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‘अभिव्यक्ति की आज़ादी सिर्फ हिन्दू देवी-देवताओं के लिए क्यों?’: सत्ता जाने के बाद उद्धव गुट को याद आया हिंदुत्व, प्रियंका चतुर्वेदी ने सँभाली कमान

महाराष्ट्र में सत्ता जाते ही शिवसेना हिंदुत्व के मुद्दे पर वापस लौटते हुए नजर आ रही है। इसका ताजा उदाहरण शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने मंगलवार (5 जुलाई, 2022) को माँ काली के विवादित पोस्टर की आलोचना के रूप में पेश किया है। वरना लम्बे समय से शिवसेना ऐसे मुद्दों पर मौन साधे रहती थी। बता दें कि इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘काली’ के पोस्टर में देवी को धूम्रपान करते हुए दिखाया गया है। जिस पर विरोध जताते हुए शिवसेना सांसद ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हिंदू देवताओं के लिए रिजर्व नहीं हो सकती है।

डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘काली’ के पोस्टर पर प्रियंका चतुर्वेदी ने ऐतराज जताते हुए ट्विटर पर कहा, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने के लिए नहीं है। जबकि बाकी सभी की धार्मिक संवेदनाओं का ख्याल रखा जाए। मैं माँ काली पर फिल्म के पोस्टर से आहत हूँ, सम्मान सभी के लिए समान होना चाहिए और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को जानबूझकर दूसरों को अपमानित करने का साधन नहीं बनना चाहिए।”

बता दें कि डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘काली’ में माँ काली को धूम्रपान करते और एलजीबीटीक्यू का झंडा पकड़े हुए दिखाया गया है, जिसके बाद फिल्म को लेकर विवाद शुरू हो गया है। फिल्म निर्माता लीना मणिमेकलाई पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में दिल्ली-यूपी सहित देश के कुछ हिस्सों में फिल्ममेकर के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है। वहीं फिल्ममेकर लीना मणिमेकलई के खिलाफ एक्शन लेने की माँग की जा रही है।

गौरतलब है कि टोरंटो में रहने वाली फिल्मकार लीना मणिमेकलई ने शनिवार (2 जुलाई, 2022) को ट्विटर पर अपनी लघु फिल्म ‘काली’ का विवादित और हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने वाला पोस्टर साझा किया था। और कहा था कि यह फिल्म टोरंटो में आगा खान संग्रहालय में ‘रिदम्स ऑफ कनाडा’ सेगमेंट का हिस्सा है। इस पोस्टर के सामने आने के बाद मणिमेकलई पर हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप लगने लगे। यही नहीं, सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ ‘अरेस्ट लीना मणिमेकलई’ हैशटैग भी ट्रेंड करने लगा था।

इससे पहले आज दिन में, काली पोस्टर विवाद के बारे में बोलते हुए टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा था कि काली उनके लिए मांस खाने वाली, शराब पीने वाली देवी है। इसके बाद भड़के विवाद पर जहाँ टीएमसी ने उनके बयान पर पल्ला झाड़ लिया है।

पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से सांसद महुआ मोइत्रा ने दावा किया कि कई जगहों पर देवी-देवताओं को व्हिस्की चढ़ाई जाती है। उन्होंने दावा किया कि हमारे पास इसकी स्वतंत्रता है कि हम हमारे देवी-देवताओं को किसी भी रूप में सोच सकते हैं। 2 दिवसीय ‘इंडिया टुडे कॉन्क्लेव ईस्ट 2022’ में बोलते हुए उन्होंने ये बातें कही। वहीं पश्चिम बंगाल भाजपा ने सीएम ममता बनर्जी पर सांसद के खिलाफ ऐक्शन लेने की माँग की है।

‘किसी और मजहब पर ऐसी फिल्म क्यों नहीं बनती?’: माँ काली का अपमान करने वालों पर MP में होगी कार्रवाई, बोले नरोत्तम मिश्रा – बर्दाश्त नहीं

