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उदयपुर और अमरावती हत्याकांड का SDPI-PFI कनेक्शन, रियाज था सक्रिय सदस्य: कानपुर सहित कई दंगों में इस संगठन का नाम

राजस्थान के उदयपुर में सिर कलम किए जाने की जघन्य वारदात के तार अब कट्टरपंथी इस्लामी संगठन SDPI से जुड़ रहे हैं। बता दें कि ‘सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया’ एक राजनीतिक मोर्चा है, जो कि PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) नामक कट्टरवादी संगठन को संरक्षण प्रदान करता है। उदयपुर वाले मामले में सातवें आरोपित फरहाद मोहम्मद उर्फ़ बाबला को गिरफ्तार किया गया है। PFI ने नूपुर शर्मा के खिलाफ रैली भी की थी।

आशंका जताई जा रही है कि 20 जून, 2022 को नूपुर शर्मा के बयान के खिलाफ निकाली गई एक PFI की रैली के दौरान कन्हैया लाल तेली की हत्या की साजिश रची गई थी। उदयपुर हत्याकांड के मुख्य आरोपित रियाज 2019 में ही SDPI में शामिल हो गया था। इतना ही नहीं, वो इस संगठन का सक्रिय सदस्य भी था। पूछताछ में आरोपित बाबला ने भी कबूल किया है कि वो SDPI और PFI जैसे संगठनों से जुड़ा हुआ है।

उदयपुर के साथ-साथ अमरावती में भी ऐसी ही घटना हुई थी, जहाँ केमिस्ट उमेश कोल्हे को इस्लामी कट्टरपंथियों ने नूपुर शर्मा के समर्थन का आरोप लगा कर मार डाला। दोनों ही मामलों में आरोपितों के पास के जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खँगाल कर उनके विदेशी कनेक्शंस की जाँच की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अमरावती की घटना के भी तार SDPI-PFI से जुड़ रहे हैं। इस संगठन में पूर्व सिमी (प्रतिबंधित संगठन) कैडर, एहले-हदीत (जिस पर पाकिस्तानी आतंकी संगठन लशक-ए-तैय्यबा चलता है) और सलाफी विचारधारा के कट्टरपंथी हैं।

इससे पहले दिल्ली दंगों से लेकर कई इलाकों में हिन्दुओं पर हमले में SDPI-PFI के नाम सामने आ चुके हैं। कानपुर में हुए दंगों में भी इसी संगठन का नाम सामने आया था। RSS ने मुस्लिमों से अपील की है कि वो उदयपुर जैसी घटनाओं की खुल कर निंदा करें, क्योंकि इसे लेकर आक्रोश है। राजस्थान सरकार के मंत्री अशोक चांदना ने इस घटना के लिए फाँसी की सज़ा को भी कम बताया है। ईद-उल-अजहा के मौके पर उदयपुर में भारी पुलिस बल की तैनाती रही।

शाहनवाज़ ने सुमित यादव बन सिख लड़की को फाँसा, अब कह रहा – मुस्लिम बनो और वेश्यावृत्ति करो: बच्चे के गर्दन पर चाकू रख दी धमकी

UP के गाजियाबाद में सिख समुदाय की एक लड़की ने शाहनवाज नाम के व्यक्ति पर अपने साथ रेप, धर्मांतरण के दबाव, धोखाधड़ी और जबरन देह व्यापर कराए जाने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने इसकी शिकायत पुलिस में की है। आरोप है कि पीड़िता को अपने जाल में फँसाने के लिए शाहजवाज ने अपना नाम सुमित बताया था। पीड़िता ने शिकायत में शाहनवाज द्वारा अपने लाखों रुपए हड़पने की भी जानकारी दी है। शिकायत 11 अप्रैल 2022 को दी गई है जिस पर पीड़िता के मुताबिक अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

पीड़िता ने DM को दी गई शिकायत में लिखा, “मुझे शाहनवाज लगभग 7-8 साल पहले सुमित यादव नाम से मिला था। कुछ दिनों बाद उसने मुझ से जबरन शारीरिक संबंध बना लिए। शादी की बात पर वह मुझे टालता रहा। इस बीच मेरे 29 दिसम्बर, 2018 में एक बेटा हुआ। उस अस्पताल में शाहनवाज ने अपना नाम कवीन्द्र लिखवाया। वो मेरे बेटे का मुस्लिम नाम ‘अरमान’ रखना चाहता था जिसका मैंने विरोध किया। कुछ समय बाद शाहनवाज मुझे भी इस्लाम में आने की जिद करने लगा। इसके लिए वो मेरे को ले कर 3-4 दिन गायब भी हो गया था।”

