुछ बाइक सवार हमलावर आए और उनके ऊपर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। प्रवीण भाजपा युवा मोर्चा के सदस्य थे और साथ ही सोशल व पॉलिटिकल सर्कल में काफी सक्रिय थे।

प्रवीण की हत्या के मामले में PFI और SDPI पर संदेह जताया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि पुलिस को संदेह है कि हत्या बेल्लारी के मुस्लिम युवक मसूद की हत्या के बदले में की गई होगी, क्योंकि कुछ दिनों पहले एक युवक की हत्या हुई थी। कर्नाटक पुलिस ने भी मामले की जाँच के लिए 5 स्पेशल टीम का गठन किया है। इनमें से तीन टीमें केरल, मदिकेरी और हसन गईं हैं। बेल्लारे में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

इस मामले में केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता प्रह्लाद जोशी ने कहा, “प्रारंभिक रिपोर्ट और कुछ मीडिया रिपोर्ट SDPI और PFI लिंक की तरफ इशारा करती हैं। उन्हें केरल में बढ़ावा दिया जा रहा है। कर्नाटक में कॉन्ग्रेस उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। कर्नाटक में हमारी सरकार कार्रवाई करेगी और दोषियों को सजा देगी।”

वहीं, भाजपा कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की हत्या के बाद भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) के सदस्यों ने कर्नाटक के कई हिस्सों में इस्तीफा देने का अभियान शुरू कर दिया है। ये लोग हमलों के विरोध में कर्नाटक में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए यह अभियान चलाया है।

शाहनवाज़ ने सुमित यादव बन सिख लड़की को फाँसा, बच्चे के गर्दन पर चाकू रख इस्लाम कबूलने और वेश्यावृत्ति का बनाया दबाव: FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के गाजियाबद से पिछले महीने लव-जिहाद का सनसनीखेज मामला सामने आया था। जहाँ एक मुस्लिम व्यक्ति शाहनवाज ने हिन्दू नाम सुमित रखकर एक सिख लड़की को अपने प्रेमजाल में फँसा लिया। पीड़िता ने थाने में दी गई शिकायत में बताया कि शाहनवाज ने उसे प्रेमजाल में फँसाकर जबरन देह व्यापार कराने का दबाव बनाया। यही नहीं उस पर इस्लाम कबूलने के लिए भी दबाव बनाया गया। आज बुधवार (27 जुलाई, 2022) को शिकायत के लगभग एक पखवाड़े के बाद हिन्दू संगठनों की मदद से आरोपित शाहनवाज सहित 4 आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।

शाहनवाज के खिलाफ दर्ज FIR

यह मामला 10 जुलाई, 2022 को सामने आया था वहीं अब इस मामले में शाहनवाज, उसके जीजा, अरशद और एक अज्ञात व्यक्ति के नाम FIR दर्ज की गई है। इसके बारें में जानकारी देते हुए गाजियाबाद पुलिस ने भी ट्वीट किया, “महिला द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर थाना इंदिरापुरम पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रचलित है, तथ्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जाएगी, कृपया बिना पुष्टि के भ्रामक खबरें न फैलाएँ!”

क्या है मामला

UP के गाजियाबाद में सिख समुदाय की एक लड़की ने शाहनवाज नाम के व्यक्ति पर अपने साथ रेप, धर्मांतरण के दबाव, धोखाधड़ी और जबरन देह व्यापार कराए जाने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत पुलिस में की थी। यहाँ आरोपित शाहनवाज ने पीड़िता को अपने जाल में फँसाने के लिए अपना नाम सुमित बताया था। पीड़िता ने शिकायत में शाहनवाज द्वारा अपने लाखों रुपए हड़पने की भी जानकारी दी थी। यह शिकायत 11 अप्रैल 2022 को दी गई थी जिस पर आज हिन्दू संगठनों के दबाव के बाद इंदिरापुरम थाने में FIR दर्ज कर ली गई है।