लीना मणिमेकलाई की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘काली’ के पोस्टर पर मध्य प्रदेश में भी विवाद गहरा गया है। प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट किया, “डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘काली’ में काली माता को सिगरेट पीते हुए दिखाना काफी आपत्तिजनक है। इस मामले में FIR करवाने के लिए बोलूँगा और फिल्म मध्य प्रदेश में कैसे बैन हो इस पर विचार किया जाएगा। माँ काली का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर तत्काल फिल्म के पोस्टर नहीं हटाए तो आगे कड़ी कानूनी कार्रवाई करेंगे।”

उन्होंने कहा, “मैं डायरेक्टर लीना मणिमेकलाई से पूछना चाहता हूँ कि आखिर हमारे देवी देवताओं पर ही फिल्म क्यों बनाई जाती है? किसी और धर्म के देवी देवताओं पर फिल्म बनाने की हिम्मत क्यों नहीं हो पाती है। यह बेहद आपत्तिजनक है। तत्काल पोस्टर नहीं हटाए, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

लीना मणिमेकलई ने 2 जुलाई को अपनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘काली’ का पोस्टर ट्विटर पर रिलीज किया था। इस पोस्टर में एक्ट्रेस को ‘काली’ के रूप में दिखाया गया है। इसमें उसने एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में LGBT समुदाय का झंडा पकड़ा हुआ। इसके साथ ही उसे सिगरेट पीते हुए भी दिखाया गया है। पोस्टर रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर इस फिल्म का विरोध किया जा रहा है।

विरोध के बाद फिल्म की निर्देशक लीना मणिमेकलाई ने कहा, था “मेरे पास खाने के लिए कुछ नहीं है। मैं एक ऐसी आवाज के साथ रहना चाहती हूँ जो बिना किसी डर के बोले जब तक वह है। अगर इसकी कीमत मेरी जान है तो मैं दे दूँगी। ये फिल्म एक ऐसी शाम पर है जब काली प्रकट होती हैं और टोरंटो की सड़कों पर घूमती हैं।

बता दें कि लीना ने साल 2002 में शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री ‘मथम्मा’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। काली के अलावा उनकी पिछली कई फिल्में जैसे ‘सेंगडल’, ‘पराई’, ‘व्हाइट वैन स्टोरीज’ भी विवादों का हिस्सा रह चुकी हैं। बावजूद इसके लीना को कई पुरस्कारों से नवाजा गया है।

कन्नड़ अभिनेत्री के साथ होटल के कमरे में पकड़े गए महेश बाबू के भाई, तीसरी पत्नी ने चप्पल से पीटा: वायरल हुआ वीडियो

टॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में इन दिनों दिग्गज अभिनेता कृष्णा के बेटे और सुपरस्टार महेश बाबू के सौतेले भाई नरेश बाबू (Naresh Babu) के कन्नड़ अभिनेत्री पवित्रा लोकेश के साथ शादी की खबरें जोरों हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नरेश बाबू चौथी बार पवित्रा लोकेश (Pavithra Lokesh) से शादी करने वाले हैं। इसी बीच नरेश की तीसरी पत्नी राम्या (Ramya Raghupati) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि राम्या ने मैसूर में पवित्रा लोकेश के होटल के कमरे के बाहर जाकर हंगामा किया। राम्या ने नरेश को चप्पलों से मारने की कोशिश की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस दौरान पुलिस भी बीच बचाव कराती दिखाई दे रही है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि नरेश की तीसरी पत्नी ने पवित्रा लोकेश को भी चप्पल से पीटने की कोशिश की, लेकिन वहाँ मौजूद पुलिस ने राम्या को रोका और काफी हंगामे के बाद उन्हें होटल से चलता किया। उधर, नरेश भी राम्या पर चिल्लाते नजर आए। अभिनेता की तीसरी पत्नी राम्या रघुपति ने आरोप लगाया है कि नरेश ने उसे तलाक के कागजात पर हस्ताक्षर करने की धमकी दी, लेकिन पवित्रा ने कहा कि नरेश एक सज्जन व्यक्ति हैं और दोनों के बीच अच्छे संबंध हैं। एक्ट्रेस पवित्रा लोकेश ने नरेश संग शादी की खबरों को भी झूठा बताया। वहीं, नरेश का कहना है कि उन्होंने अपनी पत्नी राम्या को तलाक का नोटिस भेजा था, जिसके बाद से वह उन्हें बदनाम करने के लिए झूठी खबरें फैला रही हैं।