शिकायत में पीड़िता ने आगे कहा, “शाहनवाज मुझे आए दिन मारने-पीटने लगा। मैंने घर खरीदने के लिए 8 लाख रुपए रखे थे वो उसे भी हड़प गया। 17 फरवरी 2022 को उसने इस्लाम न कबूलने पर मुझे इतना मारा कि मेरे मुँह और नाक पर गंभीर चोटें आईं। इस दौरान शाहनवाज मुझे अधमरा छोड़ कर अपने बिहार के अररिया जिले के गाँव थपोड़ चला गया। वहाँ उसने बहाने से मुझे भी बुलाया। वहाँ मुझे पता चला कि शाहनवाज एक हिन्दू लड़की को भी भगा कर ला चुका है। इस दौरान उसके गाँव में उसके जीजा के इशारे पर कुछ लोगों ने मुझ पर हमला किया जिस से मैं जैसे तैसे बच पाई।”

पीड़िता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर के लोगों से अपने लिए न्याय में मदद की माँग की है। इसी के साथ उसने अन्य लड़कियों को शाहनवाज जैसों से दूर रहने की भी सलाह दी हिअ। वीडियो के अंत में शाहनवाज को दिखाया गया है जिसमें वो घर में सबके आगे ही नशे जैसी हालत में पेशाब करता दिखाई दे रहा है।

साथ जाता था गुरुद्वारा

पीड़िता ने ऑपइंडिया से बात करते हुए कहा, “शाहनवाज ने मुझे एहसास ही नहीं होने दिया कि वो मुस्लिम है। वो साथ कई बार दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब गया। वो मुझे हरिद्वार भी ले गया था जहाँ उसने मेरी माँग में सिन्दूर भर दिया था। शाहनवाज ने मुझ से जबरन वेश्यावृत्ति का भी दबाव बनाया लेकिन मैं लगातार मना करती रही। इसके लिए वो मुझे अपने पैसे खत्म होने की बात कहते इमोशनल भी करता था तो कभी मारता-पीटता भी था। एक दिन मैंने इसकी शिकायत पुलिस से करने का मन बनाया तो उसने मेरे बच्चे की गर्दन पर चाकू रख कर मुझे धमकी दी थी।”

देहरादून में पीड़िता और शाहनवाज

वेश्यावृत्ति करवाने का दिया दबाव

पीड़िता ने आगे बताया, “मेरे पिता का कपड़ों का व्यापर था। उसमें घाटा हो गया इसलिए मुझे नौकरी करनी पड़ी। वहीं से लौटते हुए शाहनवाज मेरा पीछा करता था। शाहनवाज के तार वेश्यावृत्ति करवाने वालों से भी जुड़े हैं। उसकी बहन एक बार मुझ से मिलने आई तो अपना नाम सुनीता बताया और उसके जीजा खुद को प्रधान कहते थे। शाहनवाज का भाई भी उनकी ही तरह चालबाज है। मेरी मदद के लिए कोई भी धार्मिक समूह सामने नहीं आया। मैं शाहनवाज के लिए सजा चाहती हूँ।”

पीड़िता के मुताबिक, “गाजियाबाद पुलिस को 3 महीने पहले ही एप्लिकेशन देने के बाद अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। शाहनवाज दिल्ली-NCR क्षेत्र में ही कहीं रहता है लेकिन उसको पकड़ा नहीं जा सका। यहाँ तक कि मेरी FIR भी नहीं दर्ज हुई है।”

असम की सड़क पर खुलेआम उड़ाया शिव-पार्वती का मजाक, पैसे लेकर मोदी सरकार को कोसा: शिकायत के बाद एक्टर गिरफ्तार

असम के नौगाँव में बीच सड़क पर हिंदुओं की भावनाएँ आहत करने पर बिरिंची बोरा नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि बोरा ने भगवान शिव की वेषभूषा धारण कर राजनीतिक उद्देश्य से एक स्ट्रीट प्ले किया और मोदी विरोधी भाषण दिया। नाटक में शिव के भेष में बोरा बाइक से आते हुए (पार्वती का किरदार निभाने वाली) एक महिला के साथ दिखे थे। इसके बाद दोनों को बढ़ती महंगाई पर मोदी सरकार को कोसते देखा गया।

हिंदू संगठनों ने इस तरह प्रदर्शन में हिंदुओं के देव महादेव का मजाक उड़ता देख अपनी शिकायत नौगाँव थाने में दी। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, भाजपा युवा मोर्च और अन्य संगठनों के प्रदर्शन के बाद बोरा को गिरफ्तार कर लिया गया और नौगाँव थाने ले जाया गया।

सामने आई तस्वीरों में देख सकते हैं कि स्ट्रीट प्ले के दौरान बिरिंची बोरा और उसकी को-एक्टर परिश्मिता शिव-पार्वती जैसे वस्त्र पहन दुपहिया पर जा होते हैं कि तभी फ्यूल न होने के कारण उनकी गाड़ी रुक जाती है। इसके बाद उनके बीच बहस होती है और शिव के भेष में बोरा मोदी सरकार को भला-बुरा बोलना शुरू करता है।

