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नूपुर शर्मा के समर्थन पर नरेंद्र श्रीराम को दोस्तों (वसीम, निसार, अल्ताफ…) ने पहले गाली दी, माफी माँगी फिर भी घर में घुसकर पीटा: महाराष्ट्र की घटना

भारतीय जनता पार्टी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर स्टेटस लगाने के कारण महाराष्ट्र में एक युवक की पिटाई का मामला सामने आया है। 26 वर्षीय युवक को पीटने के आरोपित उसके मुस्लिम दोस्त ही हैं। बताया जाता है कि पीड़ित ने घर से भागकर किसी तरह जान बचाई।

घटना महाराष्ट्र के सोलापुर की है। पीड़ित युवक नरेंद्र श्रीराम के मुताबिक, अपने स्टेटस में नूपुर शर्मा का समर्थन करने पर दोस्तों ने ही उसकी पिटाई कर दी। नरेंद्र ने वसीम पठान, निसार सैयद, अल्ताफ शेख, नोहिद और पाँच से छह अन्य लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया है।

सोलापुर में एमआईडीसी थाने के एक अधिकारी ने बताया कि मारपीट के आरोप में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता नरेंद्र श्रीराम ने 11 जून को नुपुर शर्मा के समर्थन में व्हाट्सऐप स्टेटस लगाया था, जिससे गुस्साए उसके कुछ दोस्तों ने अपशब्द कहे। नरेंद्र ने दोस्तों के विरोध करने पर माफी माँग ली थी और बड़ों ने भी बीच-बचाव कर मामला सुलझा दिया था। लेकिन उसके बाद भी दोस्तों ने लोगों को उकसाया और 13 जून को चारों मुख्य आरोपितों के साथ अन्य लोग उसकी तलाश में घर पर आ धमके और उसकी पिटाई कर दी। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने निसार सैयद, नौहिद, वसीम पठान, अल्ताफ शेख और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

इधर मुंबई पुलिस की एक टीम नूपुर शर्मा को समन देने के लिए दिल्ली पहुँची है। नूपुर शर्मा को समन देने के लिए मुंबई की पायधूनी पुलिस पहुँची है। शर्मा को इसके पहले उनके ईमेल पर समन भेजा गया था। अब पुलिस की एक टीम फिजिकल कॉपी देने दिल्ली आई है। नूपुर शर्मा को भेजे गए समन में मुंबई की पायधूनी पुलिस ने उन्हें 25 जून को 11 बजे बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित होने को कहा है। यह एफआईआर मुंबई पुलिस ने रजा अकादमी की शिकायत पर दर्ज की थी।

गौरतलब है कि इससे पहले नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट करने के कारण तमिलनाडु की कोयंबटूर (Coimbatore, Tamil Nadu) पुलिस ने मंगलवार (14 जून 2022) को एक ABVP कार्यकर्ता कार्ति को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने कहा कि कार्ति ने पिछले महीने एक टीवी न्यूज डिबेट के दौरान नूपुर शर्मा द्वारा इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद के बारे में की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों का वीडियो शेयर किया था। वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा था, “मैं इसे रोज कहूँगा। नूपुर शर्मा ने वही कहा जो लिखा हुआ है। उन्होंने क्या गलत कहा?”

अग्निवीर के लिए मोदी सरकार ने बढ़ाई उम्र की सीमा, पहली बार 23 साल तक के युवाओं को मौका: अग्निपथ पर हिंसा-आगजनी को लेकर बोले जनरल वीके सिंह- ये सेना में जाने योग्य नहीं

केंद्र की मोदी सरकार ने गुरुवार रात (16 जून 2022) अग्निपथ योजना (Agneepath Scheme) को लेकर बड़ा फैसला लिया। सरकार ने अग्निवीरों की भर्ती की अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 23 वर्ष कर दी है। योजना के लिए उम्र सीमा 17 से 21 वर्ष निर्धारित की गई है, लेकिन रक्षा मंत्रालय ने इसमें आंशिक बदलाव करते हुए पहली बार के लिए अधिकतम आयु सीमा 23 साल कर दी है। यानी, युवाओं को अधिकतम आयु सेवा में दो साल छूट का यह फायदा सिर्फ पहले साल में ही मिलेगा। उल्लेखनीय है कि कोरोना वैश्विक महामारी के कारण पैदा हालातों की वजह से सेना में भर्ती दो साल से रुकी हुई थी।

केंद्र सरकार ने मंगलवार (14 जून 2022) अग्निपथ योजना की घोषणा थी। इस योजना के खिलाफ देश के कई राज्यों में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। बिहार, यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों में जबरदस्त विरोध हो रहा। बिहार में प्रदर्शनकारियों ने 5 ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया। हरियाणा के पलवल में प्रदर्शनकारियों ने DC पर पथराव किया और पुलिस की 5 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। नेशनल हाइवे को कब्जे से मुक्त कराने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोल छोड़ने पड़े और हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी।