बता दें कि 59 साल के नरेश दिवंगत एक्ट्रेस विजया निर्मला और उनके पहले पति के बेटे हैं। बाद में विजया ने महेश बाबू के पिता और एक्टर कृष्णा से शादी कर ली थी। नरेश भी साउथ के जानेमाने एक्टर हैं। राम्या उनकी तीसरी पत्नी हैं। बताया जाता ​है कि उन्होंने डांस मास्टर श्रीनू की बेटी से पहली शादी और रेखा शास्त्री से दूसरी शादी की है।

चित्रकूट में ‘कोदंड वन’ की स्थापना, CM योगी ने हरिशंकरी का पौधा लगाकर की शुरुआत: श्रीराम की तपोभूमि में लगेंगे 35 करोड़ पौधे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार के 100 दिन पूरे होने पर आज (5 जुलाई, 2022) को चित्रकूट में मानिकपुर के सेहरिन में वैदिक मंत्रों के बीच हरिशंकरी का पौधा रोपकर यूपी में वन महोत्सव का आगाज किया। सीएम योगी के साथ धर्मनगरी के साधु-संतों ने भी पौधरोपण किया। वहीं इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि मनुष्य का जीवन चक्र वनों पर आधारित है लेकिन वन काटकर मनुष्य ने स्वयं अपने आस्तित्व पर खतरा पैदा किया है।

आज इस अवसर पर उन्होंने सेहरिन में कोदंड वन विकसित करने को कहा। उन्होंने बताया कहा कि त्रेता में यहाँ वनों का बड़ा क्षेत्र रहा होगा लेकिन कटान से वन नष्ट हो गए और पर्यावरण संतुलन बिगड़ गया। कोदंड को उन्होंने राम के धनुष से जोड़ा और कहा कि कामदगिरि भी धनुषाकार है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम को कोटि-कोटि प्रणाम। उन्होंने जनता को बताया कि आज पूरे प्रदेश में 25 करोड़ पौधे रोपे जा रहे हैं जबकि इस पूरे अभियान में 35 करोड़ पौधे लगाए जाने हैं। इसी कड़ी में 15 अगस्त को पाँच करोड़ पौधे रोपे जाएँगे। बुंदेलखंड में प्राकृतिक व बागवानी खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गंगा किनारे वाले जिलों में यह प्रयोग सफल रहा है। इसके अलावा गंगा के कनारे 5-5 किमी दायरे में बागवानी तैयार करने की मिशन भी शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ही गाय के गोबर व गोमूत्र से कीटनाशक रसायन तैयार करेंगे। इसका प्रयोग भी खेती में होगा।

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की पुरातन विधियाँ हम भूल गए हैं इसलिए जल संकट की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज ग्लोबल वार्मिंग सबसे बड़ी समस्या है। इससे मानव जाति को बचाने के लिए पौधरोपण और प्रकृति की सुरक्षा ही सबसे बड़ा उपाय है। आज वृक्ष मित्र व प्रकृति मित्र बनने की जरूरत है। बारिश के पानी का संरक्षण कर बुंदेलखंड को हरा-भरा करने की बात उन्होंने कही।

बता दें कि आज के कार्यक्रम में सीएम योगी ने 124 करोड़ रुपए की 28 योजनाओं का शिलान्यास और 15 योजनाओं का लोकार्पण करते हुए यह भी कहा कि गोस्वामी तुलसीदास व महर्षि वाल्मीकि की धरती में धार्मिक व पर्यटन विकास में कोताही नहीं होगी। धर्मनगरी चित्रकूट के टाइगर रिजर्व क्षेत्र से टाइगर दहाड़ेगा तो भगवान श्रीराम का संदेश पूरे विश्व में जाएगा। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में घर-घर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। बुंदेलखंड को हवाई मार्ग और एक्सप्रेसवे से जोड़ दिया गया है।