बता दें कि पीड़िता ने DM को दी गई शिकायत में लिखा, “मुझे शाहनवाज लगभग 7-8 साल पहले सुमित यादव नाम से मिला था। कुछ दिनों बाद उसने मुझ से जबरन शारीरिक संबंध बना लिए। शादी की बात पर वह मुझे टालता रहा। इस बीच मेरे 29 दिसम्बर, 2018 में एक बेटा हुआ। उस अस्पताल में शाहनवाज ने अपना नाम कवीन्द्र लिखवाया। वो मेरे बेटे का मुस्लिम नाम ‘अरमान’ रखना चाहता था जिसका मैंने विरोध किया। कुछ समय बाद शाहनवाज मुझे भी इस्लाम में आने की जिद करने लगा। इसके लिए वो मेरे को ले कर 3-4 दिन गायब भी हो गया था। यही नहीं शाहनवाज इससे पहले भी एक हिन्दू लड़की को भगाकर लाया था।”

शिकायत में पीड़िता ने आगे कहा था, “शाहनवाज मुझे आए दिन मारने-पीटने लगा। मैंने घर खरीदने के लिए 8 लाख रुपए रखे थे वो उसे भी हड़प गया। 17 फरवरी 2022 को उसने इस्लाम न कबूलने पर मुझे इतना मारा कि मेरे मुँह और नाक पर गंभीर चोटें आईं। इस दौरान शाहनवाज मुझे अधमरा छोड़ कर अपने बिहार के अररिया जिले के गाँव थपोड़ चला गया। वहाँ उसने बहाने से मुझे भी बुलाया। वहाँ मुझे पता चला कि शाहनवाज एक हिन्दू लड़की को पहले भी भगा कर ला चुका है। इस दौरान उसके गाँव में उसके जीजा के इशारे पर कुछ लोगों ने मुझ पर हमला किया जिससे मैं जैसे-तैसे बच पाई।”

पीड़िता ने ऑपइंडिया को बताई आपबीती

पीड़िता ने ऑपइंडिया से बात करते हुए कहा, “शाहनवाज ने मुझे एहसास ही नहीं होने दिया कि वो मुस्लिम है। वो साथ कई बार दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब गया। वो मुझे हरिद्वार भी ले गया था जहाँ उसने मेरी माँग में सिन्दूर भर दिया था। शाहनवाज ने मुझ से जबरन वेश्यावृत्ति का भी दबाव बनाया लेकिन मैं लगातार मना करती रही। इसके लिए वो मुझे अपने पैसे खत्म होने की बात कहते हुए इमोशनल भी करता था तो कभी मारता-पीटता भी था। एक दिन मैंने इसकी शिकायत पुलिस से करने का मन बनाया तो उसने मेरे बच्चे की गर्दन पर चाकू रख कर मुझे धमकी दी थी।”

वेश्यावृत्ति करवाने का बनाया दबाव

पीड़िता ने आगे ऑपइंडिया को बताया था, “मेरे पिता का कपड़ों का व्यापार था। उसमें घाटा हो गया इसलिए मुझे नौकरी करनी पड़ी। वहीं से लौटते हुए शाहनवाज मेरा पीछा करता था। शाहनवाज के तार वेश्यावृत्ति करवाने वालों से भी जुड़े हैं। उसकी बहन एक बार मुझसे मिलने आई तो अपना नाम सुनीता बताया और उसके जीजा खुद को प्रधान कहते थे। शाहनवाज का भाई भी उनकी ही तरह चालबाज है। मैं शाहनवाज के लिए सजा चाहती हूँ।”

अब भारत में बनेगी मंकीपॉक्स की वैक्सीन, मोदी सरकार ने निकाला टेंडर: 101 देशों को कोरोना वैक्सीन की 24 करोड़ खुराक दे चुका है भारत

दुनियाभर में कहर मचा रहे मंकीपॉक्स ने भारत में भी दस्तक दे दी है। ऐसे में इसकी गंभीरता को देखते हुए बुधवार (27 जुलाई 2022) को केंद्र सरकार ने वैक्सीन निर्माताओं से इस वायरस के लिए वैक्सीन बनाने को कहा है। इसके साथ ही डायग्नोस्टिक किट निर्माताओं को भी बीमारी के लिए डायग्नोस्टिक किट का निर्माण करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