हिंसक घटनाओं के बाद केंद्रीय मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने कहा कि वह आगज़नी करने वालों को सेना में जाने के योग्य नहीं मानते हैं? उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इस तरह से चिल्लाने वाले, हिंसक प्रदर्शन करने वाले सेना के लिए फिट हैं। अगर मुझे इनकी भर्ती का कार्य सौंपा होता, तो मैं इनमें से किसी को भी नहीं लेता। योजना को कम से कम जमीन पर तो लाने दीजिए।”

क्या है अग्निपथ योजना

भारत सरकार ने दशकों पुरानी सेना भर्ती प्रक्रिया में परिवर्तन करते हुए थलसेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती संबंधी अग्निपथ योजना की घोषणा की। ‘अग्निपथ योजना’ के जरिए देश के युवाओं को ‘अग्निवीर’ बन कर नौकरी और देशसेवा, दोनों का अवसर मिलेगा। इसके तहत साढ़े 17 साल से लेकर 21 वर्ष तक के युवाओं की तीनों सेनाओं के लिए भर्ती की जाएगी, लेकिन अब सरकार ने पहली बार के लिए अधिकतम उम्र सीमा को 21 से बढ़ाकर 23 कर दी है। इसमें प्रशिक्षण समेत कुल सेवा अवधि 4 वर्षों की होगी। सम्बंधित सेवा अधिनियम एवं विनियम के तहत ये बहाली होगी। इसके लिए पारदर्शी, स्वचालित और केंद्रीकृत चयन प्रक्रिया को अमल में लाया जाएगा।

ये योजना पूरे देश के लिए होगी, जिसमें सभी वर्गों को मौका मिलेगा। अग्निवीरों के केंद्रीकृत डेटा एवं रिकार्ड्स रखे जाएँगे। हालाँकि, सम्बंधित पद के लिए इन ‘अग्निवीरों’ को मेडिकल शर्तों को पूरा करना होगा। उन्हें ‘रेगुलर कैडर’ में नामांकन का मौका भी मिलेगा। हर एक बैच के 25% ‘अग्निवीरों’ को भारतीय सेना के ‘रेगुलर कैडर’ के लिए चुना जाएगा। उन्हें पहले वर्ष में 4.76 लाख रुपए का सालाना वेतन मिलेगा, जो अंतिम वर्ष में बढ़ कर 6.92 लाख रुपए हो जाएगा।

भीम सेना वाले सतपाल तंवर को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार: नूपुर शर्मा की जुबान काटने पर रखे थे ₹1 करोड़, कहा था- उस नचनिया से मुजरा कराऊँगा

भीम सेना चीफ नवाब सतपाल तंवर को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। स्पेशल सेल ने गुरुवार (16 जून 2022) को उसे उसके गुरुग्राम के घर से दबोचा। उसने नूपुर शर्मा की जुबान काटने पर 1 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया था। साथ ही बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता को लेकर बदजुबानी भी की थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उस पर आईपीसी की धारा 506 (आपराधिक धमकी), 509 (एक महिला का अपमान) और 153 ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत मामला दर्ज है। इंडियन एक्सप्रेस को स्पेशल सेल की साइबर यूनिट के एक अधिकारी ने बताया, “हमने उसके उस वीडियो पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की है जिसमें उसने जानलेवा धमकी दी है और नफरत फैलाने की कोशिश की है।”

दिल्ली पुलिस ने यह कार्रवाई तब की है जब सतपाल तंवर के खिलाफ गुरुग्राम में भी मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में शिकायत बीजेपी विंग के गुरुग्राम के अध्यक्ष सर्वप्रिया त्यागी ने दर्ज करवाई है। गुरुग्राम पुलिस ने उसके खिलाफ विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, उकसाने, जानबूझकर अपमान करने और आपराधिक धमकी देने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक सतपाल तंवर पर कानपुर जिले में भी परिवाद दाखिल हुआ है। इस केस में 24 जून को अगली सुनवाई तय हुई है। इस केस में वादी एडवोकेट हर्ष कुमार हैं। इसी परिवाद के आधार पर सतपाल पर कानपुर कोतवाली में गंभीर धाराओं में केस भी दर्ज हुआ है। हर्ष ने अपनी शिकायत में बताया है कि सतपाल ने न केवल नूपुर शर्मा को बेहद अपमानजनक शब्द बोले, बल्कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी गलत बयानबाजी की है।

गौरतलब है कि सतपाल तंवर ने नूपुर शर्मा की जीभ काटकर लाने वाले को एक करोड़ रुपए का इनाम देने की घोषणा की थी। उसने भाजपा की पूर्व नेता पर ईश​निंदा का आरोप लगाते हुए नूपुर शर्मा से सबके सामने ‘मुजरा करवाने’ का आपत्तिजनक एवं स्त्री-विरोधी बयान दिया था। उसने कहा था, “भाजपा की नूपुर शर्मा ने नबी की ईशनिंदा की है। नूपुर शर्मा ने देश में रह रहे करोड़ों मुस्लिमों को आहत किया है। उसने दुनिया भर में देश का और पैगंबर मुहम्मद अपमान किया है। वह माफी के लायक नहीं, फाँसी के लायक है।”