गौरतलब है कि आज के कार्यक्रम से एक दिन पहले ही मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह ने इस क्षेत्र को कोदंड कहे जाने के बारे में बताते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम वनवास के लिए निकलते समय धनुष बाण जन्मस्थली अयोध्या में छोड़ आए थे। तब उन्होंने सुरक्षा के लिए यहाँ बाँस से धनुष-तीर तैयार किए। प्रभु श्रीराम के इसी रूप को कोदंड कहते हैं। उन्होंने भी यह बताया कि उत्तर प्रदेश में पौधरोपण की शुरुआत वाले इस स्थान को कोदंड वन क्षेत्र के नाम से विकसित किया जाएगा।

‘सोशल मीडिया की जवाबदेही तय होगी’: मोदी सरकार के खिलाफ कोर्ट पहुँचा ट्विटर, नहीं हटा रहा भड़काऊ और झूठे कंटेंट्स

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर को खरी-खरी सुनवाई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के बेहद ही शक्तिशाली माध्यम है और हमारे जीवन में इसका खासा प्रभाव है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की जवाबदेही कैसे तय हो, ये सवाल दुनिया के कई हिस्सों में एक वैध प्रश्न बन चुका है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में देश-समाज इस दिशा में जा रही है कि सोशल मीडिया को उत्तरदायी बनाना ज़रूरी है।

अब सवाल ये है कि इसे किया कैसे जाएगा? इस पर केंद्रीय MeitY मंत्री ने कहा कि सेल्फ-रेगुलेशन महत्वपूर्ण है, जिसके तहत इन्हें समाज में नकारात्मक प्रभाव डालने वाले कंटेंट्स को खुद ही दूर कर देना चाहिए। उन्होंने आगे इंडस्ट्री रेगुलेशन और फिर सरकारी रेगुलेशन की बात की। उन्होंने बताया कि दुनिया भर में एक ऐसा इकोसिस्टम या थॉट प्रोसेस बन रहा है कि सोशल मीडिया को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए और जैसे पत्रकार इतनी मेहनत कर के कंटेंट क्रिएट करते हैं तो इसका फायदा आपको भी मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर फेसबुक से इससे राजस्व आ रहा है तो आपको भी इसका हिस्सा मिलना चाहिए। उन्होंने इस प्रक्रिया में सभी को भागीदार बनाने की भी बात की। बता दें कि ट्विटर ने मोदी सरकार के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला लिया है और भड़काऊ कंटेंट्स नहीं हटा रहा है। कंपनी का कहना है कि कुछ अधिकारी नियमों का गलत इस्तेमाल कर रहे, ऐसे में इनकी न्यायिक समीक्षा होनी चाहिए। ट्विटर को आईटी मंत्रालय द्वारा चेतावनी भी दी जा चुकी है कि बात न मानने की स्थिति में उसके विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है।

केंद्र सरकार ने खालिस्तानी समर्थक हैंडल्स पर कार्रवाई के लिए ट्विटर को कहा था। ‘किसान आंदोलन’ के समय अफवाहों का बाजार गर्म करने के लिए झूठी सूचनाएँ जम कर प्रसारित की गई थीं, ऐसे में इन कंटेंट्स को हटाने को भी कहा गया था। साथ ही कोरोना को लेकर भड़काऊ और झूठे कंटेंट्स फ़ैलाने वाले हैंडल्स पर कार्रवाई को कहा गया था। ट्विटर ने इन्हें ‘अभिव्यक्ति की आज़ादी’ मान कर इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की और सरकार से ही भिड़ गया।

ट्विटर को भड़काऊ और अफवाहों वाले कंटेंट्स हटाने के लिए 4 जुलाई तक का समय दिया गया था। ट्विटर ने कई हैंडल्स पर कार्रवाई की भी, लेकिन अब वो इसकी समीक्षा पर उतर आया है। कर्नाटक हाईकोर्ट में ट्विटर ने सरकार के आदेशों को चुनौती दे दी है। नए आईटी नियमों को मानने में भी सोशल मीडिया कंपनी ने खासी आनाकानी की थी। वो लद्दाख को चीन का हिस्सा दिखा चुका है, B.1.617 को कोरोना का भारतीय वेरिएंट बताने को आगे बढ़ा चुका है और भाजपा नेताओं के कंटेंट्स पर ‘भ्रामक मीडिया’ का टैग लगा चुका है।

