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‘जब आपके माता-पिता से छीना गया था जीने का अधिकार’: PM मोदी ने युवाओं को सुनाया ‘आपातकाल’ का हाल, आज भारत के अंतरिक्ष में पहुँचने पर भी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (26 जून 2022) मन की बात के 90वें कार्यक्रम के जरिए देश से एक बार फिर मुखातिब हुए। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं को आपातकाल से लेकर स्पेस सेक्टर के बारे में बताया। उन्होंने खेल जगत पर चर्चा करते हुए नीरज चोपड़ा और मिताली राज की उपलब्धियों को गिनाया। इसके अलावा वह पर्यावरण पर व आने वाले धार्मिक उत्सवों पर भी बात करते सुनाई पड़े।

उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए आपातकाल पर बात की। पीएम मोदी ने 24-25 वर्ष के युवा लड़कों को बताया कि 1975 में एक समय वो भी आया था जब लोगों से उनके जीवन के हर अधिकार को छीन लिया गया था। न देश की अदालतें काम कर रही थीं, न प्रेस और न कोई संवैधानिक संस्था। सेंसरशिप के नाम पर बिन अनुमति कुछ भी नहीं छापने दिया जा रहा था। उन्होंने बताया कि कैसे उस दौर को भारतीयों ने हराया और वापस देश में लोकतंत्र आया।

इसके बाद उन्होंने स्पेस सेक्टर पर बात करते हुए इन-स्पेस नामक एजेंसी की चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस एजेंसी के लोकार्पण के दौरान उन्हें इसी सेक्टर में कई स्टार्ट-अप्स के आइडिया मिले। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि एक समय में कोई स्पेस सेक्टर में स्टार्ट अप को लेकर सोचता भी नहीं था। लेकिन अब इनकी संख्या 100 से अधिक है। कोई छोटे पे लोड्स को अंतरिक्ष तक ले जाने के लिए काम कर रहा है तो कोई सस्ते फ्लैट एंटीना बनाने पर। स्कूल स्टूडेंट तन्वी तक एक सैटेलाइट पर काम कर रही है जो कुछ महीनों में लॉन्च होगी।

पीएम ने बताया कि कैसे नीरज चोपड़ा ने हाल के दिनों में अपने ही जैवलीन थ्रो के रिकॉर्ड को तोड़ा। खेलो इंडिया युवा खेलों में भी इस बार कई खिलाड़ी देश को मिले। आगे अपनी बात बढ़ाते हुए पीएम मोदी ने भारतीय महिला क्रिकेट की पूर्व कप्तान मिताली राज को शुभकामनाएँ दीं।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘वेस्ट टू वेल्थ’ पर चर्चा करते समय मिजोरम की राजधानी आइजवाल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वहाँ नदी को बचाने के लिए काम में जुटी एक संस्था ने पॉलिथिन से सड़क बनाने का फैसला किया है। इसी तरह हिमाचल में भी स्वच्छता को लेकर साइकलिंग रैली हो रही है।

इसके बाद पीएम मोदी ने भारत के धार्मिक उत्सवों पर बात करते हुए भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध यात्रा पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि ये यात्रा आषाढ़ महीने की द्वितीया से शुरू होती है और वह लोग जब अहमदाबाद में थे तब वहाँ निकाली जाने वाली इस रथयात्रा में हमेशा भाग लेते थे। वहाँ इसे आषाढ़ी बिज कहते हैं और इसी दिन से कच्छ का अपना नया साल शुरू होता है। मन की बात के दौरान उन्होंने कच्छ की जनता को नए साल की शुभकामनाएँ दी।

तीस्ता सीतलवाड़ का ठिकाना अब अहमदाबाद, बोलीं – ‘मजिस्ट्रेट के आगे दूँगी बयान’: मुंबई से ले गई गुजरात ATS, क्राइम ब्रान्च को सौंपा

तीस्ता सीतलवाड़ (Teesta Setalvad) को लेकर गुजरात ATS मुंबई से अहमदाबाद पहुँच चुकी है। रास्ते में सुरक्षा के चाक-चौबंद प्रबंध किए गए थे। वहीं तीस्ता सीतलवाड़ ने अपना बयान अहमदाबाद कोर्ट में मजिस्ट्रेट के आगे देना बताया है। 25 जून 2022 (शनिवार) शाम को पुलिस तीस्ता को शांताक्रूज पुलिस स्टेशन से अहमदाबाद ले कर निकली थी।

टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात ATS कोर्ट से तीस्ता सीतलवाड़ का रिमांड माँगेगी। तीस्ता के साथ गिरफ्तार हुए पूर्व IPS श्रीकुमार और पूर्व IPS संजीव भट्ट को भी आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। संजीव भट्ट को जेल से लाया गया है।