शिव का किरदार निभाते हुए बोरा कहता है कि मोदी ने वादा किया था कि पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा, लेकिन अब तो इनकी कीमत 100 रुपए तक पहुँच गई है। इसके बाद वह ये भी कहता है कि पहले तो खाने से लेकर तेल, सबके दाम सस्ते थे, लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद सब महंगा हो गया है।

गौर देने वाली बात यह थी कि बोरा ने यह सब केवल स्ट्रीट प्ले के दौरान नहीं कहा बल्कि स्ट्रीट प्ले जब खत्म हो गया उसके बाद भी शिव के भेष में वह मीडिया से मोदी सरकार पर अपना गुस्सा दिखाता हुआ दिखा।

उसने कहा, “हमने मोदी सरकार को यहाँ भेजा लेकिन वो असफल हो गए। अब हमें इस जगह कोई और चाहिए।” बोरा ने दावा किया कि मोदी सरकार ने देश को लूटने का काम किया है जिसके कारण भारत में महंगाई आई है। बोरा जनता से अपील करता है कि मोदी सरकार के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन करें।

वहीं पार्वती का भेष में आनी वाली एक्ट्रेस बताती है कि उन्होंने लोगों में बढ़ती महंगाई पर जागरूकता फैलाने के लिए यह नाटक किया। लोग उनकी बातें सुनते नहीं इसलिए उन्होंने ज्यादा प्रभावशाली दिखने के लिए शिव और पार्वती के कपड़े पहने।

बता दें कि बोरा के विरुद्ध शिकायत दर्ज किए जाने का केवल एक अकेला कारण यह नहीं है कि उसने शिव के भेष में मोदी विरोधी बातें कहीं बल्कि उसकी व्हॉट्सएप चैट के कारण लोग उससे अधिक नाराज हैं। इसमें उसने माना हुआ है कि उसने ये हरकत पैसों के लिए की और हिंदू भगवान का मजाक भी उड़ाया। उसने चैट में प्ले से जुड़े वीडियो को लेकर किसी को बताया हुआ था, “खबरें देखों तुम्हारे शिव-पार्वती का खूब मजाक उड़ाया है।”

इसके अलावा उसने अपने नाटक की वीडियो भी भेजी थी जिसके बाद वह व्यक्ति भगवान का अपमान देख बौखला गया और बोरा को सुनाने लगा। इस पर बोरा ने कहा कि ऐसा करने में कुछ भी गलत नहीं है। पैसे के लिए कुछ भी किया जा सकता है।

जब व्यक्ति ने बोरा से पूछा कि पैसों के लिए कोई इतना कैसे गिर सकता है तो उसने कहा कि उसने एक नाटक किया जिसके उसे पैसे मिले। इसके बाद व्यक्ति ने बोरा को केस की धमकी दी और फिर बोरा गाली-गलौच पर उतर आया। ये चैट सोशल मीडिया पर वायरल हो रखी है। संगठनों की शिकायत के बाद बोरा गिरफ्तार है। उससे अभी ये नहीं पता चल सका है कि शिव के भेष में मोदी सरकार को भला-बुरा बोलने के लिए उसे किसने पैसे दिए।

MP के इटारसी में रोकी गई सिकंदराबाद एक्सप्रेस, बम से उड़ाने की धमकी के बाद ट्रेन से उतारे गए सारे यात्री: चल रहा तलाशी अभियान

जयपुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस (Secunderabad Express) को बम से उड़ाने की धमकी देने की खबर सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ट्रेन की मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के स्थित इटारसी जंक्शन गहन तलाशी जारी है। इस दौरान यात्रियों को सामान सहित नीचे उताकर ट्रेन को पूरी तरह से खाली करा लिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नर्मदापुरम एसपी गुरकरण सिंह के नेतृत्व में पुलिस और बम निरोधक दस्ता इटारसी जंक्शन पर पहुँची और प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर खड़ी सिकंदराबाद एक्सप्रेस ट्रेन की पड़ताल की। इसके साथ GRP और RPF की टीम भी मौके पर पहुँची।

इस घटना को लेकर एक ट्विटर यूजर ने ट्विटर पर रेलवे के टैग किया और इस बारे में पूछा। हितेश अधिकारी नाम के यूजर ने पूछा, “@RailMinIndia, @आईआरसीटीसीआधिकारिक ट्रेन संख्या 19713 को इटारसी रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया है, यात्रियों को उनके सामान के साथ उतार दिया गया है, कुछ सुरक्षा मुद्दा कहा जा रहा है। क्या इसे और स्पष्ट किया जा सकता है?”