मिलिए पापा की परी से: माँ-बाप के पैसे उड़ाना ही है इसका फुल टाइम ‘जॉब’, एक ही दिन में महँगे ब्रांड पर फूँक डाले ₹3969517

न्यूयॉर्क की रोमा अब्देस्सेलम (Roma Abdesselam) इन दिनों सोशल मीडिया पर खासा चर्चा में है। उनके एक दिन का खर्चा सुनकर आप शॉक्ड रह जाएँगे। वह बताती हैं कि घर पर रहना उनके लिए फुल टाइम जॉब के जैसा है। वह घर पर रहकर एक दिन में 50,000 डॉलर (3969517 रुपए) से अधिक खर्च कर देती हैं, जो हमारी और आपकी साल भर की सैलरी से भी कहीं ज्यादा है।

रोमा सोशल मीडिया पर अक्सर अपने लाइफस्टाइल के बारे में लोगों को बताती रहती हैं। टिक-टॉक स्टार रोमा ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करके फॉलोअर्स को अपने खर्चों के बारे में बता कर शॉक्ड कर दिया। हालाँकि, उन्होंने अपने किसी भी पोस्ट में इस बात का जिक्र नहीं किया कि उनके माता-पिता क्या करते हैं। इन्फ्लुएंसर ने अपने लाइफस्टाइल के बारे में बताते हुए कहा, “मैंने गुच्ची, डायर, चैनल और प्राडा जैसी कई बड़ी कंपनियों से शॉपिंग करके एक दिन 50000 डॉलर से अधिक खर्च कर दिए हैं।”

खुद को स्टे एट होम डॉटर (Stay at home daughter) बताने वाली 26 वर्षीय रोमा ने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि वह हर दिन सुबह उठती हैं, नाश्ता करती हैं, वर्कआउट क्लास में जाती हैं और फिर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ शॉपिंग करने जाती हैं। रोमा कहती हैं कि वह बेरोजगार हैं। उन्होंने बताया कि अभी उन्होंने अपने खर्चे कम कर दिए हैं, क्योंकि उनके पास कुछ भी बचता नहीं हैं और न ही लंबे समय तक उसके पास कैश बचते हैं।

एक और वीडियो में रोमा ने बताया कि मैंने अपनी आईब्रो पर 600 डॉलर यानी करीब 50 हजार रुपए खर्च किए हैं। इसके बाद मैं एक बार में गई और वहाँ अपने दोस्तों के साथ पार्टी की। फिर मैंने वहाँ से कुछ अपने पसंद की चीजों की खरीदारी की। उन्होंने खरीदी हुई चीजों का बिल भी दिखाया, जिसमें उसने 1.35 लाख से ज्यादा रुपए खर्च किए हैं।

एक अन्य वीडियो में उन्होंने यह भी बताया कि वह कई बार ठगी का ​शिकार हो चुकी हैं। कई दुकानदारों ने उनको झूठ बोलकर अपना सामान बेचा है। कोई कहता है कि यह लास्ट कलेक्शन है तो कोई कहता है कि यह फर्स्ट कलेक्शन है।

मौसिम कुरैशी ने 15 साल की हिन्दू लड़की को 3 महीने तक घर में कैद कर किया दुष्कर्म, मुस्लिम बनाने का भी आरोप: गिरफ्तार

यूपी के मथुरा में लव जिहाद का एक मामला सामने आया है। जहाँ 15 साल की हिंदू नाबालिग लड़की को प्रेम जाल में फँसाकर उससे 3 महीने तक दुष्कर्म करने का आरोप पीड़िता की माँ ने आरोपित मौसिम कुरैशी पर लगाया है। वहीं FIR के बाद पुलिस ने आरोपित मौसिम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इस मामले में आरोपित से पूछताछ कर रही है। मामले में पुलिस ने बहला फुसलाकर भगा ले जाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