इस केस की जाँच अहमदाबाद क्राइम ब्रान्च कर रही है। पुलिस इन सभी का अधिक से अधिक समय तक रिमांड लेने का प्रयास करेगी। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद तीनों के रिमांड की पूरी संभावना जताई जा रही है।

अहमदाबाद में पत्रकारों के सवाल पर तीस्ता ने कहा, “मैं कोर्ट सँख्या 11 में मजिस्ट्रेट के आगे अपना पूरा स्टेटमेंट दूँगी।”

गौरतलब है कि तीस्ता सीतलवाड़ पर NGO में आए पैसे के दुरुपोग के साथ अदालत में गलत जानकारी पेश करने का आरोप है। जाकिया जाफरी केस में सुप्रीम कोर्ट की तल्ख़ टिप्पणी के बाद उन पर कार्रवाई तय मानी जा रही थी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी तीस्ता सीतलवाड़ का नाम जकिया जाफरी के पीछे छिपे चेहरे के तौर पर लिया था।

‘वजाइना को चाहिए थोड़ा और फैब्रिक’: अपनी बहन के कहने पर किम कार्दशियन ने कपड़ा कंपनी को दिया स्पेशल ऑर्डर, क्रॉच एरिया बनेगा चौड़ा

अपनी बोल्डनेस को लेकर विख्यात किम कार्दाशियन (41) (Kim Kardashian) अमेरिकी टीवी रियलिटी स्टार हैं। हाल ही में उन्होंने ऐलान किया है कि उन्होंने कपड़ा बनाने वाली कंपनी SKIMS में अपनी शेपवियर ब्रांड टीम को अपने बॉडीसूट के लिए क्रॉच एरिया (जाँघों के बीच का हिस्सा) को थोड़ा सा और चौड़ा बनाने के लिए कहा है। ऐसा उन्होंने अपनी बहन ‘ख्लो’ के कहने पर किया है।

इंस्टाग्राम के जरिए किम ने इसका खुलासा किया। स्टार के मुताबिक, उनकी बहन ‘ख्लो’ पूरे ‘क्रॉच एरिया’ को नहीं ढँकने वाले बॉडी शूट को लेकर काफी मुखर रही हैं और वो चाहती हैं कि SKIMS क्रॉच एरिया वाले हिस्से को फिर से डिजाइन करके उसे थोड़ा और चौड़ा करे।

इसी साल अप्रैल 2022 में हुलु शो ‘द कार्दशियन’ के एक एपिसोड में 37 वर्षीय ‘ख्लो’ ने SKIMS बॉडीसूट के साथ ‘व** ना’ को ढँकने वाले कपड़े की कंजूसी को लेकर अपनी बड़ी बहन पर कटाक्ष किया था। उन्होंने मजाक में किम से पूछा था कि क्या बॉडीसूट को ‘सिर्फ मेरे क्लट को कवर करने’ के लिए डिजाइन किया गया था। ‘ख्लो’ ने कहा था, “व***ना को थोड़े और फैब्रिक की जरूरत है, बस थोड़ा चौड़ा। आप सभी के लिए थोड़ा b***es क्यों मायने रखता है?”

ऐसा लगता है कि किम पर अपनी बहन के कहे का असर हो गया है। तभी तो वो इस मामले को लेकर SKIMS के साथ मीटिंग करने चली गईं, ताकि ‘क्रॉच’ एरिया में कपड़े को थोड़ा और चौड़ा किया जा सके। उन्होंने कहा कि वो अपनी बहन के लिए अपनी शेपवियर लाइन के क्रॉच एरिया के कपड़े को और अधिक चौड़ा करेगी। किम ने कहा, “मैं एक SKIMS डिज़ाइन मीटिंग में हूँ और हम केवल आपके लिए शेपवियर बॉडीसूट योनि क्षेत्र को चौड़ा करने जा रहे हैं।”

उल्लेखनीय है कि किम कार्दशियन ने 2019 में अपनी शेपवियर लाइन SKIMS लॉन्च की और इस साल की शुरुआत में उनके ब्रांड की मार्केट वैल्यू बढ़कर 3.2 बिलियन डॉलर ( करीब 2500 करोड़ रुपए) हो गया। SKIMS बॉडीसूट रेंज £56 (5374 रुपए) से शुरू होती है और XXS से 4X की साइज में उपलब्ध है।

जवान दिखने के लिए पॉटी (पॉटी (पखाना, टट्टी) तक खा सकती हैं ‘किम’

हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान किम कार्दाशियन ने खुलासा किया था कि वो जवान दिखने के लिए कुछ भी कर सकती हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स के साथ बातचीत के दौरान किम ने कहा था, “मैं कुछ भी करूँगी। अगर आप बताएँ कि मुझे जवान दिखने के लिए रोजाना पॉटी (पॉटी (पखाना, टट्टी) खानी पड़ेगी तो मैं ऐसा कर भी सकती हूँ।” दरअसल, उनसे ये पूछा गया था कि जवान दिखने के लिए वो क्या-क्या कर सकती हैं?