उन्होंने आगे लिखा, “जैसा कि कहा जा रहा है कि ट्रेन का निरीक्षण किसी धमकी या खुफिया जानकारी के कारण किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा तेजी दिखाते हुए की गई कार्रवाई बहुत ही सराहनीय।”

इसके बाद रेलवे सेवा पोर्टल ने उस पर जवाब देते हुए यूजर से अपना PNR और मोबाइल नंबर मैसेज करने के लिए कहा। इसके साथ ही क्षेत्र के संबंधित अधिकारियों को टैग किया गया, जिन्होंने इससे संबंधित उन्हें फोन पर सूचना देने की बात कही।

नाइट क्लब में एन्जॉय कर रहे थे लोग, ताबड़तोड़ चलने लगी गोलियाँ: दक्षिण अफ्रीका के बार में 18 की मौत, इससे पहले बिछ गई थी 22 लाशें

दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के जोहान्सबर्ग शहर के सोवेटो स्थित एक नाइटबार में आधी रात को जब सभी लोग मौज-मस्ती में डूबे थे। उसी दौरान हथियारबंद हमलावरों के एक समूह ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में 14 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा दस अन्य घायल हुए थे। 12 लोगों की मौत मौके पर ही हो गई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना आज सुबह (10 जुलाई 2022) 12: 30 बजे ये हमला किया गया। हमलों के बाद हमलावर सफेद रंग की टोयोटा क्वांटम मिनीबस में सवार होकर वहाँ फरार हो गए। एक ऑनलाइन पोस्ट में बार के अंदर फर्श पर लोगों के शव बिखरे पड़े देखा गया। इस घटना को लेकर गौतेंग के पुलिस कमिश्नर इलियास मावेला ने कहा,”शुरुआती जाँच से पता चला है कि लोग सराय में मजे ले रहे थे। हमलावर सीधे अंदर आए और उन पर बेतरतीब ढंग से गोली चला दी।”

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, अचानक कुछ लोंगों को गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी और वो तुरंत बाहर निकलने की कोशिशें करने लगे। उन्होंने कहा, “इस समय हमारे पास पूरी जानकारी नहीं है कि मकसद क्या है और वे इन लोगों को क्यों निशाना बना रहे हैं।” मावेला कहते हैं कि इस हमले में हाई कैपेसिटी वाली बंदूक का इस्तेमाल किया गया था। हालात को देखकर ये समझा जा सकता है कि वहाँ से लोग बार से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे।

मौतों को लेकर पुलिस ने कहा, “दुर्भाग्य से 12 की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और एक अन्य की मौके पर ही मौत हो गई।” ईएनसीए का कहना है कि इस हमले में मारे गए लोगों की उम्र 19 से 35 साल के बीच थी।

इससे पहले शनिवार रात क्वाज़ुलु-नताल में पीटरमैरिट्सबर्ग सराय में कल रात हुई गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई। आठ अन्य को अस्पताल ले जाया गया है। बताया जाता है कि वीडब्ल्यू पोलो में सवार दो हथियारबंद लोग रात करीब 8.30 बजे शराबखाने में घुस आए और फिर गोलीबारी शुरू कर दी।

जहर से भी हो चुकी है मौत

गौरतलब है कि इससे पहले दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के ईस्ट लंदन शहर के एन्योबेनी टैवर्न में रविवार (26 जून 2022) को एक नाइट क्लब में ‘मास प्वॉइजनिंग’ (Mass Poisoning) की घटना हुई थी। इस घटना में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई थी। जहर से हुई मौत के बाद ‘टेबल और कुर्सियों पर शव बिखरे रहे’।

चेहरे पर खून, सेकेंडों में उड़ा दिए 8 गर्दन: लोगों को पसंद आ रहा नागार्जुन का ‘किलिंग मशीन’ अवतार, बोले – 62 की उम्र में भी हैंडसम

दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार नागार्जुन की आने वाली फिल्म ‘द घोस्ट’ का 49 सेकंड का टीजर रिलीज किया गया है। फिल्म में ब्लड मून नजर आ रहा होता है, जिसके सामने हाथ में तलवार लिए नागार्जुन दिखते हैं। अचानक से कुछ लोग आते हैं, जिन्हें वो बहुत ही बेरहमी से 8 लोगों को तलवार से काट डालते हैं। उनके चेहरे पर खून देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं।

फिल्म के टीजर को ट्विटर पर शेयर करते हुए नागार्जुन ने कहा, “आपके लिए द घोस्ट की एक्शन से भरपूर झलक पेश करने के लिए बहुत उत्साहित हूँ!” उन्होंने अपने इस अवतार को किलिंग मशीन करार दिया है।

रामबाबू पल्ला नाम के यूजर ने फिल्म की तारीफ करते हुए ट्वीट किया, “हैलो नागार्जुन गारु..मैं अनुमान लगा रहा हूँ कि आप जबरदस्त एक्शन एपिसोड के साथ बिल्कुल नई कहानी कर रहे हैं। मैं पूरी कास्ट और क्रू को आगे एक बड़ी सफलता की कामना करता हूँ और मुझे उम्मीद है कि यह फिल्म एक कल्ट हिट बन जाएगी, जिसे आप जीवन भर सँजो कर रखेंगे।”