इससे पहले एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने खुलासा किया था कि भारत ने मंकीपॉक्स वैक्सीन विकसित करने के लिए वैक्सीन निर्माताओं के साथ चर्चा शुरू कर दी है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर मामले बढ़ गए हैं। ईओआई दस्तावेजों में कहा गया है कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) अनुसंधान और विकास सत्यापन के लिए मंकीपॉक्स वायरस स्ट्रेन/आइसोलेट्स उपलब्ध कराने को तैयार है। दरअसल, ICMR ने मंकीपॉक्स के खिलाफ वैक्सीन उम्मीदवार और संक्रमण के लिए डायग्नोस्टिक किट के विकास में संयुक्त सहयोग के लिए अनुभवी वैक्सीन निर्माताओं, फार्मा कंपनियों, अनुसंधान और विकास संस्थानों और इन-विट्रो डायग्नोस्टिक (IVD) किट निर्माताओं से EOI को भी आमंत्रित किया।

ब्लूमबर्ग ने सरकारी थिंक टैंक NITI Aayog के सदस्य और कोविड -19 पर राष्ट्रीय टास्क फोर्स के प्रमुख विनोद कुमार पॉल के हवाले से कहा, “हम पहले से ही संभावित खिलाड़ियों के साथ जुड़ रहे हैं।” थिंक टैंक के मुताबिक, “जैसा कि आप जानते हैं हमारे पास अपनी वैक्सीन क्षमता की एक मजबूत उपस्थिति है, इसलिए यह भी सरकार के सक्रिय विचार के अधीन है।”

गौरतलब है कि भारत में अब तक मंकीपॉक्स के 4 कन्फर्म और एक 1 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। हालात को देखते हुए सरकार ने मंकीपॉक्स के निदान के लिए 15 प्रयोगशालाओं को नामित किया है और दो चरणों में आरटी पीसीआर परीक्षण करने के लिए पर्याप्त उपकरण हैं।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को सदन में सरकार ने बताया था कि भारत ने 101 देशों को 23.9 करोड़ कोरोना की वैक्सीन खुराक की आपूर्ति की है। इसके साथ ही इसके तहत UN संस्थाओं को अनुदान, वाणिज्यिक निर्यात किया गया। ये निर्यात 15 जुलाई 2022 तक किए गए। इस सवाल के जबाव में स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने आगे कहा कि 19 जुलाई तक कुल 200.34 करोड़ कोरोना वैक्सीन की खुराक 12 साल से अधिक उम्र की आबादी को दी गई है।

कुछ राज्यों में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी के पर टिप्पणी करते हुए पवार ने आगे कहा कि हालाँकि, इन राज्यों में COVID-19 मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, लेकिन देश में टीकाकरण कवरेज में वृद्धि के कारण मृत्यु दर और अस्पताल में भर्ती होना नियंत्रण में है। मंत्री ने आगे कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हर घर दस्तक 2.0 अभियान की शुरुआत 1 से 31 जुलाई के बीच की गई है, ताकि 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों तक पहुँच बनाई जा सके।

ED ने झारखंड में ₹30 करोड़ के शिप को जब्त किया: अवैध खनन में इस्तेमाल, CM सोरेन के प्रतिनिधि के इशारे पर होता था काम

झारखंड में अवैध खनन को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शिप को जब्त किया है। यह शिप राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) के के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा (Pankaj Mishra) के आदेश पर इस्तेमाल किया जा रहा था।

बता दें कि अवैध खनन के मामले में ED ने पंकज मिश्रा को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार (26 जुलाई 2022) को जिस शिप को पकड़ी गई है, उसका नाम MV Infralink- III है। इस शिप पश्चिम बंगाल में पंजीकृत है और इसका रजिस्ट्रेशन नंबर WB 1809 है। इसकी कीमत 30 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