क्या है मामला

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मथुरा के थाना जमुनापार इलाके के रहने वाले मौसिम कुरेशी नाम के मुस्लिम युवक ने पड़ोस में रहने वाली 15 वर्षीय नाबालिग हिन्दू लड़की को बहला-फुसलाकर अपने प्रेम जाल में फँसा लिया और 3 महीने तक उसे घर में कैद कर उसका मानसिक और शारीरिक शोषण करता रहा। इतना ही नहीं पीड़ित परिवार ने बेटी के धर्म परिवर्तन का भी आरोप लगाया है। नाबालिग फरवरी 2022 से ही घर से गायब है।

वहीं पीड़िता की माँ का कहना है कि जब वह थाना जमुनापार में पिछले कई महीने से कार्रवाई को लेकर पहुँची तो कोई कार्रवाई नहीं की गई। बल्कि कहा जा रहा है कि पुलिस ने पीड़िता की माँ को ही धमका दिया। वहीं जब पीड़िता की विधवा माँ अपनी बेटी को मौसिम कुरैशी के घर से लेने जाती, तो उसे डरा धमका कर भगा दिया जाता। अब चार महीने बाद एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के आदेश पर पुलिस ने आरोपित मौसिम कुरैशी और उसके परिवार के खिलाफ जमुनापार थाने में केस दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही पीड़ित नाबालिग लड़की के बयान भी दर्ज किए गए हैं।

इस मामले में पीड़िता की माँ का कहना है कि उसे यह बताया जाता था कि मौसिम ने उसकी बेटी से निकाह कर लिया है। पीड़िता की विधवा माँ लगातार न्याय के लिए अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रही थी, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। वहीं इस मामले में पीड़िता की माँ ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपित मौसिम कुरैशी ने कुछ पुलिसवालों के साथ मिलकर नाबालिग पीड़िता को मथुरा से दूर कानपुर नारी निकेतन भिजवा दिया था। इस मामले में मीडिया रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि आरोपित का मादक पदार्थों की बिक्री का बड़ा अवैध कारोबार है।

‘मेरे लिए काली मांस भक्षी, शराब वाली देवी’: सिगरेट वाले पोस्टर पर बोलीं MP महुआ मोइत्रा, TMC ने कहा – उनके निजी विचार, हम निंदा करते हैं

पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से सांसद महुआ मोइत्रा ने माँ काली पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सांसद ने माँ काली को मांस भक्षण करने वाली और शराब पीने वाली देवी बता दिया। हालाँकि, पार्टी ने खुद को इन बयानों से अलग कर लिया है। बता दें कि माँ काली को एक फिल्म के पोस्टर में सिगरेट पीते हुए और हाथ में LGBTQ का झंडा लिए दिखाया गया, जिससे हिन्दुओं की भावनाएँ आहत हुई हैं और वो आक्रोशित हैं।

इसी पोस्टर को लेकर महुआ मोइत्रा ने मंगलवार (5 जुलाई, 2022) को बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनके लिए काली मांस खाने वाली और शराब को स्वीकार करने वाली देवी हैं। उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर देवी-देवताओं को व्हिस्की चढ़ाई जाती है। उन्होंने दावा किया कि हमारे पास इसकी स्वतंत्रता है कि हम हमारे देवी-देवताओं को किसी भी रूप में सोच सकते हैं। 2 दिवसीय ‘इंडिया टुडे कॉन्क्लेव ईस्ट 2022’ में बोलते हुए उन्होंने ये बातें कहीं।

बकौल महुआ मोइत्रा, सिक्किम में माँ काली को व्हिस्की चढ़ाई जाती है, जबकि किसी दूसरी जगह ये ईशनिंदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि जैसे उत्तर प्रदेश में जाकर माँ काली को प्रसाद के रूप में व्हिस्की चढाने की बात की जाए तो वो इसे ईशनिंदा कहेंगे। महुआ मोइत्रा ने खुद को आलोचना करने की पक्षधर बताते हुए कहा कि इसमें और हिंसा भड़काने में अंतर है। उन्होंने कहा कि तारापीठ में साधु-संत स्मोकिंग करते हुए दिखते हैं।