जे रामा सिरिशा ने टीजर की प्रशंसा करते हुए कहा, “बहुत बढ़िया नाग सर। कोई शक नहीं घोस्ट मूवी पक्का हिट होने वाली है। ऑसम गा वुंडी नाग सर। नाग सर और घोस्ट मूवी टीम को शुभकामनाएँ।”

इसी तरह से टीजर में एक्टर नागार्जुन के दमदार एक्शन की तारीफ करते हुए वामसी कृष्णा नाम के यूजर ने इसे हॉलीवुड एक्टर जॉन विक की स्टाइल जैसा करार दिया।

चेनोजू हरीश नाम के यूजर ने कहा कि न्यू वर्जन मोड एक्टिव हो गया है, ये एपिक होने वाला है।

हरिता नाम की यूजर ने कहा, “वाह!! ये बहुत अलग होने वाला है नाग सर। सदाबहार जवान दिख रहे हैं।”

संदीप नाम के यूजर ने भी उनकी तुलना हॉलीवुड एक्टर जॉन विक से की और पूछा, “क्या ये हमारे जॉन विक हैं?”

मरून डेविल नाम के यूजर ने कहा, “सर कुछ वक्त के लिए लगा जैसे ये आपकी किसी पुरानी फिल्म का पोस्टर है। जवान दिख रहे हैं।”

गौरतलब है कि द घोस्ट फिल्म के टीजर में नागार्जुन सूट-बूट में किसी हॉलीवुड फिल्म वाला फील देते दिखाई दिए। वो अपनी तलवार से दुश्मनों को पल भर में धूल में मिला दे रहे हैं। फिल्म के निर्माताओं ने ऐलान किया है कि फिल्म दशहरा के अवसर पर 5 अक्टूबर को रिलीज होगी। नागार्जुन के अलावा, द घोस्ट में सोनल चौहान, गुल पनाग, अनिखा सुरेंद्रन, मनीष चौधरी, रवि वर्मा और श्रीकांत अय्यंगार भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। इसके अलावा उन्होंने बॉलीवुड फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ में भी अहम किरदार निभाया है, जो 9 सितंबर को रिलीज होगी।

बकरी का गर्दन पकड़ दाँत चियारता बच्चा, बकरीद पर यह है PETA India का पशु-प्रेम… हिन्दू त्योहारों पर ज्ञान दे दिखाता है दोहरा चरित्र

भारत में पशुओं के अधिकारों की आवाज उठाने वाले संस्थान पेटा इंडिया (PETA India) ने बकरीद पर मुस्लिमों को नाराज न करने का फैसला किया है। बकरीद में बकरियों और अन्य जानवरों की कुर्बानी दी जाती है और मुस्लिम लोग उसे खाते भी हैं। पशुओं के अधिकारों की बात पर आज पेटा इंडिया मौन धारण कर चुका है।

पेटा इंडिया ने ईद उल अज़हा (Eid Al Adha, बकरीद, Bakrid or Bakra Eid) पर ‘दर्द रहित कुर्बानी’ की भी अपील नहीं की है। संदेश के नाम पर हालाँकि पेटा ने ये ज्ञान जरूर दिया कि ‘सभी धर्म दया का संदेश देते हैं’।

पेटा ने मज़हब के नाम पर पशुओं की कुर्बानी की अपील भी नहीं की। इसको आप पिछले कुछ दिनों की घटनाओं से जोड़ कर देख सकते हैं। पिछले कुछ समय से भारत में चरमपंथी मुस्लिमों द्वारा सिर कलम करने और हिंसा की घटनाएँ की गईं हैं। ऐसा उन्होंने अपने पैगंबर के अपमान का आरोप लगा कर किया।

बकरीद इब्राहिम द्वारा कथित तौर पर अपने बेटे इस्माईल की अल्लाह के लिए कुर्बानी का माद्दा दिखाने की याद में मनाया जाता है। इस दिन बकरियों व अन्य कई पशुओं को हलाल कर के उनका गोश्त रिश्तेदारों और गरीबों में बाँटा जाता है… खुद भी खाया जाता है।

पेटा इंडिया (PETA India) लगातार लोगों से शाकाहारी होने की अपील करता है। इसके लिए वो प्रदर्शनी और याचिकाएँ भी लगाता रहता है। इसके बाद भी उसने बकरीद पर भारत के 20 करोड़ से अधिक मुस्लिमों से बकरे या अन्य जानवरों को न काटने की अपील नहीं की।