उसने कहा था, “मुझे खुद पर भरोसा है। अगर इस देश की सरकार, उत्तर प्रदेश की सरकार, योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी की औकात नहीं है नूपुर शर्मा के खिलाफ कार्रवाई करने की तो उसे मेरे हवाले कर दें। उसे सबके सामने मुजरा करवाऊँगा। अपने सामने मुजरा करवाऊँगा और उसे मनमाफिक सजा दूँगा।”

CCTV, ड्रोन और 200 फोटोग्राफर: जुमे की नमाज को लेकर UP सतर्क, हैदराबाद के BJP विधायक बोले- पत्थरबाजी वाले मस्जिद सील हों

इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद पर कथित बयान के विरोध में जुमे की नमाज के बाद कट्टरपंथियों की हिंसा को देखते हुए सरकार सतर्क है। तेलंगाना में बीजेपी के फायरब्रांड विधायक राजा सिंह ने 17 जून को जुमे को लेकर आगाह किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इस्लामिक कट्टरपंथ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद कर दिया है।

बीजेपी के विधायक राजा सिंह ने कहा, “कल जुमा है। जिस मस्जिद से जुमे की नमाज के बाद पत्थरबाज निकलते हैं, उस मस्जिद के इमाम को गिरफ्तार करना चाहिए और मस्जिद को भी सील करना चाहिए।” राजा सिंह हैदराबाद के गोशमहल से विधायक हैं।

इसी तरह से उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) ने भी जुमे को देखते हुए कमर कस लिया है। कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। आरएएफ, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई है।

प्रदेश के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा है कि धर्मगुरुओं से बात की गई है। पिछली बार के बवाल को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ड्रोन कैमरे के जरिए आसमान से नजर रखी जाएगी। इसके अलावा, कुछ सेलेक्टिव जगहों की फोटोग्राफी के लिए 200 फोटोग्राफरों की टीम को लगाया गया है।

इसी क्रम में गोरखपुर के सिटी एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा है कि पिछले सप्ताह की तरह ही इस बार भी जुमे की नमाज के लिए ड्रोन से निगरानी की जा रही है। ड्रोन के माध्यम से कुछ घरों को चिन्हित किया है, जिनकी छतों पर पत्थर मिले हैं। उन्हें नोटिस देकर पत्थर हटवा दिए गए।

गौरतलब है कि भाजपा की निलंबित नेता नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद पर कथित बयान को लेकर 10 जून 2022 को जुमे की नमाज के बाद इस्लामिक कट्टरपंथियों ने कई राज्यों में व्यापक हिंसा की थी। इनमें उत्तर प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार आदि राज्य शामिल हैं।

4 महीने तक नितंबों में बाँधे रखा रिकॉर्डर, अपने पाद को 1000+ बार किया रिकॉर्ड: बूब्स का पसीना बेचने वाली एक्ट्रेस के बाद एक और शख्स का कारनामा

आपने अपना पाद बेचकर लाखों-करोड़ों रुपए की कमाई करने वाली अभिनेत्री के बारे में तो पढ़ा ही होगा। अब पढ़िए एक ऐसे ही शख्स की कहानी जो पाद को रिकॉर्ड करता है। नाम है लुकास रिजोटो। रिजोटो ने कहा कि उन्होंने अपने पाद को 1000+ बार रिकॉर्ड करके उसे कार्बन पॉजिटिव और इंटरऑपरेबल मेटावर्स एनएफटी में बदल दिया है।

रिजोटो ने ट्विटर थ्रेड के जरिए अपने पादने की कहानी बयाँ करते हुए दावा किया है कि वो किस तरह से दुनिया (क्रिप्टो मार्केट) को बचा रहा है। रिजोटो के मुताबिक, एनएफटी (नॉन फंगिबल टोकेन) के पास तकनीक के रूप में एक क्षमता है। लेकिन लोग इसके साथ बहुत ही बेढंगे और गैर रचनात्मक तरीके से काम करते हैं। जबकि क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन को मदद, प्रेरणा, आशा की जरूरत है!

लुकास का कहना है कि उसे एक आइडिया आया कि वो अपने 1000 पादों को एक प्रोफेशनल में स्टूडियो रिकॉर्ड किया और उन्हें इंटरऑपरेबल 3 डी आर्ट में बदलने की कोशिश की। रिजोटो का कहना है कि क्या हो अगर वो अपने पाद को सभी एनएफटी कलेक्शन 99% से भी अधिक उपयोगी, सुंदर और पर्यावरण के प्रति जागरूक बना दिया जाए?