वहीं TMC ने कहा कि महुआ मोइत्रा द्वारा दिए गए बयान और माँ काली को लेकर उनके द्वारा अभिव्यक्त किए गए विचार उनके निजी हैं और पार्टी किसी भी सूरत में या किसी भी रूप में इसका समर्थन नहीं करती। साथ ही पार्टी के आधिकारिक बयान में ये भी कहा गया कि ‘ऑल इंडिया तृणमूल कॉन्ग्रेस (AITC)’ ऐसे किसी भी बयान की पुरजोर निंदा करता है। इसके बाद महुआ मोइत्रा ने संघियों को ‘झूठा’ बताते हुए कहा कि उन्होंने किसी स्मोकिंग वाले पोस्टर का समर्थन नहीं किया है। हालाँकि, तारापीठ वाले बयान पर उन्होंने कायम होने की बात कही।

बताते चलें कि हिंदू देवी ‘काली’ को अपनी फिल्म में सिगरेट पीते हुए दिखाने वाली लीना के पुराने ट्वीट लगातार वायरल हैं। इन ट्वीट से पता चलता है कि वो हिंदूफोबिक मानसिकता से लंबे समय से ग्रसित हैं। उन्होंने श्रीराम भगवान से लेकर गणपति भगवान तक को गाली दी हुई है। एक ट्वीट में लीना मणिमेकलई ने कहा, “मैं हकीकत में उन देवताओं पर ट्वीट करते-करते थक गई हूँ जो अस्तित्व में हैं भी नहीं और धार्मिक घृणा व कट्टरता की घटिया राजनीति के कारण अस्तित्व में ला दिए जाते हैं।” अपने ट्वीट में लीना गणपति भगवान के लिए व उनकी आराधना करने वालों को गाली दे रही हैं।

द्रौपदी मुर्मू को ‘RSS का मोहरा’ बताने के लिए प्रशांत भूषण ने की फोटो से छेड़खानी, पकड़े जाने पर ट्वीट डिलीट किया

NDA द्वारा राष्ट्रपति पद के लिए द्रौपदी मुर्मू का नाम कई लोगों को अखर रहा है। यही वजह है कि वह एक जनजाति महिला नेता के विरुद्ध सोशल मीडिया पर फर्जी दावे कर रहे हैं। मोदी सरकार के कट्टर विरोधी प्रशांत भूषण इन्हीं लोगों में से एक हैं।

उन्होंने द्रौपदी मुर्मू की एक फोटो शेयर करके दावा किया है कि अगर वह राष्ट्रपति बन गईं तो पीछे से भाजपा और आरएसएस काम करेंगे, उनका केवल ठप्पा होगा। इतना ही नहीं प्रशांत भूषण ने ये भी कहा कि मुर्मू स्वतंत्र रूप से कार्यभार नहीं संभाल पाएँगी।

अपने दावे को साबित करने के लिए उन्होंने एक फोटो शेयर की है। इस फोटो में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और द्रौपदी मुर्मू भारत माता के आगे शीष झुकाते दिख रहे हैं। इस तस्वीर के साथ प्रशांत ने लिखा, “भाजपा की राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू मोहन भागवत से मिलने नागपुर में आरएसएस के हेडक्वार्टर गईं! क्या कोई संदेह बचता है कि वो सिर्फ एक मोहरा होंगी और स्वतंत्रत रूप से नहीं काम कर पाएँगी?”

भूषण ने अपने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया। कारण है- इसका फर्जी होना।

दरअसल जो फोटो प्रशांत भूषण ने साझा की है वो एडिटिड है और दो फोटो काटकर एक फोटो बनाई गई है। एक फोटो आरएसएस के ट्विटर पर 11 मार्च 2022 को अपलोड की गई थी। इसमें मोहन भागवत गुजरात के एक कार्यक्रम में माँ भारती को प्रणाम कर रहे थे। उनके साथ दत्तारेया होसबोले भी थे। फोटो में देख सकते हैं कि बैकग्राउंड वही है, कपड़े वही हैं, बस द्रौपदी मुर्मू इसमें नहीं है।