हलाल का तरीका

जानवरों को हलाल करने की प्रर्किया को ज़िबह करना भी कहते हैं। इसमें जानवरों का अधिक खून निकलता है। इस्लामी मान्यताओं के मुताबिक रक्त अशुद्ध होता है। जानवरों का अधिक से अधिक खून निकलना ही हलाल का पहला उसूल होता है। ‘शरिया’ कहे जाने वाले इस्लामी कानून के मुताबिक हलाल के लिए तेज धार की चाकू होना जरूरी है और उस पर कोई खरोंच या रगड़ के निशान न हों। इसी के साथ उसी कानून में कहा गया है कि गर्दन काटने वाला हथियार गर्दन की चौड़ाई से 2 से 4 गुना बड़ा हो। उसी कानून में ये भी कहा गया है कि कुर्बानी से पहले जानवरों को अच्छी तरह से खिलाया-पिलाया गया हो।

जानवरों को हलाल करने के लिए किसी समझदार और वयस्क मुस्लिम का होना जरूरी बताया गया है। किसी गैर मुस्लिम द्वारा काटा गया जानवर हलाल नहीं बल्कि हराम माना जाएगा। यूरोपीय यूनियन के हलाल सर्टिफिकेशन विभाग के मुताबिक हलाल करते समय ‘अल्लाह के नाम पर कुर्बानी’ कहना जरूरी होता है। इसी के साथ ‘बिस्मिल्लाह’ और ‘अल्लाह हु अकबर’ भी बोला जाता है। इसी के साथ पशुओं को बाईं करवट लिटाया जाता है। कुर्बानी के दौरान उनका मुँह क़िबले (मक्का) की तरफ रखा जाता है।

पेटा इंडिया हिन्दू त्योहारों पर अक्सर उठाता है ऊँगली

मुस्लिमों को जानवरों की कुर्बानी पर एक भी शब्द न बोलने वाला पेटा इंडिया अक्सर हिन्दू त्योहारों पर आपत्ति दर्ज करवाता रहता है। साल 2020 की होली में पेटा इंडिया ने जानवरों पर रंग न डालने की अपील की थी।

साल 2019 में होली पर ये था पेटा इंडिया का ट्वीट। इस ट्वीट में पेटा इंडिया ने विगन ठंडाई (vegan thandai) पीने की अपील की थी।

इसी प्रकार की भावना दीपावली पर भी व्यक्त की गई थी। 2015 में पेटा ने आवाज रहित दीपावली मनाने की अपील करते हुए पटाखे आदि न फोड़ने की अपील की थी।

साल 2020 में पेटा ने एक नियामवली बना कर पशुओं के वध का सही तरीका बताने का प्रयास किया था। उसी समय हिन्दू त्यौहार पर वो हर किसी से डेयरी प्रोडक्ट तक छोड़ने और विगन बनने की अपील करता है। पिछले कुछ सालों में पेटा ने जानवरों के अधिकारियों को लेकर धर्म के आधार पर कई बार अपना दोहरा रवैया दिखाया है। इस बकरीद पर पेटा द्वारा किसी प्रकार की अपील न करने के पीछे धार्मिक भावनाओं के आहत होने पर ‘सिर तन से जुदा’ का डर माना जा रहा है।

ATM से 4 बार पैसे निकालने के बाद कट जाएँगे 173 रुपए: क्या है RBI की गाइडलाइन, जानें वायरल दावे का सच

बैंकों से पैसों की लेन-देन को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर कोई न कोई मैसेज वायरल होता रहता है। अभी हाल में एक ऐसी ही जानकारी सामने आई जिसमें कहा गया कि अगर एटीएम से महीने में 4 बार से ज्यादा दफा पैसे निकाले तो 173 रुपए एक्सट्रा कटेंगे।

अब जाहिर है कि सामान्य जन के लिए केवल बैंक से पैसे निकालने के लिए इतनी रकम देना चौंकाने वाली बात है। इसलिए वह लोग इसे जगह जगह शेयर करने लगे। ट्विटर पर मोदी सरकार पर सवाल उठे और उनकी नीतियों का मखौल बना।

देख सकते हैं कि ज्यादातर ट्वीट में लिखा है, “ATM से 4 बार से अधिक पैसा निकालने पर अब 150 रुपए टैक्स और 23 रुपए सर्विस चार्ज यानी कुल 173 रूपए कटेंगे”। इसके बाद लिखा है- ‘हिंदू खतरे में हैं।’

अपने आपको ट्विटर भारतीय युवा कॉन्ग्रेस उपाध्यक्ष बताने वाला आसिफ लिखता है, “देश के अंधभक्तों/बुद्धिहीन व्यक्ति को खतरे से बहार निकालने के लिए अब ATM से 4 बार से अधिक पैसा निकालने पर अब 150 रुपए टैक्स और 23 रुपए सर्विस चार्ज कटेंगे।”