4 महीने तक खाया गैस बनाने वाला खाना

शख्स के मुताबिक, अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए उसने 4 महीने तक बीन्स, ब्रोकली, शतावरी जैसे हाई ग्रेड फाइबर वाला खाना खाया, जिससे उसके पेट में जमकर गैस बनी। नतीजा ये हुआ कि उसके पेट में लगातार दर्द हो रहा था। लेकिन इसका अर्थ ये था कि पाद को रिकॉर्ड करने के लिए वो तैयार था। लुकास रिजोटो का एक ही लक्ष्य था कि वो अपने पाद को मशहूर वेस्टलेक स्टूडियो में रिकॉर्ड करे। इसी स्टूडियो में माइकल जैक्सन की भी रिकॉर्डिंग हुई थी।

स्टूडियो में बुकिंग भी कुछ कम समय के लिए मिल गई। लेकिन, जब स्टूडियो को उसके पादने का पता चला तो वे वहाँ से चल पड़े। ऐसे में उसने अपने ही दम पर रिकॉर्डिंग की। वो 4 महीने तक अपने नितंबों पर एक रिकॉर्डर बाँध के रखता था। ताकि अपने पाद को रिकॉर्ड कर सके। उसने अपने 1010 पादों को रिकॉर्ड किया। इसके लिए एल्गोरिदम भी लिखा। रिजोटो ने अपने पाद को 6 दुर्लभ स्तरों में वर्गीकृत किया है, जिसमें सामान्य, दुर्लभ, एपिक, क्लासिक, लौकिक और विलक्षणता के आधार पर बाँटा है।

फिर रिजोटो ने प्रेरणा के तौर पर गैसी ब्रह्मांड का उपयोग करके एक अनूठी कला को तैयार किया। कहा जा रहा है कि इसे 20 जून से वो बेचना शुरू करेगा। रिजोटो का कहना है कि ऐसा करना आसान नहीं था। क्योंकि इससे वो शारीरिक तौर पर पूरी तरह से टूट चुका था।

गौरतलब है कि इससे पहले इसी तरह पाद बेचने की वाली एक्ट्रेस स्टेफनी माटो ने तबीयत खराब होने के बाद पाद बेचने से तौबा कर अपने बूब्स के पसीने को बेचना शुरू किया था। इससे वो महीने में 5000 डॉलर यानी ₹3,88,250 कमाती थीं।

करौली दंगों के FIR में आरोपित-पीड़ित एक जैसे, मुख्य आरोपित मतलूब भी बेखौफ: स्थानीय लोगों का आरोप- केस खा गई कॉन्ग्रेस सरकार

राजस्थान के करौली (Karauli, Rajasthan) जिले में 2 अप्रैल 2022 (शनिवार) को हिन्दू नववर्ष पर निकली शोभायात्रा पथराव के बाद आगजनी और हिंसा को अंजाम दिया गया था। हिन्दू संगठनों ने मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों पर हमले का आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्ष के लोगों को जेल भेज दिया।

ऑपइंडिया ने इस घटना के वर्तमान हालात की जानकारी करौली जिले के हिंडौन निवासी सामाजिक कार्यकर्ता अशोक पाठक से ली। अशोक पाठक हिन्दू संगठनों और भाजपा से जुड़े हैं। इसके साथ ही वह RTI एक्टिविस्ट भी हैं।

करौली में नहीं निकल पाई रामनवमी की शोभायात्रा

ऑपइंडिया से बात करते हुए अशोक पाठक ने बताया, “करौली हिंसा के लगभग 8 दिन बाद रामनवमी थी। रामनवमी से 2 दिन पहले करौली के DM और SP ने सभी धर्मों के प्रतिनिधियों की एक सभा बुलाई। इस सभा में हिन्दुओं के लिए तमाम नियम और प्रतिबंध लगा दिए गए। हिन्दुओं से संख्या कभी 25 तो कभी 5 बताई गई और उनकी शोभायात्रा के रूट के बारे में भी बदलाव को कहा गया। आख़िरकार करौली में रामनवमी की शोभायात्रा नहीं निकल पाई।”

SP ने हिन्दू संगठनों से कहा, ‘जूते बजाएँगे’

पाठक ने आगे बताया, “मुझे जानकारी दी गई कि सभी धर्मों की उस मीटिंग में करौली SP शैलेन्द्र इंदौलिया बार-बार हिन्दू संगठन से जुड़े लोगों को धमका रहे थे। मीटिंग को कवर कर रहे एक पत्रकार ने मुझे बताया कि SP बार-बार कह रहे थे कि अगर रामनवमी जुलूस में 5 से अधिक लोग शामिल हुए तो जूते से मारूँगा।”

उन्होंने आगे बताया, “इसके विरोध में मैंने एक फेसबुक LIVE किया। करौली प्रशासन के मुताबिक, मेरे कुछ शब्दों से मुस्लिमों की भावनाएँ आहत हो गईं। करौली प्रशासन ने इसके बाद मेरे ऊपर FIR दर्ज कर दी। मैं लगभग 1 माह तक फरार रहकर हाईकोर्ट से स्टे पाया।”

नूपुर के सपोर्टर को जेल, लेकिन बूंदी के मौलवी पर चुप्पी

हिंदू कार्यकर्ता ने कहा, “अगर पूरे राजस्थान को खोजा जाए तो हजारों केस ऐसे मिल जाएँगे, जिसमें नूपुर का ऑनलाइन सपोर्ट करने वालों को पुलिस ने जेल भेज दिया। वहीं, बूंदी जिले के मौलवी ने खुलेआम जहरीला भाषण देते हुए हिन्दू समाज के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द बोले तो उस पर कोई एक्शन नहीं हुआ। हालाँकि, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मौलवी पर कोई एक्शन ले भी नहीं पाएँगे।”