CM योगी के हेलीकॉप्टर की आपात लैंडिंग, वाराणसी में टेक ऑफ करते ही टकराया पक्षी: विकास कार्यों की समीक्षा के साथ किए थे बाबा विश्वनाथ के दर्शन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हेलीकॉप्टर की वाराणसी में आपात लैंडिंग (Yogi Adityanath’s Helicopter Emergency Landing After Bird Hit) कराई गई है। वाराणसी का दौरा खत्म करने के बाद सीएम योगी सर्किट हाउस से लखनऊ के लिए रवाना हो रहे थे। जैसे ही उनके हेलीकॉप्टर ने टेक ऑफ किया, एक पक्षी आकर उससे टकरा गया। इसके तुरंत बाद पायलट ने हेलीकॉप्टर की आपात लैंडिंग करा दी।

शुरुआती तौर पर पता चला है कि यह हादसा उस वक्त हुआ, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर वाराणसी के रिजर्व पुलिस लाइन्स ग्राउंड से लखनऊ के लिए रवाना हुआ। हालाँकि, दुर्घटना के बाद हेलीकॉप्टर की पुलिस लाइन में ही लैंडिंग करा दी गई। मुख्यमंत्री सर्किट हाउस में वापस आ गए हैं। वो पूरी तरह से सुरक्षित हैं। अब वह सरकारी विमान से लखनऊ के लिए रवाना होंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक, वाराणसी के जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा, “यहाँ (वाराणसी) से लखनऊ के लिए उड़ान भरने के बाद एक पक्षी सीएम योगी के हेलीकॉप्टर से टकरा गया, जिसके बाद उसे उतरना पड़ा।” उन्होंने कहा कि अब राजकीय विमान के जरिए बाबतपुर एयरपोर्ट से सीएम लखनऊ जाएँगे।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जुलाई में वाराणसी दौरा होना प्रस्तावित है। उससे पहले शनिवार (25 जून) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी के दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों समीक्षा के साथ ही बाबा विश्वनाथ के दर्शन भी किए। वो वाराणसी में एक रात रुके भी।

कब तक रोएगी कॉन्ग्रेस: राजस्थान CM अशोक गहलोत 2020 वाले ‘पायलट दुख’ से परेशान, महाराष्ट्र में शिवसेना के लिए कॉन्ग्रेसी बैटिंग

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) के बीच की अंदरूनी खटास एक बार फिर से खुलकर सामने आ गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि गहलोत ने पायलट पर ताजा हमला करते हुए आरोप लगाया है कि वह 2020 में राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार को गिराने के लिए प्रयास कर रहे थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अशोक गहलोत ने सचिन पायलट पर ये जुबानी हमला केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत के एक बयान के बाद किया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत ने कहा था कि पायलट ने मौके को गँवाया न होता तो सरकार बदल गई होती। इसके अलावा पानी भी पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के जरिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुँच गया होता।

इसी बयान को आधार बनाकर अब अशोक गहलोत अपने ही पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट पर निशाना साध रहे हैं। सीकर के कोठ्यारी में अशोक गहलोत ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि सभी को पता है कि आप ही ने सरकार को गिराने की साजिश की थी। अब कह रहे हैं कि पायलट ने मौका गँवा दिया। आप खुद उनके साथ मिले हुए थे।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस बयान के बाद एक बार फिर से पायलट और गहलोत खेमे की फूट खुलकर सामने आ गई है। आशंका इस बात की भी है कि दोनों नेताओं में कोल्ड वॉर फिर से शुरू हो सकता है।

गौरतलब है कि जुलाई 2020 में गहलोत सरकार की मुश्किलें तब बढ़ गई थीं, जब पायलट ने 30 विधायकों के अपने साथ होने का दावा किया था। खबर आई थी कि वो विधायक दल की बैठक में नहीं जाएँगे। हालाँकि, बाद में गाँधी परिवार से मेल मुलाकात के बाद पायलट मान गए थे। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी में शामिल होने की खबरों का भी खंडन किया था।