इस मामले में झारखंड पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। एक शिप के मालिक के खिलाफ दर्ज किया गया है और दूसरा मामला खनन से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस शिप का इस्तेमाल अवैध खनन को अवैध तरीके से झारखंड से बाहर ले जाने के लिए किया जाता था।

पश्चिम बंगाल में रजिस्टर्ड होने के कारण इस शिप को झारखंड में चलाने की इजाजत नहीं है, लेकिन पंकज मिश्रा के कहने पर इसे अवैध रूप से राज्य में चलाया जा रहा था। इस जहाज को पंकज मिश्रा के करीबी राजेश यादव उर्फ दाहू यादव के आदमी अवैध खनन को ट्रांसपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे।

हेमंत सोरेन प्रतिनिधि पंकज मिश्रा गिरफ्तार

हेमंत सोरेन के प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को ED ने 19 जुलाई को ही गिरफ्तार कर लिया था। मिश्रा 1 अगस्त तक ईडी की हिरासत में हैं। गिरफ्तारी से पहले ED ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत पंकज मिश्रा, दाहू यादव और उनके सहयोगियों के खातों की जाँच की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले में एजेंसी ने 8 जुलाई को झारखंड में 21 जगहों पर छापेमारी कर 50 बैंक खातों की जाँच की जाँच की थी। इन खातों से लगभग 13 करोड़ रुपए और 5.34 करोड़ नकद जब्त किए थे। इसके बाद ही मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया था।

पंकज मिश्रा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बेहद खास हैं और उनके विधानसभा क्षेत्र में विधायक प्रतिनिधि हैं। इतना ही नहीं, मिश्रा सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की केंद्रीय कमिटी के सदस्य भी हैं।

क्रशर और ट्रक हो चुका है जब्त

दरअसल, ED अवैध खनन मामले को लेकर जाँच कर रही थी। एजेंसी ने साहेबगंज के मौजा सिमारिया इलाके और डेंबा इलाके में अवैध माइनिंग का पता लगाया था। इस अवैध खनन को बिष्णु यादव और उसके आदमी कर रहे थे।

इससे पहले ED ने अवैध खनन में शामिल दो स्टोन क्रशर को जब्त किया था। ये दोनों स्टोन क्रशर माँ अंबा स्टोन वर्क्स के मालिक विष्णु यादव और पवित्र यादव के हैं। इसके अलावा, बिना माइनिंग चालान के अवैध खनन में शामिल तीन HYVA ट्रक को भी जब्त किया गया था।

‘मेरे जिस्म पर कुछ तो था, आपके पति के जिस्म पर क्या है?’: शर्लिन चोपड़ा ने दीपिका पादुकोण को सुनाया, याद दिलाई घूरने वाली घटना

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह आजकल पब्लिक न्यूडिटी को लेकर विवादों में हैं। कुछ लोग उनका सपोर्ट कर रहे हैं, तो कुछ उनका विरोध। रणवीर सिंह की न्यूड तस्वीरों के सामने आने के बाद अब एक्ट्रेस शर्लिंन चोपड़ा ने दीपिका पादुकोण पर निशाना साधा है। उन्होंने दीपिका पादुकोण को कहा कि जब उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय मैग्जीन के लिए बोल्ड फोटो शूट करवाया था तो उस वक्त उनके ऊपर कीचड़ उछाले गए थे और उन्हें कैरेक्टरलेस कहा गया था। अब रणवीर सिंह के मामले में ये दोगलापन क्यों?

शर्लिन ने कहा कि जब मैने न्यूड फोटोशूट करवाया था तो मेरे शरीर पर कपड़े थे। एक्ट्रेस कहती है कि अब ये मत कहिए कि हो गया। ये तो चलता है। उन्होंने दीपिका पादुकोण को संबोधित कर कहा, “अब ये मत कहिए कि ये तो चलता है। हम इसे क्यों इतना बड़ा मुद्दा बना रहे हैं। यही एक मुद्दा है, जिस तरीके से दीपिका पादुकोण ने मुझे देखा था। मैं बताना चाहती हूँ कि कैमरे पर वो लुक कैसा था, ऐसे ऊपर से नीचे जिस्म पर एक छोटा सा टॉप था। गनीमत है कुछ तो था, जिस्म पर। लेकिन आपके पति के जिस्म पर क्या है मैडम?”