करौली हिंसा का मुख्य आरोपित मतलूब अभी तक फरार

पाठक ने बताया, “करौली हिंसा में मुस्लिम पक्ष से अभी भी कोई मुख्य आरोपित पकड़ा ही नहीं गया। मुख्य आरोपित मतलूब फरार है। जिस अंचू जिम वाले के जिम से पत्थर फेंके गए वो भी अभी तक नहीं पकड़ा गया। मतलूब का पूरा परिवार अब तक पुलिस से बचा हुआ है। इनका एक भाई मुश्ताक सरकारी अस्पताल में नौकरी भी कर रहा, जबकि इन सभी के फुटेज और सबूत भी हैं।”

भाजपा सांसद ने छतों पर देखे जमा किए गए पत्थर

पाठक के मुताबिक, “घटना के 2 दिन बाद भाजपा सांसद और पुलिस अधीक्षक ने एक साथ घटनास्थल का दौरा किया था। भाजपा सांसद मनोज कुमार राजोरिया ने SP से छत पर चलने को कहा। मौके पर बड़े-बड़े पत्थर जमा दिखे। उस समय तक अंचू जिम वाला वहीं मौजूद था, लेकिन उसको नहीं पकड़ा गया। हमलावर और पीड़ित दोनों को अशोक गहलोत सरकार के इशारे पर एक ही FIR में नामजद कर दिया गया। पत्थर फेंकने वाले और सिर फूटने वाले एक जैसे हो गए।”

बहुत सोच समझ कर FIR में डाले गए हैं हिन्दुओं के नाम

अशोक पाठक ने कहा, “बहुत सोची-समझी साजिश के साथ एक ही FIR में हिन्दू और मुस्लिम पक्ष के नाम डाले गए हैं। भविष्य में अगर किसी सरकार में केस वापस लिया गया तो हिन्दू और मुस्लिम दोनों को एक केस में होने के नाते रिहा करना पड़ेगा।”

हर आरोपित मुस्लिम को जमीयत उलेमा और PFI ने दिए पैसे, हिन्दुओं को कुछ नहीं

पाठक ने आगे कहा, “दंगों के बाद हर आरोपित मुस्लिम परिवार को जमीयत उलेमा और PFI ने पैसे दिए, लेकिन हिन्दुओं को किसी ने एक पैसे की मदद नहीं की। उल्टे हिन्दुओं को ही जेल भेज दिया गया। हिन्दू पक्ष की सैकड़ों बाइकों को नुकसान पहुँचा था। एक चार पहिया वाहन भी पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया था। गहलोत सरकार ने केवल उन्हें पैसे दिए, जिनकी दुकानें थीं। हालाँकि इसमें भी मुस्लिम फायदे में रहे, क्योंकि मुस्लिमों की अधिकतर दुकानें हिन्दुओं की बिल्डिंग में थीं।”

अब डर गए हैं हिन्दू बच्चों के माता-पिता

बकौल पाठक, “जिन हिन्दुओं की बाइकों का नुकसान हुआ वो लड़के बेरोजगार थे। उनके घर में एक ही बाइक थी, जिससे उनका पूरा परिवार चलता था। अपने वाहनों को बनवाने के बजाए आज के समय में प्रशासन के डर से 100 से अधिक लड़के फरार होकर मारे-मारे फिर रहे हैं। हिन्दू रैली में शामिल हर व्यक्ति के घर पुलिस गई और उनमें से कई लोगों को शांति भंग की धारा 151 में जेल भेज दिया। लगभग 1 दर्जन मुकदमे में गिरफ्तार किए गए। अब हिन्दुओं में इतना डर फैल गया है कि उनके माता-पिता उन्हें किसी भी हिन्दू आयोजन में भेजने से डरेंगे।”

पुलिस पर हमले की अलग FIR नहीं दर्ज हुई

एक्टविस्ट के मुताबिक, “जब कोई पुलिस पर हमला करता है तो उस पर 307 और सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज होता है। करौली में यह केस दर्ज नहीं हुआ। अगर ये केस दर्ज होता तो उसमें हमलावर सिर्फ मुस्लिम होते, जबकि कई पुलिस वाले इस हमले में घायल हुए थे। सरकार इस पूरे मुकदमे को खा गई।”

मतलूब के बराबर का मुल्जिम बना दिया साहिब सिंह गुर्जर को

पाठक ने आगे बताया, “हिन्दू पक्ष में एक वॉलेंटियर लड़के साहिब सिंह गुर्जर ने पूरी रैली के लिए झंडे और बैनर आदि का प्रबंध किया था। राजस्थान पुलिस ने इस हिंसा में साहिब गुर्जर और मतलूब को बराबर का मुजरिम बना दिया। इसी के साथ नीरू शुक्ला और राजाराम गुर्जर को भी आरोपित कर दिया। ये वो लोग थे जो रैली की परमिशन आदि लेने गए थे।