महाराष्ट्र संकट में फँसी कॉन्ग्रेस

कब खत्म होगा कॉन्ग्रेस का दुख? उधर राजस्थान में कॉन्ग्रेसी मुख्यमंत्री अपनी ही पार्टी के नेता के बागी स्वभाव से दुखी हैं तो महाराष्ट्र में अपने सियासी साथी दल के नेता के की बदहाली पर कॉन्ग्रेसी मंत्री रोए जा रहे हैं। राष्ट्रपति शासन जैसे बड़े-बड़े शब्द फेंक कर कुर्सी बचाने की भीख माँग रहे हैं लगभग।

महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट में शिव सैनिक गुंडों द्वारा हिंसा की खबरों को लेकर कॉन्ग्रेस नेता और राज्य के मंत्री नितिन राउत (Nitin Raut) ने कहा था कि अगर शिवसेना को कुछ हुआ तो मुंबई जलेगी। मुंबई में अलर्ट पर राउत ने कहा कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि शिवसैनिकों की हिंसा का बहाना बनाकर केंद्र सरकार राज्य में राष्ट्रपति शासन न लगा पाए। नितिन राउत के मुताबिक, उद्धव गुट के समर्थक शिवसैनिकों को हिंसा करने से नहीं रोका गया तो केंद्र को सही मौका मिल जाएगा और वो राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा देगी।

‘उसकी गिरफ्तारी से खुशी है क्योंकि उसने तमाम सीमाओं को तोड़ दिया था’ – आरबी श्रीकुमार पर ISRO के पूर्व वैज्ञानिक नम्बी नारायणन

गुजरात 2002 दंगों के मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद पूर्व IPS अधिकारी आरबी श्रीकुमार (RB Sreekumar) को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी पर इसरो (ISRO) के पूर्व वैज्ञानिक नम्बी नारायणन (Nambi Narayanan) ने संतोष जताया है। पूर्व वैज्ञानिक ने अपने साथ हुए एक केस में भी पूर्व IPS श्रीकुमार की भूमिका को गलत और पक्षपाती बताया है।

नम्बी नारायणन ने 25 जून 2022 को अपने बयान में कहा, “मुझे पता चला कि वो (आरबी श्रीकुमार) फर्जी कहानियाँ गढ़ने और सनसनी फैलाने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। ठीक यही उसने मेरे केस में भी किया था। हमारा सिस्टम ऐसा है, जहाँ कोई भी किसी के भी बारे में कुछ भी कह कर निकल सकता है। मुझे उसकी गिरफ्तारी से ख़ुशी है क्योंकि उसने तमाम सीमाओं को तोड़ दिया था। जो इसने मेरे साथ किया, उस पर मैं खुश था क्योंकि मुझे पता था कि ये अपनी हरकतें जारी रखेगा और एक दिन यही हरकतें उसे सजा दिलाएँगी।”

गौरतलब है कि 30 नवम्बर 1994 में नम्बी नारायणन को केरल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। नम्बी पर पाकिस्तानियों को भारत के रॉकेट लॉन्चर की टेक्नोलॉजी सप्लाई का आरोप लगाया गया था। उनके फोन को टेप करने की भी आशंका जताई गई थी। थाने के अंदर रात में उन्हें बेंच पर सुलाया गया था। बाद में कोर्ट ने उन्हें 11 दिनों के पुलिस रिमांड पर भेज दिया था।

नम्बी नारायणन ने अपने साथ इस पुलिस कार्रवाई की शिकायत मानवाधिकार आयोग से की थी। NHRC ने इस मामले में केरल पुलिस और IB को मानवाधिकार उल्लंघन का दोषी पाया था। वैज्ञानिक नम्बी नारायणन को 10 लाख रुपए मुआवजा देने के भी आदेश दिए गए।

इस आदेश के खिलाफ केरल की सरकार हाईकोर्ट गई लेकिन साल 2012 में हाईकोर्ट ने भी केरल सरकार के खिलाफ ही फैसला दिया। बाद में इस केस की जाँच CBI को सौंप दी गई। CBI ने भी अपनी जाँच में केरल पुलिस स्टाफ को दोषी पाया था। केंद्रीय एजेंसी ने केरल पुलिस के उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए केरल के तत्कालीन मुख्यमंत्री को पत्र लिखा लेकिन आरोपित पुलिस वालों पर कोई एक्शन नहीं लिया गया।

अधिकारियों के खिलाफ हाईकोर्ट से कार्रवाई की अपील की गई तो केरल हाईकोर्ट ने इसे राज्य सरकार के विवेक पर छोड़ दिया। CBI ने अपनी जाँच में पाया था कि यह साजिश भारत के स्पेश प्रोग्राम को बेपटरी करने के लिए रची गई थी। इसी के साथ इस पूरे मामले में भारत का अंतरिक्ष अभियान काफी पीछे चला गया था। IPS आरबी श्रीकुमार उस समय पुलिस में एडिशनल डॉयरेक्टर ऑफ़ इंटेलिजेंस के पद पर थे।