अब इस संदेश को पढ़कर लोग मोदी सरकार की आलोचना कर रहे हैं। लिखा जा रहा है, “एक और तोहफा। 1 जून से बैंक में 4 ट्रांजैक्शन पर 150 रुपए चार्ज लगेगा। जनता के गले में एक बार में छुरा क्यों नहीं फेर देते। कमाओ तो टैक्स, बचाओ तो टैक्स और तो और बैंक में पैसा जमा कराओ तो भी टैक्स, फिर वापस निकालो तो भी टैक्स।”

वायरल संदेश में पाठकों से आग्रह किया गया है कि वो इस मैसेज को फारवर्ड करें और इस तरह के अत्याचारों को बिलकुल न सहें।

अब वायरल मैसेज की सच्चाई क्या है? क्या वाकई मोदी सरकार ऐसी नीति ले आई है जिसके बाद बैंक आपसे 150 रुपए चार्ज करने वाले हैं। तो जवाब है नहीं। ये संदेश केवल मोदी सरकार को घेरने के लिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पिछले कुछ दिनों में इसे कई लोगों ने शेयर कर दिया है।

हालाँकि सच ये है कि यही संदेश 2021 में भी चलाया गया था और यही संदेश 2019 में भी वायरल हुआ था। देख सकते हैं कि इन संदेशों पर कई बार फैक्ट चेक भी हुए हैं। इनमें बताया गया था कि 2017 में कुछ निजी बैंकों ने ब्रांच से चार बार से ज्यादा लेनदेन करने पर 150 रुपए चार्ज लेने का ऐलान किया था। उन्होंने साफ किया था ये चार्ज सिर्फ बैंक ब्रांच से लेनदेन पर है न कि एटीएम से पैसे निकालने पर।

इसके अलावा RBI के भी यही दिशा-निर्देश हैं कि ग्राहक द्वारा की जाने वाली प्रति ट्रांजैक्शन पर 20-21 रुपए से ज्यादा कोई बैंक नहीं ले सकता। ये निर्देश एटीएम वाली ट्रांजैक्शन के लिए हैं वो भी तब जब 5 बार व्यक्ति पहले पैसे निकाल चुका है। वहीं कैश ट्रांजैक्शन के लिए कुछ निजी बैंक हैं जिन्होंने साल 2017 में ये घोषणा की थी कि वो 4 बार की ट्रांजैक्शन के बाद 150 रुपए चार्ज करेंगे।

ऐसे में ये स्पष्ट है कि ये संदेश अभी का नहीं है और जो 150 रुपए बैंकों द्वारा लेने की बात है वो न अभी की है न एक-दो साल पुरानी। ये खबर 2017 में आई थी। उसमें भी कुछ निजी बैंक जैसे एक्सिस, एचडीएफसी और आईसीसीसी के नाम थे। इस संबंध में कई न्यूज पोर्टल पर रिपोर्ट भी प्रकाशित हुई थीं।

2017 में प्रकाशित संबंधित खबरें

सौतेली माँ को कहा ‘फकिंग मोरोन’, जिस विधवा भाभी के साथ प्यार किया, वो ‘वेश्या’: अमेरिकी राष्ट्रपति बायडेन के बेटे के चैट्स लीक

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन के बेटे हंटर बायडेन का उनकी सौतेली माँ के साथ रिश्ते काफी कड़वे हो गए हैं। उनके और उनकी सौतेली माँ जिल बायडेन के बारे में कुछ मैसेज्स वायरल हो रहे हैं। इसमें उन्होंने अपनी सौतेली माँ के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। उन्होंने अपनी सौतेली माँ को ‘स्वार्थी और मूर्ख फकिंग मोरोन’ और ‘बदला लेने वाली’ बता दिया। उन्होंने मैसेज में लिखा कि जब उन्होंने सबसे ज्यादा पी रखी होती है, तब भी वो अपनी सौतेली माँ से ज्यादा होशियार होते हैं।

बता दें कि ड्रग एडिक्शन से छुटकारा के लिए हंटर बायडेन एक रेहाब में भी गए थे, लेकिन उन्हें इस बात का दुःख है कि इस दौरान उनके पिता या चाचा में से कोई उन्हें देखने तक नहीं आया। साथ ही उन्हें कभी एक कॉल तक नहीं किया। ये टेक्स्ट मैसेज्स हंटर ने अपने आईफोन से भेजे थे। इसमें उनके कई आपत्तिजनक वीडियो भी सामने आए थे। इनमें से एक वीडियो में वो पानी में नंगे तैरते हुए दिखे थे। फिर वो शराब की एक बोतल लेकर वापस पानी में चले जाते हैं।

बता दें कि 2018 में हंटर बायडेन का परिवार उन्हें वापस रेहाब में जाने के लिए बोल रहा था, जिस कारण गुस्से में उन्होंने इन शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने अपनी सौतेली माँ के साथ-साथ अपने दिवंगत भाई की पत्नी हेली पर भी कई आरोप लगाए। हेली और हंटर रिलेशनशिप में ही थे। उन्होंने लिखा था कि दोनों ने मिल कर ड्रामा किया। हेली ने तब हंटर से कहा था कि जो भी भी हुआ उसके जिम्मेदार तुम खुद हो, न तुम्हारी माँ और न ही मैं।