उन्होंने आगे बताया, “घटना के बाद DM राजन सिंह शेखावत पूरे जिले में घूमे थे। वो गलत को गलत कह रहे थे, इसलिए कलेक्टर को हटा दिया गया। लॉ एन्ड ऑर्डर का विषय SP का था, पर न तो SP बदले और न ही DSP ही। यहाँ तक की SHO भी बस 15 दिन पहले रूटीन ट्रांसफर में बदले गए हैं। करौली में अभी भी इबादतगाहों पर माईक ज्यों के त्यों लगे हुए हैं।”

जिस ‘वफादार’ को राहुल गाँधी ने मौत के बाद लपेटा, उनका बेटा भी सोनिया पुत्र पर ‘नरम’: ED के सामने नेशनल हेराल्ड में लिया था मोतीलाल वोरा का नाम

आजीवन गाँधी परिवार के वफादार रहे कॉन्ग्रेस के दिवंगत नेता मोतीलाल वोरा (Motilal Vora) पर यंग इंडिया लिमिटेड और नेशनल हेराल्ड (National Herald) की पैरेंट कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) के सभी लेनदेन का आरोप लगाने के बाद उनके बेटे ने प्रतिक्रिया दी है।

मोतीलाल वोरा के बेटे और कॉन्ग्रेस (Congress) विधायक अरुण वोरा (Arun Vora) ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) उनके पिता पर इस तरह का आरोप नहीं लगा सकते।

रिपोर्ट के मुताबिक, अरुण वोरा ने कहा है, ”ये निराधार आरोप हैं। कॉन्ग्रेस नेतृत्व गलत नहीं हो सकता और न ही वोरा जी। राहुल जी मेरे पिता पर इस तरह के आरोप नहीं लगा सकते।”

अरुण वोरा ने कहा कि कॉन्ग्रेस नेतृत्व कभी गलत नहीं हो सकता और राहुल गाँधी द्वारा लेनदेन के लिए पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोहरा को जिम्मेदार माने जाने की मीडिया खबरों को उन्होंने निराधार बताया। मीडिया रिपोर्ट्स में कही जा रही है कि ED से पूछताछ में राहुल गाँधी ने कहा कि AJL के लेनदेन के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता मोतीलाल वोरा थे।

बता दें कि नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार (15 जून 2022) को लगातार तीसरे दिन करीब आठ घंटे तक पूछताछ की।

वहीं ED के अधिकारियों ने राहुल गाँधी को पूछताछ के लिए शुक्रवार (17 जून 2022) को भी बुलाया है। हालाँकि, राहुल गाँधी ने ED से तीन दिनों के रेस्ट की माँग की है और सोमवार को पेश होने के लिए कहा है। हालाँकि, इस पर ED की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

इस मामले में ED की टीम मोतीलाल वोरा, मल्लिकार्जुन खड़गे, पवन बंसल इत्यादि से पहले ही पूछताछ कर चुकी है। इस साल अप्रैल में की गई पूछताछ के दौरान कई ED को कई इनपुट्स मिले थे। इसी आधार पर जाँच का दायरा राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी तक पहुँचा है।

बता दें कि नेशनल हेराल्ड से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला साल 2010 में बनी गाँधी परिवार के स्वामित्व वाली एक कंपनी यंग इंडियन लिमिटेड का है। यह कंपनी 5 लाख रुपए की पूंजी से शुरू हुई थी, लेकिन अभी इसके पास करीब 800 करोड़ रुपए की संपत्ति है।

रेप के बाद लड़कों को मार देता था जावेद इकबाल, एसिड डाल गलाता था लाश: 100 बने थे शिकार, साइको किलर की कहानी OTT पर लाने की तैयारी

पाकिस्तान (Pekistan) का सबसे खूँखार साइको सीरियल किलर जावेद इकबाल। नाम शायद आपने भी सुना हो। अब इस खूँखार हत्यारे पर फिल्म बनी है। नाम है ‘जावेद इकबाल: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए सीरियल किलर’ (Javed Iqbal: The Untold Story Of A Serial Killer)। इस फिल्म को बर्लिन फिल्म फेस्टिवल के लिए चुना गया है। पाकिस्तान के कराची में भी इस फिल्म का इसी साल 25 जनवरी को प्रीमियर हुआ था, लेकिन इसके अगले ही दिन पंजाब प्रान्त की सरकार ने इसे बैन कर दिया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस फिल्म के निर्देशक अबू अलीहा इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने जा रहे हैं। कोशिश ये है कि पाकिस्तानी सरकार द्वारा बैन किए जाने के बाद भी इसे पाकिस्तानी लोगों तक पहुँचाया जा सके।