दरअसल, इससे पहले रणवीर के न्यूड फोटोशूट पर शर्लिन ने उन लोगों को घेरा था, जिन्होंने उनके फोटो शूट पर उनपर सवाल खड़े किए थे। शर्लिन का कहना था कि उस वक्त तो मीडिया और लोगों ने उन्हें चरित्रहीन, जलील और क्या-क्या कहा था। लेकिन अब जब ये जनाब वैसा ही कर रहे हैं तो ये उर्दूवु़ड मीडिया इनकी प्रशंसा कर रहा है।

गौरतलब है कि न्यूड फोटो शूट के मामले में एक्टर के खिलाफ महिलाओं की भावनाओें को आहत करने के मामले में मुंबई के एक एनजीओ ने केस दर्ज कराया है। पेपर मैगज़ीन के लिए न्यूड शूट के लिए उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 509, 292 और 294 और आईटी एक्ट की धारा 67 ए के तहत मामला दर्ज किया गया था।

45 साल की करोड़पति महिला ने 14 साल के लड़के के साथ दिन में 4 बार किया सेक्स, शराब के नशे में थी: ₹80 लाख लेकर कोर्ट ने दिया जमानत

ऑस्ट्रेलिया की एक 45 साल की करोड़पति महिला ने एक 14 साल के बच्चे के साथ दिन में 4 बार सेक्स किया, जिसके बाद वो कानूनी कार्रवाई का सामना कर रही हैं। इतना ही नहीं, इसके बाद उस महिला ने अपने रुतबे का इस्तेमाल करते हुए उस लड़के और उसके परिवार को चुप कराने की कोशिश भी की। आरोपित सवाना डेजली एक स्वास्थ्य सम्बंधित कंपनी चलाती है। साथ ही सवाना डेजली का घोड़ों का भी व्यापार है।

सोमवार (25 जुलाई, 2022) को महिला को डाउनिंग स्ट्रीट स्थित अदालत में पेश किया गया। ये मामला जून 2022 का है। 27 जून को ही उक्त महिला को ‘चाइल्ड एब्यूज यूनिट’ ने गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद से उसे कस्टडी में रखा गया है। महिला के वकील ने इस दलील पर जमानत माँगी कि आरोपित का मानसिक स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है और वो 1 लाख डॉलर (80 लाख रुपए) का बॉन्ड भरने के लिए तैयार हैं।

आरोपित महिला ऑस्ट्रेलिया के जाने-मने घोड़े के कारोबारी रॉस डेजली की बेटी है। अदालत में बताया गया कि 14 साल के बच्चे के साथ सेक्स करते समय आरोपित महिला काफी नशे में मदहोश थी। एक फ़ोन कन्वर्सेशन से खुलासा हुआ कि वो अपने अपराध को मान भी रही है। साथ ही पुलिस ने बताया कि ये कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि आरोपित महिला ने अपने इरादों को लेकर पहले भी बताया था। इसके बाद उस लड़के को डराया-धमकाया भी।

अदालत में पुलिस ने बताया कि सवाना डेजली ने पहले ये साबित करने की कोशिश की कि ये चीज दोनों तरफ से हुई थी। हालाँकि, अदालत ने उसे जमानत दे दी है। इस घटना के बाद उस लड़के ने अपनी माँ को सब कुछ बताया था, जिसके बाद इसका खुलासा हुआ था। उस समय महिला ने शराब पी रखी थी। इंस्टाग्राम पर वो सेलेब्रिटी ‘वेट लॉस कोच’ है। उसके प्रोडक्ट्स पूरे ऑस्ट्रेलिया में बिकते हैं। साथ ही वो 80 करोड़ के एक बंगले में रहती है।

‘वो किस करने लगे तो मैंने विरोध नहीं किया, इससे मैं अपराधी नहीं हो गई’: शिल्पा शेट्टी की कोर्ट में दलील, अश्लीलता मामले में 15 साल बाद राहत