हालाँकि, इस दौरान जिल बायडेन के साथ हंटर के डायरेक्ट मैसेज्स काफी अच्छे थे और उनमें कुछ बुरा नहीं था। जिल ने उन्हें ‘लव यू’ लिखा था और आशा जताई थी कि वो ठीक हैं, जिस पर हंटर ने धन्यवाद लिखा था। जिल ने एक बार लिखा था कि वो समुद्र किनारे हंटर के बारे में सोच रही हैं, जिस पर हंटर ने ‘लव यू’ रिप्लाई किया था। उन्होंने अपनी भाभी को ‘वेश्या’ बताते हुए परिवार से दूर रहने को कहा था और लिखा था कि वो ऐसी महिला को डेट करना चाहते हैं, जिसके पास दिमाग हो और दिल हो और उनसे प्यार करती हों।

उन्होंने ये भी लिखा था कि उस समय वो यूक्रेन की एक प्रॉस्टिट्यूट के साथ थे। बता दें कि हंटर बायडेन अपना लैपटॉप बनवाने गए थे, तब मैकेनिक ने उसमें आपत्तिजनक चीजें देखी थीं। जब उसने पासवर्ड पूछा, तब हंटर बायडेन ने हँसते हुए कहा, “My Password is Fucked Up” और फिर कहा कि वो बुरा न माने। असल में हंटर बायडेन ने अपने लैपटॉप का पासवर्ड ‘analf–k69’ रखा था। हंटर बायडेन ने इसके बाद लैपटॉप दुकानदार को दे दिया और कहा कि वो इसे बनाने के बाद उन्हें वापस कर दें। उनके मैकबुक में बड़ी संख्या में पोर्नोग्राफी मैटेरियल्स थे।

UP के जंग बहादुर को पाकिस्तानी दोस्त ने मार डाला, सऊदी अरब से जन्माष्टमी पर आने के लिए परिजनों को किया था प्रॉमिस

नौकरी के सिलसिले में सऊदी अरब गए उत्तर प्रदेश के जगदीशपुर निवासी जंग बहादुर यादव की हत्या कर दी गई है। हत्या का आरोप सऊदी में ही रहने वाले एक पाकिस्तानी नागरिक पर है। यह पाकिस्तानी भी यादव का सहकर्मी था। घटना के बाद परिजनों ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर शव को भारत मँगाने की विनती की है।

जगदीशपुर थाना क्षेत्र के वारिसगंज टांडा गाँव के निवासी राज नारायण यादव के 43 वर्षीय पुत्र जंग बहादुर यादव साल 2017 में नौकरी के सिलसिले में सऊदी अरब गए थे। वहाँ वे रियाद निवासी मलिक अल-दकतूर अब्दुल अजीज अल-बशर के यहाँ ड्राइवर की नौकरी करने लगे।

इसी बीच 6 जुलाई 2022 की रात को जंग बहादुर के साथ रहने वाले भारतीय अरविंद ने कुवैत में नौकरी करने वाले जंग बहादुर के भाई विनोद को फोन किया। फोन पर अरविंद ने बताया कि जंग बहादुर की हत्या कर दी गई है और हत्या करने वाला उनका ही एक पाकिस्तानी सहकर्मी है। इस खबर को सुनकर घर में कोहराम मच गया।

शुक्रवार (8 जुलाई 2022) को जंग बहादुर के पिता राज नारायण ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी। उन्होंने आरोपित पाकिस्तानी को सजा दिलाने और अपने बेटे के शव को जल्द से जल्द उन्हें दिलाने का आग्रह किया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय अधिकारी पीड़ित परिवार से जाकर मिले और हर तरह का सहयोग दिलाने का भरोसा दिया। अमेठी के डीएम राकेश कुमार मिश्रा के अनुसार, इस संबंध में शासन से जुड़े सभी बड़े अफसरों को जानकारी देने के बाद विदेश मंत्रालय और सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास को पत्र भेजा गया है।

मृतक जंग बहादुर के परिवार में बुजुर्ग माता-पिता के अलावा पत्नी, दो बेटे और एक बेटी है। पिता का कहना है कि वे साल 2020 में ही घर आना चाहते थे, लेकिन कोविड की वजह से नहीं आ सके।

हालाँकि, मौत से कुछ घंटों पहले यानी 6 जुलाई को सुबह जंग बहादुर ने अपने पिता राज नारायण व दोपहर बाद पुत्र सौरभ से बात कर जंग बहादुर ने जन्माष्टमी के दौरान घर आने की बात कही थी। जन्माष्टमी के पहले उनके परिजनों को उनकी मौत की खबर मिल गई।