गे बार के पास कट्टर इस्लामी आतंकी हमला, गोलीबारी में 2 की मौत: नॉर्वे में LGBTQ की परेड रद्द, पूरे देश में अलर्ट

नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में गे बार के नजदीक हुई गोलीबारी को प्रशासन ने इस्लामी आतंकवाद करार दिया है, जिसके बाद ‘प्राइड फेस्टिवल’ को रद्द कर दिया गया है। इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई। ये घटना शनिवार (25 जून, 2022) के सुबह की है, जब एक हमलावर ने गे बार और आसपास की सड़कों पर खड़े लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। पुलिस इस्लामी आतंकी हमले के एंगल से इसकी जाँच कर रही है।

इस हमले में 20 लोग घायल भी हुए हैं। दोनों मृतक उस समय नॉर्वे के लोकप्रिय गे बार व नाइटक्लब ‘लंदन पब’ में थे, जब उन्हें गोली मारी गई। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि कई लोग जमीन पर पड़े हुए थे और कई चीख-चिल्ला रहे थे। ये घटना LGBTQ समुदाय के लिए हैरानी भरा है, क्योंकि वो वार्षिक ‘प्राइड परेड’ के लिए जुटे हुए थे। पुलिस की सलाह के बाद आयोजनों ने अब इसे रद्द कर दिया है। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध आम लोगों में डर का माहौल बनाना चाहता था।

घटनास्थल से दो हथियार भी बरामद हुए हैं, जिनमें एक पूरी तरह ऑटोमैटिक बंदूक भी शामिल है। आरोपित एक 42 वर्ष का व्यक्ति है, जो ईरानी मूल का है। मृतकों की उम्र 50s और 60s में थी। 10 लोग जहाँ गंभीर रूप से घायल हैं, वहीं 11 को मामूली जख्म आए हैं। हालाँकि, किसी का भी जीवन खतरे में नहीं है। सामान्य से उच्चतम स्तर का अलर्ट पूरे देश में जारी किया गया है। नॉर्वे की सरकार ने इसे ‘कट्टर इस्लामी आतंकवाद’ बताया है।

संदिग्ध के बारे में ख़ुफ़िया एजेंसियाँ 2015 में ही सतर्क हो गई थीं, क्योंकि तभी उसके किसी इस्लामी गिरोह से जुड़ने की सूचना आई थी। हालाँकि, इसके बावजूद कई लोग इंद्रधनुषी झंडे लेकर सड़क पर उतरे और मार्च किया। दो किशोर इस हमले में बाल-बाल बच गए, जो ड्रिंक करने की उम्र न होने के कारण पब के अंदर नहीं थे, लेकिन मार्च में गए थे। संदिग्ध एक बैग लेकर आया था। लोगों ने उसे चिह्नित करने में पुलिस की मदद की। नॉर्वे में सामान्यतः औसत अपराध कम ही है। हालाँकि, यूरोप में ‘लोन वुल्फ अटैक’ का चलन बढ़ा है।

BJP के ईसाई नेता ने हवन-पाठ करके अपनाया सनातन धर्म: घरवापसी पर बोले- ‘मुझे हिंदू धर्म पसंद है, मेरे पूर्वज हिंदू थे’

मध्य प्रदेश के सागर में भारतीय जनता पार्टी के एक ईसाई नेता ने हिंदू धर्म अपनाया है। विवीन टोप्पो ने हिंदू धर्म स्वीकारते हुए कहा कि उन्हें ये धर्म अच्छा लगता है इसलिए उन्होंने इसका अनुसरण करने का फैसला किया है। कुछ दिन में आवेदन कलेक्टर को देकर कानूनी प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, विवीन टोप्पो ने सागर की मकरोनिया से इस बार नगर पालिका के वार्ड नंबर 15 से पर्चा भरा है। यहाँ 6 जुलाई को पार्षदी का चुनाव होगा। इसमें भाजपा की ओर से विवीन टोप्पो खड़े हुए हैं। चुनाव से चंद दिन पहले उन्होंने हिंदू धर्म अपनाकर खूब सुर्खियाँ बटोरी हैं।

विवीन ने अपना एक वीडियो भी जारी किया है। इसमें वह मंत्रों का उच्चारण और पूजा-पाठ करते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में पंडित जब उनसे पूछते हैं कि उन्होंने हिंदू धर्म क्यों अपनाया तो उन्होंने कहा कि उन्हें हिंदू धर्म पसंद है और उनके पूर्व भी हिंदू थे इसलिए वह इसे स्वीकार कर रहे हैं। वीडियो में उन्हें रुद्राक्ष पहने देखा जा सकता है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में साझा विवीन के शपथ पत्र में लिखा दिख रहा है,