कौन है जावेद इकबाल

ये घटना 1999 की है। लाहौर के एक उर्दू न्यूज पेपर के एडिटर को एक शख्स का एक पत्र आता है। इस पत्र में उसने जो बातें लिखी होती हैं, उससे एडिटर के पैरों तले जमीन खिसक जाती है। ये पत्र जावेद इकबाल का होता है। इसमें वो 100 लड़कों का रेप करने के बाद बेरहमी से उनकी हत्या करने की बात कबूल करता है। जावेद ये भी खुलासा करता है कि वो लड़कों की हत्याएँ करने के बाद उनके शवों को एसिड में डालकर जला देता था। उसने जिन भी बच्चों का रेप और मर्डर किया था वो या तो अनाथ थे या फिर अपने घर से भागे हुए थे। ये पत्र उसने केवल मीडिया को ही नहीं, बल्कि पुलिस प्रशासन को भी भेजा था।

क्यों इंसान से हैवान बना जावेद

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब जावेद 20 साल का था तो उसे साजिश के तहत रेप के ही आरोप में फँसाकर जेल भेज दिया गया। उसे उस गुनाह की सजा मिली जो उसने किया ही नहीं था। जेल में उसकी अम्मी मिलने आती थी। अचानक से उनका आना बंद हो गया। जब वो जेल से छूटा तो अपने घर गया तो देखा कि उसकी अम्मी का इंतकाल हो चुका था। यही वो वक्त था जब उसने एक कसम ली। कसम ये थी जिस तरह से उसे रुलाया गया है वो भी 100 माओं को रोने के लिए विवश कर देगा। इसके बाद रेप और हत्या का सिलसिला शुरू हुआ, जो कि 100 पर पहुँचने के बाद थमा। अपनी कसम पूरी करने के बाद उसने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया।

बहरहाल जावेद इकबाल पर बनी फिल्म के डायरेक्टर अबू अलीहा ने कहा है कि इस फिल्म के ओटीटी पर रिलीज होने के बाद वो इसके सीक्वल को बनाएँगे। इसका सीक्वल पार्ट-1 से कहीं अधिक ब्रूटल होगा।

नूपुर शर्मा के खिलाफ झूठ फैलाने वाले जुबैर पर FIR करने से मुंबई पुलिस का इनकार: पवार पर पोस्ट करने वाली अभिनेत्री केतकी महीने भर से हैं जेल में

भाजपा (BJP) की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) के खिलाफ सोशल मीडिया में माहौल बनाकर देश भर में दंगा फैलाने वाले अल्ट न्यूज (AltNews) के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस ने FIR दर्ज करने से मना कर दिया। वहीं, मराठी अभिनेत्री केतकी चितले महीने भर से अधिक समय से जेल में है। उन्होंने शरद पवार पर एक पोस्ट कर दिया था।

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के एक थाने में शिकायतकर्ता से कहा से यह भी कहा कि ‘जब देश भर में उसके खिलाफ FIR दर्ज कराई जा रही है तो तुम्हें ऐसा करने की जरूरत क्या है? तुम मामले को राजनीतिक रंग देना चाहते हो?’

शिकायतकर्ता भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के कार्यकर्ता दीप वेद हैं। दीप वेद ने इस संबंध में ट्विटर पर एक पोस्ट भी साझा किया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में इस वाकये को साझा किया है।

ऑपइंडिया से बातचीत में दीप वेद ने कहा कि यूपी सरकार की कार्रवाई को लेकर अराजक तत्वों के बीच डर का माहौल है। इसी डर की वजह से मोहम्मद जुबैर ने अपने फेसबुक पेज को डिलीट कर दिया है। इस पेज पर उसने हिंदुओं के खिलाफ कई घृणास्पद बातें कही थीं।

दीप वेद कहते हैं, “हमने पहले ही उसके पोस्ट और प्रोफाइल आदि के लिंक ले लिए थे। मैं 19 पेज की फाइल लेकर पुलिस स्टेशन गया और कल्याण पाटिल नाम के ऑफिसर से मिले। उन्होंने मुझसे पूछा की इसकी क्यों करनी है आपको FIR, फिर मैंने कहा कि पूरे देश में इस पर हो रहा है एफआईआर। इसने गुनाह किया है तो इस पर मामला दर्ज होनी चाहिए।”

वेद ने बताया कि इसके बाद पाटिल ने कहा कि इस पर शिकायत जमा करा देना, क्योंकि इस पर FIR नहीं हो सकती। इसके बाद पाटिल ने उन्हें PI नामदेव यादव से मिलने के लिए कहा। इसके बाद यादव ने भी कह दिया कि इस पर एफआईआर नहीं होगी।

इसके बाद यादव ने कहा कि जब पूरे देश में FIR हो रही है तो फिर एफआईआर कराने की क्या जरूरत है। यादव ने इस मुद्दे को राजनीतिक बनाने का आरोप लगाया। पुलिस ने कहा कि इस पर पहले एन्क्वायरी होगी।

बता दें कि महाराष्ट्र पुलिस राज्य सरकार में साझेदार NCP के मुखिया शरद पवार पर बिना नाम लिए एक पोस्ट लिखने के कारण मराठी अभिनेत्री केतकी चितले को पिछले एक महीने में जेल में बंद करके रखी है। हालाँकि, केतकी को एक मामले में केतकी को बेल मिल चुका है, लेकिन फिलहाल वह जेल में ही रहेंगी, क्योंकि उन पर दूसरा मामला भी दर्ज किया गया है।