शिल्पा शेट्टी के जीवन में कई विवाद सामने आते रहे हैं। एक ऐसा ही मामला हॉलीवुड स्टार रिचर्ड गेरे से जुड़ा है जब एक्ट्रेस को स्टेज पर सबके सामने किस करना और शिल्पा का उन्हें सपोर्ट करना सुर्खियाँ बना था। साल 2007 के इसी मामले में एक्ट्रेस ने अश्लीलता फैलाने का आरोप मामले में राहत मिली है। शिल्पा शेट्टी ने अपने खिलाफ दायर याचिका को खारिज करने की माँग करते हुए अदालत का रुख किया था। इस याचिका में शिल्पा को केस से बरी करने के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के आदेश को अलवर पुलिस द्वारा चुनौती दी गई थी।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में शिल्पा शेट्टी ने याचिका में दावा किया है कि उनके खिलाफ एकमात्र आरोप ये है कि जब रिचर्ड गेरे (Richard Gere) ने उन्हें किस किया तो उन्होंने विरोध नहीं किया और इसलिए ये उन्हें साजिशकर्ता नहीं बनाता है।

वहीं टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, वकील प्रशांत पाटिल की तरफ से दिए गए जवाब में कहा गया है, “प्रतिवादी (शिल्पा शेट्टी कुंद्रा) मूल शिकायतकर्ता के हाथों दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई और उत्पीड़न का शिकार हैं। प्रतिवादी एक फेमस एक्ट्रेस हैं और हमेशा पब्लिक और पर्सनल लाइफ में जिम्मेदारी से काम किया है।”

बता दें कि जनवरी, 2022 में मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट केतकी चव्हाण ने शिल्पा शेट्टी को इस मामले से बरी कर दिया था। इसके बाद कोर्ट ने न सिर्फ उन्हें ‘पीड़ित’ कहा, बल्कि उन्हें क्लीन चिट भी दे दी। कोर्ट ने फैसला देते हुए टिप्पणी की थी, “मैं संतुष्ट हूँ कि वर्तमान आरोपित यानी शिल्पा शेट्टी के खिलाफ आरोप निराधार हैं।”

कोर्ट ने आगे कहा कि शिल्पा शेट्टी आरोपित नंबर एक यानी रिचर्ड गेरे की हरकत की विक्टिम थीं। और ऐसा एक भी सबूत नहीं है कि शिल्पा इसमें अपनी तरफ से शामिल थीं। मजिस्ट्रेट केतकी चव्हाण ने कहा कि वीडियो में साफ दिखता है कि रिचर्ड गेरे के किस करने के बाद शिल्पा भी उस हरकत पर हक्की-बक्की थीं और उन्होंने कहा था कि यह कुछ ज्यादा नहीं हो गया। आखिरकार 15 साल बाद शिल्पा को कोर्ट ने राहत देते हुए इन आरोपों से बरी कर दिया।

गौरतलब है कि साल 2007 में आयोजित AIDS अवेयरनेस प्रोग्राम में शिल्पा शेट्टी के साथ रिचर्ड गेरे भी शामिल थे। उस दौरान रिचर्ड ने स्टेज पर ही शिल्पा को बार-बार गले लगाया और किस भी किया। जिसके बाद हर-तरफ हंगामा मच गया। तब रिचर्ड और शिल्पा शेट्टी दोनों पर ही अश्लीलता फैलाने का आरोप लगाया गया और केस कर दिया गया। वहीं इस मामले में फैसला आने में करीब 15 साल लग गए।

बता दें कि वर्ष 2007 में शिल्पा के खिलाफ अश्लीलता फैलाने के आरोप में राजस्थान में 2 और गाजियाबाद में एक मामला दर्ज करवाया गया था। घटना के बाद, शेट्टी और गेरे दोनों पर आईपीसी की धारा 292, 293, 294, 120-बी, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया था। 2017 में उनकी याचिका पर यह केस सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई में ट्रांसफर करने की अनुमति दी थी, जिस पर अब मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने अपना फैसला सुनाया है।