“मैं विवीन टोप्पो पिता राजेंद्र टोप्पो उम्र 33 वर्ष निवासी गोपेश्वर वार्ड मकरोनिया का स्थाई निवासी हूँ। बचपन से मेरी पहचान ईसाई धर्म से रही है। मेरे पूर्वज सनातन धर्म को मनाने वाले थे। वे अनुसूचित जन जाति के गौड़ ठाकुर थे। मेरी आस्था व पूजा पद्धति हिंदू धर्म की थी। वर्तमान में भी मैं हिंदू धर्म को मानता हूँ। हिंदू धर्म के त्यौहार व रीति रिवाजों को भी मानता हूँ। इसलिए ईसाई धर्म त्यागकर अपने मूल धर्म में परिवार सहित वापसी बिना किसी लोभ, लालच और डर के कर रहा हूँ। कुछ दिन में ही कलेक्टर के यहाँ धर्म परिवर्तन का आवेदन देकर कानूनी प्रक्रिया पूरी कर लूँगा।”

मालूम हो कि इससे पहले भी मध्य प्रदेश के मंदसौर और रतलाम से धर्म परिवर्तन के मामले उजाहर हुए थे। यहाँ 18 लोग इस्लाम को छोड़ हिंदू बने थे और गोबर व गोमूत्र से स्नान करके इन्होंने सनातन धर्म को स्वीकार किया था।

मरते हुए पल्लव राजा के दो अधूरे स्वप्न.. पुल्लालूर में भव्य मंदिर… अंग्रेजों-मुगलों नहीं, 7वीं शताब्दी में वातापी के युद्ध पर अरुण कृष्णन की पुस्तक

कुछ पुस्तकें महज पुस्तकें होती हैं, जबकि कुछ ‘दस्तावेज’ बन जाते हैं। जो दस्तावेज बन जाते हैं, उनमें भी एक श्रेणी ऐसी पुस्तकों की होती हैं जिनकी भाषा इतनी सरल और स्पष्ट होती है कि उस विषय का ABC न जानने वाला व्यक्ति भी A-Z स्पष्ट रूप से समझ जाता है। विषय समझ में आ जाए तो लेखक उसे फिक्शन के रूप में ढाल कर जनता तक मूल बात पहुँचा सकता है। अरुण कृष्णन ने एक ऐसी ही पुस्तक लिखी है ‘Battle of Vathapi: Nandi’s Charge‘ नाम की, जो वातापी में हुए चालुक्य और पल्लव साम्राज्य के बीच के युद्ध की कहानी को एक नए ढंग से कहती है।

वातापी प्राचीन चालुक्य समाज की राजधानी हुआ करती थी। आज इस जगह को कर्नाटक के बागलकोट में बादामी के नाम से जानते हैं। इस युद्ध में चालुक्य राजा पुलकेशिन द्वितीय की मृत्यु हो गई थी। 642 ईस्वी में हुए इस भयंकर युद्ध में पल्लव राजा नरसिंहवर्मन की विजय हुई थी। असल में पल्लव साम्राज्य लंबे समय से पुलकेशिन द्वितीय द्वारा उनके राजा महेन्द्रवर्मन को हराए जाने का बदला लेना चाहता था। विजय के बाद वातापी में चालुक्य राजा ने मल्लिकार्जुन मंदिर का निर्माण करवाया।

तो ये थी एकदम संक्षेप में विषय की जानकारी, अब पुस्तक पर आते हैं। लेकिन, उससे पहले लेखक की बात कर लेते हैं। सोशल मीडिया पर अक्सर वामपंथियों का बाजा बजाने वाले अरुण कृष्णन ‘nFactorial Analytical Sciences’ नामक कंपनी के संस्थापक और CEO हैं, जो रियल टाइम कर्मचारी-ग्राहक के बीच इंगेजमेंट के लिए प्लेटफॉर्म प्रोवाइड करती है। लेखक होने के साथ-साथ वो पेशे से एक डेटा साइंटिस्ट और संगीतकार भी हैं।

ये पुस्तक एक ट्राइलॉजी का हिस्सा है, जिसके अगले दोनों भाग के लिए आप शायद ही इंतजार कर पाएँ, बशर्ते कि आपने पहला भाग पढ़ रखा हो। ‘ऐतिहासिक उपन्यास’ की श्रेणी में ‘Battle of Vathapi: Nandi’s Charge’ शानदार नैरेशन और हमारी प्राचीन सभ्यता का दर्शन कराने के लिए जानी जाएगी। आप खुद इसे पढ़ते-पढ़ते सातवीं सदी में पहुँच जाएँगे और हर एक किरदार के भविष्य को लेकर अनुमान लगाते रहेंगे।