‘सीएम पिनराई विजयन को UAE दौरे पर नोटों से भरा बैग भेजा, मंत्री केटी जलील भी इसमें शामिल’: केरल सोना तस्करी मामले में स्वप्ना सुरेश ने खोले कई और राज

केरल सेना तस्करी (Kerala Gold Smuggling Case) के मामले में स्वप्ना सुरेश (Swapna Suresh) ने केरल हाई कोर्ट में राज्य के सीएम पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) के खिलाफ एफिडेविट फाइल किया है। उन्होंने विजयन के परिवार और पूर्व मंत्री केटी जलील (KT Jalil) के कथित संबंधों को उजागर किया है। स्वप्ना सुरेश का आरोप है कि दिसंबर 2016 में सीएम पी विजयन के UAE के दौरे के दौरान उन्हें करेंसी से भरा एक बैग भेजा गया था। बाद में सीएम के सचिव शिवशंकर ने दावा किया था कि कुछ इमरजेंसी के कारण ये पीछे छूट गया था।

स्वप्ना सुरेश ने आरोप लगाया, “सीएम के सचिव शिवशंकर ने मुझसे संपर्क कर कहा कि मुख्यमंत्री यूएई के दौरे पर हैं और उनका बहुत ही महत्वपूर्ण पार्सल छूट गया है। उन्होंने (सीएम) हमसे किसी तरह से इसे भेजने को कहा है। उन्होंने (शिवशंकर) मुझसे कहा कि इस पार्सल को संयुक्त अरब अमीरात में किसी अमीराती को दे देना। वहाँ हमारा आदमी इसे ले लेगा। असल में वाणिज्य दूतावास ने अबुधाबी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री को सभी अतिरिक्त राजनयिक सुविधा की व्यवस्था की थी।” स्वप्ना सुरेश ने आरोप लगाया कि उस दिन डिप्लोमैट अहमद अल डौखी जो कि अभी शारजाह में हैं, उन्हें उसी रात एयर शारजाह के लिए उड़ान भरने के लिए कहा गया था।

गोल्ड स्मगलिंग केस की मुख्य आरोपित ने दावा किया कि वाणिज्य दूतावास के पीआरओ सरित पीएस को शिवशंकर ने उनसे पार्सल लेने के लिए कहा था। जब दूतावास ले जाकर सरित ने उसे स्कैन किया तो उसमें करेंसी दिखी। उन्होंने मुझे इसके बारे में तुरंत बताया, लेकिन ऑर्गनाइजेशन में नई होने के कारण मैं कुछ नहीं कर सकती थी।

केटी जलील पर भी तस्करी में शामिल होने का आरोप

स्वप्ना सुरेश ने पूर्व मंत्री केटी जलील की सीएम पी विजयन के परिवार के साथ कथित संलिप्तता को भी एफिडेविट में उजागर किया है। महावाणिज्य दूतावास के साथ जलील के मधुर संबंध थे। सुरेश के मुताबिक, विदेश मंत्रालय की जानकारी के बिना ही उनके बीच कई बैठकें हुई थीं। यहीं नहीं क्लिफ हाउस में महावाणिज्य दूत को शिवशंकर ने बुलाया था। बैठक में सीएम की पत्नी के साथ उनकी बेटी भी थी। दावा है कि ये बैठक शारजाह के राजा और रानी के कहने पर की गई थी।

मंगलवार (14 जून) को स्वप्ना सुरेश ने कहा था मेरे खिलाफ चाहे जितने भी मामले आ जाएँ, मैं अपना 164 बयान वापस नहीं लूँगी। सीएम ने ही शाज किरण को मेरे ऑफिस में भेजा था और वो उनका खास है। अब उन्होंने मेरे खिलाफ एक और मामला दर्ज किया है। वो आगे कहती हैं कि सीएम ने कहा कि वो मुझे नहीं जानते। सीएम और मैंने, उनकी पत्नी, उनकी बेटी और बेटे ने क्लिफ हाउस में बैठकर कई मामलों पर चर्चा की थी। अगर वो सब भूल गए हैं तो मैं उन्हें और उनके परिवार को आपके (मीडिया) के जरिए याद दिलाऊँगी।

क्या है गोल्ड स्मगलिंग केस

केरल में सोना तस्करी का मामला जुलाई 2020 में सामने आया था। डिप्लोमेटिक बैगेज की आड़ में सोने की तस्करी का मामला स्वप्ना सुरेश से शुरू हुआ और फिर इसके तार मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के दफ्तर तक पहुँच गए। स्वप्ना सुरेश पर आरोप था कि उन्होंने फर्जी डाक्यूमेंट्स पेश कर 2 जुलाई 2020 को ‘डिप्लोमेटिक इम्युनिटी’ का प्रयोग कर खाड़ी देशों से 30 किलो सोने की तस्करी की। इसका खुलासा 6 जुलाई को तब हुआ, जब कस्टम के अधिकारियों ने यूएई कॉन्सुलेट के एक अधिकारी से पूछताछ की, जो PRO के पद पर तैनात था।