अब सवाल है कि द्रौपदी मुर्मू की यह तस्वीर यहाँ आई कैसे। तो बता दें कि इस तस्वीर को द क्विंट के आर्टिकल में 24 जून 2022 को पब्लिश किया गया था। आर्टिकल में द्रौपदी मुर्मू झारखंड सीएम हेमंत सोरेन का अभिवादन कर रही थीं। वहीं सोरेन भी उन्हें झुक कर नमस्ते कर रहे थे।

इसी तस्वीर को एडिटिड तस्वीर में जोड़ा गया और प्रशांत भूषण ने लोगों को बरगलाने के लिए इसे शेयर भी कर दिया। हालाँकि जब बाद में सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा इस पर ये कहा गया कि ये मैनिपुलेट करने वाला ट्वीट है तब इसे हटाया गया।

अब दोनों तस्वीरों को देख पता लगाया जा सकता है कि कैसे तस्वीर एडिट करने वाले ने द्रौपदी मुर्मू को संघी प्रदर्शित करने के लिए फोटो से छेड़छाड़ कर उसकी मिरर इमेज बनाई और फिर उसे आगे बढ़ाया। प्रशांत भूषण ने भी मुर्मू से जुड़ी फर्जी खबर फैलाने में योगदान दिया और मनगढ़ंत दावा किया।

हकीकत में भूषण लंबे से फर्जी न्यूज फैलाने के लिए कुख्यात रहे हैं। पिछले साल उन्होंने कोविड को लेकर, कोविड वैक्सीन को लेकर, उसके प्रभावों को लेकर, मास्क के विरोध में कई तरह के झूठ फैलाए थे।

SDM सैयद रियाज अहमद ने पार्टी में की किस करने की कोशिश, पिलाई शराब: इंटर्नशिप के लिए झारखंड आई थी IIT की नाबालिग छात्रा, FIR दर्ज

झारखंड के खूँटी जिले में SDM (अनुमंडल पदाधिकारी) सैयद रियाज अहमद पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। हिमाचल प्रदेश की एक IIT (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) की छात्रा के द्वारा ये आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि एक पार्टी के दौरान SDM ने उनसे छेड़छाड़ की। पीड़िता ने थाने में भी FIR दर्ज कराई है। जिला पुलिस ने पूछताछ के लिए अधिकारी को हिरासत में ले लिया है।

IIT मंडी में ग्रामीण विकास पढ़ रहीं उक्त छात्रा इंटर्नशिप करने के लिए खूँटी आई थी। जिस पार्टी को लेकर ये आरोप लगाए गए हैं, वो शुक्रवार (1 जुलाई, 2022) को आयोजित की गई थी। आरोप है कि उस पार्टी में छेड़खानी करते हुए SDM सैयद रियाज अहमद ने छात्रा को किस करने का प्रयास किया। साथ ही वो गलत नज़र से भी महिला को घूर रहे थे। 4 जुलाई की देर शाम इस मामले की FIR दर्ज कराई गई। सैयद रियाज अहमद 2018 बैच के IAS अधिकारी हैं।

अकादमिक टूर पर झारखंड आई पीड़िता का आरोप है कि उसे शराब भी पिलाया गया। यौन शोषण के आरोपों के बाद खूँटी स्थित CJM की अदालत में हिमाचल प्रदेश की छात्रा का बयान दर्ज कराया गया। सैयद रियाज अहमद शादीशुदा हैं और उनकी पत्नी धनबाद की रहने वाली हैं। उनकी पत्नी भी नागरिक सेवा में हैं और वर्तमान में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बतौर SDM कार्यरत हैं। खूँटी के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने इस घटना की पुष्टि की है।

उक्त पार्टी SDM के आवास पर ही हुई थी। उनके खिलाफ IPC की धाराओं 376D (एक या उससे अधिक व्यक्ति द्वारा किसी स्त्री के साथ यौन दुर्व्यवहार), 376A (बिना सहमति के स्त्री के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाना), 323 (जानबूझ कर चोट पहुँचाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान), 506 (धमकी देना), 34 (समान इरादे से आपराधिक कृत्य) और POCSO एक्ट (यौन अधिकार से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया है, क्योंकि पीड़िता नाबालिग है।