बात ये है कि वामपंथी इतिहासकारों और उपन्यास लेखकों ने कभी भारतीय इतिहास को छुआ ही नहीं। उन्होंने अंग्रेजों और मुगलों का गुणगान करते हुए दशकों काट दिए। प्राचीन काल की हर एक घटना से ऐसे कई उपन्यास अलग-अलग एंगल से निकल सकते हैं, ऐतिहासिक दस्तावेज निकल सकते हैं और वर्तमान की समस्याओं का समाधान भी मिल सकता है। आप अपने घर या दफ्तर में 10 लोगों से पुलकेशिन द्वितीय या नरसिंहवर्मन के बारे में ही पूछ लीजिए, शायद ही कोई कुछ बता पाए।

हमारे समृद्ध इतिहास को ऐसे ही सामने लाने की जरूरत है, वो किसी भी रूप में आए – उसमें हमारी संस्कृति की महक होनी चाहिए, गुलामी की नहीं। पुस्तक को अरुण कृष्णन ने 54 भागों में बाँटा है, जो इसे पढ़ना आसान बना देता है। ये वो समय था जब बौद्ध-जैन धर्म के अनुयायियों की संख्या अपने शबाब पर थी और दक्षिण भारत में भक्ति आंदोलन का सूत्रपात हो रहा था। खुद अरुण कृष्णन लिखते हैं कि भले ही उन्होंने कागज़ पर जो-जो लिखा है एकदम वैसा-वैसा ही हुआ, लेकिन उन्हें आशा है कि पाठकों को इसकी थाह लगेगी कि असल में हुआ क्या था।

पुस्तक में कहानी कांची से शुरू होती है और उज्जैन में ख़त्म होती है। पुस्तक में सबसे विशेष ये है कि किरदारों को सरीके से ढाला गया है। चालुक्य साम्राज्य के प्रमुख गुप्तचर नागानंदी का किरदार इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। भले ही कहानी चालुक्य और पल्लव साम्राज्य की हो, लेकिन आपको उस समय के इतिहास के अन्य राजघरानों और राज्यों, जैसे गंगा राजवंश, पंड्या और चोल के अलावा श्रीलंका का भी जिक्र मिलेगा।

पहली बात तो ये कि पुस्तक को पढ़ने समय आपको ऐसा बिलकुल भी नहीं लगेगा कि अरुण कृष्णन की ये पहली ही किताब है। इस किताब को थ्रिलर की तरह बुनने का प्रयास किया गया है, जिसमें सफलता भी मिली है। इसमें चित्रित तत्कालीन भूगोल को दर्शाते नक़्शे याद दिलाते हैं कि ये कहानी वास्तविक है। जब मम्मला (नरसिंहवर्मन) के पिता अंतिम साँस गिन रहे होते हैं और अपने बेटे से अपने दो अधूरे स्वप्नों को पूरा करने का वचन लेते हैं, तभी हमें पता चल जाता है कि आगे मजा आने वाला है।

हम यहाँ जानबूझ कर उन दोनों बातों का जिक्र नहीं कर रहे, क्योंकि आप स्वयं पढ़ेंगे तो अधिक अच्छा रहेगा। कैसे पल्लव सेनापति परंज्योति ने अन्य राज्यों के साथ गठबंधन बनाए, कैसे कभी-कभी ऐसा लगा कि दिवंगत राजा का स्वप्न शायद पूरा नहीं हो पाएगा और कैसे कई घटनाएँ एक-एक कर एक-दूसरे से जुड़ती जाती हैं – इसे सही तरीके से लिखा गया है। हाँ, पाठकों को ये सलाह ज़रूर है कि हर एक किरदार के बारे में पहले ही अच्छे से पढ़ लें, वरना आगे आप कन्फ्यूज हो सकते हैं।

अक्सर ऐतिहासिक फिक्शन के नाम पर स्त्रियों का गलत तरीके से चित्रण किया जाता रहा है, एक नायक और एक विलेन को चुन कर कहानी उसी अनुरूप लिखी जाती है और सस्पेंस के चक्कर में कहानी से खेल हो जाता है। इस पुस्तक में ऐसा कुछ भी नहीं है। सबसे बड़ी बात कि ये धीमी भी नहीं है, जो बोर करे। दक्षिण भारत ही नहीं, भारत के उत्तरी हिस्से के लोगों को भी इसे पढ़ना चाहिए। ऐसा नहीं है कि सोमनाथ पर केएम मुंशी की पुस्तकें सिर्फ गुजरातियों के लिए ही हैं।

हाँ, अगले भाग में अरुण कृष्णन को ये सलाह दी जा सकती है कि किरदारों को सामने लाने के साथ-साथ उनका बैकग्राउंड भी दिया जाए, ताकि पाठकों के जेहन में वो अंत तक रहें। मेरा मानना है कि अगर इसके आधार पर पटकथा तैयार के इसे वेब सीरीज के रूप में ढाला जाए, तो आराम से ये एक अच्छा कंटेंट साबित हो सकता है जो दुनिया को भारत के एक अलग ऐतिहासिक पहलू के बारे में बताएगा। कहानी में ह्वेन त्सांग नाम के एक रोचक चीनी किरदार भी है, जिसके बारे में आपने बचपन में भी सुना ही होगा।

अंत में बता दें कि ‘Battle of Vathapi: Nandi’s Charge‘ आपको एक नहीं, बल्कि तीन सामानांतर कहानियों का आनंद देगी। कई घटनाओं को आप वर्तमान से जोड़ कर भी देखेंगे। युद्ध में कैसे एक से बढ़ कर एक हथकंडे और रणनीतियाँ अपनाई गईं, ये पढ़ना रोचक है। रोमांस के नाम पर जबरदस्ती समय जाया नहीं किया गया है। जंगल, पानी, जमीन, किला – आपको कई जगह युद्ध देखने को मिलेगा। आशा है। पुस्तक को अन्य भाषाओं में भी अनुवाद कर के प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

‘मेरे बेटे को तड़पा कर मारा’ : पंजाब विजिलेंस टीम की रेड में IAS संजय के बेटे कार्तिक की मौत, माँ ने लगाया DSP पर इल्जाम

पंजाब में आईएएस अधिकारी संजय पोपली के बेटे कार्तिक पोपली की मौत के बाद उनकी बीवी ने विजिलेंस टीम पर बेटे को तड़पा कर मारने का आरोप मढ़ा है। कार्तिक की माँ ने मीडिया में पुलिस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि जाँच के नाम पर घर में घुसी टीम ने उनके बेटे को तड़पा कर मारा और उसके बाद वह वहाँ खड़े होकर हँसते रहे।

वीडियो में माँग को कहते सुना जा सकता है कार्तिक की माँ कहती है, “पहले वो मेरे पति को बुला ले गई। इतनी देर में गोली की आवाज आई और जाकर देखा तो कार्तिक खून में लथपथ था। मेरा बेटा इन्होंने मार दिया। उसको टॉर्चर किया। पूरी विजिलेंस टीम और डीएसपी, मुख्यमंत्री के दबाव में थे। उन्होंने झूठे केस लगाए। मेरा बेटा मारा। देखो सारे घर में खून है और वो लोग हँसते रहे।”

कार्तिक की मौत के बाद उनकी माँ ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक वह उन पुलिस वालों की वर्दी को नहीं उतरवातीं तब तक वह अपने बेटे के खून लगे हाथ को नहीं धोएँगी।

इस मामले में संजय पोपली की एक रिश्तेदार अणु प्रीत कुलर ने कहा, “विजिलेंस टीम ने संजय पोपली से कहा कि वो किसी पेपर पर साइन करें वरना उनके बेटे के लिए अच्छा नहीं होगा। उन्होंने उसे एक कमरे में बंद कर दिया और बेटे को ऊपर ले गए। हम नीचे खड़े थे। ऊपर से गोली की आवाज आई। विजिलेंस टीम ने ही उसे मारा है।”

बता दें कि चंडीगढ़ में कार्तिक पोपली की हत्या के बाद संजय पोपली के परिजनों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के डीएसपी अजय कुमार ने कहा कि ये मामला जाँच का है। ये सारे आरोप निराधार हैं। टीम वहाँ बस रिकवरी के लिए गई हैं। घटना के बारे में तो बाद में सूचना मिली। एसएसपी कुलदीप चहन घटना को लेकर बताया कि वो लोग भी यहाँ पड़ताल के लिए आए थे लेकिन गोली की आवाज आई। सत्यापन के बाद पता चला कि उनके बेटे ने खुद को लाइसेंसी गन से गोली मार ली है।

उल्लेखनीय है कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने पिछले सप्ताह आईएएस संजय पोपली को भ्रष्टाचार संबंधी मामलों में गिरफ्तार किया था। उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड में लिया गया था। अब चूँकि वो रिमांड खत्म हो रही थी तो विजिलेंस टीम कथिततौर पर दोबारा इसी मामले में आगे की पड़ताल के लिए उनके घर गई थी जहाँ उनकी कार्तिक के साथ बहस हुई और फिर उन्हें कमरे में ले जाया गया। इसके बाद गोली की आवाज सुनाई पड़ी और परिजनों ने ऊपर जाकर देखा तो कार्तिक खून से लथपथ पड़े थे।